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- Dec 5, 2013
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मैं रात में देर से सोया और मैंने दरवाजा खोल कर सोया था इस ख्याल में अम्मी आएगी मगर अम्मी नहीं आई अम्मी पैन किलर खा कर सोती रही सिया का भी यही हाल था रात भर अपने नए अहसास के जूनून में मचलती रही आखिरकार लेट से सोई तोह उसकी भी आँख सुबह नहीं खुली मगर सीमा उठ चुकी थी और निच्चे बैठी मेरा इंतज़ार कर रही थी मगर मैं यहाँ एक दम नंगा अपने बिस्टेर पर घोड़े बेच कर सो रहा था सीमा ने मेरा इंतज़ार 30 मं तक किया जब मैं निच्चे नहीं गया तोह सीमा खुद ऊपर आई मेरा दरवाजा लॉक नहीं था बस मैंने उसे लगा दिया था सीमा दरवाजे के पास आ कर दरवाजे पर मुझे आवाज़ लगते हुए...
Saima...bhai भ ीी
कह कर चुप हो गई चुप क्या हो गई ऐसा मंजर देख कर सुन हो गई जैम स गई उसका मुँह खुला का खुला रह गया क्युकी मैं एक दम नंगा बिस्टेर पर सोया हुआ था..
सीमा कुछ देर के लिए जैसे इस दुनिया में है hi नहीं जैसे उसने भूत देख लिया हो ऐसे पुतले की तरह कड़ी थी लेकिन कुछ देर बाद वो ठीक हुई और आस पास जल्दी से देखा कोई नहीं था फिर उसने मुझे देखा मैं अभी भी सोया था वो मेरे लुंड को देखे जा रही थी उसे भी पता नहीं था वो क्यों मुझे देख रही है ये सब उसके जिस्म की बढ़ती गर्मी का काम था जिसके कारन वो कड़ी मेरे लुंड को देखे जा रही थी उसकी सांस ऊपर निच्चे हो रहा था हलक सुख रहा था वो यहाँ से जाना छह रही थी पर पता नहीं क्या उसे यहाँ से जाने से रोक रहा था मेरा अलार्म बजा तोह मैं हड़बड़ा के जगा अलार्म की आवाज़ सुन कर सीमा फ़ौरन गेट से निकलने की नाकाम कोसिस की मैंने सीमा को देख लिया और मैंने आवाज़ लगाई ...
Me...saima सीमा रुको यहाँ आओ..
सीमा मेरी आवाज़ सुन कर रुक तोह गई मगर मुद नहीं रही थी वही दरवाजे के पास कड़ी थी मैं उसे पीछे से देख रहा था ..
मैं उसकी भरी हुई उभरी गांड देखने लगा मेरे लुंड ने एक जतका मारा लेकिन मैं अनजान था क्युकी मैं हर दिन शॉर्ट्स पहन कर सोता हूँ तोह आज भी मैंने पहनाए होगा दिमाग में इतना कुछ चलता है मेरे कहा ख्याल है नंगा हूँ भी या नहीं तोह सुबह उठते hi ऐसा नजारा मेरी नींद पूरी खुल गई ..
Me..tum यहाँ कब आई और तुमने मुझे जगाया क्यों नहीं..
Saima...(Waise hi कड़ी ) आप सो रहे थे तोह नहीं जगाया..
Me..aise क्यों बात कर रही हो मेरी और देख कर बोलो..
Saima...(Sharmate हुए उसे हीच कीचट हो रही थी बोलने में की मैं नंगा हूँ) भाई वो वो आप ने कुछ पहना नहीं है..
तब मैंने खुदको देखा और मैं अरे यार ये क्या मैं नंगा hi सो गया तब मुझे यद् है क्यों मैं नंगा सोया था मैंने अपने ऊपर चादर लेली ..
Me..sorry सीमा माफ़ करना अब मैं समझा वो रात में बहुत गर्मी लग रही तोह और दरवाजा भी नहीं लगाया पुरे कपडे निकल कर सो गया ...
