Incest Katha Chodampur Ki - SexBaba
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Incest Katha Chodampur Ki

hotaks

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Dec 5, 2013
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अपडेट नंबर 265 पोस्ट कर दी है पढ़ कर रिव्यू ज़रूर करें, लाइक और रिव्यू कम नहीं होने चाहिए। और जब तक 30 लाइक्स नहीं होते अपडेट लिखना शुरू नहीं होगा।

।।बहुत बहुत धन्यवाद।।
 
Hi एवरीवन, मैं एक स्टोरी स्टार्ट कर रहा हु, जो सेक्स से भरपूर होगी मैं थीम इन्सेस्ट hi रहेगा, आप लोगो क कमैंट्स और फीडबैक के साथ स्टोरी आगे बढाती चली jayegi...asha है आपको बहुत पसंद आएगी.
 
ये कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है जिसका वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं है. दोस्तों मेरी स्टोरी सेक्स और चुदाई से भरपूर होगी तो सिर्फ इसे मनोरंजन के तौर पर पढ़ें वैसे मैं पूरी कोशिश करूँगा के साडी बातों का ध्यान रखूं पर कहीं लोगिकालय आपको कुछ इनकरेक्ट लगे तो उसके लिए माफ़ी चाहूंगा. धन्यवाद्.

चोदामपुर एक बिलकुल किसी भी अन्य गाँव की तरह hi है यहाँ भी लोगो का गुज़ारा खेती से होता है बूत यहाँ की ज़मीन अचे होने से यहाँ के लोग काफी अछि हालत में है बहुत अमीर नहीं कह सकते बूत इतना है के इन्हे अपनी ज़रूरतों को पूरा करने में कोई दिक्कत नहीं होती.

इसी गाँव का एक परिवार है जिसके मुखिया हैं...

नीलेश सिंह

आगे 40

लुंड भी अचे साइज का है

सीधे साढ़े इंसान हैं बूत हम सब की तरह चुदाई करना बहुत पसंद है इसलिए अपनी बीवी को खूब छोड़ते हैं.





उनकी पत्नी का नाम है...

सभ्य

आगे 38

बिलकुल घरेलु बीवी और माँ बूत दिखने में एक दम सेक्सी जिसे देख कर hi नीलेश का लुंड आज भी खड़ा हो जाता है और फिर जमकर छोड़ते हैं..

सभ्य बहुत hi घरेलु और पतिव्रता औरत है बूत चुदाई करने में वो भी बिलकुल अपने पति की तरह hai...khoob मज़े ले लेकर चुदवाती है.

छूछे और गांड का साइज आप पिक्स ऑफ़ gif देख कर इमेजिन कर सकते हैं.





सभ्य और नीलेश के दो बेटे है.. बड़ा बीटा

कर्मा

आगे 20

हमारी कहानी का हीरो भी है.

ाचा दीखता है ...बॉडी भी हीरो जैसी नहीं बूत ठीक ठाक है ये पढ़ाई कर रहा है और गाँव क पास hi कॉलेज में जाता hai..Iski खास बात ये है क इसका लुंड बी अचे साइज का है और वो हमेशा समझो खड़ा hi रहता hai...iske दिमाग में हर वक़्त चुदाई क ख्याल hi चलते रहते हैं...





घर का सबसे आखिरी और छोटा मेंबर है..

अनुज

आगे 18

अभी अभी जवान हुआ है और जवानी में तो आपको पता hi है लुंड का क्या हाल होता hai..or लुंड क साइज क मामले में ये भी अपने बड़े भाई और बाप जैसा hi hai...humesha अपनी पहली चुदाई के सपने देखता रहता है और लुंड हिलता रहता है.





तो दोस्तों ये है हीरो और उसका परिवार बाकी के चरक्टेर्स जैसे जैसे जुड़ते रहेंगे आपको उनसे परिचित करवाता rahunga..abhi बता कर कंफ्यूज नहीं करना चाहता...
 
चरक्टेर्स
नीलेश सिंह- कर्मा के पिता, घर के मुखिया, किसान हैं और खेती करते हैं, चुदाई के शौक़ीन पर सीधे साढ़े इंसान हैं.

सभ्य- कर्मा की माँ और नीलेश की पत्नी, घरेलु सीढ़ी सधी महिला, शरीर से बिलकुल कामुक औरत, पर चुदाई की बहुत शौक़ीन. बदन का हर अंग तराशा हुआ है, सपाट पेट, बड़े chutad...bhari छुछियां

कर्मा- नीलेश और सभ्य का बड़ा बीटा, हमारा हीरो, एक आम लड़का, टिपिकल हीरो नहीं है जो एक साथ 10 को मरे पीते, बस सबकी तरह है बस सेक्स की भूख बहुत है और नसीब भी इसे ऐसी hi परिस्थितियों से मिलता है..

अनुज- कर्मा का भाई, नीलेश और सभ्य का छोटा बीटा, बिलकुल एक 18 साल का आम ladka..nanga बदन देखते hi लुंड खड़ा हो जाता hai..par सीधा साधा लड़का है बाकि धीरे धीरे स्टोरी में पता चलेगा..

ममता चची- नीलेश और सभ्य की गली में रहती hain...dono के परिवार की आपस में काफी बनती है, पूरे भरे शरीर की महिला हैं और बेहद कामुक भी. छुछिया और गांड काफी निकली हुई, सपाट पेट.

राजन चाचा- ममता के पति, सीधे साढ़े insaan..apani मस्ती में मस्त रहते हैं नीलेश के अचे दोस्त हैं..

पल्लवी- राजन और ममता की एकलौती बेटी, 18 साल की है, अनुज के साथ hi पद्धति है, काफी चुलबुली है पर शरीर से बिलकुल अपनी माँ की तरह कामुक.

बुआ की फॅमिली

शशि-
नीलेश की बहन, भरे शरीर की मालकिन, दो बच्चो की माँ हैं.. सबका ख्याल रखती हैं, पर बेहद कामुक हैं और चुदाई के लिए हमेशा तैयार.. गांड और छुच्छी बहुत बड़ी बड़ी हैं.

प्रदीप फूपाजी- शशि के पति और कर्मा के फूपाजी, सीधे साढ़े इंसान, अपनी दूध की डेरी है, दो बच्चो के पिता,

पूर्वी- बुआ और फूपाजी की लड़की बहुत खूबसूरत और लुभावने बदन की मालकिन शरीर में सब कुछ कामुक है, सबसे आकर्षक है इसके chutad...badi है दोनों बच्चो में शादी हो चुकी है और एक दूध पिता बच्चा है...

पंकज- पूर्वी के पति, सीधे साढ़े इंसान अपनी पत्नी को खूब चाहते हैं.. और बाकि भाग्य भरोसे.

प्रकाश- पंकज के पिता

रेनू- पंकज की माँ

प्रीती- पंकज की बेहेन

विनीत- बुआ और फूपाजी का एकलौता लड़का, पूर्वी से छोटा है, कर्मा की उम्र का है, पढाई कर रहा है, शर्मीला है और अपने मन में रहता है.

बड़े PHOOPAJI(Sujan सिंह)- प्रदीप फूपाजी के बड़े भाई और बुआ के जेठ, घर के मुखिया, एक दुकान चलते hain...is उम्र में भी काफी रंगीन मिज़ाज के हैं.

