Fantasy इच्छाधारी देव - Page 36 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

थैंक यू वैरी मच भाई बहोत hi खूबसूरत तरीके से आपने काम शब्दों में पूरी स्टोरी hi बयां कर दी आपके शब्द भी तारीफ के काबिल है इसमें कोई शक नहीं. और मजे की बात ये है के आपका ये कपंमेंट पढ़ने से पहले मए अपनी hi सोत्री का 1सत और 2ंद अपडेट रीड किया था और मए खुद hi इस स्टोरी में खो सा गया था. शुरुआत के उपदटेस पढ़कर मुझे खुद बहोत कुछ समजह आया के अभी बहोत कुछ मुझसे छूट गया आहे जिसे ऐड किये बिना ये स्टोरी अधूरी सी लगेगी, और जो के अब तक ऐड हो जाना था लेकिन हम कर नहीं पाए या भूल गए पर अब ऐड हो जायेगा, और आप सब लोगो का साथ यु hi रहा तो ये मोंरंजक सफर देर तक चलेगा, ये वादा है. थैंक्स अगेन नेक्स्ट अपडेट शायद आज सहम तक आ जाये.
 
अपडेट- 201

रात के अँधेरे में एना के घर के बहार इस वक़्त मौत क सभी परकाले मौजूद थे देवा, रूद्र, नागार्जुन, गुरुम, पूनम, नीलम, चन्नो, कावेरी और शलाका.

देवा – अरे यार सभी यहाँ पहुंच गए? सबकी कोई जरुरत है नहीं वैसे.

पूनम - बुराई भी क्या है?

देवा – कोई नहीं, लेकिन हम यहाँ पार्टी में नहीं आये है. मए तो अकेला hi आना चाहता था पर चलो अब सब आ hi गए है तो प्लान थोड़ा चेंज कर लेते है. लेकिन करेक्शन ज्यादा नहीं होगा. अब सुनो प्लान………….

देवा का प्लान सुन के सभी सहमत होते है. और देवा जो की ब्लैक निंजा सूट में hi था आगे बढ़ जाता है और पीछे से गुरुम और नागार्जुन उसे बैकअप देने के लिए रेडी हो जाते है. उनकी नजर चारो तरफ घूम रही थी लेकिन देवा अँधेरे का हिस्सा बना आगे बढ़ा जा रहा था, कभी जम्प ले कर तो कभी जमीन पे रोले हो कर वो आगे बढ़ रहा था, वह बहोत से पहरेदार लगे हुए थे. तभी एक पहरेदार पे गुरुम की नजर टिक जाती है जो अँधेरे में छुप के बैठा था असल में वो शायद आराम करने को hi बैठा था लेकिन अब उसकी नजर देवा पे तिकी हुई थी और उसने अपनी गन सीढ़ी कर दी थी देवा की तरफ. वो देवा पे गोली चलाये उससे पहले hi गुरुम ने सीलेंसर लगी अपनी पिस्तौल से उसकी खोपड़ी उदा दी. वो वही झाड़ियों में गिर के अँधेरे में गम हो गया. देवा आगे बढ़ता हुआ बंगले की दीवार से चिपक गया था. तभी उसे दो गार्ड की आवाज़ सुनाई दी जो उसी तरफ आ रहे थे. देवा ने अपने हाथ में खंजर को मजबूती से पकड़ लिया और छुप गया

जैसे hi वो गार्ड्स देवा के करीब पहुंचे देवा ने झपट के एक के गले में अपनी ब्याह दाल दी और उसका मुँह बंद कर दिया और फुर्ती से अपना खंजर उसके बाजु वाले के गले में उतर दिया वो बिना आवाज़ किये वही गिर पड़ा देवा ने उसके गले से चाकू निकल के अपनी बहो में छटपटाते गार्ड के गले में पूरा खंजर उतर दिया और कुछ सेकंड फड़फड़ा के देवा की बहो में hi शांत हो गया. देवा ने उसे भी छोड़ा और उसके गले से कनझर निकल के आगे बढ़ने लगा. वो बंगले की दीवार के साथ साथ hi चला जा रहा था. उसे एक पाइप नजर आया जो के तररके तक जा रहा था देवा ने उस पे चढ़ने का फैसला किया और ऊपर देखा तो वह एक गार्ड खड़ा था हलाकि वो अपने hi ध्यान में था उसे नीचे अँधेरे में देवा नजर नहीं आ रहा था शायद. लेकिन देवा ने हाथ में पकड़ा खंजर उसकी तरफ फेंका निशाना सटीक बैठा वो खंजर उस गार्ड के माथे में जा धंसा और गार्ड सीधा नीचे को गिरने लगा. देवा तुरंत साइड में हो गया गार्ड वही आकर गिरा. देवा ने फुर्ती से पाइप पकड़ा और ऊपर चढ़ने लगा. और धीरे धीरे वो तर्रेके पे पहुंच गया बॉउंड्री वाल को पकड़ कर उसने तररके पे देखा तो वह कोई दस गार्ड टहल रहे थे और दो सामने की तरफ एआईएम लगा के बैठे थे उनके पास स्नाइपर थी. वो भी शायद नाईट विज़न वाली जिससे वो यहाँ वह देख रहे थे. देवा वही रुका रहा और अपनी जेब से निंजा ब्लेड्स निकल लिए और वही से उसने निंजा ब्लेड फेंकने चालू कर दिए जो गार्ड्स उसके करीब थे सबसे पहले उन्हें hi एआईएम कर के उसने दो ब्लेड फेंके जो तेजी से घूमते हुए गए और उनके गले में जा लगे वो वही गिर पड़े.

अपने साथियो को यु गिरते देख कर गार्ड्स चौकन्ने हो गए और यहाँ वह देखने लगे लेकिन जब तक उन्हें कुछ समझ में आता के ये मरे कैसे देवा ने अगल बगल में दो दो ब्लेड और तेजी से फेंके और चार गार्ड और गए. अब बाकि बचे चार गार्ड और दो स्नाइपर वाले अलग से. उन्हें अब भी समझ में नहीं आ रहा था की कौन कहा से मार रहा है.

अब देवा ने पाइप को पकड़ के तेजी से ऊपर को जम्प मारा और बॉउंड्री वाल पे पैर पड़ने से पहले hi हवा में उसने दो ब्लेड फेंक दिए जो हैरान गार्ड की कनपटी में और गले में जा धसे ब्लेड इतने तेज थे के तुरंत वो भी वही गिर के डैम तोड़ दिए. बाकि दोनों गार्ड्स ने उसकी तरर्फ फायर कर दिया और सनीपेर वालो ने भी अपनी गन का रूख देवा की तरफ किया लेकिन देवा इस बार जम्प लगाने की बजाये जमीन पे स्किड होता गया और अपने मोजर से दोनों स्नाइपर वालो को शूट कर ते हुए एक साइड में जा के गिरा जहा के स्नाइपर वाले ने अपनी आड़ बना राखी थी. अब बाकि के दोनों गार्ड देवा पे फायरिंग कर रहे थे. लेकिन देवा आड़ में जा चूका था. वो लोग फायर करते हुए देवा की तरफ बढ़ रहे थे तभी देवा ने अपने पास पड़े गार्ड को उठाया और सिर्फ उसका सर आगे लाया. सामने के गार्ड्स ने समझा ये देवा ( यानि उनका दुश्मन ) hi है तो वो उस सर को एआईएम बना के फायर करने लगे और उसकी खोपड़ी की धज्जिया उड़ने लगे देवा ने दूसरी साइड से निकल के फुर्ती से उन्हें निशाना बनाया जब तक उन्हें सही हालत समझ आते देवा ने उन्हें शूट कर दिया. और वो दोनों भी वही ढेर हो गए. देवा ने घूम के साह्रो तरफ देखा और निश्चिन्त हो कर. बट में बात की

देवा – आल टीम, हेरे इस आल क्लियर

गुरुम - हेरे आल्सो आल क्लियर हमने यहाँ सबको शूट कर दिया है.

