Incest मैं अपने परिवार का दीवाना - Page 7 - SexBaba
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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 57

दिलीप- हुआ यह कि जब मैने गेट खोलके अंदर देखा

तो अवन्तिका दी अपने कान में हेडफोनर लगाए अपनी गान्ड पीछे किए हुए गोल-2 घुमा रही थी

दी बहुत टाइट कपड़े पहने हुए थी

मुझे कुछ सूझ ही नही रहा था

थोड़ी देर बाद अवन्तिका दी ने अपनी गान्ड घुमाना बंद कर दिया

और अवन्तिका दी पीछे मूड गयी

मैं होश में आया

अवन्तिका दी मेरे पास आई

अवन्तिका- तू कब आया

दिलीप- अभी आप क्या कर रही थी

अवन्तिका- क्या

दिलीप- वही जो अभी आप कर रही थी

अवन्तिका- सीधा बताना

दिलीप- अभी आप अपनी गांद गोल-2 क्यूँ घुमा रही थी

अवन्तिका- छ्ही कितनी गंदी बाते करता है तू

दिलीप- इसमें क्या गंदा है

अवन्तिका- चुप बेशरम

दिलीप- मैने दी को गले लगा लिया

दी की आह निकल गयी

मैं अपने होन्ट दी के होन्ट पे रखके किस करने लगा

दी भी मेरे साथ देने लगी

मैं दी के उपरी होन्ट को चूसने लगा

दी भी मेरे निचले होन्ट चूसने लगी

अब मैं दी की ज़ुबान अपने मुँह में लेके चूसने लगा

दी मेरे पीठ सहला रही थी

मैने अपनी ज़ुबान दी के मुँह में डाल दिया

दी मेरी ज़ुबान अपने मुँह में भरके चूसने लगी

अब हमे 10 मिनिट हो गये थे किस करते हुए

मेरी साँस फूल रही थी

दी किस तोड़ने को तय्यार ही नही थी

मैने किस तोड़ दिया

और लंबी-2 साँस लेने लगा

दी का भी यही हाल था]

अब बताइए आप क्या कर रही थी

अवन्तिका- एरोबिक्स

दिलीप- इससे क्या होता है

अवन्तिका- इससे हिप्स शेप में रहता है

दिलीप- अच्छा यह करने से गांद बड़ा नही होती

अवन्तिका- नही यह करने से हिप्स पे चर्बी जमा नही होती

दिलीप- [मैं फिर किस करने वाला था कि दी ने मुझे चपत लगा दी]

अवन्तिका- तू हर वक़्त किस क्यूँ करने लगता है

दिलीप- इसमें भी आपकी ग़लती है

अवन्तिका- मैने क्या किया

दिलीप- आपने मुझे जबसे किस किया है

मन करता है हर वक़्त आपको किस करता रहूँ

अवन्तिका- तेरी कोई गिर्ल्फ्रेंड थी क्या

दिलीप- नही

अवन्तिका- तो फिर तू इतना अच्छे से किस कैसे कर लेता है

दिलीप- [अब क्या कहूँ दी ने तो बॉम्ब फोड़ दिया]

वो स्कूल में एक लड़की के साथ किस किया था

अवन्तिका- सिर्फ़ किस या कुछ और भी किया था

दिलीप- उसको तो सिर्फ़ किस किया था पर आपके साथ कुछ और ज़रूर करूँगा

[मैने मुस्कुरा के कहा]

अवन्तिका- अच्छा मैं भी तो देखु मेरा बाबू मेरे साथ क्या करता है

दिलीप- सोच लीजिए एक बार शुरू कर दिया तो रुकुंगा नही चाहे कुछ भी हो जाए

अवन्तिका- अगर कोई आगया तो

दिलीप- तब भी नही रुकुंगा

अवन्तिका- अगर बड़े पापा आगाये तो

दिलीप- कौन बड़े पापा

अवन्तिका- वँया के पिताजी तेरे बड़े मामा और मेरे चाचा जी

दिलीप- [बड़े मामा का नाम सुनके मेरी फट गयी]

मुझे घबराया हुआ देखके दी मेरे पास आई

अवन्तिका- सॉरी बाबू अपनी दी को माफ़ कर्दे

दिलीप- नही दी आपको सॉरी बोलने की ज़रूरत नही है

मुझे पता है कि आप मज़ाक कर रही थी

[यह कहके मैने दी को किस किया और बाहर आगया]

मैने टाइम देखा अब स्कूल की छुट्टी हो गयी होगी

मैं बड़ी नानी का रूम नॉक किया

बड़ी नानी ने गेट खोला]

बड़ी नानी मैं बाजार जा रहा हूँ

आपको कुछ मंगाना है

बड़ी नानी- तुझे जाने की क्या ज़रूरत है

किसी नौकर को बोल दे वो चला जाएगा

दिलीप- विनय भी मेरे साथ जाएगा बाजार

बड़ी नानी- ठीक है पर जल्दी आ जाना

दिलीप- मेरी प्यारी बड़ी नानी

[यह कहके मैं बाहर आया अपनी बाइक पे बैठा और रीना मेडम के घर की तरफ चल दिया..
 