बड़ी BUA(SAVITRI)- फूपाजी की भाभी और बुआ की जेठानी, भरे पूरे शरीर की महिला, थोड़ी बातूनी हैं पर शरीर एक दम छोड़ने लायक hai...pet थोड़ा बहार निकला हुआ है जो कामुकता को और बढ़ता hai...chuche बहुत बड़े साथ में गांड तो साड़ी के बहार hi निकली रहती है.

रिमझिम- बड़े फूपाजी और बड़ी बुआ की एकलौती लड़की, पूर्वी की उम्र की है शादी होने वाली है, बेहद खूबसूरत, सब कुछ ऐसा लगता है भगवन ने इसे hi दिए है... खुले विचारो की लड़की है. मन की साफ़ है. सेक्स का ज़्यादा ज्ञान नहीं है.

चारु ममी- बड़ी बुआ के एकलौते भाई की बीवी, रिमझिम की ममी, 32 साल की पूरे भरे बदन की महिला, बड़े छूछे, सपाट पेट, उभरी हुई गांड, एक दम ब्लू फिल्म की एक्ट्रेस लगती हैं.

गया- चारु की सौतेली बेटी, चारु इसकी मौसी भी है और अब सौतेली माँ भी, गया की मौत के बाद उसके पिता ने अपनी साली से शादी कर्ली thi...abhi 18 की हुई है चुलबुली सी लड़की, शर्मीली है पर जिज्ञासा से भरपूर है.. छोटी जवान होती chuchhiyan..behad सुन्दर चेहरा जो देखे देखता रह जाये.

जग्गू-मेरा जिगरी पूरा नाम तो जगत है पर सब जग्गू बुलाते हैं मेरे से कुछ महीने बड़ा है हर काम में मेरे साथ रहता है और हमारी वजह से हमारे परिवार भी काफी करीब हैं मेरा इसके घर खाना पीना सोना या इसका मेरे घर रोज़ की बात है.. मेरे साथ hi पढता था पर अब पढाई छोड़ दी है...

जग्गू के पापा राजपाल उम्र- 42 खेती करते हैं, अपने काम से काम रखने वाले बेहद सीधे साढ़े इंसान हैं, किसी भी तरह अपने परिवार को संभल के रखना चाहते हैं...

जग्गू की मम्मी- मंजू तै उम्र- 40

क्यूंकि जग्गू के पापा मेरे पापा से बड़े हैं तो उन्हें मैं ताऊ तै बुलाता हूँ.

एक दम गाओं की गंवार औरत हैं, भोली भली हैं, बदन भरा हुआ मांसल गदराया हुआ है, अपने बच्चों की चिंता में hi रहती हैं थोड़ी बातूनी हैं.

भगत जिसे सब भग्गू कहते हैं.. उम्र 23साल ये पूरे घर की परेशानी का कारण है, घर में कलेश करना, दारू वगेरा पीना फिर पीकर घर में या बहार लड़ना, शादी हो चुकी है, घरवालों के लालः समझने के बाद भी नहीं सुधरता... पढ़ाई तो कभी की hi नहीं..

भग्गू की बीवी और जग्गू की भाभी- प्रेमा उम्र 22 साल, एक दम मस्त गदराया हुआ माल, 10वि तक पढ़ी hai...shadi को 5 साल हो गए हैं अब तक कोई बच्चा नहीं है इसी वजह से सास से बनती नहीं है,

कल्लू- गाओं का अय्याश लड़का, दारू पीना और गाओं की औरतों पर गन्दी नज़र रखना ये hi इसके दो काम हैं.

कजरी- कल्लू की बहन, मस्त गदराये हुए बदन वाली लड़की, पर कल्लू की हरकतों की वजह से अब तक शादी नहीं हुई.. जवानी बेकार जा रही है.

लालसिंह- कल्लू कजरी का बाप.

दीं दयाल का परिवार परिवार- ये लोग मेरी गली में hi रहते हैं इनके घर में 6 लोग हैं तो एक एक करके सबके बारे में बता देता हूँ

रज्जो चची- उम्र- 38, 5.2" की लम्बाई, आम ग्रहणी हैं, सांवला रंग, शरीर गदराया हुआ चूचियां काफी ज़्यादा बड़ी हैं, पेट सपाट.. थोड़ी नकचढ़ी हैं.. पर इनका गदराया बदन इनके नकचढ़ेपन को धक् लेता है.. हमेशा साड़ी पहनती हैं और बड़ी छुछियां ब्लाउज से बहार आने को बेताब रहती हैं..

दीनदयाल चाचा- रज्जो चची के पति घर के मुखिया उम्र-40, 5.4" की लम्बाई, थोड़े शांत स्वाभाव के हैं ज़्यादा कुछ बोलते नहीं हैं, बाकि अंदर से काफी रंगीन मिज़ाज हैं.

सरजू-सबसे बड़ा बीटा मुझसे 2 साल बड़ा है, 5.5 की लम्बाई, पर पढाई छोड़ दी है, बस में कंडक्टर का काम करता है.. मेरा और जग्गू का दोस्त है. पर एक कमज़ोरी है लड़की देखते hi लार टपकने लगता है..

नीतू- सरजू से छोटी उम्र-20, अपनी माँ की तरह hi बेहद खूबसूरत, गोरा रंग, गोल चेहरा, तीखे नैन नक्श, पके आम जैसी छुछियां, और सबसे प्यारी है इसकी गांड. एक दम परफेक्ट.. अब तक मां के यहाँ रहकर पद्धति थी अब यहाँ आ गयी है.. अभी इसकी शादी के लिए लड़का देखा जा रहा है..

बिरजू- उम्र 19 साल, लम्बाई- 5.7", छोटा बीटा, पढाई कर रहा है थोड़ा अकड़ू और मंदबुद्धि टाइप का है.. कई बार फ़ैल होने से अभी भी स्कूल में है, घुम्मकड़ है, बहुत जल्दी बातों में आ जाता है...

लाडो- सबसे छोटी घर में, उम्र-18, 5.3" की लम्बाई, अभी स्कूल में है 12तह में, पल्ली की क्लास में है, पल्ली के साथ इसकी बहुत पटती hai..par जहाँ पल्ली का बदन गदराया हुआ है ये बहुत छोटी सी लगाती है, पतला शरीर, छोटी छोटी छुछियां, थोड़ी नटखट है पर चेहरा बहुत प्यारा और हंसमुख.

मौसी- शालू नाम हाउ मौसी का 36 की उम्र, 5.3 की लम्बाई.. गदराया बदन है, छुछियां बहुत बड़ी बड़ी हैं, चौड़ी गांड बस जीवन में एक समस्या है संतान नहीं है.

मौसा- शैलेश, 38 की उम्र है, फ़ौज में हैं हत्ता कट्टा शरीर है, थोड़े हंसमुख मिज़ाज के हैं, बच्चा न होने से थोड़ा परेशां हैं.

अंजलि- उम्र 20 साल,

लम्बाई- 5"5',

बेहद खूबसूरत, आँखें जिनमे डूब जाने का मन करे, जानलेवा मुस्कराहट, भरा हुआ कैसा बदन,

जो एक बार देखले बिना देखे रहा न जाये, सदा विचार, और कर्मा का पहली नज़र वाला प्यार.

