Fantasy इच्छाधारी देव - Page 2 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

अपडेट – 9

शलाका - (शरारती मुस्कान के साथ) आपकी चाहने वाली ऊपर क कमरे में आपका इंतजार बड़ी बेसब्री से कर रही है. इसलिए यहाँ से मत जाइये बहार से अपने कमरे में जाइएगा.

देवा - ठीक है

फिर देवा अपनी आँखे बंद करता है और ऊपर खेतो में एक तरफ जहा घने पेड़ थे वह निकलता है और सीधा अपने कमरे में आता है तो देखता है की देवकी उसका इंतजार कर रही थी.

देवकी – आ गए लात साब कहा चले गए थे तुम?

देवा – अरे काकी तुम कब आयी? देवा ने अंदर आते हुए दरवाजा बंद कर दिया.

देवकी - मुझे तो आये हुए थोड़ी देर हो चुकी है पर तू कहा गया था. खेतो में भी नहीं था.?

देवा – अरे वो पास के खेत में था अपने दोस्तों के साथ वही देर हो गयी.

देवकी - अच्छा आ बैठ भी अब खड़ा hi रहेगा क्या?

देवा - काकी कोई काम था क्या ? (जान बुझ कर)

देवकी - हां रे काम तो था पर वो छोड़ तुझसे कुछ बात करनी थी.

देवा – है काकी बोलो

देवकी – देवा आज मए जब तेरे घर आयी थी अपने मन में कुछ बाते ले कर आयी थी जो मुझे तेरी माँ से करनी थी. और मैने तेरे निकलने के बाद उनसे वो बाते की है. और तेरी माँ ने कहा है ेके घर में सब से पूछ कर बताएगी.

देवा – ऐसी क्या बात है काकी कुछ चाहिए था तो मुझे बता देती. मए हु न जो कहती दे देता.

देवकी - अरे तेरे घर की सबसे अनमोल चीज़ hi मांगी है मैने तेरी माँ से. जब वो तुझे बताये तो सोच समझ कर फैसल करना कोई जबरदस्ती नहीं है. के तू है hi कहे. बाकि की बाते तुझे तेरी माँ hi बताये तो बेहतर रहेगा.

देवा – ठीक है काकी जैसा तुम कहो.

थोड़ी देर की ख़ामोशी उन दोनों के बीच आ जाती है दोनों hi कुछ कह नहीं प् रहे थे न hi कोई आगे बाद रहा था. देवा ने अपना कुरता उतरा और अपने जिस्म से पसीना पोंछने लगा. देवकी की भी हिम्मत नहीं हो रही थी अब देवा को कुछ न करते देख देवकी उठ कड़ी हुई और बोली.

देवकी – ठीक है देवा मए चलती हु बस तुझसे मिलना था मिल लिया तेरी माँ जो भी कहे उसे ध्यान से सुन कर समझ कर फैसला करना . अब मए चलती हु. जैसे hi देवकी दरवाजे की तरफ बड़ी देवा ने उसका हाथ पकड़ कर अपनी गॉड में खींच लिया . वो सीढ़ी आकर देवा के लुंड पे बैठी. तो उसकी सिसकारी निकल गयी इतना बड़ा लुंड जो उसकी गांड में चुभा था.

देवकी – seeeeeeeeeeeeee devaaaaaaaaaaa क्या करता है मुझे जाने दे अब जो बात करनी थी कर ली.

देवा – जो करनी थी वो कहा की है अभी? इतना कह कर वो देवकी की नंगी चिकनी कमर को सहलाने लगा और उसके कंधे पे अपनी जबान से चाटने लगा.

देवकी की हालत ख़राब होना शुरू हो गयी. – देवा ऐसा मत कर न

देवा – क्यों तुम hi तो चाहती थी के मए ये करू कल hi तो कहा था करना है .

देवकी - अरे मए भला क्यों कहने लगी.

अब देवा ने अपने हाथो को उसकी कमर से ऊपर कर के उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को थाम लिया हलके हाथो से दबाने लगा जिससे देवकी के निप्पल खड़े हो गए.

देवकी - ohhhhhhhhhhhhhhh देवा क्या जादू है तेर हाथो में इस उम्र में भी तूने मुझे सिर्फ ऊपर से छूकर hi गीला कर दिया ऐसा तो कभी रामु के बापू भी नहीं कर पाया

देवा – “देवकी का चेहरा अपनी तरफ घुमाकर उसकी आँखों में झांकते हुए” काकी जादू पूरा देखना

देवकी ने भी हां में गार्डन हिला दी और शर्मा गयी

देवा ने उसका मुँह अपनी तरफ किया और उसके दोनों पैर अपने दये बाये कर दिए जिससे दवकी की चूचिया अब देवा के सीन में पीसने लगी. देवा उसके होठो को चूमने लगा तो देवकी ने भी साथ दिया फिर देवा ने अपनी जबान देवकी के मुँह में दाल दी और उसके होतो को चूसते हुए उसकी गांड को दबाने लगा साथ hi उसकी गोरी गोरी जंघे जो देवा की गॉड में बैठने पर साड़ी के ऊपर होने से नंगी हो चुकी थी उन्हें सहलाने लगा

देवकी भी देवा के बालो में उंगलिया घूमते हुए इस मिलान का मजा ले रही थी देवा का लुंड एक मोठे डंडे की तरह उसे अपनी छूट के मुँह पे चुभ रहा था और उसकी छूट भी अब पानी बहाने लगी थी.

देवा ने देवकी को खड़ा किया और उसके बदन क एक एक अंग को चूमते हुए उसे नंगी करने लगा देवकी ने ब्रा या पेंटी तो पहनी नहीं थी फिर भी उसकी चूचियों और गांड का शेप कमल का था.

तभी देवकी ने भी देवा की धोती की गाँठ पकड़ के खिंच दी और देवा भी पूरा नंगा हो गया . देवा का जिस्म देख कर देवकी की छूट में आग लग गयी ऐसा विशाल शरीर, पत्थर के सामान कठोर उभरा हुआ सीना, मजबूत हाथ पाँव और सबसे रोचक चीज़ देवकी के लिए . देवा का खड़ा लुंड जो किसी अजगर की भाटी लग रहा था. इतना लम्बा और मोटा लुंड और फूला हुआ सूपड़ा देवकी से रहा नहीं गया वो सीढ़ी देवा की छाती से लग गयी और उसे बेतहाशा चूमने लगी. और चूमते हुए वो धीरे धीरे नीचे आयी और देवा का लुंड पकड़ कर उसे जोर जोर से चूमने लगी . वो बार बार देवा के लुंड को चूमती फिर उसकी जांघो को चूमती और देवा की गांड को अपने नाजुक हाथो से सहलाती वह नाख़ून गदति. फिर जैसे hi वो देवा के लुंड को चूमने लगी देवा ने उसका चेहरा पकड़ के उसके होतो पे अपना लुंड अंदर को दबाया देवकी पहले तो समझी नहीं फिर देवा ने कहा

देवा – काकी मुँह खोलो इसे अंदर डालना है

देवकी - पागल हुआ ये इसे मुँह के छेड़ में नहीं डालते बावले इस के लिए दूसरा छेड़ तैयार है कब से. डालना है तो वह दाल

देवा – अरे काकी मुँह में लो न कभी काका ने मुँह में नहीं दिया क्या.

देवकी ने इंकार में गार्डन हिला दी तो देवा ने फिर इशारा किया देवा का इशारा प् कर देवकी ने अपना मुँह थोड़ा सा खोला तो देवा ने लुंड को होठो में रख क्र हल्का सा धक्का दिया जिससे देवा का सूपड़ा थोड़ा अंदर गया जो देवकी को अच्छा लगा देवकी अब उसे चाटने लगी और फिर देवा और धक्का दिया तो थोड़ा सा लुंड और अंदर गया अब तो देवकी को भी मजा आने लगा देवा का लुंड चूसने में वो बार बार लुंड पूरा मुँह से निकलती और उसपे अपनी जबान फिरती और फिर से मुँह में लेती कोई 10 मिनट तक देवकी देवा का लुंड चुस्ती रही और देवा उसके सर पे हाथ रख कर हलके हॉकर उसके मुँह को छोड़ता रहा फिर दवकी उठी .

देवकी - देवा अब नहीं रहा जाता गाड़ दे न ये खूटा मेरी इस प्यासी जमीन में कई साल हो गए इसका स्वाद लिए वैसे भी जो मैने लिया वो तो इससे आधा भी नहीं था मरियल सा था. जो इतनी देर में तो 3 बार झाड़ जाता पर तूने तो अब तक डाला भी नहीं देख डालते hi झाड़ मत जाना .

देवा( है कर) काकी कब झड़ना है ये मुझे पता है तू चिंता मत कर मए तब तक तुझे पेलूगा जब तक तेरे में चलने की हिम्मत रहेगी.

देवा ने देवकी की एक टांग वही राखी चारपाई पे राखी और खुद नीचे बैठ कर देवकी की बुर पे अपने होठ रख दिए. देवकी तो सर से पैर तक काँप गयी आज तक उसे ऐसा सुख नहीं मिला था किसी ने उसकी छूट पे होंठ नहीं लगाए थे ये पहली बार था

देवकी – devaaaaaaaaaaaaa क्या कर दिया रे तूने मत कर ये गन्दी जगह है.

देवा ने कोई जवाब नहीं दिया और अपनी जबान निकल के देवकी की बुर को चाटने लगा देवा की खुरदुरी जबान अपनी बुर पे महसूस कर के देवकी 2 मिनट में hi देवा का सर अपनी बुर पे दबा कर झाड़ गयी देवा ने भी देवकी का पूरा पानी पी लिया और सीधा खड़ा हुआ.

देवकी तो पागल हो चुकी थी उसने झपट कर देवा का चेहरा पकड़ा और उसके होतो को और गलो को चाटने लगी जिस पर उसकी hi छूट का पानी लगा था. साथ hi वो देवा के गलो और होठो को हल्का हल्का काटने लगी .

देवकी – देवा क्या कमल किया है तूने आज तक अपनी पूरी जिंदगी में मैने ये एक बार भी नहीं किया आज तूने मुझे नया सुख दिया है देवा . बड़ी खुशनसीब होगी वो लड़की तू जिसे अपनी पत्नी बनाएगा उसे तो पूरी दुनिया की ख़ुशी मिल जाएगी. इतना कहते hi देवकी के दिमाग में पूनम का चेहरा आ गया. और चेहरे पे मुस्कान भी.

देवा ने देवकी को वही पलटा के झुकाया और उसके हाथ चारपाई पे रख दिया और पीछे से उसकी बुर पे अपना लोढ़ा सेट कर क एक धक्का मारा तो देवा का सूपड़ा पूरा घुस गया . और देवकी ने हलकी सी चीख निकली. पर जब देवा ने उसकी कमर को मजबूती से पकड़ कर दूसरा धक्का मारा जिसमे देवा का 6 इंच लुंड एक साथ देवकी की बुर को चीरता हुआ घुसा तो उसे दिन में टारे नजर आ गए देवकी , devaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa uiiiiiiiiiiii mmmaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaahhhhhhhhhhhh देवा

देवा ने बिना रुके अब उसकी चूचिया पकड़ी और आखरी झटके में अपना बाकि का लुंड घुसा दिया देवकी की हालत ख़राब हो गयी

देवकी देवाआआआ नहीं naaaaaaaaaaaaaa रुक jaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa aaaaaaaaaaaahhhhhh devaaaaaaaaaaaaaa उउउउउउउउउठ्हहहहह देवा आआआआआ

देवा ने उसकी चूचिया पकड़ के बिना देवकी की बात सुने उसे ठोकना चालू कर दिया

देवकी - देवा रुक जा मए मर जोगी यह यह यह यह यह ुह्ह्ह्हह्ह देवा नहीं, दो मिनट रुक जा आआआह्ह्ह्हह्ह ह अहहहह देवा मुझे सांस तो लेने दे पर देवा बिना रुके उसे चोदे hi जा रहा था उसकी पपीते के सामान बड़ी बड़ी चूचिया देवा के पंजे की गिरफ्त में थी देवा ने अब निप्पल को उमेठना शुरू किआ और देवकी की गार्डन पे चूमते हुए उसकी पीठ सहलाते सहलाते धक्के जोर जोर से मरने लगा तभी देवकी ने अपनी छूट को सिकोड़ दिया और भलभला के फिर से झाड़ गयी

देवा ने उसे अपने बहो में लिया और नीचे से उसकी बुर में अपना लुंड सेट कर के देवकी को हल्का सा नीचे पुश किया और उसी समय नीचे से धक्का मारा देवकी अपनी बहे देवा के गले में दाल के देवा को पकड़ा हुआ था देवा अब उसे खड़े खड़े hi छोड़ रहा था और देवकी की चूचिया पी रहा था. देवकी को तो स्वर्ग के दर्शन होने लगे. वो भी देवा को चुम रही थी यहाँ धक्के छूट पे पद रहे थे और उसका अंग अंग ढीला हो रहा था और देवकी कभी देवा के होठ चूमती तो कभी गार्डन कभी कान को चुस्ती कभी देवा के कंधे पे अपने दांत गदा देती इसी खतरनाक चुदाई में देवकी फिर से झाड़ गयी उसका गाला सूख रहा था पर देवा पे तो अभी चुदाई का भूत सवार था देवा ने देवकी को अब खटिया पे लिटाया और उसके पैर अपने कंधे पे रख दिए और खुद नीचे खड़ा हो कर अपना लुंड देवकी की बुर में एक hi झटके में पूरा घुसा दिया इस बार देवकी को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई क्यों की उसकी बुर बहोत पानी छोड़ने की वजह से चिकनी भी हो गयी थी और अब तक देवा के लुंड के हिसाब से एडजस्ट भी हो चुकी थी.

देवा लगातार देवकी को छोड़ रहा था तभी उसकी नजर. सामने गयी तो उसने देखा. सामने शलाका कड़ी उसे देख रही थी उसके चेहरे पे हैरानी के साथ साथ मुस्कान भी थी और आँखों में लाल डोरे भी. देवा ने उसे देख के आँख मारी और मुस्करा दिया और उसे इशारे से जाने के लिए कहा

शलाका – चिंता मत करो देवा मुझे आपके आलावा न कोई देख सकेगा न सुन सकेगा. आप मुझसे बात मत करना वार्ना ये आपको पागल समझने लगेगी. और इतना कह के शलाका हसने लगी और देवा से लगे रहने को कहा और वही खड़े हो के देवा की चुदाई देखने लगी .

अब तक देवकी इस पोजीशन में भी दो बार झाड़ चुकी थी और देवा पूरी ताक़त से उसे छोड़ रहा था.

देवकी - aaaaaaaaaahhhhhhh देवा बस कर पूरी कसार आज hi निकलेगा क्या अब छोड़ मुझे मेरी छूट का पानी भी सूख गया है अब जलन हो रही है .

देवा - क्या हुआ काकी पहले तो कह रही थी अच्छे से छोड़ना अब छोड़ने को कह रही हो

देवकी – देवा तूने तो आज इतना छोड़ा है जितना मए रामु के बापू से एक महीने में नहीं चुदती थी.

देवा - बस काकी हो गया थोड़ा सा और ले ले मेरा लोढ़ा और देवा तेज तेज शॉट मरने लगा कमरे में थप थप की आवाजे गूंज रही थी

अब देवा ने देवकी की टंगे सीढ़ी की तो उसकी कमर को कुछ आराम मिला पर वो कुछ सेकंड का था देवा अब देवकी को पूरी तरह गले से लगाया और उसे बहो में भर के उसके होठो पे होठ रखे और तूफानी धक्के मरने लगा देवकी के होठो से गन गन की आवाज़े निकलने लगी वो गहरी साँसे ले रही थी और देवा ने जोरदार धक्का मारा और अपना लुंड देवकी की बच्चेदानी तक दाल के चिपका दिया और अपना पानी देवकी की बुर में छोड़ने लगा देवकी सिहर उठी और एक बार और झड़ने लगी करीब 5 मिनट तक देवा का लुंड रुक रुक कर धार छोड़ता रहा फिर देवा ने अपनी पकड़ ढीली की देवकी की तो हालत ऐसी हो गयी थी जैसे उसे किसी ने कई किलोमीटर तक दौड़ाया हो बाल बिखरे हुए पूरा जिस्म लाल पद गया था और वो हांफ रही थी पर यहाँ देवा उठ के खड़ा हुआ और अपना लुंड देवकी की बुर से निकला तो नार्मल था न उसे कोई थकन थी न hi वो हांफ रहा थान ा कोई चुदाई की थकन. जैसे कुछ हुआ hi न हो उसका लुंड अब तक आधा खड़ा हुआ था . वो देवकी के सिरहाने गया और अपना लुंड देवकी के होठो पे रखा देवकी ने उसे मुस्करा के देखा और देवा का लुंड चूस लिया .

देवा ने इधर उधर देखा तो शलाका जा चुकी थी.

थोड़ी देर के बाद देवकी भी उठ के बैठी तो उसकी चीख निकल गयी उईईईईई माआआआ मार डाला इस देवा ने. जब झुक कर देखा तो उसकी बुर सूज गयी थी और पूरी लाल पद गयी थी.

देवकी - देवा ये क्या किया तूने देख कितनी सुजा दी है.

देवा - मैने तो कहा था चल नहीं पाओगी. तुम hi मुझे उकसा रही थी.

देवकी - मए क्या कीर्ति मुझे तो अपने पति के लुंड की hi आदत थी मुझे क्या पता था की कोई किसी को ऐसे भी छोड़ सकता है तूने तो मेरी बुर फाड़ दी इतना दर्द तो मुझे सुहागरात में भी नहीं हुआ था तब तो मेरे पति ने मुझे दो बार छोड़ा था. तूने एक hi बार में मुझे अधमरा कर दिया रे सैंड कही के. देवा – तो चल दुबारा मए भी छोड़ देता हु. तू मेरे लुंड को पकड़ तो सही ये फिर खड़ा हो जायेगा और फिर चुदाई करेगा तेरी बुर की.

देवकी – मेरा दिमाग ख़राब नहीं हुआ है जो तेरे लुंड को हाथ लागू. मेरी इतने समय की पूरी प्यास तो तूने एक बार में hi बुझा दी. बहोत देर हो गयी है. अब मुझे जाना चाहिए फिर मिलेंगे देवा.

दोनों ने अपने कपडे पहन लिए और देवकी चलने लगी तो उसकी चाल में थोड़ी लड़खड़ाहट थी. वो थोड़ी देर वही पे कमरे में चलती है और फिर बाहर निकल जाती है.

देवा भी कपडे पहन कर हाथ मुँह धो कर खुद को सही करता है. और घर की तरफ निकल पड़ता है.

घर आया तो सब के चेहरे पे आज ख़ुशी की चमक थी. जिसे देख कर देवा को बहोत अच्छा लगता है. फिर वो सब खाना कहते है तो.

देवा – क्या बात है माँ आज इतना बढ़िया खाना बनाया है. और सब लोग खुश भी दिख रहे है. बात क्या है?

दन- अरे बीटा ये बात तो मए सुबह से पूछ रहा हु ये तेरी माँ और भाभी बस मुस्कराये जा रही है कुछ बताती hi नहीं बार बार यही कहती है के देवा के आने तक रुक जाओ फिर बतायेगे.

देवा – क्या बात है माँ अब बता भी दो

फिर सावित्री उन्हें बताती है क देवकी ने अपने बेटे के लिए पायल का हाथ माँगा है और उस पर सब के विचार क्या है बताये.

दन देवा की तरफ देखता है और देवा दन की तरफ फिर दोनों एक साथ मुस्करा देते है.

दन - अरे भाग्यवान ये तो बहोत अच्छी खबर सुनाई तूने मुझे तो कोई एतराज नहीं मए रामु से मिल चुक्का हु बहोत अच्छा लड़का है, क्यों देवा?

देवा – बिलकुल सही है बाबू जी. मुझे भी पायल के लिए रामु सही लगा. माँ वैसे तुमने ये गलत किया. जब सुबह काकी बता के गयी तो बाबू जी से बात कर के उसी समय आप बात को आगे बड़ा देती. मेरे लिए रुकने की क्या जरुरत थी आप लोग इस घर के बड़े है, और फिर भाभी भी तो थी आप के साथ.

सावित्री - है बीटा बहु से तो मैने उसी समय बता दिया था उसने भी तुरंत है कर दी लेकिन मए तेरे बाबू जी को तेरे सामने बताना चाहती थी और दोनों का फैसला एक साथ चाहती थी.

दन- तेरी माँ सही कह रही है देवा अब तू hi तो संभालता है इस घर को तो तेरी सहमति के बिना हम कोई भी फैसला कैसे ले सकते है.

देवा – माँ हम सबने तो है कह दी लेकिन पायल का विचार भी तो जान लो. देवा ने पायल को देख लिया था जो रसोई में कड़ी सब बाटे सुन के मुस्करा रही थी और उसकी मुस्कराहट सब बता रही थी के उसे भी रिश्ता मंजूर है.

देवा – पायल यहाँ आना

पायल - जी भैया

देवा – तुझे ये रिश्ता मंजूर है? तूने भी तो रामु को देखा hi है. अगर na-pasand हो तो अभी कह दे . बाद में मत बोलना.

पायल - जैसा आप सबको सही लगे भैया. मुझे आप लोगो की हर बात मंजूर है. और मुस्करा के वह से चली जाती है.

दिया - देवर जी आप निश्चिन्त रहिये मैने सुबह hi पायल से अकेले में पूछ लिया था. वो बहोत खुश है इस रिश्ते से. बल्कि मुझे तो एक बात और पता चली है?

देवा – वो क्या भाभी?

देइया - पिछले साल जब रामु यहाँ आया था पद्मा काकी के घर अपनी माँ को लेने तो उसने हमारी पायल से दोस्ती भी की थी तब. और पायल तो तब से उसे चाहने लगी है बस दोनों ने न तो एक दूजे से कुछ कहा न उनका प्यार आगे बड़ा न hi ये बात हम सबको पता चली.

देवा – अरे वाह मतलब इस रिश्ते में तो भगवन की भी मंजूरी है क्यों की जो प्यार इनका इन लोगो के दिल में hi पैदा हुआ उसे भगवन ने आगे बढ़ाया है और बात शादी तक पहुंची है. भाई वाह मजा आ गया . माँ सबका मुहमिता करवा दे.

सावित्री - जा बहु मिठाई ले आ . अरे है आप दोनों से एक बात और कहनी है. देवकी ने एक बात और की है.

दन – अब क्या कहा उन्होंने?

सावित्री – उसने देवा के लिए भी लड़की देखि है अपने गाँव में (झूठ).

देवा – अरे माँ मुझे नहीं करनी अभी शादी वादी और पायल की ससुराल साइड तो बिलकुल भी नहीं करनी है. तू उन्हें मन कर दे.

दन – अरे क्या सैंड की तरह भड़कता है सुन तो लेने दे पूरी बात . सावित्री बोलो क्या कहा है देवकी जी ने ?

सावित्री - है तो वो कह रही थी के कल वो लड़की यही आ रही है. अगर हम लोग चाहे तो पद्मा के घर में कल उसे देख सकते है. वो पूनम की सहेली भी है किसी काम से वो कल यहाँ आ रही है.

देवा – अरे माँ मुझे नहीं करनी बोलै न

दन – अरे यार पहले लड़की तो देखले फिर जो तू कहेगा वही करेंगे बस. तू न करना चाहे तो मत करना.

देवा – मुझे नहीं देखनी कोई लड़की मए चलता हु. और वो उठ कर अंदर चला जाता है

दन – क्या हुआ इस लड़के को इसका भी कुछ समझ नहीं आता .

तब सावित्री दन को धीरे से बता देती है के वो लड़की कोई और नहीं अपनी पूनम hi है और अभी सिर्फ देवा को चिढ़ाने के लिए उसने किसी और का नाम लिया है क्यों की वो उसे छेड़ रही थी.

दन – मुझे तो ये बच्ची पूनम बहोत पसंद है हमारे घर की छोटी बहु तो यही बनेगी मुझे दोनों रिश्ते मंजूर है. और चलो अब कमरे में चल कर के इस ख़ुशी को मानते है. इतना कह कर दन सावित्री का हाथ पकड़ के अपनी तरफ खींचता है.

सावित्री - छोड़िये भी अब तो सुधर जाइये बच्चो की शादी की बात चल रही है और आपको अपनी पड़ी है.

दन – अरे बच्चो की शादी हो रही है तो क्या हुआ तेरी छूट तो अब तक जवान है न जिसे मेरा लुंड चाहिए वो भी रोज.

सावित्री मुँह घुमा के हसने लगती है. तभी दिया जानबूझकर आवाज़ करती हुई आती है क्यों की उसने दूर से देख लिया था उन्हें रोमांस करते हुए.

फिर सब फुर्सत हो कर अपने अपने कमरों में चले जाते है जहा आज फिर दन सावित्री की कमर तोड़ चुदाई करने वाला था. सावित्री की भी बुर दन के लोडे को याद कर रही थी, पायल अपने आने वाली जिंदगी के हसीं सपनो में खोई थी और देवा किसी उलझन में था रघु आया नहीं था और दिया बस समय का इंतजार कर रही थी के कब वो देवा की बहो में जाये और अपनी छूट कुटवाये.

वही रात के सन्नाटे में ठाकुर अपने खास आदमी भीमा से बात कर रहा था.

भीमा ठाकुर का खास आदमी भीमकाय शरीर एक डैम कला कलूटा लाल आँखे रात तो रात दिन में भी कोई उसे देखे तो पेण्ट में hi मूट दे ऐसा खतरनाक आदमी जो इंसान काम जानवर ज्यादा था उसे लोगो को हाथ से hi फाड़ डालने का शौक था. इतनी ताक़त थी उसके हाथो में.

ठाकुर - भीमा तू जनता है तेरे होते हुए उस कल के लौंडे ने हमारे कितने आदमी मार दिए, मए उस कुत्ते देवा को जिन्दा नहीं देखना चाहता

भीमा - मालिक अगर आप कहे तो उसे मए ख़तम कर देता हु. ठाकुर – नहीं भीमा उसने आसान मौत लेने का समय गवा दिया है अब उसे बहोत बुरी मौत मिलनी है ुर वो भी जिल्लत से भरी हुई मौत सारे गाँव के सामने उस सावित्री को नंगा कर के छोड़ना है वैसे भी इस सावित्री पर तो कब से मेरी नजर है इसे तो अपने लोडे पे बिठाना hi है मुझे और उसकी भाभी को भी और रही बात उसकी बहन की तो उसे उठा कर बाला के हवाले कर देंगे जो उसकी इज्जत के साथ उसकी बोतिया भी चबा जायेगा और ये सब होगा उस देवा की आँखों के सामने तब वो हमारे कदमो पे गिर के अपनी मौत की भीख मांगेगा लेकिन मौत हम उसे तब भी नहीं देंगे उसके बाप को कुत्ता बनायेगे हम उसके भाई को मौत की नींद सुलायेंगे जो एक शराबी है . और उस देवा के हाथ पैर काट के गाँव की गलियों में रेंगने के लिए छोड़ देंगे. वो घिसट घिसट के मरेगा भीमा और मेरा ये सपना तू पूरा करेगा

भीमा – मालिक जैसा आप चाहेंगे वैसा hi होगा.

ठाकुर - एक काम कर भीमा तू कल शहर चला जा और वह से कुछ नए आदमी ले आ

भीमा - मालिक आप उसे कुछ ज्यादा hi अहमियत दे रहे है. मए उसे अकेला ठिकाने लगा दुगा.

ठाकुर - नहीं भीमा जैसा मैने कहा है वैसा कर तू बस और हमारा साहबजादा बाला कहा है.

मालिक - वो फॉर्म हाउस पे है अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा है.

ठाकुर - ठीक है अब जा तू.

उस के बाद ठाकुर अपने कमरे में जाता है जहा ठकुराइन बोलूसे और पेटीकोट में बिस्तर पे लेती हुई थी . ब्लाउज में तानी हुई ठकुराइन की चूचिया कहर ध रही थी उसने पेटीकोट अपनी जांघो तक चढ़ा रखा था . आज उसकी बुर में फिर खुजली मची हुई थी. और वो उम्मीद भरी नजरो से ठाकुर को देखती है और धीरे धीरे अपना पेटीकोट और ऊपर सरकने लगती है . बस छूट से 4 इंच पहले hi वो पेटीकोट छोड़ कर अपने हाथ ब्लाउज पे लती है और एक एक कर के ब्लाउज के होक खोल देती है. ठाकुर ये देख कर सबर खो देता है और दरवाजा बंद कर क्र अपनी धोती निकल फेंकता ऐ और कुरता भी उतर देता है और नंगा hi बिस्तर तक पहुँचता है ठाकुर के माथे पे पसीने की बूंदे आ जाती है ऐसा स्कीन देखक कर.

ठकुराइन बहे फैला कर- आइये ठाकुर साहब आज तो बुझा दीजिये इस आग को

ठाकुर झपट कर उसकी चूचिया पकड़ कर दबा देता है और ठकुराइन का पेटीकोट एक झटके में उसकी कमर तक उठा के उस के ऊपर आ जाता है और अपना खड़ा लुंड जो क मुश्किल से 5” का था ठकुराइन की गरम बुर में दाल देता है ठकुराइन को कोई फरक नहीं पड़ता लेकिन वो ठाकुर को बहो में भर के सिसकने लगती है. ठाकुर बड़ी तेजी से उसे छोड़ने लगता है .

ठकुराइन - थोड़ा आराम से ठाकुर साब थोड़ा आराम से करो

लेकिन ठाकुर पे तो जूनून चढ़ा हुआ था वो सुनता नहीं और बहोत तेजी से ठकुराइन की बुर में अपना लुंड अंदर बहार करता है और कोई 10-15 झटके मार के झाड़ जाता है

ठकुराइन का मूड बहोत बुरी तरह से ख़राब होता है

ठकुराइन - आपको गोलिया दी थी न वैद जी ने ? खाई नहीं क्या ?

ठाकुर - खाई थी

ठकुराइन तो फिर हर बार की तररह आज भी मुझे अधूरा कैसे छोड़ा. मए अभी ठीक से गरम भी नहीं हुई थी और आप ठन्डे भी हो गए.

ठाकुर – ज्यादा आगा लग रही क्या छूट में. कहो तो शहर के किसी कोठे में बिठा दे जहा दिन भर चुदती रहना.

थॉराइन - कोई जरुरत नहीं कोठे पे जाने की अगर किसी और से hi छोड़ना होता तो आपको इलाज के लिए नहीं कहती और ये जो ठाकुर गिरी है न मुझे मत दिखाया करो. दुनिया के सामने hi राणे दो अगर मेरे खंडन वालो को पता चल गया तो यहाँ की ीत भी नहीं बचेगी न तुम्हरी शान बचेगी न पैसा . और न hi वो गैर कानूनी हथियारों और सुम्गलिंग का काम बर्बाद तुम मुझे नहीं मए तुम्हे कर सकती हु. ये बात याद रखना इसलिए मुझसे ऐसी गिरी हुई बात तो भूल के भी मत करना. शुक्र मनाओ की तुम्हारी नामर्दी की बात इस कमरे से बहार नहीं गयी वार्ना किसी को मुँह दिखने के लायक नहीं बचते. और है मुझे जिस दिन किसी दूसरे से छोड़ना होगा न उस दिन तुम्हे दरवाजे पे खड़ा कर दूगी और यही इसी पलंग पे उससे छुडवाउगि. और तुम कुछ नहीं कर पाओगे.

ठाकुर का भी मूड ख़राब हो जाता है और वो बिना कुछ कहे मुँह घुमा के सो जाता है और ठकुराइन वही पे अपनी बुर में उंगलिया दाल के सिसकिया लेके अपनी बुर छोड़ने लगती है और थोड़ी देर के बाद जब वो झाड़ जाती है तो सो जाती है. ये लगभग रोज का था इनका .
 
अपडेट – 10

उधर देवा के घर में आधी रात को करीब 2 बजे पायल को पेट में तकलीफ होती है. और वो सावित्री के पास जाती है जो की नंगी अपने पति के साथ चिपकी सो रही थी. और रत को हुई चुदाई से बहोत गहरी और मीठी नींद में थी. पायल उनका दरवाजा खत खटती है तो सावित्री की नींद खुल जाती है.

सावित्री अंदर से - कौन है

पायल माँ दरवाजा खोलो न मुझे पेट में दर्द हो रहा है . मुझे शौच के लिए जाना है.

सावित्री जल्दी से कपडे पहनते हुए. – क्या हुआ तुझे रात को तो अच्छी भली थी.

पायल - पता नहीं माँ अचानक hi पेट ख़राब लग रहा है.

सावित्री आती हु तू चल जब तक पानी निकल मए आती हु

2 मिनट में सावित्री साड़ी पहन के आ जाती है. चल जल्दी से मेरी भी नींद ख़राब कर दी.

दोनों माँ बेटी खेतो में जाने लगती है सावित्री टोर्च ले के आगे आगे चल रही थी. और पायल पीछे आ रही थी .

तभी वह से बाला ठाकुर निकलता है जो अपने दोस्तों के साथ पार्टी कर के आ रहा था वापस. वो इन दोनों को नशे की वजह से पहचान नहीं पता लेकिन एक जवान लड़की और एक औरत को देख कर उसका दिमाग उन्हें छोड़ने को कहने लगता है. वो अपनी गाडी रोकता है और दोस्तों के साथ मिल के धीरे धीर उनका पीछा करता है आगे जा कर सावित्री रुक जाती है और पायल को आगे जा का बैठने को कहती है. पायल भी थोड़ा आगे जाकर और हलकी होने लगती है थोड़ी देर के बाद जब वो हलकी हो लेती है. और अपनी गांड धो के उठती है के तभी पीछे से बाला का आदमी उसका मुँह बंद कर के उसे उठा लेता है और थोड़ा दूर से घुमा कर अपनी गाडी में पटक देता है फिर वो लोग वह से निकल जाते है

यहाँ सावित्री को लगता है काफी देर हो गयी अब तक तो पायल को आ जाना था वो पायल को आवाज़ लगा कर

सावित्री - पायल क्या हुआ अब तक हुआ नहीं क्यात एरा? जल्दी कर यहाँ मचार मेरा खून पी रहे है. क्या हुआ जवाब क्यों नहीं दे रही है.

जब दो तीन बार बुलाने पर भी कोई जवाब नहीं आता तो सावित्री वही झाड़ियों में झांक कर देखती है जहा पे पायल का नमो निशान नहीं था. वो घबरा के इधर उधर देखने लगती है पर पायल तो वह थी hi नहीं.

व दौड़ती हुई घर में आती है. और चिल्ला के सबको उठती है. इतने में दिया , देवा और दन उठ कर आ जाते है. तो सावित्री उन्हें सब बताती है जिसे सुन कर सब घबरा जाते है दिया तो सावित्री को सँभालने में लग जाती है. दन टोर्च और लाठी लेके आता है तभी आस पास के घर से भी कुछ लोग निकल आते है. और पूरी बात जानकर सब खेतो की तरफ दौड़ पड़ते है. देवा भी साथ जाने लगता है तभी. दिया उसका हाथ पकड़ के उसे रोकती है. देवा गुस्से में दिया को देखता है तो दिया सिर्फ एक शब्द कहती है

दिया - ठाकुर

देवा को समझ में आ जाता है वो खेतो की तरफ न जाकर हवेली की तरफ जाने लगता है. तभी उसे कुछ ख्याल आता है वो वही अँधेरे में रुक जाता है और चिल्लाता है

देवा – Shalakaaaaaaaaaa

शलाका - मए आ गयी देवा . मुझे कैसे याद किया?

देवा - तुम जानती हो क्या हुआ है .

शलाका - है मए जानती हु

देवा – तो तूने मुझे बताया क्यों नहीं .

शलाका – मए अपनी साधना में थी मुझे भी अभी hi पता चला है.

देवा - मेरी बहन हवेली में hi है न?

शलाका - नहीं देवा उसे ठाकुर ने नहीं उसके बेटे बाला ने उठाया है. और वो अपने फॉर्म हाउस में अभी पंहुचा hi है.