Saima...hmmm
Me...tumne कुछ देखा तोह नहीं..
Saima..nahi
Me...accha चलो मैंने खुद को चादर से धक् लिया अब मेरी और देखो..
Saima...bhai मैं निच्चे जा रही हूँ स्कूल भी जाना है..
Me...or वो स्कूटी सिखने नहीं जाना क्या..
Saima..bhai लेट हो गया कल चलेंगे..
Me..abhi 6:30 हो रहे है अभी कहा पहले मेरी तरफ देखो तोह..
सीमा पलट जाती है लेकिन वो नजरे झुका कर कड़ी थी मैंने सीमा को देखा उसके निप्पल एक दम खड़े थे जिसका मतलब था वो एक्ससिटेड है इसीलिए वो अभी तक निच्चे नहीं गई तोह मैं उसके खड़े निप्पल सूट के ऊपर से देख सकता हूँ क्युकी सीमा अंदर लोकल ब्रा या गंजी पहनती है कॉटन की जिसकी वजह से उसके बढ़ती जवानी को छुपाने की नाकाम कोसिस करता है उसके कपडे ..
Me..accha ठीक है स्कूटी नहीं सीखना आज आओ कुछ बात करते है बैठो ..
Saima...bhai नास्ता भी तोह बनाना है अम्मी की तबियत भी सही नहीं है अचानक पता नहीं कैसे उन्हें दर्द होने लगा ..
Me..thik है जाओ मुझे लगता है मैं hi फाॅर्स कर रहा हूँ जाओ जब तुम्हारा मन होगा तब आना जाओ..
Saima...bhai ऐसी बात नहीं है ठीक है सॉरी (सीमा घबराई हुई थी उसे बस यहाँ से निकलना था उसके दिमाग में अलग hi सन चल रहा था )
Me..(main अब ज्यादा ड्रामेटिक नहीं करना चाहता क्युकी मुझे अब बहुत कुछ चाहिए जबसे मैंने अम्मी की छूट मारी है मेरा मन बार बार उसी गहराई को मापने को करता है ) सीमा मैं जनता हूँ तुमने मुझे नंगा देखा है अभी इसीलिए यहाँ से जाने के लिए बहाने कर रही हो..
Saima..(sharmate हुए) नहीं भाई नास्ता रेडी करना है ..
Me..toh मैं नंगा राहु तोह तुम्हे कोई दिक्कत नहीं है यही न..
Saima...aap रूम में अकेले रहते हो आप जैसे भी चाहे वैसे रह सकते है ..
Me...wo बात नहीं है मैं तुमसे सुन न चाहता हूँ तुम्हे कोई दिक्कत नहीं है न मैं ऐसे राहु..
Saima...bhai इसमें मैं क्या कह सकती हूँ..
Me..kyu ..तुम्हारा मन नहीं होता ऐसे रहने का दिन भर ऐसे कपडे में रहती हो हमारे यहाँ लाइट भी बहुत काम आती है गर्मी इतनी होती है कपडे निकल कर आराम से रहो ..
सीमा मेरे मुँह से ऐसा सुन कर मेरी तरफ देखने लगती है जैसे मैं कह रहा हूँ तुम भी नंगी रहो ..
Saima..bhai क्या कह रहे हो आप..
Me..dekho यार हम सब यही है हम फॅमिली है बचपन से साथ है हम में क्या पर्दा तुम मुझसे बात तोह कर सकती हो न हम दोस्त भी है मैं तोह हर बात तुमसे शेयर करता हूँ दोस्त के नाते मगर तुम हर चीज़ चिपटी हो ..
Saima...bhai मैं क्या बोलू मुझे समाज hi नहीं आता..
Me..isme इतना सोचना क्या है जो भी तुम्हारा मन करे मुझ से कहा करो मैं यही चाहता हूँ..