अपडेट 58

थोड़ी देर बाद मैं [रीना मेडम ] के घर पहुँचा

यह डोर बेल को भी आज ही खराब होना था

मैं घर के पीछे वाले हिस्से में बाइक लेके गया

शूकर है खिड़की खुली थी

मैं खिड़की से अंदर गया

रीना के घर में 2 रूम्स थे

अब मैं पहले रूम से बाहर निकला और दूसरे रूम की तरफ गया

दूसरा रूम भी बंद था

मैं एक टेबल लिया उसपे चढ़ गया

जैसे ही मैं अंदर झाँका अंदर वही प्रिन्सिपल और रीना की चुदाई चल रही थी थी

मैं मोबाइल निकाला और लगा रेकॉर्डिंग करने

10 मिनिट तक चुदाई प्रोग्राम चलता रहा

मैं टेबल से नीचे उतरा

टेबल साइड में किया और एक कोने में छिप गया

थोड़ी देर बाद प्रिन्सिपल रूम से बाहर निकला और घर से बाहर चला गया

रीना ने मैनगेट लॉक किया और अपने रूम के बाथरूम में चली गयी

मैं रूम में गया और बेड पे बैठ गया

थोड़ी देर बाद रीना अपने जिस्म पे टवल लपेटे हुए बाथरूम से बाहर निकली

रीना ने जब मुझे देखा तो चौंक गयी

रीना- दिलीप तुम यहाँ क्यूँ आए हो

दिलीप- आपसे मिलने और क्या

रीना- पर क्यूँ

दिलीप- आपको दो ऑप्षन देता हूँ

आप प्रिन्सिपल से पीछा छुड़ाना चाहती है

या उसे बर्बाद करना चाहती हैं

रीना- मुझे प्रिन्सिपल को बर्बाद करना है

दिलीप- तो ठीक है अब मेरी बात ध्यान से सुनिए

मैने रीना को अपना प्लान बताया

रीना- अगर मुझे कुछ होगया तो मेरे पति का क्या होगा

दिलीप- तो फिर आप ऑप्षन आ चुन लीजिए

रीना- अगर मैं बच भी गयी तो प्रिन्सिपल किसी और की जिंदगी बर्बाद कर देगा

इसीलिए अब जो होगा देखा जाएगा

दिलीप- ठीक है कल मैं 8 बजे सुबह आ जाउन्गा आप प्रिन्सिपल को 9बजे बुला लेना

[यह कहके मैं बाहर आया

अपनी बाइक उठाई और चल दिया मार्केट मार्केट में जलेबी की दुकान पे गया

जलेबी पॅक करवाया और पहुँचा हवेली

जैसे ही मैने अंदर पावं रखा सब लड़किया एक साथ हॉल में बैठी थी

सब बहने मुझे देखके मेरे पास आगयि

विद्या- इसमें क्या लाया है

दिलीप- जलेबी

अरुणा- वाउ जलेबी ला मुझे दे मैं प्लेट में रखके लाती हूँ

[अरुणा दी जलेबी लेके चली गयी]

वँया ने मुझे पानी लाके दिया

मैं पानी पिया और सोफे पे बैठ गया

अवन्तिका- इतनी गर्मी में तुझे बाहर जाने की क्या ज़रूरत थी

दिलीप- अपने दोस्त के साथ गया था

मेघा- ला मैं तेरे पैर दबा देती हूँ

दिलीप- अरे मैं बाइक से गया था कोई पैदल थोड़ी गया था

सुनीता- मैं भी पैर दबाउन्गी

दिलीप- आप का भी जवाब नही मैं मेघा दी को समझाने की कोशिश कर रहा हूँ

[मेरे बोलने का कुछ फ़ायदा नही हुआ

दोनो जुड़वा बहने मेरे दोनो पैर दबाने लगी]

[मैं तो सोचने लगा कि यह कोई सपना तो नही है]

अरुणा दी जलेबी लेके आगयि

दिलीप- बड़ी नानी को तो बुलाए

विद्या- माँ चाची और बड़ी दादी बात कर रहे हैं

दिलीप- बड़े मामा छ्होटे मामा अभी तक नही आए

विद्या- नही

अब कोई सवाल नही

दिलीप- अच्छा ठीक है

मैने सब बहनों को जलेबी खिलाई

मौका देखके मैने एक जलेबी अपने जेब में डाल ली

ऐसे ही हम सबने जलेबी खा ली]

फिर हम सब टीवी देखने लगे

दिलीप- दी मैं अपने रूम में जा रहा हूँ

विद्या- हम सब भी अपने रूम में जा रहे हैं

दिलीप- मैं अपने रूम में आगया

टाइम पास करने के लिए मैं मोबाइल पे गेम खेलने लगा

थोड़ी देर बाद कंधे में दर्द होने लगा

मैं ऐसे ही बेड पे लेट गया

थोड़ी देर बाद नींद अ गई

सपने में मैं देखा कि अवन्तिका दी मेरे रूम में आई

और मुझे किस करने लगी

मैने दी को ज़ोर से अपनी बाहो में भीच लिया

तभी अवन्तिका दी ने मेरे गाल पे थप्पड़ मार दिया

मेरी आँख खुल गयी

मैने देखा मेरे सामने गुस्से में लाल पीली हुई विद्या दी खड़ी थी.,....,.,
 
अपडेट 59

दिलीप- दी आप यहाँ कुछ काम था क्या

[विद्या दी ने कुछ नही बोला]

मैने देखा विद्या दी के होंठो पे लिपस्टिक फैली हुई है

मैने अपनी उंगली अपने होन्ट पे लेजाके पोछा

यह क्या मेरी उंगली पे लिपस्टिक लगा हुआ है

मैने विद्या दी के पास जाने के लिए अपना पैर बढ़ाया ही था

कि मेरे कंधे में दर्द होने लगा

मैं अपना कंधा पकड़के वही पे बैठ गया

विद्या दी दौड़के मेरे पास आई

विद्या- क्या हुआ बाबू

दिलीप- कुछ नही बस कंधे में दर्द हो रहा है

मुझे माफ़ कर दीजिए मैने आपको

विद्या- माफी तो मुझे माँगनी चाहिए

मैने बिना सोचे तुझे थप्पड़ मार दिया

तू तो नींद में था

[विद्या दी मुझे सहारा देके बेड पे ले गई और मेरा सर अपनी गोद में रखके बैठ गई]

दिलीप- दी आपने सच में मुझे माफ़ कर दिया

विद्या- हाँ बाबू

दिलीप- लेकिन यह हुआ कैसे

विद्या- मैं तुझे बताने आई थी कि पापा ने कहा है कि तुझे और वँया को कल से स्कूल जाना है

जैसे मैं तेरे पास पहुँची तूने मुझे गले लगा लिया और

दिलीप- अब आप जाओ

मैं आता हूँ थोड़ी देर में

विद्या दी चली गयी

मैं अपनी जेब से जलेबी निकालके अलमारी में रखके बाथरूम गया

जब मैं बाथरूम से बाहर आया तो देखा बड़ी नानी बड़े मामा और डॉक्टर बेड पे बैठे थे]

मैं बड़ी नानी के पास गया

बड़ी नानी- इधर आके बैठ

[मैं बैठ गया]

दिलीप- [डॉक्टर मुझे चेक करने लगा]

डॉक्टर- अपनी शर्ट उतार दो

[मैने अपनी शर्ट उतार दिया]

