GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI - Page 7 - SexBaba
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GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI

अपडेट - 36

Khair....thodi देर बाद गोलू bhai,unka नौकर राजू, मजीद और मजीद के ammi-abbu कार में सवार हो कर निकल गए....

और मैं सोचने laga....ki गोलू भाई के तगड़े लुंड ने इस साडी में तो बहित शिकार कर liye....ab देखना ये था की उनका अगला शिकार होगा कौन......???????

अब आगे........

[ माजिद की जवानी.........]

मामू के घर से जब हम निकले तो अब्बू भी हमारे साथ hi कार में the....par गाओं के बस स्टैंड पर आते hi अब्बू उतर गए और बस से आने का बोल गए.....

मैं- ammi...abbu बस से क्यों आने वाले है....

अम्मी- वो तेरे अब्बू को अभी एक गाओं जाना hai....thoda काम hai....saayad रुकना भी pade...isliye.....

अम्मी ने मुझे तो बोल diya....par सच तो मैं जनता hi tha....ki अब्बू को अम्मी और गोलू भाई ने hi भेजा hoga...taki वो दोनों पुरे रस्ते चुदाई कर सके....

और गाओं से थोड़ा आगे आते hi मेरा सच सही साबित हो गया.....

गोलू भाई ने वही किया जैसा की आते वक़्त किया tha....unhone आराम करने का बहाना बनाया और बीच वाली शीट लिटा कर आगे पर्दा दाल दिया....

और मेरी अम्मी के साथ आराम से पीछे लेट गए.....

यहाँ मैं थोड़ी देर तक राजू से बातें करता raha....aur फिर बिलकुल पहले की hi तरह नीड का बहाना कर के होनी आँखे परदे के होला पर लगा di...aur कान खड़े कर के उनकी बातें सुनने लगा....

मैंने देखा की मेरी अम्मी और गोलू भाई पुरे नंगे हो चुके थे और पीछे वाली शीट पर शीट पर बैठे हुए थे........

और गोलू भाई अम्मी को बाहों में थामे उनकी जगह सहला रहे थे......

अम्मी- आपको इस सफर में मज़ा तो बहुत आया होगा न.....

गोलू भाई- hmm..maza तो mila....aur तुम्हारा बदला भी पूरा हो gaya.....hmm...

अम्मी- haa....main कितने सालों से इस वक़्त का इंतज़ार कर रही thi.....aaj जा कर मेरे फील को सुकून मिला है...

गोलू भाई- अच्छा अब तो बता दो की तुम्हे तुम्हारी भाभियों से खुन्नस क्या थी.....

अम्मी- सिर्फ भाभियों से nhi....meri बहिन से भी खुन्नस hai....aur उसे भी एक दिन में रंडी नाना doogi....wo तो मौका नहीं मिल paya...nhi तो साली को आपके लुंड की गुलाम बना देती....

गोलू भाई- कोई बात nhi......usko भी देख lege....tu घर बुला lena...use भी निपटा dege....chal अब तो बता की बात क्या थी....

अम्मी- hmm...asal में जब मैंने जवानी में कदम रखा tha...tab मुझे भी एक लड़के से प्यार हो गया tha....par वो लड़का दूसरे मजहब का tha...isliye मेरी नेहँ को मेरा प्यार पसंद नहीं था....

इसलिए उसने मेरी भाभियों को ये बात बोल di....jo की nai-nai hi घर में आई थी...

तो उन्होंने अपना रुतवा बनाने के लिए मेरी बहिन के साथ मिल कर मेरे abbu-ammi को सच बता दिया....

फिर मेरे भाइयों ने उस लड़के को maar-maar कर अधमरा कर दिया और उसके परिवार को धमका कर गाओं से निकाल दिया....

और मुझसे बिना मर्जी जाने कच्ची उम्र में hi मेरी साडी माजिद के अब्बू से कर दी...

और वो भी ऐसे nikle.....saadi के कुछ hi सालों में मुझे पता चल गया था की वो मर्दों के साथ सोते hai...par मैंने परिवार की इज्जत की खातिर चुप रह कर ये सब सह लिया....

मैंने सद्दाम से बात भी ki...par उन्होंने saaf-saaf बोल दिया था की वो अपना सूक नहीं बदल sakte....chahe तो तलाक ले लो...

पर उस वक़्त माजूद छोटा tha...to मैंने उसकी खातिर ये सब सह लिया और अच्छी बेगम की तरह अपने सौहार के साथ रही...

पर जब मैं आपके करीब aai...to मुझ में अंदर से एक हिम्मत आ गई....

मुझे यकीन हो गया था की मैं अपने दिल में लगी आग को आपके सहारे बुझा सकती हु....

इसलिए मैंने आपको इस साडी में चलने को kaha...aur माजिद के अब्बू की करतूत रिकॉर्ड कर के आपने मेरा काम और आसान कर दिया....

और dekho...aaj मैंने अपने सौहार और भाभियों से इंतकाम ले लिया....

गोलू भाई- ohh....khair...ye सब तो मैं समझ gaya...par अभी एक बात समझ नहीं aai....tumhe ये क्यों लगा की तुम्हारी भाभी मेरे साथ सोने को इतनी आसानी से हां बोल देगी...

Ammi(muskura कर)- उसका इंतज़ाम तो मैंने बहुत पहले कर दिया tha....asal में छोटी भाभी मेरे काबू में hai...jiski मदद से मैंने अपने भाइयों को रोज ऐसी दवा pilwaai...jo उन्हें सेक्स के काबिल hi न रहने de....aur वही मेरी भाभियों को वो दवा pilaai...jisse उनके जिश्म की आग इस कदर भड़के की वो कुवह भी करने को तैयार हो जाए....

और फिर मैंने अपनी बीच वाली भाभीजाण को आपके बारे में bataya...aur बातों से hi उसे ऐसी आग लगाई की वो आपकी रंडी बनने को तैयार हो गई....

और उन्ही की मदद से मैंने बड़ी भाभी और ज़रीन को आपके लिए तैयार किया....

गाओं में आपने जो भी kiya...usme उस दवा का बहुत बड़ा हाथ है जो मेरी भाभियों को पिलाई gai...aur बाकि का काम आपकी चुदाई ने कर दिया...

जिससे मजबूर हो कर वो आपके लिए आसानी से रंडी बन gai...aur ज़रीन तो आपका बच्चा ब्बि पैदा करने मान गई...

और इसी बीच मैंने सद्दाम से भी बदला ले लिया....

गोलू भाई- बहुत khoob...par ये कौन सी दवा thi....naam तो बताओ....

अम्मी- वो एक हकीम साब ने दी thi..deshi dawa...uska नाम नहीं pata...par मैं आपको दिलवा दूगी.....

मैं- वैसे मुझे उसकी जरूरत nhi...mere पास अपनी दवा hai....jo तुम जैसी अयर्तों को अपना गुलाम बनमे के लिए काफी है....

Ammi(lund सहला कर)- अब तो आप सब समझ गए न....

गोलू बगै- nhi...ek बात और hai....tumhe एक बात का दर नहीं laga...ki इतना जलील हो कर सद्दाम तुझे तलाक दे सकता है....

Ammi(muskura कर)- उसकी इतनी हिम्मत nhi....aur अगर ऐसा करता भी hai...to कंगाल हो कर सड़क पर आ जायगा...

गोलू भाई- मतलब....

अम्मी- असल में उसने मेरे प्यार में फास कर सब कुछ मेरे नाम लिख दिया hai...uper से तलाक के मेहर की भी मोती रकम चुकानी पड़ेगी use...aur उसके पास इतना है hi नहीं की मुझे छोड़ कर कही जाने का सोचे bhi...aur फिर badnami....wo जनता है की तलाक लेते hi मैं उसका गाँडूपन सबको बता dugi...fir तो लोग उस पर thookege...aur गाओं से निकाल भी देंगे....

गोलू भाई- hmm..accha...baki सब का तो mana...par क्या तुम भी मेरे पास दवा के असर की वजह से आई थी....

अम्मी- बिलकुल nhi...maine तो कभी ऐसा सोचा भी नहीं tha....mujhe तो आपने hi फसा liya.....uuummmmhhh....

गोलू भाई- तब तो अच्छा hi किता na....uuuummmhhhh....

और फिर गोलू भाई और अम्मी एक दूसरे के होंठो को चूमने में लग गए....

पीछे हुई बातें मैंने saaf-saaf सुन ली thi.....kyoki एक तो मेरे कान तेज hai..aur ऊपर से दोनों बेफिक्र हो कर बिना आवाज़ दवाये बातें कर रहे थे......

ये सब सुन कर मेरा दिमाग hi घूम गया था....

मैं तो अपनी अम्मी को बड़ा सीधा और पाक्णसमझता tha...par मेरी अम्मी तो बड़ी शातिर निकली....

गोलू भाई के sahare...ek hi झटके में होने सारे बदले ले liye.....kamaal की चीज है मेरी अम्मी....

पर अभी मुझे ये भी जानना था की अम्मी गोलू भाई के चक्कर में फांसी kaise...kyoki जैसा उन्हीने kaha....usse से तो यही लगता है की सुरुवात उन्होंने नहीं की thi..balki गोलू भाई ने की थी...

पर मेरी समझ में ये नहीं आ रहा था की ये सब सच मुझे कौन batayga...aur कब...

Khair....maine अपने दिमाग में उठ रहे सवालों को बाजु में रखा और पीछे का नजारा देखने लगा....

वह गोलू भाई अम्मी के bade-bade गोर दूध मसलते हुए उनके होठो को चूम रहे the....aur अम्मी भी पूरी सिद्दत से गोलू भाई का साथ दे रही थी.....

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अम्मी- uuummmm..uuummmm..uuuummm..aaahhh...ab और न tarsaao....kal रात भर तरसी हु.....

गोलू भाई- uuummmm...maine भी बड़ा याद किया tujhe....tere ये रसीले doodh....uuummm...

अम्मी- aaahhh....to चोइसो inhe....ab ये आपके लिए hi hai....us गांडू को तो भगा दिया...

..

और फिर अम्मी के बोलते hi गोलू भाई ने अम्मी के दूध पर मुँह लगा कर चूसना सुरु कर diya....aur अम्मी masti.me सिसकने लगी....

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गोलू भाई दूध को दवा कर निप्पल को होंठो में दावते और फिर जोर से chooste....jisse अम्मी की तेज सिसकी निकल जाती....

अम्मी- aaaaahhhh.....choos lo...uuummm...aise hi...joor se...aaahhh...

गोलू भाई- uuummmm...uuummmm...uuummmm..uuummmm...uuummm...

वह गोलू भाई अम्मी के दूध चूस रहे थे और यहाँ मेरा छोटा सा लुंड सनसनाने लगा था.....

देखते hi देखते गोलू भाई ने अम्मी के दोनों दूधो को choos-choos कर लाल कर दिया....

और अम्मी गरम हो कर गोलू भाई का लुंड सहलाने लगी.....

अम्मी- aaaaahhhhh.....aapka ये लुंड भी na....kya जादू कर दिया isne....aaahh...

गोलू भाई - चल इसे तैयार kar....fir तेरी तड़प मिटाता हु.....

और ये बोलकर गोलू भाई ने अम्मी की झुका दिया और अम्मी बिना किसी झिझक के लुंड को मुँह में ले कर joor-joor से चूसने लगी....

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अम्मी- uuuummmm....uuummmm..uuummm...uummm....

