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उस रात में लेता हुआ यही सोचता raha....ki क्या अम्मी को अब्बू जिस्मानी टूर पर भी खुश नहीं rakhte...kyoki मानसिक टूर पर तो वो कभी कुसी को खुश नहीं रख pasye...na अम्मी ko...na अप्पी को और न mujhe...kyoki उनके खयालात वही पुराने डाकिनूसी या मजहबी होते है....
पर आज जो मैंने dekha....use देख कर मैं समझ गया की अम्मी जिश्मानी टूर पर भी अब्बू से नाखुश hai....aur सायद इस बात का कोई न कोई ताल्लुक उन बातों से है जो सुबह गोलू भाई और अम्मी के बीच हुई थी.....
पर आखिर सच है kya....kaise पता चलेगा.....??
अब आगे........
[ खलील की जवानी.........]
अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने देखा की अम्मी आज पूरी तरह से लिवास में अपने जिश्म को कैद किये हुए thi...aut नकाब भी सर पर hi था.....
मैं समझ गया की ये सब अब्बू की मनमानी से hi हो रहा hai....isliye मुझे अब्बू पर थोड़ा गुस्सा भी aaya...kyoki घर में hi इतनी बंदिशे लगाना मेरी नजर में भी गलत था.....
पर अम्मी की hi तरह मेरी जवान पर भी टाला लगा हुआ tha....abbu के दकियानूसी खयालो और उनके खौफ का....
Khair....thodi देर बाद मैंने तैयार हो कर स्कूल चला gaya.....aur अब्बू भी अपने काम पर चले gaye.....ghar में सिर्फ अम्मी hi अकेली रह गई....
अगले 2-3 दिन तक कुछ खास नहीं hua.....ghar में अम्मी और अब्बू के बिच baat-cheet न के बराबर hi होती thi....aur मैं भी चुपचाप अपने स्कूल और खेल में लगा रहता.....
पर haa...main रोज रात को अम्मी को नंगा जरूर देखने लगा tha....ammi रोज रात में बाथरूम में जा कर अपने जिश्म की गर्मी nikalti....aur मैं उन्हें नंगा देख कर अपने जिश्म की......
वैसे तो सब ठीक tha....par मुझे कंप्यूटर की परेशानी thi...main समझ चूका था की अब्बू कभी नहीं manege....isliye मेरा मन उदास होने लगा था.....
3 दिन बाद छुट्टी के दिन मैं घर में बैठा hi था की गोलू भाई आ गए.....
मैं- गोलू bhai....aayiye.......,..
गोलू bhai(bheetar आते हुए)- और khaleel...sab badiya......aur abbu-ammi कहा है....
मैं- ji.....sab ठीक hai....aap baithiye...abbu तो नहीं hai.....main अम्मी को बुलाता हु.....
फिर मैंने अम्मी को आवाज देकर बोल दिया था की गोलू भाई आये है.....
गोलू भाई- और khaleel....kuch परेशान से दिख रहे ho....kuch हुआ क्या......
मैं- अब क्या bolu...asal में मुझे कंप्यूटर चाहिए tha....par अब्बू नहीं मान रहे......
गोलू भाई- ohh...tention मत lo....main हु न....
Main(man में)- अब ये क्या कर lege....abbu इनकी क्यों सुनने लगे.....
Khair.....thodi देर बाद अम्मी चाय लेकर आ gai....aur हमारे साथ hi बैठ gai....wo अभी पुरे लिवास में थी.....
तब मैंने देखा की गोलू भाई ने चाय पिटे हुए फिर से अम्मी को घूरना सुरु किया और अम्मी ने थोड़ी देर बाद hi अपनी नजरें निचे झुका ली.....
गोलू भाई- और bhabhijaan...koi नै khabar....waise...khaleel के कंप्यूटर में क्या परेशानी है.....
अम्मी- अब क्या bolu....khaleel के अब्बू मन कर रहे hai....wo समझ hi नहीं रहे की aaj-kal के बच्चो के लिए ये कितना जरूरी है......
गोलू भाई- hmm..wo तो hai....thik hai....main कुछ करता hu...ok beta.....main कल hi सब ठीक कर duga....tention मत lena......aur bhabhijaan...tum भी टेंशन मत लो....
ये बोल कर गोलू भाई ने चाय ख़त्म कर के अम्मी को dekha....aur अम्मी उन्हें हैरानी से देखने लगी....
पर गोलू भाई ने फिर से आँखे दिखाई तो अम्मी नजरें झुका कर उठ गई और कप को किचेन में रख कर अपने कमरे में चली गई......
गोलू भाई- to.....tumhari परेशानी ख़त्म samjho....jald hi तुम्हारे पास कंप्यूटर hoga....theek....
Main(hairani से)- सच me....par आप kaise....matlab अब्बू.....
गोलू भाई- तुम उसकी टेंशन मत lo.....bas इंतज़ार karo.....main जरा तुम्हरी अम्मी से बात करके आता hu.....hmm.....
मैं- जी....
फिर गोलू भाई उठ कर अम्मी के कमरे में चले गए......
ये देख कर मुझे कुछ अजीब लगा तो मैं भी उनके piche-piche छुपके से भीतर देखने लगा.....
