GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI - Page 8 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI

अपडेट - 40

उस रात में लेता हुआ यही सोचता raha....ki क्या अम्मी को अब्बू जिस्मानी टूर पर भी खुश नहीं rakhte...kyoki मानसिक टूर पर तो वो कभी कुसी को खुश नहीं रख pasye...na अम्मी ko...na अप्पी को और न mujhe...kyoki उनके खयालात वही पुराने डाकिनूसी या मजहबी होते है....

पर आज जो मैंने dekha....use देख कर मैं समझ गया की अम्मी जिश्मानी टूर पर भी अब्बू से नाखुश hai....aur सायद इस बात का कोई न कोई ताल्लुक उन बातों से है जो सुबह गोलू भाई और अम्मी के बीच हुई थी.....

पर आखिर सच है kya....kaise पता चलेगा.....??

अब आगे........

[ खलील की जवानी.........]


अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने देखा की अम्मी आज पूरी तरह से लिवास में अपने जिश्म को कैद किये हुए thi...aut नकाब भी सर पर hi था.....

मैं समझ गया की ये सब अब्बू की मनमानी से hi हो रहा hai....isliye मुझे अब्बू पर थोड़ा गुस्सा भी aaya...kyoki घर में hi इतनी बंदिशे लगाना मेरी नजर में भी गलत था.....

पर अम्मी की hi तरह मेरी जवान पर भी टाला लगा हुआ tha....abbu के दकियानूसी खयालो और उनके खौफ का....

Khair....thodi देर बाद मैंने तैयार हो कर स्कूल चला gaya.....aur अब्बू भी अपने काम पर चले gaye.....ghar में सिर्फ अम्मी hi अकेली रह गई....

अगले 2-3 दिन तक कुछ खास नहीं hua.....ghar में अम्मी और अब्बू के बिच baat-cheet न के बराबर hi होती thi....aur मैं भी चुपचाप अपने स्कूल और खेल में लगा रहता.....

पर haa...main रोज रात को अम्मी को नंगा जरूर देखने लगा tha....ammi रोज रात में बाथरूम में जा कर अपने जिश्म की गर्मी nikalti....aur मैं उन्हें नंगा देख कर अपने जिश्म की......

वैसे तो सब ठीक tha....par मुझे कंप्यूटर की परेशानी thi...main समझ चूका था की अब्बू कभी नहीं manege....isliye मेरा मन उदास होने लगा था.....

3 दिन बाद छुट्टी के दिन मैं घर में बैठा hi था की गोलू भाई आ गए.....

मैं- गोलू bhai....aayiye.......,..

गोलू bhai(bheetar आते हुए)- और khaleel...sab badiya......aur abbu-ammi कहा है....

मैं- ji.....sab ठीक hai....aap baithiye...abbu तो नहीं hai.....main अम्मी को बुलाता हु.....

फिर मैंने अम्मी को आवाज देकर बोल दिया था की गोलू भाई आये है.....

गोलू भाई- और khaleel....kuch परेशान से दिख रहे ho....kuch हुआ क्या......

मैं- अब क्या bolu...asal में मुझे कंप्यूटर चाहिए tha....par अब्बू नहीं मान रहे......

गोलू भाई- ohh...tention मत lo....main हु न....

Main(man में)- अब ये क्या कर lege....abbu इनकी क्यों सुनने लगे.....

Khair.....thodi देर बाद अम्मी चाय लेकर आ gai....aur हमारे साथ hi बैठ gai....wo अभी पुरे लिवास में थी.....

तब मैंने देखा की गोलू भाई ने चाय पिटे हुए फिर से अम्मी को घूरना सुरु किया और अम्मी ने थोड़ी देर बाद hi अपनी नजरें निचे झुका ली.....

गोलू भाई- और bhabhijaan...koi नै khabar....waise...khaleel के कंप्यूटर में क्या परेशानी है.....

अम्मी- अब क्या bolu....khaleel के अब्बू मन कर रहे hai....wo समझ hi नहीं रहे की aaj-kal के बच्चो के लिए ये कितना जरूरी है......

गोलू भाई- hmm..wo तो hai....thik hai....main कुछ करता hu...ok beta.....main कल hi सब ठीक कर duga....tention मत lena......aur bhabhijaan...tum भी टेंशन मत लो....

ये बोल कर गोलू भाई ने चाय ख़त्म कर के अम्मी को dekha....aur अम्मी उन्हें हैरानी से देखने लगी....

पर गोलू भाई ने फिर से आँखे दिखाई तो अम्मी नजरें झुका कर उठ गई और कप को किचेन में रख कर अपने कमरे में चली गई......

गोलू भाई- to.....tumhari परेशानी ख़त्म samjho....jald hi तुम्हारे पास कंप्यूटर hoga....theek....

Main(hairani से)- सच me....par आप kaise....matlab अब्बू.....

गोलू भाई- तुम उसकी टेंशन मत lo.....bas इंतज़ार karo.....main जरा तुम्हरी अम्मी से बात करके आता hu.....hmm.....

मैं- जी....

फिर गोलू भाई उठ कर अम्मी के कमरे में चले गए......

ये देख कर मुझे कुछ अजीब लगा तो मैं भी उनके piche-piche छुपके से भीतर देखने लगा.....

जब मैंने भीतर देखा की अम्मी अपना सर निचे किये हुई कड़ी thi....aur गोलू भाई उसके सामने बिलकुल करीब खड़े हुए थे.....

गोलू भाई- क्या हुआ कुछ परेशान सी लग रही हो.......

अम्मी सर झुकाये खामोश कड़ी रही.....

गोलू भाई- गुस्सा हो mujhse....achaa ठीक है तुम नहीं चाहती न की मैं तुम्हरे घर aau.....theek....main आज के बाद नहीं aaunga.....aur तो aur...ye घर जो खरीदा hai...ise भी बेच दुगा......

अम्मी- nhi...maine ऐसा तो नहीं कहा....

गोलू भाई- तो तुम चाहती क्या ho...dekho....tum जानती हो की मैंने वो घर क्यों khareeda....to या तो मेरी बात समझो या fir..khair...aur haa....khaleel के कंप्यूटर की टेंशन मत lena....wo कल hi आ जायगा.....

इतना बोलकर गोलू भाई बहार आने लगे तो मैं भाग कर बापिस आ gaya.....fir गोलू भाई आये और मुझे bye बोलकर चले गए.....

Main(man में)- अगर गोलू भाई को अम्मी के साथ कुछ गलत नहीं करना था तो वो भीतर गए hi kyo...ye बात तो यहाँ भी कर सकते the.....pata nhi...ye गोलू भाई सही आदमी है या fir..khair....ab तक तो सही hi lage...aage खुदा जाने....

थोड़ी देर बाद खाने के वक़्त अम्मी एक टिफिन में खाना भर कर लाइ तो मैं हैरानी से उन्हें देखने लगा......

अम्मी- beta...ye खाना गोलू जी को दे आ......

मैं- गोलू जी ko......par किसलिए....

अम्मी- वो गोलू जी अकेले है na.....to सोचा की आज तो खाना खिला दू....

मैं- ठीक है ammi....main जाता हु...

और मैं खाना ले कर गोलू भाई के पास चला gaya.....waha गोलू भाई ने बड़े चाव से खाना ख़त्म किया और फिर खाने की तारीफ करने लगे......

गोलू भाई- hmm…...bada मज़ेदार खाना hai....kisne बनाया है......

मैं - आप भी na...aur कौन banayga...meri अम्मी ने.....

गोलू bhai(muskura कर)- जनता hu......tumhari अम्मी बहोत बढ़िया खाना बनती है.......

मैं- मेरी अम्मी के हाथ का बना खाना सबको पसंद आता है.....

गोलू भाई- hmm...waise मुझे चटपटा और मसालेदार non-veg खाना बहोत पसनद hai....tum तो रोज़ hi ऐसा मज़ेदार खाना खाते होंगे.....

मैं- रोज तो nhi...par haa..ammi के हाथ का बना मटन बहुत लजीज होता hai.....waise मेरी अम्मी सब तरह का खाना बहोत अचे से बनती hai......aapko बहोत पसंद आएगा......

गोलू भाई- ठीक hai.....kabhi मटन बनाये तो जरूर चखूगा....

फिर थोड़ी देर बाद मैं बापिस आ गया और आते hi अम्मी पूछने लगी की वह क्या hua....golu जी ने क्या कहा.......

पर मैं कुछ batata.....isse पहले मेरे दोस्त बुलाने आ गए और मैं खेलने निकल गया......

फिर शाम को मैं अपने घर आया तो आते hi अम्मी मुझसे गोलू भाई के घर हुई बातों का पूछने lagi......aur मैं उनको पूरी बातें बताने लगा........

मैं- ammi....unhe आपके हाथ का खाना बेहद पसंद aaya......wo आपकी बहुत तारीफ कर रहे थे....

Ammi(muskura कर)- hmm....golu भाई अच्छे आदमी लगते है न.....

