सब कुछ जायज़ है...
अपडेट = 01
ये स्टोरी पूरी तरह काल्पनिक है. इसका किसी की पर्सनल लाइफ से कोई लेना देना नहीं है. इस स्टोरी को लिखने का मकसद सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन करना है....
"आअह्ह्ह्ह ऐसे hi ज़ोर ज़ोर से छोड़ो mujhey...hayeee री vickyyy...aisi hi चुदाई के लिए तो तरस रही थी मैं." बंद कमरे में एक शानदार बीएड पर एक औरत ज़ोर ज़ोर से आहें भारतीय हुए सिसकारियां ले रही थी.
बीएड पर इस वक्त वो पूरी तरह नंगी लेती हुयी थी. उसकी दोनों टाँगे उसके ऊपर लाडे उस लड़के के कंधो पर थी जो उसकी छूट पर अपने दमदार लैंड से झटके पर झटके दिए जा रहा था.
"ले और ले मेरी raand...aaj तेरी साडी गर्मी निकाल दूँगा." लड़के ने ज़ोर का झटका मारते होते कहा और फिर से उसकी छूट को बजने लगा.
"आअह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है vickyy...sach कहती हु इन दो सालो में एक दिन भी इतना मज़ा नहीं आया मुझे. उस साले हिजड़े में इतना डैम भी नहीं है की मेरी छूट की आग को बुझा sake...aaahhhhh uffff...uska लुंड तो तुम्हारे लुंड का आधा hi है vicky....aaahhhh....badi मुश्किल से ये दो साल काटे हैं मैंने." औरत मज़े से आहे भरते हुए बोले जा रही थी.
"तो अपने पति के पास से चले आना था न मेरी raand....dubai में साले को अकेला रहने deti...main भी तो तेरी इस मस्त छूट के लिए यहाँ तड़प रहा था." विक्की नाम के लड़के ने एक हाथ से औरत के राइट बूब पर ज़ोर से थप्पड़ मारा जिससे उसका वो बूब बुरी तरह हिचकोले खा गया.
"आह्ह्ह्हह कैसे आ जाती मेरी jaan...wo नामर्द साला मुझे छोड़ता hi नहीं tha...kah रहा था की दो साल बाद साथ में hi चलेंगे ghar...lekin तुम क्यों यहाँ तड़प रहे the...kya मेरी माँ ने तुम्हे मज़ा नहीं दिया??" औरत ने अपने नीचे वाले होठ को दांतो में दबाते हुए कहा और मुस्कुरा उठी.
"ारी तेरी माँ तो मुझे मज़ा देने की पूरी कोशिश करती है kiran...magar तू तो जानती है की एक जवान औरत में और एक बुद्धि औरत में फर्क होता hai...uski छूट तो अब चुद चुद के भोसड़ा बन गयी है इस लिए अब मुझे इतना मज़ा नहीं aata...waise एक बात तो है की तेरी माँ ने मुझे खुश रखने के लिए अपनी गांड भी मारने को देती है मगर अब तो उसका भी भोसड़ा बन गया है." विक्की ने कहा और औरत की छूट से अपना लुंड निकाल कर औरत को पलटा दिया. उसके पलटते hi वो औरत कुटिया के पोज़ में आ गयी.
कुटिया के पोज़ में जैसे hi वो आयी तो विक्की ने पीछे से उसकी छूट में फिर से अपना लुंड एक hi झटके में दाल दिया. जिससे किरण नाम की उस औरत की सिसकी निकल गयी. विक्की ने एक हाथ बढ़ा कर उसके बालो को मुट्ठी में जकड लिया और किसी घोड़े की तरह सवारी सा करने लगा.
"आअह्हह्ह्ह्ह ऐसे hi विखयीय हई री बहुत मज़ा आ रहा hai...kaash तुम मेरे पति होते vickyy...sach में दिन रात तुमसे चुदवाती मैं." किरण मज़े से सिसकारियां भरते हुए बोली.
"मैं तो तेरा पति जैसा hi हु मेरी रांड. दो साल पहले तक तेरे बाप का दर रहता था. इस लिए छुप छुप के तुझे छोड़ता था. तेरा बाप साला शराबी मुझे नौकर hi समझता था. भला वो कैसे ये चाहता की उसकी बेटी की शादी उसके एक मामूली नौकर से हो जाये.?" विक्की ने किरण के बालो को ज़ोर से झटका दिया तो किरण को दर्द का अहसास हुआ मगर ये दर्द भी मनो मज़ा hi दे रहा था उसे.
