- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 137,875
अपडेट 164
अब तक
"ठीक है. मेरा नाम है अरहना और तुम्हे इस काम के लिए ये स्टोन." अरहान ने एक रेड कलर का स्टोन उसकी और बढ़ते हुए बोली. गाड़फाथेर उस स्टोन को जैसे hi छुआ, धुएं में बदल कर उसके शरीर में समां गया. गाड़फाथेर की आँखे लाल हो गयी थी उसको अपने अंदर अपर शक्ति का एहसास हुआ. गाड़फाथेर उसके आगे झुकाते हुए बोलै, "आपका काम हो जायेगा डेविल क्वीन."
"गुफ्फी डायना मेरी बात ध्यान से सुन लो ये काम तुम्हे 3 साल के अंदर अंदर करना है. जब तुम्हे मेरी सबसे ज्यादा जरुरत महसूस हो तभी मुझे याद करना." अरहना अपनी बात कह वह से गायब हो गया. वह पर मौजूद सभी को समझ आ गया था की जो लड़की यहाँ आयी थी वो एक सुपरनैचरल शक्ति की मालकिन थी, और अब से गाड़फाथेर भी उन में से एक हो गया था. गाड़फाथेर ने सभी को काम पर लगा कर वहां से नक़ल गया.
वही अरहना ने ऐसे hi 5 माफिआ लीडर को अपना गुलाम बना कर उन्हें शक्ति प्रदान की थी. ये सरे वर्ल्ड की टॉप माफिआ थी.
अब आगे
रंगीन रिंगिंग रिंगिंग
"गुड मॉर्निंग माँ." खुशबू ने घाटे खुलते hi अपनी माँ को देख कर खुश होते हुए विश किया, फिर उसके गले लग गयी. उसकी माँ ने भी उसको सेल लगा लिया. नकुल और रानी दोनों hi गेट पर खड़े माँ बेटी के प्यार को देख रहे थे. उसकी माँ उसको अंदर ले कर चल दी. नकुल और रानी गेट पर hi खड़े रहे, इस तरह अंदर जाना नकुल को अच्छा नहीं लग रहा था इसलिए.
"अच्छा ये तो बात तेरी फ्रेंड कैसी है. जिसके लिए तू कल रुक गयी थी." खुशबू की माँ ने अपनी बेटी से पूछने लगी. उसको अपने अलग कर के. खुशबू अपनी माँ की बात सुन कर जब पीछे मुड़ी तो रानी और नकुल को न देख, गेट की तरफ भाग गयी. "अरे अब कहा जा रही है. अभी तो आयी है घर पर, और अभी चल दी."
"तुम दोनों अंदर क्यों नहीं आये." खुशबू गेट पर पहुंच कर नकुल और रानी कहा. "चलो अब अंदर." नकुल बिना कुछ कहे रानी को साथ ले कर खुशबू के पीछे चल दिया. वही खुशबू की माँ ने जब अपने बेटी के साथ 2 लोगो को देखा, तो कुछ सोच में पद गयी. क्योकि आज खुशबू ने किसी भी फ्रेंड्स को अपने घर नहीं लायी, सिर्फ ोक्सासिओंस को छोड़ कर.
"बेटी अपने फ्रेंड्स मुझे नहीं मिलाओगी." खुशबू की माँ ने अपनी बेटी कहा. खुशबू अपनी माँ के गले लग गयी और बोली "माँ ये है नकुल और ये इसकी सिस्टर रानी शर्मा. माँ आपको बताया तो था मैं ने देहरादून वाली इंसिडेंट."
"थैंक यू बीटा. मेरी बेटी की जान बचने के लिए. अगर तुम उस दिन नहीं आते तो न जाने क्या हो जाता." खुशबू के माँ ने नकुल के आगे हाथ जोड़ते हुए बोली. नकुल ने जब खुशबू की माँ को अपने आगे हाथ जोड़ते देखा, आगे बढ़ कर उनका हाथ पकड़ लिया और कहा, "माँ जी ये क्या कर रही है. अपने बेटे के सामने इस तरह हाथ जोड़ कर, अपने बेटे को पाप की भागी बना रही है. रही खुशबू को बचने की बात तो मैं नहीं होता तो मेरी जगह कोई और होता."
"अपने ये हाथ हमेश सिरवाद देने के लिए उठाया कीजिये." नकुल इतना कहने के बाद, खुशबू की माँ के पेअर को झुक कर छू लिया. खुशबू की माँ नकुल के सर अपना हाथ रखते हुए बोली, "भगवान् तुम्हे हमेशा खुश रखे. तुम्हे मेरी ुरम भी लग जाये."
