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मई... जान यह हमारा आखिरी मौका ह पलज़्ज़ज़ थोड़ा केस्टरटे करो... और ऐसे डरते हुए नहीं... प्यार से महसूस करो...
सोनाली हाँ में गर्दन हिला देती ह... और एक बार फिर अभी की ढक्कन सुनने की कोशिश करती है...
तभी उसे धड़कन सुनाई देने लगती और वंहा एक बड़ा सा द्वार खुल जाता है......
अब आगे...
मई अपने सामने देखता हूँ.. तोह एक बड़ा... सा द्वार दिखाई देता जिसकी लम्बाई मई देख नहीं पा रहा था...
रेल रंग का वह दरवाजा बड़ा hi भयानक लग रहा था... उसके कई खोपड़ियां बानी हुई थी... सोनाली तोह देख दर रही लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ा... और चल दिया दरवाजे की ओरे...
जैसे hi हम वंहा पहुंचे वंहा का नजारा और भी भयानक था... कुकी पूरे दरवाजे पर खून की बदबू आ रही थी... वह दरवाजे से खून रिस रहा था...
मई... ( अचंभित होकर ) यह क्या यह तोह खून है...
सोनाली... ( अभी क सीने में सर रख ली ) बेतु मुझे बहुत डर लग रहा है...
मई... ( मन मई.. ) दर तोह मुझे भी लग रहा है... अब क्या कृ एहि आखिरी रास्ता है...
फिर मैंने एक बार पीछे मुड़कर देखता तोह और जायदा शॉकेड हो गया... कुकी वंहा रास्ता hi नहीं था हमारे पीछे अब ज्वालामुखी था... अब तोह मेरी सच में फटने लगी... मैंने सोनाली को देखा वह बस आँखें बंद किए मेरे सीने में सर छुपा क्र कड़ी थी...
मैंने उसके सर पर हाथ रख लिया क्युकी वह अगर आँख खोल क्र देख लेती तोह और दर जाती... फिर मई आगे बढ़ गया और जैसे hi दरवाजे को हाथ लगाया वह अपने आप खुल गया...
और मई सोनाली को ले अंदर चल गया.. अंदर चारो तरफ कंकाल hi कंकाल पड़े हुए थे... तभी मुझे सामने एक आदमी बैठ हु दिखाई दिया... देखने मई वह भी बहुत भयंक दिख रहा था... वह इस वक़्त आँखे बंद किए कोई मत्र जाप क्र रहा था...
मई और सोनाली उसके पास गए.... की वह आँखें खोल हमारी ओरे देखा और उठ खड़ा हुआ...
आदमी... ( मुस्कुराते हुए ) तोह आखिर कार रक्षक आ hi गया...
उसकी बाते सुन झा मई सोच में पड़ गया... वही सोनाली ने पलट क्र उसकी तरफ देखा और उसे देख चींख क्र वापस मेरे सीने से लग गई...
मई... ( हैरानी से ) आप कोण है और किश रक्षक की बात क्र रहे है...
आदमी... मेरा नाम रेड स्कल है... और मई यह बरसों से तुम्हारा इन्तजार क्र रहा था.. और आखिर कार तुम आ hi गए...
मई शॉकेड हो गया और साथ में सोनाली भी.. हम दोनों उसे अचंभित होकर देखने लगे...
मई.. यह आप क्या कह रहे ह मेरा इन्तजार.. पर क्यों...
रेड स्कल... ( मुस्कुराते हुए ) कुकी उस ऊपर वाले ने तुम्हे चुना ह... इस ब्रह्माण्ड का भविस्य तुम्हारे हाथ में है...
मई... मेरे हाथ में पर कैसे... मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा आप क्या कह रहे ह...
रेड स्कल... एक क़यामत आने वाली है... उससे सिर्फ तुम्ही बचा सकते हो...
मई एक बार सोनाली को देखा वह भी मुझे hi देख रही थी...