गोलू भाई- aah....tera मुँह सबसे कमाल है saali....aaahhh.......thoda तेज.......

अम्मी- uuuummmm....uummmm..uummmm..uummmm...uuummm.....

गोलू भाई- aaahh....bahut अच्छे मेरी jaan....aah....tej और tej....yeehhh....

ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी का सर पकड़ liya....aur उनका तगड़ा लुंड अम्मी के मुँह में फास गया....

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गोलू भाई- yeehhh...saali...aaj तो तुझे जबर choduga...choosti rah.....yeehhhh...

अम्मी- ggrrroooommm...gggrrrroooommmmm.....uuuuuuu....gggrrrooommmm....

गोलू भाई के तगड़े लुंड ने अम्मी का मुँह पूरा चौक कर के रखा tha...aur अम्मी मचलते हुए लुंड को ठोकर खा रही थी....

गोलू भाई- yeeeeehhhhh...chal saali...ab नहीं...

और गोलू भाई ने अम्मी को शीट पर लिटाया और एक hi झटके में उसकी छूट में पूरा लुंड उतार दिया....

अम्मी- aaaaaaaaaaahhhhhhhhh.....

गोलू भाई- ज्यादा मत चिल्ला saali...tera बीटा आ jayga.....yeeehhhh....

अम्मी- aaaahhhh......nhi aayga...aaahhh..

और गोलू भाई जोर से धक्के मरते हुए अम्मी को छोड़ने lage...aur अम्मी बिना मेरी परवाह किये joor-joor से सिसकने लगी....

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अम्मी की बात सुन कर मेरे दिमाग में इस वक़्त यही चल रहा था की अम्मी को मेरी परवाह क्यों नहीं rahi.....aur वह गोलू भाई चलती कार में सम्मी को dawa-dawa कर छोड़ रहे थे.....

थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने अम्मी को थप्पड़ मारे और गाला दवा कर तेजी से धक्के मरने lage....aur तभी अम्मी की छूट ने पानी छोड़ दिया....

जम्मू- aaaaahhhh...aaahhh..main...aaahh...aaaiiii...aaahhh..

अम्मी इस मस्त चुदाई से झाड़ गई थी पर गोलू भाई पूरी रफ़्तार के साथ धक्के मरने में लगे थे....

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गोलू भाई- झाड़ गई saali....teri to...yeeehhhh..yeehhhh....

अम्मी- क्या karu...aaaahhhh....aapka ये है hi aisa.....choot को सूखने hi न deta....aaaahhhhh.......

फॉर गोलू भाई ने थोड़ी देर तक अम्मी को शीट पर dawa-dawa कर छोड़ा और फिर जब अम्मी दोवारा गरम हुई तो उन्हें उठा कर खुद शीट पर बैठ गए...

गोलू भाई- chal...teri बारी.....

और अम्मी खुद से uchhal-uchhal कर अपनी छूट मरवाने लगी.....

अम्मी- aaahhh..aaahh..aahh..aahh..aaahhh..aahhh..

गोलू भाई- आज तो तुझमे ज्यादा hi जोश hai...haaa...

अम्मी- aahh..haa...aaj तो इतना छुडवाउगि की आप codte-chodte थक jaoge....aaahhh...

गोलू भाई- accha....dekhte है कौन थकता hai....joor se......utha गांड saali....joor से...

अम्मी- aahh..aahh..aahhh..aahhh..aaahhh..aaahhh...

और अम्मी ने अपनी मोती गांड को ऊपर नीचे करते हुए joor-joor से पटकना सुरु कर दिया...

अम्मी की गांड गोलू भाई की जाघों पर इतनी तेज थाप मार रही थी की मेरे sath-sath राजू को सुनाई दे रहा था....

तभी मैंने राजू को चेक करने के इरादे से उसकी तरफ देखा तो वो भी मुझे देख कर मुस्कुरा दिया....

मैं समझ गया की उसे भी पता है की कार में क्या चल रहा hai....isliye मैंने उससे कुवह नहीं बोलै और थोड़ी देर के लिए शांत बैठ गया........

Raju(thodi देर बाद)- majid....ghabra mat...main कीड़ी से नहीं boluga....tu आराम से देख....

Main(dheere से)- क्या तुझे ये पता था...

राजू- haa...maine कई बार देखा hai...golu भाई ने कइयों को ठोका है इस कार में...

मैं- accha...aur किसे ठोका....

राजू- वो बाद में batauga...pahle तू मज़ा ले le....waise तेरी अम्मी जबर माल hai....hai न....

राजू के मुँह से अपनी अम्मी के बारे में ऐसा सुन कर मुझे गुस्सा तो aaya...par मैं इस वक़्त गुस्सा दिखने की हालत में नहीं tha...isliye मैंने चुचाप अपनी गार्डन घुमाई और अम्मी की चुदाई देखने लगा....

मैंने देखा की गोलू भाई और अम्मी शीट के नीचे आ गए थे और गोलू भाई अम्मी को आगे लिटा कर चुदाई कर रहे थे...

गोलू भाई बेदर्दी से अम्मी के दूध मसल रहे थे और वो दोनों एक दूसरे को ऐसे चूम रहे थे की जैसे बरसो बाद मिले हो....

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अम्मी- uuummmmm...uuuummmm...uuuummmm..uuummm...

गोलू भाई- uuuummmm..uuummm..uuummm..uummhhh...aaj तो तेरा बीटा भी तेरी चीखे सुन रहा होगा.....

अम्मी- aaaahhh...sun लेने do.....kabhi न कभी तो पता चलना hi hai...aaaahhh...aaaj hi sahi....joor se...aaahhh..aaahhh..aaahhh...

गोलू भाई- है saali..ye le...yeehhh...yeehhh...yeeehhhh....

अम्मी- aaahhh...aaahhh..aahhhh..aahhh..aaahhh..main...aahhh..main....fir se...aaaahhhhh....

अम्मी एक बार फिर से झाड़ gai...par गोलू भाई के क्या kahne...unka छोड़ना अभी जारी hi था....

फिर गोलू भाई ने अम्मी को कुटिया बनाया और फिर से जोरदार चुदाई सुरु कर दी....

और अम्मी भी कुटिया बानी मस्ती में छूट मरवाने lagi....saayad अब उन्हें मेरी कोई भी परवाह नहीं थी.....

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गोलू भाई- yeeehhh...yeehhh...yeeehhh...yeehhhh....

अम्मी- aaahhh...joor se...maaro कुटिया ko..aaahhhh....saddam....teri begum...aaaahhhh..aaahhh..dekh गांडू....

गोलू भाई- तेरा सौहार तो गया saali.....bete को बुला ले.....

अम्मी- aaaahhhh....nhi...use....aaaahhh...nhi...aaahhh....aaahhh...aaahhhh..aaahhh...

गोलू भाई अम्मी को तेजी से छोड़ते हुए उनकी गोरी गांड को थप्पड़ो से लाल कर रहे the...aur अम्मी मस्ती में सिसकते हुए चुदाई का मज़ा ले रही थी....

थोड़ी देर तक गोलू भाई ने अम्मी को इसी तरह choda...jisse अम्मी एक बार फिर से झाड़ gai....aur अब गोलू भाई के झाने की कगार पर आ चुके थे....

तो गोलू भाई अम्मी की छूट से लुंड निकालकर खड़े हो गए और अम्मी एक अच्छी रंडी की तरह मुँह खोल कर बैठ गई....

और देखते hi देखते गोलू भाई के लुंड ने गाड़े लुंड रास से अम्मी को नहला diya....aue फिर गोलू भाई के बिना कहे hi अम्मी ने लुंड को अच्छे से चूसना सुरु कर दिए.....

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अम्मी ने लुंड चूस कर अच्छे से साफ़ किया और वही लेट gai....aur गोलू भाई भी आराम करने के लिए शीट पर बैठ गए....

यहाँ मैं भी चुदाई ख़त्म होते hi सीधा बैठ gaya...aur इस बार जब राजू ने मुझे देख कर muskuraya...to मैं भी मुस्कुरा उठा......

Khair....uske बाद अपने गाओं पहुंचने तक अम्मी की दोवारा चुदाई नहीं hui...kyoki वो थक कर सो गई thi...aur गोलू भाई भी रात की थकान मिटने सो चुके थे.....

जब हम अपने गाओं पहुंचे तो अँधेरा हो चूका tha....aur अब्बू भी अब्बी तक घर नहीं आये थे.....

तो अम्मी ने तुरंत मौके का फायदा उठा कर मुझसे बोलै की गोलू जी को आज घर में hi रोक le.....to मैंने गोलू भाई को रुकने का बोल दिया....

पर मुझसे रुकवाना तो एक आप हरिकता hi thi...asal में अम्मी को तो आज जी भर कर छोड़ना hi था....

फिर गोलू भाई ने राजू को भेज कर हम सबके लिए खाना मगवाया और राजू कार ले कर निकल गया....

और मैं भी जल्दी खाना खा कर सोने के बहाने अपने कमरे में आ gaya....kyoki मुझे थोड़ी देर बाद अम्मी की चुदाई होते देखना था.....

Khair.....fir वही हुआ जो सोचा tha...mere कमरे में जाने के 15-20 मिनट बाद hi गोलू भाई ने अम्मी को हॉल में hi नंगा कर दिया और उन्हें छोड़ने लगे....

इस तरह उस रात गोलू भाई ने अम्मी की गांड और छूट को रात भर छोड़ा और मैंने अम्मी की चुदाई का भरपूर लुफ्त uthaya....aur सुबह 4 बजे अपने कमरे में आ कर सो gaya...jabki अम्मी की चुदाई अभी चल hi रही थी.....

मैं लेते हुए यही सोच रहा था की आने वाला दिन मुझे क्या दिखता hai....kya मेरी अम्मी मुझे सच bataygi...ya ऐसे hi मुझसे छिप कर अपनी चुदाई कराती रहेगी....

और सबसे बड़ा sawaal....jab मेरे अब्बू ायफे तो क्या hoga....kya वो अपने सामे अम्मी को छुड़ता देखते rahege....ya कुछ और करेंगे....

इस सवालों के जवाब तो आने वाला वक़्त hi दे सकता tha...isliye मैं भी उस वक़्त के इंतज़ार में सो गया......

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी....

थैंक्स फ्रेंड्स....


कीप रीडिंग........
 
मजीद की अम्मी का रान्दीपन का सफर भी aayga...khud जान jaoge....ok

और उसकी भाभी ने अपने शौहर को दवा पिलाई.. ये कही नहीं bataya....ye तो भाभी hi क्लियर karegi....jo अब तक सेफ hi hai...ok...wait करे उसका....

आगे और भी बातें सामने आएगी dost....saayad तब सारे जवाब मिल जायेगे...


थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
आप सही है dost...ise पढ़ कर यही लगेगा....

बूत भाइयों में 2 भाई भी हो सकते है और तीन bhi....bhabhiyon को तो मिल hi चुके हो....

इसीलिए मैंने उसके शौहर का मेंशन नहीं kiya...taki इस बात का आगे फायदा उठा सकू...

फिलहाल तो हम एक नई अम्मी को dekhge...fir बीच में ये भाभी भी लाइन में aaygi...tab ये सच बोलेगी की इसने क्या, और कैसे kiya...aur किसके साथ kiya....ok...


थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग......
 
