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- Dec 5, 2013
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विपक्ष अध्यक्ष:- हां तो मामला संभाल लिया ना..
अनुप्रिया:- अध्यक्ष महोदय जी हम गुलाम बनाते है, ना कि सवाल जवाब करने वाले मुक्त व्यक्ति, जो हमारे ही अस्तित्व को चुनौती दे। पिछले कई दिनों से प्रवचन कम और युवाओं के सवाल ज्यादा होते है। हर कहे शब्द का अर्थ और भावार्थ के पीछे पड़ जाते है। और ये सब बस हुआ है आप लोगो के वजह से।
दोनो अध्यक्ष एक साथ… "हम समझे नहीं?"
रुद्रा:- जैसे आप लोग अपने प्रचार के लिए पहले दंगे फसाते हो और फिर खुद वहां पहुंचकर सुर्खियां बटोरते हो, वैसे ही स्टूडेंट पॉलिटिक्स कर रहे कुछ छात्र और छात्राओं ने मिलकर मीडिया आटेंशन पाने के लिए, एक प्रिंसिपल को घेरने का प्लान किया था, और वहां बीच में आ गया मंत्री जी का मुंह बोला बेटा, अपस्यु।
होम मिनिस्टर:- मै अपने बेटे को तो आज तक कहीं पहुंचने से रोक नहीं पाया, फिर वो तो सौरव से कहीं ऊंची चीज है। कहना ग़लत नहीं होगा कि कलिका अगर अपस्यु से शादी का प्रस्ताव रखती तो वो अकेला तुम सब के कैरियर ग्राफ को ऊंचाई पर पहुंचा देता, वो भी बिना एक भी क्राइम और गैर कानूनी गतिविधियों में हाथ डाले।
होम मिनिस्टर की बात सुनकर सभी हसने लगे। अनुप्रिया हंसती हुई कहने लगी… "शायद आपको पता नहीं मंत्री जी, कलिका उसकी सौतेली बहन है, और मै उसकी सौतेली मां। एक बात तो है, चन्द्रभान कि बुद्धि उसके बच्चो में कुट कूटकर भरी है, हां लेकिन उस लड़के का अभिभावक गुरु निशी था, इसलिए हमारे काम में बाधा बनने की सोच रहा है।
इस सच्चाई के बाद तो वहां मौजूद सारे अतिथि बिल्कुल दंग रह गए। अनुप्रिया सच्चाई से पर्दा उठती हुई सारी बातें बता दी, वो भी ऑडियो विजुअल प्रूफ के साथ जहां अनुप्रिया अपने सभी पुराने पार्टनर्स के ऊपर सर्विलेंस रखी हुई थी। इसी के साथ इस सच का भी उसने खुलासा कर दिया की क्यों वो केवल लोकेश राठौड़ को मारना चाह रही थी और बाकियों को नहीं, क्योंकि उनके पुराने साथी ने कभी अनुप्रिया और महिदीपि का रास्ता नहीं काटा।
अंत में महिडीपि…. "अब जब हमे उसकी योजना के बारे में पता है कि वो 2 लाख करोड़ के हवाले में हमसे डील करेगा, तो उसके ड्रीम प्रोजेक्ट को हम टेकओवर करते है। 4 लाख करोड़ रुपया लगभग 55000 मिलियन डॉलर, ये कुबेर का खजाना हमारे हाथ लगने वाला है। उसे सोचने दो की वो प्लान कर रहा है और यहां हम उसके प्लान को टेकओवर करेंगे। मंत्री जी आपकी पॉलिटिक्स क्या कहती है, आप तो उसके बहुत बड़े फैन है।
होम मिनिस्टर:- मै उसका फैन हूं और वो बहुत बड़ा ज्ञानी भी है। लेकिन राजनीति शास्त्र का थोड़ा कम ज्ञान है। मेरा फर्ज बनता है कि उसे इस ज्ञान में भी पारंगत करवा दू।
रुद्रा:- हम्मम ! फिलहाल तो वो अभी मियामी में है और अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बचे हुए अमाउंट के लिए हाथ पाऊं मरेगा। देखते है कब तक वो रकम जमा करते है? उसे अपना प्लान करने देते है और हम बस आराम से उन पर नजर बनाए रखते है। आप सबका बहुत बहुत शुक्रिया, जीत की रकम का आधा हिस्सा हमारा होगा, और आधे हिस्से आप लोगों का।
सभा उसी के साथ समाप्त हो गई। जाते-जाते बावरा सौरव एक बार फिर कलिका के होंठ चूमते हुए पूछने लगा… "कल फ्री हो क्या?"