मैं- है ammi.......ammi.....unhone बोलै था की रोज वो ऐसा खाना खायेगे तो उनको ख़ुशी hogi......unko ऐसा मज़ेदार खाना बहोत पसंद आया......

Ammi(muskura कर)- है beta.......main उन्हें रोज ऐसा मज़ेदार खाना बना कर दे dungi....hmm......chal अब hath-muh धो le....tere अब्बू आने वाले hoge...aur beta....ye खाने वाली बात....

मैं- समझता हु ammi...ye बात हमारे बीच hi rahegi...aap परेशान मत हो....

थोड़ी देर बाद अब्बू भी घर आ gaye....par आज उनका मिजाज कुछ बदला हुआ था....

अम्मी- आज काफी देर कर दी....

अब्बू- अरे haa...wo गोलू जी के साथ बैठा tha....kuch जरूरी बातें हो रही thi....tum खाना lagao...main आता हु....

फिर रात को खाना खाने के बाद मैंने फिर से अम्मी को नंगा देखा और मुट्ठ मार कर सो गया........

अगले दिन मैं तैयार हो कर रोज की तरह स्कूल निकल gaya....aur अब्बू मदरसे...

और जब मैं बापिस घर आया तो मेरे लिए एक सुर्प्रीज़े इंतज़ार कर रहा tha...jo मेरे कमरे में था.....

मैं जैसे hi घर में दाखिल हुआ तो देखा की घर में abbu-ammi और गोलू भाई खड़े the.....aur तीनो hi मुझे देख कर खुस हो रहे थे.....

मैं- आप log.....aap लोग इतने खुश क्यों दिख रहे hai....kya हुआ....

Abbu(paas आ कर)- beta....tujhe जो चाहिए tha...wo मैं ले आये....

मैं- क्या अब्बू....

अम्मी- अपने कमरे में तो ja...sab पता चल जायगा...

मैं हैरान हो कर चुचाप कमरे में चला गया और जब मैंने भीतर जा कर देखा तो खुसी से मेरी चीख निकल गई....

क्योकि मेरे सामने नया कंप्यूटर रखा tha....jise देख कर मैं बेहद खुश हो गया था......

और मैं भागते हुए बाहर आया और सीधा अब्बू के गले लग गया....

मैं- सुक्रिया abbu....bahut-bahut सुक्रिया....

अब्बू- नहीं beta....sukriya मत bol....ye तो मेरा फ़र्ज़ tha....tu खुश rahe...bas और क्या चाहिए....

अम्मी- है beta.....aur सुक्रिया बोलना है तो गोलू जी का bolo....(abbu को देख कर)- क्यों जी...

अब्बू- है beta....golu जी ने hi मुझे समझाया की जमाने के साथ चलना hi ठीक है....

Main(golu भाई को देख कर)- सुक्रिया गोलू भाई.....

गोलू भाई- अरे beta....sukriya kya...aur haa....tumhe और तुम्हारी अम्मी के लिए एक और सुर्प्रीज़े hai.....par वो 2 दिन बाद....

अम्मी- मेरे liye...par क्या...

अब्बू- सब्र रखो begum....sabr rakho.....chalo अब वो जलेबियाँ laao..hum सबका मुँह मीठा कराओ...

अम्मी- जी अभी लाइ....

फिर हम सबने जलेबियों के साथ रात का खाना khaya....aur खाने के बाद मैं और अम्मी अपने कमरे में चले gaye....par अब्बू और गोलू भाई काफी देर तक बात करते रहे......

Khair....agle दिन जब मैं जगा तो मैंने स्कूल जाने से साफ़ मन कर diya....kyoki मैं कंप्यूटर चलना चाहता था......

और मेरी बात abbu-ammi ने मान li....fir दोपहर के वक़्त अम्मी ने मुझे बोलै की वो खाना ले कर गोलू भाई के पास जा रही है....

तो उस वक़्त मेरी नजर अम्मी पर पड़ी तो मुझे लगा की आज अम्मी कुछ ज्यादा hi खुश लग रही थी...

अम्मी को देख कर पता नहीं मुझे कुछ शक सा hua....isliye अम्मी के जाने के कुछ देर बाद मैं भी अपने घर के ऊपर वाले कमरे में चला गया.....

जहा से गोलू भाई का कमरा saaf-saaf दीखता tha..kyoki दोनों कमरे आपस में जुड़े हुए the...aur दोनों के बीच में कभी गेट हुआ करता tha...jo अब सील कर दिया गया tha....par एक छोटा सा छेड़ रह गया tha....jaha से मैं सब कुछ saaf-saaf देख सकता था......

मैंने वह देखा तो गोलू भाई आराम से खाना खा रहे थे और अम्मी उनके सामने बैठी हुई thi.....aur दोनों के बीच इस वक़्त नार्मल बातें hi हो रही thi....jo मैं saaf-saaf सुन सकता था...

थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने खाना ख़त्म किता और हाथ धोने उठ gaye....aur जन्मी टिफिन बंद करने लगी....

Ammi(golu भाई के आते hi)- कैसा था खाना.....

गोलू भाई- खाना तो मज़ेदार tha...ekdam chatpata.....par एक चीज की कमी रह गई...

अम्मी- कौन सी चीज....

गोलू भाई- hmm..khane के बाद मीठा तो होना चाहिए न....

Ammi(muskura कर)- ohh...theek hai....aaj रात को आपको मीठा भी milega...bataiye आपको क्या पसंद है.....

गोलू bhai(ammi को देखते हुए)- तुम....

Ammi(ghabra कर)- ये आप क्या बोल रहे है....

गोलू भाई- अब थोड़ा तो बनता है न......

Ammi(saham कर)- बस kijiye.....aap समझते क्यों नहीं...

गोलू भाई- क्या samjhu....samjhna तुम्हे है rafat....kya तुम नहीं चाहती की तुम खुश raho...haa....

अम्मी- haa...par ye...ye गलत होगा...

गोलू भाई- गलत कुछ नहीं होता rafat...kam से काम खुश रहना तो कभी गलत नहीं होता न....

अम्मी- पर aap....aahhhh...

अम्मी कुछ बोल pati...usse पहले hi गोलू भाई ने अम्मी की कमर में हाथ दाल कर उन्हें अपने जिश्म से सत्ता लिया....

अम्मी- aaahh...chhodiye mujhe.....chhodiye न....

गोलू भाई- नहीं rafat...aaj nhi....aur अगर तुम्हे कोई ऐतराज हो तो तुम चिल्ला कर लीगो को बुला सकती ho...fir वो सब मेरी हड्डियां तोड़ dege....theek....par मैं तुम्हे नहीं छोड़ूगा....

अम्मी- तो क्या हड्डियां तुड़वा लोगे.....

गोलू भाई- rafat....tere लिए तो मैं जान भी दे du.....haddiyon की क्या बात है....

अम्मी- पर kyo.....kya मिलेगा आपको....

गोलू भाई- tum....aur मुझे क्या चाहिए....

अम्मी- पर kyo....aap तो अभी जवान hai..aapko कई हसीं लड़कियां मिल jaygi....mujh में क्या रखा है....

गोलू भाई- तुम क्या हो ये मुझसे pucho....tum वो ho...jise देख कर मेरी आखो को ठंडक मिलरी hai....tum वो हो जो मेरे दिल की धड़कने बड़ा देती hai...tum वो ho....jisko हासिल करने के लिए मैं किसी भी हद को पार सकता hu.....samjhi...

गोलू भाई की बातें सुन कर एक पल के लिए मैं भी हैरान हो gaya.....ki गोलू भाई मेरी अम्मी के पीछे इतने पागल है.....

और मुझसे भी ज्यादा इस वक़्त अम्मी हैरान thi....aur ek-tak गोलू भाई को देखे जा रही थी.....

गोलू भाई- क्या हुआ rafat...kya तुम्हे मेरी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा.....

अम्मी- nhi...matlab....ha...matlab...kyo...aap क्यों मेरी खातिर पागल hai.....kyo....

गोलू भाई- पता नहीं rafat....par तुम्हे देख कर hi मैं अपना नहीं rahta....sirf तुम्हारा हो जाता hu.....plz...meri भावनाओ को समझो rafat.....plz....

अम्मी- पर main...main किसी की बीवी hu...mere शौहर hai....beta hai..beti hai....aur अब मैं अच्छी भी नहीं dikhti...fir भी....

गोलू भाई- तुम मेरी नजर से देखो rafat...tum इस दुनिया की सबसे हसीं खातून ho....sach में...

ये बोल कर गोलू भाई अम्मी को सीने से लगाए हुए बिस्तर पर बैठ gaye.....aur अभी भी दोनों ek-dusre की आँखों में घूर रहे थे.....

अम्मी - गोलू ji....mujhe जाना है....

गोलू भाई- चली jana....bas कुछ पल तो तुम्हे अच्छे से देख lu....bas कुछ पल....

अम्मी , गोलू भाई की बातें सुनते हुए उन्हें hi देखे जा रही thi.....aur अम्मी की ऐसी हालत देख कर मैं आगे की सोच कर हैरान हो रहा था....

