Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic } - Page 7 - SexBaba
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Dhadkan ( Fallen love ) { Incest , Suspense , Thrill , Romance , Magic }

अपडेट... 46...

फिर उसने मुझे कुछ दिखाया जिसे देख मेरी आँखों में आंसू आ गए..

सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु सब ठीक तोह है न...

मई... हाँ जान सब ठीक ह वह बस... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) एक मिनट कियारा खा ह...

अब आगे...

सोनाली.... होगी यही कही... क्यों क्या हुआ...

मई... पता नहीं मुझे कुछ अजीब लग रहा है... रुको मई उसे कॉल करता हूँ...

आवाज... वह मुसीबत मई है...

मई... ( शॉकेड होते हुए ) क्या कैसी मुसीबत....

आवाज... यह देखो...

फिर उसने जो दिखाया उसे देख मेरी आँखों से आंसू ा गया.... और मई रोने लगा...

मुझे रोटा देख सोनाली घबरा गई और मेरे पास आ गई....

सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु.... अब क्यों रो थे हो...

मई... ( सोनाली की आवाज सुन होश में आया ) खा है वह इस वक़्त...

आवाज... इस वक़्त वह... ****** नर्सिंग होम मई है...

इतना सुन मई उठ खड़ा हुआ लेकिन कमजोरी की वजह से गिर पड़ा... सोनाली बाग़ क्र मेरे पास आई और मुझे सहारा दिया...

मई... ( रट हुए ) चलो दी... मुझे बहार तक ले चलो...

सोनाली... नहीं मई तुम्हे इस हालत मई कहि नहीं जाने दूंगी...

मई... ( रट हुए ) पलज़्ज़ज़्ज़ज़ डीडू...

मेरे मुँह से डीडू सुन सोनाली सोच में पड़ गई... कुकी मई उसे अब डीडू बहुत काम hi बुलाता था अब... जब मुझे जयादा दर्द होता तब hi में डीडू बोलता था....

मई... ले चलो मुझे डीडू वर्ण बहुत देर हो जाएगी...

सोनाली कुछ न बोली बस मुझे सहारा दे बहार तक ले आई... मुझे बहार जाता देख डॉक्टर मेरे पास आये... लेकिन मैंने सबको अनदेखा क्र चल दिया गेट से बहार... और रोड से टेक्सी ले चल दिया नर्सिंग होम...

पूरे राते मेरी आँखों से आंसूं बहते रहे... मुझे ऐसे रोटा देख सोनाली को भी रोना आ रहा था लेकिन वह शंट बैठी रही... और मेरे सर को अपने कंधे पर रख सहलाती रही...

कुछ hi देर में हम पहुंच गए.... और टेक्सी रुकी इस बार मई बिना किसी सहारे क टेक्सी से बहार निकल गया... और अंदर की तरफ लड़खड़ते क़दमों से दौड़ने लगा... सोनाली भी जल्दी से टेक्सी के पैसे दे चल दी अभी क पीछे...

मई अंदर पहुंच क्र रिसेप्शन पर जाने वाला था की...

आवाज... वो लेफ्ट साइड क 7 तह रूम में ह...

और मई लड़खड़ा हुआ उस रूम की तरफ चल दिया और सोनाली भी मेरे पीछे पीछे आने लगी... मई रूम क बहार पहुंचा और गेट खोला... और अंदर का नजारा देख रट हुए वंही बैठ गया...

इतने में सोनाली भी मेरे पास आ गई वह मुझे ऐसे रोटा देख परेशां हो गई... और मुझे गले लगा लिया....

सोनाली... ( घबराते हुए ) क्या हुआ बेतु...

मई क्या बोलू मुँह से अलफ़ाज़ hi नहीं निकल रहे थे फिर भी हाथ से इशारा क्र दिया... सोनाली ने जब उस तरफ देखा तोह उसकी आँखों मई भी आंसूं आ गए....

अंदर कियारा बीएड पर लेती हुई थी... और उसके ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी...

आवाज... भाई अभी वह जिन्दा ह... उसका ऑपरेशन अभी शुरू नहीं हुआ...

मई... क्या सच...

और उठ खड़ा हुआ... और लड़खड़ा क्र कियारा क पसस पहुंचा...

डॉक्टर्स... ( गुस्से में ) आप लोगो को अंदर किसने आने दिया दीखता नहीं यह ओप्रशन चल रहा ह निकलो बहार...

मई.. दिखाए सर...

डॉक्टर... ( मुझे धक्का देते हुए ) कितनी बार खु सुनाई नहीं देता यह ऑपरेशन चल रहा ह निकलो बहार... सिक्योरिटी... सिक्योरिटी... बहार निकालो इससे...

मई.. ( गुस्से में डॉक्टर का कलर पकड़ते हुए ) तू जनता नहीं मई कोण हूँ अगर जान जायेगा तोह यही पतलूम गीली क्र देगा समझा... अबमैं तुमसे बोल रहा हूँ तुम सब निकलो बहार वर्ण पता नहीं मई क्या क्र दूंगा...

डॉक्टर... ( गुस्से में ) मुझे धमकी देता ह साले... रुक अभी बताता हूँ.. ( सिक्योरिटी गार्ड से ) और तुम देख क्या रहे हो मारो इससे...

मई डॉक्टर को देने hi वाला था की तभी...

सोनाली.. ( गुस्से में ) मई कहती हूँ ृक्क जाओ...

सोनाली की आवाज सुन दोनों सिक्योरिटी गॉर्ड उसे देखने लगे...

सोनाली... तुम जानते हो यह कोण ह... सोनम ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज क ओनर... मर. अभिमन्यु सिंह...

इतना सुनते hi डॉक्टर क साथ वंहा मौजूद सभी लोग शॉकेड हो गए... और सिक्योरिटी गार्ड भी नाम सुन वंही ृक्क गया... और साथ में मई भी दी को कैसे पता चला...

डॉक्टर... ( शॉकेड ) क्याआ....

सोनाली... ( गुस्से में ) हाँ... अभी माफ़ी मांगो.. इनसे वह भी पैरों में गिर क्र... वर्ण अंजाम क्या होगा मई खुद नहीं जानती...

डॉक्टर.... ( डरते हुए अभी क पैरों में गिर क्र ) सर मुझे माफ़ क्र दीजिए मई आपको पहचान नहीं पाया...

लेकिन मई तोह एक तक सोनाली को hi देख रहा था...

सोनाली.. ( मेरी हालत देख समझ गई ) ठीक है ठीक है... चलो निकलो बहार और हममे अकेला छोड़ दो...

डॉक्टर... बूत मम वो...

सोनाली... जाते हो की नहीं...

डॉक्टर... नहीं नहीं जाते ह...

और उसके बाद अपने सभी साथियों क साथ भर चला गया... मई अभी भी दी को देख रह था...

सोनाली... ( मेरे पास आ क्र ) बाद में अभी कियारा को देखो...

जैसे hi मैंने किराया नाम सुना तुरंत उसकी तरफ देखा... वह इस वक़्त बेहोश थी... उसका क्यूट मासूम चेहरे को देख मुझे उसपर बहुत प्यार आ रहा था... की मैंने पता नहीं कैसे आगे बढ़ उसके गाल पर किश क्र दिया....

सोनाली ने घूर क्र मेरी तरफ देखा... जिसे मई न देख पाया और कियारा को होश में लाने क बारे में सोच hi रहा था की...

आवाज.. में क्र देता हूँ..

और कुछ बाद hi कियारा होश में आ गई और मुझे सामने देख गले लगा लिया और फुट फुट रोने लगी... कुछ देर मैंने उसे रोने दिया की तभी....

चट्ट्कककककक.....

तो बे ा कंटिन्यू....
 
अपडेट... 47...

सोनाली ने घूर क्र मेरी तरफ देखा... जिसे मई न देख पाया और कियारा को होश में लाने क बारे में सोच hi रहा था की...

आवाज.. में क्र देता हूँ..

और कुछ बाद hi कियारा होश में आ गई और मुझे सामने देख गले लगा लिया और फुट फुट रोने लगी... कुछ देर मैंने उसे रोने दिया की तभी....

चट्ट्कककककक.....

अब आगे...

सोनाली और कियारा शॉकेड मुझे देख रहे थे..

मई.. ( कियारा से ) अब यह मत पूछना क्यों मारा... तुमने एक बार भी.. अपने पापा के बारे में नहीं सोचा... वह कैसे जीते... मेरे तोह इतने सारे लोग है.. लेकिन उनका कोण है तुम्हारे शिव...

कियारा खामोश गाल पर हाथ रख मुझे देख रही थी...

मई.. ( गुस्से में ) अब क्या हुआ बोलती बंद हो गई तुम्हारी बोलो... बोलती क्यों नहीं...

सोनाली... शांत हो जाओ बेतु... क्यों गुस्सा क्र रहे हो तुम..... आखिर इसने किया क्या है....

मई.. दी आप नहीं जानती यह क्या करने जा रही थी... पागल हो गई है यह ( फिर उसके तकिये क निचे से सकेटच्बूक निकाल क्र सोनाली को देते हुए ) यह देखो... यह प्यार मई पागल हो गई है... मेरे लिए यह अपना हार्ट तक देने जा रही थी...

सोनाली शॉकेड हो स्केच बुक को देख रही थी... और कियारा क प्यार को देख उसकी आँखें एक बार फिर नाम हो गई...

मई... बोलो कोई जबाब ह तुम्हारे पास...

आवाज... अब तू गया बीटा...

अभी में कुछ सोचता उससे पहले कियारा जो इतनी देर से शांत बैठी थी बोल पड़ी...