Savita(Anjali की माँ):- उम्र 42, लम्बाई- 5"7',

अंजलि को अपनी खूबसूरती इन्ही से मिली है दूध सा गोरा रंग, हंसमुख चेहरा... मुस्कराहट बिलकुल अंजलि जैसी... गोल बड़े बड़े नितम्भ और भरी हुई छुछियां. हंसमुख हैं और थोड़ी बातूनी.

महिपाल सिंह( अंजलि का पिता)- उम्र 43, कड़क स्वाभाव वाले सीधे साढ़े इंसान, पेशे से एक शिक्षक हैं, कद काठी सामान्य है,

Piyush(Anjali का भाई)- उम्र 25, ग्रेजुएशन की हुई है प्राइवेट कंपनी में काम करता है, सीधा साधा है अपने पिता की तरह,

Rani(Anjali की भाभी)- उम्र 23, मस्त गदराता हुआ बदन है, रंग भी गोरा है, बदन अभी भी भर रहा है जो बताता है आगे और कितनी कामुक बनने वाली है,

बड़ी माँ (लोकवाटि)- कालक गाओं की मुखिया यहाँ उन्ही का राज़ चलता है, भरा पूरा बदन है, एक दम कैसा हुआ मदमस्त पर बहुत टेडी खीर हैं ये.

चित्रावती- उम्र 19 की, कालक की राजकुमारी और सिर्फ पद से hi नहीं खूबसूरती से, आचरण से, गुणों से हर तरह से ये राजकुमारी hi है. बेहद सुन्दर और शालीन. हर तरह से खूबसूरत कन्या.

रमन- रिमझिम के पति उम्र 25, पोलिसवाले हैं, शरीर से तंदरुस्त पर इनके मन के अंदर बहुत कुछ भरा हुआ है जो इनकी ज़िन्दगी को घुमा के रख सकता है.

रमन के पिताजी- चरण सिंह (43).. पहले किसान थे अब बेटे की ज़िद्द की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स का एक शोरूम चलते हैं शहर में.. थोड़े से रंगीन मिजाज़ हैं पर हैं छुपे रुस्तम शरीर अब भी कैसा हुआ कसरत की वजह से.

रमन की माँ- माधुरी(42) ग्रहणी हैं, बिलकुल आम संस्कारी माँ, पर इनके कुछ ऐसे राज़ हैं जो सिर्फ ये hi जानती हैं... बाकि बदन से कामुक हैं गांड तो ढोल से भी ज़्यादा बड़ी लगती है..

रमन की बहन- ख़ुशी(20) पढाई कर रही है भरे हुए शरीर की है पर बिलकुल सही सही जगह से hi शरीर भरा हुआ है, इनका पिछवाड़ा तो ऐसा है की देखकर ट्राफ्फिक रुक जाता है.

रमन का भाई: चेतन(26) बाप के साथ मिलकर शोरूम चलते हैं, खुशमिजाज किस्म के हैं पर इनकी एक अजीबो गरीब कमज़ोरी है या बीमारी जिसके बारे में आगे पता चलेगा..

रमन की भाभी:- चंचल(24) गाओं की हैं, पर बदन बिलकुल कैसा हुआ और भरा हुआ, बिलकुल सरल स्वाभाव की सीढ़ी सधी, जिसके चक्कर में लोग इन्हे कभी कभी बेवकूफ भी समझ लेते हैं...

चंचल के पिता (उदयवीर)- गाओं के तहत किसान, मज़बूत बदन सीधे साढ़े इंसान.

चंचल की अम्मा (बिमला)- गाओं की संस्कारी नारी, बदन कैसा हुआ, चूचियां बड़ी बड़ी, गांड बिलकुल कासी हुई और गोल मटोल, भरा हुआ बदन.

नाना का परिवार

नानाजी- बलराज सिंह - गाओं के तहत किसान जिनका सारा जीवन सिर्फ खेती में बीता है, इतनी उम्र होने के बाद भी शरीर बिलकुल तंदरुस्त है, सिर्फ बाल hi सफ़ेद हुए हैं. काफी सादा इंसान हैं और बाकि आपको धीरे धीरे पता चल जायेगा.. पत्नी को गुजरे हुए काफी समय हो चूका है तो कभी कभी अकेला महसूस करते हैं.

मां- जमुना सिंह- मम्मी और मौसी दोनों से hi छोटे हैं, ज़्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं इन्होने भी बस खेती में hi ध्यान दिया हमेशा से, हंसमुख हैं, हर बात में ख़ुशी ढूंढ लेते हैं.

मामी- गुंजन- ये भी मां की तरह hi बेहद हंसमुख, हमेशा खुश रहने वाली हैं, बदन बिलकुल गदराया हुआ है साथ hi रंग भी खिला हुआ है, ये माँ की कॉपी लगती हैं बदन के हिसाब से वैसी hi चूचियां और वैसी hi गांड..

सागर- मां का लड़का, अनुज की उम्र का है, थोड़ा चुप रहता है, अपनी hi दुनिया में मगन रहता है, सुना है कुछ गलत सांगत में पद गया है तो उसका भी असर है.

किरण- सागर से एक साल छोटी है, बहुत hi सुन्दर है, बिलकुल अपनी माँ का रंग और वैसा hi बदन, चुलबुली सी लड़की है, हंसमुख है और थोड़ी बातूनी भी. बदन के मामले में पल्लू, लाडो नीतू किसी से भी काम नहीं है,)
 
कैन एनीवन हेल्प me...maine गिफ्स पोस्ट की थी बूत यहाँ ये सिर्फ पिक्टुरेस की तरह शो हो रहे हैं मुझे टेक्निकल इश्यूज का इतना आईडिया नहीं है सो प्लीज िफ़ अन्य ऑफ़ यू कैन हेल्प में.
 
अपडेट 1

लास्ट अपडेट में मैंने चरक्टेर्स के बारे में आपको बताया था, तो अब आगे की कहानी खुद कर्मा की ज़ुबानी..

(और ज़ोर से chooso...hn हं थोड़ा और अंदर लो येअहहहह अह्ह्ह थोड़ा और अंदर अह्ह्ह) सुबह मेरी नींद ऐसा सपना देखते हुए खुल गयी सपने में तो लुंड किसी के मुँह में था जाएगा तो खुद के हाथ में खड़ा हुआ लुंड tha....yani कुल मिलकर मेरी हालत वैसी hi थी जैसी सरे लड़को की होती hai...apne खड़े लुंड को थोड़ा सहलाते हुए मैंने अपनी आँखें पूरी तरह खोली और खुद को सपनो की दुनिया से रियलिटी में लेकर आया...

तभी पीछे से एक आवाज़ आई

माँ- उठजा अब कब तक सोता रहेगा?

में- सोने दो न माँ आज तो संडे hai..(Ye कहते हुए मैं पेट क बल लेट गया जिससे मेरा खड़ा लुंड माँ को न दिखे).

माँ- संडे है तो क्या पूरे दिन सोयेगा उठ जल्दी तेरे पापा तो बाघ में चले भी गए और तू सोता hi रहता है.

