Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 4 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

अपडेट. 26

नेक्स्ट मॉर्निंग..... गीता फ्रेश हो कर होटल रूम मैं इधर से उधर टहल रही थी जो सैयद गुस्से मैं थी काजल अभी बाथरूम मैं फ्रेश होने गयी थी.. आवर जैसे hi काजल बाथरूम से निकली गीता उसे तप्पड़ पे तप्पड़ मरने लगी काजल को मरने के बाद बीएड पे बाथ कर खुद hi रोने लगी

काजल : दीदी मुझे आवर मार लीजिये मगर आप रोइये नहीं मैं आप से बहुत पैर करती हुईं प्लीज दीदी चुप हो जाइये प्लीज... काजल भी गीता के पैरो मैं गिर कर रोने लगी

गीता : रोने के शिव मैं आवर कर भी के सकती हुईं तुझे मरती हुईं तू चोट मुझे लगती है मैंने के कुछ नहीं किया अपने परिवार के लिए मगर तुम ने मुझे बहुत hi दुःख दिया है तुम्हारे लिए मैंने घर पे कितनी बार झोट बोलै है आवर तुम मेरे लिए एक नशा नहीं चोदे सकती हो अब मैं बहुत थक गयी हुईं मैं तुझे ऐसे अपनी ज़िन्दगी बर्बाद करते हुवे नहीं देख सकती हुईं मेरी बहन प्लीज मेरे लिए तू ये नशा करना चोदे दे मैं तेरी पेअर पड़ती हुईं... गीता काजल की पैड पकड़ने लगी मगर काजल पीछे हैट कर अपने मुंह पे हाँथ रख कर आँखों से ांशो बहा रही थी जैसे झरना बाह रहा है

काजल : दीदी आप प्लीज ऐसा न करिये आप कहो तू मैं अभी आप के लिए अपनी जान दे दूंगी मगर प्लीज मुझे नशा करने से मत रोकिये एक एहि तू है जो मैं जी सकती हुईं

गीता : ये के कह रही है मेरी बहन कोई नशा से कैसे जी सकता है आवर तू मेरे लिए अपनी जान दे सकती है मगर नशा नहीं चोदे सकती है आखिर के वजह है बता मुझे तुझे मेरी कसम है अगर तुम ने मुझे नहीं बताया तो मैं खुद अपनी जान एहि दे दूंगी मैं तुझे अपनी नज़रो के सामने घोट घोट कर मरते हुवे नहीं देख सकती ... गीता ने अपनी पर्स से गन निकल कर अपनी सर पे लगा लिया

काजल : डीई प्लीज गन हटाइये वह से मैं आप को सब बता दूंगी प्लीज गीता दीदी गन हटा लीजिये वह चल जाएगी मैं आप को सब बता दूंगी..... काजल गीता के हाँथ मैं गन देख कर आवर दर गई

गीता : तुम चाहती है के मैं गन अपने सर से हटा लो तू पहले कारन का कसम खा के तू मुझे सब सोच बताइये गई

काजल : हहहहहह दीदी कारन की कसम मैं आप को बताउंगी आप प्लीज गन हटाइये वह से वह चल जाएगी

गीता : ठीक है बता आखिर के हुवा है तेरे साथ मैं सब ठीक कर दूंगी चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े ...... काजल जल्दी गन गीता से हाँथ से ले कर फेक दिया

काजल : दीदी मुझे ंस्नाफ कर देना मैं भाई से दिलो जान से प्यार करती हुईं अगर वह मुझे नहीं मिला तू मैं मर जाउंगी मैं रातो को सो भी नहीं पति हुईं सोने के बाद मुझे भाई सी नज़र अत है इस लिए मैं नशा करती हुईं के वह मुझे याद न आये फिर भी उस की याद नहीं जाती लगता है मैं पागल हो जाउंगी प्लीज मुझे अपने हांथो से मर दीजिये मैं कैसी बहन हुईं जो अपने छोटे भाई से प्यार करती हुईं

गीता : आ इधर तू सोच मैं कारन से प्यार करती है मगर ये हुवे कैसे आवर इस मैं नशा करने की के ज़रूरत थीं

काजल : दीदी आप मुझसे गुस्सा नहीं है के मैं भाई से प्यार करती हुईं

गीता : नहीं मैं अपनी बहनो से बहुत प्यार करती हुईं अगर तुझे कारन प्यार हो गया तो के कर सकते है मगर ये कैसे हुवा

काजल : दीदी आप तू जानती हो हम एक भाई के लिए कितना तदपि है जब कारन का जनम हुवे तो जयादा तर कारन मेरे साथ सो ता था धीरे धीर हम बड़े होते गए जब मैं 12 की थी तो एक दिन मैं अपने एक दोस्त के घर गयी तो देखा वह पे दो लोग मरे थे आवर घर वाले वही बाथ कर रो रहे थे आवर फिर मेरी दोस्त भी जाकर रोने लगी तू मैं घर आ गयी दूसरे दिन मेरी दोस्त स्कूल नहीं आई इसी तरह वह कई दिन स्कूल नहीं आई तू मैं उसके घर चली गयी तू उसके घर पे टाला लगा हुवा था वह से मैं घर आने लगी तभी एक लड़की वह मिल गयी वह भी मेरी hi कॉल्स मैं थी मैंने उस से पूछा तो वह कहने लगी उसका भाई अपने hi बहन से प्यार करता था आवर उस के पापा ने दुनो को जान से मार दिया मैं उस दिन बहुत दर गई थी क्यू की मैं भी कारन से प्यार करती थी मगर वह एक भाई बहन वाला प्यार था मैंने सोचा पापा को पता चला वह भी मेरे साथ कारन को मार देंगे इस लिए मैं कारन से दूर रहने लगी फिर मोहित घर आया आवर मुझे नशा की आदत लगा दी मैं भी कारन से दूर रहने के लिए नशा करने लगी ............ फिर आप तू जानती है के हुवा आप भी हम सब को चोदे कर चली गयी कारन को ढूंढने मगर मुझे कारन की बहुत याद आती थी मगर मुझे नहीं पता था के मुझे वह भाई वाला प्यार था ये लव ..... मगर मैं जैसे जैसे बड़ी होती गयी मुझे कारन से मिलने की बेचैनी बढ़ती गई जब कारन घर आया तो मुझे ऐसा लगा मुझे साडी खुसी मिल गयी मगर मुझे जब वह बचपन की वह यात आती है तो मैं दर जाती हुईं इस लिए मैं नशा करने लगी

गीता : है तू कारन से बचपन से प्यार करती मगर तुझे पता hi नहीं था के वह एक भाई वाला पेयर था या लवर वाला मगर अब मुझे पूरा यकीं है तू सोच में कारन से भाई वाला नहीं एक लवर वाला पेयर करती है मगर अब तुझे कारन से भागना नहीं है तू अब कारन के साथ रह कर उसे अपना पेयर देखा सैयद कारन भी तुझसे प्यार कर ले मगर खा मेरी कसम की अब तू नशा नहीं करे गई

काजल : प्रॉमिस दीदी अब मैं नशा नहीं करुँगी मगर आप भी वडा कीजिये आप मेरी मदद करेंगी भाई का पेयर पाने में

गीता : हहहह के ज़माना आ गया है अब एक बहन को hi अपने भाई के लिए बहन की हेल्प करनी पड़े रही है ठीक है जो मुझसे हो गए मैं करुँगी मुझे बस अपनी भाई बहन की खुसी पायरी है
 
अपडेट. 27

माया : पायल बीटा जारी गीता को कॉल लगा देख अभी तक आई क्यू नहीं

पायल : बड़ी माँ मैंने दीदी को सुबह hi कॉल कर दिया था अब अति hi हूँगी बोवे नहीं दिख रही है कही गयी है के

माया : है बीटा वह तेरी कविता बोवा के घर गयी है 2 दिन मैं आ जाएँगी

इधर कारन आवर शांति बिंदास सो रहे थे कारन का एक हाँथ अपनी माँ की बड़ी चूंकि पे था जो सोते हुवे चला गया था आवर एक पेअर शांति के दुनो जांघों के ठीक छूट के ऊपर था दुनो माँ बीटा मजे मैं सो रहे थे तभी वह माया आ गयी आवर उन दुनो को देख कर धीरे से शांति को जगाया

शांति : उठते हुवे घडी पे नज़र गयी दीदी इतना टाइम हो गया आवर आप अभी उठा रही है

माया : छोटी पहले कपडे तो अच्छे से पहन ले कारन उठ गया तो के सोचे गए तेरे बारे मैं तेरी ये दुनो देख कर दर जायेगा मेरा बच्चा .... आवर अपने हाँथ से माया ने शांति की चूंकि दबा दिया ... शांति आअह्ह्ह करते हुवे कारन के बाथरूम में चली गयी माया अभी कारन को नहीं जगाया आवर जाते हुवे शांति से कहा बाथरूम से आने के बाद कारन को उठा दे माया चली गयी ....... इधर कारन के निनाद खोलते hi वह तेज़ी से बाथरूम में भगा आवर जैसे hi अंदर गया एक तक अपनी माँ की खूबसूरत सरीर को देख कर संह रह गया ..... शांति जल्द बाज़ी में गेट बंद करना hi भूल गयी थी आवर अंदर अपनी कपडे उतर कर सिर्फ ब्रा आवर पेंटी में बाथ कर मूत रही थी आवर उस के बैठने से शांति की बड़ो गांड कारन के आँखों के सामने था आवर सांठी दूसरे तरफ से मूत रही थी जब सन्ति मूत कर कड़ी हुवी तो कारन को देख कर जल्दी से अपने छूट पे हाँथ रख लिया मगर शांति के दुनो कबूतर कारन के आँखों के सामने थे क क क एरान तुम ..... शांति के कहने पैर कारन को हश आया तो वह जल्दी से रूम में आ गया .. कारन अपने बीएड पर बाथ कर सदमे में था उसने अपनी जीवन मैं पहली बार किसी को ऐसे देखा था वह भी अपनी माँ को ..... शांति जल्दी कपडे पहन कर अपने रूम मैं चली गयी .... तब जा कर कारन बाथरूम मैं मूतने ने लगा ..कारन को उठते hi बड़ी तेज़ी से पेशाब लगी थी कारन बाथरूम से फारस हो जाने के बाद अपने रूम मैं hi रहा

माया : छोटी तूने कारन को उठाया की नहीं अभी तक नहीं गया अपने रूम से

शांति : है दीदी कारन को उठाया था सैयद अभी बाथरूम मैं गया हो मैं अभी देख कर अति हुई ... शांति कारन के रूम चली गयी

कारन नीचे देखते हुवे माँ सॉरी मुझे नहीं पता था आप अंदर हूँगी मुझे मनाफ़ कर दीजिये ... कारन बहुत सर्मिन्दा था

शांति : कोई बात नहीं बीटा तुझे सर्मिन्दा होने की कोई ज़रुरत नहीं गलती मेरी थी जो मैंने गेट बंद नहीं किया चल खाना खा

तब तक गीता भी घर आ गयी थी काजल के साथ आवर सब ने नास्ता करने लगे मगर नास्ता करते हुवे कारन बार बार अपनी माँ को hi देख रहा था शांति ने भी नोटिश किया के कारन उसे hi देख रहा है मगर कुछ कहा नहीं आज संदेय था तो सब अपने अपने रूम मैं चले गए

भाई के में अंदर आ सकती हुईं काजल बहार से hi पूछा

कारन : है दीदी आ जाईये आप को पूछेंगे की कोई ज़रुरत नहीं है आप जब चाहे आ सकती है जब काजल अंदर आई तू कारन बस उसे देखता रह गया


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काजल : छोटकी बजाते हुवे भाई कहा खो गए के तुम मेरे साथ शॉपिंग करने चलोगे मेरे साथ आवर मन hi मन में मुस्कुरा रही थी .. अब काजल ने सोच लिया था कारन को जितना जल्दी हो सके कारन को बता सके मैं तुम से प्यार करती हुईं

कारन होश मैं एते हुवे हां दीदी मुझे भी कपडे लेने है के गुड़िया को भी साथ ले चले

काजल : नहीं भाई अभी वह घर पे नहीं है चलो हम तुम चलते है मुझे लेट हो रहा है मेरी सहेली की आज पार्टी मैं जाना है शाम मैं इस लिए जल्दी आना भी है ... नैना तो घर पे hi थी मगर काजल आज कारन को अकेले ले जाना चाहती थी ... आवर दुनो घर के बहार जाने लगे

