अपडेट - 40
भाभी, ये मैसेज पढ़ कर : नहीं सनी प्लसस रुको ..
अभी में भाभी का ये मश्ग सीन करता hi की उससे पहले मेरे फ़ोन पर भाभी का वीडियो कॉल आने लग पड़ता है, जिसे देख में मुस्कुराते हुए, वाह छूट की आग सच में औरत को कुछ भी करने की हिम्मत दे देती है...
Me,call रिसीव करता हु और जैसे hi वीडियो कॉल की स्क्रीन चालू होती है मेरी आँखों के सामने भाभी का चेहरा था जो अँधेरे में इतना क्लियर नहीं था पर कमरे की ढिम्म लाइट में ठीक थक दिखाई दे रहा था..
चूँकि भैया पास में लेते थे तो भाभी कुछ बोल तो सकती नहीं थी बस ईरफ़ोन लगा मुझे सुन रही थी और इसी बात का मजा लेते हुए मेने उन्हें भैया के और करीब जाने को कहा और चूचिया दिखने को kaha..Bhabhi वैसे hi जिस्म की गर्मी में जल रही थी अब बिना कुछ कहे भैया के मुँह के पास जाते हुए अपनी चूचिया गाउन से निकल पूरी नंगी कैमरा के सामने रख दी..
और अब में यहाँ से उन्हें चूचिया ददने का बोलता हु और भाभी अब खूब पर काबू नहीं कर प् रही थी मुझे पता था चुकी पकड़ते hi उनकी सिसकी निकल जाएगी लेकिन फिर भी खुद पर कण्ट्रोल रखते हुए उन्होंने एक बार तो चुकी दबाई लेकिन दूसरी बार नहीं हो पाया उनसे तो वापस सीधी हो कर अपना चेहरा कैमरा के सामने लती है और ये सब ना करने की गुहार लगाती है..
तभी मेने उनसे कॉल पर hi और गर्माने के लिए पूछना शुरू कर दिया..
में: कामिनी, रैंड है न तू अपने देवर की, तड़प रही है न तू उसके लौड़े के लिए बुरी तरह..
और भाभी ये सुन अब तरसती हुई आँखों से हाँ में सर हिला देती है और अपने होठो को काटने लगती है..
में: चल कामिनी फिर अपनी छूट का गीलापन तो दिखा मुझे, उंगलिओ पर पानी ले क्र आ अपनी छूट का साली रंडी..
और जैसे hi वह भाभी ने अपनी छूट पर ऊँगली लगाई यहाँ कैमरा में उनके चेहरे के एक्सप्रेशन बदलने लग गए और साथ hi आंखे बंद होने लगी ,
में: ये देख और मस्ती देते हुए, कितनी चुड़क्कड़ रैंड है तू भाभी, अपने पति के बगल में बैठ देवर के सामने नंगी जिस्म दिखा रही ओट छूट गीली कर रही शर्म हाय है क नहीं कुछ, इतनी भी क्या आग लगा राखी है तूने कामिनी..
और अब मेरी बातो का असर भाभी पर बुरा हो रहा था उनकी साँसे एक दम भरी हो चुकी थी और मुझे समझ आ रहा था की उनका एक हाथ निचे छूट पर हलचल कर रहा है, और ऐसे कुछ देर बाद भाभी की तरफ से कॉल डिस्कोणक्ट हो जाता hai...or भाभी का मश्ग आता है...
भाभी: उफ्फ्फ्फ़ कितने कमीने हो तुम सनी, क्यों आग भड़का रहे ऐसी बाटे करके मेरी ईशःठ बुरा हाल हो रहा है,
Me,kuch सोच कर: ाचा भाभी रूम का दरवाजा खोलो में आ रहा हु..
भाभी: पागल हो क्या राहुल हैं कमरे में और तुम यहाँ आ रहे हो..
में: चुप मेरी रंडी भाभी ,जितना कहा उतना करो समझी, अगर देवर का लौड़ा लेते रेहबा है तो दरवाजा खोलो बास ,आज तुझे तेरे पति के सामने छोडूंगा में...
भाभी, मेरी इस बात से उनके जिस्म में और हिलोरे दौड़ने लग जाती है और जिस्म की आग और छूट की प्यास के आगे हारते हुए वैसे hi नंगी बिस्तर से उठ कर कमरे का दरवाजा धीरे से खोल देती है. में पहले से दरवाजे पर आकर खड़ा था और भाभी को ऐसे नंगी देख तुरंत दबोच लिया और उनके होठ चुम लिए...
दर और घबराहट के मरे की राहुल भैया यही रूम में सो रहे भाभी कैंप सी रही थी पर मेरा इस तरह उन्हें चुना और चुनना जिस्म की आग को भड़का रहा था, वो छह कर भी मुझसे अलग नहीं होना छह रही थी..