फिर गोलू भाई ने एक हाथ अम्मी के गाल पर रखा और बड़े प्यार से सहलाने lage....aur अम्मी ने भी उन्हें किसी तरह से रोका नहीं.....

गोलू भाई- rafat....tumhe पता hai...tumhare ये gaal....inhe देखता हु तो मेरा क्या मन करता है....

अम्मी- क्या.....

गोलू bhai(gaal को सहला कर)- इन्हे देखते hi इन्हे हाथो में भर कर प्यार करने का दिल करता hai....dekho...kitne नरम है तुम्हारे gaal.....aise तो कुसी के नहीं हो सकते....

अम्मी- आप bhi....isse अच्छे होते है....

गोलू bhai(gaal को हाथ से दवा कर)- बिलकुल nhi....meri रफत के गाल इस दुनिया में सांसे ज्यादा दिलकस है.....

इस बार अम्मी अपनी तारीफ सुन कर किस हो गई और मुस्क्यरा di....jo गोलू भाई के लिए आगे बढ़ने का एक मौका tha...aur उन्होंने वो बिलकुल नहीं गवाया.....

गोलू भाई ने अम्मी के गाल को सहलाते हुए अपना अंगूठा अम्मी के निचले होठ पर firaya....to अम्मी की सांस तेज हो गई....

गु भाई- और तुम्हारे hoth....kitne गुलाबी और रास भरे hai....uuummm...

अम्मी- गोलू जी....

गोलू भाई- है rafat....tumhare ये होठ मुझे पागल कर देते hai....inhe देखते hi मैं होने काबू में नहीं रह pata....mera मन करता है ki....ki....

गोलू भाई ने सायद जान भुज कर अपनी नात अधूरी छोड़ दी thi...taki अम्मी कुछ bole...aur उनकी ख्वाहिस पूरी हो गई....

Ammi(aankho में देखते हुए)- क्या मन करता है आपका.....

गोलू bhai(chera करीब ला कर)- मेरा मन करता है की मैं इनको चूम lu....inko चूस कर इनमे भरा रास पि jaau....aur jeete-ji जन्नत का मज़ा ले सकू.....

Ammi(tej साँसों के साथ)- सच....

गोलू bgai(garam सांस छोड़ कर)- है rafat.....in गुलाबी होंठो का मज़ा कुसमट वालों को hi मिल पता hai....kaash मेरी किस्मत भी अच्छी हो जाए.....

ये बोल कर गोलू भाई चुप हो गए और अम्मी की आँखों में देखने lage....wahi अम्मी भी गोलू भाई की आँखों में hi देख रही थी....

Main(man में)- अब क्या hoga.....kya अम्मी अपनी हद पार कर के आगे badegi....ya फिर अब्बू, अप्पी और मेरी खातिर अपने आपको संभल कर पीछे हैट जायगी......?????

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....

GIF विल एडेड सून.....

थैंक्स फ्रेंड्स......


कीप रीडिंग.........
 
थैंक्स dost...but क्या सच में ऐसा है....

आप देखो की इतनी म्हणत के बाद क्या milta....socho...likho...situation सही karo..aur अपडेट साइज भी मेन्टेन karo....fir bhi...no comment...not मच अप्प्रिसशन....

यहाँ जब कोई भाई, बहिन को, बीटा माँ को चोदे तो लाइन लगती है.

या वाइफ रंडी बने तब तो पूछो hi mat...sabke सब्द निकलते hai....aur फिर कमेंट पर कमेंट...

कोई बुद्धा या नौकर या थर्ड क्लास घटिया आदमी किसी जवान वाइफ , जैसे पूजा, ऋचा, सुमन ेट्स. को चोदे तब तो कहने hi kya....laar बहते है वह

लेकिन गोलू भाई जैसा जवान जब सलमा, मुताज, रफत, को चोदे तो सब कल्टी मार देते....

बूत डोंट worry.....main तो लिखता hi रहुगा.. ...कोई अच्छा बोले या बुरा...

एंड थैंक्स अगेन 4 ुर गुड वर्ड्स....


थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
कोई न bhai...aap वृत्तेर हो तो समझ gaye....socho की मैं 2 story..wo भी अलग तरह ki...kaise लिखता houga....but लीव it..nhi तो लोग बोलेगे की सिम्पथी मांग रहा....

well...yaha वो स्टोरी dekho..jaha कोई चुतियापा लिखता hai..waha लोग जा कर ऐसे कमेंट करते बस की पूछो hi mat....kyoki वो सब यहाँ चाट करते रहते तो

ओल्ड मेंबर hai......to दोस्त कुछ भी likhe....accha बोलेगे....

भाई जो कहते है की सेक्स पसंद nhi...wo भी सेक्स स्टोरी पर 1 पेज का कमेंट चाप rahe....kamaal है न.....

अब मेरे पास जॉब से इतना टाइम तो नहीं की स्टोरी के साथ चाट भी कर saku...to दोस्त क्या बनेगे....

और मुझे प्रॉब्लम तब हुई जब साले मेरी स्टोरी को गलत बोलने लगे ..क्यों. .क्या गलत लिखा maine....saale मक

well...hum अपनी स्टोरी अब तक चलते आये है गिनती के रीडर्स के sath..unhi के साथ आगे badege....sath बने रहे......

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
ऐसा नहीं दोस्त की मेरा गुस्सा कमेंट न मिलने से hai...bilkul नहीं.....

आप चेक कर सकते है की मेरी दूसरी स्टोरी को ऑलमोस्ट 2 ईयर हो gaye....waha भी गिनती के रीडर hi कमेंट करते hai...but मैंने कभी न hi कमेंट की रिक्वेस्ट की और न hi sikayat....wo रीडर्स की marji...wo एंजोये के लिए रीड करते hai...main उसी एंजोये के लिए लिखना पसंद करता hu...simple...

बूत जब कोई आपको कमेंट न करे और पं में आ कर स्टोरी को गलत बोले तो गुस्सा आएगा hi na...yaar कोई प्रॉब्लम है तो यहाँ bolo...taki सब जान सके की मिर्ची क्यों lagi..par nhi...jante है की दूसरे रीडर्स मार lege....to साले पं करते...

मुझसे बोल रहा की सिर्फ सेक्स kyo...mujhe सेक्स पसंद nhi...aur वही मक दोस्ती सेक्स स्टोरी वो भी इन्सेस्ट पैट जा कर 1-1 पेज का +वे कमेंट छाप raha....isliye गुस्सा aaya...ki साला वृत्तेर तेरा दोस्त तो कुछ भी लिखे तू सही bolta...aur मुझे galat...kyo...kyoki मैं फालतू चाट के लिए वक़्त नहीं deta...ki लगे है चाट करने....

साले नाले को कैसे समझौ की मैं बिज़नेस मैनेजर hu..fir फॅमिली hai....abhi घर पर hu...fir भी टाइम निकाल जार लिख रहा ..सिर्फ मेरे फन के liye...aur रीडर्स भी एंजोये kare...lekin साला ये सब छोड़ कर उल्टा hi बोल raha....bc...

khair...aise कमीनो को chhodo..aap स्टोरी एंजोये kare...rahi कमेंट की बलबाट तो ये आप सब पर है की करना है या नहीं....

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
Ha..rafat , खलील की अम्मी hai...wo पहले थुकि hai....baki आगे dekhna.....ki कैसे काबू में आई और कौन साथ आया...

3 सम, 4 सम, फाॅर्स, gangbang...sab aayga....but इंतज़ार करना hoga....situation के हिसाब से hi hoga....bekaar में नहीं...

वैसे गोलू भाई अकेला hi काफी hai....jab एक ायरत रंडी बन कर कई मर्दो से छुड़वा सकती hai...to क्या एक मर्द कई अयर्तों को नहीं छोड़ sakta.....sahi बोलै न....

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
मुझे वो रीडर्स पसंद है जो सवाल करते hai...galti बताते hai...kyoki मैं भी उन्ही की तरह hu...tabhi तो किसी स्टोरी को पढ़ नहीं pata....kyoki मेरे सच से वृत्तेर की जल जाती hai...kyoki उसकी सोच को गलत जो बोलता हु..

बूत यहाँ आप दिल खोल कर सवाल कर सकते hai....story ंद चरक्टेर्स के liye...and ी promis...har सवाल का जवाब milega...wo भी विथ reason...chutiyo की तरह कुछ भी लिख कर नहीं bhaguga...ki जो है सो jhelo...ok...

खलील के अब्बू क्यों mane...kya वजह thi...ye भी सामने aayga...but पहले काम पूरा हो जाने do....khaleel की अम्मी और उसकी appi....fir फॅमिली का सच भी बताया jayga..ki जो हुआ वो क्यों हुआ ...ok

बाकि रहा नए का sawaal...to मैं यही बोलूगा की इस तरह की स्टोरी अब तक न पढ़ी hogi....wajah सामने hai...samjh सको तो समझ lo....baki यहाँ क्या bolu.....wait ंद वाच....