[फिर डॉक्टर ने मेरा चेक अप किया दवाई दिया उपर से बॅंडेज भी लगाके चला गया

बड़ी मामा भी चले गये]

बड़ी नानी- अब अपना ख्याल रखना

वरना मैं तुझसे बात नही करूँगी

[यह सुनके मैं हँसने लगा]

दिलीप- आप और मुझसे बात नही करेंगी

बड़ी नानी मेरे गले लग गयी

बड़ी नानी- अब तू आराम कर

[फिर बड़ी नानी बाहर चली गयी]

मैं लेटने ही वाला था कि वँया गेट खोलके अंदर आगयि

वँया- ज़्यादा दर्द है

दिलीप- कोई दर्द नही है और तुम्हारी आँखों में आँसू

[वँया मेरे गले लग्के रोने लगी]

मैने वँया को रोने दिया

थोड़ी देर बाद वँया चुप हो गई

वँया- मैं तुम्हारे लिए खाना लेके आती हूँ

[वँया खाना लेके आ गई

और मुझे अपने हाथ से खिलाने लगी]

वँया- और लेके आऊँ

दिलीप- नही अब तुम भी जाके खाना ख़ालो

मैने 2 एएम का अलार्म लगाके थोड़ी देर बाद मैं सो गया

ठीक 2 एम मैं उठा अलमारी से जलेबी निकाला

मास्टर के जेब में रखा

और पहुँचा अवन्तिका दी के रूम पे

मेरे हाथ लगते ही गेट खुल गया

मैं अंदर आया गेट लॉक किया

धीरे से मैं अवन्तिका दी के पास पहुँचा

दी सोते हुए बहुत प्यारी लग रही थी

मैं दी के साथ लेट गया और दी की गरम सांसो को महसूस करने लगा

मैं अपने होंठ दी की गर्दन पे रखके चूमने लगा

दी नींद में ही सिसकने लगी

अचानक दी की आँख खुल गयी

दी चीखने ही वाली थी कि मैं अपने होंठ दी के होंठो पे रखके चूसने लगा

मैने किस तोड़ दिया

दिलीप- मेरी प्यारी दी

अवन्तिका- बाबू अभी टाइम क्या हुआ है

दिलीप- अभी मुझे आपको प्यार करने का टाइम है

अवन्तिका- अच्छा जी कैसे

[दी उठके बैठ गयी

दिलीप-[मैने जलेबी अपने मुँह मे लगा ली]

अवन्तिका- तू यह सब सोच कैसे लेता है

[मैं जलेबी दी के होंठो पे लगा दी

दी ने मुस्कुरा के अपना मुँह खोला और जलेबी अपने मुँह मे ले लिया

जैसे-2 जलेबी ख़तम हो रही थी वैसे-2 हमारे होंठ एक दूसरे के करीब आरहे थे

शुकर है जलेबी ख़तम हुई और हम एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे

मैं दी कि पीठ सहला रहा था

और दी मेरे सर में अपनी उंगली फिरा रही थी

जलेबी की मिठास किस करते हुए हम दोनो के मुँह में घुल रही थी

मैने किस तोड़ दिया

और हाँफने लगा

दी का भी यही हाल था

मैं फिर दी को किस करने लगा

दी भी पूरे जोश के साथ मेरे होंठो को चूस रही थी

मैं दी की ज़ुबान अपने मुँह में लेके चूसने लगा

दी के होंठ चूस्ते हुए मैने दी को खींचके अपनी गोद में बिठा लिया

और पूरे जोश के साथ दी की ज़ुबान चूसने लगा

अब मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा था

तो दी की क्या हालत होगी

मैने किस तोड़ दिया

और हाँफने लगा

मैं बेड से उठ गया

दी मुझे प्यासी नज़रो से देख रही थी

मैं दी के गाल पे किस किया

और रूम से बाहर निकलके अपने रूम में आया

बाथरूम गया अपनी पैंट उतारके अपने लंड पे ठंडा पानी डाला

फिर मैं अलमारी से निक्कर निकालके पहेन लिया

बेड पे लेटते ही मुझे नींद आ गयी..,.,.'
 
अपडेट 60

सुबह 6 बजे मैं उठा मुँह धोके तय्यार हुआ अपनी किताब अपने बॅग में रखा

फिर अपने रूम से बाहर आया

बड़ी नानी पूजा कर रही थी मैं सोफे पे बैठ गया

थोड़ी देर बाद बड़ी मामी मेरे लिए नाश्ता लेके आगयि

मैने नाश्ता किया

बड़ी नानी पूजा करके आगयि मैने उनका आशीर्वाद लिया

फिर मैं बाहर आके जैसे ही अपनी बाइक पे बैठा

वँया ने मुझे आवाज़ दिया

वँया- मैं भी चलूं तुम्हारे साथ

दिलीप- बैठ जाओ

[वँया मेरे पीछे बाइक पे बैठ गयी]

मैं बाइक चलाने लगा

थोड़ी देर बाद हम स्कूल पहुँचे

वँया अपनी क्लास में चली गयी

मैं अपनी बाइक को विनय के घर की तरफ दौड़ा दिया

मैं पहुँचा विनय के घर

विनय बाहर ही बैठा था

मैं बाइक से उतरके विनय के पास गया

विनय- भैया कैसे हो आप

दिलीप- बैठ जा बाइक पे

मैं बाइक रीना मेडम के घर की तरफ बढ़ा दिया

मैने रीना मेडम के घर से थोड़ा पहले बाइक रोकके एक खाली घर में छुपा दिया

दिलीप- मेरी बात ध्यान से सुन

तूने रीना मेडम का घर देखा है

विनय- आपके स्कूल वाली मेडम

दिलीप- हाँ

मैने अपना छोटा मोबाइल विनय के हाथ में दिया

विनय- मेरे पास है मोबाइल

दिलीप- पता है चुप चाप सुन

मैं तुझे इस्पे फोन करूँगा

फोन मत उठाना

मेरी बाइक ले जाना

सब गाओं वालो को इकट्ठा करना और बोलना तू और मैं खेत की तरफ जा रहे थे कि रास्ते रीना मेडम के घर चीखने की आवाज़ सुनी