Saima..hmm
Me..hmm नहीं ये बताओ तुम्हारा मन नहीं करता इतनी गर्मी है कपडे निकल कर आराम से सो जाओ..
Saima...haa गर्मी लगती है..
Me...dekho सिया टी शर्ट लोअर में मस्त सोती है उसने मुझसे कहा उसे मस्त नींद आती है गर्मी भी काम लगती है ...मैं ये नहीं कह रहा हूँ मेरी तरह तुम भी नंगी हो जाओ मगर वैसे कपडे तोह पहन सकती हो न जिससे तुम्हे आराम mile...or मैं क्या चाहता हूँ मैं चाहता हूँ हम सब आराम से रहे खुश रहे दिल की हर बात एक दूसरे से कहे मैं ऐसा माहौल चाहता हूँ इस घर में
Saima...(Thodi सीरियस हो कर) सही कह रहे हो भाई हम सब एक दूसरे से खुल कर बाटें करेंगे तोह अच्छा होगा..
Me..toh बताओ ..
Saima...bhai सिया को जैसा आपने कपडे दिलाये और वो पहन भी रही है अम्मी भी बहुत खुला हुआ कपडा पहन रही है मुझे बहुत अजीब लगता है...
Me..kaisa अजीब ..
Saima...matalb ऐसे कपडे पहन ने का क्या फायदा जिसमे आपका जिस्म दिख रहा हो कपडे का मतलब होता है जिस्म को धक् कर रहो..
Me..ek दम सही वर्ण मेरी तरह नंगा रहो ः..
Saima...(Bhi हसने लगी) हाहाहा सही कहा भाई ..
Me...dekho सीमा कपडे सिर्फ जिस्म को ढकने के लिए नहीं बल्कि आराम के लिए भी पहनते है तुम ये सूट सलवार दुपट्टा सब लिया गर्मी में पूरा अंदर पसीना चिप छिपा यही तुम टी शर्ट या लोअर पहन कर रहोगी घर में आराम मिलेगा मेरा ये कहना और सिया अम्मी इसीलिए ऐसा पहन रही है समझी बहन...
Saima...haa भाई ये भी तोह बात है मैं सिर्फ एक तरफ सोच रही थी ..सिया कह रही थी उसे बहुत आराम मिल रहा है ऐसे कपडे में..
Me..ha यही बात है अच्छा एक और बात बताओ जब तुम रूम में आई मुझे ऐसा देखा तोह जगाया क्यों नहीं...
Saima...bhai चोदे न उस बात को (शर्मा कर)
Me..nahi मुझे जान न है हमने क्या बात की थी हम सब एक दूसरे साड़ी बात शेयर करेंगे तोह बताओ ..
Saima...wo वो भाई आप का इंतज़ार कर रही थी आप नहीं आये तोह मैं ऊपर आई आपका दरवाजा सोचा लॉक है उस पर हाथ मारा भाई बोलते हुए तोह खुल गया मैंने देखा आप ऐसे सोये है तोह मैं जाने लगी तब आप जग गए...
Me...kitne बजे आई थी तुम मुझे जगाने..
Saima...yahi 6 बजे .
Me..mera अलार्म 6:30 का 30 मं तुम क्या कर रही थी मेरे रूम में मुझे नंगा देख रही थी सैटना ..हाहाहा..
सीमा एक दम शर्मा जाती है वो 30 मं कड़ी थी यहाँ और पता नहीं क्या हुआ था उसके साथ उसे खुद नहीं पता वो क्या बताये..
Saima..nahi भाई मैंने टाइम नहीं देखा था 6 से ज्यादा हो रहा था ...
Me...accha ये बताओ तुम मुझे नंगा देख रही थी क्या देख रही थी मैं टी शर्ट घर पर बहुत काम पहनता हूँ और शॉर्ट्स पहनता हूँ सिर्फ आज शॉर्ट्स नहीं था हर दिन मैं तोह नंगा hi रहता हूँ तोह आज क्या खास था जो तुमने देखा..
