Pariwarik Rishto Me Chudai Ke Majbut Sambandh - Page 2 - SexBaba
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Pariwarik Rishto Me Chudai Ke Majbut Sambandh

अगली सुबह सभी लोग ब्रेकफास्ट टेबल पर इकट्ठे हो चुके थे जहा पापा बुआ और राहुल भैया ऑफिस के किसी प्रोजेक्ट को ले कर डिसकस कर रहे थे.

पापा: सी रागिनी एंड राहुल हमे ये प्रोजेक्ट किसी भी हालत में अपने अंडर में चाहिए चाहे कुछ भी हो जाये.

बुआ: डोंट वोर्री भैया हमारी तरफ से पूरी तयारी है और आईएम दमन सूरे की इस बार ये प्रोजेक्ट हमें hi मिलेगा.

भैया: हाँ पापा , बुआ ने इस बार भोत अचे तरीके से साडी चीजे हैंडल की है मुझे भी लग रहा की ये प्रोजेक्ट हमारा hi होगा.

पापा: राहुल बीटा, इस बार hi नहीं रागिनी हर बार अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करती है और इसलिए तो मुझे उस काम की कभी चिंता नहीं रहती जिस काम में रागिनी खुद इन्वोल्वेद है . मुझे उसके टैलेंट और स्मार्टनेस पर कभी कोई डाउट नहीं रहा है.

बुआ: थैंक यू भैया , इतना ट्रस्ट करणे के लिए और में हर वक्त अपना 100% देने की कोशिश करती हु ,क्युकी इस कंपनी से हमारी रेपुटेशन जुडी हुई है इसका नाम ख़राब होना या लोस्स में जाना ी चैंट बारे.

पापा: तुम्हारी यही बात और हर काम को सक्सेस्फुल बनाने की जिद्द hi तो मुझे अछि लगती है.

भैया: हाँ बस एक चीज अछि नहीं लगती बुआ आपकी वो ये की आप भोत स्ट्रिक्ट हो जाती हो ऑफिस में ः, ेस्क लगता है की अभी किसी एम्प्लोयी को थप्पड़ न लगा दो ः.

भैया की ये बात सुन सभी लोग है पड़ते है ..

बुआ: ः राहुल बीटा, मेरी बेहवे करना जरुरी है वार्ना एम्प्लाइज किसी काम को सीरियस नहीं लेंगे न.

पापा: बिलकुल सही कहा तुम्हारी बुआ ने बीटा, बॉस का दर तो हर किसी में होना hi चाहिए .

तभी माँ इन तीनो को टोकते हुए...

माँ: अरे अब ऑफिस की बाटे करने के लिए ऑफिस काम है जो घर में भी वही बाटे करने लग जाते हो आप.

पापा: ः ाचा सॉरी गलती हो गई सुबह सुबह गुस्सा न करो, रागिनी का गुस्सा फिर भी हैंडल हो सकता पर अगर तुम भड़क गई तो कोई नहीं झेल सकता ः.

माँ: बस बस अब मस्का न लगाओ सुबह सुबह और ब्रेकफास्ट कीजिये हहै.

बुआ: नहीं भैया एक बात तो माननी पड़ेगी , घर तो भाभी ने hi संभल रखा है एक भाभी hi है जो पूरा दिन घर में रहती है और घर के हर किसी मेंबर ला ख्याल करती है.

पापा: हाँ बात तो सही है, और इसीलिए तो आज भी में चाहे कितना भी बड़ा बिजनेसमैन बन जाऊ घर आ कर तो तुम्हारी भाभी की hi सुनता हु ः.

बुआ: हाहाहा भैया क्या बात कही है आपने.

तभी में बिच में बोल पड़ता हु...

में: बुआ अब मेरी माँ है और उनका सबसे बेस्ट तो बी डिफ़ॉल्ट hi होना तय है .

और में ये बात बोल कर फिर सोचने लगा की बोलै की क्यों .... क्युकी सामने से पापा के सवाल आने लग गए...

पापा: बेस्ट के बच्चे ये बताओ तुम्हारी कॉलेज किसी चल रही है इस बार तो एग्जाम अचे से क्लियर होंगे की नहीं और क्लासेज तो बंक नहीं कर रहा न..

में: नहीं पापा इस बार में सीरियसली अचे से कॉलेज जा रहा क्लासेज अटेंड कररहा और यकीं नहीं तो भाभी से पूछ लीजिये आप..

और ये बोल भाभी की तरफ देखने लगता हु मनो ये कह रहा हु की भाभी बचा लो इस बार ...

भाभी: हाँ पापा जी इस बार सनी ने बदमाशी काम कर दी क्लास म भी रेगुलर है और पढाई पर भी अचे से ध्यान दे रहा है.


में भाभी को एक थैंक यू भरी नज़र से देखता हु जिसे देख भाभी स्माइल क्र देती है.

पापा: हम्म ध्यान रखना बहु इसका कही कोई नए लफड़े न कर दे.

Bhabhi,meri और शरती मुस्कान से देखते हुए: हाँ पापा जी अचे से ध्यान रख रही हु अब तो इसका में ,कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा आपको भी.

और यही पर बाटे ख़तम करते हुए पापा ,भैया और बुआ ऑफिस के लिए निकल जाते है . प्रीति आलरेडी जल्दी कॉलेज चली गयी होती है और अब में भाभी और माँ hi टेबल पर बैठे होते है ..

में: भाभी आज में आपके साथ कॉलेज चलूँगा बाइक ले जाने का मन नहीं ,और भाभी को आंख मर देता हु .

मेरी बात सुन भाभी भी समझ जाती है और मुस्कुराते हुए

भाभी: ठीक है सनी चलो मुझे क्या प्रॉब्लम होगी वैसे hi अकेली जाती हु.

हमारी बात सुन माँ बोल पड़ती है.

माँ: क्यों सनी तेरी बाइक को क्या हुआ है आज.

में: माँ कुछ हुआ नहीं है बस आज मन नहीं बाइक ले जाने का.

माँ: में तो रोज hi कहती हु की दोनों अलग अलग जाते हो इससे ाचा साथ में जाया करो पर तुम मानते hi कहा हो , पता नहीं क्यों किसी को नहीं बता रखा कॉलेज में की तुम दोनों देवर भाभी हो.

में: अरे माँ बता कर फायदा क्या है उल्टा लोस्स है ,सबहिस्टिडेंट ये कहेंगे की मेरी भाभी कॉलेज में लेक्चरर है ऐसे hi अचे मार्क्स आजायेंगे और दस बाटे करेंगे इससे ाचा ऐसे hi रहे न .

माँ: ठीक है जैसा मर्जी करो tum.l लोग .

और ये बात ख़तम कर में और भाभी कॉलेज के लिए निकल जाते है , कार भाभी hi ड्राइव करने वाली थी और में साइड सीट पर बैठ जाता हु.

आज सुबह से जब मेने भाभी को पहली बार देखा तब से hi मेने ये पाया था की आज भाभी ने खुद के ड्रेसिंग सेंस में बदलाव किया हुआ है जैसा की उन्होंने कल रत कहा था, आज न hi उनका क्लीवेज इतना एक्सपोज्ड था न hi कही और से भी ऐसा लग रहा था की भाभी जान कर के एक्सपोज़ करना छह रही हो, भाभी इस तरह से तैयार हुई थी की एक्सपोज़र न होने के बाद भी उनको देख कोई भी देखता रह जाये, फेयर स्किन और इतनी अछि तरह से मेकअप, स्लीवलेस ब्लाउज , नाभि के निचे साड़ी बांधने का एक अलग hi तरीका और कासी साड़ी में उनके कर्व्स जो भोत hi अचे से निखार कर सामने आ रहे थे ,ये सब देख क्र hi मेरा मन भाभी के पास जा कर उन्हें मसलने का हो राजा था पर घर पर सभी की मौजूदगी में ये संभव नहीं था.


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पर जैसे hi में और भाभी कार में बैठ घर से निकले और कुछ दूर पहुंचे hi थे की मेने अपना हाथ भाभी की कमर में डालते हुए ..

में: क्या बात है भाभी ,आप तो वाकई पूरी तरह बदल गई ः.

भाभी जो इस वक्त कार चला रही थी मेरे टच से उनकी बॉडी में करंट सा लगता है: िष्ठ सनी क्या कर रहे हो में ड्राइव क्र रही हु ये सब कर डिस्टर्ब न करो प्लस.

में: अरे भाभी तो आराम से ड्राइव करो अभी भोत वक्त है कॉलेज पहुंचने में तो और में भब्बी की नाभि में अपनी ऊँगली घुसा के घूमने लगता हु.

मेरे ऐसा करने से अब भाभी से रहा नहीं जाता है और कार को सड़क के एक किनारे रोक देती है ,रोकने की जगह ऐसी होती है की वह ज्यादा ट्रैफिक नहीं था और वो वैसे भी नहीं होना था क्युकी कॉलेज सिटी से बहार की तरफ था. गाड़ी रोक भाभी मेरा हाथ पकड़ते हुए...

भाभी: ममममम सनी क्या कर रहे हो ये , ऐसे तो में कभी ड्राइव नहीं कर पाऊँगी तुम्हरे टच से hi बॉडी में करंट लग रहा मुझे हहै.

में: तो भाभी थोड़ी देर ड्राइव न करो यही रुकते है मुझे आपका ये बदला हुआ रूप तो अचे से देख लेने दो न .

भाभी: हहै हाँ जब तुमने कहा की आज मेरे साथ कॉलेज आओगे तभी समझ गई थी की तुम चुप नहीं बैठ इ वाले हो, अब देख लो जल्दी से और मुझे भी बताओ की कैसा लगा मेरा ये बदलाव .

Me,bhabhi के चेहरे पर अपना हाथ फिरते हुए: सच कहु तो भाभी आज से पहले आपको इतना खूबसूरत नहीं देखा, में ये नहीं कह रहा की पहले आप अछि नहीं लगती थी , no डाउट इन तहत पर पहले जिस तरह आपका ड्रेसिंग सेंस था उसमे आपको देख ऐसा लगता था की आप छह कर अपना जिस्म दिखा रही हो और कही न कही आप सेक्स की भूखी हो पर आज आपको इस तरह देख कर मन कर रहा बस देखता hi राहु और अभी इसी वक्त उठा कर बिस्तर पर ले का कर आपकी जवानी लूट लू ..

Bhabhi,meri बात को ध्यान से सुनने के बाद : हाँ में समझ रही हु तुम लय कहना छह रहे हो सनी और अगर कल रत तुम मुझे ये बात नहीं बताते तो में कभी जान hi नहीं पति की मेरे बारे में लोगो की क्या थिंकिंग है ...

में: हम्म कोई बात नहीं अब तो जान गई न आप ः , अब मुझे थोड़ा अचे से देख तो लेने दीजिये की कैसा है आप पर ये बदलाव.

और ये बोल मेने भाभी का पल्लू हटा दिया जिससे का उप्पेरि जिस्म अब सिर्फ ब्लाउज में मेरे सामने था और क्लीवेज के नाम पर हलकी सी एक झलक दिखाई पद रही थी पर चूचिया भाभी की इतनी भरी हुई थी की उस ब्लाउज में बिलकुल उभर कर सामने आ रही थी ,जिन्हे देखते hi में भाभी के चेहरे की और देखते हुए जो मुझे देख मुस्कुरा रहा था, भाभी की दोनों चुचिओ को ब्लाउज के उप्पेर से hi अपने हाथ में पकड़ दबाने लग गया. चुचिओ को इस कदर मेरे हाथ में आने और दबने की वजह ऐ अब भाभी के चेहरे के एक्सप्रेशन में बदलाव आ रहा था जो में साफ तौर पर देख प् रहा था..

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भाभी: िष्ठ्हह सनी मत करो न अभी उफ्फफ्फ्फ़ घर जा कर जो करना है कर लेना अह्ह्ह्हह ममममम उफ्फ्फ.

में: चुचिओ को और जोर से दबाते हुए, भाभी घर में तो सब होते है और मौका भी नहीं मिलता और अगर मिलेगा तो घर में फिर दबा लूंगा आपको अभी जो मौका हाथ लगा है उसे तो उपयोग में ले लेनी दो न ..

भाभी: अहहहहजहज िष्ठ्हहह पर तुम्हारे ऐसे मुझे दबाने से में गरम हो रही हु सनी, मेरी छूट गीली हो रही है और गीली छूट लिए में पूरा दिन कॉलेज में नहीं रह पाऊँगी िष्ठ प्लस.

में, भाभी की ये बात सुन एक हाथ को भाभी की साड़ी के अंदर करते हुए उनकी छूट पर रख रगड़ने लगता हु और उनके होठो को चूमते हुए: मऊआआह भाभी मेरे रहते आपकी छूट कभी प्यासी नहीं रहेगी और आप फ़िक्र न करो आपकी इस छूट का भी अचे से इंतेज़ाम करने के बाद हम कॉलेज जायेंगे ..

चूतमे हाथ लगने मात्रा से hi अब भाभी पूरी तरह गरमा गयी और मेरे चेहरे को अपने पास खींच कर अपने होठ मेरे होठ पर रख दिए और मेने जवाब में होठ चूसते हुए अब भाभी की छूट में ऊँगली दाल छोड़ना शुरू लार दिया था.

भाभी इतनी गरम हो चुकी थी की चुम्बन करते हुए खुद से अपने एक हाथ को साड़ी के उप्पेर से साड़ी के अंदर उनकी छूट को छोड़ने वाले मेरे हाथ पर रख जोर से दबा देती है और सीट से उप्पेर अपनी गांड उचकते हुए अब आगे पीछे होने लगी थी .... मममममम अह्हह्ह्ह्ह सुंनियीयह िष्ठ्हहहह फुकककक मीटीए मममम पहह्हह्ह्ह्ह .

और अब मेने भाभी की छूट घिसते हुए अपने मुँह को भाभी की राइट वाली चुकी को ब्लाउज सहित मुँह में भर लिया और काट ते हुए उन्हें चूसने लगा था साथ hi कभी कभी ब्लाउज से उप्पेर आ भाभी की छाती पर कतनेलगा था.. मेरे इस दोहरे हमले से अब भाभी पूरी तरह बेकाबू हो गई थी और स्पीड से अपनी छूट को ऊँगली पर दबा कर घिसते हुए छूट रास बहा देती है. छूट रास बहार कर भाभी जब तक नार्मल नहीं होती में तब तक अपना हाथ भाभी की साड़ी से नहीं निकलता हु और बाद में हाथ बहार निकल भाभी के छूट रास से गीली ऊँगली को उनके सामने देखते हुए अपने मुँह में ले चाट लेता हु.

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में: मुउउउउउआअह भाभी सच भोत hi टेस्टी हो आप तो, कल भी ऊँगली hi डालने का मौका मिला और अभी भी, में तो अब आपकी इस छूट को बेसब्री से चूस लार स्वाद लेने का इंतज़ार कर रहा हु.

अपनी छूट रास की बात सुन भाभी शर्मा जाती जाती है और मुसलुरा देती है .

भाभी: जब ऊँगली को रास्ता दे दिया भाभी ने तो देवर के मुँह को भी मिल जायेगा जल्दी hi हहै

में: ः हाँ वैसे भी मुँह के साथ अब तो मेरे इस लुंड को भी चखना है आपकी छूट का स्वाद.

भाभी: मममम सनी में तो कल रत जब इसे देखि तब से उस पल का इंतज़ार कर रही जब ये मेरी छूट का स्वाद चखेगा और छूट को अपना स्वाद चखायेगा हहै.

में: ः भाभी .

में, मजाकिया स्वर में: वैसे भाभी आपके इस बदले हुए रूप से आपका तो लोस्स हुआ न, अब आपके दीवानो और चाहने वालो में कमी आ जाएगी क्युकी सब आपके अंगो को देखने के लिए तरसते थे अब वो तो दिखने से रहे ः.

भाभी, इस बात पर अपना चेहरा मेरे पास ला कर : देवर जी अब मुझे दीवानो की जरुरत नहीं है , जब घर में मेरा इतना ताकतवर और स्मार्ट देवर है जिसके पास इतना मजबूत हथियार भी है तो अब में बहार वालो को कुछ क्यों दिखाऊ , घर में मेरे देवर को hi दिखाउंगी न hehe..or ये बोल भाभी मेरे लिप्स पर एक किश करदेती है.

भाभी की ये बात सुन मुझे ये यकीं हो चूका था की लुंड को देखने से hi अब भाभी मेरी दीवानी हो चुकी है एक बार जब इस लुंड को छूट में लेलेंगी तब तो में जो कहु जैसे कहु जैसे राखु वैसे रहने को तैयार हो जाएगी

में, भाभी को बात सुन मेरे चूसने से गीले हुए ब्लाउज पर से चुकी की निप्पल मरोड़ते हुए: सच भाभी ये बोल आज खुश कर दिया आपने अब देखो आपका ये देवर आपको कितने मज़े देता है ः.

भाभी: कहहहह ईशःठ अब बाकि के मज़े बाद म फिलहाल कॉलेज चलो देर हो रही है , और ये क्या पूरा ब्लाउज गिला कर दिया साफ दिख रहा ऐसे भला कोई चुस्त है क्या.

में: ः अगर जिस देवर की भाभी इतनी मस्त माल हो तो वो देवर तो ऐसे hi चूसेगा और ऐसे क्या इससे भी बुरी तरह चूसेगा.. पल्लू है न ढकने के लिए उसे धक् लो नहीं दिखेगा और क्या ः.

भाभी: हेहेहे हाँ पता है मुझे अब कैसे ढकना वो अचे से ...

और ये बोलने के बाद भाभी अपनी साड़ी सही करती है और कार को कॉलेज ली तरफ ड्राइव करती है.

कॉलेज में गेट पर भाभी कार रोक देती है और मुझे वह चोर भाभी कार पार्क करने चली जाती है. यहाँ मैं गेट पर उतारते hi मेरे सामने प्राची ma'am दिखाई पद जाती है और मुझे देख वो स्माइल करने लगती है , मेने कोई रिएक्शन न देते हुए ma'am की तरफ चलना शुरू किया और पास जा कर गुड मॉर्निंग विश किया.

Ma'am: गुड मोरनिंफ सनी, आज ये क्या तुम कामिनी ma'am के साथ कैसे, तुमतो अपनी बाइक से आते हो न.

में: हाँ ma'am पर आज मेरी बाइक ख़राब हो गई थी तो में कैब ले कर आने की सोच रहा था और इसी सिलसिले में मई मैं रोड पर खड़ा था की तभी ma'am वह से गुजरती हुई दिखाई दी तो उनसे लिफ्ट मांग ली बस.

Ma'am: अरे तो तुम मुझे भी तो कॉल कर सकते थे न कल तुमने मुझे ड्राप किया था आज में तुम्हे लीक के सकती थी.

में: थैंक्स ma'am पर मुझे उसकी जरुरत नहीं लगी .

Ma'am: चलो कोई बात नहीं जाते वाल्ट मेरे साथ चल लेना में द्रोप्कर दूंगी .

में: नहीं ma'am में मैनेज कर लूंगा ऑफर करने के लिए थैंक्स. और ये बोल में वह से आगे चल देता हु और बिना रुके अपनी कॉलेज बिल्डिंग में घुस जाता हु.

वह प्राची ma'am मेरे बेहेवियर में कुछ बदलाव है ये नोटिस करती है जो शायद उन्हें ाचा नहीं लग रहा था और कही न कही में उन्हें चोर कामिनी ma'am के साथ आया इस बात से उन्हें थोड़ी hi सही पर जलन होने लगी थी.

यहाँ में यही चाहता था की अब प्राची ma'am सामने से मेरे पास आये में अपनी तरफ से कोई कदम नहीं लूंगा और आज उसकी पहली झलक मुझे देखने को मिल भी गयी.

वैसे hi इस प्लान का अगला कदम मेने तब लिया जब प्राची ma'am का लेक्चर था और जैसे hi ma'am क्लास के गेट के पास आती दिखी में अपनी सीट से उठ कर बहार की और जाने लगा..

Ma'am: अरे सनी कहा जा रहे हो क्लास है अभी मेरी .

में: हाँ ma'am ी क्नोव आपकी क्लास है पर आज अटेंड करने का मन नहीं है वैसे भी आपकी क्लास में मेरी अटेंडेंस एक्स्ट्रा है जरुरत से तो एक बंक से कोई लोस्स नहीं होगा.

और ये बोल कर में क्लास से बहार निकल जाता हु यहाँ ma'am ये सोचने लगती है की ये वही सनी है जो मेरी ेल भी क्लास मिस नहीं करता था और आज सामने से बोल कर बंक कर रहा है ऐसा क्या हो गया है.

Ma'am क्लास में चली जाती है और में क्लास से बहार आ कर कुछ देर कैंटीन में बैठता हु और कुछ देर वह रुकने के बाद मेरा मन नहीं होता है सो कॉलेज से कैब कर घर आजाता हु .

दोपहर का वक्त हो रहा था और इस वक्त जैसा रोज होता है माँ अकेली hi होनी थी और यही सोच मेने दूर बेल्ल बजे, कुछ देर बाद माँ दूर खोलती है.

माँ: अरे सनी आज तू जल्दी घर आ गया सब ठीक.

में: हाँ माँ बस आज कोई इम्पोर्टेन्ट क्लास नहीं थी तो सोचा घर चला जाऊ.

और ये कहते हुए में घर के अंदर घुसा और लिविंग रूम में आया hi था की मेरी नज़र वह बैठी तीन औरतो पर पड़ती है .

ये तीन औरते माँ की बेस्ट फ्रेंड्स थी और महीने में एक बार माँ और उनकी फ्रेंड्स किसी एक के घर पर मिलती है ये फिक्स था और आज इसी सिलसिले में ये लोग इकठ्ठा हुए थे.

जब उनकी नज़र मेरे पर पड़ती है और मेरी उन पर तो में उन सबको नमस्ते बोल देता हु और माँ की तरफ देख..

में: आईएम सॉरी माँ मुझे नहीं पता था आज आपकी फ्रेंड्स आने वाली है , आपने बताया भी नहीं वार्ना में जल्दी नहीं आता घर पर.

लेडी1: अरे बीटा इसमें सॉरी क्यों इतस ऑलराइट हम यहाँ कोई बम ब्लास्ट की प्लानिंग थोड़ी करने आई जो तुम ऐसे बोल रहे हो हहै .. और उनकी बात सुन माँ और बाकि सब हसने लगती है.

में: ः आंटी ी क्नोव बूत स्टिल आप इतनी अछि फ्रेंड्स है और रोज तो मिलती नहीं है सो आपको आपका टाइम मिलना चाहिए न.

माँ: अरे सनी ऐसा कुछ नहीं हम बस ऐसे hi गप्पे मरने को मिलती है, तू ये बता कुछ खायेगा कॉलेज से थका आया है तो.

में: नहीं माँ में कैंटीन में खा कर आया हु आप मेरी फ़िक्र न करो आप आपकी फ्रेंड्स के साथ एन्जॉय कार्ल में अपने रूम में जा रहा हु और आपको कोई डिस्टर्बेंस नहीं होगा ः.

और ये बोल कर में अपने रूम में चला आता हु और जब में उप्पेर अपने रूम में जा रहा होता हु और दूर पर पंहुचा hi होता हु की माँ की फ्रेंड्स में से एक की आवाज मेरे कान में पड़ती है..

लेडी: वाह mahima,tere बीटा सनी तो पूरी तरह जवान हो गया है और दिखने में भी काफी स्मार्ट है और बॉडी भी अछि खासी बनाई हुई है.

माँ, इस बात पर उन आंटी को मजाक में : ख़बरदार जो मेरे बेटे पर गन्दी नजर डाली तो मुँह नोच लुंगी tera,jawan लड़का दिखना चाहिए इस कामिनी को तो बस तुरकंत मन में लड्डू फूटने लगते है हहै..

और माँ की इस बात पर सभी मिल कर हसने लगती है और माँ के मुँह से कामिनी वर्ड सुन और उन आंटी की ऐसी बात सुन मेरे दिमाग में घंटी बजती है की बीटा यहाँ सिर्फ गप्पे तो नहीं लगाए जाते है और भी लुक बाटे होती है और माँ भी इस तरह की बाटे करती है ये मेरे लिए पहला अनुभव था और इसी वजह से मेरा मन अब उनकी बाटे सुनने का होने लगा था..

इन औरतो के बिच क्या बाटे होती है और आगे क्या होता है ,अब ये सब अगले अपडेट में....
 
जैसे hi मम्मी के मुँह से अपनी फ्रेंड के लिए निकला कामिनी शब्द मेरे कानो में पड़ता है तुरंत hi मेरे मन में एक सवाल और उत्साह दोनों hi पनपने लगते है. सवाल ये की ये सभी औरते मिल कर क्या बाटे करती होंगी , क्युकी जिस तरह मम्मी ने कामिनी बोल कर आंटी का मज़ाक उदय उससे लगता है की इनके बिच कुछ अलग hi बाटे चलती होंगी .

और उत्साह इसलिए उमड़ आया था क्युकी मेने आज पहली बार अपनी माँ के मुँह से ऐसा कोई शब्द सुना था जिसे सुनने के बाद ऐसा लगा मनो मेने मेरी माँ को इस तरह खुल कर बोलते हुए कभी सुना hi नहीं. क्युकी घर में माँ पुरे परिवार के सामने भोत hi सुलझी हुई और समझदारी के साथ बात चित करती है और हर काम उनका पूर्ण रूप से व्यवस्थित होता है.

माँ के प्रति मेरे मन में ये विचार लाना की वो भी ऐसे शब्दों का प्रयोग करती है ऐसा मुमकिन hi नहीं था. पर आज पहली बार मेरे कानो में माँ की आवाज इस रूप में पड़ी जिसने मुझे आश्चर्य चकित तो किया hi पर साथ hi इस बात के लिए मजबूर कर दिया की आज मुझे माँ और उनकी सहेलियों की बाटे सुन्नी है.

उन चारो औरतो के बिच क्या बाटे हो रही है ये बताने से पहले जरा में माँ की बाकि तीनो सहेलिओ के बारे में बता देता हु.


1) माधवी आंटी: ये एक डिवोर्सी महिला है और एक बेटी की माँ है. इनकी बेटी जो मुझसे उम्र में बड़ी होगी ,जिसकी अब तक शादी नहीं हुई है और सिर्फ ये दोनों माँ बेटी hi घर में रहते है और इनके परिवार में कोई नहीं है. पेशे से ये किसी एक कंपनी में सीनियर पोस्ट पर कार्यरत है और इनकी सबसे बड़ी कमजोरी है जवान लड़के. चाहे पति का साथ छूट चूका है लेकिन इन्हे अपनी शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए कभी कोई कमी नहीं हुई. जी हाँ जैसा आप समझ रहे है ये एक नंबर की चुड़क्कड़ औरत है और अभी से नहीं ,चुदाई के लिए इनकी ये आग शायद बोहोत पहले से जलती आ रही है.

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2) रत्न आंटी: ये एक हाउसवाइफ है और दो बचो की माँ है . इनके बारे में ज्यादा कुछ जानने को नहीं फिलहाल और जो कुछ है वो आगे कहानी में खुद बी खुद सामने आ जायेगा.

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3) निशा आंटी: ये भी एक हाउसवाइफ है और इनको भी दो बचे है. चारो महिलाओ के ग्रुप में ये खुद को सबसे काम खूबसूरत मानती है और इनका ऐसा मैंने की वजह ये है की वो बाकि तीनो औरतो से मोती दिखाई पड़ती है. खैर ये तो अब इंसान की अपनी सोच है इसमें कोई किसी की मदद नहीं कर सकता.

माँ की लाइफ में परिवार के बाद कोई सबसे करीब है तो इनकी ये तीनो सहेलिया और आज तो मुझे ऐसा लग रहा है की शायद इनकी सहेलिया उनके बारे में परिवार से ज्यादा और बेहतर तरीके से जानती है.