जब मैंने भीतर देखा की अम्मी अपना सर निचे किये हुई कड़ी thi....aur गोलू भाई उसके सामने बिलकुल करीब खड़े हुए थे.....
गोलू भाई- क्या हुआ कुछ परेशान सी लग रही हो.......
अम्मी सर झुकाये खामोश कड़ी रही.....
गोलू भाई- गुस्सा हो mujhse....achaa ठीक है तुम नहीं चाहती न की मैं तुम्हरे घर aau.....theek....main आज के बाद नहीं aaunga.....aur तो aur...ye घर जो खरीदा hai...ise भी बेच दुगा......
अम्मी- nhi...maine ऐसा तो नहीं कहा....
गोलू भाई- तो तुम चाहती क्या ho...dekho....tum जानती हो की मैंने वो घर क्यों khareeda....to या तो मेरी बात समझो या fir..khair...aur haa....khaleel के कंप्यूटर की टेंशन मत lena....wo कल hi आ जायगा.....
इतना बोलकर गोलू भाई बहार आने लगे तो मैं भाग कर बापिस आ gaya.....fir गोलू भाई आये और मुझे bye बोलकर चले गए.....
Main(man में)- अगर गोलू भाई को अम्मी के साथ कुछ गलत नहीं करना था तो वो भीतर गए hi kyo...ye बात तो यहाँ भी कर सकते the.....pata nhi...ye गोलू भाई सही आदमी है या fir..khair....ab तक तो सही hi lage...aage खुदा जाने....
थोड़ी देर बाद खाने के वक़्त अम्मी एक टिफिन में खाना भर कर लाइ तो मैं हैरानी से उन्हें देखने लगा......
अम्मी- beta...ye खाना गोलू जी को दे आ......
मैं- गोलू जी ko......par किसलिए....
अम्मी- वो गोलू जी अकेले है na.....to सोचा की आज तो खाना खिला दू....
मैं- ठीक है ammi....main जाता हु...
और मैं खाना ले कर गोलू भाई के पास चला gaya.....waha गोलू भाई ने बड़े चाव से खाना ख़त्म किया और फिर खाने की तारीफ करने लगे......
गोलू भाई- hmm…...bada मज़ेदार खाना hai....kisne बनाया है......
मैं - आप भी na...aur कौन banayga...meri अम्मी ने.....
गोलू bhai(muskura कर)- जनता hu......tumhari अम्मी बहोत बढ़िया खाना बनती है.......
मैं- मेरी अम्मी के हाथ का बना खाना सबको पसंद आता है.....
गोलू भाई- hmm...waise मुझे चटपटा और मसालेदार non-veg खाना बहोत पसनद hai....tum तो रोज़ hi ऐसा मज़ेदार खाना खाते होंगे.....
मैं- रोज तो nhi...par haa..ammi के हाथ का बना मटन बहुत लजीज होता hai.....waise मेरी अम्मी सब तरह का खाना बहोत अचे से बनती hai......aapko बहोत पसंद आएगा......
गोलू भाई- ठीक hai.....kabhi मटन बनाये तो जरूर चखूगा....
फिर थोड़ी देर बाद मैं बापिस आ गया और आते hi अम्मी पूछने लगी की वह क्या hua....golu जी ने क्या कहा.......
पर मैं कुछ batata.....isse पहले मेरे दोस्त बुलाने आ गए और मैं खेलने निकल गया......
फिर शाम को मैं अपने घर आया तो आते hi अम्मी मुझसे गोलू भाई के घर हुई बातों का पूछने lagi......aur मैं उनको पूरी बातें बताने लगा........
मैं- ammi....unhe आपके हाथ का खाना बेहद पसंद aaya......wo आपकी बहुत तारीफ कर रहे थे....
Ammi(muskura कर)- hmm....golu भाई अच्छे आदमी लगते है न.....
मैं- है ammi.......ammi.....unhone बोलै था की रोज वो ऐसा खाना खायेगे तो उनको ख़ुशी hogi......unko ऐसा मज़ेदार खाना बहोत पसंद आया......
Ammi(muskura कर)- है beta.......main उन्हें रोज ऐसा मज़ेदार खाना बना कर दे dungi....hmm......chal अब hath-muh धो le....tere अब्बू आने वाले hoge...aur beta....ye खाने वाली बात....
मैं- समझता हु ammi...ye बात हमारे बीच hi rahegi...aap परेशान मत हो....
थोड़ी देर बाद अब्बू भी घर आ gaye....par आज उनका मिजाज कुछ बदला हुआ था....
अम्मी- आज काफी देर कर दी....
अब्बू- अरे haa...wo गोलू जी के साथ बैठा tha....kuch जरूरी बातें हो रही thi....tum खाना lagao...main आता हु....
फिर रात को खाना खाने के बाद मैंने फिर से अम्मी को नंगा देखा और मुट्ठ मार कर सो गया........
अगले दिन मैं तैयार हो कर रोज की तरह स्कूल निकल gaya....aur अब्बू मदरसे...
और जब मैं बापिस घर आया तो मेरे लिए एक सुर्प्रीज़े इंतज़ार कर रहा tha...jo मेरे कमरे में था.....
मैं जैसे hi घर में दाखिल हुआ तो देखा की घर में abbu-ammi और गोलू भाई खड़े the.....aur तीनो hi मुझे देख कर खुस हो रहे थे.....
