Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 18 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Kasam - Love is not Everything (Completed)

थैंक्स कीर्ति जी फॉर योर सपोर्ट एंड review...Wo सोशल मीडिया वाला आईडिया अतुल के लिए लिखा tha...Shayad उससे ऊपर के पैराग्राफ में निशा और अंजलि के बारे में लिखा था इस वजह से पढ़ते वक्त निशा से रिलेटेड हो गया hoga...Abb एडिट कर के और भी स्पेसिफिक कर दिया hai...Thank यू फॉर पॉइंटिंग आईटी आउट एंड कीप सपोर्टिंग लिखे थिस. :हैप्पी:
 
अपडेट 128

राहुल सर!!!

अतुल की मुंह से बस इतना hi निकला.

राहुल सर भी हैरानी से अतुल को देख रहे थे.

.

.

.

.

.

.

डॉ. राहुल:- तो ये बात है? एक बार मुझसे बात कर लेता.

राहुल सर अतुल को अपने घर में लाने के बाद बोले.

अतुल:- सर आप जानते हैं निशा के बारे में.

अतुल ने उम्मीद भरी आवाज में kaha...Pyase को कुआ मिल गया ho...Kuch ऐसा hi हाल था अतुल का.

डॉ. राहुल:- हाँ.

अब्ब तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं tha...Murjhaya चेहरा में अचानक से ख़ुशी का लहर आ गया.

अतुल:- बताइये ना sir...Jaldi.

डॉ. राहुल:- रुक आधा ghanta...Bataata हूँ.

शायद राहुल सर भी अतुल का मजा लेना चाहते थे.

अतुल:- प्लीज sir...Aur इंतजार नहीं हो रहा है.

अतुल का बेचैनी भी बढ़ता जा रहा था.

डॉ. राहुल:- आधा घंटा तो तुझे इंतजार करना hi padega...Abhi मई भी भूल चूका हूँ एड्रेस.

हॉस्पिटल जाना padega...Yaad है वो दिन जब निशा की पापा का एक्सीडेंट हुआ था और वो एडमिट हुए थे.

बस उस दिन फॉर्मेलिटी के लिए एड्रेस पूछा tha...Report में लिखा hai...Jo अभी याद नहीं.

अब्ब अतुल ने गुस्से में अपना सर pitaa...Ye बात वो सोच नहीं saka...Nisha की तलाश में उसने कितना कुछ किया tha...Lekin ये छोटी सी बात भूल गया था.

अतुल का बेचैनी इतना बढ़ गया था की वो भी सर के साथ हॉस्पिटल गया.

एड्रेस एक गांव का tha...Address पता चलने के बाद.

अतुल अपना हाथ जोड़ कर.

अतुल:- बहुत बहुत शुक्रिया sir...Sab कहते है गुरु भगवान् सामान होते hai...Aapne मुझे ज्ञान देने के साथ साथ जिंदगी की एक मकशद भी दे दिया.

आज राहुल सर के लिए अतुल के दिल में इज़्ज़त काफी बढ़ गया tha...Rahul सर को देखते हुए उसकी आँखों में एक आंसू आ गया.

लेकिन इस आंसू में एक ख़ुशी था, एक इज्जत था.

डॉ. राहुल:- विवा (प्रैक्टिकल एग्जाम, इंटरव्यू जहा टीचर क्वेश्चन पूछ कर स्टूडेंट्स को मार्क देते है) के वक्त हमेशा तुझे आल थे बेस्ट कहा hai...Aaj जिंदगी की इम्तिहान में भी आल थे best...Jaa जी ले अपनी jindagi...You डेसेर्वे आईटी.

राहुल सर ने अतुल को गले लगा कर kaha...Wo भी खुश थे आज अतुल को इतने दिनों बाद खुश देख कर.

राहुल सर से विदा ले कर अतुल अजय को एक कॉल सेण्टर से फ़ोन करके बुलाता है.

अजय:- हाँ भाई बोल.

अतुल उससे सब कुछ बता देता है.

अजय:- तो अब्ब क्या करना है?

अतुल:- ये ले 20 रस.

अजय हैरानी से अतुल को देखता है.