देवा - शुक्रिया शलाका. अब मए उस बाला को छोड़ूगा नहीं

देवा आगे बढ़ता है तो शलक उसका हाथ पकड़ती है और अपनी आंखे बंद करती है पालक झपकते hi वो लोग फॉर्म हाउस के अंदर होते है.

जहा एक कमरे से पायल के चिल्लाने की आवाज़ आ रही थी और कुछ लोगो के हसने की आवाज़ आ रही थी. सामने खिड़की से सब दिख रहा था पायल की चुन्नी गिरी हुई थी और उसके कपडे जगह जगह से फाटे हुए थे वो दर से काँप रही थी. और यहाँ वह भाग रही थी लेकिन हर तरफ उसे कोई न कोई पकड़ के उसे नोच रहा था या चूमने की कोशिश कर रहा था . तभी उसे एक आदमी पीछे से पकड़ लेता है और उसकी चूचिया दबाने लगता है और गले पे अपने दांत गाड़ने लगता है. पायल गाला फाड़ के चिल्लाती है.

पायल - bhaiyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa bachaoooooooooooooooooo

देवा की आँखे गुस्से से लाल हो जाती है वो आंखे बंद कर के अपना हाथ आगे करता है तो उसके हाथ में हथियार आ जाता है. एक काँटों से भरा हुआ फुटबॉल टाइप का जिसके साथ लम्बी ज़ंजीर जुडी हुई थी और वो ज़ंजीर जिस हैंडल से जुडी थी वो हैंडल देवा के हाथ में था . देवा फुर्ती से कमरे के दरवाजे तक जाता है. और भरपूर प्रहार करता है हथ्यार से तो वो दरवाजा टूट जाता है. दरवाजा टूटता देख सब उधर देखते है तो सामने देवा खड़ा था गुस्से से कांपता हुआ. देवा ने बिना कुछ कहे . अपना हाथ घुमाया तो जिसने पायल को दबोच रखा था उसके सर पे हथियार की चोट पड़ती है और उसकी खोपड़ी खुल जाती है पायल भाग कर देवा के पास आ जाती है. देवा पायल को कमरे से बहार करता है और अपना हथियार चारो तरफ घूमने लगता है और वह मौजूद दो लोग उस चपेट में आ जाते है एक की टांग को चीरता हुआ बॉल निकलता है और दूसरे की छाती में घुस के उसे छलनी कर देता है . अभी वह तीन लोग और मौजूद थे लेकिन बाला वह नहीं था. देवा उन तीन लोगो को भी अपने हथियार से जख्मी करता है औरर फिर अपना हथिया फेंक देता है कोई देख नहीं पता लेकिन वो हथियार देवा के हाथ से निकलते hi गायब हो जाता है देवा आगे बढ़ कर एक आदमी की गार्डन को मरोड़ कर उसकी हड्डी तोड़ देता है जिससे वो वही छटपटा के शांत हो जाता है. और दूसरे को देवा उठा के सर के बल जमीन में मरता है फर्श पे खोपड़ी लगते hi दो टुकड़ो में फैट जाती है और पूरा फर्श खून से भर ने लगता है.

तीसरा वह से ये सब देख कर भागने लगता है तो देवा लपक कर उसे पकड़ लेता है – भागता कहा है मादरचोद बोल बाला कहा है.

आदमी – मुझे छड़ दो मए नहीं जनता अभी वो बहार hi था. देवा उसे घुमा क एक भयंकर घुसा उसके लुंड पे मरता है जैसे hi वो दर्द की वजह से झुकता है देवा एक घुसा उसके गले में मर देता है उस के दोनों कानो से खून की पिचकारी निकलती है और वो डैम तोड़ देता है . देवा खड़ा हुआ hi था के

. . . . . dhay…dhay…. करके गोलिये चलती है जो के देवा की पीठ में लगती है और सामने आता है बाला.

ये गोली बाला ने hi चलायी थी. जब देवा आया था तब बाला बाजु वाले कमरे में गया हुआ था ड्रिंक लेने . शोर सुन कर बाला बहार आया लेकिन देवा का रूप देख कर उसकी भी गांड फैट गयी थी.

देवा जब तक संभालता बाला ने 2 फायर कर दिए थे.

बाला – क्यों देवा अपनी बहनिया को हमसे बचने आया था. तूने मेरे दोस्तों को मार दिया अब मए तेरे सामने इस कुटिया को छोड़ूगा देख तू. वो पायल का हाथ पकड़ कर कमरे में खींचता है

पायला - भैया बचाओ मुझे. भैयाआआ.

देवा उधर देखता है तो शलाका कड़ी मुस्क्रत रही थी.

शलाका - देवा मए अभी चुटकियो में पायल को बचा सकती हु क्या मए आगे औ?

देवा इंकार में गार्डन हिलता है. और मुस्करा देता है. और उसे चुप रहने को कहता है .

बाला - तुझे बचने वाला भाई अब खुद को भी नहीं बचा पायेगा मेरी रांड. चल तुझे अपने लुंड पे बिठा के जन्नत दिखाऊगा तेरे भाई की आँखे बंद होने से पहले तेरी छूट की सील खोलनी है मुझे आजा साली अब तुझे कोई नहीं बचा सकता इस बाला से.

देवा जो अब तक जान बुझ कर नीचे पड़ा था.

देवा – बाला जिन्दा रहना चाहता है तो छोड़ दे मेरी बहन को. वार्ना तू मरेगा आज.

बाला - ऐसा ? चल मार मुझे. जान से मार दे. आ जा देवा आजा हाहाहाःहाहा सेल तू क्या मरेगा मुझे. मैने देखा नहीं वह खेत पे अँधेरे में के ये तेरी बहन है. अगर मुझे पता होता तो उसी समय तेरी माँ भी उठा लता और एक hi बिस्तर पे दोनों को छोड़ता मए. पर कोई बात नहीं आज ये सही कल तेरी माँ छोड़ूगा मए देवा साली अभी भी बहोत कड़क माल है क्या चूचिया है तेरी माँ की देवा

देवा – मादरचोद कुटी की auladdddddddddddddddd

एक जहटके में देवा खड़ा हो जाता है और आगे बाद कर बाला का गाला पकड़ लेता है. वो पकड़ इतनी मजबूत थी के बाला पायल को छोड़ कर अपने दोनों हाथो से देवा के हाथ हटाने लगता है लेकिन कामयाब नहीं होता उसका डैम घुटने लगता है.

बाला देवा पर लात घुसे बरसा रहा था पर देवा पर कोई असर नहीं हो रहा था. तू मेरी माँ की इज्जत लूटने की बात करता है? अब देवा यानि के मए तेरी माँ चुदुँगा वो भी तेरी आँखों के सामने वो भी सुई की मर्जी से. देखना के तेरी माँ कैसे पूरी नंगी हो के देवा के लुंड पे कूदती है. तू बस देख पायेगा कुछ कर नहीं पायेगा. इतना कह कर देवा ने बाला को उठा कर दूर फेंका बाला गिर कर कराहने लगता देवा एक लॉन्ग जम्प लेकर सीधा बाला के घुटने पे अपनी लात मरता है बाला का घुटना टूट जाता है और उसका पैर हमेशा के लिए बेकार हो जाता है ऐसा hi उसकी दूसरी टांग के साथ करता है फिर उसकी दोनों कनपटियों पे देवा दोनों हाथो से एक साथ मरता है और अपनी एक उंगलियों को कड़ा कर के उसके गले में मरता है फिर दोनों हाथो की मुठ्ठिया बना कर सीधे उसकी छाती पे वॉर करता है तो बाला खून उगलने लगता है. फि देवा पीछे से बाला के दोनों हाथो को पकड़ के उसकी पीठ पे पैर जमा के उसकी बहो को मरोड़ देता है और हमेसाह के लिए उसके हाथ भी बेकार हो जाते है.

देवा - बाला तू मरेगा नहीं लेकिन तेरी जिंदगी मौत से भी बदतर होगी अब तू जिंदगी भर के लिए बेकार हो गया जी तो चाहता है यही तेरी सां बंद कर दू लेकिन तू तड़प तड़प कर जियेगा कुछ कर नहीं पायेगा न किसी को कुछ बता पायेगा की किसने तेरा ये हाल किया न बोल पायेगा न लिख पायेगा न समझा पायेगा.

बाला वही बेहोश हो गया. देवा पायल के पास आता है.

पायल भाग कर देवा के गले से लग जाती है और रोने लगती है थोड़ी देर के बाद उसका ध्यान अपने हाथो पे जाता है तो उसके हाथो में देवा का खून लगा हुआ था.

पायल - भैया आपको तो गोलिया लगी थी न दिखाओ जरा

पायल एजेसे hi बाला का कुरता ऊपर उठा के देखती है तो वह कोई गोली नहीं थी न hi कोई निशान. पायल का मुँह हैरत से खुल जाता है

पायल भैया ये कैसे हुआ? ये क्या चमत्कार है ये कैसे किया अपने?

देवा – कुछ नहीं बहना वो गोली मुझे नहीं लगी थी मैने नाटक किया था गिरना का और ये खून मेरा नहीं उन्ही आदमियों का है जो वह मरे पड़े है. तू चिंता मत कर. (झूठ)

परेशां तो देवा भी था ये उसके जखम कहा गए. लेकिन देवा अभी ये बाते चूड कर शलाका से

देवा – इसकी हालत ठीक कर दो

शलक पायल के सर पे हाथ रख कर अपनी आंखे बंद करती है और फिर पायल वैसी hi हो जाती है जैसी घर से निकलते समय थी उसके कपडे भी अब ठीक थे, बल भी नहीं बिखरे थे न चेहरे पे कोई खरोच का निशान न रोने का.

पायल तो हैरत से ये सब देख रही थी

पायल - भैया कुछ तो है ये सब क्या हो रहा है. देवा बिना कुछ बोले पायल का हाथ पकड़ता है और अपनी आंखे बंद कर के खोलता है तो वो लोग वही घर के पास अँधेरे में खड़े होते है.

देवा - देख पायल जो भी हुआ जो भी तूने देखा वो सब अभी किसी को मत बताना मए चहु तो तेरे दिमाग से सब गायब कर सकता हु लेकिन मए नहीं करुगा ऐसा. और वक़्त आने पे तुझे सब बता दुगा. अभी घर में जो मए कहुगा उसमे हामी भरना बस. और उन्हें कहना पता नहीं कौन थे वो लोग . उन्होंने तुम्हे बेहोश किया हुआ था. ठीक है.

पायल – ठीक है भैया जैसा तुम कहो

फिर दोनों भाई बहन घर में आ जाते है. जहा सावित्री का तो रो रो कर बुरा हाल था दिया की भी हालत ठीक नहीं थी. देवा और पायल को देख कर सब उनकी तरफ दौड़ कर आते है वही दन भी था और बाकि गाँव वाले भी. पूनम पद्मा देवकी भी वही थे. देवा को सब घेर लेते है.

सावित्री - मेरी बच्ची आ गयी तू. कहा चली गयी थी.

देवा - माँ आप लोग चिंता न करे सब ठीक है. कुछ नहीं हुआ हमारी पायल को देख लो आप ये ठीक है.

सावित्री भी गौर करती है तो पायल को सही सलामत देख कर ख़ुशी से उसे गले लग लेती है.

दन - देवा कौन थे वो लोग .

देवा – पिअत जी वो लोग बहार से आये हुए थे पर मैने उन्हें तरीके से अपनी भाषा में समझा दिया है अब वो लोग कभी इस गाँव में नहीं दिखेंगे .

दन – तूने उन्हें जिन्दा कैसे छोड़ा देवा

देवा - पिअत जी आप शांत हो जाइये और आप लोग भी जा कर अपने अपने घरो में आराम कीजिये आपका धन्यवाद के आप सब हमारे लिए यहाँ आये.

सब लोग अपने अपने घर की तरफ निकल जाते है . सिर्फ पूनम का परिवार और देवा का परिवार hi थे वह दन को बहोत कोर्ध आ रहा था. देवा अपने बाप के कंधो को सहलाते हुए.

देवा – पिताजी ऐसा हो सकता है के अपनी बहन की इज्जत पे हाथ डालने वालो को आपका बीटा जिन्दा छोड़ दे? वो तो गाँव वालो के सामने मैने कहा था.

दन देवा को गर्व भरी नजरो से देखता है .

देवा जी है पिता जी वो बाला और उसके कुछ हरामखोर दोस्त थे जो नशे में थे. और उन्होंने ऐसी घटिया हरकत की . पर मए वह समय से पहुंच गया उसका कोई भी साथी अब इस दुनिया मए नहीं है. और बाला खुद अब एक जिन्दा लाश बन के रहेगा . लेकिन किसी को भी ये नहीं पता चलेगा के ये मैने किया क्यों के उसका कोई भी साथी जिन्दा नहीं और बाला किसी को बता पायेगा नहीं.

पद्मा - देवा तुझे कैसे पता चला के उसे बाला उठा के ले गया है और कहा ले गया है.

देवा – काकी वो हमारे खेत से तजा टायर के निशान बने हुए थे. जिन्हे देख के hi लगा था के अभी कोई गाड़ी वह से निकली है. और वही पे इंजन आयल की कुछ बूंदे भी गिरी हुई थी जब हम खेत पहुंचे तो मेरी नजर उस पे पड़ी मैने छू के देखा तो वो आयल की बूंदे भी तजा गिरी हुई लगी और गरम भी थी बस मने ध्यान से देखा के टायर किस दिशा में जा रहे है और मुझे समझ आ गया के उस तरफ तो ठाकुर का फार्म हाउस है मए सीधा वह पंहुचा और मेरा शक ठीक निकला वो लोग वही थे और फिर मए उन सोब को सबक सीखा के पायल को ले आया. ( देवा ने ये साडी कहानी उसी समय बनाई जो इन्हे सुना दी).

दन - देवा मुझे गर्व है तुम पर बीटा आज तेरी सूझबूझ के कारन hi इस घर की इज्जत बचाई है.

देवकी - इस घर की hi क्यों देवा ने आज मेरे घर की भी इज्जत बचाई आहे. तेरा शुक्रिया देवा तूने आज मेरी होने वाली बहु को बचा लिया.

इतना सुनते hi सब के चेहरे पे मुस्कान आ जाती है और पायल शर्मा के दिया के गले से लग जाती है. फिर थोड़ी देर के बाद सब लोग सोने चले जाते है देवा भी अपने कमरे में जाता है पर. सब के सोने के बाद देवा उठ कर अपनी साधना के लिए निकल पड़ता है.

देवा को साधना में बैठे करीब 2 घंटे हो गए थे जब देवा आँखे खोल कर देखता है तो सामने फ़कीर बाबा भी आसान लगा कर बैठे थे

देवा – प्रणाम बाबा

फब - जीते रहो देवा , आज तुमने रात को जो किया वो अद्भुत था

देवा – बाबा मेरे जख्म कहा गए मुझे तो गोलिया लगी थी.

फब - देवा तेरी शक्तिया जाग्रत अवस्था में आ गयी है इसलिए उन गोलियों का तुझ पर कोई असर नहीं हुआ जैसे hi तेरे शरीर पे जख्म लगा तेरी शक्तियों ने उन्हें भर दिया ये इस दुनिया के साधारण हथियारों का तुझ पर अब कोई फरक नहीं पड़ेगा तुझे जब बी कोई जख्मी करेगा तेरी शक्तिया उसी समय तेरे जख्मो को भर देगी. या जब तू चाहेगा तब तेरे जख्म भरेंगे और गायड हो जायेगे. तू किसी जख्मी इंसाने क जख्मो को सिर्फ छू कर ठीक कर सकता है. तुझे याद रखनी होगी अपनी हर एक शक्ति. और सही वक़्त पर अपनी और मानवता की भलाई के लिए इसका इस्तेमाल करना.

देवा – है बाबा आज की साधना में मुझे बहोत जानकारी मिली है अपनी शक्तियों की.

उन सभी शक्तियों का इस्तेमाल तू कर सकता है अपनी और मानवता की भलाई के लिए. देवा अब तुझे आधुनिक शिक्षा और आधुनिक लड़ाई के गुर सिखने है.

देवा - वो कैसे बाबा

फब – ये पुस्तके लो इन्हे पढ़कर समझ लो और उस के अभ्यास के लिए hi शलक तुम्हारे साथ है. वो तुम्हे युद्ध अभ्यास भी कराएगा. और आधुनिक शिक्षा में और आधुनिक लड़ाई के भी तरीके बता देगी.

देवा – बाबा उस सोने का क्या करना है.

फब - वो तुम्हारे बहोत बड़े खजाने का एक छोटा सा अंश है जो चाहो वो करो. उसमे मेरा या किसी और का कोई मतलब नहीं.

देवा – छोटा सा अंश बाबा ये तो मेरी जिंदगी भर खर्च होने वाली दौलत से भी 100 गुना ज्यादा है.

फब - “मुस्कराते हुए” देवा अब मए क्या कर सकता हु. जो तुम्हारा है वो तो मिलेगा hi. ये तो दौलत है लेकिन जिस तरह तुम्हरी जिंदगी में तुम्हरे भाई की पत्नी आयी , देवकी आयी ऐसे hi कई साडी औरते भी आएगी. जो तुम्हरे वीर्य से संतान सुख पायेगी. लेकिन उनमे से किसी में भी तुम्हरी शक्तिया नहीं होगी. ये शक्तिया सिर्फ उस बालक में होगी जो तुम्हरे और तुम्हारी धर्म पत्नी के प्रेम का प्रतीक होगा जिस लड़की से तुम प्रेम करोगे और विधि विधान से जिसे तुम अपनी पत्नी स्वीकार करोगे. उसी के द्वारा पैदा होने वाली पहली पुत्र संतान होगी और वही तुम्हरी सब शक्तियों के साथ पैदा होगा . उस के बाद भी तुम्हरी दो संतान होगी जो दोनों पुत्रिया होगी तुम्हरी आधी शक्तिया उनमे भी होगी. क्यों की तुम्हारी प्रेमिका जो क तुम्हरी धर्म पत्नी बनेगी उस के साथ तुम्हरे पहले मिलान के होते hi तुम्हरी शक्तिया उसमे भी आ जाएगी. देवा इन पुस्तकों को ध्यान से पांडा और है याद रखना जिससे तुम्हरा विवाह होगा उसे तुम विवाह के पहले सम्भोग मत करना. नहीं तो तुम्हारी आने वाली संतान भी तुम्हारी दिव्या शक्तियों के बिना hi इस संसार में आएगी. और उसे कभी ये शक्तिया नहीं मिलेगी.

देवा – नहीं बाबा मए ऐसा नहीं होने दुगा मए पूनम के साथ सम्भोग शादी से पहले नहीं करुगा.

फब मुस्कराते हुए - मैने तो उस कन्या का नाम लिया hi नहीं था. तुम तो समझ hi गए के मए किस की बात कर रहा हु.

देवा थोड़ा शर्मा के - बाबा मुझे आशीर्वाद दीजिये के पूनम hi मेरी जीवन संगिनी बने

फब - तुम्हरी मनोकामना पूरी होगी देवा पर संयम मत खोना और विवाह की जल्दी मत करना अभी वो वक़्त बहोत दूर है. उससे पहले तो तुम्हे बहोत कुछ करना है. उस की तयारी करो.

देवा – बाबा क्या मए ये शक्तिया किसी को दे सकता हु?

फब मैने कहा न जो तुम्हारा है उस पे मेरा अधिकार नहीं तुम अपनी चीज़ किसी को भी दे सकते हो. लेकिन उस के नियम है अगर उसने तुम्हारी शक्तियों का गलत फायदा उठाया या उसे मानवता के खिलाफ इस्तेमाल किया तो. उसे तुम्हे अपने हाथो से मरना होगा. फिर चाहे वो कोई भी हो. इसलिए अपनी शक्तिया बिना सोचे सम्हे किसी को मत देना और अगर दो तो उसे भी ये नियम समझा dena.ab मए चलता हु देवा.

और फ़कीर बाबा गायब हो जाते है. देवा बहार देखता है तो हल्का सा उजाला फैलने लगा था. देवा उठ कर नीचे जाता है जहा उसे शलाका अपनी मुस्कान के साथ कड़ी मिलती है

शलाका – आओ देवा मए तुम्हारा hi इंतजार कर रही थी. मिल गए तुम्हारे जवाब ? मैने कहा था न कल की पहली किरण के साथ hi तुम्हे सब जवाब मिल जायेगे.

देवा है शलाका देवा वह बैठ जाओ आसान लगा कर.

देवा वही रखे एक तख़्त पे बैठ जाता है. शलाका उसके हाथ पकड़ कर अपनी आँखे बंद करती है और उसके हाथो से लाल रौशनी निकल के देवा के हाथो से होती हुई उसकी पूरी बॉडी में सामने लगती है.

तोड़ी देर बाद शलाका अपनी आंखे खोलती है और देवा को देख के मुस्करा देती है

देवा भी उठ के खड़ा हो जाता है और जो पहले शब्द बोलता है वो थे .

देवा – हाउ ार यू शलाका डार्लिंग व्हाट अरे यू दोंग हेरे विथ में ? एंड व्हाई अरे यू समिलिंग ? व्हाट हप्पेनेड?

शलाका – बॉस सी यू अरे टॉकिंग इन इंग्लिंश विथ में एंड थ्ट्स कूल.

देवा – अपने सर को झटकता है अरे शलाका ये क्या हुआ मुझे? मए गाँव का अनपढ़ और ऐसी इंग्लिश?

शलाका - देवा तुम्हे आधुनिक शिक्षा का ज्ञान दे रही थी अब तुम्हारे अंदर आधुनिक शिक्षा इतनी ज्यादा आ चुकी है जितनी किसी शहरी इंसाने को 17-18 साल की पड़े करने के बाद आती है. साथ hi तुम्हे हर तरह की नॉलेज भी हो चुकी है आर्म्स , गन्स, लेटेस्ट वेपन्स शेयर मार्केट्स, लेटेस्ट एंड डेवलप्ड बिज़नेस सब कुछ तुम्हे मालूम हो चुक्का है.

देवा - है शलाका यू अरे राइट ी क्नोव एवरीथिंग .

शलाका - देवा अब तुम्हे वेपन्स की ट्रेनिंग के लिए तैयार होना है. कल से हम दिन में वो ट्रेनिंग भी करेंगे क्यों की वो समय बहोत नजदीक जसि के लिए तुम्हे पूरी तरह से तैयार होना है.

देवा – ok शलाका अभी मए घर जार अहा हु

शलाका - देवा हो सके तो आज तुम शहर चले जाओ और अपने आप को वही से थोड़ा बदल कर आओ तुम्हे सपोर्ट मिलेगा.

देवा - ठीक हे तो फिर मुझे आज से शहरी होना है तो फिर पैसो की जरुरत तो होगी hi मए आज से अपने घर को भी मॉर्डन बना duga.tum एक काम करो मेरे बैंक एकाउंट्स खोल दो वह मेरी डिटेल फीड कर दो अपने मैजिक से, और है सब ऐसे सेट कर देना की कोई इन्क्वायरी कही से न हो. सब ट्रांसेक्शन्स पुराने hi लगे. एक और बात मए जब सिटी जाउगा तो तुम मेरे साथ hi चलना भले hi किसी और को नजर न आओ पर रहना मेरे साथ hi. नाउ bye स्वीट हार्ट.

उधर बाला केन ा लौटने पर ठाकुर अपने आदमियों को भेजता है फार्म हाउस जहा की हालत देख कर सब घबरा जाते है और ठाकुर को खबर करते है ठाकुर भी तेजी से वह पहुँचता है और सब को देखता है सभी मरे पड़े थे वो भी बुरी तरह कटी फटी हालत में. ऐसा लग रहा थे जैसे रात को वह कोई जीन आया हो हर चीज़ तहस नहस हुई पड़ी थी. वह कोइजिन्दा था तो बस बाला. और ये खबर ठाकुर के लिए ख़ुशी किट hi पर बाला अभी बेहोश था ठाकुर उसे अपनी कार में रखवाता है और फिर निकल जाता है शहर के हॉस्पिटल बाला के इलाज के लिए.

गाँव में

देवा सीधा घर पहुँचता है और वह पहुंच कर सीधा बाबू जी के साथ पहलवानी करता है. दो घंटे के बाद जब देवा अपने आंगन में आता है और बाप बेटे दोनों अपना पसीना सूखा रहे थे.

देवा – बाबू जी मैने यहाँ पास hi कुछ आम के बैग देखे है साथ hi अंगूर के भी बैग है. कोई 15 एकड़ में फैले हुए है. वो मए खरीदना चाहता हु. इससे आमदनी भी बढ़ेगी. और आपका भी समय अच्छा बीतेगा. आप का क्या विचार है?

दन - अरे बीटा क्या जरुरत है इन सब की और फिर इतने पैसे भी कहा है. अभी ठाकुर के 25 लाख देने है वो अलग समस्या है.

देवा – अरे बाबू जी पैसो की फ़िक्र क्यों कर रहे हो. और ठाकुर के पैसो की चिंता क्यों है आपको मैने कहा थान ा मए उसे दे दुगा.

दन - तू भी कहा से देगा.

देवा – आपको मुझ पर विश्वास है या नहीं

दन - अरे बीटा तुझ पे तो खुद से ज्यादा विश्वास है. तू hi तो है जो इस घर को संभाले हुए है.

देवा – तो फिर चिंता ख़तम और है मए सब देख लगा आप बस मुझे आशीर्वाद दीजिये.

दन – ठीक है बीटा जो सही लगे वो कर इस घर का और सब का भला तू बेहतर समझ सकता है मेरा आशीर्वाद तेरे साथ है.

देवा – ये हुई न बात. अब देखो मए क्या करता हु. अरे पायल कहा जा रही है.

पायल कही नहीं भाई बस ये माँ ने कुछ सामान दिया है . वो देने जा रही हु पूनम के घर

देवा की आँखों में चमक आ जाती है.

देवा – सुन पायल तू जल्दी से ये दे के आजा और तैयार हो जा आज मए तुम्हे और भाभी को शहर ले के जार रहा हु

पायल ख़ुशी से - सच भैया ? मुझे बहोत इच्छा है शहर देखने की मए अभी आयी.

दन – देवा ये अचानक शहर क्यों ?

देवा – बाबू जी पिछली बार मए शहर गया था तो कुछ काम अधूरा छोड़ आया था बैंक का शायद वो अब पूरा हो गया होगा. उसी सिलसिले में जाना है. तो भाभी और पायल को कुछ कपडे दिला दुगा.

दन - अच्छा ठीक है

सावित्री – अरे सुन तो पायल

पायल दरवाजे से - जी माँ?

सावित्री - आज तुम लोग देवा के साथ शहर जा रहे हो तो पूनम को कहना वो भी तैयार हो जाये. उसे भी ले जाना शहर. वार्ना वो बेचारी किस के साथ जाएगी. हमारे शिव उसका है कौन

पायल - जी माँ ठीक है कह दूगी.

पायल के जाते hi सुन देवा वापसी में अपने ननिहाल चले जाना और उन्हें पायल की रिश्ते की बात बता देना वार्ना तेरी ममिया नाराज होगी . और है उन के लिए मिठाई भी लेते जाना.

तभी सावित्री को याद आता है कल रत देवा से की हुई छेड़छाड़ जो देवा की शादी को ले कर सावित्री ने की थी वो फिर मूड में आ जाती है.

सावित्री - अरे बहु तुम भी तैयार हो जाओ जल्दी से देवा के साथ जाने से पहले हमें देवा की लिए लड़की देखने भी जाना है वो लड़की आ चुकी है यही पद्मा के घर पे. फिर वही से तुम लोग चले जाना तुम्हारे बाबू जी और मए वापस घर आ जायेगे.

दिया हंस देती है - जी मजी मए अभी तैयार हो जाती हु.

देवा – कोई लड़की देखने नहीं जाना मैने. और मुझे अभी शादी भी नहीं करनी.

सावित्री - अरे तू तो चुप hi कर इतना बड़ा सैंड हो गया है और कहता है शादी नहीं करुगा.

दिया देवा को देख कर – है माँ सैंड तो ये हो hi गए है किसी की सुनते hi नहीं जब देखो यहाँ वह घूमते रहते है.

देवा – मुझे नहीं सुन्ना कुछ मए नहीं जाउगा लड़की देखने भाभी आप भी तैयार हो जाओ फिर चलते है शहर.
 
अपडेट – 11

देवा नहाने चला जाता है इधर पायल और दिया भी तैयार होने लगती है. जब देवा रेडी हो के आता है तो सब लोग तैयार खड़े थे

देवा - अरे माँ बाबू जी आप दोनों भी चलेंगे साथ में?

सावित्री - अरे नहीं वो हम भी तेरे साथ पूनम के घर चल रहे है वह से तुम लोग शहर निकल जाना और तेरे बाबू जी मए, पद्मा और देवकी हम चारो मंदिर चले जायेगे घर पे बैठ के भी क्या करेंगे तुम लोग तो कल ताका hi ा पाओगे न.

देवा कुछ नहीं समझता बस गार्डन हिला कर आगे बाद जाता है. ये सब लोग पहुंचते है पूनम के घर . तो वह भी सभी तैयार थे देवा समझता है की वो लोग मंदिर जाने को तैयार हुए है. यही सोच कर अंदर जाते है.

सावित्री देवकी को आंख मार्के – अरे देवकी बहन वो देवा अभी इन सबको ले कर शहर जा रहा है पर मए इसे पहले वो लड़की दिखाना चाहती हु जो तूने बताई थी. पर ये तो कोई लड़की देखना hi नहीं चाहता. कहता है मए किसी लड़की के घर नहीं जाउगा उसे देखने पता नहीं ये क्यों कर रहा है ऐसा

इतना सुन कर जहा सब हसने लगते है वही अंदर कड़ी पूनम शर्माने लगती है जो दिया और पायल के साथ अंदर से सब सुन रही थी.

देवा – माँ क्या लगा रखा है आप लोगो ने और देवकी काकी आपको भी क्या पड़ी है अभी से मेरी शादी करने की अरे कर लगा अभी मुझे नहीं करनी.

देवकी - अरे बुद्धू राम पहले लड़की तो देख ले

देवा – देखो काकी मए किसी के घर नहीं जाउगा लड़की देखने.

देवकी - ठीक है तेरी ये बात मन ली मैने तू किसी के घर मत जा मए यही बुला देती हु लड़की को, क्यों क उसे मैने यहाँ बुलाया हुआ है वो अंदर बैठी है. अरे पायल बीटा वो उसे बहार तो ले आओ.

देवा नजरे नीचे कर के बैठ जाता है. तभी पायल और दिया पूनम को बहार लाती है. पूनम तिरछी नजरो से देवा को देखती है लेकिन देवा की नजरे तो जमीन देख रही थी . उसने एक बार भी ऊपर नजर नहीं उठायी.

देवा मन में - क्या बीत रही होगी मेरी पूनम के दिल पर और ये लोग भी सब बेवकूफ है. मेरी पूनम के घर में hi मुझे लड़की दिखने ले आये. मिलने दो इस देवकी को अकेले में इसकी तो मए गांड फाडूगा अब. साली मेरी लव स्टोरी को ख़राब कर रही है. देवकी सुधर जा वार्ना तेरी गांड फाडूगा मए.

तभी दन – देवा नजर उठा के देख लो लड़की सामने कड़ी है.

देवा की नजर नीचे.

सावित्री – अरे लड़की तो देख

देवा की नजर नीचे.

फिर देवकी, पद्मा, पायल यहाँ तक की दिया भी बोलती है पर

पर देवा की नजर नीचे.

तभी देवा के कानो में पूनम की आवाज़ पड़ती है.

पूनम – सुनिए

देवा झटके में उअप्र देखता है इस दर से की पूनम की आंखे शायद आंसुओ में भीगी होगी. पर जैसे hi देवा सामने देखता है उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती है सामने पूनम सचमुच hi पूनम का चाँद बानी कड़ी थी और मुस्करा रही थी हलाकि उसकी नजरे भी नीचे hi थी.

देवा - पूनम को देख कर सावित्री को देखता है फिर देवकी को. एक एक कर के सब को देखता है सब हंस रहे थे.

सावित्री देवा के सर पे हाथ फेरते हुए. है मेरे लाल हम लोग पूनम की hi बात कर रहे थे.

देवा को कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या करे.

देवकी – क्यों देवा मन कर दू क्या पद्मा को .या तू hi कह दे मुझे पूनम पसंद नहीं.

सावित्री – बोल देवा क्या कहता है तुझे पूनम पसंद है न?

देवा उठ कर खड़ा हो जाता है और अपनी माँ को गले से लगा लेता है.

देवकी अरे क्या कर रहा है रिश्ते की बात तो मैने चलाई और गले अपनी माँ क लग रहा है

देवा पलट कर देवकी को गले से लगा कर जोर से भींच लेता है.

देवकी - आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मायआ छोड़ दे रे सैंड इतनी ताक़त मुझ पे दिखा रहा है. ये अपनी बीवी पे दिखाना शादी के बाद छोड़ मुझे

देवकी की ये बात सुन कर जहा सब हसने लगते है वही पूनम शर्म से लाल पद जाती है और दौड़ कर अंदर भाग जाती है. सावित्री भी पद्मा को गले से लगा लेती है.

सावित्री - बधाई हो बहन तूने मेरा देवा को इस काबिल समझा की उस के हाथ में अपने जिगर का टुकड़ा रख दिया मए तुम्हरी अहसान मंद हु.

पद्मा की आँखों में ासु आ जाते है – नहीं सावित्री बहन अहसान तो आप सब का है क आपने मेरी बिन बाप की बेटी को अपनाया. वार्ना हम तो इस काबिल है hi नहीं.

सावित्री – नहीं पद्मा ऐसी बाते मत बोलो. और पूनम तो बचपन से मेरे लिए मेरी भू hi थी बस उसके बड़े होने का इंतजार था मुझे. अगर देवकी बहन न भी कहती तो मए तुमसे ये बात कहती पायल की शादी के बाद. और है अब तू निश्चिन्त हो जा तूने पूनम मेरे बेटे को दे दी अब और हमें कुछ नहीं चाहिए. पूनम मेरी बहु तो अभी तक बानी नहीं है लेकिन वो मेरी भी बेटी तो बचपन से hi है न.

फिर दोनों गले लगती है और दिया सबको मिठाई खिलाती है है.

फिर देवा सबको चलने के लिए कहता है. और अंदर जा कर पूनम से कहता है .

देवा – लेटस जो हनी फॉर शॉपिंग.

पूनम देवा को इंग्लिश में बात करते हुए देख कर चौंक जाती है

पूनम – देवा आप और इंग्लिश?

देवा - यस डार्लिंग आईएम टॉकिंग इंग्लिश बिकॉज़ माय वाइफ इस आलरेडी वेल एडुकेटेड तहत स्वि ी अपडेट माय सेल्फ. अरे यू हैप्पी?

पूनम - यस माय लव ी म सो हैप्पी .

फिर देवा p[oonam का हाथ खिंच कर उसे प्यार से गले लगा लेता है और उसका माथा चुम कर

देवा – वेलकम इन माय लाइफ. आज से मेरी ये जान मेरी जिंदगी और मेरी हर सांस पर सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा hi अधिकार है तुम्हरा hi राज है.

पूनम भी देवा के सीने से लग जाती है और उसकी ाकन्हो में दो ासु की बूंदे आ जाती है.

पूनम - थँक्स देव मुझे अपनी जिंदगी में शामिल करने के लिए और मेरा हाँथ थमने के लिए अब ये हाथ कभी मत छोड़ना.

देवा – सांस छोड़ दुगा लेकिन तेरा हाथ कभी नहीं छोड़ूगा मेरी जान.

पूनम देवा का मुँह पे हाथ रख देती है. – सांस छोड़ने की बात मत करना देव. वार्ना तुमसे पहले मए चली जोगी

देवा उसका हाथ चुम लेता है. और दोनों फिर से गले लग जाते है.

तभी बहार से पायल की आवाज़ आती है.

पायल भाई भाभी शहर चलना है या अभी ापण्डित को बुलवा कैफ ेरे करवा दू.

दोनों हसने लगते है और देवा पूनम का हाथ पकड़ कर बहार लता है बहार सब उन्हें ऐसे हाथ में हाथ डेल देखते है तो बहोत खुश होते है . देवा पद्मा से.

देवा – सासु माँ आपकी इजाजत हो तो मए पूनम को भी शहर ले जाऊ?

