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अपडेट... 46...
फिर उसने मुझे कुछ दिखाया जिसे देख मेरी आँखों में आंसू आ गए..
सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु सब ठीक तोह है न...
मई... हाँ जान सब ठीक ह वह बस... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) एक मिनट कियारा खा ह...
अब आगे...
सोनाली.... होगी यही कही... क्यों क्या हुआ...
मई... पता नहीं मुझे कुछ अजीब लग रहा है... रुको मई उसे कॉल करता हूँ...
आवाज... वह मुसीबत मई है...
मई... ( शॉकेड होते हुए ) क्या कैसी मुसीबत....
आवाज... यह देखो...
फिर उसने जो दिखाया उसे देख मेरी आँखों से आंसू ा गया.... और मई रोने लगा...
मुझे रोटा देख सोनाली घबरा गई और मेरे पास आ गई....
सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु.... अब क्यों रो थे हो...
मई... ( सोनाली की आवाज सुन होश में आया ) खा है वह इस वक़्त...
आवाज... इस वक़्त वह... ****** नर्सिंग होम मई है...
इतना सुन मई उठ खड़ा हुआ लेकिन कमजोरी की वजह से गिर पड़ा... सोनाली बाग़ क्र मेरे पास आई और मुझे सहारा दिया...
मई... ( रट हुए ) चलो दी... मुझे बहार तक ले चलो...
सोनाली... नहीं मई तुम्हे इस हालत मई कहि नहीं जाने दूंगी...
मई... ( रट हुए ) पलज़्ज़ज़्ज़ज़ डीडू...
मेरे मुँह से डीडू सुन सोनाली सोच में पड़ गई... कुकी मई उसे अब डीडू बहुत काम hi बुलाता था अब... जब मुझे जयादा दर्द होता तब hi में डीडू बोलता था....
मई... ले चलो मुझे डीडू वर्ण बहुत देर हो जाएगी...
सोनाली कुछ न बोली बस मुझे सहारा दे बहार तक ले आई... मुझे बहार जाता देख डॉक्टर मेरे पास आये... लेकिन मैंने सबको अनदेखा क्र चल दिया गेट से बहार... और रोड से टेक्सी ले चल दिया नर्सिंग होम...
पूरे राते मेरी आँखों से आंसूं बहते रहे... मुझे ऐसे रोटा देख सोनाली को भी रोना आ रहा था लेकिन वह शंट बैठी रही... और मेरे सर को अपने कंधे पर रख सहलाती रही...
कुछ hi देर में हम पहुंच गए.... और टेक्सी रुकी इस बार मई बिना किसी सहारे क टेक्सी से बहार निकल गया... और अंदर की तरफ लड़खड़ते क़दमों से दौड़ने लगा... सोनाली भी जल्दी से टेक्सी के पैसे दे चल दी अभी क पीछे...
मई अंदर पहुंच क्र रिसेप्शन पर जाने वाला था की...
आवाज... वो लेफ्ट साइड क 7 तह रूम में ह...
और मई लड़खड़ा हुआ उस रूम की तरफ चल दिया और सोनाली भी मेरे पीछे पीछे आने लगी... मई रूम क बहार पहुंचा और गेट खोला... और अंदर का नजारा देख रट हुए वंही बैठ गया...
इतने में सोनाली भी मेरे पास आ गई वह मुझे ऐसे रोटा देख परेशां हो गई... और मुझे गले लगा लिया....
सोनाली... ( घबराते हुए ) क्या हुआ बेतु...
मई क्या बोलू मुँह से अलफ़ाज़ hi नहीं निकल रहे थे फिर भी हाथ से इशारा क्र दिया... सोनाली ने जब उस तरफ देखा तोह उसकी आँखों मई भी आंसूं आ गए....
अंदर कियारा बीएड पर लेती हुई थी... और उसके ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी...
आवाज... भाई अभी वह जिन्दा ह... उसका ऑपरेशन अभी शुरू नहीं हुआ...
मई... क्या सच...
और उठ खड़ा हुआ... और लड़खड़ा क्र कियारा क पसस पहुंचा...
डॉक्टर्स... ( गुस्से में ) आप लोगो को अंदर किसने आने दिया दीखता नहीं यह ओप्रशन चल रहा ह निकलो बहार...
मई.. दिखाए सर...
डॉक्टर... ( मुझे धक्का देते हुए ) कितनी बार खु सुनाई नहीं देता यह ऑपरेशन चल रहा ह निकलो बहार... सिक्योरिटी... सिक्योरिटी... बहार निकालो इससे...
मई.. ( गुस्से में डॉक्टर का कलर पकड़ते हुए ) तू जनता नहीं मई कोण हूँ अगर जान जायेगा तोह यही पतलूम गीली क्र देगा समझा... अबमैं तुमसे बोल रहा हूँ तुम सब निकलो बहार वर्ण पता नहीं मई क्या क्र दूंगा...
डॉक्टर... ( गुस्से में ) मुझे धमकी देता ह साले... रुक अभी बताता हूँ.. ( सिक्योरिटी गार्ड से ) और तुम देख क्या रहे हो मारो इससे...