"आंटी जी मुझे आपकी ुरम तो नहीं चाहिए, क्योकि आप hi नहीं रहेगी तो मेरे लिए दुआ को करेगा. मैं तो भगवन से यही प्राथना करूँगा की वो आप को लम्बी ुरम दे, ताकि आप हमेशा मेरी लिए दुआ कर सके." नकुल ने बड़े hi शालीनता से अपनी बात कही. खुशबू की माँ भी नकुल की बातो ने उन्हें बहुत प्रभावित किया. उनका ध्यान अभी रानी के तरफ नहीं गया था, इस लिए उन्होंने रानी के सर पर लगे चोट को नहीं देखा था. खुशबू की माँ नकुल देखने में hi खोई हुई थी.
"बीटा तुम्हारी बहिन के सर चोट कैसे." खुशबू की माँ नकुल से मिलाने के बाद जब रानी के तरफ ध्यान से देखा तो उसके सर पट्टी बंधा देख कर, नकुल से पूछा. नकुल ने बड़े शांत मैं से कहा, "वो क्या है आंटी जी ये सीढ़ियों से उतारते वक़्त सर के बल गिर गयी, इसके सर पर चोट लग गयी. रानी तुमने अभी तक आंटी को नमस्ते नहीं किया."
"भैया मैं आंटी को नमस्ते कर तो कैसे करू. आंटी तो आपसे लगी हुई है. मेरी तरफ तो आंटी ने देखा भी नहीं. और आप भी तो आंटी को नहीं छोड़ रहे थे." रानी ने अपने ाददात के अनुसार बोल पड़ी. खुशबू की माँ रानी की शिकायत सुन उसकी तरफ बढ़ गयी और उसको अपने लगे से लगा ली.
"अच्छ तो मेरी ये बेटी इस लिए नाराज़ है, क्योकि मैं उसे अनदेखा किया." खुशबू की माँ ने बड़े hi प्यार से उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली. "चल आ बैठ मेरे साथ." खुशबू की माँ रानी को अपने साथ ले कर सोफे पर बैठ गयी.
"माँ बाकि सब दिखाई नहीं दे रहे." खुशबू ने अपनी माँ से पूछा.
"बीटा, तेरे पापा तो आज अमेरिका चले गए किसी बिज़नेस मीटिंग के लिए. तेरे छाछ और चची ऑफिस चले गए. तेरी बहने कॉलेज." खुशबू की माँ ने अपनी बेटी से बोली. खुशबू अपनी माँ की और देखते हुए बोली, "और वो दोनों कहा है."
"अच्छा वो दोनों अपने रूम में." खुशबू ये सुनते hi सोफे उठी और सीढ़ियों के तरफ चल दी. सीडिया चढाने के बाद खुशबू एक तरड़ मुद गयी. फिर वह एक रूम का दूर ओपन कर अंदर चली गयी. नकुल और रानी खुशबू को hi देख रहे थे और सोच रहे थे ऐसा कौन है जिसका नाम खुशबू ने नहीं लिया.
"आंटी ये खुशबू किसकी बात कर रही थी. और हॉस्पिटल में भी मुझे नहीं बताया. जब मैं आप सब के बारे में उसे पूछा." नकुल ने खुशबू की माँ से वो लोगो के बारे में जाने के लिए अपनी बात कही. खुशबू की माँ नकुल की और देखते हुए बस मुस्कुरा दी
"बीटा बस इतना जान लो, वो दोनों हाँ तो मेरे अपने hi, और मुझसे पद में छोटे भी है. पर खुशबू की नज़र में वो हम सब से बड़े." खुशबू की माँ ने नकुल से कहा. नकुल खुशबू की माँ की बात को कुछ सोच में पद गया, ऐसा कौन हो सकता था, जो आंटी से पद में छोटा हो. नकुल ने सब के बार में सोच लिया था फिर कुछ सोच कर बोलै, "आंटी ये आपका सबसे छोटा देवर और देवरानी है ना.",
"बिलकुल ठीक समझे बीटा. है तो मेरे देवर और देवरानी पर खुशबू के लिए हम सबसे बढ़ कर है. वो किसी लिए ये तुम उससे hi पूछ लेना." खुशबू की माँ ने कहा. "वो देखो वो आ रही है उन दोनों को ले कर."
