Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - Page 10 - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 81

दिलीप- हम सब गाड़ी से नीचे उतरे

लखन आप भी घुमो फ़िरो

लखन बिना कुछ बोले गाड़ी लेके चला गया

वँया- पहले शॉपिंग करे या मूवी देखे

दिलीप- पहले मूवी देखते हैं आप लड़कियो की शॉपिंग मतलब 5 6 घंटे सब मुझे घूर्ने लगी विद्या दी आप मेरे साथ चलो

विद्या- कहाँ

दिलीप- अब मैं तो पहली बार यहाँ आया हूँ मुझे क्या पता कि आप सब कोन्सि मूवी देखेंगे

विद्या- चल फिर हम दोनो आगे की तरफ बढ़ गये

दिलीप- आप ने ऐसा क्यूँ किया

विद्या- मैने क्या किया

दिलीप- मैं आपसे बात नही कर रहा मैं अपनी विदू से बात कर रहा हूँ

विद्या- मैं भी अपने दिलीप से बात कर रही हूँ

दिलीप- तो फिर बताइए मेरी विदू की आँखों में आँसू क्यूँ आ गये

विद्या- क्यूंकी मैने तुझे दुख पहुँचाया

दिलीप- वो कैसे

विद्या- मैं इतनी बेवकूफ़ हूँ कि सबके सामने मैने तुझे किस करने की बात कह दी प्लीज़ मुझे माफ़ कर्दे

दिलीप- इसमें माफी माँगने की बात कहाँ से आ गई आपका मुझपे पूरा हक़ है अब रोना बंद भी करो वरना सब कहेंगे कि इस दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की को मैं रुला रहा हूँ विदू मुस्कुराने लगी फिर मैने विदू के कहने पे एक रोमॅंटिक फिल्म का टिकेट्स ले लिया वैसे मुझे ड्रामा या आक्षन फिल्म देखना अच्छा लगता है हम दोनो बाहर आए

वँया- कितना टाइम लगा दिया तुमने

दिलीप- मेरी कोई ग़लती नही है जल्दी चलो आप सब वरना मूवी शुरू हो जाएगी फिर हम थियेटर में जाके बैठ गये हम सब एक ही साथ बैठे हुए थे मैं एक बात पे ध्यान दिया कुछ लड़के मेरी बहनो को घूर रहे थे सुबह का शो आधा थियेटर तो खाली ही था थोड़ी देर में मूवी शुरू हो गयी

अब आज कल की रोमॅंटिक फिल्म में किस्सिंग सीन ना हो ऐसा तो हो ही नही सकता थोड़ी देर बाद मूवी में किस्सिंग सीन शुरू हो गया

मेरी सब बहने शरमाने लगी मैं अपनी आँख बंद करके लेट गया थोड़ी देर बाद नींद आ गई

मुझे कोई ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा मैने अपनी आँख खोलके देखा तो यह वँया थी

दिलीप- क्या हुआ

वँया- तुम यहाँ सोने आए थे

दिलीप- मैने पूछा क्या हुआ तभी मैने देखा की इंटेरवेल हुआ है मैं आप सब के लिए कुछ लेके आता हूँ फिर मैं बाहर आके कोल्ड्रींक्स और पॉपकॉर्न लिया जैसे मैं पीछे मुड़ा मैं किसी से टकरा गया मेरे सामने निम्मी खड़ी थी मुझे तो झटका लगा

भले ही मैने निम्मी को सबकुछ बता दिया था पर मैं उससे कभी नही मिलना चाहता था]

दिलीप- आइ म सॉरी मुझे माफ़ कर दीजिए

निम्मी- दिलीप तुम यहाँ कैसे हो

दिलीप- लेकिन आप हैं कौन

निम्मी- वेरी फन्नी

मैं बिना उसकी तरफ देखे हुए आगे बढ़ गया और थियेटर में अपनी बहनों के पास पहुँचा] यह रहे आपके पॉपकॉर्न और कोल्ड्रींक्स और कुछ लाऊँ

विद्या- नही अब तू आके बैठ जा

थोड़ी देर बाद फिर मूवी शुरू हो गयी मूवी में एक ऐसा सीन भी आया जिसे देखके हम सब की आँखो में आँसू आगये

सब बहने पॉपकॉर्न खाते हुए आँसू बहा रही थी मैने देखा कि वो लड़के अभी भी मेरी बहनों को घूर रहे हैं मैने अपना मोबाइल निकाला फोटो खींचके वापस अपनी जेब में रख लिया थोड़ी देर बाद फिल्म ख़तम हो गयी

हम सब थियेटर से बाहर आए

अरुणा- अब चलके शॉपिंग करते हैं सब बहने एक शॉप में चली गयी मैं शॉप के बाहर बोर होने लगा तभी मुझे सामने से निम्मी आती हुई दिखी इसको क्या हुआ मेरे पीछे क्यूँ पड़ी है मैं जल्दी से शॉप के अंदर जाके विदू के पास खड़ा हो गया

मैं देखा 5 6 ड्रेस सामने पड़ी है एक से बढ़कर एक तभी मुझे उसमें से एक ड्रेस पसंद आ गई

दिलीप- आप यह लो इसमें आप बहुत सुंदर लगोगी

विद्या- [सेल्स गर्ल से] आप यह पॅक कर दीजिए

सेल्स गर्ल- वाउ मिस आपके बॉयफ्रेंड की चाय्स बहुत अच्छी है

[विदू शरमाने लगी]

अरुणा- यह हमारा भाई है

सेल्स गर्ल- ओह सॉरी आप यह ट्राइ कर लीजिए

विद्या- उसकी कोई ज़रूरत नही है

[तभी सुनीता दी और मेघा दी हमारे पास आ गई]

सुनीता- हमारी शॉपिंग तो हो गयी

दिलीप- वाह

[अरुणा दी मुझे घूर्ने लगी]

[मैं वँया के पास गया]

दिलीप- क्या हुआ

वँया- कोई ड्रेस पसंद ही नही आरहि है

[मैने सेल्स गर्ल की तरफ देखा लग रहा था कि अभी अभी उसकी किसी ने मार ली हो]

तुम एक काम करो यह वाली ड्रेस ले लो

वँया- ठीक है

मैं वापस विदू के पास गया

आप सब की शॉपिंग हो गयी

सबेकसाथ- हाँ

दिलीप- दोनो मामी और बड़ी नानी के लिए भी कुछ ले लेते हैं

विद्या- ले लिया

दिलीप- ठीक है अब चलिए आप सब 4 घंटे से शॉपिंग कर रही हैं फिर मैने पेमेंट किया और बाहर आ गया