में- उफ्फो माँ उठ रहा हूँ अनुज कहाँ है?

माँ- वो बहार बैठा नाश्ता कर रहा है तू भी उठ और करले.

में- ठीक माँ अब चलो मैं आता हूँ...

(मेरा घर एक सिंगल स्टोरी घर है मतलब ऊपर रूम नहीं बने बस छत है और बैठने के लिए जगह है नीचे 4 रूम हैं 2 वाशरूम और किचन और हॉल सब नीचे है क्यूंकि गाँव के घर बड़े होते हैं इसलिए ऊपर बनाने की ज़रुरत नहीं पड़ी. एक रूम में माँ पापा और उनके बगल वाला रूम खली है माँ पापा क रूम के बहार एक वाशरूम है उनके गेट के बगल में hi और और फिर उन दो रूम्स क बाद किचन फिर मेरा रूम और फिर एक रूम अनुज का है)

इतना सुन कर माँ चली जाती है और मैं सोचता हूँ बच गया जो माँ ने मेरा खड़ा लुंड नहे देखा एक तो शॉर्ट्स में ये चिपटा भी नहीं hai..phir मैं वाशरूम में जाकर लुंड हिलाकर शांत करता हूँ और बहार आ जाता hun...but लुंड भी न एक बार हिलने से मान जाये ऐसा कहाँ hai...jaisa क आपको मैंने बताया है क मैं चुदाई का कितना भूखा हूँ सो उसी क ख्याल रहते हैं दिमाग में तो मैं हर लड़की क बारे में सबसे पहले ये hi सोचता हूँ क ये नंगी कैसे lagegi...isko छोड़ने कितना मज़ा आएगा पहले तो मेरा लुंड सिर्फ लड़कीओ को देख कर खड़ा होता था बूत अब तो आंटी भाभी सबको देखकर तन जाता hai...apne से बड़ी आगे की औरतों को देख कर ज़्यादा hi फुंकारता है मेरा नाग शायद ये ज़्यादा ब्लू फिल्म देखने की वजह से है..

खैर मैंने बहार आ कर नाश्ता करने लगा दोस्तों मैं आपको अपनी एक कमज़ोरी क बारे में तो बताना hi भूल गया मुझे लेडीज की वैस्ट बहुत सेक्सी लगती है खासकर सारी में से किसी की कमर और नैवेल दिख जाये तो मेरा लुंड तुरंत hi खड़ा हो जाता है.... तो हुआ भी तभी कुछ ऐसा ...

जब मैं नाश्ता कर रहा था तब माँ कुछ काम कर रही थी और उन्होंने साड़ी पहन राखी थी जो वो नैवेल से थोड़ा नीचे बांधती thi....to मेरी नज़र उनके चिकने पेट पर पड़ी, काम करने की वजह से उनका पल्लू थोड़ा साइड हो गया था जिससे उनका पूरा पेट और नैवेल नज़र ा रहा था...





फिर क्या था मेरा लुंड ये देखते hi खड़ा होने लगा... और कुछ hi पालो में पूरा खड़ा हो gaya...meri नज़र माँ की चिकनी कमर से हैट hi नहीं रही थी तभी माँ किसी काम से रूम में चली गयी तो मुझे होश aaya...phir मैं खुद को गाली देने लगा क अपनी माँ को देख कर तेरा लुंड कैसे खड़ा हो सकता hai...but लुंड के लिए वो सिर्फ कमर थी. तो हो गया वो khada...phir मैंने मुश्किल से लुंड को पाजामे में एडजस्ट किआ और निकल गया बहार अपने बाघ की तरफ..( यहाँ मैं बतादूँ क हमारा एक आम का बाघ है और हमारे सरे खेत भी उसी क इर्द गिर्द हैं और हमारी भैंस और गाय भी वहीं बंधी रहती हैं..)

जब मैं बाघ में पंहुचा तो देखा पापा एक भैंस को खोल रहे the..to मैंने पुछा

में- क्या हुआ पापा आप इसे खोल क्यों रहे हो?

पापा- इसका टाइम हो गया है न तो इसको करवाना है

में- क्या टाइम हो गया है पापा और क्या करवाना है?

पापा- अरे गधे, इसको प्रेग्नेंट करने का टाइम हो गया है तभी तो ये बच्चा देगी और फिर दूध दे पायेगी...

में- ओह ाचा तो आप किस्से करवाओगे इसे.

पापा- अरे है न वो बंधा हमारा छोटा भैंसा

में- पर पापा वो इसको कैसे कर सकता hai....ye भैंस तो उसकी माँ है..

पापा- अरे माँ वा कुछ नहीं होता अभी देख कैसे चढ़ता है वो इसके ऊपर और जैम कर karega...ek hi बार में प्रेग्नेंट कर dega...Maa बीटा कुछ नहीं होता अभी इसकी साडी गर्मी निकल देगा वो कुछ hi देर में

मैं पापा की ये बात सुनकर चुप हो गया बूत उनकी ये बात मेरे मन में घूमने लगी...

फिर पापा ने उन दोनों को साथ किआ तो भैंसा तुरंत अपनी माँ के पीछे गया और उसकी छूट पर सूंघा और फिर तुरंत अपना बड़ा सा लुंड लेकर उस पर चढ़ gaya...main उनकी ये चुदाई बड़े ध्यान से देख रहा था और मुझे आज का सारा सन याद आ रहा था वो माँ का चिकना पेट, मेरे लुंड का खड़ा होना और पापा की कही ये बात भी मुझे बार बार अपनी और खींच रही thi.or अनजाने में मेरा लुंड उनकी चुदाई देखते हुए खड़ा हो gaya..maine फिर उसे एडजस्ट करके पाजामे में chupaya...or कुछ देर देखने के बाद मैं वहां से निकल गया फिर मैं घर आया कॉलेज का कुछ काम था वो किआ.. अनुज से थोड़ी लड़ाई हुई जो भाइयों में होती रहती है और फिर टीवी देखते देखते सो गया...

शाम को खाने के टाइम अनुज ने उठाया और बोलै

अनुज- उठ जाओ खाना खा लो माँ बुला रहे है...

में- तू चल मैं हाथ धोकर आता हूँ.

फिर जाकर मैं सबके साथ खाना खाने बैठ गया मैं, पापा और अनुज खा रहे थे और माँ हम सबको खाना दे रही thi...to खाना देते हुए जब माँ झुक रही थी तो मेरी नज़र फिर माँ के पेट पर चली गयी. और मुझे फिर से सब वो याद ा गया जो सुबह हुआ tha...maine खुद को कण्ट्रोल करते हुए अपनी नज़र ऊपर करने लगा बूत पल्लू साइड होने की वजह से फिर मुझे उनके ब्लाउज के अंदर से झांकती हुई छुछिया दिख गए और आज मेरे दिल में पहली बार ये ख्याल आया के माँ की छुछिया कितनी बड़ी है और कितनी सुन्दर और टाइट लग रहे hain..or मैं उन्हें देखता hi रह gaya...tbhi एक आवाज़ से मेरा ध्यान टूटा

माँ- कर्मा तू कुछ और लेगा क्या...

मेरे मुँह से अपने आप निकल गया

में- Doodd...aree वो माँ मैं अभी नहीं लूंगा बस दूध पि कर सो जाऊंगा...

