- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 146,241
अपडेट 93
इस बार भी लेट?
निशा नाराजगी में मुंह दूसरी तरफ घुमा लेती है.
लेकिन जब उसने महसूस किया की अतुल हांफ रहा था तो फिर अतुल की तरफ घबराते हुए देखने लगती hai...Raat होने की वजह से शायद उसने पहले नोटिस नहीं किया था.
अतुल सच में हांफ रहा tha...Jaise बहुत थक गया ho...Lekin फेस में एक मुस्कान tha...Jaise उसने कुछ कर दिखाया है.
निशा:- ये क्या हाल बना रखा है तुमने?
अतुल के बिखरे हुए बाल और थोड़ा पसीना से भीगा चेहरे को देखती हुई निशा बे पूछा.
निशा:- तुम ठीक तो हो ना?
इस बार सच में घबराते हुए निशा ने पूछा.
अतुल ज्यादा बोलने की हालत में नहीं tha...Bas चेहरे से hi "हां" में इशारा किया.
अतुल वही छत की रेलिंग का सपोर्ट ले कर रेस्ट करने laga...Iss बीच निशा उससे कई बार सवालिया नजरो से घूर रही थी.
अतुल:- वो कहता था ना तुम्हारे लिए चाँद और तारे तोड़ लाऊंगा.
प्यार भरी आवाज में अतुल निशा की आँखों में देख कर बोलै.
निशा:- Haa...Badi बड़ी बातें तो करते रहते ho...Isme नया क्या है?
अतुल:- अगर मई कहु की इस बार सच में ऐसा किया है तोह?
निशा:- और मई भी कहु की मई बेवक़ूफ़ नहीं हु की तुम्हारी बकवास पर यकीं कर लू.
अतुल:- यकीं कर लो डिअर.
फिर अतुल अपने पॉकेट से एक झिलमिलाता हुआ स्टार निकालता hai...Uska डिज़ाइन और चमक देख निशा से रहा नहीं jaata...Wo अतुल की हाथो से छीन लेती है.
निशा:- बहुत hi खूबसूरत hai...Kaha से लेकर आये?
अतुल:- बस अभी मार्किट से.
अतुल का बस इतना hi कहना था की निशा को साड़ी बातें समझ में आ जाती hai...Uska thakaan...Uska हांफना सब kuch...Aur उससे भी बड़ा सवाल.
निशा:- क्यणजरूरत थी इस वक्त जाने ki...Abhi कुछ देर पहले तो तेज बारिश हो रही थी ना?
अतुल:- तो क्या हुआ?
निशा:- तो क्या हुआ? अगर बीमार पद गए तो?
अतुल:- Beemaar...Aur वो भी mai...Kisi भी बैक्टीरिया और वायरस में इतना दम नहीं की मुझे बीमार कर सके. :स्मार्त्य:
अतुल ने बस इतना hi कहा था की वो जोर से छींकता है.
ये देख निशा अपने आप hi हसने लगती hai...Aur अतुल का हालत ऐसा हो गया था जैसे किसी छोटे बच्चे की चोरी पकड़ी गयी हो.
निशा ऐसे hi अतुल की बाल पर हाथ फेरने लगती है ki...Tabhi उससे एहसास होता है की कुछ देर पहले वो अतुल को पसीने में भींगने की सोच रही थी वो असल में...
निशा:- ये क्या तुम तो पूरी तरह भींगे हुए हो?
थोड़ा गुस्से के साथ निशा अतुल को देखती है.
अतुल:- जल्दबाज़ी में बाल सूखा नहीं पाया.
निशा कुछ कहे बिना hi छत से चली जाती है.
अतुल:- निशा?
एक दो बार अतुल निशा को आवाज लगाता है लेकिन निशा कुछ सुने बिना hi वह से चली जाती है.
रूम में पहुँच कर निशा पहले तो वो स्टार को प्यार से टेबल पर रखती hai...Usse देख एक बार फिर वो मुस्कुराती hai...Muskuraaye भी क्यों naa...Itne प्यार से अतुल ने जो दिया था उससे.
फिर एक टॉवल ले कर अतुल के पास चली जाती है.