और इसी मौके की नजाकत को देख में भाभी को उठा कमरे में ले आया और बिस्तर पर भैया के बगल में धीरे से लिटा दिया , भाभी मुझे प्रश्नोत्तरी निगाहो से देखे जा रही थी की में ये क्या कर रहा हु...
उन्हें मुस्कुराते हुए देख में अपना चेहरा उनकी टैंगो के बिच ले जाता हु और इतनी देर से अपना रास बहती भाभी की उस गीली छूट ने झट्ट से मुँह में दबोच लेता हु और मेरे ऐसा करते hi तुरंत भाभी अपने दोनों हाथो में चादर को कस के पकड़ लेती है और छूट हवा में उठा देती है और एक जोर की भरी गहरी सी सास लेने लगती है और अभी मेने अपनी जीभ चलना शुरू hi किया था की भाभी खुद से hi अपने एक हाथ को मुँह और रख कास के मुँह बंद कर देती है
इस तरह पति के बगल में लेटव छूट चटवाने से अब भाभी पर दर ,घबराहट और वासना तीनो का मिश्रण हावी हो रहा था और इसी बिच कुछ hi देर की छूट चूसै में भाभी अपनी छूट से कॉमर्स बहाने लग जाती है ...
काम रास को पूरा अचे से चाटने के बाद में भाभी के चेहरे के पास जाते हुए मुस्कुराने लगता हु तभी भाभी मेरे कान में धीरे से बोलती है..
भाभी: सच में पागल हो तुम देवर जी, ऐसे पहले कभी नहीं महसूस किया मेने...
में: पहले किसी की रैंड भी तो नहीं बानी न मेरी जान...
भाभी: पति बगल में लेता है और तुमसे छूट चटवा रही, सच में रैंड बना दिया आज तो, उफ्फ्फ्फ़, कही तो चोर दो और कितना रान्दीपना करवाओगे मुझसे आप...
में: अभी तो चूसै हुई है चुदाई बाकि है...
भाभी: उफ्फफ्फ्फ़ यहाँ नहीं में अपनी चीखें नहीं रोक paungi,mujhe कही और जा कर छोड़ लोंदेवार जी वैसे hi भोत मुसल लौड़ा है आपका देवर जी...
ाचा ठीक है मेरी रंडी भाभी, छोडूंगा नहीं पर मेरा लुंड तो आपको यही चूसना पड़ेगा, और ये बोल भाभी को वही भैया के सामने घुटनो पर बिठा अपना लुंड उनके मुँह में दे दिया और मुँह छोड़ने लगा .. हलके गहरे धक्के से भाभी के गले तक लुंड जाने से अब उनकी सांस फूलने लगी और वो खांसने लगती उससे पहले मेने अपना लौड़ा बहार निकला और उन्हें खड़ा कर बाथरूम में ले गया जिसका दरवाजा बंद न कर के भाभी को पकड़ रखने को कहा ताकि उनकी आंखे भैया पर तिकी रहे और में पीछे जा भाभी को आगे झुका उनकी बहती छूट पर अपना लुंड टिका दिया ..
भाभी: अह्ह्ह हैए नजरो के सामने पति लेते है और नजरो के पीछे देवर छूट पर लुंड टिकाये हुए है उफ्फफ्फ्फ़ सच देवर जी ऐसा रान्दीपना तो कभी नहीं सोचा था मेने जैसा आप करवा रहे उम्मम्मम..
और भाभी की ये बात धीमे स्वर में सुनते hi उनके चूतड़ पकड़ लुंड को छूट में उतर दिया और पिलाई शुरू कर दी...
मममम उफ्फफ्फ्फ़ की दबी हुई आवाजों के साथ अब भाभी भी पति की मौजूदगी में चुदाई का ये मजा लूटने में मस्त हो गई थी और में आगे को झुक उनको छोड़ते हुए कानो में धीरे से..
में: मममम बोलो मेरी भाभी कैसा लग रहा पति के सामने पराया लुंड लेने में अहह..
भाभी: अह्ह्ह्हहफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ देवर जी मम्मन कुछ मत पूछो बस छोड़ो मुझे अह्ह्ह नहीं बता सकती अभी ये एहसास और बड़ी मुश्किल से चीखे रोक रही हु मेरी अह्ह्ह ममममम जल्दी से छोड़ डालो मेरी प्यासी छूट उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्द...
में, भाभी की दोनों चूचिया पकड़ अब दनादन धक्के लगाने लगता हु और वैसे hi कुछ देर की दमदार चुदाई के बाद उनकी छूट में अपना माल भर देता हु और वो भी कम्पटी हुई टैंगो पर खड़े खड़े मेरे लुंड के माल के साथ अपना काम रास बहा देती है.. और में भाभी को वैसे hi नंगा उस हाल में चोर अपने कमरे में चला आता हु...