इतना कह कर मैं अपने रूम में आ गया और लेट gaya....letkar मैं आज जो बी सब हुआ उसके बारे में सोचने लगा पहले तो मैं खुद को कोसने लगा क अपनी माँ की बॉडी को देखकर तू ये सब सोच रहा है फिर वो पापा की बात याद आई क माँ बीटा कुछ नहीं होता बस गर्मी शांत करनी होती hai..but इस कन्फूसिओं क बाद भी मैं एक चीज़ तो सोच रहा था के माँ हैं बहुत hi सेक्सी लगता hi नहीं के दो बच्चो की माँ hai...itna सेक्सी बदन बड़े बड़े chutad...badi छुछिया चिकनी कमर सपाट pet..main सोचने लगा के माँ नंगी कैसी दिखती hogi..unke चूतड़ कैसे दीखते होंगे





बूत मैंने खुद को इन खयालो से हटाने क लिए सोचा के ब्लू फिल्म देखता हूँ और मैं देखने लगा बूत बहुत साडी देखने के बाद भी मुझे कुछ ऐसा फील नहीं हुआ क मुझे इसे देखकर हिलना chahiye..bahut देर देखने के बाद भी जब कोई फायदा नहीं हुआ तो मैं उठ कर रूम से बहार आ गया पानी पिने के लिए.. जब मैं किचन में पंहुचा तो मुझे हांफने की आवाज़ आई और थोड़ी खुसर पुसार ki..mujhe समझते हुए देर न लगी की ये ज़रूर माँ पापा के रूम से आ रही है और वो लोग चुदाई कर रहे हैं...

ये सोच कर मेरा लुंड तुरंत और टाइट हो gaya..or मेरा मन करने लगा के मैं भी उन्हें चुदाई करते हुए dekhun...ek मन बोल रहा था ये बहुत गलत है बूत लुंड कह रहा था अबे देखते हैं और माँ को भी नंगा. देखने का मौका मिल jayega...phir लुंड के आगे दिमाग हार गया और मैं दबे पाँव उनके रूम की तरफ चल diya..jaise जैसे मैं आगे बढ़ रहा था आवाज़ और तेज़ होती जा रही थी...

आगे की कहानी अगली अपडेट में प्लीज सुग्गेस्टियन्स और फीडबैक देते रहे...
 
गाइस प्लीज तेल्ल में व्हाई गिफ्स नॉट वर्किंग हेरे ी ऍम उप्लोअडिंग गिफ्स एंड इतस शेविंग ओनली पिक्टुरेस इन थे story..and प्लीज रीड एंड गिव फीडबैक ों स्टोरी
 
लास्ट अपडेट में आप ने देखा कैसे कर्मा अपने माँ बाप की चुदाई देखने क लिए आगे बढ़ता है, अब आगे....

अपडेट 2

जैसे जैसे मेरे कदम आगे की तरफ बढ़ रहे थे मेरे दिल की धड़कन तेज़ होती जा रही thi...lund में भी एक अजीब तनाव सा आ गया था जो इससे पहले कभी नहीं देखा tha..ek तरफ दर भी लग रहा था की अगर किसी को पता चलेगा तो क्या होगा बूत फिर भी हिम्मत करके मैं उनके गेट पर पहुंच gaya..but अंदर उनका गेट बंद था था इसीलिए कुछ देख नहीं सकता था बूत माँ की आवाज़ें आ रही थी....

माँ- ओह्ह हैं आह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह और तेज़ मारो फाड़ दो मेरे राजा मेरी छूट को.... पूरा दिन बहती रहती hai...ahhhh अह्हह्ह्ह्ह मसलो मेरे चुच्चो ko....khaa जाओ..

अपनी पारिवारिक माँ क मुँह से ऐसी बातें सुन कर मैं दांग रह गया मेरा लुंड और टाइट हो gaya...idhar पापा तेज़ तेज़ माँ को छोड़ रहे थे और बोल रहे थे...

पापा- साली तेरी छूट आज भी बहुत टाइट और मज़ेदार hai...bahar निकलती है तो तेरी मोती गांड को देखकर hi लुंड खड़े हो जाते hain...ye ले आअह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह ये ले .....मेरा पूरा लुंड खाजा अपनी छूट से...

मेरा अब और मन कर रहा था के मैं देखूं कैसे भी karke..maine गेट से झाँकने की कोशिश की बूत कोई फायदा नहीं tha..mujhe लगा ऐसे गेट के पास खड़े रहना खतरे से खली नहीं है कहीं पीछे से अनुज आ गया to...isliye मैं माँ पापा के रूम से लगा हुआ जो वाशरूम है उसका गेट चेक किआ और उसमे घुस गया और कहते हैं न जो होना होता है वो अपने आप अपना रास्ता ढूंढ लेता hai..jab मैंने वाशरूम का दूसरा गेट जो की उनके रूम के अंदर खुलता था वो चेक किआ तो वो अंदर से लॉक नहीं था मेरी तो किस्मत hi खुल गयी....

मैंने गेट को बहुत धीरे से बिना किसी शोर किये खोलने क लिए हाथ आगे बढ़ाया.. एक्ससिटेमेंट से मेरा हाथ काँप रहा था गेट खोलते हुए पर मैंने फिर थोड़ा सा गेट खोला एक इंच क करीब और उसमे अपनी आँख टीकाकार देखने लगा तो जो नज़ारा मेरी आँखों के सामने आया उसे देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह gayi...samne मेरे माँ पापा चुदाई कर रहे the...Maa अपना मुँह पापा के पैरो की तरफ करके उनका लुंड छूट में लेकर उछाल रही थी जिससे उनकी मुँह मेरी तरफ था और मुझे उनकी पूरी बॉडी नंगी दिख रही thi.....kya कहूं इतनी सेक्सी लग रही थी मेरी Maa....unke बड़े बड़े और कासी हुई छुछिया उनके उछलने के साथसाथ ऊपर नीचे हो रही थी उनका चिकना पेट सेक्सी navel...dekh कर मेरा हाथ अपने आप मेरे लुंड पर चला गया और मैं कब अपना लुंड पाजामे से बहार निकल कर हिलने लगा मुझे खुद भी पता नहीं chala......unki टाइट छूट में पापा का लुंड अंदर बहार होता हुआ साफ़ दिख रहा था





मैं ुन्बे देखते हुए अपना लुंड पकड़ कर ज़ोर से मुट्ठी मरने लगा और माँ की पूरी कामुक नंगी बॉडी को देखता hi जा रहा tha..ek सपनो जैसी दुनिआ में खो गया था जिसमे सिर्फ माँ की नंगी बॉडी थी और मैं था.. फिर माँ की एक ाः की चीख से मेरा ध्यान बापिस aaya....Maa की चीख और हाव भाव से पता चला की माँ झाड़ गयी है ..और वो ढीली होकर पापा क ऊपर hi गिर gayi...Papa का लुंड उनकी छूट से निकल gaya...lund निकलते hi उनकी छूट का मुँह वैसा hi खुला रह गया और मैं उसे देखता hi रह गया... छूट से रास निकल रहा था उसके अंदर का लाल हिस्सा बहुत कामुक लग रहा था एक बार तो मन हुआ क अभी जाकर लुंड घुसा दूँ... पर अपने नसीब को कोस कर बैठा raha...idhar उन्होंने अपनी पोजीशन चेंज कर ली थी और माँ फिर से चुद रही थी क्यूंकि पापा अभी नहीं झड़े the..or अब उन्हें कुटिया बना कर छोड़ रहे थे....





