GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI - SexBaba
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GOLU BHAI - AMMI KE SHIKARI

hotaks

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Dec 5, 2013
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Hello फ्रेंड्स......

मैं एक नई स्टोरी पोस्ट करने जा रहा हु.....

बूत ये स्टोरी मेरे नजरिये से नहीं hogi.....ye दूसरों के नजरिये से लिखी गई है....

ये स्टोरी मेरे फ्रंड ने मुझे दी hai....main बस इसमें कुछ एडिट कर के पोस्ट karuga....aur क्योकि मैं पोस्ट karuga....isliye हीरो तो मैं hi रहुगा na....hahaha

Well...ye स्टोरी कुछ दोस्तों की hai....jo अपने घर की अयर्तों को दूसरे के लैंड से चुड़ते देखते hai....aur पसंद करते है.....

इस स्टोरी में कई पार्ट्स hai....jo alag-alag लोगो की जवानी सामने आएगी......

ी होप की जैसे आप मेरी स्टोरी को पसंद कर के मेरा साथ देते hai....waisa hi इस स्टोरी को प्यार देंगे.....

तो आइये सुरु करते है एक नै दास्ताँ....

"" गोलू भाई - अम्मी के शिकारी ""


-: डिस्क्लेमर :-

स्टोरी में आये सारे किरदार और स्थान किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से सम्बंधित नहीं है.....


अगर गलती से ऐसा कोई भी मैच मिलता hai....to ये एक इत्तेफ़ाक़ मात्रा होगा.....

ये स्टोरी सिर्फ मनोरंजन के लिए लिखी गई hai....iska उद्देस्य किसी भी व्यक्ति, जाती, और धर्म की भावनाओ को आहात करने का नहीं है.....

और स्टोरी में उसे किये जाने वाले बाकि pics/gifs इंटरनेट से ली हुई है......

नोट - स्टोरी के किसी करैक्टर, प्लेस या पिक्स से किसी को कोई परेशानी हो तो रिपोर्ट करने से पहले वो मुझे BATAAYE....OK
 
-: अम्मीजान और बाकि सब शिकार :-

मजीद की फॅमिली

1 - मुमताज ( अम्मीजान )

2 - अमरा ( बड़ी ममिजान )

3 - गौहर ( छोटी ममिजान )

4 - मुस्कान ( खला )

5 - आलिआ ( अप्पी - बड़ीमामिजान की बेटी )

6 - रूही ( खला (मुस्कान) की बेटी )

खलील की फॅमिली

1 - रफत ( अम्मीजान )

2 - सबने ( अप्पी )

आलम की फॅमिली

1 - जाहिदा ( डडिजान )

2 - मरियम ( फूफी )

3 - अलीना ( अम्मीजान )

नाजीअ भाभीजाण

हिना

आयशा

रुबीना
 
-: इंट्रोडक्शन :-

=============


नोट - वैसे तो इस कहानी में कई किरदार hai.....par उनके बारे में तभी बताया jayga....jab वो कहानी में आयगे......

सब से पहले आपको कहानी के मैं किरदार से मिलवाता hu.....inka नाम है....

आदित्य श्रीवास्तव.....

उर्फ़.......

गोलू भाई.......


गोलू भाई 26 साल के एक hatte-kaate मर्द hai.....dikhne में गोर hai....hight करीब 6 फ़ीट के aas-paas होगी...

इनको रोज कसरत करने की आदत hai...isliye इन्होने अपने घर में hi एक छोटा सा गयम बना लिया hai...aur वह jee-tod म्हणत करते hai....is वजह से इनकी बॉडी बहुत hi शानदार बानी हुई है.....

गोलू भाई गाओं के एक इज्जतदार रहीस hai...inka मैं बिज़नेस खेती और अनाज के import-export का hai...inke पास alag-alag गाओं में पूरी 1200 एकड़ जमीन है....

इसके अलावा ये दूध डेरी का बिज़नेस भी करते hai....aur मेडिकल भी चलवाते है....

ये गाओं के लिए भी काफी कुछ करते रहते है....

आज हमारे गाओं में एक छोटा सा सिनेमा हॉल और मॉल hai...aur ये गोलू भाई की वजह से hi हो पाया है....

गोलू भाई ने गाओं में एक छोटा सा हॉस्पिटल और स्कूल भी बनवाया hai....jisse गाओं और aas-paas के गाओं में इनकी साख और ज्यादा बाद गई....

उन्ही की वजह से हमारा गाओं एक कसबे की तरह हो गया hai...par कहलाता अभी भी गाओं hi है....

गोलू भाई गाओं में अपनी ममी के साथ रहते hai.......unka नाम नीलम है....

गोलू जी के मां एक खानदानी रहीश the.....par 2 साल पहले उनकी एक एक्सीडेंट में मौत हो gai...aur नीलम ने अपने भांजे गोलू को अपने पास बुला लिया....

फिर गोलू भाई ने अपने दिमाग का इस्तेमाल कर के अपने मां का बिज़नेस और ज्यादा बड़ा दिया....

और गाओं वालो के लिए बहुत से नेक काम kiye....jisse गाओं वाले इन्हे प्यार से गोलू भाई कहने लगे......

गोलू भाई की पर्सनालिटी , दौलत , सोहरत और उनकी नेक दिली की वजह से आज पूरा गाओं इनकी बहुत इज्जत करता है....

इसके अलावा गोलू भाई और उनकी ममी नीलम का नेचर ऐसा है की लोग बहुत जल्दी hi इनसे आकर्षित हो जाते hai....is वजह से गाओं के हर घर में इनका aana-jana लगा रहता है....

Khair...ye तो हुआ गोलू भाई का introduction....ab आगे की कहानी माजिद की जवानी........
 
अपडेट - 1

मेरा नाम मजीद hai....main के एक गांव मैं रहता hoon....aur मैं मेरे अम्मी -अब्बू का एकलौता लड़का हु....

हमारे गाओं का माहौल बहुत hi अच्छा hai...yaha हर jaati-dharm के लोग बास्ते hai...aur सब mil-jul कर रहते है....

मेरी आगे ** साल hai.....(itni है की चुदाई की बातें समझता hu)....main ब्लू फिल्म्स देखता रहता hu....doston के साथ lund-choot, चुदाई की बातें भी बहुत करता hu..unke लुंड भी देखे hai....aur खेत में सोँच के लिए जाने वाली मजदूर अयर्तों के चूतड़ भी देखे hai...aur haa....maine अपने ammi-abbu की चुदाई भी काफी बार देख ली है....

मैं ये कहानी मेरी और मेरे दोस्तों की जवानी से आपकी खिदमत में पेश करुगा....

वैसे तो हमारे गाओं में काफी ज्यादा भाईचारा hai....aur इस वजह से मेरे कई दोस्त भी है....

पर उनमे हम 4 दोस्त बहुत खास दोस्त hai....main यानि की माजिद, अफजल, आलम और फैज़....

हम सब दोस्त पढ़ने में उतना दिल नहीं lagate...jitna की चुदाई की बातों में लगते है...

हम सब रोज नदी जाते और वही पास में सुनसान जगह नंगे हो कर गन्दी बातें करते हुए अपनी ठरक मिटते...

ये सब हमारा रोज का काम tha....aur इसमें हम सबको मज़ा भी बहुत आता था......

पर इस सब में हमारे दिमाग भी काफी ख़राब हो चुके the.....jis वजह से हम दूसरी अयर्तों के sath-sath अपने दोस्त की अम्मी और आपि के बारे में भी गलत सोचने लगे थे...

यहाँ तक की खुद की अम्मी और आपि के बारे में भी....

पर ये बात हम दिल में rakhte....ek-dusre को इस बात का अहसास भी नहीं होने देते की हम उनके घर की इज्जत के बारे में गलत सोच रहे है.....

पर कहते है na...ki वक़्त आने पर दिल के अरमान बहार आ hi जाते hai....theek वैसा hi हमारे साथ भी हुआ.........

और इसकी सुरुवात कैसे hui.....ye आप खुद hi पढ़ लीजिये........

एक दिन मैं घर के बाहर घूम hi रहा था की मेरा दोस्त आलम मेरे पास भागता हुआ आया....

आलम- अरे मजीद ,मैं तेरे hi घर आ रहा था, चल मेरे साथ....

मैं- पर कहा, और तू इतना हाफ क्यों रहा है.....

आलम- अरे चल तो सही, तू देखेगा तो तू भी हाफने लगेगा, चल...

और आलम मेरा हाथ पकड़ के लगभग खींचते हुए मुझे ले जाने लगा.....

मैं- अरे बात क्या है, जो इतनी जल्दी है....

आलम- अरे तू चल तो, ऐसी बात है की तेरा दिल झूम उठेगा, जल्दी चल....

आलम ने बहुत खुश हो कर मुझे बोलै, तो मैं भी उसकी बात मान कर jaldi-jaldi चल पड़ा....

थोड़ी देर बाद आलम मुझे ले कर एक पुराने गोदाम के पास पहुंच gaya.....aur गॉड्डैम के आगे बैंक बॉउंड्री फाड़ने लगा.....

मुझे पता था की ये गोदाम किसका है, पर मैंने इस वक़्त आलम से कुछ नहीं पूछा, बस उसके पीछे चल दिया....

आगे जा कर आलम ने मुझे चुप रहने का इसरा किया और फिर हम दावे पाँव गोदाम की एक खिड़की के पास पहुंच गए....

फिर आलम ने मुझे इसारे से बोलै की अंदर देख....

तो मैं आलम के साथ उस खिड़की की सांस में से अंदर देखने लगा....

खिड़की में सिर्फ नीचे की तरफ थोड़ी सांस थी, जहा से हम दोनों अंदर का नजारा देख रहे थे.....

जब मैंने अंदर देखा तो मेरी आखे चौड़ी हो गई.....

अंदर एक ायरत बोर के ढेर पर झुकी हुई थी,. उसका काळा रंग का लिवास उसकी कमर तक चढ़ा हुआ था और उसकी सलवार उसके पंजो में फांसी थी....

और एक hatta-katta मर्द उसके पीछे खड़ा हुआ joor-joor से धक्के मार रहा था....

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ये देखते hi मुझे समझते वक़्त न लगा की भीतर हो क्या रहा है, क्योकि चुदाई की बातों में हमारी जानकारी बहुत ज्यादा थी.....

मैं और आलम अपनी आँखे टिका कर भीतर देख रहे थे, और वह वो मर्द जोरदार धक्के मरे जा रहा था....

और वो ायरत बस, ूउम्म्म, आअह्ह्ह्ह, आअह्ह्ह की आवाज़े निकल रही थी.....

उस मर्द का हर धक्का जब ायरत की गांड पर पड़ता... तो ायरत की दूधिया गांड लचक मार जाती....

उस ायरत की गांड बहुत गोरी थी , और उसकी जाँघे भी, पर मर्द के धक्के खा कर उसकी गांड लाल पड़ने लगी थी....

