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अपडेट-37 (स्नीक पीक सीरीज-1, किचन)
समय बीतता गया और अलका कैग हाव् अब भने लगे थे यानि वो अब पहले से नार्मल हो चुकी थी लेकिन इस दौरान भी माँ bête की मस्ती रूकती नहीं है.. ये और बात है की विशाल अलका को छोड़ नहीं रहा था लेकिन मौका पाते hi उसके कामुक बदन के हर हिस्से को अपने हाथो से मालने का कोई मौका नहीं चोरता था.. अशोक का घर इ होना उसे और ज्यादा एडवेंचर्स एंड एक्ससिटेड बना रहा था…
पहले अशोक के होते हुवे उसकी पत्नी और अपनी माँ अलका को अपने कमरे में और फिर अगले दिन अशोक के सामने hi उसकी बीवी को रगड़ के छोड़ना इनसब ने विशाल और अलका के सेक्स एडवेंचर को एक अलग hi मुकाम पे ला दिया था… अब दोनों को hi अशोक के सामने उसके नाक के निचे एक दूसरे से छेद चढ़ करने में किक मिल रही थी…
हालाँकि अलका विशाल को बहुत कोशिश करती है रोकने का पर विशाल अब इनसब में आगे निकल चुक्का था ो अलका के लाख मन करने पे भी उसके साथ वो सब करता जो उसका मन होता..
ऐसे hi एक दिन अलका किचन में खाना बना रही थी… अशोक ड्राइंग रूम में बैठा टीवी देख रहा था और विशाल जस्ट कॉलेज से आया था…. कॉलेज से क्या आया था ो बंक कर के जल्दी आ गया था क्यूंकि उसका सारा दिमाग में तो अलका का मादक शरीर घूमता रहता है..

घर आते hi विशाल अपने बाप के बगल के कुर्सी पे बेथ जाता है.. उसके आने की आहात अलका को भी हो hi गयी थी और उसे पता था की अब विशाल जरूर आएगा किचन में किसी बहाने से पर अशोक तो सामने hi बैठा है उफ्फ्फ्फ़ ये लड़का किसी दिन पक्का मरवाएगा.. यही सब सोचते हुवे वो कनखियों से हॉल की तरफ देख भी रही थी और अपना काम भी कर रही थी…
घर आते hi उसने सब को hi हेलो किया और अशोक से बाटे करते हुवे भी उसकी नजरे हर वक़्त की तरह अभी भी अलका को धुंध रही थी… और जल्द hi उनकी निगाहे अपना शिकार ढूडन लेती है.. विशाल खान ेके बहाने से किचन में घुस जाता है…
विशाल किचन में घुसते hi अलका के पीछे जा के चिपक जाता है….
विशाल uuuuuuuuuuhhhhhhhhh माआ क्या खुसबू है तेरे बदन की एक पल के लिए भी दूर नहीं रहा जाता…
अलका- ह्ह्हह्हह्हुउउउउउउउ क्या कर रहा है विशु अशोक सामने hi hai..dekh लेगा … तू मंटा क्यों नहीं…
अशोक सामने है देख लेगा सुन के विशाल एक्ससिटेड हो जाता है और झटके से अपने माँ के ड्रेस को सोल्डर से निचे गिरा देता है…

ड्रेस के ऑफ सोल्डर होते hi अलका के चुके आज़ाद हो जाते है जिसे विशाल बड़े बेरहमी से मसलने लगता hai..vishal का इतने से भी मन नहीं भरता की वो अलका के ड्रेस को और ज्यादा निचे खिसकने लगता है अलका अपने ड्रेस को पकड़ के उसे उतरने से रोकने की पूरी कोशिश करती है पर विशाल देखते देखते अलका को किचन में बिलकुल नंगा कर देता hai..dress के उतर जाने से उसके चुचिओ के साथ उसकी छूट और गांड बिलकुल आज़ाद thi..alka किचन में बिलकुल नंगी अपने बेटे के लुंड पे अपनी गांड घिस रही थी और उसका बीटा अपना खड़ा लुंड अलका के के गहरे दरारों में घुसते हुवे अपनी माँ के गार्डन को चुम रहा tha.....ashok के मौजूदगी में अलका इतना आगे कभी नहीं निकली थी जिसके वजह से आज अलका के दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से दौड़ने लगती है वो विशाल को जितना चोर्ने को कहती विशाल उतना hi आगे बढ़ता जाता है.. जिस से थक के वो विशाल के बहाव में बहने लगती hai…ashok इस बात ने अनजान की उसका बीटा अणि माँ को छोड़ रहा है वो अपने काम में व्यस्त था..
अलका- चोर दे विशाल वर्ण गज़ब हो जायेगा तेरी शरारतदीन पे दिन बढ़ती जा रही है…
विशाल अलका को चोर्ने की जगह निचे बेथ जाता है और अलका के छूट और गांड को चाटने के लिए अपनी जीभ निकल लेता है…