वैसे भी ये तो हमेशा से होता आया है की एक इंसान की ऐसी भोत साडी बाटे होती है जो परिवार वालो को शायद नहीं पता हो लेकिन उसके कुछ ऐसे खास करीबी दोस्त होते है जो अछि तरह से जानते है.

चुकी माँ का इन तीनो hi महिलाओ से सालो का लगाव था तो दोस्ती भी उतनी hi गहरी थी और इसी वजह से इन चारो के बिच साधारण गप्पे बजी और घर परिवार की बातो के अलावा भी भोत कुछ बाटे होती थी जिसे आज मुझे सुनने का मौका मिला.

तो मेने माँ को ये कहते हुए सुना था की ... कामिनी मेरे बेटे से अपनी मज़ार डालने की सोचना भी मत नहीं तो मुँह नोच lungi.Ye बात माँ ने जिनसे कही थी वो थी माधवी आंटी.

जिसके जवाब में..

माधवी: हहै अरे महिमा यार अभी नज़र डाली भी नहीं और इससे पहले तू भड़क रही है ..

माँ: हाँ डाली नहीं है पर क्या में तेरी हरकतों से अनजान हु ? मुझे नहीं पता क्या की तेरी कमजोरी क्या है .

इस बात पर सब दोबारा हसने लगते है.

रत्न: वैसे बात तो सही कह रही हो तुम महिमा, माधवी तो हमेशा से hi जवान लड़को पर लट्टू होती आयी है क्या पता तुम्हारे बेटे को भी अपनी बातो में लपेट ले हेहेहे.

महिमा: हेहेहे हाँ इसलिए तो बोल रही हु इसे की ऐसी बात सोचना भी मत गलती से भी .

निशा: अरे महिमा अब अगर इसने मन hi मन सोच भी लिया हो तो हमें कहा batayegi..kyu माधवी सही है न हहै..

माधवी: क्या तुम लोग भी यार... मेने तो बस मजाक में कहा था की सनी अब जवान हो गया है, और वैसे भी मेने उसे सही तरह से देखा भी नहीं है और तुम कहा की बात कहा ले जा रही हो .

इस बात पर बाकि तीनो औरते हसने लग पड़ती है.. हेहेहे अरे मज़ाल कर रहे हैं हम तो बास...

रत्न: पर निशा, महिमा हम ये बात को गलत तो नहीं कह सकते है न की माधवी की कमजोरी है जवान लड़के.

महिमा: हाँ रत्न बिलकुल सही कहा तुमने . वैसे माधवी इन दिनों किसे फसा रखा है अपने जिस्म के जाल में हहह.

माधवी: अरे बस है दो तीन लड़के उन्ही से काम चलरही हु और क्या हहै.

रत्न: दो तीन लड़के ... देखो तो कामिनी दो तीन लड़को से एक साथ अफेयर चला रही और फिर भी बोल ऐसे रही जैसे की कुछ मिल hi नहीं रहा है हहै.

महिमा: अरे तो रत्न तुम ये भूल रही हो की ये माधवी है, वो माधवी जिसका मन दो तीन लड़को से कहा भरना है ,इस साली चुड़क्कड़ को तो एक साथ 5-6 लुंड मिल जाये तब भी खुश नहीं होने वाली हेहेहे.

यहाँ माँ के मुँह से चुड़क्कड़ और लुंड जैसे शब्द सुन मुझे एक और झटका लगता है की ये मेरी वही माँ है जो इतनी सिंपल और शरीफ दिखाई पड़ती है , जिनके मुँह से मेने आज तक ऐसी बात नहीं सुनी जो सुनने में अजीब हो या ठीक न हो और इनके साथ इतनी खुलकर ऐसे शब्द बोल रही है. और यही सब सुन अब मुझे इनकी बाटे सुनने में और मजा आने लगा था और में आगे सुनने लगता हु.


माँ की बात सुन सभी एक साथ हसने लग जाती है ..

माधवी: हैए महिमा काष्ठ ऐसा हो जाये में तो 5-6 लुंड एक साथ लेने लो भी तैयार हु हहै.

रत्न: हेहेहे सच तू तो भोत बड़ी वाली चुड़क्कड़ है साली, यहाँ में तो एक साथ दो लुंड लेने पड़ते है उसी में हालत बिगड़ जाती है और तू 6 की बात कर रही है.

महिमा: अरे रत्न तो तू ये भूल रही है की हमारी ये सहेली आम औरत नहीं एक चुड़क्कड़ रैंड है हेहेहे.

माँ के मुँह से रैंड शब्द सुन तो मनो लुंड को एक झटका सा लगा हो , तुरंत अकड़ के खड़ा होने लगा. ऐसा नहीं था की रैंड वर्ड पहले न सुना हो पर अगर ये शब्द आप ऐसी औरत से सुने जिससे कभी एक्सपेक्ट न लिया हो और अगर वो औरत तुम्हरी माँ hi हो तो अलग असर पड़ता है और मेरे साथ वही हुआ.


निशा: हहहहए बिलकुल सही बोली महिमा तुम, माधवी एक आम औरत कहा ये तो वाकई चुड़क्कड़ है बड़ी वाली हहै.

रत्न: हाँ और जब से इसका डाइवोर्स हुआ है ये और आज़ाद हो गई है इसे और मौके मिल गए अपनी ऐयाशिया करने के क्यों सही है न.

माधवी: हाहाहा क्या यार तुम तीनो भी , और रत्न तुम क्या चाहती हो की तलाक के बाद घर में बैठी राहु में , डाइवोर्स का ये मतलब तो नहीं है न की छूट में लुंड लेना बंद कर दू वैसे भी इस सब में मेरी इस भोली भली छूट का क्या दोष हहै.

महिमा: हहहहए देखो तो इसको, जिस छूट से ये मर्दो का जीना हराम कर रही उसे भोली भली बोल rahi,thappad लगाने का मन कर रहा मेरा तो इसे ..

(सभी एक साथ हसने लग जाती है)

माधवी: और वैसे रत्न और निशा तुम दोनों मुझे क्या चुड़क्कड़ बोल रही हो , तुम दोनों तो पति के होते हुए भी बहार चुदवाती रहती हो वो नहीं हहै.

निशा: अरे कहा माधवी अब मेरी तरफ से सब बंद हो गया है और वैसे भी अब में तुम टिंप जैसी फिट नहीं की कोई मुझे छोड़ने में इच्छा दिखाए, बस पति से काम चलना पड़ता है हेहेहे.

महिमा: हहहह निशा ऐसा नाह ये बोल की अब तेरी जवानी की आग ख़तम हो रही है और छूट लुंड नहीं मांग रही .

माधवी: हहहहए ये सही बोली महिमा तू एक दम , बिलकुल इसके साथ यही हो रहा है .

निशा: हेहेहे अब जो भी है में खुश हु अपने इस हल में तुम लोग अपनी देखो .

माधवी: हैं तो रत्न तू क्या कहती है तेरे तो चक्कर चल रहे है न बहार .

रत्न: हाँ में तो मानती हु की में बहार चुदवाती हु और इन दिनों मेने अपनी सोसाइटी में hi दो को फसा रखा है हहै.

माधवी: वाह मेरी चुदड़ो रानी , और तू मुझे चुड़क्कड़ बोल रही तो अब तू क्या हुई.

रत्न: हहै अरे पर में तेरी तरह 6 लुंड लेने की बाटे नहीं करती हु समझी .

महिमा: हेहेहे रत्न तू भी सही जा रही है, वैसे लास्ट टाइम तो तू बोल रही थी इन दिनों किसी से अफेयर नहीं तो ये दो नए कहा से आ गए.

रत्न: क्या बताऊ यार महिमा, पिछले महीने पति एक हफ्ते के लिए बहार गए थे बस उसी दरमियान मेरी एक के साथ सेटिंग हो गई अब वो लड़के का एक और भाई भी है तो उसने भी बहती गंगा में हाथ दो लिए हहै.

महिमा: वाह हेहेहे तेरा भी सही है एक से भले do,isliw तू बोल रही थी की दोनों का एक साथ लेने में दिक्कत हो रही है और ये माधवी 6 ले के भी खुश है.

रत्न: हाँ महिमा क्या बताऊ तुझे दोनों एक साथ छूट और गांड में लुंड दाल कर लेते है भोत दर्द होता है.

महिमा: क्या बात कर रही है यार दोनों में एक साथ, में तो जब इनका गांड में लेती हु तभी दर्द से हालत ख़राब हो जाती है और तू दो दो एक साथ कैसे ले रही.

माँ के मुँह से खुद की गंडारवाने की बात सुन अब मेरा लुंड पूरी तरह औकाद में आ चूका था और में माँ को डोगग्य स्टाइल में गांड मेरी तरफ किये लेती हुई इमेजिन करने लग गया था हैए..

माधवी: ारीय महिमा एक साथ दो लुंड का मजा hi अलग है तू नहीं समझेगी, रत्न को दर्द भले hi होता होगा पर मज़ा भी तो उतना hi आता होगा क्यों रत्न.

रत्न: हहह हआ यार माधवी माइआ तो भोत आता है.

महिमा: हे भगवन ये मेरी सहेलिया है या सच की चुड़क्कड़ रंडिया ... कैसे कैसे कांड कर रही और कह रही है मज़ा आता है हहै

रत्न: अरे रत्न अब तू नहीं समझेगी क्युकी तुझे कभी जरुरत नहीं पड़ी ये सब करने की ....

महिमा: न बाबा ना मुझे करने का कोई शोक भी नहीं मुझे मज़े देने के लिए मेरे पति hi काफी है.

माधवी: हाँ वही तो तेरा प्लस पॉइंट है न महिमा की तेरे पास इतना मज़ेदार और अछि तरह छोड़ने वाला पति है.

रत्न: सही बोली माधवी तू बिलकुल, महिमा सच में किस्मत वाली है इसको मानव जीजू hi इतना अचे से रगड़ रगड़ के मजे देते है की कही और मजे लेने का सोचने की भी जरुरत नहीं.

महिमा: हेहेहे हाँ ये तो सही बोली तुम सब , मानव की चुदाई में आज भी कोई बदलाव नहीं है जैसा वो नयी नयी शादी हुई तब छोड़ते थे आज भी वैसे hi पुरे मजे और मस्ती के साथ मेरी चुदाई करते है .

रत्न: लकी है यार तू महिमा इस बात में हम सबसे ज्यादा hi hehe...kash मुझे भी वैसे पति मिलते तो ऐसे बहार मुँह नहीं मरना पड़ता हेहेहे.

माधवी: अरे रत्न मेरी जान ऐसे पति पाने के लिए हमे भी तो महिमा जितना खूसूरत और इतना सेक्सी वेल मैनटैनेड फिगर वाली होना पड़ेगा न हहै .


माँ

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रत्न: हाँ या ये बात तो तूने सही कही, वैसे भी महिमा हमेशा से hi सबकी पसंद रही है हमे तो सिर्फ छूट में लुंड डालने के लिए पसंद करते थे जरुरत पड़ने पर हेहेहे.

इस बात पर फिर चारो हर पड़ती है...

निशा: और नहीं तो क्या और अब एक हमें देखो और महिमा को आज भी इसे देख कोई नहीं कह सकता है की चार बचो की माँ है.

रत्न: ये बात तो सही लहि निशा तूने, इसे देख बिलकुल नहीं लगता की चार बचो की माँ है , एक हमे देखो एक एक दो दो बचे होते hi तो फिगर की वात लग गई है हेहेहे.

माधवी: हेहेहे हाँ यार ये तो है , महिमा ऐसा क्या राज़ है यार हमे भी बता सच तूने चार चार बचे निकले अप्पनइ छूट से फिर भी तू इतनी मैनटैनेड कैसे है.

महिमा: हहै अरे में बस खुद के हेल्थ का ध्यान रखती हु और मैन्टन लरटी हु कोई अलग से कुछ नहीं करती .

रत्न: मुझे पता है तेरा राज़ महिमा

महिमा: अच्छा तो मुझे बी बता हहै

रत्न: ये इतनी सेक्सी है ,इसकी चूचिया तो देखो कितनी भरी हुई और सॉफ्ट है और एक मेरी है साइज में भी इससे काम और जितना तनाव इसकी चुचिओ में है उससे आधा भी नहीं रहा हेहेहे..

और जिस पति को ऐसी बीवी मिले वो तो रोज hi छोड़ना पसंद करेगा न, और ये तो फैक्ट है की औरत जितना ज्यादा छुड़ेगी और मसली जाएगी उतना ज्यादा निखरेगी उम्र के साथ और महिमा के साथ यही हो रहा है हहहह..

माधवी: और अगर ऐसी बात है तो महिमा संभल के करना सब , कही चार बचे होने के बाद जीजू मस्ती में तेरा दूध पिने के शोक में पांचवा बच्चा न कर दे हेहेहे..

महिमा: हहहहहए कुछ भी मत बोल वैसे भी अगर पांचवा बच्चा भी करना चाहे तो उन्हें कोई मनाही नहीं है मेरी छूट गांड और पुरे जिस्म पर हक़्क़क़ है उनका जैसे चाहे उसे क्र सकते है..

रत्न: हईये अगर ऐसी सोच वाली बीवी हो तो पति तो हर रत चढ़ कर पलेगा hi न हहै .. मेने तो कभी ऐसी बात सोची भी नहीं.. बस यही फरक है और कारन है जिस वजह से हमारी छूट बहार भी नंगी होती है और तेरी सिर्फ घर में हहै.

महिमा: हहहहए तो सोच बदलो अपनी लुंड बदलने की जरुरत नहीं पड़ेगी .

इस बात पर चारो जोर से हसने लग जाती है.

यहाँ अपनी माँ के और माँ की चुदाई के बारे में उनकी सहेलियों के मुँह से सुन मेरे लुंड की हालत खराह हो रही थी और माँ जिस तरह खुल कर मजे से खुद को पापा से जिस तरह छुड़वा रही है इस बात का बखान कर रही थी वो मनो मेरे लुंड पर इस तरह असर कर रहा था की कोई माँ के होठ थोड़ी थोड़ी देर मेरे लुंड के टोपे को चुम रहे हो. आज पहली बार मेने माँ का ये रूप देखा था और जिसे देखने सुनने के बाद मेरे मन में माँ के लिए सोच विचार बदलने लगे और यही से माँ के प्रति मेरी सोच में बदलाव आना शुरू हो जाता है.


वह चारो औरते भी अब काफी देर से ठहाके लगा रही थी और वक्त कब निकल गया पता hi नहीं चलता है और अंत में तीनो अब अपने अपने घर को जाने के लिए उठ जाती है .

रत्न: ाचा आज तो भोत देर हो गई अब हमे चलना चाहिए. चुकी निशा और रत्न आंटी दोनों साथ hi आये थे तो दोनों माँ और माधवी आंटी को bye बोल कर चले जाते है और माधवी आंटी अपना मोबाइल निकल कैब बुक करने लगती है क्युकी वो आयी भी वैसे hi थी.

माँ: अरे माधवी यहाँ इस वक्त कैब मिलना मुश्किल है और वैसे भी कैब के लिए परेशान क्यों हो रही में सनी को बोल देती हु वो तुझे ड्राप कर आएगा वैसे बी आज जल्दी आ hi गया है वो.

माधवी: अरे नहीं इतस okay में चली जाउंगी और वैसे भी तू कहेगी बाद में की मेरे बेटे को फसा लिया हहहहए.

महिमा: हेहेहे ऐसा कुछ नहीं कहूँगी और तब भी मज़ाक में कहा था इतनी भी चुड़क्कड़ नहीं तू की मेरे बेटे को भी न चोरे में जानती हु हहै.

माधवी, मन में कुछ सोच क्र स्माइल कर देती है ,क्या सोचा ये वही जाने: हेहेहे जानती हु रे में भी.. ाचा चल ठीक है तू कह hi रही तो बुला ले सनी को उसी के साथ चली जाती हु.

में उप्पेर से ये सं सुन hi रहा था और मन में ये विचार भी थे की इस चुड़क्कड़ औरत को ड्राप करने जाना है क्या पता कुछ मज़ा hi मिल जाये. और तभी निचे से माँ की आवाज आती है जिसे सुन में थोड़ी देर रुक कर निचे आजाता हु जहा माँ मुझे माधवी आंटी को ड्राप कर के आने का आर्डर से देती है और जिसे सुन में okay बोल अपनी बाइक निकलने लगा था की माँ ने गर्मी भोत है और कार ले जाने का बोल दोय जिसके उपरांत में आंटी को ले कार में उनके घर की तरफ चल दिया.

वही ऑफिस में रागिनी और राहुल, मानव के केबिन में बैठे ेल प्रोजेक्ट को ले कर डिसकस कर रहे थे.

रागिनी: भैया , सो ु हैवे चस्केद आल थे डिटेल्स ऑफ़ थे प्रोजेक्ट, क्या कहते है साडी डिटेल्स सही है न.

मानव: वेल येह रागिनी, मेने सब चेक किया एंड मेने इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में आगे बात भी की और उन्हें हमारी साडी डिटेल्स एंड इतर रिक्वायर्ड थिंग्स मेल भी कर दी है .

रागिनी: थॉट्स ग्रेट भैया, सो अन्य रेस्पॉन्सेस फ्रॉम थेइर साइड ?

मानव: येह ी गोत थेइर मेल, थे वांट तो मीट फेस तो फेस बिफोर प्रोसीडिंग फुरदर.

रागिनी: तो भैया वत्स थे प्रॉब्लम इन तहत , अब इतना बड़ा प्रोजेक्ट है मिल कर बात होगी तो और भी ाचा रहेगा न.

मानव: हाँ यू र राइट रागिनी , अब उन्हें हमारी कंपनी दूसरी कंपनी से बेटर लगी है एंड ी कैन से तहत थे तू र इंटरेस्टेड इन दोंग बिज़नेस विथ ुर company.but.

राहुल: बूत व्हाट पापा ,कोई इशू है ?

मानव: इशू ये है बीटा की थे वांट तो मीट इन किंग तवो डेज ओनली एंड नेक्स्ट तवो डेज मेरा यहाँ ऑफिस में रहना जरुरी है कुछ फॉरेन इन्वेस्टर्स आ रहे है इसलिए.

रागिनी: तो वत्स बिग डील इन तहत bhaiya,aap यहाँ रहिये और प्रोजेक्ट रिलेटेड डील में कर आती हु उनके यहाँ विजिट करके.

राहुल: हाँ पापा ये ठीक रहेगा.

मानव: िफ़ ु गाइस से सो थें थॉट्स ग्रेट. एक काम करो रागिनी , तुम और राहुल दोनों चले जाओ आईटी विल बे मोरे बेटर.

रागिनी: ठीक है भैया अस ु से.

पापा की ये बात सुन कर की उन्हें बुआ के साथ बहार जाना है वो भी किसी दूसरे शहर. भैया के लिए तो मनो ये ऐसा मौका था जैसे की भूखे को खाना मिल गया हो और प्यासे को पानी, उन्होंने तुरंत बिना किसी सेकंड थॉट अपनी हामी भर दी बुआ के साथ जाने की बात पर.

और इसी बात के साथ ये तय हुआ की कल दोपहर बुआ और भैया बी रोड अपने ऑफिसियल टूर पर तीन दिन के लिए निकलेंगे और प्रोजेक्ट से रिलेटेड सरे काम ख़तम कर वापस लौटेंगे.

अब यहाँ में माधवी आंटी को ड्राप करने निकला हु वह क्या होता है आगे , और भैया और बुआ की ट्रिप कैसी रहती है इन सब बातो को जानेंगे अब अगले अपडेट में..

तो बे कॉन्टिनोएड....
 
माधवी आंटी को अपने साथ कार में बिठा में उनके घर की तरफ निकल चूका था , रस्ते में मैं मन hi मन ये सोच रहा था की कुछ भी करके अगर पुरे मज़े न सही पर इस चुड़क्कड़ औरत के इतने मज़े तो लेने hi है आज जिससे की ये दोबारा बुलाने पर मजबूर हो जाये पर कैसी... दिमाग में यही बात चल रही थी की माधवी आंटी ने अपनी तरफ से hi बात करना शुरू कर दिया.

आंटी: और बताओ सनी बीटा कॉलेज कैसा चल रहा तुम्हारा भी फाइनल ईयर है न अब तो ये .

में: हाँ आंटी बस ये आखरी साल है फिर कॉलेज लाइफ भी ख़तम हो जाएगी.

आंटी: हम्म्म सही है एक साल अचे से बिता लो क्युकी कॉलेज लाइफ जैसा वक्त पूरी लाइफ में दोबारा नहीं aata,vaise भी तुम्हे देख मुझे ऐसा लगता है की भोत अचे से एन्जॉय कर रहे हो तुम कॉलेज.

में: हाँ आंटी सही कहा आपने मेने अपनी कॉलेज में भोत एन्जॉय किया और कर रहा हु ः.

आंटी: हम्म्म फिर तो गर्लफ्रेंड भी बना ली होगी अब तक तो क्यों..

में, क्युकी में इन औरतो की बाटे सुन चूका था सो ये हैट अचे से पता थी की ये औरत के सामने डरने या शर्माने की कोई जरुरत नहीं: ः नहीं आंटी मेरी कोई गिर्ल्फ्रेंड नहीं और मुझे गफ बनाने में कोई इंट्रेस्ट नहीं है.

आंटी: क्यों बीटा आज कल तुम्हरी उम्र के लड़के को गफ बनाना सबसे जरुरी काम समझते है फिर तुम्हे इंट्रेस्ट नहीं ऐसा क्यों

में: वो इसलिए आंटी की अब जो रिलेशनशिप बनते है वो सब सिर्फ एक hi चीज के लिए बनते है और वो है सेक्स , और मेरी समझ में ये नहीं आता है की सेक्स के लिए किसी रिलेशनशिप में बांधने की क्या जरुरत ः.

आंटी: हहै बात तो तुम्हारी सही है पर बीटा अगर एक रिलेशनशिप हो तो इंसान खुश रहता है जिंदगी में सिर्फ सेक्स तो है नहीं अब.

में: ाचा आंटी , मुम्मा ने आपके बारे में मुझे बताया है आप भी डिवोर्सी हैं , फिर भी आपको देख में दावे के साथ कह रहा हु की आप भोत खुश हैं अपनी जिंदगी में. अगर कोई रिलेशनशिप इतनी मायने रखती तो आप कैसे खुश रह पति बोलिये.

आंटी, मेरी बात सुन : हम्म हहै हाँ में तो भोत खुश हु और मुझे अब किसी रिश्ते की जरुरत नहीं ऐसे hi ाचा है . में तो तुम्हारी उम्र के लड़के के लिए बोल रही थी क्युकी अभी आगे जिंदगी में भोत उतर चढ़ाव आने है तुम्हारे.

में: हाँ पर आंटी आजकल ऐसी मातुरे और समझदार पार्टनर मिलना कितना मुश्किल है हर कोई बस सेक्स के पीछे पागल है , कभी कभी तो मन करता है की अगर रिलेशनशिप बनानी भी है तो आप जैसी किसी मातुरे लेडी के साथ बनाऊ ः.... यहाँ मैंने इंदिरेक्ट्ली आंटी पर अपना तीर चलाया था.

आंटी, मेरी बात समझते हुए: ोहू मेरे जैसी औरत के साथ क्यों?? क्या मिलेगा मुझ जैसी लेडी में तुम्हे, टीम तो इतने यंग हो हैंडसम हो इतना ाचा फॅमिली बैकग्राउंड है चाहो उस लड़की को अपना बना सकते हो .

में: हाँ बना सकता हु बूत वो लड़की के नखरे झेलने पडने एंड सबसे जरुरी चीज हर बात की कमिटमेंट करनी होगी जो में नहीं चाहता हु.

आंटी: ओह सो ु मैं फॉर सम टाइम ये चलो ये मन लेते है की में hi तुमसे रिलेशनशिप बनाने को राज़ी हो जाती हु तो तुम ये कहना चाहते हो की मुझे किसी कमिटमेंट की जरुरत नहीं होगी तुम्हारी तरफ से.

में: मुझे तो नहीं लगता की आपको जरुरत होगी, आप इतनी मातुरे है की बिना किसी स्वार्थ के रिश्ते निभाना जानती है अब और साथ hi खुद को इस काबिल बना कर इतनी अछि जॉब पोस्ट पर है और इसी वजह से आज अंकल के न होते हुए भी आप इतनी निकलय लाइफ स्पेंड कर hi रही है न , तो अगर में आपके साथ होता भी हु तो मुझे ये पता है की आप मुझे किसी प्रकार का कोई कमिटमेंट एक्सपेक्ट नहीं करेगी ः.

आंटी: हेहेहे वाह बीटा तुम तो दिखने में hi नहीं दिमाग से भी काफी स्मार्ट हो , किसे अपनी बातो में कैसे फ़साना है भोत अचे से जानते हो.

में, बातो में hi नहीं आपको तो मेरे निचे भी फ़साना है जल्दी hi देखि जाओ बस ः: हहह आंटी अब ेल बिज़नेस मन का बीटा हु इतना असर तो आएगा hi न .

और ऐसे hi बात करते करते कब आंटी के घर पहुंच गए पता hi नहीं चला. घर पहुंच कर आंटी ने घर में आने की जिद्द करि जिस कारन में आंटी के साथ उनके घर में चला gaya,andar जाने की वजह एक ये भी थी की आंटी इस वक्त घर में अकेली थी ,उनकी बेटी जॉब पर गयी थी तो दिमाग में कही न कही ये विचार भी था की क्या पता आज hi इस चुड़क्कड़ औरत को भोगने का मौका बन जाये.


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घर के अंदर जा कर में लिविंग रूम में बैठा hi था और आंटी मेरे और उनके लिए जूस बना कर ले आई और हम वापस जूस के साथ अपनी बातो में बिजी हो गए.

आंटी: वैसे सनी एक बात बताओ ,तुमने अभी कार में कहा की तुम कमिटमेंट करना नहीं चाहते एंड अगर लेडी मेरे जैसी इंडिपेंडेंट है जो अपना ख्याल और लाइफ अपनी मर्जी से जी रही है तो फिर वो तुम्हारे साथ रिलेशनशिप में आएगी hi क्यों ..

में, अब ये सही समय था आंटी को अपनी बातो में फसा उनकी तरफ बढ़ने का: अरे आंटी वो इसलिए की इंसान अपनी साडी जरूरते पूरी कर सकता है पर शारीरिक जरूरतों को पूरा करने ले लिए तो साथी की जरुरत होगी hi चाहे कुछ भी हो जाये न ..और विंक कर देता हु.

आंटी: हेहेहे वाह क्या बात कही है, पर घूम फिर के बात तो वापस वही हो गई न की ये रिलेशनशिप भी सिर्फ सेक्स के लिए हुआ फिर तो.

में, आंटी को फ़साने के लिए जरुरी बात अब: कह सकते है आंटी पर मेरी नज़र में एक लेडी से और एक मेरी आगे की यंग गर्ल से रिलेशनशिप रखना या सेक्स करना दोनों में भोत फरक है.

आंटी, जो वैसे hi जवान लड़को की दीवानी है ये जान कर की मेरी रूचि भी अब उनकी उम्र की औरत में है: ाचा सनी ऐसा क्या फरक है दोनों में मुझे बी समझाओ फिर.

Me,uth कर आंटी के पास जा बैठता हु: देखो आंटी आप एक मातुरे , हर तरह से एक्सपेरिएंस्ड लेडी हो आपको अचे से पता रहता है की अपने पार्टनर को कैसे खुश रखना है एंड इस सब से भी इम्पोर्टेन्ट बात , जितना मेने आज तक नोटिस किया है एक लेडी भी मुझ जैसे यंग लड़के के साथ रिलेशनशिप में आना पसंद करेगी क्युकी उसकी आगे के इंसान के साथ तो उसने वैसे hi अपनी पूरी लाइफ स्पेंड करनी होती है ः..