गीता : कारन कहा जा रहा है

कारन : दीदी वह शॉपिंग करने के आप भी चलोगी

काजल : भाई चलो जल्दी दीदी नहीं जाएगी ... आवर गीता से इसरा करने लगी न जाने के लिए ... जो गीता ने मन कर दिया

काजल : कारन तुझे बाइके चलना अत है न

कारन : दीदी बाइके तो चलाया है मगर गाओ मैं

काजल : ठीक है बाइके मैं चलती हुईं बाथ जा मेरे पीछे अभी सैयद तुझे सहर मैं सही से न चला पाए मैं तुझे सीखा दूंगी ... आवर कारन काजल के पीछे बाथ गया कारन के बैठते hi काजल अपनी गांड पीछे कर दिया जो कारन के लैंड पे असर हुवे आवर कारन का लैंड एक बार झटका मर दिया

काजल : भाई अच्छे से बाथ गया न

कारन : है दीदी चलिए ... अब कारन को hi पता होगा किना अच्छे बैठा है उसका लैंड तो अब हार्ड हो गया था सुबह अपनी माँ की बड़ी गांड देख लिया था आवर अब एक अपनी बहन की जो अभी ठीक उस के लैंड पे था .... काजल जब अपनी गांड पीछे की तो उसे कारन का लैंड हार्ड लगा जो काजल एक पल के लिए सहम गयी आवर सोचने लगी कितना बड़ा है कारन का आवर है दी ... आवर दुनो चल दिए शॉपिंग करने

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रम्य : बाबू जी आप कहा जा रहे है

राजेंदर : बहु मैं गाओ जा रहा हुईं वह खेतो का काम भी तो देखना है कब तक दर कर यह रहेंगे

रम्य : नहीं बाबू जी अभी आप मत जाईये शाम को मुस्कान के पापा आएंगे तू मुझपे गुस्सा करेंगे

राजेंदर : बहु तुम टेंसन न ले मैं परेम से बात कर लूंगा .. रम्य के रोकने के बावजूद भी राजेंद्र गाओ चला गया
 
अपडेट. 28

रस्ते भर काजल बार बार अपनी बड़ी गांड कारन के लैंड पर रखती रही बेचारा कारन का लैंड महाराज पिंजड़े के अंदर फुफकार मर रहे थे आवर कारन अपने लैंड के दर्द से पर्सन था कारन को रहत तब मिली जब काजल ये कहते हुवे अपनी गांड कारन के लैंड से उतर गयी चलो भाई हम आ गए

काजल : कारन चल पहले तेरे लिए कुछ लेते है

कारन : दीदी पहले आप अपनी शॉपिंग कर लीजिये मुझे बस 1 2 सिर्फ सरत लेना वह जाते वकत भी ले लेंगे ..... कारन अपने लैंड से पर्सन था जो बार बार उसे अपने हाँथ से इधर उधर कर रही था जो टाइट खड़ा था जेनस के अंदर काजल नज़र छोरा कर देख कर मुस्कुरा रही थी

काजल : चल ठीक है भाई पहले मैं hi शॉपिंग कर लेती हुईं चल मेरे साथ

कारन : दीदी आप चलो मैं अभी वाशरूम से अत हुईं

काजल : ठीक है भाई मैं वह पे जा रही हुईं वही आना

ही काजल कौन है वह हँसूँ लड़का बहुत चिकना है सेल्स गर्ल ने कहा ..... काजल अपने कपडे एहि लेती थी तू उस की अच्छी पहचान हो गयी थी सेल्स गर्ल से

काजल : सून तुझे ये जानने की कोई ज़रुरत नहीं है बस मेरा एक काम कर दे

कारन वाशरूम से मैं जा कर मूतने लगा तब जाकर उसे थोड़ी रहत मिली आवर लैंड भी थोड़ी ढीला हुवा तू वह काजल के पास गया जहा काजल अपने लिए कपडे पसंद कर रही थी

काजल : भाई देख ये जेनस कैसा है

कारन : अच्छा है दीदी ले लो आवर वह वाली भी आप पे अच्छी लगेगी

काजल कारन की पसंद की हुवे hi सब कपडे लेती रही कपडे ले कर कारन काउंटर पे जाने लगा

सेल्स गर्ल : सर मेडम ने अभी ब्रा पेंटी तू ली hi नहीं आवर आप जाने नहीं लगे लगता है आप इन्हे ऐसे hi रखते है .................... जब कारन ने सेल्स गर्ल के मुंह से ब्रा पेंटी का नाम सोना तू वह इधर उधर देखने लगा आवर कारन को सेल्स गर्ल पे गुस्सा आवर अपने आप पे सरम भी आ रहा था वह अभी कहने hi वाला था ये मेरी दीदी है मगर काजल कारन को चुप रहने का इशारा किया

काजल : ओह मैं तू भूल hi गयी थी अच्छा किया आप ने याद दिला दी ठीक है वह भी देखा दू

सेल्स गर्ल : ठीक है मेम मैं अभी देखा देती हुईं आप का साइज के है

कारन को सरम भी आ रहा थी इस लिए वह जाने लगा वह से तब तक काजल अपनी साइज बिंदास बता दी जिसे सून कर कारन का मुंह खोल गया

सेल्स गर्ल : वव के साइज है मेम आप का लगता है बहुत जाएदा hi मेहनत करते है सर आप पे ओह सॉरी सर बुरा लगे तू मनाफ़ कर दीजिये गए

काजल : नहीं कोई बात नहीं ये ज़रा काम बोलते है आवर सेल्स गर्ल को आँख मर दिया ........ कारन बस वह से जल्दी जाना चाहता था उस ने अपने लिए भी कुछ नहीं लिया आवर दुनो भाई बहन घर के लिए निकल गए मगर इस बार काजल कारन को जाएदा तंग नहीं किया वह कुछ दूर hi बाथ कर बाइके चलती हुवी घर आ गयी

गीता : काजल ज़रा मेरे रूम मैं आ कुछ बात करनी है

काजल : है दीदी मैं आ गयी बोलो के काम है

गीता : आज बड़ी खुश लग रही है इज़हार कर दिया के कारन से

काजल : कहा दीदी अभी तू इज़हार नहीं किया मगर वह सेल्स गर्ल ने भाई को मेरी हस्बैंड समझा रही थी आवर मुझे बहुत मजा आ रहा था इस लिए मुझे बार बार हसी आ रही है

गीता : ये तू अच्छी बात है इस तरह तू खुश रहा कर .. ठीक है मैं कुछ काम से बहार जा रही हुईं तुम भी घर पे रह कर थोड़ी पायल की भी मदद कर डॉ बेचारी दिन भर अकेली काम करती रहती है

काजल : ठीक है मेरी सबसे अच्छी दीदी उउउउउउम्म ी लव यू दीदी

कारन : बड़ी माँ मैं अपने दोस्त से मिलने जा रहा हुईं कल सुबह आ जाऊंगा

माया : कारन तूने कब दोस्त बना लिया झोट मत बोल चल तू कही नहीं जायेगा चल बाथ मेरे साथ

कारन : अरे बड़ी माँ उस दिन आप को बताया था के मेरा एक दोस्त गाओ से यह रहता है पूछ लीजिये काजल दीदी से

माया : फिर भी बीटा मैं तुझे अकेले कही नहीं जाने देने वाली मुझे अच्छा नहीं लग रहा है एक तू hi तो है हम सब का सहारा जा किचन से चुटी से पूछ ले मैं तू तुझे जाने की परमेसन नहीं देने वाली अकेले वह भी रात को बिलकुल नहीं ....... तब तक वह शांति भी आ गयी आवर दुनो ने साफ़ मन कर दिया जाने से कारन को अब समझ मैं नहीं आ रहा था वह अब घर से कैसे जाये तभी काजल तैयार हो कर कारन से कहा

काजल : चल भाई चलते है मेरी दोस्त अति hi होगी बे माँ बे बड़ी माँ . .. कारन भी ये मक्का कहा छोड़ने वाला था झट से उठ गया जाने के लिए

कारन : अब तू मैं जा सकता हुईं न माँ बड़ी माँ दीदी के साथ बे बे .... आवर दुनो चल दिए जो काजल की दोस्त भी बहार hi मिल गयी

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गीता घर से निकल कर एक होटल मैं गयी वह बहुत बड़ी पार्टी चल रही थी

सहित : अरे गीता कहा रह गयी थी कब से सर तेरा इंटर कर रहे है चल जल्दी .... गीता आवर शीतल होटल के एक रूम में गयी

गीता : सॉरी सर रस्ते मैं मेरी गाड़ी ख़राब हो गयी थी

सर : चलो कोई बात नहीं 1 आ तू गयी ये लो इसे अब मरना बहुत hi ज़रूरी हो गया है इसे अभी नहीं मारा गया तू ये हमारे देश को बर्बाद कर देगा ... आवर एक फ़ैल गीता को दिया

गीता : ठीक है सर मैं आप को निराश नहीं करुँगी ok सर ..... आवर वह से निकल कर गीता पार्टी मैं चली गई

गीता : कुछ पता चला शीतल कौन था वह लड़का जो कविता को लेग्या था

शीतल : अभी तो नहीं मगर हम जल्द hi उसे ढूंढ लेंगे

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नैना : पायल दीदी मैं आप से एक बात पूछो आप गुस्सा तो ंशी हूँगी

पायल : के पूछना है मेरी गुड़िया रानी को पूछो मैं भला क्यू गुस्सा होने लगी अपनी पेयरी नन्ही सी बहन पे

नैना : दीदी आप के ये इतने बड़े कैसे हो गए है मेरी तो इतनी छोटी है आप के करती है इन के साथ जो इतनी बड़ी हो गयी है . आवर पायल के बोब्ब्स पे हाँथ रख कर दबा दिया

पायल आउच के कर रही है तुझे ये सब क्यू जानना है आवर तू सोल्लगे मैं एहि सब करने जाती है कौन तुझे ये सब बता रहा है बदमाश लड़की अभी तू चोप चाप अपनी पढाई पे ध्यान दे पागल लड़की .. पायल अचानक नैना के सवाल पे सहम गयी

नैना : दीदी जाइये मैं आप से बात नहीं करुँगी आप ने कहा था आप गुस्सा नहीं करेंगी आवर मनीष हो गयी

पायल : ओह ओह सॉरी सॉरी मुझे मनाफ़ कर दू मैं गुस्सा नहीं हुईं आ बाथ मेरे पास

नैना : नहीं आप ने अभी मुझे डाटा है मैं गीता दीदी से पूछ लुंगी वह मुझे बहुत पेयर करती है दीदी मुझे बता देंगी

पायल नैना के बचपना देख कर दानव रह गयी आवर न छह कर उसे बताना hi पड़ा

पायल : ठीक मैं तुझे बताती हुईं तुम दीदी से ंशी पूछना मैं अब बड़ी हो गयी हुईं न तू मेरी भी ये बड़ी हो गयी है आवर जब मेरी गुड़िया भी बड़ी हो जाएगी तू तुम्हारी भी बड़ी हो जाएगी

नैना : दीदी मैं कब बड़ी हूँगी

गीता : गुड़िया तू भी अब जल्द hi बड़ी हो जाएगी अब आवर कोई सवाल नहीं चल सो जा

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काजल तेरा भाई कहा है काजल की दोस्त ने पूछा जो कारन नहीं देखे दे रहा था

काजल : के मजाक कर रही है वह तू तेरे साथ hi तू गया था रीना

रीना : अरे यार वह तू मुझे बोल कर आ गया की वह तेरे पास जा रहा है तू मैंने उसे रुका नहीं

अब काजल पर्सन होने लगी आवर उसने जल्दी से कारन को फ़ोन लगा दिया जो कारन ने एक hi रिंग मैं उठा लिया

कारन : है दीदी के हुवा

काजल :भाई तू कहा है मुझे तू यह नहीं दिख रहा है

कारन : दीदी सॉरी मैं अप्प को नहीं बताया मैं एक दोस्त से मिलने आया हुईं आप वही रहो मैं जल्द hi आ जाऊंगा
 
अपडेट 29

कारन कॉल कैट जाने के बाद बाइके तेज़ी से चलते हुवे सहर से बहार एक खाण्डेर हवेली जैसा घर के सामने अपनी बाइके रोक दिया वह उस हवेली मैं बहार से देखने मैं डरवाना लग रहा था जो बहार उसके लेते भी नहीं जल रहा था हवेली बहुत पुराणी थी जैसे इस हवेली मैं कोई बरसो से आया नहीं हो कारन शिंदे हवेली के अंदर गया वह एक घर मैं दो लड़के थे आवर एक औरत जो कुर्सी से बंधी हुवी थी

