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- Dec 5, 2013
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अपडेट 27
शाम के वक़्त सभी लॉन मई बैठे हुए थे सिवाए अवि और सोनल के.
सुनील: सोनल और अवि कहा रह गए.
सुनील रेनू से पूछता है.
रेनू: मेने कॉल किया था सोनल ko...lo वो दोनों आ गए..
अचानक रेनू की नजर बहार से आते हुए दोनों भाई बहिन पर पड़ती है.
अवि: क्या hua..koi ख़ास बात चल रही है क्या..
अवि उन सबको बैठे देख कहता है जबकि सोनल अपने रूम मई चली जाती है.
सुनील: कुछ नहीं बीटा बस अपनी फॅमिली के साथ टाइम स्पेंड कर रहे है.
सुनील रिया के कंधे पर हाथ रखकर, उसे अपनी और खींचते हुए कहता है. ये देख रेनू और अवि की नजरे टकरा जाती है. फिर कुछ देर बाद रेनू डिनर सर्वे कर देती है.
रेनू: आ जाओ बच्चो सब खाना खालो... डिनर लग गया है.
रिया: ok mom..ham आ रहे hai..wese भी बहुत भूख लगी है..
रिया ये कहते हुए अवि की और देखकर अपने होंटो पर जीभ फिरती है.
अवि: है तुझे तो भूख लगी hi hogi..sabse ज्यादा उछाल कूद भी तो तू hi करती है.
अवि भी रिया को देख कहता है.
रिया: है तेरा ध्यान तो मेरी उछाल कूद पर hi रहता है.
रेनू: उफ़ तुम दोनों भी न... चलो आकर खाना खा लो.
रेनू उनके बीच की बाते नहीं समझ पा रही थी, इसलिए तो वो उसे नोक झोक लग रही थी.
अवि: म दी को बुला कर लाता हु.. आप लोग स्टार्ट कीजिये..
अवि कहता हुआ ऊपर आ जाता है. वो देखता है की सोनल नाईट tshirt-lower पहने हुए मिरर के सामने बैठी है.
अवि: बहुत खूबसूरत लग रही हो...
अवि उसे बॉल सवारते देख कहता है.
सोनल: थैंक्यू माय लव..
अवि: चलो खाना खाते है...
अवि बीएड पर बैठते हुए बोलै.
सोनल: ok चलते hai..ek मं रुको..
फिर वो सब डिनर टेबल पर थे.
सुनील: अंकित तुम आज ऑफिस क्यों नहीं आये...
सुनील खाते हुए बोलै, ये सुनकर एक पल के लिए अंकित और रेनू की नजरे आपस मई टकराती है. जबकि अवि के चेहरे पर स्माइल आ जाती है.
अंकित: वो डैड.. आज मेरी तबियत थोड़ी ख़राब थी इसलिए..
सुनील: ok..aur सोनल.. तुम्हारी कंपनी किसी चल रही है..
सुनील सोनल की और देख मुस्कुराता है.
सोनल: बहुत अच्छी चल रही है डैड..
सोनल अपना खाना खाते हुए बोलो..
सुनील: है भाई जब तुम इतनी म्हणत कर रही हो तो अच्छी तो चलेगी hi.
सुनील उसके बूब्स को घूरता हुआ बोलै. सोनल से शयद अब बर्दास्त नहीं हो रहा था.
सोनल: है... मेरा फिनिश हो गया..
सोनल कहती हुई वह से उठकर चली जाती है. अवि को पता hi नहीं था की क्या हुआ.
अवि: क्या हुआ.. आज आपने खाना बहुत जल्दी खा लिया.
अवि उसके रूम मई आता हुआ बोलै.
सोनल: अवि मुझे अब यहाँ नहीं रहना.. म अपना नया घर ले रही हु बस...
सोनल गुस्से से कहती है.
अवि: लेकिन यर हुआ क्या hai..tum इतने गुस्से मई क्यों हो..
अवि उसे काँधे से पकड़कर बोलै.
सोनल: सीरियसली अवि.. तुझे कुछ नहीं पता..
सोनल ने जैसे उसपर तंज़ कस्ते हुए कहा.