Saima...(Gahri सांस लेते हुए उसकी आँख चमक रही थी) वो भाई आपका आपका ..
Me...kya मेरा बताओ (बहुत धीमी आवाज़ में)
Saima...aapka सुसु खड़ा था आपने बताया था न लड़को को अच्छा लगता है तोह वो टाइट हो जाता है और लड़की को अच्छा लगता है तोह ...(इतना कह कर वो चुप हो गई)
Me...ladki को अच्छा लगता है तोह बताओ क्या ..
Saima...bhai आपने hi बताया था न आपको यद् नहीं है...
हम दोनों बहुत धीमी आवाज़ में बात कर रहे थे हम दोनों की आवाज़ में एक कसीस थी खाश करके सीमा की सीमा अपनी दोनों ऊँगली को बार बार रगड़ रही थी और उसकी सांस भी तेज़ रही थी जिसमे उसके खड़े निप्पल और तेज़ नुकीले हो रहे थे ..
Me...mujhe यद् है मैं देखना चाहता हूँ मेरी बताई हुई बात मेरी दोस्त को यद् है या नहीं तोह बताओ...
Saima..yahi की लड़की की भी सुसु निच्चे गीली हो जाती है ...
Me...toh तुम्हारी गीली हुई है या नहीं अभी मेरा लुंड खड़ा देख कर...
Saima...(Ko जैसे मेरी बात का नशा हो रहा था उसके आंखें एक दम बंद हो रही थी) पता नहीं भाई..
Me..or एक बात है सिर्फ छूट गीली नहीं निप्पल भी खड़े हो टाइट हो जाते है जैसे तुम्हारे अभी हो गए है..
सीधा मैं सीमा के निप्पल को टच करता हूँ
जैसे hi मैं निप्पल को टच करता हूँ सीमा एक दम अपनी आँख उलटी कर लेती है वो इतनी गरम हो गई मेरा लुंड देख कर ऊपर से ऐसी बात से उसे अब एक दम नशा था मैं चहु जो भी कर सकता हूँ ऐसा सिचुएशन हो गया था ..मैंने सीमा के खड़े निप्पल को हल्का हल्का ऊँगली से छेड़ा...
सीमा का एक्सप्रेशन..
Saima...ishhhhhhh िष्ठ्हहह अह्ह्ह अह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह ..
मेरा मन तोह हो रहा था पूरा दबा दूँ लेकिन मैंने आग में थोड़ा पेट्रोल दाल कर पीछे हैट गया और कहने लगा..
मेरे पीछे हटने सीमा एक दम अजीब नजर से मुझे देखने लगी जैसे खा जाएगी आज उसका अलग hi रूप मुझे दिख रहा था एक दम रंडी की तरह जैसे उसके जिस्म में आग लगी हो लेकिन मैं इस आग को और बढ़ाना छह रहा था इसीलिए
Me...mujhe पता है सीमा तुम अम्मी या सिया की तरह कपडे नहीं पहन पाओगी तुम्हे दुपट्टा लेना अच्छा लगता है सेर पर ..क्यों
सीमा चुप बैठी बस मुझे देख रही थी सीमा की आग बढ़ाने के लिए मैंने एक और काम किया अपने ऊपर से चडड हटा लिया और अपना खड़ा लुंड को आज़ाद कर दिया और सहलाने लगा सीमा के सामने hi..
सीमा मेरे नंगे लुंड को एक दम गौर से देखने lagi..saima को देख कर मैं..
Me...aise क्या देख रही हो देखो मुझे टेंशन नहीं होता तुम क्या सोचोगी अम्मी क्या सोचेगी या सिया मुझे ऐसे आराम मिलता है मैं वैसे hi रहुगा मुझे गर्मी लग रही थी इसीलिए और खुद को तुम देखो ..अभी भी वैसे hi बैठी हो पसीने से भीग कर...