"मेरा बाप ऐसा नहीं था विक्की ये तुम भी जानते ho...wo तो एक शरीफ इंसान था जो कभी शराब की तरफ देखता भी नहीं था. आअह्हह्ह्ह्ह ufffff....magar फिर बुरा वक्त आया और उसने गलत लोगो की सांगत कर ली. उन लोगो ने मेरे शरीफ बाप को शराब पिने का ऐसा चस्का लगाया की मेरा बाप दिन रात शराब में hi डूबा रहने laga...aaaahhh विक्की मेरा होने वाला hai...aahhhh और तेज तेज छोड़ो मुझे. अपने लुंड का पानी आज भर दो मेरी छूट में." किरण की साँसे बहुत तेज़ हो गई थी.
पुरे कमरे में सेक्स से भरी आहे और सिसकारियों का तूफ़ान चालु था. विकीय ने धक्को की रफ़्तार पहले काफी तेज़ कर दी थी. अचानक hi किरण मज़े के सातवे आसमान में पहुंच गयी. उसका जिस्म एकदम से ऐंठ सा गया. ज़ोर ज़ोर के झटके खाते हुए वो एकदम से शांत हो गयी. इधर विक्की ताबड़तोड़ धक्के लगाए जा रहा था. उसके मुख से अजीब सी हुंकार निकल रही थी. शायद वो भी झड़ने वाला था.
"अह्ह्ह्हह मैं भी अब झड़ने वाला हु किरण. तेरी छूट में मेरे लुंड का पानी अंदर तक जायेगा." विकीय हफ्ते हुए बोलै.
"जाने दो न vicky...mujhe अपने बचे की माँ बना दो. उस हिजड़े में इतना डैम नहीं है की वो मुझे कभी माँ बना सके." किरण ने पीछे मुद के देखते हुए कहा. उसकी ये बात सुन कर विक्की शॉक सा हो गया. उसके धक्के दो पल को रुके उसके बाद वो फिर से शुरू हो गया.
"सोच ले अगर उसे पता चल गया तो वो तुझे तलाक भी दे सकता है." विक्की ने मानो उसे चेताया.
"कुछ नहीं होगा मेरी जान. मैं कल hi जा रही हु अपने ससुराल. इस लिए तुम इस बात की फ़िक्र मत करो. मैं सब सम्हाल लूँगी. तुम अपना पानी मेरी छूट में hi छोड़ दो विक्की." किरण ने कहा.
किरण की बात सुन कर विक्की ने धक्के तेज़ कर दिए. कुछ hi देर में उसके लुंड से पिचकारियां निकलने लगी जो किरण की छूट में अंदर तक जा रही थी. ढेर सारा पानी किरण की छूट में लबालब भर गया. विक्की झड़ने के बाद किरण के ऊपर hi झुक कर ज़ोर ज़ोर से हाफने लगा था. कुछ देर तक दोनों ऐसे hi रहे फिर विक्की ने किरण की छूट से अपना मुरझाया हुवा लुंड निकाल लिया और बीएड पर एक तरफ लेट गया. किरण भी पेट के पल लेट गयी थी. उसकी छूट से सफ़ेद पानी रिसने लगा था.
रात में विक्की ने किरण को एक बार और छोड़ा उसके बाद दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गए. कमरे के दरवाजे के बाहर कड़ी किरण की माँ अंदर का तूफ़ान शांत होते hi अपने कमरे की तरफ चल दी थी. उसके चेहरे पर अजीब सी खुमारी छायी थी.
(Friends...aap सब लोग सोच रहे होंगे की बिना कोई इंट्रो दिए मैंने ये क्या गरमा गरम सन चिपका दिया है. सो don't वोर्री अबाउट आईटी. चलो इंट्रो दिए देता हु)
MAHESH PANDEY......(Mere pita, inki age 48 saal hai. Zameeno me kheti baadi karte hain. Hamare paas lagbhag 20 ekad zameen hai jisme kheti baadi hoti hai aur usi se hamara kharcha chalta hai. Aay ka saadhan bhi yahi hai.