आंटी, मेरी बात सुन मुझे घूरते हुए: मुझे नहीं पता था की इतनी जवान उम्र में तुमने इतना कुछ जान लिया है औरतो के बारे में, अचे से ाचा मर्द भी ये बात नहीं सोच सकता जो तुमने अभी कही है सनी.

में: ः आंटी अब पास में इतनी अछि औरत जो बैठी है ऐसी बाटे तो अपने आप निकालनी hi है.

आंटी, स्माइल के साथ: र ु ट्राइंग तो फ़्लर्ट सनी? में टिहरी माँ की दोस्त हु ये बात पता है न हहै.

में: हाँ पता है पर अगर माँ की इस फ्रेंड को भी मेरे जैसे जवान लड़के पसंद हो तो उनसे फ़्लर्ट करना तो फ़र्ज़ बनता है है ,.... और ये बोल में अब एक तक आंटी की नजरो में देख रहा था.

मेरी बात सुन कर आंटी कुछ देर तो शॉक में थी...

आंटी: तुमने ये बात किसने कही की मुझे तुम जैसे यंग लड़के पसंद है सनी...

में : किसी और के कहने की जरुरत कहा पड़ी माधवी आंटी, मेने खुद अपने कानो से आपको माँ से ये केगते हुए सुना की महिमा तेरा बीटा भी जवान हो गया है जिसके रिप्लाई में माँ ने आपसे कहा था की आपको जवान लड़के पसंद है पर मेरे बेटे से दूर रहना हाहाहाहा.

आंटी, अब मेरी बात से पूरी तरह ब्लॉक होते हुए: इसका मतलब तुमने वो बात सुनी थी जब मेने बोली थी ..

में: हाँ में तब स्टैर्स से अपने रूम के दूर पर पंहुचा hi था की अपने ये बात कही और मेरे कानो में पड़ी ः.

आंटी, नज़रे नीची कर बोलते हुए: ऐसे किसी और की बाटे सुन्ना अछि बात नहीं होती सनी , वैसे इतना hi सुना या और कुछ भी.

Me,jhut बोलते हुए: नहीं तब तो इतना hi सुना आंटी पर मेरे लिए यही एनफ है आगे का नहीं सुना तो भी कोई दिक्कत नहीं ः.

आंटी, चेहरा उप्पेर उठाते हुए: अब जब तूने सुन hi लिया है सनी तो कवर करब के क्या फायदा, हाँ ी लिखे यंग बॉयज एंड थे र माय वीकनेस और जब तुम्हे पहली बार घर में देखा आज तो तुम्हारी जवानी देख कर मुँह से निकल गया हहै

में: ाचा आंटी वैसे सच कहु तो मुझे और मेरे इस शरीर को भी आप जैसी भरी हुई मातुरे औरत पपर म्हणत करने का मजा आएगा .

आंटी: हेहेहे ाचा बीटा, वैसे इतना आसान भी नहीं है मुझ परेहनत करना , भोत भरी पड़ती हु में तुम जैसे जवान लड़को पर हर किसी के बस की बात नहीं बीटा जी.

आंटी की इस बात को ओपन इनविटेशन मानते हुए उनके करीब जा उनके साड़ी के पल्लू को हाथ से हटा दोनों चुचिओ को जोर से भींचते हुए...


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में: अरे आंटी एक बार म्हणत करने तो दो अगली बार आपने सामने से नहीं बुलाया तो मेरा नाम सनी नहीं ..

आंटी: ोूछ्हःहः िष्ठ्हहह उफ्फफ्फ्फ़ क्या कर रहे हो धीरे करो... ाचा बीटा इतना कॉन्फिडेंस है अपने आप पर क्या.

मेने आंटी के ब्लाउज के दो हुक खोलने के बाद बाकि के हुक ब्लाउज खींच कर तोड़ दिए और साथ hi ब्रा को खींच क्र फाड् दिया और दोनों चुचिओ की निप्पल को अपनी दोनों हाथकी उंगलिओ में फसा कर जोर से मरोड़ दिए.


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में: हैं आंटी जीरा कॉन्फिडेंस अभी अपने देखा कहा है, आप जैसी औरत को अपने लुंड की गुलाम बना कर रखा हु में हाहाहा.

आंटी, मेरे हाथो पर अपने हाथ रख चुकी मरोड़ने से रोकते हुए: ममममम िष्ठ्हह अह्हह्ह्ह्ह सुननीयीय ममममममम ाचा उफ्फ्फ्फ़ ऐसी बात है.. और अगर तुम मुझे अपना गुलाम बनाने में नाकामयाब रहे तो.

Me,aunty की चुकी पर जोर से हाथ मरते हुए: अगर में नाकामयाब रहा तो आपका कुत्ता बन के रहूँगा जिंदगी भर ... पर अगर में कामयाब हो गया तो आप क्या करोगी.

आंटी: ममम अह्हह्ह्ह्ह ईशःठ अगर तुम कामयाब हो गए तो तुम जो कहोगे करने को तैयार हु में.

में आंटी की इस बात तो सुनते hi ु की चुकी मसलते हुए उनके होठो को चूमने लगा और होठ काटने के बाद अलग होते हुए: अगर में कामयाब हो गया तो आज के बाद से तुम मेरी आंटी बन कर नहीं बल्कि मेरी रैंड बन कर रहोगी जिंदगी भर, में जहा ,जैसे , जब भी बुलाऊंगा आपको आपका ये जिस्म ले कर मेरी सेवा में हाज़िर होना पड़ेगा .

आंटी: िष्ठ्हहह ममममम सनी अगर तुम इसमें कामयाब हो गए तो तुम्हे कहे बिना hi में तुम्हारी रंडी बन जाउंगी क्युकी आज तक ऐसा कोई लड़का नहीं मिला जो मेरी छूट को पूरी तरह शांत कर सके.

आंटी के ये कहने पर मेने उन्हें खड़ा कर उनकी साड़ी खींच के निकल दी और अगले hi पल पेटीकोट और पंतय भी शरीर से अलग कर दी. ,लिविंग रूम में अब मेरी माँ की सहेली , माधवी पूरी तरह नंगी मेरे सामने कड़ी थी जिसे में अब अपने साइन से चिपकाये होठो को चुम रहा था और हाथ पीछे ले जा उनकी नंगी गांड को फैला बिच दरार में ऊँगली फिरा रहा था.

मेरे इस तरह गांड में उंगलु रगड़ने से अब आंटी की छूट गर्माने लगी थी और इसी कारन अब वो भी मेरे चुम्बन का रिप्लाई पूरी तरह साथ दे कर और वील्डनेस दिखा कर कर रही थी .

आंटी का यु साथ पाने पर मेने अब उन्हें पीछे धकेलते हुए वह पड़े सोफेपर गिरा दिया जिससे अब वो मेरे सामने नंगी टंगे फैलाये सोफे पर बैठी थी और मुझे लालची नजरो से देख रही थी, उनकी आँखों में आँखे दाल में उनकी टैंगो के बिच आजाता हु और हलकी हलकी झांटो वाली उनकी गीली हो रही छूट पर अपनी जीभ उप्पेर से निचे तक फिरने लगता हु.

जीभ का छूट के होठो पर स्पर्श पते hi आंटी के मुँह से िष्ठ की सिसकी निकल जाती है और अपने आप hi उनकी टंगे और फ़ैल जाती है मनो ये कह रही हो की अचे से चाट लो मेरी छूट.


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उनके इस तरह करते हु मि मेने अब आंटी की छूट की फको को फैलते हुए अपनी जीभ को उनकी छूट के उस रसीले लाल और उभरे हुए डेन पर रख दी और हलके हलके से जीभ को उस पर सहलाने लग गया. अपनी छूट के डेन पर इस तरह जीभ का सहलाना पते hi अब आंटी ने मेरे मुँह को छूट पर जोर से दबा दिया और खुद से अपनी कमर हिलने लग गई .

आंटी की कमर में दोनों हाथ दाल अब मेने चूतड़ों सहित उनकी कमर को कास के पकड़ लिया और हलके हलके उनकी छूट के डेन को जीभ से चूसने के बाद अपना मुँह पूरा छूट की फको के बिच रख दिया..

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अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हह सुनिययययय ममममम उफ्फ्फफ्ग ऐसी चूसै किसी ने नहीं की मेरी अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह अचे से चूस ले मजा आ गया हैएएइ की आवाज अब आंटी के मुँह से निकलने लगी थी.

आंटी की अहहैं और सिसकिया सुनने के साथ अब मेने छूट चाटने की गति बड़ा दी थी और अब छूट को चूसने के साथ साथी मेने अपनी दो उंगलिअ उनके छूट रास से गीली कर छूट के अंदर घुसा दी और हलके हलके उनकी छूट के अंदर उंगलिओ को चारो तरफ घूमने लगा.

छूट के अंदर दो उंगलिओ और छूट के डेन पर मेरे मुँह के इस हमले से अब आंटी मनो पागल सी हो चुकी थी. मेरे दोनों हाथ जिससे मेने उनकी कमर पकड़ रखी थी उन्हें पकड़ वो अपनी गांड उचकने लगी थी और अह्ह्ह्हह्हह मममममम सुंननीयियय बेताऑ िष्ठ्हहहहह खा जा मेरी छूट हैसीईई उफ्फ्फफ्फ्फ़ मममम अह्ह्ह्ह की आवाज निकलने लगी थी.

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छूट में ऊँगली hi स्पीड तेज करते हुए अब मेने अपना मुँह निचे की तरफ ला जीभ को छूट के उप्परि भाग से ले कर गांड के बिच को दरार तक चेतना शुरू कर दिया था .

गांड में मेरी जीभ का एहसास पते hi अब आंटी पूरी तरफ कम्प उठी थी अह्ह्ह्हह्हह सुननीयीय िष्ठ्हह इतनी मजेदार चुसैयी किसी ने नहीं की मेरी आज तक उफ्फ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह कहा से सीखा तूने ये सब अह्ह्ह हैइए मजा आ गया ोीीिष्ठ्हहहह.

आंटी के इस तरह बड़बड़ाने के साथ hi अब मेने छूट में दो ऊँगली और हाथ को निचे से ले जा एक ऊँगली आंटी की गांड में दाल दी और दोनों जगह एक साथ उंगलिओ को अंदर बहार करने लगा और इसी के साथ आंटी की जांघो पर अपने दन्त गदा दिए..... मममममममम अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह उफ्फफ्फ्फ़ सुननयीयीय , में झड़ने वाली हु बीटा अह्ह्ह्हह िष्ठ्हह और मेरे इस तरह के हमले से आंटी का जिस्म अकड़ने लगता है जिसे देख में तुरंत अपना मुँह उनकी छूट पर रख जोर कोर से चूसने लगता है और इसी के साथ आंटी अपनी छूट का रास बहा देती है. ममममममऊआअह्ह्ह्हह उम्मम्मम्माआआअह्ह्ह ...

आंटी: ओह्ह्ह्ह सुननीयीय मेरी छूट का पानी तूने सिर्फ चूस चूस कर बहा दिया ऐसा पहली बार हुआ है की में सिर्फ चूसै से झाड़ गई हु िष्ठ्हह भोत जज़ब हो तुम तो मममममम अहह.

में: अरे आंटी अभी तो सिर्फ चूसै हुई है लुंड तो मेने पंत से बहार बी नहीं निकला और आपका ये हल है हाहाहा.

आंटी: उफ्फफ्फ्फ़ लगता है आज मेरी छूट की धज्जिया उड़ने वाली है और ईशःठ ये भी लगता है की मुझे जिंदगी भर तुम्हारी रंडी बन कर रहने का समय आने वाला है हहै.

में: हम्म्म वो तो वक्त बताएगा आंटी पर पहले उस हथियार लो तो निकालो जो आज आपकी इस छूट की वाट लगाएगा.

और ये बोल सोफे पर बैठी आंटी के सामने खड़ा हो जाता हु जिसके तुरंत बाद आंटी ने अपने हाथो से मेरे पंत को निकल लुंड आज़ाद किया. मोटा मुसल लुंड अपनी आँखों के सामने देखते hi आंटी की आँखों में एक अलग hi चमक आ जाती है और लुंड को हाथ से मुठियाते हुए...

आंटी: ओह्ह्ह सनी इतना कड़क मोटा और मजेदार मुसल मेने भोत टाइम बाद देखा है , इसे तो देख कर hi पता लग रहा है की ये मेरी छूट को फाड् देगा अह्ह्ह्ह मुह्हआआआह कितना मस्त है तेरा लुंड सनी ईशःठ..

और ये बोलते hi आंटी मेरे लुंड पर ऐसे टूट पड़ी जैसे एक रट हुए बच्चे को आइसक्रीम मिली हो और वैसे hi पुरे जोश में मेरे लुंड को चूसने लग गई थी. यहाँ आंटी के मुँह में अपना लुंड दाल उनका मुँह छोड़ने में मुझे भी बड़ा आनंद मिल रहा था और अब मेने अपना लुंड पपुरा उनके मुँह में उतरना शुरू कर दोय था जो उनके गले तक जा रहा था और अगले कुछ मिनट ऐसे hi आंटी के मुँह की चुदाई चलती रही.

आंटी: उफ्फफ्फ्फ़ आंटी ये लुंड है या क्या है इतनी देर से चूसते चूसते मुँह थक गया पर इसे कोई असर नहीं हुआ सुननयीय मममममम मऊआअह

में: इसे इतनी जल्दी असर नहीं होना आज आंटी ये आज जब तक आपकी छूट न फाड् दे शांत नहीं होने वाला ः..

आंटी, छूट को अपने हाथो से रगड़ते हुए: िष्ठ्हहह तो मेरे राजा इस मुसल लुंड के मालिक फाड् दे न मेरी छूट अब क्यों तड़पा रहा है और ईशःठ..

में: ऐसे नहीं आंटी और तड़प दिखा और बता की तू कितनी प्यासी है मेरे इस लुंड को लेने के लिए..

आंटी, अब सोफे से उतर निचे घुटनो पर आ कर मेरे लुंड के सामने मुँह रख उसे चूमते हुए: ममममममहहह मममुहाः बीटा जी भोत प्यासी हु में आपके इस लुंड प्लस प्लस पीएलए अब इसे मेरी छूट में दाल कर मेरी छूट को और मुझे धन्य कीजिये ममममम अह्ह्ह्हह ईशःठ सुन्निय प्लसस फुककक में ..

आंटी की ये बात सुन कर अब मेने आंटी के बालो से उनका फेस पकड़ा और उन्हें खड़ा कर चुचिओ और गांड पर ताड़ तडडड थप्पड़ लगाने लगा, पहले ये बता क्या तू मेरी रंडी बनने के लिए तैयार है माधवी.

आंटी: अह्ह्ह्ह मममम हैं सनी तैयार हु में आपकी रंडी बन कर रहने में ईशःठ बस मुझे आपका ये लुंड देदो और ऐसे लुंड के लिए तो में जिंदगी भर छोड़ने के लिए तैयार हु अह्ह्ह्हह ममममम..

आंटी की ये बात सुन में उन्हें उनकी दोनों चुचिओ की निप्पल पकड़ के खीचते हुए उनके hi रूम में ले जा कर बिस्तर पर पटक देता हु और उनकी टैंगो के बिच आकर उनके उप्पेर झुकते हुए बरी बरी उनकी दोनों चुचिओ को बुरी तरह नोचते हुए काटने लगा जिससे की काटने के निशान भी ु की चुचिओ पर नज़र आने लगे थे ..

आंटी: ामममममम अह्ह्ह्हह सनी िष्ठ्हहह उफ्फ्फ्फ़ प्लस अब छोड़ डालो न क्यों इतना तड़पा रहे हो मुझे अह्ह्ह्हह िष्ठ्हह.

और आंटी के ये कहते hi में अपना लुंड छूट के मुहाने रख एक hi झटके में अंदर उतर देता हु.

इतने लुंड से छोड़ने के बाद भी आज जब आंटी की छूट में मेरा लुंड जाता है तो आंटी की एक जोर दर चीख निकल जाती है मनो सालो बाद छूट में लुंड लिया हो अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह हयईईई िष्ठ्हहह सुन्न्नीयी बेट्टाहाए उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आराम सीए मममम मेरी चुरटतट गईईओ अह्हह्ह्ह्ह ममम उफ्फफ्फ्फ़...

में, बिना चीख की परवाह किये अब अपनी गति बढ़ाते हुए आंटी की छूट पेलते हुए: अह्ह्ह्ह साली रंडी चुप कर इतना क्यों चिल्ला रही जैसे पहली बार लुंड ले रही भोत शोक ह न तुझे छोड़ने का अब ले साली अह्ह्ह्हह..

आंटी: ओह्ह्ह्हह्ह िष्ठ्हहह सुननीयीय मममम अह्हह्ह्ह्ह शोक है पर आज से पहले इतना दुमदार लुंड मेरी इस छूट ने कभी नहीं झेला और लगता है आज इसे झेलते हुए ये फैट जाएगी अह्हह्ह्ह्ह ममममम िष्ठ

में: तो फटने दे रंडी आज तो इसका भरता बनाऊंगा कामिनी हरामज़ादी अह्ह्ह एई लेटी..

आंटी: ओह्ह्ह्हह िष्ठ्हह हैं फाड् डालो अब्बभहहह उफ्फफ्फ्फ़ ईशःठ हैएएइ ममममम अब टककक कहा थे तुममम सुननयीय ईशःठ ऐसे लुंड की hi तो तलाश थी मेरी छूट को.

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में: रो मत चुड़क्कड़ कुटिया आज वो हल करूँगा की अब दूसरा कोई लुंड तेरी छूट में रहने लायक नहीं रहेगा हर वक्त तू सनी के लुंड के लिए तड़पेगी साली रैंड अह्ह्ह

और ये बोल अब मेने आंटी की दोनों टंगे हवा में उठा उनके फेस की तरफ कर दी और वापस लुंड छूट में दाल उछाल उछाल कर छूट पेलने लगता है अह्ह्ह ले साली रनडीईई और लिए...


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लुंड को अपनी छूट में इतनी तेज़ गति से अंदर बहार होते आंटी की चीखें अब पुरे रूम में सुनाई पद रही थी और जितना तेज़ उनकी चीख निकल रही थी उतना hi तेज़ में लुंड को छूट में पेल रहा था ,ममममममम अह्ह्ह्हह िष्ठ्हहह सुंननीयिययीय मीटी आने वालीए हुऊ अह्ह्ह्ह िष्ठ्हह मममममममम उफ्फ्फ्फ़ और ये बोलते हुए आंटी एक और बार अपनी छूट का पानी बहा देती है मममम उफ्फ्फ्फ़ सुननीयीय..

और जैसे hi आंटी की छूट ने रास छोरा मेने उनकी टैंगो को चोर सीधा कर दिया और कुछ देर बाद उन्हें पलट कर कुटिया बना कर दोबारा उनकी सवारी करने चढ़ गया.

मोठे भरी चितदो को मसलते और मरते हुए अब ेल और घमासान तरीके से आंटी की छूट फाड़े शुरू हो चुकी थी और आंटी धक्को की वजह से अब आगे झुकती हुई अपना फेस बिस्तर पर राखी हुई थी और गांड उप्पेर उठा राखी थी जिसे में पकड़ कर बुरी तरह लुंड को अंदर बहार कर रहा था...

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बीएड के अंदर अपना मुँह दबाये ाउंटी मममममम अह्ह्ह्हह गगगगग ओह्ह्ह्हह्ह िष्ठ्हह करते हुए चुदाई के इन भरी धक्को को झेल रही थी की तभी मेने अपनी दो उंगलिया आंटी ली गांड में घुसा दो और इसे भी लुंड जिस तरह अंदर बहार हो रहा था वैसा hi गांड में अंदर बहार करने लगा.


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गांड में उंगलिओ के ऐसे अचानक घुसने से बीएड पर सर रख पड़ी अउ तय उचक पड़ती है और तुरंत एक ahhhhhhhhhhhgg मममममम उफ्फफ्फ्फ्कि चीख निकलते हुए फेस उप्पेर को कर लेती है और जैसे hi वो फेस उप्पेर करती है में अपने हाथ से उनके बल को पकड़ अपनी तरफ खींचने लगता हु और ऐसे hi बल खींचते हुए अब बुरी तरह से उनकी छूट पेलने लग्गा हु..

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आंटी: मममममम अह्ह्ह्हह सुननीयिययी िष्ठ्हहहहह मर गइईईई में अह्ह्ह्ह मेरी ऐसी चुदाई जिंदगी में नहीं हुई अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हहह उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हैएएइ

में: बोल रंडी अब बता कोण किसका गुलाम बनेगा कामिनी साली देख कुटिया बन के पड़ी है तू मेरे निचे साली दो कोड़ी की रनडीई

आंटी: अह्ह्ह्हह ममममम ईशःठ सनी हैं में रहूंगी गुलाम बन कर जिंदगी भर तुम्बरे इस लुंड के निचे अह्हह्ह्ह्ह वैसे hi रहूंगी जैसे एक रैंड अपने मालिक के पास रहती है मममम िष्ठ्हह उफ्फ्फ्फ़ छोड़ो मुझे अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हहमे फिर से झड़ने वाली हु अह्हह्ह्ह्ह मममममम..

और इस बार आंटी की छूट को पकड़ बुरी तरह छोड़ते हुए मेने भी अपना मॉल आंटी की छूट में भर दिया और आंटी तो वैसे hi छूट रास बहा चुकी थी अपना और बुरी तरह थक चुकी थी जिस कारन झड़ते ही वो बिस्तर पर वैसे hi निढाल हो गिर पड़ती है और में भी वही साइड में लेट जाता हु.

कुछ देर ऐसे hi पड़े रहने के बाद आंटी मेरी तरफ घूमती है और मुझे देख मुस्कुरा कर ..

आंटी: उफ्फ्फ सनी सच में आज तो तूने मेरी हालत हालत ख़राब कर दी बुरी तरह.

आंटी की ये बात सुन मेने निप्पल को बुरी तरह मरोड़ कर दो थप्पड़ चुचिओ पर मरते हुए .

में: साली रंडी तू नहीं आप बोल समझी रैंड है तू मेरी और उसी तरह रह बर्चोढी कही की..

आंटी: ईशःठ सनी सॉरी अब्बसी ख्याल रहूंगी हहै ... ममम पर साफ आज आपके छूट के हालत बिगड़ दी मेरी , इतनी चुड़क्कड़ हु में इतने लुंड ली हु पर ऐसा हल कभी नहीं हुआ जैसा आज आपने किया है ममम

में: तो आज तेरा असली मर्द से पापा हपडा है रंडी अभी तो तेरी ये गांड लेनी बाकि है वो बी जल्दी बजाऊंगा समझी.

आंटी: मममममम आप जब कहोगे जहा कहोगे हाज़िर होजाऊंगी अपनी ये गांड ले कर, अब तो मुझे इन्टवज़र रहेगा आपका की कब आपका लुंड दोबारा लेने का मौका मिलेगा , किसी और के लुंड से अब माधवी शांत नहीं होने वाली.

में: हाहाहा मेने कहा था न एक बार तूने मेरा लुंड ले लिया इसके बाद तू सामने से छूट ले कर आएगी की छोड़ो मुझे.

आंटी: हाँ अब तब मुझे ये नहीं पता था की इतनी बुरी तरह मेरी छूट छुड़ेगी हहै पर ाचा hi है अब मुझे इसी लुंड से छोड़ना हाउ हमेशा और इसकी कीमत अगर रंडी बन रहना है तो मुझ जैसी चुड़क्कड़ औरत के लिए ये भोत काम है हए..

में: ः रंडी कही की , चल अब में चलता हु आता रहूँगा या फिर बुलाता रहूँगा तुझे अपने पास मौका देख...

और ये बोल में माधवी आंटी के घर से निकल अपने घर आ गया.

रत को सभी लोग डिनर टेबल पर साथ बैठे होते है तभी पापा सबको बुआ और भैया के कल ऑफिस के काम से तीन दिन बहार जाने की बात बताते है और भेजा बताते है की वो कल दोपहर में बुआ को ले कर निकलेंगे.

भैया तो बुआ क साथ जाने की बात से hi मनो इतने खुश थे की बस अभी निकल जाये ः... देखते है की आगे क्या होता है अब अगले अपडेट में....
 
आज सुबह उठने में मुझे देर हो गई थी जिस वजह से जब में रेडी हो कर निचे डाइनिंग टेबल पर आता हु तो तब तक पापा, बुआ और भैया ऑफिस के लिए निकल चुके थे . वैसे भी क्युकी आज बुआ और भैया को निकलना था इसलिए जल्दी ऑफिस चले गए थे ,ऑफिस में कुछ अधूरे काम पुरे काने के लिए. प्रीति पिछले तीन चार दिनों से वैसे hi कॉलेज जल्दी जाने लगी थी सो इस वक्त जब में निचे आया तो माँ डाइनिंग टेबल पर बैठे नाश्ता कर रही थी.

माँ इस वक्त इतनी सिंपल और प्यारी लग रही थी जिन्हे देख में ये मन hi नहीं सकता था की ये वही औरत है जो कल अपनी सहेलियों के सामने चुदाई की खुल्लम खुल्ला बाटे कर रही थी. पर कल की बाटे सुनने के बाद अब मेरा माँ को देखने का नजरिया बदल साल गया था और कही न कही में ये समझने और मैंने लगा था की माँ ने अपना असली रूप फॅमिली के सामने छिपाये हुए और उस रूप को मेने कल देखा है.

और अगर सच मनो तो मुझे माँ का वो रूप जो कल देखा था वो हमेशा वाले रूप से ज्यादा ाचा लगा था. माँ बिंदास ,खुश और रियल लग रही थी कल और बाकि समय ऐसा लगता है मनो अपनी पारिवारिक जिम्मेदारिओं के कारन अपनी जिंदगी खुल के जीना काम कर दिया हो.

खैर यही सब सोचते हुए में आज माँ के पास जा कर उन्हें गलो को चुम कर के गुड मॉर्निंग विश करता हु ...

माँ: गुड मॉर्निंग बीटा, क्या बात है आज माँ पर बड़ा पुअर आ रहा है तुझे.

में, निचे बैठ माँ को साइड हुग करते हुए: माँ में तो आपसे हमेशा से प्यार करता आया हु बस आपको मुझे डाटने से फुर्सत मिले तब न .

माँ: तो तू काम hi ऐसे करता है की डांटना पड़ता है वार्ना मुझे कोई मजा थोड़े आता है मेरे बचे को डांटने में.

में: ाचा तो अभी तू मेने ऐसा कोई काम नहीं किया न तो अभी तो प्यार कर सकती हो न ः.

माँ मेरी बात सुन है कर अपने हाथ मेरे गाल पर फिरा देती है ...

में: नहीं माँ ऐसे प्यार नहीं, मेने आपके चीक्स को किश किया में चाहता हु आप भी अपने बेटे को ऐसे hi प्यार से गलो को चूमे.

माँ, मंटा भरे अंदाज में और अपना ममत्व दिखते हुए मेरे चेहरे को पकड़ एक किश फ़ोरेहेअद और एक एक किश मेरे दोनों गलो पर कर देती है.

माँ ने भले अपने बेटे को एक माँ के हिसाब से चूमा था पर माँ द्वारा की गई ये तीन किश मेरे लिए कुछ अलग कर गयी. माँ के उन रसीले मुलायम और लघुबसुरत होठो का स्पर्श जैसे hi मेरे गलो पर पड़ता है मेरे लिए ये किसी जन्नत की सेर करने से काम नहीं था. वैसे तो मेने अब तक भोत सी औरतो के होठो का रास अपने होठो से चखा था पर आज माँ द्वारा दी गई किश जैसा एहसास, सुकून और मज़ा तीनो hi उन सभी किश से भोत hi अलग थे. में किश को महसूस करने में इतना खोया हुआ था की माँ के आवाज देने पर होश आता है..