हम दोनों ये देख कर मज़ा मार hi रहे थे की तभी उस ायरत की आवाज़ तेज हो गई, आआह्ह्ह्हह, aaahhhhh,aaaahhhh,aahh....

ऐसी आवाज़ निकाल कर वो ायरत बोर पर ढेर हो गई.....

और कुछ देर धक्के मारने के बाद वो मर्द भी तेज आवाज़ करने लगा, और उसने अपना लैंड बहार निकल लिया और फिर जोरदार पिचकियाँ मारते हुए उस ायरत की गांड को नहला दिया.....

हमे जैसे hi उस मर्द का पूरा लैंड देखा तो हमारी आँखे बड़ी हो गई, क्योकि एक तो वो लैंड हमारी तरह नहीं था और फिर उसकी kad-kathi भी बहुत ज्यादा थी....

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हमने अपने मन में अनुमान लगाया तो उसका लैंड 8 या 8.5 इंच लम्बा था और 3 इंच मोटा था.....

हम तो उसका लुंड देखते hi सुन्न हो गए, ऊपर से उसके लुंड पर चमड़ी भी दिख रही थी,...,...

फिर हमने देखा की वो मर्द जा कर उस ायरत के पास बैठ गया और उसने उस ायरत को कुछ इसरा किया....

तो ायरत ने तुरंत उसकी तरफ गार्डन घुमाई और अपना नकाब हटा कर झुक गई....

ये सब हमारी दूसरी तरफ हुआ तो हमे कुछ दिखा नहीं, पर हम इतना तो समझ hi गए थे की वो ायरत उसका लैंड चूस रही थी....

क्योकि थोड़ी देर बाद जब वो मर्द उठ कर गया तो उसका लैंड साफ़ दिख रहा था, जो थोड़ी देर पहले छूट के पानी से लसलसा दिखा था....

वो मर्द उठा और साइड में निकल gaya....uska चेहरा हमे नहीं दिख प् रहा था......

थोड़ी देर बाद वो ायरत उठी और अपनी सलवार चढ़ा कर बाँध ली, और फिर अपना लिवास नीचे कर के वह से चल दी....

उनके जाते hi आलम ने इसरा किया तो हम भी वह से निकल कर बॉउंड्री के बाहर आ gaye.....aur भाग कर दूर खड़े हो गए......

आलम- क्या नजारा था न, मज़ा आ गया...

मैं- है भाई, क्या छोड़ रहा था वो उसे, मस्त...

आलम - अरे तूने उसका लैंड देखा, क्या लैंड था यार, कितना लम्बा और मोटा, और उसकी चमड़ी भी थी...

मैं- है यार, इसका मतलब वो **** hi था....

आलम- है भाई, ऐसे उन्ही के होते है, पर जो भी हो, लैंड एकदम तगड़ा था....

मैं- हां, और उसका जिश्म भी कितना कैसा हुआ था न.....

आलम- है, इतना की किसी को आगोश में ले ले तो वो पीस hi जाए....

मैं- है यार, पर वो था कौन....

आलम- और कौन होगा, जिसका गोदाम है वही होगा, गोलू भाई....

मैं- अरे नहीं, वो नहीं हो सकते....

आलम- क्यों नहीं, वो रोज कसरत करते है, उनका बदन बहुत कैसा हुआ है, बिकुल हीरो की तरह, जैसा अंदर दिखा, और वो गोर भी hai.....samjha.....

मैं- तेरी बात सही है यार, उनकी बॉडी मस्त है, पर वो नहीं हो सकते,

आलम- क्यों नहीं हो सकते......

मैं- क्योकि वो तो आज सहर गए है, सुबह मिले थे मुझे, तब बता रहे the....aur वो बड़े सरीफ इंसान है, समझा न.,...

आलम- हम्म, वो तो है, सरीफ तो बहुत है वो, तो इसका मतलब कोई दूसरा उनके गोदाम में गलत काम कर रहा है, तब तो उन्हें बताना होगा, नहीं तो उनकी भी बदनामी हो सकती है.....

मैं- सही कहा, मैं कल hi बता दुगा, पर ये नहीं बोलूगा की हमने क्या देखा, झूट बोल दुगा की कुछ लोग अंदर घुसे थे, तो वो गोदाम को टाला मार दे, ठीक है

आलम- हम्म, ठीक कहा, पर कल मत बताना, पहले हम पता कर ले की वो खातून दोवारा आती है की nhi...theek..

मैं- हम्म... पर वो खातून थी कौन, तू जनता है क्या...

आलम- अरे उसका चेहरा नकाब में था, मुझे क्या पता की कौन thi....par जो भी थी, उसे जन्नत दिख गई होगी....

मैं- है यार, क्या छोड़ा है उसे, 15-20 मिनट तो हमने hi देखा, कितने तेज धक्के लगे उसको, पूरी गांड लाल हो रही थी.....

आलम- अरे वो तो 1 घंटे से चुद रही है....

मैं- क्या कुछ भी, 1 घंटा कोई छोड़ पता है क्या....

आलम- अरे सच, पहले मैंने देखा था न , तो वो बोरियों के ढेर पर लेती हुई टाँगे उठाये थी और वो मर्द सामने खड़ा थोक तहा था, sata-sat, sata-sat....fir मैं तुझे बुलाने गया तो 30-40 मिनट तो यही हो गए, और मैं पहले पंहुचा था तो उनका काम सुरु हो चूका था, तो 1 घंटा तो मान hi ले, पक्का.....

मैं- या ****, इतनी देर तक, कोई कैसे छोड़ सकता है, इतना तो सिर्फ फिल्मो में होता है.....

आलम- है यार, मेरे अब्बू तो 10 मिनट भी नहीं टिक पते......

मैं आलम की बात सुन कर चौंक गया, और सोचने लगा की क्या उसने अपने अब्बू को छोड़ते देखा hai.....to आलम मेरा दिमाग पढ़ कर मुस्कुरा दिया....

आलम- ज्यादा सोच मत, हां, मैंने अपने abbu-ammi की चुदाई देखि है, अब्बू बस 5-7 मिनट धक्के मार कर ढेर हो जाते है....

मैं- क्या, तूने देख भी लिया, सामने से चुदाई, वह, अरे मैंने तो आज पहली बार hi देखि है, वो भी ऐसे लैंड से, आठ, मुझे तो वो लैंड पसंद आ गया यार...

( मैंने आलम को नहीं बताया की मैं भी abbu-ammi की चुदाई देख चूका hu....batata भी kya..mere अब्बू तो 5 मिनटर भी नहीं टिक पते )

आलम- लैंड पसंद aaya...hahaha...saale तुझे छोड़ना है kya....hahahaha....

मैं आलम की बात सुन कर शर्मिंदा हो गया और नजरें चुरा कर मुस्कुरा दिया....

आलम- अरे दर मत, पसंद आना अलग बात हैं, वैसे मुझे भी वो बड़ा पसंद आया, क्या तगड़ा लैंड था भाई, मज़ा आ गया....

हम दोनों दोस्त बातें कर hi रहे थे की हमे एक ायरत काले लिवास में आते हुए dikhi...to हम दोनों चौंक gaye..kyoki वो गोदाम की तरफ से hi आ रही थी जहा से हम आये the....aur उस तरफ ज्यादा घर नहीं थे, थोड़ा सुनसान इलाका था, तो हमे शक हुआ की ये वही तो नहीं...

तो हम दोनों उस ायरत को घूर कर देखने लगे की कही कोई सुराग मिल जाए तो हम उसे पहचान ले....

तभी वो ायरत हमारी तरफ देखि और बोली, तो हम चौंक गए.....

ायरत- कैसे हो बीटा, सब खैरियत....

हम दोनों चौंक कर ek-dusre को देखने लगे , की तभी उसने अपना नकाब हटाया और बोली.....

ायरत- क्या हुआ बीटा, पहचाना नहीं क्या.....

जैसे hi हमने उसका चेहरा देखा तो हम फिर चौंक gaye....kyoki सामने कड़ी ायरत हमारे एक दोस्त सोहेल की अम्मी थी, सरीना....

सरीना- ऐसे क्या घूर रहे हो....

मैं- kk..kuch नहीं चचीजां, वो आप नकाब में थी तो पहचान नहीं पाए, कैसी है आप....

सरीना- मैं खैरियत से hu....par तुम दोनों यहाँ कैसे....

आलम- hum...hum तो wo...haa..hum तो साणु के खेत गए थे चचीजां,.... वैसे आप कहा गई थी इस तरफ....

आलम ने जैसे hi सवाल किया तो सरीना थोड़ा सकपका सी gai....to मुझे शक हो गया की ये hi थी जो गोदाम में चुद रही थी.....

सरीना- मैं वो, हां, मैं सायरा चची के पास गई थी, अच्छा मैं चलती हु....

मैं- जी...

Aalam(sareena के जाते hi)- लगता है भाई ये झूठ बोल रही है, पाका ये hi थी वो, जो उस तगड़े लैंड से चुद रही थी...

मैं- लगा तो मुझे भी, पर ऐसे यकीन से कैसे बोल सकते है, हमने उसे देखा hi नहीं था, और ये भी ठीक दिख रही थी, कुछ अलग भी नहीं दिखा इनमे......

आलम- हो सकता है, पर हम एक काम करेंगे, इस पर नजर रखेंगे, क्योकि कोई भी ायरत उस लैंड से छोड़ने के बाद दोवारा जरूर छुड़ेगी....

मैं- hmm...sahi कहा, पर वो लैंड था किसका.....

आलम- वो बाद में सोचते है, देख, हम यहाँ तक आये hi है तो थोड़ा आगे साबिर मिया के बगीचे में चल कर अमरुद कहते है, ठीक है.....

मैं- है ठीक है.....

और फिर हम दोनों अमरुद खाने निकल gaye...jo गोदाम के आगे था....

करीब 1 घंटे तक हम अमरुद के मज़े मारते रहे और फिर अपने घर की तरफ आने लगे.....

पर जैसे hi हम गोलू भाई के गोदाम के करीब पहुंचे तो हमे एक ायरत उस गोदाम में जाते दिखी.....

हम उसे पहचान तो नहीं पाए क्योकि उसने नकाब पहना हुआ था......

आलम- bhai....ek aur.....ye साला माजरा क्या है....

मैं- मुझे क्या pata....chal कर देखे क्या....

आलम- अरे पूछ क्या रहा hai....hum तो पक्का dekhege....aur इस बार सायद उसका चेहरा दिख jaaye....chal.....

पर इससे पहले की हम बॉउंड्री फाड़ कर गोदाम के पीछे jate....waha तबरेज चाचा nikle....aur नसीब dekho...unki साइकिल की चैन वही उत्तरी जहा से हमे जाना था.....

उन्हें देख कर हम दोनों रुक gaye.....aur चाचा के जाने का इंतज़ार करने लगे.....

यहाँ हमे जल्दी पड़ी थी और वह चाचा की चैन नहीं चढ़ प् रही thi....aur इस सब में 10-15 मिनट बेकार निकल गए.....