मई.. ( डरते हुए ) कयामत कैसी कयामत...
रेड स्कल.... एक ऐसा राक्छस जो इस पुरे बहरामन्द पर कब्ज़ा करना चाहता ह....
मई... क्या नाम है उसका...
रेड स्कल... नाईट स्पैरो... वह एक ऐसा दरिंदा है झा जाता ह उस गृह को नर्क बना देता ह... जल्द hi वह तुम्हारे गृह पर आने की कोशिश करेगा... अब तुम्हे hi इस ब्रह्माण्ड और सभी लोगो को बचाना ह...
मई... ( डरते हुए ) लेकिन कैसे मई तोह एक आम इंसान हूँ....
रेड स्कल... यह बस तुम्हे लगता ह... तुम एक आम इंसान नहीं हो... उस ऊपर वाले ने तुम्हे इस काम क लिए बनाया ह... कई साल बीत गए लेकिन यह कोई नहीं आया सिर्फ तुम आये बता सकते हो क्यों...
मई... ( पहले तोह उसकी बात सुन सोच में पद गया ) रोहन ने मुझे सोल पावर क बारे मई बताया... इसीलिए मई यह आया हूँ...
रेड स्कल... रोहन ने नहीं तुम्हे नियति ने यह भेजा ह... ( यह सभी सिंगल लोगो को बताना चाहूंगा की नियति कोई लड़की नहीं ह ) आज तक कोई उस शक्ति को हासिल नहीं क्र पाया... पर मुझे विश्वास ह तुम जरूर क्र लोगे तोह चलो मेरे साथ...
मई... लेकिन मई hi क्यों....
रेड स्कल... जल्द hi तुम्हे तुम्हारे सभी सवालों का जवाब मिल जायेगा...
मई... वह कैसे...
रेड स्कल.... वक़्त आने पर तुम्हे सब पता चल जायेगा.... अभी चलो देर हो रही ह तुम्हारे पास जयादा समय नहीं ह...
इतना बोल वह आगे चलने लगा में भी उसके पीछे चल दिया तभी सोनाली ने मेरा हाथ पकड़ लिया...
सोनाली... ( घबराते हुए ) बेतु मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा... चलो वापस चलते ह...
मई... जान तुम भूल रही हो हम यह क्यू आये ह... और यह हमरा ाईखिरी मौका ह...
सोनाली... पर मुझे डर लग रहा ह... कहि तुम्हे कुछ हो गया तोह कह देती हूँ मई भी...
मई... ( आगे बढ़ सोनाली क होठो पर किश करते हुए ) मुझे कुछ नहीं होगा मेरी जान.... यही आखिरी रास्ता है...
रेड स्कल... चलो जल्दी बाकी सब बाद में क्र लेना... 15 मं में सूरज उग्ग जायेगा उसके बाद उस शक्ति को हासिल नहीं किया जा सकता...
उसकी बात सुन मई हाँ में सर हिला दिया... और चल दिया उसके पीछे... चलते चलते हम एक पहाड़ी पर पहुंच गए....
रेड स्कल... लो हम पहुंच गए...
मैंने आस पास देखा तोह कुछ नहीं था आगे एक खाई थी...
रेड स्कल... आत्मा शक्ति को सिर्फ एक पवित्र आत्मा hi पा सकती ह... तो तुम तैयार हो....
मई... हाँ लेकिन मुझे करना क्या होगा...
रेड स्कल.... तुम्हे यह से कूदना होगा....
मई और सोनाली दोनों शॉकेड हो गए..
मई.. आप ंजक क्र रहे ह न...
रेड स्कल... बिल्कुल नहीं... यही रास्ता ह उस सकती को पाने का...
मई... अगर मई कुद्द गया तोह मर जाऊंगा..
रेड स्कल... कभी आत्मा को मरते देखा ह...
उसकी बात दूँ मई सोच में पड़ गया कह तोह यह सही रहा ह...