कारन : का रे मोहन कुछ बतईलस की न अभी ले

मोहन : अरे छोटे मालिक इ बड़ी छोड़कर बिया एके दिन भर हम दुनो जनि कई बार छोड़नी जा तब जा के कहले हिये के जब तुहार मालिक अस जहियाँ टी सब बता देब

कारन : टी चल मोहन उठा व इ मैया छोड़ रंडी के

मोहन : है छोटे मालिक अबही उठा दे तानी ेके अरे उठ रे देख मालिक आ गैलन .. आवर मोहन ने औरत के जांघ पे मर दिया जो औरत चीला कर उठ गयी

कारन : चलो जो भी जानती हो सब कुछ मुझे बताऊ अगर झोट बोलै तू तुम कभी यह से ज़िंदा नहीं जा सकती हो इस लिए मुझे सोच बताना जो भी जानती हो

कविता : कारन मुझे बस इतना hi कहा गया था के मुझे बस शांति मेडम को सेक्स की दवा देना है मैं बस वही दे रही थी मगर उस दिन बड़ी मालकिन ने देख लिए

कारन छीलते हुवे साली किसने तुझसे ये सब करने को कहा था नाम बता मुझे

कविता : छोटे मालिक मैंने विक्रम सर के कहने पर ये सब किया आवर कुछ भी मुझे नहीं पता प्लीज मुझे जाने दीजिये भगवन के वास्ते छोटे मालिक मुझे चोदे दीजिये अब मैं कभी ये सब नहीं करुँगी प्लीज मुझे मनाफ़ कर दीजिये

कारन : मोहन आवर सोहन तू दुनो जब तक चाहसान एकरा के खूब चुडसन बाकि इ मरे के न चाही भोज गैलन सं ...... मोहन आवर सोहन है छोटे मालिक भोज गैलिजा ..... मोहन आवर सोहन ये दुनो वीर के खेत मैं काम करते है वीर बस कविता को देखने के लिए इन दुनो को साथ रखा है

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शीतल : गीता आज तू कुछ जाएदा hi पि रही है के बात है कही आज तुझे गर्मी तू नहीं हो रही है

गीता : नहीं यार शीतल आज कितने दिन के बाद तू शांति से पिने का मक्का मिला है वर्ण मेरी गुड़िया मुझे कभी अकेला छोडती hi नहीं अगर उसे पता चला के मैं सरब पीती हुईं तू वह छोड़ेगी नहीं बहुत सैतान है मेरी गुड़िया रानी

शीतल ; गीता तू बहुत प्यार करती है न अपनी बहनो से

गीता : सोच कहु तू शीतल है मैं अपनी भाई बहन से प्यार करती हुईं

शीतल : है चल मुझे पता है चल अब थोड़ी सो लेते है

अरे जा न बे मोरली आज गीता लगता है अच्छी मुंड मैं है सैयद आज तेरा प्यार क़बूल कर ले वही पार्टी मैं दो दोस्त बसत कर रहे थे आवर उन मैं से एक मोरली था जो गीता से प्यार तू करता था मगर वह गीता से कभी कह न सका मोरली का दोस्त जनता था आज गीता थोड़ी नशे मैं है सैयद कुछ न कहे मोरली को इस लिए कहा

मोरली : अरे यार रहने दे आज गीता नशे मैं है फिर कभी बोल दूंगा देख घर से कॉल आ रहा है चल बे कल मिलते है .. आवर मोरली वह से जल्द hi निकल गया उस के जाते hi उस के दोस्त ने कहा साला ठुल्लू डरपोक कही का

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कारन वह से अपनी बाइके ले कर एक झोपडी जैसा दुकान पे गया वह एक लड़का था जो दिखने मैं अच्छा hi लग रहा था जो दुकान के बहार हो सो रहा था

कारन : सत्य उठ जा बे मुझे जाना भी है .कारन सत्य को कुछ देर तक जगाता रहा मगर सत्य थोड़ी उठ कर फिर सो जाता है कारन बार बार फ़ोन देख रहा था जो काजल फ़ोन आ रहा था कारन ने एक लात सताया को मर दिया जो सत्य छीलते हुवे उठ गया .... सत्य hi एक वीर का दोस्त था गाओ मैं जब सत्य के बाप मर गया तो उस की माँ सहर आ गयी अपने भाई के यह सत्य अपने मां के साथ दुकान चलता है

सत्य : आआआआ के कर रहा रे वीर मुझे सोने दे यार आज घर भी नहीं गया माँ भी रह देख रही होगी साला आज के बाद कभी नहीं पिऊंगा

वीर : चल टेंसन न ले मैंने तेरे मां को कह दिया है वह आंटी की बता दिए होंगे चल जल्दी मुझे चोदे दे काजल दीदी मेरा इंतज़ार कर रही है

सत्य : चल ठीक है जल्दी चला मुझे निनाद आ रही है

वीर : अरे यार बाइके तू चला मैंने दीदी से कहा है मुझे बाइके चलना नहीं अत है अगर देख लिया तू गुस्सा करेंगी इस लिए यार तू चला न ....... आवर जल्द hi सत्य वीर को ले गया जहा काजल बहार hi कड़ी थी आवर अपना फ़ोन देख रही थी

कारन : दीदी पार्टी बड़ी जल्दी hi ख़तम हो गयी

काजल : जा तू यह से मुझे कोई बात नहीं करनी है तुम से कहा गया था मुझे बिना बताये तुझे कुछ हो जाता तू घर पे सब मुझे hi डाटेंगे ... काजल थोड़ी नशे मैं थी आवर सैयद रो भी रही थी

कारन : दीदी सॉरी मुझे आप को बता देना था प्लीज मुझे मनाफ़ कर दीजिये मेरी अच्छी दीदी .... कारन बस मांफी मांग रहा काजल से आवर अपना हाँथ बार बार काजल के गाल को को रहा था जो काजल को अच्छा लग रहा था

काजल : ठीक है मैं तुमेह मनाफ़ कर दूंगी पहले मुझे किस करो यह .. काजल अपने ऊँगली होंठ पे रखते हुवे कहा

कारन : दीदी ये आप के कह रही है चलिए पहले घर चलते है आप ने सरब पिया है ... काजल के बार बार ज़िद करने पर कारन ने हल्का सा अपना होंठ काजल के होंठ पे सत्ता कर हटा लिए मगर कारन का पूरा सरीर हिल गया आवर उसका लैंड भी जोश मैं आने लगा .. आवर काजल की भी वही हालत थी काजल की भी छूट हार्ड गरम हो रही थी आवर काजल बार बार ऊँगली Jen's के ऊपर से hi छूट को सहला रही थी तब तक वह काजल की दोस्त रीना वह आ गयी

कारन : रीना दीदी आप ने िनेह ड्रिंक क्यू पिने दिया देखिये कैसी कैसी हरकत कर रही है घर पे अभी िनेह ले गया तो सब गुस्सा करेंगे दीदी पर

रीना : ठीक है तुम इसे मेरे रूम मैं ले चलो सुबह चले जाना .. आवर रीना ने काजल को अपने कमरे मैं ले गयी

कारन : ठीक है रीना दीदी आप दीदी के साथ सो जाइये मैं बहार सोफे पे सो जाऊंगा .... काजल नशे मैं hi बोलने लगी नहीं भाई तुम भी मेरे साथ सो जा नहीं तू फिर कही चला जाइये गए

कारन : दीदी मैं अब कही नहीं जाऊंगा आप सो जाऊ ..... काजल नशे मैं छिलने लगी नहीं तू मेरे साथ मैं सो

रीना : कारन तू hi सो जा इस के साथ नहीं तू ये रात भर चिलाती रहेगी .


आवर रीना कमरे से बहार चली गयी.. कारन के बीएड पे सोते hi काजल उसे अपनी बहन मैं जकड़ लिया जो उस की चूंकि कारन के पथ से डाब रही थी आवर उसका असर सीधे कारन के लैंड पे हो रहा था .. कारन मन मैं सोचने लगा दीदी मुझे सुबह से ऐसे बेहवार कर रही है मेरे साथ जैसे मैं इन का भाई नहीं लवर हुईं कारन से आवर बर्दास्त नहीं हुवा आवर कारन पलट कर अपना हाँथ काजल के चूंकि पे रख दिया आवर सहलाने लगा काजल भी सीधे कारन के बहन मैं समाती चली गयी काजल अपने ऊँगली कारन के लैंड के ऊपर चलने लगी आवर एक हाँथ अपनी छूट मैं ले जा कर अंदर बहार करने लगी .... काजल अचानक उठ कर अपने कपड़े उतरने लगी .. कारन बस अपनी दीदी के हरकत देख कर उसे समझा मैं नहीं आ रहा था

कारन : दीदी आप पागल तू नहीं हो गयी के कर रही है आप को सरम नहीं आ रहा है इस तरह अपने छोटे भाई के सामने नंगी हो रही हो आप ........ काजल नशे मैं hi रट हुवे कहने लगी जो सोच मैं काजल के आँखों मैं ांसो था मुझे मनाफ़ कर दू मैं बहुत सर्मिन्दा हुईं मगर मुझे वह बहुत जलन हो रही है प्लीज कुछ करो नहीं तो मैं मर जाउंगी ाःह काजल अपनी ungli.apni छूट पे रखते हुवे कहा .. आवर काजल कारन का लैंड को पकड़ने लगी ... जब कारन ने काजल के आँखों मैं ांसो देखा तू उसे भी चिंता होने लगी अपनी दीदी की

कारन : दीदी के हुवा है आप को चलो हम हॉस्पिटल चलते है.... आवर जल्दी कारन काजल को उठने लगा

काजल : भाई पहले तुम वह कुछ करो मुझे बहुत जलन हो रही प्लीज भाई आअह्ह्ह ... कारन से अपनी बहन की दर्द नहीं देखा गया कारन पहले कमरे के सरे बोलब ऑफ़ कर के काजल के पेंटी मैं अपनी ऊँगली दाल दिया डालते hi निकल भी लिया

काजल : आठ भाई डालो न आठ प्लीज भाई डालो

कारन : दीदी वह बहुत जल रहा है जैसे मैंने अभी आग मैं हाँथ डाला हो ये कैसे हो सकता है आप ने कुछ खाया तो नहीं है न

काजल : भाई मुझे कुछ नहीं पता है अब तुम कुछ आआह्ह माआ भाई मन कर रहा है उसे अपने जिसम से निकल दू ........ कारन फिर से अपनी ऊँगली काजल के छूट मैं दाल दिया आवर अपनी मोती ऊँगली से काजल की छूट मैं अंदर बहार करने लगा .. ओह भाई बस ऐसे hi करते रहा हहहहह यस भाई हहहहह ोुह्ह्ह्ह यस कारन को काजल की छूट मैं ऊँगली करते हुवे 10 मिनट हो गया फिर भी वह झड़े hi नहीं रही थी बस ाआहे भर रही थी कारन के ऊँगली भी दर्द करने लगा अचानक कारन को कुछ याद आया आवर जल्दी से बीएड से उतर कर खिड़की खोल दिया जो बहार से थोड़ी रोशनी आ रही थी आवर बीएड पे जाकर सीधे काजल की पेंटी निकल कर छूट मैं अपना जीब दाल कर चूसने लगा आवर एक हाँथ से काजल के चूंकि को दबाने लगी जो काजल दो तरफ़ा न सह सकीय आवर झड़े गयी आवर काजल झड़ते hi हाफने लगी कारन का भी लैंड बहुत hi टाइट हो गया था तू वह बाथरूम मैं जाकर मुठ मरने लगा मुठ मरते वकत उसे अपनी माँ की सरीर नज़र आ रहा था कारन ओह्ह माँ कहते हुवे झड़े गया .कारन जब बाथरूम से निकल कर काजल को देखा तो अभी भी अपनी छूट मैं ऊँगली कर रही थी वह भी बहुत तेज़ी मैं .. कारन को अब कुछ अच्छा नहीं कहा वह जल्दी से रीना को बोलै कर काजल को हॉस्पिटल ले कर जाने को कहा रीना अपने फॅमिली डॉ के पास ले गयी

वही दो लड़के डरो पि रशे थे उनमे से एक गुस्से मैं लग रहा था ... साला कहा से वह अस गया आज तू काजल मेरा बिस्टेर पे होती मैं उसे आज इतना छुड़ता की साली मुझे कभी नहीं भूलती जब कहता रंडी की तरह नंगी हो जाती पता नहीं कहा से मदर छोड़ कारन आ गया सब बर्बाद कर दिया

