Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 6 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

अपडेट 46

सभी खास थे गौरी परेश को अपने हांथो से दूल्हा बना रही थी परेश को तैयार करने के बाद गौरी भी रूम मैं गयी तो देख निम्मी अपने कपडे देख रही थी के कौन सा पहनो सब कपडे तो पुराने है फिर उसी मैं से एक कपडे उठा लिया वह थोड़ी अच्छी थी आवर घर के बाथरूम चली गयी जो कपडे से चारो तरफ से घेरा था

छोटी ये कपडे अच्छे नहीं लग रहे है निम्मी जब नाहा कर आई तो गौरी ने खा

निम्मी : दीदी मुझे भी अच्छे नहीं लग रहे है मगर मुझे एहि कपडे पहनने होंगी कस पैसे होते हमारे पास निम्मी का चेहरा उदाश हो गया था

गौरी : ठीक है मुझे कुछ देना है तुझे चल आँखे बंद कर

निम्मी : दीदी ऐसे hi देदो न मैं आँखे बंद नहीं करूंगी

गौरी : देख मेरी प्यारी बहन है न तू तो आँखे बंद कर गौरी के कहने पर निम्मी ने आँखे बंद कर लिया

गौरी : चलो अब आँखे खोलो

जब निम्मी ने अपनी आँखे खोली तो देखा गौरी के हाँथ मैं 2 कपडे थे निम्मी गौरी के गले लग गयी आवर गौरी के गलो पे चूमने लगी निम्मी बहुत खुश हो गयी थी




गौरी उसे कपडे तो पहले भी दे देती मगर अभी जो खुसी थी निम्मी के चेहरे पे उस वकत वह नहीं होती निम्मी बहुत खुश थी

निम्मी : दीदी ये आप कब लिया आप के पास तो पैसे नहीं थे

गौरी : छोटी तुझे जानना है या कपडे लेना है

निम्मी : दीदी मुझे कपडे लेना है

तो ठीक है तुम कपडे पहन मैं भी नहाने जा रही होनी

शाम होने के बाद सभी नाचते हुवे चल दिए क़िले की तरफ जो राजकुमारी ने बजा बजाने वाले को भेजी थी सभी कृषि कृषि चल रहे थे


_________________________________________ राजकुमार बारात गाओ से निकल चुकी है मुंसी ने खा जो बड़ी तीजी हांफ रहा था

राजकुमार: अर्जुन सिंह अपने कुछ साथियो को कह दीजिये मेरे साथ जाने के लिए मैं क़िले के गुपत रस्ते से उनेह अंदर ले जाऊंगा अंदर जाने के बाद मैं आप को क़िले के ऊपर से इसरा करवा दूंगा उसी वकत आप भी हमला कर दीजिये गए

अर्जुन सिंह : ठीक है राजकुमार आवर अर्जुन सिंह ने सभी अपने कुछ बहादुर साथी को राजकुमार के साथ जाने को खा राजकुमार उनको लेकर चल दिया

चलिए महाराज एक आवर क़िले पर आप की हुकूमत होगी अर्जुन सिंह के एक साथी ने खा आवर अर्जुन सिंह के साथ सभी हसने लगे

अर्जुन सिंह : है चन्दर किल्ला तो मिलेगा hi मगर साथ मैं एक नगीना भी मिलेगी जिसके लिए मैं तड़प रहा हुईं

चन्दर ; मैं कुछ समझा नहीं महाराज आप के पास तो पहले से hi बहुत hi नगीना है फिर इस नगीना मैं क्या है

अर्जुन सिंह : है मेरे पास बहुत hi एक से एक रनिया है मगर राजकुमार की जो बहन मीणा है न वह किसी मूरत से काम नहीं है उसे एक बार देखा था तब से उसके लिए तड़प रहा हु

__________________________________________ सभी नाचते हुवे क़िले के अंदर पहुँच

राजकुमार भी गुप्त रस्ते से आगे बढे रहा था राजकुमार जब क़िले के अंदर पहुंचा तो देखा कुछ तो पहरा दे रहे है आवर कुछ जगह जगह बाथ कर जाम पि रहे है तभी राजकुमार को भीमा नज़र आया तो राजकुमार चिप गया

राजकुमार आप चिप क्यू रहे है हम इन के लिए कभी हैं चली हमला करते है एक साथी ने खा

राजकुमार : नहीं अभी रुक जाओ अभी हमें थोड़ी देर इंटर करना पड़ेगा भीमा के जाने तक

राजकुमार आप उस बुड्ढे से दर रहे है फिर उसी साथी ने खा

राजकुमार : जयादा बकवास मत करो वह तुम जैसे कितनो को अकेला मर सकता है इस लिए उसके जाने तक हमें एहि चिप कर रहना पड़ेगा

कुछ देर अपने आदमियों को समझने के बाद भीमा निकल गया वह से भीमा के जाता hi राजकुमार ने हमला कर दिया

अरे मेरी तलवार तो वही रह गयी भीमा ने खा आवर फिर चल दिया वही तलवार लेने के लिए
 
अपडेट _ 47

राजकुमार तो भीमा के जाते लड़ना सुरो कर दिया राजकुमारी के सभी तो खुसिया मन रहे थे अचानक होने पर. वह लोग फाई लड़ने लगा मगर अर्जुन सिंह के आदमी लड़ने मैं माहिर थे राजकुमार भी मरते हुवे क़िले के ऊपर की तरफ बढे रहा था भीमा अभी थोड़ी दूर hi था तभी उसे चीखे सुनाई दिया भीमा तीजी से भगा ज जब भीमा वह पहुंचा तो देखा हमला हुवा है भीमा हाँथ से hi लड़ते हुवे तलवार के पास पहुंचा मगर भीमा के बहुत से साथी मरे गए थे भीमा भी 2 3 का खून अपने तलवार पीला दिया था तभी एक अर्जुन सिंह का आदमी भीमा के सामने आया जिसे देख कर भीमा की आँखे लाल हो गयी

भीमा तू अभी तक ज़िंदा कैसे है तुझे तो मैंने खुद मारा था अर्जुन सिंह के साथी ने कहा

भीमा : तुझे मरने के लिए भगवन ने अभी तक मुझे ज़िंदा रखा आज तुझे मैं नरक मैं भेज दूंगा पागल कुत्ते

वैसे तेरी बीवी कमल की थी हम 3 आदमी से रात भर दर्द होते हुवे भी छोड़ते रही तेरी जान बचने के लिए अर्जुन सिंह के साथी ने खा

वह भीमा को भड़का रहा था भीमा कोई गलती करदे गुस्से मैं मगर भीमा इधर उधर से मरने की कोसिस कर रहा था भीमा आवर अर्जुन सिंह का साथी एक दूसरे के सामने थे भीमा तू उस दिन तो बच गया था आज तुझे मैं मार कर तेरा सर hi अलग कर दूंगा अर्जुन सिंह के साथी ने खा

भीमा : तू सिर्फ भोक्ता रह कुत्ता को तरह पहले तुझे मरूंगा फिर तेरी साथियो को मरूंगा फिर उस शैतान दरिंदा अर्जुन को मरूंगा

जब भीमा ने अर्जुन सिंह को बोलै तो वह गुस्से मैं भीमा पर तीजी मैं वॉर कर दिया वह जैसे hi वॉर किया भीमा ने खुलती मार कर उसके पेअर पे वॉर कर दिया वही मुंह के भर गिर गया

भीमा : जा तेरे पीछे hi सरे पापियों को भेजता हु आवर भीमा ने उसका सर उदा दिया जब भीमा पीछे देख तो सिर्फ लेस थी

भीमा के यह के सरे साथी मरे गए थे मगर भीमा आज बहुत खुश था उसे मरने के बाद भीमा चीख चीख कर बोलने लगा गंगा देख मार दिया इस हरामी को फिर हस्ते हुवे भीमा के आँखों मैं ांसो आ जाते है

भीमा एक कबीले का सरदार था भीमा की बीवी बहुत ख़ूबसूरत थी उसके जैसी कबीले मैं कोई नहीं थी भीमा की ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी एक रात अर्जुन सिंह के आदमी अपने साथी से बिछड़े गए आवर भीमा के कबीले पहुँच गए वह भीमा के साथियों ने उनेह पड़े लिया आवर उनेह भीमा के पास लगाए भीमा ने उनसे पूछा यह क्या कर रहे हो तो उन्होंने ने निचे गए खा आवर एक रात बिताने की इज़ाज़त मांगी भीमा ने भी दे दिया मगर जाते वकत उनेह गंगा दिख गयी रात मैं hi पुरे कबीले को आग लगा दिया आवर भीमा के घर मैं घुस गए भीमा उस वकत सो रहा था भीमा के सर पे मार कर गंगा की पूरी रात इन्होने इज़्ज़त लुटा जो बाकि कबीले वाला बचे थे उनेह भी मार दिया भीमा बेहोश हो गया था गंगा की हालत बहुत ख़राब थी उन तीनो ने गंगा को रात भर सोचते रहे वह कबीला बर्बाद कर के चले गए

सुबह के वकत राजा रघुनाथ सिंह सीकर पर निकले थे वह जानवर के खोज मैं कुछ दूर आ गए थे तभी उनेह आसमान मैं शोज देखे दिया उसके पीछे चलते हुवे राजा कबीले तक पहुंचे मगर वह पे सं जल गया था राजा ने अपने सैनिको को घर की तलाशी लेने को कहा जो उनेह बुरी हालत मैं भीमा आवर गंगा मिले राजा उनेह किल्ले लेकर आ गए भीमा तो बच गया मगर गंगा नहीं बची तब से भीमा के वफादार बन कर एहि रह गए

