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- Dec 5, 2013
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राजेश ने अपना land चुसने के लिए मालती को इशारे किया। मालती राजेश के land के नीचे फर्श पर बैठ गई। पहले land को पकड़कर अच्छे से उसका मुआइना किया।land ki मोटाई लंबाई और उसकी टोपा देखकर हथप्रभ थी।
राजेश_क्या देख रही हो, चलो चूसना शुरू करो।
मालती ने वह land को हाथ में लेकर पहले हिलाई।
फिर land का टोपा मुंह में भरकर चुसने लगी।
राजेश _पुरा अंदर लो, पहले नही चूसी हो क्या?
मालती _नई, पहली बार चूस रही।
राजेश _पुरा मुंह में लेकर चूसो, तब ज्यादा अच्छा महसूस होता है।
मालती जितना मुंह में ले सकती थी land मुंह में लेकर चूसने लगी।
राजेश उसके बालो से खेलने लगा।
अन्य सभी औरतों की नज़र मालती के मुंह पर थी कि वह किस प्रकार land को चूस रही है।
राजेश की उत्तेजना और बड़ने लगा वह अपना शर्ट और बनियान को उतार कर मादर जात नंगा हो गया।
सभी औरतों की नज़र राजेश के गठीला बदन पर गया।
ऐसा गठीला शरीर और अलौकिक land देखकर सभी राजेश पर मोहित सी हो गई। शादी के पहले लड़कियां जैसे दूल्हा की कल्पना करती है, राजेश वैसा ही था। राजेश के शरीर में एक अलग ही आकर्षण था जो औरतों को अपनी ओर खींच रही थी।
इधर राजेश, मालती के चूचो को ब्लाउज के ऊपर से मसलना शुरु कर दिया।
राजेश _सुनो सभी अपनी ब्लाउज निकाल दो तुम लोगो की मम्मे देखकर मेरा जोश और बड़ जाए गा जिससे मेरा स्खलन में मदद मिलेगी।
सभी औरते अपनी ब्लाउज को उतार कर अपनी मम्मे बाहर कर ली। उनकी सुडौल बड़ेबड़े मम्मे देखकर राजेश का जोश और बड़ गया।
राजेश ने सभी को अपने पास बारी बारी से बुलाया और मम्मे मसल मसल कर पीने लगा, जिसकी मम्मे वह पीता उससे अपना land चुसने के लिए कहता औरते अपना मम्मे चुसाने के बाद राजेश का land चुसने लगती।
सभी औरतों से land चूसा लेने के बाद। राजेश ने मालती को बेड किनारे लेट जाने को कहा, मालती बेड किनारे लेट गई। राजेश ने मालती के टांग उठा दिया और उसकी पेंटी पकड़कर खींचकर टांगों से अलग कर दिया। सभी औरतों को पेंटी निकालने कह दिया।
अब राजेश मालती की चिकनी और खूबसूरत फुली हुई बुर को ऊंगली डाल कर पहले अच्छे से रगड़ा उसने देखा बुर पूरी तरह गीली हो चुकी है।
राजेश ने अपना land का टोपा बुर के छेद पर रख और एक हल्का धक्का मारा land का टोपा सरककर बुर में चला गया।
अब हल्का हल्का धक्का मारते हुए land को धीरे धीरे बुर में धकेलने लगा।land धीरे धीरे बुर के अंदर पुरा समा गया। अब राजेश बुर पर जोर जोर से धक्का लगा कर चोदना शुरू किया।land बुर के हर हिस्से को अच्छे से रगड़ रहा था। उसका टोपा बच्चे दानी को ठोकने लगा। जिससे मालती बहुंत ज्यादा उत्तेजित हो गई। उसके मुंह से लगातार कामुक सिसकारी निकल रही थी।chudai में ऐसा आनंद आज से पहले कभी नहीं मिला था। वह शीघ्र ही चरमोत्कर्ष अवस्था में पहुंच गई। राजेश का land दनादन फ़च फाच आवाज़ करता बुर चोदे जा रहा था। लंड बुर में सर सर अंदर बाहर हो रहा था। मालती दोनो की chudai देखकर सभी औरते उत्तेजित हो गई उनकी बुर से पानी निकलकर उनकी जांघो तक बहने लगी। वे सभी औरते एक हाथ से अपनी चूची मसलने एवम एक हाथ से अपनी बुर खुजाने लगी।
