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फिर देवा सब वक़्त पे छोड़ कर नींद के आगोश में चला जाता है………………….
और 4 बजे उठ कर अपनी पावर्स को बढ़ाने में लग जाता है. जिसमे उसे अपने अंदर एक बहोत hi ज्यादा चमकदार चीज़ दिखाई देती है. देवा उसकी चमक को सहन नहीं कर प् रहा था. वो कोई बहोत बड़ी शक्ति थी शायद. उसे पाना तो दूर की बात है. देवा बहोत कोशिशों के बावजूद उस तक नहीं पहुंच प् रहा था.
आखिर उसने अपनी आँखे खोली और फिर तैयार होने चला गया. और 7 बजे तक वो रेडी हो कर टेरेस पे गया तो देखा के वह पे साडी लेडीज पूनम भी गयम में लगी हुई थी.
सभी ने स्पोर्ट्स ब्रा और टाइट शॉर्ट्स पहन रखे थे. जिसमे उनकी गोरी चिकनी जंघे चमक रही थी. और स्पोर्ट्स ब्रा से सभी के आधे से ज्यादा गोर गोर बूब्स बहार गिर रहे थे सभी का बदन hi खतरनाक था जिस में से देवा सावित्री और दिया को तो नंगा देख hi चुक्का था. लेकन उसे पूजनम और पायल भी बेहद खूबसूरत लग रही थी. जिससे उसका लोढ़ा खड़ा होने लगता है.
तभी देवा की नजर पूनम से टकराती है. तो पूनम उसे खा जाने वाली नजरो से देख रही थी. देवा कान छू कर सॉरी बोलता है और दूसरे साइड जा के बहार देखने लगता है.
और फिर जब सब लेडीज फ्री होती है तो देवा भी उन के साथ नीचे आ जाता है और फिर नाश्ता कर के रामु को देने वाला पूरा सामान गाडी में रख कर पूनम के साथ उस के घर जाता है जहा देवकी भी बस तैयार hi थी. जैसे hi देवा वह पहुँचता है सामने पद्मा नजर आती है जो झुक कर आँगन में झाड़ू मार रही थी. उसकी उभरी हुई गांड देख कर सुबह सुबह देवा का लुंड खड़ा होने लगता है और लुंड को जीन्स में एडजस्ट करता है. जो की यहाँ पूनम और अंदर से देवकी देख लेती है और अपनी अपनी जगह दोनों hi मुस्कराने लगती है.
पूनम धीरे से - देव ये हमारी माँ है इन्हे तो बक्श दे.
देवा सकपका कर – क्या पूनम तुम भी न मैने कहा कुछ किया?
पूनम – हो सके तो करना भी नहीं.
देवा –और अगर पद्मा काकी ने खुद hi हाथ बढ़ाया तो?
पूनम - फिर तुम्हे मेरी तरफ से भी छूट है.
देवा – यू अरे ग्रेट पूनम . अब चल अंदर वर्ण यही पकड़ कर तुम्हरे होठ चबा जाउगा.
पूनम तुरंत आगे बाद जाती है. तब तक पद्मा भी सीढ़ी हो जाती है और देवा को देख कर शर्माने लगती है. उसे कल रत वाली देवकी की बाते याद आ रही थी. उस के बाद सब अंदर आते है.
देवकी - आ गए तुम लोग. बैठो देवा चाय पी लो फिर चलते है.
देवा – नहीं काकी अभी घर से नाश्ता कर के hi आये है हम लोग. इसलिए चाय रहने देते है. अगर आप तैयार है तो चले?
देवकी - अरे मुझे क्या तैयार होना है. मए कोई नयी दुल्हन थोड़ी hi हु. बस अपना बैग लेना है और चल पांडा है.
देवा – तो फिर चलिए.
फिर देवकी पहले पूनम से गले मिलती है और फिर पद्मा के गले लग के उस के कान में. मेरी बात यद् रखना आज तो इसे मए अपने ऊपर चडौगी तू भी जल्दी कर ले कही इसे पूनम का चस्का पद गया तो फिर ये हम जैसी बुडियो की तरफ देखेगी भी नहीं.
पद्मा मुस्करा के है में गार्डन हिला देती है. फिर देवकी और देवा निकल पड़ते है रर में देवकी के घर.
गाड़ी में देवा और देवकी दोनों अकेले hi थे तो देवकी कुछ फ्री हो के बैठी थी वैसे भी गाड़ी के शीशे चारो तरफ से ब्लैक hi थे जिससे आजु बाजु तो छोडो फ्रंट गिलास से भी बहार वाले को अंदर का नहीं देख सकता था. लेकिन अंदर से बहार तो देखा जा hi सकता है नॉर्मली. इसी बात का फायदा उठा के थोड़े देर बाद देवकी ने अपनी साड़ी क ापल्लु नीचे कर दिया और देवा के सामने देवकी के बूब्स जो आधे ब्लाउज से बहार थे दिखने लगते है.
देवा – क्या हुआ काकी कल की चुदाई से जी नहीं भरा क्या?