अगली सुबह भाभी मुझे कमरे में जगाने के बहाने आती है लेकिन में पहले से hi जग चूका था बस ऐसे hi बिस्तर पर लेता हुआ था और मुझे ऐसे लेता हुआ देख भाभी कमरे में आ दरवाजा अंदर से बंदकर के मेरे पास आती है..
भाभी: शर्म तो आ नहीं रही होगी आपको ऐसे मजे से लेटने में, मेरी नींद उदा कर के है न..
में: क्यों भाभी मेने क्या किया ऐसा की आपकी नींद उड़ गई..
भाभी: ाचा क्या किया??? रात में जो किया वो काम था क्या उफ्फ्फ्फ़ कितना दर रही थी में पता है तुम्हे, तिम्हारे भैया जग जाते तो...
में: तो क्या में तो कह देता भाभी ने hi मश्ग किया की नींद नहीं आ रही छोड़ने का मन है , मदद करो प्यास बुझाने में...
भाभी: उफ्फ्फ्फ़ शैतान कही के, मेने कमरे में आने को नहीं कहा था आपको समझे...
में: क्या करता भाभी, वीडियो कॉल पर आपका तरसता हुआ चेहरा देखा नहीं गया मुझसे ..
भाभी: ाचा जी , और वो साडी गन्दी बाटे जो आपने मुझसे बुलवाई उनका क्या...
में: वो तो सब सच hi बुलवाया न भाभी अब ः, एक औरत अपने पति के बगल में लेट कर तो उसी से चुदती है न जिसकी वो रखैल हो और आप मेरी रखैल नहीं हो क्या...
भाभी: उफ्फ्फ बेशरम कैसे बिंदास बोल देते हो ये सब...
में: ः भाभी बताओ न नहीं हो क्या तुम मेरी रंडी ..
भाभी: ईशःठ हाँ हु देवर जी सिर्फ और सिर्फ आपकी हु के , रखैल hi बन चुकी हु तभी पति के सामने ऐसे छुड़वा ली आपसे और अब कल रत के बाद तो और ज्यादा पागल हो गयी हु आपसे छुड़वाने को उम्म्म्म, ऐसा मजा पहले कभी महसूस नहीं किया था जैसा कल रत मिला हहै..
में: हाहाहा ये हुई न बात मेरी सेक्सी भाभी ...और तभी निचे से माँ किनवाज आती है भाभी को की सनी उठा या नहीं अब तक जल्दी निचे आओ दोनों. और माँ की आवाज सुन भाभी निचे चली जाती है और उनके बाद कुछ देर में मैं भी निचे ब्रेकफास्ट करने पहुँचजाता हु जिसके उपरांत सब लोग अपने अपने काम पर निकल पड़ते है.
शाम के समय प्रीति मेरे पास आती है एक बार और ये कन्फर्म करने की क्या उसे सच में इस पार्टी में जाना चाहिए की नहीं, लेकिन फिर मेरे मानाने पर वो जाने के लिए तैयार हो जाती है.
जब प्रीति तैयार हो कर आती है तो एक बार को तो मेरे भी मुँह से निकलने hi वाला था की है क्या कड़क माल लग रही है आज तो तू, ब्लैक कलर का एक स्किन टाइट सा ोनेपीएस पहने हुए जो सिर्फ ज़िप के ज़रिये जिस्म पर टिका हुआ था, कंधे पर स्ट्रैप्स के नाम पर एक पतली सी डोरी थी और जिसे देख ये लग रहा था की उसने अंदर ब्रा भी नहीं पहनी है और पहनी भी हो तो स्ट्रैपलेस होगी, लेकिन हम मर्दो को तो अगर स्ट्रैप्स न दिखे मतलब लड़की अंदर से नंगी है यही लगता है और इसी सोच से मेरे लुंड ने एक दो झटके लगा दिए थे..
प्रीति, मुझे उसे इस तरह घूरते हुए देख: ऐसे क्या देख रहा है तू मुझे, पहली हर तो नहीं देख रहा अब.
में: ः पहली बार तो नहीं देख रहा पर आज तू लग hi इतनी खूबसूरत लग रही है, में तो ये सोच रहा की कैसे बेवकूफ लोग है तेरी कॉलेज में जो इतनी सुन्दर लड़की को रेजवक्ट कर दिया ..
प्रीति: ः चल अब बकवास बंद कर और सीरियसली ये बता की तू उस पार्टी में करने क्या वाला है , क्युकी मुझे वह होना तमाशा नहीं बनवाना है..
में: अरे ने थोड़े कुछ करने वाला हु जो करना है वो तू खुद hi करेगी ..
प्रीति, मेरी बात न समझते हुए: क्या मतलब सनी तेरा, में वह जा कर क्या करने वाली हु..