सोनाली... क्या सोच रहे हो... नहीं तुम ऐसा कुछ नहीं करोगे चलो मेरे साथ हम कोई रास्ता देख लेंगे...
मई क्या कृ कुछ समझ नहीं आ रहा था... किसकी सुनु... तभी मैंने एक फैसला किया....
और सोनाली क होठो पर होठ रख किश करते हुए....
मई... अपना ख्याल रखना....
और खुद गया पहाड़ी से... पीछे से मुझे सोनाली की चींख सुनाई दी... जिसे सुन्न मई घबरा गया और डीई.... चींखते हुए उठ क्र बैठ गया....
हे भगवन सामने जो नजारा था उसे देख मई शॉकेड हो गया...
सामने डॉक्टर्स की पूरी टीम थी... और मई ऑपरेशन थिएटर मई था....
सभी डॉक्टर्स मुझे देख डरने लगे... और मुझसे दूर खड़े हो गए...
मई... ( आचार्य चकित हो क्र ) आप लोग कोण ह... और मेरी दी खा ह...
और दी.... दी... चिल्लाते हुए बिस्तर से खड़ा हो गया तभी... ओट का गेट खुला और सोनाली भाग क्र मेरे पास आई... मई उसे सही सलामत देख खुश हो गया की तभी..
चट्ट्कककककक...
एक चांटा मेरे गाल पर पड़ा... और सोनाली मेरे गले लग रोने लगी..... उसके पीछे पीछे माँ , डैड ,तृषा , मासी , शिवि और वह भी आ गई... मुझे सही सलामत देख खुश हो गई... लेकिन से सोनाली तोह गुस्से क मूड में थी...
सोनाली... ( रट हुए ) मना किया था न तुम्हे... फिर भी तुमने मेरी बात नहीं मानी अगर तुम्हे कुछ हो जाता तोह मई तोह...
मई... दी.. आप कैसी बातें क्र रही है देखो मई बिल्कुल ठीक हूँ... आप hi समझाओ न डैड...
डैड.... ( अपने आंसूं पोंछते हुए ) न इस बार में बिच में नहीं आऊंगा... तुम्हे हे झेलना ह तोह अब आदत डालनी पड़ेगी...
मई डैड की बात का मतलव समझ गया और सोनाली भी इसीलिए शर्मा क्र मुझसे अलग हो गई... लेकिन 3 लोग ऐसे भी जिनके यह बात बाउंसर की तरह निकल गई...
तभी.. माँ रट हुए मेरे पास आई और मुझे गले लगा लिया...
माँ.... ( रट हुए ) खा चला गया था तू... क्या तुझे एक बार भी हमारा खिल नहीं आया....
मई... और मेरी प्यारी माँ प्ल्ज़्ज़ मुझे माफ़ क्र दो... आगे से कभी आपको बिना बताये नहीं जाऊंगा.... अब एक बार मुस्कुरा दो सब वर्ण मई भी रो दूंगा...
यह बात सुन यह सब लोग अपने आंसूं पांच हस्स दिए वंही एक शख्स ऐसा भी था... जो बस रोये जा रहा मैंने उसे अभी इग्नोर करना hi ठीक समझा...
डैड... बेतु तुम्हे तोह गोली लगी थी... तुम अचानक ठीक कैसे हो गए....
यह सुनते hi मेरा दिमाग घूम गया और मुझे सब याद आ गया जो कुछ भी मेरे साथ हुआ था...
मई... ( मन में ) यानी वह सपना नहीं सच था... सिड इसीलिए दी ने मुझे मारा फिर भी एक बार उनसे कन्फर्म करना पड़ेगा लेकिन उससे पहले इनको क्या जवाब दूँ...
की तभी मुझे एक आवाज सुनाई दी... मई तुम्हारी कुछ मदद क्र सकता हूँ..
मई.. ( मन में ) तुम कोण हो...