मैं- आप log.....aap लोग इतने खुश क्यों दिख रहे hai....kya हुआ....
Abbu(paas आ कर)- beta....tujhe जो चाहिए tha...wo मैं ले आये....
मैं- क्या अब्बू....
अम्मी- अपने कमरे में तो ja...sab पता चल जायगा...
मैं हैरान हो कर चुचाप कमरे में चला गया और जब मैंने भीतर जा कर देखा तो खुसी से मेरी चीख निकल गई....
क्योकि मेरे सामने नया कंप्यूटर रखा tha....jise देख कर मैं बेहद खुश हो गया था......
और मैं भागते हुए बाहर आया और सीधा अब्बू के गले लग गया....
मैं- सुक्रिया abbu....bahut-bahut सुक्रिया....
अब्बू- नहीं beta....sukriya मत bol....ye तो मेरा फ़र्ज़ tha....tu खुश rahe...bas और क्या चाहिए....
अम्मी- है beta.....aur सुक्रिया बोलना है तो गोलू जी का bolo....(abbu को देख कर)- क्यों जी...
अब्बू- है beta....golu जी ने hi मुझे समझाया की जमाने के साथ चलना hi ठीक है....
Main(golu भाई को देख कर)- सुक्रिया गोलू भाई.....
गोलू भाई- अरे beta....sukriya kya...aur haa....tumhe और तुम्हारी अम्मी के लिए एक और सुर्प्रीज़े hai.....par वो 2 दिन बाद....
अम्मी- मेरे liye...par क्या...
अब्बू- सब्र रखो begum....sabr rakho.....chalo अब वो जलेबियाँ laao..hum सबका मुँह मीठा कराओ...
अम्मी- जी अभी लाइ....
फिर हम सबने जलेबियों के साथ रात का खाना khaya....aur खाने के बाद मैं और अम्मी अपने कमरे में चले gaye....par अब्बू और गोलू भाई काफी देर तक बात करते रहे......
Khair....agle दिन जब मैं जगा तो मैंने स्कूल जाने से साफ़ मन कर diya....kyoki मैं कंप्यूटर चलना चाहता था......
और मेरी बात abbu-ammi ने मान li....fir दोपहर के वक़्त अम्मी ने मुझे बोलै की वो खाना ले कर गोलू भाई के पास जा रही है....
तो उस वक़्त मेरी नजर अम्मी पर पड़ी तो मुझे लगा की आज अम्मी कुछ ज्यादा hi खुश लग रही थी...
अम्मी को देख कर पता नहीं मुझे कुछ शक सा hua....isliye अम्मी के जाने के कुछ देर बाद मैं भी अपने घर के ऊपर वाले कमरे में चला गया.....
जहा से गोलू भाई का कमरा saaf-saaf दीखता tha..kyoki दोनों कमरे आपस में जुड़े हुए the...aur दोनों के बीच में कभी गेट हुआ करता tha...jo अब सील कर दिया गया tha....par एक छोटा सा छेड़ रह गया tha....jaha से मैं सब कुछ saaf-saaf देख सकता था......
मैंने वह देखा तो गोलू भाई आराम से खाना खा रहे थे और अम्मी उनके सामने बैठी हुई thi.....aur दोनों के बीच इस वक़्त नार्मल बातें hi हो रही thi....jo मैं saaf-saaf सुन सकता था...
थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने खाना ख़त्म किता और हाथ धोने उठ gaye....aur जन्मी टिफिन बंद करने लगी....
Ammi(golu भाई के आते hi)- कैसा था खाना.....
गोलू भाई- खाना तो मज़ेदार tha...ekdam chatpata.....par एक चीज की कमी रह गई...
अम्मी- कौन सी चीज....
गोलू भाई- hmm..khane के बाद मीठा तो होना चाहिए न....
Ammi(muskura कर)- ohh...theek hai....aaj रात को आपको मीठा भी milega...bataiye आपको क्या पसंद है.....
गोलू bhai(ammi को देखते हुए)- तुम....
Ammi(ghabra कर)- ये आप क्या बोल रहे है....
गोलू भाई- अब थोड़ा तो बनता है न......
Ammi(saham कर)- बस kijiye.....aap समझते क्यों नहीं...
गोलू भाई- क्या samjhu....samjhna तुम्हे है rafat....kya तुम नहीं चाहती की तुम खुश raho...haa....
अम्मी- haa...par ye...ye गलत होगा...
गोलू भाई- गलत कुछ नहीं होता rafat...kam से काम खुश रहना तो कभी गलत नहीं होता न....
अम्मी- पर aap....aahhhh...
अम्मी कुछ बोल pati...usse पहले hi गोलू भाई ने अम्मी की कमर में हाथ दाल कर उन्हें अपने जिश्म से सत्ता लिया....
अम्मी- aaahh...chhodiye mujhe.....chhodiye न....
गोलू भाई- नहीं rafat...aaj nhi....aur अगर तुम्हे कोई ऐतराज हो तो तुम चिल्ला कर लीगो को बुला सकती ho...fir वो सब मेरी हड्डियां तोड़ dege....theek....par मैं तुम्हे नहीं छोड़ूगा....
अम्मी- तो क्या हड्डियां तुड़वा लोगे.....
गोलू भाई- rafat....tere लिए तो मैं जान भी दे du.....haddiyon की क्या बात है....