असल में जब ऊपर फायरिंग शुरू हुई तो नीचे वाले गार्ड्स हरकत में आ गए और सतर्क भी हो गए थे इतने में वह खड़े गुरुम, nagarjun,channo और शल्का ने उन के ऊपर अपनी गन्स का मुँह खोल दिया क्यों की ये सब भी उन्हें चारो तरफ से घेर चुके थे अँधेरे में hi. बस इंतजार था ऊपर की फायरिंग का. तो जैसे hi ऊपर फायरिंग शुरू हुई और ये लोग नीचे सतर्क हुए इन्होने भी अपनी गन्स का मुँह खोल दिया किसी को कुछ समझ नहीं आया क्यों के गुरुम एंड टीम अँधेरे में थी और आड़ में , जब तक गार्ड्स समझ कर उन पर फायर कर पते तब तक वो तेजी से घटने लगे थे. अब वो लोग बंगले के गेट पे खड़े थे.

देवा – नागार्जुन, रूद्र तुम दोनों ऊपर आ जाओ

नागार्जुन - ok देवा

फिर नागार्जुन और रूद्र उसी पाइप से चढ़ कर ऊपर पहुंचे और फिर तीनो नीचे जाने लगे इधर गुरुम , चन्नो और शलाका अपनी गन्स संभाले जैसे hi अंदर को जाने लगे उन पर गोलियों की ब्रौशर होने लगी. अंदर के गार्ड्स को अंदर रह के hi कवर करना था इसीलिए वो लोग बहार नहीं निकले थे अब तक. गुरुम तेजी से अंदर घुस गया और गॉर्डस पे फिर करने लगा जिसका नैतीजा शामे hi निकला गार्ड्स तो मरे लेकिन ज्यादा नहीं क्यों की वो सब सावधान भी थे और कवर में भी. इधर गुरुम भी आड़ ले चुक्का था. लेकिन एक गोली गुरुम की पसली को छीलती हुई निकल गयी थी.

शलाका - गुरुम अरे यू ok?

गुरुम - ok

शलाका - no यू अरे नॉट, मए आ रही हु कवर दो.

गुरुम - अरे यार……… आओ अच्छा.

शलाका ने अंदर कदम रखा तो उनपे गोलिया चलने लगी इधर से गुरुम ने निशाना लगा के गेट पे फिर करने वाले दो बन्दों को उदा दिया. तो कुछ गोलिया गुरुम की तरफ आने लगी इतने में चन्नो और शलाका अंदर घुस कर पिलर की आड़ में कड़ी हो गयी. तभी एक …….

आवाज़ ने सबको चौंका दिया.

……… तुम लोग इस बंगले में आकर फंस चुके हो हमें मर तुम सकते नहीं क्यों की यहाँ हम लोग की संख्या जयादा है. हथियारों और गोलियों की कमी नहीं है और भागने हम तुम्हे देंगे नहीं इसीलिए सरेंडर करो तुम लोगो की मौत आसान हो जाएगी. वैसे भी तुम में से एक तो घायल हुआ ह पड़ा है.

गुरुम के कानो में देवा की आवाज आयी - तुम सब अपनी गन्स हवा में उठा के सरेंडर कर दो. और हॉल के बीचो बीच आ जाओ. वैसे ठीक हो तुम?

गुरुम है बस ोली पसली को किश कर के गयी है. नथिंग सीरियस.

देवा – चल कुछ नहीं होता इससे ज्यादा ब्लड लोस्स न होने देना बाकि सब बाद में ठीक करते है. टेक केयर.

गुरुम - ok टीम रेडी फॉर सरेंडर बस गन फेंकना नहीं.

सभी - ok लेटस जो

तो पहले गुरुम ने हाथ ऊपर किये और साइड से बहार निकल आया. और उसके देखा देखि चन्नो और फिर शलाका भी बहार आ गयी. तीनो हॉल के बीचो बीच आ कर खड़े हो गए तीनो के हाथ में आटोमेटिक गन थी लेकिन अभी इनके हाथ ऊपर को थे. उन्हें ऐसे देख कर सरे गार्ड्स भी बहार आ गए और उन्हें घेर के खड़े हो गए. तो उन गार्ड्स का बॉस हँसता हुआ सामने आ गया
 
अपडेट - 202

बॉस - बस तुम तीन hi हो क्या? अरे एना का शिकार करने तुम तीन hi निकले? वो भी इन दो छमिया लोग को ले कर, क्या समझा था एना का शिकार कर लोगे? अरे एना इन जैसी हिरणियों का शिकार रोज करता है अभी इस वक़्त भी वो एक हिरणी को नोच रहा है अपने बिस्तर पे नंगी कर के पर लगता है आज एना का दिन अच्छा है उसे ऐसी हसीं हिरनिया मिल गयी. आज की रात तो वो पलंग hi तोड़ देगा सो नहीं पायेगा इन्हे देख कर. तुम सेल काम से काम मिलिट्री तो ले के आते एना शेर है उसका शिकार करने आया भी तो कौन एक कुत्ता और दो हिरनिया ? पॉसिबल hi नहीं है. चल कुत्ते तू तो मरेगा hi और ये दोनों छुड़ेगी आज की रात आना से चल तू मरने को तैयार हो जा. वैसे भी हमारी जो गोली तेरी पसली तोड़ के निकली है वो तुझे तकलीफ दे hi रही है देख देख कितना खून बाह गया तो मए तुझे मार नहीं रहा बल्कि तुझे इस दर्द से आज़ाद कर रहा हु. थैंक यू बोल देना मरते मरते समझा.

गुरुम , चन्नो और शलाका तीनो शांत खड़े थे.

तभी ऊपर से देवा की आवाज़ आयी - hello पिग्स….. कैसे हो गांडू लोग?

देवा की आवाज़ सुन सभी पालते तो ऊपर से देवा रूद्र और नागार्जुन ने फायरिंग स्टार्ट कर दी वो भी अलग अलग साइड से क्यों की हॉल के ऊपर चारो तरफ बालकनी थी गोलाई में. गार्ड्स पलट के उन पर फिर करने लगे तो चन्नो और गुरुम ने अपने सामने खड़े गार्ड्स को शूट करना शुरू कर दिया लेकिन शलाका की आँखों में आग भरी हुई थी उस बॉस की बातो से.

उसने गन को कमर में फंसा के एक बड़ा सा खंजर निकला और अपने सामने खड़े गार्ड का गाला काट दिया फिर वो नीचे रोले हुई और दूसरा गार्ड जो ऊपर देख के गोलिया चला रहा था तेजी से उसकी छाती में पूरा खंजर घुसा दिया तभी किसी की लात पड़ी शलाका की पीठ पर तो शलाका तेजी से आगे गिरने लगी लेकिन उसने उस गार्ड की छाती से खंजर खींच लिया था और फुर्ती से पलट कर अपना खंजर वाला हाथ घुमा दिया तो उसे लात मरने वाले के कान और कंधे के बीच गार्डन में पूरा खंजर घुस गया. शलाका अभी हद से ज्यादा गुस्से में लग रही थी. वो बस कटती जा रही थी तभी उसके सामने वही बॉस आया तो शलाका तुरंत स्किड होती हुई नीचे को बैठी और अपनी एक तंग मोड़ के दूसरी टांग लम्बी करती हुई फिसल के उस तक पहुंची और उसके कुछ समझने से पहले उसने फुर्ती से अपना खंजर उस बॉस की जांघ में मुठ तक घुसा दिया बॉस तड़प उठा और अपनी गन का दस्ता शलाका के सर में मरने लगा लेकिन शलाका पर असर नहीं हुआ उसने खंजर को अंदर hi अंदर गोल घूमना चालू कर दिया बॉस किसी हलाल होते बकरे की तरह तड़पने लगा. तो शलाका ने खंजर निकल लिया और तुरंत दूसरी जांघ में घुसा दिया. वो बॉस ददम से नीचे गिर पड़ा तो शलाका पे वार करने लगा तभी शलाका ने खंजर निकल के उस बॉस के वार करते हुए कलाई में पूरा खंजर घुसाया जो कलाई के आर पार हो गया. फिर वह से निकल के उसके एक कंधे में फिर दूसरे कंधे में खंजर घुसाया वो सिर्फ कट नहीं मार रही थी बल्कि हर जगह खंजर मुठ तक पूरा घुसा के दो से तीन बार गोल घुमा रही थी. जिससे बॉस की हालत ख़राब होती जा रही थी. उसका खून तेजी से बाह रहा