इधर मालती तो जैसे जन्नत में पहुंच गई थी।
उसकी बुर से पानी झरने की तरह बह रही थी। जिससे लंड बुर का पानी पीकर और लंबा मोटा हो गया।
मालती लंड का प्रहार और बर्दास्त न कर सकी। और जोर से राजेश सको अपने से चिपका लिया। वह झड़ने लगी। कुछ देर बाद राजेश ने एक दूसरी औरत को बेड पकड़ा कर घोड़ी बना दिया। बुर तो पहले से ही पानी से भरा था। लंड को बुर के छेद पर रखकर एक जोर का धक्का मारा लंड बुर को चीरकर एक ही बार में आधा से ज्यादा अंदर घुस गया।
राजेश ने औरत के क़मर के कूल्हे को दोनो हाथो से पकड़ कर गच गच chudai करना शुरू कर दिया। औरत के मुंह से कामुक सिसकारी निकल कर कमरे मे गूंजने लगी।
Chudai देखकर बाकी सभी महिलाओं की हालत बहुंत खराब हो गई वे बहुंत ज्यादा उत्तेजित हो गई वे अपनी बारी आने का बेसब्री से इंतज़ार करने लगें।
इधर राजेश सभी औरतों को बारी बारी से जन्नत की सैर कराने लगा। वे किसी को घोड़ी बना कर चोदता तो किसी को अपने लंड पर बिठा कर, तो किसी को सुला कर अलग अलग आसनों में सभी महिलाओं की जमकर chudai करने लगा। सभीऔरतों को 2_२बार झाड़ने के बाद राजेश आहआह करकेजोर जोर से कराहते हुवे ने मालती के बुर में अपना पानी छोड़ दीया, जिसका एहसास पाकर मालती तीसरी बार झड़ गई। कुछ देर बेड पर लेट कर सुस्ताने के बाद। राजेश ने सभी औरतों को अपनी अपनी कपडे ठीक करने बोल दिया।
सभी औरते अपनी अपनी पेंटी,ब्लाउज पहन ली और अपनी साडी ठीक की आईने के सामने जाकर खुद को संवारने लगी।
राजेश _आप लोगो ने देखा न कितनी मुस्किल से मैं स्खलित हो पाता हूं। डाक्टर ने कहा है की कुछ दिनों ताक ऐसे ही सेक्स करने से सब नॉर्मल हो जायेगा। इसी तरह तुम लोगो को मेरा कुछ दिनों तक इलाज करना पड़ेगा।
कुछ दिन तक तुम्हारे लड़को को अभी थाने में ही रहने दो। ताकि उसे अपनी गलती का एहसास हो फिर मैं थानेदार को उन सभी को छोड़ने बोल दूंगा।
अब तुम लोग जाओ कल फिर इसी समय आ जाना।
सभी औरते अपनी घर चली गई।
इधर भगत और कौशल्या औरतों के जाने के बाद रूम में आई।
भगत _लगता है आपने उन औरतों को कस के रगड़ा है सभी लंगड़ा के चल रही थी।
राजेश मुस्कुराने लगा।
कौशिल्या _तुम तो पुरे सांड हो अकेले ही 6औरतों को झाड़ दिया।
भगत _राजेश भाई मेरा भी तो ख्याल रखो। मुझे भी लेना है इन औरतों की।
राजेश _अबे ले लेना, मैने मना थोड़े ही किया है। पहले उन औरतों को मेरा land ka गुलाम बन जाने दे। फिर मैं जो कहूंगा वे करेंगी।
घर जानें के बाद वे राजेश से chudwane में मिले सुख को ही याद कर गर्म हो रहे थे।chudai से ऐसा मज़ा उन्हें पहले कभी नहीं मिला था। उपर से जवान एवम गठीला शरीर का का मालिक, नवयुवक लड़के से चुदने का सौभाग्य, वे सभी कल का बेशब्री से इंतजार करने लगी। ताकि फिर से राजेश के साथ चुदवाने का आनद ले सके।
अगले दिन फिर से सभी औरते निर्धारित समय पर पहूंच गई। राजेश ने फिर से उन सबको जमकर चोदा और जन्नत का सैर कराया।
सभी महिलाये राजेश की दीवानी हो गई। उन तीनों की बुर की लगातर पांच दिनों तक धज्जियां उड़ाने के बाद। 6वा दिन उन महिलाओं को भगत से चुदवाने के लिए राजी करा लिया। अब राजेश और भगत दोनो मिलकर, उन औरतों की बुर और गाड़ दोनो की बैंड बजाने लगे। कौशिल्या भी इस खेल में शामिल हो गई।