निशा:- ये lo...Acche से पोछ लो.
अतुल:- इतना प्यार? देख lena...Ek दिन तुम्हारा यही प्यार मुझे मार डालेगी.
अतुल ने निशा को देख मुस्कुराते हुए कहा.
निशा:- फिर बकवास?
अतुल:- अच्छा sorry...Ye तो bataao...Kaisa लगा वो स्टार?
निशा:- तुम से ठीक ulta...Bahut hi प्यारा है.
अतुल:- और मई?
निशा:- तुम तो उल्लू (आउल) जैसे दीखते हो.
अतुल:- Accha...Abb पता chala...Ullu भी हैंडसम होते है.
अतुल की इस बात पर निशा कुछ देर उससे घूरती रही फिर अचानक hi हसने लगी.
निशा:- तुम भी ना.
फिर कुछ देर दोनों के बिच खामोशी छा जाती है.
निशा:- ऐसे क्या देख रहे हो?
अतुल को लगातार अपनी तरफ घूरता देख निशा ने पूछा.
अतुल:- Chaand...Jaanti हो मई सिर्फ तारा hi laaya...Chaand nahi...Chaand मेरे hi पास hai...Mere सामने.
सच में इस चाँद की रौशनी में तुम्हारी खूबसूरती चाँद से काम नहीं.
निशा:- क्या तुम भी?
निशा शर्माते हुए बोली.
अतुल:- जानता tha...Ye जोके तुम्हे पसंद आएगा.
निशा:- जोके?
निशा गुस्से से देखती हुई बोली.
Atul:-Nahi nahi...Mai तो...
एक बार फिर डरने की एक्टिंग की अतुल ne...Darne की काम निशा को हसाने की कोशिश ज्यादा thi...Aur कोशिश सदल भी hua...Nisha फिर अतुल को देख हसने लगी.
निशा:- अच्छा ये bataao...Itni तेज बारिश में इतना दूर वो भी भींगते हुए क्यों गए थे?
अतुल:- बस हौसला बुलंद होना chaahiye...Kuch भी संभव hai...Aur ये तो प्यार का हौसला है madam...Kuch भी कर जाता मई तुम्हारे लिए.
निशा:- मई कुछ पूछ रही हु और तुम जवाब कुछ और hi दे रही हो.
अतुल:- बस कुछ याद आ गया था इस लिए.
निशा:- क्या याद आया था?
अतुल:- एक दिन मेरा कंधे पर प्यार से सर रख कर मुझ से बात कर रही मेरी Nishu...Uski khwahish...Ki उसका अतुल उसके लिए आसमान से चाँद तारे तोड़ लाये.
आसमान से तो तोड़ नहीं saka...Ha लेकिन धक्का मुक्का करते हुए भीड़ वाली दूकान से वो तारा जरूर तोड़ लाया.
निशा:- कही छोट तो नहीं लगी? क्या जरुरत थी ये सब करने की?
निशा ने फ़िक्र के साथ पूछा
अतुल:- छोट बिलकुल भी नहीं laga...Bas थोड़ा थक जरूर गया था.
और क्यों ना laau...Aakhir मेरी निशु की ख्वाहिश hai...Puri कैसे नहीं करता.
निशा:- किसी और दिन लाते? आज hi क्यों?
अतुल ने अब्ब उदास होने की एक्टिंग की.
अतुल:- तुम मुझसे प्यार hi नहीं करती.
निशा:- अब्ब ये क्या नया बकवास कर रहे हो.
अतुल:- तुम्हे आज का डेट भी याद नहीं.
निशा कुछ देर तक सोचती है और फिर अचानक से एक्ससिटेड हो कर कहती है.
निशा:- आवर एनिवर्सरी.
अतुल:- Exactly...Anniversary...1 साल हो गए हमारे प्यार ko...Hamaare रिलेशनशिप को.
लेकिन तुम्हे ये याद कहा?
निशा अतुल की गाल पर प्यार से पिंच करते हुए.
निशा:- अगली बार से याद रखूंगी.
इतना hi काफी नहीं था की एक और सरप्राइज अतुल ने निशा के सामने रख दिया.