मई डॉक्टर को देने hi वाला था की तभी...
सोनाली.. ( गुस्से में ) मई कहती हूँ ृक्क जाओ...
सोनाली की आवाज सुन दोनों सिक्योरिटी गॉर्ड उसे देखने लगे...
सोनाली... तुम जानते हो यह कोण ह... सोनम ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज क ओनर... मर. अभिमन्यु सिंह...
इतना सुनते hi डॉक्टर क साथ वंहा मौजूद सभी लोग शॉकेड हो गए... और सिक्योरिटी गार्ड भी नाम सुन वंही ृक्क गया... और साथ में मई भी दी को कैसे पता चला...
डॉक्टर... ( शॉकेड ) क्याआ....
सोनाली... ( गुस्से में ) हाँ... अभी माफ़ी मांगो.. इनसे वह भी पैरों में गिर क्र... वर्ण अंजाम क्या होगा मई खुद नहीं जानती...
डॉक्टर.... ( डरते हुए अभी क पैरों में गिर क्र ) सर मुझे माफ़ क्र दीजिए मई आपको पहचान नहीं पाया...
लेकिन मई तोह एक तक सोनाली को hi देख रहा था...
सोनाली.. ( मेरी हालत देख समझ गई ) ठीक है ठीक है... चलो निकलो बहार और हममे अकेला छोड़ दो...
डॉक्टर... बूत मम वो...
सोनाली... जाते हो की नहीं...
डॉक्टर... नहीं नहीं जाते ह...
और उसके बाद अपने सभी साथियों क साथ भर चला गया... मई अभी भी दी को देख रह था...
सोनाली... ( मेरे पास आ क्र ) बाद में अभी कियारा को देखो...
जैसे hi मैंने किराया नाम सुना तुरंत उसकी तरफ देखा... वह इस वक़्त बेहोश थी... उसका क्यूट मासूम चेहरे को देख मुझे उसपर बहुत प्यार आ रहा था... की मैंने पता नहीं कैसे आगे बढ़ उसके गाल पर किश क्र दिया....
सोनाली ने घूर क्र मेरी तरफ देखा... जिसे मई न देख पाया और कियारा को होश में लाने क बारे में सोच hi रहा था की...
आवाज.. में क्र देता हूँ..
और कुछ बाद hi कियारा होश में आ गई और मुझे सामने देख गले लगा लिया और फुट फुट रोने लगी... कुछ देर मैंने उसे रोने दिया की तभी....
चट्ट्कककककक.....
तो बे ा कंटिन्यू....
फिर उसने मुझे कुछ दिखाया जिसे देख मेरी आँखों में आंसू आ गए..
सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु सब ठीक तोह है न...
मई... हाँ जान सब ठीक ह वह बस... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) एक मिनट कियारा खा ह...
अब आगे...
सोनाली.... होगी यही कही... क्यों क्या हुआ...
मई... पता नहीं मुझे कुछ अजीब लग रहा है... रुको मई उसे कॉल करता हूँ...
आवाज... वह मुसीबत मई है...
मई... ( शॉकेड होते हुए ) क्या कैसी मुसीबत....
आवाज... यह देखो...
फिर उसने जो दिखाया उसे देख मेरी आँखों से आंसू ा गया.... और मई रोने लगा...
मुझे रोटा देख सोनाली घबरा गई और मेरे पास आ गई....
सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु.... अब क्यों रो थे हो...
मई... ( सोनाली की आवाज सुन होश में आया ) खा है वह इस वक़्त...
आवाज... इस वक़्त वह... ****** नर्सिंग होम मई है...
इतना सुन मई उठ खड़ा हुआ लेकिन कमजोरी की वजह से गिर पड़ा... सोनाली बाग़ क्र मेरे पास आई और मुझे सहारा दिया...
मई... ( रट हुए ) चलो दी... मुझे बहार तक ले चलो...
सोनाली... नहीं मई तुम्हे इस हालत मई कहि नहीं जाने दूंगी...
मई... ( रट हुए ) पलज़्ज़ज़्ज़ज़ डीडू...
मेरे मुँह से डीडू सुन सोनाली सोच में पड़ गई... कुकी मई उसे अब डीडू बहुत काम hi बुलाता था अब... जब मुझे जयादा दर्द होता तब hi में डीडू बोलता था....
मई... ले चलो मुझे डीडू वर्ण बहुत देर हो जाएगी...
सोनाली कुछ न बोली बस मुझे सहारा दे बहार तक ले आई... मुझे बहार जाता देख डॉक्टर मेरे पास आये... लेकिन मैंने सबको अनदेखा क्र चल दिया गेट से बहार... और रोड से टेक्सी ले चल दिया नर्सिंग होम...
पूरे राते मेरी आँखों से आंसूं बहते रहे... मुझे ऐसे रोटा देख सोनाली को भी रोना आ रहा था लेकिन वह शंट बैठी रही... और मेरे सर को अपने कंधे पर रख सहलाती रही...