देवकी - अरे तुझसे तो मेरा जी कभी नहीं भर सकता तू है इतना मस्त
देवा – मए या मेरा लोढ़ा?
देवकी - दोनों
देवा – पर अब ये पल्लू हटा के मेरा क्यों खड़ा कर रही हो सुबह सुबह
देवकी ने तुरंत देवा का लुंड जीन्स के ऊपर से पक्स्ड के सहलाना शुरू कर दिया……….
देवकी - तेरा मए क्या खड़ा करुँगी देवा , तेरा लुंड कभी बैठता भी है? कितना बेरहमी से छोड़ा था कल पता नहीं मेरी पूनम का क्या हाल करेगा . जरा ध्यान रखना वो एक नाजुक काली है. मेरी तरह खेली खाई नहीं है वो.
देवा – अरे काकी आप तो उसे तभी से जानती हो जब से वो पैदा हुई पद्मा काकी के यहाँ . लेकिन मए तो उसे सेकड़ो सालो से जनता हु. सदियों पुराण प्यार है हमारा. मुझे उसकी फ़िक्र हमेशा रहेगी. और उसे मए रगडुगा नहीं बल्कि प्यार करुगा.
देवकी – चुप कर मजनू कही का बड़ा आया सदियों पुराने प्यार वाला. और उसे प्यार करेगा तो क्या रगड़ने के लिए हम hi मिले है. अरे देवा चाहे औरत हो या कोई लड़की जब तक उसे रगड़ा न जाये मजा नहीं आता. प्यार अपनी जगह पे पर चुदाई के समय प्यार से नहीं बेरहमी से hi दोनों को सही मजा मिलता है.
देवा – अच्छा काकी आप बोलती है तो उसे रगडुगा भी आप बोलो तो अभी चल कर उसे भी ले आते है. फिर वापसी में जब मए और पूनम अकेले होंगे तो रगड़ दुगा यही गाडी में.
देवकी - चुप कर. मए ऐसा नहीं कह रही मए तो ये कह रही थी के बिन बाआप की बच्ची है. उसे जिंदगी भर प्यार देना. बहोत मासूम है वो. भले hi वो मेरी सगी बेटी नहीं लेकिन सगी बेटी से काम भी नहीं.
देवा ने तुरंत अपनी जीन्स का बटन और चैन खोल दी. जिससे उसका लुंड बहार आ गया एक डैम तना हुआ.
देवा – अब उसे छोडो इसका कुछ करो ये तो खड़ा हो गया न. कही आपके गाँव में पहुंचते hi किसी गे पर न चढ़ जाये ये सैंड.
देवकी मुस्कराते हुए – अरे इसे अगर कोई गे पसंद आ गयी तो उसकी पूँछ मए उठा दूगी जिससे के ये उसकी बुर फाड़ सके. वैसे आजतक मुझे मेरे गाँव में तेरे जैसा सैंड नजर नहीं आया. लेकिन दुधारू गाये बहोत है. तू यही रुक जा रोज नयी गे मिल जाएगी.
देवा – अरे काकी अब तो तुम्हरे घर आते hi रहना है. धीरे धीरे साडी गे चुद जाएगी इस सैंड से पर अभी तुम इसे शांत करो.
देवकी चरण नीचे झुक कर देवा का लुंड मुँह में ले लेती है. और चूसने लगती है. थोड़ी hi देर में देवा के ऊपर भी नशा चढ़ने लगता है. तो वो गाडी स्लो कर देता है. और देवकी का ब्लाउज खोल देता है जिससे उसकी बड़ी बड़ी चूचिया बहार आ जाती है. देवकी भी झट से उठा कर अपना ब्लाउज निकल कर ऊपर से नंगी हो जाती है. देवा देखता है के देवकी के बूब्स अभी तक लाल थे कल की म्हणत का असर अब तक था उसके चुचो पर.
………. देवा जोर जोर से देवकी के बूब्स दबाने लगता है. और फिर गाड़ी एक जगह छाँव में लगा देता है दूर दूर तक कोई नहीं था.
देवा देवकी को सीधा कर के उसके चुके दबा दबा के चूसने लगता है और उसके निप्पल को कभी कभी दातो में दबा के हलके हलके चबा भी रहा था .
फिर उसने हाथ बड़ा के देवकी की साड़ी ऊपर कर के अपनी एक ऊँगली देवकी की रास बहती बुर में घुसेड़ दी तो देवकी अपने दातो से अपने होठ काट के सिसक पड़ी
Uuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmmhhhhhhh देवा क्या कर रहा है. ये बीच रस्ते में गाडी क्यों रोक दी छोड़ मेरी बुर और गाड़ी चला न.
देवा अपनी ऊँगली तेजी से आगे पीछे करने लगता है. और देवकी की बुर छोड़ने लगता है. एक हाथ से बुर छोड़ रहा था तो दूसरे हाथ से बूब्स दबा रहा था और दूसरा चुका चूस भी रहा था. देवकी की हालत तीन तरफ के हमले से ख़राब होने लगती है वो भी तेजी से देवा का लुंड चूसने लगती है.