कियारा... ( रट हुए गुस्से में ) हैं.. हो गई थी मई पागल... हो गई थी... मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था... मुझे सिर्फ और सिर्फ तुम नजर आ रहे थे... तुम्हारी हालत मई बता नहीं सकती कितना तड़प रही थी... Bco'z ी लव यू... और मई अपनी जान को मरते कैसे देख सकती थी... और एक बात सुनो मर. अभिमन्यु सिंह... अगर तुम्हे कुछ हुआ तोह एक बार क्या हज़ार बार अपना दिल देने मई नहीं सोचूंगी...

मई और सोनाली शॉकेड उसकी बातें सुन रहे थे... इतना बोल वह रोने लगी... की तभी सोनाली उसके पास जा क्र बैठ गई.. सोनाली को अपने पास देख कियारा उसके गले लग गई और रोने लगी...

कियारा... ( रट हुए ) मुझे माफ़ क्र दो दीदी... मई कभी आपके बिच में नहीं आउंगी... लेकिन आप hi बताओ मई कैसे अभी को मरते देख सकती थी... लानत है ऐसी मोहोब्बत पर...

मई और सोनाली एक बार फिर शॉकेड हो गए इसे कैसे पता चला.. खेर...

सोनाली.. ( कियारा के आंसूं पोंछते हुए ) बस क्र रो मत.. और तुझे कोई माफ़ी मांगे की जरुरत नहीं है.... तूने वही किया जो ठीक लगा.. सिड तुम्हारी जगह मई होती तोह एहि करती...

मई बस वही खड़ा उनकी बातें सुन रहा था... दोनों पातर पातर एक दूसरे से बातें किए जा रही थी....

सोनाली.. ( मुझसे ) चलो बेतु चलते है... माँ डैड कभी भी पहुंच सकते है और तुमको न देख क्र उनको फ़िक्र होगी..

मई.. ओह्ह्ह सहित मई तोह भूल hi गया था... चलो चलते है...

इतना बोल मई सोनाली का सहारा ले बहार जाने लगा की तभी कियारा भी हमारे पीछे आने लगी..

मई.. अब तुम खा चल दी.. जाओ घर पर तुम्हारे पापा परेशां होंगे.. रात भर से गयाब हो तुम ..

कियारा.. लेकिन तुम..

मई.. मुझे कुछ नहीं हुआ मई ठीक हूँ तुम जाओ तुम्हे सोल्लगे जाना है फिर आना.. ( मुस्कुरा क्र ) और हाँ मेरे नोट्स भी बना देना..

कियारा... ( खुश होती हुई ) यह भी कोई बोलने की बात है वह तोह मई बनाऊँगज hi...

मई.. ( मुस्कुरा क्र ) bye..

किराया.. ( रूखी मुस्कान से ) bye...

उसके बाद कियारा अपने रस्ते चल दी और हम दोनों हॉस्पिटल पहुंच गए... बहुत कुछ एक दूसरे को कहना था लेकिन मौका hi नहीं मिल पाया ( और आपको भी बताना था ) हम दोनों मेरे वर्ड में पहुंच गए झा मुझे शिफ्ट किया गया था...

वंहा पहुंच सोनाली ने मुझे बिस्तर पर लेता दिया.. और नर्स को बोल दोबारा सेलिगं लगा दी गई... सोनाली वंही पास रखे स्टूल पर बैठ गई..

मैंने इशारे से उसे अपने पास बुलाया और थोड़ा सा सरक गया.. जिससे बैठे पर थोड़ी सी जगह बन गई..

सोनाली भी मुस्कुरा क्र स्टूल से उठ मेरे पास आ गई और मुझे बाहों में जकड़ क्र लेत गई... मैंने भी उसे अपने सीने से लगा लिया...

क्या सुकून मिल रहा था.. बता नहीं सकता था...

मई... दी आपको कुछ पहचाना नहीं है...

आवाज... उसे सब पता ह...

सोनाली... हाँ ..

मई... क्या... कुछ समझा नहीं मतलव कैसे...

सोनाली... ओह्ह्ह हो अभी जब मई तुम्हारी धड़कन फील क्र सकती हूँ.. तोह यह कोण सी बड़ी बात है... और मुझे तुम्हारी सोल की आवाज भी सुनाई देती है....

मई... ( सोचते हुए ) बात तोह ठीक कही आपने... एक मिनट मतलव मेरे अंदर पावर्स ह....

सोनाली... हाँ... बिल्कुल सही...

मई... याहूऊ.... लेकिन मुझे अभी भी नहीं पता मई क्या क्र सकता हूँ...

आवाज... उसके लिए तुम्हे योग करना होगा....

मई... इसका मतलव वह रेड स्कल सच कह रहा था...

आवाज..... हाँ बिकुल सही... क़यामत आने वाली है.. उसे सिर्फ तुम रोक सकते हो...

मई... हम.. तब की तब देखा जायेगा... ( फिर कुछ याद करते हुए ) पहले मुझे किसी और से हिसाब चुकता करना ह....

आवाज... तुम कहो तोह अभी इसी वक़्त उनके शरीर से आत्मा अलग क्र दूँ...

मई और सोनाली... क्या... सच...

आवाज... हाँ बिल्कुल...

मई... नहीं इतनी आसानी से नहीं... उसे मई डेविल किंग थे जोकर... बन क्र hi मारूंगा....

आवाज... जैसा तुम्हे ठीक लगे... बस मई तोह तुम्हारी मदत क्र रहा था...

मई... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) दिखाओ मुझे वह क्या क्र रहा ह...

आवाज... अभी लो...

फिर उसने मुझे जो दिखाया उसे देख मई और गुस्से में आ गया....

...

तो बे कंटिन्यू...
 
भाई.. अगर आप मेरी स्टोरी सोस्सिप से पढ़ रहे तोह सबको पता होगा.. मैंने स्टोरी स्टार्ट करते टाइम hi नोट डाला था की हफ्ते मई... 3 उपदटेस आएंगे...

बिकॉज़ ऑफ़ कॉलेज... उस टाइम छुट्टी थी तोह डेली दे रहा था...

और अभी इतना काम फस्स जाता है की पूछो मत...

घर में मई अकेला hi हूँ यर.... पूरा काम मुझे hi करना पड़ता है... मतलव माँ डैड क आलावा...

सॉरी फॉर डिले... मेगा अपडेट अभी पोस्ट क्र रहा हूँ...

माफ़ी मांगता हूँ आप सबसे....
 
अपडेट.... 48...

मई... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) दिखाओ मुझे वह क्या क्र रहा ह...

आवाज... अभी लो...

फिर उसने मुझे जो दिखाया उसे देख मई और गुस्से में आ गया....

...

अब आगे....

मई... ( गुस्से में ) इसको तोह मई...

सोनाली... शांत हो जाओ बेतु अभी उस कुत्ते का दिन है.. कल हमारा होगा...

मई... सही कह रहे हो दी इसे कल मई वह दर्दनाक मौत दूंगा... की इसकी रूह तक काँप उठेगी..

सोनाली... ( टॉपिक चेंज करते हुए ) हम्म... वह सब तोह ठीक है.. यह कियारा का कुछ सोचा है..

मई... उसका क्या सोचना है दी...

सोनाली.. देख बेतु.. तू मुझसे कुछ नहीं छुपा सकता सच बता आखिर क्या बात है...

मई.. दी आप भी न ऐसी कोई बात नहीं है... वह बस मेरी अच्छी दोस्त है...

सोनाली... लेकिन वो तोह तुमसे प्यार करती है न बेतु... वह भी सच्चा प्यार जिसे तुम और मई.. hi समझ सकते है...

मई... हाँ दी में क्या कृ... आप hi बताओ कुछ...

सोनाली... हाँ कह दे...

मई... ( शॉकेड ) क्या...

सोनाली.... हाँ बेतु...

मई... ( सोनाली को गले लगते हुए ) क्यों क्र रहे हो अपने दिल के टुकड़े....

सोनाली... वह सब मई नहीं जानती... लेकिन अब और नहीं...

मई... लेकिन.. दी..

सोनाली... लेकिन वेकिन कुछ नहीं सुन्ना मुझे...

मई... ( सोनाली की आँखों में देखते हुए ) क्या मई तुम्हे कभी समझ पाऊंगा...

सोनाली... नहीं.. ( और खिलखिला क्र हसने लगी )

उसको यूँ खुश होता देख मई भी मुस्कुरा दिया... की तभी माँ डैड सब आ गए मुझे देखने लेकिन 2 लोग काम थे...

फिर पूरा दिन सब लोग क साथ बातें करते हुए बीत गया....

माँ... बेतु मेरी एक बात मानोगे...

मई... हाँ माँ यही न की उनको माफ़ क्र दूँ...

माँ.. हाँ बीटा... देखो गलती सबसे होती ह... और उनसे भी हो गई... और एक माँ क्या अपने बेटे को दांत भी नहीं सकती... कल को मई तुम्हे दांत दूँ तो क्या तुम मुझे भी छोड़ क्र चले जाओ गए...

मई... माँ मैंने उन्हें क्व का माफ़ क्र दिया... वह बस मुझे टाइम hi नहीं मिला उनसे बात करने का... इसलिए... और हाँ फिर कभी ऐसी बात मत करना...

माँ... ओह्ह्ह मेरा बीटा... ( और गले लगा ली )

मई... वैसे खा ह वह...

माँ... घर पर ह... रूम को अंदर से लॉक क्र राखी ह... 2 दिन से कुछ नहीं खाया... अब तू hi मना...