राजेश _देखो हर रोज़ यह खेल खेलने से बाहर वालो को शक हो जायेगा। अब हमें यह खेल रोज न खेलकर सप्ताह में एक बार ही खेलेंगे।
मालती _पर राजेश हम एक सप्ताह तक कैसे रहेंगे? हमारे लिऐ बडी मुस्किल होगी।
कौशिल्या _बदनामी से बचना है तो राजेश का कहना मानना ही पड़ेगा।
राजेश _मै कल थाना जाकर अपना केस वापस ले लूंगा, तुम्हारे लड़के बाहर आ जाएंगे।
अगले दिन राजेश और भगत थाने चला गया।
थानेदार _आओ राजेश, बोलो क्या करना है इन लडको का।
राजेश _मै जरा इनसे बात कर लू फिर बताता हू क्या करना है।
थानेदार ने उन लडको से राजेश को मिलवाया।
राजेश _क्यू बे या रहा है न मज़ा थाने में, तुम लोगो को सात साल की सजा होने वाली है।
सड़ते रहने अब जेल में।
लड़के _भैया हमे एक बार माफ़ कर दो, हमे जेल मत भेजो।
राजेश _छोड़ने के बाद तम लोग फिर वहीं गुंडा गर्दी शुरु कर दोगे।
लड़के _नही भैया, अब से हम ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे।
राजेश _ठीक है सोचता हु मै।
कुछ देर बाद बोला, मै तुम लोगो को छुड़वा तो देता हूं। लेकिन केशअभी वापस नहीं लूंगा, 2माह तक देखता हूं।अगर तुम लोग सुधर गए तो ठीक नही तो थानेदार को चार्ज सीट कोर्ट में दाखिल करने बोल दूंगा।
लड़के _ठीक है भैय्या।
भगत _और ध्यान से सुन लो राजेश भाई को अगर कोइ काम पड़ गया तुम लोगो से तो वह तुम लोगो को करना होगा। बोलो मंजूर है।
लड़के _हा भाई हमे मंजूर है।
भगत _ये भीमा तो कुछ बोल ही नही रहा है। क्या तुम्हे जेल जाना है?
लड़के _भीमा भाई हा राजेश भाई का कहना मान लो।
भीमा _ठीक है भैय्या,,, कुछ देर सोचने के बाद कहा।
राजेश के कहने पर थानेदार ने सभी लड़को को जमानत पर छोड़ दिया।
राजेश_क्या देख रही हो, चलो चूसना शुरू करो।
मालती ने वह land को हाथ में लेकर पहले हिलाई।
फिर land का टोपा मुंह में भरकर चुसने लगी।
राजेश _पुरा अंदर लो, पहले नही चूसी हो क्या?
मालती _नई, पहली बार चूस रही।
राजेश _पुरा मुंह में लेकर चूसो, तब ज्यादा अच्छा महसूस होता है।
मालती जितना मुंह में ले सकती थी land मुंह में लेकर चूसने लगी।
राजेश उसके बालो से खेलने लगा।
अन्य सभी औरतों की नज़र मालती के मुंह पर थी कि वह किस प्रकार land को चूस रही है।
राजेश की उत्तेजना और बड़ने लगा वह अपना शर्ट और बनियान को उतार कर मादर जात नंगा हो गया।
सभी औरतों की नज़र राजेश के गठीला बदन पर गया।
ऐसा गठीला शरीर और अलौकिक land देखकर सभी राजेश पर मोहित सी हो गई। शादी के पहले लड़कियां जैसे दूल्हा की कल्पना करती है, राजेश वैसा ही था। राजेश के शरीर में एक अलग ही आकर्षण था जो औरतों को अपनी ओर खींच रही थी।
इधर राजेश, मालती के चूचो को ब्लाउज के ऊपर से मसलना शुरु कर दिया।
राजेश _सुनो सभी अपनी ब्लाउज निकाल दो तुम लोगो की मम्मे देखकर मेरा जोश और बड़ जाए गा जिससे मेरा स्खलन में मदद मिलेगी।
सभी औरते अपनी ब्लाउज को उतार कर अपनी मम्मे बाहर कर ली। उनकी सुडौल बड़ेबड़े मम्मे देखकर राजेश का जोश और बड़ गया।
राजेश ने सभी को अपने पास बारी बारी से बुलाया और मम्मे मसल मसल कर पीने लगा, जिसकी मम्मे वह पीता उससे अपना land चुसने के लिए कहता औरते अपना मम्मे चुसाने के बाद राजेश का land चुसने लगती।