राजकुमार सैनिको को मरते हुवे किल्ले के ऊपर पहुँच कर अर्जुन सिंह को लाल झंडी दे दिया किल्ले में सभी को पता चल गया के हमला हुवा है गाओ वाले इधर उधर भाग रहे थे भीमा वह से भाग कर राजकुमारी के कमरे मैं पहुंचा जहा राजकुमारी अपनी शादी के जुड़े उतर कर दूसरे कपडे पहन कर तलवार लेकर निकल रही थी

भीमा : राजकुमार अभी आप को यह से जाना होगा हमारे बहुत से साथी मरे गए है आप को यह पे अभी नहीं रुकना चाहिए

राजकुमारी : भीमा काका आप जल्दी से परेश आवर माँ जी को देखिये वह लोग ठीक तो है न मैं नहीं भागुंगी यह से

भीमा : ठीक है चलिए आप मेरे पीछे hi रहिएगा

इधर परेश अपनी माँ आवर निम्मी को लेकर किल्ले के अंदर की तरफ भाग रहा था आवर गौरी सैनिको के साथ लड़ रही थी

राजकुमार के लाल झंडी देखने के बाद अर्जुन सिंह भी अपने साथियो के साथ किल्ले की तरफ बढे गया भीमा आवर राजकुमारी को परेश रस्ते मैं hi मिल गए

भीमा : परेश तुम सब ठीक हो न आवर तुम्हारी दीदी गौरी कहा है

परेश जब देखा तो गौरी उनके साथ नहीं थी गौरी को अपने पास न देख कर रुक्मणि आवर निम्मी रोने लगी निम्मी दीदी दीदी कह कर उधर hi भागने लगी मगर भीमा ने उसे पकड़ लिया

भीमा : राजकुमारी आप िनेह अपने कमरे में लेकर जाईये मैं आवर परेश गौरी को लेकर आते है
 
अपडेट 48

भीमा आवर परेश भागते हुवे किल्ले के बहार गए वह चारो तरफ लेस थी आवर गौरी के साथ अब कुछ hi सिपाही बचे गौरी की हालत भी ख़राब हो गयी गौरी लड़ते हुवे बाथ जा रही थी

इधर राजकुमार अर्जुन सिंह को झंडी देखा कर कुछ साथियो के साथ राजकुमारी के रूम की तरफ भरने लगा

भीमा आवर परेश गौरी के लेने लगे परेश ने देखा गौरी बार बार लड़ते हुवे गिर रही है तो परेश गौरी के पास गया

परेश : दीदी आप जाइये आप की हालत ठीक नहीं हम िनेह देख लेंगे

गौरी : परेश मैं ठीक हुईं तू मेरी फिकर मत कर माँ आवर छोटी कहा है

परेश : दीदी वह राजकुमारी के साथ है

दोनों भाई बहन साथ मैं लड़ते हुवे बात भी कर रहे थे मगर अर्जुन सिंह का सिपाही काम hi नहीं हो रहे भीमा भी लडने माहिर था मगर अर्जुन सिंह के सिपाही उसे चारो तरफ से घेर लिए था राजकुमारी के सिपाही अब बहुत hi काम बच जो भीमा आवर गौरी के साथ मि कर लाडे रहे थे

इधर राजकुमार लड़ते हुवे राजकुमारी के रूम मैं जाकर रुक्मणि निम्मी आवर राजकुमारी को बंदी बना लिए अर्जुन सिंह के सिपाही इतने ब्रह्म थे के वह जितने भी गाओ के बच्चे बुढ्ढे जितने भी शादी मैं आये थे उनेह भी जान से मात दे रहे थे अर्जुन सिंह के सिपाही तो लाडे रहे आवर अर्जुन सिंह दूर से हस्ते हुवे देख रहा था

भीमा : गौरी हम इनसे नहीं जित सकते है तुम सब को लेकर कही दूर चली जाओ मैं िनेह रोकने की कोसिस करता हुईं

गौरी : नहीं चाचा मैं भाग नहीं सकती इन जल्लाद से दर कर एक बुजदिलो की तरह चाहे मेरी जान hi क्यू न चली जाये खून की आखरी जब तक मेरे जिसम मैं रहेगी मैं लड़ते रहूंगी परेश मेरे भाई तू जा देख माँ आवर छोटी ठीक तो है

परेश : दीदी आप जाकर देखिये मैं यह इन सब को देखता हुईं परेश आवर गौरी की तलवार से खून hi खून बाह रहा था तभी राजकुमार की आवाज़ आई

राजकुमार : भीमा अपना तलवार फेक दो नहीं तो तुम्हारी राजकुमारी की सर काट दूंगा

राजकुमारी के गले पे तलवार देख कर भीमा के साथ गौरी आवर परेश ने तलवार फेक दियस आवर कुछ जो सिपाही बच थे वह लोग भी अपनी तलवार फेक दिया अब किल्ले पर अर्जुन सिंह के सिपाही थे जो चारो तरफ से किल्ले को घेर लिया था

अर्जुन : अब से ये रेजए मेरा हुवा आवर किल्ले के साथ राजकुमारी मीणा भी आवर अपने साथियो को इसरा किया जो राजकुमार पे तलवार तान दिए

राजकुमार : अर्जुन सिंह तुमने वडा किया था तुम मुझे मेरा किल्ला मुझे दिलाओगे फिर ये क्या कह रहे हो ये तलवार हटाओ मेरे यह से

अर्जुन ज़ोर ज़ोर से हसने लगा आवर अर्जुन सिंह के सिपाही भी हसने लगे जो अजीब hi आवाज निकल रही थी किल्ले से

राजकुमारी : तुझ जैसे हरामी नीच कमीने इंसान के साथ एहि होना चाहिए तू जनम लेने से पहले मर क्यू नहीं गए राजकुमार करने लगा उसके मुनाह से आवाज़ भी नहीं निकल रहा था जो थोड़ी देर पहले कभी खुस था के फिर से मैं यह का राजकुमार बनूँगा मगर अर्जुन सिंह की बात सून कर उसका होश hi उसे गया

अर्जुन : इन सब सिपाही को मार दो आवर इन सब परियो को ले कर अंदर चलो आवर इन दोनों को भी लेकर चलो इन के सामने इन परियो की जिसम की आग भोजाऊंगा अर्जुन सिंह के सिपाहियों ने सभी राजकुमारी के सिपाही को मर दिए साथ मैं भीमा को भी आवर सब को लेकर किल्ले के अंदर चले गए
 
अपडेट 49

अर्जुन सिंह के साथियों ने परेश आवर राजकुमार को केले के दरबार मैं बांध दिया आवर दोनों को कोड़े से मरने लगे

गौरी की हालत बहुत hi ख़राब थी उसकी आँखे बंद हो रही उसे अर्जुन सिंह के साथी उसे पकड़ कर गौरी के जिस्म के साथ खेल रहे थे अर्जुन सिंह देख कर गुस्से में बोल पड़ा

अर्जुन सिंह : बस करो ये मेरी है इस की माँ बहन को चोदे कर आवर किसी को कुछ भी करो इसे आवर इसकी माँ बहन को चुना भी मत इस लेकर जाओ इस आवर राजकुमारी को भी इन दोनों के साथ मैं लेकर जाओ मैं इन 4 से शादी करूँगा इससे ख़ूबसूरत आवर बहादुर बीवी मुझे नहीं मिल सकती है

गौरी : मैं तुमसे शादी करुँगी भगवन के लिए तुम इन सब को जाने दो मैं तुम्हारी हर काम करुँगी तुम जैसे कहोगे मैं वही करुँगी गौरी की आँखे बंद हो रही थी फिर भी बोल रही थी

गौरी को लेकर चले गए अर्जुन सिंह के साथी उसे तैयार करवाने के लिए

अर्जुन सिंह : तुम सब आज जिसको चाहो लेकर जा सकते हो आवर अर्जुन सिंह दरबार से चला गए उसे जाने के बाद उसके कुछ साथी भी चले गए दरबार मैं कुछ hi बचे थे जो पहरा दे रहे थे

इधर भीमा की आँखे खुल गयी भीमा उठने की कोसिस करने लगा मगर वह उठ नहीं प् रहा था फिर भी भीमा उसी तरह गिचते खड़े छुपते हुवे किल्ले के दरबार में पहुंचा देख तो एक तरफ परेश बांध हुआ था आवर एक तरफ राजकुमार

अर्जुन सिंह के सिपाही लग भाग सभी मस्ती मैं जासं मानाने चले गए थे दरबार मैं कुछ hi थे जो पहरा दे रहे थे गेट पर

परेश तुम थोड़ा अपना हाँथ निचे कर सकते हो क्या भीमा ने धीरे से खा परेश ने सूना नहीं उसकी भी बुरी हालत थी वह कहर रहा था भीमा ने एक बार फिर से कहा इस बार परेश ने सून लिया आवर वह अपना हाँथ नीच करने की कोसिस करने लगा जो थोड़ी कास्ट से हो गया भीमा ने उसका हाँथ का रस्सी खोल दिया बाकि रस्सी परेश ने खुद खोल लिया

भीमा : परेश तुम जाकर राजकुमारी आवर अपने माँ बहन को लेकर किल्ले के गुप्त रस्ते से निकल जाओ