मई... ठीक ह माँ मई देख लूंगा...

उसके बाद कुछ नहीं हुआ.... की तभी मुझे उसका ख्याल आया.... और मैंने आँखे बंद की.. और वह मुझे दिखाई देने लगी... उसको ऐसे हाल मई देख मेरी आँखे नाम हो गई.. कोई देख न ले इसी दर से जल्दी से पूँछ लिया...

सोनाली... उसे भी तुम्हे hi मानना होगा...

डैड.. किसे बीटा...

सोनाली... ( हड़बड़ाते हुए ) कुछ नहीं डैड वह मई.. आंटी क बारे मई बोल रही थी...

फिर कुछ देर बाद डॉक्टर आए मुझे चेक उप करने... लेकिन मेरी हालत देख वह शॉकेड हो गया...

डॉक्टर... आज तक मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा... तुम्हारे घाव इतनी जल्दी कैसे भर गए... तुम्हे देख ऐसा लग रहा ह की कोई चोट hi नहीं लगी...

मई... ( मन मई ) भाई इसका कुछ क्र... इससे पहले की गड़बड़ हो जाए....

आवाज... अभी करता हूँ...

डॉक्टर की बात सुन झा सभी सवालों भरी नजरो से मुझे देख रहे थे...

सोनाली... हाँ यह तोह ाची बात है... तोह क्या अब हम इसे घर ले जा सकते है...

डॉक्टर... हाँ हाँ क्यों नहीं... इन्हे देख तोह ऐसा लगता ह यह अभी दौड़ क्र घर जा सकते है....

इतना बोल डॉक्टर चला गया... छोड़ गया सबके चेहरे पर मुस्कान.... फिर डैड ने हॉस्पिटल से मुझे डिस्चार्ज करवाया... और मई सभी क साथ चल दिया घर...

मई.. ( मन मई ) आज मुझे बहुत काम करना ह.. पहले माफ़ी मांगनी है... उसके बाद कियारा... और फिर उस कुत्ते से भी हिसाब चुकता करना ह...

सोनाली... ( मन मई ) उसे बाद में देख लेना पहले फॅमिली...

मई... ( मन मई ) सही खा दी...

हम्म कुछ और बात करते की उससे पहले घर आ गया और मई गाडी से निकल अंदर जाने लगा... रस्ते में मुझे ऐसा लगा की कोई मुझे देख रहा ह मैंने उसकी तरफ देखा तोह वह चुप गया...

आवाज... जाकर मना...

सोनाली... ( मन मई ) हाँ...

मई... ( मन मई ) ठीक है...

और हम चलते चलते अंदर पहुंच गए... मई जाकर हॉल में बैठ गया...

कुछ देर ऐसे hi सबसे बात करने लगा... मई बार बार नोटिस क्र रहा था की कोई मुझे देख रहा ह.. लेकिन जैसे hi मई उसकी तरफ देखता वह गैब हो जाता...

मौसी.... आ जाओ बेतु डिनर रेडी है...

मई.. ठीक है मासी... मुझे एक प्लेट मई दाल क्र दे दो...

मौसी... ( रूखे मन से ) प्लेट में क्यों... यह सबके साथ बैठ क्र खाओ...

मई... मई तोह खा लूंगा लेकिन कोई और नहीं खायेगा यह उसी क लिए ह...

मौसी कोई और सवाल पूछती की उससे पहले माँ बोल पड़ी..

माँ... रुको मई देती हूँ..

फिर खाना एक प्लेट मई दाल मुझे देते हुए..

माँ... जाओ मना लो उसे...

मैंने प्लेट ली और माँ को साइड से हुग किया... और चल दिया... अंदर से किसी क रोने की आवाज आ रही थी... रूम मई पहुंच मैंने गेट नॉक किया...

अंदर से... कोण है..

मई... ( भरी हुई आवाज़ में ) मई हूँ...

( जी हाँ यह और कोई नहीं आंटी है.. जो अभी को चुप्प चुप्प क्र देख रही थी )

आंटी ने जैसे hi मेरी आवाज सुनी... जल्दी से दौड़ क्र आई और गेट खोल दिया... और मुझे सामने देख गले लगा लिया और फुट फुट क्र रोने लगी... मैंने कुछ देर उन्हें रोने दिया फिर अलग क्र...

आंटी... ( रट हुए ) बेतु.. मुझे माफ़ क्र दे....

मई... ( आंसूं पांच क्र ) शांत हो जाओ माँ...

आंटी... क्या खा तुमने...

मई.. ( मुस्कुरा क्र ) माँ...

आंटी... ( आंसू बहते हुए ) यह सुनने क लिए कब से मेरे कान तरस गए थे.. मुझे माफ़ क्र दे बीटा...

मई... ( आंसूं पांच क्र ) ओह्ह हूँ माँ अब ऐसे hi रोटी रहोगी या मुझे अंदर भी आने डौगी...

आंटी इतना सुन्न खिंच क्र मुझे अंदर ले गई... और गेट बंद क्र दिया जैसे मई कहि भाग जाऊँगा..

मई भी मुस्कुराते हुए बीएड पर बैठ गया और उनका हाथ पकड़ अपने पास बैठा लिया... वह बस एक तक्क मुझे देख रही थी...

मैंने कहने की प्लेट उठाई और अपने हाथ से एक निवाला बना उनकी तरफ बढ़ा दिया...

आंटी...( मेरा हाथ बिच में पकड़ क्र ) बेतु तुमने मुझे माफ़ तोह किया न...

मई... हाँ माँ चलो जल्दी से खाना खाओ वर्ण मई पक्का नाराज हो जाऊंगा...

आंटी... लेकिन मैंने तुमसे एक बात छुपाई ह...

मई.. ( उदास होते हुए ) हाँ माँ मुझे सब पता ह...

आंटी... ( शॉकेड ) क्या...

मई.. ( निवाला उनके मुह्ह में दाल क्र ) हाँ चिंता मत करो.. अब मई सब ठीक क्र दूंगा...

उसके बाद आंटी भी कुछ नहीं बोली... और अभी को निहारती रही...

वही मैंने उन्हें खाना खिला दिया... और कुछ देर उनसे बातें क्र गुड़ नई8 बोल निचे चल दिया... वह तोह मुझे जाने hi नहीं दे रही थी.. लेकिन मैंने उनसे कल का वादा किया तब जाकर मानी...

नीचे पहुंच मैंने देखा सब लोग अपने रूम में जा चुके थे सिवाय मेरी जान क... वह वंही हॉल मई बैठ मेरा इन्तजार क्र रही थी... मई धीरे धीरे उनके पास पहुंचा और पीछे से हुग क्र लिया...

वो मुझे मेरी तरफ पलट गई और मुझे हुग क्र लिया.. कुछ देर हम ऐसे ह गले लगे रहे....

माँ.. बेशर्मो... कुछ तोह लिहाज क्र लिया करो... यूँ खुले मई कोई देख लेता तोह...

माँ की आवाज हम दोनों झट्ट से अलग हो गए... और दी तोह शर्म क मारे अपने रूम में hi भाग गई... बच गया मई...

माँ.. ( मुस्कुरा क्र ) अब ऐसे क्या भोला बन रहा है... जब गले लगा हुआ था तब शर्म नहीं आई..

मई... माँ.. वो मई वो..

माँ... ( शरारती लहजे में ) क्या वो मई वो मई लगा रखा है... ( और फिर एक प्लेट मई मुझे खाना निकल क्र देते हुए ) जा उसने भी कहना नहीं खाया... और तूने भी नहीं खाया होगा मुझे पता ह..

मुझे यह से निकल लेना hi ठीक लगा.. मई चुप चाप प्लेट ले चल दिया दी के रूम की तरफ... माँ मुझे इस तरह डरा देख हसने लगी.. लेकिन मई पलट क्र नहीं देखा और जल्दी से दी क रूम मर पहुंच रूम को अंदर से लॉक क्र लिया....

मैंने पलट क्र देखा तोह दी तकिये में मुह्ह छिपा क्र बैठी हुई थी... मई उनके पास गया और प्लेट बिस्तर पर रख दी...

दी ने एक नजर उठा क्र मुझे देखा और मुझसे रहा नहीं गया मई आगे बढ़ उन्हें फिर से हुग क्र लिया... वह भी मेरी बाहो में समां गई... और मेरी पीठ पर मुक्के मारने लगी...

सोनाली... ( मुझे बाहों में कस्ते हुए ) देख नहीं सकते थे माँ आ रही ह... हर बार तुम मेरा पचका करा देते हो...

मई... ( और कस्ते हुए ) ओह्ह हो दी अब छोड़ो भी उस बात को... बड़े दिन बाद ऐसा सुकून मिला ह लग रहा ह... यह पल हम क्यों बर्बाद करे...

उसके बाद सोनाली भी शांत हो गई... हम्म कुछ देर ऐसे hi गले लगे रहे... फिर मैंने उसे अलग किया और हम दोनों ने एक दूसरे को खाना खिलाया.... और मई प्लेट उठाई hi थी की ...

सोनाली.. ( नॉटी स्माइल ) चल दिए मेरी सौतन क पसस....

मई कुछ न बोलै बस प्लेट साइड में रख दिया... और दी की आँखों में देखा वह भी समझ गई मई क्या चाहता हूँ इसलिए आपने चेहरा निचे क्र लिया... मई आगे बढ़ उनके चेहरे क पास गया...