रेणुका PANDEY......(Meri माँ, इनकी आगे 45 साल है. ये एक घरेलु महिला हैं. थोड़ा बहुत सिलाई भी करती हैं. दिखने में काफी सुन्दर हैं. रंगत गोरी है और जिस्म पर ज्यादा मोटापा वाली कोई बात नहीं है.)
कुसुम PANDEY......(Meri बड़ी बहन, इनकी आगे 27 साल है. इनकी अभी तक शादी नहीं हुयी है. स्टडी सिर्फ 12तह तक hi की है. इसके आगे पिता जी ने पढ़ाया hi नहीं था. ये बिलकुल मेरी माँ पर गयी हैं. स्वभाव में थोड़ी गंभीरता है. मुझसे बहुत लगाव रखती हैं.)
विकास PANDEY(Vicky)........(Main 25 साल का एक अच्छा खासा जवान लड़का हु और मैं प्रेजेंट में दिल्ली में रह रहा हु. दिल्ली मेरा होमटाउन नहीं है बल्कि मैं यहाँ पर नौकरी करता हु. नौकरी करने के लिए मुझे मेरे पिता जी ने कहा नहीं है बल्कि इसके पीछे एक बहुत ख़ास कारण है जो स्टोरी में hi आगे बताउगा. स्टडी में मैंने बीएससी किया है.)
प्रिय PANDEY......(Meri दूसरी बहन, ये मुझसे छोटी है. इसकी आगे 23 साल है. ये भी देखने में मेरी माँ की तरह hi सुन्दर है. इसने भी 12तह तक स्टडी की है.)
पूजा PANDEY......(Meri सबसे छोटी बहन. ये और प्रिय दोनों hi जुड़वाँ हैं. ये प्रिय से सिर्फ 10 मिनट छोटी है. इसने भी 12तह तक स्टडी की है. दिखने में दोनों जुड़वाँ बहने शामे hi लगती हैं. दोनों में बड़ा गजब का ताल मेल रहता है. दोनों का हर काम साथ में hi होता है. इन दोनों का hi स्वभाव थोड़ा चुलबुलापन वाला है. मेरे लिए ये दोनों मेरी परियां हैं.)
भारत BENIWAL.......(Mera मालिक, प्रेजेंट में मैं इन्ही के यहाँ रहता हु. भारत बेनीवाल 50 साल की आगे का आदमी था. दिल्ली के करोल बाघ में इसका अच्छा खासा बिज़नेस था और प्रॉपर्टी भी काफी थी. मगर शराब की लत ने मानो सब कुछ बर्बाद कर दिया. एक दिन इसी शराब की वजह से ये शख्स भगवन को प्यारा हो गया.)
दाक्षीदा BENIWAL.......(Mere मालिक की बीवी. 47 साल की मालदार औरत. देखने में सुन्दर है और फिगर भी शानदार है. इसको एक बेटी है. एक बच्चा और हुवा था मगर वो ज़िंदा न रह सका था. उसके बाद कोई और बच्चा नहीं हुआ इसके. पति की शराब की लत की वजह से बेहद परेशां और दुखी रहती थी. हर रोज़ इसका पति शराब पि कर इसे और इसकी बेटी को बुरी तरह मारता था. उस वक्त अगर मैं यहाँ न होता तो शायद स्टोरी कुछ और hi होती. ये किस्सा भी आगे बताउगा.)
किरण BENIWAL........(Mere maalik/Maalkin की इकलौती बेटी. आगे 27 saal..madmast कर देने वाला जिस्म. शुरू से hi दिलफेंक थी ये. मगर जब से बाप को शराब की लत लगी थी तब से मानो दोनों माँ बेटी का जीना मुहाल हो गया था. दो साल पहले इसकी शादी हुयी थी. इसका पति दुबई में रहता है. उसका नाम अमित बंसल है. मेरे साथ इन दोनों माँ बेटियों का सेक्स रिलेशन कैसे शुरू हुआ ये स्टोरी में आगे बताउगा.)
(सो friends....ye था इंट्रो. बाकी के जो भी करैक्टर आएंगे उनका इंट्रो उसी टाइम दूँगा)
फ्रेंड्स ये मेरी फर्स्ट स्टोरी है एंड मुझे लिखने का कोई अनुभव नहीं है सो आप सब भाई लोग मुझे गाइड करते रहना.....