राजकुमार : भीमा चाचा मुझे भी खुल दो राजकुमार ने जब देखा तो धीरे से खा

भीमा : राजकुमार ये सब आप की गलती से हुवा है आप ने इस हस्ते खेलते गाओ को इस दरिंदे के हवाले कर दिया आप को एहि मर जाने के लिए चोदे देना hi ठीक रहेगा

राजकुमार : आप ने सही कहा भीमा काका मगर मैं अपना गलती सुधारना चाहता हुईं अपनी बहन की जान बचा कर मेरी बात का लेकिन कीजिये

न चाहते हुवे भी भीमा ने परेश को खोलने को कहा राजकुमार को परेश ने खोल दिया आवर राजकुमार आवर परेश चल दिए राजकुमारी के कमरे की तरफ एक एक को मरते हुवे परेश की तो हालत जयादा अच्छा नहीं था मगर राजकुमार ठीक था इस लिया वह आगे से एक एक मरते हुवे जा रहा था जब राजकुमारी के कमरे के सामने गए तो देखा वह गेट पर 4 से 5 सिपाही थे

राजकुमार : परेश आगे सिपाही है हमें उनके जाने तक इंटर करना पड़ेगा

परेश : राजकुमार आप एहि रहो मैं इन से लाडे सकता हुईं

भीमा : नहीं परेश तुम दोनों चिप जाओ मैं उनकी नज़र मैं अत हुईं वह मुझे देख कर यह जब आएंगे तो तुम दोनों उनेह मार देना

भीमा उनके नज़र में आ गया आवर भीमा को देख कर सिपाही उधर भागे आवर भीमा पर तलवार तन दी फिर राजकुमार आवर परेश ने उनको मार्डिया राजकुमार आवर परेश जल्दी से राजकुमारी के कमरे मैं गए कमरे मैं राजकुमारी के साथ गौरी रुक्मणि आवर निम्मी भी थी जो उनेह नूरानी तैयार कर रही थी परेश निम्मी को गले लगा लिया परेश को देख कर सभी खुश हुयी फिर राजकुमार को देख कर गौरी उसका गाला पकडना चाहा मगर पकड़ न सकीय गौरी सही से कड़ी भी नहीं हो प् रही थी

परेश : दीदी राजकुमार अभी हमारे साथ है सब जल्दी से रूम से निकले मगर कमरे के बहार सिपाहियों ने घर लिया था

अर्जुन : तुम सब बच के नहीं निकल सकते हो तुम सब को मैं ज़िंदा चोदे दूंगा तलवार फेक दो

गौरी : नहीं अब हम तलवार नहीं रखेंगे हम अब एक साथ लड़ेंगे चाहे हमारी जान hi क्यू न चली जाये आवर गौरी तलवार लेकर आगे आ गयी अर्जुन सिंह के बहुत hi सिपाही थे फिर भी गौरी ने हर नहीं मणि आवर लड़ने लगी

रोमनी निम्मी को लेकर कड़ी थी आवर अपने बेटे आवर बेटी को लड़ते देख रही थी जब उनेह तलवार लगती तो उसका कलेजा दहल जाता रमणी के आँखों के सामने परेश आवर गौरी की जान चली गयी अब सिर्फ रुक्मणि आवर निम्मी बच्चे था जो उनके आँखों से ांसो नहीं रुक रहे थे

निम्मी : माँ अब मुझे नहीं जीने इन दरिंदो ने मेरी दीदी आवर भाई को मार दिया आवर निम्मी ने तलवार उठा लिए दोनों भागे रुक्मणि के पेट मैं तलवार लागि आवर वही ज़मीन पार गई गयी आवर रुक्मणि के आँखों के सामने निम्मी की गाला काट दिया अर्जुन सिंह ने रुक्मणि के जान निकल रहा था आवर उसके नज़रो के सामने परेश गौरी आवर निम्मी के साथ आवर लड़किया को देखा साथ मीरा को देख रही थी एक साथ हस्ते हुवे फिर रुक्मणि ने माता को देखा जो रुक्मणि को हस्ते हुवे देख कर आअसीरवाद दे रही थी

.............................................................................. आवर यह चिल्ला कर उठ गयी रागनी आवर उसके आंको से ांसो की नदिया बाह रही थी
 
अपडेट 50

रागनी उठ कर रोने लगी रागनी के रोने की आवाज़ सून कर बाबा जी झोपडी मैं आगये

बाबा : क्या हुवा बेटी तुम इतनी क्यू रो रही हो

रागनी : बाबा मेरे बच्चों को उस नीच दरिंदो ने मेरे आँखों के सामने मेरे बैंचों की बेरहमी से मार दिया रागनी कह कर रोने लगी रागनी के आँखों से ांसो रुक नहीं रहे थे रागनी कह कह कर आवर रोने लगी पागलों की तरह बाबा उसे चुप करा रहे थे मगर रागनी चुप hi नहीं हो रही थे तो बाबा रागनी को एक तप्पड़ गीच कर मर दिया

बाबा : बेटी होश मैं आओ अभी तुम्हारे बच्चे ज़िंदा है उसे तुम भूल जाओ अब सिर्फ वह एक सपना है जो तुमने अभी देखा है

रागनी ये सपना बचपन से देखती आ रही रागनी बचपन मैं भी रात रात को उठ कर रोने लगती थी तो उसकी माँ उसे चुप करती थी

मगर रागनी के मुंह से मेरे बच्चो को मर दिया ये सून कर रागनी की माँ को अजीब आवर दर भी लगता था के मेरी बेटी को कुछ हो तो नहीं गया इतनी छोटी बच्ची है ये फिर ये आयी कह कर रोटी क्यू है जैसे सच मैं ये अपने बच्चों के लिए रो रही है

रागनी के माँ ने बहुत से बाबा को देख्या मगर सब कहते थे तुम्हारी बेटी पे कोई बहुत ूओठ का साया नहीं है ये बस एक सपना देखती है सायद ये सपना इस की पिछली ज़िंदगी का हो

रागनी के पिता जी गुजर चुके थे रागनी की एक बड़ी बहन भी थी आवर उसकी माँ थी

रागनी के पिता के मरने के बाद रागनी के चाचा ने साडी प्रॉपर्टी रागनी की माँ से धोके से अपने नाम करा लिया था

फिर रागनी की माँ अपने माँ बाप के पास रहने लगी क्यू की रागनी की माँ अपने माँ बाप की एक hi सिर्फ रागनी की माँ थी उसकी कोई भाई बहन नहीं थे

फिर धीरे धीरे रागनी आवर उसकी बहन रीता बड़ी होती गयी फिर रीता की शादी हो गयी

मगर रागनी सपना हमेसा hi देखती थी फिर रागनी के लिए एक रिस्ता आया मगर रागनी ने शादी करने से मन कर दिया उसकी बहन रीता आवर उसको माँ ने बहुत समझाया तब जाकर रागनी ने शादी के लिए मान गयी

शादी के कुछ सल्ल बाद रागनी बाबा को बुरी हालत मैं जंगल मैं मिली

ये आगे पता चलेगा रागनी के शादी के बाद क्या हुवा था

............................................................................................. hello मेरी गुड़िया क्या कर रही है वह मेरी गुड़िया को अच्छा तो लग रहा है न गीता ने खा नैना से जो अभी माया ने नैना को फ़ोन दिया था बात करने को

नैना : दीदी मुझे जयादा अच्छा नहीं लग रहा है आप यह होती तो मुझे बड़ा मजा आता दीदी जानती हो काजल दीदी ने यह एक लड़के को तप्पड़ मर दिया था

गीता : गुड़िया काजल ने तप्पड़ क्यू मारा लड़के को ज़रा काजल को फ़ोन दे तो

दीदी ये लीजिये गीता दीदी जो आप से बात करेंगी

काजल : जी गीता दीदी क्या हुवा है

जब्त : तुम वह शादी मैं गयी है या लड़कों को तप्पड़ मरने गयी है तुझे ज़रा भी अकाल नहीं है

काजल : दीदी आप को किसने खा मैंने तो किसी को तप्पड़ नहीं मारा है वह एक गाओ की लड़की ने मारा था मैं तो सिर्फ उसके साथ थी आवर काजल नैना को आखे देखने लगी

गीता : मगर गुड़िया ने तो मुझसे खा है के तुमने लड़के को तप्पड़ मारा है

काजल : नहीं दीदी आप ने ठीक से नहीं सूना होगा लीजिये पूछ लीजिये गुड़िया से

नैना को फ़ोन देकर काजल उसे न बताने का इसरा करने लगी

नैना : दीदी आप ने ठीक से नहीं सूना क्या मैंने काजल दीदी को नहीं खा था

गीता : ठीक है माँ को फ़ोन दे

नैना माया को फ़ोन देने चली गयी साथ मैं काजल चल दी नैना ने माया को फ़ोन दे दिया माया गीता से बात करने लगी

काजल : तेरी पेट मैं कोई बात पचती नहीं न दे तेरी पेट फाड़े देती हुईं काजल नैना के पेट पर गुदगुदी करने लगी नैना इधर उधर भागने लगी आवर नैना जा कर माया के पीछे से पाकर लिया

नैना : बड़ी माँ देखिये दीदी मुझे मर रही है

काजल : अभी मैंने तुझे खा मारा है आवर काजल नैना को पाकर के गुदगुदी करने लगी नैना हस्ते हुवे चिकने लगी आवर माया को भी हिलने लगी

