Fantasy इच्छाधारी देव - Page 31 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

थैंक यू वैरी मच सभी बीआरओ हमेशा की तरह आपके खूबसूरत रिव्यु के लिए . और भाई अगर आप लोग ऐसे रिव्यु देने के बाद सॉरी बोलोगे तो कैसे अच्छा लगेगा. यार हम लोग स्टोरी देने में देर करते है तो अपनी समस्या बताते है आप लोगो को. आपने तो सिर्फ लेट रिव्यु दिया है सो no नीड फॉर सॉरी बीआरओ. आप हमारी स्टोरी पढ़ते है और उस पर अपने विचार देते है यही बहोत है. थैंक्स वन्स अगेन भाई.
 
अपडेट – 172

पूनम – फिर तो आपकी कोख में पल रहा बच्चा भी भाग्यवान hi है न भाभी. क्यों की उसमे भी तो वही खून है जो देव की रगो में है.

पूनम की बात सुन कर दिया हड़बड़ाई और देव को देखने लगी तो देव मुस्करा रहा था. तभी पूनम बोली.

अरे भाभी इस खंडन का जो खून देव की रगो में है वही रघु भैया की रगो में और वही तो इस बच्चे की रगो में भी है न. तो ये बच्चा भी तो भाग्यशाली कहलाया न.

दिया - तूने सच hi कहा पूनम मेरा बच्चा भी भाग्यशाली है. पर मुझे तो अब भी यकीन नहीं होता. के जो कुछ तुम लोग कह रहे हो वो सब सच है.

रूद्र – आपको यकीन नहीं तो उसका भी रास्ता है आप कहो तो हम लोग अभी फिर से अपने नाग रूप में आ जाये. और देव का महा नाग वाला रूप भी देख hi लो आप.

दिया – nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii भगवन के लिए मुझे माफ़ करो रूद्र मए मर जोगी तुम सबके असली रूप देख कर तू रहने दे. मुझे डरा मत. और देव का तो यही रूप मुझसे नहीं देखा जाता बड़ा भयंकर है. महा नाग वाला रूप तो मए बिलकुल नहीं देख पाउगी.

सब दिया की बात पे हसने लगे.

दिया – अच्छा तो तुम्हारी सगाई में वो लोग जो आये थे वो तुम्हारे और मेरी पूनम रानी के माता पिता थे, और साथ में रूद्र और नीलम के माता पिता भी. भाई वाह किसी को कुछ पता hi नहीं चला और तुमने सबको साथ भी मिला लिया. ये तुमने बहोत अच्छा किया.

शलाका – है भाभी और ये जो उस कुत्ते अघोरी ने ठाकुर के साथ मिल कर हमला करवाया न उस समय भी उन्ही लोगो ने आप सब को गायब किया यहाँ से और कही छुपा दिया था. लेकिन जब आप लोग सब वापस यहाँ आये तो आप लोगो को लगा की कुछ हुआ hi नहीं और आप लोग सो hi रहे हो असल में आप लोग वह जगे भी थे और परेशान भी हुए थे. खाया पिया भी था. यहाँ लेन से पहले आप लोगो को सुला दिया गया जिससे आप सब को कुछ यद् न रहे. और वही हुआ.

दिया - हम्म्म उन लोगो ने सही तो किया. बोलकर हमें ले जा नहीं सकते थे. और यहाँ छोड़ नहीं सकते थे क्यों के ये देव और इसकी टीम तो यहाँ थी hi नहीं अगर सब घर वाले यहाँ होते तो तुम सब की मुश्किलें बढ़ जाती. फ़कीर बाबा ने सही फैसला किया. अच्छा देव मुझे कब ले जाओगे वह?

देव – अब तो आप सब जान hi गयी है आपका वह जाने का टिकट कन्फर्म हो गया है. लेकिन सही वक़्त आने पे चलेंगे. अभी नहीं. वैसे भी पूनम के माता पिता और मेरे पिताजी महाराज और राज माता का आदेश है के सगाई हमारी चाहे धरती पे हुई है लेकिन हम सबकी शादिया नागलोक में hi होगी. उस हिसाब से तो आप सबको वह चलना hi है. बस सही वक़्त देख कर बाकि लोगो को भी ये सच बताना है. पता नहीं कैसे बताउगा उन्हें मए?

पूनम – आप परेशां मत होइए अब तो भाभी भी हमारे साथ है वो सब जानती है वो भी तो आपकी मदद करेगी न, अभी परेशां मत हो हम सब है ना आपके साथ.

दिया - हम्म्म्म पूनम सही कह रही है देवा तू परेशां मत हो ठीक है. वैसे अब क्या सोचा है?

देव – अभी यहाँ की लाइफ एन्जॉय करेंगे. और मन्नू तक पहुंच कर पहले मन्नू को निपटाएंगे अभी तो वो जख्मी है ठीक हो जाने दो उसको तभी तो मरने का मजा आएगा. मरे हुए को मरने में क्या मजा.

दिया – तब तक एक काम करो दुनिया को भी दिखाना है और माँ जी को भी. इसीलिए कल hi तू एक अचे डॉ. को यहाँ ले आ जो बाबू जी का ट्रीटमेंट कर सके. वैसे उनका असली ट्रीटमेंट तो तू hi करेगा. फिर भी दुनिया के लिए डॉ. लाना जरूरी है.

पूनम – आप सही कह रही है भाभी हम लोग कल hi डॉ. को ले आएंगे.

गुरुम - अरे देव वो तुम भाभी के आने से पहले कुछ कह रहे थे न?

देव – है मए तुम लोगो की जुबानी 7 महीनो के अपडेट लेना चाहता था. और उस विल्सन की कहानी भी तो पूछनी थी.

गुरुम – ओह्ह गॉड तो क्या ऐसा भी कुछ है जो हम देव को बता सकते है? क्यों मजाक करते हो यार सब कुछ तो तुम यु hi जान सकते हो न

देव – जान लेने में और तुम लोगो से सुनने में बड़ा फरक है, तुमसे सुनने में मुझे और तुम्हे जो ख़ुशी मिलेगी वो मुझे यु hi जान लेने में नहीं मिलने वाली. इसीलिए तुम लोग hi बताओ.

गुरुम – ok तो हुआ यु के जिस दिन तुम रत में निकलने वाले थे उसी दिन शाम को हम लोग यहाँ से निकल गए और 8 बजे के करीब कावेरी मैडम के पास पहुंच गए थे. फिर वह डिनर कर के हम लोग निकले विल्सन पे अटैक ाकरने लेकिन वह पहुंच कर हमने देखा के एक औरत ऐसी थी जिसे विल्सन और उसके आदमी बातो से हरा नहीं प् रहे थे. न hi वो उनकी धमकियों से दर रही थी. विल्सन के आदमियों ने उसके कपडे उतरने शुरू कर दिए थे पर वो दिलेरी के साथ कड़ी थी विल्सन के सामने एक चैलेंज बन कर वो बिकुल दर नहीं रही थी बल्कि इतनी मुश्किल में भी वो उनके सामने डट के कड़ी थी. उसका नाम है अरफ़ा. ये हमें बाद में पता चला. फिर …………..……………………………

और गुरुम देव को सब कुछ सिलसिले वॉर बताता चला गया.

गुरुम - उसके बाद की कहानी शलाका बताएगी.

शलाका - तो फिर जैसा के तुमने कहा था. सभी हवेली में रहने लगी और जो नयी बिल्डिंग बनाने का काम हम स्टार्ट कर चुके थे हमने पूरा ध्यान वह लगाया. साडी लेडीज भी वह के चक्कर लगाती रहती थी. बल्कि उनमे से कई ने तो अपना नियम बना लिया था सुबह से शाम तक वही रहती थी. उन लोगो की मौजूदगी की वजह से काम थोड़ा स्लो करवाना पड़ा. वार्ना तो मए दो महीने में hi बिल्डिंग कड़ी करवा देती. हलाकि वो मए दो मिनट में भी कर सकती हु पर दुनिया को दिखने के लिए दो महीने ले लेती. पर क्यों की सब लेडीज वह रोज जाती थी. इसीलिए 6 महीने लगा के काम पूरा करवाया. फिर जब सब तैयार हो गया तो साडी लेडीज वह शिफ्ट हो गयी. इस बीच नागार्जुन और गुरुम आम के बागो की देखभाल करते रहे. और बाबू जी की मदद भी. चन्नो भी बिल्डिंग वर्क में हमारे साथ hi रही. इन सब कामो में हम इतने बिजी हो गए के हमारा धायण किसी मुसीबत की तरफ गया hi नहीं जिसका फायदा अघोरी ने उठाया था. है इसे तुम हमारी निश्चिंतता और ओवर कॉन्फिडेंस भी कह सकते हो. जो हमारे लिए घातक साबित हुआ. यु तो कावेरी ने कई बार हम से संपर्क किया लेकिन हमने कह दिया के देवा ने मन किया है अभी कोई दूसरा हमला नहीं करना है. इसीलिए जब तक देवा नहीं कहेगा हम कोई अटैक नहीं करेंगे. तो वो भी शांत हो गयी. और फिर ये सब हुआ और तुमने भी एंट्री मरी. बस यही था सब.

देवा – बहोत अच्छा काम किया तुम लोगो ने. मए तुम सब से बेहद खुश हु. मेरी गैर मौजूदगी में तुम सब ने hi बहोत अचे से सब हैंडल किया. अब मए कावेरी से बात कर के नेक्स्ट एक्शन प्लान करता हु. कल तुम लोग मुझे एना की डिटेल बताओ अब उस पर अटैक जल्दी जल्दी होंगे. या फिर एक साथ होंगे क्यों की अब इस एना को निपटा के हमें विठल गैंग का सफाया भी करना है. शलाका तुम एक काम करो मुंबई में एक बंगलो देख लो. हो सके तो विठल की असली ठिकाने के आस पास वह क्या है मुझे बताओ फिर आगे बात करेंगे. अब चलो सोना भी है.

सभी लोग उठकर आगे बढ़ जाते है. और अपने अपने घर और कमरों में चले जाते है. जाते जाते दिया ने प्यार से देवा को देखा और एक शोख नजर उस पर दाल कर पलट गयी और जानबूझकर अपनी गांड को मटकते हुए जाने लगी देव ने ये सब नोट किया और उसके चेहरे पे मुस्कान आ गयी. वो भी दिया के पीछे चल पड़ा . . . .

सुबह का सूरज सब के लिए hi नया था. देवा भी अपने रोज के नियम पूरे कर के अपने घर से निकला रात को उसने दिया की जैम के चुदाई की थी हलाकि दिया का आखरी महीना hi चल रहा था इसीसलिए पलंग तोड़ चुदाई तो संभव hi नहीं थी. बहोत संभल के छोड़ना पद रहा था के अंदर बच्चे को कोई नुकासन न हो या दिया को कोई तकलीफ न हो. देवा इस चुदाई के लिए तैयार नहीं था. लेकिन दिया का बहोत मन हो रहा था. जिस वजह से देवा को उसकी बात माननी पड़ी आराम से चुदाई करते हुए देवा को ज्यादा समय लगा और करीब रत के 2.30 बजे वो सो पाया. दिया भी बहोत दिनों बाद देवा से छुड़वा के खुश थी.

