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सोनम चॉकलेट का नाम सुन खुश हो जाती है... और आगे बढ़ अभी क गाल पर एक किश क्र देती है....
सोनाली... ( गुस्से से ) अभी.. चलो...
सोनाली को ऐसे देख अभी.. समज नहीं पा रहा था... उसे क्या हुआ ह... तभी... वह सोना को bye बोल चल देता ह.. अपनी कार में... आने वाले तूफ़ान से अनजान....
अब आगे...
तीनो जान घर पहुँचते है... अभी एक बार सोनू को देखता ह लेकिन वह बिना मुड़े अपने रूम में चली जाती ह...
अभी... ( मन मई ) पता नहीं डीडू को क्या हो गया. .... चलो पूछ क्र आता हूँ...
अभी सोनाली क रूम में जाता ह पर आज पहली बार... उसका रूम अंदर से लॉक था....
अभी... ( दरवाजा खटखटाते हुए ) डीडू... डीडू.. दरवाजा खोलो क्या हुआ...
लेकिन अंदर से कोई रिस्पांस न पाकर अभी चुप चाप अपने रूम में चला जाता ह....
अभी... अखिल डीडू को हुआ क्या ह... मेलेसे बात भी नहीं कल रही... ( यही सब सोचते हुए अभी बिस्तर पर गिर जाता है.. और सोच में गम सो जाता है.. )
शाम को माँ hi अभी को उठाने आयी है... अभी एक बार फिर हैरान हो जाता है... जो सोनू आज तक उसके बिना 1 घंटे दूर नहीं रही वह आज दोपहर से.. उससे बात तक नहीं क्र रही...
खैर वह बिस्तर से उठा और फ़्रेशहोकर निचे पहुंचा... माँ डिनर लगा रही थी और डैड कुछ फाइल्स पढ़ रहे थे लेकिन सोनाली कहि नज़र नहीं आ रही थी....
माँ.... अभी.. आओ बैठो डिनर लगा दिया ह...
अभी... ( उदास मन से ) नहीं मुम्मा मेको भूख नहीं ह...
माँ... ( अभी क पास आकर ) तबियत तो ठीक है न बीटा....
अभी.. हाँ मुम्मा मई बिलकुल ठीक... हूँ.. तोला सा थक गया हूँ... में सोने जा लहै ब्यूउउउउ गुड़ नई8...
माँ.. गुड़ नई8.. बीटा अगर कुछ प्रॉब्लम ह तोह तुम शेयर क्र सकते हो... ( यह बात सीहड़ माँ ने भी नोटिस क्र ली थी की सोनू अभी से बात नहीं क्र रही है... )
अभी.... ठीक है.. मुम्मा...
और उदास मन से वापस अपने रूम में चला जाता ह.... यह पूरी बात गेट पर खड़े हो कोई सुन्न रहा था.... यह कोई नहीं सोनाली थी जो चुप्प क्र अभी को देख रही थी... और एक और सहक्स जो सोनाली को देख रहा था.. वह थी.. माँ.... लेकिन सोनाली इस बात से बेखबर हो चल दी अपने रूम में...
रूम में पहुंच सोनाली को बहुत अफ़सोस हो रहा ह... उसे समझ नहीं आ रहा था की वह ऐसा क्यों क्र रही है... जिस अभी.. क बगैर वह एक पल न रह सकती... वह उससे बात तक नहीं क्र रही... हालाँकि वह अभी छोटी ह लेकिन.. उसकी सोच बड़ो से भी.. जायदा तेज़ थी... और वह अच्छा बुरा सब जान लेती थी... जो अभी... सिड न समझ पा रहा था...
सोनाली... ( मन में ) ऑफ हो यह क्या क्र दिया मैंने... इसमें भैयूउ की क्या गलती है... यह सब उस सोनम का किया हुआ ह... क्या मुझे भैयूउ क पास जाना चाहिए.... ( आँख में आंसू लेट हुए ) उनहोंने खाना भी नहीं खाया.... मई कितनी बुरी हूँ...
यही सब सोचते हुए उसकी आँख लग जाती है... रात 12 बजे उसकी आँख खुली तोह उसे अभी की याद आई.. वह जल्दी से उठ कड़ी हुई... और किचन में गई... वंहा अपने और अभी.. क लिए खाना निकल चल दी अभी क रूम...
रूम में अभी.. सोनू की फोटो को सीने से लगा सोया हुआ था... जिस पर उसने मारकर से सॉरी लिखा हुआ था....
सोनाली ने यह देखा तोह उसकी आँखें चालक आई और प्यार से अभी.. क सर को अपनी गॉड में रख लिया...
सोनाली... ( अभी क बालो में हाथ घूमते हुए ) भैयूउ... भैयूउ...
अभी... ( उठ क्र बैठते हुए... ) डीडू आप यह.... क्या हुआ सब ठीक तोह ह न...
सोनाली कुछ नहीं बोली बीएस खाने की प्लेट उठाई और एक कौर बना उसके मुँह क पास ले जाती ह...
अभी.. ( सोनाली का हाथ पकड़ क्र ) आप मुझसे नॉलेज हो न.. सोल्ली... प्ल्ज़्ज़ मुझे माफ़ क्र दो....
सोनाली एक बार गुस्से से अभी को देखि और उसका ध्यान हाथ की तरफ किया... जैसे hi अभी ने हाथ देखा उसे छोड़ दिया और खाना खा लिया... अभी को खाना खिला सोनाली जाने लगी... तोह अभी ने सोनाली का फिर से हाथ पकड़ लिया और उसे बिस्तर पर बैठा दिया...
सोनाली एक तक अभी को देख रही थी... फिर अभी ने भी.. अपने हाथों से सोनाली को खाना खिलाया...... खाना खिलने क बाद अभी...
अभी... सोल्ली डीडू मुझे नहीं पता आप क्यों नॉलेज हो पल प्ल्ज़्ज़ मुझे माफ़ क्र दो... ( और अपने कान पकड़ लिया )
सोनाली तोह पहले hi खुद पर गुस्सा थी और फिर अभी को ऐसा करता देख वह आगे बढ़ अभी को एक झप्पी दी और मुस्कुराती हुई गाल पर किश क्र दी...
फिर प्लेट ले गुड़ नई8 बोल अपने रूम में चली गई... अभी सोनाली को जाता देख थोड़ा दुःख जरूर हुआ लेकिन खुश भी हुआ की उसने माफ़ तोह क्र दिया... यही सब सोचते हुए औ गया...
नेक्स्ट मॉर्निंग....
अभी अपने कमरे में सू रहा था की तभी कोई उसके बिस्तर पर बैठ जाता है... और अभी को उठाने की कोशिश करता ह...
भैया.... भैया... ऊफ्फ हूँ आप अभी तक सो लहे हो...
अभी आँखे खोल क्र देखा तोह देखता रह गया... यह यह क्या क्र रही है... यह और कोई नहीं सोनम है...
सोनम... ऐसे क्या देख लहे हो.. मई आपसे मिलने आई हूँ ऑल आप अभी तक सू लहे हो...
अभी... ( उठ क्र बैठते हुए ) तुम यह कैसे...
सोनम... ऊफ्फ हूँ... उठते hi सवाल जवाब... जाओ जल्दी से फ़्लैश हो आओ...
अभी एक बार सोनम को देखता है और उसके गाल पर किश क्र देता ह तभी... रूम का गेट खुला.... और सोनाली अंदर आ जाती ह... अभी को सोनम को किश करता देख वापस गुस्से से लौट जाती ह...
माफ़ करना दोस्तों... लेकिन सिड आपको पता हो m.p. में एलेक्शंस जोरो पर है... और मेरे डैड ***** क कार्यरत है.. तोह मई भी दिन भर उन्ही क साथ रहता हूँ.. इसीलिए... टाइम न मिल पा रहा अपडेट का... परसो वोटिंग है... उसके बाद फ्री डेली अपडेट आएगी....
और एक बात लगता है आपको स्टोरी बोर क्र रही है... कोई ना... नेक्स्ट अपडेट में अभी बड़ा हो जायेगा... बस एक बार सोनम का मटर सोल्वे हो जाए...
और फ्लैशबैक के 4 उपदटेस बाकी है... जल्द hi स्टोरी वापस वही आ जाएगी...
टिल थें चियर्स... दो लिखे एंड कमेंट िफ़ यू लिखे थे स्टोरी... और बताए कैसी लगी.. जब तक आप सुझाव न डोज.. स्टोरी धीमी hi रहेगी....
सोनम... ऊफ्फ हूँ... उठते hi सवाल जवाब... जाओ जल्दी से फ़्लैश हो आओ...