फिर चाचा के निकलते hi हम aas-paas देख कर गोदाम के पीछे पहुंच gaye.....usi जगह जहा से हमने कुछ देर पहले चुदाई देखि थी.....
 
अपडेट - 2

हमने वह पहुंच कर जैसे hi अपनी आँखे गड़ाई तो हम दोनों की शॉकेड हो गए....

क्योकि यहाँ तो चुदाई पुरे सबाब पर चल रही थी ....

उस खातून का सलवार नीचे जमीन पड़ा था और वो बोरी के ढेर पर लेती हुई अपनी टाँगे हवा में किये हुए thi.......aur वो hatta-katta मर्द पूरी स्पीड से धक्के पेल रहा था......

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ये देख कर मैं और आलम ek-dusre को देखने lage....jaise पूछ रहे हो की साला इतनी जल्दी सुरु कैसे हो gaya.....aue सन भी बिलकुल waisa...jaisa पहले देखा tha...jase रेपेटे टेलीकास्ट हो रहा हो.....

खैर हमने फिर से अपनी आँखे सामने टिका ली और चुदाई का मज़ा लेने लगे....

सामने वो मर्द joor-joor से धक्के मार रहा था और वो खातून बस बुरी तरह चीखे मार रही थी.....

Aaahhh...aaahhhh...aaahhh...aaahhh.. aaahhh....aise hi चीखे इस वक़्त पुरे गोदाम के माहौल को खुशनुमा बना रही थी....

करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद hi वो खातून जोर से चीखी और पास्ट पद गई.....

हमे ये समझते देर नहीं लगी की खातून की छूट ने पानी छोड़ दिया है.....

फिर वो मर्द रुका और खातून को उठा कर बाहों में भर कर चूमने लगा.....

उसने खातून का लिवास उसने बदन से अलग कर के फेक दिया और फिर उसकी कुर्ती और ब्रा को भी निकाल कर फेक दिया....

अब वो दोनों पूरी तरग नंगे the....unke जिश्म पर एक भी कपडा नहीं tha...aur दोनों ek-dusre को बेतहाशा चूमे जा रहे थे.....

फिर वो मर्द नीचे झुका और उस खातून के दूध को मुँह में दवा कर चूसने लगा .....

और वो खातून उस मर्द के सर को प्यार से सहलाते हुए मचलने लगी....

पर अफ़सोस की हमे ये सब दिख नहीं रहा tha...hume सिर्फ उस खातून की नाभि तक hi सन दिख रहा tha....baki सब हम खुद hi समझ रहे थे.....

थोड़ी देर उसके दूध चूसने के बाद उस मर्द ने खातून को जमीन पर घुटनो पर बैठाया और उसके मुँह में लुंड दाल कर धक्के मरने लगा....

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हमे सिर्फ उस मर्द के कैसे हुए पुट्ठे दिख रहे the...par हम समझ गए की आगे क्या हो रहा था.....

थोड़ी देर तक उसने तेजी से धक्के मारे और फिर रुक कर उस खातून को खड़ा कर दिया...

और फिर उसे उठा कर अपनी गॉड में टांग liya....aur एक बार फिर से हमे खातून की चीख सुनाई दी...

तो हम समझ गए की उस मर्द ने अपना घोड़े जैसा लैंड खातून की छूट में एक साथ दाल दिया है....

खातून ने तड़प कर अपने दोनों पाँव मर्द की कमर में दाल लिए और दोनों हाथो से उसका गाला पकड़ लिया....

पर हम सिर्फ उसकी पीठ तक hi देख प् रहे the...isliye हमे खातून का चेहरा बिलकुल नहीं दिखा...

वह वो मर्द उस ख़ातिओं को अपने लैंड पर तागे joor-joor से उछाल रहा tha...aur यहाँ मैं और आलम ये सब देख कर गरम हो रहे थे....

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हमारे जिश्म चुदाई देखते हुए सनसना रहे थे.....

फिर वो मर्द उस खातून को 15 मिनट तक हवा में तागे हुए छोड़ता raha...aur एक बार फिर से खातून जोर से चीखी और उसके पेअर ढीले पद गए....

हम समझ गए की उसका फिर से पानी निकल गया hai....par वो मर्द अभी भी गरम था....

उसके खतूम को अपने सामने बोरी के ढेर पर लिटाया और झुक कर उसे चूमने लगा....

खातून भी पूरी मस्ती से उसको अपनी बाहों में भर कर चूम रही थी....

थोड़ी देर की chooma-chaati के बाद मर्द ने उसे पलटा दिया और फिर से एक तेज चीख सुनाई दी....

हम समझ गए की एक बार फिर से उस मर्द का तगड़ा लैंड उस खातून की छूट को चीयर चूका है...

फिर उस मर्द ने खातून की कमर पकड़ी और ताबड़तोड़ धक्के मरने लगा.....

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हर धक्के पर खातून के पाँव थिरक रहे the...aur उसका गोरा जिश्म उस मर्द के नीचे मचल रहा था....

फिर करीब 20 मिनट तक तेज धक्को का दौर चला और फिर से हमे खातून की तेज चीख सुनाई di.....jisse हम समझ गए की खातून फिर से झाड़ गई.....

उसके झड़ते hi उस मर्द ने अपना लैंड बाहर खींच लिया और जोरदार पिचकारी मार कर खातून की पीठ और गांड को नहला diya....aur साइड में निकल गया....

उसके साइड होते hi हमारी नजर खातून पर padi.....wo उलटी लेती हुई हाफ रही थी और उस मर्द का लैंडर्स उसकी गाड़ से होता हुआ झाघो को भीगता हुआ जमीन पर टपक रहा था.....

कुछ देर आराम करने के बाद वो खातून कड़ी हुई और अपने कपडे देखने लगी....

हमने सोचा की अब जैसे hi वो कपडे लेने झुकेगी तो हमे उसकी सूरत नजर आ जायगी....

पर उस खातून ने होशियारी दिखाई और पाँव से दवा कर अपनी सलवार उठा ली....

फिर उसने khade-khade hi सलवार से अपने जिश्म को साफ़ किया और फिर से पाँव की मदद से अपने कपडे उठा liye....aur पहनने लगी...

जैसे hi खातून कपडे पहन कर तैयार हुई तो वो मर्द बापिस आ गया और फिर उस खातून को बाहों में ले कर चूमने लगा.....

और चूमने के बाद दोनों गेट की तरफ निकल गए.....

उनको जाता देख आलम ने मुझे इसरा किया और हम भाग कर बोडर्य के बाहर आ gaye....kyoki हम देखना चाहते थे की अंदर से कौन निकलता है....

आलम- अब तो पता चल hi जायगा की वो कौन थे....

मैं- सही kaha....pata तो चले की वो तगड़ा लैंड है किसका....

आलम- है bhai...pata करना तो बनता hi hai...aisa लैंड हर किसी को नसीब नहीं होता....

मैं- सही kaha...kya छोड़ता है yaar....pura 1 घंटा choda....wo भी दो बार....

आलम- है re...us खातून की तो बंद hi बज gai...kitna cheekhi....kitna पानी निकला साली का.....

मैं- hmm...damdaar लौड़ा है yaar...bahut दमदार...

आलम- सही kaha....aise लौड़े से चुदाई देख कर मज़ा आता है....

हम दोनों hi वह खड़े हुए उस मर्द के लौड़े की बात कर रहे the...jaise हमने उस खातून की कोई फ़िक्र hi नहीं thi...hum तो उस लौड़े के मालिक को hi देखना चाहते थे...

ऐसे hi हम उस मर्द और उसके दमदार लौड़े की 10 मिनट तक बातें करते रहे.... पर अगले 10 मिनट तक वह कोई नहीं आया तो हम घूम कर गोदाम के पीछे साइड पहुंचे....

क्योकि गोदाम के पीछे की तरफ से एक बेकार रास्ता लगा tha.....jaha गन्दगी पड़ी रहती thi....jo आगे जा कर मैं रस्ते पर मुद जाता था...

हमने सोचा की कोई गंदे रस्ते से क्यों jayga....isliye हम मैं रस्ते की तरफ hi इंतज़ार कर रहे थे....

( यहाँ मैं बता दू की गोदाम का बड़ा गेट मैं रस्ते की तरफ tha...jaha हम खड़े the.....aur छोटा गेट पीछे तरफ tha...jisko हम अब तक आगे का गेट बोल रहे the....kyoki ज्यादातर उसी गेट का इस्तेमाल होता hai...bada गेट तभी खुलता है जब माल की आवा- जाहि हो..... )

जब हमे देर तक मैं रस्ते पर कोई नहीं दिखा तो हम घूम कर उस बेकार रस्ते की तरफ आ gaye....par वह गेट पर भी हमे कोई नहीं दिखा....

पर गेट से दूर उस बेकार रस्ते पर एक खातून जाती हुई dikhi....jo वैसा hi लिवास पहने thi...jaisa की हमने भीतर देखा था .....

उसे देख कर हम दोनों तेजी से आगे bade....par तभी वो आगे वाले मोड़ पर मुद gai....jo मैं रस्ते से मिलता था.....

और जब हम उस मोड़ से हो कर मैं रस्ते पर आये तो हमे एक जगह 4-5 एयरटेन दिखाई दी...

जिससे हम समझ नहीं पाए की आखिर वो गोदाम वाली कौन hai...kyoki सबके लिवास एक जैसे hi दिख रहे थे......

हम वह रुके hi थे की एक ायरत हमे देखने lagi...aur उसके देखते hi बाकि सब भी हमे देखने लगी...

जब हमे देखा की सब हमे hi घूर रहे है तो हम चुपचाप वह से निकल आये.....

आलम- यार वो ायरत तो बड़ी चालु nikli....piche से hi निकल गई......

मैं- है yaar.....maine तो बिलकुल नहीं सोचा था की वो उस गन्दगी भरे रस्ते से jaygi....par वो तो....

आलम- खैर जो भी ho.....aaj मज़ा आ गया....

मैं- bilkul....dono चुदाई दमदार थी....

आलम- है yaar...wo मर्द सच में जबरजस्त hai.....ek के बाद ek....do अयर्तों को दवा कर choda...wo भी पुरे 1-1 घंटे तक....

Main(muskura कर)- सही kaha.....kaash उसकी चुदाई रोज देखने को mile....bada मज़ा आता है....

आलम- तुझे भी....

मैं- क्या तुझे भी.....

आलम- है yaar....main तो चाहता हु की वो ऐसे hi छोड़ता रहे और मैं देख कर मज़ा मार सकू.....

मैं- सही kaha....dekh...uska सोच कर hi मेरा लुंड तन गया है.....

आलम- मेरा bhi......aah...chal नदी पर चलते है....

मैं- है chal.....jaldi चल....

हम दोनों तुरंत नदी के पास उस सुनसान जगह पहुंच gaye.....jaha हम रोज अपनी ठरक मिटते थे.....

वह जाते hi हम दोनों पुरे नंगे हो गए और चुदाई याद करते हुए अपना लैंड हिलने लगे ......