इतने की उसकी साँसे मेरे होठों पर महसूस होने लगी... धड़कन भी तेज रफ़्तार से चल रही थी... मैंने एक बार उसकी आँखों मई देखा.. वह भी मुझे hi देख रही थी... उनकी आँखों मई एक गुजारिश सी थी की चूम लो इन् होंठों को...

मुझसे भी और कण्ट्रोल नहीं हुआ... और मैंने अपनी होंठ उसके होंठ पर रख दिए... उम्म्म्म क्या एहसास था... कभी मई उनके ऊपर क होठ को चूमता कभी निचे... हम दोनों.. पता नहीं कितनी देर ऐसे hi किश करते रहे... जब मेरी संन्स फूली तोह मई अलग हुआ... फिर अपने आप को नार्मल क्र...

मई... ी लव यू... दी...

सोनाली... ( मेरे होठों पर हलकी सी किश क्र ) ी लव यू तू... बेतु...

मई... ( सोनाली को हुग क्र ) अब मई जाओ...

सोनाली... ( मुझे और कस्ते हुए ) मनन तोह नहीं क्र रहा मगर कोई और भी लाइन मई ह...

मई मुस्कुराते हुए उसे किश क्र... गुड़ नई8 बोल चल दिया निचे की तरफ... निचे पहुंच मई बहार नकल गया...

मई... दिखाओ वह खा ह...

आवाज.... अभी लो...

मई... हम्म्म ठीक है...

फिर मैंने अपनी कार स्टार्ट की और चल दिया...

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट.... 49...

सोनाली... ( मुझे और कस्ते हुए ) मनन तोह नहीं क्र रहा मगर कोई और भी लाइन मई ह...

मई मुस्कुराते हुए उसे किश क्र... गुड़ नई8 बोल चल दिया निचे की तरफ... निचे पहुंच मई बहार नकल गया...

मई... दिखाओ वह खा ह...

आवाज.... अभी लो...

मई... हम्म्म ठीक है...

फिर मैंने अपनी कार स्टार्ट की और चल दिया...

अब आगे...

और एक होटल मई जाकर एक जान क लीक खाना पैक करवाया.... और वापस कार मई बैठ चल दिया... कुछ hi देर में मई पहुंच गया..

कार से उत्तर क्र मई गेट तक पहुंचा और गेट नॉक किया... बूत कोई नहीं खोला.... मई दोबारा नॉक किया... बूत कोई रिस्पांस नहीं... मुझे और फ़िक्र होने लगी की तभी गेट खुला...

उसने मुझे एक नजर देखा और मुद क्र अंदर चली गई... मई भी जल्दी से अंदर आया और गेट लॉक क्र उसका हाथ पकड़ लिया..

लड़की... ( गुस्से मई ) हाथ छोड़ो मेरा...

मई... इतनी जल्दी कैसे...

लड़की... ( पलट क्र रट हुए ) जब मुझे आपकी सबसे जयादा जरुरत थी... तब आपने एक नजर देखा तक नहीं... अब क्या लेने आये हो यह... जाओ अपनी सोनाली क पास और मुझे अकेला छोड़ दो...

मई पैकेट साइड में रख पीछे से जा क्र गले लग गया...

मई.. सॉरी न त्रिषु... लेकिन तुम जानते तोह हो माँ डैड क सामने मई कैसे.. क्या जवाब देता मई उन्हें...

तृषा.... आपको बस माँ डैड की पड़ी है... ( और जोर से रट हुए ) पता है मेरी कैसी हालत हो गई थी आपको उस हाल में देख क्र.. मेरी साँसे चल रही थी मगर लाश से काम नहीं थी...

मई.. ( तृषा को छोड़ घुटनो पर बैठ अपने कान पकड़ते हुए ) सॉरी न त्रिषु.. प्ल्ज़्ज़ माफ़ क्र दे चाहे तोह कुछ भी सजा दे दे...

तृषा... मुझे आपसे कोई बात नहीं करनी जाओ..

मई.. पक्का..

तृषा.. पक्का.. जाओ अब.. ( इतना बोल रट हुए कमरे में चली गई )

मई... ( यार अब क्या कृ... )

आवाज... मई मना दू क्या..

मई.. ( नहीं नहीं मई संभाल लूंगा.. रूठने और मानाने मई जो प्यार मिलता है उसका मजा hi कुछ और है.. देखा नहीं मेरी जान गुस्से मई भी कितनी प्यारी लग रही थी )

आवाज... जैसा तुम्हे ठीक लगे...

मई... ( क्या कृ क्या कृ... हाँ आईडिया.. ) ठीक है त्रिषु मई जा रहा हूँ... अपना ख्याल रखना..

और उठ क्र खड़ा हो जाता हूँ और बहार जाने लगता हूँ.. तृषा रूम से hi पलट क्र रट हुए मुझे देख रही थी... तभी मेरा पेअर टेबल से टकरा जाता है और मई आअह्हह्ह्ह्हह क्र चींखते हुए गिर जाता...

तृषा मुझे गिरता देख भाग क्र मेरे पास आती है... और मुझे गले लगा लेती है.... मई बेहोश होने का नाटक करने लगता हूँ...

तृषा मेरे सर को अपनी गॉड मई रख रोये जा रही थी... उसके आंसूं मेरे चेहरे पर गिरने लगे...

तृषा... उठो न... सॉरी मुझे माफ़ क्र दो सब मेरी वजह से हुआ न मई झगड़ती न आप जाते... और न आपको चोट लगती... उठो न प्ल्ज़्ज़ उठ जाओ वर्ण मई कभी आपने आपको माफ़ नहीं क्र पाऊँगी और यही अपनी...

मई झट से आँखे खोल उसे बह्हो मई कस लिया... और उसे अपने ऊपर गिरा लिया... तृषा मुझे ऐसा करता देख चौंक गई.. और रोना भूल एक तक मुझे देखने लगी...

वंही मैंने आगे बढ़ उनके होठो पर अपने होंठ रख दिया... और धीरे धीरे किश करने लगा.. कभी निचे वाले होंठ को चुस्त कभी ऊपर वाले होठ को... मेरा स्मूच देख तृषा का भी गुस्सा पिघल गया और वह भी रेस्पोंद करने लगी...

वह तोह और जयादा विद होती जा रही थी और बेदर्दी से मेरे होठो को चूसने लगी.. जैसे कोई सेहद लगा हो और वैक्यूम से कोई खिंच रहा हो.. कुछ देर मई हमारी जीव आपस में टकरा गई... और उसने मई जीव को खींच क्र अपने मुँह में ले लिया..

और फ्रेंच किश देना स्टार्ट क्र दी... कभी मेरी जीव को चुस्ती तोह कभी छोड़ देती... और अपनी जान मेरे मुँह मई दाल देती मई.. भी इशारा समझ जाता और जीव को चूसने लगता... हमारी आनंद की सीमा ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही थी...

तभी तृषा साँसे लेने क लिए मशीन लगी.. जिसे देख मैंने उसे छोड़ दिया.. और वह गलती हुई मेरे सीने पर गिर गई... मई प्यार से उसके बालों को सहलाने लगा.... कुछ देर हम ऐसे hi जम्में पर पड़े रहे...

मई.. अभी तोह तुम नाराज थी...

तृषा.. ( तोह जैसे वह बात भूल hi गई थी जैसे hi उसको याद आया अभी क सीने मई मुक्के मारने लगी... ) आप हमेशा मुझे रुलाते हो... मई आपसे बात hi क्यों के रही हूँ..

मई.. ठीक है.. फिर मई जाता हूँ..

और खड़ा हो जाने लगता हूँ... की तृषा पीछे से मेरा हाथ पकड़ लेती है..

मई.. क्या हुआ.. अभी तोह तुमने बोलै जाओ..

तृषा... मई बोलू कुए मई कुद्द जाओ तोह कुद्द जाओगे...

मई.. ( शरती लहजे मई ) खा है क्या बताओ...

तृषा... ( रट हुए ुझे बाहो मई भर ) ी लव यू... जान प्ल्ज़्ज़ मुझे युन्न अकेला न छोड़ा करो.. कही ऐसा न हो की...

मई... ( उसके होठ पर ऊँगली रखते हुए ) शहहह कुछ मत बोलो... शांत हो जाओ... और सॉरी मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था.. बस आज मुझे माफ़ क्र दो...

तृषा... ठीक है लेकिन आखिरी बार...

मई.. ी लव यू बाबू...

तृषा... ( मेरे होठो पर हलकी किश क्र ) ी लव यू तू...

मई... चलो अब खाना खा लो ठंडा हो रहा है..

तृषा.... ( मुह्ह बनाते हुए ) मुझे नहीं खाना...

मई.. मई खिलौ तब भी नहीं...

तृषा मुस्कुरा क्र एक नजर मुझे देखती है लेकिन कुछ नहीं बोली... फिर मैंने उसे छोड़ एक प्लेट मई खाना निकला और उसे ले क्र सोफे पर बैठा दिया... और अपने हाथ से उसे खिलने लगा... तृषा बस मुझे देखती रही और खाना कहती रही....

मई.. औछह मेरी ऊँगली खाओगी क्या..

तृषा.. सॉरी सॉरी आपको लगी तोह नहीं...

मई... अरे मई तोह ंजक क्र रहा था...

फिर मैंने उसे खाना खिलाया... और बर्तन किचन मई रख तृषा को ले बीएड पर चल दिया... और वंहा उसे अपनी बांहो में ले लिया... कुछ देर वह उधर की बातें करती रही और फिर मेरी बाहों में hi सो गई...