अलका को विशाल के इस हरकत से तेज़ गुदगुदी होती है जिसका असर ये था की वो जोर जोर से सब्जिया काटने लगती है… वो अपने छूट के गर्मी को और उस से निकल रहे ऊर्जा को चाकू पे लगाने लगती है…
अलका- aaaaaaaahhhhhhhhhhh aaaaaauuuuuuuuuuhcccccccccccchhhhhhh
तभी अशोक की आवाज़ आती है..
अशोक- अरे कितना जोर लगा के काट रही हो सब्जी काट रही होय ा लोहा???
अशोक के ावा कानो में पड़ते hi अलका विशाल को लात मार के खुद से दूर कर देती है..
अलका- वो चाकू में धार काम हो गयी है इसलिए डैम लगाना पड़ा रहा है
अशोक- ाचा रुको मैं ठीक कर देता हु..
ये सुनते hi अलका की तो मनो गांड hi फैट जाट है… वो बात को सँभालते हुवे कहती है नहीं नहीं अब तो हो गया आप अपना काम करो टेंसन न लो..
अशोक अलका से बात करते वक़्त मोबाइल पे ईमेल पढ़ रहा था जो उसके शिप कम्पनी से आया था.. अगर उसने एक बार भी नज़र घुमा लिया होता तो उसे पता लग जाता की जोर क्यों लगाना पद रहा है…
अलका फिर विशाल से कहती है अभी तू मरवा देता… कुछ तो शर्म कर ले भोसड़ीवाले बाप के सामने माँ को छोड़ने की सोच रहा है..
विशाल हस्ते हुवे अलका को पकड़ के उसके होंटो पे किश करने लगता है जिसका अलका विरोध कर रही थी तो विशाल उसे अपना लुंड दिखते हुवे कहता है इसका इलाज कर दो चला जाऊंगा..
अलका- इतनी जल्दी नहीं होता तेरा ..
विशाल- ाचा एक बार किश कर के मुँह में ले तो लो..
Alka-fir तू चला जायेगा न??
विशाल- हाँ..
अलका भी मज़बूरी में निचे बैठे के विशाल के खड़े लुंड को मुँह में भर के चूसने लगती है

..अभी उसने मुँह में डाला hi था की विशाल एक जोर का धक्का उसके मुँह में मर के लुंड अंदर कर देता है…
अलका गुस्से में लुंड को बहार निकल के कड़ी हो जाती है और फिर विशाल से कहती है.. चल कर लिया जितनी मस्ती करनी थी अब जा खान बन जाये तब आ जाना पर विशाल
विशाल बिना किसी दर उसे फिर से दबोच लेता है..
अलका- क्या कर रहा है हल चोर और जा तेरे पापा देख लेंगे कितनी बार समझौ तुझे..
विशाल- चोर दू??
अलका- हाँ चोर दे…
विशाल- फिर आज रात मेरे कमरे में आएगी न??
अलका- देखती हूँ अभी कैसे बता दू..
अलका ने ये कह के मनो गलती कर दी.. इतना सुनते hi विशाल अलका के पेअर को उठा के स्लैब पे रखता है और अपना लुंड अलका के छूट में पेल देता है…