तभी देवा बहार देखता है उसे कोई नजर नहीं आता वो वैसे भी ये गाँव की बहरी सड़क थी इस पर जयादा भीड़ रहती नहीं थी. और इस वक़्त तो बिलकुल खली thi.deva झट से गाडी का देवकी की तरफ का दूर खोल देता है.
देवकी - क्या कर रहा है देवा कोई देख लेगा तो बड़ी बदनामी होगी.
देवा – बाते मत करो जल्दी से पीछे वाली सीट पे जाओ काकी आज तो खुली सड़क पे छोड़ूगा तुझे.
देवकी भी झट से उतर के पिछली सीट पे चली जाती है. और साड़ी उठा के लेट जाती है अब उसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था. देवा भी बहार आता है और गाड़ी से बहार खड़े हो कर देवकी को सीट पे लिटा देता है देवकी की बुर अपने hi पानी से चमक रही थी. देवा उसके पैरो को चौड़ा कर के उसकी छूट चाटने लगता है . अभी कुछ hi देर हुई थी के देवा की खुरदुरी जबान को देवकी सह नहीं पाती और जहद जाती है……
………oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhh देवा aaaaaaaaaaaaaaaa kyaaaaaaaaaaaa कर दिया रे मए तो gayiaaaaaaaaaaaaahhhhhhh
छूट रास पिने के बाद देवा ऊपर हो गया और देवकी की छूट पर आपने लुंड रगड़ने लगा.
देवकी लुंड का एहसास अपनी छूट पर पते hi गरम होने लगी और अपनी कमर को झटके देके लुंड अंडर लेने की कोशिश करने लगी. देवकी की हरकत को देख कर देवा ने एक हाथ से लुंड पकड़ा और दूसरे हाथ से देवकी की जांघ को पकड़ लिया और एक जोरदार धक्का छूट में लगा दिया.
लुंड छूट को चीरता हुआ 6" अंदर घुस गया. और देवकी की दर्द से जोरदार चीख निकली देवकी तड़पने लगी और उसका शरीर कपङे लगा. देवा देवकी का दर्द काम करने के लिए किश करते हुए निप्पल्स को मसलने
लगा. क्लाइटोरिस को भी मसलने लगा कुछ hi देर में देवकी का दर्द काम हो गया और वो अपनी कमर को हिला कर झटके मरने लगी. तो देवा ने देवकी के चुके दबाने चालू कर दिए जिससे देवकी की छूट बहुत गीली हो गई तो देवा ने फिरसे एक hi धक्के में आपने पूरा लुंड देवकी की छूट में उतर दिया और देवकी की चुदाई सुरु कर दी.
देवकी तो बस - यह यह यह यह यह यह हा ऐसे hi छोड़ मुझे जोर जोर से देवा बहोत मजा आ रहा है. aaaaaaaaahhhhhhhhhhh uuuuuuiiiiiiiiiiiimmmmmmmmmmaaaaaa एक तो सूखा hi घुसा दिया मेरी बुर में अंदर तक छील गयी कल से hi जख्मी थी और घुसा दिया तूने, आआआआह्ह्ह्ह छोड़ छोड़ छोड़ देवा ओह्ह्ह्हह्ह मेरी माआआ मुझे ऐसा पति क्यों नहीं दिलवाया जो हर वक़्त मेरी छूट ऐसे hi fadeeeeeeeeeee हहहहाआआअह्ह्ह्हह्म्म ममम म्मूउऊउउउउठह्ह्ह्ह छोड़ मेरे राजाआआ फाड् दे अपनी काकी की बुर को
देवकी 5 मं में hi झाड़ गई. देवकी के झाड़ जाने से देवा का लुंड अब आसानी से छूट के अंदर बहार हो रहा था. पूरी कार बहोत तेजी से झूले की तरह हिल रही थी. और नरम सीट पर देवकी गांड उठा उठा के देवा का लुंड अपनी बुर में ले रही थी और बस सिसकिया निकल रही थी. देवकी के 3 बार झाड़ गयी थी लुंड लेने के बाद अब देवा भी अपनी मंजिल पे पहुंचने hi वाला था करीब 40 ममिनट से देवा छोड़ रहा था एक hi स्टाइल में जो की देवा को पसंद नहीं था. अगर कमरा होता तो अब तक पता नहीं देवकी को कितने तरीको से पलटा पलटा के पेल चूका होता, पर कार में मुमकिन नहीं था ज्यादा. देवा ने भी आखरी के धक्के जोरदार मरने शुरू किये और देवकी की छूट में अपना गरम माल छोड़ने लगा.
देवकी ने देवा के लुंड से निकले गर्म वीर्य को अपनी छूट की गहराइयों में महसूस करते hi एक बार और झाड़ गई. और अपनी छूट को पूरा सिकोड़ लिया जिससे देवा का लुंड भी पूरा निचुड़ गया.