और उसके ये पूछने पर में उसे कुछ बाटे हिंट के तौर पर बता देता हु की उसे वह जा कर क्या करना है बाकि आगे का सँभालने का काम मेरा.. और इस बात को यहाँ ख़तम कर हम दोनों घर से उस जगह के लिए निकल पड़ते है..
वेन्यू पर पहुंच कर मेने प्रीति को कार से उतरने का बोल और अंदर जाने का बोलै और में कार को पार्क करने पार्किंग एरिया में चला जाता हु. अभी कार पार्क करके में बहार आ hi रहा था की वह के एक स्टोर रूम से मुझे कुछ खुसफुसाहट की आवाजे आने लगी, जिसे सुन में उस कमरे के नजदीक जा पंहुचा..
पहले तो पास जा कर मेने सिर्फ आवाज सुनने की कोशिश की तो मुझे पता लगा को अंदर से एक आवाज मर्द की और एक आवाज किसी लड़की की आ रही है ..
लड़की: उम्म्म्म उफ्फ्फ बस करो यहाँ कोई भी आ सकता है अभी एक कार के आने की आवाज नहीं सुनी क्या तुमने..
लड़का: अरे तुम क्यों चिंता करती हो किसी को कभी पता नहीं चलेगा की यहाँ हम दोनों कुछ कर रहे है..
लड़की: उफ्फ्फ्फ़ नहीं फिर भी प्लस अभी चोरो मुझे जाने दो, हम पार्टी के बाद कही और कर लेंगे प्लस..
लड़का: हैए कैसे जाने दू नीता डार्लिंग, क्या हॉट आइटम बन कर आई हो तुम ,और जब से इस कैसे हुए टॉप में तेरे ये चुके देखे तब से रहा नहीं जा रहा एक बार इन्हे पीला दे बस्स्स...
लड़की: उफ्फ्फ अगर किसी ने देख लिया न तो तुम्हारा तो पता नहीं में कही की नहीं रहूंगी, हर बार का यही नाटक है तुम्हारा उम्म्म..
और ये सब देख अब मेरे लुंड में हलचल होने लगती है ,और चुकी वह सिर्फ एक नाम मात्रा का दरवाजा था तो उसे थोड़ा सरकते हुए मेने अंदर देखना चाहा और जैसे hi अंदर देखा तो लुंड ने एक जोरदार झटका मार दिया, मरेगा भी क्यों नहीं अब, अगर सामने एक मस्त जवान भरे जिस्म की लड़की हो , जो अपने गोर गोर मुलायम से तरबूज जैसे चुचो को टॉप उठा कर बहार निकले हुए कड़ी हो ,जिसकी निप्पल इस वक्त उस लड़के के मुँह में थी और वो बड़ी बेरहमी से उसे मसलते हुए निचोड़ रहा था, उसकी गोरी चुचिओ पर लड़के के हाथो से पद रहे लाल निशान से hi ये मालूम चल रहा था की उन्हें कितनी बुरी तरह से मसला जा रहा है, और दर्द और पकडे जाने के दर के मरे वो लड़की अब उसे रोकने का भी प्रयास कर रही थी..
लड़की: उफ्फफ्फ्फ़ उम्म्म्म अब बस भी करो मेने तुम्हारी बात मन के बूब्स दिखा दिए न अब चलो यहाँ से भोत देर हो चुकी है वैसे भी..
लड़का उसकी चुकी को मसलते हुए होठो को चुम लेता है और कुछ देर और इस खेल को खेलने के बाद दोनों वह से बहार निकल कर पार्टी में शिरकत करने चले जाते है.
कुछ देर बाद में भी पार्टी हॉल में पहुँचता हु जहा इवेंट के लिए सेलेक्ट हुई 9-10 लड़किया, और ऑर्गनिज़ेर्स को मिला कर कुल 18-20 लोग होंगे और वाकई में जब मेरी नज़र उन चयनित लड़कीओ पर पड़ती है और उनके साथ कड़ी मेरे बेहेन प्रीति पर पड़ती है तो दिमाग में ये ख्याल आता है की , सच प्रीति जैसी खूबसूरत और हॉट तो इनमे से कोई नहीं लग रही है , अभी में ये देख hi रहा था की मेरी नज़र उस लड़की पर पड़ती है जो पार्किंग एरिया में उस लड़के को अपने दूध का स्वाद चखा कर आई थी.
मेरे लिए हैरानी की बात तो ये थी की वो लड़की नीता इस वक्त उस लड़के के साथ ,जिसने निचे पार्किंग में उसके जिस्म के साथ मजे लुटे , होने की बजे किसी दूसरे लड़के के हाथो ने हाथ डेल कड़ी थी और हस्ते हुए बाटे करे जा रही थी.
और तभी एक तरफ से प्रीति मेरे पास आ कर कड़ी हो जाती है...