मैंने सीमा का दुप्पटा पकड़ कर उसके चुकी से थोड़ा अलग किया सीमा को लगा मैं उसके बूब्स दबाऊंगा में मैंने ऐसा नहीं किया सिर्फ दुपट्टा हटा कर हल्का सा क्लीवेज दिख रहा था उसे देखने लगा...
मैं सीमा के दरार में देख रहा था और सीमा मेरे लुंड को देख रही थी उसकी आँख चमक रही थी..
Saima...bhai भ ीी
कह कर चुप हो गई चुप क्या हो गई ऐसा मंजर देख कर सुन हो गई जैम स गई उसका मुँह खुला का खुला रह गया क्युकी मैं एक दम नंगा बिस्टेर पर सोया हुआ था..
सीमा कुछ देर के लिए जैसे इस दुनिया में है hi नहीं जैसे उसने भूत देख लिया हो ऐसे पुतले की तरह कड़ी थी लेकिन कुछ देर बाद वो ठीक हुई और आस पास जल्दी से देखा कोई नहीं था फिर उसने मुझे देखा मैं अभी भी सोया था वो मेरे लुंड को देखे जा रही थी उसे भी पता नहीं था वो क्यों मुझे देख रही है ये सब उसके जिस्म की बढ़ती गर्मी का काम था जिसके कारन वो कड़ी मेरे लुंड को देखे जा रही थी उसकी सांस ऊपर निच्चे हो रहा था हलक सुख रहा था वो यहाँ से जाना छह रही थी पर पता नहीं क्या उसे यहाँ से जाने से रोक रहा था मेरा अलार्म बजा तोह मैं हड़बड़ा के जगा अलार्म की आवाज़ सुन कर सीमा फ़ौरन गेट से निकलने की नाकाम कोसिस की मैंने सीमा को देख लिया और मैंने आवाज़ लगाई ...
Me...saima सीमा रुको यहाँ आओ..
सीमा मेरी आवाज़ सुन कर रुक तोह गई मगर मुद नहीं रही थी वही दरवाजे के पास कड़ी थी मैं उसे पीछे से देख रहा था ..
मैं उसकी भरी हुई उभरी गांड देखने लगा मेरे लुंड ने एक जतका मारा लेकिन मैं अनजान था क्युकी मैं हर दिन शॉर्ट्स पहन कर सोता हूँ तोह आज भी मैंने पहनाए होगा दिमाग में इतना कुछ चलता है मेरे कहा ख्याल है नंगा हूँ भी या नहीं तोह सुबह उठते hi ऐसा नजारा मेरी नींद पूरी खुल गई ..
Me..tum यहाँ कब आई और तुमने मुझे जगाया क्यों नहीं..
Saima...(Waise hi कड़ी ) आप सो रहे थे तोह नहीं जगाया..
Me..aise क्यों बात कर रही हो मेरी और देख कर बोलो..
Saima...(Sharmate हुए उसे हीच कीचट हो रही थी बोलने में की मैं नंगा हूँ) भाई वो वो आप ने कुछ पहना नहीं है..
तब मैंने खुदको देखा और मैं अरे यार ये क्या मैं नंगा hi सो गया तब मुझे यद् है क्यों मैं नंगा सोया था मैंने अपने ऊपर चादर लेली ..
Me..sorry सीमा माफ़ करना अब मैं समझा वो रात में बहुत गर्मी लग रही तोह और दरवाजा भी नहीं लगाया पुरे कपडे निकल कर सो गया ...
Saima...hmmm
Me...tumne कुछ देखा तोह नहीं..
Saima..nahi
Me...accha चलो मैंने खुद को चादर से धक् लिया अब मेरी और देखो..
Saima...bhai मैं निच्चे जा रही हूँ स्कूल भी जाना है..
Me...or वो स्कूटी सिखने नहीं जाना क्या..
Saima..bhai लेट हो गया कल चलेंगे..