बॉस का पूरा शरीर खून से लेथ पथ हो चूका था. और अब वो शलाका से जितना हो सके दूर हटने की कोशिश hi कर रहा था, खंजर के घाव इतने हो चुके थे की उसके हर एक घाव से उसे आत्मा बहार निकलती महसूस हो रही थी, पर शलाका का गुस्सा काम होने का नाम नहीं ले रहा था. उधर देवा, rudra,nagarjun, गुरुम और चन्नो ने सरे गार्ड्स को मार दिया था और वो भी शलाका की ये बर्बरता देख रहे थे चन्नो के तो पसीने छूट गए शलाका का ये रूप देख कर.

शलाका - सेल कुत्ते तेरे जैसे कीड़े की औकात नहीं के हमें आँख उठा के देख भी सके न तेरे उस एना की जो तेरे लिए बहोत कुछ होगा लेकिन हमारे सामने रेंगने वाले कीड़े भी रेशम के होते है समझा सूअर. तू हमें उसके बिस्तर पे लितायेगा.

इतना कह कर शलाका ने अपनी पीठ से समुराई खींची और एक एक कर के उसकी दोनों टंगे जांघो से काट दी और उसके बाद उसके हाथ काट दिए. वो बेहोश हो चूका था अब पूरा फर्श खून से भर चूका था.

चन्नो - इसे ख़तम करो.

शलाका - नहीं रे मौत इसकी आज़ादी होगी और मए इसे आज़ाद नहीं होने दूगी पता नहीं कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद की होगी इसने इसे दर्द का अहसास दिलाना है मुझे. पानी दाल इस के मुँह पर. होश में आना चाहिए ये. और तड़पना है इसे मुझे.

देवा – तुम लोग खेलो मए तब तक एना से मिल कर आता हु.

देवा आगे बढ़ गया वह कई सरे रूम्स थे. हैरत की बात थी अब तक एना नहीं आया था बहार? देवा हर रूम चेक करता हुआ आगे बढ़ रहा था. सरे hi रूम खुले हुए थे तभी एक रूम का दरवाजा देवा को लॉक मिला उसने खोलने की कोशिश की लेकिन वो अंदर से बंद था देवा ने दरवाजे पे हाथ रखा तो उसे अंदर का सब नजर आने लगा अंदर दो लड़किया पूरी नंगी सो रही थी. और कला कलूटा एना उन दोनों के बीच में नंगा बेहोश पड़ा था. सामने hi टेबल पे 3 बोतल शराब की खली लड़की हुई पड़ी थी. टेबल पे hi सिगरेट के जले हुए टुकड़े पड़े थे और एक खुला हुआ ड्रग्स का पैकेट भी रखा था.

देवा - ओह्ह्ह्हह्ह तो भाई साब जश्न मन के सोये है इसीलिए नहीं उठे और ये कमरा भी साउंड प्रूफ है इसलिए आवाज़े भी नहीं सुनी होगी इसने वैसे भी बेहोश hi है. अब देवा ने दरवाजे का हैंडल पकड़ा और ताक़त लगा कर घुमा दिया जिससे हैंडल का लॉक टूट गया देवा आराम से अंदर आया और वही रखे पानी का जग उठा के लड़कियों के चेहरे पे डाला दोनों लड़किया हड़बड़ा के उठी और अपने सामने एक अनजान आदमी को देख कर चौंक गयी.

देवा – तुम दोनों से मुझे कोई मतलब नहीं है अपने कपडे पहनो और निकलो.

लड़कियों ने तुरंत आनन् फानन में अपने कपडे समेटे देवा के सामने hi जल्दी से पहने और रूम से बहार को भागी लेकिन बहार का नजारा देख के वही बेहोश होने लगी लेकिन खुद को संभल के एक साइड हो गयी.

उधर देवा ने सामने नंगे पड़े एना की गांड पे एक जमा के लात मरी तो एना अपने बीएड से नीचे को गिरा और कराहता हुआ उठा

एना - कौन है रे madarc………tadaaak देवा का घुसा उसके जबड़े पे पड़ा उसकी बात भी पूरी नहीं हो पायी.

देवा – सेल हरामी देख तो ले गली देने से पहले सामने तेरा बाप खड़ा है.

एना – तू कौन रे…. और तेरा इतना हिम्मत के तू एना के घर में घुसा? ऍम तुमको जिन्दा नै छोड़ेगा. तेरा डेड बॉडी को कुत्तो के आगे डालेगा.

देवा – अबे भोसड़ी के दिओलॉगे मरता है अरे टुकड़े तो तेरे मए करुगा.

तभी एना ने पास hi की टेबल का दराज़ खोल कर उसमे से गन निकली और देव एप तान दी.
 
सभी बीआरओ सबसे पहले तो आपका बहोत बहोत धन्यवाद आपके रिव्यु के लिए. और जो जो पॉइंट आपने ऑब्सेर्वे किये उन सब का अपना hi महत्त्व है , आपने कहा के आपको कावेरी की चल्लेंजिंग लाइन पसंद नहीं आयी के "एक भी गोली लगी तो मई तेरी रखैल" इतस ok भाई no प्रॉब्लम पर हमने वो लाइन लिखी तो उसके पीछे की सोच भी आपको बता देते है, इस लाइन के पीछे कावेरी का अपनी टीम पे भरोसा तो दर्शाता hi है साथ hi खुद पर भी लेकिन इस सब के बावजूद आप अगर उस सिचुएशन पर ध्यान दे तो उस समय उस बॉस की पोजीशन स्ट्रांग थी और कावेरी का मकसद सिर्फ उसे डिस्ट्रक्ट hi करने का था और वो हुआ भी क्यों की उसे भी कावेरी की ये लाइन कुछ ओड hi लगी के भला एक लेडी पुलिस अफसर में इतनी फुर्ती कैसे हो सकती है जो खुद उसमे नहीं थी और फिर इतनी हिम्मत कैसे कर सकती है वो भी बुरी तरह से घिरी होने के बाद, और उसकी ये सोच hi उसे ले डूबी थी. सो शायद अब आप समझ गए हो के वो लाइन का असली मकसद क्या था. वैसे ख़ुशी की बात है के आप अपने लाइक्स और दिस्लिकेस दोनों hi शेयर करते है और ये अच्छी बात भी है.
 