माँ: अब ठीक है न ,खुश है न मेरा बच्चा ..

में: हाँ माँ थैंक ु सो मच ऐसे hi रोज अपने बेटे से प्यार किया कीजिये , अब देखना मेरा दिन आज भोत ाचा जायेगा ः.

माँ: हहै चल अब बाटे बंद क्र और ब्रेकफास्ट कर कॉलेज नहीं जाना है क्या

में: हाँ माँ जाना है न कॉलेज तो ः , लाइए जल्दी से नाश्ता दे दीजिये अब

माँ: हाँ रुक अभी कामिनी को बोल तेरा नाश्ता लगवाती हु , वो किचन में hi हज क्र नाश्ता भी वही गरम करने ले गई है वो.

Me,bhabhi किचन में है ये सुन: कोई बात नहीं में खुद जा कर ले आता हु उनसे ...

और ये बोल में वह से उठ सीधा किचन में चला जाता हु जहा भाभी गरम दूध कप में भर रही थी. उन्हें ऐसा करते देख में पीछे से जा उनकी कमर में हाथ दाल चिपक के खड़ा हो गुड मोरनिंफ भाभी विश कर देता हु.

मेरे ऐसा करने से भाभी एक बार तो चौक सी जाती है मनो दूध का चुप गिरा hi देंगी पर मेरी आवाज सुन खुद को सँभालते हुए..

भाभी: गुड मॉर्निंग सनी, और ये क्या कर रहे हो चोरो मुझे माँ बहार hi बैठी है.

में: हाँ भाभी पता है और उन्होंने hi कहा की आप अंदर हो जाओ नाश्ता और दूध ले आओ.

भाभी: हाँ तो अब चोरो मुझे में बस दूध ले क्र आ hi रही थी..

में, भाभी की दोनों चुचिओ को साड़ी के पल्लू के निचे हाथ दाल मसलते हुए: जिस देवर के पास इतने रास भरे मम्मु वाली भाभी हो वो देवर भला ये भैंस का दूध क्यों पियेगा ः ..

भाभी: िष्ठ्हहह उफ्फ्फ्फ़ सनी तुम्हे तो बस मौका किए मेरे जिस्म को दबाने का हहै, और प्यारे देवर जी अभी ये सही समय नहीं है भाभी का दूध पिने का समझे , वक्त की नजाकत को समझिये और भाभी को जाने दीजिये.

Me,bhabhi की चुचिओ को दबाते हुए उनकी गर्दन पर चुम लेता हु: मुआह भाभी ठीक है जाने दूंगा पर दूध न सही अपने इन रसीले होठो का रास तो पीला दो इस वक्त .

भाभी, गर्दन पर किश की वजह से : िष्ठ्हह सुन्निय तुम नहीं मानोगे न ऐसे ये तो देखो माँ बहार hi है कभी बी आ सकती है अंदर .

में, भाभी को अपनी तरफ पलटा कर कमर में हाथ दाल पास खींच कर: इसलिए तो बोल रहा हु भाभी जल्दी से इन होठो का रास पीला दो अपने प्यासे देवर को .

भाभी, अब मुस्कुराते हुए अपनी नज़रे नीचे कर ालना चेहरा मेरे पास लेट हुए मनो कह रही हो जल्दी से चुम लो, और भाभी ोे ऐसा करने पर मेने तुरंत अपने उनके होठो पर रख दिए और उनके होठो का स्वाद लेते हुए चूमने लगा जिसके साथ hi एक हाथ पीछे से उनकी गांड पकड़ के मसलने लगा . भाभी भी इस चुम्बन का पूरा साथ दे रही थी और अगले कुछ मिनट तक दोनों देवर भाभी ऐसे hi होठ से होठ मिलाये जुड़े रहे.

वक्त की नजाकत को समझते हुए फिर हम दोनों ने होठो को ेल दूसरे से दूर किया और मेने भाभी के चुचिओ को दोबारा जोर से दबा diya....hayee भाभी होठ रास तो पीला दिया अब ये दूध भी पीला दो एक बार ः.

भाभी: अह्ह्ह्हह अभी तो बिलकुल नहीं सनी, अभी होठो से काम चलाओ बस हहै ,वैसे भी कॉलेज के लिए देर हो रही है.

में: ठीक है भाभी जैसी आपकी मर्जी, तड़पा लो देवर को जितना तड़पना है. और ये बोल में किचन से बहार निकलने को मुद gaya,ki तभी भाभी ने मेरा हाथ पकड़ मुझे अपनी तरफ किया और मेरे मुड़ते hi तुरंत अपने होठ वापस मेरे होठो पर रख दिए और चूमने लग गई मुउउउउउउउआआआआह.

भाभी: नाराज़ क्यों होते हो देवर जी , बस दिन की hi तो बात है सब्र कर लो न , बाकि आज रत दूध क्या भाभी के पुरे जिस्म को नोच डालना में नहीं रोकूंगी .

में: मऊआअह भाभी पर रत में कहा कुछ होता है रत को तो आप भैया के लुंड पर उछलती है न .

भाभी: अरे मेरे भुलक्कड़ देवर , लगता है तुम भूल गए होंकी तुम्हरे भैया आज से टीम दिन के लिए बहार गए है सो आने वाले तीन दिन ये भाभी तुम्हारी hi है सनी जैसे चाहो रगड़ लेना मुझे.

भाभी की बात से यद् आता है की हां में तो ये भूल hi गया था की भैया बहार जाने वाले है और इस बात पर खुश होते हुए भाभी के होठो को दन्त में फसते हुए खींच कर ेल चुम्बन ले लिया ..

में: मऊआअह ठीक है फिर तो भाभी आज अभी से रत तक में आपके जिस्म के लिए तड़पता रहूँगा और रत को पूरा हिसाब वसूल करूँगा हाहाहा

भाभी: कर लेना मेरे देवर जी भाभी कहा मन क्र रही है हेहेहे.

और ये बोल में और भाभी साथ में किचन से बहार आते है और अपना ब्रेकफास्ट कर अलग अलग कॉलेज के लिए निकल जाते है.

कॉलेज में पहुंचकर में सीधा क्लास में जाता हु , शुरू की दो क्लास अटेंड करने के बाद आज फिर मेने पिछली बार की ततः hi प्राची ma'am की क्लास को बंक कर दिया उनके सामने hi ताकि उन्हें भी पता लग सके और सीधा जा कैंटीन में बैठ गया.

क्लास ख़तम होने तक में कैंटीन में hi बैठा था क्युकी उस क्लास के बाद इंटरवल होना था सो मेरे सरे फ्रेंड्स वही कैंटीन में आने वाले थे पर फ्रेंड्स के आने से पहले मेने देखा की प्राची ma'am खुद कैंटीन की तरफ आ रही है.

कैंटीन में आने के कुछ देर बाद उनकी नज़र मुझ पर पड़ती है और मेरी उनपर और यही ऑय कांटेक्ट होते hi में कैंटीन से उठ कर बहार की तरफ निकल आया और ma'am मुझे इस तरह एक बार फिर उन्हें अवॉयड कर जाते ूए देखती रहती है .

यहाँ दूसरी तरफ भैया और बुआ तो ऑफिस से hi सीधा काम के लिए निकल गए थे और पापा के केबिन में देखो तो उनकी सेक्रेटरी इस वक्त ब्लाउज खोल अपनी चूचिया बहार निकले घुटनो के बल बैठे हुए पापा के लुंड को चूसने में व्यस्त थी और पापा अपनी इस सेक्रेटरी छुम रैंड के मुँह को छोड़ने का मजा ले रहे थे.

लुंड चूसने के बाद वही टेबल के सहारे उन्होंने श्वेता को झुका कर पीछे से अपना लुंड उसकी छूट में दाल पेलना शुरू कर दिया था और पापा के लुंड से चुड़ते हुए श्वेता भू अब मस्त हो कर टंगे फैलाये छोड़ने का मजा ले रही थी. चूतड़ों को मसलते और उन्हें थपड लगते हुए पापा भी अब पुरे जोश में श्वेता की पिलाई लार रहे थे और ऐसे hi पेलते हुए उन्होंने ुंली छूट में अपना माल भर दिया जिसके बाद श्वेता को कपडे ठीक कर केबिन से बहार भेज दिया.

श्वेता की चुदाई इस तरह हो रही थी की केबिन के दूर से अगर कोई डेल्ही तो साइड व्यू साफ नजर आ रहा होता है जिसमे श्वेता आगे को झुकी हुई और पापा का लुंड अंदर बहार होते हुए दिखाई पद रहा हो.

और इसी नज़ारे को केबिन के बहार से किसी की आँखे पूरी तरह कैद कर रही थी और इस शो को देखने में बिजी वो आँखे ये भी भूल गयी थी की वो पूरी तरह वह लगे कक्तव कैमरा की कैद में है .

यहाँ श्वेता की चुदाई कर पापा अपने चेयर पर बैठे रिलैक्स hi हो रहे थे की उनके फ़ोन की रिंग बज जाती है और अपनी फ़ोन की स्क्रीन देख क्र hi उनके चेहरे पर ख़ुशी झलकने लगती है , और भला ये ख़ुशी झलकेगी भी क्यों नहीं जब वो फ़ोन घर में सबकी लड़की सबकी प्यारी बेटी सीमा का हो .

पापा: hello बेटी , हावस ु ..

सीमा दीदी: hello पापा में फाइन , आप कैसे हो .

पापा: में भी ाचा हु और अपनी बेटी की इतने दिनों बाद आवाज सुन कर आज और भी ज्यादा खुश हु .

दीदी: हहै पापा , घर पर सब कैसे है .

पापा: सब अचे है बेटी , पर तुझे भोत मिस करते है और तेरी कमी भोत खलती है अब घर में जब से तेरी शादी हुई है

दीदी: हहै पापा , मेने यही बताने के लिए आपको इस वक्त कॉल किया था की अब आपको मेरी कमी नहीं खलेगी .

पापा: क्या मतलब बेटी में समझा नहीं.

दीदी: हहै पापा मेरा मतलब ये है की में चार दिन बाद संडे को घर आ रही .

पापा, खुश हो : क्या कहा बेटी तूने, तू सच में आ रही है या मजाक क्र रही है ..

दीदी: हहै no पापा आईएम सीरियस, अशोक की कंपनी उन्हें काम के सिलसिले में अब्रॉड भेज रही है फॉर ा मंथ. सो मेने सोचा की क्यों न में भी इतने वक्त अपने मम्मी पापा और बाकि की फॅमिली के साथ बितौ .

पापा: वाओ बेटी सच तूने तो भोत hi अछि न्यूज़ सुनाई है आज तो , थैंक ु सो मच .

दीदी: हहै पापा, ठीक है अब में कॉल रखती हु आप घर पर भी सबको इन्फॉर्म कर देना इस बात को.. bye लव ु पापा.

पापा: bye बेटी टेक केयर ..

यहाँ में कॉलेज से सीधा अंजलि चची के घर जाता हु ये सोच कर की भोत दिन हुए चची से मिला साथ hi मेरे बेटे को देखे हुए भी ः.

और यही सोच में चची के घर पहिच जाता हु और चची मुझे देख खुश हो गले लग जाती है..

चची: ओह सनी तुम, यहाँ कैसे आना हुआ आज अचानक हहै.

में: अब जहा मेरा बीटा हो ,उसकी माँ हो वह नहीं औ तो कहा जाऊंगा में ः..

चची: हेहेहे हाँ चलो शुक्र है तुझे ये यद् तो है की तेरा एक बीटा और बेटे की वो माँ भी है जो तेरा इंतज़ार करती है ...

में: ः चची अचे से यद् है मुझे सब कुछ hi, वैसे क्या कर रही थी आप और बीटा कहा है.

चची: अरे में बस उसे दूध hi पीला के उठी थी की तूने बेल्ल बजा दी, अभी सलया है मेने उसे .

में: हम्म अगर बेटे को दूध पिलाना हो गया हो तो अब मुझे भी दूध पीला दो मेरी चची ः.

चची: अब तुझे कभी मन लार सकती हु क्या भला, मेरी इन चुचिओ में दूध का कारन hi तो तू है सनी हहै..

और ये बोल चची ने खुद से hi मेरे सामने अपने कुरता को निकल चूचिया आज़ाद कर दी और मेने उन्हें अपने मुँह में भर चूसते हुए खली करना शुरू कर दिया.

चूचियों को चूसते हुए अब मेरा लुंड भी अपनी औकाद के आ चूका था और चची की छूट तो मुझे देखने पार्स hi गीली होने लगी थी तो बस वही चची की छूट की गर्मी और मेरे लुंड के उफनते हुए जवाला को साथ मिला कर हम दोनों एक हो गए और चुदाई के एक घमासान में डूबने के बाद वह से में अपने घर लौट आता हु.
 
रत को डिनर टेबल पर में, पापा, माँ, भाभी और प्रीति सभी साथ बैठे हुए होते है की तभी पापा...

पापा: ाचा सब लोग सुनो आज सीमा का फ़ोन आया था मुझे ऑफिस में..

दीदी का नाम सुनते hi में उत्साहित होते हुए.

में: क्या दीदी का फ़ोन.... क्या कह रही है दी एंड हावस शी पापा.

प्रीति: हाँ पापा बताइये न दी किसी है मेरी तो बात hi नहीं हुई कितने दिनों से , रोज सोचती हु कॉल करने का फिर दिमाग से निकल जाता है.

में: तेरे दिमाग में कुछ आज तक रहा है जो ये रहेगा नालायक..

प्रीति: तू चुप कर जा नहीं तो ये प्लेट उठा कर मरूंगी.

माँ: अरे चुप हो जाओ टब दोनों अब.. और मानव आप बताइये क्या कह रही थी सीमा एंड कैसी है वो.

पापा: अरे वो बिलकुल ठीक है और उसने ये बताने के लिए कॉल किया था की चार दिन बाद वो यहाँ आ रही है पुरे एक महीने के लिए.

दीदी के आने की बात सुन मेरा मन रोम रोम से प्रफुल्लित हो उठता है कुकी अगर फॅमिली में सबसे प्यारा मुझे कोई था तो वो थी सीमा दीदी.

में: क्या ... पापा आप सच कह रहे है न , सच में दीदी आ रही है ो बी एक महीने के लिए.

पापा: हाँ हाँ सच कह रहा हु मैं, अशोक कंपनी की तरफ से अब्रॉड जा रहा था सो फॉर तहत टाइम पीरियड सीमा यहाँ हमारे साथ रहेगी .

में: वाओ पापा थिस इस सुच ा ग्रेट न्यूज़ ी म सो सो हैप्पी ..

प्रीति: रियली पापा ये भोत अछि न्यूज़ दी आपने आज, अब में अचे से दी के साथ टाइम स्पेंड करुँगी और उनसे भोत साडी बाटे करुँगी, उनकी शादी के बाद पहली बार दी इतने लॉन्ग टाइम यहाँ रहेगी.

भाभी: हाँ ये तो वाकई अछि खा ार है पापा , वह अकेले रहेंगी इससे ाचा है यहाँ सबसे मिलना भी हो जायेगा और वो तो इस घर की लाड़ली बेटी है तो उनके यहाँ आने से हर कोई खुश होगा .

माँ: वाकई सीमा सबसे अलग है , मेरे चारो बचो में सबसे समझदार . में तो भोत खुश हु आज .

प्रीति: हाँ और सनी में आज से कह देती हु दी मेरे रूम में रहेगी तू फालतू में कोई सन न करना अब.

में: बिलकुल नहीं, डीई मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करती हाउ वो मेरे साथ hi रहेगी तू चुप हो जा..

माँ: अरे तुम दोनों अभी से क्यों शुरू हो गए एक बार उसे आ तो जाने दो फिर उसी से पूछ लेना .. हहै

में: ठीक है माँ ...

और आज घर में सब दी के आने की बात सुन कर भोत hi खुश थे और ख़ुशी ख़ुशी सब अपने अपने रूम में चले जाते है.

रूम में आकर में सीमा दीदी को कॉल लगता हु..

में: होई डीईई हावस उउउउउउ

दीदी: हे सनी में अछि हु तू कैसा है

में: में सुबह से ठीक था पर अभी डिनर पर पापा ने बताया की ु र किंग तब से डबल खुश हु,, दी आप सच में आ रही है न वो बी फॉर ा मंथ.

दीदी: हेही हआ मेरे भाई हाँ, पापा ने सही कहा में सच में आ रही हु और जितना खुश तू है उससे ज्यादा खुश और एक्ससिटेड में हु तुम सब से मिलने के लिए .

में: हाँ दी शादी के बाद इतने टाइम के लिए आप पहली बार आ रही हैं और आपको साक्षात् देखे हुए कितने महीने बिट गए है ः..

दीदी: हहै अरे तो मेने भी तो ये सब मिस किया है न अब अचे से साथ में वक्त बिताएंगे , वैसे भी मेरे जाने के बाद तूने कितनी बदमाशियां की वो भी जानना है घर वालो से और तुझे दांत लगनी है हहै.

में: ः दीदी आप तो जानती है घर में एक आप hi है जिसकी दांत सुन्ना भी मुझे ाचा लगता है ..ज लव ु दी ंद मिस ु सो मच..

दीदी: हहै ी क्नोव भाई, एंड ी तू मिस ु , चल अब तेरे जीजू के जाने की तयारी करनी है मुझे में बाद में बात करती हु ..bye भाई.

में: okay okay दीदी, टेक केयर एंड जल्दी आओ ः... ब्बये.

दीदी से बात करने और उनके आने की बात से hi आज में भोत खुश था और अपने रूम में बीएड पर लेता इस ख़ुशी को महसूस करने में खो सा गया इसी सब के बिच मुझे ये यद् आता है की आज भैया नहीं है और भाभी अकेली है और सुबह किचन में भी आज उन्होंने कहा था की रत में मजे कर लेना अभी चोरो.

भाभी की ये बात यद् करते hi अब मेरे लोअर में लुंड महाराज भी जागने लगे और में सीधा उठ कर भाभी के रूम की तरफ चला गया.


वह रूम में भाभी को भी ये बात कही न कही पता थी की आज में उनके रूम में आऊंगा hi और मनो उसी हिसाब से मेरे लिए hi भाभी रत में तैयार हुई हो.

भाभी ने इस वक्त एक रेड कलर hi कनी लेंथ गाउन डाला हुआ था जिसके निचे एक रेड कलर की नेट वाली पंतय और उप्पेर चूचियों को कैद करने वाली ब्रा इस वक्त भाभी के बदन पर नहीं थी. साथ hi गाउन को इस तरह पहना हुआ था की उनका आधा से ज्यादा गोरा क्लीवेज बिलकुल hi अछि तरह से नजर आ रहा था और उनकी नंगी चिकनी गोरी लम्बी टंगे जिसे देख कोई भी चाटने का मन बना ले साफ नजर आ रही थी. इस तरह गाउन पहने भाभी रूम में बीएड पर बैठी मोबाइल चला रही थी.

तभी में दरवाजे को पुश करा हु जो इस वक्त अंदर से बंद था और ये जान मेने हलके से दरवाजे को नॉक किया. कुछ देर बाद hi भाभी ने दरवाजा खोल दिया और मुझे दूर पर देख एक नॉटी सी स्माइल क्र दी..

भाभी: अरे सनी तुम यहाँ इस वक्त, कुछ चाहिए था क्या.. और सोये नहीं अब्बतक..

में, भाभी के मुझे यु चिढ़ाने पर: बस भाभी सो hi रहा था की मुझे यद् आया की आप अकेली है आज और भैया ने बी कहा था भाभी का ध्यान रखना सो देवर होने क नाते आपकी खंजर लेने आया था.

भाभी: ओह्ह्ह ये बात है देवर जी , तो लेली खबर भाभी की अब जाओ आप हहै. और भाभी दरवाजा बंद करने का नाटक करते हुए दूर धकेलने लगती है.

में, दूर को धक्का देते हुए ल्होल कर अंदर आते हुए: अभी कहा ली मेने खा ार आपकी भाभी , ऐसे बहार खड़े खड़े लहबर थोड़ी लिंजाइहि वैसे भी में अंदर देख तो लू की सब ठीक है आपको किसी चीज की जरुरत तो नहीं.

भाभी, मुस्कुराते हुए वही दूर पर मुझे रोकते हुए: नहीं देवर जी मुझे किसी चीज की जरुरत नहीं है सब है मेरे पास हहै अब आप जा सकते है.

में, भाभी की इस बात पर उन्हें पकड़ कर दरवाजे से चिपकते हुए और हाथ भाभी के गाउन में से जांघो के बिच पंतय पर लगा छूट दबोचते हुए: हैए मेरी भाभी आपको भले जरुरत नहीं होगी किसी चीज की पर अआप्की ये छूट तो भोत रो रही है लगता है इसे किसी चीज की जरुरत है.

भाभी, मेरे हाथ में अपनी छूट दबोचने से एक सिसकी लेते हुए: िष्ठ्हह सनी ये क्या कर रहे हो कहा हाथ लगा रहे हो , में भाभी हु तुम्हारी तुम्हे वह हाथ लगाने की परमिशन नहीं है हहै.

में, पंतय के अंदर हाथ दाल छूट के होठो पर ऊँगली घिसते हुए: ाचा तो वह की परमिशन कैसे मिलेगी आपके इस देवर को भाभी जी .

भाभी, आंखे बंद क्र और लहिद के होठ काट ते हुए: मममम ईशःठ वह की परमिशन तुम्हे नहीं मिल सकती बो तुम्हारे भैया की हो चुकी है न सनी.

में, भाभी की छूट सहलाते हुए और दरवाजे पर hi उनके फेस को उप्पेर कर गर्दन पर चूमते हुए: उम्मम्मम्माह भाभी तो बड़े भाई की हर चीज पर छोटे भाई का भी हक़ होना चाहिए न भाभी मुउउउउउउआअह..

भाभी, अपनी तंग को हल्का सा जमीं से उठा कर और मेरे बालो में अपना हाथ फिरते हुए: िष्ठ्हह ममममम अहह सनी अच्छा और क्यों होना चाहिए ऐसा हक़्क़ छोटे भाई को देवरजी.

में, अब अपने मुँह को भाभी के क्लीवेज पर रख उसे चूमते हुए और हलके से बाईट करते हुए: वोइसलिए होना चाहिए भाभी ताकि भाई की एब्सेंस में अब भाभी की जरूरतों का ख्याल ये छोटा भाई रख सकता है न.

भाभी: ममम िष्ठ्हह उफ्फ्फ्फ़ सुननीयिययियी पर मेरी तो कोई जरूरते है hi नहीं ऐसी जो छोटे भाई को पूरी करने की जरीरत पड़े अब.

में, इस बात पर भाभी की नजरो में देखते हुए अपनी दो उंगलिअ वही दरवाजे पर खड़े खड़े भाभी की छूट में घुसा जोर जोर से अंदर बहार करने लगता हु: अगर जरुरत नहीं है मेरी भाभी को तो ये आपकी चूर मेरी उंगलिओ को अंदर लेने के बाद इतनी खुश क्यों है.

भाभी, छुए में उंगलिओ से छुड़वाने की वजह से जोश में आते हुए अपनी एक तंग हवा में उठा देती है और मुझे अपने पास खींच वही ल्हादे खड़े मेरे होठो पर अपने होठ रख एक गहरा और भोत hi कामुक चुम्बन जड़ देती है मुउउउउउउउउआअह : ओह्ह्ह्हह सनी जब तुम्हे पता है की भाभी को जरुरत है फिर कुछ करते क्यों नहीं हो िष्ठ्हह मममम और हाँ में तमहरि ये बात भी मानती हु की बड़े भाई की गैर मौजूदगी में छोटे भाई का भाभी पर पूरा हक़्क़क़ है , उम्मम्मम्मम्माः अह्ह्ह सनी अपना हक़्क़क़ जटाओ मुझ पर और आज रत अपनी भाभी के जिस्म को अपना लो सनी अपना लो ममममम अह्हह्ह्ह्ह .

भाभी की तड़प और प्यास देख में उन्हें अपनी बहो में उठा अंदर लेते हुए दरवाजे को बंद कर सीधा बिस्तर पैर ले आता हु और उन्हें लिटा कर उनके गाउन को निकल उनके उप्पेर चढ़ जाता हु और चढ़ते hi भाभी की दोनों चुचिओ को बरी बरी चूमते हुए मुँह में भर चूसने लगता हु..

में: मऊआअह भाभी सुबह से प्यासा हु आपका दूध पिने के लिए िष्ठ मुउआअह

भाभी, मेरा सर अपनी चुचिओ पर दबाते हुए: अह्ह्ह्हह सनी तो अब पिलो न जी भर के जितना मन करे उतना मममम अह्ह्ह.

और में अब अपनी जीभ भाभी की निप्पल पर घूमते हुए उसे गिला करने लगा और वैसे hi उस गीले निप्पल को अपने होठो के बिच फसा खींचने लगा..

जिस तरह में होठो में फसा निप्पल को खींचने लगता वैसे hi भाभी अपने छाती को साथ साथ उप्पेर उठती चली जाती है..

ममममममम अह्ह्ह्हह सुननयीयीय ईशःठ ोीी ममममम ..

और में अब भाभी की दोनों चुचिओ को दबा कर निचोड़ते हुए निप्पल को उंगलिओ में फसा मरोड़ने लगता हु जिस कारन भाभी को अब दर्द का एहसास होता है .. अह्ह्ह्हह सुंननीयियय ममम धीरे करो ईशःठ दर्द होता है ममम उफ्फ्फफ्फ्फ़..

भाभी के दर्द होने की बात सुनते हिमेने चुचिओ पर बरी बरी दो तीन थप्पड़ जड़ दिए: ाचा अगर इतना दर्द होता है तो पहिए क्यों इन्हे आधा नंगा लिए घूमती थी इतने दिनों से ममममम यही चाहती थी न की कोई इन्हे ऐसे hi बुरी तरह निचोड़ नुचोड़ के मसले ..

भाभी: अह्ह्ह्हह्हह ममममम िष्ठ्हह उफ्फ्फ्गफ्फ मुझे नहीं पता था की मेरे घर में मेरा देवर hi इतने अचे से मसलने वाला है वार्ना में कभी ऐसे एक्सपोज़ नहीं करती और अब तुम्हरे कहने पर मेने बंद भी कर दिया वोसब क्युकी अब मुझे मेरी चूचिया निचोड़ने वाला मिल गया है अह्ह्ह्हह मममम िष्ठ्हह उफ्फ्फफ्फ्फ़..

में: हैं अब मेरे और भैया के अलावा में नहीं चाहता की ये चूचिया किसी और के सामने आये , मऊआअह और अगर मेने देख लिया इन्हे किसी क्र के सामने आते तो वही इन्हे नंगी कर क्र काट दूंगा भाभी मम्मूवआह.

भाभी: ओह्ह्ह्हह सुन्न्नीयीय िष्ठ्हहह नहीं आएँगी किसी के सामने मममम अह्ह्ह्हह उग्गफफफ.

क्र भाभी की ऐसे आहें सुन में अपना मुँह निचे ले जा उनकी पंतय के उप्पेर से उनकी छूट के चारो तरफ घिसने लगा.

मुँह के इस घर्षण मात्रा से hi भाभी तड़प उठती है और बेडशीट को पकड़ अपनी आंखे बंद किया छूट हवा में उठाने लगती है. भाभी के इस तरह छूट हवा में उठाने से में उनकी चूतड़ निचे से पकड़ पंतय को उतरने के बाद, अपने मुँह को छूट की फको के बीचो बिच रख चूसना शुरू कर देता हु.

मुँह और जीभ को यु छूट पर पते hi .. अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हह मममम ओह्ह्ह्हज सुननयीयीय हईये चुस्स्सोोोू मेरी छुटत मममम िष्ठ्हहह मममम

और में जीभ और छूट की फेक फैलते ूए छूट के अंदर घुसा देता हु और साथ hi छूट के डेन को अंगूठे से घिसने लगता हु .. ममममम िष्ठ्हहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ सुननयीय पागल हो रही हु में अह्ह्ह्ह कितना ाचा चूस रहे हो तुम अह्ह्ह्ह ममम िष्ठ्हहह उफ्फफ्फ्फ़ और तेज चुसो में झड़ने वाली हु मममम अह्ह्ह.