कलिका:- नीचे ज्यादा जोश मार रहा है तो यहां बहुत से व्यवस्था है, आओ और एन्जॉय कर लेना, शर्माना नहीं।
सौरव:- नाह तुम्हारे बिना दिल को चैन नहीं मिलेगा।
कलिका हंसती हुई… "दिल को या नीचे तुम्हारे.. खैर थोड़ा इंतजार करो इंगेजनेंट की डेट फिक्स करो, उस रात हम पुरा एन्जॉय करेंगे, वो भी विदेशियों को टक्कर देने वाले स्टाइल में।"..
सौरव उतावला होकर वहां से निकला और कलिका वापस आकर बैठ गई, अपनी फैमिली मीटिंग में। सबसे पहले तो सबने उसे शादी की बधाइयां दी फिर आगे की बात शुरू हो गई…
कलिका:- हमने जल्दबाजी तो नहीं कि ना इन लोगो को सामिल करके।
रुद्रा:- नहीं, इनकी मनसा जानने के लिए हमे वक़्त चाहिए था। सौरव से शादी का डिसीजन मास्टर स्ट्रोक है, होम मिनिस्टर शायद अपने रिश्तेदारी को ही मजबूत करे लेकिन पैसा का मतलब पॉवर होता है, इसलिए योजना के अंत में उसे यदि लेते और वो कहीं हम दोनों (अपस्यु और अनुप्रिया की टीम) को किनारे करके सारा माल हड़प कर जाता, तो हम उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकते थे। अभी तो 24 घाटे सर्विलेंस है उन सबके ऊपर।
युक्तेश्वर:- उसका भाई आरव जो मायलो ग्रुप देख रहा है, वो हमारे कंपनी को एक परसेंट भी टारगेट नहीं कर रहा, बल्कि अपना पूरा ध्यान नए नए टेंडर में दे रहा है जिसमें उसकी मदद उसका शसुर कर रहा है।
महिदीपु:- जल्दी से 2 लाख करोड़ जमा करने है ना इसलिए कंपीटेशन करने के बदले पुरा फोकस वहीं दिया है। एक तरह से ठीक भी है, हमारे लिए ही कर रहा है। हो सके तो उस ओर के सारे काम तुम लोग छोड़ दो और प्रोफिट के लिए सेंट्रल के टेंडर के बदले राज्यो के टेंडर उठाओ। रेगुलर मैन्युफैक्चरिंग को प्रमोट करो।
रुद्रा:- सात्विक आश्रम की ब्रांच ना खोल ले पिताश्री। (हॉल में सभी लोगो के हसने की आवाज) .. बस बस.. बिजनेस का आईडिया नहीं है और ज्ञान देते है लंबा चौड़ा। हम बिजनेस देख लेंगे, आप पहले आश्रम का कहिए, वहां जो उस सौतेले ने हंगामा करवाया है उसपर क्या एक्शन लिया जाए।
कलिका:- "भईया वो प्रायोजित एक्शन नहीं है। मैं लगातर उसके आस पास नजर बनाए हूं। उल्टा अपस्यु ने उन लड़कियों के ग्रुप को अपने फ्लैट में ही रखा है ताकि मीडिया आटेंशन पाने के लिए, वो चिप हरकत ना कर सके। अपस्यु के कई सारे कॉन्टैक्ट्स, उसके यहां दिल्ली आने के पूर्व से आश्रम आते है, इसका मतलब ये तो नहीं कि हम सब पर शक करते रहे।"
"वैसे भी मां और मामा का दिमाग मेहनत पर नहीं लगता, इन्हे फ्री में पैसा चाहिए। दोनो को बोलो भक्तो के सवाल का पूर्ण निराकरण करे, ताकि लोगो की आस्था बनी रहे। और किसी भी कीमत पर स्टूडेंट को ना छेड़े, क्योंकि उन्हें भनक भी लगी कि सात्त्विक आश्रम के कारन उन्हें मीडिया आटेशन मिल रहा है, फिर यहां पहले नए स्टूडेंट्स आएंगे और बाद में नए नए बखेरे। और विश्वास मानो हम एक स्टूडेंट को गायब करेंगे, तो अगले दिन एक पुरा कॉलेज यहां घेराव कर देगा।"