इस पॉइंट पे हम सहमत नहीं हो प् रहे है और अभी स्टोरी की दिशा भी ऐसी नहीं है के हम एक फनटस्य स्टोरी को इन्सेस्ट में बदल दे, पायल का रोले हमने एक बहोत hi नाजुक फूल की तरह दिखाया है जो देव की लाड़ली है, और उसका क्रश आलरेडी उसे मिल चूका है उसके मंगेतर के रूप में उसी से उसने प्यार किया था अभी तक देव या पायल का कोई ऐसा इंसिडेंट नहीं हुआ के कहानी उन्हें बीएड तक ले जाये और अगर हमने ऐसा कुछ करने की कोशिश की तो वो कहानी के साथ जबरदस्ती hi दर्शायेगा, क्यों की यहाँ स्टोरी का एआईएम सिर्फ सेक्स नहीं बल्कि रिवेंज है. और शलाका तो देव और पूनम के साथ पिछले जनम से है अब तक की स्टोरी में कही भी देव या शलाका का व्यू एक दूजे के लिए ऐसा नहीं बना है मजे की बात ये है के शलाका भी कमिटेड है और खुश है तो उसे देव के बिस्तर पे लिटाना भी एक तरह की जबरदस्ती का सेटअप hi लगेगा, और स्टोरी अपनी दिशा से भटक जाएगी. है कुछ प्लाट मंद में है जिससे सुधा, पद्मा और यहाँ तक की देव की माँ भी से में इन्वॉल्व हो सकती है और उसमे से कुछ भी जबरदस्ती का नहीं लगेगा ऐसी मेरी कोशिश रहेगी, बाकि आप रीडर्स है आप लोग hi तय कीजियेगा, थैंक्स फॉर योर सुग्गेस्टिव.
 
अपडेट - 203

तभी एना ने पास hi की टेबल का दराज़ खोल कर उसमे से गन निकली और देव एप तान दी.

अब आगे----------

एना – हाहाहाहा तू अपने आपको होशियार समझता? एना तेरे जैसे छोकरो को अपने लुंड के नीचे रखता है समझा

देवा – अबे गांडू तू ये खिलौना हाथ में आने पे खुद को शेर समझता? पहले देख तो ले इस खली गन से मेरा कुछ बिगड़ सकता है या नहीं

एना - सेल तू अंको चुटिया बनता है ये एना का गन है एना कभी खली गन नहीं रखता .

देवा – मादरचोद जब तुझे नींद से मैने उठाया तो पहले hi मए इसे खली कर चूका था.

एना बौखला जाता है और गन की तरफ देखता है बस इतना वक़्त काफी था देवा के लिए उसने फुर्ती से अपनी पॉकेट से निंजा ब्लेड निकल के एना पे फेंक दिए दो ब्लेड एना की कलाई चीरते हुए उसमे घुस गए. और गन उसके हाथ से गिर गयी

देवा – तुझे चुटिया बनाने की जरुरत नहीं एना तू तो है hi चुटिया पता नहीं इतना नाम कैसे बना लिया तूने. सेल अगर मए गन खली करता तो उसे वापस क्यों रखता भरी गन hi उठा के अपनी जेब में न रख लेता. कहे का डॉन है बे तू नाले डॉन.

एना अपनी कलाई संभाले जमीन पे पड़ा था बड़ी मुश्किल से उसने वो ब्लेड खिंच के अपनी कलाई से निकल फेंके थे अब वह से खून बाह रहा था. तभी देवा उसकी तरफ बढ़ता है और एना तक पहुँचता है लेकिन एना देवा के आगे बढ़ते पैर पे एक जोरदार किक मर देता है जिससे देवा लड़खड़ा जाता है. इतने में एना पास में गिरी अपनी गन उठा के देवा पे फायर कर देता है. देवा वह से लुढ़क कर खुद को बचने की कोशिश करता है लेकिन फिर भी गोली देवा के कंधे को चीरती हुई निकल जाती है. और देवा अपना कन्धा पकड़ के एक तरफ झुक जाता है.

एना – सेल सहना बनता है. एना से होशियारी दिखता है. अभी मए अपने आदमी लोग को बुलाता और तेरा गेम यही बजता मए.

देवा – हाहाहाहाहा एना तेरा कोई आदमी जिन्दा नहीं बचा. न यहाँ न तेरे किसी ठिकाने पे. तू अकेला हो गया रे एना.

एना – तू है कौन और मुझसे चाहता क्या है?

देवा – मए वही देवा हु एना जिसने तेरे आदमियों से दिग की बेटी को बचाया था, मए वही हु जिसे मरने के लिए तूने अपने आदमी मेरे घर सूर्यगढ़ में भेजे थे.

एना – ओह्ह्ह्हह तो तू है वो देवा तू यहाँ है तो तेरा दोस्त रूद्र भी होगा. तुम दोनों से मेरा कोई दुश्मनी नहीं था, तूने मेरे छोकरे लोग को मारा और दुश्मनी शुरू किया और अब जो तुमने किया न मेरे अड्डे बर्बाद कर के मेरे आदमी लोग को मर के वो तेरा आखरी गलती होगा. मए तेरे को जिन्दा नहीं छोड़ेगा. लेकिन पहले अपने दोस्त को बुलाने का. इधर रूद्र को बुला. नहीं तो हम तेरा खोदी खोल डालेगा चल बुला.

तभी दरवाजे से - बुलाने की जरुरत नहीं है रे नारियल पानी तेरा दूसरा बाप इधर hi खड़ा है अब तू एक से तो लड़ नहीं प् रहा था. तो मैने सोचा मए क्यों बेकार में बीच में कुडू वार्ना तेरे मर जाने के बाद ये साला देवा मुझे धोने लगता के मए बीच में क्यों आया. देख भाई देवा अब मए बीच में नहीं आया इसने बुलाया है, मए कोई बिन बुआई नहीं आया अब तू मुझे कुछ नहीं कह सकता. है न एना?

एना – साला मसखरी करता है?

रूद्र – भोसड़ी के, गांडू, तेरी माँ की छूट. तू मेरा साला लगता है या साली जो तेरे से मसखरी करुगा? चल आजा मुझसे लड़

एना – मए तुम दोनों को ख़तम करुगा.

रूद्र - चल तुझे मए एक मौका देता है. मए इधर बैठा हु आराम से सोफे पे तू देवा को पहले मार दे फिर मेरे को आ कर मार देना मए तुझे हाथ भी नहीं लगाऊगा ठीक है?

एना ने देवा पे गोली चलने के लिए उधर देखा तो देवा वह था hi नहीं एना चौंक कर पीछे पलटा तो देवा दोनों हाथ कमर पे रखे खड़ा मुस्करा रहा था.

एना ने देवा पे फायर किया तो देवा दायी तरफ हो गया फिर फायर होने पे वो नीचे बैठा और एक भयानक पंच एना के पेट में मर दिया. तो एना लुढ़कता हुआ वह जा के गिरा जहा रूद्र आराम से बैठा था.

रूद्र - अबे मादरचोद नंगे सेल कुछ पहन के तो मर काम से काम या ऐसे hi नंगा मरेगा. ये ले. और जल्दी से ख़तम कर देवा को सेल ने मुझे बहोत परेशां किया है. फिर फटाफट मुझे भी टपका दे चल शाबाश जल्दी कर.

उसने वही राखी लुंगी एना के ऊपर फेंक दी जिसे एना ने जल्दी से उठा के पहन लिया. और दुबारा देवा पे फिर किया लेकिन तब तक देवा ने हाई जम्प ले ली थी और किक पड़ी सीधा एना के सर में जिससे एना के सर से खून बहने लगा.

अब एना एक डैम से पगला गया और बिना सोचे समझे देवा पे अँधा धुंध फायरिंग करने लगा लेकिन देवा दिहार उधर हो कर उसकी साडी गोलियों को बेकार करता गया और आखिर में एना का गन खली हो गया.

