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- Dec 5, 2013
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अपडेट :-37
अब आगे :-
इन एक साल में मेने अपनी सभी पत्नियों को और उनकी माँ और भाभियो का ाचा ख्याल भी रखा , चुदाई भी बहुत करि और उनको मेने लुंड चूसना , मुँह में लेना, गांड मारने के बारे में भी बता दिया था बूत मेने अपनी पत्नियों की गांड नहीं मारी थी . उनकी माँ और भाभियो की मार ली थी गांड . ोगा hi अब वह का काम देखता है .
फ्लैशबैक फिनिश्ड]
में जंगल में सिर्फ कुछ देर अपनी पत्नियों से मिलता हु और वापस कॉलेज के लिए जल्दी निकल जाता हु . कॉलेज पहुंचने के बाद में कैंटीन में अपने दोस्तों के साथ बैठता हु . अब पीहू भी हमारे hi ग्रुप का part थी जैसे सुहाना थी . हम सब ऐसे hi बाते करते है . अभी 1सत लेक्चर स्टार्ट होम में 30 मं बाकी थे . हम लोग बोर भी हो रहे थे . तब दिया अंतराक्षरी खेलने को बोलती है जिसे सुहाना बोलती है की अब हम बच्चे नहीं है . दिया जवाब देती है की अंतराक्षरी कोई भी खेल सकता है बचे हो या बुड्ढे . फिर सब पहले से बोर hi हो रहे थे तो एग्री कर लेते . फिर वही सांग दिया स्टार्ट करती है अपनी ऊँगली एक एक करके सब पर लेट हुए .
दिया............ बैठे बैठे क्या करे करना है कुछ काम शुरू करे अंतराक्षरी लेके प्रभु जी का नाम .
ऊँगली का इशारा पहले कार्तिक की तरफ आता है . वो एक बेसुरा सांग सुनाता है . फिर रवि और फिर वीणा . वो दोनों ठीक थक गेट है . फिर बारी आती है सुहाना की बारी . उसका शब्द आ आता है .
सुहाना................
आँखों में तेरी
अजब सी, अजब सी, अदाएं हैं
हो….........
दिल को बना दें जो पतंग
सांसें ये तेरी वो हवाएं हैं
तेरे साथ साथ ऐसा
कोई नूर आया है
चाँद तेरी रौशनी का
हल्का सा इक साया है
तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हश्र्र
असारर ये हुआआआ
अब इनमें Hi दुबके हो जाऊं पार
एहि है दुआ
में........... गुड सांग .
सुहाना....... थैंक्स .
दिया............ अब पीहू तुम्हारा भी आ से hi है .
फिर पीहू एक मस्त सांग जाती है . में भी उसकी टैरिफ करता हु अब बरी दिया की थी जिसका सांग की से था .
दिया.............. ( मेरी आँखों में देखते हुए )
किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूँ न
देख लो इधर तो एक बार मैं हूँ न
खामोश क्यों हो जो भी कहना है कहो
दिल चाहे जितना प्यार उतना मांग लूओ...
तुमको मिलेगा उतना प्यार मैं हूँ न आ
किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूँ न
देख लो इधर तो एक बार मैं हूँ न
में................
नायक नहीं खलनायक हूँ मैं
ज़ुल्मी बड़ा दुःखदायक हूँ मैं
है प्यार क्या मुझको क्या खबर
बस यार नफ़रत के लायक हूँ मैं
नायक नहीं खलनायक हूँ मैं
रवि............... क्या यारर इतना रोमांटिक माहौल बना था उसका पूरा सत्यानाश कर दिया.
कार्तिक.......... है ीरर्र .
में............ कॉलेज है पार्क नहीं जो रोमांटिक माहौल चाहिए . चलो में तो चला क्लास में .