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
अपडेट - 41

गोलू bhai(garam सांस छोड़ कर)- है rafat.....in गुलाबी होंठो का मज़ा कुसमट वालों को hi मिल पता hai....kaash मेरी किस्मत भी अच्छी हो जाए.....

ये बोल कर गोलू भाई चुप हो गए और अम्मी की आँखों में देखने lage....wahi अम्मी भी गोलू भाई की आँखों में hi देख रही थी....

Main(man में)- अब क्या hoga.....kya अम्मी अपनी हद पार कर के आगे badegi....ya फिर अब्बू, अप्पी और मेरी खातिर अपने आपको संभल कर पीछे हैट जायगी......?????

अब आगे.........

इस वक़्त दोनों के चेहरे इतने करीब थे की दोनों की गरम साँसे ek-dusre के होंठो को गरम कर रही थी....

थोड़ी देर तक दोनों यु hi मासूक और मासूका की तरह ek-dusre की आँखों में देखते रहे....

और फिर गोलू भाई ने अपना चेहरा आगे किया और अपने हिन्थो को अम्मी के होठो के बिलकुल करीब ले आये....

गोलू भाई के करीब होते hi अम्मी ने आहें भरते हुए अपनी आँखे बंद कर ली....

ये अम्मी की तरफ से गोलू भाई को आगे बढ़ने की खुली दावत thi...par गोलू भाई आगे नहीं बड़े...

गोलू भाई- rafat....kya मैं इन लजीज होंठो को चखने के काबिल हु....

गोलू भाई की बात सुन कर अम्मी ने अपनी आँखे खोली और कुछ देर तक गोलू भाई को देखने के बाद अपनी आँखे बंद कर di...aur अपने होंठो को खोल कर जवाब दे दिया....

अम्मी के होंठ खोलते hi गोलू भाई ने अपने होंठ अम्मी के होंठो से भिड़ा दिए और प्यार से चूसने लगे....

यहाँ अम्मी भी गोलू भाई का साथ देते हुए उनके होंठो को चूमने लगी...

992_450.gif


कुछ hi देर में दोनों इतने गरम हो गए की अम्मी ने दोनों हाथो से गोलू भाई का सर पकड़ लिया और गोलू भाई में अम्मी को अपनी बाहों में कास लिया...

अब कमरे में सिर्फ chhaapp-chaapp....uuummm..uummm..ki आवाज़े आ रही थी....

अम्मी अब दिल खोल कर गोलू भाई की बाहों में समाई उनके होंठ चूसे रही thi...aur गोलू भाई भी अम्मी के गुलाबी होंठो का रसपान कर रहे थे....

देखते hi देखते गोलू भाई ने अम्मी को बिस्तर पर लिटा दिया और उनके ऊपर लेट gaye....par इस दौरान दोनों के होंठ एक पल के लिए भी अलग नहीं हुए थे....

करीब 10 मिनट तक एक दूसरे के होंठ चोइसने के बाद दोनों ने चुम्बन ख़त्म किया और joor-joor से सासें लेने लगे....

अम्मी- aaahhh...golu ji...aapne ये.....

गोलू भाई- ssshhh.....bas rafat....abhi कुछ नहीं....

ये बोल कर गोलू भाई फिर से झुके और अम्मी ने उनका सर पकड़ कर नीचे कर diya...aur फिर से दोनों के होंठो में जुंग छिड़ गई....

tenor.gif


पर इस बार गोलू भाई होंठ चूसने के sath-sath अम्मी के जिश्म पर भी हाथ फिर रहे थे....

गोलू भाई ने एक हाथ से अम्मी की गांड थामी और ऊपर करने लगे....

तो अम्मी ने खुस एक कुल्हा उठा कर गोलू भाई के हाथ को रास्ता दे दिया...

और गोलू भाई ने पुरे हाथ में अम्मी की गांड पकड़ ली और houle-houle मसलने लगे....

गोलू भाई के हाथ से गांड दावते hi अम्मी जैसे पागल हो गई और उन्होंने गोलू भाई को बीएड पर लिटा दिया और खुद उनके ऊपर लेट कर होंठ चूसने लगी...

वही गोलू भाई ने अपने दोनों हाथो से अम्मी की गांड थाम ली और joor-joor से मसलते हुए अम्मी के मज़े लेने लगे....

giphy-2.gif


मैं देख रहा था की अम्मी अब पूरी तरह से गरम हो गई thi....is वक़्त अगर गोलू भाई चाहते तो अम्मी को नंगा कर के भी छोड़ सकते थे....

पर गोलू भाई ने कोई जल्दबाजी नहीं ki...balki अपने हाथो को नीचे कर के अम्मी का लुवास ऊपर खींच लिया....

अब मुझे अम्मी का सलवार saaf-saaf दिख रहा था.....

फिर गोलू भाई ने अम्मी के दोनों पैरों को अपने पैरों के दोनों तरफ फैलाया और सलवार के ऊपर से hi अम्मी की जाँघों को मसलने लगे....

जिससे अम्मी और ज्यादा जोश में आ कर गोलू भाई को चूमने लगी....

थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने एक हाथ आगे बड़ा कर अम्मी की जांघो के बीच फसा diya....jisse अम्मी सिसक उठी...

अम्मी- aahhh...golu ji...waha nhi...aaahhhh.......

पर अम्मी के रोकने से गोलू भाई कहा मैंने वाले the....unhone पूरी हथेली खोल कर अम्मी की छूट को मुट्ठी में भर liya...aur अम्मी सिसकने लगी....

अम्मी- aaaahhh...golu ji...nhi...aahh...aap पागल कर doge....uuummm...

गोलू भाई जानते थे की अम्मी अब पूरी तरह गरम hai...isliye उन्होंने मौका न गवाते हुए अम्मी की छूट को मसलना सुरु कर diya....aur अम्मी joor-joor से सिसकियाँ लेने लगी...

गोलू भाई- रफत मेरी jaan....tu सच में खूबसूरती की मूरत hai...itni हसीं है की क्या bolu.....bas मुझे ये हसीना मिल जाए तो मेरी जिंदगी बन जाए....

अम्मी- aaahhh...golu ji...dheere....uuummmm...myjhe kuch...aaahhh...

गोलू भाई- है मेरी jaan...bolo....kya hua..bolo न मेरी jaan..bolo...

Ammi(golu भाई के गाल छौं कर)- mujhe..aahhh..main..aaahhh..uuummmmmmm..uuummmm....aaaahhhhhhhh.....

और अम्मी एक जोईरदार चीख के साथ ढीली पद गई और गोलू भाई के ऊपर लेट कर तेज आहें भरने लगी..

अम्मी की चीख से मैं समझ गया था की उनकी छूट पानी छोड़ चुकी है....

और गोलू भाई भी ये बात समझ गए the....isliye उन्होंने अम्मी की छूट को छोड़ा और उनका चेहरा पकड़ कर उनके होंठ चूम लिए....

गोलू भाई- uuummmhhh...rafat....accha लगा न....

Ammi(sharma कर)- आप बड़े गांधी हो....

ये बोल जार अम्मी श्रम कर गोलू भाई की बाहों में छिप गई और गोलू भाई ने भी मुस्कुरा कर उन्हें अपनी बाहों में कैद कर लिया....

उन्हें यु ek-dusre की बाहों में समाया देख मुझे बड़ा गुस्सा आ रहा tha...par अम्मी के चेहरे का सुकून देख कर मुझे उनके लिए ख़ुशी भी हो रही थी...

मैं सो हने लगा की अम्मी को अगर थोड़ी ख़ुशी मिलती है तो इसमें हर्ज hi क्या hai...waise भी अब्बू ने उन्हें परेशानियों और तकलीफों के अलावा कुछ दिया भी नहीं..

इसलिए मैं अपने दिल और दिम्माग को आने वाले वक़्त के लिए टैटार करने laga...kyoki मुझे यकीन था की गोलू भाई इतने में hi तो रुकने वाले गई नहीं......

पर इससे पहले की आगे कुछ हो pata...kisi ने गोलू भाई के कमरे पर दस्तक दे दी...

जिसे सुनते hi अम्मी हड़बड़ा कर उठ कर कड़ी हुई और अपने कपड़ों को सही कर के हैरानी से दरवाजे को देखने लगी....

गोलू भाई- rafat...tum घबराओ mat...mere रहते तुम पर कोई आंच नहीं आ sakti...tum शांत rahna...main देखरा हु...

ये बोल कर गोलू भाई आगे बड़े और दरवाजे को हल्का सा खोल कर dekha...aur किसी से बात का के बापिस आ गए...

अम्मी- kk..koun...

गोलू भाई- कोई nhi...mera आदमी hai...main उसके साथ निकल जाता hu....kych देर बाद तुम भी टाला लगा कर चली jana....aur haa....khane के बाद मीठे का मज़ा आ gaya....bas रोज मिलना चाहिए....

ये बोल कर गोलू भाई मुस्कुराते होते बहार निकल गए और अम्मी शर्म से फर्श की तरफ देखने लगी....

थोड़ी देर बाद अम्मी ने अपने आपको आईने में निगला और शर्मा कर घर से निकल गई...