अम्मी- पर kyo.....kya मिलेगा आपको....
गोलू भाई- tum....aur मुझे क्या चाहिए....
अम्मी- पर kyo....aap तो अभी जवान hai..aapko कई हसीं लड़कियां मिल jaygi....mujh में क्या रखा है....
गोलू भाई- तुम क्या हो ये मुझसे pucho....tum वो ho...jise देख कर मेरी आखो को ठंडक मिलरी hai....tum वो हो जो मेरे दिल की धड़कने बड़ा देती hai...tum वो ho....jisko हासिल करने के लिए मैं किसी भी हद को पार सकता hu.....samjhi...
गोलू भाई की बातें सुन कर एक पल के लिए मैं भी हैरान हो gaya.....ki गोलू भाई मेरी अम्मी के पीछे इतने पागल है.....
और मुझसे भी ज्यादा इस वक़्त अम्मी हैरान thi....aur ek-tak गोलू भाई को देखे जा रही थी.....
गोलू भाई- क्या हुआ rafat...kya तुम्हे मेरी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा.....
अम्मी- nhi...matlab....ha...matlab...kyo...aap क्यों मेरी खातिर पागल hai.....kyo....
गोलू भाई- पता नहीं rafat....par तुम्हे देख कर hi मैं अपना नहीं rahta....sirf तुम्हारा हो जाता hu.....plz...meri भावनाओ को समझो rafat.....plz....
अम्मी- पर main...main किसी की बीवी hu...mere शौहर hai....beta hai..beti hai....aur अब मैं अच्छी भी नहीं dikhti...fir भी....
गोलू भाई- तुम मेरी नजर से देखो rafat...tum इस दुनिया की सबसे हसीं खातून ho....sach में...
ये बोल कर गोलू भाई अम्मी को सीने से लगाए हुए बिस्तर पर बैठ gaye.....aur अभी भी दोनों ek-dusre की आँखों में घूर रहे थे.....
अम्मी - गोलू ji....mujhe जाना है....
गोलू भाई- चली jana....bas कुछ पल तो तुम्हे अच्छे से देख lu....bas कुछ पल....
अम्मी , गोलू भाई की बातें सुनते हुए उन्हें hi देखे जा रही thi.....aur अम्मी की ऐसी हालत देख कर मैं आगे की सोच कर हैरान हो रहा था....
फिर गोलू भाई ने एक हाथ अम्मी के गाल पर रखा और बड़े प्यार से सहलाने lage....aur अम्मी ने भी उन्हें किसी तरह से रोका नहीं.....
गोलू भाई- rafat....tumhe पता hai...tumhare ये gaal....inhe देखता हु तो मेरा क्या मन करता है....
अम्मी- क्या.....
गोलू bhai(gaal को सहला कर)- इन्हे देखते hi इन्हे हाथो में भर कर प्यार करने का दिल करता hai....dekho...kitne नरम है तुम्हारे gaal.....aise तो कुसी के नहीं हो सकते....
अम्मी- आप bhi....isse अच्छे होते है....
गोलू bhai(gaal को हाथ से दवा कर)- बिलकुल nhi....meri रफत के गाल इस दुनिया में सांसे ज्यादा दिलकस है.....
इस बार अम्मी अपनी तारीफ सुन कर किस हो गई और मुस्क्यरा di....jo गोलू भाई के लिए आगे बढ़ने का एक मौका tha...aur उन्होंने वो बिलकुल नहीं गवाया.....
गोलू भाई ने अम्मी के गाल को सहलाते हुए अपना अंगूठा अम्मी के निचले होठ पर firaya....to अम्मी की सांस तेज हो गई....
गु भाई- और तुम्हारे hoth....kitne गुलाबी और रास भरे hai....uuummm...
अम्मी- गोलू जी....
गोलू भाई- है rafat....tumhare ये होठ मुझे पागल कर देते hai....inhe देखते hi मैं होने काबू में नहीं रह pata....mera मन करता है ki....ki....
गोलू भाई ने सायद जान भुज कर अपनी नात अधूरी छोड़ दी thi...taki अम्मी कुछ bole...aur उनकी ख्वाहिस पूरी हो गई....
Ammi(aankho में देखते हुए)- क्या मन करता है आपका.....
गोलू bhai(chera करीब ला कर)- मेरा मन करता है की मैं इनको चूम lu....inko चूस कर इनमे भरा रास पि jaau....aur jeete-ji जन्नत का मज़ा ले सकू.....
Ammi(tej साँसों के साथ)- सच....
गोलू bgai(garam सांस छोड़ कर)- है rafat.....in गुलाबी होंठो का मज़ा कुसमट वालों को hi मिल पता hai....kaash मेरी किस्मत भी अच्छी हो जाए.....
ये बोल कर गोलू भाई चुप हो गए और अम्मी की आँखों में देखने lage....wahi अम्मी भी गोलू भाई की आँखों में hi देख रही थी....
Main(man में)- अब क्या hoga.....kya अम्मी अपनी हद पार कर के आगे badegi....ya फिर अब्बू, अप्पी और मेरी खातिर अपने आपको संभल कर पीछे हैट जायगी......?????
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....
GIF विल एडेड सून.....
थैंक्स फ्रेंड्स......
कीप रीडिंग.........