कुछ hi देर में हम पहुंच गए.... और टेक्सी रुकी इस बार मई बिना किसी सहारे क टेक्सी से बहार निकल गया... और अंदर की तरफ लड़खड़ते क़दमों से दौड़ने लगा... सोनाली भी जल्दी से टेक्सी के पैसे दे चल दी अभी क पीछे...
मई अंदर पहुंच क्र रिसेप्शन पर जाने वाला था की...
आवाज... वो लेफ्ट साइड क 7 तह रूम में ह...
और मई लड़खड़ा हुआ उस रूम की तरफ चल दिया और सोनाली भी मेरे पीछे पीछे आने लगी... मई रूम क बहार पहुंचा और गेट खोला... और अंदर का नजारा देख रट हुए वंही बैठ गया...
इतने में सोनाली भी मेरे पास आ गई वह मुझे ऐसे रोटा देख परेशां हो गई... और मुझे गले लगा लिया....
सोनाली... ( घबराते हुए ) क्या हुआ बेतु...
मई क्या बोलू मुँह से अलफ़ाज़ hi नहीं निकल रहे थे फिर भी हाथ से इशारा क्र दिया... सोनाली ने जब उस तरफ देखा तोह उसकी आँखों मई भी आंसूं आ गए....
अंदर कियारा बीएड पर लेती हुई थी... और उसके ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी...
आवाज... भाई अभी वह जिन्दा ह... उसका ऑपरेशन अभी शुरू नहीं हुआ...
मई... क्या सच...
और उठ खड़ा हुआ... और लड़खड़ा क्र कियारा क पसस पहुंचा...
डॉक्टर्स... ( गुस्से में ) आप लोगो को अंदर किसने आने दिया दीखता नहीं यह ओप्रशन चल रहा ह निकलो बहार...
मई.. दिखाए सर...
डॉक्टर... ( मुझे धक्का देते हुए ) कितनी बार खु सुनाई नहीं देता यह ऑपरेशन चल रहा ह निकलो बहार... सिक्योरिटी... सिक्योरिटी... बहार निकालो इससे...
मई.. ( गुस्से में डॉक्टर का कलर पकड़ते हुए ) तू जनता नहीं मई कोण हूँ अगर जान जायेगा तोह यही पतलूम गीली क्र देगा समझा... अबमैं तुमसे बोल रहा हूँ तुम सब निकलो बहार वर्ण पता नहीं मई क्या क्र दूंगा...
डॉक्टर... ( गुस्से में ) मुझे धमकी देता ह साले... रुक अभी बताता हूँ.. ( सिक्योरिटी गार्ड से ) और तुम देख क्या रहे हो मारो इससे...
मई डॉक्टर को देने hi वाला था की तभी...
सोनाली.. ( गुस्से में ) मई कहती हूँ ृक्क जाओ...
सोनाली की आवाज सुन दोनों सिक्योरिटी गॉर्ड उसे देखने लगे...
सोनाली... तुम जानते हो यह कोण ह... सोनम ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज क ओनर... मर. अभिमन्यु सिंह...
इतना सुनते hi डॉक्टर क साथ वंहा मौजूद सभी लोग शॉकेड हो गए... और सिक्योरिटी गार्ड भी नाम सुन वंही ृक्क गया... और साथ में मई भी दी को कैसे पता चला...
डॉक्टर... ( शॉकेड ) क्याआ....
सोनाली... ( गुस्से में ) हाँ... अभी माफ़ी मांगो.. इनसे वह भी पैरों में गिर क्र... वर्ण अंजाम क्या होगा मई खुद नहीं जानती...
डॉक्टर.... ( डरते हुए अभी क पैरों में गिर क्र ) सर मुझे माफ़ क्र दीजिए मई आपको पहचान नहीं पाया...
लेकिन मई तोह एक तक सोनाली को hi देख रहा था...
सोनाली.. ( मेरी हालत देख समझ गई ) ठीक है ठीक है... चलो निकलो बहार और हममे अकेला छोड़ दो...
डॉक्टर... बूत मम वो...
सोनाली... जाते हो की नहीं...
डॉक्टर... नहीं नहीं जाते ह...
और उसके बाद अपने सभी साथियों क साथ भर चला गया... मई अभी भी दी को देख रह था...
सोनाली... ( मेरे पास आ क्र ) बाद में अभी कियारा को देखो...
जैसे hi मैंने किराया नाम सुना तुरंत उसकी तरफ देखा... वह इस वक़्त बेहोश थी... उसका क्यूट मासूम चेहरे को देख मुझे उसपर बहुत प्यार आ रहा था... की मैंने पता नहीं कैसे आगे बढ़ उसके गाल पर किश क्र दिया....
सोनाली ने घूर क्र मेरी तरफ देखा... जिसे मई न देख पाया और कियारा को होश में लाने क बारे में सोच hi रहा था की...
आवाज.. में क्र देता हूँ..
और कुछ बाद hi कियारा होश में आ गई और मुझे सामने देख गले लगा लिया और फुट फुट रोने लगी... कुछ देर मैंने उसे रोने दिया की तभी....
चट्ट्कककककक.....
तो बे ा कंटिन्यू....