और उनके निकलते hi मैं भी जल्दी से अपने कमरे में आ कर कंप्यूटर चलने लगा.....

मैंने देखा की अम्मी बापिस आ कर सीधा अपने कमरे में चली gai...aur कैच देर बाद बहार निकली तो सिर्फ salwar-kameej में aai...wo भी बदल चूका था...

मैं उन्हें देखते hi समझ गया था की सायद अम्मी ने नाहा लिया hai...jisse उनकी छूट का पानी भी पानी के साथ धूल जाए.....

Khair..fir उस दिन कुछ खास नहीं hua...ammi ने बर्तन साफ़ किये और मुझे बोल कर सोने चली gai...aur मैं आराम से अपने नए कंप्यूटर को चलने में मगन रहा......

फिर शाम को अब्बू आये ऑफ रोज की तरह खाना खा कर सोने चले गए....

पर खाना कहते हुए उन्होंने बताया की गोलू भाई के समझने पर hi वो कंप्यूटर लेने को राजी हुए और उन्होंने ये भी बताया की अभी अम्मी और मेरे लिए उनके पास एक सुर्प्रीज़े है.....

ये सब सुन कर मैं बहुत खुश था की मेरा कंप्यूटर आ गया tha.......main कितने दिनों से कंप्यूटर चाहता tha.....par अब्बू ने हमेशा अपने उसूलों का हवाला दे कर मेरी मांग को खारिज कर दिया.....

पर आज गोलू भाई ने सिर्फ एक hi दिन में वो कर दिखाया जो मैं सोच hi नहीं सकता था....

गोलू भाई ने मेरे अब्बू को अपनी बातों से ऐसा बदला की न सिर्फ अब्बू ने मुझे कंप्यूटर दिला दिया.....

बल्कि अब तो अम्मी और मेरे लिए एक सुर्प्रीज़े भी सोच कर रखा hai......wo भी सिर्फ गोलू भाई की वजह से......

इसलिए कही न कही गोलू भाई ने मेरे दिल में एक अच्छी जगह बना ली थी....

पर वही जब मैं अम्मी और गोलू भाई के बीच हुई घटना के बारे में सोचता तो मुझे गुस्सा आ जाता.....

क्योकि कोई भी अपनी अम्मी के साथ किसी गैर मर्द को इस तरह नहीं देखना चाहता....

पर तभी मेरे ज़ेहन में अम्मी की वो तस्वीर ubhri....jab वो झड़ने के बाद गोलू भाई की बाहों में सुकून के साथ लेती हुई थी....

तो मैं अम्मी की ख़ुशी के बारे में सोचने लगा....

मैं सोचने लगा की अम्मी को अब्बी ने आज तक सिर्फ बंदिशे और तकलीफ hi दी hai....aur अब तो वो अम्मी को जिश्मानी ख़ुशी भी नहीं दे पते.....

तो क्या मेरी अम्मी को खुश रहने का हक़ nhi....bilkul hai....aur अगर उन्हें गोलू भाई से वो सुख मिलता है तो उसमे मुझे कोई हर्ज नहीं.....

ऐसा सब कुछ मैं अपने दिमाग में सोचता हुआ अपने दिल को समझा कर सो गया.......

अगले दिन सुबह मैं और अम्मी नास्ता कर रहे the...tab मैंने अम्मी को गौर से देखा तो उनके चेहरे पर कुछ बदलाब साफ़ दिख रहा था......

Main(man में)- लगता है अम्मी , गोल्ज भाई की वजह से hi खुश hai...chalo चेक करते है....

Ammi(mujhe देख कर)- क्या hua...tu मुस्कुरा क्यों रहा है.....

मैं- कुछ खास नहीं ammi....main गोलू भाई के बारे में सोच रहा tha....unki वजह से मुझे कंप्यूटर मिल gaya....abbu ने हमारे लिए कुछ सुर्प्रीज़े भी सोचा hai....hai na....sach me...golu भाई कितने अच्छे है न......

मैंने देखा की अम्मी मेरी बातें सुनकर बहुत खुश हो गयी thi....par उन्होंने अपनी ख़ुशी ज्यादा ज़ाहिर नहीं होने दी......

अम्मी- है beta....wo बहुत अच्छे hai...accha...tu जल्दी से नास्ता ख़त्म कर के स्कूल ja....main खाना बनती हु...

मैं- ammi...aaj खाने में क्या बना रही है....

अम्मी- मटन....

मैं- hmm..golu भाई को मटन बहुत पसंद है....

Ammi(muskura कर)- accha....theek hai...unhe भी खिला दूगी..

Main(man में)- उन्हें bhi....ye क्यों नहीं कहती अम्मी की उनके लिए hi बना रही ho....banao-banao....main चला स्कूल....

मैं स्कूल के लिए तैयार तो हो रहा tha......par मुझे पूरा यकीन था की आज भी जब अम्मी , गोलू भाई के लिए खाना ले कर jaygi...to वह जरूर कुछ होगा....

इसलिए मैंने अम्मी को स्कूल जाने का बोलै और उनकी नजर हैट ते hi मैंने दावे पाँव ऊपर वाले कमरे में चला गया और इंतज़ार करने लगे की कब अम्मी गोलू भाई को खाना खिलने जाए.....

Khair...mera इंतज़ार सही वक़्त आने पर ख़त्म हुआ और मुझे गोलू भाई की आवाज़ सुनाई दी....

गोलू भाई- आओ rafat....aao....

आवाज़ सुनते hi मैंने अपनी आँख दीवाल के छेद से चिपका ली..

सामने अम्मी कमरे के भीतर आई और गोलू भाई के साथ सोफे पर बैठ गई....

गोलू भाई- कैसी ho....khush तो हो न...

Ammi(muskura कर)- बहुत khush....aapne खलील के अब्बू को समझा कर बहुत बड़ा काम किया hai.....aaj आपकी वजह से मेरा बीटा खुश hai....aur मैं भी...

गोलू भाई- hmm...aur मेरी ख़ुशी का kya...kya मुझे भी ख़ुशी मिलेगी कभी.....

गोलू भाई की बात सुन कर अम्मी ने उनकी आँखों में देखा और फिर झिझक कर नजरें झुका कर टिफिन खोलने लगी....

अम्मी- बातें तो होती rahegi....aap पहले खाना खा lijiye...warna ठंडा हो जायगा....

गोलू भाई- hmm....waise....aaj क्या लाइ हो....

Ammi(muskura कर)- आपके मन ka....mutton....

गोलू भाई- uumm..maza aayga....kaash तुम मेरी मन की साड़ी बातें समझ जाओ तो कितना अच्छा होगा न....

Ammi(golu भाई को देख कर)- आप खाना तो खाइये पहले....

गोलू भाई- मेरे हाथ गनहे hai...kya तुम मुझे खिला डौगी....

अम्मी- हाथ तो धोये भी जा सकते है न....

गोलू भाई- haa...par अभी मूड नहीं hai...tum खिलाओ na....jyada स्वाद मिलेगा....

Ammi(muskura कर)- आप भी na....theek hai....chaliye मुँह खोलिये....

और फिर अम्मी ने रोटी तोड़ कर मटन को थोड़ा और मसाले में लपेट कर गोलू भाई को खिलने lagi...aur गोलू भाई चटकारे ले कर मज़ा उड़ाने लगे....

Main(man में)- मुझे तो याद hi नहीं की अम्मी ने आखिरी बार कब अब्बू को या हम bhai-bahno को भी अपने हाथ से खिलाया ho....aur यहाँ गोलू भाई ने एक बार बोलै नहीं की सुरु हो gai...huh....

तभी अम्मी की हलकी सी चीख सुन कर मैं अपने ख्यालों से बाहर आया....

मैंने देखा की अम्मी की ऊँगली गोलू भाई के मुँह में फांसी थी और अम्मी हलके से सिसक रही थी....

अम्मी- aah...chhodiye न....

गोलू भाई- ूउम्मम्म...

अम्मी- are...ungli क्या चॉइस रहे hai....chhodiye न....

गोलू bhai(ammi का हरह पकड़ कर)- uuummmmhhh...tumhari ऊँगली का स्वाद लाजवाब है रफत....

Ammi(sharma कर)- आप भी na...kaisi बातें करते ho...main क्या खाने की चीच हु...

गोलू bhai(ungli चूस कर)- है rafat....tumhe खाने का मज़ा hi अलग hai....aaj ये मटन खाने के बाद मैं तुम्हे hi खाऊंगा....

Ammi(hath झटक जार)- hat...aap bhi...chaliye मटन khaiye...ye बोटी khaiye....bada स्वाद मिलेगा....

और फिर अम्मी ने dheere-dheere कर के गोलू भाई को पूरा खाना अपने हाथो से hi खिला diya...aur बीच में गोलू भाई ने कई बार अम्मी की ऊँगली को choosa...jisse अम्मी शर्माती rahi...par उन्होंने गोलू भाई को मन नहीं किया....

खाना खाने के बाद गोलू भाई बाथरूम गए और बापिस आ कर बीएड पर बैठ गए....