कुछ देर के बाद देवा ने अपना लुंड देवकी की बुर से निकला देवकी की बुर तो फूल के डबल रोटी हुई पड़ी थी. कल की चुदाई से ठीक हुई hi थी के सुबह सुबह फिर चुद गयी . देवा का लुंड अभी भी आधा खड़ा था देवकी ने झट से उठ कर देवा का लुंड पकड़ लिया और उसे चाट चाट के साफ़ करने लगी और उस पर लगी मलाई को चाट के खा गयी.
फिर देवकी भी बहार निकल आयी और अपने कपडे सही करने लगी. तो देवा साइड हो गया और झाड़ियों में मूतने लगा. कुछ hi देर में देवकी भी वह पहुंच गयी और देवा जहा खड़ा मूट रहा था. देवकी भी वही बैठ गयी और. मूतने लगी, फिर दोनों ने कार से बोतल निकल के मुँह धोया और वापस उनका सफर शुरू हो गया.
देवकी - क्या देवा तू थकता नहीं क्या. मैने तो सोचा था 10 मिनट के अंदर छोड़ देगा पर तू भी न, चढ़ता है तो निचोड़ के hi रख देता है मुझे तो नींद आने लगी है. मए सो रही हु.
देवा – ठीक ऐ काकी आप सो जाइये मए उठा दुगा.
फिर देवा एक बड़ा देता है और लाइट म्यूजिक चला देता है थोड़ी hi देर में देवकी को वही बैठ बैठ नींद आ जाती है. और देवा गाड़ी चलता रहता आहे. कोई 2- 2.30 घंटो में वो देवकी के गाँव पहुंच जाता है.
देवा – काकी ………… ो काकी उतरो भी कितना सोवोगी?
देवकी - क्या है देवा सोने दे न.
देवा – काकी गाँव आ गया है
देवकी ये सुन कर तुरंत उठ जाती है. – क्या इतनी जल्दी?
देवा – काकी हमें कोई बस की तरह रुकते हुए आराम से नहीं आना था हमें 3 घंटे का सफर किया है ½ घंटा चुदाई के पहले किया था और बाकि का सफर चुदाई के बाद.
देवकी - देवा थोड़ा गाड़ी वह छाँव में रोक दे.
देवा गाड़ी रोकता है तो देवकी उतर के फिर से मूतने चली जाती है और फिर देवकी मुँह धो के पानी पीती है और फ्रेश हो कर गाड़ी में बैठ जाती है. तो देवा घर की तरफ गाडी बड़ा देता है. ये लोग करीब 12 बजे तक देवकी के घर पहुंच जाते है.
देवकी बैग उठाने लगती है तो
देवा – अरे काकी आप रहने दो मए ले चलता हु. अब यहाँ मए आपका बॉयफ्रेंड नहीं पायल का भाई हु और आप पायल की होने वाली सास.
देवकी - अकेले में मिल बताती हु तुझे के तू मेरा क्या लगता है.
इतना कह कर देवकी अंदर आ जाती है. और देवा भी पीछे पीछे आ जाता है.
देवकी का घर भी अच्छा बना हुआ था पक्का और बड़ा माकन था, लेकिन गाँव के हिसाब से था. जिसमे देवकी के परिवार के आलावा उस के देवर का परिवार भी रहता था. यानि उसका देवर घनश्याम जो के एक दुबला पतला सा आम शख्स था, उसकी पत्नी उर्मिला जो की एक भरे पूरे बदन की मालकिन थी कोई 36,34,38 के फिगर वाली गोरी चिट्टी औरत, उनकी कोई औलाद नहीं थी. यानि अब तक इस घर का वारिस सिर्फ रामु hi था. घर में पहले एक हॉल फिर हॉल से लगा हुआ किचन और तीन कमरे जहा एक देवकी का कमरा था , उसके बाद उर्मिला का. फिर रामु का कमरा लेकिन रामु ने कुछ hi दिन पहले दो कमरे ऊपर भी बनवा लिए थे भविष्य का सोच कर इसीलिए वो ऊपर hi सोता है, और नीचे वाला कमरा गेस्ट के लिए खली hi रहता है. बहार आँगन में लेट बाथ एक साथ आत्ताच hi बने हुए है यानि पूरा परिवार आंगन में बने बाथरूम का hi उपयोग करता है जिस पर के एक पर्दा सा टेंगा हुआ है.
देवा हॉल में आ कर बैठा hi था. और देवकी अंदर चली गयी अपने रूम में बैग लेकर, आती हु कह कर..
तभी देवा को भी पेशाब आने लगती है और वो उठकर बहार बने बाथरूम में आता है. जहा पर्दा टेंगा हुआ था. देवा अंदर जाकर अपनी पूरी जीन्स खोल कर अपना प्रेशर से खड़ा लुंड बहार निकलता है. और आराम से मूतने लगता है. तभी उस के कानो में आवाज़ आती है.
……अरे दीदी आप कब आयी. मैने तो देख hi नहीं .
देवकी - बस अभी hi आयी हु उर्मिला तू शायद अंदर थी.