आलम- aahhhh...dekh bhai.....aaj तुझसे एक राज की बात बोल रहा hu....par ये बात हमारे बीच hi रहनी चाहिए.....

मैं- भरोषा रख bhai....bol....

आलम- देख bhai...mujhe गलत न samjhna....par मैं हमेशा तुम सब दोस्तों की अम्मी को चुड़ते हुए सोचता hu...jisse मेरा लैंड एकदम कड़क हो जाता hai...dekh हो गया न....

मैं- है yaar...matlab तू भी .......

Aalam(chounk कर)- मतलब तू भी ऐसा सोचता है....

Main(muskura kar)-ha bhai...main भी तुम सबकी अम्मी को चुड़ते हुए सोचता hu.....aur...

आलम- चुप क्यों हो gaya....dar mat.....hum एक जैसे है....

मैं- सायद nhi.....kyoki मैं तो कुछ और भी सोचता हु....

Aalam(chounk कर)- और bhi....matlab तू हम सब की अम्मी के साथ हमारी आपि के लिए भी सोचता है kya......haha...

Main(jhijhak कर)- वो तो है hi...par उससे भी आगे सोचता हु...

आलम- और bhi....ab क्या बचा.....

Main(najren झुका कर)- मैं तो खुद की अम्मी को भी.....

Aalam(chounk कर)- kya...khud की ammi...matlab तू उन्हें दूसरे से चुड़ते हुए सोचता hai...haa...

Main(dheere से)- ha....aur ऐसा सोचते hi मेरा लैंड पूरा तन जाता है.....

आलम- sach....bhai मैं भी ऐसा hi hu....mera हाल भी....

मैं- क्या बात hai....hum दोनों ek-jaisa सोचते hai...kamaal है....

आलम- वह bhai....main तो डरता था की कोई सुनेगा तो क्या sochega...par तू bhi...matlab ऐसा होना नार्मल hai....hai न....

मैं- है bhai...aise बहुत होंगे.....

आलम- तो बता fir.....kya सोच रहा रहा hai....bol....

मैं- तो ठीक hai..tu भी बोल.....

आलम- haa.....aaahh....meri अम्मी तागे खोली पड़ी hai.....unke कपडे जमीन में भिखरे पड़े hai...aahh...aur वो एक तगड़े लुंड पर छड़ी हुई uthak-baithak कर रही hai.....aahh....kitna बड़ा लौड़ा hai...aahhh..meri अम्मी की चीखे निकल रही hai...aaahhh....

मैं- aahh..meri अम्मी कुटिया बानी hai....aur उसकी गांड मुझे साफ़ नजर आ रही hai....kitni gori....kitni chikni....aaahh...aur ये उनकी छूट में लैंड gaya......aaahh...unki छूट फैली और... aaahh....wo gaya...aaahh...ammi चीख padi....aaahhh.....

आलम- aaahhh...ammi का हो gaya...ab वो लौड़ा चूस रही hai....land sata-sat अम्मी के मुँह में जा रहा hai...aur ye...ye pichkari....aaaaahhhhhhhhh.......

और आलम झाड़ गया.....

मैं- aaahhh...meri अम्मी की चीखे बाद gai....aahhhhh...land उसकी छूट में झाड़ रहा hai...aaahhh....aaahhhhh....wo jhada...aaahhhh...aaammmiii......

और आलम के sath-sath मैं भी झाड़ गया.....

और कुछ देर तक आराम करने के बाद हमने ek-dusre को देखा तो देखते hi rahe....aur फिर हम दोनों हसने लगे.....

आलम- आज पहली बार इतना मज़ा आया भाई...

मैं- सच कहा bhai....maza hi आ gaya....ammi का सोचते hi अलग मज़ा मिलता है.....

आलम- hmm....par soch....sirf सोचने में इतना मज़ा आता है तो देखने में कितना मज़ा आएगा....

मैं- काश ऐसा हो pata....par हमारी अम्मी गैर से कभी नहीं छुड्वायगी....

आलम- पर अब्बू से तो चुदवाती hogi....tab देख लेना.....

Main(hataas हो कर)- क्या ख़ाक देख lena....dekh chuka...kai baar...par अब्बू 5 मिनट से आगे टिकते hi nhi.....uper से उनका लैंड भी उतना तगड़ा नहीं जैसा आज देखने मिला.....

आलम- hmm...sahi bola....mere अब्बू का भी यही हाल है....5-6 मिनट में hi डैम तोड़ देते hai....aur उनका तो उस लैंड से आधा भी नहीं....

मैं- hmm..meri अम्मी तो बेचारी मायूस हो जाती hai...fir उनको नाहा कर hi ठंडी होना पड़ता है...

आलम- यही हाल मेरी अम्मी का hai.....wo भी ऊँगली से काम चलती hai....kya kare..badkismat है dono...aise मरियल सौहार मिले hai...huh..chal कपडे पहन ले...

फिर हम दोनों ने पेशाब कर के अपने कपडे पहने और घर की तरफ निकल आये.........
 
अपडेट - 3

हम दोनों अपनी ठरक शांत कर के घर की तरफ चल पड़े......

आलम- यार maajid...main सोच रहा था की हमे अपनी अम्मी के लिए कुछ करना चाहिए....

मैं- matlab....tu किस बारे में बोल रहा है....

आलम- यार dekh......apan दोनों की अम्मी चुदाई का मज़ा नहीं ले pati...kyoki हमारे अब्बू के लौडों में वो डैम hi नहीं......

मैं- hmm..par हम क्या कर सकते hai...kya हम छोड़ने लगे.....

आलम- haatt...ek तो ऐसा सोचता hi nhi...aur दस्ता ye..ki हमारे लौडों में भी उतना डैम nhi....samjha....

मैं- सही kaha.....to फिर हम क्या कर सकते है.....

आलम- dekh...main सोच रहा था की अगर हमारी अम्मी को वो गोदाम वाला मर्द चोदे to.....bol कैसा रहेगा.....

मैं- bhai...tune तो मेरे मन की बात बोल di...main अभी मुठ मरते हुए अम्मी को उसी लैंड से चुड़ते हुए देख रहा था....

Aalam(khush हो कर)- sachhi...yaar यही तो मैं सोच रहा tha....wo तगड़ा लौड़ा और मेरी अम्मी की choot...aaahhh...dekh..ye सोचते hi मेरा फिर से तन्ने लगा....

ये बोल कर आलम ने अपने लुंड की तरफ इसरा kiya.....sach में उसका लैंड तन्ने लगा था...

Main(has कर)- अपना भी यही हाल hai....par yaar...ye हो नहीं सकता....

आलम- क्यों nhi.......dekh..hum पहले ये पता करते है की वो तगड़ा लौड़ा है kiska.....aur फिर हम उसे अपने जाल में फसा कर अपनी अम्मी को chudwayge....theek है न.....

मैं- क्या ख़ाक ठीक hai...humari अम्मी क्या हमारे बोलते hi छूट खोल degi...huh...

आलम- nhi....par अगर हम उस मर्द का साथ दे कर अपनी अम्मी की दिलवा दे तो....

मैं- पर ये होगा कैसे....

आलम- पहले हम उस मर्द का पता लगते hai...fir कुछ सोचते है....

मैं- ठीक hai....par अभी क्या करना है....

आलम- nigrani....dekh...kal से हम उस गोदाम पर छिप कर नजर rakhege....aur मुझे यकीन है की कल या परसो या आगे किसी din....wo ायरत वह आएगी jaroor...aur जब वो चुद कर बापिस जायगी तो हम उसके जाते hi उस मर्द को घेर लगे....

मैं- hmm..fir....

आलम- फिर हम उसे darayge...aur अपना काम करवाएगे......

मैं- hmm...par क्या वो मान जायगा....

आलम- वो manega....dar इंसान से कुछ भी करवा देता hai...isliye वो भी हमारा कहा मानेगा...

मैं- hmm...par हमारी अम्मी का क्या....

आलम- उनका हम बाद में देखते hai....abhi chal....bhookh लगने लगी....

मैं- है bhai...bhookh तो लगेगी hi....sabkuch बाहर जो निकल gaya....hahaha...

और फिर हम दोनों हस्ते हुए घर निकल गए....

============

अपने घर आ कर जब मैंने गेट खटखटाया तो अम्मी ने काफी देर बाद गेट खोला.....

गेट खुलते hi मेरी नजर अम्मी पर पड़ी तो मैं समझ गया की अम्मी सो रही thi....kyoki वो अभी भी जवाई ले रही थी....

Main(andar आ कर)- ammi....aap सो रही थी क्या.....

अम्मी- haa....aaj थोड़ी थकान हो गई thi....waise तू कहा tha....aaj बड़ी देर खेलता रहा......

मैं- haa..aaj का खेल काफी मज़ेदार tha...bahut मज़ा आया....

Ammi(jawaai ले कर)- hmm....khana कहेगा....

मैं- haa...bhookh तो बहुत लगी है....

अम्मी- ठीक hai....tu hath-muh धो le.....main खाना लगाती हु....

फिर अम्मी ने मुझे खाना गरम कर के दिया और फिर से कमरे में जा कर लेट गई.....

मैंने चुपचाप खाना खाया और अपने रूम में जा कर सो gaya....kyoki मुट्ठ मार कर मुझे भी थकान हो रही थी.....

जब मेरी नीड खुली तो रात के 8 बज चुके the...aur अब्बू भी आ गए थे....

Khair....fir कुछ खास नहीं hua....khana खा कर सब लोग सोने निकल गए....

मुझे नीड नहीं आ रही थी तो मैंने सोचा की चलो ammi-abbu की चुदाई देख lu....par वह भी निराशा हाथ lagi....wo दोनों सो रहे थे....

तो मैं निराश हो कर बापिस कमरे में आ गया और बाथरूम में घुस कर उस दमदार लुंड को याद करते हुए मुट्ठ मरने लगा....

मैं सोचने लगा की वो मर्द मेरी अम्मी के ऊपर चढ़ा है और जोर से धक्के पेल रहा है....

अम्मी joor-joor से चीख रही है और पर वो मर्द रुकने का नाम नहीं ले raha....aur फिर एक जोरदार चीख के साथ अम्मी पास्ट पद gai....aur थोड़ी देर बाद वो मर्द भी अम्मी की छूट में झाड़ गया....

और जब उसने लैंड बहार निकला तो वो अम्मी के चुतरस से भीगा हुआ चमचमा रहा था.....

मैंने जैसे hi उस लौड़े को याद किया तो मेरे लैंड ने पिचकारी मार di..aur फिर मैं नीड की आगोश में चला गया....

सुबह मैं चाय नास्ता कर के बहार hi जा रहा tha...ki सामने से गोलू भाई आ गए....

मैं- अरे गोलू bhai....kaise है आप....

Golu(muskura कर)- मैं ठीक hu....tum batao...kaha चल दिए.....

मैं- बस खेलने जा रहा hu....school की तो अभी छुट्टियां है...

गोलू- hmm...aur तुम्हारे अब्बू कहा है....