अपडेट - 37

इस तरह उस रात गोलू भाई ने अम्मी की गांड और छूट को रात भर छोड़ा और मैंने अम्मी की चुदाई का भरपूर लुफ्त uthaya....aur सुबह 4 बजे अपने कमरे में आ कर सो gaya...jabki अम्मी की चुदाई अभी चल hi रही थी.....

मैं लेते हुए यही सोच रहा था की आने वाला दिन मुझे क्या दिखता hai....kya मेरी अम्मी मुझे सच bataygi...ya ऐसे hi मुझसे छिप कर अपनी चुदाई कराती रहेगी....

और सबसे बड़ा sawaal....jab मेरे अब्बू आएंगे तो क्या hoga....kya वो अपने सामे अम्मी को छुड़ता देखते rahege....ya कुछ और करेंगे....

इस सवालों के जवाब तो आने वाला वक़्त hi दे सकता tha...isliye मैं भी उस वक़्त के इंतज़ार में सो गया......

अब आगे......

अगले दिन जब मैं जगा तो मुझे अम्मी का कमरा खुला mila....par अम्मी कमरे में नहीं thi...aur न hi गोलू भाई.....

मैंने सोचा की सायद गोलू भाई सुबह से घर चले गए hoge.....par मेरा ये सोचना कुछ देर बाद hi गलत साबित हो गया....

मैं जब अम्मी के कमरे से बापिस आ रहा था तो मुझे अम्मी की जोरदार चीख सुनाई di....jo उनके कमरे से जुड़े बाथरूम से आ रही थी.....

Main(man में)- ये दोनों तो जागते hi साथ सुरु हो gaye.....kya हो गया है inhe....aur मेरी ammi.....wo तो बिलकुल hi बेसरम हो गई.....

कमरे का दरवाजा खोल कर रखा है और बाथरूम में चुद रही है.....

उन्हें ये भी फ़िक्र नहीं रही की कही उनका बीटा जाग कर कमरे में आ गया तो क्या होगा.....

ऊपर से इतनी जोर से आवाज़े कर रही है की हॉल में बैठे इंसान को भी पता चल जाए की कही मस्त चुदाई हो रही है.....

Khair.....maine एक नजर बाथरूम के गेट पर मारी और गार्डन हिलाते हुए अपने कमरे में चला गया.....

मेरे दिमाग में अम्मी की हरकतों से गुस्सा भरा tha......par मेरा दिल baar-baar अम्मी की चुदाई देखने को मचल रहा था......

आखिरकार कुछ देर बाद मेरे दिल के अरमान दिमाग के गुस्से पर हावी हो गए......

और मैं फिर से अम्मी के रोम में आ gaya...aur बाथरूम की तरफ देखते hi मेरा दिल जोर से धड़क utha....kyoki बाथरूम का गेट लॉक नहीं tha...balki लटका हुआ tha...aur अब थोड़ा सा खुला हुआ दिखाई दे रहा था.....

Main(man में)- अम्मी तो सच में रंडी बन gai....inhe मेरा कोई खौफ्फ़ नहीं raha...bilkul भी नहीं....

पर इस वक़्त मैंने दिमाग में उठ रहे सवालों को नजरअंदाज किया और दावे पाँव आगे बाद कर बाथरूम में झाँकने लगा.....

बाथरूम में गोलू भाई अम्मी को उल्टा लटकाये हुए उनकी छूट चवा रहे थे और अम्मी लटकी हुई उनका तगड़ा लुंड सटासट मुँह में andar-bahar कर रही थी.....

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गोलू भाई- ssssrrrrruuuuupppppp.....ssssrrrruuuuupppp....sssrrrruuuuuppppp....ssssrrruuuuppp....

अम्मी- ggggllluuuppp...ggggllluuupppp...gggllluuupppp....gggllluuuppppp.....

अम्मी को इस तरह से हवस का नाच करते देख कर मेरा लुंड एक झटके में तन गया और मेरी गुस्सा छू होने लगी....

तभी गोलू भाई ने अम्मी की छूट के दाने को दांतों में दवाया तो अम्मी उछाल पड़ी और एक झटके के साथ लुंड मुँह से निकाल कर चीख उठी.......

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अम्मी- aaaaaahhhhh.....golu जी......

गोलू भाई- uuuummmmhhh.....bol मेरी randi....maza आया न....

अम्मी- aaahhh...bahut.....bahut ज्यादा.....

गोलू भाई- hmm...kya वो कुत्ते का पिल्ला ऐसा मज़ा देता.....

अम्मी- aaahhh...nhi....kabhi nhi.....wo तो गांडू है.....

गोलू भाई- गांडू से याद aaya....teri गांड तो मार लू.....

और फिर गोलू भाई ने अम्मी को नीचे उतरा और आगे की तरफ झुका कर अपना तगड़ा लुंड अम्मी की गांड में उतार दिया.....

अम्मी- aaaaaaahhhhhhh....maaar....gaaiii......

गोलू भाई- ऐसे कैसे मारेगी saali....abhi तो तुझे बहुत कुछ करना hai..yyyyeehhhhh.......

और गोलू भाई ने अम्मी की को पकड़ कर तेजी से धक्के मरना सुरु कर दिया.....

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अम्मी- aaahhhh...aaaahhhh...aaahhh....jaldi karo....maajid...aaahhh...majid जाग जायगा.....

गोलू भाई- तो जागने de.....use भी अपनी अम्मी की चुदाई दिखा दुगा....

अम्मी- aaahhh.....nhi....nhi....aaaahhh.. जोइर se....aaahhh..aaahh....aaaahhh.....

गोलू भाई- तू दर mat.....wo तेरे सारः hi rahega.....aur तू मेरे saath...yeeehhhh....

अम्मी- aaahhhh.....sach...aaahhh..to karo...aaahhh..aaahhh....

Main(man में)- अम्मी ये क्या boli.....lagta है मेरे बारे में पहले hi कोई बात हुई hogi....par kya...saayad बाद में पता chale.....abbhi तो मज़ा लू....

फिर थोड़ी देर तक बाथरूम में अम्मी की सिसकियों और उनकी गांड पर पड़ने वाली थापो की आवाज़े आती rahi....aur अम्मी झड़ने लगी.....

अम्मी- aaahhh.....aaahhh...main aai...aaahhh...goli ji.....aaahhhh...aahh...

और अम्मी झाड़ कर पास्ट पद gai.....par गोलू भाई बिना रुके जोरदार धक्के मरते रहे.....

अम्मी- aaahhh..golu ji...mere पेअर....

गोलू भाई- ठीक hai...chal रूम में ठोकता हु...

अम्मी- जी..

और जैसे hi मैंने सुना की वो दोनों रूम में आने वाले है तो मैं जल्दी से रूम के बहार आ कर अपने रूम में घुस गया.....

और फिर बाथरूम में जा कर अम्मी के बारे में सोचते हुए hi अपने रोज के काम पुरे किये और तैयार हो कर थोड़ी देर बाद हॉल में आ गया.....

हॉल में आते hi अम्मी मेरी नजरों के सामने आ gai....jo मुस्कुराते हुए मेरा haal-chaal पूछ रही थी....

पर आज मुझे मेरी अम्मी में सिर्फ और सिर्फ एक रंडी नजर आ रही thi....isliye मैंने उतना hi बोलै जितना की उन्होंने पूछा...

फिर अम्मी ने मुझे chai-nasta दिया और मेरे साथ खुद भी नास्ता करने बैठ गई....

अम्मी- आज तो तुम बहुत देर से uthe.....thakaan ज्यादा थी क्या...

मैं- ji...saadi के माहौल में ज्यादा अच्छी नीड नहीं ले सका tha....bas isliye.....waise आप कब जगी...

अम्मी- मैं तो सुबह hi जाग गई thi...wo गोलू जी को जाना था na...to चाय बनानी पड़ी....

Main(man में)- कितनी झूठी है ammi......abhi तो वो छोड़ रहे थे tumhe....aur सुबह gaye.....huh....

अम्मी- क्या hua...nasta कर न.....

मैं - hmm....mera नास्ता हो gaya....main दोस्त से मिल कर आता हु.....

अम्मी- ये kya...nasta तो पूरा kar...kya हुआ....

मैं- कुछ nhi....ho गया बस.....

अम्मी- par.....meri बात......

मैं आधा नास्ता खा कर hi उठ कर बहार निकल गया और अम्मी मुझे बस रोकती rahi....par मैं बिना सुने hi निकल गया.......

थोड़ी देर बाद मैं अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खरलने pahucha...par मेरा मन बिलकुल भी नहीं लग रहा था.....

और ये बात सायद मेरे दोस्त भी समझ चुके the....isliye खेल ख़त्म होने पर मेरे खास दोस्त मुझे ले कर नदी के पास आ गए....

आलम- क्या हुआ bhai.....tu ठीक तो है....

मैं- huh...haa...mujhe क्या होना था....

फैज़- तो फॉर बता की क्या वहहपा रहा hai...haa...

आलम- है bhai....jo दिल में है वो बोल दे.....

Main(man में)- क्या इन्हे अभी अम्मी के बारे में बता du....nhi....abhi nhi...par इनको कीच तो बताना hoga...warna छोड़ेगे nhi....ek काम करता hu...inhe ममिजान के बारे में बता देता hu....hmm..yahi ठीक होगा....

आलम- बोल न bhai...kya ये गोलू भाई के बारे में है....

मैं- है bhai....tune ठीक पहचाना....

Aalam(taali मार कर)- dekha....bola था न maine....ye गोलू भाई का hi कोई कारनामा है....

Main(man में)- कारनामा नहीं saale...kaarnaame kaho....kaarname....

आलम- बता न ...होलु भाई ने क्या kiya....kya तेरी अम्मी और गोलू भाई...

मैं- अरे nhi.....ammi nhi...wo मेरी ममिजान....

आलम- ohh....to ममिजान को बजा dala....wah...kaise bhai...puri बात बता....

आरिफ- है bhai....bata na....taki हम भी मज़ा ले सके....

Main(muskura कर)- क्यों nhi....suno....

फिर मजीद ने अपनी ममिजान की चुदाई की कहानी सुनाई और सारे दोस्तों ने apni-apni ठरक मिटाई और घर को निकल गए......

तभी हमे रस्ते में एक लड़का mila...wo हमारा खास दोस्त tha....khas कर mera.....lekin पिछले 3 महीनो से पुरे परिवार समेत बहार गया हुआ था.....

इसका नाम था khaleel.....aur इसके अब्बू एक मौलवी है......

खलील ने जैसे hi हमे देखा तो भाग कर हमारे पास आ गया और हु सब से गले मिला....

खलील- कैसे हो dosto...mujhe भूल गए kya....aur इस waqt....kya नदी गए थे.....

ाकम- वह re...tujhe सब याद है...

खलील- अरे वो मैं कैसे भूल सकता हु saale....aur मैं कोई सालों बाद नहीं aaya.....sirf 3 महीने hi हुए hai....aur नदी को कैसे bhooluga....wahi तो एक जगह है जहा हम सब अपनी ठरक शांत करते थे....

मजीद- वह re...waise khaleel....tu यहाँ कब आया....

खलील- बस bhai....aaj hi आया hu.....aur haa....mere अब्बू की तरक्की हो gai....unhe पुरे इलाके का सबसे बड़ा मौलवी बना दिया गया है... .

Aalam(khus हो कर)- क्या बात कर रहा है saale....ye तो कमाल हो gaya.....hahaha.....