प्रीति: यार सनी मुझे समझ नहीं आ रहा की में कैसे अपनी बात राखु..
में: देख घबरा मत में यही हु न तू बस बिंदास पूछ दाल और हाँ मुझे ये बता की ये लड़की कोण है (नीता की तरफ इशारा करते हुए)
प्रीति: ये नीता ma'am है , जूरी मेंबर्स में से ek,jiske बारे में मेने तुझे घर पर बताया था न और उनके साथ है वो अंशुल सर है ,दस्ते जूरी मेंबर और नीता मां के बॉयफ्रेंड ..
में, बॉयफ्रेंड शब्द सुन कर: क्याआ ये लड़की इसकी गर्लफ्रेंड है सच में...
प्रीति: हाँ में वही तो बोली ,लेकिन तू इतना हैरान क्यों हो रहा है..
में: नहीं कुछ नहीं बस ऐसे hi, और वो कोण है ? (नीता के साथ जिस लड़के को देखा था उसकी तरफ इशारा करते हुए)
प्रीति: वही तो है वो कमीना फोटोग्राफर जिसकी वजह से में रिजेक्ट हुई हु..
में: ओह्ह्ह तो ये है वो जनाब, चल फिर तो अब कोई दिक्कत hi नहीं, तू बिंदास जा कर वो कर जो मेने कहा है ...
में, मन hi मन ये सोच कर की वाह ये तो ऐसा हुआ की चूहा खुद पिंजरे में आ गया है हाहाहा..
और मेरी बात सुन प्रीति सीधा उन लोगो के बिच में जा कर..
प्रीति: मई ी हैवे अटेंशन ऑफ़ ु आल प्लीज, में जानती हु की ये पार्टी सिर्फ सिलेक्टेड लोगो और इवेंट मेंबर्स के लिए एक गेट टुगेदर है और कुकी में रिजेक्ट हो चुकी हु तो यहाँ मेरा कोई काम नहीं , आप सबके मन में भी होगा की में यहाँ क्यों आई हु..
प्रीति: लेकिन में यहाँ बिन बुलाये नहीं आई हु, मुझे विराट सर का इनविटेशन आया था और उनके कहने पर आई हु, और यहाँ आप सब के बिच में विराट सर से कुछ पूछना और फिर कुछ कहना चाहती hu..priti के ये बोलते hi विराट के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी मनो प्रीति ने उसकी बात मन ली है ..
प्रीति: विराट सर क्या आप मुझे ज्वाइन करेंगे प्लस..
जिसके जवाब ने विराट झट से उसके पास आ कर खड़ा हो जाता है..
प्रीति: सर मुझे आपसे कुछ कहना है वो बाद में पहले आपसे और हेड जूरी से एक कॉमन सवाल है क्या पूछ सकती hu..kya में पूछ सकती हु..
विराट: हाँ पूछो प्रीति..
प्रीति: तो मुझे सिर्फ ये बताओ आप की मेरा रिजेक्शन किस बेसिस पर हुआ था, नीता ma'am,anshul सर और आप तीनो ने मुझमे क्या कमी देखि जो मेरा रिजेक्शन किया गया.. एंड हाँ प्लस डोंट टेक में रॉंग में ये इसलिए पूछ रही हु ताकि उस गलती का सुधर कर सकू..
मेने देखा की प्रीति के इस सवाल पर अंशुल और नीना तो एक डीएम चुप से हो गए थे और..
विराट: इसका जवाह हम तुम्हे आलरेडी दे चुके है न प्रीति , और इसी लिए तो हमने रिजेक्ट करने के बाद भी तुम्हे यहाँ पर इन्विते किया..
प्रीति: हाँ सर पर में चाहती हु की आप सबके सामने वो वजह बताये मुझे, नीता मां अंशुल सर, आप hi बताइये क्या में उस लायक नहीं की मॉडलिंग कर saku.aap जूरी मेंबर हो मुझे आपने अब तक रीज़न नहीं बताया..
नीता: नहीं प्रीति वो बात नहीं है , विराट ने तुम्हे बताया था न की सिलेक्शन के लिए तुम्हे क्या करना है ...
और यहाँ तभी पीछे से आते हुए में बोल पड़ता हु..
में: मिस प्रीति , क्या आपको नहीं पता की अगर आपको इस इवेंट में पार्टिसिपेट करना है , सेलेक्ट होना है तो आपको मर विराट की गर्लफ्रेंड बनना होगा, वो आपसे बेइंतेहा मोहब्बत करते है और आप को उनकी मोहब्बत स्वीकारनी होगी..
मेरी आवाज और ये बात सुन कर हॉल में सब लोग मेरी तरफ एक तक्क देखे जा रहे थे.. तभी में नीता और अंशुल की तरफ देख..