सुबह जब देवा नीचे आया. तो उसकी माँ भी हॉल में बैठी थी.

देवा - अरे माँ उठ गयी आप ? अब कैसी तबियत है आपकी?

सावित्री की आँखों में आंसू थे – देवा तेरे बाबू जी को क्या हुआ है कोई कुछ बताता hi नहीं मुझे और वो अब तक सो क्यों रहे है.

देवा – अरे माँ ये लोग भी न कुछ समझते hi नहीं तो तुझे क्या बतायेगे. वो बाबू जी को एक्सीडेंट का सदमा लगा है इसीलिए उन्हें डॉ. ने कल रात नींद का डबल दोसे दिया था. तू चिंता मत कर वो ठीक है और बहोत जल्द एक डैम फिट हो जायेगे मए हु न तू क्यों घबराती है. सावित्री एक डैम देवा से लिपट गयी.

सावित्री – देवा उन के बिना मए नहीं रह पाउगी उन्हें जल्दी से ठीक करा दे वार्ना मए भी मर जोगी. इतना कह कर सावित्री रोये जा रही थी.

देवा ने सावित्री को अपनी बहो में जकड लिया और उसके सर पे चुम लिया.

देवा – माँ तू चिंता मत कर तेरा ये बीटा है न सब ठीक हो जायेगा. दोनों कुछ देर यु hi खड़े रहे. तभी वह गुरुम आता है.

गुरुम - देवा वो शहर से डॉ. साब आये है बाबू जी को देखने.

देवा – चलो माँ डॉ. साब आ गए है. अब सब ठीक हो जायेगा.
 
अपडेट – 173

देवा और सावित्री भी डॉ. के पास आ जाते है. और उन्हें लेकर दन के कमरे में जाते है जहा दन. सोया हुआ था. डॉ. उन्हें चेक करता है. थोड़ी देर के बाद

डॉ . – देखिये मए इन्हे इंजेक्शन दे देता हु और कुछ दवाइया भी लिख देता हु लेकिन इनकी हालत सुधरने में टाइम लगेगा इन्हे कोई शॉक लगा है जिससे ये कोमा में चले गए है. अच्छा होगा अगर इन्हे हॉस्पिटल में आप भर्ती करवा दे.

देवा – डॉ. साब अभी हमारे गाँव में नया हॉस्पिटल बना है क्या वह इन्हे एडमिट कर सकते है? वो क्या है के शहर आने जाने में काफी दिक्कत होगी.

डॉ – देखिये देवा जी अगर यहाँ के हॉस्पिटल में सरे इंतजाम है तब तो ठीक है वार्ना मए इन्हे यहाँ रखने की सलाह नहीं दुगा.

देवा – आप यहाँ का हॉस्पिटल देख लीजिये उस के बाद जैसा आप कहेगे वैसा hi हम करेंगे.

डॉ. – ok चलिए दिखाइए मुझे हॉस्पिटल

गुरुम , देवा और डॉ. तीनो पहुंचते है नई बिल्डिंग में जहा का स्टाफ सिर्फ गुरुम को जनता था. उन्हें लगता है के ये कोई डॉ. होंगे. देव चुप चाप चल रहा था वह पे और माहौल का मजा ले रहा था क्यों की उसे वह का स्टाफ या वो लड़किया नहीं जानती थी. सभी वह काम में लगे हुए थे. देव ने भी पहली बार ये बिल्डिंग देखि थी काफी अच्छी बन गयी थी बहोत बड़ा हॉस्पिटल बन चूका था. उस हॉस्पिटल के अंदर जाकर लग hi नहीं रहा था के ये किसी गाँव का हॉस्पिटल है. वो हॉस्पिटल तो मुंबई सिटी जैसी हॉस्पिटल्स को टक्कर देने वाला था. डॉ. भी देख के हैरान था.

डॉ. – OMG ये क्या है क्या मए किसी गाँव में hi हु या आप लोग मुझे कही और ले आये है किसी जादू से. व्हाट इस थिस ? ी मैं इतस इम्पॉसिबल इस मामूली से गाँव में इतना हाई टेक हॉस्पिटल इतनी साडी सुविधाएं. कैसे आ गयी आप लोग विश्वास नहीं करेंगे ये सब फैसिलिटीज तो हमारे शहर में भी नहीं इन सब चीजों के लिए हमें अपने पेशेंट्स को मुंबई ,दिल्ली या कई बार तो कुछ चीज़ो के लिए अब्रॉड भेजना पड़ता है. यहाँ तो विदेशो के हॉस्पिटल्स तक की सुविधाएं है बहोत खूब इस हॉस्पिटल के डायरेक्टर सच में बहोत ग्रेट पर्सन होंगे. जो इतनी शानदार और साडी सुविधाओं से भरपूर हॉस्पिटल बनाया है, वो भी इस छोटे से गाँव में. क्या मए उनसे मिल सकता हु ?

गुरुम – अरे डॉ. साब आप सुबह से उन्ही के साथ घूम रहे है और अब कह रहे है के डायरेक्टर से मिलना है?

डॉ. – मतलब? मए कुछ समझा नहीं गुरुम जी.

गुरुम – यही तो है सरे करता धर्ता इनकी hi वजह से ये इतना शानदार हॉस्पिटल बना है यहाँ . मर. देवा.

डॉ. – देवा जी आप? ये सब आपने किया है? आप सच में महँ है,

देवा – डॉ. साब इसमें म्हणता वाली कोई बात नहीं बस मए कर सकता था तो मैने कर दिया. अगर मेरे कुछ करने से सरे गाँव का भला होता है तो मुझे ख़ुशी hi मिलेगी.

डॉ. – सिर्फ ख़ुशी hi नहीं इस वजह से आपको आपके बाबू जी बहोत जल्द भले चेंज हो कर मिलेंगे आप जानते नहीं आपने क्या किया है. आप अभी अपने बाबू जी को यहाँ शिफ्ट कर लीजिये. यहाँ तो हमारे शहर के पेटेंट्स भी आएंगे. क्यों की ऐसा हॉस्पिटल तो शहर में भी नहीं है. तैयार हो जाइये देवा जी आप के हॉस्पिटल में दूर दूर के पेटेंट्स आने वाले है. इस हॉस्पिटल की ऐड हो जाये तो आपको खुद अंदर आने के लिए पीछे से दरवाजा बनवाना पड़ेगा क्यों के सामने तो भीड़ लगी हुई होगी. और पैसा तो इतना आएगा की बोरियो में भर के रखना पड़ेगा आपको.

देवा – नहीं डॉ. साब ये हॉस्पिटल मैने पैसे कमाने के लिए नहीं सेवा के लिए खोला है. बस यहाँ डॉ. नहीं है तो अगर आप रास्ता बताये तो हमारी मदद हो जाएगी.

डॉ. – भाई देवा जी. अगर बात सेवा की है तो मए खुद भी यहाँ ज्वाइन करना चाहुगा. और आप जो पेमेंट देंगे वही मेरे लिए काफी होगी. बाकि मए भी यहाँ सेवा hi करुगा अगर आपकी इजाजत हो तो

देवा – अरे डॉ. साब आप कैसी बाते करते है. भला आपको मुझसे इजाजत लेने की क्या जरुरत है. आप खुद यहाँ रहेंगे तो मेरे बाबू जी की देखभाल की चिंता भी नहीं रहेगी मुझे.

डॉ. ठीक है तो एक काम करते है. मए कल hi यहाँ आ जाता हु और कुछ दिन में वह की पूरी फॉर्मेलिटी निपटा के अपने परिवार को भी ले आउगा. और है यहाँ पे डीआरएस. की कमी है न तो आप चिंता मत कीजिये मए आपकी पूरी मदद भी करुगा. के कैसे यहाँ के लिए डीआरएस. और नर्सेज मिलेंगे आप न्यूज़ पेपर्स और टीवी में ऐड दे दीजिये और इस हॉस्पिटल को रगतड़. करवाने का काम मए करवा दुगा. अब सबसे पहले बाबू जी को ले आते है.

गुरुम - डॉ साब एक जगह और देखनी है आपको यहाँ.

डॉ. – क्या अभी और भी कुछ देखना बाकि है?

गुरुम - बहोत कुछ बाकि है सर आइये तो पहले अपने काम की चीज़ देख लीजिये.

फिर देव , डॉ, और गुरुम हॉस्पिटल को पीछे जाने लगते है एक बहतो बड़े गार्डन को क्रॉस कर के हॉस्पिटल के पीछे पहुंचते है जहा लाइन से कई शानदार माकन बने हुए थे. और किसी के भी रहने के लिए पूरी तरह तैयार थे.

गुरुम – डॉ साब जो डीआरएस हमारे यहाँ इस हॉस्पिटल में रहेंगे अगर वो चाहे तो उन्हें यहाँ घर दिया जायेगा जिससे उन्हें रहना की कोई दिक्कत न हो. आइये मए आपको माकन अंदर से दिखा देता है.

फिर गुरुम ने उन्हें ले जाकर एक माकन खोल कर दिखा दिया जिसमे हर तरह की सुविधाएं थी. डॉ. की तो आँखे फटी रह गयी ये सब देख कर.

डॉ. – यार मए हु तो डॉ लेकिन आज तुम लोगो ने इतने शॉक दिए है के मुझे लग रहा है मुझे हार्ट फ़ैल न हो जाये.

गुरुम - हॉस्पिटल के दूसरी तरफ गर्ल्स हॉस्टल बना हुआ है जो समाज की मजबूर और लचर बेसहारा लड़कियों या महिलाओ के लिए है. यदि किसी के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है या किसी का रपे हो जाता है. ऐसी लड़किया जो इन करने से अपने घर परिवार द्वारा भी ठुकरा दी जाती है. उन्हें यहाँ इज्जत की जिंदगी बिताने के लिए घर और साडी सुविधाएं दी जाती है उनमे से जिसे जो काम आता है उस के हिसाब से वो काम करना चाहे तो कर सकती है. कोई नर्सिंग जानती है तो कोई टीचर कोई घर के मामूली काम तो कोई कुछ . जिसे जो करना हो कर सकती है और वह सिक्योरिटी इतनी टाइट है के परिंदा बी पर नहीं मार सकता.

डॉ. – देवा जी मए आपसे बहोत इम्प्रेस हुआ हु. मए जल्द hi अपनी बीवी और बच्चो को यहाँ ले आउगा. क्या मए यहाँ रह कर आपके हॉस्पिटल में काम कर सकता हु?

देवा – नहीं…….. मेरे हॉस्पिटल में काम नहीं कर सकते आप…

गुरुम और डॉ दोनों hi देवा को देखने लगे

देवा - क्यों की ये सबका हॉस्पिटल है इसलिए आप भी इसे अपना हॉस्पिटल hi समझे और अपने हॉस्पिटल में आप काम कर सकते है डॉ. साब

डॉ. – ओह्ह्ह्ह थैंक यू देवा आपने तो मुझे डरा hi दिया.

