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- Dec 5, 2013
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लास्ट अपडेट में अपने देखा मैं और ममता चची साथ में बैठे हैं उनके घर में वो पेटीकोट और ब्लाउज में हैं और मेरा हाथ उनकी कमर पर है अब आगे
अपडेट 4
मैं जनता था उनकी आह्हः क्यों निकली बूत फिर भी जान बूझ कर पुछा
Me-kya हुआ chachi..aaap ठीक तो हैं न .... आपको दर्द हो रहा है kya...kahan दर्द है आपकी कमर में?
ये कहते हुए बिना उनके जवाब का इंतज़ार किये मैंने अब अपना दूसरा हाथ भी उनकी कमर पर लगा दिए और अब दोनों हाथो से उनके पेट को मसलने laga....mera लुंड झटके पर झटके खा रहा था मुझे पता था अगर मैंने लुंड पर हाथ भी लगा दिए तो मैं झाड़ jaunga...wo इतना टाइट हो चूका था...
चची की नज़र तो लुंड से हैट hi नहीं रही थी बड़ी मुश्किल से उन्होंने इतनी देर में लुंड से नज़र हटाकर मेरे चेहरे की तरफ देखा और कहा...
ममता स- बीटा दर्द नहीं है अभी पल्ली आती होगी चाय लेकर...
मैं तो ये भूल hi गया था क पल्लवी भी घर ने है चाय लेकर आती hi hogi...to मैंने अपने हाथ उनकी कमर से न चाहते हुए भी हटा लिए और अपना लुंड भी थोड़ा नीचे की तरफ दबाकर एडजस्ट किआ.... बूत मुझे इस बात की ख़ुशी भी हुई के अगर पल्लवी क आने का दर नहीं होता चची मुझे नहीं रोकती.
में- चची देखलो अगर कमर में दर्द हो तो मैं मालिश कर दूंगा..
ममता स- वो नहीं बच्चा मैं....
वो इतना hi बोल पाई थी क पल्लवी चाय लेकर आ गयी और हम दोनों को दी और खुद भी चाय लेकर बैठ गयी हमारे पास ....हम दोनों में से कोई नहीं बोल रहा tha...main चची और पल्लवी की और देख रहा था पल्लवी बस नोर्मल्ली चाय पि रही थी और चची बार बार चोर नज़रो से मेरे लुंड की और देख रही थी और कभी पल्लवी की और देखती की कहीं उसने तो नहीं देख लिए ऐसे hi हमने चाय ख़त्म की तो पल्लवी उठ गयी हम दोनों से हमारे कप लिए और बोली
पल्लवी- मम्मी मैं नहालु?
ममता C-kkkkya, हं बीटा नहले.....
वो थोड़ा अटकते हुए बोली उनका ध्यान अभी भी कहीं और hi था,
पल्लवी -ठीक मम्मी फिर नहाकर खाना बनाउंगी.
ममता स- ठीक जा तू....
पल्लवी कपडे लेकर बाथरूम में घुस गई गेट बंद होने की आवाज़ आई और मैं तुरंत hi उनसे दोबारा चिपक gaya..or अपने हाथो से फिर उनके नंगे सपाट पेट को दबाने लगा मसलने laga...wo भी मेरे इस अचानक किये हमले से शॉक हो गयी बूत शायद उनकी बॉडी को ये सब ाचा लग रहा था इसलिए वो सिसकने लगी अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करके
में- चची ..
ममता स- Ahhhhhhhhhhh ह्म्म्मम्म्म्म
में- चची सुनो न मेरे दर्द हो रहा है...
ममता C-kkkkyaa ahhhhhhhhhh ककहांण बछायआ
मैंने एक स्टेप बढ़ते हुए उनका हाथ पाजामे के ऊपर से hi अपने लुंड पर रख diya...or बोलै
में- चची इसमें
लुंड पर हाथ पढ़ते hi चची की बॉडी में एक करंट सा दौड़ गया और उनकी बॉडी भी सिहर गए.... साँसे और भी तेज़ चलने लगी जिससे उनके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे मैं लगातार उनके पेट को मसाले जा रहा था तो कभी नैवेल को छेद रहा tha.......maine भी अपने आप को कण्ट्रोल किआ लम्बी सांस ली मुझे पता था अगर मैं अभी झाड़ गया तो सारा खेल बिगड़ जायेगा मुजगे ज़्यादा से ज़्यादा देर खुद को रोकना होगा...