मैंने एक बार घडी देखा... 2 बज गए थे और एक नजर तृषा को देखा.. सोते हुए बहुत प्यारी लग रही थी मैंने आगे बढ़ उनके गाल को किश किया.. वह नींद में hi हलकी मुस्कुरा दी... और लैब मई सो गया मुझे पता hi नहीं चला..

..

सुबह मेरे चेहरे पर पानी की बूंदे गिर रही थी... मैंने आँखे खोल देखा तोह तृषा झुक क्र अपने गीले बालों से मुझे जगाने की कोशिश क्र रही थी... ऐसा लग रहा था जैसे अभी नहा क्र आई हो..

मैंने आगे बढ़ उसे बाँहों मई भर लिया.. और एक लम्बा स्मूच के अलग हुआ...

मई.. गुड़ मॉर्निंग बाबू...

तृषा... ( शर्माती हुई ) गुड़ मॉर्निंग.. चलो जल्दी से उठ जाइये... मैंने नास्ता बना दिया है...

मई.. ठीक है बाबू..

और बार हल्के से तृषा क होठो को चूम चल दिया फ्रेश होने...

फ्रेश हो तैयार होकर मई हॉल मई पहुंचा.... झा तृषा नास्ता टेबल पर लगा रही थी...

फिर मैंने उसे खिंच अपनी गॉड मई बैठा लिया और अपने हाथो से नास्ता करने लगा... वह भी मुझे अपने हाथो से खिला रही थी...

नास्ता ख़त्म क्र हम दोनों अलग हुए.. फिर मई उसे किश क्र bye बोल चल दिया घर... झा एक और आफत मेरे इन्तजार मई बैठी थी...

तो बे कंटिन्यू....
 
अपडेट... 50...

फ्रेश हो तैयार होकर मई हॉल मई पहुंचा.... झा तृषा नास्ता टेबल पर लगा रही थी...

फिर मैंने उसे खिंच अपनी गॉड मई बैठा लिया और अपने हाथो से नास्ता करने लगा... वह भी मुझे अपने हाथो से खिला रही थी...

नास्ता ख़त्म क्र हम दोनों अलग हुए.. फिर मई उसे किश क्र bye बोल चल दिया घर... झा एक और आफत मेरे इन्तजार मई बैठी थी...

अब आगे...

जैसे hi मई घर पहुंचा अंदर हॉल मई कियारा बैठी हुई थी...

मई... ( उसके पास जाकर ) क्या हुआ तुम इतनी सुबह सुबह.... और कॉलेज नहीं जाना क्या....

कियारा... ( घबराते हुए ) वह बस तुम्हे देखने आई थी...

मई... ( तेज आवाज़ में ) तोह देख लिया.... अब जाओ चलो...

कियारा का तोह जैसे दिल hi टूट गया और उसके आंसू बहने लगे.. सोनाली ने आगे बढ़ उसे गले लगा लिया..

सोनाली... बेतु...

मई... बाद में दी... और तुम चलो जाओ सोल्लगे...

कियारा रोटी हुई वंहा से उठ अपने घर चली गई.... सभी लोग मुझे ऐसा बेहवे देख घूर रहे थे... मई बिना कोई रिएक्शन दिए वंहा से सीधा अपने रूम में आ गया... और पीछे पीछे सोनाली भी... जो बड़े गुस्से मई नहर आ रही थी...

सोनाली... बेतु यह क्यों किया तूने...

मई... दी वो मई... वो..

सोनाली... क्या वो मई वो.. बेचारी रट हुए गई ह...

मई... दी अगर मई दन्त ता नहीं तोह वह सोल्लगे नहीं जाती सारा दिन यही रहती...

सोनाली... तोह क्या पहाड़ टूट जायेगा वह प्यार करती है तुमसे... अगर वह एक दिन सोल्लगे नहीं जाएगी तोह...

मई कुछ नहीं बोलै क्यों की दी ठीक hi बोल रही थी..

सोनाली... अब देख क्या रहा है चल मना उसे... वर्ण मेरी भी बात नहीं करना...

मई... ( कान पकड़ते हुए ) ाचा बाबा सॉरी अभी लो..

और फिर मैंने अपना फ़ोन निकल उसे कॉल लगाया लेकिन वह उठा नहीं रही थी... 2,3 बार तरय किया बूत शामे रिस्पांस... अब मुझे उसकी फ़िक्र होने लगी... और अपने किए पर बुरा भी लग रहा था...

मई... मुझे दिखाओ वो क्या क्र रही ह...

आवाज... अभी लो...

फिर मैंने जो देखा उसे देख मेरे रोंगटे खड़े हो गए...

सोनाली... ( आँख में आंसूं लेट हुए ) देख लिया तुम्हारे ंजक का नतीजा... अब जाओ जल्दी से...

मई तुरंत बहार आया और अपनी बाइक निकल फुल स्पीड मई भगा दी... मुझे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था... यह मैंने क्या क्र दिया... लेकिन मैंने खुद से वादा किया आज क बाद कभी उसकी आँख मई आंसू नहीं आने दूंगा चाहे कुछ हो जाये....

बाइक पूरी स्पीड से भाग रही थी...

वंही दूसरी तरफ कियारा... एक पहाड़ी क ऊपर पहुंच गई थी.. और खाई की तरफ बढ़ रही थी... आंसूं रुकने का नाम नहीं ले रही थे.. देखते hi देखते वह किनारे तक पहुंच गई...

कियारा... ( रट हुए ) हो सके तोह मुझे माफ़ क्र देना अभी.. मुझे पता है तुम सोनाली की किश कदर प्यार करते हो इसलिए मुझे कभी अपना नहीं सकते. . लेकिन इस जनम में न सही अगले जनम मई तुम्हारी बांके रहूंगी... पापा मुझे ी ऍम सॉरी....

इतना बोल खाई से खुद्द गई की तभी किसी ने उसका हाथ पकड़ लिया... और ऊपर खिंच लिया. .

कियारा... छोड़ दो मुझे मर जाने दो. .

चट्ट्कककककक...

थप्पड़ पद कियारा को होश आया और उसके सामने देखा तोह मई गुस्से से उसे देख रहा था.... लेकिन उसे खा फ़िक्र थी सीधा मेरी बाँहों मई चली गई.. और रोने लगी... मैंने भी उसी रोने दिया.. कुछ देर फिर अलग क्र...

मई... यह सब क्या था...

कियारा... वो.. ( क्या बोले कुछ समझ नहीं आ रहा था )

मई... बोलो न बोलती क्यों नहीं... कल hi समझाया था न तुम्हे.. फिर आज ऐसा क्यों करने जा रही थी...

कियारा... ( फुट पड़ी ) तोह मई क्या कृ तुम hi बताओ.... न खाना कहने को मन करता ह... न नींद आती ह... हर वक़्त सिर्फ तुम्हारी याद... मुझे पता ह तुम मुझे कभी नहीं अपना पाओगे... इसलिए में खुद को ख़त्म करने जा रही थी तोह इसमें गलत क्या ह... हआ बोलो...

और पता नहीं क्या क्या सुनते जा रही थी... मई चुपचाप खड़ा बस सुने जा रहा था... जब मुझसे बर्दास्त न हुआ तोह मैंने आगे बढ़ उसके होंठ पर अपने होंठ चिपका दिए...

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कियारा शॉकेड हो मुँह खोल सब समझने की कोशिश क्र रही थी... लेकिन मई नहीं रुका और उसके होंठ चूसना चालू क्र दिया कभी निचे वाला तोह कभी ऊपर वाला धीरे धीरे कियारा पर भी खुमारी चने लगे और वह भी मुझे किश करने लगी....

हम दोनों की किश धीरे धीरे वाइल्ड होती जा रही थी.. मेरी साँसे फूलने लगी मैंने अलग होने की कोशिश की लेकिन कियारा तोह मुझे छोड़ने को तैयार नहीं थी... उसने अपने हाथ से मेरे सर को पकड़ लिया... और जी भर क होठ चुस्ती रही जब उसकी सांस फूली तब उसने मुझे छोड़ा...

और हांफती हुई मेरे कंधे पर गिर गई... मई भी उसे सीने से लगये निचे बैठ गया... और वह भी मेरे सीने से लगी रही...

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Kuch der baad jab normal hui toh meri trf dekhi... Uski aankhon mai aansun the jise maine ponch diya or fir use this lga liya woh bhi mere gale lagi rhi...

Kiyara... ( Rote hue ) I love you Abhii... I love you so much... Mai bta nhi sakti aaj mai bhut khush hoon...

Mai... ( Uske chehre ko apne samne late hue ) I love you toooo meri jaan... ( Rote hue ) Aaj aisa kaam kiya agar aage se kabhi aisa krne ki sochi na toh yaad rkhna...

Kiyara... ( Mere aansun ponchte hue ) nhi nhi... Ab mai kabhi aisa nhi krungi... Ab mujhe tum mill gye ho mujhe or kuch nhi chahiye... Bas mujhe kabhi chod kr mt jana...

Mai.. ( uske honth pr halke se kiss krte hue ) kabhi bhi nhi...

Woh mujhe kuch or kehti usse pehle mai bol pda...

Mai... Ab jo tum mujhse judd gai ho toh tumhe mere baare mai sab kuch pta hona chahiye...

Fir maine kiyara ko sab kuch bataya A to z jo bhi abyk mere sath hua tha... Uske chehre pr mile jule bhaav the.. Powers k samay hairaan thi toh... Aunty or Trisha k baare mai sun thoda naraj hui lekin maine use mna liya...

Mai... Jaan agar mai tumse kuch maangu toh tum doge mujhe...