जब नकुल की नज़र उन दोनों के ऊपर पड़ी तो देख कर hi हैरान हो गया. उसे ये समझ नहीं आ रही थी की वो यहाँ क्या कैसे. नकुल बस उस और hi देख रहा था. और समझने की कोशिश कर रहा था. नकुल तो अपने hi ातीति में खो गया था, उसे तो पता hi नहीं चला कब खुशबू उसके पास दोनों को ले कर आ गयी.
.
..
.
"शमशेर तुमने नकुल के बारे में पता किया. क्या वही है, जिसको इस कुत्तिया ने मार दिया था." जोगिन्दर ने शमशेर से पूछा. रेशमा ठाकुर वही एक तरफ कड़ी थी, बहुत hi हॉट ड्रेस पहने हुए थी, जिस में से उसके बूब्स के क्लीवे साफ़ दिखाई दे रहे थे. रेशमा ठाकुर गली सुनाने के बाद भी वहां पर चुपचाप बैठ हुई थी.
"जी मालिक मैं ने उस नकुल के बारे में पता कर लिया है. जैसा वो पहले था, अब वैसा नहीं है, उसके लिए बहुत से लोग काम कर रहे है. आपने माया का नाम तो सुना hi होगा." शमशेर ने नकुल के बारे में कुछ बाते बताने के बाद एक लड़की का नाम जोगिन्दर को बताया. जोगिन्दर कुछ देर उस नाम को लेकर सोचता रहा.
"कही तुम उस माया की तो बात नहीं कर रहे हो न जो रॉ की अनगिनत है." जोगिन्दर ने कहा. शमशेर न अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. "बीटा अब लग गए लौड़े. अब हमें नकुल को मरने ले लिए, बहुत hi ज्याद मेहनत करना पड़ेगा. क्योकि ये माया हमें उसे मरने नहीं देगी चाहे उसकी जान hi क्यों न चली जाये."
"मालिक, ये माया सिर्फ देखने के लिए hi रॉ एजेंट है, पर इंडिया के एक स्क्रेटे सर्विस से जुडी हुई है. जिसके बारे में सिर्फ कुछ लोगो को hi मालूम है. और मुझे इसके बारे में मेरे एक खास दोस्त ने बताया है." शमशेर ने कहा. जोगिन्दर माया के बारे में जान कर उसके पैरो टेल ज़मीन hi खिशक गयी. उसे समझ नहीं आ रहा था की अब नकुल को कैसे मरेगा. "बॉस अभी तो आप माया के बारे में जान कर ऐसे खो गए तो, जब नकुल के बारे में जानेगे तब क्या होगा आपका."
"तुम कहना क्या चाहते हो. की नकुल उस माया से ज्यादा खतरनाक है." जोगिन्दर ने कहा, उसके चेहरे के भाव को देख कर ऐसा लग रहा था की अभी बेहोश हो जायेगा.
"बॉस अपने बिलकुल सही सुना है. ये नकुल माया से ज्याद खतरनाक है. आप उस दिलावर को तो जानते hi होंगे." शमशेर ने जोगिन्दर की और देखते हुए बोलै, जोगिन्दर ने भी अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. "वो भी नकुल के सामने आने से डरता है. दिलावर ने एक लड़की को देहरादून से उठया था, जो नकुल की वाइफ है, उस दिलावर की हिम्मत नहीं हुई थी उसके रहते हुए उसको उठा सके. अब आप hi सोचो की नकुल क्या चीज़ है."
जोगिन्दर सब सच में सोच में पद गया था, की कैसे उस नकुल को मारा जाये. कुछ देर सोचने के बाद जोगिन्दर ने अपना सेलफोन निकल कर्मवीर को फ़ोन लाग दिया. थोड़े कर्मवीर से बात करने के बाद जोगिन्दर शमशेर से कहा, "शमशेर अभी तुम उस नकुल पर अपनी नज़र रखो. जब तक मैं न कहु तुम कुछ नहीं करोगे. और रेशमा आज से तुम्हारा काम ख़त्म हो गया है. तुम मेरे साथ चल रही हो. तुम अपनी पैकिंग कर लो."
"ठीक है. मैं एक बार घर से हो कर आ जाऊं." रेशमा ने कहा. जोगिन्दर ने अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. रेशम ठाकुर वह से निकल गयी. उस हॉल में सिर्फ जोगिन्दर और शमशेर रही रह गए थे.