फिर तीनो वह से चल दिए और थोड़ी hi देर में दन को उस हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया. जहा फ़िलहाल डॉ. तुरंत hi दो नर्स को गाँव बुलवा लिया और उन्ही के द्वारा दवाइया भी मंगवा ली फिर उन्हें दन का ट्रीटमेंट समझा कर डॉ. वापस शहर चला गया. अब जब वो नर्सेज आएगी तो डॉ के मुताबिक ट्रीटमेंट शुरू कर देगी . कल से वो इसी गाँव में रहने वाला था. वो बहोत खुश था के उसे ऐसे हाई टेक हॉस्पिटल में इतनी आसानी से नौकरी मिल गयी थी.

देवा – गुरुम मए जरा हवेली जा रहा हु तुम वो एना वाले इंफॉर्मेशंस निकल के रखो फिर उस पे बात कर के ा आगे बढ़ेंगे

गुरुम - ok देवा मए अर्रंगे करता हु सब.
 
अपडेट – 174

देवा – गुरुम मए जरा हवेली जा रहा हु तुम वो एना वाले इंफॉर्मेशंस निकल के रखो फिर उस पे बात कर के ा आगे बढ़ेंगे

गुरुम - ok देवा मए अर्रंगे करता हु सब.

अब आगे…..

फिर देवा वह से निकल के हवेली चला गया वह के हालत कुछ खास नहीं बदले थे. सबसे पहले उसकी मुलाकात हुई माला से जो हॉल में hi एक सोफे पे बैठी थी. देवा को देखा तो उठ के कड़ी होने लगी लेकिन देवा जल्दी से उसके पास आ गया

देवा – क्या करती हो माला तुम आराम करो तुम्हे उठने की क्या जरुरत है? वैसे हमारा बच्चा कैसा है?

माला - बहोत शैतान है दिन रत पेट में लात मरता रहता है. बिलकुल आप पे गया है.

देवा – है तो मुझ पे hi जायेगा न तुम्हे कोई आपत्ति है क्या?

माला - नहीं जी मुझे कैसी आपत्ति ?

देवा – बाकि सब के क्या हल है?

माला - सब का एक जैसा हल है किसी को छोड़ा था तुमने जो हालत सही होगी? वैसे कहा थे इतने दिन बाद आये हो?

देवा – मए कही काम से गया था इसीलिए नहीं मिल पाया सॉरी अब ऐसा नहीं होगा. और तुम सब की जिंदगी में बहार आने वाली है और तुम हो के शिकायत कर रही हो?

माला - नहीं जी मए कोई शिकायत नहीं कर रही हु मए तो मजाक कर रही थी. वैसे भी गुरुम आया था तो बताया था के आप किसी काम से बहार गए है तो आ नहीं पाएंगे मिलने और कब तक आएंगे ये भी पता नहीं. हम लोग तो बस आपका इंतजार कर रहे थे. हमें यकीन है आप पर की आप हमें कभी अकेला नहीं छोड़ेगे. अब आप जाइये और मिल लीजिये सब से. सभी आपसे मिलने को बेताब है.

देवा ने झुक कर माला के माथे को चूमा और फिर वह से उठ कर सीधा कमनी के बैडरूम में जाता है जहा अब सिर्फ कमनी hi थी और आराम कर रही थी.

देवा – कैसी हो मेरी जान ?

कमनी - ओह्ह देवा आप आइये आइये मिल गयी हमसे मिलने की फुर्सत ?

देवा – अरे यार बिजी था इसीलिए नहीं आ पाया लेकिन तुम सबकी पूरी सुरक्षा और देखभाल का इंतजाम कर दिया था न, कोई दिक्कत आयी क्या?

कामिनी - नहीं देवा आपके होते हमें कोई दिक्कत कैसे आ सकती है. जानते हो हर चीज़ थी बस आप नहीं थे. और मुझे तो अब आपके शिव किसी चीज़ की कोई इच्छा hi नहीं है. बस आप मेरे पास आ गए तो मुझे सब मिल गया.

देवा – अब आ गया हु न अब नहीं जाउगा . दवाइया टाइम से ले रही हो न?

कामिनी - है देवा आपकी अमानत का पूरा ख्याल रखा है मैने. आप टेंशन मत लीजिये और अपने कामो पे ध्यान दीजिये.

देवा – वैरी गुड़ अब ज्यादा बाटे मत करो और आराम करो. वैसे वो बाला कहा है आज अकेली हो यहाँ ?

कामिनी - उसकी हालत तो वैसी hi है न बिगड़ी है न सुधरी है. बस मुझे देखते hi रोने लगता है जैसे अपनी करनी पे पचता रहा हो. मुझसे भी देखा नहीं जाता था उसे, तो मैने उसे दूसरे रूम में शिफ्ट कर दिया है. कभी कभी जब उसका खड़ा हो जाता है तो मैने नौकरानी से कहा है के हाथ से हिला दिया करे. इससे ज्यादा कुछ नहीं. क्यों के वो खुद तो इतना भी नहीं कर सकता न.

देवा – हम्म्म ठीक है. उसके बारे में बाद में बात करेंगे. अभी मए चलता हु. फिर आउगा. Ok?

कामिनी – देवा wo…wo…..

देवा – कुछ कहना है ? कुछ चाहिए क्या?

कामिनी – नहीं….. है चाहिए तो पर…..

देवा – अरे क्या हुआ है तुम्हे बोलो क्या चाहिए मेरी जान जो बोलोगी ला दुगा.

कामिनी – नहीं देवा मुझे शर्म आ रही है.

देवा – अब बोलो भी मुझसे क्या शर्माना?

कामिनी - अरे रुको तो बोल रही हु न आप भी……..

देवा – तो बोलो

कामिनी - वो……. देवा मए कह रही थी के बहोत दिन हो गए है न तो………….. aaj…….aaj आपको देख कर बहोत मन हो रहा है के आप मुझे………….

इतना कह कर कामिनी ने अपना चेहरा अपने हाथो से ढँक लिया शर्म के मरे और इतना भी वो कैसे कह पाई वो hi जानती थी.

देवा – ओह्ह्ह तो ये बात है. लेकिन मेरी जान इस समय तुम मुझे नहीं झेल पाओगी देखो अपने पेट की हालत ऐसे में अगर जरा सी चूक हो गयी तो हमारे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है न इसीलिए अभी नहीं, और फिर कुछ दिन की hi तो बात है. उस के बाद तो तुम मन भी करोगी तब भी नहीं छोड़ूगा समझी.

कामिनी की आँखों में निराशा आ गयी लेकिन होठो पे जबरदस्ती की मुस्कान लेन की कोशिश करने लगी.

देवा से भी देखा नहीं गया

देवा - अच्छा चलो कुछ करता हु तुम्हारे लिए. जिससे तुम्हे आराम मिले. ठीक है मेरी जान?

कामिनी ने शर्माके अपनी आंखे झुका ली और अब उसके चेहरे पे रियल की मुस्कान फ़ैल गयी.

फिर देवा ने कामिनी को खिंच कर गले से लगाया और उसके होठो पे अपने होठ रख कर चूसने लगा.

कामिनी तो उसकी आँखों में देखते हुए उसे अपने होठो का रास पीला रही थी . तभी देवा ने होठ को हस्ते हुए अपने हाथ कामिनी की फूली हुई चूचियों पे रख दिए और उसकी सिल्क के मैक्सी के ऊपर से hi उसकी चूचिया दबाने लगा. कामिनी की सिसकारियां फूटने लगी वो भी देवा को अपनी बहो में ले कर लिपटने लगी. देवा दोनों हाथ से अब कमनी के चुके दबा रहा था अंदर उसने ब्रा नहीं पहनी थी उसके खड़े निप्पल देवा की उंगलियों में छूने लगे देवा भी देर न करते हुए दोनों निप्पल्स को उंगलियों में पकड़ कर मसलने लगा

कामिनी की सिसकारियां बढ़ती जा रही थी ऊऊऊऊह्सस्स्सस्सीीीी देवाआआआ आराम से दर्द होने लगा है अब तो निप्पल्स में आआह्ह्ह्हह माआआ ाःह्ह्स्स्सस्स्स्सीी कहा थे मेरी जान मए तरस गयी थी तुम्हरी इस छौं के लिए. आआअह्ह्ह और दबाओ मेरे बूब्स को देवा, देवा अब कभी उसके गलो को चूमता कभी उसकी गार्डन पे अपने होठ लगा के उसकी गार्डन को चुस्त और निरंतर कामिनी की चूचियों को मसलता रहा

फिर वो नीचे आया और कामिनी की निघ्त्य को उठाने लगा कामिनी के गोर गोर पैरो से निन्घ्ती अब उसके घुटनो तक आ गयी थी उसके गोर गोर पैरो की पायल और चिकनी टंगे देख कर देवा का मन भी डोलने लगा था देवा ने कामिनी को लिटा दिया और अपने होठ कामिनी की टैंगो पे रख दिए और उसे सहलाते हुए चूमने लगा कामिनी की पेंटी अब पूरी भीग चुकी थी. वो तरस रही थी के देवा को उस पर रहम आ जाये और देवा अपने पहले वाले रूप में आकर उसे पटक कर भोगे और तृप्त कर दे लेकिन वो कह नहीं प् रही थी देवा उसकी टैंगो को चूमते हुए अब उसकी गोरी गोरी जांघो तक आ गया था उसके नथुनों से भी कामिनी की पेंटी से होकर आती हुई मनमोहक सुगंध टकराने लगी. देवा कामिनी की जांघो को चुम रहा था, सहला रहा था, चूस रहा था, काट रहा था अपने दांतो से हलके हलके और कामिनी देवा की इन हरकतों से पिघाती जा रही थी. तभी वो हुआ जिसकी कामिनी को उम्मीद थी देवा के होठ पेंटी के ऊपर से hi कामिनी की फूली हुई छूट पे आ गए और देवा ने कामिनी की छूट को पेंटी के ऊपर से hi चूस लिया.