में: क्यों जूरी मेंबर्स , यही शर्त है न आपके इस स्पेशल फोटोग्राफर की, और यही वजह है न जिस कारन आपने प्रीति को रिजेक्ट किया है...
विराट, हैरान होते हुए कुकी वह हॉल में इवेंट आर्गेनाइजर भी मौजूद थे और सबके सामने पोल्ल खुलने के दर से : ओह hello! सबसे पहले तो तुम हो कौन और यहाँ कैसे आये और ये सब क्या बकवास कर रहे हो..
में: बकवास , नहीं मर विराट में तो कोई बकवास नहीं कर रहा हु, अगर में गलत बोल रहा हु तो प्रीति तुम hi इस बात को क्लियर कर दो, या जूरी के लोग, मर अंशुल ंद मिस नीता आप क्यों नहीं क्लियर कर देते इस बात को , एंड मुझे गलत साबित कर दो..
ऑर्गनिज़ेर्स में से एक व्यक्ति खड़ा हो कर: एक्सक्यूज़ में मर, क्या मजाक चल रहा है यहाँ एंड तुम कौन हो, ये इवेंट भोत फेयर और फेमस है यहाँ किसी का रिजेक्शन इस तरह की बेतुकी बातो पर नहीं होता एंड विराट इस इवेंट का मैं फोटो शूटर है ...
में: बिलकुल ठीक कहा सर आपने, आपकी हर एक बात सही है, लेकिन अगर ये रीज़न नहीं है तो प्रीति के रिजेक्शन का कोई दूसरा रीज़न हो तो मुझे बतातिये.. सॉरी तो से बूत यहाँ मौजूद जितनी भी लड़किया है, मेरा मन्ना है की मिस प्रीति इन सब को लीड कर रही है, इन आल मन्नेर चाहे टैलेंट हो चाहे ब्यूटी हो या चार्म हो एंड इस बात को कोई नकार नहीं सकता है..
एक बार को तो वो आर्गेनाइजर भी मेरी बात सुन सभी लड़कीओ को देखने के बाद और प्रीति को देखने के बाद शांत हो गया की बात में दम तो है तभी .
विराट: प्रीति तुम चुप क्यों हो और ये कौन है जो बकवास किये जा रहा है ...
प्रीति: सर बकवास कहा , ये वही बोल रहे है जो आपने कहा है मुझसे ...
आर्गेनाइजर: प्रीति डिटेल में बताओ की आखिर बात क्या है..
उनके कहने पर प्रीति सबके सामने उस विराट की पूरी पोल्ल पट्टी खोल देती है और साडी वजह बताती है की क्यों उसे बहार फोटोशूट करवाना पड़ा और किस वजह से रिजेक्ट किया गया और उसके बाद विराट ने उससे क्या शर्त राखी थी ..(यहाँ उसने में उसका भाई हु ये न बता कर सिर्फ शहर का एक ाचा फोटोग्राफर और उसका फ्रेंड बताया, जैसा हमने पहले डीडे किया था)..
ऑर्गनिज़ेर्स, बाकि जूरी टीम की तरफ देखते हुए: अंशुल ,नीता क्या प्रीति सच बोल रही है , क्या वाकई में ऐसा कुछ हुआ था..
नीता: सर हाँ ये सब हुआ था बूत सर विराट का कोई गलत इंटेंसिव नहीं था, इतस जस्ट हे लाइक्स प्रीति अलॉट और वो उसके साथ स्पेशल टाइम स्पेंड करना चाहता था जो प्रीति ने फोटोशूट न करवाने की वजह से उसने मिस कर दिया प्लस प्रीति उसके साथ रौदे हुई , बस इसी वजह से ..
आर्गेनाइजर: सो इसका इवेंट से क्या लेना देना, तुम एक जज हो , तुम खुद इतनी मनुपुलटीवे कैसे हो सकती हो, किसी बेकार से कारन की वजह से कोई अपना टैलेंट न शो कर पाए , ये कहा की समझ है ..
तभी में: ओह तो नीता मां आपका कहना है की विराट प्रीति को पसंद करता है, उसके दिल में प्रीति के प्रति फीलिंग्स है?
नीता: हाँ और अपनी फीलिंग्स एक्सेप्ट करवाने के लिए hi उसने ये सब किया है..
में: हाहाहाहा , ी मैं मुझे समझ नहीं आ रहा की में रियेक्ट कैसे करू... लेट में आस्क यू समथिंग विराट .
में: कितना प्यार करते हो प्रीति से और किस हद तक? .
विराट, अचानक हुए इस सवाल से फिर चौकते हुए: भोत, उसके लिए किसी से भी लड़ जाऊंगा , उसको हमेशा खुश रखूँगा और उसकी हर ख्वाइश पूरी करूँगा..