अतुल:- कोई बात nahi...Rakh le...Kaam आएगा ऑटो से जाने में.

इतना कह कर अतुल अजय की हाथ से बाइक की कीस छीन लेता है.

कुछ देर तो अजय अतुल को बस देखता raha...Jab समझ में आया तो वो भी अतुल के साथ हसने लगा.

आज अतुल को खुश और पुराने अंदाज में देख उससे भी बहुत अच्छा लगा.

अजय:- मई भी साथ चलता हूँ.

अतुल:- Nahi...Aaj मेरे और निशा के बिच कोई नहीं.

अजय:- अच्छा ठीक hai...Lekin कल चले jaana...Abhi रात के 10 बज रहे है.

अतुल:- आज तो वक्त भी मुझे नहीं रोक सकता.

अजय भी समझ गया की अतुल को रोकना उसके बस की नहीं है.

अजय:- Accha...Aaram से जाना.

फिर निकल पड़ता है निशा की गांव के liye...Bike की स्पीड करीब 100 km/hr tha...Jald से जल्द वो निशा के पास जाना चाहता tha...Usse आज जी भर कर देखना चाहता tha...Dil में उठ रहे हजार बातें करना tha...Ek बार फिर दिल और दिमाग से बस अपने निशु का बनना था.

करीब 5 मिनट बाद अजय का फ़ोन आया.

अजय:- धीरे जाएगा तो जरूर pahunchega...Agar तेज जाएगा तो बता नहीं sakta...Ye बात डॉ. अतुल को अतुल से कहना chaahiye...Prevention इस बेटर थान क्योर.

फिर अजय फ़ोन कट कर देता है.

अतुल:- कमीने मुझे hi मेरा डायलाग सुना रहा है.

अजय की बात अतुल को सही laga...Wo स्पीड को 100 से 60 में गिरा देता है.

और करीब 10 मिनट बाद वो पल आया जब दोनों hi 5 साल और 6 महीने इंतजार कर रहे थे.

निशा Nisha...Chillate हुए अतुल घर के अंदर ghusha...Abb उससे और रहा नहीं गया.

निशा भी ये सुनते hi दौड़ कर हॉल में आ gayi...Kaise भूल जाती इस आवाज को जिससे सुनने के लिए उसके कान तरस गए थे.

दोनों hi एक दूसरे के आमने सामने आ गए thhe...Kya पल था वो?

दोनों बस एक दूसरे को hi देख रहे thhe...Dil का धड़कन काफी तेज हो गया tha...Dil में पूरा प्यार भर aaya...Aankhein...Aankho को तो एक सुकून मिल गया tha...Itna सुकून की वो बर्दास्त के बाहर हो गया tha...Dhire धीरे दोनों की आँखें भींग गए.

बस दोनों पूरी दुनिया भुला कर एक दूसरे में खो गए thhe...Kisi से उन्हें कोई लेना देना नहीं tha...Naa hi गेट खोलने वाले निशा के पापा से और ना hi अतुल की आवाज से हॉल में आयी निशा की माँ से.

बस दोनों एक दूसरे में hi खोये थे जैसे 5 साल की आँख और दिल का प्यास अभी मिटा लेना चाहते थे.

पापा मई ये शादी नहीं करुँगी?

थोड़स विरोध और गुस्से में निशा बोली.

न. डैड:- लेकिन क्यों?

निशा:- मुझे रवि बिलकुल भी पसंद नहीं hai...Infact मई शादी hi नहीं करना चाहती कभी भी.

निशा की पापा बस निशा को देखे जा रहे थे हैरानी से.

निशा:- मैंने आपकी बात को maana...Aapki इज्जत रखा की अतुल के साथ भागने की सोचा भी nahi...Aur कभी आपसे विरोध भी नहीं किया इस रिश्ते को ठुकराने के liye...Aap अपनी जगह सही thhe...Aur आज मई अपनी जगह सही हूँ.

न. डैड:- लेकिन ऐसे कैसे चलेगा?

निशा:- अब्ब आप जबरदस्ती करेंगे तो मई कुछ नहीं kahungi...Abb आप पर देपेंद करता है की आप अपनी बेटी की बात मानेंगे या फिर एक ईगोइस्ट पापा की तरह अपने ईगो पूरा करने के लिए जबरदस्ती मेरी शादी करवाएंगे.