मैं- abbu....abbu तो सायद खेत पर गए hai....par अम्मी है na....aap baithiye...main अम्मी को बुलाता हु....

फिर मैंने अम्मी को आवाज़ दी तो किचेन से बहार aai....aur गोलू भाई को देखते hi थोड़ा चौंक गई....

मैं- ammi....golu भाई आये hai....ab आप इनका ख्याल rakhe.....main चला खेलने....

Ammi(muskura कर)- ठीक hai....tu ja....main इनका अच्छे से ख्याल रखूगी...

मैं फिर जल्दी से निकल आया और एक जगह पहुंच कर आलम का इंतज़ार करने लगा....

आज गोलू भाई को देख कर मुझे ख्याल तो आया था की उनसे गोदाम की बात बोलू ..पर हिम्मत hi नहीं hui.....aur फिर उन्हें बता देता तो मेरा मज़ा खराब हो जाता.....

Khair....thodi देर बाद आलम आया और मैं उसके साथ निकल gaya.....aur हम दोनों गोलू जी के गोदाम पर नजर रखने लगे....

पर करीब 2 घंटे निकल जाने पर भी कोई नहीं आया.....

मैं- यार aalam.....lagta है आज कोई नहीं आएगी....

आलम- मुझे भी ऐसा लगता है.....

Main(mayoosh हो कर)- आज पूरा वक़्त बर्बाद हो गया.....

आलम- है yaar....par करे भी kya.....saayad उन अवुरातों को आज वक़्त hi न मिला ho...ya वो मर्द कही बिजी हो.....

मैं- हो सकता hai....to अब kya...chal खेलते है kuch....fir नदी चलेंगे....

Aalam(muskura कर)- hmm...aur वह अपनी अम्मी को चुड़ते हुए soch-soch कर मुट्ठ marege...hahaha....chal चलते है...

मैं- सही kaha...asli में न sahi...par उस तगड़े लैंड का सोच कर तो चुदाई देख hi सकते hai....hahaha.....

यहाँ मजीद और आलम उस तगड़े लैंड की बातें करते हुए खुश हो रहे the....aur दूर कही वो लैंड असलियत में किसी की अम्मी की छूट में खलबली मचा रहा था.....

==========

एक घर me...ek ायरत पूरी नंगी हो कर उस लुंड के ऊपर उछाल कर अपनी छूट मरवा रही थी....

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ायरत- aaahhh...aaahhh...aaahhh...aahhhh...aahhh....aaahhb...

मर्द- ऐसे hi मेरी jaan....joor se....aah...kya मज़ेदार माल है tu....saali....joor से....

ायरत- aaahhh...main aai...mera pani...aaahhh...aaahhhh...aahh...

ायरत चीखती हुई झाड़ गई और पास्ट पद कर मर्द की बाहों में समां गई....

Mard(kiss कर के)- थक गई मेरी जान....

Aourat(haafte हुए)- हम्म...1 घंटे से छोड़ रहे ho....thakugi नहीं क्या....

मर्द- पर मेरा अभी बाकि है....

ायरत- पता hai....meri hi छूट में घुसा hai....chalo ख़त्म karo....mere सौहार आते hi होंगे....

मर्द- किस गांडू का नाम ले liya.....haa...

ायरत- अब गांडू है तो kya....souhar तो है न....

मर्द- तू कहे तो तुझे अपनी बीवी बना लू....

ायरत- अब आधी बीवी तो बना hi liya.....abhi इसी से काम chalao...aadhi उस गांडू के लिए छोड़ दो.....

मर्द- hmm..chal अब choos.....fir पेलना भी hai...kahi वो गांडू आ गया तो मुश्किल हो जायगी....

ायरत- सही kaha....aahhh...

और ायरत लुंड बहार निकाल कर उठी और मर्द को लिटा कर उसका लुंड चूसने लगी....

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ायरत- sssrrruuuppp....kitna मोटा hai...pura मुँह खोल देता haaii...aaaauuuuhhmmmmmmmm...uuuuummmm...

मर्द- aaahhh....tej choos...aahh......

ायरत कुछ देर तेजी से लुंड चूसती hai....fir मर्द उसे रोक कर सोफे पर झुकता है और एक बार में hi लैंड छूट में उतार देता है....

ायरत- aaaaaaa.....aaraam se.....aaahhh...

मर्द- चुप कर randi...badi आई आराम wali....yehhh...yehhhh...

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ायरत- aaahhh...to maar....joor से maar...aahhhh....

मर्द- aah..meri jaan...teri गांड बड़ी मस्त hai...aah..kab देगी....

ायरत- aaaahhh..bola na....mere सौहार को kahi...aaahh...jane दो....

मर्द- वो जायगा kab...aur उसके जाने से kya....haa....

ायरत- तुम्हारा ये तगड़ा land...aaahh..meri कोरी गांड को फाड़ कर रख dega....aahh...to....

मर्द- तो क्या....

ायरत- aaahhh......to उसे शक हो jayga...aahh..isliye...jane दो kahi....fir मार lena....aahh....aaaahhh...mera ho...aahh...gaya...aaahh....aahh..aah...

मर्द- मैं भी aaya....bol..andar दाल दू....

ायरत- aahh...nhi...abhi nhi....bahar karo....aahhh...

और मर्द ने लैंड निकाल कर ायरत की पीठ पर पिचारियाँ मार दी.....

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और फिर दूसरे सोफे पर बैठ गया....

Aourat(uth कर)- aahh...pura बदन दुखेगा आज to....kitna पेलते ho....aahhh...

और ायरत ने उठ कर जल्दी से एक टॉवल उठाई और अपनी पीठ और गांड साफ़ कर ली....

मर्द- हो हाय tera.....ab आजा....

ायरत तुरंत उठी और मर्द का लुंड चूस कर साफ़ करने लगी....

Aourat(land चूस कर)- अब आपको जाना chahiye...mere सौहार आते hi होंगे....

मर्द ने ायरत को उठाया और अपनी जगह पर बैठ कर उसे गाल चूमने लगा....

मर्द- uummmmmm...pahle ये बता की ये मदमस्त गांड कब देगी....

Aourat(muskura कर)- बोलै to....bas मेरे सौहार को 2 दिन के लिए जाने do....fir दे दूगी......

मर्द- हम्म..2 दिन तो chahiye...theek hai....uska कुछ इंतज़ाम करो....

Aourat(muskura कर)- बड़ी जल्दी है मेरी गांड फाड़ने की...

Mard(gaand मसल कर)- है मेरी jaan...teri गांड ने चैन चुरा लिया है....

ायरत- बस थोड़ा सा इंतज़ार kare....fir जी भर कर सुकून milega...hmm..ab आप जाइये....

और फिर वो दोनों कपडे पहनते hai.....aur मर्द बहार निकल जाता hai...aur ायरत गेट लॉक कर के अपने कमरे में निकल जाती है.....

============

यहाँ मैं और आलम नदी किनारे मुट्ठ मार के अपनी ठरक मिटा कर घर की तरफ निकल पढ़ते है.....

आलम- आज का पूरा वक़्त बर्बाद हो gaya...sala एक भी छोड़ने नहीं आई गोदाम में...

मैं- कोई बात nhi.....ab रोज घरवालों को बहाना तो नहीं बना सकता koi...saayad इसलिए नहीं आई होगी...

आलम- hmm...par कल हम फिर chalege....mujhe उस तगड़े लैंड से छूट फैट ते देखना hi है...

मैं- haa...aur उस मर्द को राजी भी करना है न....

आलम- hmm...chal कल मिलते है...

फिर हम दोनों apne-apne घर निकल गए.....

और जब मैं घर पंहुचा तो मेरी अम्मी कही जाने की तयारी में थी....

मैं- ammi....kaha जा रही है....

अम्मी- अरे वो गोलू जी के घर जा रही hu...unhe मत्तों बिरयानी पसंद है na....wahi देने जा rahi...tu hath-muh dhole...main आती हु....

मैं- ठीक है अम्मी....

फिर अम्मी निकल गई और मैं muh-hath धो कर उनका इंतज़ार करने लगा........
 
अपडेट - 4

फिर करीब 30 मिनट बाद अम्मी बापिस aai...to मैं आते hi भड़क उठा....

मैं- ammi....main कबसे इंतज़ार कर रहा hu...mujhe भूख लगी hai....khana दो....

अम्मी- बस 2 minute...abhi लाइ....

फिर अम्मी किचेन में चली gai...aur मैं भी उनके पास पहुंच गया....

मैं- पर इतनी देर क्यों लगा di....wo पास में hi तो रहते है......

अम्मी- अरे वो नीलम दीदी ने बातों में फसा लिया tha....le...ye रहा तेरा खाना....

अम्मी ने मुझे बिरयानी परोस कर प्लेट पकड़ाई तो मेरा ध्यान उनके होठो पर गया....

उनके होंठो पर कुछ मल्लै जैसा लगा हुआ था.....

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मैं- ammi....ye आपके होंठो पर क्या लगा है.....

मेरी बात सुन कर अम्मी चौंक गई और जल्दी से दुपट्टे से होठ पोछ लिए....

अम्मी- wo...wo नीलम दीदी ने राबड़ी खिलाई thi....saayad वही रह गई...

मैं- hmm...aapke तो मज़े hai....rabdi khali...akele-akele....thoda मुझे भी ले आती...

Ammi(muskura कर)- चल खाना kha...wo राबड़ी सिर्फ मेरे खाने के लिए thi....tu बिरयानी खा.....

फिर रात में कुछ खास नहीं hua....aur मैं रोज की तरह उस मर्द को अपनी अम्मी के साथ चुदाई करते हुए सोचने laga....aur मुट्ठ मार कर सो गया.....

अगले दिन मैं नास्ता कर के बहार निकला hi था की मुझे गोलू भाई दिख gaye...wo अपनी कार को साफ़ कर रहे थे.....

मैं- सलाम गोलू भाई....

गोलू- अरे maajid......aao...

Main(paas जा कर)- कार साफ़ हो रही है....

गोलू- hmm...apni चीजों को साफ़ रखना hi चाहिए.....

मैं- ठीक kaha...waise आज ये कही जाने वाली है क्या.......

गोलू- haa...thoda सहर तक जायगी.......

मैं- sahar....koi काम है या ऐसे hi....

गोलू- अरे काम hi hai...kuch सामान आना hai.....aur नीलम ममी को भी बापिस आना है....

मैं- नीलम आंटी ko...kyo...wo कहा गई...

गोलू- वो अपनी सहेली के पास गई थी parso....uske घर कोई प्रोग्राम tha....fir सहेली ने रोक लिया tha....ab आज उनका फोन आया है तो लेने जाना होगा......

Main(muskura कर)- अच्छा है......

तभी वह आलम आ गया और मैं आलम के साथ थोड़ा आगे चला gaya....aur फिर घर पर आ गया.....

असल में आलम ये बताने आया था की हमे कितने बजे गोदाम पहुंचना है....

Khair....aalam के बताये टाइम पर मैं घर से निकल aaya...aur हम दोनों छिप कर गोदाम पर नजर टिका कर खड़े हो गए.....