Kiyara... ( Mere kadhe pr sir rkh kr ) isme puchne ki kya baat tumhara poora hakk h mujhpr bolo kya chaiye sirf jaan ko chod qki ab mai jeena chahti hoon tumhare sath tumhari baahon me...

Mai... ( Uske gaal pr kiss krte hue ) Yeh hui na baat... Lekin mujhe tumhara ik promise chahiye...

Kiyara... Kaisa promise...

Mai... ( Apna hath aage badha kr ) yeh jo aaj hua yeh kabhi nhi hona chahiye... Chahe kaise bhi paristhiti aa jae inn aankhon mai kabhi aansun nhi aane chahiye... Night Sparrow se ladte waqt agar mujhe kuch ho jae toh mere maa or papa ka khyal kahogi.... Waada kro mujhse... ki in aankhon mai kabhi aansun nhi aayenge....

Kiyara mere baatain sun bhavuk ho gai magar kuch der baad apne aansun ponch kr..

Kiyara... ( Mere hath pr apna hath rkhte hue ) Mai waada krti hoon... Aaj k baad kabhi in aankhon me aansun nhi aayenge...

Mai khush ho use gale lga liya woh bhi meri baahon me sama gai... Kuch der hum aise hi baatein krte rhe... Fir mai usse bye bol ghar chal diya....

Ghar phunch hall mai Mom Dad Aunty kisi baat ko lekr baat kr rhe the... Mujhe dekhte hi sab sant ho gye... Mai unko ignore kr andar chal diya... Tabhi mujhe kuch yaad aaya ohhh shit men yeh mai kaise bhool sakta hoon...

To be continue....
 
सॉरी फॉर डिले दोस्तों... आउट ऑफ़ सिटी चला गया अभी लौटा हूँ.. शाम में... और आते hi अपडेट दे दिया... माफ़ क्र देना इन्फ्रोम भी नहीं किया...

बस इस अपडेट से सिड थोड़ा गुस्सा कूल हो जाये...

एंड बी थे वे... मेरी क्रिसमस तो आल माय भाईलोग....

यू अरे माय सेकंड फॅमिली...

चियर्स.. योर लोवबले...

#अभयसमर्त्य
 
:headache2::headache2::headache2:

हैरतली सॉरी...

बूत कुछ काम ऐसे फस्स जाते ह की इससे जयादा जरूरी होते ह...

आज मेरे करीबी दोस्त की माँ अचानक से बिम्मर हो गई.. और उनको होस्पिटलिज़्ड करना पड़ा मई भी साथ में रहा दिन भर...

तोह क्या मैंने गलत किया... हर किसी की पर्सनल लाइफ होती ह.. और सब फस्स जाते ह किसी न किसी काम में यार मुझे बहुत दुःख हुआ यह देख क्र...

अपडेट मैंने रात में hi टाइप क्र लिया था.. बूत एडिट करना बाकी था सुबह करता तोह... जबतक दोस्त का कॉल आ गया...

अन्य वे सॉरी तो आल....

यह रहा अपडेट... एन्जॉय...
 
अपडेट... 51

मेगा अपडेट...

कियारा... ( मेरे हाथ पर अपना हाथ रखते हुए ) मई वादा करती हूँ... आज क बाद कभी इन आँखों में आंसूं नहीं आएंगे...

मई खुश हो उसे गले लगा लिया वह भी मेरी बाहों में समां गई... कुछ देर हम ऐसे hi बातें करते रहे... फिर मई उससे bye बोल घर चल दिया....

घर पहुंच हॉल मई माँ डैड आंटी किसी बात को लेकर बात क्र रहे थे... मुझे देखते hi सब संत हो गए... मई उनको इग्नोर क्र अंदर चल दिया... तभी मुझे कुछ याद आया ओह्ह्ह सहित में यह मई कैसे भूल सकता हूँ...

अब आगे...

मई सोच hi रहा था की तभी सोनाली अपने रूम से मेरे रूम में आ गई...

सोनाली.... क्या हुआ बेतु...

मई... ( उदास होते हुए ) दी बर्थडे...

सोनाली.... मुझे पता है तू जा क्र उसे लेकर आ मई यह सब कुछ इंतजाम करती हूँ...

मई... ( खुश होते हुए ) थैंक्स दी थैंक यू सू मच... मई अभी जाता हूँ....

सोनाली... बेतु...

मई... ( पीछे मुद क्र ) हाँ...

सोनाली... ( मुझे गले लगा क्र ) तुमने बहुत अच्छा काम किया... ी ऍम प्राउड ऑफ़ यू.... यह मत समझना इससे मेरा प्यार कम हो जायेगा... मुझे पता की तुम भी अब उसके प्यार को फील करने लगे हो.. लेकिन मेरी वजह से झिझकते हो...

मई.. वो मई.. वो.. ( यह पावर्स भी न )

सोनाली... ( मुस्कुराते हुए ) तुम मुझसे कुछ नहीं छुपा सकता... इससे बेहतर है... सबको उनके हिस्से का प्यार दे...

मई आगे बढ़ सोनाली को बिस्तर पर गिरा दिया और खुद उनके ऊपर आ गया...

सोनाली... अब यह क्या बात हुई चलो उठो मेरे ऊपर से.... वर्ण माँ देख लेंगी...

मई... ाचा जी अभी तोह अपने बोलै सभी को प्यार दो तोह वही शुरुवात क्र रहा हूँ... और माँ का डर दिखाना बंद करो आप डर्टी हो माँ से मई नहीं...

सोनाली... ाचा जी रुको अभी बताती हूँ..

और इतना बोल पलट गई और खुद मेरे ऊपर आ गई... मई बस उनके चेहरे को देखता रहा... वह मुझे इस तरह घूरता देख मदहोश होने लगी और अपने होठ मेरे होठो क करीब लाने लगी की तभी....

माँ... बेतु सुन... ( इतना बोल वह घूर क्र ह दोनों को देखने लगी.. )

मई और सोनाली शॉकेड माँ को देखते रहे... मुझे तोह यह सपना जैसा लग रहा था....

माँ... ( मुस्कुराते हुए ) तुम दोनों को कितनी बार खा ह... गेट लॉक क्र लिया करो... सोनू तुझसे यह उम्मीद नहीं थी... बेशर्मो की तरह कहि भी शुरू हो जाते हो... यह हम परेशां ह और तुम चिपके हुए हो... अब देख क्या रहे हो... उठो और बेतु तू निचे आ मेरे रूम में मुझे तुझसे कुछ बात करनी ह...

इतना बोल माँ चली गई... उनकी बात सुन सोनाली मुझसे उठ कड़ी हुई और शरमाते हुए बहार जाने लगी की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया... उसने पलट क्र मेरी और देखा उसकी आँखों मई एक गुजारिश थी... लेकिन मैंने उसे दरकिनार क्र उसे दीवाल से लगा दिया....

और खुद उसके करीब पहुँच गया इतने की उसकी ग्राम सांसे मेरे होठो पर फील होने लगी... उसने भी अपनी आँखें बंद क्र ली... मई बस एक तक उसे निहारता रहा और उसके चेहरे में खो सा गया...

मुझे कुछ न करते देख उसने अपनी आँखें खोली.... ह्ययययय मेरा दिल तोह वंही फ़ैल हो गया... और मैंने उसके होठ पर अपनी होठ रख दिए और किश क्र बहार चल दिया...

सोनाली मुस्कुराते हुए कुछ देर किश को फील करती रही फिर वह भी अपनी रूम मर चली गई...

मई माँ क रूम में पहुंचा तोह माँ डैड और आंटी तीनो hi बैठे थे... मैंने तीनो को मॉर्निंग विश किया और आंटी की गॉड में सर रख लेट गया... वह भी मेरे सर को प्यार से सहलाती रही...

मई... हाँ माँ आप कुछ बोल रहे थे...

माँ.. ( घबराने हुए ) हाँ बेतु.. वो मई.. वो.. डैड बताएंगे...

डैड... ( झिझकते हुए ) मई नहीं.. मई क्या बताऊ... टीम hi बताओ...

माँ.. दीदी आप hi बताओ...

आंटी... बीटा वो.. ( उनकी आँख से आंसूं निकल मेरे गाल पर गिर गए )

मई... ( उनके आसूं पांच क्र ) मुझे पता है.. आज उसका बर्थडे है न... फ़िक्र न करो माँ मई उसे लेकर आता हूँ...

आंटी... ( रट हुए मुझे गले लगा क्र ) लेकिन वह तोह...

मई... माँ मई हूँ न आपको अपने बेटे पर भरोषा है न...

आंटी... ( मेरे माथे पर किश क्र ) अपनी जान से जयादा...

मई... तोह फिर यह रोना बंद करो और पार्टी की तैयारी करो.... मई जाता हूँ और उसे लेकर hi आऊंगा...

इतना बोल मई उठ खड़ा हुआ माँ डैड ने बारी बारी मुझे हुग किया और मई बहार नकल गया....

बहार आ मैंने गाढ़ी निकली... वो खा है मुझे दिखाओ...

आवाज... अभी लो...

फिर उसने मुझे वह जगह बताई और मैंने गाढ़ी उस दिशा में भगा दी...

रास्ते में मैंने गाडी रोक एक डेरी मिल्क सिल्क का वडा वाला पैक ले लिया और दोबारा चल दिया 2 घंटे बाद गाड़ी रुकी...

मई अंदर गया और रिसेप्शन पर पूछा... तोह उसने रूम no. 205 बताया..

मई धड़कते दिल और आँख में आंसू लिए चल दिया रूम की तरफ जैसे जैसे मई पास पहुंच रहा था मेरा दिल और घबरा रहा था...