हम सब माल से बाहर निकले तभी मेरी नज़र निम्मी पे पड़ी

उसे कुछ लड़के परेशान कर रहे थे अब मैं तो जा नही सकता था

दिलीप- [चिल्लाके] लखन तभी लखन दौड़ता हुआ आया

लखन- जी छोटे मालिक

दिलीप- वो सामने उन लड़को को देख रहे हो उन सब की एक हड्डिया तोड़ दो एक ही तोड़ना

लखन बिना कुछ बोले चला गया

विद्या- दिलीप यह तूने क्या किया कहीं उसे कुछ हो ना जाए

दिलीप- उसको क्या होगा

अरुणा- वो 5 6 लड़के हैं

दिलीप- अभी अगर आप में किसीने अगर कुछ बोला तो मैं खुद चला जाउन्गा

वँया- आप सब को चिंता करने की ज़रूरत नही है लखन को कुछ नही होगा

उसके बाद उन लड़को की चीख सुनाई देने लगी थोड़ी देर बाद लखन और निम्मी हमारे पास पहुँचे

निम्मी कुछ बोलती उससे पहले ही कुछ लड़किया हमारे पास आगयि

लड़की- थॅंक्स गॉड निम्मी तू ठीक है हमारा ध्यान तो उन लड़को की चीख सुनके तेरी तरफ गया

दिलीप- फिर हम सब गाड़ी में बैठे

लखन गाड़ी चलाने लगा थोड़ी देर बाद हम पहुँचे घर,.,...,,
 
अपडेट 82

घर पहुँचते पहुँचते हमे शाम हो चुकी थी जैसे ही मैं घर में एंटर हुआ

सामने मुझे सोफे पे सिमिता मासी प्रिया और प्रीति बैठे दिखे

सब बहने सिमिता मासी के पास गयी

4 साल पहले एक कार आक्सिडेंट में सिमिता मासी के पति की मौत हो गयी

वैसे बड़ी नानी मुझे हर साल मेरे पूरे ख़ानदान वालो की फोटो दिखाती थी

पता नही क्यूँ इसीलिए मैने प्रीति को पहचान लिया वरना प्रीति को तो मैं आज तक नही देखा था

मैं सिमिता मासी के पास गया

वो मुझे देखने लगी

मैने उनके पैर छुए

समिता मासी- हमेशा खुश रहो बेटा

तभी बड़ी नानी आ गई मैं बड़ी नानी के गले लग गया

बड़ी नानी- आ गया मेरा बेटा चल बैठ

मैं बड़ी नानी के साथ सोफे पे बैठ गया

वैसे प्रीति को देखके लग रहा था वो अभी बच्ची ही है

विद्या- बुआ आप हमे तो भूल ही गयी

समिता मासी- मैं अपनी बेटी को कैसे भूल सकती हूँ

अरुणा- मुझे तो भूल ही गयी

समिता मासी- तुम सब मेरी बेटियाँ हो मैं तुम सबको कैसे भूल सकती हूँ

दिलीप- मेरे मुँह से अपने आप निकल गया

एक अनार 100 बीमार यह सुनके सब बहनें मुझे घूर्ने लगी

मैने वहाँ से हटने में ही अपनी भलाई समझी

जैसे ही मैं उठा सुनीता दी और मेघा दी ने मेरा हाथ पकड़ लिया

और अरुणा दी मुझे गुदगुदी करने लगी

अरुणा- हमें बीमार बोलता है बोल अब बोलेगा कभी

दिलीप- नही अब नही बोलूँगा प्लीज़ माफ़ करदो अया पेट में दर्द हो रहा है

तभी विदयादि ने आके मुझे बचाया

मैं अपने रूम में आके बेड पे लेट गया

थोड़ी देर बाद खाने का टाइम हुआ हम सबने खाना खाया

मैं तो वेट कर रहा था मैने सब चीज़े टेबल पे रख दी

ठीक 11 बजे मैं अवनी के रूम पे पहुँचा

मास्टर की से गेट खोलके अंदर गया अवनी मोबाइल चला रही थी

मैं धीमे कदमो से अवनी के पास पहुँचा मेरी नज़र मोबाइल पे पड़ी

मेरा तो लंड खड़ा हो गया अवनी पॉर्न देख रही थी

मैने लाइट ऑन कर दी अवनी सकपका गयी

अवनी- तूने तो मुझे डरा ही दिया

दिलीप- वैसे आज कल आप कुछ ज़्यादा ही ऐसी वैसी हरकत कर रही हैं

अवनी- यह सब तेरी वजह से हुआ है

दिलीप- मेरी वजह से

अवनी- सुनना मैने सुना है पीछे से करने में बहुत दर्द होता है

दिलीप- अगर आप नही चाहती है तो नही करता हूँ

अवनी- मैं तो यह कह रही थी कि आराम से करना

दिलीप- क्या

अवनी- वोही

दिलीप- क्या वोही

अवनी- हट बेशरम

मैने आगे बढ़के अवनी को अपनी गोद में उठाके अपने रूम मे पहुँचा

फिर अवनी के रूम मे गया एक ड्रेस लेके वापस अपने रूम में आया

और गेट लॉक किया मैं अवनी के पास पहुँचा अवनी मुस्कुरा रही थी

मैं झट से नंगा हो गया मेरा लंड आधा खड़ा था

अवनी भी अपने कपड़े उतार के नंगी हो गयी

वैसे आज मुझे अवनी कुछ ज़्यादा ही हॉट लग रही थी

मैं अवनी के होंठ चूसने लगा अवनी भी मेरे होंठ चूसने लगी

मैं किस करते हुए अवनी की चूत में दो उंगली डालके अंदर बाहर करने लगा

अवनी आहे भरने लगी मैने अवनी को बेड पे लेटा दिया

और अवनी के दूध चूसने लगा

अवनी मेरे लंड को पकड़के आगे पीछे करने लगी

मैं दूध को चूस्ते हुए नीचे आया और अवनी की नाभि में ज़ुबान डालके चूसने लगा

मैं अपना मुँह नीचे लेक आया और अवनी की चूत पे रख दिया

अवनी मेरे सर पे हाथ रखके दबाने लगी थोड़ी देर तक मैं अवनी की चूत को चूस्ता रहा

फिर मैं खड़ा हो गया मेरा लंड अवनी को सलामी देने लगा...
 