और मेने अब अपनी पकड़ और गति दोनों hi बढ़ाते हुए छूट की चुदाई और चूसै दोनों जारी राखी जिसका परिणक ये हुआ की भाभी में अपना रास बहाना शुरू कर दिया अह्हह्ह्ह्ह सुननीयीय ममम में गईई उफ्फ्फ्फ़ करते हुए.

भाभी के छूट रास को पूरी तरह चूसने के बाद उनके उप्पेर आते हुए उनके होठो को दोबारा अपने होठो में भर चूमने लग गया मऊआआह..

मऊआआह सनी ी लव ु देवर जी उम्म्माह्ह्ह इतनी गज़बब चूसै की आपने मजा आ गया उम्मम्मम्माह.

में: मऊआअह भाभी अभी तो चूसै हुई है चुदाई तो बाकि है.

भाभी: मुउउउउआह देवर जी ये कामिनी और कामिनी का जिस्म अब आपका हुआ जैसे जो करना है कीजिये है मेरे इस जिस्म की आग को तृप्त कर दीजिये, जिस मुसल लुंड को में तीन दिन से देख रही हु फील कर रही हु आज उसे मुझे प्रदान कर मुझे और मेरी छूट को धन्य कर दो सनी ममममम अहह फुककक ुर भाभी सनी प्लस फ़क में.

में, भाभी के इस तरह खुद को व्होडने की बात सुन में अपना लुंड भाभी की छूट पर टिका हलके हलके धक्के देने लगता हु और हर धक्के पर भाभी अपनी टंगे मेरी कमर पर लपेट कर मुझे और अंदर तक लेने की कोशिश करने लगती है ...

भाभी की कासी हुई छूट में मेरा लुंड अब पूरा अंदर तक घुसने लगा था और छूट अभी भी इतनी कासी हुई थी की लुंड की चमड़ी को भाभी की छूट की दीवारों से पूरी तरह घर्षण मिल रहा था.

अह्ह्ह्हह ममममममिष्ठ उफ्फ्फ सुननयीय कितना मोटा और बड़ा लुंड ह तुम्हरा ईशःठ पूरा अंदर तक फील कर रही हु में तिम्हरे लुंड को ईशःठ अह्ह्ह ऐसा लग रहा जैसे आज छूट खुल रही मेरी ममममम अह्ह्ह्ह गरम गरम रोड को पूरी तरहेहसुस कर प् रही हु सनी ममममम..

अह्ह्ह्ह भाभी आपकी छूट भी इतनी कासी हुई है लगता है भैया ने सही तरीके से इसका उपयोग नहीं किया है मम्मूउउउहाहह.

अह्ह्ह्ह नहीं सनी तुम्हरे भैया को पता नहीं छूट से ज्यादा गांड का शोक है वो ज्यादा समय मेरी गांड मरना पसंद करते है अह्ह्ह्ह इस वजह से छूट कासी हुई लगी तुम्हे और सच कहु तो तुम्हरा मुसल लुंड लेने के बाद मुझे तो ऐसा लग रहा है जैसे मेरी छूट की सालो बाद आज सही से चुदाई हो रही है. अह्ह्ह्हह्हह मममम वोडो मुझे अहह.

कोई बात नहीं भाभी अब इस छूट को में इतना छोडूंगा ली फाड् के देख दूंगा िष्ठ्हह और अब भाभी को एक साइड लिटा कर में पीछे आ छिपाज कर उनकी तंग उठा अपना लुंड वापस पेल देता हु और साथ hi उनकी एक चुकी को निप्पल पकड़ निचोड़ने लगता हु ....

अह्ह्ह्हह शमममम उफ्फ्फ सुननीयीय छोड़ो अह्ह्ह ऐसी चुदाई का मजा भोत समय बदिल रहा है उफ्फ्फ्फ़ में तो कायल हो गई हु तुम्हारे इस लुंड ली और चुदाई के तरीके की अहह मममम कहा से सीखा ऐसी चुदाई करना और पहले क्यों नहीं छोड़ा मुझे तुमने सनी अह्हह्ह्ह्ह..

में: मुउउउउहाहह साली में तो कबसे छोड़ना छह रहा था तुझे और कब से तेरा रान्दीपना देख रहा था कैसे तू अधनंगी हो कॉलेज में अंग प्रदर्शन करती है तभी सोच लिया था तुझे ऐसे पटक पटक कर छोड़ना है और ये बोल में भाभी को उल्टा लिटा पीछे से उनकी छूट में लुंड पेल देता हु और उनकी दोनों टंगे आपस में चिपकये पीछे से चूतड़ पकड़ पेलने लगता हु अह्ह्ह्हह ये ले रंडी साली..

िष्ठ्हह सुन्न्नीयी मममम ाभ्ह्ह्ह मुझे भी पहले पता होता की मेरा देवर hi इतनी दुमदार चुदाई करने वाला खिलाडी है तो कॉलेज में ऐसे अंग प्रदर्शन करने से पहले सीधे hi तुम्हारे बिस्तर में आकर नंगी हो जाती अह्ह्ह मममम ुस्स्सस्स..

और अब में पुरे जोश में आ भाभी के चूतड़ों पर मड़रते हुए उनका फेस बीएड में दबा कर जोर जो से अपने लुंड को पेलने लगा था मम्मूउउ अह्ह्ह्ह

अह्ह्ह्हह ोुह्ह्हह्ह सुननीयीय क्या मस्त चुदाई करते हो अभह ईशःठ में झड़ने वाली हु फिरसे अम्मम्म अह्ह्ह्ह िष्ठ्हह उफ्फफ्फ्फ़ ..

अह्ह्ह्ह भाभी में भी आने वाला हु एंबिशहठ और ये बोल और बुरी तरह भाभी की सवारी करते हुए में भाभी की छूट में अपना माल भर देता हु और मेरे साथ hi भाभी भी अपना पानी बहा देती है.

झड़ने के बाद मेने भाभी को अपने से चिपका लिया और उनकी चूचिया सहलाते हुए उनके होठो को चूमने लगा ..

में: मऊआह्हः भाभी सच भोत मज़ेदार औरत हो आप , क्या कासी छूट है मजा आ गया मऊआअह.

भाभी: हहै सनी , तुम कहा काम हो इतना मजा मुझे छोड़ने में आज से पहले कभी नहीं आया और न hi मेने इतना मोटा लुंड कभी मेरी इस छूट में पहले लिया है ाभः आज सच में ऐसा लग रहा है की मेने असली लुंड का स्वाद चखा है हहै.

में: ाचा इसका मतलब आपने और भी लुंड के स्वाद चखे है हाहाहा.

भाभी: हहह हाँ शादी से पहले बफ्स थे दो तीन उनके चलह रखे , शादी के बाद तुम्बरे भैया के अलावा तुम दूसरे हो और अब आज मुझे ऐसा लग रहा है की शायद मुझे तुम्हारे भैया से ज्यादा तुम्हारे लुंड का स्वाद ाचा लगा और इसे में पूरी जिंदगी लेना चाहूंगी हहै .

में: मुउउउउआअह ये तो मेरी खुश किस्मती जो इतना खूबसूरत और हॉट माल मुझे छोड़ने मिलेगा हाहाहा. वैसे मेने आपको छोड़ते हुए रैंड बोलै बुरा तो नहीं लगा न.

भाभी: मममम बुरा क्यों लगेगा सनी, में तो साडी जिंदगी तुम्हारी रैंड बन कर रहने का मौका भी न गावउ , और सच कहो तो जब तुमने रैंड कहा तो चुदाई का मजा दुगुना हो गया में चाहती हु की तुम मुझे ऐसे hi और इससे भी बुरी तरह ट्रीट करते हुए छोड़ो सनी.

में: मुउआअह मूवएह ठीक है फिर मेरी रंडी भाभी आज से तेरी इस छूट का में वो हल करूँगा की तुझे हर पल यद् रहेगा की तू अपने इस देवर की रंडी है मूवएह.

भाभी: मुयहुआअह्ह्ह्ह हहै ऐसा होगा तो इससे बेहतर मेरे लिए मया होगा सनी .


में: हम्म्म चलो फिर मेरी रंडी भाभी अब अपने इस देवर के लुंड को चूस वापस गर्माओ आज तो पूरी रत तुम्हारी जवानी लूटनी है मुझे और अगले दो दिन भी ः.

और ये बात सुन भाभी है देती है और तुरंत उठ कर मेरे लुंड के पास आ उसे मुँह में ले चूसने लगती है क्र उस रत दो बार और में भाभी की चुदाई करता हु और दोनों सो जाते है.
 
रत को भाभी की दुमदार चुदाई करने के बाद सुबह भाभी के जगाने पर मेरी नींद खुलती हैं, भाभी जो इस वक्त अपना गाउन पेहेन चुकी थी और मुझे उठाने के लिए मेरे मुँह की तरफ झुकी हुई थी..

भाभी: सनी उठो भी अब, इससे पहले की कोई मुझे या तुम्हे बुलाता हुआ उप्पेर आये तुम्हे अपने रूम में जाना चाहिए क्र वैसे भी अब उठो कॉलेज भी जाना है , तुम भी रेडी हो जाओ और में भी रेडी होती हु .

में, भाभी को हाथ पकड़ अपने उप्पेर खींचते हुए जिससे भाभी सीधा मेरे उप्पेर गिर पड़ती है : हैए भाभी आज छुट्टी मर लेते है न दोनों , मन नहीं कर रहा आपको चोर्ने का मुउउउउउआअह.

भाभी: हहै सनी ऐसा नहीं हो सकता और रत भर मेरी छूट की इतनी बुरी तरह पिलाई की है अब तक मन नहीं भरा मेरे देवर जी क्या.

में: जिस देवर की भाभी इतनी मस्त , जिस भाभी की छूट इतनी मजेदार और जवानी इतनी हसीं की हर वक्त लूटने का मन हो ऐसी भाभी से किसका मन भरेगा भला ममम..

भाभी: हहै वैसे सच कहु तो सनी रत भर की चुदाई का अलग hi मजा आया मुझे भी , मेने इतनी मजे से अपनी छूट पहले कभी नहीं मरवाई अब तक छूट में तुम्हरे लुंड के दिए हुए मीठे दर्द का एहसास है हहै .

में, भाभी के गाउन से चुकी बहार निकल: मऊआअह भाभी इसलिए कह रहा हु न इस दर्द को और बढ़ाने दो मुझे और आज घर पर hi रह आपकी जवानी लूटने दो.

भाभी: नहीं देवर जी जॉब भी जरुरी है बाकि रत वापस आएगी माँ आज भी , तब अचे से दर्द दे देना अब चलो उठो भी .

में: ममम भाभी मन नहीं पर ठीक है आपकी बात मन रहा परन्तु एटलीस्ट अपना दूध तो पीला दो अपने इस प्यासे देवर को सुबह सुबह मऊवः.

भाभी: ईशःठ तुम भी न सनी ठीक है चलो पि लो हहै

और ये बोल मेने भाभी को बैठा कर उनकी गॉड में सर रख बच्चे की तरह एक एक चुकी को चूसना शुरू कर दिया और करीब 15 मिनट की चूसै के बाद भाभी ने मुझे अलग करते हुए रूम से जाने को कहा .

सुबह सुबह घर में सब लोग होते है और ये बात समझते हुए अब मेने भी ज्यादा वक्त ये करना ठीक नहीं समझा और बाकि का हिसाब आज रत पूरा करने की बात कह में भाभी के रूम से निकल गया.

यहाँ निचे डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट के लिए प्रीति और पापा आलरेडी आ चुके थे और थोड़ी देर में भाभी भी निचे पहुंच गयी होती है और माँ किचन में सबके लिए बफस्त रेडी कर रही थी.

प्रीति: सब आ गए बस एक सनी hi रोज लेट आता है आलसी कही का.

भाभी: अरे प्रीति अब तुम फिर सुबह सुबह सनी के पीछे मत पद जाना हहै,

प्रीति: पर भाभी रोज के नाटक है उसके ये पता नहीं कित्ता सोता है आलसी कही का.

भाभी, तमहरे भाई ने साडी रत मुझे छोड़ने की म्हणत की है ननद रानी तुम्हे क्या बताऊ अब: हहै अरे ठीक है अभी बफस्त रेडी नहीं हुआ है , रीड्य होगा तब तक आ hi जायेगा.

प्रीति: हम्म भाभी लेटस सी .

पापा: वैसे बहु राहुल का कोई कॉल आया था मेरी कल शाम में बात हुई थी तब वो पहुंचे नहीं थे.

भाभी: हाँ पापा सुबह मेरी बात हुई वो बता रहे थे कुछ देर में बुआ और दोनों मीटिंग के लिए निकलने वाले है , वह जा कर आपसे बात करने का बता रहे थे.

पापा: हम्म्म थॉट्स फाइन थें.

और ये बाटे चल hi रही थी की में भी निचे आ जाता हु और क्युकी में बफस्त बनने से पहले आ गया था इसलिए प्रीति भी बिना कुछ कहे चुप चाप बैठी रही. सबको गुड मॉर्निंग विश कर मेने माँ के बारे में पूछा जो किचन में थी , सो वह से माँ को विश करके आता हु बोल किचन में चला गया.

माँ को देख उनके पास जा कर उनक गलो पर कल की hi तरह आज भी एक किश कर देता हु.

में: गुड मॉर्निंग माँ.

माँ: ओह सनी तू , गुड मोरनिंफ बीटा, क्या बात ह आज बफस्त रेडी होने से पहले निचे आ गया हहै.

में: ः हाँ अब में आपको डांटने का एक भी मौका नहीं दूंगा .. वैसे आप कुछ भूल नहीं रही है.

माँ: में ... में क्या भूल रही हु बीटा

में: कल hi हमने डीडे किया था की रोज सुबह आप मुझे एक प्यार भरी किश दिया करोगीम

माँ: हहै इसमें क्या बड़ी बात है बीटा , माँ अपने बेटे को किश देने में कहा मन करेगी ..

और ये बोल आज भी माँ ने मेरे दोनों गलो पर अपने होठो से चुम लिया और कल की भाटी उनकी तरफ से एक माँ ने अपने बेटे को चूमा था पर मेरी तरफ से मुझे माँ के होठो का स्पर्श माँ के होठो का नहीं लग बल्कि एक ऐसी औरत का लगा जो अपने परिवार की जिम्मेदारियां उठा कर अपना असली व्यक्तित्त्व छिपा चुकी है.

माँ के होठो को जैसे hi मेने अपने गलो पर महसूस किया मुझे उन गद्दीदार ,मुलायम और रसीले होठो के स्पर्श में मदमस्त कर दिया था. तभी बहार से प्रीति की आवाज आती है की माँ जल्दी बफस्त लाओ मुझे देर हो रही है , और प्रीति की आवाज सुन कर मुझे फिर उस पर गुस्सा आया की चुड़ैल कही की हर समय गलत वक्त पर आ टोक देती है. और फिर उसककी आवाज सुन में और माँ दोनों साथ में बफस्त टेबल पर आ गए और सब साथ में चैथे नाश्ता करने लगे.

कॉलेज में आज भी पिछले कुछ दिनों की तरह में प्राची ma'am को अवॉयड hi कर रहा था और अब मुझे उनके चेहरे पर से ये साफ पता लगने लगा था की वो मेरा इस तरह अवॉयड करना पसंद नहीं कर रही है , पर में अभी उन्हें और इसी तरह ट्रीट कर ये चाहता था की वो खुद सामने से चल कर मेरे पास आये और उन्हें इतना मजबूर करना है की खुद सामने से वो खुद को मुझे सौपने के लिए तैयार हो जाये , और मुझे जस बात का भी यकीं था उनके घर हुए उस कांड की वजह से की भोत जल्द वो दिन आने वाला है बस थोड़ा और इंतज़ार करना है.

यहाँ ऑफिस में पापा अपने केबिन में बैठे हुए थे की तभी उनकी सेक्रेटरी श्वेता केबिन में दस्तक देती है..

श्वेता: सर मई ी के इन...

पापा: येह के इन..

श्वेता: सर िफ़ ु र नॉट सो बिजी मुझे एक बात बतानी थी आपको एंड आपका ये बात जानना जरुरी भी है .

पापा: हाँ बोलो क्या बात है आईएम फ्री एनफ तो लिसेन ु ..

श्वेता: सर, एक्चुअली में आपके केबिन की और उसके आस पास की जगह की कैमरा रिकॉर्डिंग्स चेक कर राहु थी और तभी मुझे ये दिखाई pada.or ये बोल श्वेता वो रिकॉर्डिंग पापा के सामने प्ले कर देती है.

इस रिकॉर्डिंग में पापा के ऑफिस की एक फीमेल एम्प्लोयी केबिन के अंदर झाकते हुए दीखै देती है और श्वेता से इस रिकॉर्डिंग का टाइम पूछने पर वो बताती है की ये उस वक्त की रिकॉर्डिंग है जब आप मुझे इस केबिन में टेबल पर लिटा कर छोड़ रहे थे.

पापा: ओह सो ु मैं तो से की शी इस लुर्किंग इनसाइड एंड हम दोनों की चुदाई देख रही है

श्वेता: यस सर , एंड मेने कीहोल से चेक किया वह से आपका टेबल क्लेअरकी नजर आता है जिसका मतलब ये है उसने मुझे आपसे छुड़वाते और आपको मुझे छोड़ते हुए अछि तरह से देखा है , और सर हैरानी की बात ये है की इसे ये भी पता था की इस जगह कैमरा लगे हुए है फिर भी वो वह पर रुकी रही और ऐसे झक्ति रही.

पापा: हम्म्म श्वेता बात तो टेंशन वाली है , अगर कही लीक हो गई तो भोत बड़ा प्रॉब्लम हो जायेगा.

श्वेता: यस सर इसलिए तो मेने आपको ये बात बताना भोत जरुरी समझा , सर प्लस कुछ कीजिये और ेल्स आप तो बॉस है एक बार आप पर कोई ऊँगली नहीं उठाएगा पर मेरी बदनामी हो जाएगी.

पापा: डोंट वोर्री श्वेता ऐसा कुछ भी नहीं होगा , और जैसा की तुम्बे कहा की उसे पता था कामर्स का फिर भी उसने ये हरकत की है और पूरा सन देखने के बाद भी आज दो दिन हो चुके है और वो अब तक चुप है इसका मतलब यहाँ माजरा कुछ क्र hi है.

पापा: दो ओने थिंग, मुझे इस एम्प्लोयी की साडी डिटेल्स चाहिए.

श्वेता: सर वो में ले कर आई हु साथ में hi , सर इस का नाम रश्मि है , महीने पहले hi कंपनी ज्वाइन की है एंड सर शी इस वैरी टैलेंटेड , शी हैवे ा गुड वर्क एक्सपीरियंस इन पास्ट और इसी बात से इम्प्रेस हो कर रागिनी ma'am ने खुद इनका इंटरव्यू ले कर अप्पोइंट किया है.

पापा: okay okay , श्वेता दो ओने थिंग सेंड तहत गर्ल इन माय केबिन ी वांट तो टॉक तो हेर पर्सनली एंड हाँ ध्यान रहे उसे इस बात की खबर न मिले की हमने फुटेज देख राखी है .

श्वेता: okay सर , अस ु से.

और ये बोल कर श्वेता पापा के केबिन से चली जाती है. बात पापा के लिए भी टेंशन वाली थी क्युकी अगर इस एम्प्लोयी ने कही भी अपना मुँह खोल दिया तो श्वेता के साथ साथ उनकी भी रेपुटेशन सटाके पर थी. बहार चाहे कितने भी अफेयर्स कर लो पर प्रोफेशनल होते हुए अपने hi ऑफिस केबिन में इस तरह पकडे जाना सच में एक टेंशन की बात थी.

कुछ देर बाद hi पापा के केबिन का दूर नॉक होता है और बहार से एक लेडी की आवाज पापा के कानो में पड़ती है

लेडी: मई ी के इन सर..

पापा: यस प्लस के इन..

दरवाजा खुलने के बाद एक 31-32 साल की यंग मैरिड लेडी केबिन में एंटर करती है और अंदर आ कर पापा के सामने कड़ी हो स्माइल के साथ उन्हें विश करती hai...Lady के फेस से पापा ये तो पहचान लेते है की यही रश्मि है जिसे उस फुटेज में उन्हें देखा था ..

रश्मि: गुड आफ्टरनून सर, आपने मुझे बुलाया.. श्वेता ma'am ने बताया.

पापा: गुड नून , ओह येह हाँ मेने hi श्वेता से कहा था तुम्हे बुलाने को... सो ु र रश्मि राइट.

रश्मि: यस सर ी म रश्मि शर्मा.

पापा: हम्म प्लस हैवे ा सीट रश्मि, हमारी ये पहली मुकालात है इस ऑफिस में िफ़ आईएम नॉट रॉंग एंड ु र ा नेवली अप्पोइंटेड एम्प्लोयी .

रश्मि: हाँ सर मेने एक महीने पहले hi कंपनी ज्वाइन की है , खुद रागिनी ma'am ने मुझे अप्पोइंट किया है.

पापा: येह आईएम अवेयर ऑफ़ तहत , एंड इस एक महीने में hi सौंपने ने तुम्हारा टैलेंट और हार्ड वर्क देख लिया और इसी लिए आज मेने तुमसे मिलने के लिए यहाँ बुलाया है.

रश्मि: आईटी इस टोटली माय प्लेअसुरे सर की आपको मेरा काम पसंद आया और मुझे इस लायक समझा सर.

पापा: रश्मि, ये सौंपने हार्ड वर्किंग और टैलेंटेड एम्प्लोयी को हमेशा बढ़ावा देती है और उनकी सराहना करना कभी नहीं भूलती है.

रश्मि: बीइंग ान एम्प्लोयी ऑफ़ थिस सौंपने आईटी इस माय ड्यूटी सर, में किसी और बी कंपनी में होती तो ऐसे hi शिद्दत से काम करती .

पापा, अपने पक की स्क्रीन को रश्मि की तरफ टर्न करके: और इसी शिद्दत से उस कंपनी के बॉस के केबिन में झक्ति है न?

पापा के इस तरह अचानक स्क्रीन घूमने और स्क्रीन में खुद की केबिन में झाकते हुए रिकॉर्ड हुई फुटेज को देख अब रश्मि के चेहरे का रंग मनो उड़ सा गया और वो एक तक्क उस रिकॉर्डिंग को देखती रह जाती है.

आगे क्या बात होती है ,रश्मि क्या जबाब देती है ,और इस बात को पापा कैसे रियेक्ट करने वाले है ,रश्मि के साथ क्या होगा ...

ये जानने से पहले एक बार कॉलेज में चलते है जहा में कॉलेज के कैंटीन में बैठा हुआ था की पीछे से मुझे एक आवाज आती hai..Ye आवाज प्राची ma'am की थी.

मां: hi सनी..

में: hello ma'am हावस ु

Ma'am: में ठीक हु तुम कैसे हो और पिछले कुछ दिनों से तुम मुझे अवॉयड कर रहे हो मुझे ऐसा फील हुआ पूछ सकती हु क्यों.

में: नहीं तो ma'am ऐसी कोई बात नहीं है में भला आपको क्यों अवॉयड करूँगा.

Ma'am: सनी आईएम नॉट ा डम्ब और ा फूल मुझे अचे सेसमझ में आता है सो प्लस तेल्ल में क्या बात है.

में, ma'am को अपनी बातो में लेते हुए: हाँ ma'am अपने सही कहा में आपको अवॉयड करने की कोशिश कर रहा हु पर इसकी वजह भी आप hi है.

Ma'am: मैं वजह हु? वो कैसे..

में: सी ma'am ी हैवे आलरेडी टोल्ड ु व्हाट ी फील अबाउट एंड फॉर ु, अगर में आपसे पहले की hi तरह बाटे करता रहूँगा तो मेरी फीलिंग्स और बढ़ती जाएगी लेकिन आप मैरिड है और अपनी जिंदगी जी रही है इसलिए आपको इस बात से फरक नहीं पड़ेगा .

Ma'am: सनी पहली बात तो अगर मुझे फरक नहीं पड़ता तो में तुमसे बात करने नहीं आती और दूसरी बात, में मैरिड हु तुम जानते हो इसके बाद भी तुम मुझसे ये एक्सपेक्ट कैसे कर सकते हो की में तुम्हरे साथ वो सब करने के लिए तैयार हो जाऊ जो करना मेरे लिए मेरेपाटी को धोखा देना होगा.

में: येह एक्चुअली थॉट्स थे पॉइंट न ma'am, बस इसलिए में आपसे दूर रह रहा हु कुकी आपकी खूबसूरती मुझे आपकी और खींचती है और हर पल में आपको पाना चाहता हु जब भी आपको देखता हु पर आपको ये मंजूर नहीं है बस इसलिए में ये सब कर रहा हु.

Ma'am, मन में ये सोचते हुए भी , तुम्हे ये कैसे बताऊ में सनी की मुझे तुम्हारा यु मेरे करीब आना कितना पसंद है, उस दिन तुमने जिस तरह मेरे शरीर को दबाते हुए मुझे चूमा था वो में आज तक नहीं भूली और महसूस कर रही हु पर मेरे मन का एक हिस्सा आज भी मुझे ये सब करने से तुम्हारे करीब आने से रोक रहा है तुम्हे ये कैसे समझौ : पर सनी ये तो कोई तरीका नहीं हुआ न , तुम क्यों अपने मन को नहीं समझते की ये गलत होगा

में: ma'am वही समझने के लिए तो में अपने आप को आपसे दूर रख रहा हु न.

Ma'am: पर सनी तुम मेरे स्टूडेंट होने के साथ साथ एक फ्रेंड की तरह हो और तुम्हारा इस तरह मुझसे दूर रहना मुझे ाचा नहीं लग रहा है.

में, वाह सनी तेरा आईडिया काम कर रहा है बस अब भोत जल्दी ma'am की जवानी तेरे हाथो में होगी: नहीं ma'am मेरे लिए ये मुमकिन नहीं , आईएम सॉरी प्लस ु तरय तो अंडरस्टैंड. ी हैवे तो जो नाउ bye ma'am.

और ये बोल बिना ma'am का जवाब सुने में वह से उठ कर चल पड़ता हु और मेरे इस तरह के व्यव्हार से ma'am को कही न कही ाचा नहीं लग रहा था और खुद सोचने पर मजबूर हो गई थी की अब कैसे समझौ इस लड़के को.
 
ऑफिस में पापा के केबिन में बैठी रश्मि इस वक्त हैरान परेशां बैठी हुई थी , और उसकी ऐसी हालत होने का कारन था पापा द्वारा उसकी तरफ घुमाई गयी पक की वो स्क्रीन...

देखते है अब आगे क्या हुआ...

पापा, स्क्रीन घुमा कर: तो बताओ रश्मि क्या किसी और कंपनी में होती तो वह भी ऐसे hi अपने बॉस के केबिन में तक झक कर राहु होती.

रश्मि, घबराते हुए जवाब क्या दू इसी सोच में और इस तरह पकडे जाने पर: वो.... सिर्र... सिर्रर्र.. ये आपको कैसे पता चला... सिर्र...

पापा: तुम ये भूल रही हो इस वक्त की मैं इस कंपनी का ओनर हु यहाँ कब क्या होता है मेरे पास हर बात की खबर आती है और ये तो तुम मेरे केबिन में hi नज़र दाल रही हो ये कैसे पता नहीं चलता भला मुझे. अब ये बताओ की व्हाई दीद ु रेक्विरे तो दो सुच थिंग?