चची जैसे खयालो में hi थी मेरे लुंड को हाथ में महसूस कर रही थी और बस इतना बोली
ममता स- main....kyq....kaise....
में- चची मुझे नहीं पता बूत मुझे बहुत दर्द हो रहा है कुछ तो करो..
और मैं अपने कमर को आगे पीछे करके उनके हाथ पर दवाब डालने laga...ab वो भी पूरी तरह गरम हो चुकी थी और मेरे लुंड को सहलाने लगी और बोली
ममता स- बहुत दर्द हो रहा है बचुआ को... लेकिन बछ्ह मुझे दर्द सही करने क लिए इसे देखना होगा....
मैंने बिना उनका मतलब समझे उनकी नाभि से खेलते हुए बोलै
में- ठीक है चची
ये सुनते hi चची ने थोड़ा हाथ ऊपर करके एक hi झटके में पजामा और अंडरवियर खिसका कर मेरा लुंड बहार निकल लिए और नांगल लुंड को देखते hi चची की आँखों में एक चमक आ गयी और एक आअह्ह्ह निकल गए उनके मुँह se...main भी उनके इस कदम से शॉक रहा गया और उनके हाथ मेरे नंगे लुंड पर पढ़ते hi मैंने उनके पेट पर अपने हाथ गदा diye...or वैसे hi उनसे चिपक gaya....or बस इतना hi बोल पाया
में- अह्हह्ह्ह्ह चची..
ममता स- यूएई एई तो अब और बड़ा दिख रहा है....
वो बस लुंड को घूरे जा रही थी और अपना हाथ चलाये जा रही थी उनकी जीभ बार बार उनके होठो को गीला कर रही थी .

मैं भी अब अपने होश खो बैठा और मैं अपने हाथ ऊपर बढ़ाये और बड़े बड़े छूछीयो को ब्लाउज के ऊपर से hi मसलने laga...mere हाथ से चूचे मसले जाने पर चची और टाइट से मेरा लुंड हिलने लगी... मैंने भी देर न करते हुए उनके ब्लाउज के हुक्स को खोल दिए और ब्रा को नीचे करके एक कुछः बहार निकला और उसे दबाने लगा

मुझे तो जैसे जन्नत का मज़ा मिल गया tha.....chachi सिसकने लगी और अह्ह्ह बैझा धीरे आराम से आ अह्हह्ह्ह्ह कर्म lagi....or लुंड को मसलने लगी मैंने उनकी ब्रा नीचे करके दोनों छूछे निकल लिए और दबाने लगा क्या छूछे थे कसम से... इतने बड़े bade...or टाइट भी ...मैं उन्हें मसलने लगा और चची की आअह्ह्ह और बढ़ गए अब चची खुल कर मेरा साथ दे रही थी... और बोल रही थी..
ममता स- Ahhhhhhhhhhh बच्चा आराम से daba...ummmmmmm तेरा औज़ार बहुत बड़ा है re....ahhhhhh
मैंने अपने होठ उनकी गर्दन पर रख दिए और चूमने लगा वो हर चुम्बन पर सिसकी ले रही थी फिर मैंने गर्दन झुककर अपना मुँह उनकी राइट चुकी पर रख दिए और चूसने लगा.. चची तो जैसे पागल हो गयी... और अपना हाथ मेरे लुंड से हटा लिए और मेरा सर पकड़ कर अपने चुके पर दबाने lagi..main एक छुछु को दबा रहा था और दुसरे को चूस रहा था ज़ोर से...
ममता स- अह्ह्ह बछ्ह पीजा इन्हे चूस चूस कर खली कर दे इनका रास चूस मेरे ामो को....