मैं- बहुत खूब yaar...aur बता... 3 महीने कहा घूमता raha......bahut कुछ घूमा तू to.....bata न.....

खलील- है bhai...bahut....sab batauga.......aur haa.....main तुम लोगो को और भी बहुत कुछ बताना चाहता hu...sala कबसे दिल में दफ़न कर के रखा हु की तुम लोग मिलोगे तो batauga....par मौका hi नहीं मिल पाया....

आलम- accha...waise हमारे पास भी काफी कुछ है तुझे बताने ko...par...pahle तेरी कहानी....

खलील- bilkul.....kal मिलते hai....fir वही batauga.....theek है....

आलम- bilkul....chal अभी घर चलते hai...andhera भी हो गया hai...hmm...

और फिर हम सारे दोस्त apne-apne घर निकल गए......

जब मैं अपने घर पंहुचा तो मुझे माहौल बड़ा hi saaf-suthra mila.....ammi खाना बना रही thi,....aur अब्बू भी आ चुके the....wo टीवी देख रहे थे....

Main(man में)- अब्बू को देख कर तो कोई नहीं कह सकता की इन्हे अपनी बीवी की कुछ पड़ी hai....dekho...kaise मज़े से टीवी देख रहे hai......huh...

अम्मी- आ गया beta....chal hath-muh धो le.....khana तैयार है....

मैं- hmm...abbu कब आये...

अम्मी- बस थोड़ी देर pahle......wo तुम्हारा hi इंतज़ार कर रहे थे...

मैं- ओह्ह..

अब्बू- है beta....chal खाना कहते है....

Khair....humne साथ में खाना खाया और सोने निकल gaye.....aur फिर से मैं सपनो में अम्मी की चुदाई सोचते हुए सो गया.....

अगले दिन भी कुछ खास नहीं hua....wahi khelna-khana......aur फिर आया वो waqt...jiska हम सारे दोस्त इंतज़ार कर रहे थे.....

तो सही वक़्त पर हम सब नदी किनारे पहुंचे और खलील की कहानी सुनने का इंतज़ार करने लगे......

आलम- है bhai...ab bata....kya बात है...

खलील- ठीक hai...par बताने के पहले बता दू की ये कहानी मेरे परिवार के बारे में hai....isliye किसी को भी ये बात पता न chale....theek है....

आलम- है bhai..,.hum सब जानते है की तू अपनी अम्मी और अप्पी की चुदाई देखंता hai......to क्या हमने किसी को bola......are हम सब ऐसे hi hai...to बेफिक्र हो कर bata...kya हुआ....

खलील- haa....par ये बात कुछ अलग hai....isme मेरी अम्मी तो hai...par अब्बू नहीं.....

Aalam(majid को देख कर)- तो भी क्या hua.....tu दिल खोल कर bata.....kyoki हम भी अपनी अम्मी को गैर के साथ सोच कर खुस hi होते है......

खलील- hmm..par बीच में कुछ मत bolna....jo भी सवाल ho...wo बाद me...theek....to dosto...tum तो जानते hi हो की मेरी सोच कैसी hai....par मेरी अम्मी और अप्पी लोग इतनी मजहबी है की वो कोई गलत काम करने का सोचती भी नहीं thi....par कुछ महीनो पहले एक साक्ष हमारी जिंदगी में तूफ़ान बन कर aaya...aur उसने मेरी अम्मी और अप्पी को ऐसा बदला की क्या बताऊ....

आलम- accha....to बता bhai...koun था वो तूफ़ान....

Khaleel(gusse से)- उस तूफ़ान ने मेरी दुनिया hi हिला dali.....puri की puri....barbaad कर दिया हमे...

खलील के मुँह से गुस्से भरी बातें सुन कर मेरे sath-sath फैज़, आलम और आरिफ के मुँह खुले रह gaye.....aur हम सब ek-dusre को देखने लगे....

खलील- तुम सबको क्या hua....aise चौंके kyo....abhi तो मैंने कुछ बताया भी नहीं.....

आलम- wo...are कुछ nhi....par तुम तो घूमने गए थे na.....fir ये सब......

खलील- haa...gaya tha.....par....pahle पूरी बात तो सुनो....

आलम- ठीक hai....bata fir....kya और कैसे हुआ....

खलील- ठीक hai...par कहानी सुनने से पहले एक बात और सुन lo.....main ये कहानी एक खास मक़सद से बता रहा hu....aur उस मक़सद को हासिल करने के लिए मुझे तुम सब की जरूरत padegi....to क्या तुम सब मेरे साथ रहोगे....

ये सुन कर हम दोस्तों की भोहे चढ़ gai....aur हम ek-dusre का मुँह ताकने लगे....

Khaleel(joor से)- है या न......???

मजीद- है bhai....hum सब तेरा साथ dege.....ab bata....kya तुहा था.......

[ आगे की KAHANI.....KHALEEL की जवानी.......]

मेरा नाम है खलील mansoori....ab सबसे पहले मैं सबको अपने परिवार से मिलवा दू.....

मेरे अब्बू- असलम मंसूरी (आगे 48)......

मेरे अब्बू एक मौलवी hai.....bahut hi majhabi.......dikhne में थोड़े मोठे hai....pet बहार की तरफ nikla......aadhe गंजे और थोड़े काळा भी है....

पर वो बहुत ज्यादा महजबी टाइप के है तो ज्यादातर उपरवाले की इबादत और मदरसे में पड़ने में hi वक़्त बिताते hai.....isliye उनकी सेक्स लाइफ लगभग ख़त्म hi हो चुकी है....

मेरी अम्मी- रफत बेगम (आगे 37).....

मेरी अम्मी बहुत hi सीडीसादि औरत hai...puri तरह से majhabi.,..ek ओक सरीफ aourat......bas घर का hi काम करती hai.....aur इबादत तो इतनी की पूछो hi mat....aur वो बहुत hi bholi-bhali भी hai......matlab की किसी की बातों में थोड़ा जल्दी आ सकती है......

मेरी अम्मी की सदी काफी छोटी उम्र में हो गई thi...isliye बच्चे भी jaldi-jaldi हो गए the....par आज भी वो किसी कुवारी लड़की की तरह बदन रखती hai....aur इसका राज है उनका हर वक़्त घर के कामो में लगे rahna...jisse उनके जिश्म की बनावट जैसी की तैसी hi है......

अम्मी का रंग गोरा hai....sareer की बनावट ऐसी की एक जवान लड़की को भी टक्कर दे जाए....

अम्मी ज्यादातर salwaar-kameej hi पहनती hai...aur कभी -कभी ghaghra-choli भी (गाओं का chalan).......par घर से बहार ज्यादातर बुरका और नकाब में hi निकलती है.....

मेरी अप्पी- सबने (आगे 20)

मैं- khaleel(age 18)

हम सब गाओं में hi 2 मंजिल के घर में रहते hai......abbu पैसे से मौलवी hai...aur साथ hi साथ हमारे पास काफी जमीन hai...jis वजह से हमे पैसों की कोई कमी नहीं.....

हमारा ghar....humare दादाजी ने बनवाया tha....isliye उन्होंने घर को अपने दो बेटो के नाम कर दिया tha...ek मेरे अब्बू और दूसरे मेरे chachajaan.....par चचाजान अब दुबई में रहने लगे the.....to उनका हिंसा खली पड़ा हुआ था.....

खलील- तो बात लगभग 5 महीने पहले की hai.....jab पहली बार हमारी जिंदगी में आने वाले तूफ़ान का जिक्र हुआ था......

एक दिन हम सब खाना खा रहे the...to बातों hi बातों में अब्बू ने चचाजान के घर की बात छेड़ दी........

अब्बू– अरे rafat....tumhe पता है खलील के चाचा वाले घर को गोलू भाई ने खरीद लिया है,....

और जैसे hi अम्मी ने गोलू भाई का नाम सुना तो मैंने गौर किया की..... ये सुनकर अम्मी चौंक gai...ab क्यों chounki...ye तो मुझे फिलहाल पता नहीं था.....

पर यही नाम था उस तूफ़ान ka...jisne हम सबकी जिंदगी की जड़ों को हिला कर रख दिया.....

गोलू BHAI......GOLU BHAI......GOLU भाई........

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds..,...hope ु लिखे आईटी......

नेक्स्ट विल के टुमारो नाईट.......

थैंक्स फ्रेंड्स......

कीप रीडिंग.........
 
लगता है आपने गौर से नहीं पढ़ा......

गोलू यानि की मैं hi दुसरो की अम्मी छोड़ रहा hu......majid की अम्मी और ममी के बाद अब खलील के परिवार में एंट्री.....

यहाँ सिर्फ मैं यानि गोलू भाई hi दूसरों की अम्मी chodege.....aur उसके घरवाले बस देखते rahege.....kyo और kaise...iske लिए स्टोरी पढ़ते rahe....reason सामने hoga.....aur स्टोरी तो लम्बी hi jaygi....dont worry....ok....


थैंक्स फ्रंड.....

कीप रीडिंग......
 
Hmm..aisa सन मेरी फव स्टोरी में भी tha...ki जहा तीनो को पता था की क्या हो रहा hai...but सब रियेक्ट ऐसा hi कर रहे थे की जैसे कुछ भी खबर न हो....

आईडिया अच्छा hai.....dekha हुआ है तो और भी सही rahega....wait kare....kuch सोचता hu...kuch ट्विस्ट के sath...meri स्टाइल में....

थैंक्स फ्रंड......

कीप रीडिंग........
 
अपडेट - 38

एक दिन हम सब खाना खा रहे the...to बातों hi बातों में अब्बू ने चचाजान के घर की बात छेड़ दी........

अब्बू– अरे rafat....tumhe पता है खलील के चाचा वाले घर को गोलू भाई ने खरीद लिया है,....

और जैसे hi अम्मी ने गोलू भाई का नाम सुना तो मैंने गौर किया की..... ये सुनकर अम्मी चौंक gai...ab क्यों chounki...ye तो मुझे फिलहाल पता नहीं था.....

पर यही नाम था उस तूफ़ान ka...jisne हम सबकी जिंदगी की जड़ों को हिला कर रख दिया.....

गोलू BHAI......GOLU BHAI......GOLU भाई........

अब आगे.........

[ आगे की KAHANI.....KHALEEL की जवानी.......]

अब्बू की बात सुन कर अम्मी इस तरह chounki.....jaise की किसी ने उन पर हमला कर दिया हो......

अब्बू- अब तुम किस सोच में पद gai....us घर में किसी न किसी को तो रहना hi tha....golu रहे या कोई aur...haa....

अम्मी – है... मुझे kya....par उनको इसकी क्या जरूरत thi...unka घर तो बड़ा शानदार है न....

अब्बू– अरे जब बेचने वाले को बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई तो हम क्यों इतना परेशान है उनसे....

अम्मी – हमे क्या परेशानी होगी unse....lekin फिर भी जरा ध्यान rakhiyega.....kahi फिर से वही सब.........

ये बोल कर अम्मी चुप हो गई और अब्बू भी खाना खाने में लग gaye.....aur थोड़ी देर बाद खाना ख़त्म कर के उठ कर चले गए.....

पर मुझे उन दोनों की बातें सुन कर बेचैनी होने लगी thi....kyoki उनकी बाते मुझे बिलकुल समझ नहीं आई thi......isliye अब्बू के जाते hi मैंने अम्मी से पूछ लिया.....