कामिनी अपने पैर बिस्तर में पटकने लगी और अपनी कमर उठा उठा के अपनी छूट ो देवा के मुँह पे रगड़ने लगी, तभी देवा उठा और कामिनी की पेंटी को उसकी टैंगो से निकल दिया,

कामिनी - देवा मत तरसाओ ऐसे और मुझे तृप्त कर दो

देवा ने बस मुस्करा के कामिनी को देखा और फिर उसकी रास बहती छूट को देखा. जो थोड़ी सी फूल गयी थी लेकिन इस वजह से अब छूट फिर से बंद सी दिख रही थी. देवा ने कामिनी की छूट की लकीर पे अपनी ऊँगली राखी और हलके हलके सहलए लगा उसमे से पानी की एक धार सी बहार आने लगी. तभी बहार से ठकुराइन की आवाज़ आयी…………
 
अपडेट - 175

तभी बहार से ठकुराइन की आवाज़ आयी…………

अब आगे ……

ठकुराइन नौकर को दांत रही थी

कामिनी - देवा कोई इधर न आये……

देवा - तुम चिंता मत करो मैने दरवाजा लगा दिया है तुम मुझ पर hi ध्यान लगाओ मेरी रानी

इतना कह कर देवा ने झुक कर उस मनमोहक सुगंध को अपनी सांसो में खींच लिया और दो उंगलियों से छूट को खोलकर अपनी जीभ से कामिनी के भगनासे को सहलाने लगा कामिनी पागल हो रही थी और अपने हाथो से hi अपनी चूचिया दबाने लगी वो बहोत जोर जोर से चीख कर अपनी ख़ुशी जाहिर करना चाहती थी लेकिन सिर्फ तेज सिसकारियां hi निकल रही थी अब देवा की जीभ कामिनी की छूट को भी छेड़ने लागित थी और देवा भरपूर कोशिश कर के अपनी जीभ कामिनी की छूट की गहराई में उतरने लगा लेकिन कहा उसका लुंड और कहा उसकी जीभ कमीं की बेचैनी बढ़ती जा रही थी देवा ने मैक्सी को कामिनी के गले तक ऊपर कर दिया और कामिनी की गोरी गोरी बड़ी बड़ी फूली हुई चुकी पे अपना हाथ रख दिया और एक ऊँगली कामिनी की छूट में घुसेड़ दी कामिनी अभी इस दोहरे हमले से बहार भी नहीं आयी थी के देवा ने कामिनी की चुकी को होड़ कर अपना लुंड पेण्ट की ज़िप खोलकर बहार निकला और कामिनी का हाथ उस पे रख दिया कामिनी की तो आँखों में हजारो जुगनू चमकने लगे उसे भी लगा अब देवा बिना चोदे नहीं रह पायेगा वो इतने दिनों बाद अपने प्रियतम का लुंड अपने हाथो में लेकर ख़ुशी से झूम रही थी और उसे प्यार से सहलाने लगी देवा कामिनी पे झुक गया अभी भी उसका एक हाथ कामिनी की चुकी मसल रहा था और एक हाथ की ऊँगली कमनी की छूट में थी जो कामिनी के जिस्म में तूफ़ान ला रही थी. देवा अब फिर कामिनी पे झुक गया और उसके होठो पे अपने होठ रख दिए और कामिनी के होठो का रास पीने लगा उधर तेजी से अपनी ऊँगली कामिनी की छूट में भी पेल रहा था कामिनी भी सिर्फ मोअन करते हुए देवा का हैवी लुंड सहला रही थी. तभी वो अपनी कमर को तेजी से ऊपर को उठाने लगी तो देवा ने अपनी ऊँगली बहार निकल ली

कामिनी – ससससीएएएएएआआआआअह्हह्ह्ह्ह देवा ऊँगली क्यों निकली आआह्ह्ह्हह मए तड़प रही हु devaaaaaaaaaaa कुछः करो

देवा तुरंत नीचे बैठा और अपने होठ कामिनी की जलती हुई छूट पे लगा दिए और जोर जोर से चूसने लगा कमीने ने अपने दोनों पैर फैला दिए और देवा का सर पकड़ कर अपनी कमर उठाने लगी जैसे उसे hi घुसेड़ लेगी अपनी छूट में कुछ hi पालो बाद कामिनी का शरीर अकड़ गया और उसने अपनी कमर ऊपर को तान दी और इतने दिनों से जमा किया हुआ अपना गरम और गाढ़ा रास देवा के होठो पे छोड़ दिया. देवा ने उस अमृत की एक एक बूँद को दिल से पिया . कामिनी हांफ रही थी उसके बाल पूरे बिखरे हुए थे ऐसा लग रहा था जैसे अभी देवा ने उसे रगड़ के छोड़ा हो. कुछ देर देवा कामिनी को देखता रहा तो कामिनी ने अपनी आंखे खोली और देवा को देख कर मुस्करा दी.

कामिनी - थैंक्स देवा तुमने कुछ न कर के भी मुझे पूरी तरह तृप्त कर दिया. लेकिन इस बीच तुम खुद भी तो गरम हो गए अब बिना तुम्हे संतुष्ट किये मए कैसे जाने दू. इधर आओ मए भी चूस कर तुम्हे शांत करती हु.

देवा - नहीं मेरी जान उसकी जरुरत नहीं है मए इतना तो कण्ट्रोल कर hi सत्ता हु. वैसे भी जिसकी स्वीट हार्ट ऐसी कंडीशन में हो उसे परेशां नहीं करना चाहिए तुम रिलेक्स हो गयी बस वही मेरा मकसद था . रही बात मुझे रिलेक्स करने की तो पहले फ्री हो जाओ फिर तो पूरी जिंदगी पड़ी है. अब मए जाता हु जल्दी hi आउगा अपने ख्याल रखना.

देवा ने एक बार फिर एक भरपूर चुम्बन कामिनी के होठो पे दिया और फिर देवा वह से निकल कर ज्योति के रूम में गया जहा वो अब अकेली hi बैठी कोई बुक पढ़ रही थी.

देवा – hi डार्लिंग

ज्योति ने देवा को देखा तो कुर्सी से कड़ी हो गयी और देवा से लिपट गयी उसका भी पेट पूरा फुला हुआ था. वो देवा के गालो को माथे को और होठो को चूमे जा रही थी.

देवा – बस कर यार सब कुछ आज hi कर लेगी क्या?

ज्योति - ओह्ह्ह्ह देवा मत रोको मुझे कितने दिन बाद तुम्हे देखा है मए तो पागल hi हो गयी थी. कितनी बार तुमने मुझसे सिर्फ फ़ोन पे बात की लेकिन सामने नहीं आते थे. ऐसा क्यों देवा मुझसे कोई गलती हुई क्या?

*शलाका hi देव के क्लोन से हवेली में बात करवा देती थी*

देवा – नहीं मेरी जान गलती कैसी? वो तो मए बिजी था अपने कामो में इसीलिए नहीं आ प् रहा था. अब आ गया हु न तुम लोगो के पास.

ज्योति – ओह्ह देवा अब मुझे छोड़ के मत जाना.

देवा – नहीं जाउगा. अब बैठो ऐसी हालत में ज्यादा देर कड़ी मत रहो बच्चे पे बुरा असर पड़ता है. और सुनाओ तुम्हरे उस कागजी पति के क्या हाल है?

ज्योति - वो कागजी पति है तो कागजो में hi रहेगा न उससे मेरे असली पति को कोई दिक्कत नहीं होगी. वैसे उसने मुझसे कोई बात नहीं की है जैसा तुमने कहा था वो 15 दिन बाद hi चला गया था. और फिर शायद उसने वह शादी कर ली होगी. मुझे कोई आईडिया नहीं है उसका. लेकिन ये आईडिया बहोत अच्छा था आपक. अब गाँव वालो को मुझे कोई जवाब नहीं देना पड़ता मैने नौकरो से सुना है के सब मेरे उस पति के लिए यही कहते है के पैसे की इतनी भी क्या भूख के ज्योति ठाकुर को छोड़ के कमाने चला गया.

देवा – बस यही तो बैठना था गाँव वालो के दिमाग में. अब जल्द hi उसे बुला के तलाक करवा देंगे.

ज्योति - नहीं अभी नहीं. अभी तो मुझे एक और बच्चा भी चाहिए न.

देवा – अच्छा बाबा जैसा तुम कहो.

ज्योति - लेकिन देवा मए सोच रही थी के क्या फिर उसे ऐसे hi 15 दिन के लिए बुलाएंगे क्या ये अच्छा लगेगा? मेरा मतलब गाँव वाले तो अनपढ़ गवर है लेकिन वो लोग अब ये नहीं सोचेंगे के जब आता है पेट से कर के गायब हो जाता है मए क्या सिर्फ उसकी हवस के लिए hi हु? मुझे लगता है ऐसे में मेरी इज्जत ख़राब होगी गाँव वालो की नजर में.

देवा – हम्म्म्म तो फिर ऐसा करेंगे की उसे बुलवा लगे और इस बार तुम्हारी विदाई करवा देंगे उसके साथ गाँव वालो को दिखने के लिए. लेकिन असल में तो तुम्हरी विदाई मेरे साथ होगी मए तुम्हारे साथ hi रहुगा वो एयरपोर्ट से अपने देश चला जायेगा डाइवोर्स पेपर पे सिग्न कर के और हम दोनों किसी और कंट्री में चले जायेगे. कुछ सालो के लिए वह तुम रहोगी. और वही एक बच्चा भी पैदा करोगी. गाँव वालो को बोल देंगे की तुम अपनी ससुराल चली गयी हो. उसके बाद सीधा तलाक करवा के hi तुम वापस आओगी. इस से तुम्हरी इमेज बी नहीं बिगड़ेगी और तलाक भी हो जायेगा और तुम्हे दो बच्चे भी मिल जायेगे.

ज्योति वववव देवा यू अरे अमेजिंग बहोत मस्त प्लान है लेकिन मए दूसरी कंट्री में अकेली कैसे रहूगी. तुम्हारे बिना

देवा - अरे मेरी जान मए भला तुम्हे अकेला छोड़ सकता हु क्या तुम्हरे साथ कोई न कोई रहेगा तुम अकेली नहीं रहोगी. दूसरी बात मए भी आता जाता रहुगा.

ज्योति - सच्ची तुम आओगे वह पे

देवा – लो कर लो बात. अरे भाई मए नहीं आउगा तो दूसरा बच्चा कहा से लाओगी?

ज्योति ये सुन कर बुरी तरह शर्मा गयी और देवा के सीने में अपना मुँह छुपा लिया और अपने hi सर में ंचपात लगा दी के मए भी क्या बोल गयी.

ज्योति - ओह्ह्ह्हह्ह देवा यू अरे सो स्वीट. मए तो सोच सोच के परेशां थी तुमने तो चुटकियो में पूरी समस्या hi सोल्वे कर दी. उम्मम्मम्माआअह्हह्ह्ह्ह ज्योति ने देवा के होठो को कास के चुम लिया.

देवा – अच्छा अब आराम करो और दवाइयों में कोई ढील मत छोड़ना हमारा बच्चा तंदुरुस्त hi पैदा होना चाहिए समझी.

ज्योति – जी देवा आप फिक्र न करे मए ख्याल रखूगी. और है जल्दी आना फिर से कही गायब मत हो जाना.

देवा – ok माय लव. Bye.

फिर देवा वह से निकला और नीचे आया तो सामने नौकर खड़ा था.
 
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फिर देवा वह से निकला और नीचे आया तो सामने नौकर खड़ा था.

न – नमस्कार सर्कार

देवा – नमस्कार, ठकुराइन कहा गयी ?

न – (गर्दन झुकाये गए) जी वो अपने कमरे में आराम कर रही है. बुला दू?

देवा – नहीं बुलाने की जरुरत नहीं है. बस उन्हें बता देना के मए जा रहा हु.

उसके बाद देवा वह से निकल के अपने खेतो में आ गया. जहा पेड़ की ठंडी छाव में रघु बैठा था.