फिर देवा सब वक़्त पे छोड़ कर नींद के आगोश में चला जाता है………………….
और 4 बजे उठ कर अपनी पावर्स को बढ़ाने में लग जाता है. जिसमे उसे अपने अंदर एक बहोत hi ज्यादा चमकदार चीज़ दिखाई देती है. देवा उसकी चमक को सहन नहीं कर प् रहा था. वो कोई बहोत बड़ी शक्ति थी शायद. उसे पाना तो दूर की बात है. देवा बहोत कोशिशों के बावजूद उस तक नहीं पहुंच प् रहा था.
आखिर उसने अपनी आँखे खोली और फिर तैयार होने चला गया. और 7 बजे तक वो रेडी हो कर टेरेस पे गया तो देखा के वह पे साडी लेडीज पूनम भी गयम में लगी हुई थी.
सभी ने स्पोर्ट्स ब्रा और टाइट शॉर्ट्स पहन रखे थे. जिसमे उनकी गोरी चिकनी जंघे चमक रही थी. और स्पोर्ट्स ब्रा से सभी के आधे से ज्यादा गोर गोर बूब्स बहार गिर रहे थे सभी का बदन hi खतरनाक था जिस में से देवा सावित्री और दिया को तो नंगा देख hi चुक्का था. लेकन उसे पूजनम और पायल भी बेहद खूबसूरत लग रही थी. जिससे उसका लोढ़ा खड़ा होने लगता है.
तभी देवा की नजर पूनम से टकराती है. तो पूनम उसे खा जाने वाली नजरो से देख रही थी. देवा कान छू कर सॉरी बोलता है और दूसरे साइड जा के बहार देखने लगता है.
और फिर जब सब लेडीज फ्री होती है तो देवा भी उन के साथ नीचे आ जाता है और फिर नाश्ता कर के रामु को देने वाला पूरा सामान गाडी में रख कर पूनम के साथ उस के घर जाता है जहा देवकी भी बस तैयार hi थी. जैसे hi देवा वह पहुँचता है सामने पद्मा नजर आती है जो झुक कर आँगन में झाड़ू मार रही थी. उसकी उभरी हुई गांड देख कर सुबह सुबह देवा का लुंड खड़ा होने लगता है और लुंड को जीन्स में एडजस्ट करता है. जो की यहाँ पूनम और अंदर से देवकी देख लेती है और अपनी अपनी जगह दोनों hi मुस्कराने लगती है.
पूनम धीरे से - देव ये हमारी माँ है इन्हे तो बक्श दे.
देवा सकपका कर – क्या पूनम तुम भी न मैने कहा कुछ किया?
पूनम – हो सके तो करना भी नहीं.
देवा –और अगर पद्मा काकी ने खुद hi हाथ बढ़ाया तो?
पूनम - फिर तुम्हे मेरी तरफ से भी छूट है.
देवा – यू अरे ग्रेट पूनम . अब चल अंदर वर्ण यही पकड़ कर तुम्हरे होठ चबा जाउगा.
पूनम तुरंत आगे बाद जाती है. तब तक पद्मा भी सीढ़ी हो जाती है और देवा को देख कर शर्माने लगती है. उसे कल रत वाली देवकी की बाते याद आ रही थी. उस के बाद सब अंदर आते है.
देवकी - आ गए तुम लोग. बैठो देवा चाय पी लो फिर चलते है.
देवा – नहीं काकी अभी घर से नाश्ता कर के hi आये है हम लोग. इसलिए चाय रहने देते है. अगर आप तैयार है तो चले?
देवकी - अरे मुझे क्या तैयार होना है. मए कोई नयी दुल्हन थोड़ी hi हु. बस अपना बैग लेना है और चल पांडा है.
देवा – तो फिर चलिए.
फिर देवकी पहले पूनम से गले मिलती है और फिर पद्मा के गले लग के उस के कान में. मेरी बात यद् रखना आज तो इसे मए अपने ऊपर चडौगी तू भी जल्दी कर ले कही इसे पूनम का चस्का पद गया तो फिर ये हम जैसी बुडियो की तरफ देखेगी भी नहीं.
पद्मा मुस्करा के है में गार्डन हिला देती है. फिर देवकी और देवा निकल पड़ते है रर में देवकी के घर.
गाड़ी में देवा और देवकी दोनों अकेले hi थे तो देवकी कुछ फ्री हो के बैठी थी वैसे भी गाड़ी के शीशे चारो तरफ से ब्लैक hi थे जिससे आजु बाजु तो छोडो फ्रंट गिलास से भी बहार वाले को अंदर का नहीं देख सकता था. लेकिन अंदर से बहार तो देखा जा hi सकता है नॉर्मली. इसी बात का फायदा उठा के थोड़े देर बाद देवकी ने अपनी साड़ी क ापल्लु नीचे कर दिया और देवा के सामने देवकी के बूब्स जो आधे ब्लाउज से बहार थे दिखने लगते है.
देवा – क्या हुआ काकी कल की चुदाई से जी नहीं भरा क्या?