एक केक.
निशा की ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं raha...Pyar से उसने अतुल को गले लगा लिया.
फिर ऐसे hi हंसी मजाक में दोनों केक कट करते है और एक दूसरे को खिलाते है.
अतुल:- चलो अब्ब मुंह मीठा कराओ?
निशा:- अभी तो केक खाया हमने.
अतुल:- केक से क्या होता है? मुंह मीठा तो कुछ और तरीके से होता है.
निशा की होंठो पर ऊँगली फिराते हुए अतुल ने कहा.
निशा:- यू?
फिर धीरे से निशा अतुल को मारने लगती है.
और फिर दोनों लग जाते है एक दूसरे से प्यार jataane...Apne होंठो से.
निशा आज बहुत खुश thi...Atul का ये deewanapan...Ye paagalpan...Uski एक ख्वाहिश के लिए अतुल ने क्या नहीं किया.
बस यही तो प्यार था दोनों ka...Jo एक दूसरे को और भी प्यार करने पर मजबूर कर रहा था एक दूसरे से.
निशा जो हमेशा सोचती थी की अतुल कभी उससे प्यार करेगा या nahi...Aaj वो उससे टूट कर प्यार करने लगा tha...Uska दीवानापन रोज नयी ऊंचाई पर पहुँच रहा था.
ऐसे hi प्यार और मस्तियाँ करने के बाद दोनों जब जाने hi वाले थे तब.
अतुल:- निशु.
निशा अतुल की तरफ देखती है.
अतुल:- तुमने चाँद तारे मांगे थे मैंने ला कर diya...Abb कही मेरी जान hi ना मांग lena...Warna वो भी दे दूंगा.
निशा एक बार फिर उससे झूठे गुस्से से घूरने lagi...Atul भी डरने की एक्टिंग कर अपने रूम में चला गया.
अतुल के जाने के बाद.
निशा:- बुद्धू.
फिर निशा भी ख़ुशी ख़ुशी अपने रूम में चली gayi...Aaj कितना ख़ास बना दिया था उनका एनिवर्सरी को अतुल ने.
इस बार भी लेट?
निशा नाराजगी में मुंह दूसरी तरफ घुमा लेती है.
लेकिन जब उसने महसूस किया की अतुल हांफ रहा था तो फिर अतुल की तरफ घबराते हुए देखने लगती hai...Raat होने की वजह से शायद उसने पहले नोटिस नहीं किया था.
अतुल सच में हांफ रहा tha...Jaise बहुत थक गया ho...Lekin फेस में एक मुस्कान tha...Jaise उसने कुछ कर दिखाया है.
निशा:- ये क्या हाल बना रखा है तुमने?
अतुल के बिखरे हुए बाल और थोड़ा पसीना से भीगा चेहरे को देखती हुई निशा बे पूछा.
निशा:- तुम ठीक तो हो ना?
इस बार सच में घबराते हुए निशा ने पूछा.
अतुल ज्यादा बोलने की हालत में नहीं tha...Bas चेहरे से hi "हां" में इशारा किया.
अतुल वही छत की रेलिंग का सपोर्ट ले कर रेस्ट करने laga...Iss बीच निशा उससे कई बार सवालिया नजरो से घूर रही थी.
अतुल:- वो कहता था ना तुम्हारे लिए चाँद और तारे तोड़ लाऊंगा.
प्यार भरी आवाज में अतुल निशा की आँखों में देख कर बोलै.
निशा:- Haa...Badi बड़ी बातें तो करते रहते ho...Isme नया क्या है?
अतुल:- अगर मई कहु की इस बार सच में ऐसा किया है तोह?
निशा:- और मई भी कहु की मई बेवक़ूफ़ नहीं हु की तुम्हारी बकवास पर यकीं कर लू.
अतुल:- यकीं कर लो डिअर.
फिर अतुल अपने पॉकेट से एक झिलमिलाता हुआ स्टार निकालता hai...Uska डिज़ाइन और चमक देख निशा से रहा नहीं jaata...Wo अतुल की हाथो से छीन लेती है.
निशा:- बहुत hi खूबसूरत hai...Kaha से लेकर आये?