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नेक्स्ट मॉर्निंग .... hello विक्रम कल मेरा बीटा इंडिया आ रहा है तुम उसे किसी होटल मैं रहने का बंदोबस्त कर दू

विक्रम : ठीक है शमशेर मैं अभी रूम बुक कर दे रहा हुईं तुम फिकर मत करो

शमशेर : विक्रम तुम अभी कहा है जल्द hi सधी का वकत आने वाला है शांति मेरे बेटे के नीचे होनी चाहिए समझा गए

विक्रम : आप को फिकर करने की ज़रूरत नहीं है शमशेर मैं अभी अपने घर पे हुईं जल्द hi मैं वह जाने वाला हुईं अपने फॅमिली को ला कर तुम फिकर मत करो उस दिन तू शांति पक्का तुम्हारे बेटे के नीचे होगी आवर तुम्हारा बीटा ऊपर

............................................................ अरे मुस्कान तुम कहा जा रही है जब गीता ने देखा मुस्कान बस का इंटर कर रही थी तो पूछ लिया

मुस्कान : दीदी मैं आप के घर hi जा रही थी मुझे वीर सॉरी कारन की याद आ रही थी आवर आप सब की भी

गीता : कोई बात नहीं तू वीर hi कह सकती है ठीक है चलो चलते है

इधर कारन आवर काजल एक दूसरे के बहन मैं बहन दाल कर सो रहे थे अभी तक तभी कारन का फ़ोन बजा

कारन : है दीदी के हुवा

पायल :. Hello के बच्चे टाइम देख अभी के हो रहा है सब तेरे लिए पस्सं है जल्दी घर आ
 
अपडेट. 30

कारन जल्दी से काजल को उठाया काजल उठ कर बाथरूम मैं चली गयी काजल के बाथरूम मैं जाने के बाद कारन रीना के पास गया

कारन : रीना दीदी के हुवे था दीदी को डॉ ने मुझे कुछ बताया hi नहीं पूछा तो बोली के वह अप्प की बता देंगी तो के बताया अप्प को

रीना : वह कारन कैसे बताऊँ तुझे समझ मैं नहीं आ रहा है मुझे

कारन : दीदी जो भी हो मुझे बाइये मुझे जानना है दीदी को के हुवा था प्लीज

रीना : कारन पहले तो मुझे मनाफ़ कर दे ये सब मेरी वजह से हुवे काजल ड्रिंक नहीं करना चाहती थी मगर मैंने उसे जबरजस्ती पीला दिया मगर पता नहीं किसने ड्रिंक मैं सेक्स की गोली दाल दिया था इस लिए काजल बेहवार कर रही थी

कारन : दीदी आप ने ड्रिंक दिया आप को hi नहीं पता अगर कुछ हो जाता तो के करती आप ने किस्से ड्रिंक मगवाया था ये तो पता है न आप को या वह भी भूल गयी ये आप की पार्टी थी आप पता कर के मुझे बताये वर्ण अच्छा नहीं होगा ....तब तक काजल भी रेड्डी हो गयी आवर दुनो अपने घर निकल गए आवर.... रीना देखती रह गयी आवर सोचने लगी मुझे पता करना hi होगा नहीं तो कारन मुझे गलत समझे गए मुझे तो दर भी लग रहा है कारन कितना गुस्से मैं था ......... रस्ते मैं भाई सॉरी मुझे पता नहीं के हो गया था मैं तो ड्रिंक भी नहीं करना चाहती थी मगर रीना ने मुझे फर्श कर के पीला दिया अब काजल को अफ़्सोह हो रहा था के उसने के कर दिया कारन के साथ...... काजल कारन के साथ ये सब करना तो चाहती थी मगर दुनो के मर्ज़ी से

कारन : कोई बात नहीं दीदी मुझे रीना दीदी ने सब बता दिया है मैं आप से गुस्सा नहीं हुईं .. दुनो बाटे करते हुवे घर पहुँच गए

माया : कितनी देर कर दिया तुम दुनो ने अब कॉलेज भी जाने का टाइम भी नहीं है बीटा काजल अब तुम बड़ी हो गयी है ऐसे रात भर घर से बहार रहेगी तो अच्छा नहीं होगा.... काजल बस सॉरी बड़ी माँ कह कर अपने रूम मैं चली गयी

कारन : ओह मेरी सेक्सी बड़ी माँ आप गुस्सा क्यू करती हो दीदी पे मैं भी तो था साथ मैं .... आवर माया के गाल पे लम्बी किस कर दिया

माया : बस बस जाएदा मस्का मत लगा जा ऊपर तुझसे मिलने मुस्कान आई है जा मिल ले तेरी गीता दीदी के रूम मैं है ....... कारन भागते हुवे जल्दी अपनी गीता दीदी के रूम मैं गया आवर मुस्कान को गले लगाना तो चाहता था मगर अपनी दीदी को देख कर रुक गया आवर बीएड पे जाकर बाथ गया

गीता : माँ बोल रही थी मेरा राजा भाई पार्टी मैं गया था तू खूब मस्ती किया न मेरा राजा भाई ने

कारन : है थोड़ी बहुत मस्ती किया है आवर मुस्कान तुम कब आई आवर ौंकल आंटी कैसे है

मुस्कान : वीर माँ तुम पे गुस्सा है बोल रही थी उसे अब अपनी माँ मिल गयी तो वह अब मुझे तुड़ी याद करेगा इतने दिन हो गया एक बार भी न मुझसे मिलने आया न फ़ोन किया

कारन : के आंटी एहि पे है मुझे तुम ने बताया क्यू नहीं ठीक है शाम को चलते है ......

गीता : ठीक है नैना आवर कोमल की भी साथ मैं ले जाना वह भी बोल रही थी मुस्कान के माँ से मिलने को

इधर कोमल आवर नैना अपने कॉलेज पहुँच गयी थी

नैना : दीदी देखिये बड़ी जल्दी ठीक हो गया .... नैना रवि को देखते हुवे कोमल से कहा जो आज कितने दिन के बाद कॉलेज आया था

कोमल : गुड़िया कोई सैटनी नहीं चोप चाप अपने कॉल्स रूम मैं जा

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एक ढाबे पे कुछ गुंडे सरब पिटे हुवे जुवा खेल रहे थे तभी वह एक लड़की आई जो कला Jen's आवर छोत पहनी थी आवर जहा गुंडे थे वही बगल वाली टेबल पे बाथ कर सिगरेट पिने लगी ... इन गुंडे मैं से एक ने कहा

गुंडा 1 : अबे कालिया चल बहुत हुवे हमेह कल उस लड़की को टपकना भी है जाएदा पि कर सो मत जाना नहीं तो बॉस हम सब को मार देगा

गुंडा 2: ठीक है चल चलते है उसे मरना hi होगा नहीं तो बॉस हमेह मर देगा .... आवर सभी चले गए .. फिर वह लड़की भी सिगरेट पि कर चली गयी

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पायल दीदी के मैं अंदर आ सकता हुईं कारन पायल के रूम के बहार से पूछा

पायल : है भाई आ जा तू जब से आया है मैंने तुझसे ठीक से बात भी नहीं किया है तो हर वकत कभी गीता दीदी कभी काजल के साथ hi रहता आ बाथ

कारन : बहुत पायरी लग रही हो आज साड़ी मैं दीदी ... जब कारन ने देखा पायल को साड़ी पहने हुवे तो कहा

पायल : अच्छा तुझे मैं आज साड़ी मैं अच्छी लगती हुईं आवर दूसरे कपडे मैं अच्छी नहीं लगती हुईं पायल मुनाह बनाते हुवे कहा

कारन : अरे नहीं मेरी पायल दीदी तो हर कपडे मैं अच्छी लगती है मगर आज साड़ी आवर भी अच्छी लग रही है ......... तभी खिड़की से हवा तेज़ी से आई आवर पायल की सेने से पल्लू नीचे गिर गया .. कारन एक तक पायल के छाती देखने लगा आवर उसी मैं खो गया ... पायल जल्दी से अपनी पल्लू उठा कर सीने पर रख लिया

पायल : कारन कारन भाई कहा खो गया ..... कारन हदभाते हुवे है दीदी के कहा .... पायल कुछ नहीं देख माँ बोलै रही है जा देख के हुवे ..आवर कारन भी जल्दी वह से चला गया .... ओह मैं भी न के सोच रहा होगा कारन मेरे बारे मैं ..... कारन पायल के रूम से निकलते hi अपनी माँ से टकरा गया जो पायल के रूम मैं आ रही थी आवर कारन अपनी माँ को बचने के चक्कर मैं कारन ने एक हाँथ शांति के गांड पे रख दिया आवर एक हाँथ कमर पे जैसे एक लेवर अपनी मसोका को पकड़ कर किस करना चाहता हो कारन वैसे hi अपनी माँ को पकड़ लिया था आवर उस का लैंड ठीक शांति के छूट हल्का सा ढाका लगा शांति के मुंह से एक आआह्ह्ह निकल गयी . शांति मन मैं hi सोचने लगी मेरा बीटा अब जवान हो गया ..तब तक कारन अपनी माँ को चोदे दिया

कारन : माँ वह सॉरी गलती से हो गया

शांति : कोई बात नहीं बीटा चल खाना खा ले ......... गीता कारन आवर मुस्कान मिल कर खाना खाया तब तक नैना आवर कोमल भी कॉलेज से आ गयी ....... शाम को कारन नैना आवर कोमल को लेकर मुस्कान के घर चल दिया आवर रात की वही रह गया

नेक्स्ट मॉर्निंग .... कारन नास्ता मुस्कान के घर पे कर के अपनी बहन को ले कर घर आ गया

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ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग

शमशेर : hello विक्रम मेरा बीटा इंडिया आ गया है कहा पे हो तुम

विक्रम : है मैं निकल hi रहा हुईं तुम फिकर मत करो मैंने सब इंतजाम कर दिया है .. विक्रम जब एयरपोर्ट पे गया आवर वह वह शमशेर के बेटे का इंतज़ार करता रहा मगर वह आया hi नहीं विक्रम ने शमशेर को फ़ोन किया

विक्रम : hello शमशेर मैं यह 1 ह से हुईं अभी तक नहीं आया तुम्हारा बीटा कहा रह गया है

शमशेर : के बकवाश कर रहा वह वही था
 
अपडेट 31

गुड़िया कारन कहा है घर एते हुवे काजल ने नैना से पूछा जो हॉल मैं टीवी देख रही थी नैना आवर कोमल hi साथ थी कारन उनके साथ नहीं था

नैना : दीदी कारन भैया को रस्ते मैं उनका दोस्त मिल गया था तू उनके साथ बाटे करने लगे आवर मैं आवर कोमल दीदी आ गयी

काजल : ठीक है चलो जल्दी से तैयार हो जाओ तुम दुनो कॉलेज चलते है आवर है गुड़िया गीता दीदी को भी उठ दे अभी तक सो रही है .. कोमल अपने रूम मैं चली गयी आवर जब नैना गीता के रूम मैं गयी तो अपनी गीता दीदी को देख कर अपना हाँथ मुंह पे रख लिया आवर जाकर गीता के गांड पे मर दिया गीता चिल्लाते हुवे उठ कर बाथ गयी

गीता : छीलते हुवे गुड़िया ...... मरोगी ये के बत्तमीज़ी है गीता बाथ कर अपनी बड़ी गांड सहला रही थी मगर वह नैना को जयादा नहीं डाटा अगर अभी कोई आवर होता तो गीता न जाने के कर देती . फिर भी नैना थोड़ी सहम गयी क्यू की गीता ने कभी भी नैना को चिल्लाते .... हुवे नहीं बोलै था

नैना ; मासूम सा मुंह बना कर दीदी मैं तू आप को बचाया है अगर अभी भाई आ जाता तू के ... सोचता मेरी दीदी के बारे मैं .. .. नैना जब गीता के कमरे मैं आई तो देखा गीता घोड़ी की तरह सो रही थी गांड उठा कर तू नैना ने गीता के गांड पे एक तप्पड़ चिका दिया मगर पेयर से लेकिन गीता सो रही थी तू उसे चोट कुछ जयादा hi लगा हैंड पे

गीता : ठीक है ठीक है देख अभी रोना नहीं मैं अपने गुड़िया को कभी मर सकती हुईं के

नैना : नहीं आप ने अभी मुझपे चीला रही थी

गीता : ठीक है बाबा अब मैं अपनी गुड़िया रानी पे कभी नहीं चिलौंगी चलो सॉरी बाबा अब मनाफ़ कर दो नहीं तो मैंने तू आज सोचा था अपनी गुड़िया को शॉपिंग करने के लिए लगता है अब अकेले hi जाना पड़ेगा ..