आवाज... अरे इतनी जल्दी भूल गए मई तुम्हारी आत्मा हूँ... तुम कहो तोह मई तुम्हारी मदत क्र सकता हूँ...
मई... ( मन में ) क्या.... लेकिन कैसे...
आवाज... वह बस तुम मुझपर छोड़ दो...
माँ... बेतु क्या सोच रहे हो बताओ डैड ने तुमसे कुछ पूछा ह...
मई बताता हूँ...
सभी लोग उस आवाज़ की दिशा में देखने लगे साथ में मई भी....
डॉक्टर... दरअसल इसके हार्ट को हमने... रेप्लस क्र दिया ह... एक नई हार्ट से... अभी अभी ऑपरेशन ख़त्म hi हुआ था की यह उठ खड़ा हुआ...
माँ... ( गुस्से से ) बेतु यह में क्या सुन रही हूँ... अभी अभी तुम्हारा हार्ट ऑपरेशन हुआ है और तुम.. मजे से घूम रहे हो चलो लेट जाओ...
लेकिन में तोह बस शॉकेड हो उस डॉक्टर की तरफ देख रहा था... जो मुझे देख मुस्कुरा रहा था... और मेरे साथ सभी स्टाफ मेंबर्स भी...
माँ... ( तेज आवाज़ में ) सुना नहीं तुमने मैंने क्या कहा...
माँ की आवाज सुन मई होश मई आया और लेट गया... उधर डॉक्टर ने मुझे प्राइवेट वार्ड में भेज दिया और सभी स्टाफ को कुछ बोलै और वापस मेरे पास आकर...
डॉक्टर... ( मुझे देख मुस्कुरा क्र ) अरे आप लोग गए नहीं... पेशेंट क साथ कोई एक जान hi ृक्क सकता ह... अभी इन्हे आराम की जरुरत ह.. जाइये इन्हे आराम करने दीजिये...
डैड... जी डॉक्टर साहब जैसा आप कहे... हम्म कब तक अभी को घर ले जा सकते ह...
डॉक्टर... अगर सब कुछ ठीक रहा तोह आप इन्हे कल शाम तक ले जा सकते है...
डैड... बहुत बहुत शुक्रिया आपका... ( और फिर सभी से ) कोण रुकेगा अभी क साथ...
सभी एक आवाज में बोले.... मई... सिर्फ एक शख्स को छोड़ क्र मई उनसे बात करना चाहता था लेकिन अभी सही समय नहीं था... लेकिन मुझे उन्हें ऐसा देख बहुत बुरा लग रहा था... मई कुछ बोलने वाला था की तभी...
सोनाली... मई रुकूंगी... आप सब जाओ...
माँ.. लेकिन बेटी तुम्हारी तबियत भी तोह ख़राब ह... तुम कैसे...
सोनाली... माँ देखो में बिल्कुल ठीक हूँ जाइये न पलज़्ज़ज़्ज़ज़...
माँ.. ( मुस्कुरा क्र कान में ) दरवाज़ा बंद क्र लेना... ( और फिर सभी से ) चलो सब वैसे भी अब सुबह होने वाली ह... तोह सब फ्रेश होकर आते ह...
माँ की बात दूँ सभी लोग जाने लगे लेकिन एक शख्स रट हुए मेरी तरफ देखा और बहार चला गया...
मई ( मन मई ) अब इसे क्या हुआ...
आवाज... सबके सामने उसे इग्नोर क्र दिया अब पूछ रहे हो वह गुस्सा क्यों ह... पता ह उसकी क्या हालत थी यह देख...
फिर उसने मुझे कुछ दिखाया जिसे देख मेरी आँखों में आंसू आ गए..
सोनाली... ( मेरे आंसूं पोंछते हुए ) क्या हुआ बेतु सब ठीक तोह है न...
मई... हाँ जान सब ठीक ह वह बस... ( तभी मुझे कुछ याद आया ) एक मिनट कियारा खा ह...
तो बे कंटिन्यू....