"एक बात और हम ये मानकर चलेंगे की अब से जो भी स्टूडेंट आ रहे है, उसे अपस्यु भेज रहा है, एक छोटी सी भुल और हम लाइमलाइट में। इसलिए अपने ठरकी चलो को संभाल लेना आप लोग। आज कल बाबा और उनके चेलों के एमएमएस बहुत लीक हो रहे है।
अनुप्रिया:- इस बात से मै सहमत हूं, सब शांत दिखता है इसका ये मतलब की लोग शांत बैठे है। हर किसी पर हम नजर दिए है इसका ये मतलब नहीं कि वो हमसे नजर बचाकर अपनी योजना नहीं बना रहा होगा। जबतक अपस्यु के साथ डील नहीं हो जाता और डील के बाद उसे और उसके साथियों को मारकर हम एक बड़ा सबूत नहीं मिटा देते, तबतक कोई गलती नहीं करेगा। भले वो लड़का अपस्यु हमारे खिलाफ प्लान करे या ना करे।
हंस:- वैसे वो अभी कहां प्लान कर रहे है…
लगभग 10000 फिट की ऊंचाई, शयं श्यां हवा को चिड़ने की आवाज। गुरुत्वाकर्षण के वेग से नीचे गिरते अपस्यु और ऐमी। दोनो हाथ से हाथ पकड़े तेजी के साथ नीचे आ रहे थे।
हेलमेट में लगा मीटर ऊंचाई मानक बता रहा था। 4000, 2000, 1000, 800, 700, 600, 500, 400, 300.. और ये खुला पैराशूट और दोनो फिर भी काफी तेजी के साथ नीचे आए जो कंट्रोल होते होते जमीन तक को छू ही गया और दोनो धराम से मुंह के बल नीचे…
ऐमी कपड़ों से घुल झारते हुए खड़ी हुई… "मज़ा आ गया बेबी, लेकिन ये 300 फिट पैराशूट को कंट्रोल नहीं कर पाता, थोड़ा और ऊपर खोलना होगा।"…
अपस्यु:- हां सही कही.. वैसे मैं सोच रहा था 20000 फिट की ऊंचाई से कूदेंगे और पैराशूट ऊपर ही खोल लेंगे तो हम कहां पहुंचेंगे…
ऐमी:- पैराशूट में खाना अटकाने की भी व्यवस्था कर लेना, क्योंकि पता ना हम कितने दिन हवा में ही रह जाए।
अपस्यु:- हा हा हा हा हा… हां ये सही कहा तुमने। चलो चला जाए।
दोनो एक दूसरे के होंठ से होंठ मिलाते हुए चूमे और पैदल ही वहां से निकल गए।….. "आह मियामी बीच देख लो तो मन हरा भरा हो जाता है।".. अपस्यु साथ चलते हुए कहने लगा…
"अच्छा, और यहां का नज़ारा कैसा है फिर।"… ऐमी अपने शरीर के ऊपर बांधी पतली सी ड्रेस उतारती हुई कहने लगी, जो उसने ऊपर पहन रखा था।
"उफ्फ क्या फिगर है। मार डाला तुमने तो। अब जल्दी से ढक लो, वरना दूसरे भी देख लेंगे"… बीच पर बिकनी सेट में देखकर अपस्यु के होश उड़े।..
"नाह मै कितनी सेक्सी दिखती हूं, ये लोगो के नजरो और एक्सप्रेशन को काउंट करके तुम्हे बताउंगी।"…
"मै तो बस छेड़ रहा था तुम्हे, मेरी नजर फिसल सकती है क्या?"… अपस्यु वो ड्रेस उठाकर उसपर से धूल झारकर ऐमी के ओर बढ़ाते हुए कहने लगा।
"निकल गई होशियारी।"… ऐमी ड्रेस को वापस पहनती हुई कहने लगी।
"वैसे ये पतली सी सिफोन की ड्रेस जब तुम पहने रहती हो तब अंदर इतना हॉट फिगर छिपा होगा पता नहीं चलता।"..
"तुम भी तो अपने टी-शर्ट और जीन्स जब निकालते हो, फिर पता चलता है कि अंदर कैसी अथेलीट बॉडी छिपा रखी है।"
"मै क्या सोच रहा था चलकर क्यों ना एक दूसरे कि बॉडी को देखा जाए की कितना मेंटल करके रखा है हमने।"..
"बेबी अभी घर चलो, आज हमे कुछ और भी काम है।"…
दोनो मियामी बीच से अपने घर लौट आए, आते ही अपस्यु आराम से हॉल में बैठा और कंप्यूटर स्क्रीन को देखते… "ऐमी, इस जगह के सिक्योरिटी ब्रिज से किसी ने छेड़छाड़ की है, ऐसा लगता है।"..