Me..abhi 6:30 हो रहे है अभी कहा पहले मेरी तरफ देखो तोह..
सीमा पलट जाती है लेकिन वो नजरे झुका कर कड़ी थी मैंने सीमा को देखा उसके निप्पल एक दम खड़े थे जिसका मतलब था वो एक्ससिटेड है इसीलिए वो अभी तक निच्चे नहीं गई तोह मैं उसके खड़े निप्पल सूट के ऊपर से देख सकता हूँ क्युकी सीमा अंदर लोकल ब्रा या गंजी पहनती है कॉटन की जिसकी वजह से उसके बढ़ती जवानी को छुपाने की नाकाम कोसिस करता है उसके कपडे ..
Me..accha ठीक है स्कूटी नहीं सीखना आज आओ कुछ बात करते है बैठो ..
Saima...bhai नास्ता भी तोह बनाना है अम्मी की तबियत भी सही नहीं है अचानक पता नहीं कैसे उन्हें दर्द होने लगा ..
Me..thik है जाओ मुझे लगता है मैं hi फाॅर्स कर रहा हूँ जाओ जब तुम्हारा मन होगा तब आना जाओ..
Saima...bhai ऐसी बात नहीं है ठीक है सॉरी (सीमा घबराई हुई थी उसे बस यहाँ से निकलना था उसके दिमाग में अलग hi सन चल रहा था )
Me..(main अब ज्यादा ड्रामेटिक नहीं करना चाहता क्युकी मुझे अब बहुत कुछ चाहिए जबसे मैंने अम्मी की छूट मारी है मेरा मन बार बार उसी गहराई को मापने को करता है ) सीमा मैं जनता हूँ तुमने मुझे नंगा देखा है अभी इसीलिए यहाँ से जाने के लिए बहाने कर रही हो..
Saima..(sharmate हुए) नहीं भाई नास्ता रेडी करना है ..
Me..toh मैं नंगा राहु तोह तुम्हे कोई दिक्कत नहीं है यही न..
Saima...aap रूम में अकेले रहते हो आप जैसे भी चाहे वैसे रह सकते है ..
Me...wo बात नहीं है मैं तुमसे सुन न चाहता हूँ तुम्हे कोई दिक्कत नहीं है न मैं ऐसे राहु..
Saima...bhai इसमें मैं क्या कह सकती हूँ..
Me..kyu ..तुम्हारा मन नहीं होता ऐसे रहने का दिन भर ऐसे कपडे में रहती हो हमारे यहाँ लाइट भी बहुत काम आती है गर्मी इतनी होती है कपडे निकल कर आराम से रहो ..
सीमा मेरे मुँह से ऐसा सुन कर मेरी तरफ देखने लगती है जैसे मैं कह रहा हूँ तुम भी नंगी रहो ..
Saima..bhai क्या कह रहे हो आप..
Me..dekho यार हम सब यही है हम फॅमिली है बचपन से साथ है हम में क्या पर्दा तुम मुझसे बात तोह कर सकती हो न हम दोस्त भी है मैं तोह हर बात तुमसे शेयर करता हूँ दोस्त के नाते मगर तुम हर चीज़ चिपटी हो ..
Saima...bhai मैं क्या बोलू मुझे समाज hi नहीं आता..
Me..isme इतना सोचना क्या है जो भी तुम्हारा मन करे मुझ से कहा करो मैं यही चाहता हूँ..
Saima..hmm
Me..hmm नहीं ये बताओ तुम्हारा मन नहीं करता इतनी गर्मी है कपडे निकल कर आराम से सो जाओ..
Saima...haa गर्मी लगती है..