रघु - अरे आओ देवा कहा से आ रहे हो?

देवा – वो जरा हवेली गया था भैया आप बताओ क्या हाल है?

रघु - बस ठीक हु. अरे हां तू फ्री है क्या अभी ?

देवा – है भैया बिलकुल फ्री हु क्यों क्या हुआ?

रघु - वो आज मैने सोचा के खाना घर पे खा लगा और बाबूजी को भी देख लगा.

देवा – अरे तो ऐसी क्या बात है भैया आप जाओ और खाना खा के बाबू जी को देख कर आराम भी करो मजदूरों के जाने के बाद मए शाम को आ जाउगा. अब आप अभी मत आना मए हु यहाँ.

रघु – अरे नहीं देवा मए बस 1 घंटे में ाजाऊगा न.

देवा – नहीं आज आप नहीं आएंगे जा कर आराम कीजिये और भाभी के साथ भी समय बिताइए उन्हें इस वक़्त आपकी जरुरत है. मए हु न यहाँ. आप जाइये. मुझे वैसे भी अभी कोई काम नहीं है.

रघु – अच्छा ठीक है फिर मए जाता हु.

फिर वह से रघु चला गया और देवा अंदर कमरे में चला गया और वह से वो सिर्फ धोती पहन के बहार आया आज बहोत दिनों बाद उसने धोती पहनी थी फिर वही खत पे बैठ गया.

आज उसका मूड हो रहा था किसी को छोड़ने का एक तो बहोत दिन हो गए थे किसी की लिए हुए दूसरा कामिनी ने भी कुछ मूड बना दिया उसका लेकिन हवेली में सब की हालत देख के उसका मन नहीं हुआ के किसी पे चढ़े इससे उनको तकलीफ होती और देवा उन्हें कोई तकलीफ नहीं दबना चाहता था.

देवा मन में - क्या करू माला, कामिनी, ज्योति, देवकी, उर्मिला या दोनों ममिया कोई भी तो नहीं है जिसे थोक सकू सब की सब पेट से है और सब के पेट फुले हुए है ऐसे में उन्हें तकलीफ देने का मन नहीं है क्यों की मुझे रगड़ के छोड़ना है बहोत दिन हो गए है किस के पास जाऊ……………..

तभी उसे अपने खेत में काम करती बसंती नजर आती है वो जो उसी के खेत में काम करने वाले दिनु की पत्नी है इनकी शादी को अभी कुछ hi महीने हुए . क्या मस्त गदराया हुआ कैसा बदन है. मस्त ठोस उभरे हुए चुके बड़ी बड़ी गांड तीखे नयन रसीले होठ और पतली कमर, रंग हल्का सा सांवला. देवा अपने खयालो में उसे नंगी देख रहा था हलाकि अब तक उसने बसंती को नंगी नहीं देखा था पर अपने सपने में तो वो देख सकता है न. तभी बसंती की नजर भी देवा पे जाती है और वो उसे देख के मुस्कराने लगती है और अब देवा की तरफ मुँह कर के और नीचे झुक के काम करने लगती है जिससे उसकी बड़ी बड़ी चूचिया देवा को साफ़ नजर आने लगती है. देवा कंफ्यूज हो जाता है के बसंती उसे लाइन क्यों दे रही है. ख़ैर देवा अपने विचारो को झटक देता है और बसंती को देख के मुस्कराने लगता है और उसकी छेड़खानियों के मजे लेने लगता है. थोड़ी देर के बाद देवा अंदर कमरे में जाकर लेट जाता है और उसकी आँख लग जाती है लेकिन सपने में भी उसे बसंती hi नजर आ रही थी देवा सपने में देख रहा है की वो बसंती को अपने खेत में लिटा के उस के बदन से खेल रहा है और उसकी चूचियों को दबा रहा है. और बसंती भी उससे लिपटी जा रही है. जैसे hi उसने बसंती की चुकी को मुँह में भर के चूसना चालू किया बसंती सिसक उठी और उसने झटके के देवा की धोती में हाथ दाल के उसका लुंड पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी देवा भी बसंती की चुकी दबा दबा के चूस रहा था और उसकी दूसरी चुकी मसल रहा था बसंती अपने होश खोटी जा रही थी. तभी देव आठ खड़ा हुआ जिससे उसका लुंड बसंती के गाल पे लगा तो देवा ने बसंती को इशारा किया और बसंती ने भी देवा का लुंड अपने मुँह में भर लिया और जितना अंदर ले जा सकती थी ले के चूसने लगी तभी देवा को किसी के काटने का अहसास हुआ वो सपने में hi था उसे सपने में लगा के शायद चीटियों ने कटा है लेकिन वो सपने से हक़ीकत में लौट आया उस दर्द से जो की उसके लुंड में हुआ और वो आंखे खोल के हिलने hi वाला था के उसकी नजर सामने गयी के कोई उसके लुंड को धोती से निकल के सहला रही है. और शायद उसका नाखून लगने की वजह से वो उस हसीं सपने से बहार भी आया. ये देख के उसका लुंड और तेजी से अपना सर उठा देता है और एक ठुमकी सामने वाली क हाथो में मरता है जिसे देख के उस लड़की या औरत क होठो पे मुस्कान आ जाती है और वो धीरे से देवा के लुंड पे थपकी मर के कहती है “तेरा मालिक तो सोया हुआ है तू क्यों जग रहा है और इतना उछाल क्यों रहा है.” और वो देवा के सुपडे पे हलके से चुम लेती है क कही देवा जग न जाये . देवा अब तक उसका चेहरा नहीं देख पाया था क्यों के देवा की तरफ उसकी पीठ थी. वो थोड़ी देर प्यार से और हलके हाथ से देवा का लुंड सहलाती है . फिर एक दो बार लुंड के सुपडे पे चुम कर अपनी बुर को साड़ी के ऊपर से hi रगड़ के वह से उठती है देवा तुरंत आखे बंद कर लेता है. वो देवा की तरफ मुँह कर के उसके गालो को सहलाती है और धीरे से कण में कहती है

………..देवा तुझ पे बहोत प्यार आता है रे. ये कह कर वो देवा के गलो को चुम लेती है पहले दये गाल पे फिर बाये गाल पे.

इधर देवा के साबरा का बांध टूट रहा था उसने झट से आँख खोली और उसका चेहरा पकड़ कर अपने होठ उसके होठो से मिला कर चूसने लगा वो औरत हड़बड़ा गयी . थोड़ी सी छटपटाई फिर उसे आभास हो गया के क्या हो रहा है. दोनों की नजरे मिली और दोनों उस चुम्बन में खो गए और एक दूजे क होठो को रगड़ के चूसने लगे थोड़ी देर बाद जब दोनों की सांस फूलने लगी तो उस औरत ने देवा को धक्का दे कर खुद से दूर किया और
 
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औरत ने देवा को धक्का दे कर खुद से दूर किया और

उसकी आक्न्हो में देख के शर्मा गयी और अपने हाथो से अपना चेहरा छुपा लिया. देवा को उस पर बहोत प्यार आया उसने उसकी हथेलियों पे चुम के कहा अब ये प्यारा सा चेहरा अपने देवा से क्यों छुपा रही हो मेरी जान बसंती.

जी है ये बसंती hi थी जिसके सपने देवा देख रहा था और वो किसी काम से कमरे की तरफ आयी थी पर देवा को यु सोया देख के उससे खिलवाड़ करने लगी थी.

बसंती - देवा मुझे शर्म आ रही है. मए जाती हु .

और वो उठने लगी देवा ने खींच क उसे अपने ऊपर गिराया और वो लड़खड़ाती हुई देवा की मजबूत बहो में उसकी चौड़ी छाती पे आ गिरी और उसके ठोस चुके देवा के सीने में डाब गए जिससे देवा भी अंदर तक हिल गया.

देवा – अच्छा अब शर्म आ रही है जब मए जग गया अभी मेरे लुंड से खेल रही थी तब तो मजा आ रहा था. बसंती ने उसके सीने पे हलके से मुक्का मारा

बसंती- कैसी बाटे करते हो शर्म नहीं आती ऐसे शब्द बोलते हुए.

देवा- लो अब लुंड को लुंड न कहु तो क्या कहु तू hi बता दे

बसंत- मुझे नहीं पता. और मुस्करा दी

देवा ने उसे अपने सीना से लगाए हुए hi अपने ऊपर खुश लिया और उसके गलो को फिर गार्डन को चूमता हुआ नीचे आने लगा.

बसंती - Sssssssssssseeeeeee देवा मत करो न मुझे कुछ हो रहा है. देवा ने उसकी न सुनी और उसकी चूचियों को दबाने लगा. आखिर यही तो सपना देख रहा था वो जो अब हक़ीक़त बन चूका था. देवा ने हाथ पीछे ले जा के उसके ब्लाउज की डोरी खींच दी जिससे ब्लाउज ढीला पद गया देवा ने उसे बसंती के कंधो से उतर के नीचे फेंक दिया अब बसंती की बड़ी बड़ी चूचिया जिन पे महरून निप्पल तने हुए थे,. देवा के सामने थी देवा से रहा नहीं गया और उन्हें सहलाने लगा बसंती ने अपने होठ दातो से भींच लिए और सिसकारने लगी.

बसंती – uuuuufffffffffff देवा मत कर न कोई आ जायेगा यहाँ तो मए बदनाम हो जोगी reeeeeeeeeeeaaaaaaaaahhhhhmmaaaaa काटो मत naaaaaaaasssseeeeeeeeeedevaaaaaaaaaaahhhhhhh मत करो देवा मए तो यहाँ सामान रखने आयी थी ….सस्सी आअह्ह्ह्हह कोई…. आठ कोई आआ जायेगा देवायआ मत करो छोडो न कल कर लेना अभी नाहीइइइइइइ कोई देख लेगाआंस्सस्सीीाह्ह्हह्ह्ह्ह

दवा – जब तक मए नहीं चाहुगा कोई नहीं आएगा निश्चिन्त रहो मेरी जान.

और देवा फिर से बसंती की चूचियों पे टूट पड़ा और उन्हें प्यार से चूसने लगा बसंती भी मदहोश हुई जा रही थी

बी- चुसो इन्हे बहोत अच्छा लग रहा है और जोर से दबाओ aaaaahhhsssssssssseeeeeeeeeuuuuummmmmmmhhhhh

देवा ने बसंती की चूचिया दबाते हुए उसके होठो को चूसने लगा और बसंती भी दोनों पैर देवा की कमर के दोनों तरफ कर के उसकी गॉड में बैठ क उस के बालो में उंगलिया फिरने लगी और जन्नत का मजा उठाने लगी. उसकी छूट से पानी बाह कर उसकी जांघो तक आने लगा और उसके पूरे शरीर में मनो चीटिया कटनी लगी.