ऐमी भागकर वाशरूम से बाहर आयी और लैपटॉप देखने लगी… "तुम्हारे ही रिश्तेदार लोग है, जो अंदर के सिक्योरिटी सिस्टम में घुसना चाह रहे है।"..
अपस्यु:- हम्मम ! जैसा सोचा था वैसा ही हो रहा है। चलो फिर इनको इनका काम करने दो, हम अपने काम पर फोकस करते है।
ऐमी:- उतावले कहीं के, अभी सुबह सुबह कौन सेक्स करता है। चलो ना वेगास चलते है, थोड़ा जुआ खेल कर आया जाए।
"जुआ खोलेगी.. पागल लड़की... कुछ और कहो"… अपस्यु पीछे से बाहों मै दबोचकर कहने लगा।
"अम्म्म्म ! तो हॉलीवुड चलें, मुझे एमा वाटसन से मिलना है।"..
"हां समझ गया काम पर फोकस करना है कामसूत्र पर नहीं।"..
"काफी समझदार हो गए हो बेबी"..
दोनो बैठ गए बहुत सारे खूबसूरत बिल्डिंग्स की तस्वीर को लेकर। इधर जबतक ऐमी का कंप्यूटर हैक हो चुका था और जबतक वो तस्वीर को टेबल पर फैलाते, उनके घर का बेल बजने लगा, ऐमी ने तुरंत सारी तस्वीरों के ऊपर एक कपड़ा फैला दिया। उधर कलिका खुद इस मामले को देख रही थी, इसलिए जैसे ही कंप्यूटर हैक हुआ कलिका खुद अपस्यु के घर की सीसी टीवी को बैठकर देखने लगी।
उसके साथ उसके दोनो भाई, हंस और युक्तेश्वर भी बैठे हुए थे।… "दोनो देख लो अपने छोटे भाई और बहू को। जोड़ी तो शानदार मिलाई है। मानना पड़ेगा बहू तो काफी हॉट और खूबसूरत ढूंढी है।"..
युक्तेश्वर:- दीदी वैसे भाई ने भी अपने आप को पूरा उसके लायक मैच बनाया है। काफी मजबूत और फुर्तीला शरीर लगता है इसका।
हंस:- पहली बार देख रहे है, जारा आवाज़ तो सुना दो इनकी।
तीनों के ठीक पीछे बैठी सर्विलेंस इंचार्ज श्रेया… "इन दोनों को ना ही सुनो तो हमारी सेहत के लिए अच्छा है।
कलिका:- वो क्यों श्रेया ?
श्रेया:- दोनों की रोमांटिक बातें सुनकर ऐसा मेहसूस होगा कि हमने तो जिंदगी में कुछ भी हासिल नहीं किया। ऐसा मेहसूस होगा जैसे कोई ऐसा चाहने वाला मिल जाता तो उसके लिए सबकुछ छोड़कर चले जाते।
तीनों एक साथ श्रेया को देखते हुए…. "तुम तो सर्वर छोड़कर नहीं भगोगी ना, वरना यहां विश्वास पात्र लोग ढूंढ़ना मुश्किल हो जाता है।"
कलिका:- लो इनका माईक भी पहुंच गया, अच्छा से ट्यून कर दो, इनकी आवाज साफ पता चलना चलिए।
अपस्यु और ऐमी तस्वीर को फैला रहे थे तभी हॉल की घंटी बजी। ऐमी ने सारी तस्वीरों को कवर किया और अपस्यु बाहर दरवाजा खोलने चला गया। जैसे ही दरवाजा खुला, कुछ लोग खड़े हुए थे।… "हां कहिए।"
एक व्यक्ति:- सर कुछ ऑर्डर्स आपने किया था। वहीं डिलीवरी के लिए आया हूं।
अपस्यु:- स्वीटी कुछ ऑर्डर किया था क्या तुमने..
ऐमी:- हां, हॉल में जिम्नास्टिक सेटअप लगाना है, और किचेन बगैरा के समान है। कुछ छोटे मोटे एक्सरसाइज के समान, ये सब सेटअप करवा लो जबतक मै नहाकर आती हूं।
"हुंह ! जबसे इजहार किया हूं इसके तो नखरे ही बढ़ गए है। आओ भाई जल्दी से सेटअप करो सामान।"
10 मिनट का काम था उन सबके लिए। फटाफट किया और चलते बने। जैसे ही वो लोग बाहर निकले अपस्यु भागकर बेडरूम में आया और तबतक ऐमी आइने के सामने अपने बाल सवार रही थी…. "क्या हुआ ऐसे भागकर क्यों आ रहे हो?".