Me...dekho सिया टी शर्ट लोअर में मस्त सोती है उसने मुझसे कहा उसे मस्त नींद आती है गर्मी भी काम लगती है ...मैं ये नहीं कह रहा हूँ मेरी तरह तुम भी नंगी हो जाओ मगर वैसे कपडे तोह पहन सकती हो न जिससे तुम्हे आराम mile...or मैं क्या चाहता हूँ मैं चाहता हूँ हम सब आराम से रहे खुश रहे दिल की हर बात एक दूसरे से कहे मैं ऐसा माहौल चाहता हूँ इस घर में
Saima...(Thodi सीरियस हो कर) सही कह रहे हो भाई हम सब एक दूसरे से खुल कर बाटें करेंगे तोह अच्छा होगा..
Me..toh बताओ ..
Saima...bhai सिया को जैसा आपने कपडे दिलाये और वो पहन भी रही है अम्मी भी बहुत खुला हुआ कपडा पहन रही है मुझे बहुत अजीब लगता है...
Me..kaisa अजीब ..
Saima...matalb ऐसे कपडे पहन ने का क्या फायदा जिसमे आपका जिस्म दिख रहा हो कपडे का मतलब होता है जिस्म को धक् कर रहो..
Me..ek दम सही वर्ण मेरी तरह नंगा रहो ः..
Saima...(Bhi हसने लगी) हाहाहा सही कहा भाई ..
Me...dekho सीमा कपडे सिर्फ जिस्म को ढकने के लिए नहीं बल्कि आराम के लिए भी पहनते है तुम ये सूट सलवार दुपट्टा सब लिया गर्मी में पूरा अंदर पसीना चिप छिपा यही तुम टी शर्ट या लोअर पहन कर रहोगी घर में आराम मिलेगा मेरा ये कहना और सिया अम्मी इसीलिए ऐसा पहन रही है समझी बहन...
Saima...haa भाई ये भी तोह बात है मैं सिर्फ एक तरफ सोच रही थी ..सिया कह रही थी उसे बहुत आराम मिल रहा है ऐसे कपडे में..
Me..ha यही बात है अच्छा एक और बात बताओ जब तुम रूम में आई मुझे ऐसा देखा तोह जगाया क्यों नहीं...
Saima...bhai चोदे न उस बात को (शर्मा कर)
Me..nahi मुझे जान न है हमने क्या बात की थी हम सब एक दूसरे साड़ी बात शेयर करेंगे तोह बताओ ..
Saima...wo वो भाई आप का इंतज़ार कर रही थी आप नहीं आये तोह मैं ऊपर आई आपका दरवाजा सोचा लॉक है उस पर हाथ मारा भाई बोलते हुए तोह खुल गया मैंने देखा आप ऐसे सोये है तोह मैं जाने लगी तब आप जग गए...
Me...kitne बजे आई थी तुम मुझे जगाने..
Saima...yahi 6 बजे .
Me..mera अलार्म 6:30 का 30 मं तुम क्या कर रही थी मेरे रूम में मुझे नंगा देख रही थी सैटना ..हाहाहा..
सीमा एक दम शर्मा जाती है वो 30 मं कड़ी थी यहाँ और पता नहीं क्या हुआ था उसके साथ उसे खुद नहीं पता वो क्या बताये..
Saima..nahi भाई मैंने टाइम नहीं देखा था 6 से ज्यादा हो रहा था ...
Me...accha ये बताओ तुम मुझे नंगा देख रही थी क्या देख रही थी मैं टी शर्ट घर पर बहुत काम पहनता हूँ और शॉर्ट्स पहनता हूँ सिर्फ आज शॉर्ट्स नहीं था हर दिन मैं तोह नंगा hi रहता हूँ तोह आज क्या खास था जो तुमने देखा..
Saima...(Gahri सांस लेते हुए उसकी आँख चमक रही थी) वो भाई आपका आपका ..
Me...kya मेरा बताओ (बहुत धीमी आवाज़ में)
Saima...aapka सुसु खड़ा था आपने बताया था न लड़को को अच्छा लगता है तोह वो टाइट हो जाता है और लड़की को अच्छा लगता है तोह ...(इतना कह कर वो चुप हो गई)
Me...ladki को अच्छा लगता है तोह बताओ क्या ..