न. डैड:- Nahi...Koi जबरदस्ती नहीं karunga...Teri मर्जी से hi सब कुछ hoga...Bas मई तेरे ख़ुशी के लिए....

निशा:- कैसी ख़ुशी? वो ख़ुशी जो शादी करने के बाद मई पूरी तरह से मर jaau...Wo ख़ुशी?

निशा की पापा को अब्ब कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

निशा:- मर तो उसी दिन गयी थी जब अतुल से अलग हो gayi...Aur आज अतुल सब कुछ छोड़ कर चला गया hai...Abb और सहने की हिम्मत नहीं है मुझमे.

आपका मान rakha...Aapko अतुल का परिवार सही नहीं लगा और शादी के लिए मन कर diya...Maine कुछ नहीं kaha...Pata नहीं मैंने सही किया या गलत.

लेकिन अब्ब मई शादी करना hi नहीं चाहती hun...Kisi से भी नहीं.

प्यार का ये कैसा जादू था की आज एक बेटी अपने hi बाप से लड़ रही थी प्यार के मामले में.

निशा की पापा कुछ बोल नहीं पा रहे thhe...Uss वक्त तो उन्होंने सोचा निशा धीरे धीरे समझ jaayegi...Aur वो निशा पर कोई जबरदस्ती भी नहीं करना चाहते थे.

तुमने शादी के लिए मन कर दिया?

दर्द भरी आवाज में रवि ने पूछा.

निशा:- हाँ.

बिना किसी भाव में निशा ने जवाब दिया.

रवि:- लेकिन क्यों?

निशा:- तुम मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं ho...Tum जैसे घटिया इंसान को देखना तक पसंद नहीं करती शादी तो दूर की बात है.

रवि:- लेकिन क्यों? बहुत प्यार करता हूँ यार तुमसे? आखिर मुझ में ऐसा क्या नहीं है जो अतुल में है?

निशा:- (हँसते हुए) अतुल से खुद को कपड़े कर रहे हो.

निशा की ये हंसी रवि की दिल में चुभ gaya...Aaj फिर अतुल से छोटा मेषसुस किया usne...Wo कुछ बोल नहीं पाया.

निशा:- सबसे बड़ी baat...Atul मुझे सिर्फ प्यार नहीं करता hai...Wo मुझे रेस्पेक्ट भी करता hai...Mera हर फीलिंग का रेस्पेक्ट करता hai...Ek बार उससे मन कर दिया इस शादी के liye...Mera मज़बूरी समझ कर वो ये भी मान गया.

और एक तुम हो जब पसंद ना होने के बावजूद जबरदस्ती कोशिश करते रहते ho...Yaha तक की इतना बड़ा साजिश भी कर दिया.

रवि:- प्लीज एक बार प्यार कर lo...Jindagi भर खुश रखूँगा तुम्हे.

रवि अब्ब गिड़गिड़ाने लगा था.

निशा:- हर कुछ भीख में नहीं milta...Kuch चीजें हासिल करने के लिए उसके लायक होना पड़ता hai...Tum जैसे घटिया इंसान प्यार के लायक?

निशा अब्ब वह से जाने hi वाली थी की.

रवि:- मुझे जबरदस्ती करना भी आता है.

अब्ब रवि के पास और कोई रास्ता नहीं था.

निशा:- और मुझे अजय से बात करना भी आता है.

अजय का नाम सुनते hi रवि चुप हो gaya...Kuch हिम्मत hi नहीं बचा.

निशा:- तुम्हारा हालत अजय का नाम सुन कर ठीक वैसा होता है जैसा भूतों का बजरंग बलि का नाम सुन कर.

रवि:- Ajay...Ajay...Ajay के अलावा है hi कौन तुम लोगो के पास.

निशा:- शुक्र मनाओ अतुल के बारे में सोचा nahi...Agar अतुल को पता चल गया तो वो तुम्हे यही जिन्दा गाड़ देगा.

इतना कह कर निशा वह से चली gayi...Jindagi में वैसे भी इतना टेंशन था और ऐसे में वो कब तक उस बेवकूफ से बात करती रहती.