अलका के मुँह से हलकी सी चीख निकल जाती है और विशाल हलके हॉथो से अलका को छोड़ने लगता है.. अलका भी छूट में लुंड का गर्माहट पते hi भूल जाती है अशोक को और अशोक के दर ko..use बिलकुल ख्याल नहीं रहता की वो कीतचन में बिलकुल नंगी अपने बेटे के लुंड से चुद रही है.. और उसका पति आज उसे रेंज हाथ भी पकड़ सकता hai..par जब सर पे वासना का बहुत सवार हो तो इन बातो का खान ध्यान रहता है
वो ऊपरी मन से तो चोर्ने को कहती है पर खुद अपने गांड को पीछे धकेल धकेल के लुंड अंदर ले रही thi…dono अभी थोड़ी देर के लिए चुदाई में खोये थे की अशोक का फोन बजता है..
अलका फिर अलग हो जाती है और विशाल का लुंड अपनी छूट से निकल के सीधी कड़ी हो जाती है..
फोन अशोक के गाओं से था सायद किसी शादी में इनविटेशन के लिए आया था पर नेटवर्क न मिल पाने के वजह से वो अपनी जगह से उठ के विंडो की तरफ जाने लगता hai..apne बाप को जाते देख विशाल वापस से उसकी बीवी अलका को दबोचता है और प्लेटफार्म पे झुका के फिर से लुंड पेल देता है और तेज़ तेज़ धक्का मरने लगता है…

बात थोड़ी लम्बी चलने लग जाती है जिसका आभाष अलका क ओहो गया था क्यूंकि फोन पे कामिनी थी और कामिनी हो तो अशोक जल्दी फोन रख दे ऐसा हो hi नहीं सकता था.. वो कामिनी के पास होने से सब भूल जाता था ये बात अलका अचे से जानती थी इसलिए अलका भी इस मोके का फायदा उठाते हुवे विशाल के लुंड पेग एंड पटक पटक के चुदाई का मजा लेने लगी थी…
पति के सामने होते हुवे किसी दूसरे मर्द का लोड लेना कोई मजाक की बात है नै और वो मर्द भी कोई और नहीं अपना खुद का सागा बीटा hi तो है.. और यही बात दोनों माँ bête को एक्ससिटेड कर रही थी..
विशाल- मा थोड़ा झुक मेरा हो जायेगा पापा के आने से पहले…
अलका- आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह झुकी हुई तो हु जल्दी जल्दी निकल ले उउउउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ तू किसी दिन अपने हवस के चक्कर में मुझे मरवा देगा…
विशाल- तू तो मेरी रखैल है न फिर रखैल का तो काम होता है मालिक को खुश रखने का…
अलका- मादरचोद पति के सामने घोड़ी बन के तेरे से चुद रही हु और क्या खुसी चाइये तुझे…
विशाल- और तेरी गांड चाइये चिनार..
अलका- वो तो भूल जा और जल्दी कर..
विशाल- aaaaaaaaaaahhhhhhhhh हाँ अभी तो चोर दे रहा हूँ नेक्स्ट टाइम अशोक के सामने तेरी गांड मरूंगा ooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh और विशाल अलका के छूट में hi जहर जाता है…
अलका तुरंत अपनी छूट से विशाल का लुंड निकल के अपने मुँह में भर लेती है और बाकि बचे पानी को पिने लगती है..

देख पति के सामने नंगी हो के चूड़ी हूँ और अब तेरे लुंड का पानी भी पी रही हु.. मिलेगी कोई इतना प्यार करने वाली तुझे...????
इतने में अशोक का फोन भी काट जाता है और वो अलका को ौज़ देते हुवे बालकनी से किचन में आने लगता है..

अलका और विशाल भी अशोक की आवाज़ सुनते hi अपने अपने कपड़ो को ठीक करने लगते है… विशाल एक hi झटके में चड्डी के साथ जीन्स पहन लेता है तो वही अलका भी अपने ड्रेस को ठीक करने लगती है पर इस बिच उसकी चूचिया अभी भी बहार थी जिसके वजह से वो अशोक की करफ पीते किये बात कर रही थी..
अशोक उसे बताता है की उन्हें गाओं जाना है गाओं में शादी है कामिनी का फोन आया था.. और फोन की बाटे बताने लगता है…
थोड़ी देर में खाना बन चुक्का होता है और पूरी फॅमिली खाना खान ेके लिए टेबल पे बेथ जाते है…

जहां अशोक खाना खा रहा था तो वही विशाल एंड अलका ने अपना अपना खान खा लिए था और दोनों के चेहरे पे अशोक को बेवकूफ बना के उसके नाक के निचे एक चुदाई कर लेने की जीत की झलक दिखाई दे रही थी… और आज दोनों ने अपनी चुदाई और हवस के खेल को एक स्टेप और ऊपर बढ़ा दिया था...
कुछ फोटो अलका के किचन से....