मैने तुझे बोला कि गाओं वालो को बुला के लेके आ

फिर सब गाओं वालो को रीना मेडम के घर लेके आ जाना

विनय- ठीक है भैया

दिलीप- मैं जल्दी से पहुँचा रीना मेडम के घर

मैं घर के पीछे वाली खिड़की से अंदर गया

रीना अपने बेडरूम में थी

मैने गेट नॉक किया

रीना ने गेट खोला

रीना- प्रिन्सिपल आज नही आपाएगा

दिलीप- क्यूँ

रीना- आज उसकी एक आरजेंट मीटिंग है

दिलीप- आप पीछे से वर्जिन हो

रीना- मतलब

दिलीप- मतलब आपने कभी गान्ड मरवाई है

[रीना ने मुझे थप्पड़ मार दिया]

दिलीप- हाँ या ना

[मैं गुस्से में बोला]

र्म- नही

दिलीप- अभी प्रिन्सिपल को फोन कीजिए

उससे कहिए कि आप उससे अपनी वर्जिन गान्ड मरवाना चाहती हैं

और थोड़ा सेडक्टिव अंदाज़ में बोलना है आपको

रानिया -नही तो वो समझ जाएगा

दिलीप-आप कोई गेम खेल रही हैं

[रीना ने बिना कुछ कहे प्रिन्सिपल को फोन लगाया थोड़ी देर बात करने के बाद रीना ने फोन काट दिया

रीना- आधे घंटे में आरहा है

दिलीप- ठीक है मैं छुप जाता हूँ

आप ने पेनकिलर ले लिया

रीना- नही

दिलीप- क्यूँ

रीना- क्यूँ कि मैं यह दर्द सहना चाहती हूँ

दिलीप- [मैं दूसरे रूम में आके छुप गया]

आधे घंटे बाद किसीने सीटी बजाई

रीना ने जाके मेनगेट खोला

प्रिन्सिपल अपनी क़ातिल मुस्कान लिए खड़ा था

रीना और प्रिन्सिपल बेडरूम में आए

रीना ने गेट बंद कर दिया

प्रिन्सिपल पूरे रूम की छान्बीन करने लगा

फिर कुछ सोचने लगा

र्म- क्या सोच रहे हैं सर

प्रिसीपल- सोच रहा हूँ कहीं आप मुझे फँसाने की कोशिश तो नही कर रही हैं

रीना- सर आज तक मैं आपसे मजबूरी में चुदवा रही थी

लेकिन इसमें तो मुझे दर्द ही मिला है

आज मैं चाहती हूँ कि आप मुझे एक रंडी की तरह बेरेहमी सो चोदे

मैं आज अपनी लाज शरम हया को मारना चाहती हूँ

मैं चाहती हूँ कि आज आप मेरी चुदि हुई चूत से भी खून निकलवा दो

मुझे एक रंडी समझके चोदिये

मैं चीखू चिल्लाऊ गिडगिडाऊ आप बस मुझे अपनी रखैल समझ के चोदिये....,..,'.
 
अपडेट 60ए

प्रिसीपल- पर आप ने तो गान्ड मरवाने की बात कही थी

रीना मेडम- पहले आप मेरी इच्छा पूरी कीजिए फिर मैं आपकी इच्छा पूरी करूँगी

[प्रिसीपल रीना मेडम की तरफ बढ़ने लगा]

रीना मेडम- एक मिनिट पहले आप दूध पी लीजिए

[रीना मेडम एक गिलास दूध भर के ले आई गेट लॉक किया

यह लीजिए

प्रिसीपल- पहले आप

[रीना मेडम ने थोड़ा सा दूध पीके प्रिसीपल को दिया प्रिसीपल ने पूरा दूध पी लिया]

[रीना मेडम बाथरूम में चली गयी]

20 मिनिट बाद रीना मेडम बाथरूम से बाहर आ गई

प्रिसीपल पे दूध में मिली हुई दवाई का नशा चढ़ने लगा था

वो एक सेक्स का भूखा भेड़िया लग रहा था

रीना मेडम जैसे ही प्रिसीपल के पास पहुँची

[मैने विनय को फोन कर दिया और वीडियो रेकॉर्डिंग भी चालू कर दिया]

प्रिसीपल ने रीना मेडम के होंटो चूसना नही काटना शुरू कर दिया

रीना मेडम छटपटाने लगी

प्रिसीपल ने रीना मेडम को खड़ा किया और रीना मेडम की साड़ी खींच के निकाल दी

फिर प्रिसीपल ने रीना मेडम के ब्लाउस को फाड़ दिया

और ब्रा के उपर से ही रीना मेडम की चुचियों को बेरेहमी से दबाने लगा

रीना मेडम चीखने लगी

प्रिसीपल ने अब रीना मेडम की ब्रा को भी फाड़ दिया

प्रिसीपल को देखके लग रहा था कि वो एक सेक्स का भूखा भेड़िया है जिसे सिर्फ़ दर्द देना आता है

प्रिसीपल ने रीना मेडम के निपल्स को अपनी उंगली से मसलना शुरू कर दिया

रीना मेडम चीखे जा रही थी

प्रिसीपल अपने दांतो से रीना मेडम के निप्पल्स को काटने लगा

[यह सब मैं पहली बार देख रहा था रीना मेडम का चेहरा देखके मन कर रहा था कि प्रिसीपल का ही रेप कर दूँ

रीना मेडम की चीख अब मुझसे बर्दाश्त नही हो रही थी]