अब तक
"ठीक है. मेरा नाम है अरहना और तुम्हे इस काम के लिए ये स्टोन." अरहान ने एक रेड कलर का स्टोन उसकी और बढ़ते हुए बोली. गाड़फाथेर उस स्टोन को जैसे hi छुआ, धुएं में बदल कर उसके शरीर में समां गया. गाड़फाथेर की आँखे लाल हो गयी थी उसको अपने अंदर अपर शक्ति का एहसास हुआ. गाड़फाथेर उसके आगे झुकाते हुए बोलै, "आपका काम हो जायेगा डेविल क्वीन."
"गुफ्फी डायना मेरी बात ध्यान से सुन लो ये काम तुम्हे 3 साल के अंदर अंदर करना है. जब तुम्हे मेरी सबसे ज्यादा जरुरत महसूस हो तभी मुझे याद करना." अरहना अपनी बात कह वह से गायब हो गया. वह पर मौजूद सभी को समझ आ गया था की जो लड़की यहाँ आयी थी वो एक सुपरनैचरल शक्ति की मालकिन थी, और अब से गाड़फाथेर भी उन में से एक हो गया था. गाड़फाथेर ने सभी को काम पर लगा कर वहां से नक़ल गया.
वही अरहना ने ऐसे hi 5 माफिआ लीडर को अपना गुलाम बना कर उन्हें शक्ति प्रदान की थी. ये सरे वर्ल्ड की टॉप माफिआ थी.
अब आगे
रंगीन रिंगिंग रिंगिंग
"गुड मॉर्निंग माँ." खुशबू ने घाटे खुलते hi अपनी माँ को देख कर खुश होते हुए विश किया, फिर उसके गले लग गयी. उसकी माँ ने भी उसको सेल लगा लिया. नकुल और रानी दोनों hi गेट पर खड़े माँ बेटी के प्यार को देख रहे थे. उसकी माँ उसको अंदर ले कर चल दी. नकुल और रानी गेट पर hi खड़े रहे, इस तरह अंदर जाना नकुल को अच्छा नहीं लग रहा था इसलिए.
"अच्छा ये तो बात तेरी फ्रेंड कैसी है. जिसके लिए तू कल रुक गयी थी." खुशबू की माँ ने अपनी बेटी से पूछने लगी. उसको अपने अलग कर के. खुशबू अपनी माँ की बात सुन कर जब पीछे मुड़ी तो रानी और नकुल को न देख, गेट की तरफ भाग गयी. "अरे अब कहा जा रही है. अभी तो आयी है घर पर, और अभी चल दी."
"तुम दोनों अंदर क्यों नहीं आये." खुशबू गेट पर पहुंच कर नकुल और रानी कहा. "चलो अब अंदर." नकुल बिना कुछ कहे रानी को साथ ले कर खुशबू के पीछे चल दिया. वही खुशबू की माँ ने जब अपने बेटी के साथ 2 लोगो को देखा, तो कुछ सोच में पद गयी. क्योकि आज खुशबू ने किसी भी फ्रेंड्स को अपने घर नहीं लायी, सिर्फ ोक्सासिओंस को छोड़ कर.
"बेटी अपने फ्रेंड्स मुझे नहीं मिलाओगी." खुशबू की माँ ने अपनी बेटी कहा. खुशबू अपनी माँ के गले लग गयी और बोली "माँ ये है नकुल और ये इसकी सिस्टर रानी शर्मा. माँ आपको बताया तो था मैं ने देहरादून वाली इंसिडेंट."
"थैंक यू बीटा. मेरी बेटी की जान बचने के लिए. अगर तुम उस दिन नहीं आते तो न जाने क्या हो जाता." खुशबू के माँ ने नकुल के आगे हाथ जोड़ते हुए बोली. नकुल ने जब खुशबू की माँ को अपने आगे हाथ जोड़ते देखा, आगे बढ़ कर उनका हाथ पकड़ लिया और कहा, "माँ जी ये क्या कर रही है. अपने बेटे के सामने इस तरह हाथ जोड़ कर, अपने बेटे को पाप की भागी बना रही है. रही खुशबू को बचने की बात तो मैं नहीं होता तो मेरी जगह कोई और होता."
"अपने ये हाथ हमेश सिरवाद देने के लिए उठाया कीजिये." नकुल इतना कहने के बाद, खुशबू की माँ के पेअर को झुक कर छू लिया. खुशबू की माँ नकुल के सर अपना हाथ रखते हुए बोली, "भगवान् तुम्हे हमेशा खुश रखे. तुम्हे मेरी ुरम भी लग जाये."