देवकी - अरे तुझसे तो मेरा जी कभी नहीं भर सकता तू है इतना मस्त
देवा – मए या मेरा लोढ़ा?
देवकी - दोनों
देवा – पर अब ये पल्लू हटा के मेरा क्यों खड़ा कर रही हो सुबह सुबह
देवकी ने तुरंत देवा का लुंड जीन्स के ऊपर से पक्स्ड के सहलाना शुरू कर दिया……….
देवकी - तेरा मए क्या खड़ा करुँगी देवा , तेरा लुंड कभी बैठता भी है? कितना बेरहमी से छोड़ा था कल पता नहीं मेरी पूनम का क्या हाल करेगा . जरा ध्यान रखना वो एक नाजुक काली है. मेरी तरह खेली खाई नहीं है वो.
देवा – अरे काकी आप तो उसे तभी से जानती हो जब से वो पैदा हुई पद्मा काकी के यहाँ . लेकिन मए तो उसे सेकड़ो सालो से जनता हु. सदियों पुराण प्यार है हमारा. मुझे उसकी फ़िक्र हमेशा रहेगी. और उसे मए रगडुगा नहीं बल्कि प्यार करुगा.
देवकी – चुप कर मजनू कही का बड़ा आया सदियों पुराने प्यार वाला. और उसे प्यार करेगा तो क्या रगड़ने के लिए हम hi मिले है. अरे देवा चाहे औरत हो या कोई लड़की जब तक उसे रगड़ा न जाये मजा नहीं आता. प्यार अपनी जगह पे पर चुदाई के समय प्यार से नहीं बेरहमी से hi दोनों को सही मजा मिलता है.
देवा – अच्छा काकी आप बोलती है तो उसे रगडुगा भी आप बोलो तो अभी चल कर उसे भी ले आते है. फिर वापसी में जब मए और पूनम अकेले होंगे तो रगड़ दुगा यही गाडी में.
देवकी - चुप कर. मए ऐसा नहीं कह रही मए तो ये कह रही थी के बिन बाआप की बच्ची है. उसे जिंदगी भर प्यार देना. बहोत मासूम है वो. भले hi वो मेरी सगी बेटी नहीं लेकिन सगी बेटी से काम भी नहीं.
देवा ने तुरंत अपनी जीन्स का बटन और चैन खोल दी. जिससे उसका लुंड बहार आ गया एक डैम तना हुआ.
देवा – अब उसे छोडो इसका कुछ करो ये तो खड़ा हो गया न. कही आपके गाँव में पहुंचते hi किसी गे पर न चढ़ जाये ये सैंड.
देवकी मुस्कराते हुए – अरे इसे अगर कोई गे पसंद आ गयी तो उसकी पूँछ मए उठा दूगी जिससे के ये उसकी बुर फाड़ सके. वैसे आजतक मुझे मेरे गाँव में तेरे जैसा सैंड नजर नहीं आया. लेकिन दुधारू गाये बहोत है. तू यही रुक जा रोज नयी गे मिल जाएगी.
देवा – अरे काकी अब तो तुम्हरे घर आते hi रहना है. धीरे धीरे साडी गे चुद जाएगी इस सैंड से पर अभी तुम इसे शांत करो.
देवकी चरण नीचे झुक कर देवा का लुंड मुँह में ले लेती है. और चूसने लगती है. थोड़ी hi देर में देवा के ऊपर भी नशा चढ़ने लगता है. तो वो गाडी स्लो कर देता है. और देवकी का ब्लाउज खोल देता है जिससे उसकी बड़ी बड़ी चूचिया बहार आ जाती है. देवकी भी झट से उठा कर अपना ब्लाउज निकल कर ऊपर से नंगी हो जाती है. देवा देखता है के देवकी के बूब्स अभी तक लाल थे कल की म्हणत का असर अब तक था उसके चुचो पर.
………. देवा जोर जोर से देवकी के बूब्स दबाने लगता है. और फिर गाड़ी एक जगह छाँव में लगा देता है दूर दूर तक कोई नहीं था.
देवा देवकी को सीधा कर के उसके चुके दबा दबा के चूसने लगता है और उसके निप्पल को कभी कभी दातो में दबा के हलके हलके चबा भी रहा था .
फिर उसने हाथ बड़ा के देवकी की साड़ी ऊपर कर के अपनी एक ऊँगली देवकी की रास बहती बुर में घुसेड़ दी तो देवकी अपने दातो से अपने होठ काट के सिसक पड़ी
Uuuuuuuuuuuuuummmmmmmmmmmmhhhhhhh देवा क्या कर रहा है. ये बीच रस्ते में गाडी क्यों रोक दी छोड़ मेरी बुर और गाड़ी चला न.
देवा अपनी ऊँगली तेजी से आगे पीछे करने लगता है. और देवकी की बुर छोड़ने लगता है. एक हाथ से बुर छोड़ रहा था तो दूसरे हाथ से बूब्स दबा रहा था और दूसरा चुका चूस भी रहा था. देवकी की हालत तीन तरफ के हमले से ख़राब होने लगती है वो भी तेजी से देवा का लुंड चूसने लगती है.