अतुल:- बस अभी मार्किट से.
अतुल का बस इतना hi कहना था की निशा को साड़ी बातें समझ में आ जाती hai...Uska thakaan...Uska हांफना सब kuch...Aur उससे भी बड़ा सवाल.
निशा:- क्यणजरूरत थी इस वक्त जाने ki...Abhi कुछ देर पहले तो तेज बारिश हो रही थी ना?
अतुल:- तो क्या हुआ?
निशा:- तो क्या हुआ? अगर बीमार पद गए तो?
अतुल:- Beemaar...Aur वो भी mai...Kisi भी बैक्टीरिया और वायरस में इतना दम नहीं की मुझे बीमार कर सके. :स्मार्त्य:
अतुल ने बस इतना hi कहा था की वो जोर से छींकता है.
ये देख निशा अपने आप hi हसने लगती hai...Aur अतुल का हालत ऐसा हो गया था जैसे किसी छोटे बच्चे की चोरी पकड़ी गयी हो.
निशा ऐसे hi अतुल की बाल पर हाथ फेरने लगती है ki...Tabhi उससे एहसास होता है की कुछ देर पहले वो अतुल को पसीने में भींगने की सोच रही थी वो असल में...
निशा:- ये क्या तुम तो पूरी तरह भींगे हुए हो?
थोड़ा गुस्से के साथ निशा अतुल को देखती है.
अतुल:- जल्दबाज़ी में बाल सूखा नहीं पाया.
निशा कुछ कहे बिना hi छत से चली जाती है.
अतुल:- निशा?
एक दो बार अतुल निशा को आवाज लगाता है लेकिन निशा कुछ सुने बिना hi वह से चली जाती है.
रूम में पहुँच कर निशा पहले तो वो स्टार को प्यार से टेबल पर रखती hai...Usse देख एक बार फिर वो मुस्कुराती hai...Muskuraaye भी क्यों naa...Itne प्यार से अतुल ने जो दिया था उससे.
फिर एक टॉवल ले कर अतुल के पास चली जाती है.
निशा:- ये lo...Acche से पोछ लो.
अतुल:- इतना प्यार? देख lena...Ek दिन तुम्हारा यही प्यार मुझे मार डालेगी.
अतुल ने निशा को देख मुस्कुराते हुए कहा.
निशा:- फिर बकवास?
अतुल:- अच्छा sorry...Ye तो bataao...Kaisa लगा वो स्टार?
निशा:- तुम से ठीक ulta...Bahut hi प्यारा है.
अतुल:- और मई?
निशा:- तुम तो उल्लू (आउल) जैसे दीखते हो.
अतुल:- Accha...Abb पता chala...Ullu भी हैंडसम होते है.
अतुल की इस बात पर निशा कुछ देर उससे घूरती रही फिर अचानक hi हसने लगी.
निशा:- तुम भी ना.
फिर कुछ देर दोनों के बिच खामोशी छा जाती है.
निशा:- ऐसे क्या देख रहे हो?
अतुल को लगातार अपनी तरफ घूरता देख निशा ने पूछा.
अतुल:- Chaand...Jaanti हो मई सिर्फ तारा hi laaya...Chaand nahi...Chaand मेरे hi पास hai...Mere सामने.
सच में इस चाँद की रौशनी में तुम्हारी खूबसूरती चाँद से काम नहीं.
निशा:- क्या तुम भी?
निशा शर्माते हुए बोली.
अतुल:- जानता tha...Ye जोके तुम्हे पसंद आएगा.
निशा:- जोके?
निशा गुस्से से देखती हुई बोली.
Atul:-Nahi nahi...Mai तो...
एक बार फिर डरने की एक्टिंग की अतुल ne...Darne की काम निशा को हसाने की कोशिश ज्यादा thi...Aur कोशिश सदल भी hua...Nisha फिर अतुल को देख हसने लगी.
निशा:- अच्छा ये bataao...Itni तेज बारिश में इतना दूर वो भी भींगते हुए क्यों गए थे?
अतुल:- बस हौसला बुलंद होना chaahiye...Kuch भी संभव hai...Aur ये तो प्यार का हौसला है madam...Kuch भी कर जाता मई तुम्हारे लिए.