बस रवि खुद को हारा हुआ महसूस कर निशा को जाते हुए hi देख सका.

निशा की पापा ने भी कुछ कोशिश किया निशा की रिश्ता के liye...Ek दो रिश्ता भी देखा उन्होंने लेकिन निशा अपने जिद्द में अड्डी रही.

प्यार का एक ऐसा शिद्दत और जूनून था की वो अतुल को कभी भुला भी नहीं पा रही thi...Ulta प्यार और भी बढ़ रहा था.

निशा की पापा जबरदस्ती नहीं करना चाहते थे और निशा भी मानने के लिए तैयार नहीं थी.

वो कुछ कर नहीं पा रहे थे और निशा को ऐसे दुखी देख भी नहीं पा रहे थे.

अपना फैसला को बदल कर निशा को बिन बताये वो अतुल के घर भी गए लेकिन अतुल तब तक वह से दूर चला गया था.

अतुल के घर वालो ने भी उन्हें अतुल से मिलने की हर रास्ता बंद कर दिया था.

निशा भी धीरे धीरे अस ा डॉक्टर ड्यूटी करने लगी और बाद में मद की taiyaari...Vakt बीत रहा था लेकिन उसका अतुल के लिए प्यार नहीं.

जब उसका घर में घुटन बढ़ रहा था अतुल की याद में तो उसके पेरेंट्स निशा को ले कर अपने गांव शिफ्ट हो gaye...Fir निशा वही पास के सेहर में काम करने लगी.

निशा ने घर की खर्चा अपने कंधे पर उठा liya...Apne पेरेंट्स का अच्छे से ख्याल रखती लेकिन उसका दर्द और घुटन उसके पेरेंट्स से भी अनजान नहीं था.

वो भी मजबूर थे और ऐसे hi चमत्कार के इंतजार में थे जो आज जा कर पूरा हुआ.

निशा बस यही सब सोच रही थी तभी...

अतुल अब्ब और खड़ा नहीं रह paaya...Itne दिनों की थकान की वजह से वो निचे जमीन में गिर गया.

निशा भी बिना देर किये पहुँच गयी अतुल के paas...Usse संभालने.
 
अपडेट 129

क्या देख रहे हो?

कुछ देर से अतुल को लगातार आसमान को घूरते देख निशा ने पूछा.

दोनों को छत पर आये तो काफी देर हुआ था लेकिन अभी तक एक दूसरे से कोई बात नहीं किया था दोनों ने.

आज दोनों बस खामोशी को जी रहे थे dono...Iss में छुपा प्यार ko...Dono एक दूसरे के साथ और पास thhe...Yahi काफी था दोनों के लिए.

निशा की इस सवाल से अतुल का ध्यान टूटा.

अतुल:- बस आसमान की इन् तारो को देख रहा हूँ.

जब भी पहले देखता तो ऐसा लगता की ये सभी मिल कर मुझे छिड़ा रहे hai...Mere हालत पर हंस रहे hai...Lekin aaj...Aaj इनकी चमक देख लग रहा है की ये मेरे खुशियों का स्वागत कर रहे है.

ये कहने के बाद अतुल का मुस्कान और भी बढ़ gaya...Abb वो अपनी नजर आसमान से हटा कर निशा को देखने लगता है.

निशा:- सुपरस्टीटियस!!!

अतुल:- हाँ सुपरस्टीशन तो hai...Jaise तुम्हे खोने के बाद फिर से पाना भी तो एक सुपरस्टीशन hi तो है.

अतुल की इस जवाब पर निशा सिर्फ स्माइल hi कर पायी.

निशा:- वैसे सूना है तुम अभी भी सिंगल ho...Shreya से डाइवोर्स हो गया क्या मर. एक?

अतुल:- क्या तुम भी? उस दिन मिसुन्दरस्टण्डींग हुआ था इस वजह से वो सब करना पड़ा.

वैसे तुम और रवि उस दिन साथ कैसे थे?