मैं मममम आअह्हह्ह्ह्हम्म्म्म करके चुसे जा रहा tha...phir थोड़ी देर बाद मैंने दूसरा छूछा मुँह में ले लिए चची फिर से और गरम हो gayi...mujhe बहुत मज़ा आ रहा tha...aisa रास तो दुनिआ क किसी आम में नहीं होगा जो मुझे चची के छूछीयो को पीने में मिल रहा tha....phir थोड़ी देर और चूसने क बाद मैं अचानक से अपना मुँह उनके छूछे से हटाया और अपने होठ उनके होठो पर रख diye....or उन्हें चूसने laga....chachi पहले तो हड़बड़ाई बूत अगले कुछ hi पालो में मेरा साथ देने lagi...or मेरे होठो को चूसने lagi.....phir उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दलदी मैं उसे चूसने लगा क्र हाथो से उनके छूछे मसल रहा tha....phir वो मेरी जीभ चूसने lagi....sach एक शादीशुदा औरत क साथ ये सब करने में. बहुत hi मज़ा आता है उनमे झिझक भी काम होती है और एक्सपीरियंस से बहुत कुछ सिखाती हैं
..अब मुझे लगने लगा मैं झड़ने वाला हूँ तो मैं ऐसे hi नहीं झड़ना चाहता था मैंने एक कदम िर बढ़ने की सोची... और मैंने होठ अलग किये चची के होठो से और उनके कंधे पकड़ क्र नीचे की तरफ दबा diye....wo बी समझ गयी मैं क्या चाहता हूँ और नीचे बैठ गयी... मेरा लुंड उनके चेहरे के सामने था और ऊसर पकड़ कर वो अपने हाथ आगे पीछे करने लगी फिर उन्होंने मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोला और अपनी जीभ मेरे लुंड के टोपे पर फिरै......

मैं तो जैसे खो hi गया kahin....meri पूरी बॉडी अकड़ने lagi....kuch पल और रुकने के बाद मैंने उनके सर क पीछे हाथ लगाया और अपना लुंड उनके खुले मुँह में झटके के साथ घुसेड़ दिया और झटके मरने laga....wo बी पहले तो थोड़ा सकपकाई फिर घु घु करके जितना चूस सकती थी चूसने lagi....main उनके मुँह को छोड़ने लगा और कुछ 15 -20 झटको के बाद मैंने उनका मुँह अपने लुंड पर दबा दिया और अपने रास की धार उनके मुँह में hi छोड़ di....wo थोड़ा झटपटई फिर पता नहीं कैसे एडजस्ट करके वो गतल जातक के सारा रास पि gayi...thoda सा रास उनके होठों से बाह कर बहार ा रहा था वो अब भी मेरे लुंड को चूसे जा रही थी, मेरा लुंड अब धीरे धीरे सिकुड़ने लगा था और चची अब भी मेरे लुंड को चूस चूस कर साफ़ कर रही thi...unhone मेरे लुंड को चाट कर साफ़ kiaa...or लुंड पर एक किश करके अपने होठ उससे हटाए और अपनी जीभ बहार निकल कर होठो के आस पास लगे रास को जीभ से chaata...tabhi चची को जैसे कुछ याद ा गया हो तुरंत कड़ी हो गए...
ममता स- तू अपने पजामा ऊपर कर पल्ली बहार आती hi होगी...
उन्होंने भी अपनी ब्रा ठीक की और ब्लाउज के हुक बंद करने lagi...or मैंने अभी अपना अंडरवियर और पजामा ऊपर किआ और लुंड अंदर दाल कर बैठ गया....
में- चची आज तो मज़ा आ गया....
ममता C-(kuch सोचते हुए) कर्मा पता नहीं मैंने सही भी किआ या नहीं...
में- चची अपने बिलकुल सही kia..aap परेशां मत हो..
चची कुछ नहीं बोली, और तभी पल्लवी भी नहाकर बहार आ gayi....geele बालों में वो बहुत प्यारी लग रही thi....uske बूब्स भी उस टॉप में बहुत कैसे हुए लग रहे थे ..मन किआ की उसको अभी जाकर चूम्लूं...
तभी मैं सोचने लगा मुझे क्या हो गया है मैं हर किसी को बस छोड़ने का ख्याल क्यों आ रहा hai...abhi माँ से लुंड चुसवाया है और अभी बेटी को भी उसी नज़र से देख रहा hun...ye सोचते huye...maim चची को फिर कभी आने का बोल कर उनके घर से निकल गया.....
