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- Dec 5, 2013
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कुछ दिनों से आप किसी सोच में खोये है? क्या बात है?
कुछ नहीं?
इतना कह कर वो उठ कर जाने hi वाले थे की.
आपको बताना होगा पापा?
कुछ देर तक वो अपनी बेटी को देखते hi रहे और साथ में सोच भी रहे थे की उन्हें क्या करना चाहिए.
कुछ समझ में नहीं आ रहा है निशा.
निशा अब्ब और भी गौर से पापा को देख रही thi...Yakin तो हो गया था उससे की पापा उससे कुछ छुपा रहे है.
निशा:- सच सच बताइये पापा.
न. डैड:- (थोड़ा हिम्मत जूता कर) मई अतुल से मिलने गया था.
Atul...Ye सिर्फ नाम नहीं था निशा के liye...Ek इमोशन thi...Ek फीलिंग थी.
बे इन्तेहाह प्यार से ले कर असहनीय dard...Har वो फीलिंग एक पल में hi निशा की दिल में घर कर गयी.
बहुत से सवाल the...Bahut कुछ जाना tha...Dil एक बार फिर तेजी से धड़क रहे the...Dimaag काम करना बंद कर चूका था.
बस वो अपने पापा को hi देख रही thi...Atul के बारे में सुनने को दिल मचल रही थी.
एक बार फिर हिम्मत कर के निशा के पापा ने बोलना सुरु किया.
न. डैड:- 2 दिन पहले अतुल से मिलने गया tha...Uska घर?
निशा:- आपको वो कैसे मिला?
निशा की पापा अपनी साड़ी कहानी निशा को सुनाते hai...Kaise उनका एक्सीडेंट hua...Vakt रहते hi अतुल ने उनको हॉस्पिटल पहुंचाया और उसके बाद सब का सब कुछ.
निशा की पापा उनको कहानी यो सुना रहे the...Lekin निशा अपनी hi दुनिया में खोयी थी.
निशा:- (इन हेर मंद) मुझे पता था अतुल वो तुम hi thhe...Hospital me...Dekh तो नहीं paayi...Lekin तुम्हारी मौजूदगी की एहसास से कैसे अनजान रह सकती हु.
बहुत प्यार की बातें करते थे ना tum...Kaha गया तुम्हारा वो pyar...Ek पल में hi पराया कर diya...Ek बार मिलना जरुरी भी नहीं समझा.
तुमने पापा की जान बचाई इसके लिए जिंदगी भर तुम्हारा आभारी रहूंगी.
निशा:- आपने मुझे पहले बताया क्यों नहीं?
न. डैड:- यही तो सोच रहा था बताओ या नहीं? और बताता भी तो कैसे?
निशा:- कैसा है वो?
ये सवाल पूछते वक्त निशा की दिल जोरो से धड़क रहा tha...Man hi मन वो भगवन से दुआ मांग रही थी.
निशा की पापा अपने मोबाइल से अतुल की एक फोटो दिखाते hai...Sabhi से छुप कर एक फोटो खूनच लिया था उन्होंने.
अतुल का फेस देखते hi निशा की होंठो में एकदम से मुस्कान आ gaye...Bahut गौर से वो अतुल को देख रही thi...Sirf साइड के बाल थोड़ा और सफ़ेद हो गए tha...Warna आज भी अतुल पहले जैसा hi था..निशा की अतुल...हैंडसम, स्मार्ट एंड चार्मिंग.
अतुल:- Ouch...Kya कर रही हो?
थोड़ा दर्द में अतुल ने बोलै.
निशा:- ये क्या है?
अतुल को घूरते हुए निशा ने पूछा.
अतुल:- मेरा बाल (हेयर) है.
निशा:- वो तो मुझे भी पता hai...Ye बताओ की ये सफ़ेद क्यों है?
अतुल:- खबरदार जो मेरा इस बाल को सफ़ेद kaha...Isse कहते है साल्ट एंड पीपर हेयर style...Naya स्टाइल आया है मार्किट में.