ये कहकर में चल दिया क्लास में . उसके बाद कॉलेज ओवर होने के बाद में पहले अपने घर जाता हु . वह से में आकर पहले अपने रूम में जाता हु . फ्रेश होकर में पहले दीदी के रूम में जाता हु . वो भी अभी hi कॉलेज से आयी थी . में उनके पास जाकर बस ऐसे hi कुछ बाते करता हु और उनको एक किश कर बहार आजाता हु . वैसे टीना हमसे पहले hi स्कूल से आ जाती है . में फिर अपने दूसरे घर चला जाता हु . वह से में माँ से कुछ बाते करता हु . अब मेरा लगाव भी माँ और जहान्वी के साथ बढ़ चूका था . मेरे लिए जहान्वी भी मेरी टीना जैसी hi थी . फिर में अपने रूम में जाता हु . वह ज्यादा कुछ था नहीं . फिर में जहान्वी से भी मिलता हु . उससे भी बहुत बाते होती है . बातो बातो में वो बताती है की नताशा और रोहित कल आ जायेगे . में उससे पूछता हु की इतनी जल्दी क्यों आना हुआ. उसका जवाब जहान्वी सिर्फ पता नहीं कहके देती है . फिर में अंजलि के पास भी मिलने जाता हु . वह कुछ देर मुलाक़ात के बाद में अपने घर आ जाता हु . घर पर टीना नहीं थी . आयुषी हॉल में टीवी देख रही थी . में अपने रूम में चला जाता हु . मेरा मोबाइल पर एक मैसेज आता है . वो प्राची का था . वो मुझसे शायद नाराज़ थी . में बहुत समय से प्राची से नहीं मिला था . उसके मैसेज में भी लिखा था की में आज कल कोनसी दुनिया में हु या फिर उसे भूल गया हु . में उसके मैसेज का रिप्लाई देता हु 30 मं बाद अपने घर के बहार रेडी होकर मिलो . ये टाइप कर में अपनी बाइक लेकर चल देता हु प्राची के घर . 30 मं बाद में वह पहुंच जाता हु . वह प्राची पहले से hi कड़ी थी . उसने वाइट ड्रेस पहनी थी .
प्राची मुझे देख मेरे पास आ जाती है . में उससे बाइक के पीछे बैठने को बोलता हु . वो भी चुप चाप बैठ जाती है . में उसको बाइक पर बिठाकर बाइक चला देता हु .
प्राची......... मर. कहा लेके जा रहे हो मुझे .
में.......... लगता है बहुत नाराज़ हो .
प्राची........(
) है हु . इतने दिन मेरी याद नहीं आयी क्या .
में............ बहुत आयी .
प्राची......... झूठे . अगर आयी होती तो मुझसे जरूर मिलते
में........... ारी माय डार्लिंग में कॉलेज के काम में फसा हुआ था इसलिए . अबसे ध्यान रखुगा .
प्राची........... गुड
फिर में उसे अपने साथ शॉपिंग पर लेकर जाता हु . वह में उसको शॉपिंग करवाता हु . कहता है न फ्रेमलेस को शॉपिंग बहुत पसंद है . फिर में उसके साथ खाना खाता हु . फिर उसको उसके घर छोड़ देता हु.
फिर में अपने घर आ रहा होता हु रास्ते में मुझे टीना का कॉल आता है . में कॉल पिक करता हु तो प्रियांशी बात करती है .
आज के लिए इतना hi गाइस. रेवोस जरूर देना. तबतक के लिए .
अब आगे :-
इन एक साल में मेने अपनी सभी पत्नियों को और उनकी माँ और भाभियो का ाचा ख्याल भी रखा , चुदाई भी बहुत करि और उनको मेने लुंड चूसना , मुँह में लेना, गांड मारने के बारे में भी बता दिया था बूत मेने अपनी पत्नियों की गांड नहीं मारी थी . उनकी माँ और भाभियो की मार ली थी गांड . ोगा hi अब वह का काम देखता है .
फ्लैशबैक फिनिश्ड]
में जंगल में सिर्फ कुछ देर अपनी पत्नियों से मिलता हु और वापस कॉलेज के लिए जल्दी निकल जाता हु . कॉलेज पहुंचने के बाद में कैंटीन में अपने दोस्तों के साथ बैठता हु . अब पीहू भी हमारे hi ग्रुप का part थी जैसे सुहाना थी . हम सब ऐसे hi बाते करते है . अभी 1सत लेक्चर स्टार्ट होम में 30 मं बाकी थे . हम लोग बोर भी हो रहे थे . तब दिया अंतराक्षरी खेलने को बोलती है जिसे सुहाना बोलती है की अब हम बच्चे नहीं है . दिया जवाब देती है की अंतराक्षरी कोई भी खेल सकता है बचे हो या बुड्ढे . फिर सब पहले से बोर hi हो रहे थे तो एग्री कर लेते . फिर वही सांग दिया स्टार्ट करती है अपनी ऊँगली एक एक करके सब पर लेट हुए .
दिया............ बैठे बैठे क्या करे करना है कुछ काम शुरू करे अंतराक्षरी लेके प्रभु जी का नाम .
ऊँगली का इशारा पहले कार्तिक की तरफ आता है . वो एक बेसुरा सांग सुनाता है . फिर रवि और फिर वीणा . वो दोनों ठीक थक गेट है . फिर बारी आती है सुहाना की बारी . उसका शब्द आ आता है .
सुहाना................
आँखों में तेरी
अजब सी, अजब सी, अदाएं हैं
हो….........
दिल को बना दें जो पतंग
सांसें ये तेरी वो हवाएं हैं
तेरे साथ साथ ऐसा
कोई नूर आया है
चाँद तेरी रौशनी का
हल्का सा इक साया है
तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हश्र्र
असारर ये हुआआआ
अब इनमें Hi दुबके हो जाऊं पार
एहि है दुआ
में........... गुड सांग .