अभी एक बार सोनम को देखता है और उसके गाल पर किश क्र देता ह तभी... रूम का गेट खुला.... और सोनाली अंदर आ जाती ह... अभी को सोनम को किश करता देख वापस गुस्से से लौट जाती ह...
अब आगे...
लेकिन.. अभी... इस बात से अनजान था की सोनाली गुस्सा क्यों ह .. उसे न तोह पहले पता था न अब्ब इसीलिए वह.. नार्मल hi रहा... और उठकर फ्रेश होने चला गया....
कुछ देर बाद बहार आया तोह सोनम वंही बैठी अभी का इन्तजार... क्र रही thi...Or प्लास्टिक तोय क साथ खेल रही थी... फिर क्या था अभी ने भी उसे ज्वाइन क्र लिया... और वह... अपने कलेक्शन में से... हर ेकब्के बारे में बताने लगा....
वंही निचे दिंनिंग टेबल पर दोनों का इन्तजार हो रहा जब दोनों बहुत देर तक नहीं आये तोह संध्या अभी क रूम में गई... वंहा दोनों को खेलते देख वापस लौट गई.... लेकिन उनके मनन में कुछ चल रहा था... वह सिर्फ वही जानती थी....
घंटे भर खेलने क बाद अभी सोनम क साथ निचे आया तोह संध्या किचन में थी और राजवीर ऑफिस चले गए थे.... अभी... सोनाली को न देख फिर से अजीब लगा लेकिन सोचा बाद में देखूंगा....
फिर अभी और सोनम ने ब्रेकफास्ट किया... वैसे अभी का मन नहीं क्र रहा था लेकिन जब सोनम ने जिद्द की तोह उसे मन्ना पड़ा... संध्या किसी और hi सोच में गम थी... ब्रेकफास्ट करने क बाद अभी सोनाली को देखने जा hi रहा था की सोनम उसका हाथ पकड़ रूम में ले गई... और फिर दोनों बिजी हो गए खेलने में....
लंच क टाइम भी... सोनाली को न देख अभी.. परेशां हो गया उसे सोनाली की फ़िक्र हो रही लेकिन वह जाए भी कैसे सोनम तोह उसे एक पल अकेला नहीं छड्ड रही थी....
ऐसे hi सोनम दिन भर मस्ती क्र शाम को डैड के साथ घर चली गई..... लेकिन अभी को तोह अब सिर्फ सोनाली की फ़िक्र हो रही थी... वह जल्दी से सोनाली क रूम में जाने hi वाला था की उसे संध्या ने आवाज दी... और अभी उनके पास चला गया...
संध्या .... खा जा रहे हो... बेतु...
अभी... कहि नहीं मुम्मा वह डीडू को देखने जा लहै था... सुबह से वह नहीं दिखी... न इसीलिए...
संध्या... रुको एक मं... ( और एक प्लेट में चाय और बिस्कुट दाल अभी को दे देती है ) यह लो उसे खिला देना...
अभी... ( हैरानी से ) खेला देना... मतलब आप तय कह लहे हो कुछ समझ नहीं आया...
संध्या.... तुम्हारी डीडू ने सुबह से कुछ नहीं खाया इस लिए....
अभी... ( चिंतित हो क्र ) क्यों मुम्मा उनकी तबियत तोह ठीक है.. न..
संध्या.... तबयत तोह ठीक है.. लेकिन उसने खाने से मना क्र दिया.... ( फिर कुछ सोच क्र ) ाचा अभी... यह बैठो. . ( सोफे की तरफ इशारा करते हुए )
अभी तोह सोनाली की फ़िक्र में था वह चुप चाप सोफे पर बैठ जाता है...
संध्या... क्या तुम्हे पता ह सोनू नाराज ह...
अभी... नहीं मुम्मा मुझे नहीं पता लेकिन.... ( और उसको कुछ याद आता ह ) हाँ मुम्मा सिड डीडू मुझसे नॉलेज ह... कल भी.. नॉलेज थी.. लेकिन कल तोह मैंने उन्हें मना लिया था फील आज क्या हुआ...
संध्या..... तुम्हे पता ह.. सोनू क्यों नाराज ह...
अभी... नहीं मुम्मा मुझे तोह कल भी नहीं पता था... और आज भी पता नहीं डीडू को क्या हुआ ह...
संध्या... (एक लम्बी सांस लेकर ) में बताती हूँ वह क्यों नाराज ह... उसे लगता ह.. की तुमने उसकी जगह सोनम को देदी है... मई उसे कल से देख रही हूँ जब से तुम सोनम से मिले हो वह थोड़ा उदास रहने लगी ह न किसी से बात करती ह न खाना कहती ह... वह सुबह तोह ठीक लेकिन मैंने देखा जब सोनम तुम्हारे कमरे में ठु तोह वह तुम्हे उठने गई थी लेकिन कुछ hi देर में गुस्से में वापस अपने कमरे में लौट गई... और सुबह से बिना खाना खाये सो रही है... मैंने उठाने की कोशिश की तोह रोने लगी बोली मुझे अकेला छोड़ दो...
अभी... ( आँख में आंसूं लाते हुए ) यह मैंने क्या कल दिया मुम्मा...
संध्या... ( अभी के आंसूं पोंछते हुए ) बेतु इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है... तुम तोह मेरे गुड़ बॉय हो न चलो चुप हो जाओ... वो कुछ जयादा प्यार करती है तुमसे बास... और जाओ जाकर अपनी डीडू.. को मनाओ उसने सुबह से कुछ नहीं खाया...
अभी... ( आंसूं पोंछते हुए ) ठीक है मुम्मा लाओ खाना लगा दो मई डीडू को मना लूंगा...
संध्या मुस्कुरा क्र एक बार अभी क गाल पर किश करती है और एक प्लेट मई खाना निकल दे देती है... जिसे ले क्र अभी चल देता है सोनाली क रूम में...
जैसे hi अभी गए खोलता है... देखता है सोनाली बिस्तर पर लेती हुई है कुंबले से उसने अपने आप को पूरा कवर क्र रखा है...
अभी प्लेट को साइड टेबल पर रखता है और सोनाली क सर क पैरों क पास बैठ जाता है...
अभी.. ( सोनाली को हिलाते हुए ) डीडू... डीडू उठो न...
लेकिन सोनाली कुछ जबाब नहीं देती अभी को लगता है सिड डीडू सो रही है.. इसलिए वह उठकर बहार आने को होता है तभी उसे कांबले से सिसकियाँ लेने की आवाज आती है... अभी तुरंत भाग क्र सोनाली क पास जाता है और कुंबले उसके चहरे से अलग करता है...
सोनाली की हालत देख अभी शॉकेड हो जाता है... उसकी आँखें लाल हो चुकी थी ऐसा लग रहा था जैसे सुबह से रो रही हो.... अभी हैरत भरी नजरो से सोनाली को देख hi रहा था की तभी...
सोनाली... अभी तुम यह क्या क्र रहे हो... जाओ जा क्र पढाई करो...
अभी शॉक में बस सोनाली को hi देख रहा था...
सोनाली... ( गुस्से मई ) सुनाई नहीं दे रहा क्या.. जाओ यह से...
अभी होश मि आता है... सोनाली को ऐसा देख उसकी आँखों से भी आंसूं निकलने लगे.. वो जाकर सीधा सोनाली के पेअर पकड़ लेता है...
अभी... ( रट हुए सोनाली क पैरों पर अपना सर रखते हुए ) पलज़्ज़ज़्ज़ज़ डीडू... ी ऍम सॉरी... मुझे माफ़ क्र दो...
लेकिन जैसे hi अभी ने सोनाली के पैरों को छुआ वह एक बार फिर शॉकेड हो गया... सोनाली का बदन किसी भट्टी की तरह टप्प रहा था... अभी तुरंत सोनाली पर कुंबले दाल देता है और उसके सर क पास जा बैठ जाता है... उसके सर को अपनी गॉड मई ले सहलाने लगता है... आंसूं तोह आँख से अब रुक hi नहीं रहे थे और कुछ बूंदे सोनाली क चेहरे पर गिर रही थी...
वंही सोनाली अपने दिल और दिमाग से लड़ रही थी... उसे अभी पर गुस्सा तोह था लेकिन केयर देख प्यार भी बहुत आ रहा था... वह चुप चाप अभी को देख रही थी...
वंही अभी को लग रहा था सब उसकी वजह से हुआ है... न वह सोनम से मिलता न सोनाली की ऐसी हालत होती तभी वह उठा और भाग क्र माँ क पास जाता है और सोनाली की हालत क बारे मई बताया है...