अवि: नहीं...
सोनल: कमाल है... डैड मुझे हर वक़्त गन्दी नजरो से घूरते रहते है और तू है की तुझे पता hi नहीं.
सोनल गुस्से से भड़कती है.
अवि: ok आप पहले शांत हो जाओ..
अवि उसका गुस्सा शांत करने की कोसिस करते हुए बोलै.
सोनल: तुझे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता अवि.. म तेरी बहिन होने के साथ साथ तेरी बीवी भी हु..
सोनल का गुस्सा काम होने का नाम hi नहीं ले रहा था. और अवि अच्छे से जानता था की सोनल का गुस्सा बहुत डेंजरस है.
अवि: दी आप मेरी ज़िन्दगी हो.. मेरी लाइफ आपके बिना कुछ भी नहीं है.. मुझे फ़र्क़ पड़ता है और बहुत ज्यादा पड़ता है. अगर कोई आपको गन्दी नजरो से घूरता है तो म उसे ज़िंदा गाड़ दू.. लेकिन दी ये हमारे डैड है.. हम इनके साथ लड़ तो नहीं सकते न.. लेकिन आप मुझपर भरोसा तो करो.. बहुत जल्द सब कुछ ठीक हो जायेगा ..आपको मुझ पर ट्रस्ट है न..
अवि सोनल के चेहरे को अपने हाथो मई लेकर बोलै.
सोनल: है ही..
अवि: तो बस आप रिलैक्स हो जाओ मेरी मोस्ट ब्यूटीफुल वाइफ.. और वैसे भी मुझे आपके गुस्से से बहुत ज्यादा दर लगता है.
अवि मुँह सा बनाकर कहता है, और सोनल की हसी छूट जाती है.
अवि: ऐसे hi.. आप ऐसे hi हस्ती रहा करो.. बहुत प्यारी लगती हो..
अवि उसके होंटो पर एक किश करता है.
सोनल: ok.. अब तू जा.. मेरी कल एक बहुत इम्प मीटिंग है.. मुझे उसकी तैयारी करनी है..
सोनल अपना लप्पी उठाते हुए बोली.
अवि: कमाल है यर.. आप तो मुझे अभी से hi भगा रही हो..
सोनल: है भगा रही हु और प्ल्ज़ न अवि.. तू मुझे आप मत बोलै कर.. मुझे अच्छा नहीं लगता..
सोनल उसे देख कहती है. तभी बहार कुछ गिरने की आवाज़ आती है, वो दोनों थोड़ा दर से जाते है. वो बहार आते है तो वह कोई नहीं होता, लेकिन उनके रूम के बहार रखा फ्लावर पॉट गिरा हुआ था.
सोनल: अवि मुझे लगता है कोई हमारी बात सुन रहा था..
सोनल अवि को देखते हुए बोली.
अवि: है.. लग तो ऐसा hi रहा है.. क्यों आपको दर लग रहा है..
अवि सोनल की और देख कहता है.
सोनल: मुझे क्यों दर लगेगा.. बल्कि ये तो अच्छा hi है हमारे लिए.. की हमें किसी को बताने की जरुरत hi न पड़े की हम मैरिड है..
सोनल स्माइल करते हुए बोली.
अवि: आप न सच मई क्रेजी हो..
सोनल: है हु.. लेकिन सिर्फ तेरे लिए..
अवि: चलो न फिर थोड़ा एन्जॉय करते है.
अवि उसे पकड़कर खुद से सताता है, तभी सोनल उस से अलग होती है और रूम मई घुसकर दूर लॉक कर लेती है.
सोनल: गद्नित माय लव..
सोनल हस्ते हुए बोली.
अवि: दी.. दूर ओपन करो.. ये अच्छी बात नहीं है..
सोनल: सुबह मिलती है हनी..
अवि का ये सुनके मूड ऑफ हो गया था.
अवि: मुझे लगता है दी से शादी करके मेरा यही हाल होने वाला है.
अवि अपने कमरे मई जाते हुए बोलै.
अवि: लेकिन हमारी बाते सुनी किसने hogi...khair पता चल hi जाएगा..
अवि कहता हुआ टीवी देखने लगता है.