माया : काजल अब चोदे भी दे वर्ण ये मुझे भी गिरा देगी

नैना : बड़ी माँ दीदी को रोकिये मुझे गुदगुदी हो रही है

आवर नैना ने माया की एक चूंकि दबा दिया आवर माया की एक आअह्हह्ह्ह्हह निकल गयी माया की आअह्हह्ह्ह्हह सून कर काजल ने नैना को चोदे दिया

आवर दुनो बहने हसने लगी
 
अपडेट 51

गीता दीदी ये लीजिये कॉफ़ी पायल गीता को कॉफ़ी देकर वही बगल मैं बाथ गयी

गीता : पायल कारन अभी कहा है दिख नहीं रहा है आवर

पायल : दी कारन अभी एयरपोर्ट गया है विनय फभा को लेने साथ में बुवा भी गयी है

गीता : क्या पापा आ रहे है मुझे तो माँ ने नहीं बताया ठीक है कारन घर आये तो उसे मेरे रूम मैं भेज देना

पायल : दीदी बुवा बता रही थी आप उस वकत सो रही थी तो जगाया नहीं बुवा ने ठीक है दीदी कारन को बोल दूंगी उसे आने के बाद

इधर कारन आवर सुनीता एयरपोर्ट पहुँच कर विनय का वैट कर रहे थे कुछ hi देर मैं सुनीता को विनय दिख गया

सुनीता : कारन देख तेरे फभा वह आ रहे है

कारन : बुवा विनय फभा तो बूढ़े लग रहे है आवर आप कितनी जवान लग रही हो आप दुनो की जुडी अच्छी नहीं है बुवा मजाक था आवर कारन हसने

सुनीता : कारन मरूंगी वह थोड़े बूढ़े है तो मैं भी तो अब बुद्धि हो गयी हुईं आवर सुनीता ने कारन को सर पे पेयर से मर दिया

तब तक विनय भी इनके पास आ गए तो कारन ने विनय के पेअर चुने लगा मगर विनय ने कारन को गले लगा लिया

विनय : सुनीता कारन तो हीरो लग रहा है आवर देखो ये तूप पे गया है आवर हैंडसम लग रहा है

सुनीता : है तो भतीजा किसका है मेरा hi न तो मुझपे hi जायेगा आप पे थोड़ी जायेगा

फिर गाड़ी मैं बाथ कर वह से जल्दी hi घर के लिए निकल गए घर आने के बाद कारन अपने रूम मैं चला गया सुनीता विनय को लेकर अपनी माँ की रूम मैं चली गयी विनय थोड़ी देर अपने सासु माँ से बात किये

फिर गीता के रूम मैं चला गया गीता अब पहले से ठीक हो गयी थी वह अपने रूम मैं धीरे धीरे टहल रही नर्स के ज़रिये तभी विनय उसके रूम मैं गया गीता विनय को देख कर जल्दी से विनय की तरफ भागी पापा कहते हुवे जो नर्स के हाँथ छूट गया गीता गिरने वाली थी मगर विनय आगे बढे कर गीता को पाकर लिए

विनय : अरे आराम से बीटा अभी तुम गिर जाती तो तुम्हारी माँ मुझे दत्ती के मेरी वजह से तुम गिर गयी

गीता : नहीं दत्ती पापा मैं हुईं ना आवर आप ने मुझे क्यू नहीं बताया के आप आ रहे हो जाइये मैं आप से नाराज़ हुईं

विनय : भाई इसमें मेरी कोई गलती नहीं है मैंने तो तुम्हारी माँ से कहा था तुमेह बताने को अब तुम्हारी माँ ने नहीं बताया तो मैं क्या कर सकता हुईं ठीक hi किया नहीं बताया नहीं तो तुम्हारे चेहरे पे इतनी मुस्कान मैं कैसे देख पता

आप ने कब कहा था मुझे बताने को बेटी ये झूट बोल रहे सुनीता ने कहा जो विनय के पिच hi कड़ी थी

गीता : पापा आप ने झूट बोलो मैं पक्का आप से नाराज़ हुईं आवर गीता ने मुंह बना लिए

विनय : बेटी तुम्हारी माँ झूट बोल रही फिर से पूछ लो आवर सुनीता को विनय इसरा से कहा प्लीज है कह दो वर्ण ये मुझसे गुस्सा hi रहेगी तो सुनीता भी है मैं है मिला दिया विनय कुछ देर गीता से बात किया आवर फिर फ्रेश होने चले गए

दीदी जल्दी से नास्ता दीजिये मुझे माँ के पास जाना है कारन फ्रेश होकर किचेन मैं जाकर पायल को पीछे से पाकर कर कहा

पायल को झटका लगा कारन आज पहली बार पायल को पीछे से पकड़ा था या फिर किसी लड़के ने पायल को इसतरह पकड़ा हो पायल की जिसम एक वकत के लिए गंगना गया आवर पायल के मुंह से एक हहहहहह निकल गयी जो कारन ने नहीं सुना

पायल : ठीक है बाबा हहहहहह पहले चोदे तो तभी तो डोंगी चल टेबल पर मैं नास्ता ले कर आती हुईं एक तो कारन का लैंड पायल अपनी गांड पर महसूस कर रही थी कारन के चिपकने से आवर ऊपर से कारन का हाँथ पायल के पेट को पकडे हुवे था जो पायल को अजीब लग रहा था उसकी चूंकि भी टाइट हो गयी थी इस लिए पायल जल्दी से कारन से अलग हो गयी

कारन : ठीक है दीदी जल्दी से नास्ता ले कर आइये मुझे माँ के पास जल्दी जाना है

पायल : है बाबा जल्दी देती हुईं हहह ये क्या मेरा दिल इतना क्यू धारक रहा है मुझे अजीब क्यू लगा कारन के छूने से आवर पायल अपने दिल पर हाँथ रख लिया जो तेज़ी से धारक रहा था कुछ देर के बाद कारन के लिए नास्ता निकल कर उसे देने चली गयी

कारन नास्ता करने के बाद गीता दीदी के रूम में चले जाना तुम को दीदी ने बुलाया है पायल नास्ता देते हुवे कहा

कारन : कारन ठीक है दीदी मैं गीता दीदी से मिल कर hi जाऊंगा कारन जब नास्ता कर के गीता के रूम मैं गया तो गीता विनय फभा से बात कर रही थी

कारन : दीदी क्या बात करनी है मुझे माँ के पास जाना है

गीता : ठीक है कारन तुम माँ के यह से जल्दी आ जाना मुझे तुमसे बात करनी है ठीक है दीदी कह कर करना चल दिया

................................................................. आज मुस्कान को कॉलेज मैं मन नहीं लग रहा था तो मुस्कान को कारन की बहुत याद आ रही थी तो मुस्कान कॉलेज से निकल कर वह कारन के घर की तरफ चल दी मुस्कान अभी कुछ दूर hi गयी थी के एक बन्दे ने किसी को फ़ोन लगा दिया

hello अभी कारन के साथ में जो लड़की थी अभी तुम लोगो की तरफ गयी है
 
अपडेट _ 52

गीता अपने फूफा से बात कर रही थी आवर कारन भी जल्दी मैं था तो गीता ने उसे जाने को कहा कारन घर निकल कर अपने कविता बुवा के घर के लिए निकल गया रस्ते मैं कारन को अपने फ़ोन बजने से कारन ने गाड़ी रुक कर फ़ोन उठाया

कारन : है मुस्कान क्या हुवा तुम कॉलेज नहीं गयी क्या

मुस्कान : कारन मुझे कॉलेज मैं मन नहीं लग रहा था तो मैं तुम से मिलने तुम्हारे घर आ रही थी तो कुछ लड़के मुझे पाकर कर गन्दी गन्दी बातें करने लगे आवर मुझे गाड़ी मैं बैठने लगे मैं उनसे बच कर अभी इस क्सक्सक्सक्सक्सक्स कॉफ़ी शॉप मैं छिपी हुईं उनमे से कुछ लड़के मुझे कॉलेज से मेरा पीछा कर रहे है कारन मुझे दर लग रहा प्लीज तुम जल्दी आ जाओ मेरे पास कारन मुझे बहुत दर लग रहा है फिर कारन को रोने की आवाज़ सुनाई दी मुस्कान की

कारन : मुस्कान तुम डरना नहीं मैं बस रस्ते मैं हुईं तुम जहा हो वही रहना मैं बस आ रहा हुईं तुमेह मैं कुछ नहीं होने दूंगा

कारन गाड़ी घुमा कर मुस्कान के तरफ तेज़ी मैं चल दिया मगर आगे कारन ट्रैफिक मैं फास गया कारन गाड़ी वही चोदे कर भागने लगा

वही वह गुंडे भी मुस्कान को धुंध रहे थे जो मुस्कान उनेह दिखाई नहीं दे रही थी

अरे कहा चली गयी यार साली अभी तो एहि थी उनमे से एक गुंडे ने कहा

है भाई साली इतनी जल्दी कहा चली गयी उसे नहीं ले गए तो बॉस हमेह ज़िंदा नहीं छोड़ेंगे दुषरे गुंडे ने कहा

ये गुंडे भी मुस्कान को ढूंढते हुवे कॉफ़ी शॉप मैं चले आये आवर मुस्कान को देखने लागे मगर उनेह मुस्कान दिख नहीं रही थी मुस्कान जाकर लास्ट टेबल पर बैठी थी कुछ लोगो के पीछे मुस्कान दरी हुयी अपनी सर निचे कर के बैठी थी मुस्कान बहुत दर रही उसका जिसम कैंप भी रहा था