सभी औरतों से land चूसा लेने के बाद। राजेश ने मालती को बेड किनारे लेट जाने को कहा, मालती बेड किनारे लेट गई। राजेश ने मालती के टांग उठा दिया और उसकी पेंटी पकड़कर खींचकर टांगों से अलग कर दिया। सभी औरतों को पेंटी निकालने कह दिया।
अब राजेश मालती की चिकनी और खूबसूरत फुली हुई बुर को ऊंगली डाल कर पहले अच्छे से रगड़ा उसने देखा बुर पूरी तरह गीली हो चुकी है।
राजेश ने अपना land का टोपा बुर के छेद पर रख और एक हल्का धक्का मारा land का टोपा सरककर बुर में चला गया।
अब हल्का हल्का धक्का मारते हुए land को धीरे धीरे बुर में धकेलने लगा।land धीरे धीरे बुर के अंदर पुरा समा गया। अब राजेश बुर पर जोर जोर से धक्का लगा कर चोदना शुरू किया।land बुर के हर हिस्से को अच्छे से रगड़ रहा था। उसका टोपा बच्चे दानी को ठोकने लगा। जिससे मालती बहुंत ज्यादा उत्तेजित हो गई। उसके मुंह से लगातार कामुक सिसकारी निकल रही थी।chudai में ऐसा आनंद आज से पहले कभी नहीं मिला था। वह शीघ्र ही चरमोत्कर्ष अवस्था में पहुंच गई। राजेश का land दनादन फ़च फाच आवाज़ करता बुर चोदे जा रहा था। लंड बुर में सर सर अंदर बाहर हो रहा था। मालती दोनो की chudai देखकर सभी औरते उत्तेजित हो गई उनकी बुर से पानी निकलकर उनकी जांघो तक बहने लगी। वे सभी औरते एक हाथ से अपनी चूची मसलने एवम एक हाथ से अपनी बुर खुजाने लगी।
इधर मालती तो जैसे जन्नत में पहुंच गई थी।
उसकी बुर से पानी झरने की तरह बह रही थी। जिससे लंड बुर का पानी पीकर और लंबा मोटा हो गया।
मालती लंड का प्रहार और बर्दास्त न कर सकी। और जोर से राजेश सको अपने से चिपका लिया। वह झड़ने लगी। कुछ देर बाद राजेश ने एक दूसरी औरत को बेड पकड़ा कर घोड़ी बना दिया। बुर तो पहले से ही पानी से भरा था। लंड को बुर के छेद पर रखकर एक जोर का धक्का मारा लंड बुर को चीरकर एक ही बार में आधा से ज्यादा अंदर घुस गया।
राजेश ने औरत के क़मर के कूल्हे को दोनो हाथो से पकड़ कर गच गच chudai करना शुरू कर दिया। औरत के मुंह से कामुक सिसकारी निकल कर कमरे मे गूंजने लगी।
Chudai देखकर बाकी सभी महिलाओं की हालत बहुंत खराब हो गई वे बहुंत ज्यादा उत्तेजित हो गई वे अपनी बारी आने का बेसब्री से इंतज़ार करने लगें।
इधर राजेश सभी औरतों को बारी बारी से जन्नत की सैर कराने लगा। वे किसी को घोड़ी बना कर चोदता तो किसी को अपने लंड पर बिठा कर, तो किसी को सुला कर अलग अलग आसनों में सभी महिलाओं की जमकर chudai करने लगा। सभीऔरतों को 2_२बार झाड़ने के बाद राजेश आहआह करकेजोर जोर से कराहते हुवे ने मालती के बुर में अपना पानी छोड़ दीया, जिसका एहसास पाकर मालती तीसरी बार झड़ गई। कुछ देर बेड पर लेट कर सुस्ताने के बाद। राजेश ने सभी औरतों को अपनी अपनी कपडे ठीक करने बोल दिया।
सभी औरते अपनी अपनी पेंटी,ब्लाउज पहन ली और अपनी साडी ठीक की आईने के सामने जाकर खुद को संवारने लगी।
राजेश _आप लोगो ने देखा न कितनी मुस्किल से मैं स्खलित हो पाता हूं। डाक्टर ने कहा है की कुछ दिनों ताक ऐसे ही सेक्स करने से सब नॉर्मल हो जायेगा। इसी तरह तुम लोगो को मेरा कुछ दिनों तक इलाज करना पड़ेगा।