पद्मा – जाओ मेरे बच्चो खुश रहो.

फिर सब बहार निकलते है तो देवा की दूसरी साइड शलक चलने लगती है जो फ़िलहाल सिर्फ देवा को दिखती है

शलाका - hi बॉस

देवा शलाका को देख के मुस्करा देता है

शलाका - आपकी जेब में कुछ क्रेडिट कार्ड्स और गोल्ड कार्ड्स है और उन एकाउंट्स में करोड़ो रुपए दाल दिया गए है जिनकी ट्रांसक्शन डेट काफी लम्बी है सो no प्रॉब्लम ु कैन उसे आईटी. ी थिंक मैने अच्छा काम किया होगा.

देवा है में गार्डन हिला देता है और सब लोग देवा के ट्रेक्टर में hi बैठ कर चल पड़ते है सिटी की तरफ जहा देवा एक बड़े से मॉल में ट्रेक्टर रोकता है. सब लोग उन्हें देख कर हसने लगते है देवा को बहोत गुस्सा आता है . तभी वह सिक्योरिटी गार्ड आता है.

गार्ड – ा यहाँ कहा घुसा जा रहा है. चलो जाओ यहाँ से.

देवा उसे घुमा क एक थप्पड़ मरता है.

सब लेडीज दर जाती है . देवा उन्हें अंदर जाने को कहता है. उन के जाने के बाद

देवा – तमीज़ से बात करा कर बे. ये पकड़ मेरे ट्रेक्टर की चाबी और पार्क करवा दे. ज्यादा बकचोदी करेगा यही गाड़ दुगा समझा.

इतना कह कर देवा अंदर को चला जाता है और गार्ड अपना गाल सहलाते हुए कभी देवा को जाते हुए देखता है कभी ट्रेक्टर को देखता है.

देवा अंदर लेडीज के पास आता है. सो लेडीज आप सब लोग दिल खोल कर शॉपिंग कीजिये. और है कोई कुछ भी खरीदने से पहले मुझसे नहीं पूछेगा जिसे जो चाहिए वो ले सकता है. और भाभी कुछ कपडे घरवालों के लिए भी लेना और दोनों मामियो के लिए सरैंया, मां और दोनों बच्चो के कपडे भी ले लेना. यहाँ से निकल कर हम वही जायेगे.

दिया – ठीक है देवर जी पर पैसे काम तो नहीं पद जायेगे न.

देवा धीरे से – अरे मेरी जान मेरे पास कुछ काम पड़ा है आज तक जो पैसे काम पड़ेगे?

दिया मुस्कराते हुए -धत्त आप भी कहु भी शुरू हो जाते है.

देवा – भाभी सब गर्ल्स के लिए और अपने लिए भी सेक्सी वाली ब्रा पेंतीस ले लेना.

दिया – मुस्करा के हां में गार्डन हिला देती है

तभी एक सेल्स गर्ल आती है. मई ी हेल्प यू सर. ?

देवा – देखिये इन लेडीज को बेहतरीन साड़ी और ड्रेसेस दिखाइए no लिमिट.

लग – सूरे सर. लेडीज प्लीज के विथ में थिस साइड.

देवा सोचता है ये लोग तो लग गयी यहाँ अब इन्हे तो समय लगेगा hi. चलो हम भी कुछ खरीद लेते है. देवा मॉल में घूमने लगता है फिर अपने और पूनम के लिए एक घडी का सेट लेता है दोनों घडिया शामे थी एक लेडीज एक गेट्स फिर वो सब के लिए कुछ लेटेस्ट मोबाइल लेता है बाबू जी, भाभी, पायल, पूनम यहाँ तक की पद्मा और अपनी माँ सावित्री के लिए भी और एक खुद अपने लिए उन सब का पेमेंट देवा कार्ड से कर देता है. फिर यु hi घूमते हुए उसे कार्स एक्सहिबिशन नजर आता है जो वही मॉल में लगा हुआ था देवा वह जाता है तो गजब की कार्स कड़ी थी उसमे से देवा को रेंज रोवर पसंद आ जाती है. देवा वह खड़े आदमी से पूछता है.

देवा – सुनिए क्या आप मुझे इस के बारे में बता सकते है,

सेल्समेन – देखो ये बहोत महँगी कार है. तुम्हरी औकात से बहोत दूर की चीज़ है.

देवा – सस्ती चीजों को हम भी नहीं देखते मुन्ना, हमने इज्जत से बात की तो समझ में नहीं आया क्या? मैने जो पुछा वो बता.

सेल्समेन – जाओ यार अपना काम करो मेरा टाइम क्यों ख़राब कर रहे हो. चलो निकलो नहीं तो सिक्योरिटी को बुला लगा तो वो धक्के मार के बहार निकल देंगे.

देवा थोड़ा दूर होता है और वही बोर्ड पे लिखा कम्पनी का नंबर अपनी मोबाइल से डायल करता है . कॉल अटेंड होते hi रिसेप्शनिस्ट

र – यस मई ी हेल्प यू.

देवा - आपकी कार्स का एक्सहिबिशन लगा है ******* मॉल में

र – यस सर.

देवा - मुझे रेंज रोवर के बारे में जानना है क्या आप बता सकती है.

र – सर वह पे हमारा सेल्स मन खड़ा है आपको वो पूरी डिटेल बता देगा. आप उनसे बात कर सकते है.

देवा – आपके सम को आदमी की पहचान नहीं है मैडम

र – क्या हुआ सर अन्य प्रॉब्लम

देवा – जी है आपका सम कहता मए उससे कार के बारे में पूछ कर उसका टाइम ख़राब कर रहा हु. और वो मुझे सिक्योरिटी से धक्के मर के निकलने की धमकी भी दे रहा है. कैसे बन्दे रख छोड़े है आप लोगो ने. ी थिंक मुझे किसी और सीओ. की कार्स भी देख लेनी चाहिए. Ok bye

और देवा कॉल कट कर देता है. दो मिनट बाद देवा के सेल पे कॉल आता है . hello सर ी म एक्सट्रेमेली सॉरी मए अपने सम की तरफ से माफ़ी चाहता हु. अभी आपने जिस रिसेप्शनिस्ट से बात की वो वही आ रही है. वो आपको सब बता देगी जैसा आप चाहेंगे अगर आप चाहे तो आपको कार की देलेवरी भी आज hi कर सकता हु मए. प्लीज सर सीओ ऑपरेट विथ उस सर प्लीज थोड़ा सा वेट कीजिये र वही पहुंच कर आपको कॉल कर के आपसे मिल लेगी.

देवा - इतस ok मए मिलता हु आपकी र से.

थोड़ी hi देर में फिर से देवा का मोबाइल बजता है

देवा – hello

. . . . . सर मए ***** सीओ की रिसेप्शनिस्ट बोल रही हु आप कहा है प्लीज मुझे मिलिए मए यही मॉल में हु.

देवा थोड़ा यहाँ वह देखता है तो उसे एक ब्लैक शार्ट स्कर्ट और वाइट शर्ट में लड़की नजर आती है जो बेहद खूबसूरत थी. देवा उस के पास जाता है

देवा – hello मैडम

र – यस प्लीज

देवा – अभी आपने मुझे hi कॉल किया था

र – ओह्ह सर थँक्स फॉर वेटिंग एंड ी म सॉरी अबाउट आवर सम

देवा - इतस ok

र – के विथ में

फिर देवा और र वही पहुंचते है देवा के साथ सीओ. की र को देख कर सम का गाला सूक्च जाता है .

सम – hello मैडम आप यहाँ

र – मर गेट आउट

सम – ऐसा मत कीजिये मैडम

र – आपको जो भी कहना है कल ऑफिस आकर बॉस से कहियेगा अब आप मेरा टाइम ख़राब मत कीजिये और जाइये यहाँ से. वार्ना मुझे भी सिक्योरिटी को कॉल करना पड़ेगा और वो आपको धक्के मर के यहाँ से निकलेंगे.

सम देवा को देखते हुए वह से निकल जाता है .

र – सर आइये कॉफ़ी शॉप में चल के मए आपको सब समझा देती हु कार के बारे में.

र के साथ आया हुआ दूसरा आदमी वह पहले वाले सम की कुर्सी संभल लेता है और र देवा के साथ कॉफ़ी शॉप में जा कर

र – कहिये सर आपको गाड़ी में कलया पसंद आया

देवा – र को घूरते हुए अभी अंदर से तो देखि नहीं है पर बहार से मुझे बम्पर और हेडलाइट बहोत पसंद आयी शेप भी अच्छा है.

र समझ जाती है क देवा फ़्लर्ट कर रहा है.

र – सर पूरी गाड़ी ा ओने है. ड्राइव कर के देखिये सस्पेंशन और साउंड भी ाचा है. राफ्तेर भी और मिलगे भी स्पीड तो पूछिए hi मत आपको ड्राइव करने में बहोत मजा आएगा.

देवा – ड्राइव करने मिले तो पता चले अपनी गाड़ी की तारीफ तो सभी करते है.

र – ऐसा है तो चलिए हम टेस्ट ड्राइव कर लेते है.

फिर देवा और र दोनों कॉफ़ी ख़तम कर के चल पड़ते है टेस्ट ड्राइव को. गाड़ी देवा hi चला रहा था उसे ट्रेक्टर की ड्राइविंग hi आती थी बूत अपनी शक्तियों की वजह से अब उस के लिए कुछ भी नया नहीं था.

देवा बहोत आगे सुनसान में आ जाता है स्पीड से गाड़ी चलते हुए. और एक जगह रोक देता है.

देवा – ये गाडी तो सच में शानदार है. तूफ़ान है तूफ़ान

र – अभी तो आपने एक hi देखि है दूसरी देखना चाहेंगे?

देवा र की तरफ देखता है तो वो मुस्करा रही थी. देवा उसका हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खींचता है और उसके होठो पे टूट पड़ता है वो भी पूरा साथ देती है देवा उसकी 36” की चूचिया दबाने लगता है और उसकी शर्ट खोल कर फेंक देता है गाड़ी में और उसकी ब्रा ऊपर कर के उसके चुके दबाते हुए चूसने लगता है वो भी सिसकारियां भर्ती हुई देवा का लुंड पकड़ती है तो खुश हो जाती है ऊपर से hi उसे आभास हो जाता है के शानदार लुंड है. वो भी झट से देवा की धोती खोल कर देवा का लुंड निकलती है

र- ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह माय गॉड इतस तू गुड़, तू बिग इतस अवेसमे

देवा – थें हैवे आईटी

और र लपक कर देवा का लुंड मुँह में ले लेती है और चूसने लगती है . देवा उसका सर पकड़ लेता है कोई 10 मिनट लुंड चूसने के बाद देवा उसे वही गाड़ी की सीट पे hi घोड़ी बना देता है. और उसकी स्कर्ट को कमर तक कर के उसकी पेंटी नीचे सरका देता है. और पीछे से उसकी गुलाबी छूट चाटने लगता है . देवा की लाइफ की ये पहली छूट थी जो ऐसी गोरी और चिकनी थी गुलाबी थी. बूत उसकी भाभी से अच्छी नहीं क्यों की दिया की छूट टाइट थी और ये चूड़ी हुई. फिर देवा पीछे से अपना लुंड उसकी बुर में धकेल देता है

र- uuuuuuuuummmmmmmmmm आराम से प्लेसेस तुमर्हा बहोत बड़ा है आआआआअह्हह्ह्ह्ह माआआआ धीरे

देवा को पता चल जाता है के ये चूड़ी हुई है देवा उसके बालो को पकड़ कर छोड़ने लगता थोड़ी देर में hi वो भी देवा का लुंड अपनी छूट में सेट कर चुकी थी और अपनी गांड पीछे मरते हुए देवा से छोड़ने लगती है. उसे देवा का लुंड काफी टाइट फील हो रहा था अपनी छूट में क्यों की इतना मोटा लुंड उसने भी नहीं लिया था कभी .आधे घंटे में वो दो बार झाड़ जाती है अब उसकी टाँगे भी कंपनी लगी थी. फिर देवा उसे सीधा लेता देता है. और उसके चुके पकड़ के धक्के मरने लगता है. तभी देवा को कार के बहार शलाका मुस्कराती हुई नजर आती है.

शलाका - क्या बॉस सिटी में आते hi चुदाई चालू. वैसे मए ये बताने आयी थी जल्दी पहुँचिये मॉल में वह सबकी शॉपिंग पूरी हो चुकी है. चलती हु जल्दी ख़तम कीजिये और आ जाइये.

शलाका के गायब होते hi देवा तूफानी राफ्तेर से चुदाई करने लगता है र तो सांस भी नहीं ले प् रही थी इतने तेज शॉट लग रहे थे तभी देवा और र दोनों एक साथ चीखते हुए झाड़ जाते है.

थोड़ी देर सुस्ताने के बाद

र – क्या चुदाई की है आपने सर. मजा आ गया आज से पहले ऐसे मए कभी नहीं चूड़ी हु. और इतना पानी मेरा कभी नहीं निकला जितना आपने निकलवा दिया.

देवा - अभी थोड़ी जल्दी है वार्ना तुम्हे और मजे करवाता.

र – मेरा नाम अंजलि है. कभी आप यहाँ दुबारा आये तो मुझे कॉल कीजियेगा मेरे घर चलेंगे वह करेंगे. Ok सर

देवा – अच्छी बात है वैसे मेरा नाम देवा है मए पास के गाँव में रहता हु.

फिर दोनों मॉल आ जाते है रस्ते में देवा कार की डील फाइनल कर देता है. और अपने मां के घर का एड्रेस दे देता है . अंजलि कार कल सुबह 10 बजाए इस एड्रेस पर भेज दीजियेगा. मए अमाउंट ट्रांसफर कर देता हु . उसके बाद देवा फॉर्मेलिटी पूरी कर देता है और पेमेंट भी कर देता है. अंजलि चली जाती है. देवा भी मॉल में आकर सब लेडीज से मिलता है. और फिर सबको लेकर ज्वेल्लेरी शॉप में जाता है जहा वो दिया को सोने के कंगन पायल को सोने की चैन माँ के लिए मंगलसूत्र, बाबू जी के लिए सोने की चैन और पूनम के लिए एक सोने का नेकलेस और गोल्ड रिंग लेता है. फिर वो लोग होटल में जाते है वह खाना खा कर देवा सब को ले कर मां के घर पहुंच जाता है.
 
अपडेट - 12

देवा जैसे hi ट्रेक्टर रोकता है पायल दौड़ कर अंदर जाती है और चिल्ला देती है mamiiiiiiiiiiiiiiii

जिसे सुन कर सुनीता ( बड़ी ममी ) और भर्ती (छोटी ममी) भगति हुई आती है

सुनीता - अरे पायल तू अचानक कैसे आ गयी , सुनीता पायल को गले से लगाती है और उसका माथा चुम लेती है.

भर्ती - कैसी हो पायल ( गले लगते हुए)

पायल ठीक हु ममी आप लोग कैसे है? और दोनों मां कहा है.

सुनीता - तेरे छोटे मां तो अंदर hi है और बड़े मां बहार गए है कल सुबह तक आ जायेगे. है में सब कैसे है?

पायल - सब ठीक है ममी

देवा – पायल से फुर्सत मिल गयी हो तो यहाँ भी देख लो ममी.

सुनीता और भर्ती की आँखों में चमक आ जाती है देवा की आवाज़ सुन कर

सुनीता – अरे देवा आओ आओ अरे वह दिया भी आयी है आज क्या बात है.

भर्ती - अरे ये कौन है देवा तुम लोगो के साथ?

देवा दोनों मामियो से मिलते हुए – ये पूनम है ममी.

दिया भी सब से मिलती है और - अरे देवर जी सिर्फ नाम बताने से कैसे चलेगा इनका तो पूरा परिचय करा दो. चलो मए hi करा देती हु. ममी जी ये है पूनम हमारे hi गाँव में रहती है और आज hi देवा की इनसे शादी तय हुई है.

सुनीता - अरे वह जीजी ने इतनी बड़ी बात हमसे छुपाई और देवा की शादी भी पक्की कर दी. मिलने दो जीजी को मए उनसे बात भी नहीं करुँगी हमें hi पराया कर दिया.

भर्ती - और नहीं तो क्या हमें बुला लेती तो कितना अच्छा लगता. देवा – अरे ममी रुक जाइये आप लोग, ऐसी कोई बात नहीं. वो सब कुछ इतनी जल्दी में तय हुआ के किसी को कुछ बताने का मौका hi नहीं मिला, ये लीजिये मिठाई लाया हु आप लोगो के लिए. खली हाथ नहीं आये हम. फिर दिया सबको मिठाई देती है.

दिया – अभी रुकिए खाने से पहले पूरी बात सुन लीजिये वार्ना फिर से हमें डाँटेगी आप लोग.

तभी किशन लाल (छोटे मां) भी आ जाते है अरे वह भाई आज तो घर पूरा चहक रहा है अंदर तक आवाज़े आ रही थी क्या बात है. कैसे हो बच्चो

देवा - हम सब ठीक है मां

दिया आगे बाद के किशन लाल के पेअर छूती है और पूनम भी. और पायल भी मिलती है मां से

सुनीत – है तो दिया क्या बता रही थी जल्दी बता मिठाई भी कहानी है .

दिया - ममी आपकी इस लाड़ली पायल का रिश्ता भी तय हो गया है पास के गाँव में.

भर्ती और सुनीता ख़ुशी में पायल को चुम लेती है

भर्ती – बधाई हो पायल तूने तो यहाँ से जाते hi अपने लिए नया घर भी धुंध लिया. पर दिया ये सब हुआ कैसे इतनी जल्दी दोनों का रिश्ता कैसे तय हो गया .

दिया - वो हुआ यु के पूनम की मौसी आयी हुई थी हमारे घर तो उन्होंने अपने बेटे के लिए पायल का हाथ मांग लिया . सब कुछ तो देखा भला है hi तो वही ये बात तय हो गयी और रही बात देवा और पूनम की तो पूनम तो बचपन से हमारे hi घर रही है पड़ोसन जो ठहरी, तो इसके बारे में किसी से क्या पता करते. इसकी मौसी ने पूनम और देवा की शादी की बात भी की तो सब मान गए. पर अब तक कोई सगाई या और कुछ नहीं हुआ है सिर्फ सबने इन दोनों रिश्तो के लिए है hi की है, जल्द hi सगाई भी हो जाएगी जिसमे आप सब लोगो को खास और पहले न्योता आएगा. और आप सब शामिल होंगे इसलिए नाराज मत होइए.

भर्ती - चलो ये अच्छा हुआ. बहोत बड़ी खुशखबरी लाये हो आप लोग. आज तो मजा आ गया.

सुनीता देवा को छेड़ते हुए – देवा कब ला रही हो पूनम को दुल्हन बना कर अपने घर?

पूनम तो शर्मा जाती है और मुस्कराने लगती है

देवा – ममी अभी नहीं थोड़ा टाइम है इतनी भी क्या जल्दी है. अब ये बनेगी तो आपकी hi बहु पर आराम से . पहले पायल को तो रवां कर दू.

पायल - जी नहीं ऐसा नहीं होगा. मए तो अपने भैया की शादी में खूब मजा करुँगी नाचूंगी धूम मचाउगि. इसलिए मेरी शादी आप की शादी के बाद होगी पहले आप की होगी,

भर्ती - अरे अरे ये सब छोडो क्या लड़ने लगे. वैसे देवा की बात सही है पहले तेरी hi शादी करेंगे आखिर दामाद जी भी तो देवा की शादी में होने चाहिए न. पायल चुप हो जाती है और मुस्कराने लगती है.

सुनीता चलो आप लोग हाथ मुँह धो लो हम खाना बनाना की तयारी करते है.

फिर सब लोग फ्रेश होने चले जाते है और हाथ मुँह धो कर वापस आकर हॉल में बैठ जाते है. और बाते करने लगते है जहा देवा तो किशन लाल से खेती बड़ी की बातो में मशगूल हो गया और सुनीता पूनम को किचन में ले गयी , थोड़ी देर बाद खाना लग जाता है.

भर्ती – आप सब लोगो के लिए एक सुरपिरजे है.

सब भर्ती को देखते है

भर्ती ये गाजर का हलवा हमारी पूनम ने बनाया है. इसे पहले खा के देखिये सब.

सबने हलवा खा कर पूनम की दिल से तारीफ की. और फिर सब ने खाना खाया. और वही हॉल में बैठ कर बाते करने लगे. तो देवा बहार गया और 6 पैकेट ले कर आता है और दिया को देता है .

दिया – बड़ी ममी ये साड़ी आपके लिए और ये कपडे मम जी के लिए. फिर वो भर्ती को देती है ममी जी ये साड़ी आप के लिए , फिर किशन लाल को भी उनके कपडे देती है. और ये इन दो पैकेट्स में बच्चो के कपडे .

सुनीता – अरे इसकी क्या जरुरत थी.

भर्ती – हां और ये तो काफी महंगे कपडे लगते है. देवा ये सब क्यों किया तूने .

देवा - इसमें मेरा कोई हाथ नहीं ये सब इन तीनो लेडीज का प्लान है मुझे तो मालूम hi नहीं था.

देवा की बात सुन के दिया पायल और पूनम देवा को प्यार से देखती है के उसने कितनी आसानी से सब की नजर में उन लोगो का मान बड़ा दिया.

सुनीता – तब तो हमें इन तीनो को थँक्स बोलना चाहिए.

पायल – अरे ममी क्या आप भी परयो वाली बात करती हो अब जाइये और पहन के आइये हमें देखना है के आप दोनों कैसी लगती है इन सरीयो में.

किशन लाल अच्छा बच्चो आप लोग बैठो और बाटे करो मए जा रहा हु सोने के लिए और है बीटा आप सब लोगो का धन्यवाद् ऐसा तोहफा देने के लिए.

फिर किशन लाल चला जाता हे अपने कमरे में और भर्ती और सुनीता भी दूसरे कमरे में जा कर साड़ी तरय करती है. थोड़ी देर के बाद जब वो बहार आती है. तो सब उन्हें देखते रह जाते है गजब लग रहे थी वो दोनों.

सुनीता – कैसी लगी साड़ी

दिया - ममी आप दोनों तो बहोत सुन्दर लग रही हो इन सरीयो में. बच कर रहना कोई भगा कर न लेजाए.

सुनीता और भर्ती शर्मा जाती है.

भर्ती - पर ये तो तुम सब लोगो की वजह से hi है. इतने महंगे कपडे लेन की भी क्या जरुरत थी.

देवा – अब छोडो न ममी आप लोगो को तोहफा पसंद आया यही बहोत है.

फिर सब लोग वही बैठ के बाते करने लगते है. और फिर

सुनीता – दिया तू मेरे साथ सो जा पायल और पूनम दूसरे रूम में सो जाएगी और देवा यही भर्ती के पास वाले कमरे में सो जायेगा ठीक है न?

दिया - ठीक है ममी जैसा आप लोग कहे.

सुनीता छेड़ते हुए – क्यों देवा तुझे पूनम के साथ अलग कमरा तो नहीं चाहिए न? अगर चाहिए तो बता दो मए पायल को भी अपने साथ सुला दूगी.

पूनम तो शर्म से लाल हो जाती है. जिसे देख सब हसने लगते है.

देवा – अरे नहीं ममी अभी इसकी कोई जरुरत नहीं वैसे कुछ चाहिए होगा तो मए छोटी ममी को कह दुगा क्यों ममी (छेड़ते हुए).

भर्ती भी पीछे नहीं थी. – है देवा मए तो खुद hi रत को बीच बीच में आकर तुझसे पूछ लगी कुछ चाहिए हो तो मांग लेना. और सबसे बचा कर उसे आंख मर देती है. जिसे सुनीता देख लेती है और मुस्क्रत देती है.

फिर सब सोने चले जाते है.

देवा को काफी देर तक नींद नहीं आ रही थी तभी उसे बगल वाले कमरे से कुछ फुसफुसाने की आवाज़े आती है देवा ध्यान से सनटैन है.

भर्ती – उठो न जी

किशन लाला (कल) – सोने दो भर्ती मए थक गया हु तुम भी सो जाओ.

भर्ती - कैसा कर रहे हो 10 दिन हो गए आप रोज यु hi थकन का बहाना बना के सो जाते हो आपको तो मेरा ख्याल hi नहीं आता.

कल – ाचा अभी सो जाओ कल देखगे. अभी मुझे बहोत तेज नींद आ रही है.

भर्ती - देखो न मए बिना कपड़ो के तुम्हरे बगल में लेती हु तुम्हे कोई फरक नहीं पद रहा ? कोई दूसरा पति होता तो अब तक मुझे नोच डालता और तुम्हे नींद आ रही है. मेरा क्या होगा?

कल – कपडे पहन के सो जाओ मुझे पता है तुमने नयी वाली साड़ी उतेरी है अभी दूसरे कपडे पहन hi लोगी . पहनो और सो जाओ.

देवा ये सब सुन रहा था भर्ती के नंगी होने के अहसास से hi देवा का लुंड पूरे आकर में आ गया था. फिर वो भी आँखे बंद कर के सोने की कोशिश करने लगता है. पर आँखों में भर्ती के नंगे शरीर की hi कल्पना घूम रही थी जी तो चाहा देवा का की जाकर एक बार भर्ती का नंगा रूप देख ले पर मन मार के सो गया उसे सोये हुए अभी थोड़ी hi देर हुई थी के उसे कमरे के बहार आंगन में किसी के सुबकने की आवाज़े आने लगी जिस से देवा की नींद जो अभी कच्ची hi थी टूट गयी. देवा दबे पाँव बहार आता है और देखता है की भर्ती एक कोने में कड़ी आंसू बहा रही है. वो इस समय एक निघ्त्य में थी. बाल खुले हुए थे. पूरे घर में अँधेरा था कोई आवाज़ नहीं थी ऐसे में भर्ती का इस तरह रोना देवा के दिल पे चोट लगती है उसे समझ में आता है भर्ती के रोने का कारन वो कुछ फैसला करता है और आगे बाद के भर्ती के कंधो पे अपने दोनों हाथ रखता है.

भर्ती चौंक कर - कौन?

देवा – मए हु ममी देवा

इतना सुनते hi भर्ती देवा की छाती में मुँह छुपा लेती है और सुबकने लगती है देवा ने इस समय सिर्फ धोती पहनी हुई थी देवा की नंगी छाती पे भर्ती आंसू बहा रही थी. देवा भी उस के सर को सहलाते हुए चुप करने की कोशिश करता है.

देवा – ममी चुप हो जाओ नियति के सामने किसी का कोई जोर नहीं चलता आप के आंसू ऊपर वाले के लिखे को मिटा नहीं सकते उसे बदल नहीं सकते. बस चुप हो जाओ

भर्ती – तू नहीं जनता देवा मए किस परेशानी से गुजर रही हु कभी तो दिल करता है की अपनी जान hi दे दू

देवा – मए सब जनता हु ममी मैने आपकी साडी बाटे सुनी जो आप और मां कर रहे थे

भर्ती – फिर भी तू मुझे hi समझा रहा है क्या यही नियति है?

देवा – है ममी यही नियति है वार्ना आपको ये सब कुछ क्यों झेलना पड़ता आप जैसी सुन्दर औरत के होते हुए भी मां आप के रूप सौंदर्य के अमृत से दूर है ये उनकी नियति है वार्ना लोग तरसते है ऐसी रूपवती इस्त्री के लिए . मां की तो आप पत्नी है फिर भी वो वंचित है . क्या ये उनका दुर्भाग्य नहीं?

भर्ती देवा को देखती रह जाती है और उसकी बाते सुन कर शांत भी हो जाती है. वो देवा की छाती से लिपटी हुई खुद को सुरक्षित सा महसूस कर रही थी

भर्ती देवा - तू कितनी सुलझी हुई बाते करता है एक hi पल में तूने तेरे मां और मुझे जिंदगी का इतना बड़ा पथ पड़ा दिया अब मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं . सच hi है जो उनके भाग्य में hi नहीं वो उसे कैसे पा सकते है.

देवा - ये हुई न मेरी ममी वाली बा तो अब आप चुप हो जाओ और अब कभी नहीं रोना.

भर्ती – देवा ये भी बता दे क्या मुझे जिंदगी भर इसी तरह तड़प तड़प कर जीना होगा? क्या मेरे जीवन में पुरुष का सूख नहीं है? क्या भगवन ने मेरी किस्मत ऐसी hi लिखी है?

देवा – ये तो भगवन hi जनता है ममी मए कैसे बता सकता हु. मए तो बस इतना जनता हु के वो ऊपरवाला कभी किसी के साथ गलत नहीं करता? मां अगर औरत सूख से दूर हो कर सुखी है तो ऊपर वाले ने आपके लिए भी कही न कही सूख का रास्ता तो बनाया hi होगा बस उसे ढूँढना आपके ऊपर है. जब आप उसे पा लेगी तो आपकी हर कमी पूरी हो जाएगी. और आप भी संपूर्ण हो जाएगी. अब जाइये और सो जाइये.

इन दोनों की बाते कोई और भी सुन रहा था जो भर्ती के रोने की आवाज़ से उठ के नीचे आया था. वो थी सुनीता वो भी देवा की बातो से सहमत थी और खुश थी की देवा ने बड़ी hi समझदारी से भर्ती को समझाया है. वो अँधेरे में कड़ी थी सीढ़ियों पे इसलिए भर्ती ने उसे नहीं देखा पर देवा की शक्ति से उसे पता चल चूका था की सुनीता भी वही है.

देवा वही खड़ा रहा और भर्ती अपने कमरे की तरफ चली गयी देवा ने पलट कर भर्ती को देखा वो अपने कमरे के दरवाजे पे पहुंची और उसने भी पलट कर देवा को देखा और पता नहीं क्या हुआ के भर्ती दौड़ती हुई आयी और आकर देवा की छाती से चिपक गयी और उसे दीवानो की तरह चूमने लगी

देवा – ममी आप . . .

भर्ती ने उस के होठ पे अपने होठ रख दिए और उसे चूसने लगी. फिर होठ हटा कर

भर्ती - देवा कुछ मत कहो और मेरा साथ दो बस. सिर्फ आज की रात सही और गलत का भेद मिट जाने दो.

जहा देवा इस बात को सुन कर चुप हो गया वही सुनीता की आँखों में भी चमक आ गयी और उसे भी अपनी मंजिल सामने नजर आने लगी. क्यों की भर्ती और सुनीता दोनों की परेशानी तो एक hi थी पति का रूखापन. और देवा के रूप में उनकी वो कमी पूरी हो रही थी.

भर्ती फिर देवा को चूमने लगी वो उसके पूरे चेहरे को पकड़ कर चुम रही थी तभी देवा ने वही भर्ती की निघ्त्य उठा के उस के बदन से अलग कर दी भर्ती अब पूरी नंगी थी निघ्त्य के उतर जाने से क्यों की उसने अंदर कुछ नहीं पपहना था इस समय वो वैसे hi देवा से चिपक कर अपने बदन को देवा के पथ्थर जैसे जिस्म से रगड़ने लगी और सिसकारियां भरने लगी. कभी वो देवा के गले पे कटती तो कभी गलो पे दांत गदा देती. कभी होठो को चुस्ती तो कभी देवा की छाती पे चूमती देवा भी वह पे भर्ती की बड़ी बड़ी चूचियों को मसल रहा था जिससे भर्ती के निप्पल्स एक डैम बुलेट की तरह तन गए थे. और देवा उन्हें अपनी उंगलियों में भर के मसल रहा था. और फिर जब भर्ती देवा के गले से लगी तो देवा भर्ती की गांड को मसलने लगा और धीरे से अपनी एक ऊँगली को भर्ती गांड की दरार में घुसा दिया. गांड की दरार में ऊँगली घुसने से भर्ती ने अपनी छूट देवा के लुंड पे दबा दी जो अभी धोती में hi था और अपनी छूट वह रगड़ने लगी. इन दोनों का गरम स्कीन देख कर वह सुनीता भी अपनी छूट को अपनी निघ्त्य के ऊपर से सहलाने लगी गर्मी की वजह से उसने भी निघ्त्य के अंदर कुछ नहीं पहना था उसके भी निप्पल खड़े हो गए थे पर वो भर्ती को अभी डिस्टुरेब नहीं करना चाहती थी. वो भी समझ रही थी की भर्ती अभी बहोत प्यासी है.

तभी देवा ने भर्ती को गॉड में उठा लिया और अपने कमरे की तरफ चल पड़ा और आकर अपने पलंग पे लिटा दिया और भर्ती को पैरो से लेकर चूमना चालू कर दिया. भर्ती उत्तेजना से काँप रही थी. ये सब तो कभी उसके साथ हुआ hi नहीं था ऐसे प्यार के लिए वो तब से इंतजार कर रही थी जब से उसने जवानी में कदम रखा था पर पति भी मिला तो ऐसा जो सिर्फ छूट में लुंड दाल के हिलना जनता था. और अब तो शायद उसे ये भी याद नहीं था. के चुदाई में और क्या क्या किया जाता है.

देवा अब धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ता हुआ भर्ती की जांघो पे आ गया और उसे शाला के चुम रहा था और भर्ती अपनी सिसकारियों को दबाने के लिए अपने दांतो से अपने होठो को चबा रही thi.Deva ऊपर की तरफ बढ़ता हुआ अब भर्ती की छूट पे आ पंहुचा और छूट पे हाथ फेरने लगा तो छूट पे घाना जंगल बना हुआ.

देवा - ममी आप छूट को साफ़ क्यों नहीं करती

भर्ती देवा के मुँह से सीधा छूट शब्द सुन कर शर्मा गयी

भर्ती - हाय देवा कैसे बोल रहा है. ऐसे गंदे शब्द

देवा – ममी अब छूट को छूट न कहु तो क्या कहु छोटी भर्ती कहु?

भर्ती – नहीं जो कहा वही ठीक है.

देवा - क्या वही? क्या कहा मैने?

भर्ती - रहने दे.

देवा - खुल कर बोलो जो भी बोलना है कोई इशारो में नहीं वार्ना मए भी सो जाउगा?

भर्ती – देवा सोता वो है जिसका ल ल … लुंड सोया हुआ हो

देवा – खुश हो कर हां ऐसे hi बात करो. जिससे छुड़वाते है उसे कैसी शर्म

भर्ती – है देवा मए तो तेरे सामने पूरी नंगी पड़ी हु शर्म कर के भी क्या कर लगी.

देवा – तो बताओ न छूट क्यों नहीं साफ़ करती हो. ?

भर्ती किस के लिए साफ़ करू देवा जिस पति के लिए सजाते है उसे तो कोई मतलब hi नहीं.

देवा - रुको जरा

देवा वही राखी एक कोल्ड क्रीम लता है और भर्ती की छूट पे लगा देता है.

भर्ती - ये क्या है देवा?

देवा भर्ती की छूट पे अपना हाथ फेर देता है और कहता है ममी अब अपनी छूट को छुओ जरा

भर्ती जैसे hi अपनी ऊँगली छूट पे घूमती है वो चौंक जाती है क्यों की अब वह एक बाल भी नहीं था . उसे बहोत हैरानी होती है वो कुछ कहना hi चाहती थी पर तभी देवा समझ गया और उसने बिना कोई मौका दिया अपने होठ भर्ती की छूट पे लगा दिए और पूरी छूट को hi अपने मुँह में भर लिया और जोर से चूसने लगा भर्ती की तो साँस hi उखाड़ने लगी उसके पूरे बदन में आग लग गयी.

वो भी कमर उठा कर देवा का साथ देना लगी देवा ने भर्ती की गांड के नीचे अपने हाथ लगा दिए और अपनी जबान से भर्ती की छूट के दाने को चूसने लगा. फिर अपनी जबान को कड़ा कर के भर्ती की बुर में घुसेड़ने लगा भर्ती छटपटा के झड़ने लगती है और देवा के बाल नोचने लगती है .