मुस्कान : कारन प्लीज जल्दी आ जाओ मुझे तुम से दूर कही नहीं जाना ये गुंडे मुझे मार देंगे मुझे बहुत दर लग रहा है मुस्कान अपने मन मैं hi बाटे कर रही

इधर गीता का फ़ोन बजता है गीता फ़ोन उठत्ती है

गीता : है शीतल बोल क्या हुवा

शीतल : गीता अभी कारन के फ़ोन पे किसी मुस्कान लड़की का कॉल आया था जो वह लड़की बहुत दरी हुयी थी तुम उसे जानती हो

गीता : शीतल मुस्कान को कुछ नहीं होना चाहिए अभी तुम अपने लड़के को वह भेजो मुस्कान को बचने के लिए मुस्कान को कुछ भी हुवा तो अच्छा नहीं होगा तुमने मेरी बात सुनी की नहीं शीतल अगर मुस्कान को कुछ भी हुवा तो तुम गीता से नहीं फिर तुम 1 बात करोगी आवर कारन अभी कहा तक पहुंचा है

शीतल : शांत होजा गीता तू चिंता मत कर मैंने अपने आदमी वह भेज दिया है मुस्कान को कुछ भी नहीं होगा लगता है कारन ट्रैफिक मैं फास गया है उसका लोकेशन अभी भी वही बता रहा है

गीता : ठीक है शीतल आवर जो भी मुस्कान के पीछे है उसे जान से मत करना मुझे जानना है कौन है जो उसे चोट पहुंचना चाहता है आवर उनेह बोल देना मुस्कान को मेरे घर लेकर आने को

शीतल : है है ठीक है तू जयादा चिंता मत कर मेरे लड़के बस पहुँच hi गए है ठीक है मैं उनेह बोल दूंगी तेरे घर लेकर जाने को कारन वह से डुडते हुवे कॉफ़ी शॉप पे गया आवर मुस्कान को चिल्लाने लगा कारन पूरा कॉफ़ी शॉप मैं मुस्कान को देख लिया मगर उसे वह मुस्कान नहीं मिली तो वह नीरस होकर टेबल पर बैठ गया

फिर कारन मुस्कान को फ़ोन करने के लिए जेब से फ़ोन निकलने के लिए हाँथ डाला मगर कारन अपना फ़ोन गाड़ी मैं hi भूल गए थे

राणा तुमने अच्छा नहीं किया तुझे मैं जान से मार दूंगा अभी मैं तेरे पास आ रहा हुईं आवर कारन कॉफ़ी शॉप से निकल कर कारन फिर अपने गाड़ी लेकर सीधे राणा के घर चल दिया

कारन गाड़ी राणा के गेट पर रुक दिया जो गेट पर hi राणा के गार्ड थे कारन गाड़ी से उतर कर अंदर जाने लगा तो गार्ड ने कारन को रुक लिया

गार्ड : अरे भाई कहा जा रहे हो किस्से मिलना है तुमेह

मगर कारन गार्ड से कुछ नहीं बोलता है कारन गार्ड को धक्का देकर अंदर चल देता है मगर आगे राणा के साथी उसे रुक let's है

कारन : मैं बोल रहा हुईं मुझे जाने दो मुझे सिर्फ राणा से बात करना है फिर मैं चला जाऊंगा

सेल पहले हम से बोल क्या बात करना है बॉस से फिर हम तुझे सैयद जाने दे

कारन : तो ठीक है जैसी तेरी मर्ज़ी आवर फिर वह इन सब की चीखने की आवाज़ आने लगता है

राणा भी चीख सुन कर भागता हुवा बहार आता आवर अपने गुंडों की हालत देख कर पीछे हैट जाता है कारन राणा के गुंडे को किसी के हाँथ तो किसी के पेअर तोड़ दिया था

राणा जो अभी नास्ता कर रहा था अपने फॅमिली के साथ उसके साथ राणा की बीवी आवर बेटी भी उसके साथ अस गयी

राणा : कौन हो तुम आवर िनेह मार क्यू रहे हो तुम जानते हो तुम अभी किसके घर में हो

कारन : मुझे तुझे जानने की कोई ज़रूरत नहीं है मुझे बस ये बता मुस्कान कहा है वर्ण तेरी भी हालत इन सब से भी बुरी कर दूंगा

राणा : तुम किस मुस्कान की बात कर रहे हो मुझे नहीं पता आवर मैं क्यू उस लड़की को किडनेप करने लगा मेरी तुमसे दुश्मनी hi के है

कारन : देखो मैं जनता हुईं तुमने hi मुस्कान को किडनेप किया है क्यू मैंने तेरे बेटे की पकड़ा था मगर मैंने तेरे बेटे की कुछ भी नहीं किया था तो ये मत सोच लेना की अब मैं उसे कुछ नहीं करूँगा अगर मुस्कान को कुछ भी हुवा तो मुझे नहीं पता मैं क्या कर दूंगा कारन बहुत गुस्से में राणा से बात कर रहा था

राणा : तुम hi करें हो मगर मेरा यकीं करो मैंने उस लड़की को किडनेप नहीं किया है

राणा अभी बोल hi रहा था के कारन ने राणा को तप्पड़ मार दिया मगर तप्पड़ राणा के गाल पर नहीं लगा कारन के गाल पे लगा क्यू की कारन का हाँथ राणा की बेटी ने पकड़ लिया आवर फिर कारन को hi मार दिया मगर तुरंत hi करें ने राणा की बेटी की गाला पाकड़ लिया कारन के पकड़ने से राणा की बेटी खस्ने लगी

राणा : कारन मेरा यकीन करो मैंने उसे किडनेप नहीं किया मेरी बेटी की गाला चोदे दो तभी कारन का फ़ोन बजा तो कारन ने राणा के बेटी का गाला चोदे दिया

कारन : है दीदी क्या हुवा

गीता : कारन तू कहा है तुझसे मिलने मुस्कान आई है

कारन : क्या दीदी मुस्कान घर पे आई है आप सोच कह रही हो

गीता : है कारन मुस्कान घर पे है तू जल्दी आ

कारन राणा को सॉरी बोल कर जाने लगा तभी राणा की बेटी की आवाज़ सुनाई दिया कारन को तो कारन पलट गया

लड़की : अगर तुमने दोबारा मेरे पापा पे हाँथ उठाया तो तुमेह गोली मारडुंगी

कारन राणा की बेटी की एक बार देखा आवर है कर चल दिया
 
अपडेट _ 53

कारन राणा के घर से निकल कर सीधे अपने घर गया तो देखा मुस्कान हॉल मैं hi पायल के साथ बैठी थी

कारन : मुस्कान क्या हुवा था तुमेह आवर तुम घर कब आई

मुस्कान : कुछ भी नहीं हुवा वह लड़के किसी दूसरी लड़की की पीछा कर रहे थे मेरे पीछे आ रहे थे तो मैं दर गयी थी सॉरी तुम मेरी वजह से परेशान हुवे

कारन : कोई बात नहीं चलो तुमेह घर चोदे देता हुईं

पायल : कारन तू जा तुझे गीता दीदी बुला रही है मैं मुस्कान को घर चोदे देती हुईं आवर फिर मैं माँ से भी मिलने चली जाउंगी

कारन : हो दीदी मैं तो भूल hi गया था ठीक है दीदी आप चली जाइये मैं दीदी से मिल लेता हुईं आवर कारन गीता से मिलने उसके रूम मैं चल दिया आवर पायल मुस्कान को लेकर चली गयी

कारन / दीदी क्या हुवा कहा जा रही हो कारन जब गीता के रूम मैं गया तो देखा गीता उठ कर चलने की कोसिस कर रही थी दीवार पाकर कर तो कर जल्दी मैं गीता के कमर पाकर लिया

गीता : कारन वह मुझे गीता कहते हुवे रुक गई आवर बाथरूम की तरफ इसरा किया जो कारन समझ गया

कारन : दीदी तो नर्स को बोलै लेती आवर कारन नर्स को पुकारने लगा

गीता : कारन मैंने नर्स को अब जाने को कह दिया है अब ठीक हुईं आवर बाकि काम तो छोटी कर hi देती है मैं कब से उसे बोलै रही थी लगता है वह मुस्कान को घर छोडने चली गयी है ठीक है मैं चली जाउंगी तो यह पे रह मुझे तुझसे कुछ बात करनी है

गीता को तीज पेशाब भी लगी थी तो वह जल्दी मैं बाथरूम की तरफ चलने लगी मगर गीता ठीक से चल नहीं पाई आवर फिर गिरने वाली थी के कारन ने गीता को पाकर लिया मगर इस बार कारन एक हाँथ गीता के चूंकि पे चला गया पकडना मैं जो गीता की एक अअअअअअअ निकल गयी कारन जल्दी से अपना हाँथ गीता के चूंकि से हटा लिया

कारन : सॉरी दीदी वह गलती से लग गया चलिए मैं आप को ले चलता हुईं कारन निचे देखते हुवे कहा जो गीता मुस्कुरा रही थी

गीता : कोई बात नहीं भाई तू सर्मिन्दा मत हो चल मुझे जल्दी ले चल नहीं तो मैं कपडे गन्दा कर दूंगी कारन जल्दी से गीता को बाथरूम मैं ला गया आवर बहार जाने लगा तो गीता ने फिर कारन को पकडे लिया