और आज उनकी म्हणत रंग laai...humne देखा की एक ायरत काळा लिवास में आई और चारो तरफ देखते हुए चुपके से गोदाम के पीछे निकल गई....

उसके जाते hi हम दोनों मुस्कुरा दिए और जल्दी से बॉउंड्री के पास पहुंच गए....

फिर हम दोनों बॉउंड्री फांद hi रहे थे की तभी हमारा एक खास दोस्त आरिफ भी वही आ गया.....

आरिफ- oye...tum दोनों यहाँ क्या कर रहे हो....

Aalam(ungli दिखा कर)- ssshhhh...chup kar....aur हमारे साथ चल....

Aarif(chounk कर)- पर kyo...aur तुम दोनों कर क्या रहे हो....

मैं- अबे तू चल na....aaj तुझे मज़ा करता hu....aaja....

फिर आरिफ ने हमारी बात मानी और हमारे साथ बॉउंड्री फाड़ कर खिड़की के पास आ गया.......

आरिफ- अब तो बोलो...

मैं- sshhh...dheere बोल साले....

Aarif(dheere से)- kyo....aakhir ये सब हो क्या रहा है....

Aalam(dheere से)- अबे चुपचाप अंदर का नजारा dekh...baki बातें बाद में karna...par तब तक एक सब्द मत nikalna....samjha न....

Aarif(sir हिला कर)- हम्म...

Aalam(dheere से)- अब आ jao...scene सुरु होने वाला hoga....aao...

फिर तीनो ने अपनी नजरें खिड़की की सास में जमा ली और अंदर का नजारा देखने लगे.....

अंदर वो मर्द उस ायरत को बाहों में भर कर चूम रहा tha....aur वो ायरत पेण्ट के ऊपर से hi मर्द का लुंड सहला रही थी....

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ायरत- uuuummmm....uuuummmmhh..aahh...jaldi करो न....

मर्द- अरे इतनी जल्दी क्या है मेरी jaan...uuuummmmm...uummmmm.....

ायरत- uuummm...uuummm..uuummhh..aahh...mere सौहार घर पर hi hai...main बहाना कर के आई hu...isliye थोड़ा जल्दी कर लो....

मर्द- ohh...us चूतिये को चुटिया बना diya...hahaha....

ायरत- hmm...chutiya नहीं बनती तो आपका ये कैसे मिल pata....uuuummmmmmm...aah...ab निकालो न....

मर्द- तू खुद निकाल le....chal....

मर्द के बोलते hi ायरत घुटनो पर बैठ गई और लुंड को बहार निकाल कर सहलाने लगी......

ायरत- uuummm....kitna तड़पता है ye...aaauuummmmmm....uuummmmmmm..uummmmmhhh...aahh...

मर्द- चूसना भूल गई क्या.....

ायरत- कभी nhi....uuuuummmmm....uuummmm...uummmm...uuummm...

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मर्द- aahh......shabaash.....aise hi....

ायरत- uuummm...uuummm...uuummm...uummm....

मर्द- aah....thoda तेज kar....aah...aur तेज saali.....aaah....

ायरत- uuuummmm...uuummmm..uummm...uuummmm...

ायरत कुछ देर तक लुंड को बड़े प्यार से चूसती रही और जैसे hi लुंड खड़ा हुआ तो उस मर्द ने ायरत को रोक कर खड़ा कर लिया......

ायरत- अब तड़पाओ mat.....jaldi से दाल दो....

मर्द- पर मुझे गांड मारनी है तेरी.....

ायरत- आज nhi....parso मार लेना....

मर्द- kyo....parso क्या है.....

ायरत- आप डालो pahle....fir बताती हु....

मर्द ने ायरत की बात मणि और उसे घुमा कर दीवाल से सत्ता दिया और उसका लिवास कमर पर चढ़ा दिया.....

लिवास ऊपर जाते hi हम तीनो दोस्त बुरी तरह चौंक gaye....kyoki उस ायरत ने नीचे कुछ नहीं पहना tha...na hi सलवार और न hi पंतय....

फिर मर्द ने लुंड को सेट किया और और एक धक्का मारा.....

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ायरत- aaahhhh.....aaraam seeeee....aaaahhh....

और दूसरे धक्के में पूरा लैंड उसकी छूट फाड़ते हुए अंदर समां गया.....

ायरत- aaaaaiiiii.....aaraam से नहीं कर सकते the....aaahhhh...

मर्द- saali...itni आग लगी थी की कुछ पहना भी nhi....aur अब आराम se...teri to....ye ले....

मर्द ने लैंड को बहार तक खींचा और एक झटके में पूरा पेल diya....jisse ायरत चीख पड़ी....

ायरत- aaaaahhhhhhhhhh.....maar dala....aaahhhhh...

मर्द- अब चिल्लाना बंद कर sali...maza le..yeehhh...yeehhh..yeehh...

ायरत- aaahhh.....haa...aaahh...aaahhhh....aah...

मर्द- aah...teri छूट आज भी वैसी hi hai...jaisi पहली बार थी....

ायरत- aaaahh...aapke लिए ऐसी hi milegi....aaahh...ab तेज करो....

मर्द- accha...to ये le...yeeehhh..yeeehhh...yeehhh...

फिर मर्द ने ायरत को आगे झुकाया और फिर मर्द ने ताबड़तोड़ धक्के मरते हुए चुदाई सुरु कर दी....

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हर धक्के पर ायरत की गांड पर थाप पढ़ती और वो थाप गोदाम में गूँज उठ टी.....

अंदर दमदार चुदाई चल रही थी और बहार हम तीन दोस्त चुदाई का नजारा देख कर गरम हो रहे थे....

तीनो की नजरें छूट में aate-jate लुंड पर तिकी थी.....

कुछ देर की चुदाई के बाद ायरत के पाँव कांपने लगे और वो जोर से चीखती हुई झाड़ गई....

ायरत- aaaahhhhhh...main...aaahhh...meri choot....aaahhh....

ायरत के झड़ते hi मर्द ने धक्के रोक दिए और उसके लिवास को ऊपर कर दिया....

ऊपर ायरत ने सिर्फ ब्रा पनही हुई thi....jise देख कर मर्द मुस्कुरा diya....aur ब्रा के ऊपर से उसका दूध दवा दिया....

मर्द- ये ब्रा क्यों पहन आई....

ायरत- aaahh.....aapne दूध बड़े कर दिए na...aahhh..aise hi दवा kar....wo ब्रा के बिना दिख jate...aaahhh....kitna दावते ho...aah...

मर्द- अरे मैं नहीं होता तो तेरा होता kya...tere उस चूतिये सौहार से तो कुछ होता नहीं....

ायरत- वो तो बस नाम का सौहार hai....asli सौहार तो आप ho...aahh...aahh...

Mard(dhakke मरते हुए)- वो तुझे छोड़ता तो नहीं न......

ायरत- aahhh...main छोड़ने दू तब na...aahhh...ab ये जिश्म आपका hai...aahhh..sirf आपका....

मर्द- sabaash...yeehhh...yeehhh..yeehhh...

ायरत- haay....aaahhh...aaahhh..aaahhh....

और फिर मर्द ने उसका लिवास गार्डन तक चढ़ाया और लिवास पकड़ कर जोर से धक्के मरने लगा....

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ायरत- aaaahhhh....aaahhh....aapka लैंड na...aahhh....aaahhh....aaahhh...

मर्द- क्या बोल रही hai...bol न....

ायरत- aahhh..aapka land....aaahh...bahut बेकार hai...aaahhh...

मर्द- kyo...bekaar kyo....maza नहीं आता....

ायरत- aaahhh...choot को जड़ली se..aaahhh..garam कर देता hai...aaaahhh...meri choot....fir se...aaaaahhhhhhhh......

और एक जोरदार चीख के साथ ायरत फिर से झाड़ गई...

ायरत के झड़ते hi मर्द ने उसे खींच कर बाहों में दवा लिया और उसकी ब्रा निकाल कर दूध दवाने लगा......

ायरत- uuummm....kitna मज़ा देते ho...aaahh....dawate raho...aahhh...

मर्द- पर तुझे तो जल्दी थी न....

ायरत- haa....par आपका लैंड सब भुला देता hai....aahh..ab दवना chhodo....dhakke मारो....

मर्द- hmm...aaja fir....tujhe लैंड की सवारी करवाता हु.....

फिर उस मर्द ने अपने तगड़े बाजुओं में उस ायरत को उठाया और सामने जा कर बोरी के ढेर पर बैठ कर लेट gaye.....aur साथ में ायरत को भी लिटा लिया....

अब उस ायरत की छूट बिलकुल हमारे सामने thi....jisme उस मर्द का लुंड फसा हुआ tha....baki ऊपर का हमे कुछ नहीं दिख रहा था.....

मर्द- अब सवारी kar...suru हो जा....

और फिर ायरत ने अपने हाथ बाजु में टिकाये और गांड uchhal-uchhal कर वो तगड़ा लैंड खाने लगी....

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उस मर्द का लुंड satata-sat ायरत की छूट में aa-ja रहा tha.....aur ये नजारा देख कर हमारे लैंड पेण्ट में कड़क हो गए....

ायरत- aaahhh..aaahhh...aaahhh..aahhh..aaahhh...

मर्द- aah...joor se....joor से....

ायरत- hhh....aaahh...aaahhh...aaahhh..aaahhh...

वह वो ायरत पूरी मस्ती में लुंड खा रही थी और यहाँ हम उस तगड़े लुंड से उसकी चुदाई देख कर अपने छोटे से लुंड को मसल रहे थे....

करीब 5 मिनट उछालने के बाद hi वो ायरत ढीली पद गई तो मर्द ने उसकी कमर पकड़ी और sata-sat लैंड पेलने लगा.....

और एक जोरदार चीख के साथ वो उस ायरत की छूट को अपने लैंडर्स से भरने laga....aur फिर दोनों सुस्त हो कर लेट गए.....

चुदाई का तूफ़ान थम गया ...और थोड़ी देर बाद जब उस मर्द ने अपना लुंड बहार निकला तो उस ायरत की छूट से ढेर सारा चुदाई रास निकल कर नीचे टपकने लगा......

फिर उस मर्द ने ायरत से कुछ बोलै तो ायरत कड़ी हुई और झुक कर उस्क्स लैंड चूसने लगी.....

और जब उसने लैंड चूस कर साफ़ कर दिया तो वो मर्द उठ कर साइड में निकल गया और ायरत ने झुक कर अपनी ब्रा उठाई....

और जैसे hi वो ायरत ब्रा उठाने झुकी तो हम तीनो दोस्तों की आँखे बड़ी हो gai....khas कर आरिफ की....

क्योकि सामने वाली ायरत आरिफ की अम्मी सलमा थी....

आरिफ की अम्मी को देख कर मैं और आलम चौंक कर आरिफ को देखने lage...aur आरिफ ने शर्म से अपने सर झुका लिया....