कुछ hi देर में मई रूम क बहार पहुंचा और गेट खोलने hi वाला था की...

ओह्ह्ह hello खा अंदर घुसे जा रहे हो...

मई.. जी आप कोण..

औरत.. मई डॉक्टर गरिमा एंड आप कोण है.. और किस्से मिलने आये हो..

मई.. जी मई अभिमन्यु सिंह हूँ... सोनम का बड़ा भाई...

डॉक्टर... बड़ा भाई.. लेकिन वह तोह पहले hi मर चूका है.. सच सच बताओ तुम कोण हो...

मई.. मेरा विश्वास मानिये.. ाचा एक मं रुको... ( और अपना पर्स निकल उनको दिखते हुए ) यह देखो यह मई यह सोनम और यह मेरी दी... अब मई अंदर जा सकता हूँ...

डॉक्टर... माफ़ करना लेकिन यह मेरी ड्यूटी है.. आपको कभी देखा नहीं न इसलिए...

मई.... वैसे कैसे है वह...

डॉक्टर... कोमा मई जा चुकी है... अब कब होश आता है यह तोह भगवान hi जाने ऊपर उसके शरीर में खून बनना भी बंद हो चूका है... हम जितना कर सकते है पूरी कोशिश क्र चुके है... मगर कोई सुधर नहीं अगर ऐसा hi चलता रहा तोह सयद 1 मंथ...

मई.. ( डॉक्टर की बात सुन आंसूं बहता रहा ) नहीं कुछ नहीं होगा उसे.. मई कुछ नहीं होने दूंगा... क्या मई उससे मिल सकता हूँ..

डॉक्टर... हाँ जरूर क्यों नहीं..

और उसने गेट खोला अंदर का नजारा देख मेरे रोंगटे खड़े हो गए... और वंही घुटनो पर बैठ गया... और रोने लगा.. अंदर सोनम कांच के बॉक्स मई थी जिसमे उसे ऑक्सीजन लगा हुआ था.... उसका मासूम चेहरा जिस पर हमेशा मुस्कराहट रहती थी वह मुरझा चूका था... सरीर सुख क्र काँटा हो चूका था...

डॉक्टर मेरे पास आई और मुझे उठा क्र सीट पर बैठा दिया... और पानी दिया लेकिन मुझे तोह होश hi नहीं था मई बस सोनम को देखे जा रहा था तभी उसने मुझे हिलाया जिससे मई होश मई आया...

मई.... खा ह तू..

आवाज.. यही हूँ भाई...

मई... भाई जल्दी इसे ठीक क्र मुझसे और देखा नहीं जा रहा....

डॉक्टर... ( आश्चर्य चकित होकर ) यह तुम किस्से बात क्र रहे हो...

लेकिन मैंने उसकी कोई बात का जवाब नहीं दिया... और कुछ देर बाद उसने जो देखा उसके होश hi उड़द गए और वंही बेहोश हो गई...

सोनम उठ क्र बैठ गई और रोने लगी... सभी चीजे यह वंहा फेकने लगी की तभी उसकी नजर मुझपर पड़ी... वो जल्दी से सिरिंज निकल रट हुए भाग क्र मेरे पास आने लगी लेकिन कमजोरी क कारन गिरने वाली थी की मई भाग क्र उसके पास पहुंच गया और उसे पकड़ लिया.... उसने भी मुझे गले लगा लिया... .. कुछ देर मैंने उसे रोने दिया फिर अलग क्र....

मई... सोना क्या हुआ... ऐसे नहीं रट देख मई आ गया हूँ न ....

सोनम... ( रट हुए ) भैया आप खा चले गए थे.... पता ह मई कितना डर गई थी... प्लीज मुझे छोड़ क्र मत जाओ...

मई... ( रट हुए ) न अब कभी नहीं जाऊंगा...

सोनम... ( रट हुए ) पक्का वाला प्रॉमिस...

मई... हाँ सोना पक्का वाला अब चल आंसूं पांच... हममे घर भी चलना ह...

सोनम... लेकिन मुम्मा..

मई... कुछ नहीं बोलेंगे मई हूँ न...

सोनम... हम्म्म ( और दुबारा गले लग गई )

मई... ( सोनम क आंसू पूछते हुए ) हैप्पी बर्थडे मेरी बार्बी... यह देख मई तेरे लिए क्या लाया हूँ...

सोनम... नहीं मुझे कुछ नहीं चाहिए मुझे सिर्फ आप चाहिए....

मई... ाचा ठीक है चलो घर चले मुम्मा वेट क्र रही होंगी...

सोनम... क्या... लेकिन वह तोह...

मई... मैंने उनको मना लिया अब तोह मुस्कुरा दे... कब से तरस रहा हूँ... तेरी एक मुस्कराहट क लिए...

सोनम ने एक नजर मुझे प्यार से देखा और हलके से मुस्कुरा क्र मेरे गाल पर किश क्र दी.. मैंने उसके गाल पर किश क्र दी.. वह और भी मुस्कराने लगी... इधर डॉक्टर भी जोश मई आ गई और सोनम को शॉकेड हो गई....

डॉक्टर... ( शॉकेड ) यह कैसे हो सकता ह... यह तोह चमत्कार ह मिरेकल... ( देव पर आनंद की स्टोरी नहीं )

मई... ( मन मई ) भाई इसका भी कुछ क्र..

आवाज... अभी लो..

और डॉक्टर अपने आप रूम से बहार निकल गई... और कुछ देर बाद hi डिस्चार्ज पेपर्स ले अंदर आ गई मैंने उनपर सिग्न किया और सोनम को ले भर जाने लगा की सोनम ने मेरा हाथ पकड़ लिया...

मैंने पलट क्र देखा तोह वह मासूम सा चेहरा बना अपने दोनों हाथ फैला क्र मुझे देख रही थी... मई भी उसको ऐसे देख हस्स दिया और उसके पास जा उसे अपनी पीठ पर बैठा लिया... ( भाई यह मुन्नी नहीं ह जिसे पाकिस्तान जाना ह )

मई... ( चुप्प क्र बे )

और उसे साथ ले बहार आ गया... हर कोई हम दोनों को hi देख रहा था.... मक सबको इग्नोर क्र सोनम को बहार गाढ़ी मई बैठा दिया...

मई.. ( मुस्कुराते हुए ) क्या सोना तू कब बड़ी होगी...

सोनम... ( मुस्कुराती हुई ) मेको नहीं होना बड़ी.. वैसे भी क्या करना ह बड़ी होकर... आप जो हो मेरे साथ... ( और साइड से मुझे हुग क्र ली )

मई.. ाचा बाबा ठीक है.. चलो घर चलते ह...

सोनम... नहीं पहले मुझे भूख लगी ह...

मई... ठीक है.. चलो अपनी फव जगह चलते ह...

उसके बाद मई और सोनम एक रेस्टोरेंट मई गए... वंहा भी वह मेरी पीठ की सवारी करती रही.. लेकिन सच कहु तोह बहुत दिन बाद मई उसको देख क्र खुश था.... सभी लोग हममे hi देख रहे थे मैंने उसे अपने हाथ से खाना खिलाया... और उसने भी मुझे थोड़ा बहुत खिला hi दिया.... की तभी सोनम बोली...

सोनम.. ( कुछ सोचते हुए ) भैया.. एक बात समझ नहीं आई मेरे...

मई... मुझे पता है.. लेकिन सब घर जाकर...

सोनम.. जैसा आप बोलो...

फिर हमने खाना खाया और बिल पाय क्र बहार चल दिए.... और मैंने भी अपनी गाडी आगे बढ़ा दी...

रास्ते भर सोनम मुझसे चिपक क्र बैठी रही.. और मेरे कंधे पर सर रख लिया...

मैंने भी एक हाथ उसके गले मई दाल दिया और गाडी चलता रहा... हम पहुँचने hi वाले थे की तभी..

2 स्कार्पियो मेरी गाडी क आगे आकर रुकी... और मैंने कस क ब्रेक मार दी....

तो बे कंटिन्यू. . ..
 
अपडेट... 52...

रास्ते भर सोनम मुझसे चिपक क्र बैठी रही.. और मेरे कंधे पर सर रख लिया...

मैंने भी एक हाथ उसके गले मई दाल दिया और गाडी चलता रहा... हम पहुँचने hi वाले थे की तभी..

2 स्कार्पियो मेरी गाडी क आगे आकर रुकी... और मैंने कस क ब्रेक मार दी....

अब आगे...

ब्रेक मारने से सोनम का सर गाडी क शीशे पर पड़ने hi वाला था की मैंने उसे पकड़ लिया... सामने करीब 12 से 15 लोग गन लिए बहार आ गए... 7 फ़ीट लम्बे चौड़े आदमियों को देख सोनम डर क मारे मुझसे चिपक गई...

सोनम... ( डरते हुए ) चलो भैया... जल्दी चलो... घर चलते ह... वो गुंडे हममे...

मई... दर मत सोना कुछ नहीं होगा.. मई हूँ न...

सोनम... ( डरते हुए ) लेकिन वह...

मई... मई हूँ न... डरो मत तुम यही रुको मई अभी आया...

सोनम... ( मेरा हाथ पकड़ते हुए ) नहीं नहीं भैया वह आपको मारेंगे... पलज़्ज़ज़ चलो...

मई उसको कुछ बोलता उससे पहले 4,5 आदमी आएगी आये मुझपर और सोनम पर गन तान दी...

आदमी... 1 बहार निकलो दोनों... और अगर कोई भी होशियारी की तोह तुम जानते hi हो अंजाम क्या होगा...