बसंती- देवा क्या जादू कर दिया है तूने जब से ब्याह के आयी हु और तुझे देहा है हर पल हर जगह तू hi दीखता है मुझे यहाँ तक की मेरे अपने पति में भी तू hi नजर आता है. कही चैन नहीं आता तेरे बिना इसलिए तो अभी तुझे नींद में देख के तेरे पास आ गयी . पर अभी मुझे जाने दे न देख कोई आ जायेगा. तू चाहे तो रत को मेरे घर आ जाना और जी भर के प्यार कर लेना मए नहीं रोकूंगी पर अभी जाने दे न devaaaaaaaaaaaaahhhhhh बसंती देवा के सर पे उसके बालो में प्यार से हाथ फिर रही थी और अपनी चुकी पीला रही थी.

देवा उसकी साड़ी को ऊपर खींचते हुए कोई नहीं आएगा यकीन रख मुझ पर. मए तो अभी तुझे प्यार करुगा तू भी तो इसीलिए आयी थी न यहाँ?

बसंती - aaaaaaaahhhhhhhhhhh हाँ देवा इसीलिये आयी थी पर दर लग रहा है कोई आ न जाये

देवा - तो आते hi मुझे जगा देती न . अब तक अकेले hi क्यों खेल रही थी मेरी रानी .

ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह देवा बस कर मए खुद को रोक नहीं पाउगी

लेकिन देवा उसकी मखमली जांघो को सहलाते हुए उसकी छूट तक आ चूका था जो पूरी गीली थी.

देवा- तेरी ये छूट तो गीली हो गयी है और तू रुकने का सोच रही है अब भी .

बसंती मुस्क्रत दी और अपना चेहरा देवा की चौड़ी छाती में छुपा लिया

देवा ने बसंती को पीठ के बल लिटा क उसकी साड़ी और पेटीकोट निकल दिया अब वो हलकी सी सांवली लेकिन चिकनी बसंती देवा क सामने पूरी नंगी लेती उसे अपनी नशीली आँखों से देख रही थी , देवा तो ऊपर से नंगा था hi अब उसने अपनी धोती भी उतर के फेंक दी.

बसंती ने देवा का लुंड देख के

देवा- ोुह्ह्हह्ह मायआ तेरा इतना बड़ा कैसे है रे मेरे पति का तो न इतना लम्बा है न मोटा. वो तो इससे आधा भी नहीं है.

देवा ने बसंती का हाथ अपने लुंड पे रख दिया. “ अब ये भी तो तेरा hi है न . इतना कह कर देवा बसंती के ऊपर आ गया और उसकी चूचियों को दबाते हुए उसके होठ चूसने लगा . बसंती ने भी अपनी टंगे देवा की कमर से लप्पेट ली . थोड़ी देर बाद देवा उठा और बसंती की छूट को सहलाते हुए उसकी चिकनी छूट को अपनी उंगलियों से फैला कर उसके डेन को अपनी जीभ से छेड़ने लगा

बसंती - देवा क्या कर रहा है. ऐसा तो मेरे साथ कभी नहीं हुआ uiiiiiiiiii maaaaaaaaaaaaaaa मर गयी . देवा मत कर ऐसा मेरी जान निकल जाएगी. Uffffffffff ऐसा मजा तो कभी नहीं मिला मुझे आआआआअह्हह्ह्ह्ह स्स्स्सस्स्स्सीीीुइईईईमएआआआआ

पर देवा तो उसकी मोती मोती चूचियों को दबाते हुए उसकी छूट को गहराई तक चाटने में लगा हुआ था और बसंती कभी देवा की पीठ को नोचती तो कभी उसके बालो को सहलाती. अपनी गांड उचका उचका के अपनी छोटे छोटे बालो भरी से छूट को देवा से चटवा रही थी. और पसीने पसीने हो रही थी. देवा बसंती की छूट छोड़ने को तैयार hi नहीं था. तभी बसंती रुक नहीं पाई और देवा के सर को अपनी छूट पे पूरा दबा के झड़ने लगी . देवा भी उसकी छूट का सारा पानी पी गया. और छूट को चाट के पूरा साफ़ कर दिया.
 
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देवा- बसंती बड़ी नमकीन है रे तू तो. इतना कह कर अपना लुंड बसंती के होठो पे रख दिया . बसंती ने भी बिना देर किये देवा का लुंड अपने मुँह में ले लिया उसका मोटा सूपड़ा चाट के गिला किया फिर जितना हो सकता था मुँह में डालने लगी पर देवा का ¼ लुंड भी बसंती नहीं ले प् रही थी. फिर उसने अपनी जीभ से देवा के लुंड चारो तरफ से चेतना शुरू कर दिया को की ज्यादा लुंड मुँह में लेना उसके बस से बहार hi था ऐसे hi 5 मिनट तक लुंड चूसने चाटने के बाद बसंती ने देवा का लुंड छोड़ दिया.

बसंती- देवा अब देर मत कर मुझसे रहा नहीं जा रहा है.

देवा ने भी अपनी पोजीशन ले ली और बसंती के पैरो को दोनों हाथो से फैला के खुद खड़ा हो गया. बसंती तो खत पे लेती हुई थी . फिर देवा ने बसंती की थूक से चमकता अपना लुंड का सूपड़ा बसंती की गीली हो चुकी छूट पे रखा. तो बसंती ने देवा को रोका

बसंती- देवा तेरा लुंड इतना बड़ा है मेरी फैट hi जाएगी. बहोत आराम से डालना.

देवा- तू चिंता मत कर मए आराम से hi छोड़ूगा आज तुझे.

इतना कह कर देवा ने अपना लुंड दबा दिया बसंती की छूट में पर बसंती की बुर चूड़ी होने क बाद भी देवा का लुंड अंदर नहीं गया. तो देवा ने बसंती को इशारा किया. बसंती ने अपने हाथो से अपनी छूट फैला दी तब देवा ने अपना सूपड़ा रख के एक झटका मारा. और देवा का मोटा सूपड़ा बसंती की छूट को फैला के अंदर घुस गया.

इतने में hi बसंती छटपटाने लगी. Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh देवा रुक जा रे. ये लुंड है या मुसल.

देवा अभी तो न लुंड है न मुसल ये तो सिर्फ मेरा सूपड़ा hi है.

देवा ने दो तीन बार हल्का हल्का सिर्फ सूपड़ा hi आगे पीछे किया. और जब बसंती की छूट पूरी hi अपने पानी से गीली हो गयी तो चिकनाई भी बढ़ गयी और फिर जब देवा ने बसंती के चेहरे को निश्चिन्त देखा तो एक करारा झटका मारा जिससे आधा लुंड बसंती की छूट में घुस गया . DEVAAAAAAAAAAAAAAAAAAAaaaaaaaaaaaaaaaaa देवा रुक जा मए तो मर गयी. Uuuuuuuuuhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaa हहहह देवा हिलना भी मत मेरी जान निकली जा रही है. थोड़ा रुक जाआआ.

और देवा रुक गया उसने नीचे देखा तो हैरान रह गया क्यों की बसंती की छूट खून से लथपथ थी. और बसंती की आँखों में आंसू थे वो रोये जा रही थी. और सिसक भी रही थी. और ने पैर पटक रही थी

देवा- बसंती सच सच बता तुझे दीनू छोड़ता नहीं है. क्या.?

बसंती – आआआह्ह्ह्हह्ह ये तुम क्यों पूछ रहे हो ससससससीईई aaaaaaaaaaahhhhhhhhuuuuuiiiiiimaaaaaaaaa बहोत दर्द हो रहा है देवा निकल लो अपना ये हथोड़ा मेरे अंदर से

देवा – तेरी छूट से खून आ गया है इसलिए. देवा बसंती की चूचियों को सहलाते हुए उसे बातो में लगा रहा था जिससे उसका दर्द से ध्यान हेट.

बसंती- देवा ये सच है मए कुवारी hi हु अब तक. क्यों के दीनू के लुंड में जान hi नहीं . वो तो बस आता है रोज रत को दारू पी के और मुझे नंगी कर के मेरे ऊपर आते hi झाड़ जाता है. इतने महीनो में 2 बार उसने अपना लुंड मेरी छूट में डाला . अरे लुंड भी क्या सिर्फ सूपड़ा hi डाला और झाड़ गया. बाकि रोज रत को मुझे नंगी करता है और मेरे बदन से खेलते hi उसका झाड़ जाता है.

देवा- चिंता मत कर आज के बाद तू कभी प्यासी नहीं रहेगी. आज से मए hi तेरा पति हु. तेरी प्यास मए hi बुझाऊगा. लेकिन एक वादा करना पड़ेगा.

बसंती – क्या

देवा- तुझे मेरे बचो की माँ बनना पड़ेगा.

बसंती खुश होते हुए. – सच देवा मए माँ बन जोगी न

देवा- इतना बड़ा लोढ़ा अपनी बुर में लेगी तो अगले महीने hi पेट से हो जाएगी.

बसंती देवा के चेहरे को सहलाती हुई

बसंती- अगर ऐसा है तो अब तू जैसे चाहे छोड़ बस मुझे माँ बना दे अब चाहे मए कितना भी रोकू तू मत रुकना छोड़ता जा मुझे बस छोड़ता जा छोड़ देवा अपनी बसंती को. और दाल दे अपना बीज मेरे अंदर बना दे मुझे अपने बचे की माँ. मए तरस रही हु उस दिन के लिए जब मेरी कोख भी हरी हो जाये.

देवा को भी जोश आ गया उसने अपना लुंड पूरा बहार निकला सुपडे तक और बिना रुके तीन धक्के मर दिया और पूरा लुंड बसंती की नाजुक छूट में पेल दिया.