प्रिसीपल ने अपने सारे कपड़े उतार दिए

प्रिसीपल का लंड बिल्कुल खड़ा था

रीना मेडम के होंठ और निपल्स से खून निकल रहा था

प्रिसीपल ने रीना मेडम का पेटिकोट उपर किया

और रीना मेडम ने जो पैंटी पहनी हुई थी

उसे खींचके फाड़ दिया

रीना मेडम की चूत में प्रिसीपल अपनी 3 उंगली डालके चोदने लगा

रीना मेडम और ज़्यादा ज़ोर से चीखने लगी

जल्दी ही रीना मेडम की चूत ने पानी छोड़ दिया

प्रिसीपल ने रीना मेडम के मुँह के पास अपना लंड लगा दिया

रीना मेडम अपना सर ना में हिलाने लगी

प्रिसीपल ने रीना मेडम को 3 4 थप्पड़ मारे

रीना मेडम ने अपना मुँह खोल दिया

प्रिसीपल अपना लंड रीना मेडम के मुँह में डालके चोदने लगा

रीना मेडम के मुँह से गु गु गु की आवाज़ आ रही थी

प्रिसीपल रीना मेडम के मुँहको बड़ी बेरेहमी के साथ चोद रहा था

अब प्रिसीपल ने अपना लंड रीना मेडम के मुँह से निकाल लिया

रीना मेडम रोने लगी चीखने लगी

प्रिसीपल पर कोई असर नही हुआ

प्रिसीपल रीना मेडम के पैर की तरफ आया

प्रिसीपल ने रीना मेडम के पैर को फैला दिया

और अपना लंड रीना मेडम की चूत पे रखके एक ज़ोरदार धक्का मारा

रीना मेडम की चीख इस बार और ज़ोर्से निकली

प्रिसीपल का लंड रीना मेडम की चूत को बेरेहमी से पेल रहा था

तभी कोई मेनगेट ज़ोर ज़ोर से पीटने लगा

मैं समझ गया कि विनय गाओं वालो को लेके आ गया है

मैने रेकॉर्डिंग बंद कर दी

और अपने मोबाइल को छुपा दिया

फिर मैने अपना सर ज़ोर से दीवार पे मारा

मेरे सर से खून बहने लगा

और मैं बेहोश गया

फिर गाओं वालो ने दरवाज़ा तोड़ दिया और अंदर आए गाओं वालो की नज़र मुझपे पड़ी गाओं वाले दौड़के मेरे पास आए

गाओं वालो को रीना मेडम की चीख सुनाई देने लगी

एक आदमी ने अपना गम्छा निकाला और मेरे सर पे बाँध दिया

गाओं वालो ने मिलके रूम का दरवाज़ा भी तोड़ दिया

दरवाज़ा टूटते ही गाओं वालो के पैरो तले ज़मीन खिसक गयी

गाओं के स्कूल का प्रिन्सिपल गाओं की स्कूल टीचर का रेप कर रहा था

रीना मेडम गिडगिडा रही थी पर प्रिसीपल रीना मेडम को चोदे जा रहा था

गाओं वालो में से एक आदमी ने आगे बढ़के प्रिंसीपल की गर्दन को पकड़ लिया

प्रिसीपल को पीछे खींचा और उठाके पटक दिया

प्रिसीपल वही पे बेहोश हो गया.,.,.,.
 
अपडेट 60बी

यह गाओं के अखाड़े में पहलवानी सिखाता था

दूसरा आदमी आगे बढ़ा और रीना मेडम के जिस्म पे चादर डाल दिया

तभी गाओं की औरते आगयि और सब मर्दो को बाहर जाने को बोला

पहेलवान ने प्रिसीपल को अपने कंधे पे उठाया

और रूम से बाहर आगया

रीना मेडम बेहोश हो चुकी थी

तभी कोई मेरे मुँह पे पानी मारने लगा

मैं होश में आया

पहले तो मुझे सर दर्द की वजह से कुछ समझ नही आया

फिर विनय को देखके मुझे सब याद आगया

दिलीप- रीना मेडम ,,,,,,,,,,,,,, दरअसल मेरा सर दर्द की वजह से फटा जा रहा था

आदमी- आप फिकर मत कीजिए छोटे मालिक वो ठीक हैं

सरपंच- ले चलो प्रिन्सिपल को बाँध के गाँव

गाओं वालो ने प्रिन्सिपल की कमर के नीचे कपड़ा बाँध दिया

3 4 गाओं वाले मुझे उठाके लेजाने लगे

थोड़ी देर बाद हम गाओं पहुँचे

गाओं वालो ने प्रिसीपल को एक पेड़ से बाँध दिया

इधर बड़े मामा को खबर मिल चुकी थी

बड़े मामा अपने पहेलवानो के साथ गाओं में पहुँचे

बड़े मामा को देखके गाओं वालो के साथ मेरी भी फट गई

बड़े मामा की नज़र मुझपे पड़ी

बड़े मामा- सरपंच

तभी छोटे मामा भी पहुँचे

छोटे मामा- ठाकुर साहब आप शांत हो जाइए आपको दिलीप की कसम

बड़े मामा ने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया

छोटे मामा सरपंच के पास आए

छोटे मामा- सरपंच जी यह सब कैसे हुआ

सरपंच ने सब बात छोटे मामा को बता दी

छोटे मामा विनय के पास गये

विनय ने भी सब बता दिया

फिर छोटे मामा मेरे पास आए

छोटे मामा- दिलीप अब तुम बताओ कि क्या हुआ

दिलीप- छोटे मामा मैने जब रीना मेडम की चीख सुनी तो मैने अंदर जाने के लिए गेट खोलने की कोशिश की

पर गेट बंद था

मैं घर के पीछे वाली खिड़की से अंदर गया

फिर मैं वहाँ से बाहर आया

और जैसे ही मैं रीना मेडम के बेडरूम की तरफ गया प्रिसीपल ने मेरा सर दीवार में टकरा दिया और मैं बेहोश हो गया

छोटे मामा- बहुत दर्द हो रहा है

[मैं अपना सर हाँ में हिला दिया]

तभी प्रिसीपल होश में आने लगा

पहेलवान- छोटे ठाकुर प्रिसीपल होश में आरहा है

[छोटे मामा ने अपना बेल्ट निकाल लिया]

प्रिसीपल होश में आया

जब उसने छोटे मामा को अपनी तरफ आते देखा तो उसे कुछ समझ नही आया

फिर उसे अपनी हालत का अंदाज़ा हुआ

प्रिसीपल के मुँहसे छोटे ठाकुर ही निकला था कि

छोटे मामा अपनी बेल्ट से प्रिसीपल की खाल खींचने लगे

सारे गाओं वाले छोटे मामा का यह रूप देखके हैरान थे

पहले रीना मेडम तडपी थी

अब प्रिसीपल तड़प रहा था

छोटे मामा- लखन

लखन- जी छोटे ठाकुर

छोटे मामा- इंग्लीश टीचर को यहाँ लेके आओ

लखन जीप लेके चला गया

थोड़ी देर बाद लखन वापस आया

रीना मेडम बहुत कमजोर दिख रही थी

गाओं की औरते रीना मेडम को सहारा दिए हुए थी

छोटे मामा रीना मेडम के पास गये

छोटे मामा- बहेन हम आपकी इज़्ज़त नही बचा पाए लेकिन आप इसे जो चाहे सज़ा दे सकती हैं