अम्मी- तो अब मैं जाओ....

गोलू भाई- kyo...kuch काम है क्या....

अम्मी- काम तो nhi...par अब यहाँ भी kya....aapne खाना तो खा hi लिया है...

गोलू भाई- hmm..par अभी खाने के बाद का मीठा बाकि है...

Ammi(sharma कर)- आज मीठा नहीं है......

गोलू भाई- accha....yaha aao...mere पास.....

अम्मी- nhi...aap फिर se...main जा रही हु...

गोलू भाई- प्ल्ज़ yaar....aao न....

अम्मी- आप na....theek hai...par कुछ करना mat....hmm..

और अम्मी उठ कर गोलू भाई के सामने कड़ी हो गई....

मैं- ये अम्मी भी बड़ी चालु hai....acche से जानती है की गोलू भाई क्या karege....fir भी नाटक ऐसे ki.....huh...khud भी यही चाहती hai..tabhi तो गई नहीं...

अम्मी- अब बोलिये bhi...ya देखते hi आअह्ह्ह...

अम्मी की बात पूरी होने के पहले hi गोलू भाई में उन्हें खींच कर अपनी गॉड में बैठा लिया....

अम्मी- aaahh...chhodiye na...ye kya....aap भी....

गोलू भाई- बैठो to....thoda तुम्हे अच्छे से देख lu....fir तुम्हे चखना भी तो है....

अम्मी- nhi...kuch नहीं karna...mujhe जाना है....

गोलू भाई- चली jana....bas कुछ देर aur....thoda मुँह मीठा कर लू...

और गोलू भाई ने अम्मी को अपनी तरफ कर के उनके होंठो पर अपने होंठ रख diye....aur अम्मी भी उसकी बीवी की तरह उनके होंठ चूसते हुए मज़ा लेने लगी......

करीब 5 मिनट तक अम्मी के होंठ चूसने के बाद गोलू भाई ने होंठ अलग किये और अम्मी की आँखों में देखने लगे...

अम्मी- अब मुँह भी मीठा हो gaya...ab जाओ....

गोलू भाई- rafat....kya मैं तुम्हारा ये मखमली जिश्म देख सकता हु....

Ammi(aankhe बड़ी कर के)- ये आप क्या बोल रहे hai....main किसी की बीवी hu..aapki नहीं....

गोलू भाई- काश तुम मेरी बीवी hoti..to तुम्हे पलकों पर बैठा कर rakhta....us मौलवी की तरह तुम्हे कैद न रखता...

अम्मी- बस kijiye....wo जैसे भी hai...sahi hai....unka हक़ बनता है मुझ पर.....

गोलू भाई- मैंने कब कहा की उसका हक़ nhi...par तुम पर पहला और सबसे ज्यादा हक़ तुहारा hi बनता hai....hmm..

अम्मी- saayad....par इससे मेरे सौहार का हक़ तो काम नहीं हो जाता न....

गोलू भाई- बिलकुल nhi....par तुम्हे अपने हक़ से अपने आपका ख्याल तो रखना चाहिए na....dekho...tumhara ये हसीं jishm....kaise इस कैद में फसा हुआ hai....aur तुम अपना चेहरा तो dekho....ye कियना मुरचाया सा लग रहा hai.....kya इस चेहरे और जिश्म को खिलने का हक़ नहीं...

अम्मी- hai...par क्या karu....paresaaniyan इतनी है की अपना ख्याल hi नहीं रहता....

गोलू भाई- तो हमे इजाजत do....hum इसका बहुत बेहतर ख्याल रखेंगे....

Ammi(has कर)- aap...mera khyaal...aur वो क्यों...

गोलू bhai(ammi को बाहो में समेत कर)- क्योकि हम अपनी रफत को हमेशा खुश देखना चाहते hai.....ek डैम खिला hua...khile गुलाब की तरह....

Ammi(sharma कर)- मैं आपकी कैसे हो गई....

गोलू भाई- दिल से तो तुम हमारी hi ho.....aur आज जिश्म से भी....

और ये बोल कर गोलू भाई अम्मी को साथ ले कर बीएड पर लेट gaye....jisse अम्मी अब उनके सीने पर लेती हुई थी....

अम्मी- aahh...chhodiye na....aap कर क्या रहे है....

गोलू bhai(ammi का गाल सहला कर)- हम तुम्हे देखना चाहते है rafat....tumhare हसीं जिश्म को अपनी आँखों में कैद करना चाहते है...

अम्मी- nhi...ye नहीं हो sakta....main कुसी और की बेगम हु....

गोलू भाई- तुम उसके लिए हमे मन कर रही ho...jisne आज तक तुम्हारी फ़िक्र hi नहीं ki....kyo....aisa क्या है उसमे जो मुझ में nhi...dekho rafat....mujhe गौर से dekho...kya हम उससे अच्छे nhi...bolo....

इतना बोल कर गोलू भाई चुपचाप अम्मी को घूरने lage...aur अम्मी की नजरे ahista-ahista झुकने लगी....

गोलू भाई- चुप क्यों ho...kya तुम्हारा सौहार कुसी भी बात में मुझसे अच्छा hai...agar haa...to तुम यहाँ से चली jao...aur फिर कभी मत aana.....nhi तो....

Ammi(beech में)- नहीं तो...

गोलू bhai(muskura कर)- नहीं to...hmm....mujhe अपने हुश्न का देदार कराओ...

अम्मी- पर क्या ye...ye सही है...

गोलू भाई- इसमें कुछ भी गलत nhi.....aur वैसे bhi....tum इस वक़्त मेरी बाहों में ho...to अब sahi-galat का सोचने का वॉट gaya....ab वो karo..jo तुम्हे पसंद ho....hmm..

अम्मी- पर किसी को पता चला to....mere souhar..mere बच्चे....

गोलू भाई- ssshhh...itni परेशान क्यों हो रही ho...ye बात इसी कमरे में rahegi....ab और इंतज़ार मत karao...mujhe इस हसीं जिश्म को महसूस करने do...chakhne do....taki मुझे जन्नत का मज़ा मिल सके...

ये सुन कर अम्मी को ह सोचने lagi....aur मैं ये सोचने laga....ki क्या मेरी ामी आज किसी गैर के सामने अपने पाक जिश्म को नंगा karegi....kya वो अपनी हद पार कर जाएगी.....????
 
अपडेट - 42

अम्मी को सोचता हुआ देख गोलू भाई ने फिर से उन्हें toka....aur वही सवाल दोहरा दिया...

Ammi(sharma कर)- आप बड़े बेकार ho....sab कुछ अपनी मर्जी का hi करवा loge...hmm...

गोलू bhai(muskura कर)- haa....ab ज्यादा सोचो mat....mujhe अपने नायब हुश्न के दीदार करा do...plz rafat....maan jao....bas एक baar.....meri आँखे को भी सुखों मिल जायगा......

Ammi(muskura कर)- आप भी na....theek hai....par आप सिर्फ dekhna....chhuna नहीं....

गोलू भाई- nhi...chkhuga....

अम्मी- nhi...aur haa...aap अपने कपडे नहीं nikalege..nhi तो मैं भाग जोगी...

गोलू भाई- पर...

अम्मी- nhi..aap कसम khao...ki कपडे नहीं nikaloge....nhi तो मैं कुछ नहीं करूगी...

गोलू भाई- ठीक hai...main कसम खता हु की मैं अपना एक भी कपडा नहीं nikaluga....ab khush....ab दिखा भी दो...

Ammi(kuch सोच कर)- ठीक hai.....aaj आप जीते.....

Main(man में)- ये kya...ammi तो गोलू भाई की हर बात मान रही hai....to क्या उनके कहते hi छोड़ने भी lagegi...kyo nhi....ho भी सकता hai....kal hi सब हाडे पार कर दी thi....bas कपड़ों की दीवार thi...wo आज गिरने वाली hai....oh ammi.....ye क्या कर रही ho...sher के सामने बकरी को खुला पेश करोगी तो बकड़ी का मरना पक्का hai...ammi...ruk jao..ohh...

तभी अम्मी ने एक झाके में अपना लिवास निकाल feka...aur अम्मी को देख कर मेरी नजरें उन पर बापिस टिक गई...

अम्मी ने लिवास के भीतर सिर्फ कुर्ती और सलवार hi पहनी thi......wo भी इसकी कासी हुई की उसके दूध और गांड कपडे फाड़ने को बेताब हो रहे थे.....

गोलू भाई- uuummmmhhh...kya खूब बनावट है तेरे जिश्म की मेरी jaan....dil करता है की अभी अगूढ़ में समां lu....par कम्बखत ये kapde.....ye बर्दास्त नहीं hote.....ab इन्हे भी अपने जिश्म से जुड़ा करो और वो खजाना dikhao..jise देखने की ख्वाहिस में जी रहे है हम.....

गोलू भाई की बातों से अम्मी खुस भी हो रही थी और शर्मा भी रही thi....isliye नजरें झुकाये हलके से मुस्कुरा रही थी....

गोलू भाई- अब और न तरसाओ rafat....jaldi करो न....