संध्या भी परेशां हो गई और उसने तुरंत सूर्यवीर को फ़ोन करती है... और सोनाली की हालत क बारे मई बताती है...
सूर्यवीर.. घबराओ मई मई आ रहा हूँ डॉक्टर को लेकर... बोल फ़ोन कट क्र देते है...
संध्या तुरंत अभी क साथ सोनाली क रूम में जाती है... वंहा सोनाली को देख उसके भी आँख में आंसूं आ जाते है... उसकी लाल आँखे देख वह कुछ सोचने लगती है... अभी उसको हिलता है..... तब वह होश मई आती है... और जाकर सोनाली क्र माथे पर हाथ रख चेक करती है...
सोनाली... को करीब 105 डिग्री बुखार होगा इतना ग्राम देख संध्या तुरंत किचन में जाती है.. और एक कटोरे मई ठंडा पानी दाल सोनाली क पास पहुंचती है... लेकिन जल्दबाजी मई वह पाती लाना भूल जाती है तोह अभी अपना हेंकेय निकल उसे दे देता है...
संध्या हेंकेय को पानी में भिगो क्र उसकी पाती बना क्र सोनाली क माथे पर रख देती है... पट्टी कुछ hi देर मई गर्म हो जाती है... तोह संध्या लगातार पट्टी पानी में भिगो क्र रख रही थी... अभी बड़े हूर से यह सब देख रहा था...
कुछ देर बाद सूर्यवीर डॉक्टर क साथ आये... डॉक्टर ने सोनाली को चेक किया और दवा देकर चले गए...
संध्या ने दवा अभी को पकड़ा उन्ही पता था सोनाली अब भी नाराज ह.. और अभी hi उसे मना सकता है... और सूर्यवीर क साथ बहार चली गई....
अभी भी... अपनी माँ का इशारा समझ गया और खाने की प्लेट उठा निवाला बना सोनाली क मुँह की तरह क्र देता है... लेकिन सोनाली अपना मुँह दुरी तरफ क्र लेती है...
अभी.. ( रट हुए ) पलज़्ज़ज़्ज़ज़ डीडू ी ऍम सोल्ली आप जो बोलो वह करूंगा प्ल्ज़्ज़ खाना खा लो...
सोनाली को अभी का रोना ाचा नहीं लग रहा था इसलिए वह अपना चेहरा अभी की तरफ करती है.... अभी को रोटा देख उसके दिल भी रो उठा और वह निवाला खा लेती है... जिससे अभी खुश हो जाता है... और सोनाली को खाना खिला देता है... और बाद में दवा भी खिला देता है....
सोनाली बस एक तक्क अभी को देख रही थी.... और अभी सोनाली को... प्लेट साइड में रख अभी सोनाली क सर को फिर अपनी गॉड में रख लेता है और सहलाने लगता है... कुछ hi देर मई सोनाली सो जाती है... अभी भी कब सो गया उसे पता hi नहीं लगा ....
संध्या डिनर क लिए... अभी को बुलाने आती है लेकिन उसके यूँ सोता देख वापस लौट जाती है... रात में एक बार अभी की आँख खुलती है तोह वह देखता है... सोनाली का बुखार अभी तक काम नहीं हुआ...
वह माँ को बुलाने जा hi रहा था तभी उसे कटोरा दिखाई देता है... और वह उसे उठा किचन में जाकर ठंडा पानी लाता है... और पाती भिगो क्र... सोनाली क सर पर रख देता है... और जैसा माँ ने किया यह ठीक वैसे hi अभी बार बार पट्टी बदलता रहता.. है... पूरी रात फिर पता नहीं कब उसकी नींद लग जाती है...
सुबह सबसे पहले नींद सोनाली की खुलती है... वह आँखे खोल देखती है.. तोह अभी निचे लेता हुआ रहता है.. उसका एक हाथ सोनाली क सर पर रहता है... तभी सोनाली अपने सर पर पट्टी को देखती है...
और खुश हो जाती है... अभी को इतना केयर करता देख वह सोचने लगती है... आखिर भैयूउ की गलती hi क्या है... अब क्या वह सोनम से बात करना तक छोड़ दे सिर्फ मेरी खातिर नहीं मई ऐसा नहीं करने दूंगी.... ऑफ हो मई भी कितनी बुद्धू हूँ... इतनी सी बात नहीं समझ पाई... भैयूउ मुझसे जयादा किसीसे प्यार नहीं क्र सकते...
और एक बार अभी के चेहरे को देखती है... लगता है रात भर ठीक से सोये भी नहीं है... और आगे बढ़ अभी को किश क्र लेती है... की तभी अभी जाग जाता है... और एक नजर सोनाली को देखता है... सोनाली मुस्कुरा हुई अभी को देखती है... जिससे अभी खुश हो जाता है.. और उठ क्र किचन मई चला जाट है....
और एक बार अभी के चेहरे को देखती है... लगता है रात भर ठीक से सोये भी नहीं है... और आगे बढ़ अभी को किश क्र लेती है... की तभी अभी जाग जाता है... और एक नजर सोनाली को देखता है... सोनाली मुस्कुरा हुई अभी को देखती है... जिससे अभी खुश हो जाता है.. और उठ क्र किचन मई चला जाट है....
अब आगे...
किचन में पहुंच अभी माँ से 2 कप चाय और बिस्कुट लेकर सोनाली क रूम में जाता है... जब तक सोनाली भी फ्रेश हो क्र बहार आ जाती है... और सामने अभी को देख मुस्कुराने लगती है...
फिर दोनों चाय नास्ता करते है....
अभी... डीडू.. आप अब तोह नॉलेज नहीं हो न...
सोनाली... नहीं बिल्कुल नहीं... भला मई अपने भैयूउ से नाराज हो सकती हूँ... हाँ कुछ समय क लिए... भटक गई थी लेकिन अब सब ठीक है... थैंक्स भैयूउ...
अभी... थैंक्स... वह किश लिए...
सोनाली... ( मन में ) भैयूउ को बताना ठीक नहीं रहेगा वह क्या सोचेंगे मेरे बारे मई , और मई भी कितनी बुद्धू थी...
अभी.. क्या हुआ डीडू आप क्या सोच रही हो...
सोनाली...( हड़बड़ाती हुई ) कुछ नहीं भैयूउ वह बस...
अभी... मुझे पता है आप क्या सोच लहि हो... यही न की मुझे बताऊ या नहीं.. मई क्या सोचूंगा...
सोनाली... ( हैरानी से ) कैसे... तुम्हे कैसे pta..m
अभी... यह एक सेक्लेट है.....
सोनाली... ( बड़े प्यार से ) प्ल्ज़्ज़ भैयूउ बताओ न तुम्हे कैसे पता मई यही सोच रही हूँ...
अभी... ( अपना हाथ सोनाली क दिल पर रख ) इसने बताया...
सोनाली हैरान नजरों से बस अभी को देख रही थी... तभी अभी ने सोनाली का हाथ पकड़ अपने दिल पर रख दिया...
अभी..... डीडू... अआप मेरी जब भी बात नहीं कल्टी हो तब मुझे पता नहीं क्यों बेचैनी सी होने लगती है... यह दिल तेज तेज डालने लगता है.... ऐसा क्यों होता है यह तोह नहीं पता मुझे... ( आँख मर आंसू लाते हुए ) पल प्ल्ज़्ज़ मुझसे नॉलेज न होया क्लो... आपको नहीं पता मैंने कैसे रहा आपके बिना 8 घंटे मेको 8 साल बलाबल लगे... प्ल्ज़्ज़ मुझे कभी अकेला न छोड़ा क्लो...
सोनाली जो यह सब सुन रही थी वह भी खुद को रोक न सकीय और अभी क गले लग क्र रोने लगी...
अभी... कोई बात नहीं.. डीडू पल पहले आप लोना बंद क्लो... ( और सोनाली की आँखों से आंसू पांच देता है ) डीडू एक बात पुछु...
सोनाली कुछ न बोली बस सिसकते हुए हाँ में सर हिला दी...
अभी.. आप मेलेसे नॉलेज क्यों थी...
सोनाली कुछ न बोली बोलती भी क्या...
अभी... मुझे पता है आप क्यों नॉलेज थी...
सोनाली एक बार फिर शॉकेड हो अभी को देखने लगी...
अभी... मुझे पता है डीडू आप सोनम को लेकर मुझसे नॉलेज थी..
सोनाली एक बार फिर उदास हो गई.. तोह अभी उसके पास जा उसका हाथ पकड़ लेता है..