इसके आगे नेक्स्ट अपडेट में आप लोग प्लीज फीडबैक देते रहिये... शुक्रिया
अपडेट 4
मैं जनता था उनकी आह्हः क्यों निकली बूत फिर भी जान बूझ कर पुछा
Me-kya हुआ chachi..aaap ठीक तो हैं न .... आपको दर्द हो रहा है kya...kahan दर्द है आपकी कमर में?
ये कहते हुए बिना उनके जवाब का इंतज़ार किये मैंने अब अपना दूसरा हाथ भी उनकी कमर पर लगा दिए और अब दोनों हाथो से उनके पेट को मसलने laga....mera लुंड झटके पर झटके खा रहा था मुझे पता था अगर मैंने लुंड पर हाथ भी लगा दिए तो मैं झाड़ jaunga...wo इतना टाइट हो चूका था...
चची की नज़र तो लुंड से हैट hi नहीं रही थी बड़ी मुश्किल से उन्होंने इतनी देर में लुंड से नज़र हटाकर मेरे चेहरे की तरफ देखा और कहा...
ममता स- बीटा दर्द नहीं है अभी पल्ली आती होगी चाय लेकर...
मैं तो ये भूल hi गया था क पल्लवी भी घर ने है चाय लेकर आती hi hogi...to मैंने अपने हाथ उनकी कमर से न चाहते हुए भी हटा लिए और अपना लुंड भी थोड़ा नीचे की तरफ दबाकर एडजस्ट किआ.... बूत मुझे इस बात की ख़ुशी भी हुई के अगर पल्लवी क आने का दर नहीं होता चची मुझे नहीं रोकती.
में- चची देखलो अगर कमर में दर्द हो तो मैं मालिश कर दूंगा..
ममता स- वो नहीं बच्चा मैं....
वो इतना hi बोल पाई थी क पल्लवी चाय लेकर आ गयी और हम दोनों को दी और खुद भी चाय लेकर बैठ गयी हमारे पास ....हम दोनों में से कोई नहीं बोल रहा tha...main चची और पल्लवी की और देख रहा था पल्लवी बस नोर्मल्ली चाय पि रही थी और चची बार बार चोर नज़रो से मेरे लुंड की और देख रही थी और कभी पल्लवी की और देखती की कहीं उसने तो नहीं देख लिए ऐसे hi हमने चाय ख़त्म की तो पल्लवी उठ गयी हम दोनों से हमारे कप लिए और बोली
पल्लवी- मम्मी मैं नहालु?
ममता C-kkkkya, हं बीटा नहले.....
वो थोड़ा अटकते हुए बोली उनका ध्यान अभी भी कहीं और hi था,
पल्लवी -ठीक मम्मी फिर नहाकर खाना बनाउंगी.
ममता स- ठीक जा तू....
पल्लवी कपडे लेकर बाथरूम में घुस गई गेट बंद होने की आवाज़ आई और मैं तुरंत hi उनसे दोबारा चिपक gaya..or अपने हाथो से फिर उनके नंगे सपाट पेट को दबाने लगा मसलने laga...wo भी मेरे इस अचानक किये हमले से शॉक हो गयी बूत शायद उनकी बॉडी को ये सब ाचा लग रहा था इसलिए वो सिसकने लगी अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह करके
में- चची ..
ममता स- Ahhhhhhhhhhh ह्म्म्मम्म्म्म
में- चची सुनो न मेरे दर्द हो रहा है...
ममता C-kkkkyaa ahhhhhhhhhh ककहांण बछायआ
मैंने एक स्टेप बढ़ते हुए उनका हाथ पाजामे के ऊपर से hi अपने लुंड पर रख diya...or बोलै
में- चची इसमें
लुंड पर हाथ पढ़ते hi चची की बॉडी में एक करंट सा दौड़ गया और उनकी बॉडी भी सिहर गए.... साँसे और भी तेज़ चलने लगी जिससे उनके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे मैं लगातार उनके पेट को मसाले जा रहा था तो कभी नैवेल को छेद रहा tha.......maine भी अपने आप को कण्ट्रोल किआ लम्बी सांस ली मुझे पता था अगर मैं अभी झाड़ गया तो सारा खेल बिगड़ जायेगा मुजगे ज़्यादा से ज़्यादा देर खुद को रोकना होगा...