इतना सोना था नैना सब भूल गयी आवर झट से गीता को पकड़ कर किस करने लगी आवर कहने ोागि मेरी दीदी कितनी अच्छी

गीता : बस बस हो गया अब जयादा मस्का लगाने की कोई ज़रूरत नहीं है पहले कॉलेज जा शाम को चैलेंज हम

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इधर शमशेर सिंह अपने बेटे की ढूंढने लगा मगर उसका कोई पता नहीं चला शमशेर का होश hi उड़े गया था के उसके बीटा आखिर गया कहा वह अपने गुंडे लोग को ढूंढने को कहा

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पायल : गीता दीदी अभी सपना दीदी का कॉल आया था उन्होंने मुझे ऑफिस आने को कहा के आप भी चलो गई

गीता ; है छोटी मैं भी बोर हो रही थी चल ऑफिस जकर एते है आवर माँ से भी बोल देना हम ऑफिस जा रहे है .... पायल ठीक है दीदी कह कर चली गयी आवर अपनी बड़ी माँ को बोल दिया हम ऑफिस जा रहे है जो शांति भी माया के साथ उसके रूम मैं थी ... दुनो बहाने ऑफिस के लिए निकल गयी

माया : अरे छोटी कल से देख रही हुईं तू खोई खोई सी लग रही के बात है बता मुझे कोई पर्सनी तू नहीं है न

शांति : नहीं दीदी कोई पर्सनी नहीं है मैं ठीक हुईं आप चिंता न करो

माया : ठीक है तुझे पता है न तू मेरी देवरानी नहीं मेरी छोटी बहन है ये कभी मत भूलना कोई भी पर्सनी हो अपनी बड़ी बहन को बता सकती हुईं हम दुनो मिल कर कोई भी पर्सनी से लड़ सकते है

शांति : है दीदी मुझे पता आप मुझे अपनी छोटी बहन की तरह hi मुझे पैर करती है मैं भी आप को अपनी बड़ी बहन hi मानती हुईं.. के बाटे कर रही है आप दुनो कारन माया के रूम मैं आकर कहा

शांति : कुछ नहीं ये हम दुनो बहन की बाटे है .. पर ये बता तू कहा चला गया था जयादा अभी इधर उधर घूमा मत कर आवर आज भी तुम कॉलेज नहीं गए

माया : अरे चोदे भी दे छोटी अब मेरा बीटा बड़ा हो गया है जाने दे कारन बीटा तेरी माँ सही कह रही है काम बहार जाया कर छोटी जा खाना लेकर आ इसे भूख लगी होगी

कारन खाना खा कर अपने दादी के रूम मैं जाकर कुछ बाटे किया आवर वही होनी दादी के बीएड के नीचे ज़मीन मैं सो गया

इधर काजल आवर नैना कॉलेज के गेट पे थी कोमल का वेट कर रही थी वही कुछ दूर पे रवि आवर उसके दोस्त थे साथ मैं रॉकी भी था

रॉकी : रवि भाई आप बोले तो हम साली को रस्ते मैं उठा लेते है

रवि : मैं भी एहि चाहता हुईं साली इन सभी बहनो को रंडी बनाओ मगर मेरी किस्मत साला मेरे बाप ने अभी कुछ भी करने के लिए मन किया है

तब तक कोमल आवर साथ मैं मुस्कान भी थी काजल ने रस्ते मैं मुस्कान को उसके घर चूड़े कर अपने घर चली गयी घर जाते hi

नैना : बड़ी माँ आप का फ़ोन कहा है दीजिये जल्दी मुझे

माया : तुझे फ़ोन क्यू चाहिए बता पहले

नैना : दीजिये न बड़ी माँ मुझे न अपने बॉयफ्रेंड से बात करनी है.

माया : के तूने बॉयफ्रेंड भी बना लिया रुक तुझे बताती हुईं बदमाश ladki..our माया ने नैना की कान पकड़ लिया ... नैना हस्ती हुवी अरे मेरी बोड्डू बड़ी माँ मैं तू मजाक कर रही थी मुझे गीता दीदी को फ़ोन करनी है आज दीदी मुझे शॉपिंग पे ले जाएंगी .. आवर जैसे hi माया no फ़ोन दिया नैना . माया के कान मैं कहा बड़ी माँ आप के लिए ब्रा पेंटी भी ला दूंगी के साइज़ है आप का आवर फॉर से भाग गयी .... माया हस्ती हुवी बदमाश लड़की हे भगवन जी मेरी मेरी बेटियों को ऐसे hi खुश रखना ....

पायल : भाई चल उठ जा देख ..

3 पं हो गयी है चल माँ बोलै रही है कारन को उठते हुवे पायल का अचानक हाँथ कारन के लैंड के ऊपर चला गया आवर पायल के हाँथ मैं कुछ चिप छिपा सा लगा पायल उसे ऊँगली सत्ता कर देख hi रही थी.. कारन झस्त से उठ कर अपने रूम मैं चला गया ... पायल अपनी ऊँगली नाक पे लगा कर सूंघने लगी उसे अजीब लगा पायल मन मैं hi सोचा मेरे भाई अब जवान हो गया है .. कारन बाथरूम मैं जाकर सोचने लगा मुझे के हो रहा है दीदी ने देखा तू नहीं होगा न . लगता है मैं पग्सल हो जाऊंगा मुझे अब सपने मैं भी माँ दिख रही है मुझे ऐसे नहीं सोचना चाहिए माँ के बारे मैं ..... कारन को कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था उसके साथ के हो रहा है बस अपनी माँ के बारे मैं सोच रहा था

माँ गीता दीदी कहा है नैना कॉलेज से आकर अपनी गीता दीदी को हर जगह देखने के बाद अपनी माँ से पूछा

शांति : बीटा तेरी गीता दीदी अभी ऑफिस गयी है देख आ गयी

गीता ऑफिस से आकर जल्दी फ्रेश हो कर नैना के साथ सिप्पिंग कर चल दिया जब गीता की गाड़ी घर से बहार निकली तो .......... एक बंदी ने किसी को कॉल किया जो गीता पे ऑफिस से hi पचा कर रहा था

आदमी : hello अभी 1 घर से निकली है

दूसरी तरफ से : ठीक है तुम पचा करते रहो और हमेह बताते रहना आज इस की आखिर दिन होगा

इधर नैना बहुत खुश थी कितने दिन के बाद उसे गीता आज सिप्पिंग करने लेकर जा रही थी गीता गाड़ी चलते हुवे अचानक बैरक मर दिया आवर नैना शीशे से तुडते हुवे आगे गिर गयी .. गीता गाड़ी थोड़ी तीज चला रही थी आवर नैना ने सीट बेल्ट भी नहीं लगया था गीता को भी चोट लगी थी मगर वह ठीक थी ... गीता गुड़िया छीलते हुवे गाड़ी से निकल कर नैना के पास पहुंची सैयद नैना बेहोश हो चुकी थी वह जाकर पेड़ से टकरा गयी थी

तभी वह गुंडों ने हमला कर दिया गीता नैना को पेड़ पे सत्ता कर बाथ्स दिया आवर गुंडों से लड़ने लगी गीता सभी को कुत्ते की तरह मर रही थी तभी एक बंदी ने पीछे से गीता के पेअर पे तलवार से मर दिया गीता दर्द से तड़पते हुवे वही बाथ गयी सभी गुंडे एक साथ मिल कर गीता को मरने लगे गीता हिमतत कर के बहुत उठने की कोसिस की मगर उठ न सकीय अब गीता की टक्कट ख़तम होने लगी तभी एक बंदी ने तलवार गीता के सर पे मरने hi वाला था मगर मर न सका वही गिर गया तभी वह गोलियों की गूंज hi सोने दिया आवर सभी एक के बाद एक गुंडी मरते चले गए ..... सभी गुंडे जब मर गए तो गीता की भी आँखे बंद हो रही थी गीता ने धुंदली सी देखा एक लड़की उसकी तरफ आ रही थी आवर गीता भी बेहोश हो गयी

ट्रिंग ट्रिंग ट्रिंग......

hello कौन बोल रहा है माया ने फ़ोन उठाते हुवे कहा

hello मेम मैं क्सक्सक्सक्सक्सक्स इस हॉस्पिटल से नर्स बोल रही हुईं आप की दुनो बेटी का एक्सीडेंट हो गया है प्लीज यह आ जाइये अभी ... माया को सोते उस के हाँथ से मोबाइल गिर गया जो सभी हॉल मैं टीवी देख रही थी

शांति : दीदी किस का फ़ोन था के हुवा है बताइये न दीदी ..... माया हकलाते हुवे कहा गीता आवर गुड़िया का एक्सीडेंट हो गया है अभी नर्स का कॉल था ये सोते पायल घर के बहार भागी आवर गाड़ी निकल लिया उसके पीछे माया आवर शांति भी गयी पायल गाड़ी तीजी से हॉस्पिटल की तरफ लेकर चल दी आवर हॉस्पिटल पहुँचते hi जल्दी से अंदर गयी

पायल : सिस्टर अभी कुछ देर पहले फ़ोन आप ने किया था मेरी दीदी आवर छोटी बहन कैसी है

नर्स : है मैंने hi फ़ोन किया था आप कौन है

पायल : मैं बहन हुईं

नर्स : ठीक है छोटी लड़की तो ठीक है मगर बड़ी लड़की अभी उस की सीरियस हालत मैं है अभी अभी इन का ेल्लस हो रहा है
 
अपडेट. 32

पायल : सिस्टर किसने एडमिट काया है मेरी बहन को

नर्स : पता नहीं कौन था ये थी उसका सारा जिसम सेम था आवर वह अपना चेहरा पे मास्क पहना था मगर आवाज़ से लगा लड़की थी मगर यकीन से नहीं कह सकती वह तुम्हारी बहन को ये पे ला कर चली गयी मैं उसे पुकारती हुवी बहार तक गयी मगर पता नहीं कहा गायब हो गयी ..... अभी पायल नर्स से पूछ hi रही थी तभी डॉ ी स ो से बहार निकल कर आ रहे थे पायल भाग कर डॉ से पूछ

पायल : डॉ साहब कैसी है मेरी दीदी ठीक तू है न

डॉ : अभी खतरे से बहार है मगर अभी कुछ कह नहीं सकते वह कब होश में आएगी .. आवर छोटी लड़की से आप सब मिल सकती है वह ठीक है ..... माया आवर शांति रट हुवे नैना को देखने चली गयी ..आप ज़रा मेरे साथ आईये मुझे कुछ बात करनी है डॉ ने पायल से कहा

पायल : है डॉ साहब कोई खतरा में तू नहीं है मेरी दीदी

डॉ : नहीं कोई खतरा नहीं है मगर एक परेशानी है वह अब सैयद कभी माँ नहीं बन सकती है उनेह पेट पैर बहुत बोरी तरह से मारा गया है हम ने ऑपरेशन कर दिया है बाकि सब भगवान के हाँथ मैं है

पायल : ये कैसे हो सकता है ये आप के कह रहे है डॉ साहब मेरी दीदी कभी माँ नहीं बन सकती है .... पायल के होश hi उड़े गए जब सोना तू वह अपने मुंह पे हाँथ रख कर रो रही थी .. आप को पूरा यकीं है मेरी दीदी अब माँ नहीं बन सकती हुईं

डॉ : नहीं मैंने सैयद कहा है वह माँ बन भी सकती है या न भी क्यू की उनेह पेट पर चाकू से मारा गया है जो ठीक उनके जहा बच्चा ठहरते है वही पे लगा है इस लिए कह रहा हुईं मगर भगवान चाहे तू कुछ भी हो सकता है हमने ेल्लस तू कर दिया है ... पायल बस अपने आँखों से आंसू गिरा रही थी

पायल : ठीक है डॉ साहब मगर आप प्लीज ये बात किसी से मत कहिये गए ...... इस लिए तू आप से अकेले में कहा है डॉ ने कहा आवर चला गया

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वही एक गुंडा बैंच कर निकल गया था आवर वह अपने अड्डे पे जा कर फ़ोन लगा दिया