अम्मी ने फिर शरमाते हुए अपने हाथ कुर्ती के नीचे डाले और कुछ hi देर में उनका सवार सरकता हुआ पंजो में जा fasa....to अम्मी ने पैरों से सलवार निकल और आगे कड़ी हो कर अपनी कुर्ती से अपनी चौड़ी जांघो का हिस्सा ढकने लगी.....

गोलू भाई- क्या बात है rafat...tumhare पेअर इतने gore...uuummmhh....tab तो अंदर कैद हुश्न दूध से भी ज्यादा सफ़ेद होगा....

अम्मी शरमाते हुए अपनी नकरें फर्श पर गड़ाए thi...par उनके होंठो पर उभरी हुई मुस्कान साफ़ बता रही थी की उन्हें अपने हुश्न की तारीफ बेहद पसंद आ रही है.....

गोलू भाई- अब और न tadpao....dikha दो मुझे अपने हुश्न का खजाना.....

गोलू भाई की बात सुन कर जन्मी ने शरमाते हुए अपनी कुर्ती को पकड़ा और गले से निकलते हुए वही फर्श पर छोड़ di....par फेक दी.....

अब अम्मी लगभग पूरी तरह से नंगी हो चुकी thi........unke जिश्म पर सिर्फ एक पतली सी समीज फांसी हुई thi....jisme से उनके दोनों दूध और जांघो के बीच की गहराई साफ़ नजर आ रही थी....

ये देख कर मैं तो समझ गया tha....par गोलू भाई चौंक गए the....kyoki अम्मी ने bra-panty नहीं पहनी थी.....

असल में अम्मी घर में भी लिवास जरूर पहनती thi...isliye वो गर्मी से बचने के लिए bra-panty काम hi पहनती thi...aksar वो कुर्ती ने नीचे एक लम्बी सी समीच पहनती thi....jisse उनके दूध के sath-sath छूट भी धक् जाती थी....

पर वो इतनी पतली होती है की उसमे से अंदर का जिश्म saaf-saaf नजर आता hai....jo इस वक़्त अम्मी का आ रहा tha..aur उसे देख कर गोलू भाई के हाफ पेण्ट में तम्बू बनता जा रहा था.......

अम्मी- अब देख लिया हो तो कपडे पहन लू....

गोलू भाई- तुमने ये सोचा भी kaise....tumhe ये क्यों लगा की मैं इस हसीं जिश्म को बिना चखे जाने दुगा....

Ammi(chounk कर)- पर आपने कसम खाई थी की आप कपडे नहीं nikalege.....kya कसम तोड़ देंगे....

गोलू भाई- अरे तेरे लिए तो कुछ भी तोड़ du...kasam क्या चीज hai....par....par मैं अपनी बात का पक्का hu....main कपडे नहीं nikaluga....par तुम्हे कपडे पहना du....aisa तो नहीं बोलै था na....ab यहाँ आओ...

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी का हाथ पकड़ कर उन्हें अपनी बाहों में दवा लिया और अम्मी बस आह कर के रह गई.....

अम्मी- ये आप क्या कर रहे है....

गोलू bhai(ammi की पीठ सहला कर)- bas...thoda सा pyaar.....aao मेरी जान....

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी का चेहरा हाथो में थमा और उनकी आँखों में देखते हुए अपने होंठो को आगे ले गए....

गोलू भाई की हरकत पर अम्मी ने कोई बिरोध नहीं kiya...bas अपनी आँखों बंद कर के उन्हें अपने होंठो पर आने दिया....

फिर देखते hi देखते दोनों के होंठ आपस में चिपक गए और कुछ hi देर में दोनों एक दूसरे के होंठो को बेतहासा चूसने लगे.....

wild-kisses-animated-gif.gif


अम्मी- uuuummm..uuummmhh...golu ji....aap ye...uuummm....

गोलू भाई- uuummmhhh...kuch मत bolo...aaauuummmm...uuummmmm....

अम्मी को किश करते हुए गोलू भाई ने अम्मी को इस कदर बाहों में दवा लिया tha...jaise की अम्मी को दवा कर hi उनका रास निकाल देंगे.....

वही अम्मी भी गोलू भाई के चेहरे को हाथो में दवाये joor-joor से उनके होंठ चूस रही थी.....

X8Vw.gif


गोलू भाई- uuuuummmmm...uuuummmmm...uuuummmm...uuummmmmm....

अम्मी- uuuummmmm..uuuuummmm...uuummmhhh..aaahhh..uuummmmm...uuummmm....

गोलू भाई- uuummmhhh..rafat...apni जवान निकालो.......

अम्मी- पर क्यों.....

गोलू भाई- तुम्हे चखना जो hai....nikalo उसे....

और जैसे hi अम्मी ने अपनी जवान बाहर की तो गोलू भाई ने उनकी जवान पमे अपनी जवान भिड़ा दी और फिर अम्मी की जवान चूसने lage....aur अम्मी मचल उठी.....

tenor.gif


गोलू भाई- aaaaasuuuuuummmmm...uuuuummmm...iuummmmm......

अम्मी- uuuuuuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm.......

गोलू भाई ने थोड़ी देर तक बड़े इत्मीनान के साथ अम्मी की जवान चूसी और अम्मी ने भी उन्ही की तरह गोलू भाई की जवान चूसना सुरु कर दिया.....

गोलू भाई- uuuuuummmmmmmhhh..aaahhh...maza आया न....

अम्मी- iummmhhh....aahh..aah...aisa भी कोई करता है क्या....

गोलू भाई- uuuummmmhhhh...aaahh...haa मेरी jaan......tum थक गई होगी na...aao...tumhe आराम करता hu...uuummmm...

और इतना बोल कर गोलू भाई ने अम्मी की जाँघे पकड़ कर ऊपर उठा तो अम्मी ने भी अपनी तागे गोलू भाई की कमर में फसा li....aur गोलू भाई अम्मी को हवा में तागे चूमते हुए आगे बड़े और चूमते हिये hi अम्मी को बीएड पर लिटा diya...aur खुद उनके बाजु में लेट गए....

और अम्मी को houle-houle चूमते हुए उनके पेट को सहलाने लगे......

अम्मी- aaaahhh....kitne बेकार हो aap...meri तो सांस hi फूल गई....

गोलू भाई- अभी साँसों को सम्भालो rafat....abhi तो बहुत कुछ बाकि है....

इतना कहा कर गोलू भाई ने अपना हाथ अम्मी की जांघो पर रखा और उनकी समीज को ऊपर करते हुए अपना हाथ उनकी छूट पर रख दिया.....

tumblr_n3fenpk5NW1revz5to1_500.gif


अम्मी- aahh..golu ji....waha नहीं.....

गोलू भाई- ये मेरा हक़ है.....

अम्मी- पर वह कोई गैर....

गोलू bhai(beech में)- हमे अपना hi समझो मेरी जान.....

और गोलू भाई ने अम्मी की छूट सहलाते हुए उनके गले को चूमना सुरु कर diya...aur अम्मी बिस्टेर पर लेती हुई मचलने लगी......

fingering-1-1.gif


अम्मी- aahh..bas कीजिये गोलू ji...ye सही नहीं है....

गोलू भाई- uuummhh....maine कपडे न निकाल कर अपनी बात रख li...ab तुम मुझे अपने जिश्म को चखने से मत रोको....

अम्मी- uumm...par मैं किसी की बेगम hu.....is पर मेरे शौहर का हक़ है.....

गोलू भाई- uuummmmhhh...aaj nhi.....uuummmm...uumm..

और गोलू भाई अम्मी की छूट को जोर से रगड़ने lage...jisse अम्मी गरम हो कर अपने जिश्म को हिलने lagi...aur मस्ती में सिसकने लगी.....

tumblr_mvelrdjSZU1r2coz9o1_500.gif


अम्मी- uuummm..goli ji.....ye mujhe...aaahhh...rukiye....aaahhh.....aahh...

अम्मी baar-baar गोलू भाई को रुकने का बोल रही thi...par असल में उन्हें अब बहुत मज़ा आ रहा tha...jiska अंदाजा उनके जिश्म की थिरकन और उनकी मादक सिसकियों से कोई भी लगा सकता था.....

थोड़ी देर तक अम्मी की छूट को तेजी से रगड़ने से अम्मी का सब्र टूट गया और वो खुद गोलू भाई का हाथ पकड़ कर अपनी छूट पर घिसते हुए अपनी जाँघे उचकने लगी....

ये देख कर मैं समझ गया की अब अम्मी झड़ने के करीब hai...aur मेरे देखते hi देखते अम्मी ने एक जोरदार सिसकी ली और पास्ट पद कर गोलू भाई का हाथ छोड़ दिया...

अम्मी झड़ने के बाद लेती हुई तेज साँसे ले रही thi....aur यहाँ गोलू भाई उनकी छूट के रास को हाथ से निकाल कर छूट के लेप कर रहे थे....

गोलू भाई- rafat....tumhari छूट तो सच में लाजवाब hai...ekdam chikni....jaise कोई कुवारी लड़की की हो....