रूद्र – टाइम्स उप बेबी, अब तू गया. मैने मौका दिया तुझे देवा को मरने का लेकिन तू साला किसी काम का नहीं. चल देवा अब तू बैठ जा

………है भाई एना ये है दो चाकू. रूद्र ने जेब से दो बड़े वाले चाकू निकल के दिखाए.

……… ये ले एक तू रख और एक मए रखता हु. चल आजा बराबर का मौका दिया तुझे और मए तेरे hi स्टाइल से तुझसे लडूगा. सेल अपनी पे आता तो हम में से किसी को टच भी न कर पता तू.

एना ने बिना कुछ सोचे जमीन पे पड़ा चाकू उठाया और रूद्र के सामने खड़ा हो गया.

एना – तू होशियारी मरने के चक्कर में गलती कर गया लोंदे. तू नहीं जनता चाकू हाथ में हो तो एना को कोई छू भी नहीं सकता अब तू गया.

रूद्र - भोसड़ी के कितना बोलता है चल दिखा अपना हुनर

एना ने एक हाथ से दूसरे हाथ में चाकू फेंका कैच किया ऐसे उसने तीन चार बार किया नजरे उसकी रूद्र पे hi तिकी हुई थी. रूद्र शांत खड़ा था उसके सामने . तभी एना तेजी से आगे बढ़ा और रूद्र के कंधे के पास गहरा कट मर दिया वो एक वहशी दरिंदे की तरह लग रहा था. रूद्र के कंधे से खून बहने लगा. लेकिन वो फिर भी एना की हर मोमेंट को देख रहा था. एना फिर तेजी से रूद्र के करीब आया और फुर्ती से चाकू घुमा दिया जो रूद्र के सीने को काटता चला गया.
 
अपडेट - 204

रूद्र ने देवा की तरफ देखा तो देवा ने आँखों के इशारे से आगे बढ़ने को कहा.

अब जैसे hi एना ने फिर से रूद्र पे वॉर किया अचानक रूद्र स्ट्रेच होता हुआ नीचे बैठा और एना के पेट में एक लम्बा वॉर किया एना का पेट काटता चला गया रुदा. एना बौखला गया. रूद्र फुर्ती से पलट के उठ खड़ा हुआ और एक हाई जम्प ले कर एक किक एना के मुँह पे मरी एना धड़ाम से जमीन पे गिरा रूद्र भी पास hi गिरा जा कर और फिर से चाकू वाला हाथ घुमा दिया इस बार एना की पीठ को कट्टा हुआ रूद्र का चाकू निकल गया एना की चीखे अब गूंजने लगी.

रूद्र ने दूसरे हाथ से एना के बाल पकड़ के खड़ा किया और घुमाया चाकू वाला हाथ जो एना के कण से लेकर होठ तक कट्टा चला गया. उसके बाद रूद्र ने फिर उसे पीठ में एक लात जमा दी वो कमरे से बहार को आ कर गिरा. रूद्र ने एना को खड़ा किया और उसके चेहरे पे घुसो की बारिश कर दी एना लुढ़कता हुआ सीढ़ियों से नीचे गिरने लगा.

रूद्र फिर आगे बढ़ा एना को मरने के लिए के तभी देवा ने उसका हाथ पकड़ लिया.

रूद्र – नहीं देवा इसे छोड़ना नहीं है तू भूल गया इसने क्या क्या किया पता नहीं कितनी मासूम जिन्दगिया बर्बाद की है.

देवा – कुछ नहीं भुला मए. और चाहता तो मए भी हु के इसे बहोत दर्दनाक मौत मिले लेकिन उससे नुकसान कावेरी का होगा. ये यहाँ से जिन्दा तो नहीं जायेगा ये तो तय है.

तभी दरवाजे से अंदर पूनम और कावेरी आने लगी. पूनम को देवा ने बोल दिया था अंदर आने को.

कावेरी – देवा एना जिन्दा है अब तक?

देवा - है और इसे मरोगी तुम अपनी सरकारी पिस्तौल से.

कावेरी - लेकिन मेरा कानून मुझे इसकी इजाजत नहीं देता देवा.

देवा ने एना वाली पिस्तौल अपनी जेब से निकली जो वो उसके रूम से लाया था और उसने वो पिस्तौल एना के सामने जमीन पे फेंकी.

देवा – एना अभी भी मौका है खुद को बचा सकता है तो बचा ले.

एना ने बड़ी मुश्किल से आंखे खोली और सामने पिस्तौल देख कर उसने झटके से पिस्तौल उठा ली और देवा पे तान दी. सभी देवा को देख रहे थे. देवा शांत खड़ा था.

एना – तुम लोग ओवर कॉन्फिडेंस में hi मरोगे मुझे पिस्तौल दे कर तो गलती hi कर गए तुम लोग.

कावेरी – एना मए एक पुलिस अफसर होने के नाते तुम्हे आर्डर देती हु सरेंडर कर दो

एना – साली तू मुझे पकड़ेगी ले पहले तू hi मर. और एना ने कावेरी पे फायर कर दिया देवा शांत खड़ा सब देख रहा था जैसे hi एना ने फायर किया देवा ने पास कड़ी कावेरी के पैर में अपना पैर मारा कावेरी उसी पल हॉकी सी लड़खड़ाई और एना की चलाई गोली कावेरी के कंधे को छूती हुई निकल गयी. कावेरी ने तुरंत अपने हाथ में थमी सर्विस रिवाल्वर की गोलिया एना पे चलनी शुरू कर दी और जितनी गोलिया थी साडी एना पे कहली कर दी.

सभी खड़े मुस्करा रहे थे. जिन्हे देख कर कावेरी – क्या यार बता तो देते जबरदस्ती गोली खिला दी एना की

देवा – मैने तो बोलै था मर दो तुम कानून बताने लगी तो कानून के हिसाब से काम करवा दिया अब तो यही प्रूव होगा न की सेल्फ डिफेन्स में तुमने मारा है एना को.

कावेरी - स्टोरी क्या होगी?

देवा – स्टोरी ये होगी के तुमने आज एना के कई ठिकानो पे एक आठ छपा मारा जिसमे तुम 100% ाफल रही, लेकिन उनमे से किसी भी अड्डे पे एना खुद नहीं था जब तुमने अपने मुखबिरों से पता करवाया तो पता चला के एना तो अपने इस बंगले में किसी मासूम लड़की को उठवा के लाया है और उसे ख़राब करने में बिजी है, तुमने अपनी स्पेशल टीम के साथ उसे घेरा. तुम्हारे एक साथी के साथ इसने फाइट की जिसमे ये जख्मी भी हुआ तुम्हारे उस साथी यानि रूद्र को भी काफी छोटे आयी. इस हमले में तुम्हारी टीम के लगभग हर मेंबर को छोटे आयी है लेकिन कोई भी खतरे में नहीं है, कुछ दिनों के ट्रीटमेंट के बाद तुम्हारी टीम वापस वर्किंग मोड़ में होगी, फिर ये भागने लगा तुमने इसे वार्निंग दी तो इसने तुम पर hi फायर कर दिया बदले में तुमने सेल्फ डिफेन्स में इसे गोली मरी जिससे ये मारा गया. That’s आल.

कावेरी - नीस देवा यू अरे तू गुड़.

देवा – ये साडी बाटे अब डिटेल में तुम प्रेस में और अपने डपटत में बता देना.