कुछ दिन तक तुम्हारे लड़को को अभी थाने में ही रहने दो। ताकि उसे अपनी गलती का एहसास हो फिर मैं थानेदार को उन सभी को छोड़ने बोल दूंगा।
अब तुम लोग जाओ कल फिर इसी समय आ जाना।
सभी औरते अपनी घर चली गई।
इधर भगत और कौशल्या औरतों के जाने के बाद रूम में आई।
भगत _लगता है आपने उन औरतों को कस के रगड़ा है सभी लंगड़ा के चल रही थी।
राजेश मुस्कुराने लगा।
कौशिल्या _तुम तो पुरे सांड हो अकेले ही 6औरतों को झाड़ दिया।
भगत _राजेश भाई मेरा भी तो ख्याल रखो। मुझे भी लेना है इन औरतों की।
राजेश _अबे ले लेना, मैने मना थोड़े ही किया है। पहले उन औरतों को मेरा land ka गुलाम बन जाने दे। फिर मैं जो कहूंगा वे करेंगी।
घर जानें के बाद वे राजेश से chudwane में मिले सुख को ही याद कर गर्म हो रहे थे।chudai से ऐसा मज़ा उन्हें पहले कभी नहीं मिला था। उपर से जवान एवम गठीला शरीर का का मालिक, नवयुवक लड़के से चुदने का सौभाग्य, वे सभी कल का बेशब्री से इंतजार करने लगी। ताकि फिर से राजेश के साथ चुदवाने का आनद ले सके।
अगले दिन फिर से सभी औरते निर्धारित समय पर पहूंच गई। राजेश ने फिर से उन सबको जमकर चोदा और जन्नत का सैर कराया।
सभी महिलाये राजेश की दीवानी हो गई। उन तीनों की बुर की लगातर पांच दिनों तक धज्जियां उड़ाने के बाद। 6वा दिन उन महिलाओं को भगत से चुदवाने के लिए राजी करा लिया। अब राजेश और भगत दोनो मिलकर, उन औरतों की बुर और गाड़ दोनो की बैंड बजाने लगे। कौशिल्या भी इस खेल में शामिल हो गई।
राजेश _देखो हर रोज़ यह खेल खेलने से बाहर वालो को शक हो जायेगा। अब हमें यह खेल रोज न खेलकर सप्ताह में एक बार ही खेलेंगे।
मालती _पर राजेश हम एक सप्ताह तक कैसे रहेंगे? हमारे लिऐ बडी मुस्किल होगी।
कौशिल्या _बदनामी से बचना है तो राजेश का कहना मानना ही पड़ेगा।
राजेश _मै कल थाना जाकर अपना केस वापस ले लूंगा, तुम्हारे लड़के बाहर आ जाएंगे।
अगले दिन राजेश और भगत थाने चला गया।
थानेदार _आओ राजेश, बोलो क्या करना है इन लडको का।
राजेश _मै जरा इनसे बात कर लू फिर बताता हू क्या करना है।
थानेदार ने उन लडको से राजेश को मिलवाया।
राजेश _क्यू बे या रहा है न मज़ा थाने में, तुम लोगो को सात साल की सजा होने वाली है।
सड़ते रहने अब जेल में।
लड़के _भैया हमे एक बार माफ़ कर दो, हमे जेल मत भेजो।
राजेश _छोड़ने के बाद तम लोग फिर वहीं गुंडा गर्दी शुरु कर दोगे।
लड़के _नही भैया, अब से हम ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे।
राजेश _ठीक है सोचता हु मै।
कुछ देर बाद बोला, मै तुम लोगो को छुड़वा तो देता हूं। लेकिन केशअभी वापस नहीं लूंगा, 2माह तक देखता हूं।अगर तुम लोग सुधर गए तो ठीक नही तो थानेदार को चार्ज सीट कोर्ट में दाखिल करने बोल दूंगा।
लड़के _ठीक है भैय्या।
भगत _और ध्यान से सुन लो राजेश भाई को अगर कोइ काम पड़ गया तुम लोगो से तो वह तुम लोगो को करना होगा। बोलो मंजूर है।
लड़के _हा भाई हमे मंजूर है।
भगत _ये भीमा तो कुछ बोल ही नही रहा है। क्या तुम्हे जेल जाना है?
लड़के _भीमा भाई हा राजेश भाई का कहना मान लो।
भीमा _ठीक है भैय्या,,, कुछ देर सोचने के बाद कहा।
राजेश के कहने पर थानेदार ने सभी लड़को को जमानत पर छोड़ दिया।