मैं- ammi...ye आप दोनों किस बारे में बात कर रहे the...kya कोई मुझे भी बताएगा.....

Ammi(sahmi हुई सी)- beta....ye तो तुम जानते hi हो की ये हमारा पुस्तैनी घर hai...jo तुम्हारे दादूजां ने बनवाया tha...aur उसे barabar-barabar 2 हिस्सों में बाँट दिया tha....ek हिस्सा तुम्हारे अब्बू को मिला और उतना hi तुम्हारे चचाजान को..,..

मैं- जी ammi.....par चाचा जान ने तो अपना हिस्सा बेच दिया था न......

अम्मी- हां...2 साल पहले hi वो इसे अपने साले को बेच कर दुवै चले गए the....aur अब उन्हके साले ने ये घर गोलू भाई को बेच दिया है.....

मैं- hmm...par इसमें हैरानी वाली क्या बात hai....unhe बेचना था तो बेच diya....aur फिर गोलू भाई को तो हम जानते hi hai....to फिर उनको बेचने से परेशानी कैसी.....

अम्मी- परेशानी तो है बीटा.....

मैं- पर kyo....kya वो बेकार इंसान है.....

अम्मी- nhi...aisa तो कुछ भी nhi,...fir bhi...tum खाना खाओ न....

मैं- नहीं ammi...jab तक आप मुझे सच नहीं bataygi...main नहीं khauga....boliye na...asal बात क्या है.....

Ammi(gahri सास ले कर)- असल me....kuch साल पहले गोलू भाई के मन और तुम्हारे चचाजान के बीच झगड़ा हो गया tha....aur फिर badte-badte ये झगड़ा इतना ज्यादा बाद गया tha....ki बात marne-maarne तक पहुंच गई थी......

Main(hairani से)- सच me.....to क्या चाचू ने hi उन्हें मार दिया था.....

अम्मी- अरे nhi....tumhare चाचू ने उन्हें नहीं mara....balki वो मार hi सकते the......kyoki उनका गाओं में काफी दौड़ाबा है......

मैं- तो क्या उन्होंने चाचू को......

अम्मी- haa...nhi..matlab मारा नहीं tha....bas उन्हें गाओं से निकलवा दिया था.....

Main(chounk कर)- kya....unki वजह से चाचू गाओं से गए.....

अम्मी- है beta.....kyoki गलती भी तुम्हारे चाचा की hi thi....unhone...allah माफ़ करे )....शराब के नशे में एक मजदूर ायरत पर हाथ दाल दिया tha.....isliye गोलू बगै के मां के कहने पर गाओं की पंचायत ने तुम्हारे चाचा को गाओं से निकाल दिया था......

Main(gusse से)- चचाजान ंद इतना जलील काम किया था.....

अम्मी- है beta.....aur फिर तुम्हारे चाचा ये घर अपने साले को बेच कर दुवै भाग गए the......aur ab....unke साले यानि की तुम्हारे मामूजान ने ये घर गोलू भाई को बेच दिया है.....

मैं- hmm...par इसमें इतना परेशान होने वाली बात क्या है ammi......hum सब जानते hai....pura गाओं जनता है की गोलू भाई कितने नेकदिल इंसान hai...sab उन्हें बड़ा मानते hai.......hai माँ अम्मी......

अम्मी- हां beta....bas...paresani इस बात की है की उस झगडे में तुम्हारे अब्बू ने भी गोलू भाई को बहुत गन्दा बोलै tha...aur उसके बाद भी कई बार उनके काम को खराब भी किया.....

तभी अब्बू टहलते हुए बापूस आये और अम्मी की बात सुन कर जोर से बोले.......

अब्बू- तो क्या hua...wo बात अलग thi....tab हम दोनों में गुस्सा tha......ab तो वो बात पुराणी हो गई hai....aur फिर हमारे बीच सुलह भी हो गई thi....haa....aur अब तो गोलू , गोलू भाई के नाम से मशहूर हो gaye...wo भी पुराणी बातों को भोल गया hoga....ab परेशानी की कोई बात nhi....samjhe...

Ammi(dheere से)- hmm....kaash ऐसा hi ho......chal beta...khana ख़त्म कर.....

मैं- hmm..waise ammi...appi कब आ रही है.....

अम्मी- वो जल्दी hi aaygi.....teri चची के sath....abhi उसे दुवै घूमने दो....

और फिर मैंने hadi-khusi अम्मी से बातें करते हुए खाना ख़त्म किया और हम सब सोने चले गए.......

Khai......dusre दिन सुबह से अब्बू नहाने गए थे और अम्मी हमेशा की तरह घर के कामो में लग गई....

और मैं आराम से बहार बरामदे में बैठा खानी की किताब पड़ने लगा......

थोड़ी देर बाद मुझे कार की आवाज आई तो मैंने सर उठा कर वह देखा.....

और मैंने देखा की एक hatta-katta नौजवान आखो पर कला चस्मा लगाए कार से निकला और चाचा वाले घर के हिस्से में चला आया....

वो दिखने में बहुत अच्छा लग रहा tha...matlab की उसके kapde....uska गोरा rang....lamabaai.....sareer की banawat....khas कर सीने की choudaai....gajab कसबत थी उसके सरीर me...jo की उसकी हाफ शर्ट में saaf-saaf दिख रही thi....wo मुझे तो बिलकुल हीरो की तरह दिख रहा था......

तभी मुझे महसूस हुआ की मेरे बाजु में खोज खड़ा hai...wo मेरी अम्मी thi...jo salwar-kameej के साथ दुपट्टे को सर पर डाले कड़ी हुई थी....

मैं- ammi...ye कौन है....

अम्मी- यही तो है wo....golu भाई...

मैं- ओह ho....ye है गोलू भाई....

( असल me....mera घर गोलू भाई से काफी डिओर tha...isliye मैंने सिर्फ उनका नाम hi सुना tha...kabhi रूबरू मिला नहीं था....)

अम्मी- लगता है घर देखने आये hai....saayad साफ़ करवा रहे होंगे.....

मैं- hmm...wo तो जरूयी hai...nhi तो रहेंगे kaise....par ammi...ye अपना घर छोड़ कर यहाँ क्यों रहने आये....

अम्मी- पता नहीं beta....dekho कुछ बताते है की नहीं....

Abbu(bahar आते हुए)- अरे होगा kuch....tum लोग भी न....

मैं और अम्मी बात hi कर रहे थे की अब्बू भी नाहा कर बहार आ gaye....aur तभी घर देखने के बाद गोलू भाई हमारे पास आ gaye.....aur अपना चश्मा निकाल कर अब्बू से बात करने लगा.....

गोलू भाई - ram...ram भाईसहाब.....

अब्बू– ohh....golu bhai.....salaam aayiye.....bheetar आइये....

फिर अब्बू के कहने पर गोलू भाई घर के भीतर आ gaye....aur अब्बू के साथ बैठ कर बातें करने lage.....aur अम्मी तो पहले hi भीतर की तरफ आ गई थी......

यहाँ गोलू भाई और अब्बू साथ बैठे हुए बातें कर रहे थे और वह मेरी नजरें अम्मी पर जा टकराई........

तो मैंने देखा अम्मी ek-tak देखते हुए घबरा सी रही थी....

जब मैंने अम्मी की नजरों का पीछा किया तो देखा की अम्मी गोलू भाई को hi देख कर घबरा रही thi.......aur गोलू भाई भी अब्बू से नजरें बचा कर अम्मी को ghoor-ghoor कर देख रहे थे......

ये सब देख कर मुजगे गुस्सा तो aaya...par मैं ये जानना चाहता था की ाखित अम्मी घबराई हुई क्यों है.....

और मुझे ये भी समझ नहीं आ रहा था की आखिर अम्मी और गोलू भाई ek-dusre को ऐसे क्यों देख रहे है......

तभी अचानक से गोलू बगै की आवाज़ सुन कर मेरे sath-sath अम्मी भी चौंक उघि.....

गोलू भाई- ram-ram भाबी जी.....

Ammi(sambhal कर)- ji.....salaam भाईजान.....

गोलू भाई- और bataye....ghar में सब ठीक है,....

Ammi(muskura कर)- ji....uperwale का करम है.....

गोलू बगै- hmm...uperwale का करम ऐसे hi बना rahe.....accha...ab चलता hu....kal सफाई वालों को bhejuga....fir हम आयगे...

अब्बू- वैसे गोलू ji....aap इस घर me...ye कुछ समझ न आया.....

गोलू भाई- अरे haa...batana hi भूल gaya....asal में मेरे घर में थोड़ा काम करवा रहा hu...islite कुछ महीने यहाँ rahuga....aur ममी को तो मैंने उनके मायके भेज diya....to अब अकेला hi rahuga....bas कुछ महीनो में घर का काम निपट jayga...to फिर से वही....

अब्बू- ohh...lagta है घर को और आलीशान बनवा रहे hai....haha....

गोलू भाई- hahaha....are bhaisaab...aap तो जानते है की मेरा तरीका hi ऐसा hai...mehnat कर के पैसे kamao....aur खुल कर जिंदगी के मज़े lo...yu ghut-ghut कर क्यों jeena...kyo भाभी....

Ammi(chounk कर)- huh...haa...sahi कहा...

गोलू भाई- चलिए अब चलता हु..,..

अब्बू- अरे ऐसे kaise....aap पहली बार घर तसरीफ लाये hai.....ek प्याला चाय तो पि कर जाए....

गोलू भाई- ohh...accha....bhabhijaan के हाथो का स्वाद तो चखना बनता hai....kyo भाभीजाण....

Ammi(muskura कर)- ji....abhi laai.....(aur अम्मी किचन में चाय बनाने चली गई....)

थोड़ी देर बाद अम्मी छायी लेकर aai....aur जब अम्मी गोलू भाई को चाय देने झुकी तो मैंने देखा गोलू भाई कप पकडे हुए अम्मी को hi घूर रहे the.....aur अम्मी भी घबरा रही थी....

फिर चाय पिटे हुए भी गोलू भाई baar-baar अम्मी को hi देखते rhe.....aur अम्मी भी गोलू भाई को चुपके से देखते हुए बहुत गबरायी हुई सी लग रही थी.......

फिर थोड़ी देर tak.....abbu और गोलू भाई बाटे करते rahe....aur अम्मी दूर कड़ी अपनी घबराहट चिपटी रही......

चाय ख़त्म कर के गोलू भाई उठे और अपने घर की चाबी अम्मी को देकर चले गए.....

गोलू bhai(muskura कर)- आज से ये घर आपकी amanat......chalta hu....ram-ram...

Ammi(sakuchate हुए)- jii....salaam....

गोलू बगै के जाते hi अम्मी अपने आपको संभल कर किचन में चली gai....aur ये सब देख कर मेरा दिमाग घूम्मे लगा....

मैं समझ नहीं प् रहा था की आखिर गोलू भाई और अम्मी के बीच में चल क्या रहा है......

पर मैं जनता था की ऐसे सवाल अम्मी से करना सही नहीं hoga....pata नहीं वो क्या soche.....isliye मैंने अपने सवालों को वक़्त पर छोड़ दिया.....

Main(man में)- देखते है आने वाला वक़्त मुझे मेरे सवालों का क्या जवाब देता है.......

Khair....uske बाद कुछ दिन तक गोलू भाई की कोई खबर नहीं aai....halaki उनके भेजे आदमी आ कर घर को साफ़ कर के सामान सजा गए थे.....