उस रात में लेता हुआ यही सोचता raha....ki क्या अम्मी को अब्बू जिस्मानी टूर पर भी खुश नहीं rakhte...kyoki मानसिक टूर पर तो वो कभी कुसी को खुश नहीं रख pasye...na अम्मी ko...na अप्पी को और न mujhe...kyoki उनके खयालात वही पुराने डाकिनूसी या मजहबी होते है....
पर आज जो मैंने dekha....use देख कर मैं समझ गया की अम्मी जिश्मानी टूर पर भी अब्बू से नाखुश hai....aur सायद इस बात का कोई न कोई ताल्लुक उन बातों से है जो सुबह गोलू भाई और अम्मी के बीच हुई थी.....
पर आखिर सच है kya....kaise पता चलेगा.....??
अब आगे........
[ खलील की जवानी.........]
अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने देखा की अम्मी आज पूरी तरह से लिवास में अपने जिश्म को कैद किये हुए thi...aut नकाब भी सर पर hi था.....
मैं समझ गया की ये सब अब्बू की मनमानी से hi हो रहा hai....isliye मुझे अब्बू पर थोड़ा गुस्सा भी aaya...kyoki घर में hi इतनी बंदिशे लगाना मेरी नजर में भी गलत था.....
पर अम्मी की hi तरह मेरी जवान पर भी टाला लगा हुआ tha....abbu के दकियानूसी खयालो और उनके खौफ का....
Khair....thodi देर बाद मैंने तैयार हो कर स्कूल चला gaya.....aur अब्बू भी अपने काम पर चले gaye.....ghar में सिर्फ अम्मी hi अकेली रह गई....
अगले 2-3 दिन तक कुछ खास नहीं hua.....ghar में अम्मी और अब्बू के बिच baat-cheet न के बराबर hi होती thi....aur मैं भी चुपचाप अपने स्कूल और खेल में लगा रहता.....
पर haa...main रोज रात को अम्मी को नंगा जरूर देखने लगा tha....ammi रोज रात में बाथरूम में जा कर अपने जिश्म की गर्मी nikalti....aur मैं उन्हें नंगा देख कर अपने जिश्म की......
वैसे तो सब ठीक tha....par मुझे कंप्यूटर की परेशानी thi...main समझ चूका था की अब्बू कभी नहीं manege....isliye मेरा मन उदास होने लगा था.....
3 दिन बाद छुट्टी के दिन मैं घर में बैठा hi था की गोलू भाई आ गए.....
मैं- गोलू bhai....aayiye.......,..
गोलू bhai(bheetar आते हुए)- और khaleel...sab badiya......aur abbu-ammi कहा है....
मैं- ji.....sab ठीक hai....aap baithiye...abbu तो नहीं hai.....main अम्मी को बुलाता हु.....
फिर मैंने अम्मी को आवाज देकर बोल दिया था की गोलू भाई आये है.....
गोलू भाई- और khaleel....kuch परेशान से दिख रहे ho....kuch हुआ क्या......
मैं- अब क्या bolu...asal में मुझे कंप्यूटर चाहिए tha....par अब्बू नहीं मान रहे......
गोलू भाई- ohh...tention मत lo....main हु न....
Main(man में)- अब ये क्या कर lege....abbu इनकी क्यों सुनने लगे.....
Khair.....thodi देर बाद अम्मी चाय लेकर आ gai....aur हमारे साथ hi बैठ gai....wo अभी पुरे लिवास में थी.....
तब मैंने देखा की गोलू भाई ने चाय पिटे हुए फिर से अम्मी को घूरना सुरु किया और अम्मी ने थोड़ी देर बाद hi अपनी नजरें निचे झुका ली.....
गोलू भाई- और bhabhijaan...koi नै khabar....waise...khaleel के कंप्यूटर में क्या परेशानी है.....
अम्मी- अब क्या bolu....khaleel के अब्बू मन कर रहे hai....wo समझ hi नहीं रहे की aaj-kal के बच्चो के लिए ये कितना जरूरी है......
गोलू भाई- hmm..wo तो hai....thik hai....main कुछ करता hu...ok beta.....main कल hi सब ठीक कर duga....tention मत lena......aur bhabhijaan...tum भी टेंशन मत लो....
ये बोल कर गोलू भाई ने चाय ख़त्म कर के अम्मी को dekha....aur अम्मी उन्हें हैरानी से देखने लगी....
पर गोलू भाई ने फिर से आँखे दिखाई तो अम्मी नजरें झुका कर उठ गई और कप को किचेन में रख कर अपने कमरे में चली गई......
गोलू भाई- to.....tumhari परेशानी ख़त्म samjho....jald hi तुम्हारे पास कंप्यूटर hoga....theek....
Main(hairani से)- सच me....par आप kaise....matlab अब्बू.....
गोलू भाई- तुम उसकी टेंशन मत lo.....bas इंतज़ार karo.....main जरा तुम्हरी अम्मी से बात करके आता hu.....hmm.....
मैं- जी....
फिर गोलू भाई उठ कर अम्मी के कमरे में चले गए......
ये देख कर मुझे कुछ अजीब लगा तो मैं भी उनके piche-piche छुपके से भीतर देखने लगा.....
जब मैंने भीतर देखा की अम्मी अपना सर निचे किये हुई कड़ी thi....aur गोलू भाई उसके सामने बिलकुल करीब खड़े हुए थे.....