वह्हा उस ायरत ने अपनी ब्रा पहनी और लिवास को ठीक कर के निकल gai....aur यहाँ आरिफ जल्दी से बॉउंड्री की तरफ निकल गया....

आरिफ को जाते देख मैं और आलम भी उसके पीछे निकल गए और फिर आरिफ के पीछे चलने लगे.....

आरिफ चलते हुए नदी के पास उसी जगह पहुंच गया जहा हम अपनी ठरक मिटते थे.....

वह पहुंच कर आरिफ सर झुका कर बैठ gaya....aur मैं आलम को देखने लगा.....

आलम- kya....usse बात करनी होगी....

मैं- पर बोले kya.....samjh नहीं आ रहा...

आलम- यार बात तो करनी hogi....bechare की हालत तो देख...

मैं- hmm...chal...

फिर हम दोनों आरिफ के पास pahuche...aur इससे पहले की हम कुछ bolte...aarif बोल पड़ा....

आरिफ- क्या जानना चाहते हो तुम log...yahi न की मेरी अम्मी को कौन छोड़ रहा था....

Main(aalam को देख कर)- aarif...sambhal अपने aapko....hum तेरी अम्मी से बात....

आरिफ- कोई फायदा nhi....main सब जनता hu....aur मुझे इसमें कुछ बुरा भी नहीं लगता.....

Aalam(chounk कर)- मतलब....

आरिफ- माफ़ करना dosto....par मुझे उस तगड़े लैंड से मेरी अम्मी की चुदाई देखना अच्छा लगता hai.....pata नहीं kyo....par मुझे ये बहुत अच्छा लगता है....

मैं- सच me....par तूने कब देखा....

आरिफ- कई baar....par ये बात मैं किसी को बोल नहीं सकता tha....tumhe भी nhi....pata नहीं तुम मुझे क्या समझते....

Aalam(has कर)- अरे तू टेंशन मत le....hum दोनों को भी ये पसंद hai....hum भी चाहते है की वो तगड़ा लैंड हमारी अम्मी की छूट maare....par हमे तो पता भी नहीं की वो मर्द कौन...

Aarif(beech में)- गोलू bhai....haa...wo गोलू भाई है....

गोलू भाई का नाम सुनते hi मैं और आलम चौंक gaye...aur आरिफ को देखने लगे....

आरिफ- तुम लोग यही सोच रहे होंगे न की मुझे ये कैसे pata.....to suno....aaj में सब बताता हु की ये सब कैसे hua....kaise मेरी इज्जतदार अम्मी गोलू भाई की रंडी बन gai.....sab बताता hu....aao बैठो...

आरिफ के कहने पर मैं और आलम उसके साथ बैठ गए....

और बेसब्री से इंतज़ार करने लगे आरिफ की कहानी ka...ki कैसे उसकी अम्मी सलमा , गोलूभाई की रंडी बानी......

नोट - Hello frnds.....ye मेरी नई स्टोरी है.....

ी होप आपको पसंद आये....

और स्टोरी में कुछ भी अच्छा या बुरा lage...to प्ल्ज़ बताये jaroor.....ok

थैंक्स फ्रेंड्स.....

कीप रीडिंग..........
 
थैंक्स bhai....aapki तारीफ के लिए दिल से थैंक्स......

ये जान कर ख़ुशी हुई की आपको मेरा लिखना पसंद aaya.....i होप आगे भी आएगा....

well...mere पास मेरी स्टोरीज का back-up hai.....aur मैं सोस्सिप वाली स्टोरी को पूरा करके पोस्ट karuga...but अभी nhi....pura लिखने पर एक साथ पोस्ट होगी....


और अगर आपके पास वर्ड फरमाते में है तो भेज dijiye....kyoki मेरे पास pdf hai....to कन्वर्ट करने का टाइम बच jayga...haha.....

मैं mail-id सेंड कर duga..ok

Well...is स्टोरी को पढ़िए और बताइये की अच्छी है या buri...ok

थैंक्स फ्रेंड्स....

कीप रीडिंग.........
 
Hmm...aapki marji.....but ये स्टोरी ककोल्ड नहीं hai.....aapne सिर्फ कुछ दोस्तों की सोच dekhi.....but क्या वो सही है....???

ककोल्ड मैं भी पसंद नहीं karta...but दूसरों को ककोल्ड बनाना जरूर पसंद karuga.....to आप गोलू की तरफ से स्टोरी पढ़ सकते hai....baki..as ुर विश....

well....jab सही लगे तो padhna.....nhi तो शिकारी तो है hi...biwiyan बहुत है abhi....haha....


थैंक्स फ्रेंड्स....

कीप रीडिंग.........
 
अपडेट - 5

आरिफ- तुम लोग यही सोच रहे होंगे न की मुझे ये कैसे pata.....to suno....aaj में सब बताता हु की ये सब कैसे hua....kaise मेरी इज्जतदार अम्मी गोलू भाई की रंडी बन gai.....sab बताता hu....aao बैठो...

आरिफ के कहने पर मैं और आलम उसके साथ बैठ गए....

और बेसब्री से इंतज़ार करने लगे आरिफ की कहानी ka...ki कैसे उसकी अम्मी सलमा , गोलूभाई की रंडी बानी......

अब आगे.........

फिर आरिफ ने मजीद और आलम को अपनी कहानी सुरु कर दी........

आगे की कहानी आरिफ की जवानी....

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मेरा नाम आरिफ है....

चलिए सबसे पहले आपको अपने घर वालो के बारे में बता दू......

मेरे घर में 4 लोग है...

मैं - आरिफ

मेरे अब्बू - परवेज (आगे 34)

मेरी अम्मी - Salma.....(age 40)

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मेरी फूफी - सबने (आगे 33)

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मेरे अब्बू का नाम परवेज hai...unki उम्र 40 साल है.... और वो खेती बड़ी का काम खरते hai...sath में एक दाल मील के आधे मालिक भी hai....matlab मिल में उनका एक पार्टनर भी है.......

मेरी अम्मी का नाम सलमा है उनकी आगे 34 साल hai....unka रंग एक दम गोरा है और वो दिखने में काफी खूबसूरत है उनके दूध का साइज 38 है और उनकी कमर पतली hai...aur गांड तो 38-39 की होगी.....

मेरी अम्मी ज्यादातर सलवार सूट पहनती hi...aur kabhi-kabhi साड़ी bhi...kyoki हम गाओं के माहौल के हिसाब से चलते hai...isliye गाओं में किसी के घर प्रोग्राम में जाना हुआ तो अम्मी साड़ी hi पहनती है....

मेरी फूफी का नाम सबने hai...unki आगे 33 साल hai....unka निकाह हो चूका hai...aur मेरे फूफा दुवै में नौकरी करते hai....wo हर 6 महीने में 1 महीने के लिए इंडिया आते है....

मेरी फूफी सिर्फ उस 1 महीने hi अपने घर में सौहार के साथ रहने जाती hai....aur सौहार के जाते hi वो हमारे साथ रहने आ जाती है.....

इनका जिश्म भी काफी खूबसूरत hai..ekdam गदराया hua.....dikhne में बहुत खूबसूरत hai....aur फिगर की तो बात hi मत पूछो....36 के दूध होंगे और गांड होगी 38 ki.....inki चुदाई भी ज्यादा नहीं हुई hai...isliye इन्हे जवानी की गर्मी बहुत ज्यादा है.....

ये तो हुई मेरे परिवार jaankaari...ab मैं उस साक्ष की जानकारी देता hu...jiski वजह से मेरी अम्मी ऐसे रस्ते पर चल di...jis रस्ते पर उनको जिश्मानी सुकून मिला और मुझे वो मौका mila...ki मैं अपनी पाक ाब्रपरस्त अम्मी को बेआबरू होते देख paya.....aur वो साक्ष the.....GOLU भाई

गोलू भाई हमारे गेन के एक इज्जतदार और दौलतमंद साक्ष hai.....golu जी के घर में वो अपनी ममी के साथ रहते है.....

गोलू भाई का मेरे परिवार से तो उनका रिश्ता बहुत खास tha....kyoki उनकी aunty(mami) और मेरी अम्मी की बहुत ज्यादा बनती थी....

मैं भी उन्हें पसंद करता था और उन्हें गोलू अंकल कहता tha.....halaki मैं उन्हें गोलू भाई hi बोलता tha....par उन्हें चिढ़ाने के लिए kabhi-kabhi अंकल बोलता था....

ये तो हुई jaan-pahchaan.....ab कहानी को आगे बढ़ाते है.....

जैसा की मैंने बताया की गोलू जी की आंटी और मेरी अम्मी की अच्छी दोस्ती है वो दोनों अक्सर हमारे घर आते जाते रहते है और हम भी उनके घर आते जाते रहते थे....

पर कुछ महीनो पहले मैंने एक बात काफी बार नोटिस की थी ki.....ki गोलू अंकल जब भी हमारे आते the..to वो अम्मी को हमेशा घूरते रहते थे.....

जब भी अम्मी उनको चाय देने जाती थी तो वो चाय लेते हुए अम्मी के कुर्ते के अंडर जानते रहते थे और वापस जाती तो उनकी गांड को देख कर अपने लुंड को मसलते थे......

तब मैं सोचता था की जब गोलू भाई मेरे घर में hi मेरे और मेरे अब्बू के saamne....meri अम्मी को देख कर इस तरह की हरकत कर देते hai....to फिर जब अम्मी उनके घर में जाती hai.....fir तो वो और भी बहुत कुछ करते होंगे.....

Khair....is सवाल का जवाब तो मुझे पता नहीं chala.....par haa...achanak मुझे कुछ और hi पता चल गया......

एक दिन की बात है मैं खेल के वापस अपने घर आया तो दरवाजा खोलते hi मैंने अंदर देखा की गोलू भाई आये हुए है और वो मेरी अम्मी से बाते कर रहे है.,.....

वो दोनों मुझे देख कर चौक गया और फिर अम्मी ने सँभालते हुए मुझसे कहा.....

अम्मी- अरे beta....aaj जल्दी आ गया खेल कर......

मैं - ha..aaj मजा नहीं आ रहा था खेलने me....sliye जल्दी आ गया...

फिर गोलू भाई ने भी मेरा हालचाल पूछा और में अपने कमरे मैं चला गया......

वैसे तो मैंने गोलू भाई और अम्मी को काफी बार अकेला देखा tha....par जिस तरह से आज मैंने उन्हें चौंकते dekha....to मुझे उस बात से थोड़ा शक सा हुआ ....

मुझे उन्हें देख कर कुछ गड़बड़ लग रही थी तो मैं छिप कर उनकी बाते सुनने लगा.....

गोलू भाई - salma.....aakhir कब तक मुझे tadpaogi.....main जनता हु की तुम मुझे चाहती ho......maan जाओ सलमा.... मैं तुम्हे बहुत खुश रखुगा........

अम्मी- नहीं... मैं किसी की खातून hu....mere शौहर hai...beta hai....main ये नहीं कर सख्ती ये गलत है....