देवा उसे छोड़ देता है और भर्ती के बगल में लेट जाता है 5 मिनट तक अपनी सांस ठीक करने के बाद भर्ती देवा के ऊपर चढ़ जाती है और उसे लिपटने लगती है तो देवा इस बार भर्ती की चूचिया पकड़ कर अपने मुँह में भर लेता है और जोर जोर से दबाते हुए चूसने लगता है और दूसरे हाथ से भर्ती के चूतड़ पे छाते मरने लगता है जिसकी आवाज़ पूरे घर में गूँज रही थी लेकिन अब तब तक कोई नहीं उठ सकता था जब तक देवा न चाहे क्यों की उसने अपनी शक्ति से सब को गहरी नींद में सुला दिया था इसलिए वो भी निश्चिन्त था. भर्ती भी सब कुछ भूल कर चीखने लगती हे अपनी मस्ती में.

यहाँ सुनीता की बुर भी अब तक दो बार पानी छोड़ चुकी थी.

भर्ती - देवा तू मुझे यहाँ अपने बिस्तर पे छोड़ने लाया है या पागल करने सच सच बता

देवा – क्या हुआ ममी ?

भर्ती सबसे पहले तो मुझे ममी मत बोल मुझे नाम से बुला दूसरी बात क अब मुझसे रुका नहीं जा रहा है जल्दी से मुझे अपना बना ले देवा.

देवा – मेरे बिस्तर में मेरे साथ नंगी तो हो और कैसे अपना बना लू मेरी जान

भर्ती तुरंत देवा की धोती खोल देती है . और उसका लुंड देख कर दोनों की सीकरी निकल जाती है और आँखे फटी रह जाती है दोनों मतलब भर्ती और सुबिता जो उन्हें दरवाजे से देख रही थी.

भर्ती - ये क्या है देवा ऐसा किसी इंसाने का हो सकता है क्या ? इतना बड़ा और मोटा अरे ऐसा तो गधे का भी नहीं होता मेरी तो आज छूट फैट hi जाएगी.

देवा – है भर्ती आज तो दोनों की फटेगी.

भर्ती - दोनों की मतलब?

देवा झटके से उठता है और फुर्ती से दरवाज के बहार हाथ निकल कर सुनीता को खींच लेता है, जिसे देख कर भर्ती मुस्कराने लगती है क्यों की सुनीता भी इस वक़्त पूरी नागि थी उसने भी इनको देख कर अपनी निघ्त्य उतर दी थी.

दो दो हसीं नंगी औरतो को देख कर देवा का लुंड कुछ ज्यादा hi उछाल रहा था . इससे पहले की दोनों में से कोई कुछ कहता देवा वही सुनीता का चुका दबा कर उसके होठो को चूसने लगा और एक ऊँगली उसकी छूट में दाल दी सुनीता तो उछाल hi पड़ी इतनी मोती ऊँगली छूट में डलवा के.

तभी देवा को अपने लुंड पे कुछ गीला सा महसूस हुआ तो उसने सुनीता को छोड़ कर नीचे देखा तो भर्ती उसका लुंड चूस रही थी.

सुनीता - ये क्या छोटी अकेले अकेले hi चालू हो गयी मुझे भी बुला लेती न?

भर्ती दीदी सब कुछ इतना अचानक हुआ के

सुनीता – जानती हु मए सब शुरू से देख रही थी मेरी लाडो लेकिन मए बीच में इसलिए नहीं आ रही थी क्यों की मए तुझे डिस्टुरेब नहीं करना चाहती थी मए चाहती थी की तू अपनी ख़ुशी पूरी तरह हासिल कर अकेले में लेकिन इस बेशरम देवा ने मुझे भी खींच लिया अंदर

भर्ती - सही किया देवा ने. आप को भी तो जरुरत है न .

फिर दोनों ने देवा का लुंड पकड़ लिया और अपनी अपनी जबान निकल कर देवा के लुंड को चूसने लगी और देवा अपनी कमर पे हाथ रख कर दोनों को देखने लगा उसका 10” का लुंड वो दोनों चूस रही थी चाट रही थी कोई उसका लुंड चूसे तो दूसरे उसके गोते चूसने में लगी थी तभी

सुनीता- देवा अब रुका नहीं जाता जल्दी से दाल दो ये मुसल

देवा – पहल कौन लेगा?

सुनीता – पहले भर्ती hi लेगी उसे hi मिलना चाहिए पहले लेकिन हम लोग कंडोम तो लाये hi नहीं

देवा – कंडोम क्या करोगी सुनीता डार्लिंग आप दोनों hi आज अपने अंदर मेरे बच्चो को लोगी.

दोनों उसकी बात सुन कर शर्मा जाती है

सुनीता – वही तो देवा ऐसा खतरनाक लुंड और इतना मोटा तजा. आज हमे गर्भ ठहर जायेगा शायद एक hi रात में. और मुझे इससे कोई परेशानी नहीं बस मुझे एक बीटा दे दो देवा

भर्ती - है मुझे भी कोई एतराज नहीं अगर तुम मुझे एक बेटी दे दो तो.

देवा हाथ उठा के तथास्तु बालिकाओ तुम्हरी मनोकामना आज HI पूरी होगी.

सुनीता और भर्ती देवा की ऐसी बाते सुन के हसने लगी.

सुनीता – चल बदमाश बोल तो ऐसा रहा है जैसे की कोई बहोत पंहुचा हुआ साधु हो.

देवा – पहुंचे हुए साधु का तो पता नहीं चलो आ जाओ भर्ती डार्लिंग बिस्तर पे .

फिर देवा भर्ती को गॉड में उठा के बिस्तर पे लिटाता है और उसके दोनों पैर खोल कर उसकी छूट को थोड़ी देर छत्ता हे और फिर घुटनो के बल बैठ कर अपना सूपड़ा भर्ती की छूट के मुँह पे रख देता है. और उसकी कमर पकड़ कर एक दमदार धक्का मरता है तो भर्ती चीख पड़ती है AAAAAAAAAAAAAAAAAAAAHHHHHHHHHHHHHHHhhhhhhhhhhhhhhhh देवा फाड़ दी मेरी छूट uaaaaahhhhhhhhhhhaaaaammmmmmmaaaaamami मर गयी माईईई तो देवा निकल ले अपना लुंड मए मर जोगी . देवा उसकी चूचिया पकड़ के सुनीता को इशारा करता है तो सुनीता झट से झुक कर उसे मुँह में ले लेती है और दूसरी चुकी देवा चूसने लगता है थोड़ी hi देर में भर्ती को साँस आती है तो वो कमर उठाने लगती है देवा भी अपना लुंड बहार खिंच लेता है सुपडे तक और जितना पहले अंदर डाला था उतना hi फिर से अंदर दाल कर छोड़ने लगता है थोड़ी देर तक ऐसे hi चुदाई के बाद भर्ती अपनी मस्ती में आ गयी थी और तेजी से कमर उछाल रही थी.

सुनीता - क्यों बन्नो रानी मजा आ रहा है न देवा का लुंड ले कर

भर्ती दीदी पूछ मत अंदर पूरी छूट जल रही है आउउउउआअआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह देवा आराम से कर इतनी जल्दी मत झड़ना धीरे धीर छोड़ नहीं तो तू झाड़ जायेगा जल्दी hi.

देवा – भर्ती डार्लिंग मेरे झड़ने की फ़िक्र छोडो अपनी चिंता करो तुम दोनों जब तक हाथ नहीं जोड़ डौगी मेरी धार नहीं निकलेगी

देवा भर्ती को बातो में लगा कर अपना पूरा लुंड बहार निकल कर एक भरपूर धक्का मारता है जिससे उसका 10” का पूरा लुंड भर्ती की नाजुक छूट में चला जाता है भर्ती फिर गाला फाड़ के चिल्लाती है. aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh देवा क्या कर दिया aaaaaaaaaaaaaaaaaaamaaaaammmaaaaaaaa मर गयी रे थोड़ा आराम से नहीं दद्दाआल सकता था क्या ाआज तो मए मर hi जोगी दीदी बचाओ मुझे इस सैंड से इसका लुंड तो मेरे पेट को फाड़ डालेगा ऐसा लग रहा है ुह्ह्हह्ह्ह्ह अहह यह यह यह यह यह uuuuuuuuussssssssseeeeeeeeeeeaaaaaaaaahhhhhhhh देवा रुक जा न मार डालेगा क्या आआआह्ह्ह्ह यह यह यह यह यह यह यह रररुक जा अहा हहहह अहह यह यह यह यह देवा बिना रुके अब तेजी से छोड़ रहा था भर्ती को और भर्ती भी अब जोश में आ गयी थी उसकी छूट ने देवा के लुंड को रास्ता दे देइया था पूरा तभी देवा ने भर्ती को खिंच कर अपनी गॉड में उठा लिया उसे अपनी गॉड में उच्छल के छोड़ने लगा और दूसरे हाथ से वो सुनीता की छूट को सहला रहा था जो इनकी चुदाई देख कर पानी बहाये जा रही थी और अपनी बारी का इंतजार कर रही थी.

भर्ती देवा – अब मुझे छोड़ दे आधे घंटे से छोड़ रहा है अब दीदी की ले लो .

देवा – नहीं मेरी जान दोनों को फ्रेश माल hi मिलेगा तुम्हरी पूरी चुदाई के बाद मेरी सुनीता डार्लिंग का नंबर लगेगा.

भर्ती उह ओह ओह ओह ओह ओह ओह ओह देवाआआआ छोड़ मुझे और तेजी से छोड़ बहोत मजा आ रहा है ऐसा मजा तेरे मां ने कभी नहीं दिया मुझे. मए तो आज निहाल हो गयी मेरे राजा काश तू मेरा पति होता.

देवा - ओह्ह भर्ती डार्लिंग पति का फ़र्ज़ तो पूरा कर hi दिया न तुम्हे छोड़ कर और अब तेरी कोख में मेरी बेटी भी देने वाला हु.

भर्ती- तो दे दो न देवा कितना तरसाओगे.

देवा ने भर्ती को लिटाया बिस्तर के किनारे और खुद जमीन पे खड़ा हो कर उसकी एक तंग उठा के अपना लोढ़ा फिर उसकी बुर में एक hi झटके में पेल दिया और घचघच् पेलने लगा पूरा कर्मा फच फच की आवाजों से गूंज रहा था तभी सुनीता सिसकार के झड़ने लगी देवा उसे देख के मुस्करा रहा था. फिर उसे पकड़ कर उस के होठो को चूसने लगा. और भर्ती की बुर छोड़ता रहा.

देवा – सुनीता डार्लिंग अपना पानी बर्बाद मत करो इस लुंड को ले कर अभी तुम्हे बहोत पानी निकलना है.

देवा लगातार 50 मिनट तक भर्ती को रगड़ के छोड़ा और फिर उस के ऊपर आ कर धक्के मरने लगा भर्ती की दोनों टंगे देवा के कंधे पे थी. और देवा ने तेज तेज पिचकरिया भर्ती की बुर में छोड़ी देवा का इतना सारा गरम पानी अपनी बच्चेदानी में गिरता हुआ महसूस कर के वो भी अपनी गांड उठा के अपनी बुर देवा के लुंड से पूरी चिपका देती है और झाड़ जाती है थोड़ी देर बाद देवा भर्ती की टंगे आराम से नीचे कर के छोड़ देता हे और उस के ऊपर से उठता है. और अपनी बहे फैला के झटका मरता है जिससे कद कद की आवाजे निकलती है. देवा नीचे झुक कर भर्ती के पेट पे हाथ फेरता है और चुम लेता है

देवा – वेलकम मेरी बच्ची.

सुनीता और भर्ती देवा को देख कर मुस्करा रही थी उन के हिसाब से देवा ये सब यु hi नाटक कर रहा था उन्हें नहीं पता था देवा की शक्तियों के बारे में.
 
अपडेट - 13

फिर देवा सुनीता को देखता है तो उसके चेहरे पे हलकी सी मुस्कान थी

देवा – तुम्हे क्या हुआ मेरी जान तुम क्यों मायूस हो.

सुनीता - कुछ नहीं देवा लेकिन मए आज बहोत खुश हु इ. चलो अब तुम आराम करो हम लोग भी जा कर सो जाते है.

जैसे hi सुनीता उठती है देवा उसका हाथ पकड़ के अपने पास खींच लेता है.

देवा – डार्लिंग कहा चली तुम्हरी छोटी बहन ने तो मुझसे बेटी ले ली तुम बीटा नहीं ले जाओगी अपनी कोख में. तुमने मेरी छोटी बहन भर्ती को जिंदगी की बहोत बड़ी ख़ुशी दी है

सुनीता – इतना भयंकर छोड़ा है तूने भर्ती को और अब तो तुम झाड़ भी गए अब कल देखेंगे क्यों की अब इस के खड़े होने का इंतजार नहीं कर सकते है. अब सो जाओ कल सुबह जल्दी उठकर देखेंगे.

देवा अपने लुंड पे हाथ फेरता है. और सुनीता को दिखता है . क्या तुम इसे और खड़ा देखना चाहती हो? अब इससे ज्यादा ये खड़ा नहीं हो सकता और हो गया तो तुम सोच लो 10” से बड़ा भी डलवा लोगी? अगर है तो मए इसे और बड़ा कर देता हु.

सुनीत चौंक कर देवा का लुंड देखती है जो पूरे आकर में खड़ा चमक रहा था. और सुनीता की बुर की तरफ hi देख के उछाल रहा था.

सुनीत और भर्ती तो देख कर अपने मुँह पे हाथ रख लेती है

भर्ती - देवा ये क्या है अभी करीब एक घंटा चुदाई के बाद इतनी जल्दी तुम्हरा लुंड फिर से खड़ा कैसे हो गया वो भी सिर्फ 10 मिनट के अंदर.

देवा - ये देवा का लुंड मेरे गांडू मामाओं का नहीं. इस पर हैरानी कैसी. न सिर्फ ये खड़ा है बल्कि तुम्हे बीटा दे सके इतना माल भी इसके अंदर आ चुक्का है आज मेरी जान तुझे बीटा दे दू.

सुनीता – लेकिन देवा जिस तरह तेरा लुंड खड़ा नाच रहा है ऐसा खड़ा होने में हमारे पतियों को तो एक महीना लग जाता है वो भी तब जब वो एक महीने तक बिना चुदाई किये रहे.

देवा सुनीता को खींच कर अपने ऊपर गिरता है और उसके होठ चूमें लगता है सुनीता भी गंगना जाती है और देवा के सर पे हाथ फेरने लगती है उसके बालो में उंगलिया फेरने लगती है उसकी छूट जो थोड़ी देर पहले सूखने लगी थी फिर से गीली हो जाती है उनका किश वाइल्ड होता जा रहा था देवा सुनीता की चूचिया दबा दबा के चूस रहा था और उसकी मस्त मोती गांड भी सहला रहा था.

देवा – ममी मैने आज तक किसी की गांड नहीं मारी लेकिन तेरी गांड जरूर मरुँगा.

सुनीता - ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह देवा सब कुछ तेरा hi है. जब चाहो मेरी गांड भी मार लेना. पर अभी मेरी छूट को शांत कर दो. कितनी देर से ये आंसू बहा रही है. तेरे लुंड को देख देख कर. अब इसे दाल दो मेरी छूट में.

देवा उसे पलट देता है और उस के ऊपर आ कर सीधा सुनीता की छूट को सहलाता है उसकी छूट भी क्लीन शेव हो जाती है.

तो देवा उसे चत्नने लगता है और घूम जाता है 69 पोज़ में जिससे देवा का लुंड सुनीता के मुँह के पास आ जाता है. सुनीता भी देवा का लुंड पकड़ कर जोर जोर से चूसने लगती है. थोड़ी देर के बाद देवा सीधा आ कर सुनीत के पैरो के बीच में बैठता है और अपने हाथ में थोड़ा सा थूक लेकर अपने सुपडे पे लगता है और भिड़ा देता है सुनीता की बुर पे

और जमा के एक धक्का मरता है और जहा तक श्याम लाल का लुंड गया था वह तक देवा का लुंड पहले hi झटके में पहुंच जाता है

फिर भी देवा का लगभग आधा लुंड छूट से बहार hi था और सुनीता की भी चीख निकल जाती है. aaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh devaaaaaaaaaaaa

क्या कर दिया एक hi बार में पूरा घुसा दिया aaaaaaaaaaaauuuuuuuuuuuuuuuuuuhhhhhhh

देवा अब हिलना भी मत वार्ना मार खायेगा मेरी aaaaaauuuuuuuiiiiiiiiiiii माआआआ

देवा सुनीता की छूट के डेन को सहलाने लगता है. वही लुंड को रोक कर

भर्ती हंस रही थी सुनीता की बातो पर और – क्या हुआ दीदी जब मेरी फटी थी तब तो तुम्हे बड़ा मजा रहा था. अब क्यों रो रही हो और ख़बरदार जो मेरे देवा को मारा तो. वैसे अभी तो देवा का आधा लुंड घुसा है. पूरा नहीं.

सुनीता दर्द में भी हंस देती है. – कामिनी यहाँ मेरी जान जा रही है दर्द के मरे और तुम्हे आशिक़ी और मजाक सूझ रहा है देवा अपना लुंड निकल मेरी छूट से और इसकी गांड में थुश दे तब इस याद आएगा दर्द किसी कहते है देवा अब धीरे धीरे अपने लुंड को हिलने लगता है इस पर भी सुनीता सिसक रही थी

सुनीता – ओह्ह्ह्हह देवा मत कर दर्द हो रहा

पर देवा उसकी नहीं सुनता और उसे धीरे धीरे छोड़ने लगता है साथ hi उसकी छूट के दाने को भी मसल रहा था अब सुनीता को आराम आता है तो वो भी देवा का साथ देने लगती है.

देवा अब अपनी स्पीड बड़ा देता है और अपने आधे लुंड से hi सुनीता को छोड़ने लगता है देवा के दबाने से सुनीता की चूचिया भी लाल हो गयी थी देवा थोड़ा ऊपर हो कर सुनीता के गले पे अपने दन्त गदा देता है और छोड़ने लगता है

इस तरह की हॉट चुदाई से सुनीता जो बहोत देर से लुंड के लिए तड़प रही थी झड़ने लगती है वो देवा से चिपका कर झड़ती hae.ahhhh देव मए तो gayiiiiiiiiiiiiiiiiiiii ohhhhhhhhhhhh...........

Oooooooooooooooohhhhhhhhhhhh devvvvvvaaaaaaaaaaaaaa मए तो गयी maaaaaaaaaaa ahhhhhhhhhhhhhh ..................

देवा छोड़ मुझे जोर जोर से . देवा को यही सही समय लगता है वो भी पूरी ताक़त से धक्के मार के अपना बाकि लुंड भी घुसा देता है

ओर्गास्म के नशे में चूर सुनीता को पता तब चलता है जब देवा का सूपड़ा सुनीता की बच्च्ड़ी पे जा कर ठोकर मरता है

सुनीता का मुँह खुला रह जाता वो बस चीखने की मशीन बन गई थी और देवा बिना रुके छोड़ रहा था

तभी देवा उसे उठा के खड़ा करता है और उसकी एक टांग पकड़ के पलंग पे रखता है और नीचे झुक कर पीछे से सुनीता की बुर में लुंड दाल देता है और उसकी चूचिया पकड़ कर दबाते हुए चुदाई चालू कर देता है.

ये देख कर भर्ती की छूट फिर पानी बहाने लगती है तो भर्ती भी आकर देवा की पीठ पर अपनी चूचिया रगड़ने लगती. और हाट आगे कर के देवा की एंड सहलाने लगती है.

देवा का जोश इससे बाद जाता है और वो सुनीता की निप्पल को खींचते हुए उसे ताबड़तोड़ धक्के मरने लगता है. जिससे सुनीता उस पोज़ में भी भरभरा के झड़ने लगती है लेकिन देवा उसके झड़ते hi तुरंत उसे डोगग्य पोज़ में कर देता है

बिना अपना लुंड सुनीता की बुर से निकले, और उसे झुका कर फिर से पीने लगता है इधर भर्ती भी अपनी छूट देवा की जांघ पे रगड़ रही थी पीछे से जिसमे उसे बहोत मजा आ रहा था. वो देवा का चेहरा पीछे घुमा कर उसके होंठ चूसने लगती है .

थोड़ी देर के बाद देवा सुनीता के ऊपर से हत्ता है और

सुनीता को अपनी गॉड में उठा लेता है सुनीता अपने दोनों हाथ देवा की गार्डन में फसा के उसे लिपट जाती है और अपनी टंगे देवा की कमर में लपेट लेती है तो भर्ती देवा का लुंड पकड़ कर सुनीता की बुर के छेड़ पे लगा देती है और देवा सुनीता के होठो को चूसते हुए एक धक्के में hi पूरा लुंड फिर से जड़ तक घुसा देता है और खड़े खड़े hi सुनीता को छोड़ने लगता है.

सुनीता तो तो बस अपनी गार्डन को hi इधर उधर फेंक रही थी और नीचे से छूट में पड़ने वाले धक्को का मजा ले रही थी

सुनीता - ohhhhhhhhhhhhhhhh देवा मेरी जान छोड़ और छोड़ आज तूने जिंदगी भर की ख़ुशी दे दी हमें.............

छोड़ता जा देवा रुकना मत बस छोड़ता जा और जोर से छोड़ मेरे देवा. तेरी बीवी तो बहोत खुशकिस्मत है देवा जो उसे ऐसा पति मिलने वाला है जो उसे साडी रत पेलता रहेगाहहहह........

काश हमारी भी किस्मत ऐसी hi होती. Aaaaaaahhhhhhhuuuuuuuuuuuuhhhhhhhhhhhhhh छोड़ मेरे राजा छोड़ मुझे.

करीब 15 मिनट इसी पोज़ में छोड़ने के बाद देवा सुनीता को नीचे पलंग पे लिटा देता है और फिर से उसके ऊपर लेट कर अपना लुंड दाल कर सुनीत की छूट दिल्ली करने लगता है.

सुनीता ने गिनना भी छोड़ दिया था की वो इस चुदाई में कितनी बार झड़ी और पूरी रत में कितनी बार झड़ी. उसकी हालत ख़राब हो चुकी थी लेकिन मन नहीं भरा था देवा से छोड़ने में.

फिर देवा के धक्के तूफानी हो जाते है और तेज धक्के मरते हुए उसकी बुर में झाड़ जाता सुनीता भी देवा के साथ चीखते हुए जहद जाती है और देवा का पानी सुनीता की बच्चेदानी में स्टोर होने लगता है. सुनीता का गाला सूख रहा था.

थोड़ी देर सांस लेने के बाद वो देखती है तो देवा सामने खड़ा मुस्करा रहा था और अपनी बॉडी स्ट्रेच कर रहा था.

फिर देवा सुनीता के पास आकर उसके पेट को चूमता है.

देवा – वेलकम माय सोन.

सुनीता देवा के सर के बालो को सहलाते हुए - तूने हम दोनों को छोड़ने के बाद हमारे पेट पे चुम कर इतने कॉन्फिडेंस से कैसे बच्चो का वेलकम किया.

देवा – क्यों की मुझे अपने वीर्य पर और आप दोनों की बच्चेदानी पे यकीन है.

फिर थोड़ी देर क बाद दोनों निकल जाती है और बहार पड़े हुए अपने कपडे पहन कर अपने रूम में जा कर सो जाती है.

दोनों की hi छूट का बाजा बजा हुआ था वो दोनों hi लंगड़ा के चलती हुई अपने अपने कमरे में जाकर बिस्तर पे गिर जाती है और सो जाती है.

इधर देवा भी नींद के आगोश में चला जाता है.

कोई 3 बजे देवा की नींद खुलती है. तो वो अपनी आँखे बंद कर के पूरे गाँव को देखता है और उसे एक जगह पसंद आती है. देवा वही पहुंच जाता है जो की उस गाँव का खंडहर था. जहा लोग दिन में भी जाने से डरते थे. देवा वही उस खँडहर के आखरी कोने में जाकर बैठ जाता है. और अपनी साधना में लग जाता है. 2 घंटे की साधना के बाद देवा आँखे खोलता है तो सामने शलाका कड़ी मुस्करा रही थी.

शलाका - कैसे हो देवा?

देवा – बहोत बढ़िया. मुझे अपने अंदर बहोत ताक़त महसूस हो रही है.

शलाका - ये सब तुम्हरी नयी शक्तिया है जिन्हे तुमने अपनी म्हणत से जगाया है और अब वो तुम्हरे शरीर में अपनी जगह बना चुकी है. अब चलो हम अपनी प्रैक्टिस करते है.

वो हाथ आगे करती है. तो उस के हाथ में दो तलवारे आ जाती है. एक तलवार देवा को देते हुए.

शलाका - देवा बिना सोचे मुझे सिर्फ अपना दुश्मन समझो और मुझे मार डालने वाले हमले करो बिना dare.mae उनसे कैसे बचती हु उस पर ध्यान देना .

देवा है में गार्डन हिलता है और तेजी से शलाका पर वॉर करने लगता है शलाका बहोत खूबी से हर वॉर बचा रही थी . थोड़ी hi देर में देवा को सब समझ आ जाता है. अब वो दोनों प्रैक्टिस खुल के कर रहे थे. शलाका भी देवा पे जानलेवा हमले कर रही थी जिन्हे देवा आसानी से बचा रहा था. कोई आधे घंटे के बाद .

शलाका – देवा अपनी शील्ड पावर का इस्तेमाल करो

देवा- शील्ड बना देता है अब शलाका दूर जाती है और आँखे बंद कर के देवा की तरफ हाथ करती है तो देवा पर एक नीली आग का गोला आकर गिरता है लेकिन शील्ड की वजह से वो देवा का कुछ नहीं बिगड़ पता. ये दिव्या शक्तिया थी जिनका प्रयोग शलाका कर रही थी. फिर वो खुद को शील्ड से कवर कर लेती है देवा को अपनी शक्ति इस्तेमाल करने को कहती है देवा भी अपनी शक्ति इस्तेमाल करता है तो शलाका की शील्ड चटक जाती है.

शलाका – देवा तुम्हें अपनी ज्यादा पावर उसे कर ली वार्ना मेरी शील्ड आज तक कोई तोड़ नहीं पाया.

देवा – लेकिन मैने तो थोड़ी सी hi ताक़त उसे की थी.

शलाका - सोचो अगर तुम पूरी ताक़त से हमला करते तो क्या होता? मए रख का ढेर बन जाती, इस शील्ड के बावजूद. अब समझ आया इन शक्तियों का असर.

देवा है में गार्डन हिलता है और वो 6 बजे तक घर आ जाते है.

जहा अब तक कोई उठा नहीं था सिर्फ छोटे मां कल उठा था. देवा - अरे मां उठ गए आप बाकि सब कहा है.

कल – अरे देवा सब तो अभी तक सो रहे है. अब तक भर्ती और भाभी तो उठ hi जाती है पता नहीं आज क्यों नहीं उठी दोनों अब तक सो रही है.

देवा मुस्कराते हुए– कोई बात नहीं मां बहोत मेहनत हो गयी उनकी भी आराम करने दो.

कल – कैसी म्हणत ?

देवा – अरे हम लोगो के आने से इनका कुछ तो काम बाद hi गया न

कल – अरे ऐसे भी कोई बात नहीं रात का खाना hi तो बनाया है .

देवा – मए नाहा लेता हु मां फिर तब तक शायद ममी भी उठ जाएगी

कल – है तुम नाहा लो मए उन्हें उठा के आ ता हु.

देवा चला जाता है नहाने और कल अपने रूम में जहा भर्ती रात की हुई चुदाई की वजह से मस्त नींद ले रही थी और सपने में भी देवा के लुंड से hi चुद रही थी और रियल में अपनी छूट गीली कर बैठी थी. तभी कल वह आ कर भर्ती को हिलता है. भर्ती नींद में उसे देवा समझ कर चिपक जाती है और चूमने लगती है.

कल हड़बड़ा कर – भर्ती उठो ये क्या कर रही हो सुबह सुबह कोई शर्म है के नहीं उठो जल्दी

भर्ती की नींद खुल जाती है वो देखती है के उसने कल को पकड़ रखा है अपनी बहो में तो वो तुरंत छोड़ देती है

भर्ती – क्या हुआ जी?

कल – अरे उठो भी देखो 7 बजने वाले है. तुम अब तक सो रही हो. उठो देवा को भी चाय नाश्ता बना के दो.

भर्ती - वो तो अब तक सो रहे होंगे न

कल – ऐसी कोई बात नहीं वो तो उठ कर मरंग वाक भी कर के आ गया अभी नहाने गया है.

भर्ती मन में – कैसा इंसाने है रात को दीदी और मेरी कमर तोड़ चुदाई करने के बाद इतनी जल्दी उठ भी गया. मेरा तो अंग अंग टूट रहा है काश और 2-3 घंटे की नींद मिल जाती.

कल – क्या सोचने लगी अब उठोगी या फिर सोना है?

भर्ती - है बाबा उठती हु तुम तो पीछे hi पद जाते हो.

कल – और है भाभी को भी उठा दो वो भी अब तक नहीं उठी है . पता नहीं आज तुम दोनों को क्या हुआ है.

भर्ती मन में - आज नहीं हुआ रात को हुआ वो भी दोनों की मस्त चुदाई . मजा hi आ गया. फिर भर्ती बाथरूम जाने लगती है उसकी चल में हलकी से लचक थी वो लगदा के चल रही थी.

कल – क्या हुआ लगदा के क्यों चल रही हो?

भर्ती हड़बड़ा जाती है. रात की चुदाई का दर्द अब तक उसे था – वो कुछ नहीं कल रत दीदी और मए बहार टहल रही थी तो दोनों का पेअर स्लिप हो गया और चोट लग गयी थी इसलिए लगदा रही हु. भर्ती मन में – सेल इतना बड़ा लुंड ले के घंटा भर छुडवाउगि तो लगदा के तो चलुगी hi न तेरे जैसी लुल्ली होती देवा की तो मेरी चल न बिगड़ती पर उसका तो लोढ़ा था. है क्या लुंड था देवा का. यही सब सोचते हुए वो बाथरूम में चली जाती है जहा वो फ्रेश हो कर आ जाती है और किचन में पहुँचती है तभी उसे सुनीता भी आती हुई दिखती है जो अभी नीचे hi आ रही थी हलके हलके लगदा के चल रही थी वो भी दोनों एक दूजे को देख के मुस्कराती है और भर्ती दौड़ कर सुनीता के गले से लग जाती है.

तभी वह देवा आता है – क्या बात है सुबह सुबह ये चिपक क्यों रही हो आप दोनों एक दूसरे से.

सुनीता यहाँ वह देखते हुए – तू कहे तो तुझसे चिपक जाये?

देवा – मुझे कोई एतराज नहीं

भर्ती – रहने दो तुझसे चिपके तो तू फिर दो घंटे छोड़ेगा नहीं

तीनो हंस पड़ते है और देवा बहार आकर बैठ जाता है डाइनिंग टेबल पर और पेपर पड़ने लगता hae.wahi कल भी बैठा था तभी वह श्याम लाल आ जाता है.

सल - अरे देवा तू कब आया?

देवा खड़े हो कर उनके पैर छूटा है. बस मां कल रात hi आये थे वो पायल और दिया भाभी को भी साथ लाया था सिटी में तो आप सब से मिलने आ गए

सल – बहोत अच्छा किया आ बैठ. मए अभी आता हु फ्रेश हो कर.

फिर सब मिल कर नाश्ता करते है. इतनी देर में तीनो लेडीज भी आ गयी थी तैयार हो कर और सब नाश्ता कर रही थी. के तभी देवा का मोबाइल बजता है.

देवा – बहार जाता है. और बात करता है

अंजलि- गुड़ मरंग देवा

देवा – गुड़ मरंग अंजलि बोलो सुबह सुबह कैसे याद आ गयी मेरी

अंजलि यद् तो रात भर आयी दिल तो कर रहा था तुरंत आप के पास आ जाऊ और आपकी बहो में समां जाऊ पर ये मुमकिन नहीं था.

वैसे मैने इसलिए कॉल किया के आपकी गाड़ी रेडी है. और थोड़ी देर में आप के दिए हुए एड्रेस पे पहुंच रही है.

देवा – थैंक यू अंजलि. और है उस कल वाले सेल्समेन को नौकरी से मत निकलवा देना होती है गलतिया सब से.

अंजलि – देवा कैसी बात कर रहे हो उसने आपकी इंसल्ट की थी कल भूल गए क्या ?

देवा – होता है अंजलि हम सब से कभी न कभी गलती होती है. छोडो भी उसे माफ़ कर दो.

अंजलि - आप बहोत अच्छे है देवा. पर ये मेरे बस में नहीं ये तो बॉस hi डीडे करेंगे. फिर भी मए उन्हें आपकी कही बात बोल दूगी. ी थिंक वो भी उसे वार्निंग दे कर छोड़ दे.

देवा – गुड़ चलो बाद में बात करते है bye

अंजलि – bye देवा.

थोड़ी hi देर में एक चमचमाती ब्लैक रेंज रोवर आ कर गेट पे रूकती है. और एक आदमी अंदर आता है.

आदमी - मर. देवा?

देवा – जी है मए hi हु

आदमी – सर आपकी गाडी आ गयी है चल कर चेक कर ले और ये रहे पूरे पेपर्स.

देवा सबको बहार आने के लिए कहता है. सब लोग बहार आते है और इतनी शानदार गाडी देख कर सब की आँखे फटी रह जाती है.

पायल तो ख़ुशी से झूम उठी और देवा के गले लगा गयी दिया और पूनम भी बेहद खुश थी. मां और ममिया के चेहरे भी खिले हुए थे.

फिर वो आदमी निकल जाता है और देवा सब का रिएक्शन देख कर

कैसी लगी गाडी

सब गाड़ी की बहोत तारीफ करते है. फिर देवा दोनों मम और मामियो को एक राइड पे ले जाता है.

कल – देवा बहोत महँगी कार है. लेकिन शानदार है.

सल – सच में देवा बहोत बढ़िया गाडी ली है तूने.

भर्ती - देवा अगले साल हमें भी यही गाडी ले के देना . सुनो जी अगली फसल आने पर आप देवा क साथ जाका शहर से ऐसी hi गाडी ले के आना.

कल - है ठीक है जरूर

फिर सब लोग घर आ जाते है. और देवा और बाकि सब भी तैयार हो कर विदा लेते है.

देवा – मां हमारा ट्रेक्टर किसी के हाथो भिजवा देना अब हमें इजाजत दीजिये.

सल – तू फ़िक्र मत कर ट्रेक्टर भी तेरे पीछे पीछे hi रवां करवा दुगा.

फिर सब लोग नयी गाड़ी में बैठ कर घर की तरफ निकल पड़ते है.

देवा का घर

सुबह के 11 बजे रहे थे कल से किसी के घर पे न होने की वजह से दन ने तो सावित्री को घर के हर एक कोने में छोड़ा था. बल्कि सुबह उठकर भी उसे एक बार छोड़ चूका था एकांत में उसका लुंड कुछ ज्यादा hi खड़ा हो रहा था. इत्तेफ़ाक़ से रघु भी घर नहीं आया था कल से तो दोनों ने खूब मौज की थी सावित्री भी इतनी चुदाई से खिली हुई थी. दन तो उसे घर में साड़ी पहनने hi नहीं दे रहा था और आते जाट कभी सावित्री का पेटीकोट उठा देता तो कभी अपनी गॉड में खींच के चूमने लगता, कभी उसके चुके दबाता तो कभी गांड.

इस वक़्त भी वो दोनों लिप किश में बिजी थे सावित्री दन की गॉड में बैठी थी पेटीकोट कमर तक उठा के और दन उसकी चूचिया दबाते हुए उस के होठो का रास पी रहा था. और एक ऊँगली सावित्री की बुर में दाल की आगे पीछे कर रहा था.

तभी बहार गेट पर गाडी के हॉर्न की आवाज़ सुन कर सावित्री तो अंदर अपने कमरे में भाग गयी. और दन अपना लुंड सेट करता हुआ दरवाजा खोलने चला गया.
 
अपडेट - 14

बहार निकलते hi जब उसकी नजर नयी गाडी पे गयी और उसमे से उतारते अपने परिवार पे गयी तो उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी ऐसी शानदार गाडी देख कर.

सब लोग गाडी से उतर कर दन से मिले और अंदर आ गए.

दन - अरे देवा बीटा ये गाडी किस की है ?

देवा – आपकी hi है बाबू जी.

दन - क्या बात है देवा बहोत अच्छी गाडी है. ऐसी तो आसपास के 50 गाँव में नहीं है. बड़े से बड़े जमींदार या ठाकुरो के पास भी नहीं वैसे कितने की है?