ऐमी ने आइने में अपस्यु को आते देख पूछा।
विपक्ष अध्यक्ष:- हां तो मामला संभाल लिया ना..
अनुप्रिया:- अध्यक्ष महोदय जी हम गुलाम बनाते है, ना कि सवाल जवाब करने वाले मुक्त व्यक्ति, जो हमारे ही अस्तित्व को चुनौती दे। पिछले कई दिनों से प्रवचन कम और युवाओं के सवाल ज्यादा होते है। हर कहे शब्द का अर्थ और भावार्थ के पीछे पड़ जाते है। और ये सब बस हुआ है आप लोगो के वजह से।
दोनो अध्यक्ष एक साथ… "हम समझे नहीं?"
रुद्रा:- जैसे आप लोग अपने प्रचार के लिए पहले दंगे फसाते हो और फिर खुद वहां पहुंचकर सुर्खियां बटोरते हो, वैसे ही स्टूडेंट पॉलिटिक्स कर रहे कुछ छात्र और छात्राओं ने मिलकर मीडिया आटेंशन पाने के लिए, एक प्रिंसिपल को घेरने का प्लान किया था, और वहां बीच में आ गया मंत्री जी का मुंह बोला बेटा, अपस्यु।
होम मिनिस्टर:- मै अपने बेटे को तो आज तक कहीं पहुंचने से रोक नहीं पाया, फिर वो तो सौरव से कहीं ऊंची चीज है। कहना ग़लत नहीं होगा कि कलिका अगर अपस्यु से शादी का प्रस्ताव रखती तो वो अकेला तुम सब के कैरियर ग्राफ को ऊंचाई पर पहुंचा देता, वो भी बिना एक भी क्राइम और गैर कानूनी गतिविधियों में हाथ डाले।
होम मिनिस्टर की बात सुनकर सभी हसने लगे। अनुप्रिया हंसती हुई कहने लगी… "शायद आपको पता नहीं मंत्री जी, कलिका उसकी सौतेली बहन है, और मै उसकी सौतेली मां। एक बात तो है, चन्द्रभान कि बुद्धि उसके बच्चो में कुट कूटकर भरी है, हां लेकिन उस लड़के का अभिभावक गुरु निशी था, इसलिए हमारे काम में बाधा बनने की सोच रहा है।
इस सच्चाई के बाद तो वहां मौजूद सारे अतिथि बिल्कुल दंग रह गए। अनुप्रिया सच्चाई से पर्दा उठती हुई सारी बातें बता दी, वो भी ऑडियो विजुअल प्रूफ के साथ जहां अनुप्रिया अपने सभी पुराने पार्टनर्स के ऊपर सर्विलेंस रखी हुई थी। इसी के साथ इस सच का भी उसने खुलासा कर दिया की क्यों वो केवल लोकेश राठौड़ को मारना चाह रही थी और बाकियों को नहीं, क्योंकि उनके पुराने साथी ने कभी अनुप्रिया और महिदीपि का रास्ता नहीं काटा।
अंत में महिडीपि…. "अब जब हमे उसकी योजना के बारे में पता है कि वो 2 लाख करोड़ के हवाले में हमसे डील करेगा, तो उसके ड्रीम प्रोजेक्ट को हम टेकओवर करते है। 4 लाख करोड़ रुपया लगभग 55000 मिलियन डॉलर, ये कुबेर का खजाना हमारे हाथ लगने वाला है। उसे सोचने दो की वो प्लान कर रहा है और यहां हम उसके प्लान को टेकओवर करेंगे। मंत्री जी आपकी पॉलिटिक्स क्या कहती है, आप तो उसके बहुत बड़े फैन है।
होम मिनिस्टर:- मै उसका फैन हूं और वो बहुत बड़ा ज्ञानी भी है। लेकिन राजनीति शास्त्र का थोड़ा कम ज्ञान है। मेरा फर्ज बनता है कि उसे इस ज्ञान में भी पारंगत करवा दू।
रुद्रा:- हम्मम ! फिलहाल तो वो अभी मियामी में है और अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बचे हुए अमाउंट के लिए हाथ पाऊं मरेगा। देखते है कब तक वो रकम जमा करते है? उसे अपना प्लान करने देते है और हम बस आराम से उन पर नजर बनाए रखते है। आप सबका बहुत बहुत शुक्रिया, जीत की रकम का आधा हिस्सा हमारा होगा, और आधे हिस्से आप लोगों का।
सभा उसी के साथ समाप्त हो गई। जाते-जाते बावरा सौरव एक बार फिर कलिका के होंठ चूमते हुए पूछने लगा… "कल फ्री हो क्या?"