अपडेट 83

अवनी मेरे पास आके घुटनो के बल ज़मीन पे बैठ गई और मेरे लंड के टोपे को ज़ुबान से चाटने लगी

मस्ती में मेरी आँखें बंद हो गयी अवनी मेरे आधे लंड को अपने मुँह में भर के चूसने लगी

मैने अवनी के मुँह से अपना लंड निकाला और बेड पे लेट गया

अवनी अपनी गान्ड मेरे मुँह पे रखके मेरे लंड को चूसने लगी मैं भी अवनी की चूत चूसने लगा

थोड़ी देर बाद अवनी झड़ने लगी मैं अवनी का सारा पानी पी गया

फिर मैने अवनी को लेटाके उसकी गान्ड के नीचे एक तकिया रख दिया

और अपने लंड को अवनी की चूत पे सेट करके एक धक्का मार दिया

मेरा आधा लंड अवनी की चूत में अंदर बाहर होने लगा

मैं तेल अपनी उंगली में लेके अवनी की गान्ड में डालने लगा

अवनी छटपटाने लगी और मैं अवनी की चूत में पूरा लंड डालके धक्के मारने लगा

अवनी- अया माइ बेबी फक मी हार्डर यस अया

मैं अपनी एक उंगली अवनी की गान्ड में डालके आगे पीछे करने लगा अवनी भी डबल मज़े ले रही थी

अब मैं अपनी दो उंगली अवनी की गान्ड में डालने लगा अवनी की गान्ड बहुत टाइट थी

थोड़ा ज़ोर लगाने के बाद मैं अपनी दोनो उंगली अवनी की गान्ड में डालके आगे पीछे करने लगा

थोड़ी देर बाद अवनी झाड़ गयी मैने अवनी को घोड़ी बनाया

खूब सारा तेल अपने लंड पे लगाके अवनी की गान्ड पे सेट किया

हल्का सा धाक्का मारा लंड फिसल गया मैने अपने लंड को पकड़के अवनी की गान्ड पे रखके हल्का धक्का मारा

मेरा टोपा अवनी की गान्ड में फँस गया अवनी की चीख निकल गयी अवनी रोने लगी

मैं अवनी की चूत सहलाने लगा जैसे ही मुझे लगा अवनी झड़ने वाली है

मैं एक और धक्का मारा मेरा 3 इंच लंड अवनी की गांद में चला गया

अवनी झड़ने लगी

अवनी- और दर्द नही सह सकती प्लीज़ निकाल ले

मैं उतना ही लंड आगे पीछे करने लगा

मैने अवनी की कमर पकड़के आहिस्ते से धक्का मारा

मेरा आधा लंड अवनी की गान्ड को फाड़ता हुआ अंदर चला गया

अवनी की गान्ड से खून की धार निकली अवनी तड़पने लगी

मैं अवनी की चूत सहलाने लगा थोड़ी देर बाद अवनी शांत हुई

मैं अपना आधा लंड अवनी की गान्ड में अंदर बाहर करने लगा

अवनी दर्द से रो रही थी मैं तेल की कटोरी लिया और अपने लंड पे डालने लगा

मेरा आधा लंड अवनी गान्ड में जा रहा था थोड़ी देर बाद अवनी झड़ने लगी

मैने अपनी पूरी ताक़त लगाके धक्का मारा अवनी की जोरदार चीख निकल गयी

अब मेरा पूरा लंड अवनी की गान्ड में समा चुका था अवनी लंड बाहर निकालने को कह रही थी

मैने अपना आधा लंड निकाला और उसपर तेल डालके फिर अंदर डाल दिया

थोड़ी देर बाद अवनी शांत हुई अब मेरा लंड अवनी की गान्ड में आराम से अंदर बाहर हो रहा था मैं अवनी की कमर पकड़के ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा अब अवनी को भी गान्ड मरवाने में मज़ा आरहा था मैने अवनी को बेड पे लेटा दिया और जोरदार धक्के मारने लगा इस पोज़िशन में अवनी की गान्ड बहुत ज़्यादा टाइट हो गई अब मेरा भी पानी निकलने वाला था

मैं पूरी ताक़त से धक्के मारने लगा अवनी तो पूरी हिल गयी थोड़ी देर बाद मेरा सारा वीर्य अवनी की गान्ड में निकल गया

आधे घंटे तक मैं वैसे ही लेटा रहा जब मैं उठा तो देखा अवनी की गान्ड से खून और मेरा वीर्य दोनो निकल रहा था

मैने अवनी को गोद में उठाया और बाथरूम में गया

फिर मैं खुदको और अवनी को अच्छे से सॉफ किया अवनी अपनी गान्ड सेकने लगी

तबतक मैने सब कुछ सेट करके कपड़े पहेन लिए फिर मैने अवनी को उठाके बेड पे लेटा दिया

दोनो गोली खिला कर अवनी की गान्ड पे क्रीम लगाई फिर अवनी को कपड़े पहनाए

उसके बाद मैने अवनी को गोद में उठाके उसके रूम में लेजाके लेटा दिया

दिलीप- ज़्यादा दर्द हो तो एक गोली खा लेना

अवनी- ठीक है

फिर मैं अवनी के माथे पे किस करके अपने रूम में आके सोगया,,.,,
 
अपडेट 84

दिलीप- सुबह मैं उठके नहा धोके तय्यार हुआ

नीचे डाइनिंग टेबल पे जाके बैठ गया

प्रिया मुझे घूर रही थी

मैं नाश्ता किया

लखन के साथ अखाड़े में गया

कसरत करके स्कूल पहुँचा

वँया के क्लास में जाके अपना बॅग लेके अपने क्लास में आगया

मेरे बगल में रवि बैठा था

दिलीप- रवि मुझे देखके तेरा मन मुझे घूर्ने को करता है क्या

रवि- नही

दिलीप- तो फिर वँया के क्लास में जब मैं जाता हूँ तो लड़किया मुझे घूर्ने क्यूँ लगती हैं

रवि- तू अपनी हालत देख पूरा पसीने पसीने रहता है

शायद इसी लिए

दिलीप- हो सकता है

मैं देखा दीपा मेरी तरफ आ रही है

[वैसे एक बात तो मुझे भी खटक रही है कि यह दीपा मेरे पीछे क्यूँ पड़ गई है]

दीपा- कैसे हो दिलीप

दिलीप- मैं ठीक हूँ तुम कैसी हो

दीपा- देखलो तुम्हारे सामने खड़ी हूँ

दिलीप- [मैं दीपा को उपर से नीचे तक देखा सच कहता हूँ उपर से ही इतनी गदराई दिखती है तो अंदर से कैसी होगी]

मुझे तो अच्छी ही लगती हो

दीपा- [मुस्कुरा कर]ठीक है अब मैं जाती हूँ

दिलीप- अब तू चुप क्यूँ है बोल

रवि- मुझे कुछ नही बोलना तू मेरी बात सुनेगा ही नही

दिलीप- फिर टीचर आते गये पढ़ाते गये इसी बीच मेरी प्यारी मेडम आई मतलब रीना मेडम कसम से कितनी खूबसूरत लग रही थी वो भी बाकी टीचर्स की तरह एग्ज़ॅम्स प्रवचन देने लगी