निशा:- वो दिन hi पनौती tha...Ek प्रोजेक्ट tha...Team में कुछ डॉक्टर्स के अलावा वो रवि भी था unfortunately...Project कम्पलीट होने के बाद मॉल में गयी थी कुछ शौप्पोइंग करने के liye...Ravi पीछे hi पद gaya...Haar माना नहीं था usne...Manaane की कोशिश कर रहा था उस दिन भी.

जैसे hi मई उसको इग्नोर कर के मॉल से बाहर निकली तो वो भी आ gaya...Aur सामने तुम और श्रेया.

अतुल:- बताया क्यों नहीं उस वक्त तुमने?

निशा:- कुछ बताती उससे पहले hi तुम ने ये शॉक दे दिया की तुम और श्रेया ने शादी कर लिया है और आरव तुम दोनों का बीटा hai...Fir क्या बताती? मई तुम दोनों के लाइफ में दखल नहीं देना चाहती थी.

अतुल:- साला रवि!!!! उसका अच्छे से खबर लूंगा.

अतुल के मुंह से गुस्से में निकला.

निशा:- उसको साइड hataao...Uss के दो दिन बाद पब्लिक में उसका ऐसे इंसल्ट किया की दुबारा मुंह दिखाने का हिम्मत भी नहीं कर पाया.

अतुल ने कुछ जवाब नहीं दिया इस बात ka...Bas मन में सोच लिया रवि को सबक सिखाने का.

निशा:- अगर उस दिन वो ग़लतफहमी ना होती तो?

अतुल:- शायद किस्मत से ज्यादा और वक्त से पहले कुछ नहीं मिलता.

निशा:- बड़ा फिलोसोफर बन गए हो.

अतुल:- हाँ तुमसे बिछड़ने के बाद कुछ ज्यादा hi फलसफा झाड़ने लगा हूँ लाइफ के बारे में.

अतुल ने दांत दिखा कर कहा.

निशा:- और अगर और भी ज्यादा बिछड़ते तो विद्वान बन जाते.

बुरा मुंह बना कर निशा बोली.

अतुल:- फलसफा जाए भाड़ में मुझे तो सिर्फ तुम चाहिए.

इतना कह कर अतुल निशा को अपने बाहो में खिंच लेता hai...Nisha भी संभल नहीं पाती और अतुल पर गिर पड़ती है.

निशा:- Ouch!!!Kya तुम?

फिर निशा की नजर अतुल पर पड़ती hai...Atul प्यार से उसकी आँखों में देख रहा था.

आँखों की ये प्यार बढ़ते बढ़ते कब होंठों तक पहुँचता है पता hi नहीं चलता है.

दोनों आज इतने सालो की प्यास मिटा रहे thhe...Pyar का ये रूप और भी बढ़ते जा रहा tha...Aur धीरे धीरे दोनों एक दूसरे पर टूट पड़ते है.

प्यार का ये नशा अब्ब अतुल के सर पर चढ़ चूका tha...Wo और अभी आगे बढ़ रहा था की.

निशा:- (कान में) शादी के बाद.

पता नहीं कैसा जादू था निशा की आवाज me...Atul पिघल gaya...Kuch देर ऐसे hi किश करने के बाद.

अतुल:- तुम्हारी यही adaa...Kahi मर ना जाओ तुम्हारे प्यार में.

एक संतुष्टि के साथ अतुल बोलै.

निशा:- फिर मरने की बात?

अतुल:- सॉरी sorry...Aadat से मजबूर हूँ.

निशा:- वैसे किस अदा की बात कर रहे थे?

निशा ने प्यार से pucha...Shayad अपना तारीफ़ सुनने का बहुत मन कर रहा था इतने सालो बाद अतुल से.

अतुल:- तुम्हारी ये प्यारी प्यारी बातें!!! कभी भी कुछ भी मनवा hi लेती hun...Tumse चाहे कितना भी गुस्सा हो जाऊं लेकिन तुम्हारी ये प्यारी बातें और खूबसूरत सा चेहरा देख पिघल hi जाता हूँ.

निशा जवाब में सिर्फ मुस्कुराती है.

अतुल:- वैसे मई तुमसे नाराज हूँ.

निशा:- नाराज क्यों?