कलिका:- नीचे ज्यादा जोश मार रहा है तो यहां बहुत से व्यवस्था है, आओ और एन्जॉय कर लेना, शर्माना नहीं।
सौरव:- नाह तुम्हारे बिना दिल को चैन नहीं मिलेगा।
कलिका हंसती हुई… "दिल को या नीचे तुम्हारे.. खैर थोड़ा इंतजार करो इंगेजनेंट की डेट फिक्स करो, उस रात हम पुरा एन्जॉय करेंगे, वो भी विदेशियों को टक्कर देने वाले स्टाइल में।"..
सौरव उतावला होकर वहां से निकला और कलिका वापस आकर बैठ गई, अपनी फैमिली मीटिंग में। सबसे पहले तो सबने उसे शादी की बधाइयां दी फिर आगे की बात शुरू हो गई…
कलिका:- हमने जल्दबाजी तो नहीं कि ना इन लोगो को सामिल करके।
रुद्रा:- नहीं, इनकी मनसा जानने के लिए हमे वक़्त चाहिए था। सौरव से शादी का डिसीजन मास्टर स्ट्रोक है, होम मिनिस्टर शायद अपने रिश्तेदारी को ही मजबूत करे लेकिन पैसा का मतलब पॉवर होता है, इसलिए योजना के अंत में उसे यदि लेते और वो कहीं हम दोनों (अपस्यु और अनुप्रिया की टीम) को किनारे करके सारा माल हड़प कर जाता, तो हम उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकते थे। अभी तो 24 घाटे सर्विलेंस है उन सबके ऊपर।
युक्तेश्वर:- उसका भाई आरव जो मायलो ग्रुप देख रहा है, वो हमारे कंपनी को एक परसेंट भी टारगेट नहीं कर रहा, बल्कि अपना पूरा ध्यान नए नए टेंडर में दे रहा है जिसमें उसकी मदद उसका शसुर कर रहा है।
महिदीपु:- जल्दी से 2 लाख करोड़ जमा करने है ना इसलिए कंपीटेशन करने के बदले पुरा फोकस वहीं दिया है। एक तरह से ठीक भी है, हमारे लिए ही कर रहा है। हो सके तो उस ओर के सारे काम तुम लोग छोड़ दो और प्रोफिट के लिए सेंट्रल के टेंडर के बदले राज्यो के टेंडर उठाओ। रेगुलर मैन्युफैक्चरिंग को प्रमोट करो।
रुद्रा:- सात्विक आश्रम की ब्रांच ना खोल ले पिताश्री। (हॉल में सभी लोगो के हसने की आवाज) .. बस बस.. बिजनेस का आईडिया नहीं है और ज्ञान देते है लंबा चौड़ा। हम बिजनेस देख लेंगे, आप पहले आश्रम का कहिए, वहां जो उस सौतेले ने हंगामा करवाया है उसपर क्या एक्शन लिया जाए।
कलिका:- "भईया वो प्रायोजित एक्शन नहीं है। मैं लगातर उसके आस पास नजर बनाए हूं। उल्टा अपस्यु ने उन लड़कियों के ग्रुप को अपने फ्लैट में ही रखा है ताकि मीडिया आटेंशन पाने के लिए, वो चिप हरकत ना कर सके। अपस्यु के कई सारे कॉन्टैक्ट्स, उसके यहां दिल्ली आने के पूर्व से आश्रम आते है, इसका मतलब ये तो नहीं कि हम सब पर शक करते रहे।"
"वैसे भी मां और मामा का दिमाग मेहनत पर नहीं लगता, इन्हे फ्री में पैसा चाहिए। दोनो को बोलो भक्तो के सवाल का पूर्ण निराकरण करे, ताकि लोगो की आस्था बनी रहे। और किसी भी कीमत पर स्टूडेंट को ना छेड़े, क्योंकि उन्हें भनक भी लगी कि सात्त्विक आश्रम के कारन उन्हें मीडिया आटेशन मिल रहा है, फिर यहां पहले नए स्टूडेंट्स आएंगे और बाद में नए नए बखेरे। और विश्वास मानो हम एक स्टूडेंट को गायब करेंगे, तो अगले दिन एक पुरा कॉलेज यहां घेराव कर देगा।"