सुहाना....... थैंक्स .
दिया............ अब पीहू तुम्हारा भी आ से hi है .
फिर पीहू एक मस्त सांग जाती है . में भी उसकी टैरिफ करता हु अब बरी दिया की थी जिसका सांग की से था .
दिया.............. ( मेरी आँखों में देखते हुए )
किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूँ न
देख लो इधर तो एक बार मैं हूँ न
खामोश क्यों हो जो भी कहना है कहो
दिल चाहे जितना प्यार उतना मांग लूओ...
तुमको मिलेगा उतना प्यार मैं हूँ न आ
किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूँ न
देख लो इधर तो एक बार मैं हूँ न
में................
नायक नहीं खलनायक हूँ मैं
ज़ुल्मी बड़ा दुःखदायक हूँ मैं
है प्यार क्या मुझको क्या खबर
बस यार नफ़रत के लायक हूँ मैं
नायक नहीं खलनायक हूँ मैं
रवि............... क्या यारर इतना रोमांटिक माहौल बना था उसका पूरा सत्यानाश कर दिया.
कार्तिक.......... है ीरर्र .
में............ कॉलेज है पार्क नहीं जो रोमांटिक माहौल चाहिए . चलो में तो चला क्लास में .
ये कहकर में चल दिया क्लास में . उसके बाद कॉलेज ओवर होने के बाद में पहले अपने घर जाता हु . वह से में आकर पहले अपने रूम में जाता हु . फ्रेश होकर में पहले दीदी के रूम में जाता हु . वो भी अभी hi कॉलेज से आयी थी . में उनके पास जाकर बस ऐसे hi कुछ बाते करता हु और उनको एक किश कर बहार आजाता हु . वैसे टीना हमसे पहले hi स्कूल से आ जाती है . में फिर अपने दूसरे घर चला जाता हु . वह से में माँ से कुछ बाते करता हु . अब मेरा लगाव भी माँ और जहान्वी के साथ बढ़ चूका था . मेरे लिए जहान्वी भी मेरी टीना जैसी hi थी . फिर में अपने रूम में जाता हु . वह ज्यादा कुछ था नहीं . फिर में जहान्वी से भी मिलता हु . उससे भी बहुत बाते होती है . बातो बातो में वो बताती है की नताशा और रोहित कल आ जायेगे . में उससे पूछता हु की इतनी जल्दी क्यों आना हुआ. उसका जवाब जहान्वी सिर्फ पता नहीं कहके देती है . फिर में अंजलि के पास भी मिलने जाता हु . वह कुछ देर मुलाक़ात के बाद में अपने घर आ जाता हु . घर पर टीना नहीं थी . आयुषी हॉल में टीवी देख रही थी . में अपने रूम में चला जाता हु . मेरा मोबाइल पर एक मैसेज आता है . वो प्राची का था . वो मुझसे शायद नाराज़ थी . में बहुत समय से प्राची से नहीं मिला था . उसके मैसेज में भी लिखा था की में आज कल कोनसी दुनिया में हु या फिर उसे भूल गया हु . में उसके मैसेज का रिप्लाई देता हु 30 मं बाद अपने घर के बहार रेडी होकर मिलो . ये टाइप कर में अपनी बाइक लेकर चल देता हु प्राची के घर . 30 मं बाद में वह पहुंच जाता हु . वह प्राची पहले से hi कड़ी थी . उसने वाइट ड्रेस पहनी थी .
प्राची मुझे देख मेरे पास आ जाती है . में उससे बाइक के पीछे बैठने को बोलता हु . वो भी चुप चाप बैठ जाती है . में उसको बाइक पर बिठाकर बाइक चला देता हु .
प्राची......... मर. कहा लेके जा रहे हो मुझे .
में.......... लगता है बहुत नाराज़ हो .
प्राची........(
में............ बहुत आयी .
प्राची......... झूठे . अगर आयी होती तो मुझसे जरूर मिलते
में........... ारी माय डार्लिंग में कॉलेज के काम में फसा हुआ था इसलिए . अबसे ध्यान रखुगा .
प्राची........... गुड
फिर में उसे अपने साथ शॉपिंग पर लेकर जाता हु . वह में उसको शॉपिंग करवाता हु . कहता है न फ्रेमलेस को शॉपिंग बहुत पसंद है . फिर में उसके साथ खाना खाता हु . फिर उसको उसके घर छोड़ देता हु.
फिर में अपने घर आ रहा होता हु रास्ते में मुझे टीना का कॉल आता है . में कॉल पिक करता हु तो प्रियांशी बात करती है .
आज के लिए इतना hi गाइस. रेवोस जरूर देना. तबतक के लिए .