पापा जब लुंड अंदर डालते तो उनके हिप्स माँ के बड़े चूतड़ों से टकराते और उनके बड़े तरबूज़ जैसे चूतड़ हिल जाते पूरी तरह ये नज़ारा देख कर मेरे लुंड ने अपना रास गेट पर hi छोड़ दिए ... बूत हैरानी की बात ये थी की पानी निकलने के बाद भी मेरा लुंड उतना hi टाइट हो कर खड़ा था और मैं फिर उसे पकड़ कर मुठियाने लगा...

माँ अपनी गांड पीछे कर कर के लुंड अपनी छूट में ले रही thi..or चिल्ला रही थी..

माँ- आह छोड़ो मेरे राजा अपनी रांड की छूट फाड् दो... अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह बहुत तरसती है ये लुंड क लिए....

पापा- साली कितनी चुड़क्कड़ औरत है तू कल रात hi तेरी छूट और गांड फाड़ी और अब बोल रही है तरसती है हं अह्हह्ह्ह्ह इतना छोड़ने के बाद भी तेरी छूट टाइट कैसे है इसका तो भोसड़ा बन जाना चाहिए था ...

माँ- आह्ह्ह्हह अह्ह्ह आह्ह्ह्हह पता नहीं क्यों अगर कुछ घंटे hi लुंड न मिले तो मेरी छूट सिकुड़ जाती है और पानी बहाने लगती है तुमने hi ...आह्ह्ह्ह अह्ह्ह अहह छोड़ छोड़ड़ड़ड़ड़ड़ क ऐसी आदत लगवा दी है क लुंड के बिना गुज़ारा hi नहीं होता...

ये कहकर वो अपने छुछियां भींचने lagi....or पापा उनके चूतड़ दबाते हुए माँ को और तेज़ छोड़ने लगे और माँ की भी ाः आह्ह्ह्ह और तेज़ हो गयी और इधर मेरा हाथ भी लुंड पर और तेज़ हो gaya.....kuch देर क बाद अचानक माँ की ाः बंद हो gayi...or सिर्फ थप ठप्प थप की बहुत तेज़ आवाज़ें आ रही थी पूरे रूम में .... पापा माँ को बुरी तरह से छोड़ रहे थे और माँ दोबारा झड़ने की कगार पर थी और पापा का भी निकलने वाला था अचानक से पापा ने माँ की कमर को ज़ोर से पकड़ा और अपने हिप्स का झटका बहुत तेज़ से मारा जिससे वो पूरी तरीके से माँ के चूतड़ों से चिपक गए और मेरी माँ के बड़े चूतड़ डाब gaye...aisa लग रहा था पापा ने माँ को अपने लुंड पर तंग लिए है वो उन्हें ऐसे पकडे हुए थे और वो फिर माँ की छूट में hi झाड़ gaye...or माँ भी इस झटके को बर्दाश्त नहीं कर पाई और उनकी छूट ने भी अपना रास उगल दिए पापा के लुंड par...unke झड़ते hi मैंने भी अपना मुँह भींच कर अपना रास एक बार फिर गेट में नाम कर diya...meri साँसे बहुत तेज़ चल रही थी क मुझे अचानक बीएड पर कुछ हरकत होते हुए दिखी मैंने देखा तो माँ उठ रही थी और वाशरूम की तरफ आने को थी मैं घबरा गया फिर अचानक रियेक्ट करते हुए मैंने अपने आप को संभाला और दुसरे गेट से तुरंत निकल gaya.....mujhe गेट खुलने की आवाज़ आई लेकिन तब तक मैं किचन तक आ चूका tha...or फिर मैं देर न करते हुए अपने रूम में घुस gaya...or बीएड पर आकर पसर gaya....mujhe जो भी आज मैंने देखा उस पर यकीं नहीं हो रहा tha...meri इतनी आदर्शवादी माँ जिसके मुँह से कभी गाली भी नहीं सुनी वो इतनी चुड़क्कड़ है और ऐसे गाली दे देकर छुड़वाया करती hai...or उसकी ये बात क दिन भर मेरी छूट प्यासी रहती hai..main सोचने लगा ये वो hi माँ है जिसे देखके दिन mein.ye लगता hi नहीं क सेक्स से इनका दूर तक का भी नाता hoga...but है तो वो भी एक औरत hi na...or फिर पापा की वो बात याद आई तो सोचा छूट तो छूट होती है चाहे माँ की हो या किसी की भी..

खैर पर इन सब बातो का नतीजा ये हुआ क जो गिल्ट मुझे अपनी माँ के बारे में सोचने पर हो रही थी उसकी जगह अब एक्ससिटेमेंट ने लेली अब मुझे उनके नंगे बदन को याद करके हिलने में बहुत मज़ा आ रहा tha...or पानी गिराने के बाद मैं ऐसा hi सो गया....

सुबह जब आँख खुली तो मैंने देखा क मैं चद्दर ओढ़ कर सो रहा हूँ अंदर देखा तो मैं चद्दर क नीचे नंगा था क्यूंकि रात को हिलाते वक़्त मैंने अपना पजामा और अंडरवियर उतर दिए tha..od मुझे याद है क मैं बिना चद्दर क hi सोया था तो मुझे किसने चद्दर से ढाका और जिसने भी किआ होगा उसे मैं नंगा ज़रूर दिखा hounga....kaun हो सकता है ये सोचते सोचते मैं उठा और वाशरूम जाकर फ्रेश हुआ और बहार आ कर माँ को आवाज़ दी..

में- माँ चाय कहाँ है मेरी.?

माँ- अभी ला रही हूँ रुक..

मैं सोचने लगा कहीं वो माँ तो hi नहीं थी जिसने मुझे नंगा देखा...

तभी माँ आए चाय लेकर..

में- माँ पापा और अनुज कहाँ हैं?

माँ- पापा तो बाघ पर hi गए हैं और अनुज शायद अपने दोस्त क साथ निकल गया...

में- ाचा माँ तो आज का क्या प्लान है आपका?

माँ- हाँ मेरा बड़ा प्लान होता है बस ये घर के काम से फुर्सत मिल जाये बहुत है...

में- माँ आप कहो तो मैं करवाडुं आपका काम...

ये बात मैंने उनके रात के रूप को याद करके कही...

माँ- नहीं घर का काम मैं कर लुंगी तो बस अपने पापा की मदद कर जाके...

में- ठीक माँ चला जाऊंगा...

मैंने बहुत सोचा बूत माँ का बर्ताव डेली जैसा hi था मुझे कुछ भी अजीब नहीं लगा तो मैंने सोचा शायद मैंने hi चादर ले ली होगी नींद में .बेकार में कंफ्यूज हो रहा hun...phir मैं नास्ता करने laga...to माँ ने बोलै

माँ- चल तू नाश्ता ख़त्म कर मैं बाकि का काम निपटती हूँ ये कहकर वो जाने lagi..or मैं उनको जाते हुए उनकी बड़ी गांड को देख रहा tha...mera लुंड टाइट होने laga...main सोचने लगा पापा कितने लकी हैं जो हर रात को इस गांड के साथ खेलते हैं....