अभी... डीडू आप ऐसा क्यों सोचते है.. मुझपल पहला हक्क सिलफ आपका है... ऑल आप पल मेरा... चाहे हमले बिच कोई भी आये आप हमेशा मिली यही डीडू लहोगई है न..
सोनाली हाँ में सर हिला देती है...
अभी... ऐसे नहीं वडा क्लो.. ( और अपना हाथ आगे बढ़ा देता है )
सोनाली... मई वडा करती हूँ.. भैयूउ आज क बाद ऐसा कभी नहीं होगा...
अभी... यह हुई न बात ( और आगे बढ़ सोनाली को गले लगा लेता है.. और गाल पर किश क्र देता है.. सोनाली शर्माने लगती है )
अभी उठ क्र खड़ा होता है... और अपने रूम में चला जाता इस बात से अनजान के कोई इनकी बातें सुन रहा था... No सस्पेंस यर वह माँ hi थी... Ok...
संध्या बड़ी हैरत मई पड़ गई तभी वह एक जगह फ़ोन लगती है और चली जाती है किचन मई... लंच की तैयारी करने...
उधर अभी भी फ्रेश हो बहार आता है... तभी सोनाली भी बहार आ जाती है... और दोनों हॉल मई बैठ क्र बातें करने लगते है... की सोनम भी अपनी माँ क साथ आ जाती है...
अभी... ( मन में ) हे भगवन अभी hi तोह डीडू को बलि मुश्किल से मनाया है ऑल यह सोनम आ गई अब क्या क्लू... लेकिन आगे जो होता उसे देख अभी खुद हैरान हो जाता है...
सोनाली खुद आगे बढ़ क्र सोनम को पहले गले लगती है.. फिर उससे बातें करने लगती है... अभी को आँखों पर विश्वास नहीं हो.. रहा लेकिन वह बहुत खुश था... फिर वह भी... दोनों क साथ शामिल हो गया... और ऐसे hi तीनो खेलने लगते है....
अंदर किचन में चलते है...
संध्या... नमस्ते महिमा जी...
महिमा... नमस्ते संध्या भें...
संध्या... बहिन जी.. आप आज फ्री है क्या...
महिमा... हाँ कुछ काम था क्या...
संध्या..... हाँ बहिन कुछ काम से जाना था मुझे लेकिन बच्चों को अकेला छोड़...
महिमा... कोई बात नहीं बहिन जी आप चले जाइए मई यही रूकती हूँ.. वैसे भी मई फ्री हूँ...
संध्या... आपका बहुत बहुत शुक्रिया....
महिमा... बहिन जी इसमें शुक्रिया कैसा.... क्या आपके बच्चे मेरे बच्चे नहीं...
ऐसे hi... थोड़ी देर बात करने के बाद संध्या ने लंच रेडी क्र दिया और सबको... लंच करा क्र चली गई....
इसी तरह पूरा दिन बीत गया शाम को संध्या लौटी तोह उसके चहरे और कुछ टेंशन था सबने पूछा लेकिन उसने बहाना बना दिया...
इसी तरह दिन बीतने लगे... कुछ दिन बाद रोहन भी वापस आ गया और अभी स्कूल जाने लगा.... कुछ एक साल बाद सोनम ने भी स्कूल ज्वाइन क्र लिया... रोहन और अभी की दोस्ती बहुत मजबूत हो गई थी दोनों दो जिस्म एक जान हो गए.. थे रोहन को क्या चाइये वह अभी पहचान लेता था और अभी को क्या चाइये वह रोहन....
अभी... हफ्ते में 2 दिन सैटरडे एंड संडे... रोहन क घर बिताने लगा... जिससे वह रोहन और सोनम क साथ सभी घरवालों की भी जान बन चूका था... वह भी.. घर का बड़ा बीटा बन गया था... महिमा उसे बहुत प्यार करती... अभी भी उसे माँ कहके पुकारता था...
14 इयर्स लेटर....
एक लड़का अपने बिस्तर पर सोया हुआ है तभी वह इधर उधर हाथ मारने लगता है और चींखते हुए उठ क्र बैठ जाता है... वह अपने आस पास देखता है तोह चैन की सांस लेता hi...
तभी गेट खुला और एक खूबसूरत सी लड़की अंदर आती है... और उसके हाथ मई एक पानी का गिलास था...
लड़की... ( पानी का गिलास बढाती हुई ) आज फिर वही सपना...
लड़का... ( पानी का गिलास हाथ में लेते हुए ) हाँ डीडू....
लड़की... क्या आज उसका चेहरा देखा...
लड़का... खान डीडू हर बार की तरह सिर्फ धुंधला धुंधला दिख रहा था...
लड़की... ( लड़के को गले लगा गाल पर किश करते हुए ) कोई न बेतु सब ठीक हो जायेगा.... चलो अब जल्दी करो... स्कूल नहीं जाना क्या आज पहला दिन ह... हायर सेकंडरी में आज hi लेट...
( यूप कन्फूसिओं दूर क्र देता हूँ यह और कोई नहीं अभी और सोनाली hi हैं )
अभी... ओह्ह्ह सहित मई भूल hi गया था ( और सोनाली क गले लग क्र ) थैंक्स डीडू.. बोल गाल पर किश क्र चल देता ह फ्रेश होने...
सोनाली मुआकुरति हुई अपने रूम मई चली जाती है... वंही अभी फ्रेश हो बहार आता है.. और तैयार हो चल देता है नीचे वंहा दिंनिंग टेबल पर सोनाली को नास्ता करा सबको bye बोल चल दिया..
बहार आ अपनी कार निकलता ह फरररारी और चल देता है रोहन के घर... रोहन के घर पहुंच अभी बेल्ल बजने को होता ह... तभी गेट खुलता ह...
सोनाली मुआकुरति हुई अपने रूम मई चली जाती है... वंही अभी फ्रेश हो बहार आता है.. और तैयार हो चल देता है नीचे वंहा दिंनिंग टेबल पर सोनाली को नास्ता करा सबको bye बोल चल दिया..
बहार आ अपनी कार निकलता ह फरररारी और चल देता है रोहन के घर... रोहन के घर पहुंच अभी बेल्ल बजने को होता ह... तभी गेट खुलता ह...
और अभी मुस्कुराने लगता है...
अब आगे....
युपपप यह और कोई नहीं सोनम hi थी... जो अभी की कार की आवाज सुन दौड़ क्र गेट खोल देती ह... और सामने अभी को देख गले लगा लेती ह....
अभी भी सोनम को गले लगा लेता ह... और कुछ देर बाद अलग हो जाता ह...
सोनम घूर क्र अभी को देखती ह और अपने गाल को सहलाती ह जैसे कुछ याद दिलाना चाहती हो... लेकिन अभी को मस्ती का मूड था... इसलिए वह सोनम को इग्नोर क्र अंदर चला जाता ह...
इंट्रो टाइम....
कुलदीप श्रीवास्तव.... आगे 42 हाइट ( 6.1 इनके ) आर्मी मई कमांडर है... साल मई 2 मंथ hi घर पर रहते है... बहुत स्ट्रिक्ट है जैसे हर आर्मी वाले होते है... अपनी पत्नी से बहुत प्यार करते है... और बच्चों मई तोह जान बस्ती है उनकी... सोनम और अभी को तोह सर पर बैठा क्र रखते है.... ककी दोनों है hi ऐसे... कोई भी उनको प्यार hi करे...
महिमा श्रीवास्तव... आगे 40 हाइट ( 5.8 इनचेस ) लेकिन लगती नहीं है... इन्होने भी अपने आपको वेल मैनटैनेड क्र रखा है... अभी भी सिर्फ 28 की लगती है... रोहन और अभी से बहुत पार करती है... स्पेशलय रोहन तोह इनकी जान है....
रोहन श्रीवास्तव.... आगे 18 हाइट ( 5.11 इनचेस ) बिल्कुल अपने डैड पर गया है... मगर थोड़ा लज़ी है... इसलिए सबकी दांत पड़ती है.. मगर माँ का लाडला है तोह हर बार बच जाता है... एवरेज कलर बॉडी भी ठीक ठाक स्लिम नहीं लेकिन कोई जयादा ख़ास भी नहीं....
सोनम श्रीवास्तव.... आगे 17 हाइट ( 5. 9 इनचेस ) रंग गोरा विथ क्यूट फेस... है लड़के तोह बास मरे जाते है इसके पीछे मगर यह किसी से बात नहीं करती... इसकी सिर्फ एक फ्रेंड है उसको छोड़... ब्यूटी में तोह मिस यूनिवर्स फ़ैल हो जाए... ऊपर से इतना क्यूट फेस.... की हर कोई मोहित हो जाए... थोड़ी जिद्दी है... जो की जायज है... अभी की लाड़ली और यह भी अभी को बहुत प्यार करती है..