"आंटी जी मुझे आपकी ुरम तो नहीं चाहिए, क्योकि आप hi नहीं रहेगी तो मेरे लिए दुआ को करेगा. मैं तो भगवन से यही प्राथना करूँगा की वो आप को लम्बी ुरम दे, ताकि आप हमेशा मेरी लिए दुआ कर सके." नकुल ने बड़े hi शालीनता से अपनी बात कही. खुशबू की माँ भी नकुल की बातो ने उन्हें बहुत प्रभावित किया. उनका ध्यान अभी रानी के तरफ नहीं गया था, इस लिए उन्होंने रानी के सर पर लगे चोट को नहीं देखा था. खुशबू की माँ नकुल देखने में hi खोई हुई थी.
"बीटा तुम्हारी बहिन के सर चोट कैसे." खुशबू की माँ नकुल से मिलाने के बाद जब रानी के तरफ ध्यान से देखा तो उसके सर पट्टी बंधा देख कर, नकुल से पूछा. नकुल ने बड़े शांत मैं से कहा, "वो क्या है आंटी जी ये सीढ़ियों से उतारते वक़्त सर के बल गिर गयी, इसके सर पर चोट लग गयी. रानी तुमने अभी तक आंटी को नमस्ते नहीं किया."
"भैया मैं आंटी को नमस्ते कर तो कैसे करू. आंटी तो आपसे लगी हुई है. मेरी तरफ तो आंटी ने देखा भी नहीं. और आप भी तो आंटी को नहीं छोड़ रहे थे." रानी ने अपने ाददात के अनुसार बोल पड़ी. खुशबू की माँ रानी की शिकायत सुन उसकी तरफ बढ़ गयी और उसको अपने लगे से लगा ली.
"अच्छ तो मेरी ये बेटी इस लिए नाराज़ है, क्योकि मैं उसे अनदेखा किया." खुशबू की माँ ने बड़े hi प्यार से उसके सर पर हाथ फेरते हुए बोली. "चल आ बैठ मेरे साथ." खुशबू की माँ रानी को अपने साथ ले कर सोफे पर बैठ गयी.
"माँ बाकि सब दिखाई नहीं दे रहे." खुशबू ने अपनी माँ से पूछा.
"बीटा, तेरे पापा तो आज अमेरिका चले गए किसी बिज़नेस मीटिंग के लिए. तेरे छाछ और चची ऑफिस चले गए. तेरी बहने कॉलेज." खुशबू की माँ ने अपनी बेटी से बोली. खुशबू अपनी माँ की और देखते हुए बोली, "और वो दोनों कहा है."
"अच्छा वो दोनों अपने रूम में." खुशबू ये सुनते hi सोफे उठी और सीढ़ियों के तरफ चल दी. सीडिया चढाने के बाद खुशबू एक तरड़ मुद गयी. फिर वह एक रूम का दूर ओपन कर अंदर चली गयी. नकुल और रानी खुशबू को hi देख रहे थे और सोच रहे थे ऐसा कौन है जिसका नाम खुशबू ने नहीं लिया.
"आंटी ये खुशबू किसकी बात कर रही थी. और हॉस्पिटल में भी मुझे नहीं बताया. जब मैं आप सब के बारे में उसे पूछा." नकुल ने खुशबू की माँ से वो लोगो के बारे में जाने के लिए अपनी बात कही. खुशबू की माँ नकुल की और देखते हुए बस मुस्कुरा दी
"बीटा बस इतना जान लो, वो दोनों हाँ तो मेरे अपने hi, और मुझसे पद में छोटे भी है. पर खुशबू की नज़र में वो हम सब से बड़े." खुशबू की माँ ने नकुल से कहा. नकुल खुशबू की माँ की बात को कुछ सोच में पद गया, ऐसा कौन हो सकता था, जो आंटी से पद में छोटा हो. नकुल ने सब के बार में सोच लिया था फिर कुछ सोच कर बोलै, "आंटी ये आपका सबसे छोटा देवर और देवरानी है ना.",
"बिलकुल ठीक समझे बीटा. है तो मेरे देवर और देवरानी पर खुशबू के लिए हम सबसे बढ़ कर है. वो किसी लिए ये तुम उससे hi पूछ लेना." खुशबू की माँ ने कहा. "वो देखो वो आ रही है उन दोनों को ले कर."