फिर करीब 1 हफ्ते बाद गोलू भाई बापिस aaye....us वक़्त घर मैं सिर्फ मैं और अम्मी hi the....kyoki अब्बू मदरसे जा चुके the....aur मेरी अप्पी तो गाओं में थी hi nhi....wo तो दुवै घूम रही thi...chacha-chachi के साथ.....

उस दिन दरवाजे पर दस्तक होने पर मैंने hi दरवाजा khola....samne गोलू भाई खड़े the....to उन्हें देखते hi अपने आप मुझे अम्मी का घबराया हुआ चेहरा याद आने लगा.......

गोलू भाई- कैसे हो खलील.....

मैं- huh..main..main ठीक hu..aaiye न...

गोलू भाई- अरे nhi...abhi आना नहीं hai...apni अम्मी को bulao.....wo घर की चाबी होगी न....

मैं - haa....ammi गोलू भाई आये है.....

मेरी आवाज़ सुन कर अम्मी तुरंत बहार आ गई और गोलू भाई से नजर मिलते hi कड़ी हो गई....

गोलू bhai(muskura कर)- भाभी jaan....ram-ram.....

अम्मी- सलाम bhaijaan....andar आइये....

गोलू भाई- nhi...abhi nhi......pahle जरा घर देख लू बाद में आता hun....aap चाबी दीजिये......

जम्मू- जी जरूर.....

फिर अम्मी ने गोलू भाई को चाबी लेकर गोलू भाई को दे di.....maine देखा की अम्मी के हाथो से चाबी लेते वक़्त गोलू भाई ने अम्मी का हाथ दवाया और उन्हें वासना भरी ननरों से देखने lage........jis से अम्मी बहुत दर गई और जल्दी से अपना हाथ झटक liya....jisse गोलू भाई के चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान आ gai....aur वो मुस्कुराते हुए चाबी ले कर निकल गए.....

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खलील इतना hi बोल पाया था की उसका मोबाइल फोन बजने laga....jise सुन कर हम सब चौंक gaye...kyoki हमे नहीं पता था की खलील ने मोबाइल ले लिया....

खलील तुरंत कॉल ले कर बात कर ने लगा और बात ख़त्म करते hi घर जाने का बोलने लगा...

आलम- पर हुआ kya....aur तेरी कहानी....

खलील- बाकि की कहानी बाद me....theek hai...hey maajid...tujhe क्या hua.....kya देख रहा है....

माजिद- वो main...tune मोबाइल कब liya...aur तेरे अब्बू ने दिलाया kaise...wo तो इसके खिलाफ थे न...

खलील- अरे haa..wo अप्पी लाइ thi....khair...baki बाते बाद me...abhi मुझे जाना hoga....meri अप्पी और दूल्हा भाई आये हुए hai...unhi का फोन था....

ये बोल कर खलील लगभग भागते हुए निकल गया और हम सारे दोस्त भी मन मार कर अपने घर आ गए....

पर घर जाने का मेरा मन नहीं कर रहा tha....to मैं गली में hi घूमने laga...tabhi मुझे राजू dikha...jo बड़ी जल्दी में जा रहा था....

मैं- अरे राजू bhai.....itni जल्दी में कहा....

राजू मेरी आवाज़ पर घूमा और इसारे से मुझे बुला कर अपने साथ ले गया...

Main(hairani से)- क्या hua...hum कहा जा रहे है....

राजू- तुझे मज़ा मरना है या जवाब चाहिए....

मैं- मतलब....

राजू- अरे गोलू भाई आज एक मस्त माल को बजा रहे hai...dekh....usi के लिए ये बियर लाया हु....

Main(khus हो जार)- sach.....kaha पर.....

राजू- तू मेरर साथ chal....ghar के पीछे बजेगी saayad...mujhe वही आर का बोलै.....

मैं- ohh....par है koun..tune तो देखा होगा...

राजू- नहीं yaar....wo नकाब में thi..,..saayad अब दिख jaaye...tu ruk...main बियर दे कर आता hu....fir छिप कर dekhege....mujhe एक जगह पता hai..hmm..

फिर राजू ने गोलू भाई को बियर पहुंचे और मुझे साथ ले कर घर के पीछे साइड बानी खिड़की पर पहुंच gaya...jo खुली हुई थी....

और जब मैंने भीतर देखा तो वह एक बड़ा सा बिस्तर tha....jis पर लिवास में कैद हसीना बैठी हुई thi....aur गोलू भाई ऊपर से nange....sirf पेण्ट पहने खड़े हुए थे....

हमारे देखते hi देखते गोलू भाई ने बियर की बोतल खोली और उस हसीना को di...aur एक बोतल खुद चढ़ाने लगे....

Ladki(beer पि कर)- अब कितना तड़पेगे aap....meri प्यास इस बियर से नहीं भुझने वाली...

गोलू भाई- जनता हु मेरी jaan....teri प्यास तो इससे बुझेगी...

ये बोल कर गोलू भाई ने अपना पेण्ट और ुंडेरवेरे नीचे कर diya....aur उनका तगड़ा लुंड उछाल कर हमारे सामने आ गया.....

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लुंड बहार आते hi उस लड़की ने पालक झपकते hi लुंड को हाथ में कैद कर लिया और houle-houle से चमड़ी को aage-piche करने लगी.....

गोलू भाई- aahh..tere ये नरम हाथो का ahsaas....kitna याद किया इसे....

लड़की- और मैंने आपके इस जोरदार हथ्यार ko.....iske बिना एक दिन निकलना भी मुश्किल था मेरे liye....ab जा कर सुकून मिलेगा....

गोलू भाई- तो अब इसे भी सुकून दे साली....

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ये बोल कर गोलू भाई ने उस लड़की का सर पकड़ कर dawaya....aur लड़की ने भी अपना मुँह खोल diya...jisse गोलू भाई का तगड़ा लुंड उसके मुँह में चला गया.....

गोलू भाई- aaahhh...ab राहत मिली saali....tere मुँह की तो....

और गोलू भाई ने उसका सर पकड़ कर लुंड को आगे पीछे करना सुरु कर दिया.....

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लड़की- uuuummm..uuummm..uuummm..uuummm..uuummmm...uuummmm....

गोलू भाई- aaahhh...kabse तेरा मुँह याद कर रहा था saali.....aaahh...le saali....le.....

लड़की- uuummm..uuummm..uuumm..uuummm..uuummm..uuummm..uuummm...

गोलू भाई उसे गालियां देते हुए joor-joor से उसके मुँह में लुंड पेलने लगे और उसकी आवाज कुछ hi देर में मुँह में hi दफ़न होने लगी......

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ये सब देख कर मेरी आँखों के सामने अम्मी दिखाई देनी lagi....main सोचने लगा की गोलू भाई अम्मी के मुँह में लुंड पेल रहे है....

ये सब सोचते hi मेरे लुंड में इतना तेज झटका लगा की क्या बोलू......

थोड़ी देर बाद राजू का हाथ लगने से मैं होश में aaya....aur मैंने देखा की गोलू भाई अब पुरे नंगे हो कर बीएड पर लेते हुए थे और वो लड़की झुकी हुई उनके लुंड को बड़े प्यार से चूस रही थी.....

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लड़की- sssllluuupppp....sssllluuuppp.....ssssllluuuppp....ssslluuuppp...sslluuppp....

गोलू भाई- aahh..bas कर saali.....choose कर hi झाड़ेगी क्या.....

लड़की- sssllluuuppppp.....uuuuuummmmmmmhhh...aahh...nhi मेरी jaan.....isko तो मेरी छूट hi jhadaygi....itne दिन बाद to.mouka मिला hai.....choot को प्यासा कैसे छोड़ दू.....

ये बोल कर उसने जल्दी से अपना लिवास ऊपर कर के अपना सलवार और पंतय नीचे giraai...aur लिवास को कमर तक चढ़ा कर बिस्तर पर कुटिया बन गई.....

तब मेरी नजर उसकी गांड पर टिक gai....kya मस्त गांड थी uski....bilkul सही naap-toul ki...na बड़ी और न chooti....aur रैंड तो ऐसा गोरा की हाथ लगाने से hi गाँधी पद जाए....

पर तभी गोलू भाई आगे बड़े और उसकी गांड को थपका कर अपना तगड़ा लुंड उसकी छूट पर लगाया....

और फिर लड़की की एक जोरदार चीख के साथ गोलू भाई का तगड़ा लुंड लड़की की छूट में समां गया......

लड़की- aaaaaiiiiiiiiiiiii.....aaammmiiiii.....

गोलू भाई- इतना क्या चीख रही है saali....roj तो चुदती है....

लड़की- aaahhhhh....nhi....use वक़्त नहीं milta....aaahhh...hafte में 2-3 baar....wo bhi...aaaahhhh...aaammmiii...

तब्बी गोलू भाई ने लुंड को नहर खींच कर फिर से अंदर दाल diya....aur तेजी से चुदाई सुरु कर दी.......

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और फिर गोलू भाई के जोरदार धक्को से लड़की चीखते हुए चुदाई की मस्ती में खोने लगी....

लड़की- aaahhhh....aaahhh...joor se...aaahhh...meri छूट to....saka वो कमीना ...आअह्ह्ह्ह.....

गोलू भाई- क्यों गरिया रही है अपने शौहर ko.....kya किया साले ने....

लड़की- aaaahh...sala ......हफ्ते में 3 baar...aaahhh....roj प्यासा छोड़ता hai...aaahh...maro....aaahhh..jjoorr से ...

उस लड़की की बातें सुन कर एक बार फिर से मैं अम्मी की चुदाई के सपने देखने लगा....

और जब मुझे होश आया ...तब तक उसकी जगह बदल गई थी....

अब वो लड़की गोलू भाई के लुंड पर uchaal-uchhal कर लुंड खा रही थी.....

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मैं और राजू इस दमदार चुदाई का मज़ा hi ले रहे थे की तभी राजू का फोन बजने लगा.....

और उसकी आवाज़ से गोलू भाई का ध्यान आवाज की तरफ aaya....par उससे पहले hi हम दोनों ने वह से दौड़ लगा दी....

मैं वह से भाग कर सीधा घर आ gaya....par मेरा दिल बहुत जोर से धड़क रहा था...

घर पर भी मैं बिना किसी की बात सुने बाथरूम का बोल कर सीधा अपने कमरे में आ गया....

Main(man में)- क्या गोलू भाई ने मुजगे देख ला hoga...aur फिर उस लड़की ne.....par वो लड़की थी koun...uska चेहरा तो देखा hi नहीं.....

वो chhodo...agar कही उन लोगो ने मुझे देख लिया होगा तो....

Khair...thodi देर परेशान होने के बाद मैं फ्रेश हुआ और ammi-abbu के साथ खाना खाने लगा.....

और हम खाना ख़त्म कर के फ्री hi हुए थे की घर के दरवाजे पर दस्तक hui....aur एक आवाज़ सुन कर मेरी गांड फैट gai.....wo आवाज थी गोलू भाई की....

गोलू भाई- क्या haal-chaal है sabke....kyo maajid....kya हाल है....???

गोलू भाई को सामने देख कर मेरे दिल की धड़कन फिर से तेज होने lagi...aur मेरे दिमाग में सिर्फ एक hi सवाल था....

आखिर गोलू भाई इस वक़्त यहाँ क्यों aaye....kya इन्हे पता चल gaya....agar haa....to अब तेरा क्या होगा माजिद....??????

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी......