रश्मि: सर... sirrr..im रियली सॉरी सर... ी डिडन्ट क्नोव की आपको पता चलेगा वो भी इस तरह .. सर प्लस मुझे माफ़ कर दीजिये आगे से ऐसा नहीं होगा.

पापा, ये सोचते हुए की, ये अब ऐसे क्यों कर रही जब इसे अचे से पता था पहले से की वह कैमरा है और ये जानने के बाद भी उसने ये हरकत की है: माफ़ करने की तो में बाद में सोचूंगा पहले मुझे ये बात समझ नहीं आ रही है की तुम जैसी इंटेलीजेंट लड़की जिसे ये बात अचे से बात थी की वो एरिया कमरा जोन में है ,और ये जानते हुए भी तुमने ऐसी हरकत की क्यों?

रश्मि, अपनी नज़रे झुकाते हल्का सुस्कराते हुए: सर vo..vo... सर बस ऐसे hi मुझे आपके केबिन से कुछ आवाज आई तो मेने सोचा क्या हो रहा देख लू .

पापा, रश्मि की बात से समझ जाते है की वो श्वेता के चुड़ते वक्त चिल्लाने की आवाज की बात कर रही है : अगर इतना hi डाउट था तो व्हाई डिडन्ट ु नॉक थे दूर एंड ट्राइड किंग इनसाइड इंस्टेड ऑफ़ लुर्किंग.

रश्मि, इस बार पापा की तरफ देख स्माइल कर: सर, एक्चुअली वो नार्मल आवाज नहीं थी और उसे सुन कोई भी समझ सकता था की अंदर क्या हो रहा है बस इसलिए मेने नॉक नहीं किया.

पापा, रश्मि की स्माइल से ये तो समझ जाते है की ये लड़की भी बोतल में उतर सकती है : अच्छा सो ु मैं ु परपोसेली चोसे तो लुरक आफ्टर लिसनिंग तहत मोअन्स , तो सीए व्हाटएवर तहत इस गोइंग ों इनसाइड थे केबिन राइट.

रश्मि, नजरे निचे कर सिनेस्स के साथ हैं में अपना सर हिला देती है.

पापा: थें व्हाई डिडन्ट ु स्पीक तो एनीवन अबाउट आईटी , इस बात को तो दो दिन होने को आये न.

रश्मि: सर में भला किसी से ये बात क्यों कहूँगी , डिडन्ट ी क्नोव की लोगो को मसाला चाहिए और अपने hi बॉस के बारे में ये मसालेदार बात तो कुछ देर में ब्रेकिंग न्यूज़ बन जाती , ी डिडन्ट वांट तहत सर..

पापा: हम्म्म थॉट्स सो गुड थॉट ऑफ़ उर्स की तुमने इस बात को समझा और ेल्स ी थॉट ु मिगहत हैवे ुसेड थिस अस ा वेपन अगेंस्ट में ंद श्वेता

रश्मि: नहीं नहीं no वे सर, ी डिडन्ट मैं तो दो अन्य सुच थिंग ..

पापा: okay थें तेल्ल में रश्मि व्हाई डिडन्ट ु स्टॉप लुर्किंग वन्स ु सॉ वत्स गोइंग इनसाइड ?.

रश्मि, नजरे चुरा कर हलके से शरमाते हुए: बकज़ थे सन ऑफ़ इनसाइड वास् सो अत्त्रक्टिंग ांडिंड़ ब्लोइंग सर एंड मेने ऐसे लाइव पहले कभी देखा नहीं था इसलिए .

पापा, रश्मि की ये बात सुन है देते है और खड़े हो कर उसकी चेयर की तरफ आजाते है: हाहाहा ओह ी सी , तुम इंटीगेंट, स्मार्ट वर्किंग के साथ साथ बोल्ड भी लगती हो और ेल्स इतने इजी वे में ये बात बोलने के लिए गुत्स सबके पास नहीं होते रश्मि.

रश्मि इस बात पर अपना स्माइल करके पापा को थैंक ु सर बोल देती है.

पापा: सो तेल्ल में ओने थिंग , तुम्हे उस लाइव सन में सबसे ाचा क्या लगा.

रश्मि, अब पापा की नजरो में देल्हते हुए स्माइल कर: सर मुझे सब कुछ ाचा लगा उसमे

पापा, रश्मि की चेयर के पीछे आ कर अपने हाथो को उसके स्लीवलेस ब्लाउज वाले शोल्डर पर रख: स्टिल कुछ तो होगा जो तुम्हे सबसे ज्यादा पसंद आया होगा न.

रश्मि, पापा क हाथो को बिना हटाए hi: सर , ट्रूली स्पीकिंग ी लिकेड ुर वे , थे वे ु ट्रीटिंग श्वेता ma'am, थे वील्डनेस एंड थे डर्टी वर्ड्स, आईएम सूरे श्वेता ma'am भी इसे सं की वजह से आपको इतना एन्जॉय कर रही थी हहै.

पापा, ये समझते हुए की रश्मि भी अब फास रही है , अपने हाथ कंधे से निचे ले जाते हुए पल्लू के अंदर घुसा उसकी दोनों चुचिओ को मसल देते है: ओह रियली , सो तेल्ल में समथिंग , वद ु हैवे लव्ड आईटी अगर श्वेता की जगह उस वक्त रश्मि होती और में वो सब डर्टी बाटे एंड वर्ड्स उसे बोल रहा होता.

रश्मि, पापा के चूचिया दबाने से और खुद को श्वेता की जगह इमेजिन करने की बात से: ममम ओह्ह्ह्ह सिर्रर्र सच कहु तो ी वद हैवे डेफिनिटेली लव्ड आईटी एंड ी आलरेडी हैवे िमागिनेड माइसेल्फ इन ma'am प्लेस सिररर .

पापा, ये जान कर की ये पहले hi मेरे पास आने का मन बना चुकी है: तुरंत चेयर को पलट रश्मि को अपनी तरफ घुमा देते है और उसको खड़ा कर अपने होठ बिना कुछ कहे उसके होठो से जोड़ देते है और चुमनेलगते है , रश्मि बी मनो इसी बात का इंतज़ार कर रही हो पूरा साथ देते हुए चुम्बन काजा ले रही थी .

इस चुम्बन के चलते hi अगले कुछ देर में रश्मि की साड़ी एक तरफ निकली हुई पड़ी थी और उसकी चूचिया ब्लाउज और ब्रा में से बहार निकली हुई और वो अपने घुटनो के बल बैठी पापा के लुंड को चुस्ती हुई नज़र आ रही थी और लुंड चूसै का मजा पापा बड़े मजे से ले रहे थे ...

रश्मि: मममम सर जिस दिन आपके इस लुंड को ma'am की बुरी तरह चुदाई करते देखा तब hi से में इसे लेना चहरहि थी और इसी वजह से जान कर कैमरा के सामने आई ताकि आप मुझे पहचान कर यहाँ इस केबिन में बुला सको.

पापा, रश्मि का मुँह छोड़ते हुए: तो उसी दिन आजाती तुझे भी श्वेता के साथ hi पेल दिया होता दो दिन भी तेरी ये चूर तड़पती नहीं न .

रश्मि: मममम नहीं सर में नहीं चाहती की कोई और इस बारे में जाने , श्वेता ma'am भी नहीं प्लस आप ये ध्यान रखना, रही बात आपसे छोड़ने की तो सर आज यहाँ केबिन में छोड़ लीजिये मुझे इसी वक्त अह्ह्ह्हह

पापा, रश्मि को बल पकड़ उठाते हुए टेबल के कार्नर पर झुका कर पीछे से लुंड उसकी छूट पर टिका धक्के मरने शुरू कर देते है: अह्ह्ह्ह साली तुझ जैसी गरम जवान लड़कीओ की छूट मरना तो शौक है मेरा तू फ़िक्र मत कर किसी को खबर नहीं होगी और तेरी ये छूट मेरे लुंड के मजे भी लेती रहेगी.

रश्मि: अह्ह्ह्हह सिर्रर्र िष्ठ्हह मममम उफ्फ्फफ्फ्फ़ तो फिर मेरी छूट का भी वही हल कर दो जैसे श्वेता ma'am का किया है मममममम.

पापा: वो तो रंडी बन कर रहती है , शादी शुदा होने के बाद भी पति से ज्यादा मेरा लुंड लेती है तू करपयेगी ये सब बोल ..

रश्मि: हाँ सर आपके लुंड के लिए में भी रंडी बन जाउंगी , शादी शुदा होते हुए में भी आपसे कही भी छोड़ने को तैयार होजाऊंगी अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्गगग पेलिए सर मुझे भी पेलिए..

पापा: ठीक है तो रंडी ये ले मेरा लुंड और फड़वा आज अपनी छूट साली अब डेल्ह क्या हल करता हु तेरा मैं तू अपने पति का लुंड भूल जाएगी और तेरी इस जवानी को तो में नोच नोच के लूटूँगा साली रंडी.

रश्मि: अह्ह्ह्हह सिर्रर्र लूट लूओ मममम उफ्फ्फ्फ्लुट लो में तो लुटवाने hi आई हु मममम अह्ह्ह्ह ईशःठ फुकककक में सिररर फुकककन मई अह्ह्ह ओह्ह्ह एसससस..

और केबिन में इसी तरह पापा अपनी एक और नयी एम्प्लोयी की घमासान चुदाई कर उसकी छूट में अपना माल भर के अपनी रैंड होने का ठप्पा लगा देते है जिसके उपरांत रश्मि अपने कपडे पेहेन केबिन से निकल जाती है .

कुछ देर बाद hi श्वेता पापा के केबिन में आती है ये बताने की उसने रश्मि को आपसे मिलने का कहा था क्या वो आई थी.

जिस पर पापा श्वेता की चूचिया दबा ये बोल खुश कर देते है की मेरी रंडी तू चिंता मत कर वो किसी के सम्मे अपना मुँह नहीं खोलेगी और ये समझ ले की रश्मि ने कभी कुछ देखा hi नहीं है. पापा ने ये कहा मतलब श्वेता जानती थी की पापा ने इस बात को दबाने के लिए जो जरुरी रहा होगा वो रश्मि से डील कर लिया होगा और इस बात से श्वेता भी निश्चिन्त हो जाती है .


रश्मि पापा द्वारा दमदार तरीके से छोड़ने के बाद केबिन से निकल कर अपने टेबल पर आ बैठे कुछ देर hi हुई थी की उसके मोबाइल पर एक कॉल आता है और जिसे देख उसके चेहरे पर एक शैतानी स्माइल आ जाती है.

कॉल रिसीव कर ...

रश्मि: ओह माय माय माय! आज महारानी को हमारी यद् कैसे आ गयी भला.. ढंग भाग मेरे हहै.

इतर साइड: शट उप ु बीच हहै, ज्यादा नाटक मत कर अब समझी .

रश्मि: ाचा जी एक तो तुझे सहेली से मिलने क्या उससे बात करने तक की फुर्सत नहीं है और नाटक में कर राहु हु..

इतर साइड: हहै अरे तो यही बताने के लिए तुझे कॉल किया है की में दो दिन बाद घर आ रही हु एक महीने के लिए , और एक तू hi तो है मेरी सबै बेस्ट फ्रेंड सोचा तुझे भी बता दू हहै.

रश्मि: व्हाट... ु मस्ट बे किडिंग में सीमा, तू सच में एक महीने क लिए आ रही है.. थॉट्स रियली ग्रेट न्यूज़ यार..


तो यहाँ ये तो पता लग जाता है की कॉल पर सीमा दीदी है और रश्मि सीमा दीदी की सबसे करीबी दोस्त है जो कॉलेज टाइम से दीदी के साथ है और दोनों में भोत गहरी मित्रता है.

सीमा: हाँ रश्मि आईएम किंग तेरे फॉर ा मंथ, इतस बीन लॉन्ग टाइम हमने अचे से मिल कर बातें नहीं की अब अचे से मौका मिलेगा हहै.

रश्मि: हाँ यार सीमा सच कहा तूने , सच आज ये खबर सुन भोत ख़ुशी हुई अब तू बस आजा जल्दी से.

सीमा: हहै येह येह आ रही हु.

रश्मि: ाचा चल में अभी ऑफिस में हु बाकि की बातें बाद में करते है नई जॉब है काम कर लू वार्ना हाथ धोने पद जायेंगे हहै.

सीमा: हहै सूरे bye bye क्या सून.


यहाँ में आपको में ये बता दू की दीदी को अब तक ये बात नहीं पता होती है की उनकी फ्रेंड रश्मि पापा की सौंपने में hi जॉब कर रही है और अब तो रश्मि सौंपने में जॉब करने के साथ hi अपनी बेस्ट फ्रेंड के पापा यानि कंपनी के बॉस के लुंड का स्वाद hi चख चुकी है और उनकी रैंड बनना स्वीकार कर चुकी है .

फ़ोन रखने के बाद रश्मि अपने मोबाइल में व्हट्सप्प पर किसी को एक मश्ग सेंड करती है "लगता है अब सही समय आ गया है, मीट में अस सून अस पॉसिबल, वे नीड तो डिसकस समथिंग". और ये मश्ग कर रश्मि दोबारा एक शैतानी स्माइल दे अपने काम में लग जाती है.

ऑफिस में जो हो रहा है सो सही पर हम ये कैसे भूल सकते है की एक दूसरे शहर में बुआ और राहुल भैया भी किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में घर से बहार निकले है और इस वक्त वो दोनों एक दूसरे के साथ है और तीसरा कोई नहीं. तो देखते है वह क्या हो रहा है...

घर से बी रोड ट्रेवल कर पिछली रत दोनों बुआ और भैया अपने डेस्टिनेशन पर पहुंच जाते है और दोनों एक होटल में स्टे करते है, उस रत तो थकन के मरे दोनों hi अपनी अपनी नींद में खो जाते है और अगले दिन सुबह रेडी हो कर वो जिस प्रोजेक्ट की डील करने आये थे उस सिलसिले में उस कंपनी के मेंबर्स से मीटिंग करने निकल जाते है.

मीटिंग कुछ शाम तक चलती है और अंत में ये प्रोजेक्ट बुआ और राहुल भैया हमारी कंपनी के नाम करवा लेते है. दोनों भैया और बुआ इस बात से भोत खुश थे की ये प्रोजेक्ट फाइनली अब उनके अंडर में है और ख़ुशी होने की वजह भी थी क्युकी इस प्रोजेक्ट पर नकार और भी बाकि कम्पनीज की थी और ये भोत प्रॉफिटेबल प्रोजेक्ट tha.Vaha से निकल दोनों वापस होटल की तरफ निकल पड़े थे..

भैया: कोंग्रटुलतिओन्स बुआ फाइनली थिस प्रोजेक्ट इस ौरस नाउ.

बुआ: हाँ राहुल , कोंग्रटुलतिओन्स तो ु तू, फाइनली हमारी म्हणत काम कर गई आईएम सो हैप्पी टुडे.

भैया: हाँ बुआ सच में आज भोत ख़ुशी का दिन है एंड आल थिस बिकॉज़ ऑफ़ ु बुआ , ु वोरकेड सो हार्ड फॉर थिस.

बुआ: नॉट ओनली में राहुल एवरीवन दीद, स्पेशलय भैया चाहते थे की हर हल में ये प्रोजेक्ट हमें मिले एंड सो आईटी इस हेरे ः.

भैया: हाँ बुआ ाँ इस बात का सेलिब्रेशन होना चाहिए.

बुआ: येह बात तो तुम्हारी सही है वे मस्ट सेलिब्रेट आईटी बूत हाउ तो सेलिब्रेट यहाँ तो हम दो hi है फिलहाल.

भैया: बुआ तो क्या हुआ , हम दो hi सेलिब्रेट करते है आज बाकि कल घर वालो के साथ फिर कर लेंगे ः.

बुआ: okay थॉट्स फाइन अभी होटल चलते है फिर डीडे करते हाउ की क्या करना है.

होटल पहुंचने पर लगभग शाम की 8 बजने को आई थी और भैया बुआ के रूम पर जा कर नॉक करते है जिसका दरवाजा बुआ खोलती है.

बुआ इस वक्त एक नार्मल सलवार कुर्ते में hi थी पर भैया की नज़र हमेशा से बुआ की मोती गांड पर hi तिकी रही है और आज भी वही हल था की हर बार यही कोशिश हो रही थी की बस बुआ की गांड दिखाई दे जाये.

भैया: सो बुआ क्या डीडे किया आपने कैसे सेलिब्रेट करना है आज का दिन

बुआ: तुम बताओ राहुल मेने तो कुछ सोचा नहीं है अब तक.

भैया, मनो इसी बात को सुनने का वेट क्र रहे थे: बुआ मेरे दिमाग में एक आईडिया है िफ़ ु एग्री थें..

बुआ: येह से आईटी

भैया: बुआ यहाँ होटल में एक पब भी है व्हाई डोंट वे बोथ जो तेरे , थोड़ा डांस एंड थोड़ी ड्रिंक्स के साथ आज का डे सेलिब्रेट किया जाये.

भैया और बुआ दोनों hi ड्रिंक करते थे भोत सी ऑफिसियल मीटिंग्स में पापा के साथ भी ड्रिंक ले चुके है थोड़ी भोत.

बुआ: राहुल सेलिब्रेशन विथ सम ड्रिंक्स इस फाइन बूत वो तो हम यहाँ भी कर सकते पब में क्यों जाना है वैसे भी अब में पब में जाऊ ाचा नहीं लगेगा न हहै.

भैया: ओह कम्यून बुआ, ु र सो टैलेंटेड बिज़नेस वुमन और ऐसी बाटे क्र रही हो मुझे ऐसा नहीं लगा था , एंड पब में क्यों नहीं चल सकती आप , आज हम वैसे hi सेलिब्रेट करेंगे मैंने कह दिया बस फाइनल. वैसे भी मेरा मन है ाँ पब में जाने का और सिंगल एंट्री मिलेगी नहीं तो बुआ न सही मेरी पार्टनर hi बन कर चल लो ः.

बुआ: ममममम हहै okay फाइन वे विल जो टुनाइट , अब खुश.

भैया: वाओ बुआ थैंक ु सो मच... जल्दी से रेडी हो जाओ अब आप एंड हाँ पब में जा रहे मेरी पार्टनर हो तो वाटत पड़े इस तरह रेडी होना आज अहह मेभी रेडी हो जाता हु.

बुआ: शट उप हहह. में हो जाउंगी मेरे हिसाब से रेडी अब जाओ तुम भी.

और ये बोल दोनों बुआ और भैया पब में जाने को रेडी हो जाते है .

कुछ देर बाद भैया वापस बुआ को लेने उनके रूम पर नॉक करते हाउ और जैसे hi बुआ ने दरवाजा खोला भैया की पलकों ने झपकना भुला दिया था.

बुआ इस वक्त एक टाइट जीन्स और रेड कलर का टॉप पेहेन कर रेडी हुई थी, जीन्स में मोठे चूतड़ों का शेप देख भैया बाकि सब कुछ भुला hi दिए थे , चूतड़ इस तरह कास के उसमे कैद हो रखे थे मनो अभी जीन्स फड़बाहर निकल आएंगे , साथ hi टाइट रेड टॉप में चूचिया भी पूरी तरह स्ट्रैट उभर कर सामने को आ राहु थी और लाइट मेकअप लिपस्टिक एंड ऑय लाइनर की वजह से इस वक्त बुआ किसी बम से काम नहीं लग रही थी.

बुआ, भैया को इस तरह घूरते देख: ऐसे क्या देख रहा है राहुल पहले

कभी मुझे देखा नहीं है क्या .

भैया: अरे बुआ देह तो है पर आज तो आप केहर ध रही हो , सच कहता हु आज पब में बिजली गिरने वाली है हाहाहा.

बुआ: चुप कर बदमाश, कुछ भी बोलता है . और अपनी बुआ के बारे मीसे बोलना ाचा लगता है क्या.

भैया: अरे बुआ सचकेह रहा हु ु र लुकिंग दमन गॉर्जियस टुनाइट, एंड अब में अपनी बुआ के साथ नहीं मेरी पार्टनर के साथ जा रहा हु ः.

बुआ: हाहाहा चल अब भोत बाटे हुई अब चलें भी.

और ये बोल दोनों बुआ और भैया पब के लिए निकल जाते है..

वह बुआ और भैया पब में आज का दिन सेलिब्रेट करने जाते है और यहाँ घर पर भी पापा सबको प्रोजेक्ट डील फाइनल होने की बात सबको बताते है और इसी के साथ सभी घर वाले अपना डिनर खेतान कर अपने अपने रूम में चल पड़ते है.

कामिनी भाभी जो इस वक्त रोज चेंज कर गाउन में आजाती है आज उनके दिमाग में कुछ और चल रहा था और आज गाउन की बजे वो अपने तन पर कुछ और कपडे दाल तैयार हो रही थी मन में ये सोचते हुए की कल देवर जी ने अपनी भाभी को उसके रूम में पटक पटक कर छोड़ा था आज देखती हु की वो क्या करते है और मुझे किस तरह ट्रीट कर पते है...

भाभी के मन में ऐसा क्या चल रहा था और क्या सोच रही थी और इस सब सोच में वो आज रत मुझ पर क्या केहर धने वाली थी ये तो उन्ही को पता था , वह दूसरी तरफ पब में बुआ और भैया क्या करते है ये भी वही दोनों जाने.

ये बाटे मुझे और आप सभी को पता चलेगी कहानी के अगले अपडेट me...:writing:
 
बुआ और भैया अब पब पहुंच चुके होते है और भैया अपने साथ बुआ को अपना पार्टनर बता कर अंदर एंट्री करते है. पब में जैसे hi भैया और बुआ की एंट्री होती और जैसे जैसे अंदर की और बढ़ते है लोगो की नज़र अब बुआ पर पड़ना शुरू हो जाती है और होगी भी क्यों नहीं इस वक्त भैया के साथ जो रागिनी ख़ानमा थी वो पब में मौजूद लड़कीओ को बराबर की टक्कर दे रही थी.

एक से बढ़कर एक हॉट एंड सेक्सी ड्रेसेस में लड़किया पब में अपने यार दोस्तों के साथ या तो डांस करती नजर आ रही थी या कही बैठे ड्रिंक करते हुए. इस मज़ेदार माहौल को देखते हुए भैया बुआ का हाथ अपने हाथ में पकड़ लेते है और उन्हें देख..

भैया : वाओ व्हाट ा नीस पब इस आईटी न बुआ... ीसन्त आईटी?

बुआ: हाँ राहुल पब तो भोत ाचा है और यहाँ भीड़ भी भोत है.

भैया: हाँ बुआ बूत ट्रस्ट में आज न यहाँ जितनी लड़किया मौजूद है उनमे सबसे ज्यादा हॉट आप लग रही हो, भैया हिम्मत करके बोल तो दिए पर अब उन्हें दर था की बुआ कैसे रैफ करेगी.

बुआ: हहै डोंट से रब्बिश okay राहुल.. में और हॉट , कोई पागल hi होगा, एंड ये न भूलो में अब भी तुम्हारी बुआ hi हु सो ये हॉट वर्ड बोलना तुम्हे शोभा नहीं देता .

भैया, ये समझते हुए की अभी तो बुआ ने कुछ नहीं कहा पर बीटा अब आगे से संभल कर वार्ना शाम ख़राब होते देर नहीं लगनी: ः okay बुआ ससुरे.. अन्य्वयस लेटस हैवे सम ड्रिंक्स एंड सेलिब्रेट आवर डे.

जिसकी हामी भरते हुए बुआ ने भी भैया को okay बोल दिया और दोनों सीधा ड्रिंक्स कार्नर की तरफ चल देते है...

बार पर जा कर भैया ने अपने लिए ड्रिंक का आर्डर दे दिया और बुआ से बी पूछा..

भैया: बुआ व्हाट वद ु लिखे तो हैवे.

बुआ: गेट में ा वोडका फॉर नाउ.

और इस तरह मेने बुआ के लिए वोडका और अपने लिए भी ड्रिंक बनवाई और वही बैठे पिने लगते है.

ड्रिंक पिटे हुए बुआ का ध्यान डांस फ्लोर पर डांस कर रहे लोगो पर थी और यहाँ भैया अपनी नजर बुआ के रेड टाइट टॉप में कासी चुचिओ पर गड़ाए और उनकी फोल्ड की हुई मांसल भरी जांघो पर तिकी हुई थी और इसी नज़ारे का मजा लेते हुए अपनी ड्रिंक का मजा ले रहे थे.

जहा ड्रिंक अपना नशा चढ़ाने का काम कर रही थी वही बुआ के जिस्म का भैया पर अलग hi नशा चढ़ रहा था और इसी तरह भैया अपनी ड्रिंक ख़तम कर लेते है और एक और ड्रिंक आर्डर कर देते है , साथ hi बुआ भी एक और ड्रिंक के लिए हाँ बोल देती है.

वोडका पिटे हुए बुआ को भी अब हल्का सा सुरूर चने लगा था ..

Bua,ek कपल की तरफ देखते हुए: सी राहुल हाउ निकलय थे अरे डांसिंग न .

भैया, उस कपल तरफ नजर डालते है जहा उन्हें उस लड़के का हाथ लड़की के चूतड़ों पर घूमता दीखता है और दोनों ऐसे hi चिपके हुए नाच रहे थे: हम्म्म्म येह बुआ सही कहा आपने, वैसे व्हाई र वे सिटींग हेरे लेट उस आल्सो जो एंड हैवे सम डांस बुआ.

बुआ: no राहुल ी can't, एंड ी डोंट वांट तो पागल हो गए हो क्या.

भैया: अरे बुआ चलिए भी अब वत्स थे इशू , मजा आएगा , इतने अचे पब में सिर्फ दारू पिने आये क्या हम लेटस एन्जॉय थे मोमेंट.

और ये बोल भैया खड़े हो बुआ के सामने अपना हाथ फैला उन्हें ज्वाइन करके को कहते है. भैया को ऐसे देख बुआ न नुकुर करने के बाद डांस के लिए मन जाती है और दोनों डांस फ्लोर पर भीड़ में घुस जाते है.

शुरू में तो बुआ हिचकिचाते हुए धीरे धीरे अपने पैर उठा रही थी और भैया उनके सामने उसी मूवमेंट में खुद भी बुआ के साथ डांस कर रहे थे लेकिन क्युकी दारू बुआ और भैया दोनों के अंदर जा चुकी थी सो सुरूर बन चूका था और इसी वजह से अब बुआ और भैया करीब आते हुए भैया ने अपना एक हाथ बुआ की कमर में दाल दिया और डांस करने लगे थे, और भैया का ये करना बुआ को थोड़ा अजीब लगा ..

बुआ : राहुल ये क्या कर रहे हो तुम, मुझे ऐसे डांस नहीं करना है.

Bhaiya,apne हाथो से पकड़ मजबूत करते हुए: बुआ कॉमन यार , डोंट स्पिल थे मोमेंट, और वैसे भू आप अभी मेरी बुआ नहीं मेरी पार्टनर बन कर आई हो और सिर्फ डांस hi तो है दिक्कत क्या है.

Bua,bhaiya की बात को मानते हुए की ठीक है मूड स्पोइल नहीं करना है , भैया के कंधे पर अपना एक हाथ रख डांस में सपोर्ट करने लगतज है और बुआ का हाथ कंधो पर पा भैया भी खुश हो जाते है और बुआ के फेस और आँखों में देखते हुए डांस का मजा लेते है.

बुआ को भैया ने इतना करीब खींच लिया था डांस के बहाने की अब बुआ की चूचिया भैया के साइन से कुछ दुरी पर थी और नज़र नीची करने पर टॉप में से अंदर की और अचे से झाका जा सकता था साथ hi अब भैया ने बुआ की गांड जो भैया की सबसे बड़ी कमजोरी है उसपर भी धीरे धीरे हाथ सहलाना शुरू कर दिया था.