तभी देवा बहार देखता है उसे कोई नजर नहीं आता वो वैसे भी ये गाँव की बहरी सड़क थी इस पर जयादा भीड़ रहती नहीं थी. और इस वक़्त तो बिलकुल खली thi.deva झट से गाडी का देवकी की तरफ का दूर खोल देता है.
देवकी - क्या कर रहा है देवा कोई देख लेगा तो बड़ी बदनामी होगी.
देवा – बाते मत करो जल्दी से पीछे वाली सीट पे जाओ काकी आज तो खुली सड़क पे छोड़ूगा तुझे.
देवकी भी झट से उतर के पिछली सीट पे चली जाती है. और साड़ी उठा के लेट जाती है अब उसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था. देवा भी बहार आता है और गाड़ी से बहार खड़े हो कर देवकी को सीट पे लिटा देता है देवकी की बुर अपने hi पानी से चमक रही थी. देवा उसके पैरो को चौड़ा कर के उसकी छूट चाटने लगता है . अभी कुछ hi देर हुई थी के देवा की खुरदुरी जबान को देवकी सह नहीं पाती और जहद जाती है……
………oooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhh देवा aaaaaaaaaaaaaaaa kyaaaaaaaaaaaa कर दिया रे मए तो gayiaaaaaaaaaaaaahhhhhhh
छूट रास पिने के बाद देवा ऊपर हो गया और देवकी की छूट पर आपने लुंड रगड़ने लगा.
देवकी लुंड का एहसास अपनी छूट पर पते hi गरम होने लगी और अपनी कमर को झटके देके लुंड अंडर लेने की कोशिश करने लगी. देवकी की हरकत को देख कर देवा ने एक हाथ से लुंड पकड़ा और दूसरे हाथ से देवकी की जांघ को पकड़ लिया और एक जोरदार धक्का छूट में लगा दिया.
लुंड छूट को चीरता हुआ 6" अंदर घुस गया. और देवकी की दर्द से जोरदार चीख निकली देवकी तड़पने लगी और उसका शरीर कपङे लगा. देवा देवकी का दर्द काम करने के लिए किश करते हुए निप्पल्स को मसलने
लगा. क्लाइटोरिस को भी मसलने लगा कुछ hi देर में देवकी का दर्द काम हो गया और वो अपनी कमर को हिला कर झटके मरने लगी. तो देवा ने देवकी के चुके दबाने चालू कर दिए जिससे देवकी की छूट बहुत गीली हो गई तो देवा ने फिरसे एक hi धक्के में आपने पूरा लुंड देवकी की छूट में उतर दिया और देवकी की चुदाई सुरु कर दी.
देवकी तो बस - यह यह यह यह यह यह हा ऐसे hi छोड़ मुझे जोर जोर से देवा बहोत मजा आ रहा है. aaaaaaaaahhhhhhhhhhh uuuuuuiiiiiiiiiiiimmmmmmmmmmaaaaaa एक तो सूखा hi घुसा दिया मेरी बुर में अंदर तक छील गयी कल से hi जख्मी थी और घुसा दिया तूने, आआआआह्ह्ह्ह छोड़ छोड़ छोड़ देवा ओह्ह्ह्हह्ह मेरी माआआ मुझे ऐसा पति क्यों नहीं दिलवाया जो हर वक़्त मेरी छूट ऐसे hi fadeeeeeeeeeee हहहहाआआअह्ह्ह्हह्म्म ममम म्मूउऊउउउउठह्ह्ह्ह छोड़ मेरे राजाआआ फाड् दे अपनी काकी की बुर को
देवकी 5 मं में hi झाड़ गई. देवकी के झाड़ जाने से देवा का लुंड अब आसानी से छूट के अंदर बहार हो रहा था. पूरी कार बहोत तेजी से झूले की तरह हिल रही थी. और नरम सीट पर देवकी गांड उठा उठा के देवा का लुंड अपनी बुर में ले रही थी और बस सिसकिया निकल रही थी. देवकी के 3 बार झाड़ गयी थी लुंड लेने के बाद अब देवा भी अपनी मंजिल पे पहुंचने hi वाला था करीब 40 ममिनट से देवा छोड़ रहा था एक hi स्टाइल में जो की देवा को पसंद नहीं था. अगर कमरा होता तो अब तक पता नहीं देवकी को कितने तरीको से पलटा पलटा के पेल चूका होता, पर कार में मुमकिन नहीं था ज्यादा. देवा ने भी आखरी के धक्के जोरदार मरने शुरू किये और देवकी की छूट में अपना गरम माल छोड़ने लगा.
देवकी ने देवा के लुंड से निकले गर्म वीर्य को अपनी छूट की गहराइयों में महसूस करते hi एक बार और झाड़ गई. और अपनी छूट को पूरा सिकोड़ लिया जिससे देवा का लुंड भी पूरा निचुड़ गया.