बैक तो थे स्टोरी...
सोनम गुस्से से अभी को देखती है मगर अभी तोह जा चूका था अंदर तोह वह भी उसके पीछे पीछे अंदर आ जाती है...
वही अभी अंदर जाता है.. तोह उसे महिमा की आवाज सुनाई देती है और वह उसी तरफ चल देता है... इस वाट महिमा दिंनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट लगा रही थी.. की अभी चुपके से उसके पीछे जाकर उसे हुग क्र लेता है....
अभी... ( महिमा के गाल पर किश करते हुए ) गुड़ मॉर्निंग... माँ...
महिमा... ( उसी तरह थोड़ा पीछे गर्दन क्र अभी को किश करते हुए ) गुड़ मॉर्निंग... बेतु... चलो बैठो ब्रेक फ़ास्ट रेडी है...
अभी... ( अलग होते हुए ) माँ रू खा है...
महिमा... वह तोह अभी दो रहा ह...
अभी..... क्याआ... वह अभी तक सो रहा ह... माँ आज 12तह क्लास का फर्स्ट डे ह.... और यह अभी तक सो रहा ह रुको मई उठा क्र लता हूँ..
महिमा... ओह्ह्ह्हह हैं बीटा मई तोह भूल hi गई थी जल्दी जाओ... उसे उठा क्र लाओ तब तक मई नास्ता लगा देती हूँ... तुम तीनो का....
अभी... नहीं माँ मई घर से क्र आया हूँ.. आप बस एक कॉफ़ी बना दीजिये...
और इतना बोल अभी रोहन क रूम में जाता ह... लेकिन यह क्या रोहन तोह है hi नहीं रूम में... तभी बाथरूम से रोहन बहार निकलता ह...
रोहन... ( अभी को अपने रूम में देख चिंतित स्वर में ) भाई सुबह सुबह क्या हुआ कुछ पॉब्लम ह क्या...
अभी... ( रोहन क सर पर हलकी सी टपकी मारते हुए ) अबे गधे आज से स्कूल ह यार... और तू अभी तक तैयार न हुआ मई बता देता हूँ... 10 मं में तैयार न हुआ तोह अकेला चला जाऊंगा....
रोहन... ओह्ह्ह सहित यह मई कैसे भूल गया सॉरी भाई... बस 5 मं जब तक तू कॉफ़ी पी मई अभी आया...
अभी... रू इस बार नहीं यर... यह तेरा हर बार का नाटक ह... प्ल्ज़्ज़ जल्दी आना.
रोहन... अब तू जायेगा तभी तोह तैयार होऊंगा न....
अभी मुस्कुराता हुआ कुछ नहीं बोलै और बहार निकल आया... बहार सोनम गुस्से में मुँह फुलाए बैठी थी... अभी को अब बुरा लगने लगा इसलिए वह पीछे से जा क्र गले मई बाहे दाल दिया... और दोनों गालों पर किश क्र दिया...
सोनम एक बार चौंक गई लेकिन जब उसने पीछे मुद क्र देखा तोह ख़ुशी से उछलते हुए अभी क गले लग गई... और हलके हाथों से पीठ पर मारते हुए...
सोनम... जाओ भैया मई आपसे बात नहीं करती...
अभी... ( जेब से चॉकलेट निकल आगे करते हुए ) अब भी नहीं...
सोनम... ( चॉकलेट देख खुश हो गई और अभी क पूरे चेहरे को किश क्र क्र के गीला क्र दिया ) ठंकु भैया. ...
अभी... बस बस चल छोड़ और तुझे स्कूल नहीं जाना क्या....
सोनम... ( उदास हो क्र ) नहीं... भैया आज दिव्या क घर फंक्शन ह इसलिए वह नहीं आ रही तोह मई अकेले क्या करूंगी... ( दिव्या का इंट्रो अभी नहीं दे रहा हूँ बाद में प्रेजेंट मई दूंगा )
अभी... ( एक बार फिर सोनम क गाल को चूम क्र ) अरे मेरी लड़ो ऐसे उदास नहीं होते चल शाम को अपन घूमने चलेंगे... अपनी फव झग...
सोनम... ( खुश होते हुए ) सच भैया....
अभी... हाँ... प्रॉमिस... चल अब उदास न हो... वर्ण मई भी नहीं जाऊंगा... ( और अपना चेहरा निचे क्र लिया )
सोनम... ( जल्दी से अभी क गले लग गाल पर किश करते हुए ,) नहीं नहीं भैया आप उदास मत हो देखो मई तोह खुद हूँ...
रोहन... हो गई तुम दोनों की नौटंकी... अब लेट नहीं हो रहा भाई...
सनम... नहीं... ( और खिल खिला क्र हसने लगती ह )
अभी और रोहन भी हसने लगते ह... फिर अभी कॉफ़ी पी सबको bye बोल चल देता ह रोहन क साथ स्कूल...
स्कूल पहुंच क्र दोनों क्लास में जाने को होते ह की कोई अभी को पीछे से बुलाया ह...
ही अभी...
अभी पीछे पलट क्र देखता ह... अरे य्र्र यह खा से आ गई... तभी वह लड़की अभी क पास आ क्र कड़ी हो जाती ह...
अभी... होई निशा...
रोहन... सारा ही अभी को और मुझे...
निशा कुछ नहीं बोली और मुस्कुराती हुई... रोहन क गले लग गई.... और गाल पर किश क्र दी...
अभी दोनों कुछ बात करते उससे पहले...
अभी... ोू लैला मजनू बाद में यह स्कूल ह... समझे चलो क्लास क लिए... लेट हो रहा ह...
रोहन... क्या यर तू भी... ( फिर निशा से ) चलो बेबी क्लास में चलते ह...
निशा कुछ बोली लेकिन अभी को देख रही थी... अभी को बड़ा hi अजीब फील होता था... इसलिए वह दूर hi भागता था.... निशा से लेकिन उसके दिमाग में क्या चल रहा है यह वह hi जानती थी...
क्लास में भी... निशा कहने को तोह रोहन क साथ बैठा करती लेकिन लेकिन हर वक़्त... अभी को hi घूरा करती... लेकिन अभी कोई इंट्रेस्ट नहीं दीखता था... वह सिर्फ रोहन क खातिर उससे थोड़ा बहुत बात क्र लेता था वर्ण हमेशा दूर hi रहता....
इसी तरह 1 साल और बीत गया... और अभी ने स्टेट में टॉप किया था.... रोहन भी... 80% मार्क्स ले आया था... सभी कुछ हसी ख़ुशी चल रहा था की वह मनहूस दिन... आ गया जिसने... मेरी और हम सबकी... ज़िंदगी बदल क्र रख दी....
वर्स्ट डे....
मॉर्निंग में... अभी जल्दी उठता है कुकी आज उसे रोहन क साथ स्कूल जाना था... अपनी मार्कशीट लेने.... अभी... कस से इंजीनियरिंग करना चाहता था... जिसके एडमिशन क लिए वह मार्कशीट लेने जा रहा था...
अभी रोहन क घर पहुंच रोहन को पिक करता ह... और चल देता ह... स्कूल बीते कुछ दिनों से रोहन अभी से थोड़ा नाराज रहता था... पता नहीं क्यों लेकिन अंदर hi अंदर वह अभी से... जलने लगा था... अभी कई बार रोहन से पूछता लेकिन.. रोहन कोई जवाब न देता...
दोनों स्कूल पहुंच जाते है... और प्रिंसिपल क रूम में जाते ह वंहा प्रिंसिपल राउंड पर गया था... अभी वही बैठ जाता ह लेकिन रोहन भर निकल जाता अभी उसे रोकता भी ह लेकिन वह न रुका....
अभी कुछ देर इन्तजार करता ह तभी कोई रूम में एंटर होता जिसे देख अभी चौंक जाता ह...
दोनों स्कूल पहुंच जाते है... और प्रिंसिपल क रूम में जाते ह वंहा प्रिंसिपल राउंड पर गया था... अभी वही बैठ जाता ह लेकिन रोहन भर निकल जाता अभी उसे रोकता भी ह लेकिन वह न रुका....
अभी कुछ देर इन्तजार करता ह तभी कोई रूम में एंटर होता जिसे देख अभी चौंक जाता ह...
अब आगे...
अभी... ( चौंकते हुए ) तुम यह क्या क्र रही हो...
निशा... ( मुस्कुराते हुए अभी क पास आती है और बाजू वाली चेयर पर बैठ जाती है ) तुम्हे क्या लगता है...