थैंक्स फ्रेंड्स......


कीप रीडिंग..........
 
इसमें डंडेर kya.....mout तो लास्ट ट्रुथ hai...aur सबको अकेले hi जाना है........

और haa...jab वो marega...tab तक दूसरों की अम्मियों और अप्पियों के पेट में अपनी कई निसानी छोड़ जायगा....

और वो सब रोएगी na......kyoki ऐसा तगड़ा लुंड हाथ से चला जायगा unke......bechaari.....

और न भी रोये तो क्या फर्क पड़ता है.......

जब तक जिन्दा rahega....maza marega...marne के बाद तो अपने भी भूल जाते hai....gairon से क्या सिकवा.....
 
अपडेट - 39

और हम खाना ख़त्म कर के फ्री hi हुए थे की घर के दरवाजे पर दस्तक hui....aur एक आवाज़ सुन कर मेरी गांड फैट gai.....wo आवाज थी गोलू भाई की....

गोलू भाई को सामने देख कर मेरे दिल की धड़कन फिर से तेज होने lagi...aur मेरे दिमाग में सिर्फ एक hi सवाल था....

आखिर गोलू भाई इस वक़्त यहाँ क्यों aaye....kya इन्हे पता चल gaya....agar haa....to अब तेरा क्या होगा माजिद....??????

अब आगे........

[ माजिद की जवानी.........]


गोलू भाई को घर में देख कर मेरी तो हालत पतली हो रही thi....aur वही अम्मी के चेहरे की चमक बाद गई थी....

अम्मी- अरे aap....aaiye न......

गोलू bhai(andar आ कर)- maajid...tune बताया नहीं की क्या चल रहा है....

माजिद- bbb..badiya गोलू bhai.....badiya....

गोलू भाई- hmm...are saddam....main ये बताने आया था की कल मैं आंटी को ले कर सहर जा रहा hu...to मैंने सोचा की मुमताज को भी ले jaau....wo बोल रही thi....kya कहते हो.....

Main(man में)- ये kya.....ab तो गोलू भाई अम्मी को नाम ले कर hi बुलाने lage...jaise वो इनकी बीवी ho....waise बीवी kya.....wo तो रंडी बन गई unki....huh....

Abbu(ammi को देख कर)- अब मैं क्या kahu....jaisa मुमताज कहे...

अम्मी- are....main क्या bolu....aap इजाजत से तो चली जोगी....

अब्बू- मेरी तरफ से तो haa...par maajid....main भी काम पर निकल jauga...to माजिद...

माजिद- मैं रह लगा ammi....bas आप मेरे लिए सहर से कुछ लाना....

Ammi(muskura कर)- है beta....ye भी कोई कहने की बात hai....to ठीक hai...mere बेटे और उसके अब्बू की मर्जी hai...to मैं चलूँगी गोलू जी.....

Main(man में)- बोल तो ऐसे रही है जैसे हमारे रोकने से रुक jati....huh...

गोलू भाई- तो ठीक hai...main चलता hu....aaj काफी थक gaya...to सो लेता हु....

और फिर गोलू भाई निकल gaye...aur उनके जाते hi मैं भी टहलने के बहाने बाहर निकल aaya...kyoki मुझे राजू से मिलना tha...aakhir पता तो चले की गोलू भाई ने हमे देखा भी या नहीं.....

और जैसे hi मैं बाहर आया तो मुझे राजू सामने hi मिल gaya....jo मेरा hi इंतज़ार कर रहा tha.....aur मुझे देखते hi मेरे पास भाग कर आ गया.....

राजू- अच्छा हुआ तू बहार आ gaya....main तुझे मिलने hi आ रहा था....

मैं- पर kyo...kya कोई गड़बड़ hui...golu भाई ने कुछ कहा....

राजू- अरे nhi...bas वही तो तुझे बताना था की तू फालतू में घबरा कर भाग gaya....jabki गोलू भाई में हमारी आवाज़ पर ड़याँ hi नहीं दिया था.....

मैं- पर तुझे कैसे pata....tu भी तो भाग आया था...

राजू- haa...par मैं फिर बापिस भी गया tha...aur फिर उस लड़की की पूरी चुदाई देख कर hi आया था....

मैं- ohh....main तो तबसे परेशान hi tha...aur अभी गोलू भाई घर में आये तो मैं और ज्यादा घबरा गया था.....

राजू- मैं जनता tha...isliye तुज्जे सच बताने आ रहा tha...ab बेफिक्र हो कर dona....theek है....

मैं- hmm..par मुझे ये तो बता की तूने वह और क्या देखा....

राजू- ज्यादा तो nhi...par बहुत कुछ dekha.....kya कमाल चुदाई हुई साली की..

मैं- accha...to बता क्या देखा......

राजू- ठीक hai.....ek काम kar....us चबूतरे पर बैठते hai....fir बताता hu...aaja...

फिर राजू और माजिद चबूतरे पर बैठे और राजू ने आगे की बात बतानी सुरु की....

[ आगे की kahaani......Raju की जवानी.....]

तेरे जाने के बाद मेरा मन नहीं मन तो मैं थोड़ी देर बाद बापिस उसी जगह पहुंच गया.....

और मैंने देखा की गोलू भाई उस लड़की के पीछे लेते हुए अपना तगड़ा लुंड उसकी गांड में दाल रहे थे.....

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लड़की- aaaahhhhhh......aap गांड मारे बिना नहीं जाने doge...aahh..pata था....

गोलू बगै- क्या karu...teri गांड है hi इतनी प्यारी....

लड़की- aahh....pahli बार मेरी गांड hi तो मारी थी aapne...aaahh...kitna रोइ थी मैं...

गोलू भाई- अब तो नहीं रोएगी....

लड़की- nhi...ab तो मज़ा आता hai...maariye....joor se....aaahhh...

और गोलू भाई ने उसे पकड़ कर तेजी से गांड मारनी सुरु कर दी....

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लड़की- aaahhh....aaahhh...aahhh....maza आ gaya...aaahhh.....

गोलू भाई- तेरा सौहार मरता है की नहीं...

लड़की- aaahh....nhi....ye आपकी अमानत hai...sirf aapki.....aaahhhh......

गोलू भाई- और कभी उसने बोलै तो...

लड़को- aaaahhh....mana कर chuki...aaahhh.....ye सिर्फ आपका लुंड khaygi....aur किसी का नहीं.....

गोलू भाई- वह मेरी jaan...tune तो दिल खुश कर दिया.....

ये बोल कर गोलू भाई ने उसे घुमा कर गॉड में बैठा लिया और पूरी रफ़्तार से धक्के मरने लगे......

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लड़की- aaaaahhhhh.....maar gai.....aaahhhh.....

गोलू भाई- अब क्यों रोइ साली......

लड़की- aaaaahhh....aap का lund...uuuummmmm....maar देता hai....aaaahhhh....

गोलू भाई- मज़े कर.....

लड़की- aaahhh...aaahhh...aaahhhh...aaaahhhh....

फिर गोलू भाई ने करीब 10 मिनट तक उसे गॉड में uchhal-uchaal कर तेजी से गांड maari....jisse लड़की की छूट जवाब दे कर पानी छोड़ने लगी....

और जैसे hi लड़की झाड़ कर पास्ट हुई तो गोलू भाई ने उसे नीचे उतार दिया और सामने खड़े हो कर लुंड हिलने लगे...

गोलू भाई- मलाई कहेगी....

लड़की- इसी के लिए तो आई हु....

ये बोल कर लड़की ने अपना मुँह खोल दिया और गोलू भाई ने तेजी से लुंड हिला कर लुन्द्रास की पिचकारी उसके मुँह में डालने लगे......

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उस लड़की ने पूरा लुन्द्रास हलक से उतार लिया और फिर गोलू भाई का लुंड चूसे कर साफ़ कर दिया....

लड़की- अब मैं जाओ....

गोलू भाई- hmm...aur अपनी अम्मी को भेज देना....

Ladki(muskura कर)- वो भी मलाई खाने तड़प रही hai....bas मौका मिलते hi आ jaygi....waise मेरा भी मन नहीं bhara...mainfir ाउगि...

गोलू भाई- ठीक hai....dono आ जाना....

फिर लड़की ने अपने कपडे पहने और नकाब दाल कर पीछे वाले दरवाज़े से निकल गई......

माजिद- ohh...matlab गोलू भाई उसकी अम्मी को भी छोड़ते hai.....waise किउं है वो....

राजू- wo...main नहीं janta...mujhe ठीक से समझ नहीं aai...khair...ab चलता hu...golu भाई को काम होगा तो देख रहे hoge....theek है....

ये बोल कर राजू अपने रस्ते चल दिया और मैं कुछ देर वही बैठ कर सोचता रहा की आखिर ऐसी कौन सी लड़की होगी जो अपनी अम्मी के साथ आ कर गोलू भाई से चुद जायगी......

Khair....kuch देर के बाद मैं घर में आया और उस लड़की की जगह अपनी अम्मी को soch-soch कर मुट्ठ मार कर सो गया....

अगले दिन माजिद की अम्मी गोलू भाई के साथ चली गई और अब्बू अपने काम se....to माजिद ने सब दोस्तों को घर पर बुला liya....aur खलील से आगे की कहानी सुनने लगे....

[Aage ki kahaani.....Khaleel ki juwani......]

तो जैसा की मैंने बताया था की गोलू भाई हमारे घर me...matlab की चाचा के हिस्से में रहने लगे थे.....

इसलिए अब उनका हमसे मिलना होता hi रहता tha....aur इसी दौरान मुझे अम्मी की परेशानी भी साफ़ नजर आ रही थी...

पर अब तक मैंने कुछ ऐसा देखा या सुना नहीं tha...jisse मुझे अम्मी की परेशानी की वजह मालूम चले....

फिर एक दिन जब मैं स्कूल नहीं गया और अब्बू मदरसे चले gaye.....to अब्बू के जाने के करीब आधे घंटे बाद hi हमारे दरवाजे पर दस्तक हुई........

अम्मी ने दरवाजा खोला तो सामने गोलू भाई खड़े the.......fir गोलू भाई बिना कहे hi भीतर आये और मेरे साथ आकर बैठ गए......

अम्मी ने चुपचाप दरवाजा लगाया और किचेन में चली gayi......aur गोलू भाई के लिए चाय बनाने लगी......

ये देख कर मैं थोड़ा हैरान hua...ki अम्मी बिना पूछे hi चाय बनाने lagi...aane की वजह भी नहीं puchi....kya अम्मी को पहले से पता था की गोलू भाई आने वाले है.....???

मैं ये सब सोच hi रहा था की अम्मी चाय लेकर आ gai......to मैं और गोलू भाई चाय पिने lage..aur साथ hi साथ गोलू भाई अम्मी को देख कर मुस्कुराने lage.......jisse अम्मी थोड़ा घबराई और किचेन में बापिस चली गई.....

गोलू bhai(chai ख़त्म कर के)- और khaleel....aaj स्कूल नहीं गया......

मैं- nhi...aaj मन नहीं किया.....

गोलू bhai(muskura कर)- कोई बात nhi....accha...main जरा बाथरूम हो कर आता hu....kis तरफ है....

Main(isaare से)- wo....us तरफ.....

फिर गोलू भाई बाथरूम चले गए और मैं आराम से टीवी देखने लगा.....

पर थोड़ी देर बाद मुझे कुछ आवाज aai....aur जब मैंने ध्यान से सुना तो पाया की आवाज़ किचेन से आ रही थी......