शाम के वक़्त सभी लॉन मई बैठे हुए थे सिवाए अवि और सोनल के.
सुनील: सोनल और अवि कहा रह गए.
सुनील रेनू से पूछता है.
रेनू: मेने कॉल किया था सोनल ko...lo वो दोनों आ गए..
अचानक रेनू की नजर बहार से आते हुए दोनों भाई बहिन पर पड़ती है.
अवि: क्या hua..koi ख़ास बात चल रही है क्या..
अवि उन सबको बैठे देख कहता है जबकि सोनल अपने रूम मई चली जाती है.
सुनील: कुछ नहीं बीटा बस अपनी फॅमिली के साथ टाइम स्पेंड कर रहे है.
सुनील रिया के कंधे पर हाथ रखकर, उसे अपनी और खींचते हुए कहता है. ये देख रेनू और अवि की नजरे टकरा जाती है. फिर कुछ देर बाद रेनू डिनर सर्वे कर देती है.
रेनू: आ जाओ बच्चो सब खाना खालो... डिनर लग गया है.
रिया: ok mom..ham आ रहे hai..wese भी बहुत भूख लगी है..
रिया ये कहते हुए अवि की और देखकर अपने होंटो पर जीभ फिरती है.
अवि: है तुझे तो भूख लगी hi hogi..sabse ज्यादा उछाल कूद भी तो तू hi करती है.
अवि भी रिया को देख कहता है.
रिया: है तेरा ध्यान तो मेरी उछाल कूद पर hi रहता है.
रेनू: उफ़ तुम दोनों भी न... चलो आकर खाना खा लो.
रेनू उनके बीच की बाते नहीं समझ पा रही थी, इसलिए तो वो उसे नोक झोक लग रही थी.
अवि: म दी को बुला कर लाता हु.. आप लोग स्टार्ट कीजिये..
अवि कहता हुआ ऊपर आ जाता है. वो देखता है की सोनल नाईट tshirt-lower पहने हुए मिरर के सामने बैठी है.
अवि: बहुत खूबसूरत लग रही हो...
अवि उसे बॉल सवारते देख कहता है.
सोनल: थैंक्यू माय लव..
अवि: चलो खाना खाते है...
अवि बीएड पर बैठते हुए बोलै.
सोनल: ok चलते hai..ek मं रुको..
फिर वो सब डिनर टेबल पर थे.
सुनील: अंकित तुम आज ऑफिस क्यों नहीं आये...
सुनील खाते हुए बोलै, ये सुनकर एक पल के लिए अंकित और रेनू की नजरे आपस मई टकराती है. जबकि अवि के चेहरे पर स्माइल आ जाती है.
अंकित: वो डैड.. आज मेरी तबियत थोड़ी ख़राब थी इसलिए..
सुनील: ok..aur सोनल.. तुम्हारी कंपनी किसी चल रही है..
सुनील सोनल की और देख मुस्कुराता है.
सोनल: बहुत अच्छी चल रही है डैड..
सोनल अपना खाना खाते हुए बोलो..
सुनील: है भाई जब तुम इतनी म्हणत कर रही हो तो अच्छी तो चलेगी hi.
सुनील उसके बूब्स को घूरता हुआ बोलै. सोनल से शयद अब बर्दास्त नहीं हो रहा था.
सोनल: है... मेरा फिनिश हो गया..
सोनल कहती हुई वह से उठकर चली जाती है. अवि को पता hi नहीं था की क्या हुआ.
अवि: क्या हुआ.. आज आपने खाना बहुत जल्दी खा लिया.
अवि उसके रूम मई आता हुआ बोलै.
सोनल: अवि मुझे अब यहाँ नहीं रहना.. म अपना नया घर ले रही हु बस...
सोनल गुस्से से कहती है.
अवि: लेकिन यर हुआ क्या hai..tum इतने गुस्से मई क्यों हो..
अवि उसे काँधे से पकड़कर बोलै.
सोनल: सीरियसली अवि.. तुझे कुछ नहीं पता..
सोनल ने जैसे उसपर तंज़ कस्ते हुए कहा.
अवि: नहीं...