दूसरी तरफ से : है बोल बे के हुवे मर दिया साली को

गुंडा : नहीं सर वह बच गयी हम उसे मर hi देते मगर पता नहीं कहा से एक लड़की आ गयी आवर मेरे सभी साथी को गोलियों से भोज दिया आवर उसे बचा कर ले गयी

दूसरी तरफ से : के बक रहा सेल वह बच गयी आवर कौन थी वह लड़की जो उसे बचा लिया

गुंडा : नहीं पता सर मगर आप चिंता न करे मैं उसे हॉस्पिटल मैं hi मर दूंगा मुझे पता है किस हॉस्पिटल में है वह

दूसरी तरफ से : तुम्हारे लिए एहि अच्छा होगा नहीं तू मैं तुझे खुद अपने हांथो से मर दूंगा चल फ़ोन रख

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वह लड़की गीता आवर नैना को हॉस्पिटल मैं चोदे कर जंगल मैं गयी जहा पे एक आदमी था जब उसने लड़की को देखा तो दर गया

आदमी : ये सब के है तुम ने अभी से लोगो मरने लगी हो तुम ऐसे कैसे कर सकती हो

लड़की : बाबा आप फिकर न करे ये खून गीता का है मैंने गीता को बचने के लिए उनेह मारा है आप जानते है अगर गीता को कुछ हुवा तू कारन को फिर रोकना मुश्किल हो जाये गए

आदमी : के गीता का कौन है के हुवा है उसे ठीक तू है न वर्ण अनर्थ हो जायेगा

लड़की : नहीं बाबा गीता बिलकुल ठीक है उसे मैं कुछ होने hi नहीं दूंगी मगर जिसने भी गीता को मारा है उसका अंजाम तू उसे चुकाना hi होगा क्यू की इस का आभास अब कारन भी कर सकता है

आदमी : है तुम सही कह रही हो कारन को पता तू चल hi गया होगा

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इधर कारन के आँखों में ांसो के साथ बेपह गुस्सा दिख रहा था आवर गुस्से मैं एक आदमी को पिट रहा था जो आदमी सिर्फ चीख रहा था आवर रहम की भीख मनाग रहा था

आदमी : चीखते चिल्लाते हुवे मुझे चोदे दू मेरी तुम से के दुश्मनी है मैं तो तुमेह जनता भी नहीं हुईं तू तुम ने मुझे क्यू किया है प्लीज मुझे जाने दू .... कारन बस उसे मर रहा था

कमला : कारन बाबा मर जाइएगा वह चोदे दीजिये ....... है कारन ने hi शमशेर के बता सूरज सिंह को किडनेप किया था .

कारन : गुस्से चल अपने बाप को फ़ोन लगा ..... आवर फिर कारन उसे मरने लगा कारन अंदर से तड़प रहा था आवर उसके आँखों से आंसू भी निकल रारा था .... सूरज ने अपने बाप शमशेर को फ़ोन लगा दिया जैसे hi उधर शमशेर ने फ़ोन उठाया कारन ने सूरज से फ़ोन ले लिया ... आवर कहा चोप चाप मेरी बात सून

कारन : मैंने hi तेरे पिल्लै को किडनेप किया है सेल तू मेरी माँ पे अपनी गन्दी नज़र कैसे दाल दिया तुम सब को तड़पा तड़पा के बेदर्दी से मरूंगा

शमश्र : कौन हो तुम आवर तुम्हारी माँ कौन है मैं कुछ भी नहीं जनता तुम मेरे बेटे को चोदे दू वरना अच्छा नहीं होगा

कारन : है तू ठीक कह रहा है अच्छा नहीं होगा मगर तेरे लिया पहले तेरे इस पिल्लै को ऊपर भेज रहा हैं फिर तेरी बरी ... आवर कारन ने गैन से शॉट कर दिया सूरज को जो शमशेर बस फ़ोन पे छीलते रहा

कारन : चल इसे किसी गटर मैं फेक दूंगा धुंध लेना अपने पिल्लै को आवर फ़ोन काट कर दिया ....... तभी कारन का फ़ोन बजा

कारन : है पायल दीदी अभी कैसी है मेरी गीता दीदी आवर गुड़िया मैं अभी वह आ रहा हुईं आप चिंता न करे आवर फ़ोन रख दिया ....... इधर पायल को कुछ समाज मैं नहीं आया पायल अभी कुछ बोल भी नहीं पाई थी .... कारन बस बोलते चला गया अचानक फ़ोन काटने के बाद पायल सोचने लगी मैंने अभी कुछ कहा hi नहीं तू कारन को कैसे पता
 
अपडेट 33

कारन जाते हुवे मोहन को बोल दिया रात होने के बाद इसे किसी नाली के गटर मैं फेक देना आवर बाइके लेकर चल दिया हॉस्पिटल की तरफ... इधर काजल आवर कोमल भी हॉस्पिटल पहुँच गयी थी जो सभी दुखी thi...karan भी जल्द hi हॉस्पिटल पहुँच गया जाते hi पायल से पूछ कर गीता दीदी किस रूम है चला गया साथ मैं पायल भी चली गयी रूम के अंदर जाने के बाद कारन अपनी गीता दीदी को पेअर पकड़ कर रोने लगा .. कारन के आँखों से आंसू गीता के पैरो पे गिर रहा था मगर अभी गीता को होश नहीं आया था ... पायल से देखा नहीं गया कारन को रट हुवे तू वह रूम से बहार आकर वह भी रोने लगी .....

पायल के बहार एते hi कारन गीता के दुनो गलो को पकड़ कर कहने लगा .... दीदी मैंने शमशेर के बेटे को मर दिया अब विक्रम की बरी है उसे भी जल्द hi यमराज के पास भेज दूंगा अब अप्प अकेली नहीं हो दीदी मैंने hi कविता को ले गया था शीतल दीदी के यह से अप्प जल्द से ठीक हो जाइये मैं सब ठीक कर दूंगा .... कारन बस बोलते जा रहा था मगर उसकी बाटे कोई नहीं सून रहा था ... कारन एहि सब अपनी गीता दीदी से कह कर रूम से बहार आ गया. (जो गीता अभी बेहोश थी )

सिस्टर दीदी को कब तक होश आ जायेगा .. बहार आने के बाद कारन ने पूछ .. जो नर्स गीता के रूम मैं जा रही थी

नर्स : बीटा तुम्हारी दीदी को होश आने मैं अभी बहुत वकत लग सकता है सैयद रात मैं होश आए जाये ... आवर वह नर्स इतना कह कर चली गयी

कारन : पायल दीदी गुड़िया कहा पे है .......... पायल इसरा करते हुवे अपनी ऊँगली से बताया जो सिर्फ रो रही थी .......... पायल के बताने पर कारन उसी रूम मैं जा चला गया जहा पे नैना ठीक थी उसे बस थोड़ी सर पे चोट आई थी .... फिर भी माया आवर शांति रो रही थी आवर कारन को देख कर आवर भी जयादा रोने लगी कारन किसी तरह अपनी माँ बहन को चुप कराया रोना तू कारन को भी आ रहा था मगर वह इन लोगो के सामने अपने आप को कमज़ोर नहीं बनाना चाहता था कारन जनता था मैं भी रोने लगा तू ये लोग आवर भी जयादा रोयेंगी ... सभी के चोप करने के बाद कहा जो रात भी हो गया था

कारन : पायल दीदी आप सब को लेकर घर चली जाइये मैं एहि पैर रोक जाता हुईं...... प्
यल नहीं मैं भी एहि रहूंगी ....... माया आवर शांति भी रोकने की ज़िद करने लगी ...... मगर कारन ने उनेह सुबह जल्दी आने को बोल कर भेज दिया .. हॉस्पिटल मैं कारन पायल आवर गीता थी नैना भी घर चली गयी जो नैना को सर पे चोट लगी थी तू डॉ से पूछने पर नैना को जाने को बोल दिया था

कारन : दीदी आप एहि रहो मैं कुछ खाने को लेकर आ रहा हुईं ... आवर कारन चला गया... पायल जाकर गीता के पास बाथ गयी .. कारन जल्द hi खाना लेकर आ गया जो दुनो भाई बहन ने थोड़ी बहुत खाया किसी तरह .............................................................इधर हालत ख़राब था शमशेर का गोली चलने की आवाज़ hi उसे सोने दे रहा था मगर जल्द hi उसने अपने आप को शम्भल लिया फिर शमशेर ने अपने सभी आदमियों को भेज दिया अपने बेटे को ढूंढ़ने के लिए ...... सभी को भेजने के बाद शमशेर अपने से hi बाटे करने लगा नहीं छोडूंगा सेल को मर कर सभी को खोते पे धंधा कराऊंगा ...... फिर शमशेर ने अपने जेब से फ़ोन निकल कर कॉल लगा दिया

शमशेर : hello रखा कहा पे है अभी तू जल्दी हवेली मैं आजा

रखा : ठीक है मालिक मैं अभी आ रहा हैं ........ कोई 20 मिनट के बाद रखा आगया .. है मालिक बोलिये के करना है मुझे

शमशेर : रखा वकत आ गया है अपने बड़े बेटे को अपने पास बोलने का जा उसे बोलै कर ला आवर हां रखा वह जाने से पहले hi अपना हाँथ ऊपर कर लेना नहीं तू तुझे मर देंगे .. उसे बोल देना तेरा बाप को तेरी ज़रूरत है चल जल्दी जा ....... आवर रखा निकल गया जंगल की तरफ घोड़े पे बाथ

............................................................ कारन आवर पायल एक बीएड पे आराम कर रहे थे जो गीता के बीएड के बगल मैं था

यार परेश चल आज सीकर करने चलते है बहुत दिन हो गाइये है सीकर किये हुवे परेश के दोस्त शामू ने कहा

.........................

परेश नहीं यार आज राखी का तेहवार है आज मुझे जल्दी घर जाना हो गए नहीं तो दीदी मेरी जान ले लेगी नहीं किसी आवर दिन चलते है ..... अपने दोस्त शामू को बता कर .... परेश अपने घर की तरफ निकल गया .............. वही घर के बहार एक लड़की इधर से उधर घूम रही थी आवर बोले जा रही थी .... हे भगवान जी ये लड़का कभी नहीं सुधरे गए मैंने उसे सुबह hi कहा था कही मत जाना मगर मेरा सोंटा hi नहीं आने दू उसे आज उसे अच्छे से सबक सिखाऊंगी ....तभी घर से एक औरत निकल कर. गौरी अंदर आजा बेटी तेरा भाई अत hi होगा इतना क्यू पर्सन हो रही है लड़की से कहा ..उस लड़की का नाम गौरी है

गौरी : माँ आज आप कुछ भी मत बोलना मैं उसे आज नहीं छोडूंगी मैंने उसे सबह hi कहा भाई आज कही मत जा आज मुझे तेरी हांथो मैं राखी बांधना कितना पेयर से कहा था फिर भी न जाने कहा गया है ....... तभी परेश भागता हुवे आ रहा था ... आवर एते hi गौरी से लिपट गया ..... परेश के लिपटते hi गौरी का सारा गुस्सा को हो गया बस धीरे से परेश के सर पे मर कर कहा गया था चल तुझे जल्दी से राखी बांध दू वर्ण फिर कही भाग जाइये गए ......घर के अंदर जाकर गौरी ने अपने भाई परेश को बड़े hi प्यार से आरती उतर कर राखी बंधा

गौरी अपने माँ बाप की सब से बड़ी बेटी थी आवर परेश सबसे छोटा बीटा गौड़ी का जनम लेने के बाद उस की माँ को बेटी hi जनम लेती थी मगर जनम लेते hi मर जाती थी इसी तरह गौरी की 3 बहन जनम लेते hi मर गयी थी ... गौरी के माँ को कुछ समाज मैं नहीं आ रहा था आखिर हो के रहा है मेरा साथ एक दिन गौरी के माँ बाप जंगल मैं लकड़ी काटने गए लकड़ी काटने के बाद गौरी के माँ पड़े के नीचे बाथ कर जार जार रो रही थी आवर अपने पल्लू से आंसू भी पूछ रही थी कुछ hi देर मैं गौरी के माँ की पल्लू भींग कर उसमे से पानी गिरने लगा तभी पेड़ से एक आवाज़ आई जिसे सून कर गौरी की माँ चारो तरफ देखने लगी तभी फिर आवाज़ आई तू गौरी की माँ पेड़ को देखने लगी उसे दर भी लगने लगा गौरी की माँ वह से जाने लगी तभी फिर आवाज़ आई ........ बेटी दर मत मैं इस पेड़ पर से hi बोल रहा हुईं तू जब से यह आई है तब से रो रही है मुझसे देखा नहीं गया बोल बेटी के पर्सनी है तुझे सैयद मैं कुछ कर शकु तेरे लिए ......... फिर गौरी की माँ ने अपनी साडी कहानी सोना दी ... फिर पेड़ से आवाज़ आई बेटी तू चिंता मत कर एहि तेरी किस्मत मैं है तू एक काम करना अपनी बेटी को यह लाना मैं सब ठीक कर दूंगा ........ जब गौरी की माँ बाप जंगल से घर आइये तो गौरी जल्दी से अपनी माँ बाप के लिए कुंवा पे पानी लेने चली गयी जब पानी लेकर अपने घर मैं जाने वाली तभी उसे ठोकर लग गयी आवर माआआआ कह कर चीला उठी ............................................................इधर गीता भी माआ कह कर छिलने लगी तभी कारन उठ कर ....नाहाही तब तक पायल भी उठ गयी उठते hi पायल ने गीता के बीएड को पेअर से मार दिया जो हिल गयी आवर एक आदमी की चीख निकल गयी ....... गीता के चिकने पर जब कारन जगा तो देखा एक बाँदा गन गीता के ऊपर तने खड़ा है वह बीएड के दूसरी तरफ था तन तक पायल भी उठ गयी थी पायल ने जल्दी से पेअर से गीता के बीएड पर मर दिया जो बंदी को लैंड आवर दुनो गोटी पे लड़ी बीएड से जो मगर जल्द hi संभल कर फिर से गीता पे गन तन दिया ... तब तक कारन उसे जा कर शिदा पांच उसके चहरे पे मारा उसकी हांथो से गन नीचे गिर गया कारन गन उठाकर उसके अंदर सभी गोलिया उतर दिया आवर उसे खिड़की से नीचे फेक दिया

............................................................