समय बीतता गया और अलका कैग हाव् अब भने लगे थे यानि वो अब पहले से नार्मल हो चुकी थी लेकिन इस दौरान भी माँ bête की मस्ती रूकती नहीं है.. ये और बात है की विशाल अलका को छोड़ नहीं रहा था लेकिन मौका पाते hi उसके कामुक बदन के हर हिस्से को अपने हाथो से मालने का कोई मौका नहीं चोरता था.. अशोक का घर इ होना उसे और ज्यादा एडवेंचर्स एंड एक्ससिटेड बना रहा था…
पहले अशोक के होते हुवे उसकी पत्नी और अपनी माँ अलका को अपने कमरे में और फिर अगले दिन अशोक के सामने hi उसकी बीवी को रगड़ के छोड़ना इनसब ने विशाल और अलका के सेक्स एडवेंचर को एक अलग hi मुकाम पे ला दिया था… अब दोनों को hi अशोक के सामने उसके नाक के निचे एक दूसरे से छेद चढ़ करने में किक मिल रही थी…
हालाँकि अलका विशाल को बहुत कोशिश करती है रोकने का पर विशाल अब इनसब में आगे निकल चुक्का था ो अलका के लाख मन करने पे भी उसके साथ वो सब करता जो उसका मन होता..
ऐसे hi एक दिन अलका किचन में खाना बना रही थी… अशोक ड्राइंग रूम में बैठा टीवी देख रहा था और विशाल जस्ट कॉलेज से आया था…. कॉलेज से क्या आया था ो बंक कर के जल्दी आ गया था क्यूंकि उसका सारा दिमाग में तो अलका का मादक शरीर घूमता रहता है..

घर आते hi विशाल अपने बाप के बगल के कुर्सी पे बेथ जाता है.. उसके आने की आहात अलका को भी हो hi गयी थी और उसे पता था की अब विशाल जरूर आएगा किचन में किसी बहाने से पर अशोक तो सामने hi बैठा है उफ्फ्फ्फ़ ये लड़का किसी दिन पक्का मरवाएगा.. यही सब सोचते हुवे वो कनखियों से हॉल की तरफ देख भी रही थी और अपना काम भी कर रही थी…
घर आते hi उसने सब को hi हेलो किया और अशोक से बाटे करते हुवे भी उसकी नजरे हर वक़्त की तरह अभी भी अलका को धुंध रही थी… और जल्द hi उनकी निगाहे अपना शिकार ढूडन लेती है.. विशाल खान ेके बहाने से किचन में घुस जाता है…
विशाल किचन में घुसते hi अलका के पीछे जा के चिपक जाता है….
विशाल uuuuuuuuuuhhhhhhhhh माआ क्या खुसबू है तेरे बदन की एक पल के लिए भी दूर नहीं रहा जाता…
अलका- ह्ह्हह्हह्हुउउउउउउउ क्या कर रहा है विशु अशोक सामने hi hai..dekh लेगा … तू मंटा क्यों नहीं…
अशोक सामने है देख लेगा सुन के विशाल एक्ससिटेड हो जाता है और झटके से अपने माँ के ड्रेस को सोल्डर से निचे गिरा देता है…

ड्रेस के ऑफ सोल्डर होते hi अलका के चुके आज़ाद हो जाते है जिसे विशाल बड़े बेरहमी से मसलने लगता hai..vishal का इतने से भी मन नहीं भरता की वो अलका के ड्रेस को और ज्यादा निचे खिसकने लगता है अलका अपने ड्रेस को पकड़ के उसे उतरने से रोकने की पूरी कोशिश करती है पर विशाल देखते देखते अलका को किचन में बिलकुल नंगा कर देता hai..dress के उतर जाने से उसके चुचिओ के साथ उसकी छूट और गांड बिलकुल आज़ाद thi..alka किचन में बिलकुल नंगी अपने बेटे के लुंड पे अपनी गांड घिस रही थी और उसका बीटा अपना खड़ा लुंड अलका के के गहरे दरारों में घुसते हुवे अपनी माँ के गार्डन को चुम रहा tha.....ashok के मौजूदगी में अलका इतना आगे कभी नहीं निकली थी जिसके वजह से आज अलका के दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से दौड़ने लगती है वो विशाल को जितना चोर्ने को कहती विशाल उतना hi आगे बढ़ता जाता है.. जिस से थक के वो विशाल के बहाव में बहने लगती hai…ashok इस बात ने अनजान की उसका बीटा अणि माँ को छोड़ रहा है वो अपने काम में व्यस्त था..
अलका- चोर दे विशाल वर्ण गज़ब हो जायेगा तेरी शरारतदीन पे दिन बढ़ती जा रही है…
विशाल अलका को चोर्ने की जगह निचे बेथ जाता है और अलका के छूट और गांड को चाटने के लिए अपनी जीभ निकल लेता है…