अतुल:- हमेशा मई बोलता हूँ और तुम सुनती ho...Mera भी तो दिल hai...Aur ये दिल चाहता है तुम्हारी बातें सुनने ko...Tumhari इच्छा जाने ko...Unhe पूरा करने की हर एक कोशिश करने को.

निशा:- अच्छा तो ये है तुम्हारी shikayat...Abhi पूरा कर देती hun...Bolo क्या सुन्ना चाहते हो?

अतुल:- हमारा लव स्टोरी का सुरुवात मेरे प्रोपोज़ करने से हुआ tha...Aaj हम फिर मिल रहे है? तुम प्रोपोज़ करो इस बार मुझे.

निशा कुछ सोच hi रही थी की...

अतुल:- कुछ ऐसे प्रोपोज़ करो की दिल खुश हो jaaye...Koi घिसा पीटा पुराना लाइन नहीं.

निशा:- तो सुनो.

अतुल:- सुनाओ.

अतुल बहुत hi एक्ससिटेड था.

निशा:- व्हॅनवर ी सी यू, ी फील यू, ऑक्सीटोसिन (लव हॉर्मोन) इस सिंथेसिज़ेड इन माय एंटीरियर हाइपोथैलेमस एंड रेलेअसेद फ्रॉम पोस्टीरियर पिट्यूटरी तो सर्कुलेशन. एंड माय इंटेंसिटी ऑफ़ लव फॉर यू इन्क्रेअसेस तो मल्टीप्ल टाइम्स.

निशा ने मुस्कुराते हुए कहा तो अतुल कुछ देर हैरान रह gaya...Jab कुछ समझ में आया तो वो भी मुस्कुराने लगा.

[Oxytocin name ka ek hormone hota hai humaare body me jo pyar, emotion jaise feeling ke vakt kaafi jyada release hota hai humaare body se.]

अतुल:- ओह ho...Meri डॉक्टर बीवी.

इतना कह कर अतुल फिर निशा को कास कर गले लगा लेता है.

अतुल:- सच में दिल के साथ साथ हर एक अंग (ऑर्गन) खुश हो गया.

निशा:- अभी तुम्हारी बीवी नहीं हूँ.

अतुल:- कोई बात nahi...Ho jaaogi...Iss प्रोपोज़ सुनने के बाद तो और रुका hi नहीं जा रहा है.

निशा कुछ नहीं bolti...Lekin खुश बहुत thi...Wo भी तो यही चाहती थी.

फिर दोनों ऐसे hi एक दूसरे से प्यार भरी बात चीत करते hai...Itne दिनों की गीले शिकवे भी मिटा रहे थे और साथ hi आने वाले दिन की सुनहरे सपने.

निशा:- अब्ब नींद आ रही hai...Mai जा रही हूँ सोने.

अतुल:- ये क्या यार? इतने दिनों बाद मिले hai...Aaj की रात हमारी hai...Aaj पूरी रात एक दूसरे के साथ रहेंगे मीठी मीठी बातें करेंगे.

और फिर दोनों अपनी बातें जारी रखते hai...Dhire धीरे निशा अतुल की बाहो में सर रख सोने की कोशिश करती है.

अतुल भी उसको साइड से बाहो में भर लेता hai...Ek नजर निशा की फेस पद डालता hai...Aaj अलग hi सुकून मिल रहा था जिसका वो 5 सालो से इंतजार कर रहा tha...Dhire धीरे वो निशा की बालो पर हाथ फेर कर उससे सुलाने लगता है.

निशा भी धीरे धीरे नींद की आग़ोश में चली जाती hai...Atul की कन्धा पर सर रख वो सुकून के साथ सू गयी थी.

अतुल कभी सू रही निशा को प्यार से देखता तो कभी आसमान में देख ऊपरवाला का शुक्रिया अदा करता.

अब्ब स्टोरी 3 उपदटेस और बाकी है...3 या 4 दिन में स्टोरी कम्पलीट हो jaayega...Aap सब ऐसे hi साथ बने रहिये. :थैंक्स:

[Friends aaj hi next story start kiya hai Ek Bhool 2...Uss story me bhi jarur saath dijiye jaise aap sabhi ne mere sabhi stories me diya hai...Link niche hai. :thankyou:

एक भूल 2
 
Back
Top