गोलू भाई - कुछ गलत नहीं hai...hum ek-dusre से प्यार करते hai...to इसमें गलत क्या hai....aur भरोषा रखो... किसी को कुछ भी पता नहीं chalega....maan जाओ सलमा.....

गोलू भाई की बात सुन कर अम्मी चुप rahi....to गोलू भाई उनके हाथ को पकड़ कर सहलाने लगे....

थोड़ी देर बाद अम्मी ने भी अपनी आँखे बांध कर li.....aur गोलू भाई से हाथ सहलवाते हुई आँखे बाद किये बैठी रही....

अम्मी- ठीक hai...apni मोहब्बत के लिए मई तैयार hu....lekin किसी को कुछ मत batana......samjhe....

अम्मी की बात सुन कर गोलू भाई मुस्कुरा उठे और फिर गोलू भाई अपना एक हाथ बढ़ा कर अम्मी के दूध को दबाने लगे....

Ammi(pyaar से हाथ मार कर)- aaa...aap भी na....bas मौका मिला नहीं और दवना सुरु....

गोलू bhai(muskura कर)- तो इसमें गलत क्या hai....tumhare पास चीज hi ऐसी है की देख कर मन हो जाता hai....bas थोड़ा सा....

ये बोल कर गोलू भाई ने फिर से हाथ बढ़ाया तो अम्मी ने उनका हाथ पकड़ लिया.....

अम्मी- आपका थोड़ा मैं अच्छे से जानती hu...us दिन मैंने कितना रोका tha....par आप बिलकुल नहीं मने....

मैं बोल रही थी की आरिफ नीचे इंतज़ार कर रहा hai..par aap....aapne पुरे 15 मिनट तक दवाये the...yaad है न....

अम्मी की बात सुन कर मुझे कुछ दिन पहले की बात याद आ गई.....

असल में एक दिन मैं और अम्मी गोलू भाई के घर गए the.....to गोलू भाई अम्मी को बोले की उन्हें ऊपर वाले कमरे से besan(chane का आता) उठाना hai...aur उन्हें पता नहीं चलता की कौन बेसन है और कौन आता....

इसलिए वो अम्मी को ऊपर ले गए the.....aur फिर वो दोनों 15-20 मिनट बाद बापिस आये the....aur बापिस आते वक़्त अम्मी शर्मा भी रही थी....

पर उस वक़्त मुझे कुछ खास नहीं laga....par आज पता चल गया की आखिर उन्हें इतनी देर क्यों लगी thi....aur अम्मी शर्मा क्यों रही थी....


प्रेजेंट में.......

गोलू- अरे तो क्या hua....tumhe मज़ा नहीं आया tha....dekho सच बोलना.....

गोलू भाई की बात सुन कर अम्मी शर्मा gai....to गोलू भाई ने मुस्कुराते हुए फिर से अपना हाथ बड़ा कर अम्मी के दूध पर रख दिया....

अब की बार अम्मी भी गोलू भाई के साथ मुस्कुरा दी और सिसकते हुए अपने दूध दबवाने लगी....

गोलू भाई और अम्मी अपनी मस्ती में लगे हुए बार- बार मेरे कमरे की तरफ देख रहे the....ki कही मैं बहार न आ जाऊ....

अम्मी के दूधो को थोड़ी देर दवाने के बाद गोलू भाई ने अम्मी को पास खींचा और उनके होठो को चूमने लगे......

अम्मी भी अब गोलू भाई का साथ देने लगी thi.....phir थोड़ी देर बाद अम्मी को होश आया की वो घर मैं hai...aur उनका बीटा पास के hi कमरे में है.....

इस लिए अम्मी ने गोलू भाई को रोक दिया और अपने से दूर कर के बोली....

अम्मी- मेरा बीटा अभी घर में है...

गोलू भाई- यार तुम हमेशा यही करती ho....ek तो मुझसे प्यार करती ho...aur फिर करने नहीं देती...

अम्मी- accha...kuch नहीं करने deti....bhool गए उस दिन किचेन में क्या किया था aapne....main तो marte-marte बची thi.....aarif आ hi गया tha....yaad है न....

Main(man में)- अब गोलू भाई ने किचेन में क्या कर diya...aur ये कब की बात हो रही है....

गोलू भाई- मैंने क्या किया tha....bas थोड़ा सा....

Ammi(ghoor कर)- थोड़ा sa....are उस दिन आपका हाथ मेरी सलवार में tha....aur सामने आरिफ आ गया tha.....yaad है na....use पता चल जाता तो....

गोलू भाई- चला तो नहीं na....maine संभल लिया था न....

अम्मी- haa....aapne...are आप तो बस छूट मसलने में लगे the....are आरिफ के सामने भी आप रुके nhi...dawaye hi जा रहे the.....maine कैसे आरिफ को जवाब दिया tha...main hi जानती हु....

अम्मी की बात सुन कर फिर से मेरा दिमाग झटका और मुझे याद आया की एक दिन गोलू भाई अम्मी से बात करने किचेन में गए the....aur मैं बहार बैठा था.....

तभी मैंने अम्मी को आवाज़ दी की मैं बहार जा रहा हु तो अम्मी कुछ नहीं बोली थी.....

फिर मैं अंदर गया तो देखा की गोलू भाई अम्मी के पीछे खड़े थे और अम्मी अपना मुँह बंद करने की कोसिस कर रही थी....

और अम्मी अपना हाथ अपनी जांघो पर दवाये हुई थी.....

जब मैंने अम्मी से पूछा की क्या hua...to वो कराहते हुए बोली ki....aahh...kuch नहीं beta....wo..aah..wo मेरी ऊँगली देव गई thi...tu..aahh..tu जा na...aah...khel aa...aahh...

तब मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया tha...kyoki मुझे खेलने में देर हो रही थी.....

आज पता चला की मैं तो खेलने जा रहा था और गोलू भाई मेरी अम्मी की छूट से खेल रहे थे......


प्रेजेंट में.......

गोलू bhai(muskura कर)- to...kya तुम्हे उस दिन मज़ा नहीं आया tha....aur झूठ मत bolna...tumhari छूट का पानी मेरे hi हाथ पर निकला था.....

Ammi(sharma कर)- आप na...bahut बेकार हो.....

गोलू भाई- salma...meri गॉड में आओ na...thoda प्यार तो करने दो.....

Ammi(muskura कर)- थोड़े से प्यार में आपका क्या hoga....aapko तो पूरा प्यार चाहिए न.....

गोलू भाई- haa...chalo मैं आरिफ को बहार भेज देता hu....fir आज तुम्हे अच्छे से प्यार करुगा.....

अम्मी- nhi...abhi nhi....kuch देर बाद आरिफ के अब्बू आने वाले hai...abhi कुछ नहीं...

गोलू भाई- तो फिर kab.....yaar मैं तड़प रहा हु और तुम....

Ammi(sharma जार)- क्या मैं नहीं तड़प रही.....

इतना सुन कर गोलू भाई ने अम्मी का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया...

गोलू भाई- तो फिर आज हम दोनों की तड़प मिटा लेते hai....chalo मेरे ghar....aaj तुमको इतना प्यार करुगा की तुम सब कुछ भूल jaogi....abhi चलो....

अम्मी- nhi...abhi nhi.....meri बात suno....tum रात को आना....

गोलू bhai(chounk कर)- रात ko...par रात को तो....

Ammi(beech में)- आज आरिफ के अब्बू खेत मैं पानी छोड़ने jayenge.....to रात को खेत पर hi रहेंगे.....

गोलू भाई( मुस्कुरा कर)- वह मेरी jaan...kya बात kahi....uuummmhhhh...

और गोलू भाई ने अम्मी को एक किश कर दिया....

Ammi(mera कमरा देख कर)- अरे आरिफ अंदर hi hai....ab आप jao....jab मैं फोन करू तब आना....

गोलू भाई- hmm..aur fir....fir क्या....

Ammi(sharma कर)- fir....jo आपकी मर्जी....

इतना बोल कर अम्मी बुरी तरह शर्मा गई और अपने हाथो से अपना चेहरा छिपा लिया.....

गोलू bhai(khade हो कर)- ठीक hai...jaisa तुम कहो मेरी जान....

फिर गोलू भाई मुस्कुराते हुए चले गए और अम्मी घर के काम करने लग गई...

मैं ये सब देख कर चौक गया था की मेरी अम्मी भैया के साथ ये सब कर रही thi....wo भी इतने वक़्त se....aur आज ऐसी बातें....

मुझे समझ आ गया की ये सब काफी पहले से सुरु हो चूका hai...par सायद मैं kaam(chudaai) अभी तक हुआ नहीं....

मैं सोचने लगा की आज रात को मेरी अम्मी गोलू भाई के नीचे hogi.....ye सोचते hi पता नहीं क्यों मेरे जिश्म में सनसनी होने लगी.....

मेरे दिल में इस वक़्त गोलू भाई से ज्यादा मेरी अम्मी के लिए गुस्सा tha....ki आखिर वो ये सब क्यों कर रही है..,.

पर वही ये सोच कर hi मेरे जिश्म में एक बिजली सी कौंध रही thi....main समझ नहीं प् रहा था की ये हो क्या रहा है....

इसलिते मैं दिम्माग को शांत करने के लिए लेट गया और रात होने की रह देखने लगा....

रात huyi....ammi ने खाना बनाया और हम सबने खाना खाया....

थोड़ी देर बाद अब्बू खेत पर चले गए और में टीवी देखने laga.....asal में टीवी तो बहाना था,.... मैं तो अम्मी को छुप के देख रहा tha......ki वो करती क्या है.....

आज वो काफी खुश दिख रही thi...jaise आज उनके दिल की मुराद पूरी होने वाली हो......

पर मैं जनता था की मेरे यहाँ रहते हुए अम्मी का काम नहीं होगा.....

इसलिए मैंने थोड़ी देर टीवी देखा और फिर अपने कमरे मैं जाकर सोने का नाटक करने लगा......

मेरे जाते hi अम्मी भी लाइट ऑफ कर के अपने कमरे मैं चली गई.....

फिर करीब रात के 10 बजे मुझे हमारे घर का दरवाजा खुलने की आवाज आयी......

मैं उठा और छिप कर देखने laga....maine देखा की गोलू भाई अंडर आये और अम्मी ने दरवाजा बांध कर दिया.....

दरवाजा बंद होते hi गोलू भाई ने अम्मी को गॉड में ुण्ठ लिया.....

अम्मी- aahh....itni besabri.....pahle कमरे में तो चलो....

गोलू भाई- क्या बताऊ मेरी jaan....tere लिए कितना तड़प रहा hu.....ab और इंतज़ार नहीं होता....

Ammi(sharma कर)- मुझसे भी nhi....ab चलो न...

फिर गोलू भाई अम्मी को गॉड में उठा कर उनके कमरे मैं ले gaye.....aur दरवाजा बांध कर लिया.......

मैं धीरे से सीडिया उतरा और अम्मी के कमरे की साइड वाली खिड़की पर pahucha....jo थोड़ी सी खुली thi...to मैं उसमे से अंडर देखने लगा.......
 
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