अभी... ( हड़बड़ाते हुए ) वो वो वो..
लेकिन उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था... इसलिए वह उठ क्र बहार जाना चाहता था की निशा ने उसका हाथ पकड़ लिया और चेयर पर बैठा दिया... और खुद उठ के अभी की गॉड मई बैठ गई...
जिस पोजीशन मई वह बैठी थी... वह कुछ इस प्रकार थी की उसके दोनों पेअर इर्द गिर्द थे और फेस अभी क फेस के सामने था...
अभी... ( उसके यह हरकत देख घबरा गया ) क्या चाहती हो तुम... पलज़्ज़ज़ मुझ पर से उठो... रू आता hi होगा.. मई हाथ जोड़ता हूँ...
निशा.... ( अभी क होठ पर ऊँगली रखते हुए ) स्स्स्सस्छ्हःहःह कुछ मत बोलो.... वर्ण मई चिल्ला चिल्ला क्र सबको बुला लुंगी और कह दूंगी तुमने मेरा रपे करने की कोशिश की है....
अभी की डर के मारे हालत ख़राब होने लगी... इसे कुछ समझ नहीं आ रहा था...
अभी... पलज़्ज़ज़्ज़ज़ निशा तुम ऐसा क्यों क्र रही हो... अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तोह मुझे माफ़ क्र दो...
लेकिन निशा ने जैसे अभी की बात सुनी hi नहीं... और अपने होठ अभी के होठ पर रख दिए... और बेहद hi वाइल्ड तरीके से चूसने लगी....
अभी और भी घबरा गया और निशा को खुद से दूर करने लगा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी...
रोहन.. ( गुस्से मई... ) यह सब क्या है...
अभी कुछ बोलता उससे पहले निशा रट हुए रोहन के गले लग गई...
निशा... पलज़्ज़ज़ रोहन मुझे बचा लो... यह मेरा रपे करने की कोशिश क्र रहा था...
अभी शॉकेड बस निशा और रोहन को देख रहा था...
रोहन... ( गुस्से में ) मुझे पता था की तू है आस्तीन का सांप ( और आँख में आंसू लेट हुए ) सेल एक बार मुझसे बोल देता... एक क्या हज़ार लड़की कुर्बान क्र देता... मई तेरे लिए जान तक दे देता.... लेकिन तूने ऐसी हरकत की चीई...
अभी... ( आँख मई आंसू बहते हुए ) ऐसा मत बोल भाई मेरी बात तोह सुन...
रोहन... ( बिच में hi ) मत बोल मुझे अपनी गन्दी जुबान से भाई... घिन्न आ रही है मुझे जो तुझे अपना दोस्त मना की... चला जा मुझसे दूर आइंदा अपनी सकल तक मत दिखाना... ( और निशा से ) चलो चलते है...
निशा जो इस वक़्त रोहन क गले लगी हुई थी हाँ में सर हिला देती है... अभी तोह जैसे वही जम्म सा गया था उसे समझ नहीं आ रहा था यह क्यों हुआ... आंसूं आँख से रुकने का नाम hi नहीं ले रहे थे...
वह एक बार निशा कोंजाइ हुए देखता है जो उसकी तरफ hi देख रही थी और मुस्कुरा क्र.... रोहन क गले लग गई.. और उसके साथ चली गई....
अभी वही चेयर पर बैठ रोने लगा कुछ hi देर मई प्रिंसिपल आ गया उसने बहुत पूछा लेकिन अभी ने कुछ नहीं बताया... घंटे भर रोने क बाद अभी उठा और अपनी गाडी निकल घर चल दिया पूरा वक़्त उसको सिर्फ रोहन क वह सब्द याद आ रहे थे....
" मत बोल मुझे अपनी गन्दी जुबान से भाई... घिन्न आए रही है मुझे जो तुझे अपना दोस्त मन की... चला जा मुझसे दूर आइंदा अपनी सकल मत दिखाना... "
इसी सोच में गम वह कब घर पहुंच गया प्या hi नहीं चला... घर पहुंच क्र उसने अपने आंसूं पोंछे... और गेट खोल अंदर अपने कमरे की और बढ़ने लगा की तभी....
संध्या... बेतु यह आओ....
अभी घबराता हुआ संध्या क पास गया... संध्या ने एक बार अभी को देखा फिर उसे गले लगा लिया...
अभी हैरान हो गया... वह अचंभित हो संध्या को देखने लगा...
संध्या... सब ठीक तोह है न बेतु...
यह सुने hi अभी फुट फुट क्र रोने लगा और संध्या भी उसके सर पर हाथ फेर ने लगी....
अभी... ( बहुत देर तक रोटा रहा फिर चुप हो क्र ) माँ वो वो.. मैंने.. कुछ.. नहहीइ क्या.. ववु दरअसल...
संध्या... शहहह कुछ मत बोल बीटा मुझे तुम पर पूरा भरोषा ह... अब बताओ क्या बात ह...
फिर अभी... रट हुए संध्या को सब सच सच बता देता ह... यह बात दरवाजे और कड़ी सोनाली भी सुन्न रही थी और अपने भाई ऐसी हालत देख उसे रोहन पर बहुत गुस्सा आ रह था... उसकी आँखों से भी आंसूं बहने लगे और वह रट हुए अपने रूम में चली गई...
अब चलते है दूसरी तरफ...
रोहन आंसूं भाते हुए टैक्सी से निशा को छोड़ अपने घर जा रहा था.. उसकी भी हालत अभी से काम नहीं थी... रट रट उसकी आँखें लाल हो गई... वह जैसे तैसे अपने घर पहुंचा... हॉल मई महिमा उसका इंतजार क्र रही थी.. लेकिन जैसे hi उसने रोहन को देखा दौड़ क्र उसके पास चली गई...
महिमा... ( घबराते हुए ) क्या हुआ बीटा सब ठीक तोह है... तुम्हारी यह हालत कैसे हुई...
रोहन रोटा हुआ महिमा के गले लग गया... महिमा उसे शांत करने लगी लेकिन वह चुप होने का नाम hi नहीं ले रहा था...
महिमा... बताओ बीटा क्या हुआ...
.लेकिन रोहन कुछ न बोल बस रोटा रहा.. रोहन को ऐसा रोटा दख...
महिमा... रुको मई अभी से पूछती हूँ...
रोहन... ( महिमा से अलग होते हुए ) नाम मत लो उस कमीने का....
महिमा शॉकेड हो रोहन को देखने लगी...
महिमा... क्या हुआ बीटा अभी से झगड़ा हुआ है क्या...
रोहन... मत पूछो माँ उसने विश्वास घात किया है... मेरे साथ...
महिमा... ( शॉकेड ) क्या... ????
रोहन... हाँ माँ यही सच है...
और फिर रोहन उसे पूरी बात बताता है जिसे सुन महिमा गुस्से से आग बबूला हो जाती है.. कहने को तोह उनके लिए दोनों एक सामान थे लेकिन कहि न कहि रोहन क किए सॉफ्ट कार्नर जरूर था इसीलिए... वह तुरंत संध्या को फ़ोन लगाती है और खूब खरी खोयी सुनती है...
मगर संध्या कुछ नहीं बोलती उसे पूरा भरोषा था की अभी ऐसा नहीं क्र सकता...
तभी अभी घर आता है और संध्या को पूरी बात बताता है....
और रोटा हुआ अपने रूम में चला जाता है...
वही रोहन अपने रूम में बैठा हुआ था की तभी उसके फ़ोन बजता ह और एक क्लिप आता ह वह उसे देखता hai...Or उसकी आँख से फिर आंसूं गिरने लगते ह....
वह जल्दी से खड़ा होता ह और गाडी निकलता ह... महिमा उसे जाता देख पूछती है लेकिन वह कुछ नहीं बताता बस... रोटा हुआ बहार निकल जाता ह...
रोहन पूरी स्पीड में अपनी बाइक भगा रहा था... आंसूं रुकने का नाम नहीं ले रहे थे की... की तभी वह नोट करता ह की कोई गाडी उसका पीछा क्र रही है... जिसे देख रोहन घबरा जाता ह और अपनी बाइक और तेजी से भागने लगता है... फिर कुछ आगे जाकर वह देखता है तोह उसे गाडी नहीं दिखती वह बाइक रोकता ह और अभी को फ़ोन लगता ह...
अभी इस वक़्त आपने रूम में पड़ा सोच रहा था की यह सब क्यों किया निशा ने... तभी उसका फ़ोन बजा no देख उसके चेहरे पर वापस मुस्कान आ गई और झट से फ़ोन उठा लिया...