रीना मेडम- मैं चाहती हूँ कि यह मेरे पैरो पे गिर के माफी माँगे

छोटे मामा- लखन उसे लेके आओ

लखन प्रिसीपल को घसीटते हुए लेके आया और रीना मेडम के कदमो पे पटक दिया

छोटे मामा- तुम इससे भीक माँगो कि यह तुम्हे माफ़ कर्दे

प्रिसीपल को तो कुछ समझ ही नही आरहा था कि यह क्या हो रहा है

छोटे मामा- लखन इसका एक पैर तोड़ दो

लखन आगे बढ़ा और प्रिसीपल का पैर पकड़के तोड़ दिया

प्रिन्सिपल की भयंकर चीख निकल गयी प्रिसीपल रीना मेडम के पैर पकड़के गिडगिडाने लगा

प्रिसीपल- मुझे माफ़ करदो मैने तुम्हारे साथ बहुत बुरा किया है मुझे बचा लो वरना मेरा परिवार बर्बाद हो जाएगा

छोटे मामा- लखन इसके मुँह पर कपड़ा बाँध दो और इसका दूसरा पैर भी तोड़ दो

लखन ने वैसा ही किया

छोटे मामा- बहेन क्या हम इसे पोलीस के हवाले कर दे

रीना मेडम- मैं अब अपनी और बदनामी नही करना चाहती मैं इस बारे में कुछ सोचना भी नही चाहती

छोटे मामा- लखन इसका सर गंजा करो इसके मुँह पे कालिख पोत दो इसे जुतो का हार पहनाओ इसे गधे पे बैठाओ और इसे पूरे गाओं का चक्कर लग्वाओ फिर इसे इसके परिवार के पास रख आना और इसके परिवार वालों को सब कुछ सच बता देना

लखन ने सब कुछ वैसा ही किया

यह सब होते होते दोपहर हो चुकी थी

छोटे मामा- बहेन जब तक आप ठीक नही हो जाती तब तक आप हमारे यहाँ मेहमान बनके रहे

रीना मेडम ने अपनी गर्दन हाँ में हिला दी

घर पे किसी को यह बात पता नही थी

आज बड़े मामा बिल्कुल चुप थे उनके मुँह से एक शब्द नही निकला

फिर छोटे मामा ने मुझे सहारा देके गाड़ी में बिठाया

और हम घर पहुँचे..,,
 
अपडेट 61

छोटे मामा मुझे सहारा देके हॉल में ले गये

बड़े मामा बाहर ही रुक गये

बड़े मामा के कहने पे रीना मेडम को गेस्ट रूम में ले जाया गया

रीना मेडम का चेकप करने डॉक्टर की बीवी गयी

और मेरा चेकप करने बड़े मामा ने डॉक्टर को भेज दिया

छोटे मामा ने मुझे सोफे पे लेटा दिया

बड़ी नानी और दोनो मामी किचन में थी

सब बहनें विद्या दी के रूम में टीवी देख रही थी

वँया को आने में अभी एक घंटा था

बड़ी नानी की नज़र मुझपे पड़ते ही बड़ी नानी की चीख निकल गयी

दोनो मामी भी डर गयी

बड़ी नानी दौड़ते हुए मेरे पास आई

बड़ी नानी- दिलीप मेरे लाल तुझे क्या हो गया तू तो स्कूल गया था फिर तुझे यह चोट कैसे लगी दिलीप यह सब कैसे हो गया

दिलीप- पहले आप रोना बंद कीजिए मुझे कुछ नही हुआ है

बड़ी नानी ने रोना बंद किया

डॉक्टर भी अपना बॅग लेके आया

फिर डॉक्टर ने मेरे सर से गमछा खोल दिया

मेरे माथे से खून टपक रहा था

डॉक्टर ने मेरे सर की मलम पट्टी की मुझे दवाई दिया फिर इंजेक्षन देके चला गया

बड़ी नानी मेरा हाथ ही नही छोड़ रही थी

छोटे मामा मुझे सहारा देके मेरे रूम में ले गये

बड़ी नानी ने अभी भी मेरा हाथ पकड़ा हुआ था

छोटे मामा - दिलीप अब तुम आराम करो मैं तुम्हारी दवाई मंगवा लेता हूँ

यह कहके छोटे मामा मेरे रूम से बाहर चले गये

दिलीप- बड़ी नानी अब रोना बंद भी कीजिए वरना मैं भी रो दूँगा

बड़ी नानी- बड़ा आया रोने वाला

दिलीप- बड़ी नानी आप मुझसे नाराज़ तो नही हैं

बड़ी नानी- मैं अपने बेटे से क्यू नाराज़ होंगी

दिलीप- आप रोया मत कीजिए मुझे बहुत बुरा लगता है

बड़ी नानी- तू अपना ख्याल रखा कर मैं नही रोउंगी

यह कहके बड़ी नानी मेरे रूम से बाहर चली गयी

थोड़ी देर बाद सब बहने दौड़ती हुई मेरे रूम में आई

विद्या- बाबू हमे माफ़ कर्दे हमारा भैया इतनी तकलीफ़ में था और हम टीवी देखने में लगे थे

अरुणा- हाँ बाबू हमे माफ़ कर्दे प्लीज़

अवन्तिका- बाबू

दिलीप- आप सब भी रोने लगी अच्छा आप बताइए अगर मैं ऐसा सोचु कि आप सब कितनी खुश थी

और मेरी वजह से अब आप सब दुखी हैं

विद्या- ऐसा सोचना भी मत

अरुणा- हाँ

वरना कल का तुझे याद हैना

मेघा- बाबू ज़्यादा दर्द तो नही हो रहा है

सुनीता- आप सबके बात करने से और दर्द हो रहा होगा

दिलीप- वैसे आप सब मुझे बाबू क्यूँ कहती हैं

अवन्तिका- क्यूंकी तू हमारा छोटा सा नन्हा सा प्यारा सा बाबू है

विद्या- अच्छा अब हम सब बारी-2 तेरे साथ 2 घंटे रहेंगे

दिलीप- दी इसकी क्या ज़रूरत है

अरुणा- तुझसे हम ने राई नही माँगी है

[अरे मैं तो इसलिए बोल रहा हूँ कि कही विद्या दी की तरह मैने आप में से किसी को ग़लती से भी किस कर दिया तो]