बसंती की हालत ख़राब हो गयी uiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii mmmmmmmmmmaaaaaaaaaa देवा मेरी फैट गयी आज तो मेरा सुहाग दिन बना दिया तूने. छोड़ मेरे देवा ahhhhhhhhhhh असली मर्द है तू देवा छोड़ दाल आज मुझे. मए तरस गयी थी छोड़ने को devaaaaaaaaaaa uiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiimaaaaaaaaaaaaaaaaa

देवा ने बसंती की चूचिया पकड़ के उसे बड़े प्यार से छोड़ने लगा. अब बसंती भी अपनी गांड उठा उठा के देवा का पूरा साथ दे रही थी. अब उसे भी असली मजा मिल रहा था. देवा बहोत गहरे और बहोत खतरनाक धक्के मर रहा था लेकिन स्लो हे. बसंती की बुर में और उसकी निप्पल भी भींचने लगा तभी

बसंती .- अब जोर से छोड़ देवा मेरा होने वाला है. आह्ह्हह्ह्ह्ह माआआ उउउउउउउठ्हहहहहह देवा मए aayiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

देवा ने भी बसंती की जनहो को पकड़ा और अपनी स्पीड बढ़ा दी और पूरी तावत से बसंती को छोड़ने लगा खटिया भी चरमरा रही थी और उस कोरठरी में बसंती की मादक सिसकिया और देवा की भरी सांसो की आवाज़ के साथ खटिया भी ताल मिला रही थी के तभी बसंती झाड़ गयी पर देवा तो जैसे सुनने को तैयार hi नहीं था उसने बसंती को उल्टा लिटा दिया अब बसंती कमर से ऊपर खत पे लेती हुई थी और उसकी टंगे जमीन पे थी पीछे से देवा ने उसकी बुर पे अपना लुंड सेट कर के फिर से 3 धक्के मरे और अपना पूरा लुंड उतर दिया बसंती की बुर में बसंती फिर चीखने लगी और देवा उसके बालो को पकड़ के पीछे से उसकी बुर छोड़ने लगा. थोड़ी देर बाद देवा ने उसकी बालो को छोड़ दिया और उसकी झूलती हुई बड़ी बड़ी चूचिया पकड़ के दनदना पीछे से धक्के मर मर के छोड़ने लगा. और उसकी पीठ पे चूमने लगा. दोनों के बदन पसीने से चमक रहे थे. बसंती तो सातवे आसमान में उड़ रही थी. ऐसे hi बसंती फिर से पानी छोड़ दी. तो देवा ने उसे खटिया पे सीधे लिटाया और नार्मल पोजीशन (मिस्सिओनर्य) में उसके ऊपर आकर उसे छोड़ने लगा करीब 10 मिनट धुआँधार चुदाई के बाद देवा की राफ्तेर बेहद तेज़्ज़ हो गयी और उसने बसंती को अपनी बहो में जोर से जकड के उसके होठो को अपने होठो में कैद कर के 120 की राफ्तेर में धक्के मरने लगा और अचानक बसंती की छूट ने अपना फव्वारा छोड़ दिया और तभी देवा ने भी पूरी ताक़त से धक्का मारा जिससे उसका लुंड बसंती की बच्चेदानी के मुँह पे घुस के चिपक गया और देवा ने अपनी पिचकारियां छोड़नी शुरू कर दी जो सीधे बसंती की बच्चेदानी के अंदर घुस रही थी. बसंती की तो आत्मा भी तृप्त हो गयी. और वो बेसुध होकर देवा की पिचकारियों का आनंद लेने लगी.

कोई 10 मिनट बाद देवा ने अपना लुंड बसंती की बुर से निकला तो बसंती ने झट से अपनी टंगे आपस में सत्ता के अपने छूट का मुँह बंद कर दिया. जैसे वो एक भी बूँद देवा की बहार नहीं गिरने देना चाहती हो. फिर देवा उठा और अपने कपडे पहन के कमरे से बहार आया और मुँह हाथ धोके पानी पी के अंदर आया अब तक बसंती भी उठ के बैठ चुकी थी. वो नंगी hi उठी और देवा के गले लग गयी. उसकी जांघो पे अभी भी उसका और देवा का पानी बाह रहा था. और उससे कमरे में एक अजीब गंध फैली हुई थी.

बसंती - देवा तू सच में मर्द है रे . देख पूरी चादर खून से भर गयी है. मेरी टैंगो पे भी खून लगा है. मेरी छूट को सुजा दिया तूने छोड़ छोड़ के.

देवा- अब तक चूड़ी भी तो नहीं थी तू. मए तो सोच रहा था दिनु ने तेरी बुर का भोसड़ा बना दिया होगा. आखिर इतनी हसीं बीवी को कौन बिना चोदे छोड़ेगा. पर उसने तो तुझे मेरे लिए कुंवारा hi छोड़ िद्या. अब देख न , न तो तेरी छूट को लुंड की कमी महसूस होगी. न कभी दिनु को दारू की. उसे रोज रत को पीला के मए तुझे अपने लुंड की सैर करोगे.

बसंती – अब तो मए तेरी हो hi गयी हु जहा चाहे जब चाहे छोड़ लेना अपनी बसंती को. अब मए जाती हु दीनू ढूंढने लगा होगा मुझे बहोत देर हो गयी है.

फिर बसंती ने देवा को चुम लिया और फिर कपडे पहन के निकल गयी अपने घर. जो देवा के खेत से लगा हुआ hi था. शाम हो चुकी थी. तो देवा भी अपने घर की तरफ चल पड़ा.

घर पहुंच कर देव सीधा बेसमेंट में गया वह नागार्जुन, रूद्र , और गुरुम बैठे थे.
 
अपडेट - 179

घर पहुंच कर देवा सीधा बेसमेंट में गया वह नागार्जुन, रूद्र , और गुरुम बैठे थे.

देव – क्या भाई आज लेडीज नहीं है क्या? तुम तीनो छुट्टे सैंड hi बैठे हो?

रूद्र – अरे मए तो नीलम के साथ hi था गुरुम ले आया और अभी लेडीज की क्या जरुरत है?

देव – जरुरत है क्यों की हम अब एना पे अटैक का प्लान करेंगे जिसमे उन सब को साथ होना चाहिए नहीं तो अलग अलग सब को बताना पड़ेगा.

गुरुम - सही बात है. तो बुला लो सबको. फिर शुरू करते है वैसे भी शलाका hi बेहतर जानती है इन सब बातो को उसने hi फाइल तैयार की है.

रूद्र और गुरुम सब को मंद तो मंद बात कर के बुला लेते है थोड़ी hi देर में वह शलाका, पूनम, चन्नो, नीलम और रजनी आ जाती है. लेकिन उन के साथ आज दिया भी आयी थी.

रूद्र – अरे भाभी आप कैसे आ गयी ?

दिया - रजनी और नीलम मेरे पास hi बैठी थी जब तुमने इनसे बात की. इन्होने hi बताया के तुमने इन्हे यहाँ बुलाया है तो मए भी इनके साथ आ गयी. अगर आप लोग न चाहे तो मए नहीं बैठूगी यहाँ. मए जाती हु.

देव – अरे भाभी कैसी बात करती हो रूद्र ने तो यु hi पूछ लिया. आप बैठिये. है तो शलाका हम एना के बारे में आज सब कुछ जानना चाहते है बोलो ?

शलाका – देव मैने साडी फाइल बना दी है उसकी. इसे तुम देख लो मोटा मोटा मए बता देती हु. जैसे की उसके एक साथी विल्सन को हम लोगो ने ख़तम कर hi दिया है. उस अटैक में उसके कई सरे आदमी भी मरे गए लेकिन अब मेरे सोर्सेस से ये पता चला है की वही काम अब उसके दूसरे आदमी कर रहे है. काम तो बंद होगा नहीं जब तक एना और उसके खास लोग जिन्दा है. अब लड़कियों को किडनैप और उनकी सप्लाई का काम विल्सन का भाई जोसेफ करता है. जो की विल्सन की लाइफ में उसका राइट हैंड भी हुआ करता था जिस दिन हमने हमला किया था वो आउट ऑफ़ कंट्री था जिस वजह से वो बच गया था अब धंधे की पूरी जानकारी उसे है तो एना ने उसे hi हेड बना दिया है उन कामो का

उसका दूसरा काम है ड्रग्स का जो की वो बहार से मंगवाता है और अपने शहर और उसके आस पास के शहरो में सप्लाई भी करता है यहाँ तक की स्कूल और कॉलेजेस में भी सप्लाई कर के नयी पीढ़ी को बर्बाद करता है. इसका तीसरा काम है किडनेपिंग का जो की ड्रग्स की तरह अपने और आसपास के शहरो में करता है इन कामो के लिए इसके अलग अलग हैड है और उनके नीचे कई लड़के जो की जाहिर है सभी खतरनका hi है ऐसे काम कोई शरीफ तो करेगा नहीं

देवा शलाका की बाते गौर से सुन भी रहा था और नजर उसकी फाइल में थी जिसे वो साथ साथ पढ़ भी रहा tha…….aur कुछ ?

शलाका - नहीं काम तो उसके यही है.

देव – अब उसकी पर्सनल लाइफ के बारे में बताओ ?

गुरुम - एना की पर्सनल लाइफ में कुछ ज्यादा नहीं है. शादी नहीं की है रोज नयी लड़की उस के पास होती है कभी मर्जी से कभी जबरदस्ती. यानि बीवी बच्चे नहीं है उसके और अगर कोई रिश्तेदार होंगे भी तो वो एना से दूर है. यानि फॅमिली बैक ग्राउंड निल है. उसके साथ उसके 2-3 विश्वसनीय लोग रहते है हर वक़्त और रत में जब वो सोता है तो अपने बंगले के टॉप फ्लोर पे होता है उस समय दो बन्दूक धरी उसके बैडरूम के बहार होते है. उसी फ्लोर पे दो रूम और बने हुए है जहा दोनों रूम्स में 5-5 आदमी होते है जो वक़्त आने पे मामला संभल सके और करीब 15-20 आदमी उसके पूरे घर में फैले होते है. जो उसकी रक्षा करते है के वो सो सके रत में कोई डिस्टुरेब न करे.

देव – कुछ और बताना चाहो कोई तो बताओ?

शलाका - नहीं बस यही है उसके बारे में और कुछ नहीं.

देव – ठीक है तो अब मए बोलता हु वो सुनो तुम लोग. उसके जीतनेय काम फैले है उसके मैं मैं अड्डों पे अटैक होगा. वो अड्डे ख़तम किये जायेगे. और उन लोगो की मौत ऐसी होनी चाहिए के शहर hi नहीं पूरे स्टेट में डंका बज जाये.

गुरुम - लेकिन इसका क्या फायदा देवा?

देव – फायदा है. जब तुम उन लोगो को बुरी मौत डोज जिसके की वो हक़दार है तो ये बात पूरे अंडरवर्ल्ड में फैलेंगे कोई इनके बाद सर उठा के नहीं घूमेगा न hi कोई ऐसा काम करने की सोचेगा और अगर कोई ऐसा काम करेगा तो उसे पनपने से पहले कुचल दिया जायेगा कुछ hi समय में दहशत का वो माहौल बना देंगे की 2 no. के काम करने वालो की फैट जाये. और कोई ऐसे काम करने के लिए सोचे भी नहीं. एंड यू आल कनौस वे कैन दो आईटी.

सभी - यस बॉस

गुरुम – देवा वो अपने पैर इसीलिए भी फैला पाया है क्यों के उसके पुलिस और राजनीती में स्ट्रांग कनेक्शंस है. कई सरे नेताओ का उसको सपोर्ट है. अगर कोई ईमानदार पुलिस वाला उसके खिलाफ कुछ करना भी चाहता है तो या तो किसी नेता का फ़ोन आ जाता है या फिर पुलिस डपट. में से hi ऊपर से कॉल जाता है जो सही पुलिस वाले है वो बेचारे कुछ कर नहीं पते और मजबूर हो जाते है. जो दिलेर ऑफिसर्स किसी तरह फिर भी उसके खिलाफ कुछ कर hi डालते है उन्हें ये साला मरवा देता है. या उनकी फॅमिली को उठा के उसे रोक देता है.

देवा – लेकिन ऐसे कैसे हो सकता है किसी पुलिस वाले की फॅमिली को उठाना आसान नहीं होता?

गुरुम - तुम्हरी बात सही है लेकिन अगर अपना hi सिक्का खोता हो तो कोई क्या करे.

देवा – मतलब?