कुछ देर के बाद देवा ने अपना लुंड देवकी की बुर से निकला देवकी की बुर तो फूल के डबल रोटी हुई पड़ी थी. कल की चुदाई से ठीक हुई hi थी के सुबह सुबह फिर चुद गयी . देवा का लुंड अभी भी आधा खड़ा था देवकी ने झट से उठ कर देवा का लुंड पकड़ लिया और उसे चाट चाट के साफ़ करने लगी और उस पर लगी मलाई को चाट के खा गयी.
फिर देवकी भी बहार निकल आयी और अपने कपडे सही करने लगी. तो देवा साइड हो गया और झाड़ियों में मूतने लगा. कुछ hi देर में देवकी भी वह पहुंच गयी और देवा जहा खड़ा मूट रहा था. देवकी भी वही बैठ गयी और. मूतने लगी, फिर दोनों ने कार से बोतल निकल के मुँह धोया और वापस उनका सफर शुरू हो गया.
देवकी - क्या देवा तू थकता नहीं क्या. मैने तो सोचा था 10 मिनट के अंदर छोड़ देगा पर तू भी न, चढ़ता है तो निचोड़ के hi रख देता है मुझे तो नींद आने लगी है. मए सो रही हु.
देवा – ठीक ऐ काकी आप सो जाइये मए उठा दुगा.
फिर देवा एक बड़ा देता है और लाइट म्यूजिक चला देता है थोड़ी hi देर में देवकी को वही बैठ बैठ नींद आ जाती है. और देवा गाड़ी चलता रहता आहे. कोई 2- 2.30 घंटो में वो देवकी के गाँव पहुंच जाता है.
देवा – काकी ………… ो काकी उतरो भी कितना सोवोगी?
देवकी - क्या है देवा सोने दे न.
देवा – काकी गाँव आ गया है
देवकी ये सुन कर तुरंत उठ जाती है. – क्या इतनी जल्दी?
देवा – काकी हमें कोई बस की तरह रुकते हुए आराम से नहीं आना था हमें 3 घंटे का सफर किया है ½ घंटा चुदाई के पहले किया था और बाकि का सफर चुदाई के बाद.
देवकी - देवा थोड़ा गाड़ी वह छाँव में रोक दे.
देवा गाड़ी रोकता है तो देवकी उतर के फिर से मूतने चली जाती है और फिर देवकी मुँह धो के पानी पीती है और फ्रेश हो कर गाड़ी में बैठ जाती है. तो देवा घर की तरफ गाडी बड़ा देता है. ये लोग करीब 12 बजे तक देवकी के घर पहुंच जाते है.
देवकी बैग उठाने लगती है तो
देवा – अरे काकी आप रहने दो मए ले चलता हु. अब यहाँ मए आपका बॉयफ्रेंड नहीं पायल का भाई हु और आप पायल की होने वाली सास.
देवकी - अकेले में मिल बताती हु तुझे के तू मेरा क्या लगता है.
इतना कह कर देवकी अंदर आ जाती है. और देवा भी पीछे पीछे आ जाता है.
देवकी का घर भी अच्छा बना हुआ था पक्का और बड़ा माकन था, लेकिन गाँव के हिसाब से था. जिसमे देवकी के परिवार के आलावा उस के देवर का परिवार भी रहता था. यानि उसका देवर घनश्याम जो के एक दुबला पतला सा आम शख्स था, उसकी पत्नी उर्मिला जो की एक भरे पूरे बदन की मालकिन थी कोई 36,34,38 के फिगर वाली गोरी चिट्टी औरत, उनकी कोई औलाद नहीं थी. यानि अब तक इस घर का वारिस सिर्फ रामु hi था. घर में पहले एक हॉल फिर हॉल से लगा हुआ किचन और तीन कमरे जहा एक देवकी का कमरा था , उसके बाद उर्मिला का. फिर रामु का कमरा लेकिन रामु ने कुछ hi दिन पहले दो कमरे ऊपर भी बनवा लिए थे भविष्य का सोच कर इसीलिए वो ऊपर hi सोता है, और नीचे वाला कमरा गेस्ट के लिए खली hi रहता है. बहार आँगन में लेट बाथ एक साथ आत्ताच hi बने हुए है यानि पूरा परिवार आंगन में बने बाथरूम का hi उपयोग करता है जिस पर के एक पर्दा सा टेंगा हुआ है.
देवा हॉल में आ कर बैठा hi था. और देवकी अंदर चली गयी अपने रूम में बैग लेकर, आती हु कह कर..
तभी देवा को भी पेशाब आने लगती है और वो उठकर बहार बने बाथरूम में आता है. जहा पर्दा टेंगा हुआ था. देवा अंदर जाकर अपनी पूरी जीन्स खोल कर अपना प्रेशर से खड़ा लुंड बहार निकलता है. और आराम से मूतने लगता है. तभी उस के कानो में आवाज़ आती है.
……अरे दीदी आप कब आयी. मैने तो देख hi नहीं .
देवकी - बस अभी hi आयी हु उर्मिला तू शायद अंदर थी.