इधर जंगल मैं लड़की बेचैन थी उसे निनाद hi नहीं आ रहा था आवर वह सहर की तरफ जाने लगी

आदमी : बेटी इतनी रात को कहा जा rahi.hai

लड़की : बाबा मुझे अपनी बेटी गीता की चिंता हो रही है

बाबा : बेटी तू चिंता क्यू कर रही है तेरी बेटी गीता के साथ तेरी एक आवर भी बेटी है इस वकत आवर तेरा बीटा भी वही है चल बेटी जयादा चिंता मत कर सुबह चली जाना उनेह देखने मगर याद रहे अभी तुमेह किसी के सामने नहीं जाना है आवर खास कर तुम्हारी बड़ी बेटी गौरी के सामने
 
अपडेट 34

कारन को लड़ते हुवे देख कर गीता उठाने की कोसिस करने लगी ... पायल बस कारन को देख रही थी उसे समझ मैं नहीं आ रहा था के उसका भाई अभी एक आदमी को गोली मर कर उसे बिल्डिंग से नीचे फेक दिया एक तक पायल खिड़की से नीचे देख रही थी..... दीदी दीदी कारन के बोलने पर पायल पलट कर गीता के पास गयी ..... जो गीता उठाने की पूरी जान लगा रही थी मगर बीएड से नीचे गिर गयी ... पायल जल्दी से अपनी बहन को उठाने लगी जो कारन ने साथ मिल कर बीएड पर लेता दिया

गीता : तू ठीक है न भाई तुझे कुछ हुवा तो नहीं है न .. छोटी देख कही कारन को गोली लगी तू नहीं है न

कारन : दीदी मैं ठीक हुईं गोली मुझे बहुत नहीं लगी है आप आराम करिये मुझे कुछ भी नहीं हुवा है .......... जो पायल ने भी कारन के है मैं है मिला कर गीता को सोने को कहा .... गीता भी जल्द hi फिर निनाद की आग़ोश मैं चली गयी ....... गीता के सो जाने के बाद पायल ने कारन को एक थप्पड़ मर दिया आवर फिर गुस्से आवर दर्द मैं कहने लगी भाई ये के था तुम ने अभी एक इंसान को जान से मार दिया अगर अभी किसी ने देख लिया होता तू तुझे पुलिस अरेस्ट कर लती तू हम सब का के होता एक तुहि तू है जो हमारी देख भल कर सकता है तू जानते नहीं कइने शॉल तेरी याद मैं हम सब ने रो रो कर गुजरा है .

कारन : दीदी मैं तू गीता दीदी को बचने के लिए उसे मारा है अगर मैं उसे नहीं मरता तू वह हम्हारी दीदी को मर देता तू के आप एहि चाहती हो के वह दीदी को मर दे

पायल : नहीं लेकिन तू ने उसे क्यू मारा गन मुझे देता तू मैं उसे मर देती मैं नहीं चाहती तू कभी हमारे नज़रो से दूर हो कभी समझ गया न .... आवर एक बात बता तुझे कैसे पता के दीदी का एक्सीडेंट होवा है

कारन : वह दीदी कारन को अब कुछ समझ मैं नहीं आ रहा था अब पायल को के बोले तभी उसे एक बात याद आई ..दीदी मेरे दोस्त ने मुझे बताया के किसी का एक्सीडेंट हो गया है उसने यह हॉस्पिटल में देखा था दीदी को तू उसने मुझे दीदी का पिछ दिखाया मैं दीदी का पिछ देख कर हॉस्पिटल hi आ रहा था के आप ने कॉल कर दिया था

पायल : भाई तू सोच तू बोल रहा है न ..

कारन : दीदी मैं सोच बोल रहा हो चलो सोते अभी बहुत रात बाकि है ..... फिर दुनो सो गए .... इधर गीता फिर सपनो के दुनिया मैं चली गयी

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रुक्मणि : अरे गौरी बेटी तुझे मन किया है न तू अकेले कुंवा के पास मत जाया कर पानी लेना देखा कही चोट तू नहीं लगा मेरी रानी बेटी को ...... गौरी की माँ का नाम रुक्मणि है

गौरी : माँ मुझे चोट नहीं लगा है मगर माँ सारा पानी गिर कर बाह गया अब फिर से लाना पड़ेगा माँ आप बैठो मैं अभी कुंवा से पानी लेकर अति हुईं

रुक्मणि : चल ला दे मटका मैं पानी लेकर अति हुईं तू जा अपने बापू का खाना निकल ... गौरी घर के अंदर जाकर अपने पिता के लिए खाना निकल कर दिया ......... कुछ दिन बाद जब लकड़ी ख़तम होने वाली थी तू रुक्मणि ने अपनी बेटी को लेकर जंगल मैं चली गयी लकड़ी काटने ...... लकड़ी काटने के बाद रुक्मणि ने अपनी बेटी गौरी को लेकर वही पेड़ के नीचे जाकर बाथ गयी .. गौरी पेड़ के नीचे बैठने के साथ hi सो गयी एक तू धुप मैं लकड़ी काटने से गौरी कुछ जयादा hi थक गयी थी आवर पेड़ के नीचे बैठने के बाद ठंडी हवा चलने से गौरी सो गयी ....... बाबा देखिये एहि है मेरी बेटी गौरी के सोने के बाद रुक्मणि पेड़ को देखते हुवे कहा ... पेड़ से आवाज़ आई बेटी तुझे संतान तू होंगे मगर तेरी बेटी के ऊपर एक सराप है के इसे कभी भाई बहन का पेयर ठीक से नहीं मिले गए

रुक्मणि : ये आप के कह रहे है मेरी बेटी कोई भाई का पेयर नहीं मिलेगा कोई तू हल होगा मेरी बेटी के सर से सराप हटाने का मुझपे दया करे पेड़ महराज आप इस का जो भी हल बताइये मैं आवर मेरी बेटी करेंगे ........ रुक्मणि के बचानी देख कर पेड़ से आवाज़ आई ..... बेटी मैं तेरी दुःख को देख चूका हैं आवर तू कुछ भी करना को भी तैयार है तेरी बेटी को उस पहाड़ी पे माता का जो मंदिर है वही रह कर उसे अपनी उम्र माता के नाम करना होगी जब तक तू माँ नहीं बन जाती माता रानी के आशीर्वाद से जल्द hi तुझे बीटा होगा आवर माता ने चाहा तू तेरी बेटी का सराप भी ख़तम हो जाइएगा

रुक्मणि : आवर अगर मेरी संतान नहीं हुवी तू के मेरी बेटी साडी उम्र वही उस पहाड़ी पे रहेगी नहीं मुझे ठीक नहीं लग रहा अगर माता हम से खास नहीं हुवी तू मेरी बेटी भी मेरे पास नहीं रहेगी कोई आवर हल है बताइये मैं करुँगी चाहे मेरी जान hi क्यू न चली जाइये नहीं तू मैं hi जाती हैं माता की सेवा करने ... पेड़ से आवाज़ आई बेटी मैं पूरा यकीन से कहता हुईं तुझे संतान अवश्य होगा मगर वह तेरी बेटी hi जायेगी तेरी बेटी के hi किस्मत मैं भाई बहन का पैर नहीं लिखा है ........ मैं जाउंगी माँ पहाड़ी वाली मंदिर मैं अगर मेरी वजह से मेरी भाई बहन नहीं हो रहे है तू मैं माता रानी की खूब सेवा करुँगी जो मुझे जल्द hi मेरी सराप भी ख़तम हो जाइये गए आवर मुझे भाई बहन का पेयर भी मिले गए .... गौरी वह सोइ तू थी मगर पूरी तरह नहीं अपनी माँ को पेड़ से बाटे करते उसे दर लग रहा था जो आँख बंद कर के सून रही थी जब उसे पता चला के उसकी वजह से उसकी बहन जनम लेते hi मर जाती है तू गौरी ने सोच लिया के वह पहाड़ी वाली मंदिर मैं जाइये गई माता की सेवा करने के लिए .... वह से रुक्मणि गौरी को लेकर घर आ गयी आवर अपने पति ko.sab कुछ बता दिया जिसे सून कर गौरी के बापू ने न जाने को कहने लगे .... मगर गौरी ने सोच लिया था चाहे कुछ भी हो जाइये मैं जाउंगी माता के मंदिर आवर वही हुवा गौरी कभी अपनी कभी माँ कभी अपनी किस्मत पे रो कर माँ बापू को मनाही लिया ...... मगर ताइये ये हुवा के वह पे उसके साथ हम भी रहेंगे ...... तू एक दिन रुक्मणि फिर उस पेस के पास गयी आवर उनेह बताया के हम भी अपनी बेटी के साथ वह रहना चाहते है ....... तू पेड़ से फिर आवाज़ आई ठीक है तुम साथ जा सकती हो मगर मंदिर का सारा छोटी बड़ी काम गौरी को hi करना होगा .......... ये सून कर रुक्मणि खुश हो गयी आवर आकर अपने बेटी आवर पति बताया वह सुबह जाने को बोल केर सोने चले गए

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दीदी दीदी अब अप्प कैसी हो गीता भी उठ गयी अपनी गुड़िया की आवाज़ सोन कर .. ये नैना थी जो सुबह hi अपनी माँ बड़ी माँ को लेकर आगयी थी काजल के साथ गीता ने जब नैना को उठ कर देखा तू उसके के मासूम चेहरा बिलकुल मुरझा गया था आवर नैना के आँखों से आंसू बाह रहे थे

गीता : देखो तुम रोइयेगी तू मैं भी रोने कहूँगी तू के मेरी गुड़िया चाहती है की उसकी दीदी भी रोइ आवर मुझे यह दर्द भी हो राजा है

नैना : अपने ांसो पूछते हुवे नहीं मैं सब नहीं रोयेंगी आप भी मत रोना दीदी के सच मैं यह आप को दर्द हो रहा है दर्द जैसे मुनाह बनते हुवे कहा जैसे उसे hi दर्द हो रहा है

गीता : नहीं अब मुझे बहुत दर्द नहीं हो रहा मैं कितने भी दर्द मैं रहूं तेरी पेयरी चेहरा देख कर दर्द को मंतर हो जाता है.... बीटा जा घर से फ्रेश हो आकर आना माया ने कारन से कहा ...... कुछ देर बाद कारन आवर पायल घर निकल गए फ्रेश होने के लिए

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इधर जंगल मैं लड़की बेचैन थी अपने बच्चो से मिलने के लिए जो बाबा समझ गए

बाबा : मैं जनता हुईं तुझे अब सब्र नहीं हो रहा है तू जल्द से जल्द मिलना चाहती है अपने बच्चो से मगर तू इस हालत मैं जाएगी तू तुझे गीता पहचान जायेगी क्यू की वह सब तू जनम लेते hi मर गयी थी मगर गीता कारन आवर नैना तुझे देखते hi सैयद पहचान जाये अभी उनेह तेरे बारे मैं मालूम नहीं होना चाहिए