देवा – अरे छोड़िये न बाबूजी आज तक आप बस साइकिल या ट्रेक्टर पे hi घूमे है आज से आप भी कार में घूमेंगे.

दन - वो तो ठीक है बीटा लेकिन इतने पैसे कहा से आये.

देवा - बाबू जी मैने कहा था न मुझे शहर में कुछ काम है तो अब आपको बता देता हु. मए जब पिछली बार माँ के साथ शहर गया था तो वह मैने कुछ शेयर्स खरीदे थे मेरे पहचान का वह दोस्त है उसने दिलवाये थे . उस सीओ. के शेयर अभी बहोत अच्छे रेट पे निकल रहे थे. तो मैने निकल दिए और आपको अंदाज़ा भी नहीं होगा मैने कितना मुनाफा कमाया है उसमे से इसलिए पूरे परिवार के लिए बहोत कुछ लाया हु. और ये गाडी भी उन्ही पैसो से ली है.

दन – ाचा कितना मुनाफा हुआ तुझे .

देवा – बाबू जी मैने 6 लाख के शेयर लिए थे और करीब 70 लाख मिले अभी मुझे.( सब झूठ)

दन - क्या इतना ज्यादा ? वाह बीटा. जग जग जियो मेरे लाल तूने जो परिवार के लिए किया है उससे तो मेरा सीना चौड़ा हो गया.

तभी सावित्री भी आ जाती है जिसे पायल ने सब बता दिया था और कपडे गहने भी दिखा दिए थे.

सावित्री – ये सब देवा ने नहीं किया है आप उसे शाबाशी मत दीजिये . सब झूठ बोल रहा है आपसे.

दन - क्या बात करती हो सावित्री?

सावित्री - और नहीं तो क्या ये सब देवा ने नहीं किया. ये तो मेरी होने वाली बहु के शुभ कदमो का कमल है.

सावित्री की बात सुन के जहा सब खुश हो जाते है. वही पूनम जो वही बैठी थी सुन कर शर्मा जाती है.

दन - है ये सही कहा तुमने. बीटा इधर आओ ( दन पूनम को बुलाता है.)

पूनम उठ कर दन के पास आ जाती है तो दन उस के सर पे प्यार से हाथ रख कर. बीटा तेरे कदम वाकई में शुभ है मेरे परिवार और मेरे देवा की जिंदगी को हमेशा खुश रखना.

पूनम बस झुक कर दन के पेअर छू लेती है और दन उसे उठा कर उसका माथा चुम लेता है और आशीर्वाद देता है.

पायल – अरे ये क्या इमोशनल हो जाते हो आप लोग बार बार. बाबू जी देखिये भैया आप के लिए क्या लाये है.

और फिर पायल सब चीज़े माँ बाबूजी के सामने रख कर दिखती है. जिसे देख कर सावित्री का भी सर शान से उठ जाता है. इतने में देवा जाकर पद्मा और देवकी को भी ले आया था . उन्हें भी नयी गाडी दिखाई और फिर सब के साथ बैठ कर वो लोग भी शॉपिंग का सामान देखने लगी पायल सब को उनकी चीज़े दे रही थी.

पद्मा – अरे ये सब हमारे लिए क्यों ले आये आप लोग.

देवा – क्यों काकी हमारा इतना भी हक़ नहीं क्या क हम आप के लिए और देवकी काकी के लिए कुछ तोहफे ला सके?

फिर जब देवा ने माँ को इशारा किया तो सावित्री ने पूनम को सब के सामने गोल्ड का नेकलेस दिया जिसे देख कर देवकी और पद्मा हैरान हो गए.

पद्मा - सावित्री बहन ये क्या इतना महंगा सेट आप पूनम को अभी क्यों दे रही है इसे जो भी देना हो आप लोग शादी में दे दीजियेगा.

सावित्री – अरे मेरी बहु है. मेरी मर्जी. तुम लोगो को क्या परेशानी है. मए ये तुम लोगो को नहीं दे रही हु. मए अपनी बहु को कुछ भी पहनाऊ. तुम लोग कुछ नहीं कहोगी. इसे पहन कर मेरी बहु की खूबसूरती में चार चाँद लग जायेगे. ले पायल अपनी होने वाली भाभी को ये हार पहना दे. और देवा उस के बाद तू भी पहना दे जो लाया है . सब देवा को देख रहे थे के ये क्या लाया है.

पहले पायल पूनम को हार पहना देती है. फिर देवा आगे बढ़ कर पूनम का हाथ थम कर उसे अंगूठी पहना देता है.

पद्मा – अरे देवा बीटा अंगूठी तो सगाई में पहनते है. अभी क्यों पहना रहा है.

देवा – बाद में भी पहना दुगा अभी ये सब को आप सगाई या शादी से मत जोड़िये.

फिर देवा पायल से - हो गया आप का बाजार ख़तम तो मए कुछ आगे कहु.

देवकी - अरे देवा इतना कुछ हो गया अभी और कुछ भी बाकि है क्या?

देवा मुस्कराते हुए. एक बैग उठता है जिसे अब तक किसी ने भी नहीं खोला था. फिर वो एक एक कर के सब को उनके मोबाइल सेट देता है. मोबाइल्स देख कर तो सब ख़ुशी से फूले नहीं समाते खास कर के पायल वो तो दौड़ कर देवा के गले से लग जाती है.

पद्मा – ये तो हद हो गयी देवा भला हमें गाँव में इस की क्या जरुरत है.

देवा – आज के ज़माने में हर चीज़ की जरुरत है. इसलिए सब के लिए लाया हु. सिर्फ आप के लिए नहीं . तो सब लोग अब एक दूसरे से जुड़े रहेंगे. कोई कही भी हो.

देवकी – अरे सब के लिए तो ले आया अपने लिए कुछ नहीं लाया क्या?

देवा के बोलने से पहले दिया – ऐसा कैसे हो सकता है. के देवर जी सबका ख्याल रखे और हम लोग उन्हें भूल जाये. इन के लिए तो सबने अपनी पसंद के कपडे लिए है. मैने, पायल ने और पूनम ने भी. कुछ गाँव के हिसाब से कुछ शहरी कपडे जीन्स शर्ट जैसे. साथ में नए जुटे भी.

देवा – अरे ये सब तो तुम लोगो ने मुझे बताया hi नहीं.

पायल है तो अपने कब बताया की आपने हम सब के लिए मोबाइल लिया है बोलो?

सब हसने लगे और देवा चुप .

फिर देवा, पूनम, दन , सावित्री, पद्मा और देवकी सब लोग गाड़ी में बैठ कर मंदिर जाते है जहा वो पूजा करते है और भगवन का आशीर्वाद लेते है.

फिर सब लोग वापस घर आ जाते है. जहा पे सभी आज एक साथ खाना कहते है. उस के बाद पूनम पद्मा और देवकी अपने घर चले जाते है.

देवा भी दोपहर को थोड़ा आर्म करता है और फिर शाम को उठ कर अपने खेतो का चक्कर लगाने चला जाता है. जब वो अपने खेत में hi खड़ा था के तभी वह ज्योति ठाकुर आ जाती है उसके बाल खुले हुए थे और उसने गुलाबी साड़ी पहन राखी थी साथ में उससे मिलता हुआ मेकउप भी किया था. हाथो में गुलाबी चुडिया थी. अपनी कार से उतर कर इस बार वो खुद देवा के पास आती है.

देवा उसे देख कर सतर्क हो जाता है.

पास आकर ज्योति – कैसे हो देवा?

देवा – क्या बात है ठकुराइन आज आपको हमारा हाल चल पूछने की जरुरत कैसे पद गयी.

ज्योति - देवा मए अपनी गलती के लिए तुमसे माफ़ी मांगने आयी हु. मुझे किसी के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए . और मैने तो तुम्हे जान से मरने की पूरी कोशिश भी की लेकिन अब मुझे मेरी गलतियों का अहसास हो गया है. प्लीज मुझे माफ़ कर दो.

देवा – ज्योति ठाकुर मुझे तुमसे कोई दुश्मनी नहीं है मेरा गुस्सा तो तुम लोगो के झूठे अहंकार से है. जब तक वो अहंकार रहेगा तब तक हमारे बीच ये सब चलता रहेगा.

ज्योति – देवा अगर ाहनकर hi बचा होता तो मए आज यहाँ तुम्हरे पास नहीं आ पति. लेकिन तुमने मेरे गुरुर मेरे अहनकार को अपनी मर्दानगी से तोड़ कर रख दिया . और मए उसके लिए तुम्हरी अहसानमंद हु . क्या तुम मेरे दोस्त बन सकते हो.

देवा- मुस्कराते हुए. ठाकुरो से दोस्ती? सुना है बहोत महँगी पड़ती है. पर सस्ती चीज़ मुझे भी पसंद नहीं. इसलिए आज से हम दोस्त है. पर ये दोस्ती तब तक है जब तक तुम ऐसी hi रहोगी, इस दिन पुराणी ज्योति की झलक भी दिख गयी उस दिन तुम्हे भी पुराना देवा मिलेगा जो अब पहले से ज्यादा खतरनाक होगा.

ज्योति – ऐसा कभी नहीं होगा देवा. तुमने इस ज्योति को बदल दिया

और पुराणी ज्योति ठाकुर मर चुकी है. अब वो कभी नहीं लौटेगी. सो फ्रेंड्स? ( ज्योति ठाकुर हाथ बड़ा देती है)

देवा भी हाथ मिलता है

ज्योति - देवा कल शाम को मए तुम्हारा फार्म हाउस पे इंतजार करुँगी चाय पर. आना जरूर.

और ज्योति मुस्कराती हुई चली जाती है.

देवा धीरे से – है ज्योति ठाकुर आउगा लेकिन अगर ये मेरे खिलाफ फिर तेरी कोई चाल हुई तो तेरी चाल बिगड़ दुगा ऐसी गांड मरुँगा तेरी.

फिर देवा अपने घर आ जाता है. और रत के खाने पे सब बैठे थे तब अपने बाबूजी से.

देवा - बाबूजी वो कल मए बैग का सौदा करने जा रहा हु. पहले तो पैसो की दिक्कत थी अब तो वो दिक्कत भी नहीं.

दन – पर बीटा तू बेकार में ये सब पचड़े में पद रहा है अरे आम और अंगूर के बैग संभालेगा कौन? तू तो खेतो में hi रहेगा न

देवा – जो संभालेंगे ऐसे दो शख्स मेरी नजर में है क्यों की वह कोई काम तो होगा नहीं बस देख रेख करनी है. और दवाइयों के छिड़काव और रख रखाव के लिए वही बन्दे लगे रहेंगे जो अब तक वह काम कर रहे है बस उन्हें अब से मजदूरी हम देंगे बैग खरीदने के बाद.

दन – और वो दो लोग कौन है जो वह का ख्याल रखेंगे.

देवा – आप और पायल

सब लोग चौंक कर क्या पायल?

दन – बीटा मए और पायल कैसे?

देवा – जैसा मैने कहा के वह कुछ करने को होगा नहीं तो आप वह ऑफिस बना कर बैठेंगे और पायल भी वही बैठ कर तब हिसाब देख लिया करेगी जब फलो की बिक्री शुरू होगी. मजदुर पेटिया बना देंगे और पायल को बस उस के पैसे का हिसाब आपको देना होगा. और बाकि किस्से कैसे पैसे लेने है वो तो आप अच्छे से जानते hi है.

दन - चलो मान लिए लेकिन फिर तू खेतो का काम अकेले कैसे देखेगा अभी तो वह का हिसाब मए देख लेता था.

देवा – उसका रास्ता भी है.

दन - और वो क्या है

देवा मुस्कराते हुए – दिया भाभी

दन - मतलब ?

देवा -मेरे साथ खेत का हिसाब किताब दिया भाभी देखेगी. आखिर उनकी पड़े लइकाई कब काम आएगी? मए बाकि सारे काम देखूगा बस पैसे का हिसाब भाभी रखेगी और हम दोनों पूरे पैसे ला कर आपको दे दिया करेंगे.

दन का मुँह खुला रह गया – तू इंसाने नहीं हो सकता. अरे तेरा दिमाग है या चाकरी . हर समस्या का हल तो पहले से निकल के बैठा है. और अगर तेरे पास सब समस्याओ का हल है तो फिर मए भी निश्चिन्त हु. जा कर ले सौदा. हम सब तेरे साथ है.

तभी दिया को उबकाई आती है और वो दौड़ कर बहार जाती है. सावित्री भी उस के पीछे दौड़ कर बहार जाती है.

सावित्री – क्या हुआ बहु तबियत तो ठीक है न तेरी. बहार क्या खा लिया था?

दिया खुद मो संभल कर – कुछ नहीं मए ठीक हु. और शर्माने लगती है.

सावित्री की आंखे हैरत से खुल जाती है वो दिया को देख कर इशारे में पूछती है तो दिया शर्मा के हां में गार्डन हिला देती है.

सावित्री दौड़ कर अंदर आती है. और

सावित्री - ाजी सुनते हो बहोत बड़ी खुशखबरी है. आप दादा बनने वाले है.

ये बात सुनकर सब में ख़ुशी की लहार दौड़ जाती है. पायल भाग कर दिया के गले से लग जाती है.

और देवा भी सब कुछ भूल कर दिया को गॉड में उठा लेता है. अरे वाह भाभी क्या गुड़ न्यूज़ दी है मजा hi गया. यही तो एक कमी थी. वो भी आपने पूरी कर दी.

दिया शर्माने लगती है तो देवा उसे नीचे उतर देता है.

सावित्री – सही कहा देवा आज तूने और भौ ने मिल कर इस घर की हर कमी पूरी कर दी. तूने इतनी खुशिया सुबह से हमारी झोली में डाली है और नए सौदे की बात होते hi बहु ने ये खुशखबरी सुना कर एक शुभ संकेत भी दे दिया. अब मए तुझे कहती हु तू कल hi बैग का सौदा जरूर करना.

फिर सब लोग खाना खा कर मुँह मीठा करते है. अपने अपने कमरे में चले जाते है.

दिन भर की सफर की थकन तो थी hi इसलिए पायल तो जाते hi बिस्तर पे सो गयी. दन और सावित्री भी अपनी घनघोर चुदाई से थके हुए थे इसलिए वो भी आज जल्दी hi सो गए. रघु का कोई अत पता नहीं था. देवा अपने कमरे में जा कर पूनम को कॉल करता है.

देवा – कैसी हो मेरी जान

पूनम - ठीक हु जी आपने खाना खाया?

देवा - है खा लिया था.

पूनम - अभी कहा हो आप

देवा - बिस्तर में हु अकेला?

पूनम - है तो अभी कॉल क्यों किया आप थक गए होंगे तो आराम कीजिये न

देवा – मेरी थकन तो तुमसे बात कर के भी दूर हो hi रही है. तुम्हे नींद आ रही है तो मए फ़ोन रख दू?

पूनम - मैने ऐसा तो नहीं कहा.

देवा – वैसे पूनम तुमने आज क्या क्या लिया मुझे सब कुछ दिखाया नहीं .

पूनम - मैने तो जो भी लिया था सब कुछ दिखाया आपको.

देवा – मुझसे झूठ?

पूनम – सच्ची मैने जो भी मॉल से लिया वो सब आप के सामने hi था.

देवा - तो फिर इसका मतलब मुझसे मॉल वालो ने पैसे ज्यादा ले लिए मैने तब तुमसे पुछा नहीं वार्ना वही उन सब की बंद बजा देता. मुझे लूट लिया उन्होंने?

पूनम - अरे पर उन्होंने किस चीज़ के पैसे ले लिए?

देवा – बिल में ब्रा पेंटी के भी पैसे लगा दिए. अब तुम कह रही हो के तुमने कुछ लिया hi नहीं तो इसका मतलब उन्होंने मुझे लूट लिया न?

पूनम – बेशरम हो आप बहोत बड़े wale.unhone कुछ नहीं लूटा आपको? वो हम लोगो ने लिए थे.

देवा – तो मुझे क्यों नहीं दिखाए तुमने.

पूनम – मए क्यों दिखाऊ वो मेरी पर्सनल चीज़े है.

देवा - अच्छा तुम्हारी पर्सनल चीज़े?

पूनम - फ़िलहाल तो है. है मेरी पर्सनल चीज़े. शादी के बाद मेरा कुछ भी मेरा नहीं रहेगा आप जो चाहो देख सकते हो.

देवा – मुझे उस दिन का इंतजार बेसब्री से है पूनम जब तुम दुल्हन बन के मेरे घर आओगी और फिर वो घर मेरा नहीं हमारा होगा .

पूनम – मुझे भी इंतजार है उस दिन का.

देवा - ी लव यू पूनम

पूनम- ी लव यू देव. अब आप सो जाइये. रात बहोत हो गयी है कल बात करेंगे.

देवा – ok स्वीट हार्ट bye.

पूनम – bye

देवा ने फ़ोन रखा hi था के दिया कमरे में आ जाती है.

दिया - पूनम से बात हो रही थी क्या ?

देवा ने दिया को पकड़ के अपनी छाती पे लताड़ िया

देवा – हां, क्यों जलन हुई?

दिया - ऐसा कभी मत सोचना देवा . तुम्हरी ख़ुशी से मुझे कभी जलन नहीं हो सकती इतना कुछ किया है तूने हम सब के लिए तेरी ख़ुशी से जल के मुझे नरकमें नहीं जाना है. मए स्वारथी नहीं हु. आज तो तूने मुझे वो दिया है जिस के लिए मए कई सालो से तरस रही थी. एक लड़की जब औरत बनती है तो उसे इंतजार रहता है की कब वो माँ बने और अपना जीवन सार्थक kare,tune मुझे अधूरी से पूरा किया है. और फिर तू तो हमेशा मेरे साथ hi रहेगा दुनिया के सामने भले hi हम पति पत्नी न बने पर तेरे दिए हुए बच्चो का और तेरा सहारा तो उम्र भर है न मेरे साथ.

देवा – बच्चो का नहीं बच्चे का.

दिया - जी नहीं मए तो पूरी लाइन लगाने वाली हु बच्चो की. जब तक पूनम इस घर में नहीं आ जाती मए 2-3 बच्चे तो तुमसे से ले hi लगी. और पूनम के आने के बाद भी लगी. मुझे तुमसे धीरे सारे बच्चे चाहिए देवा.

देवा - अच्छा ले लेना. मए पूनम को समझा दुर्गा फिर तुम दोनों को एक साथ एक hi पलंग पे अपने साथ सुला कर दोनों को पेट से गाभिन करुगा.

दिया - हाय दिया बेशरम ऐसा कभी नहीं होगा.

देवा - होगा मेरी जान जरूर होगा. पर फ़िलहाल मुझे बाप बनने की मिठाई खिला दो अपने होठो से और अपने मीठे मीठे दूध से मेरा मुँह मीठा करा दो.

फिर देवा और दिया दोनों के होठ मिलते है और कमरे में एक तूफ़ान आता है. चुदाई का तूफ़ान और वो तूफ़ान तब शांत होता है जब दिया की छूट में देवा के लुंड से बाद आती है.

फिर दिया अपने कमरे जा कर सो जाती है. और देवा भी सो जाता है. कुछ सोच कर. क्यों की कल के लिए उस के दमाग में कुछ प्लान था जो सिर्फ वही जनता था.

फिर देवा सुबह 3 वजे से अपनी साधना में लगता है. दिन पर दिन देवा के शरीर में परिवर्तन आता जा रहा था. उसका शरीर हर गुजरते हुए दिन के साथ और मजबूत होता जा रहा था उसकी मासपेशिया ज्यादा फूलती जा रही थी. देवा अपनी साधना से उठ कर सीधा घर जाता है और बाबू जी के साथ पहलवानी कर के घर आ कर नाहा कर अपने कमरे में जाता है और एक ब्लैक जीन्स साथ में वाइट शर्ट और ब्लैक शूज पहन कर निकलता है फिर नाश्ता कर के निकलने लगता है तो बाबू जी के पास जाकर उन के पैर छूटे है.

देवा – बाबू जी मए जा कर आता हु. आज बैग का काम पूरा कर दुगा.

दन – बीटा उससे पहले तुझे एक और काम करना है जो जरूरी है चाहो तो बैग का सौदा रोक लो लेकिन पहले वो काम जरूरी है.

देवा – आप हुकुम कीजिये बाबू जी क्या करना है मए सब कर दुगा.

दन – बीटा वो ठाकुर के पैसे पहले देने है उस के बाद बैग का सौदा, नहीं तो वो पूरे गाँव में यही कहेगा के मेरे पैसो से hi देवा ये सब कर रहा है.

देवा – आप चिंता मत कीजिये बाबू जी. मए पहले ठाकुर के पास जा कर उसका पैसा दे आता हु. उसके बाद बैग का काम करुगा.

दन – बीटा अगर पैसे की जरुरत हो तो तेरी माँ से ले ले मैने बोल दिया है क्यों की इतने महीवो से मए ठाकुर को देने के लिए पैसे इकट्ठे कर hi रहा था.

देवा – अरे बाबू जी वो पैसे आपने माँ को दिए थे न रखने के लिए तो उन्हें माँ के पास hi रहने दो. भला ऐसा हो सकता है के ठाकुर को देने के लिए मए माँ से पैसे लू. इसकी कोई जरुरत नहीं पड़ेगी. अगर मुझे कुछ जरुरत पड़ी तो भी मए संभल लगा. मुझ पर विश्वास कीजिये.

दन – ठीक है बीटा जैसी तेरी मर्जी. जाओ और जल्दी आना

देवा – जी बाबू जी

फिर देवा अपनी रेंज रोवर निकलता है और उसमे बैठ कर आँखों पर एक गोल्डन फ्रेम वाला ब्लैक गिलास का चश्मा लगा कर चल पड़ता है ठाकुर के घर . उसे देख कर कोई नहीं कह सकता था के ये वही देवा है जो कल तक मैले पुराने धोती कुर्ते में पैदल धुप में जुट्टिया चटकाते हुए घूमता था. वो तो इस समय कोई बहोत ज्यादा राईस. और पड़ा लिखा इंसाने hi लग रहा था. देवा ने चलती गाड़ी में शलाका को पुकारा.

शलाका – ये बॉस.

देवा - सामने ठाकुर को देने के पैसे रख दो और एक मोजर भी फुल लोडेड.

शलाका मुस्करा के डैशबोर्ड की तरफ देख कर आँखे बंद कर के खोलती है तो वह नोटों की गड्डिया आ जाती है और उन के ऊपर एक मोजर भी रखा था.

शलाका – बॉस ठाकुर को ख़तम करने का मूड है क्या?

देवा – इतनी जल्दी नहीं शलाका क्यों की अभी तो उसे बहोत रुलाऊंगा मए. उसने कई सालो तक हमें और पूरे गाँव को परेशां किया है इतनी जल्दी उसे मुक्ति नहीं मिल सकती. मैने भाभी से वादा किया है उस घर की हर एक बुर छोड़नी है मुझे और ठाकुर को ये खुशखबरी सुननी है की उसके घर की हर बुर से मेरा बच्चा पैदा होने वाला है. तब उसे मरुँगा. ठाकुर की हवेली पे मेरा वंश राज करेगा शलाका.

शलाका - वासे देवा आज तुम्हे कौन सी शक्ति मिली साधना में.

देवा – सम्मोहन

शलाका – अरे वाह इससे तो जो तुम्हरी आँखों में देखेगा तुम्हरा हो जायेगा.

देवा – है लेकिन मेरे दुश्मनो को मए मेरा भी नहीं होने दुगा उन्हें तो मए नरक hi भेजुंगा.

तभी ठाकुर की हवेली आ जाती है. गेट के सामने इतनी बड़ी और चचामती गाड़ी देख कर दरबान बिना रोके गेट खोल देता है. और ब्लैक गिलास के अंदर से देवा उन्हें देख कर मुस्करा देता है जिसे वो लोग नहीं देख पते देवा गाड़ी को सीधा ठाकुर की हवेली के अंदर हॉल के मैं गेट के सामने रोकता है.

सामने hi ठाकुर और ठकुराइन बैठे चाय पी रहे थे . गाडी देखते hi. ठाकुर भी चौंक कर खड़ा हो जाता है. के ये कौन आ गया.

देवा मोजर उठा कर सपनी कमर में फसता है. और पैसा लेकर अपनी शर्ट में दाल लेता है और स्टाइल से गाडी का दरवाजा खोल कर बहार निकलता है. ठाकुर और ठकुराइन तो उसे देखते hi रह जाते है. देवा उनके सामने जा कर खड़ा हो जाता है. फिर ठाकुर के सामने वाली कुर्सी पे बैठ जाता है ठाकुर अब तक खड़ा उसे आश्चर्य से देख रहा था बिना पलके झपकाए.

देवा ठाकुर के सामने चुटकी बजाते हुए – कहा खो गए ठाकुर. बैठ जाओ तुम्हरा hi घर है.

ठाकुर होश में आता है और बैठ जाता है – तुम यहाँ और इस तरह . ?

देवा – है ठाकुर तूने कहा था न समय से पैसा मिल जाना चाहिए बस वही देने आया हु.

देवा को बैठने में दिक्कत हो रही थी तो उसने कमर से मोजर निकल कर सामने टेबल पे रख दिया. जिसे देख कर ठाकुर की आँखे सिकुड़ गयी

ठाकुर ने देवा को घर के देखा

देवा – घबराओ मत ठाकुर ये तुम्हरे लिए नहीं मेरे दुश्मनो के लिए है,

अब जाओ और मेरे खेतो के कागजात ले आओ

ठाकुर – मेरे पैसे?

देवा शर्ट की जेब से नए नोटों की गड्डिया निकल के टेबल पे रख देता है. जैसे hi ठाकुर हाथ बढ़ाता है. देवा उन गद्दियों पे अपना मोजर रख देता है.

देवा मुस्कराते हुए – इतनी भी क्या जल्दी है ठाकुर पहले मेरे खेतो के कागज ले आओ पैसा तो तुम्हारी टेबल पे पड़ा hi है.

ठाकुर उठकर अंदर जाने लगता है. तो देवा – और है मेरे बाबूजी से जो कागज लिखवाया था जिसमे उनके सिग्न है वो भी लेते आना.

ठाकुर खा जाने वाली नजरो से देवा को देखता है पर देवा निश्चिन्त बैठा मुस्करा रहा था. ठाकुर के अंदर जाने के बाद देवा मोबाइल निकल कर उसमे ऊँगली करने लगता है लेकिन इन नए कपड़ो में उसे बहोत दिक्कत हो रही थी आज पहली बार उसने इतने टाइट कपडे पहने थे इसलिए. पर उसे अब इन की आदत hi डालनी थी. वो बार बार अपने बिना अंडरवियर के लुंड को जीन्स में सेट कर रहा था उसे ये नहीं पता था की ठकुराइन उसे गहरी नजरो से देख रही है .

ठकुराइन - इन कपड़ो में दिक्कत हो रही है क्या देवा?

देवा बिना लुंड से हाथ हटाए – है थोड़ी बहोत.

ठकुराइन देवा के लुंड को घूरते हुए – काफी बड़ा हो गया है.

देवा फिर ठकुराइन की तरफ देखता है और पता हैकि ठकुराइन भूखी नजरो से लुंड को घर रही है.

देवा - क्या ? क्या कहा आपने?

ठकुराइन - वो.. वो…. मए ये कह रही थी के बड़ा हो गया है तू

देवा - है बड़ा तो हो गया और काम का भी.

ठकुराइन देवा का इशारा समझ कर. – काम का है या नहीं ये तो ऐसे ऊपर से पता नहीं चल सकता न.

देवा देखता है की ठकुराइन की आँखों में भूख है और उसकी मुस्कान में भी कमीनापन है वो कुछ निश्चय करता है और झटके से खड़े हो कर अपनी ज़िप खोल देता है और अपना आधा खड़ा लुंड निकल देता है ुर हाथ में ले के हिला हिला के ठकुराइन को दिखते हुए

देवा – ऊपर से पता नहीं चलता तो ठीक से देख लो तुम्हरे काम का है या नहीं.

ठकुराइन की आँखे पूरी खुल जाती है और मुँह भी. और वो हैरत से अपने मुँह पे हाथ रख लेती है

ठकुराइन - उह माँ इतना बड़ा

देवा – ठकुराइन ये अभी सोया हुआ है. अच्छे से दखो. बड़ा तब बोलना जब ये खड़ा होगा.

ठकुराइन देखती है के देवा के लुंड से एक बूँद स्पर्म निकल कर उसके सुपडे पे चमक रही है वो खुद को रोक नहीं पति अपनी साड़ी को संभल के जल्दी से वह पहुँचती है और देवा के लुंड को अपनी मुट्ठी में लेने की कोशिश करती है जो की उसकी मुठी से बहार hi था . वो झुक कर अपनी जीभ निकलती है और देवा का सूपड़ा चाट लेती है और जल्दी से पूरा सूपड़ा मुँह में लेने की कोशिश करती है और जितना हो सकता है सूपड़ा मुँह में लेकर 3-4 बार जल्दी जल्दी चूस लेती है. तभी अंदर से अलमारी बंद होने की आवाज आती है तो ठकुराइन अपनी जगह जा के बैठ जाती है और अपनी साँसे दुरुस्त करने लगती है. देवा भी झट से अपना लुंड अंदर कर के ज़िप बंद कर लेता है और बैठ जाता है.

तभी ठाकुर बहार आता है. और पेपर्स देवा को देता है. देवा उन्हें अच्छे से पड़ता है . फिर वो कागज पड़ता है . जिस पे उस के बाबू जी के सिग्न थे. तभी ठाकुर का कॉल आ जाता है और वो अपना फ़ोन ले कर थोड़ा दूर जा कर बात करने लगता है. तभी मौका पाकर ठकुराइन देवा से.

ठकुराइन – काफी टेस्टी है तुम्हारा हथियार. तुम कल सुबह 11 बजे यहाँ आ जाना

देवा - और ठाकुर को क्या कहोगी?

ठकुराइन – वो कल शहर जा रहे है बाला को देखने पता नहीं कितना समय लग जाये फिर भी 3 से पहले तो नहीं आएंगे.

देवा - ठीक है मए आ जाउगा. अपने दरबान को समझा देना मुझे रोकने की कोशिश न करे.

ठकुराइन देवा का लुंड दबा देती है……. अब कोई नहीं रोकेगा .

फिर ठकुराइन जा कर अपनी जगह बैठ जाती है. इतने में ठाकुर भी आ जाता है. देवा भी पेपर्स चेक कर के संतुष्ट हो जाता है. तो पैसे उठा कर ठाकुर को दे देता है. फिर अपनी गन उठ कर वापस कमर में फसता है और चश्मा पहन कर.

देवा – ठाकुर तुमने मेरे बाबू जी को जो पैसे दिए थे वो मए ब्याज समेत तुम्हे आज दे रहा हु. आज के बाद अपने हर आदमी को समझा देना की देवा और उसके परिवार से काम से काम 10 फुट दूर से हो कर निकले . और अगर किसी ने भी मेरे घर आ कर कोई भी कुत्ता गिरी की तो उसकी हालत मरे हुए कुत्ते जैसी कर दुगा. अगर तेरे किसी भी आदमी ने मेरे परिवार के किसी भी सदस्य की तरफ मैली आँख से भी देखा तो वो और कुछ देखने के लायक नहीं रहेगा. चलता हु.

फिर देवा बिना ठाकुर या ठकुराइन को देखे उनकी तरफ पीठ कर के चला जाता है.
 
अपडेट - 15

देवा अपनी गाड़ी में शलाका के साथ बैठा हुआ बैग की तरफ बाद रहा था.

देवा - शलाका मए चाहता हु तुम उस बैग के मालिक को नजर आओ

शलाका – ठीक है. पर क्यों?

देवा - वो इसलिए क्यों की तुम एक वकील बन कर उस के सामने बैठोगी, और अपने मैजिक से सब चेक करोगी के उसने पेपर्स में सब ठीक लिखवाया है या नहीं कही वो कोई धोखाधड़ी न करे. हलाकि करेगा तो भुगतेगा भी.

शलाका हलके से हंसती है - सही कहा आपसे धोखा कर के उसे मौत भी नहीं मिल सकती .

फिर वो सीधा पहुँचते है सिटी. उस आदमी के पास जिसके वो बाग़ थे. वो कोई बिसिनेस्स मन था जो रहता तो सिटी में था पर गाँव में उसकी प्रॉपर्टी थी. जिसे बेचकर वो अमेरिका जा रहा था. देवा उस के ऑफिस पहुँचता है. देवा और शलाका अंदर जाते है. तो बैग का मालिक अंदर बैठा था और देवा को देख कर

मालिक- आइये मर. देवा वेलकम. मए आपका hi इंतजार कर रहा था. आने में देर कैसे हो गयी.

देवा – कुछ नहीं सर किसी का पुराण हिसाब पूरा करना था और ये डील करने से पहले मए पुराने हिसाब नीपना चाहता था बस वही गया था.

मालिक – भाई मुझे आपकी पालिसी पसंद आयी. इंसान को अपने हिसाब किताब हमेशा क्लियर रखने चाहिए.

देवा – जी बिलकुल सही कहा आपने. वासी इनसे मिलिए ये है मिस शलाका मेरी लागले अद्विसेर.

मालिक - हैल्लो मैडम

शलाका - hi सर

देवा - वैसे क्या मेरे पेपर्स रेडी है?

मालिक - बिलकुल मर. देवा आप के पेपर्स की रफ़ कॉपी रेडी है. आप बस इन्हे पढ़कर देख लीजिये अगर आप कोई चेंज चाहे तो वो भी अभी हो jayega.aur वो मेरा अमाउंट?

देवा – जी मए लाया हु आपका अमाउंट. जैसा आपने कहा था 50% मैने आपके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए है आप चेक कर लीजिये. और बाकि का कॅश मेरी गाड़ी में है. वो भी आपको रजिस्ट्री होते hi मिल जायेगे. क्या मए पेपर्स देख सकता हु

मालिक – सूरे व्हाई नॉट ये लीजिये देख लीजिये.

शलाका वो पेपर्स देख कर चेक करती है और कुछ माइनर करेक्शंस के बाद पेपर्स ok हो जाते है.

देवा – चलिए हम अभी चल कर रजिस्ट्री करवा लेते है. फिर हम दोनों hi फ्री हो जायेगे.

मालिक – no प्रॉब्लम मर. देवा. चलिए.

फिर तीनो चले जाते है रजिस्ट्रार के दफ्तर में जहा वो बैग और बैग के आस पास की पूरी जमीन और बैग के साथ बना नया बंगले देवा के नाम हो जाता है. देवा भी उन्हें पूरी पेमेंट कर के वापस घर की तरफ आता है.

घर में

देवा के आते hi सब उसे पूछने लगते है क्या हुआ वो ठाकुर के पास गया था. देवा सबको शांत करता है और दन से

देवा – बाबू जी मैने ठाकुर का पूरा पैसा ब्याज समेत उसे दे दिया है. और उसे समझा दिया है अब वो कभी हमारे रस्ते में नहीं आयेग. और ये लीजिये बैग के पेपर्स और वह की आसपास की पूरी जमीन साथ hi वही पे बना हुआ एक डैम नया बांग्ला जिसमे वो या उसके परिवार के किसी भी सदस्य ने पैर तक नहीं रखा अगले महीने उस बंगले का उद्घाटन होना था लेकिन अब वो लोग अमेरिका जा रहे है तो वो माकन भी मैने ले लिया है हम लोग कल hi वह जायेगा .

दन - क्या बात है देवा तूने तो दिल खुश कर दिया. मए तुम्हारी तरक्की से बेहद खुश हु बेट. लेकिन अब ये बांग्ला किस लिए. ये घर है न.

देवा – है तो मए कहा कह रहा हु इस माकन को बेचने या तोड़ने को .ये भी रहेगा और वो नया माकन भी.

दन - देवा मुझे दर लग रहा है सच सच बता तेरे पास इतने पैसे कहा से आये.