नशा अब दोनों को हो रहा था इस वजह से बुआ भैया के हाथो के स्पर्श को महसूस करने के बाद भी उन्हें रोक नहीं प् रही थी और देनेका मजा लेने में मग्न thi.Isi फायदा का फायदा उठाने की सोच भैया ने जोर से अपने हाथ से बुआ के चूतड़ को भींच दिया और इस बात का एहसास अब बुआ को अछि तरह से हो गया की उनके चूतड़ मसले गए है और इसी लिए वो भैया की आँखों में देख उनसे दूर हो डांस फ्लोर से निकल बहार आ गई .

यहाँ बुआ की इस हरकत से भैया की फैट पड़ी की अचानक क्या हो गया ऐसा कही बुआ को मेरी ओस हरकत का बुरा तो नहीं लग गया और इसी दर से भैया बी डांस चोर बुआ के पास आ गए..

भैया: व्हाट हप्पेनेड बुआ, आप ऐसे चली क्यों आई.

बुआ, भैया को देखते हुए: नथिंग राहुल बस मेरा डांस हो गया आईएम टायर्ड नाउ एंड वे षड लीव नाउ भोत देर हो गई है.

भैया, ये समझ कर की अभी और कुछ न कहना hi बेहतर है बुआ की बात पर एग्री हो दोनों पब से बहार निकल आते है और सीधा होटल के लिए निकल जाते है.

पुरे रस्ते ड्राइव करते हुए भैया, जो अब तक बुआ के चूतड़ों को मसलने के एहसास और मजे में दुबे हुए थे वो अपनी किस्मत एक बार और आजमाना चाहते थे की शायद कुछ हो जाये और वैसे भी नशा अब भी दोनों को चढ़ा हुआ था, भले ज्यादा न हो पर सुरूर तो था hi .

कार को पार्किंग में कड़ी कर इससे पहले की बुआ कार से बहार निकलती...

भैया: बुआ एवरीथिंग ऑलराइट न, आप जल्दी वापस ले आई मुझे भी , मेरा मन और था डांस करने का कितना मजा आ रहा था न.

बुआ: हाँ राहुल अल ऑलराइट एंड ी क्नोव तहत वास् गुड फन बूत भोत देर हो गयी है देखो एंड सुबह वे हैवे तो लीव फॉर होम न.

भैया, चांस मरते हुए: ओह बुआ घर hi तो जाना था थोड़ा और लेट चले जाते ,मुझे इतनी हॉट लेडी के साथ ऐसे डांस करने का चांस कहा मिलेगा

बुआ: तुम्हारे पास कामिनी जैसी सुन्दर बीवी है तुम्हे वैसे भी मेरे साथ डांस करने की जरुरत नहीं है राहुल सो डोंट मेक सुच चीप एक्सक्यूसेस

भैया, उफ्फ्फ बड़ी टेडी खीर है बुआ सच: स्टिल बुआ कामिनी और आप में जमीं आसमान का अंतर है ु र वे होटेर थान कामिनी फॉर में.

बुआ: ओह रियली , एंड व्हाई दो ु फील सो राहुल.

भैया, ये समझते हुए की बुआ बातो में आ रही है और नशे का असर था hi : अपने हाथ बुआ की जांघो पर रख और उनके करीब जाते हुए: ी फील सो बुआ बिकॉज़ ट्रस्ट में मेने आप जैसी हॉट लेडी आज तक नहीं देखि एंड जब भी में आपको देखता हु सब भूल जाता हु एंड आज आप इस जीन्स एंड टॉप में सच में जलवा बिखेर रही हो , ी वांट तो स्टे क्लोज़र तो ु बुआ , ी लिखे ु एंड ी जस्ट लव ुर कर्व्स बुआ ु र दमन हॉट ..

बुआ, भैया के हाथो को झटक और उन्हें पीछे की और धकेलते हुए: राहुल ु हैवे गॉन माध , एंड नशे में तुम क्या बोल रहे हो , इवन ु डोंट क्नोव तहत , नाउ ु मस्ट जो तो ुर रूम एंड स्लीप और ये बोल बुआ खुद पहले कार से बहार निकल अंदर जाने लगती है.

भैया जाती हुई बुआ के हिलते चूतड़ देख ये सोच कर की बीटा आज जैसा मौका फिर नहीं मिलना अगर ये चूतड़ मसलने और रगड़ने है तो आज hi मौका है और यही सोच वो भी जल्दी से कार से निकल अंदर आमेलगते है. और बुआ का पीछा करते हुए उनके रूम तक आ पहुंचते है.

बुआ, भैया को अपने रूम पर साथ देख: राहुल थॉट्स ुर रूम थिस इस माइन , जो एंड स्लीप.

भैया: बुआ हाँ ी विल जो बूत ी वांट तो हैवे ा सीरियस टॉक तो ु फॉर सम मोमेंट प्लस.

Bua,bhaiya की बात मन अपने रूम को खोल उन्हें भी अंदर आने का कहती है.

जैसे hi भैया रूम में घुसते है और बाद में बुआ पलटकर दरवाजा लगाती है की तभी भैया बुआ को पीछे से हुग कर लेते है और उनकी नैक पर किश कर लेते है.

भैया: मऊआअह बुआ ी लव ु सो मच ु रियली र सो हॉटट एंड में दीवाना हु आपके इस जिस्म का बुआ .

बुआ, भैया के इस तरह हुग करने और चूमने से शॉक होते हुए और चिल्लाते हुए: राहुल, व्हाट थे हेलल अरे ु दोंग एंड सयिंग , तुम्हे कुछ आईडिया भी है या नहीं ,लीव में राइट नाउ.

भैया, अपने लुंड वाले हिस्से को बुआ की चूतड़ पर रगड़ते हुए और अपने हाथ बुआ की टॉप में कासी चुचिओ पर जोर से दबाते हुए: ओह्ह्ह्ह बुआ क्या जिस्म है आपका ममम एंड थिस सॉफ्ट बूब्स ऑफ़ उर्स प्लस फीड में बुआ प्लस मममम अह्ह्ह्ह आईएम वैरी थिरस्य फॉर ु हुआ.

बुआ, अब भैया की पकड़ से जोर कर बहार निकल उनकी तरफ मुद कर कास के tad-tad-tad तीन थप्पड़ जड़ देती है ,जिसका असर ये होता है की भैया को जो थोड़ा भोत नशा भी चढ़ा होता है वो गायब हो जाता है: ु रास्कल, डॉग , हाउ डरे ु तो से तहत एंड ऐसी घटिया हरकत करने की हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी, शर्म नहीं आई एक बार के लिए भी अपनी बुआ के बारे में ऐसा सोचने के लिए ..

भैया, थप्पड़ खाने के बाद ये समझ चुके थे की जहा अपनी मर्दानगी दिखते हुए और मौके का फायदा उठा बुआ को पटाने चले थे यहाँ सब उल्टा हो गया और अब उनकी फटने लगी थी जिस कारन बुआ को चुप चाप सुन रहे थे.

बुआ: बोलो राहुल , भोत बोल रहे थे इतनी देर अब बोलती क्यों बंद है , समझ क्या रखा तूने मुझे और सोच भी कैसे लिया तुमने की में ये सब करवा लुंगी , बुआ हु तेरी कुछ तो सोचा होता, मन तो कर रहा जान लेलु तेरी और मेरे भैया का बीटा न होता तो ले भक ली होती अब तक तो..

भैया, भीगी बिल्ली जैसे आवाज निकल: आईएम सॉरी बुआ, रियली सॉरी , ी डोंट क्नोव मुझे क्या हो गया था प्लसमुझे माफ़ कर दो एंड इस बात को प्लस यही ख़तम कर दो.

बुआ, भैया की इस बात पर एक और थप्पड़ जड़: व्हाट दो ु मैं की पता नहीं क्या हो गया था, तुम मेरे बूब्स दबा रहे हो मुझे रब कर रहे हो आगे से पीछे से , यहाँ से नहीं पब से hi , ी थॉट गलती से हुआ होगा बूत नहीं अब तो तुमने हद्द पर दी दमन आईटी...

भैया: बुआ प्लस प्लस गलती हो गई प्लस माफ़ कर दो ी रियली ऍम सॉरी.

बुआ: सी राहुल ी डोंट वांनै लिसेन अन्य बैल सहित फ्रॉम ु now,i डोंट वांट तो सी ुर फेस नाउ सो जस्ट गेट थे फ़क लॉस्ट फ्रॉम हेरे .लीव राइट नाउ.

Bhaiya,bua के गुस्से को डेल्ह ये समझ की इससे आगे कुछ बोलना मतलब दो थप्पड़ और खाने का काम करना था ,एक बार और सॉरी बोल बुआ के रूम से निकल अपने रूम में आजाते है और खुद को गालिया देते हुए की बस इतनी क्या आग लगी पड़ी थी जो सीधा चूचिया दबा दी , पता नहीं अब कल सुबह क्या होगा और बस दुआ करू किसी तरह ये बात घर में बुआ न बताये वार्ना मेरी खैर नहीं.

भैया की नींदड़ तो वैसे hi बुआ के थप्पड़ो से उड़द चुकी थी और ऐसे hi बिस्तर पर लेते कल के बारे में सोच रहे थे और वह बुआ कुछ देर भैया की हरकत के बारे में सोचने के दौरान hi सो जाती है .

वह भैया ने बुआ के साथ कांड कर थप्पड़ खाये और यहाँ उनकी बीवी यानि मेरी भाभी अपने कमरे में आज कुछ अलग hi सोच कर हर रत से विपरीत नाईट गाउन की जगह एक ब्लैक कलर की नेट वाली साड़ी दाल जिसका पल्लू चुचिओ के दोनों उभर के बिच फसा , हर हमेशा की तरह स्लीवलेस ब्लाउज जिसमे से चूचिया नाम मात्रा की ढकी हुई थी , ज्यादा से ज्यादा हिस्सा बहार को झलक रहा था , ये कह सकते है की सिर्फ निप्पल और उसके आस पास का हिस्सा ढकने का काम जो ब्रा करती है वो आज भाभी का ब्लाउज कर रहा था .

इसी के साथ नाभि के भोत निचे और छूट से थोड़ा सा उप्पेर अपना पेटीकोट बांध साड़ी पहनी हुई थी वो भी इतनी कासी हुई hi गांड पूरी तरह से अपना आकर दिखा रही थी, चेहरे पर हल्का मेकअप , और डार्क लिपस्टिक में मनो भाभी इस वक्त सम्पूर्ण काम देवी लग रही हो और कुछ सोचते हुए मुस्कुरा कर कड़ी हो अपने रूम से निकल मेरे रूम की तरफ बढ़ जाती है.

भाभी के मन में क्या है और इस रूप में मेरे कमरे में आने वाली है इस बात से अनजान में अपने कमरे में बैठा मोबाइल से सांग सुनने में मस्त था की तभी दरवाजे पर दस्तक होती है .

इस बात से अनजान की भाभी दरवाजे पर हो सकती है क्युकी पिछली रत भी में उनके कमरे में गया था और आज भी थोड़ी देर बाद जाने की सोच कर बैठा था , में दरवाजे की और बढ़ दरवाजा खोलता हु और सामने कड़ी काम देवी को देख बस देखता रेग जाता हु और भाभी मुझे ऐसे देख बस मुस्कुराये जा रही थी.

भाभी: क्या बात है देवर जी ऐसे देखते hi रहोगे या अंदर भी बुलाओगे भाभी को.

Me,bhabhi को अंदर बुलाते हुए : सच कहु तो भाभी मेरा मन तो कर रहा यही दरवाजे पर आपको रगड़ दालु, कसम से क्या मस्त माल लग रही हो आज तो, लुंड डेल्ह कर hi मचलने लग गया.

भाभी, अंदर आ दरवाजा बंद कर मेरी तरफ देख: िष्ठ देवर जी अब दरवाजे पर क्यों मसलना है जब भाभी सामने से आई hi आपके पास अपनी जवानी लुटवाने है .

में, भाभी की ये बात सुन उनके होठो को खड़े खड़े चूमते हुए: उम्मम्मम्माह भाभी सच आज तो मस्त माल लग रही हो , ऐसे तो आज से पहले कभी नहीं देखा, जिस तरह जिस्म को कपड़ो से धक् कर भी नंगा रखा है अपने ऐसा लगता है जैसे अपने देवर को जिस्म बेचने आई हो ः.

भाभी: िष्ठ मेरे देवर जी कल रत अपने इस भाभी की इतनी मजेदार चुदाई की थी की उसके बाद से मेने मन hi मन अपने आप को आपकी रंडी मन लिया था और आज रत इसलिए में इस तरह आपके सामने आई हु जैसे एक रैंड अपने यार के सामने जिस्म दिखा कर जाती है िष्ठ.

में, भाभी का समर्पण और बात सुन मस्त हो उनका पल्लू गिरा चुचिओ के बाहरी भाग पर अपनी जीभ फिरा: मुयउमममाः मेरी रंडी भाभी , वो तो में वैसे भी आज रत भोगने hi वाला था आपके में आकर अगर ऐसे तैयार न होती तब भी.

भाभी, छाती उप्पेर कर चुचिओ को चुसवाते हुए: ममममम अह्ह्ह्हह देवर जी में जानती हु की आप मुझे भोगने जरूर आते पर अगर आप कल जैसे मेरे रूम में आ कर मुझे भोगते तो वो एक देवर भाभी की चुदाई कहलाती पर आज जब में इस तरह अर्ध नग्न रूप में तैयार हो आपके रूम में खुद से आई तो मुझे मेरी वो बात का एहसास सच में हो रहा है की अब में आपकी भाभी होने के साथ अपने देवर की रैंड भी हु और आज इसी लिए खुद से उपजा बिस्तर गर्माने आई हु .

में, भाभी का समर्पण देख खुश होते हुए उनकी ब्लाउज से बहार निकली चुचिओ को दांतो से काट कर: हईये मेरी रंडी भाभी ये बोल कर सच खुश कर दिए तूने आज मुझे , वैसे तुझे पता है न एक रंडी उसके यार को खुश करने के लिए क्या क्या करती है, मुउउउउउआअह और ये बोल में भाभी के साड़ी का पल्लू खींच निकल देता हु और भाभी का गोरा जिस्म ब्लाउज पेटीकोट में मस्त झलक रहा था.

भाभी, एक बेशरम औरत बन ब्लाउज पेटीकोट में मेरे सामने कड़ी हुई: हाँ सनी जो तुम कहोगे वो सब करने को तैयार हु मई, यही रंडी का फ़र्ज़ है अपने मालिक की साडी बाटे मन्ना ..

में: अह्ह्ह तो चल साली रंडी कड़ी क्या है वह यहाँ आ अपने पैरो पर बैठ मेरे लुंड को चूसना शुरू कर हरामज़ादी.

भाभी, मेरी बात मानते हुए घुटनो के बल बैठ आगे आती हुई मेरे लोअर में से लुंड निकल अपने मुँह में भर चूसने लगती है मुउउउउउ अह्ह्ह्ह उम्म्माः , जिस तरह भाभी लुंड चूस रही थी ऐसे hi लग रहा था मनो किसी एक्सपर्ट रैंड से अपना लुंड चुसवा रहा हु, लुंड को पूरा मुँह में भर गले तक उतर लुंड की चूसै कर रही थी और मेरे जोश में आने पर जब मेने उन्हें मुँह की चुदाई शुरू की तो पूरा मुँह खोले लुंड अंदर तक ले रही थी .

लुंड से मुँह की चुदाई करने के बाद मेरे अपने गीले लुंड को भाभी के गाल और चेहरे पर मरना शुरू किआ.

में: ममममभभी सच क्या मस्त लुंड चुस्ती है तू बिलकुल एक चुड़क्कड़ ररंड जैसे hi उम्म्म्म.

और लुंड चुसवाने के बाद मुझे एक और आईडिया सूझता है और में भाभी से इस बारे में बोलता हु..

में: ाचा भाभी अभी अपने कहा की मेरी रैंड होने के नाते आप सब करेंगी जो में कहूंगा है न..

भाभी, मेरे पास आ मेरे होठो को चुम: मुऊआआह हाँ देवर जी जो कहोगे करुँगी आज़मा कर तो देखिए.

में, भाभी का हाथ पकड़: तो चलो फिर मेरे साथ ...

और ये बोल में भाभी को वैसे hi ब्लाउज पेटीकोट में अपने रूम से बहार ले कर टेरररास की तरफ ले आता हु.

भाभी: सनी ये तुम मुझे कहा ले जा रहे हो मेने ढंग में कपडे नहीं पहने है इस बात का ख्याल रखना बस मममम


में: अभी तुमने hi कहा न सब कुछ करुँगी तो अब बोलो मत और चुप चाप मेरे साथ चलो.

भाभी: ईशःठ पता नहीं तुम क्या करवाने ले जा रहे हो मममम

और इसके बाद में भाभी को टेरेस पर ले आए बीचो बिच खड़ा कर देता हु और में थोड़ी दूर जा खड़ा हो जाता हु.

टेरेस के बीचो बिच भाभी यु ब्लाउज में नंगी बहार निकल रही चुचिओ पर अपना हाथ रख कड़ी मुझे hi देख रही थी.

भाभी: सनी यहाँ क्यों लाये हो मुझे वो भी ऐसे ..

में: क्यों भाभी अपने hi कहा था न मेरे लिए कुछ भी करोगी तो अब में वही करवा रहा हु , क्यों अपनी बात से मुकरना है क्या अब

भाभी, अपनी बात पर वापस आते हुए चुचिओ पर से हाथ हटा: में नहीं मुकरती देवर जी जब कहा एक बार तो करुँगी भी.

में: ाचा तो चलो जल्दी से अपना पेटीकोट और पंतय िकल कर साइड में फेक दो .

भाभी, टेरेस पर यु नंगी होने की बात से गरमा तो पूरी तरह गयी थी पर पकडे जाने का डर: ममममम अह्ह्ह ओह्ह्ह सनी यहाँ ऐसे कैसे किसी ने देख लिया तो.

में: इस वक्त कोई नहीं किसी टेरेस पर और अब बहाना बनाने है तो चलो निचे ये मन कर की आपसे कुछ नहीं होना है ...

भाभी, मुझे रोकते हुए की नहीं में बहाने नहीं कर रही और अपने हाथ से अपना पेटीकोट और पंतय निकल चाट पर निचे से पूरी नंगी कड़ी हो जाती है: लो देवर जी हो गई नंगी तुम्हारी भाभी बिच टेरेस के ईशःठ.

गीली छूट पर जब ठंडी ठंडी हवा का स्पर्श हो तो वैसे hi अलग एहसास होता है और इस एहसास को पा भाभी अपनी अनोहे बंद किये मस्त होने लगी थी.

भाभी इस एहसास को महसूस hi कर रही होती है की में पीछे से जा लार निचे बैठ उनके चूतड़ फैला अपनी जीभ उनके गांड के सुराख़ पर रख हिलने लगता हु .

गांड के सुराख़ पर जीभ से गीलापन महसूस कर भाभी आँख खोलती है और मुझे यु गांड चूसते डेल्ह पूरी तरह गरमा जाती है : अह्ह्ह्हह्हह देवर जी mmmmm.ishhhhh उफ्फ्फ्फ़ क्या कर दिया ये अह्ह्ह्हह हईये मममममम उफ्फ्फ्फ़.

और में अब चूतड़ पुरे फैलाये गांड में जीभ नुकीली कर अंदर घुसाने लगता हु जिस वजह से भाभी के पैर कॉंम्पने लग जाते है और वो सपोर्ट ढूंढने क हिसाब से आगे को झुकने लगती है पर में उनके दोनों हाथ पकड़ पीछे खींच गांड में मुँह घुसाए चेतना जारी करता हु.

अह्ह्ह्ह ममममम ओह्ह्ह्हह्ह सुननयीय क्या कर रहे हो ये िष्ठ्हहह मममम उफ्फ्फ्फ़ इस गांड में लुंड भोत लिया पर किसी ने इतना अचे से ऐसे गांड नहीं छाती मेरी और वो भी टेरेस पर ला कर अह्ह्ह्हम्मम्मम्म ुष्ठ्हहहह

और अब गांड चाट ते हुए में अपनी दो उंगलिअ आगे से भाभी की छूट के डेन पर रगड़ते हुए अंदर घुसा छोड़ने लग गया ..

अम्म्मम्म्म्म अह्ह्ह्ह िष्ठ्हभफुकककक में सुंननीयियय आईएम गोइंग मदददददद ाभ्ह्ह्ह ममममहहह छूट और गांड दोनों खा जाओ अपनी इस रंडी भाभी की अह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ्क्या मजा देते हो हैएएइ मममम अह्ह्ह ईशःठ ऍम गोंना कम्मं सनी मममम अह्ह्ह्ह और ये सुनते hi मेने अपनी गांड चूसै और छूट में ऊँगली चुदाई और तेज कर दी जिसके परिणाम में भाभी झड़ने लग पड़ती है और खड़े खड़े झड़ना वैसे hi उनकी टंगे कम्प कंपा रहा था जिस पर मेने भाभी की कमर पकड़ कर अपना मुँह छूट पर रख जोर से दबा दिया और भाभी आना पूरा भर मेरे मुँह पर और मेरे हाथो पर दाल शरीर को ढीला चोर झड़ने लगती है .

झड़ने के बाद में खड़ा हो भाभी के होठ चुम मुउउउउआअह मुउउउउआआआहहह.

Bhabhi;uuuaaaaah सनी सच तुम हर बार ये साबित कर देते हो की तुम्हारी रंडी बनने का मेरा फैसला गलत नहीं है मममम हैए क्या मस्त गंद चूस कर hi तुमने पानी चुरवा दिया मुऊआआह.

में: अभी तो आज में अपनी भाभी की जवानी यहाँ खुली टेरेस पर अस्समान के निचे और लूटूँगा मऊआअह .

और ये बोल मेने भाभी की चुचिः धक् रहे ब्लाउज को पकड़ ले जोर से खींच पहाड़ दिया और दोनों निप्पल्स को हाथ में पकड़ मरोड़ दिया..

भाभी: अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हह सुनिययय मममम हैए मेरी निप्पलीये मममम

और बिना देर किये भाभी को चाट की एक साइड झुका कर पीछे से अपना लुंड उनकी गांड पर सत्ता कर अंदर पेल दिया...

में: ये ले मेरी रैंड भाभी भोत शोक है न गांड मरवाने का अह्ह्ह ये ले आज ..

भाभी, जो भैया का लुंड गांड में अक्सर लिया करती थी: अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह सुंननीयिययीय िष्ठ्हहह धीरीई तुम्हरा लुंड तमहरे भैया से बड़ा और मोटा है अह्ह्ह्ह गांड पहाड़ देगा मेरी ईशःठ फुकककक

में: भाभी के चूतड़ मसलते हुए जोर जोर से पेलते हुए: अह्ह्ह्ह तो भाभी अब अपने इस देवर क लुंड की आदत दाल लो भैया के लुंड को भुला कर मममम ये ले साली कुटिया...

भाभी: अह्ह्ह्हह ममममम ईशःठ दाल चुकी हु आदत में तो अह्ह्ह और पेलो अपनी रंडी भाभी की गांड सनी अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह आईएम लोविंग आईटी मममम फुकककक ुर सलूट भाभी सनी फ़क में अस ुर व्होरे अह्ह्ह्हह .

में अब पुरे जोश में भाभी के जिस्म को नोचते हुए उनकी गांड मरने लगता हु और उनकी गांड में अपना माल भर देता हु मूउउ अह्हह्ह्ह्ह मममम भाभी..

भाभी: ओह्ह्ह्ह सुननयीयीय मममममम ु र ा रियल मन , सच आज लगता है असली मर्द से छुड़वाई हु मममम अह्ह्ह्ह..

में, भाभी की चुकी मसल चुम क्र: मऊआअह मेरी रंडी भाभी अब बताओ खुले आसमान के निचे गांड मरवाना कैसा लगा ..

भाभी: हहै कभी सोचा नहीं था पर आज जो मजा आया ऐसे खुले में गांड मरवाने का ऐसा कही कभू नहीं आया मऊआआह थैंक्स सनी.

में: थैंक्स से काम नहीं चलना मेरी कुटिया रैंड..

भाभी: ईशःठ अब तो गांड छूट सव मरवा ली इस रैंड से बोलो और क्या दू थैंक्स की जगह मेरे देवर को हहै.

में: एक बार गांड मरवाने से ये देवर खुश माहि होने वाला मेरी रंडी भाभी ः.

इस बात पर में भाभी को ऐसे नंगी hi अपनी गॉड में उठा अपने कमरे में ले आया और बाकि की बची रत में एम् बार और गांड में और एक बार छूट पेलर भाभी क छेद भर दोनों साथ में hi सो गए.
 
जहा एक तरफ में अपनी भाभी को रंडी बना रत भर लुंड उनकी गांड और छूट में पेल कर इस रंगीन रात का मजा ले रहा था वही निचे के फ्लोर पर माँ और पापा चैन की नींद सोये हुए थे की तभी माँ की मोबाइल परेसागे का एक नोटिफिकेशन आता है जिसे सुनने से माँ की नींद टूट सी जाती है और मोबाइल स्क्रीन की ब्लिंक करती हुई लाइट देख मोबाइल को अपने हाथ में ले ों करती है .

स्क्रीन पर मश्ग भेजने वाले का नंबर देख कर hi माँ की नींद पूरी तरह से उड़ सी जाती है और इससे पहले की और कोई नोटिफिकेशन तूने बजे माँ सबसे पहले अपना मोबाइल साइलेंट करती है जिससे पापा को तनिक भी साउंड न जाये.

उसके बाद माँ वो मश्ग खोल कर देखती है पर कुछ भी रिप्लाई किये बगैर hi वापस मोबाइल साइड में रखने hi वाली होती है की सामने वाले ने ये देख की माँ ने मश्ग सीन कर लिया है वो माँ के नंबर पर कॉल hi कर लेता है.

यहाँ माँ को भी पता था की अगर ये कॉल रिसीव नहीं किया तो ये कॉलर शांत नहीं बैठने वाला पर रूम में तो पापा के दर से बात क्र नहीं सकती थी इसलिए माँ बीएड से उठ कर कर सीधा रूम से बहार निकल किचन में चली जाती है और कॉल रिसीव करती hai...or जो उनके बिच बाटे होती है वो..

कॉलर: hello , मश्ग देख कर रिप्लाई नहीं कर रही हो कॉल क्र रहा तो रिसीव नहीं कर रही ऐसी भी नाराज़गी हमसे जान.


महिमा, डरते हुए चारो तरफ देख: hello ,मेने तुम्हे कितनी बार कहा है की मुझे कॉल न किया करो फिर भी नहीं मानते , ये कोई वक्त है कॉल करने का भला.

कॉलर: सॉरी डार्लिंग, पपर क्या करू इस तनहा रात में मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरा ये लुंड अपनी डार्लिंग के लिए मचल रहा है .

महिमा: उफ्फ्फ तुम्हे कितनी बार कहा है मेने की ये सब अब हमारे बिच कुछ नहीं होना है और मुझे ये सब बाटे करने के लिए कॉल न किया करो समझ नहीं आती है क्या.

कॉलर: डार्लिंग में तो फिर भी समझ जाता हु पर इस लुंड को कैसे समझौ जब जब तुम्हरे जिस्म की यद् आती है ये ऐसे hi उचक पड़ता है.

महिमा: उफ्फ्फ ाचा अब ये बताओ अभी क्यों कॉल किया इस वक्त जब तुम्हे पता है में अपने पति के साथ सो रही होउंगी फिर बी

कॉलर: ी क्नोव तुम्हरे लिए इस वक्त मुझसे बात करना कितना रिस्की है पर में क्या करू आज बड़ा मन कर रहा है प्लस मेरी मदद कर दो थोड़ी ताकि लुंड हिला कर पानी निकल सकू.

महिमा: तुम न सच में पागल हो क्या , जहा पास के एक मेरे पति और दूसरे रूम में बेटी सो रहे है और तुम्हे लगता है की में तुम्हरी इस बात को मानूंगी, दिमाग घूम गया है क्या.