Saima...bhai आपने hi बताया था न आपको यद् नहीं है...
हम दोनों बहुत धीमी आवाज़ में बात कर रहे थे हम दोनों की आवाज़ में एक कसीस थी खाश करके सीमा की सीमा अपनी दोनों ऊँगली को बार बार रगड़ रही थी और उसकी सांस भी तेज़ रही थी जिसमे उसके खड़े निप्पल और तेज़ नुकीले हो रहे थे ..
Me...mujhe यद् है मैं देखना चाहता हूँ मेरी बताई हुई बात मेरी दोस्त को यद् है या नहीं तोह बताओ...
Saima..yahi की लड़की की भी सुसु निच्चे गीली हो जाती है ...
Me...toh तुम्हारी गीली हुई है या नहीं अभी मेरा लुंड खड़ा देख कर...
Saima...(Ko जैसे मेरी बात का नशा हो रहा था उसके आंखें एक दम बंद हो रही थी) पता नहीं भाई..
Me..or एक बात है सिर्फ छूट गीली नहीं निप्पल भी खड़े हो टाइट हो जाते है जैसे तुम्हारे अभी हो गए है..
सीधा मैं सीमा के निप्पल को टच करता हूँ
जैसे hi मैं निप्पल को टच करता हूँ सीमा एक दम अपनी आँख उलटी कर लेती है वो इतनी गरम हो गई मेरा लुंड देख कर ऊपर से ऐसी बात से उसे अब एक दम नशा था मैं चहु जो भी कर सकता हूँ ऐसा सिचुएशन हो गया था ..मैंने सीमा के खड़े निप्पल को हल्का हल्का ऊँगली से छेड़ा...
सीमा का एक्सप्रेशन..
Saima...ishhhhhhh िष्ठ्हहह अह्ह्ह अह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह ..
मेरा मन तोह हो रहा था पूरा दबा दूँ लेकिन मैंने आग में थोड़ा पेट्रोल दाल कर पीछे हैट गया और कहने लगा..
मेरे पीछे हटने सीमा एक दम अजीब नजर से मुझे देखने लगी जैसे खा जाएगी आज उसका अलग hi रूप मुझे दिख रहा था एक दम रंडी की तरह जैसे उसके जिस्म में आग लगी हो लेकिन मैं इस आग को और बढ़ाना छह रहा था इसीलिए
Me...mujhe पता है सीमा तुम अम्मी या सिया की तरह कपडे नहीं पहन पाओगी तुम्हे दुपट्टा लेना अच्छा लगता है सेर पर ..क्यों
सीमा चुप बैठी बस मुझे देख रही थी सीमा की आग बढ़ाने के लिए मैंने एक और काम किया अपने ऊपर से चडड हटा लिया और अपना खड़ा लुंड को आज़ाद कर दिया और सहलाने लगा सीमा के सामने hi..
सीमा मेरे नंगे लुंड को एक दम गौर से देखने lagi..saima को देख कर मैं..
Me...aise क्या देख रही हो देखो मुझे टेंशन नहीं होता तुम क्या सोचोगी अम्मी क्या सोचेगी या सिया मुझे ऐसे आराम मिलता है मैं वैसे hi रहुगा मुझे गर्मी लग रही थी इसीलिए और खुद को तुम देखो ..अभी भी वैसे hi बैठी हो पसीने से भीग कर...
मैंने सीमा का दुप्पटा पकड़ कर उसके चुकी से थोड़ा अलग किया सीमा को लगा मैं उसके बूब्स दबाऊंगा में मैंने ऐसा नहीं किया सिर्फ दुपट्टा हटा कर हल्का सा क्लीवेज दिख रहा था उसे देखने लगा...
मैं सीमा के दरार में देख रहा था और सीमा मेरे लुंड को देख रही थी उसकी आँख चमक रही थी..