विद्या- तुम सब जाओ अभी मैं रुकती हूँ

सब बहने चली गयी

विद्या दी ने मेरा सर अपनी गोद में रख लिया और मेरे सर में उंगली फिरने लगी

दिलीप- दी

विद्या- बोल बाबू

दिलीप- मुझे नींद आरहि है

विद्या- तो सोजाना बाबू

दिलीप- पहले आप जाओ

विद्या- क्यूँ

दिलीप- कही कल की तरह मैं फिरसे आपको

दी ने मेरे होंटो पे उंगली रख दी

विद्या- सो जा

धीरे-2 मुझे नींद आने लगी और मैं सो गया

ठीक 2 घंटे बाद मेरी आँख खुली

मैं देखा विदयादि भी ओंघ रही हैं

मैने दी को हिलाया

दी उठके चली गयी

थोड़ी देर बाद वँया मेरे रूम में मेरा खाना लेके आई

वँया ने मुझे अपने हाथ से खाना खिलाया

और बिना बात किए चली गयी.....,..
 
अपडेट 62

थोड़ी देर बाद अरुणा दी मेरे रूम में मेरी दवाई लेके अगयि

अरुणा दी मुझे दवाई खिला कर मेरे सर को अपने गोद में रखके बैठ गयी

2घंटे भी ऐसे ही बीत गये

अरुणा दी चली गयी

अब आई अवन्तिका दी मेरे रूम में

दी ने रूम लॉक किया और मेरे पास आके बैठ गयी

दिलीप- दी इधर आओना

दी मेरे पास आगयि

मैं दी के गालो को सहलाने लगा

अवन्तिका- बाबू तुझे डॉक्टर ने आराम करने को बोला है

दिलीप- 4 घंटे से आराम कर रहा हूँ और आप का इंतज़ार भी

अवन्तिका- क्यूँ

दिलीप- मुझे आपको प्यार करना है

अवन्तिका- बाबू ज़िद मत कर तू लेटा रह

दिलीप- हाँ तो मैं लेट के ही आपको प्यार करूँगा

मैं दी के होंठो अपने होंठ पे रखके चूसने लगा

मैं दी के होंठ आराम से चूस रहा था

दी भी कोई जल्दबाज़ी नही कर रही थी

अब मैं दी की ज़ुबान को अपने मुँह में लेके चूसने लगा

दी की ज़ुबान चूस्ते हुए मैने अपना हाथ कमीज़ के उपर से ही दी के दूध पे रखके सहलाने लगा

दी की आ निकल गयी

मैने अपनी ज़ुबान दी के मुँह में डाल दी

मैं अपना दूसरा हाथ कमीज़ के अंदर ले गया और दी के चिकने पेट पे रखके सहलाने लगा

फिर मैने किस तोड़ दिया

मैं अपने होंठ दी की गर्दन पे रखके चूमने लगा

मैं दी के दूध को थोड़ा ज़ोर से दबाने लगा

दी अपने हाथ से मेरा सर सहला रही थी

मैं अपना दोनो हाथ नीचे ले गया

और दी की कमीज़ निकालने लगा

दी ने मेरा साथ देते हुए अपनी कमीज़ को निकाल दिया

अब दी सिर्फ़ ब्रा में थी

मैं अपना दोनो हाथ दी के दोनो दूध पे रखके ब्रा के उपर से ही दबाने लगा

दी आहे भरने लगी

अब मैं दी के दूध को ज़ोर से दबाने लगा

अवन्तिका- आराम से बाबू दर्द हो रहा है

मैने अपना हाथ दी की पीठ पे ले जाके दी की ब्रा को भी निकाल दिया

दी ने अपनी आँखें बंद कर लीं

अब दी के मीडियम साइज़ के दूध मेरे सामने झूल रहे थे

मैं दी के एक दूध को अपने मुँह में लेके चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा

मैं दी के दूध को जितना हो सकता था अपने मुँह में लेके चूसने लगा

अब मैं दी के निपल्स अपने होंठ में पकड़के चूसने लगा

और दी के दूसरे निपल्स को अपनी उंगली से मसल्ने लगा

दी को अब बर्दाश्त नही हो रहा था

अब मैं दी के दूसरे दूध को अपने मुँह में जितना हो सकता था लेके चूसने लगा

मैं अपनी उंगली दी की नाभि में डालके घुमाने लगा

आलम यह था कि दी का एक दूध मैं चूस रहा था दूसरे दूध को दबा रहा था

और दी की नाभि में उंगली घुमा रहा था

अब दी का जिस्म काँपने लगा और दी मेरा नाम लेके झड़ने लगी और बेड पे ही लेट गयी

मैं आहिस्ते से उठके बाथरूम गया अपनी पॅंट उतारा अपना अंडरवेर भी उतारा

और अपने खड़े लंड को देखने लगा

मन तो बहुत कर रहा था कि मूठ मारु

पर सुधा ने कहा था मूठ नही मारना

मैं अपने लंड पे ठंडा पानी गिराने लगा

अब मेरा लंड मुरझा गया था

मैने अपना अंडरवेर पहना फिर पैंट पहना और बाथरूम से बाहर आगया

दी अपने कपड़े पहेन चुकी थी

मेरे आते ही दी बाथरूम चली गयी

मैं बेड पे लेटके अपनी आँखें बंद कर लिया

थोड़ी देर बाद मुझे अपनी पैंट पे हाथ महसूस हुआ

मैं अपनी आँखें खोलके देखा

दी मेरी पॅंट खोलने की कोशिश कर रही थी

मैं उठके बैठ गया

दिलीप- दी आप यह क्या कर रही हैं छोड़िए मेरी पॅंट को

अवन्तिका- बाबू मुझे पता है कि तू मुझे कभी नही बोलेगा यह सब करने के लिए जैसे तू मेरा बॉयफ्रेंड है वैसे मैं भी तेरी गिर्ल्फ्रेंड हूँ तू मेरा इतना ख्याल रखता है तो क्या मैं तेरा ख्याल नही रक्खु

दिलीप- दी मुझे जितना प्यार मिल रहा है आपसे मैं उतने में ही खुश हूँ आपको यह सब करने की ज़रूरत नही है

अवन्तिका- बाबू अभी तक मैने तुझे कुछ करने के लिए मना नही किया तू भी मुझे मना मत कर

दिलीप-[कुछ सोच दिलीप 2 घंटे में सिर्फ़ 15 मिनिट बाकी हैं

आइडिया]

अच्छा ठीक है आपको जो करना हो कर लेना पर अभी नही रात में अपने बाबू की यह बात मान लीजिए प्लीज़

अवन्तिका- ठीक है मैं एक बात कहे देती हूँ जैसे तू मेरी खुशी के लिए मेरा बॉयफ्रेंड बना है

वैसे ही मैं भी तुझे खुश देखना चाहती हूँ अगर तू मुझे खुश देखना नही चाहता तो तू मुझे रोक सकता है

अवन्तिका दी मुझपे बॉम्ब फोड़के रूम से बाहर चली गयी...'.,..
 