मैं फिर हमेशा की तरह लुंड को एडजस्ट करके बाघ की तरफ निकल gaya...raste में जाते हुए मुझे पीछे से किसी ने आवाज़ दी....

मैंने मुद कर देखा तो ये ममता चची थी ( गाँव में हम अंकल या आंटी नहीं बोलते इसलिए ताऊ और तै या चची या चाचा कह कर सबको बुलाते हैं.)

ममता चची मेरी गली में hi रहती थी उनके घर में तीन लोग थे

1 राजन चाचा आगे 40

थोड़ी सी तोंद निकली हुई पापा के अचे दोस्त हैं..

2 पल्लवी आगे 18 इयर्स

बिलकुल hi मस्त 18 साल की लड़की, मुझे भैया कहती है तो कभी गलत नहीं सोचा, बूत इसके बारे में मैंने सुना है कई लोगो से की इसका चक्कर मेरे भाई अनुज से चल रहा hai..mujhe भी डाउट था बूत मैंने सोचा जवान है उनकी लाइफ है मैं क्यों टेंशन लूँ..

ये है पल्लवी..





इतनी सी उम्र में भी बूब्स और गांड बहुत बढे बड़े hain..or हो भी क्यों न अपनी माँ पर जो गयी है ममता चची के भी सब कुछ बड़े बड़े हैं...

ममता चची आगे 38

एक डैम फ्रैंक नेचर सबसे हंस कर बात करना और ये मज़ाक भी बहुत करती हैं वैसे wale...double मीनिंग बातें भी करती हैं...

ये हैं ममता चची

बूब्स और गांड साइज आप खुद देख लीजिये





में- नमस्ते चची

ममता स- नमस्ते Bachha..acha हुआ तू मिल गया ..नहीं तो मुझे इतनी दूर जाना पड़ता...

में- क्या हुआ चची कोई परेशानी

ममता स- अरे नहीं बचुआ कोई परेशानी नहीं बस वो अचार डालना था तो आम चाहिए था तो बाघ में जा रही थी अब तू hi मिल गया है तो तू hi लाडे मुझे घर का भी बहुत काम करना है....

में- बिलकुल चची ले आऊंगा कितने आम चाहिए...

ममता स- 5 कग ले आइओ सुन थोड़े कच्चे आम hi तोडना बच्चा उनका आम ाचा पड़ता है..

में- क्या Chachi...mujhe तो पक्के आम बहुत पसंद हैं...

ये कहते हुए मेरी नज़र उनके ब्लाउज से बहार दीखते हुए आम पर मेरा मतलब है छूछीयो पर चली गयी.... ममता चची ने भी शायद देख लिए तो बोल पड़ी

ममता स- अरे बच्चा तुम आओ तो सही तुमको पक्के आम हम खिला देंगे तुम अभी कच्चे hi ला दो..

मैंने जैसे बताया ममता चची बहुत मज़ाकिया हैं और डबल मीनिंग बातें करने में इनको बड़ा मज़ा आता hai..to मैंने भी बोल दिए

में- चची आपके आप मीठे तो होंगे न...

ममता स- बचुआ तूने इतने रसीले आम कभी नहीं चखे होंगे तू कभी चखने आ तो सही..

में- फिर तो बढ़िया है चची मैं अभी आपके लिए बाघ से आम तोड़कर लाता हूँ.. तभी आप अपने आम खिला देना...

इतना सुनकर चची हँसते हुए कहने लगी...

ममता स- हमारा बचुआ बड़ा हो गया है लगता hai..ab बातों में मत लग और जा आम लेकर आ...

में- चची आपके लिए तो मैं छोटा hi हूँ भले मेरा कितना भी बड़ा क्यों न हो jaye...he हे हे

ममता स- अब जा दुष्ट है पूरा तू भी....

चची ये कहते हुए चली गयी और मैं भी उनकी गांड देखकर लुंड खुजाने लगा और अपने बाघ की और निकल गया...

बाघ में पहुंच कर पापा को बोलै क..

में- 5 कग आम तोड़ दो कच्चे ममता चची ने मंगाए हैं..

पापा- अचार डालने क लिए मंगाए होंगे..

में- हं पापा आप तोड़ दीजिये मैं दे आऊंगा अभी मंगाए हैं...

फिर मैंने और पापा ने मिलकर आम तोड़े और फिर एक थैले में भर दिए और मैं चची के घर की और निकलने लगा तो पापा बोले..

पापा- सुन कर्मा तू पैसे वगेरा की बात मत करना कुछ ममता se..wo दे भी तो मत lena...boldena क पापा से बात करलो..

में- ठीक है पापा मैं वैसे भी नहीं लेता...

पापा- चल ठीक है जा तू...

इतना कहकट मैं बाघ से ममता चची के घर की और निकल गया...

अब आगे ममता चची ने कर्मा को आम खिलाये या nahi...ye सब पता चले नेक्स्ट अपडेट mein...aap लोग प्लीज फीडबैक देते रहे जिससे ये पता चलता रहे मुझे के मैं सही से लिख भी रहा हूँ या नहीं... शुक्रिया.
 
जो भी साइलेंट रीडर्स है. प्लीज साइलेंट न रहे और अपना बस कुछ समय निकाल कर फीडबैक देते रहे जिससे स्टोरी लिखने में और मज़ा आता है....
 
लास्ट अपडेट में अपने देखा क कर्मा और पापा आम तोड़ते हैं और उन्हें ले कर कर्मा ममता चची के घर क लिए निकल जाता है... अब आगे

अपडेट 3
मैं आम का थैला लेकर ममता चची के घर की तरफ चल diya..but चलते हुए मुझे बहुत hi एक्ससिटेमेंट हो रही थी की न जाने ममता चची क यहाँ क्या hoga...kya उन्होंने जो भी कहा वो सच था या वो मुझसे मज़ाक कर रही थी... क्या वो आम मुझे सच में मिलेंगे चूसने को ये सोचते hi मेरा लुंड फिर से टाइट हो गया.. बूत अभी हिला तो सकता नहीं था तो फिर एडजस्ट किआ और उनके घर की और बढ़ gaya...wahan पहुंच कर मैंने गेट खत खतया तो गेट खुला और मेरे सामने पल्लवी कड़ी thi...wo मुझे देख कर मुस्कुराई और बोली...

पल्लवी- अरे भैया आइये अंदर आइये....

में- कैसी हो पल्लवी?

ये बोलकर मैं आंगन में पढ़ी खत पर जाकर बैठ गया

पल्लवी- मैं बहुत अछि हूँ भैया.. आप तो अब घर कभी आते hi nahi...aaj बी काम था इसलिए आये बस..

में- ाचा पागल मैं नहीं आता तो तू बड़ा आती है ghar...ye नहीं जाकर अपनी तै जी की मद्दद करवा दे और अनुज से बी मिल लिए कर....