गीता : कारन कहा जा रहा है मैं गिर जाउंगी मुझे पीछे से पाकर ले मैं ऐसे hi कर लुंगी अब कारन को आवर सरम आने लगा

कारन : दीदी ममममें कककककैसे

भाई जल्दी से मुझे पीछे से पाकर ले मैं इतना देर तक खड़ा नहीं रह सकती हुईं मैं गिर जाउंगी तो तुझे अच्छा लगे गए गीता ने कहा

कारन न चाहते हुवे भी गीता को पीछे से पाकर लिया गीता ने अपनी नाडा खोल दिया जो निचे गिर गया आवर अपनी पेंटी भी निचे सरका दिया आवर गीता मूतने लगी जो गीता की छूट से एक तीज सूर की आवाज़ आई आवर गीता मूतने लगी

पीछे से कारन की हालत ख़राब था गीता की बड़ी गदराई गांड कारन के लैंड को टाच कर रहा था जो कारन का लैंड खड़ा होने लगा था आवर गीता की गांड मैं जाने के लिए फुफकारने लगा ये क्या हो रहा है मुझे दीदी क्या सोचेगी आवर कारन सोच के गीता से थोड़ी पीछे हैट गया

जो गीता को भी कारन का लैंड का पता चल रहा था आवर गीता को सरम से पसीने आने लगे आवर गीता की छूट भी गर्म हो रही थी मगर बेचारी गीता क्या करे मजबूरी मैं कारन को पकडे ने को कहा था गीता कुछ जयादा hi तीजी से छूट से मूतने लगी ताकि वह जल्दी से बाथरूम से निकल जाए

कारन हो गया आवर गीता अपनी पजामा उठाने लगी तो उसे दर्द हुवा जो गीता की दर्द भरी आआ निकल गयी गीता के निहने से कारन को गीता की गांड की एक जलक गुलाबी छेद दिखाई दिया जो कारन का लैंड फुल टाइट हो गया मगर गीता की हहहहहह सून कर कारन गीता को पाकर कर उठा दिया आवर कारन के लैंड ने गीता के गांड मैं थोड़ी सी महसूस जो दोनों भाई बहन की एक साथ आअह्हह्ह्ह्हह निकल गया

गीता : भाई मुझे दर्द हो रहा है प्लीज मेरी पैजामा ज़रा उठा दे पेंटी पहन कर गीता ने कही

गीता के कहने पर कारन गीता का पजामा गीता को धरा दिया फिर गीता जल्दी से बांध ली फिर कारन गीता को कारन पकडे कर उसे बीएड पर ले कर आ गया मगर अभी तक कारन गीता को सामने से देख नहीं रहा था शर्मा तो गीता भी रही थी आवर गीता का दिल भी ज़ोर ज़ोर से धाडरक रहा था

गीता : कारन मुझे पता है फूफा जी को जो अभी हालत है तूने hi करवाया है तुमने ये क्यू किया तुम मुझे बता सकता है

अपनी दीदी की बात सून कर कारन एक वकत के लिए सहमत गया

कारन : दीदी ये आप क्या कह रही हो मैं भला क्यू उनेह चोट पहुंचने लगा

गीता : कारन मुझे नहीं पता तू ये क्यू कर रहा है मगर अब मुझसे वडा कर तू कोई भी ऐसा काम नहीं करेगा जिसमे हमारे परिवार के लोग पे खतरा हो तेरी वजह से आज मुस्कान भी खतरे मैं थी गीता अब खुल कर कारन से बात करना hi सही समझा मुझे मालूम है ये सब तुहि किया है मगर क्यू ये पता नहीं मुझे तुझे मेरी कसम बता मुझे मैं तुझे नहीं खोना चाहती एक तुहि तो है जिसे देख कर मेरे दिल को सुकून मिलता है अगर तुझे कुछ हो गया तो मैं जीते जी hi मर जाउंगी गीता के आँखों ऐ ांसो गिरने लगी थी

गीता की बात सून कर कारन को भी पता लग गया की गीता दीदी को सब कुछ मालूम हो गया है

कारन : दीदी ऐसी बाटे मत कीजिये मैं आप को बहुत पेयर करता हुईं है मैंने hi फूफा की दोनों पेअर कटा है मैं तो उनेह जान से मरना चाहता था उन्होंने ने मुझे आप सब से दूर कर दिया आवर पापा आवर बड़े पापा को भी मरने मैं उनका hi हाँथ है जो उनकी सजा मौत थी मगर फिर कविता बुवा के खातिर उसे ज़िंदा चोदे दिया मगर एक को कुत्ते की मौत मारा है दीदी वह अब दुबारा जनम लेने मैं डरेगा कारन के आँख मैं बे पनाह गुस्सा था अभी

गीता : कारन तुझे ये सब कैसे पता तू तो यह था भी नहीं आवर यह ए भी जयादा वकत नहीं हुवा तुझे फिर तुझे कैसे पता ये सब

कारन : दीदी उस रात आप किसी से फ़ोन पर बाटे कर रही थी तो मैंने सून लिया था आवर फिर कारन ने साडी बात अपनी गीता दीदी को बता दिया कैसे कविता फिर परेम को उठाया आवर परेम को मर कर फेक दिया माँ की सच्चाई जानने के बाद

कारन की बात सून कर गीता ने कारन को अपने बहन मैं भर लिया
 
अपडेट _ 54

गीता कारन को अपने बाँहों मैं आवर ज़ोर से पाकर लिया था कारन भी अपनी दीदी के बाँहों मैं चिपक गया था जो कारन का मुंह गीता के दोनों चुकी के बिच मैं था गीता कारन के सर पे हाँथ घुमा रही थी कारन को अभी कुछ दिनों के लिए यह से कही दूर मुझे करना होगा नहीं तो मेरे भाई को कुछ हो गया तो मैं कैसे जिऊंगी कहा भेजू है कारन को बुवा के साथ जाने को बोलती हुईं गीता ने सोचा

गीता : कारन मुझे गुड़िया की बहुत याद आ रही है पता नहीं वह कैसी होगी बहुत मासूम है मेरी गुड़िया मैं अभी ठीक होती तो बुवा के साथ hi चली जाती अपनी गुड़िया से मिलने

कारन : दीदी मुझे भी गुड़िया की याद आ रही है दीदी आप उसकी चिंता न करों गुड़िया वह ठीक होगी गुड़िया वह खु दीदी मैं अभी गुड़िया को फ़ोन करता हुईं हम दोनों गुड़िया से बात कर लेंगे

गीता : कारन तो तुम भी चले जाओ नानी के घर वह तुम सब से मिल भी लोगे आवर गुड़िया को भी देख लोगे मैं तो बीमार हुईं मगर तुम तो ठीक हो के कहते हो मैं अभी बुवा को फ़ोन करती हुईं

कारन : दीदी मैं

आवर कारन के कुछ बोलने के पहले hi गीता ने अपनी बुवा को फ़ोन लगा दिया क्यू के अभी कारन गीता के बातों मैं फस गया था

गीता : hello माँ अभी आप कहा पे पहुंची हो

सुनीता : अरे बेटी तेरे फूफा जी के एक दोस्त मिल गए थे तो हम दोनों उनके hi घर पे है बस कुछ देर मैं निकलने वाले है के हुवा मेरी बेटी को भी शादी मैं जाना है क्या

गीता : नहीं माँ वह कारन जाने को बोल रहा था इस लिए आप को फ़ोन किया ये अकेला तो वह नहीं जा सकता है न तो सोचा माँ से पूछ लेती हुईं आप कहा हो

सुनीता : अरे गीता बेटी ये तो खुसी की बात है मैं भी कारन को अपने साथ ले जाना चाहती थी मगर वह भाभी को लेना चला गया तो नहीं कहा ठीक है कारन को बोल तैयार होने को मैं अभी वह आ रही हुईं

गीता : ठीक है माँ आप आ जाओ मैं कारन को बोल देती हुईं आवर गीता ने फ़ोन रख दिया

कारन : दीदी मैं नहीं जाऊंगा आप को चोदे कर आवर मैं वह जाकर क्या करूँगा वह किसी को भी ठीक से जनता भी नहीं हुईं आप बुवा को बोल दो वह चली जाये

गीता : कारन वह तुझे सब बहुत प्यार करते है तू जब छोटा था तो माँ तुझे हमेसा अपने साथ लेकर जाती थी वह तुझे सब जानते है चल अब जल्दी से तैयार होजा माँ आती hi हूँगी कारन को जाने का मन तो नहीं था मगर गीता के बार बार कहने पर कारन जाने के लिए मन गया

कारन : ठीक है दीदी आप इतना कह रहो हो तो मैं बुवा के साथ चला जाता हुईं मगर वह मुझे अच्छा नहीं लगा तो मैं यह आ जाऊंगा कह देता हुईं

गीता : है ठीक है वह तुझे अच्छा नहीं लगेगा तो तुम यह आ जाना मगर मैं जानती हुईं तू नहीं आएगा वह गुड़िया तुझे देख के बहुत खुस होगी आवर फिर तुझे भी वह अच्छा लगे गए

फिर कारन गीता के रूम से निकल कर नहाने चला गया कारन तैयार होकर जब निकला तो उसे गाड़ी का हॉर्न सुनाई दी कारन जब निचे गया तो देखा उसकी बुवा आवर फूफा दोनों गेट के अंदर आ रहे थे आवर उनके पीछे पायल आवर शांति भी थी