मैंने सोनम को संत रहने का इशारा किया... वो रोने लगी मई आगे बढ़ उसे गले लगा लिया और बहार आ गया... सोनम को रट हुए देख मुझे गुस्सा तोह बहुत आ रहा था लेकिन में चुप hi रहा... यह देखने क लिए की आगे क्या करते ह...

आदमी 1... चल अब चुप चाप गाढ़ी में बैठ जा...

मई भी सोनम क साथ गाढ़ी में बैठ गया... की आदमी 1 का फ़ोन बजा...

आदमी 1... हाँ बॉस हमने उसे पकड़ लिया...

....

आदमी 1... हाँ अभी लाते ह...

....

कॉल कट...

उसके बाद सभी लोग गाडी मई बैठ गए... और गाडी भगा दी... मई चुप चाप बैठा सोनम को संत रहने को कहता रहा लेकिन वह रोटी रही जिससे मेरा गुस्सा और बढ़ रहा था...

आवाज... भाई तू बोल तोह अभी...

मई... ( मन मई ) नहीं नहीं ृक्क.. पहले उस कुत्ते को मिलने दे...

उसके बाद वो लोग गाडी एक पुराने खण्डार क पास ले गए और गाडी रोक हममे उठने को खा...

सोनम रट हुए उन्हें छोड़ देने क लिए बोले जा रही थी... की तभी उनमे से एक सोनम को मारने hi वाला था की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया...

आदमी 2... तेरी यह मजाल रुक अभी बताता हूँ मदर...

इससे पहले वह कुछ बोलता... कड्डद्कक क्र क आवाज आई और वह चींखता हुआ वंही बैठ गया....

आदमी 2... आआआह माआ....

आपने आदमी की ऐसी हालत देख सब सकते में आ गए... की उनमे से एक ने गन सोनम पर तान दी...

आदमी 3.. ( गुस्से में ) बहुत होशियारी दिखता ह... चुप चाप चल वर्ण तेरी मेहबूबा को यही थूक दूंगा...

मई कुछ नहीं बोलै बस सोनम को गले लगा लिया और अंदर चल दिया... वह लोग हममे एक खंडहर में ले गए झा करीब 50 आदमी थे सबके हाथ में गन थी... मई उन्हें देख hi रहा था की...

आओ आओ तुम्हारा hi इन्तजार था...

मैंने उस तरफ देखा तोह मला अपनी कुर्सी पर बैठा था उसके दोनों झांझो पर 2 लडकियां बैठी थी... देखने से लग रहा था जैसे वह उनसे जबरदस्ती क्र रहा था... उससे देख मेरा गुस्सा और बढ़ता जा रहा था...

मला... बड़ी किस्मत लेकर पैदा हुआ है... तू पहला आदमी ह जो मेरी इतनी गोली खाने क बावजूद जिन्दा ह... चल अच्छा hi हुआ तुझे उस दिन मार्के पता नहीं क्यों सुकून नहीं मिला था... अब तिने दोबारा आकर मुझे वह सुकून दे दिया... है है है...

जिस तरह तूने मेरे भाई को मारा था... उसी तरफ मई तेरी आँखों क सामने तेरी भें को मारूंगा...

मई... ( गुस्से में ) तेरी दुश्मनी मुझसे ह मेरे घर वालो को क्यों बिच में लता ह... इससे जाने दे तोह सिड तू जिन्दा रहेगा... वर्ण...

मला... ( हस्ते हुए ) है है है... डेविल किंग तुझे अब भी लगता ह तू कुछ क्र सकता है... ( और मेरे पास आ क्र मेरी गर्दन पकड़ क्र चिल्लाते हुए ) देखहहहह... देखहहहह यहां मेरी कितने आदमी ह तुझे अब भी लगता ह... तू मेरा कुछ उखाड़ पायेगा... मई चहु तोह तुझे चूतियों में मसल दूँ... लेकिन नहीं अभी तू देखेगा की कैसे मेरे आदमी नोच नोच क्र तेरी बे...

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वो कुछ बोलता उससे पहले मैंने एक मुक्का उसके मुह्ह पर मार दिया... जिससे वह पीछे गिर गया.. उसके 10 आदमी आगे आ मेरे सर पर गन तान दिए और मला की तरफ देखने लगे...

मुक्के से मला का जांदा हिल चूका था.. उसने अपने गाल पर हाथ लगया और देखा तोह खून बह रहा था... वह गुस्से में उठा और मेरो तरफ बढ़ने लगा की तभी मैंने उसके सीने पर हाथ रख उसे रूक दिया और एक चुटकी बजे...

चटकककक....

मेरे पीछे जितने भी आदमी खड़े थे वंही क वंही निचे गिर गए... मला शॉकेड हो मुझे देखने लगा की मैंने उसे सामने की तरफ इशारा किया... उसने अपने चारों और देखा उसके सभी आदमी निचे पड़े हुए थे.... { बेंचो इंफिनिटी वॉर याद आ गया }

मला... ( शॉकेड ) यह क्या था... क्या किया तुमने...

मई... ( गुस्से में ) वही जो तेरे साथ करूंगा...

और उसके पेट में एक पंच मार दिया.. जिससे उसके मुह्ह से खून निकल आया.. सोनम बस शॉकेड होकर मुझे देखती रही... और वह दोनों लडकियां तोह कब की बेहोश हो चुकी थी... वो भी मैंने hi किया...

तभी मैंने मला को उठाया और सांस दीवाल पर दे मारा जिससे उसकी पीठ की हड्डी टूट गई... वो रेंगते हुए इधर उधर घूमने लगा की उसे मेरे पैरों क पास गन दिखी वह रेंगते हुए मेरे कदमो में आ गया...

मला... ( मेरे पेअर पकड़ते हुए ) आअह्हह्ह्ह्हह छोड़ दो मुझे...

मई... कुत्ते ऐसे कैसे छोड़ दूँ... अभी तोह मैंने शुरू किया ह...

तभी मला ने गन उठा मेरे और क्र फायर क्र दी... मई हट गया फिर भी गोली मेरे कंधे को छूकर निकल गई...

सोनम... भैया... चिल्लाते हुए बेहोश हो गई...

उसने एक और फायर किया मई हवा में चला लगा सीधा उसके हाथ पर कूड़ा जिससे उसका हाथ भी टूट गया...

मला... आअह्हह्ह्ह्हह मुझी माफ़ क्र दे... तू बोल तुझे कितना पैसा छैयी... आआह्ह्ह्ह मई तुझे... सब दे दूंगा... ाः प्लीज मुझे छोड़ दे...

.

मई... भाई यह कुत्ता बहुत भोंक रहा है जल्दी से मेरा हथियार लेकर आए ..

मला... यह तू किस्से बायत क्र रहा ह आआह्ह्ह्ह कोण है तू....

मई कुछ नहीं बोलै बस मुस्कुरा दिया... की तभी मला जो देखता उसे देख उसके होश उड़द जाते ह... उसका एक आअदमी ब्रीफ़केस लिए हमारी तरफ आ रहा था....

मला.. आआह्ह्ह्ह तोह इसने मदत की तुम्हारी...

मई कुछ नहीं बोलै बस हंस दिया और उसके हाथ से ब्रीफ़केस ले लिया... ब्रीफ़केस देते hi वह भी निचे ढेर हो गया... जिससे देख मला की और फट गई... और मुझे चूड देने की भीख मांगने लगा और मेरे पेअर पकड़ लिए... मैंने उसके पेअर झटक क्र ब्रीफ़केस खोला और अपना हैमर बहार निकला...

हैमर को देखते hi मला का पेशहै छूट गया... फिर मई हैमर ले धीरे धीरे मला क करीब बढ़ने लगा वह घिसते हुए पीछे जाने लगा की मैंने उसके एक पेअर पर लात रख ली और धमममममम...

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आआआह. . ... चींखता हुआ मला बेहोश हो गया उसका घुटने वंही से टूट गया था और बहुत खून बहने लगा था...

मैंने ब्रीफ़केस से पानी की बोतल निकली और पानी उसके चेहरे पर मारा जिससे वह होश में आ गया और अपनी जान की भीख मांगने लगा.. पर मई रहम क मूड में नहीं था और धमममममम धमममममम एक एक क्र उसके हाथ पेअर तोड़ डाले और लास्ट में उसकी खोपड़ी भी निकाल दिया....

इतना खोफनाक नजारा देख कोई भी आदमी जिन्दा नहीं रह पता... मैंने उसके दिल सीने से अलग क्र दिवार से लटका दिया और खून से दीवार पर डेविल किंग थे जोकर लिख दिया...

उसके बाद मई सोनम को गॉड में ले बहार आ गया... लेकिन अभी मेरे सामने एक और परेशानी आ गई थी...

तो बे कंटिन्यू.....

( हेय गाइस अगर आपको मेरी स्टोरी ाची लगे तोह प्लीज लिखे जरूर दिया कीजिये इससे पता तोह चलता ह कितने लोग यह स्टोरी पढ़ रहे है... स्टोरी कैसे चल रही है...

और हाँ सबसे जरुरी बात... मेरी दोस्त समुराई की स्टोरी... फितूर ( रोमांस ) पड़ना न भूले... यह नई जनरेशन की लव स्टोरी ह...

सच बताऊ तोह मेरी ओने ऑफ़ फवौरीते लव स्टोरी बनती जा रही ह...

सो प्लीज आप सब जाओ और मेरी खातिर एक बार पढ़कर देखो ी होप यू विल लिखे .... लिंक निचे दे दूंगा )
 
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