अपडेट 63

[और करो प्लान मैने सोचा था कि अवन्तिका दी के साथ जल्दबाज़ी करूँगा तो वो मुझसे नाराज़ हो जाएँगी प्रिसीपल के लिए प्लान बनाया वो काम कर गया दी के लिए प्लान बनाया तो फूस हो गया एक काम करता हूँ बड़ी नानी से बात करके देखता हूँ]

थोड़ी देर बाद मेघा दी और सुनीता दी आ गयी

वो दोनो मेरी तरफ मुँह करके सोफे पे बैठ गयी

दिलीप- सुनीता दी आप मुझसे कितना प्यार करती हैं

सुनीता- जितना मेघा तुझसे करती है

दिलीप- क्यूँ

सुनीता- अरे क्यूंकी हम जुड़वा हैं हमारा दिल एक दूसरे से जुड़ा है मुझे जो अच्छा लगता है वही मेघा को अच्च्छा लगता है

दिलीप- इसी लिए आप दोनो एक कॉलेज में हैं

सुनीता- हाँ

दिलीप- विद्या दी अरुणा दी एक कॉलेज में जाती है अवन्तिका दी दूसरे में और आप दोनो तीसरे में ऐसा क्यूँ

सुनीता- एक बात बता तू हम सब बहने तुझे हर काम में टोके तो तुझे अच्छा लगेगा या बुरा

दिलीप- बुरा तो नही लगेगा पर अच्छा भी नही लगेगा

सुनीता- वही तो सब बड़ी बहने एक जैसी होती हैं अगर हम विद्या दी वाले कॉलेज में पढ़ते तो वो हर वक़्त हमे टोकती

यही काम अरुणा दी और अवन्तिका दी भी करती उन्हे हर वक़्त हमारी चिंता लगी रहती वो या तो अपनी कॉलेज लाइफ एंजाय नही कर पती या हम

मेघा- चुपकर कितना बोलेगी बाबू के सर में दर्द है वैसे हमारा बाबू कितना अच्छा है वो यह भी बोल सकता था कि हम बहनो का टोकना उसको अच्छा लगेगा पर उसने सच बोला

सुनीता- हमारे बाबू जैसा पूरी दुनिया में कोई नही होगा फिर दोनो बहने थोड़ी देर बाद चली गयी

थोड़ी देर बाद बड़ी नानी आ गई

बड़ी नानी- मेरा बेटा कैसा है

दिलीप- मेरी बड़ी नानी कैसी है

बड़ी नानी- बिल्कुल ठीक

दिलीप- तो मैं भी ठीक हूँ

बड़ी नानी मेरे पास आके बैठ गयी

दिलीप- मुझे आपसे कुछ पूछनी है

बड़ी नानी- बोल ना बेटा

दिलीप- वो

बड़ी नानी- क्या वो तू शर्मा क्यूँ रहा है

दिलीप- मेरा एक दोस्त है उससे एक लड़की प्यार करती है मेरे दोस्त को हाँ कहना चाहिए या नही

बड़ी नानी- यह तेरा कौनसा दोस्त है

दिलीप- है एक

बड़ी नानी- अपने दोस्त को बोल अपनी आँख बंद करे और उस लड़की के बारे में सोचे अगर तेरे दोस्त को उस लड़की का चेहरा दिखे तो वो प्यार है

दिलीप- अगर आगे चलके उनकी शादी नही हुई तो

बड़ी नानी- एक पल में क्या से क्या हो जाता है

अभी तेरे दोस्त को प्यार मिल रहा है तो तेरे दोस्त को प्यार करना चाहिए

फिर थोड़ी देर बाद बड़ी नानी चली गयी

मैने झट से अवन्तिका दी के बारे में सोचते हुए अपनी आँखें बंद की

मुझे अवन्तिका दी का चेहरा दिखा जिस वक़्त वो मेरे बॉयफ्रेंड वाली बात पे खुशी से कूदने लगी थी मैं अपनी आँखें बंद किए हुए था कि अवन्तिका दी मेरे रूम का गाते खोलके मेरे पास आई और मेरे होंठ चूसने लगी मैं अपने आपको समझा रहा था कि यह अवन्तिका दी नही हैं यह सपना है पर मैं तो जागा हुआ हूँ फिर मुझे सपना कैसे आ सकता है

मैने अपनी पूरी ताक़त लगाके अपनी आँख खोलने की कोशिश की पर मैं आँख नही खोल पाया

इधर अवन्तिका दी पूरे जोश के साथ मुझे किस कर रही थी मैं अपना कंट्रोल खोता जा रहा था

मैने सोच लिया जो होगा देखा जाएगा मैने अवन्तिका दी को अपनी बाहों में खींच लिया

और पूरे जोश के साथ किस करने लगा मैने अपनी ज़ुबान दी के मुँह में डाल दी

दी बड़े प्यार से मेरी ज़ुबान चूसने लगी मेरी आँख खुल गयी

मैने देखा मेरी बाहों और कोई नही विद्या दी थी

मैं बहुत डर गया मुझे समझ नही आरहा था कि मैं क्या करूँगा अब मेरा सर दर्द करने लगा मैं अपने दिमाग़ को शांत करने की कोशिश करने लगा फिर भी मैं बहुत डर रहा था

तभी मेरी नज़र विद्या दी के चेहरे पे पड़ी

विद्या दी अपनी आँखें बंद किए मुस्कुरा रही थी..,
 
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