निशा:- नहीं चाहिए मुझे बुद्धा bf...Aur ऐसी स्टाइल.
अतुल:- बुद्धा किसको बोल रही हो?
(कान में) एक बार चांस तो दो साबित कर दूंगा बुद्धा नहीं जवान hi हु अभी भी.
निशा अतुल को पहले तो घूरती है फिर मारने लगती है.
निशा:- अगली बार ऐसी बकवास किया ना तो चप्पल से मारूंगी.
अतुल:- अच्छा accha...Sorry baba...Abb ऐसी मजाक नहीं करूँगा.
अतुल खुद को निशा से बचाते हुए भाग रहा था.
अतुल:- अगर बर्फ नहीं चाहिए तो ब्रेक उप कर सकती ho...Accha ऑफर है.
निशा:- यही तो प्रॉब्लम hai...Naa तुमसे दूर जा सकती हु और ना hi तुम्हारे साथ इर्रिटेट हो सकती हु.
अतुल:- वैसे जोड़ी सही है hamaari...Irritating बर्फ एंड बोरिंग गफ.
निशा:- बोरिंग गफ किसको बोलै?
फिर सुरु होता है भाग daud...Atul भाग रहा था और निशा पीछे उससे मारने के लिए.
आज ये बातें सोच कर निशा मुस्कुराये जा रही thi...Kitne हस्सें पल थे वो जिंदगी ki...Pyar hi Pyar...Aur सिर्फ मस्तियाँ.
और आज का din...Gham और तन्हाइयों से भरा हुआ.
न. डैड:- खुश है वो अपनी जिंदगी में.
निशा ने मन में hi भगवान् को शुक्रिया kaha...Bicchadne के बाद से यही तो थे उसकी सिर्फ एक ख्वाहिश.
न. डैड:- शादी कर लिया है usne...Biwi और बच्चा के साथ खुश है.
ये बातें सुनते hi निशा अपने पेअर (लेग) पर कड़ी नहीं रह saki...Wo जा कर बिस्तर पर गिर पड़ी.
न. डैड:- निशा.
चिल्लाते हुए वो निशा की तरफ आगे बढे.
निशा:- मई ठीक हु.
अतुल:- क्या यही है तुम्हारा आखिरी फैसला?
लगभग रट हुए अतुल ने पूछा.
निशा:- हां.
निशा का भी हाल वैसा hi था.
अतुल:- और हमारा प्यार का क्या?
निशा:- प्यार करती hu...Bahut प्यार करती hu...Lekin अपने माँ और पापा से भी प्यार करती hu...Apne प्यार अपने स्वार्थ के लिए उनकी इज़्ज़त को मिटटी में मिला भी तो नहीं सकती.
अगर ऐसा किया तो एक बाप का अपनी बेटी पर से विश्वाश उठ jaayega...Nahi एक प्यार के लिए दूसरे प्यार को कुर्बान नहीं कर सकता.
अतुल:- क्या जी पाओगी मेरे बिना? मई तो नहीं जी पाऊंगा यार तुम्हारे bina...Meri जिंदगी तुम से hi सुरु है और तुम तक hi ख़त्म.
निशा:- जीना पड़ेगा.
अतुल:- नहीं मुझसे नहीं होगा.
निकहा:- कोशिश karo...Jarur hoga...Mai लिख कर देती hu...Kuch सालो में hi तुम सब कुछ भुला कर आगे बढ़ जाओगे और सब कुछ ठीक हो जाएगा.
अतुल:- (अपने गले का रुद्राक्ष पर हाथ रख कर) भोले नाथ की kasam...Tumhare अलावा और किसी लड़की की तरफ देखूंगा भी नहीं.