देवा – अरे बाबुज यहाँ की जमीन और मकानों की कोई कीमत ज्यादा तो है hi नहीं और फिर मैने आपको बताया था न मुझे शेयर्स से पैसे मिले है उस के आलावा भी मैने कुछ लोन लिया है बैंक se.(jhuth) जो हम जल्दी hi चूका देंगे. अब तो आमदनी भी डबल ट्रिपल होगी तो लोन की कोई चिंता नहीं है. आप परेशान न हो. मुझ पर विश्वास करे आपका बीटा गलत काम नहीं करेगा कभी.

अब मए जा रहा हु खेत जरा वह का चक्कर लगा लू आता हु शाम तक .

फिर देवा अपनी रेंज रोवर में बैठ कर सीधा आता है पूनम के घर. देवा को सबसे पहले पद्मा नजर आती है जो अपनी साड़ी को जांघो तक चढ़ा के आँगन में बैठी मसाले कूट रही थी. देवा तो पद्मा की गोरी नंगी जंघे देख के दांग रह जाता है और उसका लुंड फनफनाने लगता है वो उसे जीन्स में सेट कर के आगे बढ़ता है पद्मा भी देवा को देखते hi तुरंत अपनी साड़ी ठीक करती है और कड़ी हो जाती है.

पद्मा – अरे देवा आओ आओ. आज तो बहोत अच्छे लग रहे हो इन शहरी कपड़ो में. कही जा रहे हो क्या ?

नहीं काकी वो जरा काम से गया था इसलिए आज ये पहन लिए.

पद्मा - आओ अंदर आओ

देवा और पद्मा दोनों अंदर आ जाते है

पद्मा - क्या लोगे देवा ?

देवा पद्मा की चूचियों को hi घर रहा था. और मन में - मुझे तो तेरी चूचिया hi दे दो अभी. तो भी चलेगा. बुर और गांड भले बाद में दे देना.

देवा को अपनी चूचियों को इस तरह घूरते देख कर पद्मा शर्मा जाती है. और उसे फिर से आवाज़ लगाती है देवाआआ कहा खो गए?

देवा – वो… वो….. कही नहीं काकी बस यु hi…….

पद्मा - मैने कहा क्या लोगे?

देवा - कुछ नहीं अभी मए खाना खा के आया हु देवकी काकी नजर नहीं आ रही ?

पद्मा मुस्कराते हुए – वो तो पड़ोस में गयी है. पर पूनम अंदर है बुलाऊ?

देवा मुस्करा देता है तो पद्मा - पूनम जरा यहाँ आना

पूनम अपनी hi धुनें में बहार आती है उसे देवा के आने की जानकारी नहीं थी - जी माँ आपने बुलयाँआ…………

वो देवा को देखते hi तुरंत वापस अंदर भाग जाती है और अपनी चुन्नी ले कर वापस आ कर कड़ी हो जाती है.

देवा - पूनम यहाँ आओ कुछ काम है.

पूनम आगे आती है तो देवा अपनी जेब से एक डब्बी निकलता है

पद्मा - ये क्या है देवा?

देवा – काकी पूनम के लिए तोहफा है.

पद्मा – देवा कितने तोहफे देगा तू कल से तेरे hi तोहफे इस घर में आ रहे है.

देवा – है तो क्या हुआ मेर हक़ है न इस घर पे

फिर देवा पूनम का हाँथ पकड़ कर उसे घडी पहना देती है जो गोल्ड चैन वाली थी और उसमे अंदर छूटे छोटे डायमंड लगे थे. फिर दूसरे जेब से दूसरी घडी निकलता है ुर पूनम को दे देता है.

देवा – ये लो ये मुझे पहना दो.

पूनम भी देवा को शामे वैसी hi पर गेट्स वाच पहना देती है.

देवा – बस काकी ये अभी की खरीदी हुई चीज़ो का आखरी सामान था. अब कोई तोहफा फ़िलहाल नहीं है. अब जब शहर जाउगा तब आएंगे तोहफे.

पद्मा – शुक्र है मए तो घबरा hi रही थी के तू पता नहीं क्या क्या लाया है. पर ये इतनी महंगी घडी का क्या करेगी.

देवा – टाइम देखेगी और क्या? घडी से आदमी क्या करता है?

पद्मा – मेरा मतलब बीटा कुछ पैसे अपने भविष्य के लिए बचा के रखो काम आते है.

देवा – आपने अपनी जिंदगी मेरे नाम कर दी है पूनम के रूप में ये सब तो कुछ भी नहीं काकी. अब मए चलता हु

फिर देवा निकल जाता है वह से. और सीधा पहुँचता है. ज्योति ठाकुर फार्म हाउस जहा वो उसका बेसब्री से इंतजार कर रही थी.

देवा जब ज्योति ठाकुर के घर पहुँचता है तो ज्योति उसे देख कर hi इम्प्रेस हो जाती है और मजाक में

जत – ा कौन हो तुम जाओ यहाँ से ये वक़्त तो मैने अपने दोस्त देवा को दिया हुआ है.

देवा – ठकुराइन देवा ने मुझे भेज दिया और कहा है के मए hi आपसे मिल लू और आपकी चाय पी के औ अब अगर आप नहीं पिलाना चाहती तो मए चला.

ज्योति आगे बाद कर देवा का हाथ पकड़ लेती है. अरे कहा चले देवा मए तो मजाक कर रही थी वैसे आज बहोत अच्छे लग रहे हो.

देवा – अब आपकी खूबसूरती के सामने तो हम कुछ भी नहीं.

दोनों हस्ते हुए अंदर आ जाते है जहा ज्योति उसे हॉल में बिठाती है.

जत – देवा तुमने तो मेरी जिंदगी बदल दी उस दिन के लिए मए एक बार फिर तुमसे माफ़ी मांगती हु.

देवा – छोडो बी ज्योति

जत – कितना अच्छा लगता है मेरा नाम तुम्हारे मुँह से आज के बाद मुझे ज्योति hi बुलाना ठकुराइन नहीं. वो थोड़ा अजीब लगता है.

देवा – ठीक है ज्योति hi बुलाऊंगा. अब खुश? वैसे मुझे यहाँ क्यों बुलाया था कोई खास काम ?

जत - क्यों बिना काम के नहीं मिल सकते हम ?

देवा – है मिल तो सकते है लेकिन तुम्हरे बाप को पता चला तो?

जत – मुझे अब पता चला के तुम मेरे बाप से डरते भी हो.

देवा – नहीं ज्योति डरता मए किसी से नहीं. मए तो तुम्हरे बारे में सोच रहा था

ज्योति – चिंता मत करो पहली बात तो उन्हें पता चलेगा नहीं के तुम मुझसे यहाँ मिले और अगर पता चला भी तो कोई फरक नहीं पड़ेगा.

तभी चाय आ जाती हैऔर दोनों चाय पीने लगते है? ज्योति देवा की तरफ हर पल आकर्षित होती जा रही थी. उसकी शक्ति की वजह से जो बात देवा भी समझ रहा था. चाय पीने के बाद

ज्योति – आओ देवा मए तुम्हे अपना फार्म हाउस दिखा दू.

देवा उस के साथ चल पड़ता है उस दिन बाला की ठुकाई के बाद यहाँ का सामान बहोत सारा नया लग चुक्का था.

देवा – क्या बात है जब मए आया था तब और आज में बहोत कुछ बदल दिया है तुमने इस फॉर्म हाउस में.

ज्योति – उस के दो कारन है एक तो तुम खुद जो उस दिन तुमने यहाँ तोड़ फोड़ की इस लिए नया लगवाया फिर बाला के साथ भी यहाँ किसी की लड़ाई हुई थी जिसमे यहाँ बहोत ज्यादा तोड़ फोड़ हुई थी तो सब चेंज करवाना पड़ा. पता नहीं कौन था और उसने बाला के साथ ऐसा क्यों किया पूरा फॉर्म हाउस ऐसा लग रहा था जैसे तूफ़ान आया हो.

देवा - मए जनता हु वो कौन था ?

जत – क्या तुम उसे जानते हो?

देवा – है मए जनता हु. और तुम भी जानती हो

जत – ऐसा कैसे हो सकता है क मए उसे जानती हु.

देवा – देखो ज्योति हमारी अभी अभी दोस्ती हुई है लेकिन शायद तुम उस इन्सानका नाम जानकर मुझसे दोस्ती तोड़ डौगी.

जत – बाला मेरा भाई जरूर है लेकिन उस के लिए मए तुम्हे किसी भी हालत में नहीं छोडूगी वैसे कौन था वो.

देवा – मए

जत हैरान होते हुए – क्या तुम? तुमने बाला की ऐसी हालत कर दी और उसके दोस्तों की भी अकेले तुमने?

देवा - है

जत – मुझे ये जानकर हैरानी जरूर हुई लेकिन मए तुमसे नाराज अब भी नहीं हु क्यों की बाला ने कभी एक भाई का फ़र्ज़ जनहि निभाया एक hi घर में रहते हुए हम अजनबी hi थे. इसलिए मुझे उसकी हालत का कोई अफ़सोस नहीं . पर तुमने ये किया क्यों? इतना गुस्सा तो तुम्हे उस दिन भी नहीं आया था जब मैने तुम्हे मरने की कोशिश की यहाँ पर.

देवा – क्यों की उस ने उस रत मुझे मरने की कोशिश नहीं की बल्कि मेरी बहन को आधी रात को उठवा लिया था और अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसका बलात्कार करने की कोशिश की थी. अगर मए सही समय पे न आ गया होता तो मेरी मासूम बहन आज जिन्दा न होती.

जत – तुमने सही किया देवा ऐसे दरिंदो के साथ ऐसा hi होना चाहिए. ख़ैर छोडो ये बाते.

जत मजाक में – लेकिन तुमने भी तो ऐसा hi कुछ करने की कोशिश की थी न मेरे साथ.

देवा – जी नहीं मैडम मैने उस दिन कुछ नहीं किया था. और जो किया वो भी सिर्फ तुम्हे सही रस्ते पे लेन के लिए किया. मैने तुम्हरा रपे करने की कोशिश नहीं की थी.

जत – लेकिन आज तो रपे hi होगा वो भी तुम्हारा देवा

देवा हैरान हो कर ज्योति को देखता है तो ज्योति उसे मुस्करा के देखती है और उसके होठो को चुम लेती है. है देवा मए तुमसे प्यार करती हु तुम्हरे बिना नहीं रह सकती मया तुम मेरा हाथ थामोगे?

देवा ज्योति के होठो को चुम कर – नहीं ज्योति

जत – लेकिन क्यों देवा अब मए बदल चुकी हु. तुम्हरे प्यार ने मुझे बदल दिया है देवा. क्या तुम मुझे अपना प्यार नहीं दे सकते.

देवा- तुम सही कह रही हो ज्योति लेकिन मए तुमसे प्यार नहीं कर सकता क्यों की मए किसी और से प्यार करता हु और उसी से शादी भी करुगा. किसी और से नहीं.

जत – बस इतनी सी बात

देवा हैरान हो कर ज्योति को देखता है. तो ज्योति मुस्करा देती है.

जत – देवा मए ये नहीं कह रही हु के तुम मुझे जिंदगी भर का साथ दो क्यों की मए शादी यहाँ नहीं किसी बड़े शहर में hi करुँगी. वैसे अगर तुम्हरे पास वाली सीट खली होती तो मए तुमसे hi करती . पर मए किसी और की खुशिया नहीं चिनगी. बस कभी कभी मुझे प्यार दे दिया करो. क्या दे सकते हो मुझे वो प्यार?

देवा तुरंत ज्योति को पकड़ के उसके होठो को अपने होठो में भर लेता है ज्योति भी उससे चिपक जाती है. देवा उसकी पीठ को सहलाते हुए अपने हाथ ज्योति की उभरी हुई गांड पे लता है और दोनों तरफ से दबा के उसे थोड़ा ऊपर कर देता हे ज्योति उचक कर देवा से और चिपक जाती है और अपनी चूचिया देवा के सीन में रगड़ने लगती है.

देवा ज्योति की साड़ी की पिन खोलता है जो उसके कंधे पे लगी थी. और उसका पल्लू गिरा देता है ज्योति अभी बहोत ज्यादा सेक्सी और हॉट लग रही थी. वो देवा से छूट के अपनी साड़ी को बड़ी ऐडा से निकलती है और अपने ब्लाउज के हुक खोलने के लिए देवा को इशारा करती है और उसकी तरफ पीठ क्र देती है. ब्लाउज में 2 हुक पीछे लगे थे एक ऊपर एक नीचे और बीच में हार्ट शेप था जहा एक डोरी बंधी थी . देवा उसके पास जाता है ुर ज्योति की पीठ को चूमते हुए उसका ऊपर का हुक खोल देता है और डोरी भी खिंच देता है अब सिर्फ एक हुक लगा हुआ था

देवा ज्योति की पीठ को चुम कर वो हुक भी खोल देता है. और उसकी पीठ को सहलाते हुए चूमने लगता है ज्योति की साँसे भरी होने लगती है देवा साइड से हाथ बड़ा कर ज्योति के मम्मी पकड़ कर हलके हाथ से सहलाने लगता है और अपनी जबान से उसकी पीठ को चाटने लगता है ज्योति से बर्दाश्त नहीं होता वो झटक में घूम जाती है जिससे उसका ब्लाउज निकल जाता है और देवा के सामने ज्योति की गोरी बड़ी बड़ी 36” की चूचिया गुलाबी निप्पल्स के साथ सामने आ जाती है देवा आगे बाद के प्यार से उन्हें सिर्फ चूमता है ुर अपनी जबान निकल के निप्पल्स पे फिरता है ज्योति की कमर अब देवा के हाथो में थी वो पेटीकोट के नारे को पकड़ के जैसे hi खींचता है ज्योति फिर घूम जाती है और पेटीकोट जमीन को चूमने लगता है ज्योति अब सिर्फ एक ट्रांसपेरेंट ब्लू पेंटी में देवा की तरफ पीठ कर के कड़ी थी. और पेंटी की एक पतली सी पट्टी ज्योति की बड़ी सी गांड में गम हो कर गायब थी. देवा उसकी गांड दबा देता है और उसकी कमर को चूमने लगता है .

ज्योति की हालत ख़राब होने लगती है तो वो सामने का दरवाजा खोल कर अंदर भाग जाती है ये वह का बैडरूम था जिसमे पहले से फूल लगे हुए थे और कमरा भी महक रहा था. एक भी चालू था. देवा अंदर कदम रखता है तो ज्योति बाहे खोले उसे बुलाती है देवा आगे बढ़ के उसे बहो में ले लेता है और उसकी गार्डन पे अपने दांत गाड़ने लगता है. और उसके पूरे शेहरे को चूमता है फिर ज्योति के ममे दबाते हुए उसका रास पीने लगता है ज्योति की पेंटी आगे से पूरी गीली हो चुकी थी अब देवा उसकी नाभि में जबान दाल कर गोल गोल घूमने लगता है तो ज्योति की सिसकारी फुट पड़ती है. sssssssssseeeeeeeeeeeeeee ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह देवा मुझे कुछ हो रहा है देवा बिना कोई जवाब दिया उसके पेट को चुम रहा था. और अब उसकी गांड भी दबा रहा था ज्योति उसके बालो को सहला रही थी.

तभी ज्योति देवा को पकड़ कर ऊपर उठती है और उसके पूरे चेहरे पे चूमने लगती है और देवा की शर्ट को खोलने लगती है. और उसे निकल के साइड में रख देती है. फिर वो देवा की बालो से भरी मरदाना छाती को चूमती हुई नीचे आती है और घुटनो के बल बैठ कर देवकी जीन्स को खोल देती आहे और उसे नीचे करती है देवा ने अंडरवियर तो पहना नहीं था जिससे उसका खड़ा लुंड स्प्रिंग लगे खिलोने की तरह झटके से बहार आ कर ज्योति के गाल पे लगता है ज्योति पहले तो दर जाती है फिर मुस्करा के उसे चूमती है और एक हल्का सा थपड देवा के लुंड पे मरती है

ज्योति – शैतान मेरे गाल पे इतनी जोर से आ कर क्यों लगा?

देवा बस मुस्करा रहा था

ज्योति देवा का मोटा लुंड पकड़ कर प्यार से उसकी पूरी चमड़ी को नीचे सरका देती है जिससे उसका मोटा सूपड़ा बहार आ जाता आहे ज्योति उसे देख के बहोत खुश होती है और प्यार से उसे चूमती है. फिर जबान निकल के चाटने लगती है और लुंड के छेड़ पे अपनी जबान से छेड़ने लगती है देवा के लीये ये सब नया अनुभव था जो आज तक किसी ने भी उस के साथ नहीं किया इस लिए देवा उत्तेजित होता जाता है, तभी ज्योति देवा का लुंड अपने मुँह में दाल कर चूसने लगती है और उसके गोते सहलाने लगती है इस सब में ज्योति का खुद का बुरा हल होता जा रहा था पर उसकी लाइफ का भी ये पहला लुंड था तो वो उसी में खो गयी थी ज्योति अब पूरी जबान निकल के देवा का लुंड जड़ से लेकर सुपडे तक चाट रही थी कभी लुंड पे चूमती तो कभी चट्टी तो कभी चुस्ती यही सब करीब 10 मं तक चलता रहा फिर देवा ने उसे उठाया और उसे बिस्तर पे लिटा दिया. और ज्योति की पेंटी को उतर दिया ज्योति की क्लीन शेव गुलाबी छूट जो पूरी उस के पानी से भीगी हुई चमक रही थी. उसे देख कर देवा के होठ भी फड़कने लगे

देवा ने झटके से खुद को पूरा नंगा किया. ज्योति तो देवा का विशाल नंगा मस्कुलर बदन देख कर सिहर उठी और अपनी टाँगे मोड़ के अपनी छूट को कसने लगी फिर देवा ने ज्योति की दोनों जांघो को प्यार से सहला कर उसकी टैंगो को खोला और ज्योति की छूट पे कंटिन्यू 10-15 चुम्बन दे दिए फिर अपनी दोनों उंगलियों से छूट का मुँह खोला जो बहोत थोड़ा सा hi खुल पाया अंदर का गुलाबी छेड़ देख क्र देवा समझ गया की ज्योति अब तक कुवारी है. देवा नेअपनी जबान ज्योति की कमसिन बुर में डाली और अंदर तक चाटने लगा देवा का ऊपरी होठ ज्योति की छूट के दाने पे घिस रहा था जिससे ज्योति की बुर बहोत ज्यादा चिकनी होती जा रही थी. देवा अपने दोनों हाथो से ज्योति की चूचिया भी मसल के लाल किये दे रहा था फिर देवा उठा और ज्योति के पेट पे बैठ गया हलके से और ज्योति के होठ चूमने लगा फिर ………………

देवा – ज्योति तुम अब भी सोच लो मए तुम्हारे जिस्म की आग अभी शांत कर सकता हु बिना तुम्हे चोदे सिर्फ अपनी उंगलियों और जबान से. तुम्हे मेरा लुंड डलवाने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

जत – ऐसा क्यों कह रहे हो देवा क्या मेरी तरफ से तुम्हे कोई कमी लग रही है? क्या मए साथ नहीं दे प् रही हु?

देवा – नहीं ज्योति ऐसी कोई बात नहीं लेकिन तुम्हरी छूट देख कर मए समझ गया हु के तुम कुवारी हो. तो तुम्हे मेरा लुंड लेने में काफी ज्यादा दर्द होगा .

जत – थँक्स देवा मेरी चिंता करने के लिए पर ये दर्द मए तुमसे hi लेना चाहती हु. मुझे आज तुम लड़की से औरत बना दो बल्कि हो सके तो मुझे माँ बना दो क्यों की बहोत जल्द मेरी शादी होने वाली है. और मए तुम्हरा बच्चा अपने पेट में ले कर जाना चाहती हु.

देवा – एक बार मेरा लुंड ले तो लो उस के बाद जब कहोगी माँ भी बना दुगा. वैसे भी तुम माँ तो मेरे hi बच्चो की बनोगी बीवी चाहे जिसकी बन जाओ तुम्हारे पेट से कभी किसी दूसरे का बच्चा नहीं पैदा होगा ये देवा का वादा है.

जत – ी लव यू देवा ी लव यू सो मच मए भी यही चाहती हु के मए सिर्फ तुम्हारे बच्चे पैदा करू.

देवा उस पर झुक जाता है और फिर से उस के होठ चूसने लगता है. फिर देवा उठकर ज्योति की दोनों टैंगो के बीच बैठता है. और अपना सूपड़ा उसकी छूट पे रगड़ता है.................
 
अपडेट - 16

देवा ज्योति से —तेल लगा लू क्या थोड़ा……

JT—nahi ...तेल लगाने से आसानी से ghusega.....jyada दर्द नहीं होगा बुर फटने ka......mujhe खूब दर्द chahiye....tum ऐसे hi सूखा सूखा घुसेड़ दे ......और पूरी बुर को अच्छे से पहाड़ दाल, की मेरी बुर चिथड़ा हो जाये.....

देवा ने एक जोर का झटका दिया लेकिन लुंड फिसल कर निचे चला gaya....do तीन बार डालने पर भी नहीं घुसा बहुत टाइट छूट थी ज्योति की.....

JT—ruko ऐसे नहीं घुसेगा ......वैसे भी तुम्हारा गधे का लुंड है... आदमी का थोड़े hi है जो इतना जल्दी घुस jayega......mai बुर को फैलाती hu....tum पूरी ताक़त से धक्का लगा के घुसेड़ दे....

Deva—theek है...

ज्योति ने अपनी बुर की फांको को दोनों हाथो से खूब फैला diya.....to देवा ने एक बार फिर से बुर के छेड़ पर लुंड टिकाया और पूरी ताक़त से धक्का मार diya......lund बुर को चीरता हुआ तीन इंच अंदर घुस गया.... ज्योति की चीख निकल गयी

अच्छा हुआ वो कमरा साउंड प्रूफ tha...nahi तो सब नौकरो को पता चल jata.....uski आँखों से अंशु बहने lage...aur आँखों के आगे अँधेरा छ gaya....deva को उसकी इस हालत पर तरस आ gaya...akhir एक कुवारी लड़की थी वो...

देवा —ज्योति लुंड निकल लू बहार...?

JT—nahi....bilkul nahi....tum अंदर घुसेड़ते जाओ और बुर फाड़ता जाओ bas.....tujhe मेरी कसम है जो तूने बुर को फाड़े बिना लुंड बहार निकला to......mai कितना भी दर्द से तड़पुं तुम बुर फाड़ने से मत rukna....bas फाड़ता ja.....phadta ja...mere deva....aur घुसेड़...

देवा ने भी अब रहम की और सोचना छोड़ कर लगातार दो तीन तगड़े धक्के जड़ दिए बुर me.....jyoti की बुर ने खून की उलटी कर di….poora लुंड बुर को ककड़ी की तरह फाड़ते हुए उसकी बच्चेदानी से जा टकराया. और पूरे बिस्तर पे खून नजर आने लगा.

ज्योति (जोर se)—aaaaaaaaaaahhhh....maaaaaa.....mar...gayi......aaaaaaaaaaa.......aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhh

और वो चिल्लाते हुए बेहोश हो gayi.....deva ने जल्दी से पास में रखे जग से उसके चेहरे पर पानी डाला जिससे वो होश में आकर रोने लगी.....

jyoti(rote huye)—meri बुर फैट gayi..deva......bahut दर्द हो रहा hai....aaaaahhhh maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

देवा को तो ज्योति ने कसम दे दी थी तो अब देवा धीरे धीरे छोड़ना चालू कर देता hae…..sath में उनकी चुकी भी पिने laga…..ek हाथ से चुकी मसलता भी जा रहा था….

दोहरे हमले से वो जल्दी hi फिर से गरम हो गयी और अपनी गांड ऊपर उठाने lagi….deva समझ गया की ज्योति अब फुल चोदसी हो गयी है….

देवा ने दोनों चूचियों के निप्पल मरोड़ते हुए अपने दकको की स्पीड बढ़ा दी बुर me….aur दे दाना दान ज्योति की बुर पेलने लगा….

ज्योति —यह यह यह अहह……… आअह्ह्ह्ह….. haa…deva….aise…hi….aur…jor…se……pel मेरी बुर ko…..meri चुकी भी खूब जोर जोर से मेस्टा जा देवा…….. मेरे दूध में काट de……mere निप्पल भी अपने दांतो से kaat..ha…aise hi…..

देवा —बहुत मस्त बुर है tumhari….ab to…jab मौका मिलेगा तब pelunga……pelne डौगी न ज्योति अपनी बुर....

JT—aaaaahhh….aaaahhhh…..ha…deva……roj mujhe…aise hi पूरी नंगी कर के pelna……mai तुझसे अपनी सभी सहेलियों की बुर छुडवाउंगी……..

Deva—sach में ज्योति…..

जत – है deva………ha ओह माँ aaaaaaaaaa

देवा – मुझे तो तुम्हारी माँ को छोड़ना है और तुम्हरी दोनों भाभियो भी. उन तीनो की बुर छोड़ छोड़ के अपने बच्चे पैदा करने है. छुडवाओगी उन्हें मेरे इस ुण्ड से?

JT—ha मेरे Deva…..tu सब को chodna…….sab की बुर ऐसे hi फाड़ना……

Deva—aahhhhh jyoti....bahut मज़ा है तेरी बुर में....

JT—aaahhh......aur छोड़ deva...apni इस नयी दोस्त को और chod.........ye बुर अब तेरी hai..deva...jab मैं करे छोड़ लेना मेरी bur.......jitne कहोगे तुम्हारे उतने बच्चे पैदा करुँगी इस बुर से देवा. मेरी माँ को भी छोड़ना और मेरी उन दोनों रंडी भाभियो को भी खूब छोड़ना.

लगभग ऐसे hi एक घंटे तक दोनों की पलंग तोड़ चुदाई चलती rahi.....is दौरान ज्योति चार बार झाड़ चुकी thi....deva का भी अब होने वाला था....

Deva—jyoti मेरा अब होने वाला hai...nikalu बहार

JT—nahi अंदर hi गिरा दे अपना beej.....kar दे मुझे gabhin....mai संभल लुंगी सब....

देवा अब खूब धक्काम पेल ज्योति की बुर को छोड़ने laga.....jyoti पूरी मस्त हो गयी थी पहली चुदाई में hi

JT—aaaahhaaa....maza आ गया deva....tu मुझे ऐसे hi रोज छोड़ डाला कर...

Deva—jarur डार्लिंग....

Deva—jyoti मुझे तुम्हरी गांड भी बहुत पसंद है

जत —जब चाहो मार लेना अपनी ज्योति की गांड भी देवा.

Deva—theek है मेरी ज्योति डार्लिंग …..ये ले…

JT—aaahhaaa....gira de...andar..hi deva......kar दे gabhin.....apni ज्योति को

Deva—mai aaya...ye ले.............

और फिर देवा के लुंड ने ज्योति की बुर को अपने पानी से भरना चालू कर diya.....ek के बाद एक न जाने कितनी लम्बी पिचकारियां छूटने लगी ज्योति की बुर me...poori लबालब भर गयी उसकी बुर.......

झड़ने के बाद देवा ज्योति के ऊपर hi लेट गया.....

थोड़ी देर के बाद देवा उसके ऊपर से हैट कर बगल में लेट जाता है और आवाज़ लगता है

देवा – ज्योति……….

तब जा कर ज्योति को होश आता है. वो मुस्करा के देवा को देखती है और उसकी छाती पे अपना चेहरा रख कर लेट जाती है. देवा शरीर जवाब दे गया ऐसी खतरनाक चुदाई की है तुमने मेरी…

………लेकिन दिल नहीं भरा दिल कह रहा है एक बार फिर से तुम मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे रोड डालो.

देवा ज्योति को बहो में भर लेता है और उसके होठो को चुम कर……

देवा- तो तुमसे किसने कहा के मए दूसरी बार चोदे बिना तुम्हे छोड़ के चला जाउगा. अभी तो एक राउंड और चओदन है तुम्हे.

जत – सच देवा मेरा भी बहोत मन है. लेकिन अभी नहीं. मुझे सांस तो लेने do.abhi तो मेरी छूट hi सुजा दी है तुमने छोड़ छोड़ के.

फिर कोई आधे घंटे बाद देवा एक बार और ज्योति की जैम के बुर छोड़ता है और अपना पानी इस बार भी ज्योति की बुर में दाल देता है.

फिर वो वह से निकल कर अपने नए घर आ जाता है. और वह पहुंच कर वो देखता है ेके घर तो पूरा तैयार है लेकिन किसी के न रहने की वजह से थोड़ा ख़राब हो गया है .

देवा शलाका को बुलाता है

शलाका – बोलो देवा

देवा – शलाका कल मए अपने पूरे परोवर के साथ इस घर में आ जाउगा. तुम इसे साफ़ करवाओ और पूरा फर्निश्ड कर दो किसी चीज़ की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए.

शलाका - हो जायेगा देवा . क्या अब आप घर जा रहे है?

देवा- नहीं पर मए सोच रहा हु बहार जो गेराज है वह बेसमेंट बन जाता तो मए वह कुछ काम कर सकता था बिना किसी की नजर में आये.

तुम एक काम करो तुम यहाँ का देख लो मए बहार hi हु अभी.

फिर शलाका वह सब सेट करने लगती है और देवा बहार आता है अपने गेराज में जो अभी खली hi था.

देवा अपनी आँखे बंद करता है और अपनी शक्तियों से वह बेसमेंट बना देता है और उसमे जाने का रास्ता भी बनता है जो ैसिलय किसी की नजर में नहीं आएगा पर जिसे पता हो वो वह जरूर जा सकता है .

फिर देवा बेसमेंट में आता है और वह पे दुनिया भर के हथियार सेट करने लगता है. कई तरह की गन्स तलवारे भले बम हर तरह के हथियार वह इस तरह से सेट के देता है जैसे वह कोई हथियारों की एक्सहिबिशन लगी हो.

फिर देवा वही पे कम्प्यूटर्स और टेबल्स सेट कर देता है. नीचे क पूरा मामला सेट करने के बाद देवा ऊपर आता है जहा शलाका अभी भी हर तरफ घर को सेट करने में लगी हुई थी और एक जगह पे आकर रुक जाती है. वो था देवा का रूम.

देवा – शलाका तुमने तो सब कुछ बहोत hi अच्छा सेट किया है लेकिन क्या हुआ तुम यहाँ क्यों रुक गयी.

शलाका देवा ये आपका बैडरूम है और मए चाहती हु ये सबसे स्पेशल हो. वही सोच रही हु ,

देवा – वो सब तुम देख लो मुझे पूरा यकीन है तुम पर . लेकिन यहाँ सब कुछ नार्मल hi है न या यहाँ भी मैजिक चलाया है ?

शलाका मुस्कराते हुए- देवा हर रूम साउंड प्रूफ है, कोई बहार का आदमी बिना इजाजत के इस बंगले का मैं गेट भी पार नहीं कर सकता, और सब के अलग अलग रूम में जरुरत का हर सामान है कुल मिला कर सब सेट है.

देवा – वैरी गुड़ शलाका…… एक काम और कर दो हर तरफ कैमरा लगा दो और उन्हें गेराज के बेसमेंट में लगे कंप्यूटर से आत्ताच करो और मेरे मोबाइल में भी लिंक सेट कर दो. कल हम यहाँ आ जायेगे. अब मए चलता हु.

फिर देवा बहार गाडी में आकर कुछ सोचता है और अपने बड़े मां को कॉल करता है. लेकिन फ़ोन बड़ी ममी उठती है.

सुनीता – hello कौन?

देवा – हम बोल रहे है. मेरी जान

सुनीता – devaaaaaaaaaaa तू बदमाश सुधरेगा नहीं. अभी मेरी याद कैसे आ गयी.

देवा आप को और भर्ती ममी को तो मए दिन रात यद् करता हु. वैसे फ़ोन इसलिए किया था के हमें यही गाँव में नया घर बनाया है. और कल दिन में उसका उद्घाटन है तो आप सब बच्चो समेत आ रहे है. उद्घाटन में.

सुनीता. है जरूर देवा हम लोग जरूर आएगा. लो भर्ती भी आ गयी खुद hi बोल दे उसे भी.

भर्ती – कैसा है मेरी जान

देवा – दुबला हो रहा हु आपकी याद में आपको देखना चाहता हु.

भर्ती – तो आ जा मेरी बहो में तुझे कौन रोक सकता है.

देवा - है जी इसीलिए तो आपको अपने पास बुला रहा हु न.

भर्ती – क्या मतलब?

देवा – वो क्या है न हमने एक नया घर बनवाया है. तो आप सब लोग कल उद्घाटन पे जरूर आइयेगा. और बछ्कों को भी लेती आना.

भर्ती ये तो बहोत ख़ुशी की बात है देवा हम लोग जरूर आएंगे.

देवा – अच्छा सुनिए मए एड्रेस भेज देता हु वह पे आप के पहुंचने से पहले कोई न कोई मिल जायेगा जो आपको सीधा हमारे नए घर hi ले जायेगा. हम सब आपसे वही मिलेंगे.

भर्ती - अच्छा ठीक है.

देवा – ok मए अभी रखता हु घर जाने में देर हो रही है कल मिलते है bye.

भर्ती – bye माय लव

देवा को घर आते हुए आज काफी देर हो गयी थी जिस वजह से सब उसका इंतजार कर रहे थे.

दन- कहा रह गया था देवा…

देवा- कही नहीं बाबू जी वो बस थोड़ा घूमने चला गया था.. .

दन- अच्छा अब ये बताओ के कल का क्या सोचा है तुमने?

देवा – बाबू जी कल हम सब नए घर जायेगे. दिन में वो भी खली हाथ कोई यहाँ से कुछ नहीं ले जायेगा जिस को जो चाहिए सब कुछ वह है. सिर्फ जरुरी कागजात, कपडे और कीमती चीज़े hi जाएगी. और कुछ नहीं.

दन - लेकिन बीटा वो घर तो खली hi होगा न तो पहले कुछ लोगो को ले जाकर वह सब सामान तो रखवाना पड़ेगा न

देवा- मए आज ले गया था कुछ लोगो को वह और पूरी साफ़ सफाई करवा के सब के रूम में सब रखवा दिया है आप सब लोग कल चलिए वह अगर कुछ कमी लगे तो बताइयेगा.

उस के बाद सब खाना कहते है. जब सब लोग खाना खा कर फ्री हो चुके थे…….

तभी वह रघु आता है.

दन – आ गए नवाब साब पुछा सकता हु दो दिन से घर तशरीफ़ क्यों नहीं लाये.

रघु इस समय बहोत उदास था उसका चेहरा उतरा हुआ था. और उसे देख कर लगता था. वो कही से मार पीट कर के आया है.

उसे जवाब न देता हुआ देख कर दन का गुस्सा बढ़ गया

दन – एक तो दिन रात नशे में दुबे रहते हो. किसी का कोई होश नहीं न खुद का न hi घर की जिम्मेदारी सम्भालनि है. और अब ये मार पीट मए तो तंग आ गया हु तुझसे रघु……..

…….. अपने छोटे भाई देवा से कुछु सीख वो कितना कुछ करता है इस घर के लिए हम सब के लिए. अरे आज उसकी बदौलत इस घर में सुख शांति है प्यार है. हरी भरी खेती लहरा रही है. आज उसी की वजह से मेरा सीना चौड़ा हो गया है. किसी में डैम नहीं कोई इस घर की तरफ आँख भी उठा के देख ले. यहाँ तक की ठाकुर भी इस तरफ देखने से पहले अब 10 बार सोचता है और एक तू है काम का न काज का.

रघु – है सब मेरी hi गलती है सब बर्बादी की जड़ मए hi हु. मुझे ख़तम hi कर दो न. अब मए जीना नहीं चाहता

सावित्री – क्या बकता है. तुझे कुछ होश है की नहीं.

रघु रो पड़ता है……

दन- अब ये बच्चो की तरह रो भी रहा है. तूने आज तक किसी को आंसुओ के अलावा दिया है कुछ? मेरी hi गलती थी की तेरी शादी इस फॉल सी बच्ची से कर दी आज तेरी वजह से इस की जिंदगी नर्क बन गयी है रोज तेरी गालिया सुनती है. मार सहती है तू क्या समझता है मुझे कुछ नहीं पता? तेरी वजह से मए अपने जिगरी दोस्त, बहु के पिता जी से आँख नहीं मिला पता हु.