मेडम ने तो मुझे देखा भी नही

मैने देखा रवि मेडम को घूर रहा है

मैने उसके सर पे चपत लगा दिया

फिर लंच टाइम हो गया

मैं सोचा मेडम से मिल लेता हूँ

मैं प्रिन्सिपल ऑफीस पहुँचा

गेट नॉक किया

र्म- अंदर आजाओ

दिलीप- मैं अंदर गया

र्म मुझे देखके मुस्कुराने लगी

मैं जाके सीधा रीना के गले लग गया

रीना को झटका लगा

अरे रीना को क्या मुझे भी झटका लगा

कि यह मैने क्या कर दिया

वैसे इसमें कोई हवस नही था

यह तो अपनापन था

रीना ने मुझे अलग किया

रीना- दिलीप यह क्या कर रहे हो

यह स्कूल है प्लीज़

दिलीप- अरे तो हम अपनी मेडम के गले लग रहे हैं किसी के बाप का क्या जाता है

रीना- बैठो

दिलीप- [मैं बैठ गया और मेडम को देखने लगा

रीना- ऐसे क्या देख रहे हो

दिलीप- देख रहा हूँ आपके गाल पहले से मोटे हो गये हैं

रीना- पढ़ाई कर रहे हॉकी नही

दिलीप- आपको क्या लगता है

रीना- किसी काम से आए हो

दिलीप- आप सवाल का जवाब ही नही देती

रीना- मुझे जो कहना था वो मैं तुम्हे बता चुकी हूँ

दिलीप- आपका मतलब है कि 24 घंटे के अलावा मैं आपसे बात नही कर सकता मैं आपसे हँसी मज़ाक नही कर सकता

रीना- मैने ऐसा तो नही कहा तुम मुझसे कभी भी बात कर सकते हो

दिलीप- मेडम आपके पति कैसे हैं

रीना- वो ठीक हैं

दिलीप- ठीक है अब मैं चलता हूँ

फिर मैं अपने क्लास में आगया

वँया मेरे बेंच पे बैठी हुई थी

मैं भी जाके बैठ गया

फिर मैने और वँया ने खाना खाया

वँया अपने क्लास में चली गयी

फिर टीचर पढ़ा ही रहे थे

कि एक लड़की आई

लड़की- क्या मैं अंदर आ सकती हूँ सर

टीचर- अंदर आजाओ स्टूडेंट्स यह है आपकी नयी दोस्त अदिति

[ऐसा बोलना तो नही चाहिए लेकिन इसे देखके तो मेरा लौडा खड़ा हो गया]

अदिति ने एक टाइट जीन्स पहनी हुई थी

ऐसा लग रहा था कि यह अपनी गान्ड पे खूब तेल मलके ज़बरदस्ती जीन्स चढ़ा कर आई है

टीचर ने उसे मेरे आगे वाली सीट्स पे बैठने को कहा

जब वो हमारी तरफ आ रही थी

तो टीचर उसकी गान्ड को घूर रहा था

थोड़ी देर बाद स्कूल की छुट्टी हो गयी

मैं और वँया एक साथ घर चल दिए

थोड़ी देर बाद हम घर पहुँचे

जैसे ही हम दोनो घर में एंटर हुए

मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी

मेरा दिमाग़ सुन्न हो गया

यह मेरे लिए आज तक का सबसे बड़ा झटका था

वोही वँया की आँखो से लगातार आँसू बह रहे थे

मुझे यक़ीन नही हो रहा था कि यह सपना है या सच

बड़े मामा ठाकुर वीर प्रताप सिंग मेरी ही एज की एक लड़की से दूसरी शादी कर चुके थे.'.,..,..,.
 
अपडेट 85

दिलीप- बड़े मामा और उनकी दूसरी बीवी सोफे पे बैठी थी...बड़े मामा कुछ बोल ही नही रहे थी...मेरी सब बहने भी नही दिख रही थी...मैं वैसे ही खड़ा था...कि बड़ी मामी के रोने की आवाज़ आई...बड़ी मामी अपने रूम में थी..मैं होश में आया...और बड़े मामा के रूम में गया...अंदर का नज़ारा देखके मैं दंग रह गया...बड़ी मामी की हालत ऐसी थी...जैसे वो बहुत बीमार हैं...छोटी मामी और मेरी सब बहने रो रही थी...

बड़ी नानी- तू अपने रूम में जा...और वँया को भी ले जा...

दिलीप- बड़ी नानी की बात मैं कैसे टाल सकता था...मैं वँया का हाथ पकड़ा और सीढ़िया चढ़ने लगा...जैसे ही मैं उपर पहुँचा...बड़ी मामी और ज़ोर्से रोने लगी...तभी वँया होश में आई...और दौड़के नीचे गयी...मैं भी दौड़के नीचे गया...वँया रूम में गयी...और अपनी माँ के गले लग्के रोने लगी...मैं इधर उधर देखा विदू मुझे नही दिख रही थी...मेरे दिल की धड़कने तेज़ हो गयी...अजीब अजीब ख्याल आने लगे...मैं बाहर आया और विदू को ढूँढने लगा...सब रूम में ढूँढ लिया नही मिली...मैं दौड़के अपने रूम में गया...और मास्टर की लेके विदू के रूम पे पहुँचा...मैं जल्दी से रूम का लॉक खोला...और अंदर गया

विदू बेड पे लेटी हुई थी...मैं दौड़के विदू के पास गया...मैं विदू को हिलाने लगा...विदू उठ ही नही रही थी...मेरी आँखो से बहने लगे...मैं टेबल से पानी लिया...और विदू के चेहरे पे छिड़कने लगा...विदू होश में ही नही आरहि थी...आज पहली बार मैं अपना आपा खो दिया...मैं दौड़के नीचे मामी के रूम में गया...

दिलीप- अरुणा दी विद्या दी को क्या हुआ है वो उठ ही नही रही हैं

बड़ी मामी- क्या हुआ मेरी बेटी को

बड़ी नानी- अरुणा डॉक्टर को बुला के लाओ...बड़ी मामी दौड़के उपर जाने लगी...बड़े मामा ने बड़ी मामी को दौड़ते हुए देखके डर गये...

बड़े मामा- बड़ी माँ क्या हुआ...

बड़ी नानी- विद्या बेहोश हो गयी है...[यह सुनके बड़े मामा उपर जाने लगे]

धर्मेश तुम यही बैठो...तुम्हारा वहाँ जाना ठीक नही है

[बड़े मामा वापस वही पे बैठ गये]

बड़े मामा- हम आप सबको सारी सच्चाई बता चुके हैं फिर भी यह सब हो रहा है

बड़ी नानी- धर्मेश तुम्हे क्या लगता है तुम्हारा सच सुनके तुम्हारी पत्नी और बच्चे खुश होंगे

बड़े मामा- बड़ी माँ हम मजबूर थे

हमारा दोस्त हमारी बाहो में दम तोड़ रहा था और उसकी आखरी ख्वाहिश यह थी कि हम उसकी एक लौति बेटी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार कर ले इससे पहले हम कुछ कह पाते हमारा दोस्त दम तोड़ चुका था अब हमारे अलावा इसका इस दुनिया में कोई नही है

बड़ी नानी- मैं जानती हूँ पर एक पत्नी का दुख तुम नही समझ सकते तुम अपनी पत्नी को उसके कमरे में ले जाओ