गोलू भाई- क्या हुआ कुछ परेशान सी लग रही हो.......
अम्मी सर झुकाये खामोश कड़ी रही.....
गोलू भाई- गुस्सा हो mujhse....achaa ठीक है तुम नहीं चाहती न की मैं तुम्हरे घर aau.....theek....main आज के बाद नहीं aaunga.....aur तो aur...ye घर जो खरीदा hai...ise भी बेच दुगा......
अम्मी- nhi...maine ऐसा तो नहीं कहा....
गोलू भाई- तो तुम चाहती क्या ho...dekho....tum जानती हो की मैंने वो घर क्यों khareeda....to या तो मेरी बात समझो या fir..khair...aur haa....khaleel के कंप्यूटर की टेंशन मत lena....wo कल hi आ जायगा.....
इतना बोलकर गोलू भाई बहार आने लगे तो मैं भाग कर बापिस आ gaya.....fir गोलू भाई आये और मुझे bye बोलकर चले गए.....
Main(man में)- अगर गोलू भाई को अम्मी के साथ कुछ गलत नहीं करना था तो वो भीतर गए hi kyo...ye बात तो यहाँ भी कर सकते the.....pata nhi...ye गोलू भाई सही आदमी है या fir..khair....ab तक तो सही hi lage...aage खुदा जाने....
थोड़ी देर बाद खाने के वक़्त अम्मी एक टिफिन में खाना भर कर लाइ तो मैं हैरानी से उन्हें देखने लगा......
अम्मी- beta...ye खाना गोलू जी को दे आ......
मैं- गोलू जी ko......par किसलिए....
अम्मी- वो गोलू जी अकेले है na.....to सोचा की आज तो खाना खिला दू....
मैं- ठीक है ammi....main जाता हु...
और मैं खाना ले कर गोलू भाई के पास चला gaya.....waha गोलू भाई ने बड़े चाव से खाना ख़त्म किया और फिर खाने की तारीफ करने लगे......
गोलू भाई- hmm…...bada मज़ेदार खाना hai....kisne बनाया है......
मैं - आप भी na...aur कौन banayga...meri अम्मी ने.....
गोलू bhai(muskura कर)- जनता hu......tumhari अम्मी बहोत बढ़िया खाना बनती है.......
मैं- मेरी अम्मी के हाथ का बना खाना सबको पसंद आता है.....
गोलू भाई- hmm...waise मुझे चटपटा और मसालेदार non-veg खाना बहोत पसनद hai....tum तो रोज़ hi ऐसा मज़ेदार खाना खाते होंगे.....
मैं- रोज तो nhi...par haa..ammi के हाथ का बना मटन बहुत लजीज होता hai.....waise मेरी अम्मी सब तरह का खाना बहोत अचे से बनती hai......aapko बहोत पसंद आएगा......
गोलू भाई- ठीक hai.....kabhi मटन बनाये तो जरूर चखूगा....
फिर थोड़ी देर बाद मैं बापिस आ गया और आते hi अम्मी पूछने लगी की वह क्या hua....golu जी ने क्या कहा.......
पर मैं कुछ batata.....isse पहले मेरे दोस्त बुलाने आ गए और मैं खेलने निकल गया......
फिर शाम को मैं अपने घर आया तो आते hi अम्मी मुझसे गोलू भाई के घर हुई बातों का पूछने lagi......aur मैं उनको पूरी बातें बताने लगा........
मैं- ammi....unhe आपके हाथ का खाना बेहद पसंद aaya......wo आपकी बहुत तारीफ कर रहे थे....
Ammi(muskura कर)- hmm....golu भाई अच्छे आदमी लगते है न.....
मैं- है ammi.......ammi.....unhone बोलै था की रोज वो ऐसा खाना खायेगे तो उनको ख़ुशी hogi......unko ऐसा मज़ेदार खाना बहोत पसंद आया......
Ammi(muskura कर)- है beta.......main उन्हें रोज ऐसा मज़ेदार खाना बना कर दे dungi....hmm......chal अब hath-muh धो le....tere अब्बू आने वाले hoge...aur beta....ye खाने वाली बात....
मैं- समझता हु ammi...ye बात हमारे बीच hi rahegi...aap परेशान मत हो....
थोड़ी देर बाद अब्बू भी घर आ gaye....par आज उनका मिजाज कुछ बदला हुआ था....
अम्मी- आज काफी देर कर दी....
अब्बू- अरे haa...wo गोलू जी के साथ बैठा tha....kuch जरूरी बातें हो रही thi....tum खाना lagao...main आता हु....
फिर रात को खाना खाने के बाद मैंने फिर से अम्मी को नंगा देखा और मुट्ठ मार कर सो गया........
अगले दिन मैं तैयार हो कर रोज की तरह स्कूल निकल gaya....aur अब्बू मदरसे...
और जब मैं बापिस घर आया तो मेरे लिए एक सुर्प्रीज़े इंतज़ार कर रहा tha...jo मेरे कमरे में था.....
मैं जैसे hi घर में दाखिल हुआ तो देखा की घर में abbu-ammi और गोलू भाई खड़े the.....aur तीनो hi मुझे देख कर खुस हो रहे थे.....
मैं- आप log.....aap लोग इतने खुश क्यों दिख रहे hai....kya हुआ....