Me,vo बात पूरी करता इसके बिच hi: हां बला बला बला बला... वही घिसे पिटे डायलॉग्स, वैसे अगर कोई लड़का सच में किसी लड़की से इतना प्यार करे तो उसे कोई दूसरी लड़की नज़र hi नहीं आती है मानते हो इस बात को न..
विराट: हाँ मंटा हु और में भी प्रीति से ऐसा hi प्यार करता हु...
में: ोोोू तो फिर अभी कुछ देर पहले निचे पार्किंग एरिया में बने स्टोर रूम में वो लड़की जबरदस्ती ले गयी होगी न तुम्हे, और उसके खुद से तुम्हारे होठो पर अपने होठ रख दिए होंगे और आगे क्या हुआ वो तो तुम्हे भी पता है ,, तो ये सब तुमने मर्जी के बिना किया है न...
Me,baat जारी रखते हुए ,नीता की तरह देख: कई नीता ma'am सही कहा न मेने अगर ये प्रीति से इतना प्यार करते है तो किसी दूसरी लड़की के साथ खुद अपनी मर्जी से तो ये सब हरकते करेंगे नहीं सही कहा न... यहाँ आने के बाद पता लगा मुझे की आपका भी बॉयफ्रेंड है जिससे आप भोत प्यार करती हैं , तो आपको कभी ऐसा हुआ की उनके अलावा किसी और के साथ जिस्मानी तालुकात रखने का मन हुआ ho..nahi न..
मेरी इस बात को सुन अब नीता और विराट दोनों के hi होश उड़ से गए थे और बाकि पुरे हॉल में हर किसी के दिमाग में यही की विराट किसके साथ मजे मर रहा था जो मेने देख लिया ः... तभी
अंशुल: हे मर, सोच समँझ कर बोलो जरा, तुम्हारे अपने मटर में नीता की पर्सनल लाइफ क्यों घसीट रहे हो ..
में, मन में, भाई लाइफ क्या तेरी गर्लफ्रेंड तो अपना जिस्म दुसरो से घसीटवा रही और तुझे पता नहीं: अरे सर में कहा घसीट रहा में तो बस मां से पूछ रहा की सच्चे प्यार में किसी दूसरे शख्स का ख्याल hi कहा आता है जैसे की आप दोनों का प्यार दिख सा रहा है, जब से मेने इस हॉल में एंट्री ली है तबसे..
नीता तो मनो अब कुछ बोलने की hi नहीं रही थी क्युकी वो समझ गयी थी की अब कुछ बोली मतलब कही उसका नाम बहार ना आजाये..
में: हाँ तो विराट साहब, अब बोलो कैसा प्यार है ये आपका... जब विराट से कोई जवाब नहीं मिला तो ऑर्गनिज़ेर्स की तरफ देख..
में: सॉरी सर , में बस इतना बताना चाहता था की यहाँ टैलेंट की कदर नहीं हो रही है अपने फायदे अपने मजे देखे जा रहे है, प्रीति ने विराट को भाव नहीं दिया उसके साथ काम नहीं किया तो बस इस बात का बदला लेने के लिए उसके टैलेंट को नकार दिया गया..
ये प्यार व्यार तो सब एक नाटक था असल बात ये है की फोटोशूटिंग के बहाने अलग स्पेस मिलने की वजह से विराट अपनी हवस को प्रीति का उसे करके पूरी करना चाहता था और जब प्रीति को उसके इंटेंशन्स पता लगे तो उसने उसको इग्नोर करना शुरू किया तो कॉलेज की मणि हुई हस्ती होने का फायदा उठा उसने जूरी को प्रीति के रिजेक्शन के लिए मजबूर किया...
वार्ना में नहीं मंटा की इस लड़की में कही से कोई कमी है किसी भी तरह की, और रही बात इसे प्यार करने की तो एक लड़की को प्यार देना और शारीरिक सम्बन्ध बनाने में भोत फरक है..
प्यार वो है जहा आत्मा से आत्मा जुड़ती है, एक दूसरे के प्रति इज्जत रेस्पेक्ट और केयरिंग पैदा होती है न की वासना और हवस...
नीता मां शायद आपने प्यार करके भी प्यार को समझा नहीं अब तक या फिर क्या पता आपको भी अब तक प्यार क्या होता है इस बात का एहसास नहीं हुआ है. जिस्मानी सम्बन्ध बनाने से कई परे है किसी इंसान को प्यार करना, अगर किसी लड़की को देख आपको उसका फिगर या जिस्म की बनावट पसंद आती है तो वो प्यार नहीं , हाँ अगर उसे देख उसकी सुंदरता, उसके प्रति भावनाये जगे, और उसके साथ वक्त कहा बीतने लगे वो पता न चले, दिल खुश हो तो वो है असली प्यार.. और मुझे नहीं लगता आज के ज़माने में ऐसा प्यार कोई करता है हर किसी को सिर्फ शारीरिक सुख चाहिए बस और कुछ नहीं...