[बड़े मामा अपनी दूसरी बीवी को उसके रूम में ले गया]

अब मुझे सच पता चल चुका था तबतक डॉक्टर भी आगया

मैं डॉक्टर को लेके विदू के रूम पहुँचा

डॉक्टर विदू को चेक करने लगा

फिर डॉक्टर ने विदू को इंजेक्षन लगाया

बड़े मामा- डॉक्टर साहब मेरी बेटी को क्या होगया है

डॉक्टर- बच्ची ने नींद की गोलिया खा ली थी मैने इंजेक्षन दे दिया है थोड़ी देर में होश अजाएगा

फिर डॉक्टर चला गया

तभी बड़ी नानी रूम में आई

बड़ी नानी- बहू संभाल अपने आप को अगर तुम ऐसा करोगी तो तुम्हारी दोनो बेटिओं को कॉन संभालेगा अगर इनको कुछ हो गया तो क्या तुम अपने आप को माफ़ कर पाओगी

बड़ी मामी- नही मैं अपनी बच्चियो को कुछ नही होने दूँगी मेरा पति तो मुझसे दूर हो चुका है अब मैं अपनी विद्या और वानु को कुछ नही होने दूँगी

दिलीप- मैं अपने रूम में आगया..,दोनो अपनी जगह सही हैं...पर यह छोटे मामा मासी कहाँ चले गये...तभी मेरे सर में तेज़ भयानक दर्द होने लगा...और मैं बेहोश हो गया....,
 
अपडेट 86

दिलीप- पता नही मैं कितनी देर तक बेहोश रहा

जब मुझे होश आया

तो मैं जल्दी से उठके फ्रेश हुआ

रात के खाने का टाइम हो गया था

मैं नीचे गया

पूरा सन्नाटा था

मैं किचन में गया

दोपेहेर वाला खाना गरम करके तीन प्लेट में डाला

और तीनो प्लेट लेके विदू के रूम पे गया

गेट खुला ही था

मेरा अंदाज़ा सही निकला

बड़ी मामी वँया और विदू एक साथ ही बैठी थी

मैं अंदर गया और खाना टेबल पे रख दिया

अभी भी तीनो रो नही रही थी

तीनो प्लेट तीनो के सामने रखके मैं विदू के सामने बैठ गया

[ब मामी मुझे ही देख रही थी]

विद्या- मुझे नही खाना है तू यह सब लेके जा यहाँ से

दिलीप- मैने कब कहा कि आप अपने हाथ से खाना खाओ

विद्या- दिलीप प्लीज़

दिलीप- मैने एक नीवाला बनाके विदू के मुँह पे लगा दिया

विदू अपनी गर्दन ना में हिलाने लगी]

मेरे हाथ से भी नही

विद्या- गले से नही उतरेगा

दिलीप- ज़रूर उतरेगा बोलो कि आपके दिलीप के हाथ का खाना है

विदू ने अपना मुँह खोल दिया

फिर क्या था मेरी प्यारी विदू मेरे हाथ से खाना खाने लगी

खा कम रही थी रो ज़्यादा रही थी

मैं विदू के आँसू पोछा]

अब आप मामी को खिलाओ

मामी वँया को खिलाएगी

तबतक मैं यही पे बैठा हूँ

तीनो मुझे आँखे फाड़के देखने लगी

फिर मेरी प्यारी विदू ने मामी को खिलाया

मामी ने वँया को

[बड़ी नानी छोटी मामी और सब बहने यह सब होते हुए देख रही थी]

फिर मैं रूम से बाहर आगया

और अपने रूम में आके बैठ गया

थोड़ी देर बाद किसीने गेट नॉक किया

मैने गेट खोला

सामने बड़ी नानी मेरे लिए खाना लेके खड़ी थी

मैं साइड हो गया

बड़ी नानी अंदर आके बेड पे बैठ गयी

मैं भी बैठ गया

बड़ी नानी- तू तो बड़ा समझदार हो गया है क्या आइडिया लगाया तूने

दिलीप- सब कुछ आपके आशीर्वाद से हुआ है

फिर बड़ी नानी मुझे खाना खिलाने लगी

मैने भी चुप करके खा लिया]

आपसे एक बात पुच्छू

बड़ी नानी- पूछ

दिलीप- यह कैसा दोस्त था बड़े मामा का जो मरते वक़्त अपनी बेटी का हाथ अपने दोस्त के हाथ में देके मर गया

मतलब यह तो मेरे ही उमर की होगी

बड़ी नानी- सबसे पहले अब वो तेरी मामी है तुझे पता है वो दोस्त कौन था

दिलीप- कौन था

बड़ी नानी- एक ग़रीब किसान और उसकी और तेरे मामा की दोस्ती आज की नही है बरसो पुरानी है

दिलीप- लेकिन यह हुआ कैसे बड़े मामा जिनसे कोई आँख मिलाके बात नही करता उससे उस आदमी की दोस्ती थी

बड़ी नानी- ऐसे नही बोलते एक दिन धर्मेश शिकार करने जंगल गया था जंगल से आते हुए रात हो गयी तभी धर्मेश के दुश्मनो ने उसपे हमला कर दिया दुश्मनो को लगा कि धर्मेश मर चुका है पर धर्मेश जिंदा था तब इसी आदमी ने धर्मेश की जान बचाई थी तबसे धर्मेश का वोही एकलौता दोस्त था और धर्मेश ने उससे दोस्ती इसलिए नही किया था कि उसने उसकी जान बचाई है उसे तो पता ही नही था कि जिसकी वो जान बचा रहा है वो पूरे 150 गाओं का ठाकुर है फिर उसकी शादी हुई

उसकी बीवी उसकी बेटी को जनम देते ही मर गयी जब तक वो जिंदा था तबतक उसने धर्मेश से एक रुपया भी नही माँगा

लेकिन कुछ दिन पहले धर्मेश को पता चला कि वो बहुत बीमार है तो वो उससे मिलने गया उसके मना करने के बाद भी वो उसे हॉस्पिटल ले गया वहाँ पता चला कि अब उसके पास कुछ ही दिन बचे हैं अब तू बता उसके सिवा उसकी बेटी का कोई नही था वो धर्मेश को यह भी कह सकता था कि धर्मेश उसकी बेटी की शादी किसी अच्छी जगह करा दे शायद उसके लिए उसकी नज़र में धर्मेश से ज़्यादा भरोसेमंद आदमी ना हो

दिलीप- अच्छा

बड़ी नानी- अब तू आराम कर मैं जाती हूँ फिर बड़ी नानी चली गयी.,.,..
 