कॉल पर...
रोहन... ( रट हुए ) मुझे माफ़ क्र दे भाई मैंने तुझे गलत समझा...
अभी... ( रट हुए ) भाई भी बोलता ह और माफ़ी भी मांगता ह... खा ह तू बता मई अभी आ रहा हूँ...
रोहन कुछ बोलता की तभी उसे वह गाढ़ी तेजी से उसकी तरफ आती दिखती है...
रोहन... ( रोटा हुआ ) माफ़ करना भाई जो मैंने तुझपे शक किया... मेरे पास समय बहुत काम ह...
अभी.. कैसे बहकी बहकी बात क्र रहा ह भाई... खा है तू ृक्क मई वही आ रहा हूँ...
रोहन...( रट हुए ) अब कुछ नहीं हो सकता मेरे भाई बहुत देर हो चुकी ह... कुछ गुंडे मेरे पीछे पड़े ह.... एक वादा क्र मुझसे.. मेरी माँ मुझे बहुत प्यार करती ह उन्हें कभी मेरी कमी नहीं खेलने देगा...
अभी... ( रट हुए ) कुछ नहीं होगा तुझे भाई तू बता खा ह मई अभी आ रहा हूँ...
रोहन... हो सके तोह मुझे माफ़ क्र देना मेरे भाई और माँ का खिल रखना....
तभी वो गाडी तेजी से रोहन क करीब पहुँच जाती ह... इससे पहले अभी कुछ बोलता गाढ़ी रोहन को उदा क्र चली जाती ह .. और फ़ोन कट हो जाता अभी फ़ोन और चिल्लाते रहता ह लेकिन दूसरे साइड से कोई आवाज नहीं आती...
और वह... रोटा हुआ अपना सर पकड़ बैठ जाता ह.... तभी रूम में अभी की आवाज सुन संध्या और सोनाली आ जाती ह... संध्या को देख अभी उसे गले लगा लेता ह और फुट फुट क्र रोने लगता ह...
वही दूसरी तरफ महिमा... चिंता में इधर उधर घूम रही थी की तभी घर का फ़ोन बजता ह और वह कॉल पिक करती है...
कॉल पर...
अननोन... Hello.. क्या आप रोहन को जानते हो...
महिमा... ( चिंतित हो क्र...) जी वह मेरा बीटा ह... आप कोण...
अननोन... मई इंस्पेक्टर राजीव बोल रहा हूँ... आपके लड़के का... ****** रोड और एक्सीडेंट हुआ ह. . आप जल्दी hi यह आ जाए...
महिमा की तोह जैसे दुनिया hi ख़त्म हो गई.. वह रट हुए वही बैठ गई... और फुट फुट क्र रोने लगी...
इंस्प.. राजीव... Hello आप सुन रही है...
महिमा... ( रट हुए ) खा ह मेरा बीटा सब ठीक तोह है...
इंस्प... राजीव कुछ कह नहीं सकते... हम उसे ****** हॉस्पिटल में ले जा रहे ह आप जल्द hi आजाये...
और कॉल कट हो जाता ह महिमा वही बैठ क्र रोने लगी ह की... सोनम हॉल में आती ह और अपनी माँ को रोटा देख पूछती ह क्या हुआ लेकिन महिमा कुछ नहीं बताती बस रोटी रही ह...
फिर कुछ देर बाद उठ क्र सोनम क साथ तेज़ी से हॉस्पिटल की तरफ चली जाती ह... पुरे रास्ते सोनम बार बार माँ से पूछ रही थी की बात क्या लेकिन महिमा तोह जैसे कुछ सुन्न hi नहीं पा रही थी... बस रोए जा रही थी...
माँ को रोटा देख सोनम का भी दिल घबराने लगा और वह अभी को फ़ोन क्र देती ह... लेकिन अभी अपना फ़ोन नहीं उठा रहा था... उसकी घबराहट और बढ़ने लगी... की तभी टेक्सी रुकी हॉस्पिटल क सामने... और महिमा तेजी से अंदर चली गई... सोनम और घबराने लगी और टेक्सी के पैसे दे चल दी अपनी माँ के पीछे...
जैसे hi महिमा कोर्रिडोरे में पहुंची उसे साइड में एक पुलिस अफसर दिखा जिसका नाम राजीव था महिमा उसके पास जाती ह...
महिमा... ( रट हुए ) खा है मेरा बीटा...
इंस्प.. राजीव.... जी आप कोण... ?
महिमा... ( रट हुए ) जी मई रोहन की माँ खा ह मेरा बीटा.... वह ठीक तोह ह न...
उसके बाद इंस्प राजीव कांस्टेबल को कुछ बोलते ह... और फिर महिमा से... चलिए मेरे साथ...
सोनम पूरी बात सुन खुद को रोने से रोक न पाई और वह भी.. फुट फुट क्र रोने लगी... और अपनी माँ क साथ जाने लगी...
वही इंस्पेक्टर राजीव उन्हें एक रूम में ले गया झा... और एक बीएड की तरफ इशारा किया...
महिमा डरते हुए धीरे धीरे वंहा जाने लगी... बीएड इ पास जा जैसे hi उसकी नजर लड़के पर पड़ी... वह चींखती हुई बेहोश हो गई... सोनम ने जैसे hi बीएड की तरफ देखा वह भी... रोने लगी... और वही बैठ गई... इनकी ऐसे हालत देख इंस्प ने नर्स को बुलाया और महिमा को होश में लाया...
होश में आते hi महिमा फुट फुट क्र रोने लगी... और रोहन को गले लगा क्र फिर बेहोश हो गई... सोनम अपनी माँ की ऐसी हालत देख रट हुए अभी को फ़ोन करने लगी लेकिन अभी फ़ोन hi नहीं उठा रहा था...
तभी सोनम ने सोनाली को फ़ोन लगाया और जिसे सोनाली ने कुछ hi घंटी बाद उठा लिया... फिर सोनम ने रट हुए सोनाली को सब बता दिया... जिससे सुन्न... सोनाली क भी आँख से आंसूं नहीं रुके...
इस वक़्त सोनाली अभी क रूम में hi थी... और अभी की हालत देख रो रही थी... लेकिन सोनम की बात सुन्न उसे बड़ा झटका लगा और वह रट हुए बीएड पर बैठ गई...
संध्या जो इस वक़्त अभी को शांत करने की कोशिश क्र रही थी इस तरह सोनाली को रोटा देख चौंक गई...
संध्या... ( घबराते हुए ) क्या हुआ सोनू किसका फ़ोन था....
फिर सोनाली ने रट हुए माँ को सब कुछ बताया जिससे सुन संध्या क भी आँख से आंसूं निकल गए...
तभी अचानक अभी रट रट बेहोश हो गया... जिसे देख सोनाली घबरा गई... और जोर से रोने लगी...
संध्या ने जब अभी की तरफ देखा वह भी घबरा गई और पानी क छींटे मार उसे जगाने की कोशिश करने लगी लेकिन अभी को होश में न आता देख तुरंत... सूर्यवीर को फ़ोन क्र दी डॉक्.. के साथ जल्द hi आने का बोल दी...
करीब 1 घंटे बाद सूर्यवीर डॉक्टर क साथ आये और अभी को चेक किया...
संध्या...( रट हुए ) क्या हुआ है मेरे बच्चे को... वह ठीक तोह है न..
डॉक्टर... देखेंगे घबराने की कोई जरुरत नहीं है... गहरा जतका लगने से इसका खून ठंडा पद गया है जिस वजह से यह बेहोश हो गया... सुबह तक इसे होह आ जायेगा... मई अभी इससे इंजेक्शन दे देता हूँ...
इतना बोल डॉक्टर अभी को इंजेक्शन दे चले जाते है... की तभी सूर्यवीर पूछते है की यह सब कैसे हुआ... तोह संध्या रट हुए सुबह से लेकर अब तक का हाल सूर्यवीर को सुना देती है....
सूर्यवीर भी अपनी आँखों को नाम होने से नहीं रोक पाए...
सूर्यवीर... ( कुछ सोचते हुए ) चलो संध्या... महिमा को हमारी जरुरत ह...
संध्या भी यह बात बखूबी जानती थी... इसीलिए बिना कुछ बोले सूर्यवीर क साथ चल दी हॉस्पिटल... और सोनाली को अभी की देखभाल क लिए छोड़ गई....
वही हॉस्पिटल मई महिमा बेसुध सी पड़ी थी... तभी संध्या भी वंहा पहुंच गई... संध्या को देख महिमा रट हुए उसके गले पड़ गई... और फुट फुट क्र रोने लगी.... मातम सा माहौल हो गया.. था.. सूर्यवीर भी... खुद को रोने से न रोक पाए...