कॉलर: हाँ घूम गया है दिमाग ऐसा hi समझ लो , वैसे भी जब लुंड को छूट नहीं मिले तो और कुछ नहीं सूझता, तुम चाहे कुछ बोलना मत बस दिखा hi दो अपंग वो हसीं शरीर क रसीले अंग महिमा.

महिमा: देखो में तुम्हे कुछ भी नहीं दिहने वाली हु समझे और अब फ़ोन रखो.

कॉलर: क्यों, क्या तुम्हे मुझे बात करना पसंद नहीं , और अब तुम्हे क्या हो गया है पहले तो फ़ोन पर में जो कहता था करती थी और तुम्हे भी मजा आता था मुझे नहीं पता क्या , अब ऐसा क्या हो गया है.

महिमा: हाँ पहले कुछ चार पांच बार मेने फ़ोन पर तुम्हरे साथ वैसी बाटे की मानती हु पर अब में नहीं करुँगी, और जब से तुमने ये बताया है की तुम मेरे जानकर हो और कही न कही मेरे परिवार से और रिश्तो में जुड़े हुए हो में अब तुमसे इस तरह की और बात नहीं कर सकती हु

कॉलर: क्यों इसमें मेरी क्या गलती है की में तुम्हारा कोई रिश्तेदार या जान पहचान वाला हु, मेने रिश्ता देख कर नहीं तुम्हे देख कर तुम्हे चाहा है महिमा डार्लिंग और में तो तुम्हे हकीकत में भोगने के सपने देख रहा यु फ़ोन पर बाटे करने के अलावा, आखिर कब तक हम ऐसे बाटे hi करते रहेंगे .

महिमा: अपनी बकवास बंद करो और ये तो भूल hi जाओ की में तुम्हारे साथ कुछ करुँगी और मेरे साथ साथ तुम्हरे भी घर को बर्बाद करने दूंगी. और अब रही बात फ़ोन कॉल्स की तो आज के बाद तुम मुझे वो भी नहीं करोगे समझे

कॉलर: जान ये तो मुमकिन नहीं है तुमसे बात करने के लिए तो मौके ढूंढ़ता हु मैं और आगे भी ढूंढ़ता रहूँगा.

महिमा: उफ्फ्फ्फ़ तुम्हे मुझमे ऐसा क्या मिलता है सिर्फ फ़ोन पर बात करने से इतने पागल हो रहे हो.

कॉलर: तुम क्या जानो महिमा, तुम्हरी आवाज सुन कर hi लुंड मचलने लग जाता है और सच कहु तो अगर में पुरे परिवार ki.aurato को ेल तरफ खड़ा कर दू और एक तरफ तम्हे तो तुम उन सब पर भरी हो, हैए क्या जिस्म है तुम्हारा सच में.

महिमा: उफ्फ्फ्फ़ एक तो तुम मुझे ये भी नहीं बता रहे हो की तुम मेरे कौनसे रिश्तेदार हो क्या रिश्ता है मेरा तुमसे , उसके अलावा मुझे इतने अचे से जानने के बाद , में चार बचो की माँ हु पूरा बड़ा परिवार है ये सब जानने के बाद भी क्यों पीछे पड़े हो.

कॉलर: में ये सब जनता हु डार्लिंग और शायद यही सब बाटे मुझे तुम्हारी तरफ और आकर्षित करती है , चार चार बचो को दूध पीला पीला कर मोठे किये वो चुके , चार बचो के लिए पति से थुकि भी भोत होगी तो तुम्हरी छूट अब पेलने में कितना मजा आएगा और साथ hi वो भरी हुई गांड ये सब चीजे मुझे तुम्हारी तरफ आकर्षित करती है , और एक अपनी असलियत और तुमसे अपना रिश्ता भी जरूर बताऊंगा डार्लिंग.

महिमा: ुफगगगग तुम्हारा कुछ नहीं हो सक्क्ता सच , इतना बेशरम और ढीठ इंसान मेने आज तक नहीं देखा, अब भोत देर हो गई कोई भी जग सकता है और में रूम से बहार हु मानव जग गए तो दिक्कत हो जाएगी ,में फ़ोन रख रही हु bye.

और बिना उस कॉलर को बोलने का मौका दिए माँ ने कॉल कट कर दी और वापस रूम में जा कर सो gai.or यहाँ कॉलर कॉल कट होने के बाद अपना लुंड मसलते हुए ये सोचते हुए की..

Caller:ahhhh महिमा डार्लिंग ममम तुम जैसी औरत अगर परिवार में तो बहार कही किसी छूट के लिए भटकना hi न पपड़ी और रही बात मेरे तुम्हारे ृश्ह्टे की , तो जिस दिन ये लुंड तुम्हरी छूट में गया उस दिन सरे रिश्ते भी बताऊंगा और ये भी की कोई रिश्ता लुंड छूट के एक होने के रिश्ते से बड़ा नहीं है अह्ह्ह्ह ममम उफ्फफ्फ्फ़ हैए ,,, और इसी सोच के साथ लुंड पपनी चोर देता है...


सुबह सुबह जब मेरी आँख खुलती है तो भाभी जिनकी रत भर मेने टेरेस पर और बाद में रूम में ला कर मुँह, छूट और गांड तीनो hi छेड़ो में जैम कर चुदाई की थी, वो नंगी hi मेरे पास लेती हुई थी और इस तरह करवट ले कर सोइ थी की उनकी गांड मेरी तरफ थी , जिसे सुबह सुबह देख अब मेरा भी लुंड हुकुल करने लगता है और इसीलिए पीछे से hi भाभी से चिपक लुंड को गांड की दरार के बिच फसा रगड़ते हुए और एक हाथ आगे बढ़ा चुचिओ को हलके हलके मसलने लगा, इस तरह गांड में लुंड की रगड़ और चुचिओ का हाथ में दबाव से भाभी की बी नींद खुल जाती है और अंगड़ाई लेते हुए...

भाभी: मममममम सनी सुबह सुबह शुरू हो गए क्या बात है देवर जी..

में: मऊआअह गुड मॉर्निंग भाभी, और रही बात शुरू होने की तो अब मेरी रैंड को जब मन करे पेल सकता हु है न ः, और सच कहु तो आपकी ये गांड देख सुबह सुबह इसे मसलने का मन कर गया.

भाभी, अपनी गांड को पीछे सरका लुंड पर दबाते हुए: ओह्ह्ह देवर जी ममममम तो कर लो अपनी ख्वाइश पूरी , आपकी ये रंडी कहा रोक रही, ये तो मेरी खुश किस्मती है जो आज के दिन की शुरुआत इतने अचे तरीके से होगी मुआअह.

और ये कहने की देर थी की मेने भाभी को सुबह सुबह एक बार फिर दबोच कर उनकी गांड में अपना लुंड गाड़ दिया और भाभी अपनी गांड में मेरा माल भरवा उठ कर वैसे hi अपने रूम में चली गई.

रोज की तरह hi आज भी घर के सभी सदस्य डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे की तभी मुझे एहसास होता है की हर वक्त मुझे देख चिल्लाने वाली चुड़ैल आज शांत बैठ नास्ता कर रही थी जो बात मुझे अजीब लगी तो मेने hi प्रीति को छेड़ने के hisàb सी...

में: माँ , क्या बात है आई सूर्य कहा से उदय हुआ है एक चुड़ैल बिना चिल्लाये चुप चाप बैठी है.

प्रीति, गुस्से में: तू सुबह सुबह दिमाग मत ख़राब कर नालायक कही का, जरुरी नहीं हर वक्त तेरे मुँह लागु समझा.

में: ः हाँ अब आई न चुड़ैल bahar,vaise रोज तो ये मुझे देख अपने आप जग जाती है आज क्या हो गया था

प्रीति : क्युकी सुबह सुबह तेरे मुँह लगने और बकवास करने के अलावा भी भोत काम है मुझे समझा , और ये बोल वो गुस्से में उठ कर सबको bye बोल कॉलेज के लिए निकल जाती है.

में, बाकि सबसे: अरे इसे क्या हो गया आज इतनी क्यों भड़क रही थी .मेने तो मजाक किया था.

माँ, आँखों से गुस्सा करते हुए: तू बी सनी काम नहीं है हैं न, वो चुप चाप नाश्ता कर रही क्या जरुरत है तुझे छेड़ने की. देख नाश्ता बी ढंग से किये बिना hi चली गई.

में: अरे माँ डोंट वोर्री वो कॉलेज में खा लेगी मेरी वजह से तो कभी भूखी नहीं रहने वाली हाहाहा.

माँ, भाभी की और देखते हुए जो इस वक्त सब सुन रही थी: वैसे कामिनी राहुल और रागिनी दीदी कब तक आने वाले है.

भाभी: माँ मेरी अभी बात हुई उनसे कह रहे थे शाम तक आजायेंगे.

में, भाभी की बात सुन: क्या?? आज शाम.. इतनी जल्दी उनका काम पूरा बी हो गया.

भाभी, मेरी और देख मनो चिढ़ा रही हो: हाँ तो तुम क्या चाहते हो वो वही रह जाये हहै, उनकी डील हो गई तो आज लौट रहे है.

में,: ः नहीं भाभी में ऐसा क्यों चाहूंगा भला , मेरे बी भाई और बुआ है वो कोई दुश्मन नहीं ः. खैर चलो अब मुझे सलग के लिए निकलना है में चलता हु.

ये बोल में वह से उठा hi था की भाभी की आवाज आती है.

भाभी: सनी सुनो , आज मुझे भी अपने साथ hi ले चलो मेरा मन नहीं कार ड्राइव करने का.

में, पलटकर भाभी की और देख जो एक शैतानी मुस्कान भर मेरी नजर से नजर मिलती है: ठीक है भाभी चलो में बाइक निकलता हु आप आओ तब तक.

और ये बोल में अपनी बाइक निकलता हु और भाभी मेरी बाइक पर सवार हो जाती है और घर से कुछ दूर निकलते hi वो पूरी तरह मुझसे चिपक जाती है और अपनी चुचिओ का भर मेरी पीठ में दबा मजे दे रही थी... रस्ते में ..

भाभी, अपने हाथ मेरी बहो पर बांध: सनी सुनो आज शाम तुम्हारे भैया आजायेंगे और फिर जैसे मजे मेने तुम्हारे साथ पिछली दो रत किये इतनी आज़ादी से करने में मुश्किल होनी है.

में: अरे भाभी मई हु माँ सब मैनेज हो जायेगा और आपकी जवानी बराबर से मसलता रहूँगा ः.

भाभी: हहै फिर बी में ये चाहती हु की आज शाम तक तुम मुझे अचे से मसलो जैसे दो रातो से रगड़ रहे हो प्लस.

में: पर भाभी अभी तो सलग जाना है न हमे उसका क्या.

भाभी: उसकी चिंता नहीं है मेरी सुबह दो क्लास है आज बस वो लेनी है उसके बाद फ्री हु तो हम कुछ प्लान क्र सकते है.

में: ठीक है भाभी फिर दो क्लास बाद मैं आपको कॉलेज से कही ले चलूँगा ः.

और ऐसे hi बात करते हुए मेरी बाइक अब कॉलेज के गेट पर एंट्री करती है और जैसे hi में बाइक पार्किंग एरिया में लगाने जा रहा होता हु सामने से कॉलेज में घुस रही प्राची ma'am की नजर मुझ पर पड़ती है और कामिनी भाभी भी मेरे साथ hi थी , जिसे देख ma'am तुरंत कॉलेज बिल्डिंग में घुस जाती है, उनका इस तरह जाना देख मेरे दिमाग में ये बात आई की शायद भाभी का मेरे इस तरह साथ होना ma'am को एफेक्ट किया है.

यहाँ में और भाभी कॉलेज पहुंचते है और वही दूसरे शहर में राहुल भैया और बुआ आज घर वापसी को तैयार होते है. पर घर वापसी की बात को अलग रख यहाँ भैया के मन में कुछ और hi चल रहे है..

Rahul,man में: पता नहीं बुआ का मूड कैसा होगा , साला यहाँ तो रत की थप्पड़ मेरी ौभी तक हालत टाइट किये हुए है अब ऐसे में उनका सामना भी कैसे करू , और ये बी तो जानना जरुरी है की आगे बुआ क्या करने वाली है कही घर जा कर किसी को बता दिया तो वात लग जाएगी. इसी सब सोच के बिच रूम का दूर नॉक होता है


दरवाजा खोल देखने पर सामने बुआ कड़ी...

Bua,hard टोन में: क्या हुआ राहुल, चलना नहीं है क्या , यही रहने का इरादा है.

राहुल, बुआ को अब भी गुस्से में देख: बस बुआ आ hi रहा था , पर बुआ मुझे आपसे निकलने से पहले एक बात करनी थी.

बुआ: अब और क्या बाकि रह गया कहने और करने लो कल रत काम था क्या.

Rahul:bua , उसी के बारे में बात करनी है पप्पल्स एक बार सुन लो.

बुआ: ठीक है जल्दी बोलो हमे देर हो रही.

राहुल: बुआ , में कल रत के लिए आपसे माफ़ी मांगना चाहता हु , पता नहीं नशे में वो सब कैसे हो गया जिसके लिए में शर्मिंदा हु, पर में बस आपसे ये विनती करना चाहता हु की प्लस कल रत जो कुछ हुआ उसे यही चोर कर जाईये, घर पर किसी से इस बात का जिक्र नहीं करना वार्ना भोत हंगामा होगा , प्लस बुआ मेरी गलती की सजा आपने वैसे भी थप्पड़ो से दे दी है अब इस बात को यही ख़तम कर दो.

बुआ: ठीक है राहुल में तुम्हारी बात मन लेती हु वैसे मई भी घर पर कोई ड्रामा नहीं चाहती खुद को ले कर , वैसे बी तुम घर के बड़े बेटे हो और बड़े बेटे की ऐसी करतुते सुना में तेरे माँ डैड को शर्मिंदा नहीं कर सकती हु , और न hi तुझे तेरी बीवी की नजरो में गिरा सकती हु , पर राहुल एक बात अब हमेशा यद् रखना की मेरी नजरो में तूने अपने लिए इज्जत खो दी है और नाह hi में तुझे अब अपने भाई के बीटा समझ कर जो प्यार करती थी वो बचा है.

राहुल, सुकून पते हुए की बात बन गई अभी तो,: थैंक्स बुआ मेरी बात को समझने के लिए , और रही बात आपका प्यार और इज्जत पाने की बात तो मेरी हरकत hi ऐसी है की को भी यही करेगा पर में वापस अपनी बुआ का प्यार करने की और जो गलती की है उसका प्रायश्चित करने की कोशिश करूँगा.

(मन में, प्रायश्चित तो पता नहीं पर पहले सिर्फ आपके जिस्म और भरी गांड देख आपको पाना चाहता था अब तो आपके थप्पड़ो का भी हिसाब लेना है बुआ , जिसे में जल्दी hi अचे से वसूल करूँगा).


और यहीं बुआ और भैया अपनी बात ख़तम कर कार ले वापस घर की और निकल पड़ते है जहा रस्ते में दोनों के बिच एक दूसरे से किसी प्रकार की बातचीत नहीं होती है.
 
यहाँ कॉलेज से दो क्लास अटेंड करने के बाद में भी भाभी को ले करसिद्धा एक होटल में पहुंच जाता हु और अगले कुछ घंटे भाभी को वह जैम कर छोड़ने के उपरांत उन्हें ले कर घर आजाता हु.



भाभी के चेहरे पर आज संतुष्टि और पिछले तीन दिनों की दमदार चुदाई की ख़ुशी साफ झलक रही थी, और इन तीन दिन की चुदाई से मेने भाभी को पूरा अपने वश में कर लिया था, वैसे भी कहते है न की अगर एक मर्द औरत को शारीरिक संतुष्टि और काम सुख पूर्ण रूप से प्रदान कर दे तो वो औरत अपना सब कुछ उस मर्द को समर्पित कर देती है और भाभी का मेरे लिए अब वही समर्पण हो चूका था.

होटल में भाभी और मैं दोनों hi चुदाई के इस खेल में इतना खो चुके थे घर आते आते लेट तो होना hi था, और जैसा की हमे पता था घर पहुंचते hi माँ के सवालो के जवाब देने पड़ेंगे ...

माँ: क्या बात है सनी , कामिनी आज कॉलेज से आने में इतनी देर कैसे हो गई, लगभग दो घंटे देरी से आ रहे हो

में: वो मम्मी आज भाभी को अपने साथ ले गया था न और अब वापस भी अपने साथ लाना था बस इसलिए, वार्ना में अकेला होता तो कब का आगया होता.

माँ: कामिनी की वजह से देर हुई , क्यों कामिनी ऐसा कहा काम में लग गई थी

भाभी, मेरी तरफ गुस्से से देख क्र की मुझे फसा दिया : वो.... vo...vo माँ क्या है न आज हम सरे फैकल्टीज की मीटिंग थी कॉलेज हेड्स के साथ तो बस इसलिए देरी हो गई आने में.

और ये जवाब दे भाभी भी इतराते हुए मेरी और देख मुस्कुरा देती है.

माँ: ओह्ह ठीक है पर आगे से ऐसा कुछ हो तो एक फ़ोन hi कर दिया करो मुझे टेंशन हो रही थी.

भाभी: सॉरी माँ आगे से ध्यान रखूंगी.

माँ: ाचा जाओ अब रूम में , राहुल और रागिनी दीदी भी आ गए है घंटे भर पहले hi.

में: क्या ..भैया और बुआ आ गए माँ ,लेकिन भाभी आप तो कह रही थी की शाम तक आने वाले है.

भाभी: हाँ मुझे भी बोलै तो यही था उन्होंने.

माँ: अब क्या बोलै कैसे बोलै ये चोरो और जाओ तुम दोनों भी हाथ मुँह धो लो अपने आपमें रूम में जा क्र में तब तक रागिनी दीदी ले लिए अदरक वाली चाय बना देती हु उन्हें सफर के वजह से सर दर्द है.

और ये बोल माँ किचन में चली जाती है और भाभी आगे बढ़ सीढ़ियों तक पहुँचती है की में उनके पास जा कमर पर हाथ लगा , जाओ भाभी जी अपने पति की सेवा करो , तीन दिनों से देवर की रैंड बानी हुई थी अब वापस बीवी बनने का समय आया ः.

भाभी: हहै चुप बी करो कोई सुन लेगा, वैसे बीवी तो में उनकी बन जाउंगी पर अब तो तुम्हारी इस भाभी को अपने इस देवर की दोबारा रैंड बन लुंड लेने का इंतज़ार रहेगा हहै, और ये बोल भाभी अपने रूम की और चली जाती है.

में , मन में: हाहाहा वाह सनी तेरी भाभी तो अब पपुरी तरह तेरे चंगुल में है इसकी जवानी जब चाहे लूट सकता है तू और ये खुद सामने से आएगी बिन बुलाये भी , तुझसे ज्यादा इसे अब तेरे लुंड की जरुरत होगी ः.

में ये सब सोच की रहा था की मेरी नज़र किचन में कड़ी कॉफ़ी बना रही माँ पर पड़ती है और वो नज़र फिर माँ पर hi रुक सी जाती है.

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माँ जो इस वक्त पिंक कलर की साड़ी पहनी हुई थी और साथ में ग्रीन कलर का बॉर्डर मैचिंग स्लीवलेस ब्लाउज जो बैक से सिर्फ एक पतली सी स्ट्राप के सहारे बंधा हुआ था और जिसमे से माँ की नंगी गोरी पीठ भोत hi अछि तरह से दिखाई पद रही thi.Is तरह माँ तेज hi रेडी हुआ करती है पर आज जिस वजह से मेरी नजर माँ पर जा ारुक गई थी वो वजह थी उस पतले से ब्लाउज के स्ट्राप सेबाहर निकलती हुई उनकी क्रीम कलर की ब्रा , जिसके साइड स्ट्रैप्स के साथ साथ हुक वाले स्ट्राप का कुछ part भी ब्लाउज में से बहार निकल रहा था.

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माँ की ब्रा स्ट्रैप्स देखते hi मनो लुंड को एक जोर का झटका लगता है और इस वक्त में उस ब्रा ko.lucky मानते हुए उसके प्रति जापान की भावना प्रतीत कर रहा था क्यों की जिन मोठे मोठे भरे हुए चुचो की एक नज़र पाने के लिए में सब कुछ लुटाने को तैयार हु उन्ही चुचिओ को ये ब्रा इतने करीब से और उससे इस कदर चिपक कर दिन रत रहती है ,और मन तो कर रहा था की अभी इस ब्रा के स्ट्राप को खींच कर फाड् फेकू.

अभी ये नज़ारे से उभरा नहीं था की लुंड और एक और झटका लगता है क्युकी इस वक्त माँ ने अपना एक हाथ पीछे ला कर अपनी गांड पर फिरा दिया था जैसे की अंदर से पेटीकोट को सही कर रही हो और ये देखते hi मुझे अब माँ की साड़ी के अंदर पूरी तरह अपना अकार बना कर बंधी हुई , छिपी हुई उस भरी मोती गांड पर हाथ फिरने की लालसा सी जग उठी , मनो जैसे में माँ को बोल रहा हु की माँ आप कई तकलीफ कर रही हो लाओ में आपकी साड़ी उतर कर गांड पर अचे हाथ फेर कर मसल दू.

दिन भर भाभी की चुदाई करने के बाद भी माँ की ब्रा और उनके साड़ी के अंदर छिपे चूतड़ों को देख कर हु लुंड का बुरा हल था और ये बात समझ आ चुकी थी की चाहे खूबसूरत से खबसूरत और हॉट से हॉट माल को भू छोड़ कर क्यों न आओ माँ का जिस्म और माँ के इस तरह के रूप को देख कर अचे से अचे इंसान का लुंड दोबारा खड़ा हो जायेगा जैसे मेरा अभी हो रखा.

जहा लुंड अपनी पूरी औकाद में था वह मुझे ये भी अचे से पता था की बीटा अभी सिर्फ माँ को ऐसे देख कर hi खुश हो लो इससे आगे इतनी आसानी से कुछ हाथ नहीं लगने वाला ः भोत म्हणत लगने वाली है अगर माँ का प्यार रूपी भोजन करना है तो.

और यही बात सोचते हुए अब में किचन में जा कर माँ के बाजु में चुपचाप खड़ा हो उन्हें एक तक निहारने लगता हु. माँ भी कुछ देर तो बिना कुछ बोले अपने काम में लगी रही फिर..

माँ: ऐसे क्या देख रहा है बीटा तू मुझे जैसे पहली बार देख रहा हो हहै.

में: माँ, पता नहीं बूत आज बस मन कर रहा अपनी माँ को ऐसे hi बस देखता राहु, भोत प्यारी और सुन्दर लग रही है आज मेरी माँ., और ये बोल में माँ के गलो पर किश क्र देता हु.

Mom,kiss के बाद स्माइल करते हुए: ाचा, ाँ प्यारी और सुन्दर लग रही है तुझे माँ, रोज नहीं लगती है क्या हहै

में, माँ के हाथ पकड़ अपनी और घुमा: नहीं मेरी प्यारी माँ ऐसी बात नहीं है , में तो ये कहता हु की आप वर्ल्ड में सबसे ब्यूटीफुल औरत को कोई आपके बराबरी का नहीं है ,बूत आज आप अपना hi रिकॉर्ड तोड़ और ज्यादा खूबसूरत लग रही हो.

माँ: हहहहए कुछ भी , बकवास करवा लो तुझसे तो बस , वैसे चल अब बता ये मस्का क्यों मर रहा है क्या चाहिए तुझे मुझे जल्दी बता अब.

Me,man में तो आया की बोल दू आपकी गांड चाहिए मेरे इस लुंड के लिए: ममम माँ अब जरुरी है की में कुछ चाहिए तभी आपकी तारीफ करू अब सच बोलना बी जैसे गुनाह हो गया है.

माँ: हेहेहे गुनाह नहीं हुआ पर तू ऐसे कभी मेरे पास नहीं आता न इसलिए मुझे लगा आज भी कुछ लेने आया है

में: ः ाचा माँ अगर ऐसी बात है और आप देना hi चाहती है तो अपने इस बेटे को एक प्यारा सा ाचा वाला हग्ग दे दो बस

माँ: हेहेहे तू बी न सनी पागल है ये तो में तुझे ऐसे hi दे देती मस्का न लगाए तो भी , मेरा प्यारा बीटा है तू.

और ये बोल माँ अपनी बहे फैला लेती है और में तुरंत hi आगे बाद माँ को एक कस के टाइट हुग देदेता हु , हुग इतना टाइट की इस वक्त में माँ की चुचिओ का दबाव अपने साइन पर महसूस कर प् रहा था और माँ के शरीर से आती हुई वो मन मोहक सी महक जो मुझे अलग hi आनंद दे रही थी.

में: ओह माँ थैंक यू सो मच एंड ी लव ु, मन कर रहा है की बस ऐसे hi अपनी माँ से चिपका राहु.

यहाँ माँ की तरफ से तो बेटे के लिए प्यार और ममता वाला हुग था पर मेरे ख्याल में इस वक्त माँ की चुचिओ का साइन पर दबाव , गले लगने से पीछे नजर आती उनकी मोती गांड और वो ब्रा के दिख रहे स्ट्रैप्स hi थे जिन्हे सोच सोच में उत्साहित हो रहा था.

माँ, हुग देते हुए hi: ओह बीटा में भी तुझसे भोत प्यार करती हु , माँ हु तेरी और तू मेरा सबसे छोटा बीटा है मेरा सबसे लाडला भी, और जब मन करे हुग लेलिया कर न , माँ से हुग मांगने में कैसी शर्म

में, अपने हाथो को माँ की नंगी पीठ पर घूमते हुए और उनकी उस ब्रा की स्ट्राप में अनजान बनते हुए उंगलिया घुसते हुए: ओह माँ ु र थे बेस्ट माँ इन थे वर्ल्ड, आप कितनी पप्यारी हो और आपका हुग तो इस सब से बेस्ट, पूरा दिन कॉलेज की थकन उतर गई ः.

माँ: हहह चल अब छोड़ेगा भी मुझे या ऐसे hi दिन बिताना है , देख चाय भी तैयार है , तू उप्पेर जाये तो बुआ के लिए लेते हुए जाना.

में, अपनी भावनाओ पर काबू प् स्तिथि को समझते हुए माँ से अलग हो कर: थैंक्स माँ फॉर थे हुग, बस अब एक किश दे दो अपने इस बी को पहर आपको तंग नहीं करूँगा ः.

माँ: अपने होठ मेरे गलो पर लगा एक प्यारा सा किस्स्ग देते हुए, ये ले अब खुश मेरे बच्चे, और इसमें तंग नहीं किया तूने कुछ मुझे , उल्टा मुझे बी ाचा लगा की मेरा बीटा आज भी अप्पनइ माँ को इतना प्यार करता है एक माँ को और क्या चाहिए बीटा हहै.

में: माँ में तो आपको जिंदगी भर ऐसे hi और इससे भी ज्यादा अछि तरह से प्यार करना छह ा हु और करूँगा भी ः , थैंक्स फॉर थे किश, लाओ चाय दो में दे दूंगा बुआ को .

और ये बोल बुआ की चाय साथ ले किचन से बहार निकल जाता हु और बुआ के रूम पर नॉक करता हु ,कुछ देर वेट करने के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर एक बार और नॉक करता हु पर इस बार भी कोई रिप्लाई नहीं आता है दरवाजे को पुश करता हु जिससे दरवाजा खुल जाता हाउ.

अंदर दाखिल होने पर मुझे बुआ रूम में नहीं दिखाई देती है तो में चाय वह बीएड के पास रख जाने लगता हु की तभी मेरी नज़र बीएड पर पड़ी एक ऐसी चीज पर पड़ती है जिसे देख कमरे से बहार जाते हुए मेरे पैर वही थम जाते है.

 
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