सुनीता : कारन बीटा चोलो हमेह जल्दी निकलना होगा उधर रास्ता थोड़ी ख़राब है

कारन फिर अपनी माँ आवर दीदी को किस कर के अपनी बुवा के साथ निकल गया

...................................................................................... इधर नैना काजल आवर कोमल अपनी बड़ी माँ के साथ गाओ घूम रही थी जो माया अपनी एक सहेली के घर उनेह लेकर जा रही थी नैना ोुए कोमल सूत सलवार पहनी थी जो दोनों बहुत hi खूबसूरत लग रही थी मगर आज काजल यह साड़ी पहनी थी काजल साड़ी मैं गजब की खूबसूरत लग रही थी काजल अपनी बड़ी माँ के साथ चल रही थी आवर नैना आवर काजल साथ चल रही थी अभी कुछ दूर गयी थी के गाओ के लोग चारो को देख कर आहे भरने लगे जहा से चारो गुजर रही थी वह से लोग खड़े होकर पीछे से चारो की गांड देखने लग जा रहे थे खास कर माया आवर काजल की जो साड़ी मैं दोनों की गांड बड़ी लग रहा था आवर चलने से माया की गांड निचे से ऊपर हो रहा था

बड़ी माँ ठीक से चलिए न देखिये ये गाओ वाले कैसे बेशरम की तरह आप की आवर दीदी की ये घर रहे है आवर गन्दी हरकत कर रहे है नैना ने माया के गांड पे हाँथ रख कर धीरे से माया के कान मैं कहा

नयन कब से देख रही थी गाओ के लोगो को माया आवर काजल के गांड को घूरते हुवे अपने हाँथ को अपने धोती के ऊपर से लैंड को मसले हुवे जो नैना को बहुत गुस्सा भी आ रहा था तो उसने अपनी बड़ी माँ से कहा

माया : गुड़िया तू उनकी तरफ धयान मत दे ये लोग अब तक नहीं बदले जैसे पहले थे अब भी वही है ये लोग ोुरत को ऐसे hi घूमते है अब हम किस किस को देखने से मन करेंगे चल चुप चाप ये बेशरम लोग है माया यह की माहौल से वाकिफ थी क्यू की माया की बचपन से जवानी इसी गाओ मैं गुजरी थी

नैना : बड़ी माँ मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है मन कर रहा है चप्पल निकल के मर दूँ कैसे वह लोग मेरी दीदी आवर बड़ी माँ को रहे है बेशरम लोग नैना को अच्छा नहीं लग रहा था के कोई उसकी बड़ी माँ आवर दीदी की सरीर को देख कर गन्दी हरकत करे बाटे करते हुवे hi माया अपनी सहेली के घर पहुँच गयी

....................................................................................... बाबा मेरा दिल बहुत घबरा रहा है मुझे अपनी छोटी बेटी को देखने की बहुत इच्छा हो रही है मुझे उससे मिलने को दिल कर रहा है रागनी ने बाबा से कहा

बाबा : रागनी बेटी तुम जयादा मत सोचो तुम्हारी बेटी ठीक होगी तुमेह पता है गीता उसे कुछ होने भी नहीं देगी फिर भी तुमेह उससे मिलने का दिल कर रहा है तो तुम जा सकती हो मैं एहि पे रहूँगा मगर ज़रा बच के रहना अभी वह लोग तुमेह धुंध रहे होने तो अपना धयान रखना

रागनी : बाबा अभी मुझे कुछ नहीं होगा अब मैं वह रागनी नहीं हुईं जो जुलम सहती थी आवर कुछ नहीं करती थी आप फिकर न करे मैं अपना धयान रख सकती हुईं रागनी वह से सहर के लिए निकल गयी अपनी छोटी बेटी को देखने के लिए

......................................................................................... बड़ी माँ चलिए चलते है रात होने वाली है कोमल ने माया से कहा कोमल के कहने पर माया अपनी सहेली से विदा लेकर चल दी जब चरों माँ बेटी गाओ मैं चल रही थी तो उनको पायलों से छान छान की आवाज़ निकल रही थी रात होने से

एक जगह से निकली तो एक लड़के को देख कर नैना ज़ोर से है पड़ी वह पे तो 4 से 5 लड़के थे मगर नैना एक hi लड़के को देख कर हसी थी वही वह लड़का गुस्से मैं नैना को देखने लगा मगर जल्दी hi काजल ने नैना को घर के देखा तो नैना चुप हो गयी

माया : गुड़िया तुझे क्या हुवा है क्यू रही है चल चुप चाप ऐसे नहीं हस्ते नैना ने कुछ नहीं बोलै क्यू काजल उसे घर के देख रही थी तभी काजल के फ़ोन बजा नाम देख कर काजल ने जल्दी से फ़ोन उठाया

काजल : hello दीदी कैसी हो आप आवर कारन कहा है मैं कब से उसे फ़ोन लगा रही थी मगर कारन का फ़ोन लग hi नहीं रहा है

गीता : मैं ठीक हुईं तुम बताओ कैसी है वह गुड़िया तुझे जयादा तंग तो नहीं कर रही है

काजल : नहीं दीदी ये जयादा तंग नहीं करती है दीदी कारन कहा है उसे फ़ोन दीजिये न मुझे उससे बात करनी है

गीता : अरे सॉरी बाबा भूल गयी थी मैंने एहि बताने के लिए तुझे फ़ोन किया था के तेरा कारन तेरे पास आ रहा है वह जी भर के बात कर लेना आवर कुछ भी करने का भी दिल करे तो कर लेना ये बात गीता ने बड़ी पेयर से कहा था

अपनी दीदी की बात सून कर काजल कुश हो गयी आवर फिर गीता की आखिरी बात पर काजल का जिसम गंगना गया काजल सामने लगी

गीता : काजल मेरी काम बोलने वाली बहन कहा है उसे फ़ोन दे काजल ने फ़ोन कोमल को दे दिया

काजल बहुत खुस थी के कारन यह आ रहा है आवर अपनी दीदी की बात सून कर वह शर्मा भी रही थी

******************************************* वही नैना के हसने से वह लड़का बहुत गुस्से मैं था आवर उसके साथ जो लड़के थे वह भी लड़के पे है रहे थे अंदर hi अंदर भाई लगता है उस लड़की ने सभी को बता दिया है के आप को आआआआआ अभी आगे कुछ बोलता लड़के ने उस लेक की गाला पकड़ लिया

लड़का : सेल तुझे मज़ा आ रहा है आगे कुछ बोलै तो मैं तेरा जान ले लूंगा वह साली है रही थी न उसे ऐसा सबक सिखाऊंगा की साली सर उठा कर चल नहीं पायेगी लड़का बहुत hi जयादा गुस्से मैं था

लड़के की सांसे फूलने लगा तब जा कर उसका गाला चोदे दिया वह लड़का थोड़ा पीछे हैट कर हाफने लगा उसकी सांसे फूल रहा था
 
अपडेट _ 55

गुड़िया तुझे किसने कहा था उन लड़को के सामने हसने को काजल नैना के गाल खींचते हुवे कहा जो अभी दोनों एक hi रूम मैं साथ सोने जा रही थी

नैना : आआआउच दीदी मुझे दर्द हो रहा है प्लीज चोदे दीजिये आआआ बड़ी माँ देखिये डीई

जब नैना ने माया को आवाज़ दिया तो काजल ने नैना के गाल चोदे दिया

दीदी क्या करती हो देखिये आपने मेरी गाल लाल कर दिया अभी मैं बड़ी माँ को देखने जा रही हुईं नैना अपनी गाल पर हाँथ रख कर काजल से कहा आवर बीएड से उठ कर जाने लगी मगर काजल ने नैना को पकडे कर अपने साथ बीएड पर लेट गयी मगर नैना उठने की कोसिस करने लगी आवर अचानक नैना के हाँथ से काजल की एक चूंकि पकड़ा गया आवर नैना ने काजल की चूंकि को ज़ोर से मसल दिया जो काजल की एक सिसकिरिया निकल गयी आवर काजल ने भी नैना की सेब की तरह चूंकि को मसल दिया जो नैना की भी एक आआह्ह्ह निकल गयी काजल नैना को अपनी बहन मैं hi पकडे नैना की चूंकि धीरे धीरे मसलने लगी जो नैना अब लम्बी लम्बी आअह्ह्ह्ह लेने लगी इधर काजल की भी छूट गरम हो रही थी आवर काजल अपनी छूट नैना के गांड मैं पीछे से रगड़े रही थी काजल अपनी छूट नैना की गांड मैं रगड़े तो रही थी मगर अभी कारन का बारे मैं सोच रही थी जो काजल की छूट आवर आग दे रही थी इसी बिच नैना काजल से अलग हो गयी

नैना : ची दीदी आप कितनी गन्दी हो आप ने मेरी बोब्ब्स लाल कर दिया मुझे दर्द होने लगा मैं भी आप की बोब्ब्स को ऐसे hi मसलूंगी अभी तब आप को पता चलेगा कितना दर्द होता है