चची जैसे खयालो में hi थी मेरे लुंड को हाथ में महसूस कर रही थी और बस इतना बोली
ममता स- main....kyq....kaise....
में- चची मुझे नहीं पता बूत मुझे बहुत दर्द हो रहा है कुछ तो करो..
और मैं अपने कमर को आगे पीछे करके उनके हाथ पर दवाब डालने laga...ab वो भी पूरी तरह गरम हो चुकी थी और मेरे लुंड को सहलाने लगी और बोली
ममता स- बहुत दर्द हो रहा है बचुआ को... लेकिन बछ्ह मुझे दर्द सही करने क लिए इसे देखना होगा....
मैंने बिना उनका मतलब समझे उनकी नाभि से खेलते हुए बोलै
में- ठीक है चची
ये सुनते hi चची ने थोड़ा हाथ ऊपर करके एक hi झटके में पजामा और अंडरवियर खिसका कर मेरा लुंड बहार निकल लिए और नांगल लुंड को देखते hi चची की आँखों में एक चमक आ गयी और एक आअह्ह्ह निकल गए उनके मुँह se...main भी उनके इस कदम से शॉक रहा गया और उनके हाथ मेरे नंगे लुंड पर पढ़ते hi मैंने उनके पेट पर अपने हाथ गदा diye...or वैसे hi उनसे चिपक gaya....or बस इतना hi बोल पाया
में- अह्हह्ह्ह्ह चची..
ममता स- यूएई एई तो अब और बड़ा दिख रहा है....
वो बस लुंड को घूरे जा रही थी और अपना हाथ चलाये जा रही थी उनकी जीभ बार बार उनके होठो को गीला कर रही थी .

मैं भी अब अपने होश खो बैठा और मैं अपने हाथ ऊपर बढ़ाये और बड़े बड़े छूछीयो को ब्लाउज के ऊपर से hi मसलने laga...mere हाथ से चूचे मसले जाने पर चची और टाइट से मेरा लुंड हिलने लगी... मैंने भी देर न करते हुए उनके ब्लाउज के हुक्स को खोल दिए और ब्रा को नीचे करके एक कुछः बहार निकला और उसे दबाने लगा

मुझे तो जैसे जन्नत का मज़ा मिल गया tha.....chachi सिसकने लगी और अह्ह्ह बैझा धीरे आराम से आ अह्हह्ह्ह्ह कर्म lagi....or लुंड को मसलने लगी मैंने उनकी ब्रा नीचे करके दोनों छूछे निकल लिए और दबाने लगा क्या छूछे थे कसम से... इतने बड़े bade...or टाइट भी ...मैं उन्हें मसलने लगा और चची की आअह्ह्ह और बढ़ गए अब चची खुल कर मेरा साथ दे रही थी... और बोल रही थी..
ममता स- Ahhhhhhhhhhh बच्चा आराम से daba...ummmmmmm तेरा औज़ार बहुत बड़ा है re....ahhhhhh
मैंने अपने होठ उनकी गर्दन पर रख दिए और चूमने लगा वो हर चुम्बन पर सिसकी ले रही थी फिर मैंने गर्दन झुककर अपना मुँह उनकी राइट चुकी पर रख दिए और चूसने लगा.. चची तो जैसे पागल हो गयी... और अपना हाथ मेरे लुंड से हटा लिए और मेरा सर पकड़ कर अपने चुके पर दबाने lagi..main एक छुछु को दबा रहा था और दुसरे को चूस रहा था ज़ोर से...
ममता स- अह्ह्ह बछ्ह पीजा इन्हे चूस चूस कर खली कर दे इनका रास चूस मेरे ामो को....