"एक बात और हम ये मानकर चलेंगे की अब से जो भी स्टूडेंट आ रहे है, उसे अपस्यु भेज रहा है, एक छोटी सी भुल और हम लाइमलाइट में। इसलिए अपने ठरकी चलो को संभाल लेना आप लोग। आज कल बाबा और उनके चेलों के एमएमएस बहुत लीक हो रहे है।
अनुप्रिया:- इस बात से मै सहमत हूं, सब शांत दिखता है इसका ये मतलब की लोग शांत बैठे है। हर किसी पर हम नजर दिए है इसका ये मतलब नहीं कि वो हमसे नजर बचाकर अपनी योजना नहीं बना रहा होगा। जबतक अपस्यु के साथ डील नहीं हो जाता और डील के बाद उसे और उसके साथियों को मारकर हम एक बड़ा सबूत नहीं मिटा देते, तबतक कोई गलती नहीं करेगा। भले वो लड़का अपस्यु हमारे खिलाफ प्लान करे या ना करे।
हंस:- वैसे वो अभी कहां प्लान कर रहे है…
लगभग 10000 फिट की ऊंचाई, शयं श्यां हवा को चिड़ने की आवाज। गुरुत्वाकर्षण के वेग से नीचे गिरते अपस्यु और ऐमी। दोनो हाथ से हाथ पकड़े तेजी के साथ नीचे आ रहे थे।
हेलमेट में लगा मीटर ऊंचाई मानक बता रहा था। 4000, 2000, 1000, 800, 700, 600, 500, 400, 300.. और ये खुला पैराशूट और दोनो फिर भी काफी तेजी के साथ नीचे आए जो कंट्रोल होते होते जमीन तक को छू ही गया और दोनो धराम से मुंह के बल नीचे…
ऐमी कपड़ों से घुल झारते हुए खड़ी हुई… "मज़ा आ गया बेबी, लेकिन ये 300 फिट पैराशूट को कंट्रोल नहीं कर पाता, थोड़ा और ऊपर खोलना होगा।"…
अपस्यु:- हां सही कही.. वैसे मैं सोच रहा था 20000 फिट की ऊंचाई से कूदेंगे और पैराशूट ऊपर ही खोल लेंगे तो हम कहां पहुंचेंगे…
ऐमी:- पैराशूट में खाना अटकाने की भी व्यवस्था कर लेना, क्योंकि पता ना हम कितने दिन हवा में ही रह जाए।
अपस्यु:- हा हा हा हा हा… हां ये सही कहा तुमने। चलो चला जाए।
दोनो एक दूसरे के होंठ से होंठ मिलाते हुए चूमे और पैदल ही वहां से निकल गए।….. "आह मियामी बीच देख लो तो मन हरा भरा हो जाता है।".. अपस्यु साथ चलते हुए कहने लगा…
"अच्छा, और यहां का नज़ारा कैसा है फिर।"… ऐमी अपने शरीर के ऊपर बांधी पतली सी ड्रेस उतारती हुई कहने लगी, जो उसने ऊपर पहन रखा था।
"उफ्फ क्या फिगर है। मार डाला तुमने तो। अब जल्दी से ढक लो, वरना दूसरे भी देख लेंगे"… बीच पर बिकनी सेट में देखकर अपस्यु के होश उड़े।..
"नाह मै कितनी सेक्सी दिखती हूं, ये लोगो के नजरो और एक्सप्रेशन को काउंट करके तुम्हे बताउंगी।"…
"मै तो बस छेड़ रहा था तुम्हे, मेरी नजर फिसल सकती है क्या?"… अपस्यु वो ड्रेस उठाकर उसपर से धूल झारकर ऐमी के ओर बढ़ाते हुए कहने लगा।
"निकल गई होशियारी।"… ऐमी ड्रेस को वापस पहनती हुई कहने लगी।
"वैसे ये पतली सी सिफोन की ड्रेस जब तुम पहने रहती हो तब अंदर इतना हॉट फिगर छिपा होगा पता नहीं चलता।"..
"तुम भी तो अपने टी-शर्ट और जीन्स जब निकालते हो, फिर पता चलता है कि अंदर कैसी अथेलीट बॉडी छिपा रखी है।"
"मै क्या सोच रहा था चलकर क्यों ना एक दूसरे कि बॉडी को देखा जाए की कितना मेंटल करके रखा है हमने।"..
"बेबी अभी घर चलो, आज हमे कुछ और भी काम है।"…
दोनो मियामी बीच से अपने घर लौट आए, आते ही अपस्यु आराम से हॉल में बैठा और कंप्यूटर स्क्रीन को देखते… "ऐमी, इस जगह के सिक्योरिटी ब्रिज से किसी ने छेड़छाड़ की है, ऐसा लगता है।"..