………..लेकिन तुझ पे कोई फरक नहीं पड़ता . शायद देवा की वजह से hi आज इस घर पे भगवन की कृपा हो रही है शायद उस भगवन को भी दया आ गयी जो तुझे बाप बना दिया उस भगवन ने ये सब इस देवा के अच्छे कर्मो का hi फल है क बहु माँ बनने वाली है . अरे तुझे तो ये भी नहीं पता होगा . पता है ?

रघु आँखे फाड् के दिया की तरफ देखता है और अपने आंसू पोछता है. ….

………..क्या सच में मए बाप बनने वाला हु दिया?

दिया हलके से गार्डन हिला देती है.

रघु.- पिता जी, माँ दिया आप सब मुझे माफ़ कर दीजिये. मए नशे में अँधा हो गया था. सच मच मुझे इस परिवार से कोई मतलब नहीं था. पर अब मए ये सब छोड़ दुगा. मए अपने बच्चे को अच्छा भविष्य दुगा. मए भी म्हणत करुगा. और इस घर को घर बनाऊगा. मए वादा करता हु.

तभी बहार से कुछ लोगो की आवाज़े आने लगती है.

अबे ा बहार निकल सेल वार्ना घर में घुस के मरेंगे तुझे…..

बहार निकल सेल…..

…………..अबे क्या अपनी बीवी के पेटीकोट में छुपा है क्या बहार निकल

देवा का दिमाग घूम जाता है. वो बहार निकलने लगता है तो रघु उसको पकड़ लेता है.

रघु – नहीं देवा बहार मत जा वो सेल यु hi भौंक कर चले जायेगे. मए कल उनसे बात कर लगा.

देवा – लेकिन वो है कौन और इस तरह क्यों आवाज़े लगा रहे है.

रघु – मेरे बुरे करम है देवा . मए उन के साथ जुए में 50 हजार हार गया हु वही लेने के लिए आये है . लेकिन मैने उन्हें कह दिया है की मए दे दुगा धीरे धीरे पर वो मैंने को तैयार hi नहीं.

देवा – मए देखता हु उन्हें.

रघु – नहीं तू बहार मत जा मए hi जाकर उन से बात करता हु.

रघु बहार चला जाता है. और देवा अंदर अपने करे में चला जाता है.

आदमी 1 – क्यों बे रघु के बच्चे सेल अभी इतनी मार खा के भी नहीं समझा तू अभी के अभी पैसे निकल वार्ना अच्छा नहीं होगा.

आदमी 2 देख गुल्लू दादा का पैसा हजम नहीं होगा तुझसे निकल पैसे मादरचोद. वार्ना यही गाड़ देंगे अभी

रघु – देखो मैने कह दिया है मए जल्दी hi पैसो का इंतजाम कर दुगा. तुम लोग जाओ अभी मेरे घर के सामने गाली गलौज मत करो मए कल आउगा. गुल्लू दादा के पास.

आदमी 1- साले जो किया है वही बोल रहे hae.aur तू कोई मिनिस्टर है क्या जो अपॉइंटमेंट दे रहा हैकल मिलने की. पैसे दे दे वार्ना ……. “उसने अपनी जेब से चाकू निकला और लहराने लगा”.

तभी वह पे गुल्लू दादा भी आ जाता है जो सिगरेट फूंकता हुआ आया और पूरा धुआँ रघु के मुँह पे छोड़ा.

गुल्लू – देख रघु मए वसूली पे निकलता हु तो वसूली कर के hi जाता हु तू बेकार में नाटक कर रहा है पैसे तो अभी hi लगा मए.

रघु – गुल्लू दादा मैने तुमसे पहले भी कहा है के तुम्हारा पैसा मेरे ऊपर नहीं है बल्कि इस कल्लू के ( आदमी 1) ऊपर है. इसने मेरे साथ गेम किया था इसने धोखेबाजी की है पाते छुपाये थे इसने. मए तो जीत hi रहा था.

गुल्लू - ये मेरा आदमी है तू इस पे इल्जाम नहीं लगा सकता तूने जुआ खेला और हार गया . फिर भी तुझे लगता है के इसने तेरे साथ धोखा किया तो ये तेरा और इसका मामला है तू इस से समझ मेरे अड्डे में तू हारा मुझे पैसे चाहिए बात ख़तम

रघु – ठीक है मे इस से समझ के आपका हिसाब कर दुगा अभी मेरे पास पैसे नहीं है.

गुल्लू – ा ये बकचोदी मेरे साथ मत कर तू अभी पैसे दे या मए अभी तेरी बहन उठा के ले जाउगा. तू जनता है न मेरे को.

………….वैसे भी तेरी बहन कुवै है 50 हजार तो उस के बनते है. और हां और पैसे चाहिए तो आ जाना अपनी बीवी को लेकर उस के बदले भी तुझे 30-40 हजर दे दुगा बहोत कड़क माल है तेरी बीवी क्या गांड हिला के चलती है.

…………तू तो उसे खुश कर नहीं पता होगा मेरे पास भेज दिया कर रोज रात को . तू बहार बैठ कर पत्ते पिसा कर मए अंदर उसे पिसगा. ठीक है? आ जाना कल से बीवी के साथ अभी तो तेरी बहन की जवानी……….

BHADAK…………ek घुसा लगा गुल्लू के मुँह पे.

ये देवा hi था. जिसने सिर्फ यही बात सुनी थी वार्ना अब तक तो गुल्लू उठ चुक्का होता.

गुल्लू दूर जा गिरा अपनी मोटरसाइकिल पे और उसे साथ लिए लिए hi पलट गया .

देवा – मादरचोद मेरी बहन और भाभी का नाम तेरी जबान पे आया कैसे. वो बड़ा गुल्लू की तरफ तो दो आदमियों ने देवा को पीछे से पकड़ा

देवा ने अपनी कोहनी एक की नाक पे मारी तो उसकी नाक से खून का फवारा निकलने लगा. और दूसरे को बालो से पकड़ कर अपने सामने किये और उसकी छाती में लात मरी वो भी उड़ता हुआ गुल्लू के ऊपर जा गिरा जो अभी उठा hi था.

इतने में तीसरे आदमी ने देवा पे चाकू से वॉर किया जिसे देवा ने झुक कर बचाया और उसकी गांड पे लात मरी तो वो औंधे मुँह जमीन पे गिरा देवा ने उसकी पीठ पे जम्प लगायी और फिर एक हाई जम्प ले कर गुल्लू के मुँह पे किक मारी फिर से वही दो आदमी आ गए और देवा के तरफ दोनों ने लात चला दी जिसे देवा ने अपने हाथो में पकड़ कर मरोड़ दिया और दोनों की टांग से कद कद कद की आवाज़े आयी और उनकी टांग की हड्डी टॉट गयी वो वही कराहने लगे देवा ने फिर गुल्लू को देखा तब तक गुल्लू ने अपनी बाइक में लगी तलवार निकल के देवा पे हमला किया देवा ने खुद को बचाया नहीं बल्कि उसकी तलवार को hi पकड़ के एक झटका मारा तो तलवार छूट कर देवा के हाथ में आ गयी देवा ने तलवार हाथ में आते hi गुल्लू के ऊपर तेजी से घुमानी चालू कर दी गुल्लू को तलवार तो नजर hi नहीं आ रही थी. उसे तो बस सांय सांय की आवाज़े सुनाई दे रही थी और देवा ने गुल्ल की टैंगो और छाती पे करीब 7-8 हलके वॉर किये जिससे उसको जगह जगह से कट लगे और खून बहने लगा वो दहशत में आ गया.

इतने में तीसरे आदमी ने देवा पे लट्ठ से वॉर किया पीठ पे देवा वो वॉर आसानी से झेल गया और तलवार का हत्था उसके माथे पे मारा . तलवार फेंक कर उसने उस आदमी के दोनों हाथ पकड़ कर उलटी दिशा में घुमा के तोड़ दिए और लट्ठ उठा के गुल्लू पे बरसानी चालू कर दी. और उस के भी हाथ पाँव फुला दिए.

दन – छोड़ देवा बहोत हुआ उन्हें समझ आ गया है जाने दे उन्हें. ………

देवा – नहीं बाबू जी उन्होंने भाभी और पायल का नाम लिया उन कुत्तो को सबक सीखा के hi डैम लगा मुझे छोडो आप.

दन – नहीं देवा जाने दे उन्हें अपनी शक्ति का गलत उपयोग नहीं करते बीटा छोड़ दे उन्हें.

दन – गुल्लू ये ले अपने 50 हजार और अगर अब आज के बाद तूने इस घर की तरफ या रघु की तरफ आँख भी उठाई तो ये समय याद कर लेना हर बार मए देवा को रोक नहीं पाउगा. जिन्दा रहना चाहता है तो निकल यहाँ से.

गल्लू नीचे गिरे पैसे उठा के किसी तरह अपने साथियो के साथ निकल जाता है.

सब लोग घर के अंदर आ गए थे.

दन - देखा रघु तेरे करम हमें कहा ले आये तेरी वजह से तेरी बीवी और बहन को वो दो कौड़ी का जलील इंसाने गालिया दे रहा था. तुझसे इतना नहीं हुआ के तू उसे एक थप्पड़ भी मार दे.

…………. असल में हाथ उठाने के लिए ताक़त की बाद में पहले जमीर की जरुरत होती है जो तेरा गिरवी रखा था उन के पास.

अब भी वक़्त है उधर जा मेरे जीते जी वार्ना बाद में पछताने का भी मौका नहीं मिलेगा तुझे.

रघु – बाबू जी मए कसम खता हु आज के बाद मए ये सब छोड़ दुगा. और अपने खेतो में म्हणत मजदूरी करुगा. मुझे माफ़ कर दीजिये…….

……….देवा तू मुझसे छोटा है फिर भी मुझे माफ़ कर दे. बस मुझे सम्हाल लेना अगर मेरे कदम गलत दिशा में जाये तो.

इतना कह कर रघु उठ कर अपने कमरे में चला गया. और बाकि सब भी धीरे धीरे कमरे में जाने लगे. और जा कर सो गए.

देवा के मन में यही सब चल रहा था के उस के कमरे में दिया आ गयी.

देवा – अरे भाभी आप यहाँ इस वक़्त आज तो रघु ने शराब भी नहीं पी है वो उठ जायेगा.

दिया – देवा तेरा अहसान मए कैसे चुकौ तूने आज इन्हे सही रास्ता दिखा दिया. पर क्या पता कल कही वो फिर से न अपनी पुराणी जिंदगी में लौट जाये.

देवा – आप क्या चाहती है. ये बताइये.

दिया - मए तो चाहती हु के वो भी एक अच्छे इंसाने बने. और इस घर की जिम्मेदारियों को संभाले .

देवा – ठीक है मेरी जान ऐसा hi होगा. अब देखना कल से मए उन्हें काम में इतना व्यस्त कर दुगा के वो थकन के मरे चूर हो जायेगे और जुआ या शराब की तरफ उनका ध्यान hi नहीं जायेगा.

दिया खुश होते हुए – क्या ऐसा हो सकता है.?

देवा – है क्यों नहीं बिलकुल हो सकता हे और यही होगा.

दिया- ओह्ह्ह्हह देवा उम्मम्मम्मम्ममायआ

दिया देवा के होठो को चुम लेती है.

देवा – मेरे लुंड को क्यों जगा रही हो तुम्हरा पति भी जग गया तो ये रात भर खड़ा hi रह जायेगा तुम तो जाकर मस्त उस के साथ सो जाओगी.

दिया - नहीं मेरे प्यारे देवर जी. ऐसा कुछ नहीं होगा. उनकी नींद नहीं खुलेगी मेरे पास नींद की गोलिया राखी है मैने उन्हें दूध में दाल के पीला दी है . वो भले hi मेरे पति है उनका ध्यान तो रखना पड़ेगा लेकिन अपने बच्चे के बाप का ध्यान भी तो मुझे hi रखना है न. वैसे भी वो बिस्तर पर तो कभी कुछ कर hi नहीं पाएंगे डॉ. ने hi बताया थी ये बात.

देवा – तुम चाहो तो मए उसे बिलकुल फिट कर सकता हु. मुझे कुछ जड़ी बुटिया पता है जिनसे वो तुम्हे बिस्तर पे पता पटक कर छोड़ सकेगा और बच्चा भी दे सकगे. वैसे भी वो अब सुधर hi गया है .

दिया – देवा मए चाहती हु के वो पूरी तरह ठीक हो जाये काम काज करे शराब न पिए और घर का अच्छे से धायण रखने लगे. पर फिर भी अब मए उन्हें वो पत्नी का सुख नहीं देना चाहती. इसलिए मेरे ऊपर मेहरबानी होगी तेरी. तू उसे जैसे चाहे वैसे फिट कर दे लेकिन बिस्तर पे वो जैसे है वैसे hi रहे. है उस के साथ सौगी मए , वो जब चाहेंगे उन के लिए अपनी टंगे भी खोल दूगी. लेकिन वो जितना क्र पाएंगे उतना hi ठीक है ………..

…….क्यों की मए बिस्तर पे हमेशा तेरा hi साथ चाहती हु पूरी जिंदगी.

इतना कह कर वो अपनी निघ्त्य उतर के फेंक देती जिसके नीचे वो बिलकुल नंगी थी . बस फिर चुदाई का भयानक तूफ़ान और कमरे में दिया की सिसकिया और कराहे. 1 घंटा भरपूर चुदाई के बाद दिया अपनी बिगड़ी हालत को सुधरती है और देवा के होठो को चुम कर चली जाती है अपने कमरे में और नंगी hi रघु से लिपट कर सो जाती है.
 
अपडेट - 17

दूसरे दिन सुबह जब देवा अपनी साधना से फ्री हुआ तो शलाका को याद किया.

शलाका - कहिये देवा

देवा – आज मां ममी आ रहे है तो तुम किसी को भेज कर उन्हें ********* से रिसीव करवा लेना और उन्हें सीधा बंगले पे hi पहुंचना वह उन के स्वागत और आराम का पूरा इंतजाम भी देख लेना हम लोग तो दोपहर बाद hi पहुचेगे और है वह पूजा होनी है तो पूजा, पंडित, और हवन का इंतजाम भी देख लेना.

शलाका – हो गया समझो देवा

देवा - थँक्स शलाका तुम नहीं होती तो मेरा क्या होता?

शलाका मुस्कराते हुए – फ़्लर्ट कर रहे हो? वैसे ऐसी कोई बात नहीं मुझे हमेशा अपने पास hi पाओगे.

देवा – ok अब मए चलता हु बाबू जी इंतजार कर रहे होंगे

फिर देवा घर आता है और फिर पहलवानी से फ्री हो कर नाहा कर तैयार हो कर आ जाता है. तो देखता है के रघु भी नाहा धोकर तैयार बैठा है.

देवा – अरे वाह भैया आप तैयार है कही जा रहे है क्या.

रघु – है देवा मए खेत चल रहा हु तेरे साथ. कल कहा था न मैने.

देवा – ये तो बहोत ख़ुशी की बात है लेकिन अभी आप खेत नहीं जा सकते.

सब देवा को देखने लगते है.

रघु – क्यों भाई क्यों नहीं जा सकता. वैसे तो सभी कहते है खेत जाने को . आज मए जाना चाहता हु तो तू रोक रहा है.

देवा – वो इसलिए भैया क्यों की आज मए भी खेत नहीं जाउगा .

हमने एक नया बंगले लिया है पीछे जो अंगूर और आम के बैग है उसी के साथ जो बंगला नया बना है न वो अपना hi है.

रघु – अरे वाह देवा तूने ये कब किया.

देवा – बस अभी hi लिया है. और आज से हम सब वही रहेंगे. तो आज हमें ये घर खली कर के वही जाना है.

दन – है रघु. ये सब देवा का hi कमल है और मजे की बात तो ये है के वो बैग और बांग्ला लेने के लिए देवा ने न तो मुझसे कोई पैसा माँगा न hi खेतो की कमाई से एक रुपया लिया ये सब इस के खुद के दिमाग का इसकी खुद की म्हणत का कमल है. आज तक मैने अपने बच्चो को अपनी म्हणत से बनाये इस घर में रखा अब हम देवा की मेहनत से बने उस घर में रहेंगे.

रघु – ये तो चमत्कार है देवा. लेकिन तुमने खेतो का पैसा भी नहीं लिया तो फिर इतना सारा पैसा कहा से आया?

देवा – भैया वो 6 लाख मैने खेतो से hi लिए थे उसे hi किसी चीज़ में लगाया और उस के मुनाफे से ये सब गाड़ी बंगले और बैग बनाये. और है बाबू जी वो पैसे यानि 6 लाख जो मैने खेतो से लिए थे वो भी मैने माँ को दे दिए है.

दन – ये क्या बीटा माँ को देने की क्या जरुरत आखिर है तो सब कुछ तुम दोनों का hi तो तेरे पास hi रखे थे तो क्या बुरा था.

देवा – नहीं बाबू जी खेतो की कमाई का हिसाब आप अलग से रखते है तो उसमे गड़बड़ नहीं होनी चाहिए इसलिए माँ को दे दिए है.

और अभी मुझे थोड़ा काम से जाना है तो आप लोग तैयार रहना मए 2 घंटे में आता हु फिर चलेंगे.

इतना कह कर देवा निकल गया ठाकुर की हवेली क्यों की 11 बजे रहे थे और ठकुराइन ने कहा था ठाकुर 10 बजे निकल जायेगा. आज उसे ठकुराइन से मिलना था यानि दिया के समाने जो कसम खाई थी उसकी दूसरी कड़ी को पूरा करना था, एक कड़ी ज्योति के रूप में पूरी हो hi चुकी थी, अब ठकुराइन के अलावा भी दो कड़िया और थी एक बाला की बीवी दूसरी ठाकुर के दूसरे बेटे सत्तू की बीवी. वो सत्तू जो अभी जेल में है और उसे जेल भिजवाने वाला है देवा का बाप.

“अब यार थोड़ा सा सबर रखिये ये कब हुआ, कैसे हुआ, क्यों हुआ. सब पता चलेगा आगे, don’t वोर्री”

देवा रेंज रोवर से हवेली में सीधा घुस गया आज भी उसे रोका नहीं गया था. जैसे hi देवा हवेली पंहुचा सामने हॉल में ठकुराइन बैठी थी.

गजब चमक रही थी वो. लाल कलर की साड़ी में गोरी चिट्टी थोड़े से भरे बदन की मालकिन होठो पे लाल लिपिस्टिक बदन पे गहने. बहोत ज्यादा खूबसूरत लग रही थी वो.

आप सभी को बता दूँ.. ठकुराइन िश वक़्त 42 शाल की गोरी चिति औरत थी.. नाम माला ज़रूरत से ज्यादा सेक्सी थी..

……….माला की चुकी 40 की thi..bilkul कड़क, कमर 32 , और गांड 38 की थी...

ठकुराइन – आओ आओ देवा बैठो. तुम तो समय से आ गए मुझे लगा तुम भूल गए होंगे.

देवा – नहीं मुझे कल का आप के होठो का अहसास अपने लुंड पे आज भी है. उसने मुझे भूलने hi नहीं दिया.

ठकुराइन हस्ते हुए – मजाक अच्छा है. भला मुझ जैसी मातुरे औरत क्या अहसास देगी तुम्हे तुम तो खुले सांड हो गाँव की कितनी गे को गाभिन किया है अब तक?

देवा – मए खुला सैंड जरूर हु लेकिन आवारा नहीं हर किसी गे पे नहीं चढ़ता जो अच्छी नेसल की होती है उसी पे चढ़ता हु . और उनकी गिनती ज्यादा नहीं .

ठकुराइन - यानि मए पहली नहीं हु?

देवा – नहीं आप पहली तो नहीं लेकिन अब तक जो आयी उनमे सबसे खूबसूरत जरूर है.

तजुरइन – और ये बात कितनो से कह चुके हो. ?

देवा – सबसे हाहाहाःहाहा

दोनों हसने लगते है तब तक कॉफ़ी आ जाती है.

देवा - ठाकुर गया सिटी?

ठकुराइन – है वो तो गए. अपने बेटे को देखने अब वो दोपहर तक hi आएंगे.

देवा – अपने बेटे को देखने मतलब क्या वो आपका बीटा नहीं है? आप क्यों नहीं गयी उसे देखने?

ठकुराइन – तुम्हरे दोनों सवालो का जवाब एक hi है के वो मेरा बीटा नहीं है. बल्कि मुझे तो उससे नफरत hae.balki कहा जाये तो तीनो से नफरत है ठाकुर और उसके दोनों बेटो से.

देवा – नफरत मगर क्यों? और ये दोनों आपके बेटे नहीं तो फिर किस के है?

ठकुराइन – वो दोनों ठाकुर की पहली बीवी के बेटे है. वो एक भली और अच्छी औरत थी लेकिन उसे कैंसर की बीमारी हो गयी थी जिसमे उनकी मौत हो गयी बाला और सत्तू उन्ही के बेटे है. उस के मर जाने के बाद ठाकुर की नजर मुझ पे गयी मेरे पिता जी ने ठाकुर से पैसे उधर लिए थे माँ की बीमारी की वजह से और वो उसे लौटा नहीं पा रहे थे मए शहर में पड़ती थी . एक दिन मए गाँव लौटी तो ठाकुर वही हमारे घर पे बैठा हुआ था. अपने पैसे की वसूली के लिए आया था. उस की गन्दी नजर मुझ पे पड़ी. तो उसने मेरे पिता जी के सामने ये बात राखी के अगर वो मेरी शादी उससे करा दे तो पिता जी का सारा क़र्ज़ माफ़ और खेतो के पेपर्स भी उसी समय दे देगा.

मेरे पिता जी की मर्जी तो नहीं थी लेकिन उन के पास और कोई रास्ता भी नहीं था क्यों की ठाकुर मुझे देख चुक्का था वो मन भी करते तो मेरी इज्जत ठाकुर लूट hi लेता और फिर मुझे फेंक कर चला जाता मेरे बाप का क़र्ज़ भी वैसा hi रहता और शायद मए भी जिन्दा न रहती…………

………….. इसीलिए मेरे पिता जी ने दिल पे पथ्थर रख कर मेरी शदी इस ठाकुर से करवा दी. मए पहले तो बहोत रोइ लेकिन मैने भी हालत से समझौता कर लिया. और इसी बहाने ठाकुर की इस बेईमानी की दौलत से अपने पिता जी की भी मदद करती रही.

देवा – तो क्या ये बात ठाकुर नहीं जान पाया के आप उसकी दौलत अपने पिता को देती है.

ठकुराइन – उसे सब मालूम है लेकिन वो कुछ कर नहीं पाया क्यों की मुझसे शादी कर के उस की कमजोरी जो मुझे पता चल गयी थी. जिसे वो किसी के सामने आने नहीं दे सकता था.

देवा – कैसी कमजोरी?

ठकुराइन – नामर्द है साला कुत्ता.

देवा – क्या? नामर्द?

ठकुराइन – है नामर्द है वो ढींगे कितनी भी मार ले लेकिन एक औरत को खुश करना उस के बस की बात नहीं. 2 मिनट में hi छूट जाता है. औरत की गर्मी उसे बर्दाश्त नहीं होती.

देवा – समझ गया. लेकिन फिर ज्योति कैसे?

ठकुराइन – वो मेरे प्यार की निशानी है. मए सिटी में किसी से प्यार करती थी उसी से मेरा शारीरिक सम्बंद बन गया था मए पेट से होगयी और यही बात मए घर पे बताने आयी थी और शादी की इजाजत भी लेने आयी थी लेकिन यहाँ ये सब हो गया

देवा – क्या ठाकुर ये जनता है ?

ठकुराइन – है उसे मैने शादी से पहले hi बता दिया था के मुझे एक महीने का गर्भ है. पर उसने वो भी मान लिया और मुझसे शादी कर ली.

देवा – फिर आप के लिए तो वो अच्छा आदमी हुआ आप उस के बेटो से इतनी नफरत क्यों करती है. के उन्हें मिलने भी नहीं गयी .

ठकुराइन – पहली बात तो ये ठाकुर किसी हिसाब से अच्छा आदमी नहीं वो खुद औलाद पैदा कर नहीं पता लेकिन मेरा होने वाला बचः उसे फिर से समाज में मर्द साबित कर देता बिना उस के कुछ किये. इसलिए उसने मुझे स्वीकार किया और उस के बेटे? वो दोनों मादरचोद बीटा शब्द के नाम पे कलंक है

………देवा को ठकुराइन के मुँह से गाली सुन के मजा भी आया और आश्चर्य भी हुआ की वो गाली कैसे दे सकती है.

ठकुराइन –वो दोनों अपने बाप की कमजोरी जानते है. इसलिए उनकी गन्दी नजर मेरे ऊपर भी रहती है. कबि बिना बताये मेरे बैडरूम में आ जाते है. जब मए कपडे बदल रही होती हु, तो कभी बाथरूम से झांकते है. 2-3 बार तो उस के दोनों बेटो ने अलग अलग मेरा रपे करने की भी कोशिश की लेकिन मैने खुद को बचा लिया. अच्छा hi हुआ एक जेल में साद रहा है दूसरे को किसी ने हॉस्पिटल पंहुचा दिया. ……….

………… लेकिन मुझे अफ़सोस है के उसे हॉस्पिटल पहुंचने वाले ने उसे जान से क्यों नहीं मारा.

देवा – अगर बाला मर जाता तो क्या आपको ख़ुशी होती ठकुराइन?

ठकुराइन – है बहोत ज्यादा ख़ुशी होती आओ ऊपर षाले है मेरे बैडरूम में.

फिर देवा और ठकुराइन ऊपर चले जाते है बैडरूम में जहा एक किंगसिजे बीएड रखा था कमरा बहोत शानदार था ठकुराइन एक अंगड़ाई ले कर बीएड पे बैठ जाती है और अपने बगल में गद्दे को थपका कर देवा को बैठने का इशारा करती है.

देवा भी उस के बगल में बैठ जाता है तो ठकुराइन देवा को गाल पे किश करती है. देवा उसके हाथ पीछे कर देता है.

देवा – मए आपसे कुछ कहना चाहता हु ठकुराइन

ठकुराइन – कहो लेकिन तुम मुझे न तो आप कहोगे न hi ठकुराइन मेरा नाम माला है वही कहो.

देवा – ठीक है माला जो मए तुम्हे बताने जा रहा हु उसे सुन कर अगर तुम चाहो तो मुझे यहाँ से निकल भी सकती हो मुझे बुरा नहीं लगेगा.

माला – ऐसी क्या बात है. देवा ?

देवा – तुम जानती हो मेरी ठाकुर से बहस हुई थी कुछ दिन पहले यही हवेली में . उस दिन उसने वसूली के लिए अपने 6-7 आदमी भेजे थे. मेरे घर जो की मेरे घर वालो को परेशां करे. और जब मए घर पंहुचा तो वो वही कर रहे थे. मैने उन सब को मार मार के जिन्दा जला दिया., फिर ज्योति ने मुझे अपने फार्महाउस पे बुलवाया था उसे भी मुझसे बेवजह की नफरत थी. उसने अपने 10-12 आदमी वह खड़े कर रखे थे जो की ठाकुर के hi आदमी थे मैने उन सबको भी जान से मार दिया. उस के बाद बाला ने रत के समय मेरी मासूम बहन को उठवा लिया और अपने दोस्तों के साथ मिल कर उसका बलात्कार करने वाला था फार्म हाउस पे के तभी मए पहुंच गया और उस के दोस्तों को तो बहोत बुरी मौत मारा लेकिन बाला को मए इस जीवन से मुक्ति नहीं देना चाहता था उस रात जो वो करने वाला था यदि कर लेता तो मेरी बहन जिन्दा नहीं बचती और बचती तो जिंदगी भर खून के आंसू रोटी रहती. मैने उस बाला की जिंदगी नर्क बना दी अब वो जब तक जियेगा घिसट घिसट कर जियेगा. न वो जी सकेगा न मर सकेगा……..

………. है माला मए hi था जिसने बाला की ये हालत की है.

जैसे hi देवा पलटा माला ने झपट्टा मार के उसका गिरेबान पकड़ लिया और…………….

……….. उसके होठो को चूमने लगी फिर उसके पूरे चेहरे को चूमती चली गयी.

माला – देवा तूने ये बता कर मुझे खुश कर दिया बहोत सही इंसाफ किया तूने उस के साथ. उस जैसे कुत्ते के साथ यही होना चाहिए था.

देवा – अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई माला, आगे जो में बताउगा उसे सुन कर शायद तुम्हे मुझ पर गुस्सा आ जाये.

माला – वो भी बोल के देख लो.

देवा – ज्योति को उस दिन फार्म हाउस पे मैने हरा दिया उस के सब आदमियों को मौत दे कर. लेकिन वो तिलमिला गयी. और मुझ पर हमला किया मैने उसका हमला जानबूझ कर झेला के वो मेरा खून देखना चाहती है तो देख के शांत हो जाये. लेकिन ऐसा फिर भी नहीं हुआ वो अहंकार और गुस्से में अंधी हो चुकी थी और उसका वही अहंकार तोड़ने के लिए मैने उसे होठो पे किश भी किया और उसे वही लिटा के उसकी छूट में अपना लुंड भी डाला 2 इंच. उसे ये बताने के लिए की मए चहु तो अभी उसे बर्बाद कर सकता हु लेकिन वो मासूम है इसलिए उसे छोड़ रहा हु………

……….. लेकिन फिर हुआ इसका उल्टा , वो मुझ पे फ़िदा हो गयी और कल मुझे अपने फार्म हाउस पे फिर से दोस्ताना अंदाज में बुलाया और मुझे प्रोपोज़ किया मैने उसे साफ़ कह दिया के मए किसी और से प्यार करता हु तो उसने भी कहा मुझे कोई आपत्ति नहीं लेकिन फिर भी उसे मेरा प्यार चाहिए. और फ्री हमारे बीच 3 घंटे तक सेक्स हुआ . अब वो कुवारी नहीं है.

……माला इस बार खामोश बैठी रही. फिर अचानक.

माला – देखो देवा ये उसकी जिंदगी है उसने जो किया बहोत सोच समझ कर किया वो कोई बच्ची नहीं है. और नहीं तुमने उसके साथ कोई रपे किया. तुमने अपनी सच्चाई बता दी और सब जान के भी वो तुम्हरे साथ सोने को राजी hi रही तो ुम दोनों ने सेक्स किया इसका मतलब इस में पूरी मंजूरी और मर्जी उसी की थी. तो मुझे तुम दोनों से कोई शिकायत नहीं और मुझे कोई एतराज नहीं. न hi मए किसी से नाराज हु.

……………लेकिन देवा मए दाहक रही हु इस बदन की आग में. कल तूने मेरी बेटी को जो सूख दिया आज वही बरसात मेरे अंदर कर के मेरी आग बुझा दो वो साला नामर्द ठाकुर महीने में एक दो बार hi चढ़ता है मेरे उपोयर लेकिन फिर भी बुझाने की जगह आग भड़का कर सो जाता है. मुझे. फिर से वो सुख दे दो देवा.

देवा – दे दुगा ठकुराइन लेकिन…………..

माला – अब क्या लेकिन देवा?

देवा – मुझे बाला और सत्तू की बीवियों को छोड़ना है वो भी उन्ही की मर्जी से …….

माला – बस इतनी सी बात अरे वो दोनों तो पूरी चुड़क्कड़ घोड़िया है ठाकुर खंडन की बहु न होती तो पता नहीं कितनो के नीचे सो चुकी होती. और अब तो बाला अपनी पत्नी को छोड़ नहीं पायेगा, और सत्तू तो वैसे भी लम्बे आरसे से जेल में है उसकी बीवी की बुर भी खुजला रही है दोनों को कई बार मैने अपनी बुर में बैंगन डालते या ऊँगली करते देखा है रातो को . तू चिंता मत कर वो तो तेरे इस लुंड के नीच hi है समझ लो . पर पहले मेरी आग बुझा दे देवा .

देवा अब माला को अपनी बहो में जकड लेता है और सके रसीले होठो को चूसने लगता है और बड़ी बड़ी 38” की चूचिया भी दबाने लगता है माला भी कब से बेचैन थी वो झटके से अपनी साड़ी उतर फेंकती हे और देवा की शर्ट भी उतरने लगती है सुर उसके घने बालो वाले सीने में उंगलिया फेरते हुए देवा के छोटे छोटे निप्पल्स को अपने दांतो से काटने लगती है देवा भी पागल होने लगता है किसी ने आज तक उसके निप्पल नहीं चूसे थे. जीन्स में देवा का लुंड पूरा घूम गया था और बहार निकलना छह रहा था उसे अपने लुंड में बहोत दर्द होने लगा था.

वो पेटीकोट के ऊपर से ठकुराइन की बड़ी सी गांड पकड़ के दबाने लगता है ठकुराइन अब नीचे आती हर और देवा की बेल्ट खोल कर उसकी जीन्स का बत्तों खोल देती है और जैसे जीन्स की चैन उतरती है देवा का लुंड झटके से बहार निकल आता है. ऐसा लग रहा था के उसका लुंड भी आजाद होकर ठंडी हवा में अंगड़ाई ले रहा हो पर माला ने उसे ज्यादा देर आज़ाद नहीं रहने दिया देवा की जीन्स निकल कर माला ने देवा का लुंड पकड़ा और जोर जोर से चूसने लगी. देवा भी ठकुराइन के सर को पकड़ कर उसका मुँह छोड़ने लगता है…………

………. ठकुराइन तो रुकने का नाम हो नहीं लाए रही थी.

देवा – ओह्ह माला और जोर से चूस बहोत दर्द कर रहा था मेरा लुंड अंदर. माला देवा के सुपडे पे अपनी जीभ घुमा घुमा के चाट भी रही थी और कभी पूरा लुंड निकल के उसे चाट लेती यही सब काफी देर तक करने के बाद माला उठ कर अपने कपडे निकलने लगती है. तभी देवा की नजर शीशे में जाती है जहा उसी कमरे की खिड़की दिख रही थी. वह कोई खड़ा उन्हें देख रहा था परछाई से लग रहा था वो कोई औरत है.

……देवा पूरी नंगी हो चुकी माला को अपनी बहो में भर लेता है और अपना लुंड उसकी बुर पे रगड़ने लगता है तो उसकी सिसकारियां तेज़ हो जाती है देवा माला के कान में धीर से ……..

………जरा उस आईने में देखो खिड़की पे कौन खड़ा है?

माला चौंक जाती है और तिरछी नजर से देखती है और जोर जोर से uuuuuhhhhhhhhaaaaaaaaaahhhhhsssssssssseeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh

Uuuhhhhhhhhhh मेरे देवा मुझे पैर करो तोड़ डालो मुझे ये सब आवाजे निकलती है जिससे की बहार कड़ी लेडी सुन सके. फिर धीरे से देवा के कान में ये बाला की बीवी है उसे hi सुना रही थी अपनी आवाज़े………………..

देवा – तो क्या ये आवाज़े नकली थी तुम्हे मजा नहीं आ रहा क्या ? इतना कह कर देवा माला की बड़ी सी चुकी पकड़ कर दबा देता है. जिससे माला फिर चीखती है ooooooooooohhhhhhhhhhhhh देवा क्या करता है उखड देगा क्या मेरे मम्मीईईईई oooomaaaaaaaaaaaahhhhhh धीरे दबा देवा. ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह काट मत मेरे निप्पल को seeeeeeeeeeeeee हे भगवन आज तो ये देवा मुझे खा hi जायेगा….

………. इतना मजा तो आज तक पूरी जिंदगी में नहीं मिला मुझे देवा ……….ssssssseeeeeeeeeeeeoooohhhhhhhhaaaaahhhhhh

……….बहार से अब चूडियो की हलकी सी छनकने की आवाज़ आ रही थी शायद वो अपनी छूट में ऊँगली कर रही थी ये देवा के लिए गुड़ न्यूज़ hi थी………….

……….फिर देवा माला को बिस्तर पे लिटा देता है .इस वक़्त उस के बदन पे सिर्फ गहने थे वो कमल की लग रही थी सोने के गहनों से लड़ी हुई एक डैम नंगी माला बिस्तर पे नागिन की तरग मचल रही थी. जिसे देख के देवा लुंड कूदने लगा.