आवर नैना फिर से काजल की चूंकि दबाने लगी मगर इस बार काजल ने नैना को कुछ नहीं बोलै काजल सिर्फ आअह्ह्ह्ह भर रही थी आवर नैना काजल की एक चूंकि दोनों हाँथ से मसल रही थी इधर काजल अपना एक हाँथ अपनी पेंटी मैं दाल कर छूट में ऊँगली करने लगी आवर नैना काजल की चूंकि मसलने मैं लगी थी तभी उसकी नज़र काजल से मिली जो काजल अभी वासना से भरी थी तो नैना ने भी अपना एक हाँथ काजल के पेंटी मैं डाला नैना की ऊँगली डालते hi काजल खड़े गयी झड़ते hi काजल नैना को दूर कर दिया आवर काजल उठ कर जल्दी से बाथरूम मैं चली गयी

ये क्या हुवा मुझे वह मेरी छोटी बहन है आवर मैं उसके सामने ऐसी गन्दी हरकत कर रही थी वह क्या सोच रही होगी मेरे बारे मैं काजल बाथरूम मैं जाकर सोचने लगी फिर काजल अपनी छूट से पेंटी निकल कर अपनी छूट को साफ़ कर के टावल लपेट कर रूम मैं आई फिर अपनी दूसरी पेंटी पहन कर बीएड पर लेट गयी काजल नैना से नज़र नहीं मिला प् रही थी मगर फिर एक बार काजल की नज़र नैना पे चली गयी जो नैना मुस्कुरा रही थी आवर अपनी दो ऊँगली को सत्ता रही थी जो काजल की छूट का पानी था जो काजल आवर अपने आप मैं सर्मिंदगी महसूस करने लगी आवर अपनी नज़र निचे कर लिए

नैना : दीदी आप शर्मिदा मत होइए मुझे बुरा नहीं लगा आवर एक राज की बात बताऊँ आप को मैं आवर गीता दीदी

आवर नैना चुप हो गयी जो काजल नैना को देखने लगी सवालिए नज़र से के कौन सा राज है मगर नैना अभी भी काजल की छूट का पानी लगा हुवा ऊँगली एक दूसरे मैं सत्ता रही थी तो काजल ने नैना के हाँथ को पकड़ के नैना के ऊँगली को अपने टावल मैं पूछ दिया फिर नैना को देखा तो नैना अभी भी है hi रही थी

काजल : गुड़िया ये क्या कर रही है जा पहले हाँथ धोकर आ आवर हसना बंद कर नहीं तो मरूंगी

काजल के कहने पर नैना बीएड से उतर कर बाथरूम मैं जाने लगी मगर नैना अभी भी मुस्कुरा hi रही रही गुड़िया कौन सी राज की बात है जल्दी बता आवर तूने गीता दीदी का नाम क्यू लिया के करती है तू गीता दीदी के साथ जब नैना बाथरूम से आई तो काजल ने थोड़ी सख्ती से पूछा क्यू के नैना अभी भी मुस्कुरा hi रही थी काजल के चेहरे पे गुस्सा देख कर नैना चुप हो गयी आवर बीएड पर जाकर लेट गयी अपनी गांड काजल की तरफ कर के

गुड़िया अच्छा बाबा सॉरी मैं गुस्सा नहीं हुईं चल अब बता भी दे तू तो मेरी पेयरी गुड़िया रानी है प्लीज बता ने मेरी राजकुमारी आवर काजल नैना के गुदगुदी करने लगी जो नैना फिर से हसने लगी दीदी प्लीज मत करिये न मुझे गुदगुदी हो रही है मैं बता रही हुईं नहीं तो मैं नहीं बताउंगी तो काजल ने नैना को गुदगुदी करना बंद कर दिया

काजल : ठीक है चल नहीं करती चलो जल्दी से बताउओ तू आवर गीता दीदी के करती हो

नैना : मैं आवर गीता दीदी न काजल दीदी अभी मुझे नींद आ रही है मैं आप को सुबह बता दूंगी इतना कह कर नैना चुप हो गयी आवर फिर से अपनी गांड काजल की तरफ कर के लेट गयी

काजल : गुड़िया अभी बता न अगर नहीं बताएगी तो मुझे नींद नहीं आएगी प्लीज गुड़िया बता न काजल को जानने की जल्दी थी के आखिर के करती है ये दीदी के साथ काजल को सक तो हो गया था मगर काजल नैना से सुन्ना चाहती थी

नैना : ठीक है दीदी मैं आप को बता दूंगी मगर पहले प्रॉमिस करिये के आप गीता दीदी की नहीं बताऊगी नहीं तो गीता दीदी गुस्सा करेंगी दीदी ने मन किया था के किसी को इस बारे मैं मत बताना

काजल : ठीक है प्रॉमिस मैं किसी को नहीं बताउंगी चोलो अब बताओ जल्दी से

नैना : दीदी जो अभी आप कर रही थी न वह गीता दीदी भी करती है आवर दीदी के भी वह से ऐसे hi पानी आता था मगर दीदी मुझे वह कुछ नहीं करने देती थी मैं बस दीदी के उसमे ऊँगली करती थी आवर गीता दीदी के भी वह से आप की तरह hi पानी निकलता था नैना काजल के छूट की तरह इसरा कर के कहा फिर एक दिन मैं दीदी के साथ सो रही थी आवर सुबह उठी तो मेरी पेंटी पूरी गीली थी मैं सोची सैयद मैंने सु सु कर दिया है मगर जब मैं ऊँगली से चेक किया तो चिप छिपा था तो मैं दीदी को उठा कर दिखाया तो दीदी हसने लगी तो मैं दीदी को गुस्से मैं देखने लगी फिर दीदी ने बताया के मैं अब बड़ी हो फिर एक दिन मुझे मेरी एक दोस्त ने मुझे एक वीडियो दिखाया जिसमे एक लड़का था आवर एक लड़की थी दीदी मैं नहीं बताउंगी अप्प गुस्सा करेंगी इतना कह कर नैना चुप हो गयी

काजल : गुड़िया कैसी वीडियो थी बता न गुस्सा नहीं करुँगी चल मैं तेरी कसम कहती हुईं अब बता अब काजल को जानने की उत्सुकता थी के कैसी वीडियो थी

नैना : दीदी आप ने मेरी कसम खाई है तो बता रही हुईं उसमे वीडियो मैं न एक लड़का था आवर एक लड़की लकड़ा ने उस लड़की की इस मैं न अपनी मुंह से चाट रहा था नैना अपनी छूट को ऊँगली से बता कर कहा आवर लड़की न उस लड़के के लिंग को चूस रही थी जो बहुत कला था मुझे देख कर अजीब लग रहा था आवर दीदी जानती हो उस लड़के का लिंग न बहुत बड़ा आवर मोटा था आवर लड़का उस लड़की के उसमे डालने hi जा रहा था तभी रूम मैं गीता दीदी आ गयी आवर मुझे देख लिया वीडियो देखते हुवे आवर इस में ऊँगली करते हुए जो दीदी ने मुझे बहुत डाटा आवर वीडियो भी उदा दिया

काजल : ठीक किया गीता दीदी ने आवर कौन थी वह लड़की को तुझे ऐसी वीडियो दी उसे मैं छोडूंगी नहीं फिर दीदी ने क्या किया गुड़िया

नैना : दीदी आप ने मेरी कसम खाई थी आप कुछ नहीं करेंगी वह मेरी बेस्ट फ्रेंड है आप उसे कुछ नहीं करेंगी नहीं तो मैं नहीं बताउंगी नैना मुंह बनाते हुवे कहा

काजल : अच्छा चल ठीक है मैं उसे कुछ नहीं करुँगी मगर अब उसने कभी तुझे गन्दी बात बताई तो मुझे बताना ठीक है

नैना : ठीक है दीदी मैं आप को बता दूंगी उस दिन गीता दीदी ने मुझे बहुत डाटा आवर फिर पूछा किसने तुझे ये वीडियो देखने को कहा तो मैंने दीदी की अपनी फ्रेंड को नहीं बताया आवर दीदी ने देख लिया था मुझे यह उंगली करते हुवे आवर मैं पसीने से बहुत भींग गयी थी मेरी आँखे भी बाधोस हो गयी थी तो दीदी ने इस मैं ऊँगली दाल कर अंदर बहार करने लगी छूट पे हाँथ रख कर बताया कोई 5 से 6 मिनट बाद मेरी इस में से आप की तरह पानी निकला जो मैं बहुत हांफ रही थी फिर दीदी मुझे नहाने को कहा उसके बाद कभी कभी दीदी मेरी यह ऊँगली कर देती थी अपनी छूट पे हाँथ रख कर नैना ने कहा

काजल नैना को hi देख रही थी

काजल : चलो ठीक है अब सो जा आवर फिर दोनों बहन एक दूसरे से लिपट कर सो गयी मगर नैना अभी भी जग रही थी क्यू की उसकी छूट से पानी नहीं निकल था आवर नैना अपनी छूट की गर्मी से मचल रही थी आवर फिर नैना प्रेसन होकर अपनी हाँथ छूट में दाल दिया आवर ऊँगली करने लगी जो नैना के हिलने से काजल उठ गयी

काजल : क्या हुआ चल अब सो जा हिल क्यू रही है

नैना : दीदी वह नैना बताने मैं अभी सरमने लगी आवर अपनी सर निचे कर लिया मगर काजल की नज़र पद गयी के नैना का एक हाँथ कहा है तो काजल ने नैना की छूट मैं ऊँगली दाल कर हिलने लगी आवर कुछ hi देर मैं नैना ने अपनी छूट से पानी फेक दिया जो काजल ने नैना की सारा छूट का पानी उसके hi पेंटी मैं पूछ दिया फिर दोनों सो गयी
 
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