फिर सभी लोग वह से निकल गए. कावेरी की पुलिस टीम भी आ गयी और उन्होंने आगे का काम संभल लिया. इधर देवा एंड टीम एना के अड्डे से अपने काम की चीज़े बटोर कर गाँव आ गयी रात में hi . और दूसरे दिन सुबह की न्यूज़ की हाई लाइट थी. कावेरी एंड उसकी टीम. हर तरफ कावेरी के चर्चे थे. के उसने किस खूबसूरती से एना गैंग का नमो निशान मिटा दिया. उसके हर काळा धंधे को ख़तम किया. और आखरी में उसे भी मौत की नींद सुला दिया. हर न्यूज़ पेपर हर टीवी चैनल पे यही सब चल रहा था लेकिन अब की बार कावेरी ने देवा एंड टीम को भी ओफ्फिशलय अन्नोउंस किया और उनकी पूरी डिटेल भी सबको बता दी जिससे देवा एंड टीम स्टार बन गयी. जो देखो वही उनसे मिलने सूर्यगढ़ आ रहा था. लेकिन उन्होंने इसका क्रेडिट वापस कावेरी को hi दिया है अपने जख्म जरूर दिखाए रूद्र और देवा ने जिससे कावेरी ने जो भी बताया था वो प्रूव हुआ.

फिनॉय ये एना का खेल कहत्म हुआ. लेकिन क्या ये समापन था? ये एक शुरआत?????
 
अपडेट - 205

उधर ाघरोई इस समय पिशाच राज के सामने बैठा था. और दोनों hi शराब के गिलास थामे हुए थे उसे कनिका ने hi ये सुझाया था के पिशाचराज की सहायता से हमला किया जाये. और देवा की ताक़त को तोडा जाये.

पिशाचराज - कहो अघोरी बहोत दिनों बाद यद् आयी इस मित्र की कैसे हो?

ाघरोई - ऐसी बात नहीं है मित्र, यद् तो तुम को करता hi रहता हु लेकिन इधर बहोत समय से मए भी व्यस्त था और फिर कभी फुर्सत हुआ भी तो ये सोचकर तुम्हे परेशां नहीं किया के तुम भी अपने राज काज में व्यस्त होंगे. और बताओ कैसा चल रहा है तुम्हारा शासन?

पिशाचराज - सब ठीक hi चल रहा है. लेकिन अब समस्या तो हर किसी के साथ लगी hi रहती है उसके बिना किसी का जीवन नहीं होता. बिना समस्याओ के जीवन सिर्फ मुर्दो का होता है. इसीलिए वो सो जाते है. जिसकी आक्न्हे खुली हुई है मतलब वो शक्श समस्या में hi है. ये अपना तजुर्बा कहता है.

अघोरी – हाहाहाहाहा सच कहा मित्र जब तक आंखे खुली है तब तक हर आदमी कही न कही जूझता hi रहता है. पर तुम्हारा राज्य तो बहोत अधिक फ़ैल गया है फिर क्या परेशानी है.

पिशाचराज – कुछ खास नहीं बस जैसे जैसे मेरी प्रजा बढ़ती जाती है उनके लिए ताजे खून की भरपाई करना hi मेरी समस्या रहती है. अब राज्य बढ़ाया है तो राज्य के साथ साथ मेरी प्रजा भी तो बढ़ेगी न फिर सेल जिसे देखो किसी न किसी को पकड़ के पेलता रहता है तो बच्चे भी होते है और यहाँ के बच्चे माँ का दूध नहीं खून पी कर बड़े होते है तुम तो जानते hi हो बस यही सब लगा हुआ है. और इसी के साथ मेरी एक चिंता और भी है. पिशाचराज के माथे पे बल पद गए अपनी बात कहते कहते.

अघोरी - ऐसी क्या बात है जिससे तुम्हारे माथे पे बल पड़े, हम दोस्त है तुम मुझे बताओ अगर हो सका तो अपनी साडी शक्तिया लगा दुगा तुम्हारी चिंता दूर करने में.

पिशाच – धन्यवाद मित्र लेकिन मेरी चिंता इस समय की नहीं है अभी तो मए और मेरा राज सब सही है मुझे चिंता है भविष्य की , मेरा जो राज ज्योत्षी है उसने कहा है के ये जो मेरे राज में चारो तरफ शांति है ये ज्यादा दिन नहीं रहने वाली ये तूफ़ान से पहले की शांति से ज्यादा कुछ नहीं, और मेरा बुरा समय आने hi वाला है. कोई है जो मेरी बानी बनायीं पूरी हस्ती को बराड़ कर देगा. और शायद मुझे भी ख़तम hi केर दे.

अघोरी - क्या ????? ये क्या कह रहे हो तुम किस की इतनी मजाल जो तुम्हारी तरफ टेडी नजर भी कर दे, कौन है वो ?

पिशाच – वही तो पता नहीं चल प् रहा है एरर, और सबसे बड़ी बात मेरी तो किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं मेरा कोई दुश्मन है hi नहीं क्यों की मए अपने दुश्मन को अगली सांस लेने का मौका कभी नहीं देता जहा से गुजर जाता हु अपने पैरो के निशान पहले मिटाता हु जिससे के कोई बाद में मुझ पे वार न करे अब ये समझ नहीं आ रहा के ऐसा कौन सा दशमं है मेरा जो मुझे तबाह करने का डैम रखता है बहोत सोचने पर भी मुझे कुछ पता नहीं चल रहा है न hi मेरी शक्तिया उसे धुंध प् रही है.

अघोरी - तो मित्र इसमें समस्या क्या है जब वो साला सामने होगा तब उसे आराम से निपटा लगे भला हम दोनों के सामने किसी की क्या औकात और रही तुम्हारी दूसरी बात तुम्हे तो ताजे गरम खून से मतलब है न किसी नयी नगरी पे कब्ज़ा करो वह के लोगो का गरम खून हाजिर मिलेगा और वह की सुन्दरिया भी तुम्हारे भोगने के लिए मिल जाएगी.

पिशाचराज - है पर ये तो आखरी विकल्प हुआ न मित्र मए सोच रहा हु इस बार किस नगरी पे कब्ज़ा जम्मू क्यों के मेरी नजर में तिलिस्म नगरी, नाग लोक, जीन लोक और पारी लोक है. पारी लोक तो इस वक़्त बेहद कड़े सुरक्षा घेरे में है, जीन लोक का बादशाह भी इस वक़्त बेहद मजबूत है और भविष्य में और ज्यादा मजबूत होने वाला है तो उससे टकरा कर मए अपनी तबाही को नहीं बुला सकता, नागलोक और तिलिस्म लोक के विषय में सोच रहा हु मए. क्यों की उनका सुरक्षा कवच बहोत ज्यादा पुराण हो चूका है और उसे फ़िलहाल कोई बदल भी नहीं रहा है मेरे सूत्रों से पता चला है के वह अभी कोई ऐसा योद्धा भी नहीं जो दोनों में से किसी भी नगरी को सुरक्षित कर पाए.

अघोरी - वाह मित्र क्या बात कही है तुमने इससे तो हम दोनों की समस्या हल हो जाएगी ( अघोरी मन में- शायद अभी इसे देव के लौट आने की जानकारी नहीं है ….. ाचा है मेरा काम तो बन hi जायेगा फिर चाहे ये जीए या मरे साला माँ छुड़ाए मुझे क्या).

पिशाचराज – वो कैसे?

अघोरी - अरे यार मेरे सर का दर्द भी वही दोनों नगरीय है मेरा क्या मामला हो चूका है ये तो तुम जानते hi हो. अब तक मए उन नागरियो पे कब्ज़ा नहीं जमा पाया लेकिन अगर तुम्हारी सहायता मिले तो हम दोनों का काम पूरा हो सकता है.

पिशाचराज - कैसे मित्र?