निशा:- (इन हेर मंद) कितनी आसानी से अपने कसम तक को भुला दिया Atul...Tumhe वो कसम खाना hi नहीं चाहिए tha...Khair भोले बाबा तुम्हे माफ़ कर denge...Tumne अपने अच्छाई के लिए कसम को तोडा hai...Samajh जाएंगे वो.
और जरुरी भी tha...Aise कब तक आवारा hi भटकते रहते.
अच्छा लग रहा है तुम्हारे बारे में जान kar...Tum हमेशा खुश raho...Yahi दुआ थी और rahegi...Jo प्यार और खुशियां तुम मुझे देना चाहते थे वो अपनी पत्नी को देना.
निशा अतुल के लिए बहुत खुश thi...Itna खुश थी की उससे अपने दिल में उठ रहे दर्द का कोई एहसास तक नहीं था.
अचानक से उससे कुछ याद aaya...Wo किसी को फ़ोन करने लगी.
दूसरी तरफ से आवाज आया.
है निशा बोलो.
निशा:- Hello Ravi...Tum जीत गए.
रवि:- क्या?
निशा:- तुमने जो कहा वो सच साबित hua...Atul ने शादी कर लिया है.
दूसरी तरफ से हसने की आवाज aayi...Hansi में भी रवि का ख़ुशी साफ़ दिख रहा था.
रवि:- ी कनेव it...Mujhe यकीं था.
इतना कह कर रवि फ़ोन कट कर देता है.
और यहाँ Nisha...Khaamosh सी बैठी thi...Kabhi उसके चेहरे में ख़ुशी के भाव आते तो कभी बदल कर ग़म के बादल उसके चेहरे को धक् देते.
और एक लाचार पिता जो अपने बेटी को हर रोज ऐसी hi हालत में देख रहे the...Har पिता का धर्म होता है अपने बच्चो का रक्षा karna...Unko मुशीबत से दूर rakhna...Lekin वो चाह कर भी ऐसा नहीं कर पा रहे thhe...Shayad किस्मत भी उनसे खफा हो गयी थी.
[Note:- Pending replies tomorrow.]
कुछ दिनों से आप किसी सोच में खोये है? क्या बात है?
कुछ नहीं?
इतना कह कर वो उठ कर जाने hi वाले थे की.
आपको बताना होगा पापा?
कुछ देर तक वो अपनी बेटी को देखते hi रहे और साथ में सोच भी रहे थे की उन्हें क्या करना चाहिए.
कुछ समझ में नहीं आ रहा है निशा.
निशा अब्ब और भी गौर से पापा को देख रही thi...Yakin तो हो गया था उससे की पापा उससे कुछ छुपा रहे है.
निशा:- सच सच बताइये पापा.
न. डैड:- (थोड़ा हिम्मत जूता कर) मई अतुल से मिलने गया था.
Atul...Ye सिर्फ नाम नहीं था निशा के liye...Ek इमोशन thi...Ek फीलिंग थी.
बे इन्तेहाह प्यार से ले कर असहनीय dard...Har वो फीलिंग एक पल में hi निशा की दिल में घर कर गयी.
बहुत से सवाल the...Bahut कुछ जाना tha...Dil एक बार फिर तेजी से धड़क रहे the...Dimaag काम करना बंद कर चूका था.
बस वो अपने पापा को hi देख रही thi...Atul के बारे में सुनने को दिल मचल रही थी.
एक बार फिर हिम्मत कर के निशा के पापा ने बोलना सुरु किया.
न. डैड:- 2 दिन पहले अतुल से मिलने गया tha...Uska घर?
निशा:- आपको वो कैसे मिला?
निशा की पापा अपनी साड़ी कहानी निशा को सुनाते hai...Kaise उनका एक्सीडेंट hua...Vakt रहते hi अतुल ने उनको हॉस्पिटल पहुंचाया और उसके बाद सब का सब कुछ.
निशा की पापा उनको कहानी यो सुना रहे the...Lekin निशा अपनी hi दुनिया में खोयी थी.