पल्लवी अनुज का नाम सुनकर शर्मा गयी ...और झिझकते हुए बोली

पल्लवी- अब ज़रूर आउंगी भैया वो पढ़ाई में थोड़ी बिजी थी...

में- चल पढ़ाई तो अछि बात है बूत इतना भी बिजी मत हो जा क सब को भूल जाये... अच्छा चची कहाँ है कहीं दिख नहीं रही?

पल्लवी- वो मम्मी छत पर कपडे डालने गयी हैं बस आती hi होंगी

पल्लवी के इतना कहते hi आवाज़ आई

ममता स- कौन आया है पल्ली?

में- मैं हु चची.

मैंने इतना बोल कर नज़र घुमाई उनकी तरफ तो देखता hi रह gaya...is वक़्त मां चची सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में thi...or उनकी चिकनी kamar..sapaat pet..gahri naabhi...bahut सेक्सी लग रही थी उन पर नज़र पड़ते hi मेरा लुंड हरकत करने लग gaya..kya कमर थी चची की बहुत hi चिकनी उस पर अभी नहाने की वजह से कुछ पानी की बूंदे फिसल कर मस्ती कर रही थी मन तो कर रहा था अभी उन बूंदो को चाट लूँ और उनकी पूरी कमर को मसलन और chaatun...unki नाभि में जीभ दालु..





मैं इन्ही खयालो में खोया हुआ था जब चची ने बोलै...

ममता स- अरे कर्मा बच्चा आ गया tu...aam भी ले आया चल बहुत ाचा किआ बीटा... पल्लू तू क्या देख रही है कड़ी कड़ी भैया के लिए चाय बना....

में- अरे नहीं चची चाय नहीं पिणि..

ममता स- ऐसे कैसे नहीं पिणि पल्ली तू जा बना के ला

इतना सुनकर पल्लवी चाय बनाने चली गयी..

और चची वैसे hi पेटीकोट ब्लाउज में मेरे पास आकर बैठ gayi...meri नज़र उनके पेट और ब्लाउज में कासी उनकी छूछीयो से हैट hi नहीं रही थी और मेरा लुंड पूरी तरह जाग कर मेरे पाजामे पर दस्तक दे रहा tha.or मैंने उसको छुपाने क लिए अपनी टंगे मोड़ ली और उसे एडजस्ट किआ जितना कर सकता था बिना चची को पता लगे..

ममता C-acha कर्मा बच्चा चाय नहीं पियेगा तो कुछ और बनवा दू बता अभी चढ़ाई नहीं होगी पल्ली ne...par तूजगे कुछ न कुछ तो लेना hi पड़ेगा...

में- अरे चची मैं तो यहाँ पके हुए आम चखने आया था वो चखाओ...

ममता चची मेरी ये बात सुनकर पहले तो थोड़ी शोक हुई फिर शर्मा कर हंसने lagi...or बोली

ममता स- तू भी बहुत दुष्ट होता जा रहा है. लगता है दीदी से कह कर जल्दी hi तेरी शादी करनी पड़ेगी...

में- क्या चची आम खाने क लिए शादी की क्या ज़रुरत hai....or वैसे भी आपने तो बोलै था क आपके आम बहुत रसीले हैं तो मुझे तो बस आपके आम खाने हैं...

ये बात मैंने उनकी ब्लाउज से नहर आती हुई छुछिया देखते हुए boli....to जब उन्होंने मेरी नज़र का पीछा किआ तो वो भी समझ गयी मैं क्या देख रहा हु तो वो थोड़ी और असहज हो गयी और शर्मा gayi..or कुछ सोचते हुए मुस्कुराते हुए बोली...

ममता स- ाचा तो तुझे मेरे आम hi खाने hain...par मैंने आम तो तेरे चाचा के लिए बचा कर रखे हैं वो hi कहते hain..unhe भी बहुत पसंद हैं....

चची से ये बात सुनकर मेरा हाल और बुरा हो गया मेरा लुंड बिलकुल टाइट हो गया था और अब मुझसे चुप नहीं रहा tha...phir भी मैं थोड़ा उनसे साइड हुआ और लुंड को दबाते हुए मुँह बनाकर बोलै...

में- क्या. चची आप मुझे प्यार hi नहीं करती.. चाचा को तो रोज़ आम चुस्वाति हो और मुझे मन कर रही हो...

ममता C-are मेरा बच्चा तू तो मुझे सबसे ज़्यादा प्यारा hai...gussa न हो

इतना कहकर चची मेरेकरीब आकर मेरे सर पर हाथ फिरने lagi...but उनके पास आने से मेरी परेशानी और बढ़ गयी अब टस्क कैसे भी मैंने लुंड छुपा कर रखा था वो सब साफ़ सात दिख रहा tha...or उनके बड़े बूब्स और करीब से देख कर मेरा लुंड फुंकार रहा था और इतना टाइट हो गया था क अब दर्द भी हो ने लगा था ...

में - अहह तो फिर आम चुसो न चची..

मेरी लुंड के दर्द से अहह निकल गए. पर मेरी नज़र उनकी छूछीयो और पेट से हैट hi नहीं रही thi...maine अपने लुंड का उभर हाथो से छुपा रखा था.

ममता स- अरे चूस लेना बच्चा किसी दिन आराम से, और क्या हुआ तुझे आठ क्यों कर रहा है तेरी तबियत तो ठीक है न....

में- हाँ चची मैं ठीक हूँ, बूत एक बात कहूं आप बहुत खूबसूरत ho....chacha बड़े लकी हैं क आप उन्हें मिली...

ममता C-Baatein मत बना ये बता हुआ क्या है ला हाथ दिखा कहीं तुझे बुखार तो नहीं...

में- नहीं चची मैं...

मैं इतना hi बोल पाया की चची ने मेरा हाथ पकड़ लिए और हाथ हटते hi पाजामे में बना तम्बू और ऊपर हो गया और उनकी नज़रो के सामने ा गया... और जैसी hi उनकी नज़र उस पर पड़ी वो शॉकेड हो गयी और उसी की तरफ देखे जा रही थी उनके मुँह से बद्र धीरे से निकला

ममता स- है दय्या....

मेरा एक हाथ अब भी उनके हाथ में था बूत मेरा दूसरा हाथ हैसे उसका खुद का hi दिमाग हो अपने आप उनकी कमर पर चला gaya...or उनके चिकने पेट पर हाथ पड़ते hi मेरा लुंड झटके मरने laga..or ये देखकर उनका मुँह खुल गया....

में- चची तुम्हारा पेट बहुत चिकना है बिलकुल हीरोइन की तरह...

चची कुछ नहीं बोली बस उसकी तरफ देखे जा रही thi...unke फेस से लग रहा था वो कुछ बोलना छह रही हैं बूत शहद उनके मुँह से बहार hi नहीं आ rahe....but थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना थूक गतका और बोली...

ममता स- तेरा हथियार तो बहुत बड़ा है कर्मा...

मैंने उन्हें और खोलने क लिए बोलै

में- कौनसा हथियार चची, मेरे पास तो कोई हथियार नहीं है

ये कहते हुए मैं अपना हाथ उनकी नंगी कमर पर चला रहा था मैंने थोड़ा सा उनका पेट मसल भी दिए... उनके मुँह से आह्हः निकल गए...
 
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