अघोरी - देखो नागलोक के जिस देव सिंह को मैने मारा था वो फिर से जनम ले चूका है और अब तक स्वर्ण मणि भी हासिल कर चूका है. यहाँ तक की अपनी ताक़त भी कई गुना बड़ा चूका है और उसके साथ तिलिस्म नगरी की राजकुमारिया भी है इसीलिए इन दोनों नागरियो को तुम या मए अकेले हथिया नहीं सकते लेकिन अगर तुम और मए मिल जाये तो मए एक रास्ता बता सकता हु जिससे हम इन दोनों नागरियो को कब्जे में ले लगे. फिर जो नगरी तुम चाहो रख लेना और दूसरी मुझे दे देना क्यों की मुझे अब नगरी से ज्यादा बदले की इच्छा है उस इच्छाधारी देव से और एक नगरी के साथ बस मुझे वो राजकुमारिया और एक नागिन नीलम चाहिए. बाकि सब तुम्हारा

पिशाचराज की आँखों में खतरनाक चमक उठने लगी.

पिचछराज - लेकिन अगर वो देव दुबारा जनम ले चूका है, स्वर्ण मणि भी हासिल कर चूका है, अपनी शातिया भी बड़ा चूका है तो वही हमारे सामने आ खड़ा होगा, राजकुमारिया उसके पास है मतलब वो उनकी नगरी को भी सुरक्षित करेगा क्यों की छूट चाहे तो लुंड सब करता है ये साला देव भी छूट के चक्कर में हमसे भीड़ जायेगा, अगर हमने तिलिस्म नगरी पे हाथ डाला तो. फिर ऐसे में कैसे होगा एरर,

अघोरी – तुमने सही कहा वो hi है जो हमें रोक सकता है और तुम्हारा ये अनुमान भी सही है के वो राजकुमरियो की छूट के चक्कर में भी है उसी वजह से हम तिलिस्म नगरी पे भी आक्रमण नहीं कर सकते लेकिन इस समस्या का हल मैने सोच लिया है इसीलिए तो तुम्हे बुलाया है मेरे दोस्त.

पिशाचराज – अगर तुमने सोचा है तो कुछ बढ़िया वाला hi सोचा होगा ईसीए मुझे मंजूर है मित्र. मुझे बताओ करना क्या है मुझे.

अघोरी - मित्र यु तो मेरी योजना शुरू हो चुकी है, मए हमला भी कर चुक्का हु और बी आगे की योजना के लिए यानि तुम्हारे लिए मैदान तैयार है बस तुम्हे अब आगे का संभालना है और उसके लिए बस तुमसे बात करने की देर थी अब वो भी हो गयी है अब सुनो तुम्हे करना क्या है, जिससे हम दोनों के सपने साकार हो सके.

उसके बाद अघोरी उसे बहोत धीमी आवाज़ में पूरी प्लानिंग बताने लगा. बात पूरी होने के बाद

पिशाचराज - वाआअह जियो अघोरी क्या बात है इससे तो वो इच्छाधारी सांप भी मर जायेगा लाठी भी नहीं टूटेगी. क्या बात है बहोत खूब मित्र. बस अब तुम देखते जाओ अपने इस मित्र का कमल मए कैसे उन सबको तिगनी का नाच नाचता हु. कोई कुछ नहीं कर पायेगा. सब सेल भूतनी के पगला जायेगे के ये हुआ कैसे और जब तक ये कुछ समझ के कर पाएंगे तब तक तो अपना काम hi हो जायेगा.

मए अपना जाल कल सुबह से फैलाना शुरू करुगा.

अघोरी - है हमारी इस चाल के आगे उस देव और रूद्र की मिली जुली ताक़त भी कुछ नहीं कर पायेगी. न hi वो उस स्वर्ण मणि का कोई इस्तेमाल कर पायेगा क्यों की हम सामने आकर तो उनसे टकराएंगे नहीं जो वो हम पर स्वर्ण मणि इस्तेमाल कर सके. एक बार हमारी चल सफल हो गयी तो उसका और उसकी उन दोनों नागरियो का सूर्यास्त होने में ज्यादा देर नहीं लगेगी और फिर होगा वह हमारा राज अँधेरे का राज ऐसा भयानक अँधेरा जिसमे सिर्फ चीखे होगी हमारा hi राज होगा. हमारे काळा सयो का राज होगा. बस इतना ध्यान रखना के जब तुम कदम बढ़ाओ तो देव या उसके साथियो को भनक भी नहीं लगनी चाहिए वार्ना तुम्हारा पहला कदम रखते hi वो तुम्हे लप्पेट लगे सेल बड़े खतरनाक है.

पिशाचराज - ऐसा कुछ नहीं होगा वो सब तुम मुझ पर छोड़ दो मए पिशाचराज यु hi नहीं बन गया मित्र. लेकिन अब साबरा नहीं होता, जब से तुमने मुझे अपनी योजना बताई है तभी से मेरे अंदर नाग लोक और तिलिस्मी लोक की सुंदरियों का नंगा बदन नाच रहा है और मए उन्हें रुला रुला के भोगने की अपनी इच्छा को रोक नहीं प् रहा हु.

अघोरी - बस कुछ समय और रोकना होगा तुम्हे अपनी इन इच्छाओ को फिर हम दोनों मिल कर उन खूबसूरत हसीनाओ के बदन से दिन रत खेलेंगे. और राज करेंगे नाग लोक और तिलिस्म लोक पर. तुम्हे अब मेरे संकेत का hi इंतजार करना है मित्र सही समय आने पर मए स्वयं तुम्हे खबर कर दुगा. लेकिन योजना के मुताबिक तुम कल सूर्य की पहली किरण से पहले अपना काम कर देना. अब मुझे इजाजत दो.

पिशाचराज - अरे इतनी भी क्या जल्दी है मित्र जरा अपने इस मित्र को अपनी सेवा करने का मौका तो दो. आज रत मए तुम्हारे लिए एक कुवारी कन्या भेंट करना चाहता हु जिसे तुम अपने फौलादी जिस्म से कुचल कर उसे काली से फूल बनाओ.

अघोरी - अरे इसकी क्या जरुरत है मित्र?

पिशाचराज - जरुरत है मित्र और बहोत सख्त जरुरत है तुमने आज मुझे मेरे सपनो को साकार करने का मार्ग बताया है उस बात का जश्न तो बनता है न. चलो हम दोनों की गर्मी को शांत करने का पूरा इंतजाम है आओ.

फिर पिशाचराज अघोरी को एक खास कमरे में ले जाता है जहा एक बेहद खूबसूरत लड़की बिस्तर पे बेहोश पड़ी थी. उसकी साड़ी घुटनो तक उठी हुई थी और पल्लू चूचियों से ढलका हुआ था उसकी तानी हुई बड़ी बड़ी गोरी चूचिया जो ब्लाउज में से आधी बहार को झांक रही थी. उन्हें देख कर अघोरी का लुंड फुफकारे मरने लगा.

पिशारज - हमने आज hi इसे इसके लगन मंडप से उठवाया है आज इसकी शादी हो रही थी. सोचा था इसके साथ सुहागरात हम नायेगे और इसकी कड़क जवानी का मजा लुटेगे और फिर इसका खून पीकर अपनी प्यास बुझाएगे. लेकिन हमने अब तक इसे छुआ भी नहीं अब ये तुम्हे हमारी तरफ से एक तोहफा है. जाओ ये तुम्हारी हुई. आज की रत इस नयी नवेली दुल्हन के दूल्हे तुम हो जाओ बिस्तर पे तुम्हारी दुल्हन इंतजार कर रही है मनाओ सुहागरात पुरे दिल से, हम सुबह मिलते है.

इतना कह कर पिशाचराज कमरे से बहार निकल जाता है और अघोरी अपनी धोती खोल कर पूरा नंगा हो जाता है उसका कला लुंड इस समय क्रोधित सांप की तरह खड़ा था और अघोरी की आँखों में जहाँ भर की वासना उमड़ रही थी. अघोरी उसकी तरफ बढ़ने लगा.