Ammi(aankhe बंद किये हुए)- आप bhi...jaiye....kitna झूठ बोलते है....

गोलू भाई- नहीं मेरी jaan...main तुमसे झूठ क्यों boluga....tum सच में लाजवाब ho...sach में....

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी की समीज को ऊपर किया और फिर छूट के ऊपरी हिस्से को चूम लिया....

अम्मी- aaahhhhh....golu जी....

फिर गोलू भाई ने अम्मी की समीज ऊपर करते हुए उनकी kamar...naabhi और पेट को चूमा और फिर अम्मी को थोड़ा सा उठा कर समीज को जिश्म से जुड़ा कर दिया....

अब अम्मी पूरी तरह से नंगी हो कर गोलू भाई के सामने लेती हुई thi....aur गोलू भाई उनके दूध जैसे गोर जिश्म को खा जाने वाली नजरों से देख रहे थे.....

कुछ देर तक गोलू भाई ने अम्मी को देखा और फिर झुक कर उनके दूधो को सहलाते हुए एक दूध पर जीभ फिरने lage.....jisse अम्मी फिर से सिसक उठी....

अम्मी- aaahh..golu ji....ye क्या कर रहर है....

गोलू भाई- sssrruuuuppp...aaah...kya तुम्हारे सौहार न्र कभी ये रसीले दूध नहीं चूसे....

Ammi(sir हिला कर)- ुम hu....bas मेरे बच्चो ने इनसे दूध पिया है....

गोलू भाई- चुटिया है sala....tu मेरी बेगम होती तो अब तक तो choos-choos कर इन्हे पहाड़ बना deta.....uuuummmmm..

अम्मी- aaahhh.....dheere se.....gudgudi होती है.....

गोलू भाई- तुम्हे अच्छा lagega....uuummm..uuummm...

अम्मी- aaahhh..sach me....ye to...uuummm..bahut अच्छा hai....aahhh...choosoye गोलू ji....joor se...aaahhh..kato mat...uuummm....

फिर गोलू भाई ने अम्मी के दोनों दूधो को baari-baari चूसा और फिर से एक हाथ उनकी छूट पर ले गए....

इस बार अम्मी ने गोलू भाई का हाथ पहुंचते hi अपनी तागे खोल di...jisse गोलू भाई अम्मी की छूट को आसानी से सहलाने लगे.....

गोलू भाई मज़े से अम्मी के दूध चूसते हुए उनकी छूट को सहला रहे the...aur अम्मी मस्ती में सिसक रही थी.....

tumblr_n365frDOEs1sx2j5ao1_500.gif


अम्मी- aahh...golu ji....bahut अच्छा लग रहा hai.....par आप mujhe...uuummm..mujhe खराब कर रहे है....

गोलू भाई- किसी के जिश्म को मज़ा देना कभी ख़राब नहीं होता मेरी जान....

अम्मी- aahh....main आपकी jaan...ye कब hua....main तो अपने सौहार की जान हु...

गोलू भाई- उस भैसे ki...jo तुम्हे आज तक ठीक से देखा भी नहीं.....

अम्मी- पर बच्चे तो उन्ही ke...aaahhhh.....maar क्यों rahe..aahhh....

अम्मी का बोलना hi हुआ था की गोलू भाई अम्मी की छूट पैट हलके से थप्पड़ मरने lage....jisse अम्मी चिहुँक उठी....

tumblr_inline_pd0szdINL21vgyr4e_640.gif


गोलू भाई- क्या boli...haa...haa...

अम्मी- aaahhh...aap ye..aaahhh...mat kijiye....aaahh...mujhe kuch...aaahhh..

गोलू भाई- अब bolo...koun हो meri....haa...bolo-bolo....jaan कौन...

अम्मी- aaahhh...main...main hu...aaahh...main हु jaan...aaahhh...

गोलू भाई- kiski....bolo....haa...

अम्मी- aahh...aapki...aapki...aahhh...aapki....aapki....aaahhh..ab nhi...aahh....

गोलू भाई- hmm..ab ठीक hai....ab अपनी जान को और मज़ा देता हु....

ये बोल कर गोलू भाई खड़े हुए और अम्मी के जिश्म पर हाथ फिर कर jhuke...aur अम्मी को चूमते हुए फिर से उनकी छूट सहलाने लगे....

3LTY2104021G.gif


और अम्मी भी बड़े प्यार से अपनी छूट सहलवाते हुए गोलू भाई को चूमने लगी....

अम्मी- uuummmm...uuummmm..aahh...aise कब तक करोगे.....

गोलू भाई- जब तक तुम्हे पूरा मज़ा नहीं milta...uuummm...uuummm...

अम्मी- uuummmmhhh....mere सौहार आने वाले hai...uuummm....uuummm...

गोलू भाई- uuummmhhh....to आने do.....use क्या पता की उसकी बेगम आज मेरी जान बन गई....

Ammi(sharma कर)- बहुत बेकार हो आप तो....

गोलू भाई- haa...thoda sa...ab देखो....

और गोलू भाई बापिस बिस्टेर पर टिक कर बैठे और अम्मी को बैठा कर उनको चूमने लगे....

ऑफ देखते hi देखते उन्होंने अम्मी को आगोश में भरा और ुबकि तागे फैला कर छूट को मसलने लगे....

edccdfcdaeacba-1535455728p8c4l.gif


अम्मी अब फिर से पूरी तरह गरम हो चली thi....isliye वो भी गोलू भाई को चूमते हुए अपने जिश्म को उनके हवाले कर के खूब मज़े ले रही थी....

गोलू भाई अम्मी की छोट मसलतर हुए कभी छूट का दाना खींचते तो अम्मी चिहुँक uthti...aur फिर जब वो एक ऊँगली को छूट में घुसाते तो अम्मी का जिश्म कांप जाता....

कुछ देर तक ऐसी hi हरकते करते हुए गोलू भाई ने अम्मी के जिश्म में आग लगा दी...

और इस आग को ठंडा करने के लिए अम्मी को गोलू भाई का लुंड चाहिए tha...isliye वो एक हाथ से गोलू भाई का लुंड सहलाने lagi...jisse गोलू भाई की आँखे ख़ुशी से चमक उठी....

stepSMUT_ROUND_UP-6.gif


अम्मी- uuummm..uuummhh...ab और मत tadpaiye...niksliye इसे....

गोलू भाई- किसे....

Ammi(lund सहलाते हुए)- इसे...

गोलू bhai(chhot दवा कर)- इसे क्या kahte...wo बोलो....

Ammi(sharma कर)- haatt...mujhe शर्म आती है....

गोलू भाई- तो शर्माती raho...ye बहार नहीं आएगा....

अम्मी- uuummmmmhhh....nikslo na....aur दाल दो मेरे अंदर....

गोलू bhai(choot सहला कर)- तो bolo...kya nikalu...aur कहा दालु....

अम्मी- aaahhh....nikalo न जल्दी....

गोलू भाई- तो जल्दी बोलो....

अम्मी- ठीक hai...bade बेशर्म ho.....huh...apna लुंड nikalo...aur मृ छूट में दाल do.....mujhse अब रहा नहीं जाता...

गोलू bhai(choot को मुट्ठी में मसल कर)- nhi...maine कसम खाई थी....

अम्मी- aaaaahhhh....mere लिए तोड़ do...uuummm..dal दो मेरे andar.....aahh...

गोलू भाई- मेरी kasam....theek hai...minnat करो मुझसे.....

अम्मी- aaahhh...main मिन्नत करती hu.....daal दो मेरी छूट me....aahhh...main भीक मांगती hu....ab तो दाल दो....

मैं- ये kya...ammi तो हवस में पूरी पागल हो gai....lund खाने के लिए भीक मांग रही hai..chhee अम्मी.....

तो अब क्या गोलू भाई अपनी कसम तोड़ dege...kya वो अम्मी को छोड़ देंगे.....

एक तरफ kasam...to एक तरफ hawas....dekhte है जीत किसकी होती है......??????

नोट - उपदटेस पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....

थैंक्स फ्रेंड्स....


कीप रीडिंग........
 
.....आपने 5 मिनट में दोनों उपदटेस पढ़ कर लिखे भी कर diye....kya dost....kam से काम पढ़ तो लेते....

2 उपदटेस सोच कर likho..aur फिर gif dekho....isme 2 दिन तक चले जाते है ...और आपने बिना देखे लिखे मार कर ड्यूटी भी पूरी कर di....ye सही नहीं दोस्त....

खास कभी कोई स्टोरी लिखो तो समझ aayga....baki अस ुर wish....go ों...

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
Dost...kiss करना और चुदाई karna....ek ायरत के लाइट सायद जमीन और आसमान का अंतर रखते hai....saayad इसलिए उसे अब ख्याल आया.... :विंक:

अभी चूड़ी kaha....intzaar karo....aage क्या होगा क्या pata...saayad अंदर की बीवी जाग jaaye...haha....


वो लड़की जल्द hi सामने hogi....thoda वेट kare...pahle रफत को देख ले....

थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
Back
Top