गुरुम - मतलब ये के पुलिस डपट. में hi उसके पप्लू फिट किये हुए है. यानि उसके खबरि जिनके सहारे वो ये सब कर लेता है आसानी से. वो इसके कुत्ते है. इससे लाखो रुपए लेते है तो इसके लिए काम भी करेंगे न.

देवा – मुझे इस बात का शक तो था hi. पर अब तुमने बता कर क्लियर भी कर दिया है

थोड़ी देर के लिए कमरे में एक डैम शांति छ जाती है.

दिया – अगर आप लोग बुरा न मने तो क्या मए कुछ कहु?

देवा – भाभी ऐसी बात दुबारा मत कहना. आप जो कहना चाहे कह सकती है आपको हम में से किसी से पूछने की जरुरत नहीं है. बोलिये

दिया - जैसे की गुरुम ने बताया उन लोगो के कनेक्शंस स्ट्रांग है तो सबसे पहले उसके कनेक्शंस hi काटो न तुम लोग. आधा तो वो वही ख़तम हो जायेगा.

देवा – हम्म्म आपकी बात सही है भाभी मए भी यही सोच रहा था अभी. अब मए कावेरी से मिलुंगा और सबसे पहले वही करुगा जिसके लिए भाभी ने अभी कहा है. अच्छा शलाका वो मुंबई में तुमने कोई जगह देखि जहा हम रह सके?

शलाका - है देवा लेकिन…………..
 
अपडेट - 180

शलाका - है देवा लेकिन………….. विठल के ठिकाने के आसपास तो कोई जगह नहीं है क्यों की वो जहा रहता है वह एक बस्ती hi है जो उसी के आदमियों की है, वह के सरे लोग ,यहाँ तक की उस बस्ती की लेडीज और बच्चे भी उसके सपोर्ट में है, कोई आम इंसाने या पुलिस फाॅर्स भी उस बस्ती को पर कर के विठल तक नहीं पहुंच पते. उस बस्ती के एक डैम एन्ड में विठल का ठिकाना है. लेकिन है उस बस्ती के पहले एक लम्बी खली सड़क है कोई 10 कम लम्बी सड़क है उसी रस्ते में एक बहोत बड़ी हवेली आती है या महल कह लो, जो खंडहर हो चुकी है और भूतिया महल के नाम से फेमस है. मैने अपने हिसाब से देखा है असल में तो वह दिन में सब गलत काम hi होते है जुआ, और रपे जैसे काम लेकिन रत में सच मच वह कोई नहीं जाता क्यों के वह कुछ आत्माये है और ये बात सच है. मैने देखा है उन्हें. वो रात में एक्टिव होते है.

देवा – फिर तो बढ़िया जगह ढूंढी है तुमने. वह काम शुरू करने के लिए मए तुम्हे बता दुगा जब करना होगा. अब अगर किसी को कुछ कहना है तो कहे या फिर चले अपने अपने रूम में .

फिर सभी उठ कर अपने अपने रूम में चले जाते है. और देव भी अपने कमरे में आ जाता है. और अपने पूरे कपडे उतर देता है अंडरवियर छोड़ के वो निघ्त्य उठा hi रहा था के तभी वह पूनम आ जाती है.

देव – अरे पूनम तुम यहाँ कुछ कहना है?

पूनम – है देव मए आज खुद आपसे कुछ कहने आयी हु .

देव – पहला तो आओ और बैठो.

देव अंडरवियर में hi उसके पास जाता है और उसे गॉड में उठा के बिस्तर पे लिटा देता है और खुद भी उसे बहो में भर के लेट जाता है.

देव – अब बोलो देव की जान ऐसी क्या बात है के तुमने वह नहीं बताई और इस वक़्त मेरे पास आयी हो. आज तुम्हारा भी मूड है क्या मेरे साथ सोने का?

पूनम – पूनम की जान शैतानी मत करो जो कह रही हु वो सुनो प्लीज लव.

देव – ok चलो बताओ

पूनम देव की छाती पे अपना सर रख देती है - देव तुम गोपाल भैया को तो जान hi चुके हो उनकी आदते और उनकी कंडीशंस सब कुछ तुम्हे पता hi है. जिससे सुधा भाभी बहोत दुखी है. कुछ समय पहले उनके चेहरे पे मैने रौनक देखि थी. बाद में पता चला की वो रौनक गोपाल भैया की वजह से नहीं थी बल्कि आप उनके करीब हुए थे इसीलिए थी.

देव – है पूनम वो सुधा भाभी वैसे तो दिल की बहोत अच्छी है लेकिन शायद गोपाल भैया की वजह से वो बहकने लगी है मैने ये महसूस किया था इसीलिए उनके करीब गया के कही वो बहार न भटक जाये.

पूनम – मए भी वही कहना चाहती हु. देव जैसे आपने दिया भाभी की गॉड भरी है वैसे hi सुधा भाभी की भी गॉड भर दो. वो बहोत अकेली है और मए जितना महसूस कर प् रही हु आने वाला वक़्त उनके लिए मुश्किलों से भरा hi होगा क्यों के वक़्त के साथ उम्र बढ़ते बढ़ते गोपाल भैया उन्हें कोई सुख तो दे नहीं पाएंगे शायद उनकी जिंदगी भी इस शराब की वजह से जल्दी ख़तम हो जाये. ऐसे में भाभी का कोई सहारा तो होना चाहिए न?

देवा – ऐसा है तो तुम hi क्यों नहीं उनकी मदद कर रही हो?

पूनम – मए भला कैसे उनकी मदद कर सकती हु एक लड़की हो कर? क्या मए उन्हें माँ बना सकती हु?

देवा – अरे यार मए ये नहीं कह रहा के उन्हें माँ बना दो. मए ये कह रहा हु के अपने भैया से वो आदत छुड़वा दो वो भाभी के साथ hi मिक्स हो जायेगे. दिन रात उनमे खोये रहेंगे तो बच्चे भी हो hi जायेगे.

पूनम - नहीं देव उनसे बच्चे नहीं होने वाले ये मए देख चुकी हु है उनकी आदत जरूर छुड़वा दूगी. जिससे वो ज्यादा समय भाभी के साथ जिंदगी जी सके. लेकिन भाभी की गॉड कैसे भरेगी.

देवा – तुम चाहती क्या हो?

पूनम – देव आप मेरे पति है कोई पत्नी अपने पति से किसी और के पास जाने को नहीं कहेगी लेकिन मए ये मज़बूरी में कह रही हु के सुधा भाभी को माँ बनने का सुख आप दे दो इससे पहले की वो किसी और के चक्कर में आ जाये. और हम अपनी परेशानियों को किनारे कर के उन्हें सँभालते रहे. मए ये इसीलिए भी कह रही हु क्यों की मए तिलिस्म नगरी की राजकुमारी और आपकी होने वाली बीवी के साथ साथ उसी सुधा भाभी की ननद भी हु उस घर की बेटी भी हु और उस नाते मुझे जो नजर आ रहा है उससे मए चिंतित भी हु. और मेरा फ़र्ज़ है के अपने घाट को टूटने से बचाओ और उसके लिए आपसे बेहतर और मजबूत सहारा और क्या होगा?

देव – अरे कुछ नहीं होगा हमारे घरो को और उसमे रहने वाले हमारे अपनों को. मेरी सब पर नजर है. तुम बेकार परेशां हो रही हो. एक काम करते है मए कुछ जड़ी बूटियों से दवाई बना के गोपाल भैया को दे दुगा फिर देखना सुधा भाभी खुद उनके प्यार से तंग आ जाएगी दिन में इतनी बार चढेगे वो सुधा भाभी पर.

पूनम - ीिस्स्सस्शह्ह्ह्ह बेशरम ऐसा कोई बोलता है क्या. आप भी न

देव – अरे मए सच कह रहा हु कहो तो वही दवाई खा के मए औ तुम्हारे पास?

पूनम - नहीं मेरी जान मुझे आप पर भरोसा है पूरा पूरा और मए जानती हु आपको बिना किसी दवाई के भी मए नहीं झेल पाउगी अगर गलती से भी आपने वो दवाई खा ली तो फिर दूसरे दिन का सूरज मए नहीं देख पाउगी इसीलिए आप वो दवा तो किनारे hi रखो और मेरी बात को ध्यान से सुनो.

देव पूनम के गले के चूमते हुए – अच्छा बोलो

पूनम – छोडो न पहले सुनो तो सही

देव पूनम को चूमता जा रहा था उसके हाथ भी पूनम के उभारो पे चलने लगे थे

देव – बोलो बोलो मए सुन रहा हु

पूनम - ओफ्फो आप तो मेरी बात समझ hi नहीं रहे है मए कह रही हु सुधा भाभी को आप संभल लो न गोपाल भैया पर कोई दवा असर नहीं करने वाली उनके शरीर में शुक्राणुओं की बेहद कमी है उनसे नहीं होगा अब कुछ.

देवा – पूनम वो हो जायेगा उसकी तुम चिंता मत करो लेकिन दो समस्याए और है

पूनम - बताइये क्या समस्या है?

देवा – देखो पूनम गलत मत समझना लेकिन ये तुम्हे बताना जरुरी है. तुम्हरी माँ यानि पद्मा काकी बहोत दुखी है, अंदर से टूट चुकी है, वो बहार से कितना भी हंस ले लेकिन अंदर से बहोत अकेली है. एक जमाना बीत गया है. उन्हें मर्द का सुख मिले ये तुम भी जानती हो. ऊपर से देवकी काकी ने भी उन्हें बहोत प्रेशर दिया है के वो भी अपने लिए जिए. और अब पद्मा काकी भी सेक्सुअली मेरी तरफ ॉट्रेक्ट हो रही है. लेकिन उन्हें रिश्तो की मर्यादा का ख्याल है जिस वजह से वो आगे नहीं बढ़ प् रही है तिलिस्मी चक्र में जाने से पहले ऐसा हादसा हुआ था. जिसमे वो मेरे बहोत करीब आ गयी थी उस दिन शायद हम दोनों hi आगे बढ़ जाते लेकिन मए उनकी मानसिक अवस्था को समझ रहा था इसीलिए मए भी आगे नहीं बढ़ा. लेकिन ऐसा होगा जरूर अगर मैने साथ न दिया तो कही और होगा. ये तुम जान hi सकती हो.

पूनम – ह्म्म्मम्म मुझे लगा hi था के कुछ हुआ है लेकिन तब हमें जाने की जल्दी थी तो मए चेक नहीं कर पायी थी. और फिर भूल गयी . लेकिन देव वो माँ है, उनके बच्चे यानि हम लोग इतने बड़े हो गए उनके साथ कैसे? और उन्हें अब क्यों जरुरत प् रही है सेक्सुअली एक्टिव होने की. अब तो उम्र भी ढल रही है उनकी तो ऐसा होना तो नहीं चाहिए न.

अब देव ने पूनम को खुद से अलग किया और उठकर बैठ गया पूनम अब भी देव के सीने पे सर रख कर आधी लेती हुई थी

देव - उसका बहोत अहम् कारन है जिस पर तुमने ध्यान नहीं दिया.....
 
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