उधर पिशाचराज भी दूसरे कमरे में गया वह भी एक बेहद खूबसूरत कुवारी लड़की कमरे में बैठी थी. लेकिन वो सम्मोहित थी पिशाचराज धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा.
 
अपडेट - 206

उधर पिशाचराज भी दूसरे कमरे में गया वह भी एक बेहद खूबसूरत कुवारी लड़की कमरे में बैठी थी. लेकिन वो सम्मोहित थी पिशाचराज धीरे धीरे उसकी तरफ बढ़ने लगा.

अब आगे……

इधर सुबह सुबह गाँव में इस वक़्त देवा अपने बाबू जी के पास हॉस्पिटल में था दन को अब एक पवत. रूम में शिफ्ट कर दिया गया था. अब वो पहले से ठीक थे लेकिन उसकी हालत में कोई खास सुधर नहीं था. देवा इस बात से काफी परेशां भी था. उसकी कोई शक्तिया भी दन को ठीक नहीं कर प् रही थी. वही पे डॉ. आनंद भी खड़े थे. देवा इस बात से फ़िलहाल अनजान था के अघोरी और पिशाचराज अपनी चल उसके आने से पहले hi चल चुके है.

देवा – डॉ. साब क्या बात है आखिर बाबू जी की हालत में सुधर क्यों नहीं आ रहा है?

डॉ. आनंद – देवा जी हम अपनी तरर्फ से हर मुमकिन कोशिश कर रह है कल hi मेरी अमेरिका के एक बहोत बड़े सेप्सिअलिस्ट से बात हुई है जो आजकल मुंबई में आये हुए है. मैने उन्हें दन जी की पूरी केस हिस्ट्री बताई है लेकिन वो कुछ भी बता नहीं पाए तो उन्होंने कहा है के वो पेर्सनली आकर इन्हे देखेंगे. आप चिंता मत कीजिये वो कल तक आकर इन्हे चेक कर लगे और फिर उम्मीद है आप के बाबू जी जल्दी hi ठीक हो जायेगे.

देवा – जो भी करना हो जल्दी कीजिये डॉ. साब बस मेरे बाबू जी जल्दी ठीक होने चाहिए. इतस रिक्वेस्ट.

डॉ. – लेटस होप फॉर बेस्ट देवा जी.

फिर देवा वह से बहार आ गया तो सामने hi आरफा नजर आ गयी. वो एक रूम के सामने कड़ी थी और रूम के अंदर देख रही थी वो एक मेटरनिटी रूम था

देवा – hello आरफा .

आरफा - ओह्ह देवा जी, hi.

इतना कह कर आरफा ने चेहरा झुका लिए और अपनी आंखे साफ़ करने लगी

देवा – क्या हुआ आरफा आप रो रही है?

आरफा - नहीं तो बस ये तो यु hi

देवा - क्या हुआ हमें बताइये.

आरफा - नहीं देवा जी कुछ नहीं बस उस कमरे में जो औरत है न वो कल hi माँ बानी है और अभी अपने बच्चे के साथ खेल रही है उसे hi देख के मुझे कुछ याद आ गया और कुछ नहीं.

देवा – मए समझ सकता हु आरफा आपकी भी तो नयी नयी जिंदगी शुरू हुई थी. लेकिन जो होना है उसे कोई ताल नहीं सकता सो रिलेक्स. इस तरह उदास मत होइए आप. वैसे आप कही जा रही थी ?

आरफा - कही नहीं बस अपने रूम तक जा रही थी.

देवा – आप लोगो को कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न यहाँ?

आरफा - जी नहीं देवा जी. थैंक यू . वैसे कल तो आप ने कमल hi कर दिया मुझे नहीं पता था के ये सब इतनी जल्दी हो जायेगा एना गैंग को पूरी तरह से साफ़ कर hi दिया आप ने. आरफा का चेहरा थोड़ा परेशां था जो देवा भांप गया.

देवा – इतस टीम वर्क माय डिअर. मए अकेला कुछ नहीं कर सकता सब के साथ होने पे hi काम होता है.

आरफा - ये तो आपका सोचना है . बाकि सब का तो यही कहना है के आप न होते तो कुछ न हो पता.

देवा – नहीं आरफा ऐसी कोई बात नहीं सब का साथ हो तो hi कुछ मुमकिन होता है. वैसे आरफा आज मुझे आपके चेहरे पे वो चमक दिखाई नहीं दे रही है क्या हुआ कोई प्रॉब्लम है क्या?

आरफा ने नजर उठा के देवा की आँखों में देखा - नहीं….. एक्चुअली है……. वो कुछ खास नहीं…….. पर………

देवा – क्या कह रही हो यार ऐसा कुछ बोलो जो समझ में आये.

आरफा मुस्करा कर - अरे देवा जी बात है भी और नहीं भी. मतलब मए खुद कोशिश कर रही हु हैंडल हो जाएगी.

देवा – अरे अब बता भी दो क्या बात है कोई परेशां कर रहा है क्या?

आरफा – तौबा, आप लोगो के साये में जो हो उसे भी कोई परेशां करने की सोच सकता है क्या भला. ये तो हो hi नहीं सकता देवा जी. असल में बात ये है के सिटी में हम मिया बीवी रहते थे हम दोनों hi अनाथ थे आगे पीछे तो कोई था नहीं जो भी थे हम hi थे एक दूजे के. अब वो तो रहे नहीं और विल्सन के आदमियों ने मुझे उठा लिया और मए उसके बाद यहाँ पहुंच गयी तो मेरे पति के नाम वह एक माकन है जहा हम लोग रहते थे. मए सोच रही थी के वो मेरे नाम हो जाता. वार्ना कही कोई और न उस पर कब्ज़ा कर ले हम दोनों ने बड़ी म्हणत से वो माकन बनवाया था.

देवा – बस इतनी सी बात. उस माकन का एड्रेस मुझे दे दो कल तक उसके पेपर्स तुम्हारे नाम से ट्रांसफर हो कर तुम्हे मिल जायेगे.

आरफा - अरे आप क्यों तकलीफ करते है मए देख लगी. खामखा आपको परेशानी होगी.

देवा – ाजी जब हमारे साथ रहने वालो को कोई परेशां करने की हिम्मत नहीं कर सकता तो भला कोई हमें परेशां कर सकता है क्या? आप भी न आरफा. आप निश्चिन्त रहिये और एड्रेस मुझे मैसेज कर दीजिये मए देख लगा.

आरफा - लेकिन मेरे पति के नाम से है वो माकन और वो पेपर्स तो मेरे घर में hi रखे है न तो उनकी जरुरत तो पड़ेगी hi आपको. मए वो लेकर दे दूगी कल आपको उसके बाद आप ट्रांसफर करवा दीजियेगा.

देवा –तुम एक काम करो तुम आज फ्री हो तो सिटी चलते है वह से वो पेपर्स ले आते है मुझे भी कुछ काम है सिटी में तो दोनों हो जायेगे.

आरफा – ok ठीक है कब चलना है?

देव – मुझे घर से एक मेहमान को लाना है उसके बाद चलते है. मए आ जाउगा थोड़ी देर में आप तैयार हो जाइये.

अरफ़ा – ok मए इंतजार करुँगी.
 
अघोरी की फितरत में hi धोखा है, वो धोखे का hi दूसरा रूप है, ऐसे कई लोग हमारे आस पास मिल hi जाते है जो मीठी जबान बोल कर हम से अपना उल्लू सीधा करते है फिर चाहे उसमे हमारा कितना भी और कुछ भी नुकसान हो उससे उन्हें कोई फरक नहीं पड़ता. अघोरी की यही मानसिकता दिखने की कोशिश की थी हमने यहाँ पर. थैंक्स फॉर योर रिव्यु बीआरओ
 
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