सोनल: कमाल है... डैड मुझे हर वक़्त गन्दी नजरो से घूरते रहते है और तू है की तुझे पता hi नहीं.
सोनल गुस्से से भड़कती है.
अवि: ok आप पहले शांत हो जाओ..
अवि उसका गुस्सा शांत करने की कोसिस करते हुए बोलै.
सोनल: तुझे इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता अवि.. म तेरी बहिन होने के साथ साथ तेरी बीवी भी हु..
सोनल का गुस्सा काम होने का नाम hi नहीं ले रहा था. और अवि अच्छे से जानता था की सोनल का गुस्सा बहुत डेंजरस है.
अवि: दी आप मेरी ज़िन्दगी हो.. मेरी लाइफ आपके बिना कुछ भी नहीं है.. मुझे फ़र्क़ पड़ता है और बहुत ज्यादा पड़ता है. अगर कोई आपको गन्दी नजरो से घूरता है तो म उसे ज़िंदा गाड़ दू.. लेकिन दी ये हमारे डैड है.. हम इनके साथ लड़ तो नहीं सकते न.. लेकिन आप मुझपर भरोसा तो करो.. बहुत जल्द सब कुछ ठीक हो जायेगा ..आपको मुझ पर ट्रस्ट है न..
अवि सोनल के चेहरे को अपने हाथो मई लेकर बोलै.
सोनल: है ही..
अवि: तो बस आप रिलैक्स हो जाओ मेरी मोस्ट ब्यूटीफुल वाइफ.. और वैसे भी मुझे आपके गुस्से से बहुत ज्यादा दर लगता है.
अवि मुँह सा बनाकर कहता है, और सोनल की हसी छूट जाती है.
अवि: ऐसे hi.. आप ऐसे hi हस्ती रहा करो.. बहुत प्यारी लगती हो..
अवि उसके होंटो पर एक किश करता है.
सोनल: ok.. अब तू जा.. मेरी कल एक बहुत इम्प मीटिंग है.. मुझे उसकी तैयारी करनी है..
सोनल अपना लप्पी उठाते हुए बोली.
अवि: कमाल है यर.. आप तो मुझे अभी से hi भगा रही हो..
सोनल: है भगा रही हु और प्ल्ज़ न अवि.. तू मुझे आप मत बोलै कर.. मुझे अच्छा नहीं लगता..
सोनल उसे देख कहती है. तभी बहार कुछ गिरने की आवाज़ आती है, वो दोनों थोड़ा दर से जाते है. वो बहार आते है तो वह कोई नहीं होता, लेकिन उनके रूम के बहार रखा फ्लावर पॉट गिरा हुआ था.
सोनल: अवि मुझे लगता है कोई हमारी बात सुन रहा था..
सोनल अवि को देखते हुए बोली.
अवि: है.. लग तो ऐसा hi रहा है.. क्यों आपको दर लग रहा है..
अवि सोनल की और देख कहता है.
सोनल: मुझे क्यों दर लगेगा.. बल्कि ये तो अच्छा hi है हमारे लिए.. की हमें किसी को बताने की जरुरत hi न पड़े की हम मैरिड है..
सोनल स्माइल करते हुए बोली.
अवि: आप न सच मई क्रेजी हो..
सोनल: है हु.. लेकिन सिर्फ तेरे लिए..
अवि: चलो न फिर थोड़ा एन्जॉय करते है.
अवि उसे पकड़कर खुद से सताता है, तभी सोनल उस से अलग होती है और रूम मई घुसकर दूर लॉक कर लेती है.
सोनल: गद्नित माय लव..
सोनल हस्ते हुए बोली.
अवि: दी.. दूर ओपन करो.. ये अच्छी बात नहीं है..
सोनल: सुबह मिलती है हनी..
अवि का ये सुनके मूड ऑफ हो गया था.
अवि: मुझे लगता है दी से शादी करके मेरा यही हाल होने वाला है.
अवि अपने कमरे मई जाते हुए बोलै.
अवि: लेकिन हमारी बाते सुनी किसने hogi...khair पता चल hi जाएगा..
अवि कहता हुआ टीवी देखने लगता है.