अलका को विशाल के इस हरकत से तेज़ गुदगुदी होती है जिसका असर ये था की वो जोर जोर से सब्जिया काटने लगती है… वो अपने छूट के गर्मी को और उस से निकल रहे ऊर्जा को चाकू पे लगाने लगती है…
अलका- aaaaaaaahhhhhhhhhhh aaaaaauuuuuuuuuuhcccccccccccchhhhhhh
तभी अशोक की आवाज़ आती है..
अशोक- अरे कितना जोर लगा के काट रही हो सब्जी काट रही होय ा लोहा???
अशोक के ावा कानो में पड़ते hi अलका विशाल को लात मार के खुद से दूर कर देती है..
अलका- वो चाकू में धार काम हो गयी है इसलिए डैम लगाना पड़ा रहा है
अशोक- ाचा रुको मैं ठीक कर देता हु..
ये सुनते hi अलका की तो मनो गांड hi फैट जाट है… वो बात को सँभालते हुवे कहती है नहीं नहीं अब तो हो गया आप अपना काम करो टेंसन न लो..
अशोक अलका से बात करते वक़्त मोबाइल पे ईमेल पढ़ रहा था जो उसके शिप कम्पनी से आया था.. अगर उसने एक बार भी नज़र घुमा लिया होता तो उसे पता लग जाता की जोर क्यों लगाना पद रहा है…
अलका फिर विशाल से कहती है अभी तू मरवा देता… कुछ तो शर्म कर ले भोसड़ीवाले बाप के सामने माँ को छोड़ने की सोच रहा है..
विशाल हस्ते हुवे अलका को पकड़ के उसके होंटो पे किश करने लगता है जिसका अलका विरोध कर रही थी तो विशाल उसे अपना लुंड दिखते हुवे कहता है इसका इलाज कर दो चला जाऊंगा..
अलका- इतनी जल्दी नहीं होता तेरा ..
विशाल- ाचा एक बार किश कर के मुँह में ले तो लो..
Alka-fir तू चला जायेगा न??
विशाल- हाँ..
अलका भी मज़बूरी में निचे बैठे के विशाल के खड़े लुंड को मुँह में भर के चूसने लगती है

..अभी उसने मुँह में डाला hi था की विशाल एक जोर का धक्का उसके मुँह में मर के लुंड अंदर कर देता है…
अलका गुस्से में लुंड को बहार निकल के कड़ी हो जाती है और फिर विशाल से कहती है.. चल कर लिया जितनी मस्ती करनी थी अब जा खान बन जाये तब आ जाना पर विशाल
विशाल बिना किसी दर उसे फिर से दबोच लेता है..
अलका- क्या कर रहा है हल चोर और जा तेरे पापा देख लेंगे कितनी बार समझौ तुझे..
विशाल- चोर दू??
अलका- हाँ चोर दे…
विशाल- फिर आज रात मेरे कमरे में आएगी न??
अलका- देखती हूँ अभी कैसे बता दू..
अलका ने ये कह के मनो गलती कर दी.. इतना सुनते hi विशाल अलका के पेअर को उठा के स्लैब पे रखता है और अपना लुंड अलका के छूट में पेल देता है…