Abbu(paas आ कर)- beta....tujhe जो चाहिए tha...wo मैं ले आये....
मैं- क्या अब्बू....
अम्मी- अपने कमरे में तो ja...sab पता चल जायगा...
मैं हैरान हो कर चुचाप कमरे में चला गया और जब मैंने भीतर जा कर देखा तो खुसी से मेरी चीख निकल गई....
क्योकि मेरे सामने नया कंप्यूटर रखा tha....jise देख कर मैं बेहद खुश हो गया था......
और मैं भागते हुए बाहर आया और सीधा अब्बू के गले लग गया....
मैं- सुक्रिया abbu....bahut-bahut सुक्रिया....
अब्बू- नहीं beta....sukriya मत bol....ye तो मेरा फ़र्ज़ tha....tu खुश rahe...bas और क्या चाहिए....
अम्मी- है beta.....aur सुक्रिया बोलना है तो गोलू जी का bolo....(abbu को देख कर)- क्यों जी...
अब्बू- है beta....golu जी ने hi मुझे समझाया की जमाने के साथ चलना hi ठीक है....
Main(golu भाई को देख कर)- सुक्रिया गोलू भाई.....
गोलू भाई- अरे beta....sukriya kya...aur haa....tumhe और तुम्हारी अम्मी के लिए एक और सुर्प्रीज़े hai.....par वो 2 दिन बाद....
अम्मी- मेरे liye...par क्या...
अब्बू- सब्र रखो begum....sabr rakho.....chalo अब वो जलेबियाँ laao..hum सबका मुँह मीठा कराओ...
अम्मी- जी अभी लाइ....
फिर हम सबने जलेबियों के साथ रात का खाना khaya....aur खाने के बाद मैं और अम्मी अपने कमरे में चले gaye....par अब्बू और गोलू भाई काफी देर तक बात करते रहे......
Khair....agle दिन जब मैं जगा तो मैंने स्कूल जाने से साफ़ मन कर diya....kyoki मैं कंप्यूटर चलना चाहता था......
और मेरी बात abbu-ammi ने मान li....fir दोपहर के वक़्त अम्मी ने मुझे बोलै की वो खाना ले कर गोलू भाई के पास जा रही है....
तो उस वक़्त मेरी नजर अम्मी पर पड़ी तो मुझे लगा की आज अम्मी कुछ ज्यादा hi खुश लग रही थी...
अम्मी को देख कर पता नहीं मुझे कुछ शक सा hua....isliye अम्मी के जाने के कुछ देर बाद मैं भी अपने घर के ऊपर वाले कमरे में चला गया.....
जहा से गोलू भाई का कमरा saaf-saaf दीखता tha..kyoki दोनों कमरे आपस में जुड़े हुए the...aur दोनों के बीच में कभी गेट हुआ करता tha...jo अब सील कर दिया गया tha....par एक छोटा सा छेड़ रह गया tha....jaha से मैं सब कुछ saaf-saaf देख सकता था......
मैंने वह देखा तो गोलू भाई आराम से खाना खा रहे थे और अम्मी उनके सामने बैठी हुई thi.....aur दोनों के बीच इस वक़्त नार्मल बातें hi हो रही thi....jo मैं saaf-saaf सुन सकता था...
थोड़ी देर बाद गोलू भाई ने खाना ख़त्म किता और हाथ धोने उठ gaye....aur जन्मी टिफिन बंद करने लगी....
Ammi(golu भाई के आते hi)- कैसा था खाना.....
गोलू भाई- खाना तो मज़ेदार tha...ekdam chatpata.....par एक चीज की कमी रह गई...
अम्मी- कौन सी चीज....
गोलू भाई- hmm..khane के बाद मीठा तो होना चाहिए न....
Ammi(muskura कर)- ohh...theek hai....aaj रात को आपको मीठा भी milega...bataiye आपको क्या पसंद है.....
गोलू bhai(ammi को देखते हुए)- तुम....
Ammi(ghabra कर)- ये आप क्या बोल रहे है....
गोलू भाई- अब थोड़ा तो बनता है न......
Ammi(saham कर)- बस kijiye.....aap समझते क्यों नहीं...
गोलू भाई- क्या samjhu....samjhna तुम्हे है rafat....kya तुम नहीं चाहती की तुम खुश raho...haa....
अम्मी- haa...par ye...ye गलत होगा...
गोलू भाई- गलत कुछ नहीं होता rafat...kam से काम खुश रहना तो कभी गलत नहीं होता न....
अम्मी- पर aap....aahhhh...
अम्मी कुछ बोल pati...usse पहले hi गोलू भाई ने अम्मी की कमर में हाथ दाल कर उन्हें अपने जिश्म से सत्ता लिया....
अम्मी- aaahh...chhodiye mujhe.....chhodiye न....
गोलू भाई- नहीं rafat...aaj nhi....aur अगर तुम्हे कोई ऐतराज हो तो तुम चिल्ला कर लीगो को बुला सकती ho...fir वो सब मेरी हड्डियां तोड़ dege....theek....par मैं तुम्हे नहीं छोड़ूगा....
अम्मी- तो क्या हड्डियां तुड़वा लोगे.....
गोलू भाई- rafat....tere लिए तो मैं जान भी दे du.....haddiyon की क्या बात है....