उसने भी देर न करते हुए अपना लुंड माला की झांटो से भरी बुर पे रखा और एक धक्का मारा तो देवा के सुपडे से माला की छूट चिर गयी आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह देवा बहोत मोटा है तेरा सूपड़ा धीरे धीरे घुसा न क्या करता hae.mmmaaaaaaaaaaaahh …

………फिर देवा ने अगला शॉट मारा और अपना सिर्फ 7 इंच लुंड माला की बुर फाड़ता हुआ घुस गया….

Aaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhdevvvvaaaaaaaaaaaaaaaakya कर दिया aaaaaahhhhhhhooooohhhhhhhhhhhhh प्लीज रुक जा न अअअअअअअ…………

………. देवा ने माला की चूचियों को निशाना बनाया उन्हें पकड़ कर जोर जोर से दबाते हुए चूसने लगा और माला के कण में

………. इतना क्यों चीख रही है साली तू तो चूड़ी हुई है बचा भी निकल चुकी है.

आआआआहहहहह देवाआआआ……………………

माला- है चूड़ी हुई हु लेकिन बचा ऑपरेशन से हुआ था और जिनसे चूड़ी हु उनका लुंड इतना बड़ा और मोटा आआआआअह्ह्ह्हह मोटा नहीं थाआ रे आआआहहह थोड़ा धीरे छोड़ देवाआआआ. ……..

…………… और फिर ऐसी आवाज़ों का फायदा भी तुझे hi मिलेगा न वो परछाई देख बाला की बीवी मेरी आवाज़े सुन कर कैसे तेजी से ऊँगली कर रही hae.uski छूट तो तेरे नाम हो hi गयी इसी ख़ुशी में छोड़ मुझे devaaaaaaaaaaa

माला खुले आवाज़ से - devaaaaaaaaaaaa... मेरे rajaaaaaaaaaaa... मैं कई शालो से

पयासीईई हूँ reeeeeeeeee...

माला- uuuuuuuuuuuuuuuuiiiiiiiiiii..maaaaaaaaaa.. Devaaaaaaaaaa... तुझे तेरे मर्दानगी की कसम .. आअज मेरी प्यास को बुझा दे मेरे देवाआआआआ...

फिर देवा ने अपना लुंड सुपडे तक निकल के अंदर घुसा दिया और इस बार पूरा 10” घुसा दिया ऐसे hi माला की चीखो की परवाह न करते हुए 5-6 बार किया और फिर अपनी राफ्तेर पकड़ ली

माला खूब ज़ोर ज़ोर से - devaaaaaaaaaaa... मैं झड़ने वाली हूँ reeeeeeeeeee... थोड़ा और tezzzzzzzzzzzzz...

देवा तो अभी झड़ने वाला था नहीं . देवा खूब ज़ोर ज़ोर से चुदाई करते हुए..

देवा - माला.. क्या तुम फॅमिली प्लानिंग कर चुकी हो ?

माला चिल्लाती हुयी - नहीं..

देवा - मैं तेरी बच्चेदानी को मेरे पिचकारी से भर दूंगा आज..

माला- उउउउउउउइइइइइइइइ.. माआआआआ... नहीं देवायआ.. मेरी बेटी सदी के लायक है अब.. िश उम्र

में मैं फिर से प्रेग्नेंट होना नहीं चाहती...

देवा ज़ोर ज़ोर से ढके दे कर- प्लस माला.. अगर तू सच मुछ अपनी बेटी ज्योति को प्यार करती हो

तो.. ज्योति के लिए एक भाई या बेहेन िश दुनिया में लेकर आओ.. तुम्हे ज्योति की कसम..

माला चीख कर devaaaaaaaaaaaaaa... तूने मेरी ज्योति की कसम दिला कर मुझे चुप करवा

दिया... देवाआआआआ मैं झड़ने वाली हूँ रईईईई.. भर देना तेरे दाहि को मेरी मटकी में..

इतना बोलकर माला खूब ज़ोर ज़ोर से झड़ने लगी..

माला - देवाआआआआ... मेरा राजाआआ.. थोड़ा पयररररर से छोड़ मेरे राजा.. मैं कोई

बाजार की रंडी नहीं हूँ रईईई.... Uuuuuuuuuuuu..maaaaaaaaaa... Meriiiiiiiiii.. chuttttttttttttt..

फाड् डाला रईईईई...

देवा को अब अच्छा लग रहा था .. देवा ने सपने में भी नहीं सोचा था की.. माला की छूट इतनी टाइट लगेगी..

देवा एक hi धुन में माला की छूट को कंटिन्यू छोड़ता गया..

देवा के खतरनाक प्रहार से माला की छूट की आगे की रास्ता आटोमेटिक खुल गया..

अब देवा का सूपड़ा सीधा माला की बच्चेदानी के अंदर ठोकर मरने लगा..

बच्चेदानी के अंदर देवा का मोटा सूपड़ा प्रहार होते hi.. माला की साडी दर्द गायब हो गयी..

अब माला भी देवा के साथ देने लगी.. माला निचे से कमर उठा उठा कर देवा को रेस्पोंद देने लगी थी जिससे देवा समझ गया की माला की साडी दर्द गायब हे..

सो देवा ने आपने चुदाई का पोजीशन चेंज किया..

देवा फाटक से माला को आपने दोनों हाथो में उठा कर खड़े हो गया..

और नीचे से छूट पे लुंड सेट कर के घुसा दिया और लगा धक्के लगाने.. ऐसे खड़े खड़े बड़ी बेरहमी से माला को ठोकने लगा..

देवा का घमासान प्रहार से माला ऊँची आवाज़ से छिलने लगी..

माला - aaaaaaaahhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaa....

meriiiiiiii..chutttttt..aaajjjjjjjj.. बॉदा बन जेईईईई...

माला को जितना दर्द हो रहा था.. ुष से कई गुना मज़ा भी मिल रहा था..

माला -devaaaaaaaaaaa... मेरे राजाआआ.. तू जिस रफ़्तार से मुझे छोड़ रहा हे.. वैसे तो ठाकुर ने भी कभी नहीं छोड़ा devaaaaaaaaaa.. मैं गयी reeeeeeeeee..

इतना बोलकर माला एक बार फिर झड़ने लगी..

देवा फाटक से माला को बीएड पर लेता कर.. दोनों पेअर को कंधे पर चढ़ा कर.. चुदाई करने लगा..

क्यों की देवा समझ चूका था माला झाड़ चुकी हे..

देवा माला को गन्दी गन्दी बाटे करते हुए चुदाई करने लगा.. और कुछ मिनट्स के बाद

माला फिर से उत्तेजित हो कर देवा को कास के अपनी बाँहों में भर दिया..

कुछ देर के बाद देवा के लुंड से भूकंप आने वाला था.. देवा का तेज़ तेज़ प्रहार को माला भी समझ चुकी थी की देवा पिचकारी छोड़ने वाला हे..

माला के दोनों हाथ और सख्त हो गयी..

देवा अचानक एक के बाद एक पिचकारी को माला की सुखी ज़मीं पर बरसात करने लगा...

देवा की शक्तियों से बना हुआ पावरफुल वीर्य माला की बच्चेदानी के अंदर लोड होने लगा था...

जैसे hi देवा का वीर्य माला की बच्चेदानी के अंदर घुसा..20 सेकंड के बाद.. देवा के वीर्य में मिली हुई शक्तियों ने.. माला की बच्चेदानी की ढकन को अंदर से लॉक करने के लिए मज़बूर कर दिया..

कुछ समय के बाद देवा पूरी तरह से सटिस्फी हो कर जब लुंड को माला की छूट से निकला.. तब एक भी वीर्य के बून्द.. माला की छूट से नहीं निकला..

माला की हालत पास्ट हो चुकी थी. ….

माला आश्चर्य से – देवा मुझे पता है तूने बहोत सारा पानी छोड़ा है मेरी छूट के अंदर फिर भी एक बूँद बहार नहीं गिरी ऐसा क्यों?

देवा – क्यों की तुम्हरी छूट प्यासी थी पूरा पी गयी और उसे तुम्हरी बच्चेदानी ने अपने अंदर भर भी लिया तो बहार कैसे गिरता अब तुम मेरे बच्चे को पैदा करोगी.

देवा ने देखा अब खिड़की पे कोई परछाई नहीं थी. शायद उन्हें झाड़ता देख के बाला की बीवी भी चली गयी थी.

देवा – माला मैने बाला से वादा किया था की उसकी आँखों के सामने तुम्हे छोड़ूगा. क्या मेरी कसम पूरी करने में मेरी मदद करोगी.

माला हस्ते हुए – तुम्हे और कोई कसम नहीं मिली अरे उसकी बीवी का नाम ले लेते .

देवा- मुझे तब क्या पता था वो तेरा बीटा नहीं है. मए तो उसकी आँखों के सामने उसकी माँ छोड़ना चाहता था . और वही अब भी करुगा अब कसम ली है तो पूरी करुगा. भले hi सगी न सही सौतेली माँ hi सही पर उसकी आँखों के सामने उसकी माँ छोड़ूगा और वो सिर्फ देखता रहेगा.

माला – ठीक है छोड़ लेना मुझे कोई एतराज नहीं बल्कि मए कोशिश करुँगी के उसकी आँखों के सामने तू मेरे साथ साथ उसकी बीवी को भी चोदे कुटिया बना के तब आएगा मजा.

देवा आगे बाद के माला के होठ चुम लेता है.

देवा – थैंक यू माला . अब मए चलता हु. काफी देर हो गयी है. फिर मिलेंगे………

………तभी ठकुराइन का मोबाइल बजता है.

माला मोब. देख कर – देवा रुको एक मिनट ये सुन के जाओ . . . . . . .
 
अपडेट - 18

माला मोब. देख कर – देवा रुको एक मिनट ये सुन के जाओ……….

अब आगे...........

माला मोबाइल को लाउड स्पीकर पे लगा के

माला - hello

ठाकुर – साली छिनाल कहा मर गयी थी. छुड़वा रही थी क्या इतनी देर ?

माला स्माइल करते हुए – है छुड़वा रहे थी अब तुम अपनी बात बोलो जल्दी मुझे फिर से छोड़ना है.

ठाकुर - बकवास मत कर और सुन बाला को यहाँ से डिस्चार्ज करवा रहे है डॉ. ने जवाब दे दिया है के वो कभी ठीक नहीं होगा. इसीलिए उसे घर hi ले जाना उचित है तो हमे आने में देर हो जाएगी शाम तक आएंगे हम लोग . सारा इंतजाम करवा देना बाला के कमरे साली कुटिया. रख फ़ोन.

…………… इतना कह कर ठाकुर ने फ़ोन रख दिया

माला – लो तुम्हारा काम हो गया बाला आ रहा है अब जब चाहे मुझे उस के सामने छोड़ लेना .

देवा – ठीक है अब मुझे जाने दो फिर मिलेंगे.

………… फिर देवा वह से रेडी हो के निकलता है और सीधा आता है पूनम के घर.

देवा ने जैसे hi पूनम के आंगन में कदम रखा वो वही रुक गया. सामने पूनम कड़ी अपने गीले बाल सूखा रही थी. और बहोत प्यारी लग रही थी.

अचानक पूनम की भी नजर गयी सामने तो उसने देखा देवा उसे बिना पालक झपकाए देख रहा है तो वो भी देवा की आँखों में खो गयी.

थोड़ी देर के बाद देवकी बहार आयी तो दोनों को ऐसे खोये देख कर गाला खंखार के साफ़ किया जिससे दोनों होश में आये देवकी को देख कर पूनम शर्मा के अंदर भाग गयी

देवकी – क्या हुआ देवा अपनी होने वाली बीवी में ऐसा क्या खो गया के मुझे देखा hi नहीं .

देवा – अरे नहीं काकी ऐसी कोई बात नहीं वो तो बस ऐसे hi…….

……….देवकी - चल छोड़ आ अंदर आ जा.

देवा अंदर गया तो पद्मा अपने काम में व्यस्त थी.

पद्मा – अरे देवा तुम कब आये?

देवा – बस अभी आया काकी आप लोग तैयार हो जाइये और मेरे साथ चलिए.

पद्मा – कहा ले जा रहा है हमें?

देवा – चलो तो काकी सब यही बता दुगा तो मजा ख़राब हो जायेगा.

देवकी - अरे मजा लेना है तो हम सबको क्यों ले जार है है पूनम को hi ले जा न

देवा – क्या काकी आप भी. ऐसी कोई बात नहीं बस आप लोग 5 मिनट में तैयार हो जाओ मए कुछ नहीं जनता . मए बहार इंतजार कर रहा हु गाड़ी में. आप तीनो आ जाओ. जल्दी से कपडे बदल कर. और है पूनम को वो नया नेकलेस पहनने को भी कहना जो माँ ने पहनाया है पूनम को.

और देवा बिना उनकी बात सुने बहार निकल जाता है. और अपनी गाड़ी में बैठ कर दिया को फ़ोन लगता है.

देवा – hello कैसी हो डिअर

दिया – क्या बात है देवर जी बड़ा प्यार आ रहा है. वो भी दिन दहाड़े.

देवा – अरे मेरी जान तुम पे हर वक़्त प्यार आता है. क्या कर रही हो

दिया – इंतजार कर रही हु की कब मेरा राजा आये और मुझे महल में ले जाये.

देवा – अच्छा जी तो चलो इंतजार ख़तम मए अभी आया 10 मिनट में ……………

…………वैसे बाकि सब तैयार हुए या नहीं ?

दिया - सभी तैयार है और अपने शहजादे का इंतजार कर रहे है कहा हो तुम ?

देवा – वो मए अभी पूनम के घर आया था उन्हें लेने बस हम लोग पहुंच रहे है. लो वो लोग आ गए अब फ़ोन रखो हम आते है.

दिया – ऐसे नहीं पहले किश करो

देवा – uuuuuuuummmmmmmmmaaaaaaaaaahhhhhhh खुश

दिया – जी है खुश उउउउउउम्मम्ममायआ जल्दी आ जाओ. bye

फिर देवा उन तीनो को बैठा देता है जिसमे देवकी पूनम को देवा के साथ आगे बिठा देती है और पद्मा के साथ खुद पीछे बैठ जाती है. पूनम बहोत खूबसूरत लग रही थी उसने आज शहर से लाये हुए नए फैशनबल सुईठे पहना थे साथ में देवा का दिया हुआ नेकलेस हाथ में उसी की अँगूठीऔर घडी भी. देवा राफ्तेर से गाड़ी चला के सीधा अपने घर आता है और उन्हें वही बिठा कर सीधा अंदर आता आहे .

देवा – चलिए बाबू जी

दन – कहा रह गए थे बीटा कब से इंतजार कर रहे है हम .

देवा – वो सब छोडो आप चलो बस अब

फिर सब लोग बहार आ कर पद्मा देवकी और पूनम से मिलते है अब पूनम खुद hi उतर के पीछे चली गयी और देवा ने बाबू जी को और रघु को आगे बिठा दिया.

और फिर थोड़ी hi देर में सब लोग पहुंच गए देवा के नए घर जहा बहोत शानदार धांसू टाइप बंगले खड़ा था जिसे बहार से देख कर hi सबकी आँख चुधिया गयी.

गेट पे वर्दी में दो गार्ड खड़े थे गेट खोलने के लिए. और उन दोनों के पास लेटेस्ट गन्स थी हाथ में.

देवा की गाडी देख कर उन्होंने गेट खोल दिया बिना रुके गाडी अंदर कौंद से गुजरने लगी जहा चारो तरफ फूल लगे हुए थे अच्छा खासा लॉन बना हुआ था जिस पर हरी हरी मखमली घास बिछी हुई थी. फिर गाड़ी जा कर मैं गेट के सामने पोर्च में रुकी.

तो वही पास में बने लॉन में एक छोटा सा मंडप टाइप बना हुआ था जिसमे हवन कुंड सजा हुआ था. और पंडित जी भी बैठे थे. सभी लोग गाडी से उतर के वह पहुंचे और पंडित जी से आशीर्वाद लिया. तभी सावित्री को पीछे से आकर सुनीता ने गले लगाया

सुनीता - कैसी hi जीजी

सावित्री – अरे सुनीता तू कब आयी अरे वह तुम सब आये हो बहोत ख़ुशी हुई तुम सब लोगो को यहाँ इस कार्यक्रम में देख कर. तुम सब के आने का बहोत बहोत धन्यवाद्.

कल – अरे क्या बहना खुद hi बुलवाती हो और खुद hi धन्यवाद् देती हो.

सावित्री देवा को देख कर मुस्क्रत देती है– हां वो तो है पर आज कल किसी के पास समय कहा है किसी से भी मिलने का. आओ सब लोग पूजा में बैठ जाओ.

फिर पूजा शुरू होती है जो करीब 1 घंटा चलती है. पूजा की समाप्ति पर पंडित जी दन को एक लाल कपडे में लप्पेट कर नारियल देते है और उसे घर में स्थापित करने को कहते है. फिर सब लोग घर के मैं गेट पे आते है जहा लाल रिबिन लगी हुई थी. देवा हाथ में थाली लिए दन के पास आता है और

देवा – माँ बाबू जी अपने शुभ हाथो से रिबिन काटिये और गृह प्रवेश कीजिये.

सावित्री और दन दोनों मिल के रिबिन काटते है और फिर सब लोग अंदर आते है अंदर का नजारा और भव्यता देख कर सब की आँखे खुली रह गयी थी, सब इस वक़्त एक बहोत बड़े हॉल में खड़े थे जहा 7 सीटर सोफे लेफ्ट और राइट से लगे थे और उसी के आएगी डाइनिंग हॉल था जहा करीब 20 लोगो के बैठने के लायक डाइनिंग टेबल था उस के आगे मॉडुलेर किचन वो भी बेहद शानदार था देवा खुद आश्चर्य में था उसने सामने मुस्करा रही शलाका को देख कर ठूंस उप किया और शाबाशी दी तो शलाका ने सीने पे हाथ रख कर हलकी सी गर्दन झुका दी . जिसे देख कर देवा भी मुस्करा दिया.

फिर सबका नाश्ता चाय हुआ और उसके बाद दन पंडित जी को 5001रस. दे कर विदा किया.

देवा - अब आप लोग चलिए मए सब को उन के रूम दिखा देता हु.

सबसे पहले यहाँ नीचे सिर्फ माँ बाबू जी का रूम देखिये.

सब वह पहुंच जाते है जो काफी बड़ा था. उसमे किंग साइज बीएड बैडरूम के बेचो बीच रखा था. कमरे में एक था वार्डरॉब और आत्ताच बाथरूम. जिसमे बड़ा सा बाथटब और शावर लगे थे सामने दीवार पे बड़ी सी लेद और एक शानदार खिड़की जिसको खोलते hi बहार से फूलो के बगीचे दीखते थे और एक मनमोहक खुशबू से पूरा कमरा भर गया. ऐसा लग रहा था की किसी की सुहागरात का कमरा महक रहा हो.

सभी लेडीज सावित्री को धीरे धीरे छेड़ने लगती है. जिसे सुन सुन के वो सिर्फ मुस्करा रही थी.

देवा – माँ बाबू जी ये आपका कमरा. लेफ्ट साइड में गेस्ट रूम है वो भी फर्निश्ड है और पूरी सुविधाएं उसमे भी है. फिर देवा उन्हें कमरे से बहार लता है और एक गैलरी में चलता हुआ गेस्ट रूम के पीछे लता है जहा एक बहोत बड़ा करीब 50 फुट लम्बा और 40 फुट चौड़ा स्विमिंग पूल था जिसमे एक डैम साफ़ पानी भरा हुआ था. उस के बहार कुछ लेटने के लिए चेयर्स लगी थी. और साइड में 3 बाथरूम भी बने थे. साथ आये हुए लोग तो पालक झपकना hi भूल गए.

देवा - अब आइये ऊपर चलते है.

………. ऊपर जाने के लिए हॉल में hi बहोत बड़ी राउंड सीधी बानी हुई थी जिस पर कालीन बिछा हुआ था. सब लोग ऊपर आ जाते है. देवा एक रूम को खोल कर दिखता है सब कुछ नीचे के रूम की तरह hi था.

देवा – भैया भाभी ये आप दोनों का रूम है. और वो लास्ट वाला रूम पायल का है. सब लोग पायल का रूम भी देख लेते है वो भी बहोत शानदार था.

देवा - चलिए अब ऊपर चल के तर्रेस पे देख लीजिये.

तभी सावित्री – अरे ो पगले. ऊपर बाद में दिखा देना पहले मुझे तू अपना कमरा दिखा.

देवा – अरे वो तो यही है न ये बीच वाला कमरा उसमे क्या देखना है. सब एक जैसे hi है.

पायल – जो भी है हमें देखना है.

देवा वो रूम खोलता है तो वह अँधेरा था. सब रूम में आ जाते है पर किसी को कुछ दीखता नहीं है.

शलाका देवा के पास आकर – देवा एक ताली बजाओ

तभी देवा ताली बजता है और पूरा रूम रौशनी से भर जाता है. जिसे हर कोई देखते रह जाते है वह का डिज़ाइन डेकोरेशन. देवा का बीएड सब कुछ ा ओने था वह भी एक चालू था अटैच let/bath बड़ी सी विंडो जिससे सामने पूरा लॉन + मैं गेट नजर आता था.

तभी शरारत में पायल ताली बजती है. लेकिन कुछ नहीं होता. तो वो देवा को देखकर - ये क्या हुआ बंद क्यों नहीं हुई लाइट?

देवा – ये सिर्फ मुझे पहचानती है. है अगर मए चहु तो इसमें दूसरे का वौइस् कोड भी ऐड कर सकता हु. पर जब तक मए ऐड न करू अपने मोबाइल से तब तक ये सिर्फ मेरी hi आवाज से चलेगी. और है एक बात और सब के कमरे फुल साउंड प्रूफ ही.

और दरवाजे रिमोट से चलने वाले है जैसे की मए अगर बहार से बाबू जी का दरवाजा बजता हु तो उन्हें उठ कर खोलने की जरुरत नहीं. वो अपने पलंग पे बैठ बैठ रिमोट से दरवाजा खोल सकते है. ऐसा सब के रूम में है. अंदर की आवाज़ बहार नहीं आएगा लेकिन अंदर वाले बहार की हर आवाज सुन सकते है. साथ hi दरवाजे के ऊपर एक छोटी सी लेद लगी है. जिसमे अंदर बैठे बैठे ये देखा जा सकता है ेके दरवाजा कौन बजा रहा है.

बहार गेट पे सिक्योरिटी गार्ड है. जिन से इण्टरकॉम पे आप बात कर सकते है. जो आपके बीएड के पास रखा है. और पूरे घर की सिक्योरिटी के लिए हर जगह कमरे लगे है सिर्फ बेडरूम्स और बाथरूम्स छोड़ कर. हर कमरे के दरवाजे अनब्रेकेबल है कोई उन्हें तोड़ नहीं सकता. अंदर वाले की मर्जी के बिना उन्हें खोल नहीं सकता किसी भी तरह. इन दरवाजो को या तो अंदर वाला खोल सकता है या फिर मए. बाकि दुनिया की कोई ताक़त कोई चाबी इस घर के किसी भी दरवाजे को नहीं खोल सकती. यानि यहाँ इस घर में अगर सिर्फ लेडीज अकेली भी है तो बिना उनकी परमिशन के परिंदा भी पर नहीं मार सकता. और कुछ स्पेशल टेक्नोलॉजी की सेफ्टी भी है जिस के बारे में जानना जरुरी नहीं कभी ऐसा वक़्त आया तो खुद hi आप लोग जान जायेगे. चलिए अब ऊपर.

सब लोग मुँह फाड़े देवा की एक एक बात सुन रहे थे और उस के हर शब्द पे हैरान हुए जा रहे थे किसी के पास बोलने को कुछ नहीं था. या फिर ढेरो सवाल थे सब कंफ्यूज थे.

फिर सब लोग तर्रेक पे आ जाते है जो के पूरे बंगले के ऊपर बना हुआ था मतलब उतना hi विशाल था पर वो भी खली नहीं था. वह भी एक स्विमिंग पूल बना हुआ था एक कार्नर में बहोत बड़ा जिम उस के बगल में 2 अलग अलग बाथरूम और एक जगह पे पेण्ट हाउस जो की जाहिर है पूरा गिलास का बना था. सब लोग ये सब देख कर बेहद खुश हुए जा रहे थे.

दन - देवा ये क्या कर दिया तूने ऐसे बंगले तो शहर में बी नहीं होंगे जैसा तूने गाँव में बना के दिखा दिया. और कुछ भी बचा है क्या.

देवा है बाबू जी अभी और भी है. वो नीचे चल के दिखता हु

सब लोग वापस नीचे आ जाते है तो देवा हॉल के कोने में बने एक छोटे से कमरे को खोलता है. जो के एक छोटा मोटा क्लिनिक टाइप था. और जिसमे एक तरफ दुनिया भर की दवाइया सजी हुई थी.

देवा – बाबू जी ये है क्लिनिक. कभी किसी की तबियत ख़राब हो जाये या कोई इमरजेंसी आ जाये तो कही भागने की जरुरत नहीं यहाँ सब कुछ है. मेरे पहचान के डॉ के no, भी यहाँ लिखे है दीवार पे बोर्ड में. बस उन्हें कॉल कीजिये वो दवाई बता देंगे और खाने का तरीका भी जो बहार लड़की हेड सर्वेंट है उसे पूरी जानकारी है दवाइयों की वही यहाँ डॉ. से बात कर के ट्रीटमेंट दे देगी. और घर बैठे इलाज हो जायेगा.

सभी लोग देवा की खुले दिल से तारीफ करते है और तालिया बजाते है. फिर देवा उन सब को गेस्ट रूम दिखता है. जो की काफी शानदार थे. विथ एक उस के बाद सब लोग बहार आ कर हॉल में बैठ जाते है.

दन – देवा अब उस माकन का क्या सोचा है.

देवा – सोचना क्या है बाबू जी वो अभी बंद रहेगा आगे देखेंगे उसका क्या करना है.

तभी वह वेटर सब को जूस देते है

सावित्री - आप लोग बाते कीजिये मए खाना लगा देती हु.

देवा – अरे माँ यहाँ आओ यहाँ बैठो. जब वो वेटर गिलास लेने आये तो उसे खाना लगाने को कह देना खुद जा कर खाना लगाने की कोई जरुरत नहीं.

फिर सब लोग खाना कहते है. और करीब 10 बजे सोने के लिए अपने अपने कमरों में चले जाते है. बहार सर्वेंट कटर्स में सब नौकर भी चले जाते है.

देवा अपने कमरे में बैठा था के तभी कमरे के दरवाजे पे दस्तक हुई देवा ने दूर खोल दिया सामने पूनम कड़ी थी जैसे hi पूनम अंदर आयी देवा ने रिमोट से दूर क्लोज कर दिया.

पूनम दौड़ती हुई आयी और देवा को गले से लगा लिया और उसके गाल पे चुम लिया.

देवा – अरे वाह आज तो बिना मांगे hi मिल गया क्या बात है मैडम

पूनम – देव आज मए बहोत खुश हु. के मुझे तुम्हरे जैसा समझदार पति मिल रहा है.

देवा – क्यों ये घर देख कर ख़ुशी नहीं हुई

पूनम - देव घर तो घरवालों से बनता है उन के बिना तो सब कुछ सिर्फ ीत पथ्थर hi है न. और आपने सब का पूरा ख्याल रखा है. रघु भैया को भी आप सही रस्ते पे ले आये और आज के इस फंक्शन में ममी मां को भी आपने hi बुलाया न बिना माँ के कहे?

देवा – ने है में गार्डन हिला दी.

पूनम – यही बात मुझे आपकी बहोत पसंद है. के आपको पता होता है कब किसे कैसे सम्मान देना चाहिए. शायद माँ भूल गयी थी उन्हें न्योता देना पर आप अपनी इतनी व्यस्तताओं के बाद भी नहीं भूले ी ऍम प्राउड ऑफ़ यू देव………..

……….. और फिर यहाँ घर में सभी की जरूरतों का उनकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा है आपने

देवा – आपको पसंद आया ये मेरे लिए ख़ुशी की बात है.

पूनम - है देव मुझे बहोत पसंद आया और मए बहोत खुश भी हु……

…….लेकिन देव मेरी असली ख़ुशी आप है. आप मुझे किसी झोपडी में भी रखेंगे तो भी मए इतनी hi खुश रहूगी. ी लव यू

देव - पूनम को सीने से लगा लेता है . िलोवे यू तू पूनम

तभी देव की नजर दरवाजे के ऊपर लगी छोटी सी लेद में जाती है जहा पे बहार दिया और पायल आती हुई नजर आ जाती है.

देव- लो जी आपकी नन्द और देवरानी भी आ गयी

पूनम घबरा के – कहा ?

देवा – अरे अरे यहाँ वह क्या देख रही हो वो दरवाजे के ऊपर देखो वो हमारे कमरे की तरफ hi आ रही है.

पूनम – हाय वो मुझे आप के साथ कमरे में देखेगी तो क्या sochegi.ab मए कहा जाऊ.

देवा – अरे घबराती क्यों हो हम कुछ कर तो नहीं रहे है न दोनों ने पूरे कपडे पहन hi रखे है फिर चिंता कहे की?

पूना शर्मा के दूर बैठ ाजति है - धत्त बेशरम कही के आप बहोत ख़राब हो.

देवा रिमोट उठा के दरवाजा खोल देता है जैसे hi पायल दरवाजा खटखटाती है तो हाथ रखते hi दरवाजा खुल जाता है. क्यों की देवा खोल चुक्का था पहले hi.

पायल - ओह्ह्ह्ह तो मेरी प्यारी भाभी पहले से यहाँ है. सॉरी शायद हमने आप दोनों को डिस्टुरेब किया.

देवा – ा मार खायेगी …..

दिया भी आ कर सामने बैठ जाती है पूनम के साथ. और पायल तो भाई के पलंग पे hi लेट जाती है उस के साथ.

दिया – देवर जी मेरे पास तो शब्द hi नहीं है. आपका शुक्रिया करने के लिए आपने तो स्वर्ग बना diya.aur उसमे रहने के लिए हमें यहाँ ले आये.

देवा – अरे भाभी अब नया मेहमान आ रहा है तो उसे सब कुछ नया मिलना चाहिए न. वैसे भी वो आपका नहीं मेरा बीटा होगा तो मए अपने बेटे को सब कुछ बेहतरीन देना चाहता हु.

दिया थोड़ा सकपका जाती है फिर – है है क्यों नहीं सब आपका hi तो है. हम सब आपसे अलग थोड़ी न है.

देवा – उसकी सकपकाहट देख के एन्जॉय करता है.

पायल – भैया मुझे भी गाड़ी चाहिए. अगली फसल आने पर मुझे गाड़ी दिलवा देना

दिया – क्यों ननद रानी आपको ससुराल नहीं जाना क्या? या यही गाडी पे घूमोगी.

पायल - अरे भाभी जब जोगी तब जोगी अभी तो नहीं जा रही न.

देवा – अच्छा ठीक है ला दुगा गाड़ी भी अब खुश

पायल - एससससस

देवा – लेकिन मेरी एक शर्त है. तुम्हे गाडी अपनी दोनों भाभियो को भी सीखनी पड़ेगी.

दिया - न बाबा ऐसे वक़्त में मुझे नहीं सीखनी कही मए गिर गयी तो? है पायल तू पूनम को सीखा देना.

फिर थोड़ी देर बात करने के बाद सब लोग चले जाते है सोने. और देवा भी अपने बिस्तर पे आ कर सो जाता है.

उधर. जंगल में अघोरी किसी अनुष्ठान में व्यस्त था वही कला भद्दा गेंदे के जैसा शरीर. तन पे सिर्फ एक लाल लंगोट. वो किसी पूजा में लगा हुआ था. के तभी वह रौशनी की तेज चमक होती है तो अघोरी उस तरफ देखने लगता है.

अघोरी - आइये गुरुदेव प्रणाम

गढ़ – कैसे हो अघोरी?

अघोरी बस इंतजार के पल काट रहा हु. मेरी तैयारियां तो पूरी हो चुकी है सिर्फ उस नाग नागिन के जोड़े का इंतजार है. कब वो यहाँ आये और मेरा मक़सद पूरा हो.

गढ़ – अघोरी मुझे अपनी शक्तियों से बहोत भयानक इशारा मिला है . ……….

………मेरी शक्तिया कह रही है, के तू जितना सोच रहा है ये सब उतना आसान नहीं क्यों की तेरे इरादों की भनक नाग लोक तक पहुंच चुकी है.

अघोरी - तो इसमें इतना परेशां होने की कि जरुरत है गुरुदेववो लोग मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकते.

गढ़ – ये तेरी भूल है अघोरी मत भूल के सारे गृह नक्षत्र एक होने जा रहे है. जितनी उम्मीद तेरे विजयी होने की है उतनी hi उम्मीद उनके जीतने की भी है वो लोग अपनी ताक़त बढ़ाने में लगे हुए है.

अघोरी – गुरुदेव आप तो यु hi दर रहे है वो अपनी ताक़त कितनी भी बड़ा ले मुझसे नहीं टकरा सकते. आप भूल रहे है की मए पहले भी न सिर्फ नाग लोक बल्कि तिलिस्म लोक को भी हरा चूका हु. वो तो उनका वो तो मेरे hi साथी ने धोखा कर दियाऔर बीच में आ गया वार्ना मए hi वह का राजा होता और उसी समय मणि हासिल कर के मए सर्व शक्तिमान बन चुक्का होता. ……….

………..पर अब तो उनका वो फ़कीर बाबा भी कुछ नहीं कर पायेगा. क्यों की अब तो उस की भी उम्र हो चुकी होगी या शायद वो मर खाप गया होगा

गढ़ – ये तेरी ग़लतफ़हमी है अघोरी वो मर नहीं सकता. उस की मौत कैसे होगी ये वह hi जनता है और मेरी शक्तिया कह रही है अभी उसकी मौत नहीं हुई है…………..

अघोरी – आप चिंता न करे मए जनता हु दोनों राजा अब बेकार है वो कितनी भी शक्तिया बड़ा ले लेकिन वो अंदर से टूटे हुए है. क्यों के देव सिंह और पूनम दोनों को मए मार चुक्का हु. जो उनकी ताक़त थे.

गढ़ – अघोरी वक़्त बदलते देर नहीं लगती . है ये सच है ेके तूने hi देव सिंह और पूनम को मार डाला और उन राजाओ को तोड़ के रख दिया और दोनों hi नगरों को तूने कमजोर भी कर दिया पर पता नहीं उन के पास इस बीच कौन कौन सी शक्तिया आ चुकी है

…………. रही बात नाग लोक और तिलिस्म नगरी का तुझसे कमजोर होने की तो वक़्त बीत चूका है अब वो लोग भी संभल चुके है. और अपनी शक्तिया काफी बड़ा ली है.

अघोरी - गुरुदेव आप सीधे सीधे कहिये जो कहना है.

गढ़ – तो सुन मेरी शक्तियों ने मुझे जो संकेत दिया है वो ये है की नाग लोक वासी अपनी और उस इच्छाधारी नाग नागिन की सुरक्षा के लिए किसी बहोत बड़ी ताक़त को अपने साथ मिला रहे है.

अघोरी - और वो ताक़त क्या है?

गढ़ – ये मए बहोत कोशिशों के बावजूद पता नहीं कर प् रहा हु लेकिन मए उसी कार्य में लगा हुआ हु.

अघोरी – ओह्ह्ह्हह्ह तो ये बात है.

गढ़ – है अब जब तक वो नाग नागिन के यहाँ आने का समय नहीं होता तब तक का समय तुम अपनी ताक़त बढ़ाने में लगाओ. जिससे की वक़्त आने पर तुम उनकी हर शक्ति का मुक़ाबला कर सको.

अघोरी - जो आज्ञा गुरुदेव

गुरुदेव वह से चले गए ……

अघोरी – नाग लोक वासियो तुम्हे तो इस बार नाग में केंचुआ बना के कुचल डालूगा जिससे की तुम लोग दुबारा मुझे परेशां न कर सको और रहा तुम्हारा वो साथी तिलिस्म नगरी वासी और वह का राजा उन्हें तो मए ऐसे समाप्त करुगा के किसी को पता hi नहीं चलेगा. के कभी उन लोगो ने जनम भी लिया था.
 
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