फिर कुछ बाद खुद को संभल... कुलदीप को फ़ोन लगा देते है और उन्हें सब कुछ बता देते है... कुलदीप भी रोने लगते है... और अगली फ्लाइट से आने का बोल फ़ोन रख देते है.. वही संध्या महिमा को सँभालने की कोशिश क्र रही मगर वह चुप hi नहीं हो रही थी.... और फिर दोबारा रट रट बेहोश हो गई...
सोनम से यह सब देखा नहीं जा रहा था... इसलिए वह कमरे से निकल लॉबी मई बैठ क्र रोने लगी...
ऐसे hi यह काली रात निकल गई...
सोनाली पूरी रात सो नहीं पाई उसे बस अभी की फ़िक्र हो रही थी...
कुलदीप भी सुबह 5 बजे सेहर मई आ जाते है और तुरंत हॉस्पिटल मई पहुंच जाते है... वह भी अपने बेटे को देख फुट फुट क्र रोने लगते है... महिमा जो कुछ देर सम्ब्ली थी वह भी.. रोने लगे...
सुबह के 8 बजे... इंस्पेक्टर राजीव आते है और कुलदीप से पेपर्स पर सिग्न करा बॉडी सोमप चले जाते है... कुलदीप भी रोहन की बॉडी को एम्बुलेंस में लेकर घर चल देते है... घर पहुंच सभी रिश्तेदार को फ़ोन क्र बुलाते है...
करीब 10 बजे अभी को होश आता है... वह उठ क्र बैठता है की उसी कल का वाकया याद आता ह तोह आंसूं खुद बी खुद उसकी आँखों से गिरने लगते ह.... सोनाली उसके पास hi हठी थी झट से अभी को गले लगा लेती ह और चुप करवाने की कोशिश करती है... लेकिन आंसूं वह खुद क नहीं रोक पा रही थी...
तभी अभी को कुछ याद आता है और वह उठ क्र खड़ा होता है और बहार की तरफ जाता ह.... सोनाली भी उसके पीछे जाती है... अभी बहार जा अपनी कार स्टार्ट करता है सोनाली तुरंत उसके पास बैठ जाती है और अभी हवा से भी तेज कार दौड़ा देता जो सिदा जा रोहन क घर रूकती है....
अभी दौड़ता हुआ अंदर जाता h...Lekin जैसे hi हॉल में एंटर करता ह उसकी आँखों से आंसू बहने लगते है... वह रोहन क पास जाने को होता है तभी...
चट्ट्कककककक चट्ट्कककककक चट्ट्कककककक तीन थप्पड़ उसके गाल पर पड़ते है... सभी लोग शॉकेड हो उस शख्स को देखने लगते है....
महिमा.... ( रट हुए गुस्से से ) क्यों आया है यह...
अभी... ( रट हुए ) माँ आप गलत...
अभी आगे कुछ बोलता उससे पहले... चट्ट्कककककक इक और थप्पड़ उसके गाल पर पड़ा...
महिमा... मत बोल मुझे अपनी गन्दी जुबान से माँ.... निकल जा यह से और आज क बाद अपनी सकल भी मत दिखाना....
अभी... ( रट हुए ) आप गलत समझ रहे हो...
महिमा... ( गुस्से में चिल्लाते हुए ) सुना नहीं मैंने क्या खा निकल जा यह से...
कुलदीप... महिमा यह तुम क्या क्र रही हो शांत हो जाओ... इसमें इसकी क्या गलती...
महिमा... ( रट हुए ) इसी की वजह से मेरा बीटा मारा है.... न इससे झगड़ा होता और न वह रात में घर से निकलता...
कुलदीप... महिमा खुद को सम्भालो कैसी बहकी बहकी बातें क्र रही हो...
महिमा... ( रट हुए ) आपको मेरी कसम आज मेरे बिच में मत आइये... ( और अभी से ) तूने सुना नहीं निकल जा मेरे घर से बहार...
अभी... ( रट हुए घुटनो क बल बैठ जाता है ) बस एक आखिरी बार मई रोहन को...
महिमा... ( चींखते हुए ) मत ले मेरे बेटे का नाम अपनी गन्दी जुबान से... चला जा यह से वर्ण में कुछ क्र बैठूंगी..
इतना बोल दिंनिंग टेबल से चाक़ू उठा हाथ और रख लेती है... जिससे देख अभी घबरा जाता है और पलट क्र जाने लगता ह... तभी सोनम जो एंटी देर से सब देख रही थी.. रट हुए अभी की तरफ भगति ह की तभी महिमा उसका हाथ पकड़ लेती है...
सोनम... ( रट हुए ) छोड़ दो माँ... ( और अभी से ) भैया मत जाओ मुझे अकेला छोड़ क्र...
अभी रोटा हुआ सोनम की तरफ बढ़ने लगता है की सोनाली जो इतनी देर से सब देख रही थी अभी का हाथ पकड़ लेती है... और उसे बहार ले जाने लगती है... सोनम रट रट वही घुटनो क बल बैठ जाती ह...
सोनम... ( रट हुए ) माँ रोक लो उन्हें... भैया...
इतना बोल बेहोश हो जाती ह... अभी सोनम को देख सोनाली से हाथ छुड़ा उसकी तरफ जाने लगता ह की तभी महिमा फिर से चाक़ू अपनी गर्दन पर रख उसे बहार जाने को बोलती है...
सोनम की हालत देख अभी को बहुत गुस्सा आने लगा... उसने एक बात महिमा की तरफ देखा... अभी भी वह चाक़ू गर्दन पर रख कड़ी हुई थी...
अभी... ( गुस्से में ) आंटी बहुत पछताओगी आप जिस दिन आपको सच पता चलेगा लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होगी.... आप चाहती हो न ठीक है आजके बाद कभी आपको यह सकल देखने को मौका नहीं मिलेगा...
और बहार निकल जाता है... उसके पीछे पीछे सोनाली और माँ डैड भी बहार आ जाते है...
अभी... माँ एंड डैड आओ जाओ आपको उन्हें संभल न है और दी आप भी.. सोनम का खिल रखना... इतना बोल बिना कुछ सुने निकल जाता है....
और इसी तरह वक़्त निकलने लगता ह... 1 मंथ बाद...
महिमा... अपने रूम मई रोहन की यादो में खोयी हुई थी की तभी उसका फ़ोन बजा...
उसने फ़ोन उठा क्र देखा तोह... एक वीडियो क्लिप उसके फ़ोन में आती है जिससे देख वह फुट फुट क्र रोने लगी.... और कुछ देर बाद कुलदीप को फ़ोन क्र सब बता देती है...
कुलदीप... मैंने तोह तुमसे पहले hi खा था... लेकिन ममता ने तुम्हे अँधा क्र दिया था...
महिमा... ( रट हुए ) वह मुझे माफ़ तोह क्र देगा न...
कुलदीप... अभी कुछ नहीं हो सकता.... सब ख़त्म क्र दिया तुमने... ( रट हुए ) मैंने देखि है उसकी हालत... अब बेहतर यही होगा की तुम उससे दूर hi रो...
महिमा... ( रट हुए ) कैसे रहु मई आप समझ नहीं रहे हो मुझपर क्या बीत रही है...
कुलदीप... क्या तुम समझी थी उसपर क्या बीती थी... जब तुमने उसे धक्के मार घर से बहार निकल दिया था...
महिमा.. को तब अभी की लास्ट में कही बात याद आ जाती है...
महिमा... ( रट हुए ) तोह क्या वह मुझे माँ कहके नहीं पुकारेगा...
कुलदीप... शांत हो जाओ महिमा... और सब वक़्त पर छोड़ दो वक़्त गहरे से गहरे गांव भर देता है...
महिमा... लेकिन सोनम...
कुलदीप... ( रट हुए ) भूल से भी उसे अभी सोनम के बारे में मत बताना वह पहले से टुटा हुआ... है... कुछ सँभालने की कोशिश क्र रहा है उसे फिर से मत टॉड देना...
महिमा.. लेकिन कभी तोह उसे बताना hi पड़ेगा तब क्या होगा...
कुलदीप... तब की तब देखेंगे अभी इस बात का जिक्र किसी से मत करना... चलो bye... मई फ़ोन रखता हूँ...
और कॉल कट हो जाता है... महिमा के कानो मई अभी भी अभी के आखिरी सब्द चुभ रहे थे... स्पेशलय " आंटी " वह सब याद क्र वह फिर से रोने लगी और वही सो गई....