निशा:- मई कुछ पूछ रही हु और तुम जवाब कुछ और hi दे रही हो.
अतुल:- बस कुछ याद आ गया था इस लिए.
निशा:- क्या याद आया था?
अतुल:- एक दिन मेरा कंधे पर प्यार से सर रख कर मुझ से बात कर रही मेरी Nishu...Uski khwahish...Ki उसका अतुल उसके लिए आसमान से चाँद तारे तोड़ लाये.
आसमान से तो तोड़ नहीं saka...Ha लेकिन धक्का मुक्का करते हुए भीड़ वाली दूकान से वो तारा जरूर तोड़ लाया.
निशा:- कही छोट तो नहीं लगी? क्या जरुरत थी ये सब करने की?
निशा ने फ़िक्र के साथ पूछा
अतुल:- छोट बिलकुल भी नहीं laga...Bas थोड़ा थक जरूर गया था.
और क्यों ना laau...Aakhir मेरी निशु की ख्वाहिश hai...Puri कैसे नहीं करता.
निशा:- किसी और दिन लाते? आज hi क्यों?
अतुल ने अब्ब उदास होने की एक्टिंग की.
अतुल:- तुम मुझसे प्यार hi नहीं करती.
निशा:- अब्ब ये क्या नया बकवास कर रहे हो.
अतुल:- तुम्हे आज का डेट भी याद नहीं.
निशा कुछ देर तक सोचती है और फिर अचानक से एक्ससिटेड हो कर कहती है.
निशा:- आवर एनिवर्सरी.
अतुल:- Exactly...Anniversary...1 साल हो गए हमारे प्यार ko...Hamaare रिलेशनशिप को.
लेकिन तुम्हे ये याद कहा?
निशा अतुल की गाल पर प्यार से पिंच करते हुए.
निशा:- अगली बार से याद रखूंगी.
इतना hi काफी नहीं था की एक और सरप्राइज अतुल ने निशा के सामने रख दिया.
एक केक.
निशा की ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं raha...Pyar से उसने अतुल को गले लगा लिया.
फिर ऐसे hi हंसी मजाक में दोनों केक कट करते है और एक दूसरे को खिलाते है.
अतुल:- चलो अब्ब मुंह मीठा कराओ?
निशा:- अभी तो केक खाया हमने.
अतुल:- केक से क्या होता है? मुंह मीठा तो कुछ और तरीके से होता है.
निशा की होंठो पर ऊँगली फिराते हुए अतुल ने कहा.
निशा:- यू?
फिर धीरे से निशा अतुल को मारने लगती है.
और फिर दोनों लग जाते है एक दूसरे से प्यार jataane...Apne होंठो से.
निशा आज बहुत खुश thi...Atul का ये deewanapan...Ye paagalpan...Uski एक ख्वाहिश के लिए अतुल ने क्या नहीं किया.
बस यही तो प्यार था दोनों ka...Jo एक दूसरे को और भी प्यार करने पर मजबूर कर रहा था एक दूसरे से.
निशा जो हमेशा सोचती थी की अतुल कभी उससे प्यार करेगा या nahi...Aaj वो उससे टूट कर प्यार करने लगा tha...Uska दीवानापन रोज नयी ऊंचाई पर पहुँच रहा था.
ऐसे hi प्यार और मस्तियाँ करने के बाद दोनों जब जाने hi वाले थे तब.
अतुल:- निशु.
निशा अतुल की तरफ देखती है.
अतुल:- तुमने चाँद तारे मांगे थे मैंने ला कर diya...Abb कही मेरी जान hi ना मांग lena...Warna वो भी दे दूंगा.
निशा एक बार फिर उससे झूठे गुस्से से घूरने lagi...Atul भी डरने की एक्टिंग कर अपने रूम में चला गया.
अतुल के जाने के बाद.
निशा:- बुद्धू.
फिर निशा भी ख़ुशी ख़ुशी अपने रूम में चली gayi...Aaj कितना ख़ास बना दिया था उनका एनिवर्सरी को अतुल ने.