अपडेट 87

दिलीप- थोड़ी देर बाद मैं विदू के रूम पे गया गेट खुला ही था मैने अंदर जाके गेट लॉक किया और विदू के बेड पे बैठ गया

आज पहली बार मुझे अहसास हुआ कि मैं भी विदू से बेन्तेहा मोहब्बत करता हूँ मैं मोबाइल में 4आम का अलार्म लगाके विदू के साथ सो गया नींद में मुझे लगा कि कोई मुझे किस कर रहा है मैने अपनी आँख खोल दी कुछ दिखाई नही दे रहा था विदू ही होगी मैं भी विदू होन्ट चूमने लगा फिर मैने किस तोड़ दिया और उठके बैठ गया विदू मुस्कुरा रही थी मैने टाइम देखा 5 बज रहे थे]

विद्या- क्या हुआ ऐसे क्या देख रहा है

दिलीप- मैं आपसे बात नही करूँगा

विद्या- क्यूँ

दिलीप- क्यूँ आपको पता नही है

विद्या- माफ़ करदेना प्लीज़

दिलीप- आपको पता है अगर आपको कुछ हो जाता तो बस नींद की गोली खाली

विद्या- मैं उस वक़्त कुछ सोचने की हालत में नही थी

दिलीप- अच्च्छा अब रोना बंद करो कल से रो ही रही हो

विद्या- तू भी तो रो रहा है

दिलीप- मैने विदू को अपनी गोद में खींच लिया] मामी कैसी है

विद्या- ठीक ही हैं

दिलीप- आपको एक बतानी है

[बड़ी नानी ने जो बात मुझे बताई थी मैं वो सारी बात विदू को बता दिया]

विद्या- पिताजी ने तो हमे यह सारी बाते नही बताई

दिलीप- शायद आप सबने कुछ सुना ही नही होगा

विद्या- तू तो बड़ा समझदार है

दिलीप- मैं तो अपने आपको उल्लू समझता हूँ

विद्या- खबरदार जो मेरी जान को तूने उल्लू बोला है

दिलीप- तो क्या आपका पति बोलूं

[यह सुनके विदू का चाँद सा चेहरा टमाटर की तरह लाल हो गया]

दिलीप-बोलू कि नही

विद्या- हाँ

दिलीप- तो आपके पतिदेव चाहते हैं आप हमारी साली साहेबा को जाके समझाए कि आज उन्हे अपने जीजाजी के साथ स्कूल जाना है

[विदू अभी भी शर्मा रही थी]

मैं विदू के गाल सहलाने लगा

एक बात बताओगी

विद्या- क्या

दिलीप- आप की एज कितनी है

विद्या- 22

दिलीप- ठीक है

विद्या- अब तू रेडी हो जा मैं वँया के पास जा रही हूँ

दिलीप- किस लिए

विद्या- अपने पति की आग्या जो पूरी करनी है

[यह कहके विदू भाग गयी]

मैं भी अपने रूम में आके रेडी हुआ और नीचे गया डाइनिंग पे बड़ी नानी छोटी मामी मेरी सब बहनें बैठी थी यह छोटे मामा कहाँ गये फिर नाश्ता करके कालिए के साथ अखाड़े में गया 1 घंटे तक कसरत किया फिर स्कूल पहुँचा वँया के क्लास में जाके अपना बॅग लिया फिर मैं अपने क्लास में आके बैठ गया रवि भी नही दिख रहा था

तभी मेरे बगल में दीपा आके बैठ गयी

दीपा तुम यहाँ पे क्यूँ बैठ गयी

दीपा- वो आज तुम्हारे साथ रवि बैठा नही है इसलिए मैं बैठ गयी

दिलीप- ठीक है

फिर टीचर्स आते गये पढ़ाते गये तभी मेरी जाँघ पे दीपा ने हाथ रख दिया

[यह तो बहुत तेज़ है]

मैं दीपा को घुरके देखा

[दीपा ब्लॅक बोर्ड की तरफ देख रही थी]

[तुझे तेज़ी देखनी है]

मैं अपना हाथ नीचे ले गया और उसके स्कर्ट के अंदर घुसा दिया

दीपा सकपका गयी

मैं अपनी उंगली उसकी चूत पे घुमाने लगा दीपा अभी भी सामने देख रही थी मैं अपनी एक उंगली धीरे से उसकी चूत में डालके आगे पीछे करने लगा दीपा का हाथ मेरी जाँघ पे टाइट होने लगा अब मैं तेज़ी से अपनी उंगली आयेज पीछे करने लगा

जैसे ही मुझे लगा कि वो झड़ने वाली है मैने अपना हाथ निकाल लिया दीपा मेरी तरफ देखने लगी दीपा का चेहरा देखके लगा

कि किसीने उसकी जान निकाल ली हो मैं मुस्कुरा दिया आस पास स्टूडेंट्स थे दीपा कुछ कर भी नही सकती थी

थोड़ी देर बाद लंच टाइम हो गया मैने बाथरूम में जाके अपना हाथ धोया

और वापस अपने क्लास में आके वँया के साथ खाना खाया फिर वँया चली गयी....
 
अपडेट 90

दिलीप- लंच टाइम ख़तम हो गया लेकिन दीपा मेरे साथ दोबारा नही बैठी थोड़ी देर बाद अदिति क्लास में आके मेरे साथ बैठ गयी

[स्कूल की छुट्टी होने में अभी कुछ टाइम था इतनी देर से यह थी कहाँ पे]

शकल से बड़ी घमंडी लग रही थी मुझे क्या फिर स्कूल की छुट्टी हो गयी

मैं और वँया स्कूल से घर पहुँचे वँया अपनी माँ के रूम में चली गयी

[पर मुझे तो पता ही नही था कि मेरी किस्मत ऐसी फूटी है]

बड़ी नानी बैठी हुई थी मैं जाके बड़ी नानी के पास बैठ गया

दिलीप- आप अकेली क्यूँ बैठी हैं

बड़ी नानी- तो किसके साथ बैठू

दिलीप- क्या बड़ी नानी आप भी घर में छोटी मामी बाकी सब हैं आप उनके साथ भी तो बैठ सकती हैं

बड़ी नानी- वो सब तो वापस चले गये

दिलीप- कॉन सब

बड़ी नानी- तेरे छोटे मामा और तेरी सब बहने

दिलीप- क्याअ...पर कब और मुझसे मिले बिना वो ऐसा कैसे कर सकते हैं

बड़ी नानी- वो तेरे छोटे मामा को शहेर से फोन आया था कि वो जल्द से जल्द शहर आजाए वरना उनकी कंपनी को भारी नुकसान होगा इसी लिए वो सब आज ही चले गये

दिलीप- ठीक है मैं अपने रूम में जा रहा हूँ फिर मैं अपने रूम में आगया और रोने लगा मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा था

कि अब मैं अपनी विदू से नही मिल पाउन्गा गुस्सा भी बहुत आरहा था कि आज मैं स्कूल क्यूँ गया मन कर रहा था कि अपना सर दीवार पे दे मारू थोड़ी देर मैं ऐसे ही रोता रहा मुझे अभी बहुत गुस्सा आरहा था रो रो के मेरी आँखें लाल हो गयी थी मैं अपना मुँह धोके नीचे गया