मैं मममम आअह्हह्ह्ह्हम्म्म्म करके चुसे जा रहा tha...phir थोड़ी देर बाद मैंने दूसरा छूछा मुँह में ले लिए चची फिर से और गरम हो gayi...mujhe बहुत मज़ा आ रहा tha...aisa रास तो दुनिआ क किसी आम में नहीं होगा जो मुझे चची के छूछीयो को पीने में मिल रहा tha....phir थोड़ी देर और चूसने क बाद मैं अचानक से अपना मुँह उनके छूछे से हटाया और अपने होठ उनके होठो पर रख diye....or उन्हें चूसने laga....chachi पहले तो हड़बड़ाई बूत अगले कुछ hi पालो में मेरा साथ देने lagi...or मेरे होठो को चूसने lagi.....phir उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुँह में दलदी मैं उसे चूसने लगा क्र हाथो से उनके छूछे मसल रहा tha....phir वो मेरी जीभ चूसने lagi....sach एक शादीशुदा औरत क साथ ये सब करने में. बहुत hi मज़ा आता है उनमे झिझक भी काम होती है और एक्सपीरियंस से बहुत कुछ सिखाती हैं
..अब मुझे लगने लगा मैं झड़ने वाला हूँ तो मैं ऐसे hi नहीं झड़ना चाहता था मैंने एक कदम िर बढ़ने की सोची... और मैंने होठ अलग किये चची के होठो से और उनके कंधे पकड़ क्र नीचे की तरफ दबा diye....wo बी समझ गयी मैं क्या चाहता हूँ और नीचे बैठ गयी... मेरा लुंड उनके चेहरे के सामने था और ऊसर पकड़ कर वो अपने हाथ आगे पीछे करने लगी फिर उन्होंने मेरी आँखों में देखते हुए अपना मुँह खोला और अपनी जीभ मेरे लुंड के टोपे पर फिरै......

मैं तो जैसे खो hi गया kahin....meri पूरी बॉडी अकड़ने lagi....kuch पल और रुकने के बाद मैंने उनके सर क पीछे हाथ लगाया और अपना लुंड उनके खुले मुँह में झटके के साथ घुसेड़ दिया और झटके मरने laga....wo बी पहले तो थोड़ा सकपकाई फिर घु घु करके जितना चूस सकती थी चूसने lagi....main उनके मुँह को छोड़ने लगा और कुछ 15 -20 झटको के बाद मैंने उनका मुँह अपने लुंड पर दबा दिया और अपने रास की धार उनके मुँह में hi छोड़ di....wo थोड़ा झटपटई फिर पता नहीं कैसे एडजस्ट करके वो गतल जातक के सारा रास पि gayi...thoda सा रास उनके होठों से बाह कर बहार ा रहा था वो अब भी मेरे लुंड को चूसे जा रही थी, मेरा लुंड अब धीरे धीरे सिकुड़ने लगा था और चची अब भी मेरे लुंड को चूस चूस कर साफ़ कर रही thi...unhone मेरे लुंड को चाट कर साफ़ kiaa...or लुंड पर एक किश करके अपने होठ उससे हटाए और अपनी जीभ बहार निकल कर होठो के आस पास लगे रास को जीभ से chaata...tabhi चची को जैसे कुछ याद ा गया हो तुरंत कड़ी हो गए...
ममता स- तू अपने पजामा ऊपर कर पल्ली बहार आती hi होगी...
उन्होंने भी अपनी ब्रा ठीक की और ब्लाउज के हुक बंद करने lagi...or मैंने अभी अपना अंडरवियर और पजामा ऊपर किआ और लुंड अंदर दाल कर बैठ गया....
में- चची आज तो मज़ा आ गया....
ममता C-(kuch सोचते हुए) कर्मा पता नहीं मैंने सही भी किआ या नहीं...
में- चची अपने बिलकुल सही kia..aap परेशां मत हो..
चची कुछ नहीं बोली, और तभी पल्लवी भी नहाकर बहार आ gayi....geele बालों में वो बहुत प्यारी लग रही thi....uske बूब्स भी उस टॉप में बहुत कैसे हुए लग रहे थे ..मन किआ की उसको अभी जाकर चूम्लूं...
तभी मैं सोचने लगा मुझे क्या हो गया है मैं हर किसी को बस छोड़ने का ख्याल क्यों आ रहा hai...abhi माँ से लुंड चुसवाया है और अभी बेटी को भी उसी नज़र से देख रहा hun...ye सोचते huye...maim चची को फिर कभी आने का बोल कर उनके घर से निकल गया.....
इसके आगे नेक्स्ट अपडेट में आप लोग प्लीज फीडबैक देते रहिये... शुक्रिया
