ऐमी भागकर वाशरूम से बाहर आयी और लैपटॉप देखने लगी… "तुम्हारे ही रिश्तेदार लोग है, जो अंदर के सिक्योरिटी सिस्टम में घुसना चाह रहे है।"..
अपस्यु:- हम्मम ! जैसा सोचा था वैसा ही हो रहा है। चलो फिर इनको इनका काम करने दो, हम अपने काम पर फोकस करते है।
ऐमी:- उतावले कहीं के, अभी सुबह सुबह कौन सेक्स करता है। चलो ना वेगास चलते है, थोड़ा जुआ खेल कर आया जाए।
"जुआ खोलेगी.. पागल लड़की... कुछ और कहो"… अपस्यु पीछे से बाहों मै दबोचकर कहने लगा।
"अम्म्म्म ! तो हॉलीवुड चलें, मुझे एमा वाटसन से मिलना है।"..
"हां समझ गया काम पर फोकस करना है कामसूत्र पर नहीं।"..
"काफी समझदार हो गए हो बेबी"..
दोनो बैठ गए बहुत सारे खूबसूरत बिल्डिंग्स की तस्वीर को लेकर। इधर जबतक ऐमी का कंप्यूटर हैक हो चुका था और जबतक वो तस्वीर को टेबल पर फैलाते, उनके घर का बेल बजने लगा, ऐमी ने तुरंत सारी तस्वीरों के ऊपर एक कपड़ा फैला दिया। उधर कलिका खुद इस मामले को देख रही थी, इसलिए जैसे ही कंप्यूटर हैक हुआ कलिका खुद अपस्यु के घर की सीसी टीवी को बैठकर देखने लगी।
उसके साथ उसके दोनो भाई, हंस और युक्तेश्वर भी बैठे हुए थे।… "दोनो देख लो अपने छोटे भाई और बहू को। जोड़ी तो शानदार मिलाई है। मानना पड़ेगा बहू तो काफी हॉट और खूबसूरत ढूंढी है।"..
युक्तेश्वर:- दीदी वैसे भाई ने भी अपने आप को पूरा उसके लायक मैच बनाया है। काफी मजबूत और फुर्तीला शरीर लगता है इसका।
हंस:- पहली बार देख रहे है, जारा आवाज़ तो सुना दो इनकी।
तीनों के ठीक पीछे बैठी सर्विलेंस इंचार्ज श्रेया… "इन दोनों को ना ही सुनो तो हमारी सेहत के लिए अच्छा है।
कलिका:- वो क्यों श्रेया ?
श्रेया:- दोनों की रोमांटिक बातें सुनकर ऐसा मेहसूस होगा कि हमने तो जिंदगी में कुछ भी हासिल नहीं किया। ऐसा मेहसूस होगा जैसे कोई ऐसा चाहने वाला मिल जाता तो उसके लिए सबकुछ छोड़कर चले जाते।
तीनों एक साथ श्रेया को देखते हुए…. "तुम तो सर्वर छोड़कर नहीं भगोगी ना, वरना यहां विश्वास पात्र लोग ढूंढ़ना मुश्किल हो जाता है।"
कलिका:- लो इनका माईक भी पहुंच गया, अच्छा से ट्यून कर दो, इनकी आवाज साफ पता चलना चलिए।
अपस्यु और ऐमी तस्वीर को फैला रहे थे तभी हॉल की घंटी बजी। ऐमी ने सारी तस्वीरों को कवर किया और अपस्यु बाहर दरवाजा खोलने चला गया। जैसे ही दरवाजा खुला, कुछ लोग खड़े हुए थे।… "हां कहिए।"
एक व्यक्ति:- सर कुछ ऑर्डर्स आपने किया था। वहीं डिलीवरी के लिए आया हूं।
अपस्यु:- स्वीटी कुछ ऑर्डर किया था क्या तुमने..
ऐमी:- हां, हॉल में जिम्नास्टिक सेटअप लगाना है, और किचेन बगैरा के समान है। कुछ छोटे मोटे एक्सरसाइज के समान, ये सब सेटअप करवा लो जबतक मै नहाकर आती हूं।
"हुंह ! जबसे इजहार किया हूं इसके तो नखरे ही बढ़ गए है। आओ भाई जल्दी से सेटअप करो सामान।"
10 मिनट का काम था उन सबके लिए। फटाफट किया और चलते बने। जैसे ही वो लोग बाहर निकले अपस्यु भागकर बेडरूम में आया और तबतक ऐमी आइने के सामने अपने बाल सवार रही थी…. "क्या हुआ ऐसे भागकर क्यों आ रहे हो?".
ऐमी ने आइने में अपस्यु को आते देख पूछा।