जब नकुल की नज़र उन दोनों के ऊपर पड़ी तो देख कर hi हैरान हो गया. उसे ये समझ नहीं आ रही थी की वो यहाँ क्या कैसे. नकुल बस उस और hi देख रहा था. और समझने की कोशिश कर रहा था. नकुल तो अपने hi ातीति में खो गया था, उसे तो पता hi नहीं चला कब खुशबू उसके पास दोनों को ले कर आ गयी.
.
..
.
"शमशेर तुमने नकुल के बारे में पता किया. क्या वही है, जिसको इस कुत्तिया ने मार दिया था." जोगिन्दर ने शमशेर से पूछा. रेशमा ठाकुर वही एक तरफ कड़ी थी, बहुत hi हॉट ड्रेस पहने हुए थी, जिस में से उसके बूब्स के क्लीवे साफ़ दिखाई दे रहे थे. रेशमा ठाकुर गली सुनाने के बाद भी वहां पर चुपचाप बैठ हुई थी.
"जी मालिक मैं ने उस नकुल के बारे में पता कर लिया है. जैसा वो पहले था, अब वैसा नहीं है, उसके लिए बहुत से लोग काम कर रहे है. आपने माया का नाम तो सुना hi होगा." शमशेर ने नकुल के बारे में कुछ बाते बताने के बाद एक लड़की का नाम जोगिन्दर को बताया. जोगिन्दर कुछ देर उस नाम को लेकर सोचता रहा.
"कही तुम उस माया की तो बात नहीं कर रहे हो न जो रॉ की अनगिनत है." जोगिन्दर ने कहा. शमशेर न अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. "बीटा अब लग गए लौड़े. अब हमें नकुल को मरने ले लिए, बहुत hi ज्याद मेहनत करना पड़ेगा. क्योकि ये माया हमें उसे मरने नहीं देगी चाहे उसकी जान hi क्यों न चली जाये."
"मालिक, ये माया सिर्फ देखने के लिए hi रॉ एजेंट है, पर इंडिया के एक स्क्रेटे सर्विस से जुडी हुई है. जिसके बारे में सिर्फ कुछ लोगो को hi मालूम है. और मुझे इसके बारे में मेरे एक खास दोस्त ने बताया है." शमशेर ने कहा. जोगिन्दर माया के बारे में जान कर उसके पैरो टेल ज़मीन hi खिशक गयी. उसे समझ नहीं आ रहा था की अब नकुल को कैसे मरेगा. "बॉस अभी तो आप माया के बारे में जान कर ऐसे खो गए तो, जब नकुल के बारे में जानेगे तब क्या होगा आपका."
"तुम कहना क्या चाहते हो. की नकुल उस माया से ज्यादा खतरनाक है." जोगिन्दर ने कहा, उसके चेहरे के भाव को देख कर ऐसा लग रहा था की अभी बेहोश हो जायेगा.
"बॉस अपने बिलकुल सही सुना है. ये नकुल माया से ज्याद खतरनाक है. आप उस दिलावर को तो जानते hi होंगे." शमशेर ने जोगिन्दर की और देखते हुए बोलै, जोगिन्दर ने भी अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. "वो भी नकुल के सामने आने से डरता है. दिलावर ने एक लड़की को देहरादून से उठया था, जो नकुल की वाइफ है, उस दिलावर की हिम्मत नहीं हुई थी उसके रहते हुए उसको उठा सके. अब आप hi सोचो की नकुल क्या चीज़ है."
जोगिन्दर सब सच में सोच में पद गया था, की कैसे उस नकुल को मारा जाये. कुछ देर सोचने के बाद जोगिन्दर ने अपना सेलफोन निकल कर्मवीर को फ़ोन लाग दिया. थोड़े कर्मवीर से बात करने के बाद जोगिन्दर शमशेर से कहा, "शमशेर अभी तुम उस नकुल पर अपनी नज़र रखो. जब तक मैं न कहु तुम कुछ नहीं करोगे. और रेशमा आज से तुम्हारा काम ख़त्म हो गया है. तुम मेरे साथ चल रही हो. तुम अपनी पैकिंग कर लो."
"ठीक है. मैं एक बार घर से हो कर आ जाऊं." रेशमा ने कहा. जोगिन्दर ने अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया. रेशम ठाकुर वह से निकल गयी. उस हॉल में सिर्फ जोगिन्दर और शमशेर रही रह गए थे.