निशा:- (इन हेर मंद) मुझे पता था अतुल वो तुम hi thhe...Hospital me...Dekh तो नहीं paayi...Lekin तुम्हारी मौजूदगी की एहसास से कैसे अनजान रह सकती हु.
बहुत प्यार की बातें करते थे ना tum...Kaha गया तुम्हारा वो pyar...Ek पल में hi पराया कर diya...Ek बार मिलना जरुरी भी नहीं समझा.
तुमने पापा की जान बचाई इसके लिए जिंदगी भर तुम्हारा आभारी रहूंगी.
निशा:- आपने मुझे पहले बताया क्यों नहीं?
न. डैड:- यही तो सोच रहा था बताओ या नहीं? और बताता भी तो कैसे?
निशा:- कैसा है वो?
ये सवाल पूछते वक्त निशा की दिल जोरो से धड़क रहा tha...Man hi मन वो भगवन से दुआ मांग रही थी.
निशा की पापा अपने मोबाइल से अतुल की एक फोटो दिखाते hai...Sabhi से छुप कर एक फोटो खूनच लिया था उन्होंने.
अतुल का फेस देखते hi निशा की होंठो में एकदम से मुस्कान आ gaye...Bahut गौर से वो अतुल को देख रही thi...Sirf साइड के बाल थोड़ा और सफ़ेद हो गए tha...Warna आज भी अतुल पहले जैसा hi था..निशा की अतुल...हैंडसम, स्मार्ट एंड चार्मिंग.
अतुल:- Ouch...Kya कर रही हो?
थोड़ा दर्द में अतुल ने बोलै.
निशा:- ये क्या है?
अतुल को घूरते हुए निशा ने पूछा.
अतुल:- मेरा बाल (हेयर) है.
निशा:- वो तो मुझे भी पता hai...Ye बताओ की ये सफ़ेद क्यों है?
अतुल:- खबरदार जो मेरा इस बाल को सफ़ेद kaha...Isse कहते है साल्ट एंड पीपर हेयर style...Naya स्टाइल आया है मार्किट में.
निशा:- नहीं चाहिए मुझे बुद्धा bf...Aur ऐसी स्टाइल.
अतुल:- बुद्धा किसको बोल रही हो?
(कान में) एक बार चांस तो दो साबित कर दूंगा बुद्धा नहीं जवान hi हु अभी भी.
निशा अतुल को पहले तो घूरती है फिर मारने लगती है.
निशा:- अगली बार ऐसी बकवास किया ना तो चप्पल से मारूंगी.
अतुल:- अच्छा accha...Sorry baba...Abb ऐसी मजाक नहीं करूँगा.
अतुल खुद को निशा से बचाते हुए भाग रहा था.
अतुल:- अगर बर्फ नहीं चाहिए तो ब्रेक उप कर सकती ho...Accha ऑफर है.
निशा:- यही तो प्रॉब्लम hai...Naa तुमसे दूर जा सकती हु और ना hi तुम्हारे साथ इर्रिटेट हो सकती हु.
अतुल:- वैसे जोड़ी सही है hamaari...Irritating बर्फ एंड बोरिंग गफ.
निशा:- बोरिंग गफ किसको बोलै?
फिर सुरु होता है भाग daud...Atul भाग रहा था और निशा पीछे उससे मारने के लिए.
आज ये बातें सोच कर निशा मुस्कुराये जा रही thi...Kitne हस्सें पल थे वो जिंदगी ki...Pyar hi Pyar...Aur सिर्फ मस्तियाँ.
और आज का din...Gham और तन्हाइयों से भरा हुआ.
न. डैड:- खुश है वो अपनी जिंदगी में.
निशा ने मन में hi भगवान् को शुक्रिया kaha...Bicchadne के बाद से यही तो थे उसकी सिर्फ एक ख्वाहिश.
न. डैड:- शादी कर लिया है usne...Biwi और बच्चा के साथ खुश है.