अलका के मुँह से हलकी सी चीख निकल जाती है और विशाल हलके हॉथो से अलका को छोड़ने लगता है.. अलका भी छूट में लुंड का गर्माहट पते hi भूल जाती है अशोक को और अशोक के दर ko..use बिलकुल ख्याल नहीं रहता की वो कीतचन में बिलकुल नंगी अपने बेटे के लुंड से चुद रही है.. और उसका पति आज उसे रेंज हाथ भी पकड़ सकता hai..par जब सर पे वासना का बहुत सवार हो तो इन बातो का खान ध्यान रहता है
वो ऊपरी मन से तो चोर्ने को कहती है पर खुद अपने गांड को पीछे धकेल धकेल के लुंड अंदर ले रही thi…dono अभी थोड़ी देर के लिए चुदाई में खोये थे की अशोक का फोन बजता है..
अलका फिर अलग हो जाती है और विशाल का लुंड अपनी छूट से निकल के सीधी कड़ी हो जाती है..
फोन अशोक के गाओं से था सायद किसी शादी में इनविटेशन के लिए आया था पर नेटवर्क न मिल पाने के वजह से वो अपनी जगह से उठ के विंडो की तरफ जाने लगता hai..apne बाप को जाते देख विशाल वापस से उसकी बीवी अलका को दबोचता है और प्लेटफार्म पे झुका के फिर से लुंड पेल देता है और तेज़ तेज़ धक्का मरने लगता है…

बात थोड़ी लम्बी चलने लग जाती है जिसका आभाष अलका क ओहो गया था क्यूंकि फोन पे कामिनी थी और कामिनी हो तो अशोक जल्दी फोन रख दे ऐसा हो hi नहीं सकता था.. वो कामिनी के पास होने से सब भूल जाता था ये बात अलका अचे से जानती थी इसलिए अलका भी इस मोके का फायदा उठाते हुवे विशाल के लुंड पेग एंड पटक पटक के चुदाई का मजा लेने लगी थी…
पति के सामने होते हुवे किसी दूसरे मर्द का लोड लेना कोई मजाक की बात है नै और वो मर्द भी कोई और नहीं अपना खुद का सागा बीटा hi तो है.. और यही बात दोनों माँ bête को एक्ससिटेड कर रही थी..
विशाल- मा थोड़ा झुक मेरा हो जायेगा पापा के आने से पहले…
अलका- आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह झुकी हुई तो हु जल्दी जल्दी निकल ले उउउउउउउउफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ तू किसी दिन अपने हवस के चक्कर में मुझे मरवा देगा…
विशाल- तू तो मेरी रखैल है न फिर रखैल का तो काम होता है मालिक को खुश रखने का…
अलका- मादरचोद पति के सामने घोड़ी बन के तेरे से चुद रही हु और क्या खुसी चाइये तुझे…
विशाल- और तेरी गांड चाइये चिनार..
अलका- वो तो भूल जा और जल्दी कर..
विशाल- aaaaaaaaaaahhhhhhhhh हाँ अभी तो चोर दे रहा हूँ नेक्स्ट टाइम अशोक के सामने तेरी गांड मरूंगा ooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh और विशाल अलका के छूट में hi जहर जाता है…
अलका तुरंत अपनी छूट से विशाल का लुंड निकल के अपने मुँह में भर लेती है और बाकि बचे पानी को पिने लगती है..

देख पति के सामने नंगी हो के चूड़ी हूँ और अब तेरे लुंड का पानी भी पी रही हु.. मिलेगी कोई इतना प्यार करने वाली तुझे...????
इतने में अशोक का फोन भी काट जाता है और वो अलका को ौज़ देते हुवे बालकनी से किचन में आने लगता है..

अलका और विशाल भी अशोक की आवाज़ सुनते hi अपने अपने कपड़ो को ठीक करने लगते है… विशाल एक hi झटके में चड्डी के साथ जीन्स पहन लेता है तो वही अलका भी अपने ड्रेस को ठीक करने लगती है पर इस बिच उसकी चूचिया अभी भी बहार थी जिसके वजह से वो अशोक की करफ पीते किये बात कर रही थी..
अशोक उसे बताता है की उन्हें गाओं जाना है गाओं में शादी है कामिनी का फोन आया था.. और फोन की बाटे बताने लगता है…
थोड़ी देर में खाना बन चुक्का होता है और पूरी फॅमिली खाना खान ेके लिए टेबल पे बेथ जाते है…

जहां अशोक खाना खा रहा था तो वही विशाल एंड अलका ने अपना अपना खान खा लिए था और दोनों के चेहरे पे अशोक को बेवकूफ बना के उसके नाक के निचे एक चुदाई कर लेने की जीत की झलक दिखाई दे रही थी… और आज दोनों ने अपनी चुदाई और हवस के खेल को एक स्टेप और ऊपर बढ़ा दिया था...
कुछ फोटो अलका के किचन से....

























































































































