लड़की : तू बाबा आप hi बताये मैं के करो अपने बच्चो से मिलने के लिए

बाबा : मैं तुझसे तेरे बच्ची के पास ले जाऊंगा मगर तुम मेरी दासी बन कर मिलोगी आवर अपने सर पे आँचल रख लेना खास कर गीता के सामने चलो चलते है

............................................................. इधर रखा पहुँच गया था शमशेर के बेटे के पास जो देखने मैं किसी सैतान से काम नहीं लग रहा था बड़ी बड़ी मोंचे थी उसकी आवर बल भी बड़े थे गर्दन तक उसे बांचे देख ले तो दर जाइये .... के रे रखा तू यह के लेने आया है

रखा : मालिक ने मुझे भेजा है आप के भाई को किसी ने जान से मर दिया है इस लिए मालिक ने आप को याद किया है ... रखा भी अंदर से दर रहा पता नहीं मुझे एहि पे न मर दे ......... रखा के गाला दबा दिया शमशेर के बेटे ने .. जो रखा के सांसे फ़ोन लगी तभी एक बंधे ने कहा सरदार चोदे दीजिये वर्ण ये मर जाइये गए ... तब जा कर रखा को चोदे दिया ..... रखा थोड़ी दूर जाकर अपने गाला पकड़ कर हाफने लगा उसे आज अपनी मूत देख लिया था आवर रखा उसे मन में hi सक्रिय कर रहा था जिसने उसे बचाया था .... शमशेर का बेटे वह से जल्द hi निकल गया अपने घर की तरफ

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इधर कारन आवर पायल के जाने के बाद मुस्कान भी अपनी माँ को लेकर हॉस्पिटल आ गयी जो काजल ने उसे बता दिया गीता से मिलकर रम्य चली गयी मगर मुकाम एहि रुक गयी नैना के साथ सभी वही गीता के रूम मैं थी ..... आवर गीता सोचने लगी ये कैसे हो सकता है मैंने सपने मैं कारन आवर अपने आप को देखा वह भी दूसरे माँ बाप के साथ मगर मेरी माँ तू ये नहीं थी सपने मैं आवर वह सब के था मुझे कुछ समझ मैं नहीं आ रहा है ..... बेटी गीता ले कुछ खा ले माया ने कहा ..... तब तक कारन पायल आवर कोमल भी आ गयी थी घर से

कारन : माँ आवर बड़ी माँ आप घर चलिए दादी अकेला है घर पे शाम को काजल दीदी के साथ गुड़िया चली जाइये गई कारन के कहने पे वह दुनो चली गयी कारन के साथ ... कारन उनेह घर चोदे कर हॉस्पिटल आ गए शाम मैं काजल नैना आवर मुस्कान को लेकर घर चली गयी जो रस्ते मैं मुस्कान को उसके घर चोदे दिया

............................................................

लड़की : बाबा अब तू रात होने को आई है हम कहा जायेंगे रात मैं

बाबा : मुझे मालूम है गीता का घर कहा है पहले उस के घर चलते है फिर सुबह हॉस्पिटल चलेंगे बेटी एक बार फिर कहता हुईं जयादा भावक मत होजाना अपने बच्चो को देख कर

लड़की : है बाबा मैं अपने आप को संभल लुंगी 30 शॉल से तो संभल hi रही हुईं जब से मुझे पता चल है के मेरे साथ मेरे बच्चे भी जनम लिया है मैं आप की अहसान मंद हुईं बाबा आप की वजह से आज मैं अपने बच्चो तक पहुँच पायी हुईं वर्ण मैं कब के मर जाती ....... दुनो बाटे करते हुवे कारन के घर पहुँच गए .... बाबा ने जाकर बेल बजायी तू शांति ने गेट खोल कर खास होकर अरे बाबा जी आप शांति बाबा को देख कर बहुत खास हुवी
 
अपडेट. 35

इधर रात होते होते शमशेर का बीटा धर्म सिंह भी घर आज्ञा ..

धर्म : पिता जी किस मैं इतनी हिम्मत हो गयी जो आप के होते हुवे सूरज को जान से मर दिया .. धर्म सिंह गुस्से मैं कहा अपने बाप से ....... शमशेर भी धर्म के गुस्से को जनता था ये कितना सनकी है

शमशेर ; बीटा सूरज को एयरपोर्ट से hi उठा लिया था ........ किसने उठा लिया था धर्म फिर चिल्ला कर अपने बाप से कहा ......... शमशेर उस शांति के बेटे ने

धर्म : आवर आप के झक मर रहे थे उसे बचाया क्यू नहीं मैंने गलती करदी साली को उसी वकत अपनी रंडी बना लेता तू आज मेरा भाई जिन्दा होता ठीक है विक्रम को फ़ोन लगाइये मुझे अभी बात करनी है सेल भड़वे से .......... शमशेर ने तुरंत विक्रम को फ़ोन लगा मगर विक्रम का फ़ोन ऑफ बता रहा था ..... तू जो धर्म से कहा के अभी उसका फ़ोन ऑफ बता रहा है

धर्म : ठीक है पिता जी अभी मुझे सहर जाना है वह पे अपने आदमियों को बता देना मैं आ रहा हैं.. इतना कह कर चला गया


............................................................ शांति बहुत खुश थी बाबा को देख कर वह बाबा को गेस्ट रूम मैं सोने को कहा खाना खिलने के बाद आवर रागनी को लेकर अपने रूम चली गयी सोने ..... शांति 2 दिन से ठीक से नहीं सोइ थी वह रूम मैं जाने के बाद रागनी को अपने साथ सोने को कह कर .. शांति सो गई ... मगर रागनी को कहा नींद आ रही थी वह इंतज़ार करती रही शांति के सोने का जब उसे पूरा यकीं हो गया के शांति गहरी निनाद मैं सो गयी है तू .... रागनी धीरे से उठ कर रूम से निकल गयी अब उसे समाज मैं नहीं आ रहा था उस की बेतिया किस रूम मैं सो रही है रागनी को पहले जो रूम मिला उसी मैं धीरे से चली गयी मगर बेचारी की फोटो किस्मत वह रूम मैं माया सो रही थी जो अभी आंसू बहा रही जैसे hi रागनी रूम मैं गयी तू गेट की आवाज़ से माया उठ गयी .... कौन है कह कर बल्ब जल्दी

माया : आप यह के कर रही है कुछ चाहिए के आप को ...... अब रागनी के जवाब दे उसे समझ मैं नहीं आ रहा था .. माया ने फिर पूछ अपने पल्लू से आंसू पूछते हुवे ...... रागनी को कुछ नहीं सोझा तू उस ने कह दिया मुझे पायस लगी थी तू मैं पानी पीने जा रही थी तभी मुझे रोने की आवाज़ आई तू देखने आ गयी .... आप रो क्यू रही है वह भी इतनी रात को कुछ हुवा है के ...... माया तू कुछ बताना तू नहीं चाहती थी आवर रात भी क़ाफीहो गयी थी आवर रागनी के बार बार पूछने पर बता दिया गीता के एक्सीडेंट के बारे मैं .. जो रागनी पहले से जानती थी ..... रागनी कुछ देर माया के साथ रह कर चली गयी शांति के रूम सोने के लिए अब आवर रिस्क नहीं लेना चाहती थी जो भी था वह यह मेहमान hi थी जो बाबा के वजह से आई थी इस लिए माया ने भी जायद कुछ नहीं पूछा बाबा के वजह से अगर फिर दूसरे रूम मैं पकड़ी जाती थी अच्छा नहीं होता रागनी के लिए


इधर हॉस्पिटल मैं कारन के साथ पायल सो रही थी जो बीएड एक hi आदमी के लिए था कारन थोड़ी दूर hi सोने की कोसिस कर रहा था मगर पायल दूसरे तरफ अपनी मुंह कर के सो रही थी आवर अपनी गांड कारन के लैंड के सामने था कारन बार बार पीछे हैट रहा था तभी कारन बीएड से नीचे गिर गया कारन जब नीचे गिरा तू धाम से आवाज़ आई जो पायल उठ गयी

पायल : भाई तू गिर कैसे गया चोट तू नहीं लगी तुझे ..... नहीं दीदी मैं थी हुईं बीएड थोड़ी छोटी है न इस लिए गिर गया कारन उठते हुवे कहा ... चल थी है सो जा मुझे पकड़ के वर्ण फिर गिर जाइये गए अब कारन ने भी कुछ बोलै नहीं आवर पायल के साथ सात कर सोने की कोसिस करने लगा मगर पायल की जिसम कारन को बहुत गरम लग रही थी जो कारन का जिसम भी गरम हो रहा था आवर लैंड महाराज उठाने की कोसिस कर रहे थे फिर फाई कारन किसी तरह अपने लैंड को अपने हांथो से पकड़ के पायल के गांड के यहाँ से हटा कर सोने की कोसिस करने लगा


............................................................गीता फिर सपनो के दुनिया मैं थी ..... अगली सुबह रुक्मणि गौरी आवर उसके बापू खाने का सामान ले कर जंगल के तरफ चल दिए 3 जंगल मैं तू आगये मगर अब पहाड़ी पे 3 तू नहीं जा सकते थे इस लिए नीचे hi एक झोपडी बना लिया आवर गौरी बेचारी अकेले पहाड़ी के मंदिर पे चली गयी अभी तू गौरी बच्ची hi थी जो अपने सराप के वजह से अकेले सुनसान मंदिर मैं रहने जा रही थी ..... गौरी बेचारी अकेले उस पहाड़ी वाले मंदिर मैं रहने लगी रात को सही से सोती भी नहीं उसे अजीब अजीब सी आवाज़ सोने देती कभी कभी उसे के मन मैं आता के अपनी जान दे दे फिर अपनी माँ बाप के सोच कर नहीं देती गौरी रात को हर वकत माता के मूर्ति के पास बाथ कर रोटी रहती आवर दिन मैं साफ़ सफाई करती मंदिर की तब तक कभी उस की माँ तू कभी पिता जी खाना लेकर एते थे जो गौरी खाना खर कर दिन मैं सो जाती तू कभी अपनी माँ से लिपट कर खूब रोटी ...... रुक्मणि के सीना चलनी हो जाता अपनी बेटी को देख कर आवर वह गौरी को कहती चल बेटी मुझे अब कोई संतान नहीं चाहिए तू hi कभी है मेरे लाये मगर गौरी हर बार मन कर देती अब गौरी के एहि काम था दिन मैं मंदिर की सफाई करती आवर जब उसके माँ बाप खाना लती तू खा कर सो जाती आवर बचा हुवा खाना रात को खा कर माता के मूर्ति के पास जा कर खूब रोटी गौरी कभी कभी तू रट हुवे सो जाती मगर कभी रात भर रोटी रहती इसी तरह 4 5 महीने बिट गए ... एक दिन रात मैं गौरी माता मूर्ति पकड़ कर रट हुवे सो गयी ........ मगर सोते हुवे गौरी ने देखा के वह उसी पहाड़ी पे वह एक लड़का आवर एक लड़की मंदिर के बहार से उसे बोलै रहे है दीदी दीदी कह कर गौरी सोते हुवे उठ कर मंदिर के बहार चली गयी मगर अभी मंडी के बहार कदम भी नहीं रखा था के एक आवाज़ आई पलट कर देखा तू एक औरत कड़ी है अंदर आवर वह सो रही तभी गौरी चीख पड़ी माआआआ

...........................................................

इधर गीता भी माआआआ कह कर चीख पड़ी गीता इतनी ज़ोर से चोखो के वह हॉस्पिटल के कई लोग जाग गए जो अगल बगल रूम मैं सोये थे आवर नर्स भी भागते हुवे गीता के रूम मैं आगयी आवर कारन आवर पायल भी उठ कर गीता के पास आ गयी

पायल : दीदी आप ने चूका क्यू के हुवा कोई बोरा सपना देखा के आप ने ...... कारन भी गीता से पूछने लगा .. मगर गीता कुछ बोल hi नहीं रही थी बस वह सोच रही थी के हो रहा है मेरे साथ के मैंने सोच मैं अभी माता रानी को देखा ...... कारन ने जब देखा के गीता कुछ बोल नहीं रही तू उसने गीता को ज़ोर से हिला दिया तब जाकर गीता होश मैं आई ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई मैं थी हुईं
 
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