अम्मी- पर kyo.....kya मिलेगा आपको....
गोलू भाई- tum....aur मुझे क्या चाहिए....
अम्मी- पर kyo....aap तो अभी जवान hai..aapko कई हसीं लड़कियां मिल jaygi....mujh में क्या रखा है....
गोलू भाई- तुम क्या हो ये मुझसे pucho....tum वो ho...jise देख कर मेरी आखो को ठंडक मिलरी hai....tum वो हो जो मेरे दिल की धड़कने बड़ा देती hai...tum वो ho....jisko हासिल करने के लिए मैं किसी भी हद को पार सकता hu.....samjhi...
गोलू भाई की बातें सुन कर एक पल के लिए मैं भी हैरान हो gaya.....ki गोलू भाई मेरी अम्मी के पीछे इतने पागल है.....
और मुझसे भी ज्यादा इस वक़्त अम्मी हैरान thi....aur ek-tak गोलू भाई को देखे जा रही थी.....
गोलू भाई- क्या हुआ rafat...kya तुम्हे मेरी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा.....
अम्मी- nhi...matlab....ha...matlab...kyo...aap क्यों मेरी खातिर पागल hai.....kyo....
गोलू भाई- पता नहीं rafat....par तुम्हे देख कर hi मैं अपना नहीं rahta....sirf तुम्हारा हो जाता hu.....plz...meri भावनाओ को समझो rafat.....plz....
अम्मी- पर main...main किसी की बीवी hu...mere शौहर hai....beta hai..beti hai....aur अब मैं अच्छी भी नहीं dikhti...fir भी....
गोलू भाई- तुम मेरी नजर से देखो rafat...tum इस दुनिया की सबसे हसीं खातून ho....sach में...
ये बोल कर गोलू भाई अम्मी को सीने से लगाए हुए बिस्तर पर बैठ gaye.....aur अभी भी दोनों ek-dusre की आँखों में घूर रहे थे.....
अम्मी - गोलू ji....mujhe जाना है....
गोलू भाई- चली jana....bas कुछ पल तो तुम्हे अच्छे से देख lu....bas कुछ पल....
अम्मी , गोलू भाई की बातें सुनते हुए उन्हें hi देखे जा रही thi.....aur अम्मी की ऐसी हालत देख कर मैं आगे की सोच कर हैरान हो रहा था....
फिर गोलू भाई ने एक हाथ अम्मी के गाल पर रखा और बड़े प्यार से सहलाने lage....aur अम्मी ने भी उन्हें किसी तरह से रोका नहीं.....
गोलू भाई- rafat....tumhe पता hai...tumhare ये gaal....inhe देखता हु तो मेरा क्या मन करता है....
अम्मी- क्या.....
गोलू bhai(gaal को सहला कर)- इन्हे देखते hi इन्हे हाथो में भर कर प्यार करने का दिल करता hai....dekho...kitne नरम है तुम्हारे gaal.....aise तो कुसी के नहीं हो सकते....
अम्मी- आप bhi....isse अच्छे होते है....
गोलू bhai(gaal को हाथ से दवा कर)- बिलकुल nhi....meri रफत के गाल इस दुनिया में सांसे ज्यादा दिलकस है.....
इस बार अम्मी अपनी तारीफ सुन कर किस हो गई और मुस्क्यरा di....jo गोलू भाई के लिए आगे बढ़ने का एक मौका tha...aur उन्होंने वो बिलकुल नहीं गवाया.....
गोलू भाई ने अम्मी के गाल को सहलाते हुए अपना अंगूठा अम्मी के निचले होठ पर firaya....to अम्मी की सांस तेज हो गई....
गु भाई- और तुम्हारे hoth....kitne गुलाबी और रास भरे hai....uuummm...
अम्मी- गोलू जी....
गोलू भाई- है rafat....tumhare ये होठ मुझे पागल कर देते hai....inhe देखते hi मैं होने काबू में नहीं रह pata....mera मन करता है ki....ki....
गोलू भाई ने सायद जान भुज कर अपनी नात अधूरी छोड़ दी thi...taki अम्मी कुछ bole...aur उनकी ख्वाहिस पूरी हो गई....
Ammi(aankho में देखते हुए)- क्या मन करता है आपका.....
गोलू bhai(chera करीब ला कर)- मेरा मन करता है की मैं इनको चूम lu....inko चूस कर इनमे भरा रास पि jaau....aur jeete-ji जन्नत का मज़ा ले सकू.....
Ammi(tej साँसों के साथ)- सच....
गोलू bgai(garam सांस छोड़ कर)- है rafat.....in गुलाबी होंठो का मज़ा कुसमट वालों को hi मिल पता hai....kaash मेरी किस्मत भी अच्छी हो जाए.....
ये बोल कर गोलू भाई चुप हो गए और अम्मी की आँखों में देखने lage....wahi अम्मी भी गोलू भाई की आँखों में hi देख रही थी....
Main(man में)- अब क्या hoga.....kya अम्मी अपनी हद पार कर के आगे badegi....ya फिर अब्बू, अप्पी और मेरी खातिर अपने आपको संभल कर पीछे हैट जायगी......?????
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds.....hope ु लिखे आईटी.....
GIF विल एडेड सून.....
थैंक्स फ्रेंड्स......
कीप रीडिंग.........