ये बातें सुनते hi निशा अपने पेअर (लेग) पर कड़ी नहीं रह saki...Wo जा कर बिस्तर पर गिर पड़ी.
न. डैड:- निशा.
चिल्लाते हुए वो निशा की तरफ आगे बढे.
निशा:- मई ठीक हु.
अतुल:- क्या यही है तुम्हारा आखिरी फैसला?
लगभग रट हुए अतुल ने पूछा.
निशा:- हां.
निशा का भी हाल वैसा hi था.
अतुल:- और हमारा प्यार का क्या?
निशा:- प्यार करती hu...Bahut प्यार करती hu...Lekin अपने माँ और पापा से भी प्यार करती hu...Apne प्यार अपने स्वार्थ के लिए उनकी इज़्ज़त को मिटटी में मिला भी तो नहीं सकती.
अगर ऐसा किया तो एक बाप का अपनी बेटी पर से विश्वाश उठ jaayega...Nahi एक प्यार के लिए दूसरे प्यार को कुर्बान नहीं कर सकता.
अतुल:- क्या जी पाओगी मेरे बिना? मई तो नहीं जी पाऊंगा यार तुम्हारे bina...Meri जिंदगी तुम से hi सुरु है और तुम तक hi ख़त्म.
निशा:- जीना पड़ेगा.
अतुल:- नहीं मुझसे नहीं होगा.
निकहा:- कोशिश karo...Jarur hoga...Mai लिख कर देती hu...Kuch सालो में hi तुम सब कुछ भुला कर आगे बढ़ जाओगे और सब कुछ ठीक हो जाएगा.
अतुल:- (अपने गले का रुद्राक्ष पर हाथ रख कर) भोले नाथ की kasam...Tumhare अलावा और किसी लड़की की तरफ देखूंगा भी नहीं.
निशा:- (इन हेर मंद) कितनी आसानी से अपने कसम तक को भुला दिया Atul...Tumhe वो कसम खाना hi नहीं चाहिए tha...Khair भोले बाबा तुम्हे माफ़ कर denge...Tumne अपने अच्छाई के लिए कसम को तोडा hai...Samajh जाएंगे वो.
और जरुरी भी tha...Aise कब तक आवारा hi भटकते रहते.
अच्छा लग रहा है तुम्हारे बारे में जान kar...Tum हमेशा खुश raho...Yahi दुआ थी और rahegi...Jo प्यार और खुशियां तुम मुझे देना चाहते थे वो अपनी पत्नी को देना.
निशा अतुल के लिए बहुत खुश thi...Itna खुश थी की उससे अपने दिल में उठ रहे दर्द का कोई एहसास तक नहीं था.
अचानक से उससे कुछ याद aaya...Wo किसी को फ़ोन करने लगी.
दूसरी तरफ से आवाज आया.
है निशा बोलो.
निशा:- Hello Ravi...Tum जीत गए.
रवि:- क्या?
निशा:- तुमने जो कहा वो सच साबित hua...Atul ने शादी कर लिया है.
दूसरी तरफ से हसने की आवाज aayi...Hansi में भी रवि का ख़ुशी साफ़ दिख रहा था.
रवि:- ी कनेव it...Mujhe यकीं था.
इतना कह कर रवि फ़ोन कट कर देता है.
और यहाँ Nisha...Khaamosh सी बैठी thi...Kabhi उसके चेहरे में ख़ुशी के भाव आते तो कभी बदल कर ग़म के बादल उसके चेहरे को धक् देते.
और एक लाचार पिता जो अपने बेटी को हर रोज ऐसी hi हालत में देख रहे the...Har पिता का धर्म होता है अपने बच्चो का रक्षा karna...Unko मुशीबत से दूर rakhna...Lekin वो चाह कर भी ऐसा नहीं कर पा रहे thhe...Shayad किस्मत भी उनसे खफा हो गयी थी.
[Note:- Pending replies tomorrow.]