वँया बड़ी नानी की गोद में सर रखके सोई हुई थी मैं बड़ी नानी के पास गया और अपना मुँह दूसरी तरफ करके बोला]

बड़ी नानी मैं गाओं घुमके आता हूँ

बड़ी नानी- शाम होने से पहले आ जाना

दिलीप- फिर मैं सीधा बिम्ला के घर गया क्यूंकी एक बिम्ला ही थी जिसकी वजह से मेरा गुस्सा ठंडा हो सकता था

थोड़ी देर बाद मैं पहुँचा बिम्ला के घर

मैं बिना गेट नॉक किए अंदर चला गया और गेट लॉक कर दिया बिंला के घर में 2 रूम है

मैं पहले रूम में गया वहाँ बिंला नही मिली

दूसरे रूम मे जब मेरी नज़र पड़ी तो बिम्ला पूरी नंगी होके बेड पे लेटी अपनी आँखें बंद किए अपनी चूत पे उंगली घुमा रही थी बिम्ला को नंगी देखके मेरा सारा गुस्सा हवा में उड़ गया मैं बिम्ला के पास जाके खड़ा हो गया]

क्या कर रही हो काकी बिम्ला सकपका गयी और अपने आप को चादर से ढँकने लगी]

रहने दो ऐसे ही अच्छि लगती हो

बिम्ला- छोटे मालिक आप

दिलीप- हाँ मैं

बिम्ला- आप यहाँ क्या करने आए हैं

दिलीप- क्यूँ तुम्हे नही पता है

बिम्ला- नही मुझे क्या पता

दिलीप- देखो काकी फालतू का टाइम पास मत करो वरना अगर मैं चला गया तो दोबारा कभी नही आउन्गा

बिम्ला कुछ सोचने लगी..,.
 
अपडेट 91

दिलीप- इससे पहले काकी कुछ सोच पाती मैने आगे बढ़के चादर खींच लिया

अब काकी मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी फिर मैने अपने सारे कपड़े उतार दिए

काकी की नज़र मेरे लंड से हट ही नही रही थी] ऐसे क्या देख रही हो

बिम्ला- मैं तो बेकार में ही सोच रही थी कि तू अभी बच्चा है

दिलीप- तुझे इस बच्चे से चुदना है कि नही यह सुनके काकी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपने उपर खींच ली और पूरे जोश के साथ किस करने लगी मैं भी पूरे जोश के साथ काकी के होंठ चूसने लगाफिर मैं अपनी ज़ुबान काकी के मुँह में डाल दिया

काकी मेरी ज़ुबान को चूसने लगी मैं काकी के दूध दबाने लगा काकी ने किस तोड़ दिया मैं काकी को लेटा दिया और काकी के एक दूध को दबाते हुए दूसरे दूध को चूसने लगा कभी निपल को चूस्ता कभी निपल को काट लेता काकी के दूध बहुत बड़े थे

फिर मैं दूसरे दूध को भी ऐसे ही चूसने लगा उसके बाद मैं काकी की जाँघो को चूमने लगा काकी मेरा सर अपनी चूत पे रख रही थी मैं काकी की चूत देखके पागल हो गया काकी की चूत पे एक भी बाल नही थे काकी की चूत एक दम फूली हुई थी

मैं काकी की चूत में अपनी नुकीली ज़ुबान घुसा दिया और ज़ोर से चूसने लगा फिर मैं काकी की चूत में अपनी दो उंगली डालके आगे पीछे करने लगा काकी ने अपना पानी मेरे मुँह में ही छोड़ दी मैं काकी का सारा पानी पी गया फिर मैं खड़ा होके काकी के मुँह के पास गया काकी मेरे लंड को अपने हाथ में लेके नापने लगी]

देखती ही रहोगी या चुसोगी भी

मेरे इतना कहते ही काकी गॅप से मेरे लंड के टोपे को चूसने लगी कभी आधे लंड को चुस्ती कभी पूरे लंड को एक बार तो काकी ने मेरे पूरे लंड को अपने मुँह में ले ली मेरा लंड काकी के हलक तक चला गया फिर मैने काकी के सर को पकड़ा और हल्के हल्के धक्के लगाने लगा फिर मैं काकी के मुँह से अपना लंड निकाला और अपनी पॅंट से कॉंडम निकाल के अपने लंड पे लगा दिया एक बार फिर मैं काकी के मुँह में अपना लंड डालके गीला किया और काकी के दोनो टॅंगो के बीच आगया अपना लंड काकी की चूत पे रगड़ने लगा

बिम्ला- एक ही बार में डाल दे अपना मुन्सल जैसा लंड

दिलीप- दर्द नही होगा

बिम्ला- नही होगा

काकी के इतना कहते ही मैने काकी टाँग को पकड़ा और एक ही बार में अपना पूरा लंड डाल दिया काकी अपने मुँह पे हाथ रख दी काकी के आँखो से आँसू निकलने लगे मैं बिना रुके अपना लंड काकी की चूत में पेलने लगा 10 मिनिट तक ऐसे ही चोदता रहा फिर काकी ने पानी छोड़ दिया काकी बिना कहे घोड़ी बन गई मैं काकी के पीछे आया और अपना लंड काकी की चूत में डालके धक्के मारने लगा मेरी नज़र काकी की गान्ड पे गयी मैं काकी की चूत में अपना लंड पेलते हुए अपनी उंगली से काकी की गान्ड के छेद को कुरेदने लगा मन किया कि अभी गान्ड में लंड घुसा दूं पर अगर गुस्सा हो गया तो चूत भी नही मिलेगी

बिम्ला- अया यह क्या कर रहा है अया और ज़ोर से चोद मुझे फाड़ दे मेरी चूत अया आअज से मैं तेरी हूँ तू जब चाहेगा जहाँ चाहेगा मैं तुझसे चुदवाउंगी अया हूओ आआी माअर डाअला तुने

दिलीप- काकी फिर पानी छोड़ दी अब मेरा लंड आराम से काकी की चूत में जा रहा था मैं झुकके काकी के दूध दबाने लगा

काकी अभी तक तीन बार पानी छोड़ चुकी थी मैं काकी की चूत से अपना लंड निकालके लेट गया काकी समझ गयी काकी मेरे खड़े लंड पे अपनी चूत सेट करके बैठने लगी और धीरे से अपनी गान्ड उपर नीचे करने लगी काकी के हिलते हुए दूध को देखके मैं पागल हो गया मैने काकी को अपने उपर खींच लिया और नीचे से धक्के मारने लगा काकी फिर पानी छोड़ दी मैने काकी की चूत से अपना लंड निकाला और कॉंडम हटा कर अपना लंड काकी के मुँह में डाल दिया काकी मेरे लंड को चूसने लगी थोड़ी देर बाद मैं अपना सारा वीर्य काकी के मुँह में छोड़ दिया काकी मेरा सारा वीर्य पी गयी