Main(man में)- किचेन में तो अम्मी hai....par wo....aisi आवाज kyo....dekhta हु...

फिर मैं दूर से किचेन में देखने laga...to मुझे अम्मी के साथ गोलू भाई भी किचेन में dikhe.....aur गोलू भाई को अम्मी के साथ किचेन में देखकर मेरे होश उड़ गए........

मैंने देखा की गोलू भाई अम्मी को पीछे से अपनी बाँहों में भरे खड़े the.....par अम्मी उन पर बहुत गुस्सा क्र रही थी.....

अम्मी- आप पागल हो गए kya....chhodiye मुझे नहीं तो.......

गोलू bhai(beech में)- नहीं तो क्या....???

अम्मी- aahh....nhi तो मैं चिल्लाऊंगी.....

गोलू भाई- सच me.....to फिर देर किस बात ki....chillao....

अम्मी- auumm..chhodo na....main जोर से चीला doogi.....bol दूगी की आप जबरजस्ती कर रहे है....

ये सुनते hi गोलू भाई को सायद गुस्सा आ गया tha.....isliye गोलू भाई ने अम्मी के बॉल पकड़ liye......aur अम्मी के कान के पास बोले.....

गोलू भाई- क्या कहा tune......jabarjasti.....theek hai.....chilla कर बुला sabko.....fir मैं भी बताता हु की तेरे घर में कैसे एक पुरे परिवार को फसा कर उसका वजूद मिटने की कोसिस हुई thi....haa.......chilla....joor से चिल्ला....

अम्मी- aaahhh....baal मत खींचो na.....main nhi..aahh...chhod do...mera बीटा घर में है......

गोलू भाई- अब आई न लाइन par...saali.....mujhe फंसने का sochegi...haa...

मैंने देखा की गोलू भाई की बात सुन कर अम्मी बहुत दर गई thi......aur उनकी आवाज भी काम हो गई थी......

ये सब देख कर मेरा मन तो किया की मैं अभी वह चला jaau....par मैं जानना चाहता था की आखिर अम्मी गोलू भाई की खिलाफत क्यों नहीं कर rahi...aur क्यों चिल्ला कर मुझे या किसी और को नहीं बुला रही...

मैं उनकी बातों से ये भी समझ गया था की जरूर कोई ऐसी बात है जिससे अम्मी चुप रहने पर मजबूर hai....par वो बात क्या हो सकती hai....yahi सब सोच कर मैं अपनी जगह पर खड़ा हुआ सब देखता रहा......

अम्मी - खुदा के वास्ते मुझे छोड़ दीजिये मैं आपके हाथ जोड़ती हु.....

गोलू भाई - rafat...main चहु तो अभी के अभी तुम्हारी इज्जत की धज्जियाँ उदा सकता hu.....lekin मैं ऐसा करना नहीं chahta.....kyoki जो मजा मर्जी से मिलता hai...wo जबरजस्ती से नहीं aata...samjhi......

गोलू भाई की मजबूत पकड़ से अम्मी को तकलीफ हो रही thi....aur गोलू भाई की बाते सुन कर अम्मी की आँखे भी भर आई थी.....

गोलू भाई- rafat...maine ये घर भी सिर्फ तुम्हारी खातिर hi खरीदा hai....jaanti hai....aur तू है ki....haatt...

ये बोलकर गोलू भाई ने अम्मी को छोड़ दिया और गुस्से से बाहर आने लगे....

उन्हें बहार आता देख मैं बापिस से बॉथ कर टीवी देखने laga....aur गोलू भाई किचेन से निकल कर सीधा घर से बहार चले गए.........

गोल्ज भाई के जाते hi मैंने चुपके से अम्मी को देखा तो पाया की अम्मी की आँखे नाम थी और वो शांत कड़ी अपने आपको ठीक कर रही थी.......

Main(man में)- ये अम्मी को हुआ क्या hai....unhone कोई आवाज़ क्यों नहीं ki...kya अम्मी कुछ छिपा रही hai...hmm....chalo बात कर के देखता hu....dekhe तो क्या बोलती है....

मैं- ammi.....ammi.....

अम्मी को आवाज़ देते हुए मैं किचेन में चला gaya......tab मैंने देखा की ामंक अपनी आँखे साफ कर के बहार hi आने वाली थी.....

मैं- अम्मी क्या huaa...aap क्या कर रही थी.....

Ammi(sakpaka कर)- कुछ नहीं beta....kuch भी तो nhi....kuch चाहिए क्या....

मैं- hmm....pani चाहिए था.....

फिर अम्मी ने मुझे पानी दिया और मैं बहार आ गया.......

Main(man में)- अम्मी कुछ न कुछ तक छिपा रही hai....par kya....kya ये राज कभी पता चलेगा की नहीं....

khair......dekhte hi देखते दिन निकल गया और रात को खाने के बाद जब अब्बू -अम्मी अपने कमरे में थे तो मुझे अब्बू की आवाज कुछ जोर से सुनाई दी....

जब मैंने जा कर देखा तो उनके कमरे का दरवाजा बंद tha...to मैं खिड़की से छिप कर देखने लगा.....

मैंने भीतर देखा की अब्बू, अम्मी पर गुस्सा कर रहे थे और अम्मी सर झुकाये सुबक रही थी......

अब्बू- तुमसे कितनी बार कहा है बेगम की हम अपने tour-tareeke जमाने के हिसाब से नहीं बदल sakte.....isliye याद rakho....jab भी किसी गैर के सामने आओ तो पुरे लिवास में आया karo...sirf सलवार -कमीज में nhi....samjhi....

Ammi(dheere से)- पर हमे पता नहीं था की wo..golu जी उस वक़्त आ जायगे....

अब्बू- तो kya.....ab कोई तुम्हे बता कर घर में तसरीफ layga...nhi na...isliye ाँ के बाद याद rakhna.....ya तो पुरे लिवास और नकाब में रहना या फिर किसी के आते hi अपने कमरे में चली जाना समझी.....

अम्मी- ji....aage से शिकायत नहीं होने doogi....waise वो...

Abbu(joor से)- अब क्या बाकि है....

अम्मी- वो खलील को कंप्यूटर.....

Abbu(beech में)- फिर से nhi....hum पहले hi बोल चुके है की इस तरह की बहियाद चीजे हमे पसंद nhi....use हम अपने मजहब की तामील देना चाहते hai....isliye ये सब उसके लिए ठीक nhi....usse बोल dena.....aur haa.....aaj के बाद हम ये बात कभी नहीं सुन्ना chahte....ab हमे आराम करना hai...humare पाँव में तकलीफ hai...jara बाम लगाओ और मालिश करो....

अब्बू की बातें सुन कर अम्मी के sath-sath मुझे भी गुस्सा आ gaya...par हम दोनों hi कुछ नहीं कर सके....

फिर अब्बू सिर्फ कच्चा पहन कर अपने मोठे पेट को निकाल कर लेट गए और अम्मी उनके पाँव की मालिश करने लगी....

अब्बू तो मालिश करते हुए सो gaye....par मैं अम्मी का दर्द उनकी आँखों से आँशु बन कर निकलता हुआ देख रहा था....

थोड़ी देर बाद अम्मी भी दुपट्टा निकाल कर लेट गई.....

अम्मी लेते हुए अपनी आँखों से आँशु बहा रही थी और मैं ये देख कर बहुत परेशान हो रहा tha...isliye अभी तक वही रुका रहा....

पर थोड़ी देर बाद मैंने देखा की अम्मी उठी और उन्होंने एक नजर अब्बू पर मारी और कमरे से निकल कर पीछे वाले बाथरूम में घुस गई......

मैं बता दू की पीछे वाला बाथरूम ऊपर से खुला हुआ hai...isliye ऊपर वाली बालकनी से बाथरूम के अंदर का सब कुछ दीखता है....

वैसे आम टूर पर अम्मी उस बाथरूम में नहीं jati.....par अम्मी ने सायद सोचा hi नहीं होगा की उनका बीटा इस वक़्त जाग कर उन पर नजर रख रहा hai...isliye वो बेपरवाह बाथरूम में घुस गई....

और मैं ये सोच कर परेशान था की अम्मी अपने कमरे से जुड़े बाथरूम को छोड़ कर पीछे वाले में क्यों गई..

यही जानने के लिए मैं तुरंत दावे पाँव ऊपर गया और बालकनी में जा कर जैसे hi मैंने बाथरूम में देखा तो मेरा दिमाग संनाने लगा....

क्योकि बाथरूम में अम्मी पूरी तरह से नंगी कड़ी thi....unka एक हाथ उनके bade-bade दूधो पर था तो दूसरा हाथ जांघो के बीच...

पता नहीं उन्हें यु नंगा देख कर मेरे जिश्म में सिरहन होने लगी....

वह अम्मी अपने हाथ को जांघो के बीच दावते हुए आँखे बंद किये हुए joor-joor से साँसे ले रही थी....

और उनकी हरकत देखते हुए मेरे लुंड में तनाव आने लगा था.....

थोड़ी देर बाद अम्मी का हाथ joir-joor से हिलने laga...jisse मैं समझ गया की अम्मी अपनी छूट को जोइर से मसल रही है...

और उसके साथ hi अम्मी के मुँह से halki-halki सिसकी निकलने lagi....aur उनकी सिसकियाँ सुन कर मेरे लुंड में जैसे बिजली दौड़ने लगी....

थोड़ी hi देर बाद अम्मी जोइर से चीखी और हाथ रोक कर joor-joor से हाफने लगी.....

जिससे मैं समझ गया की अम्मी की छूट ने पानी छोड़ दिया है.......

फिर अम्मी थोड़ी देर ऐसे hi अपनी साँसों को काबू करती rahi...aur जब वो शांत हो गई तो अम्मी ने पानी से अपनी छूट साफ़ की और फिर अपने कपडे पहन कर कमरे में निकल gai....aur उनके जाते hi मैं भी अपने बिस्तर पर आ गया....

उस रात में लेता हुआ यही सोचता raha....ki क्या अम्मी को अब्बू जिस्मानी टूर पर भी खुश नहीं rakhte...kyoki मानसिक टूर पर तो वो कभी कुसी को खुश नहीं रख pasye...na अम्मी ko...na अप्पी को और न mujhe...kyoki उनके खयालात वही पुराने डाकिनूसी या मजहबी होते है....

पर आज जो मैंने dekha....use देख कर मैं समझ गया की अम्मी जिश्मानी टूर पर भी अब्बू से नाखुश hai....aur सायद इस बात का कोई न कोई ताल्लुक उन बातों से है जो सुबह गोलू भाई और अम्मी के बीच हुई थी.....

पर आखिर सच है kya....kaise पता चलेगा.....??

यही सब सोचते हुए मुझे कब नीड आ gai....ye पता hi नहीं चला......

नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी....

थैंक्स फ्रेंड्स.....

कीप रीडिंग.......
 
hahaha......yahi तो जिंदगी का असली मज़ा hai.....parde के अंदर देवी हवस को बहार निकाल कर उनके गुलाबी छेड़ो को लाल करने से ज्यादा मज़ा कुस बात का hoga...hmm...

अभी तो आगाज hi हुआ hai....safar जारी hai....kai छेद बेपर्दा हो कर गोलू भाई का लुंड chakhege......dekhte जाए.....


थैंक्स फ्रंड....

कीप रीडिंग.....
 
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