और माफ़ करना अगर इस इवेंट के भागीदार बनने के लिए प्रीति को ये सब करना पड़े तो इससे ाचा यही हुआ है की इसको रिजेक्ट कर दिया गया है,
पार्टी ख़राब करने के लिए माफ़ी चाहता हु ,चलो प्रीति यहाँ से अब.. और ये बोल में प्रीति को अपने साथ ले आता हु...
हॉल से निकल अभी हम पार्किंग एरिया में hi पहुंचे थे, लेकिन इतनी देर में मेने प्रीति के मुँह से एक शब्द नहीं सुना था और वो अब तक चुप्पी साढ़े हुए बस मुझे देख रही थी..
में: तुझे क्या हुआ अब , कहा खो गयी है तू..
प्रीति, अपनी सोच से बहार निकलते हुए: हम्म्म.. तू सनी hi है न???
में: क्या .. क्या पूछ रही है ठीक है न तू ः..
प्रीति: नहीं तू सच बता तू वही सनी है न जो हमेशा मुझसे लड़ता रहता है, क्युकी अंदर मेने जिस सनी को देखा वो बिलकुल hi अलग था..
में: अलग मतलब ,कहना क्या चाहती ह तू..
प्रीति: अरे कितनी समझदारी और अछि बाटे की तूने, मुझे नहीं पता था की तू एक लड़की और प्यार के बारे में भी इतना कुछ जनता होगा, में तो अब तक शॉकेड हु की मेने तेरे मुँह से यह सब सुना और अबोवे आल तूने आज मेरी तारीफ की वो भी इतने अचे से ...
में: हाहाहा तो तुझे क्या लगा था की में सवह में निकम्मा हु, और हाँ मेने जो कुछ भी कहा अंदर सब सच कहा एंड तेरे बारे में भी जितना कहा सब सच कहा, ी रियली मैं आईटी..
मेरी बात सुन प्रीति ने तुरंत मुझे कास के हग्ग कर लिया और..
प्रीति: ओह सनी सच आज भोत ख़ुशी हुई मुझे तेरे मुँह से ये सब सुन, आज तक मुझे लगा था तू सिर्फ लड़ता रहता है पर आज पता लगा की मेरा भाई कितना ाचा है ,और तूने अंदर क्या छक्के चुराए है सबके मजा आ गया मुझे हहै...
सनी: हाहाहा अरे कोई मेरु बेहेन के बारे में उल्टा सीधा बोल के तो देखे , इससे भी बुरा हाल कर सकता हु में ः... वैसे अब हुग घर जा क्र कर लेना वार्ना कही कोई हमें देख बाटे बनाएगा जैसे मेने विराट को सबके सामने नंगा कर दिया ः ,भाई बेहेन है ये तो हम दोनों जानते है बस ..
प्रीति: हेहेहे हाँ बनाने दो, तुंहरे साथ बनाये तो भी चलेगा आज तो, आज में भोत खुश हु सच..
में: ः पागल लड़की चल अब भोत देर हो रही घर चलते hai....or ये बोल हम कार में बैठ घर को निकल जाते है..
Priti,raste में: वैसे सनी क्या तूने सच में विराट को किसी लड़की के साथ देखा था या बस ऐसे hi कहानी...
में: तू पागल ह क्या ऐसे कहानी बनता तो वो चुप रहता क्या, वो वाकई पार्किंग एरिया में स्टोर रूम में एक लड़की को अपनी बहो में लिए होठ चुम्मे में मस्त था ः...
प्रीति: हाय राम और वो लड़की कोण थी मुझे तो बता.
में: हाहाहा तू सुनेगी तो शॉक हो जाएगी, वो लड़की तेरी नीता ma'am थी जो हॉल में प्यार की दुहाई दे रही थी न, इसलिए तो मेने उसे भी लपेट लिया हाहाहा...
प्रीति: व्हाटटटटटट,,, नीता ma'am, हे भगवन!! वो तो अंशुल सर की गफ है न लेकिन, उफ्फ्फ क्या चल रहा है ये सब , गफ किस की और स्मूच किसी और को ,ची ची ची...
में: हाहाहा इसलिए मेने कहा न आजकल सच्चा प्यार कही नहीं बस सेक्स किए सबको और इसी की फ़िराक में होते hai..haha
प्रीति: हम्म्म यार सच कह रहा है मुझे तो अब भी यकीं नहीं हो रहा की नीता मां भी ऐसा कर सकती है...
में: ः आजकल ये सब भोत नार्मल है, बंदी किसी की और मजे किसी और के साथ ः..
और इसी तरह बात करते हुए हम दोनों घर पहुंच जाते है जहा सब लोग एम् साथ इस वक्त डिनर hi कर रहे होते है ...