हमारी चुदाई 40 मिनिट तक चली फिर हम दोनो बेड पे बैठ गये

दिलीप- मज़ा आया

बिम्ला- बहुत मज़ा आया तू तो असली मर्द है

दिलीप- अभी तक कितने ले चुकी हो

बिम्ला- तू तीसरा है

दिलीप- लेकिन आप तो बहुत अच्छे से साथ देती हो

बिम्ला- वो इस लिए की मेरा पति रोज़ मुझे बेरेहमी से चोदता था फिर वो मर गया लेकिन मेरी चूत प्यासी रह गयी

उसके बाद मैं सरपंच से चुदवाने लगी

दिलीप- लेकिन आपका घर कैसे चलता है

बिम्ला- सरपंच मुझे हर महीने पैसे देता है

दिलीप- और आपका खेत

बिम्ला- वो सरपंच के यहाँ गिरवी है

दिलीप- आप मेरी एक बात मनोगी

बिम्ला- क्या

दिलीप- मैं आपका खेत दिलवा दूँगा इसके बदले में आप सिर्फ़ मुझसे चुदवाओगी

बिम्ला- तू अगर मेरी मदद नही भी करेगा तब भी मैं सिर्फ़ तुझसे चुदवाउन्गी

दिलीप- वादा

बिम्ला- पक्का वादा

दिलीप- एक बात समझ में नही आई उस दिन सरपंच आपकी गान्ड मार रहा था लेकिन आपकी गान्ड के छेद को देखके नही लगता कि आपने कभी गान्ड मरवाई होगी

बिम्ला- क्यूकी उस दिन मैं पहली बार गान्ड मरा रही थी वो भी अधूरी रह गयी सुनना एक बार और चोद ना

दिलीप- शाम होने वाली है मुझे घर भी जाना है

बिंला- ठीक है

दिलीप- चलो आप तो मुझे अब मुझे छोटे मालिक नही कहेंगी

[बिम्ला हँसने लगी]

मैं अपने कपड़े पहन कर के बाहर आया और सीधा घर पहुँचा..,.

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अपडेट 92

दिलीप- मैं अपने रूम में बैठा हुआ था कि वँया आ गई फिर हम दोनो साथ पढ़ाई करने लगे फिर वँया और मैं नीचे गये हम दोनो डाइनिंग टेबल पे बैठे हुए थे कि मामा और उनकी दूसरी बीवी आ गई वँया उठ ही रही थी कि मैं उसका हाथ पकड़ लिया फिर हम सब ने खाना खाया

बड़े मामा- दिलीप आप की पढ़ाई कैसी चल रही है

दिलीप- जी अच्छि चल रही है

फिर बड़े मामा और उनकी दूसरी बीवी चले गये

दिलीप- मामी खाना नही खाएँगी क्या

बड़ी नानी- मैं भी बोलके थक गयी हूँ

दिलीप- उनको पूरी बात पता है कि नही

बड़ी नानी- तू अभी नही समझेगा

दिलीप- [क्या नही समझूंगा बड़ी नानी भी ना कमाल करती हैं]

मैं अपने रूम में आगया बेड पे लेटते ही नींद आ गई

सुबह उठके नहाया धोया तय्यार होके नीचे गया फिर वोही कालिए के साथ कसरत करके स्कूल पहुँचा

आज भी रवि नही आया

आज दीपा भी नही आई मेरी बेंच ऐसे ही खाली थी

स्कूल की छुट्टी हो गयी मैं घर आगया

3 दिन ऐसे ही बीत गये आज शांति की रिपोर्ट लाने जाना था अब बड़ी नानी क्या बताता इसीलिए कुछ बताया ही नही मैं सारा काम निपटा के स्कूल पहुँचा थोड़ी देर बाद बस स्टॉप पे पहुँचके एक बस में बैठ गया बस चलने लगी डेढ़ घंटे बाद बस शहर में पहुँची मैं भी एक टॅक्सी करके हॉस्पिटल पहुँचा फिर नर्स से बात करने लगा

थोड़ी देर बाद डॉक्टर के कॅबिन में गया

डॉक्टर रिया- बैठ जाइए

[मैं बैठ गया]

सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल है आप को चिंता करने की कोई ज़रूरत नही है

दिलीप- [यह सुनके मेरा दिमाग़ सुन्न हो गया अब शांति को प्रेगनेंट करना पड़ेगा मैं सोच में डूब गया]

डॉक्टर रिया- क्या हुआ आप खुश नही लग रहे हैं

दिलीप- नही ऐसी कोई बात नही है वैसे मुझे बाथरूम जाना है

[ मेरे मुँह से अपने आप निकल गया]

डॉक्टर रिया- यॅ श्योर उस तरफ

दिलीप- मैं बाथरूम में घुस गया 10 मिनिट तक ऐसे ही खड़ा रहा फिर जैसे ही मैने बाथरूम का गेट खोला

मेरी नज़र डॉक्टर पे पड़ी

डॉक्टर की पीठ दूसरी तरफ थी पर इसके कपड़े देखके नही लग रहा था कि यह रिया है तभी मेरा लंड मेरे दिमाग़ पे हावी हो गया लेकिन अगर आइडिया काम नही किया तो जूते तो पड़ेंगे ही मैं धीमे कदमो से उसके पास पहुँचा और उसकी कमर में हाथ डालके अपनी तरफ खींच लिया वो चीखने ही वाली थी कि मैं अपना हाथ उसके मुँह पे रख दिया

दिलीप- रिया चीखो मत मैं हूँ मैने अपना हाथ उसके मुँह से नही हटाया मैं उसकी गर्दन पे किस करने लगा पर इतना काफ़ी नही था मैं अपना हाथ कपड़ो के उपर से उसकी चूत पे रखके सहलाने लगा दूसरे हाथ से मैने अपनी पैंट खोलके नीचे कर दिया अंडरवेअर नीचे करते ही मेरा शेर दहाड़े मारने लगा मैने उसका हाथ पकड़के अपने लंड पे रख दिया वो अपना हाथ हटाने लगी

दिलीप- क्या हुआ जान अपने बाबू को प्यार करो ना फिर वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी मैं तेज़ी से उसकी चूत सहला रहा था मैं अपना दूसरा हाथ उसके दूध पे रख दिया और दबाने लगा थोड़ी देर बाद वो ढीली पड़ने लगी मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है मैं जल्दी से अपना हाथ हटा दिया

दिलीप- जान इधर घुमो ना तुम्हार होंठ तो चूम लूँ मैने उसको अपनी तरफ घुमाया उसको देखके डरते हुए

दिलीप- आप कॉन हैं मुझे माफ़ कर दीजिए मैं समझा आप रिया हैं मैं दूसरी तरफ घूमके अपनी पॅंट उपर करने की कोशिश करने लगा...
 
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