अनीता भी राज की कोठी में 2ंद फ्लोर पर मौजूद थी. राज उसे लेकर आया था. राज अनीता को 2ंद फ्लोर पर बने एक 20 फ़ीट स्क्वायर के रूम में छोड़ कर चला गया था.
अनीता बड़ी हैरान थी. राज उसे कुछ भी बता कर नहीं लाया था. राज ने कहा था. वहीँ सब पता चल जायेगा.. अनीता राज से आज तोह मिली थी. अभी उसकी झिझक गई नहीं थी. उसके मैं में आया था, राज उसके साथ कुछ कहीं मस्ती के मूड में तोह नहीं ha.ye सोच कर अनीता के शरीर में अजीब सी तरंगें दौड़ने लगी थी. अजीब से मीठे और लज़्ज़त भरे दर्द में आ गई थी वह. राज के साथ वह आगे बढ़ना भी चाहती, उसे शर्म भी आ रही थी.
वो रूम में कड़ी हुई रूम को देख रही थी. उसी कमरे में मौजूद एक और दूर खुला और दीपिका आती दिखाई दी. दीपिका ब्रा और पंतय में थी. अनीता उसे ब्रा पंतय में देख कर हैरान रह गई.
अनीता दीपिका को देखने लगी तोह दीपिका अनीता को ऊपर से निचे तक. दिल hi दिल में दीपिका अनीता की सुंदरता की तारीफ किये नहीं रह सकीय. सोचने लगी, वर्जिन होते हुए भी कितना मेन्टेन कर रखा है अनीता ने खुद को.
दीपिका वहीँ एक सिंगल सोफे पर बेथ गयी.
भावना ने तोह आरती को एक आईडिया दिए था. पर दीपिका सबसे तेज़ थी. शामे राज की कॉपी थी. उसका दिमाग भी राज से काम नहीं चलता था. अब जब राज के साथ वह खुल गयी थी तोह उसका दिमाग एक खुराफाती दिमाग भी बन गया था. दिमाग का उसे करते हुए उस आईडिया में चेंजिंग लाते हुए बहुत कुछ बदलाव कर दिए था.
अनीता को भी उसी के कहने पर लाया गया था. अनीता को देख कर दीपिका अनीता से बोली.
दीपिका-- मैं हों राज की दीदी दीपिका.. अनीता जान कर खिल उठी. पर उसके मंद में अभी भी दीपिका की ड्रेसिंग को लेके अजीब से प्रश्न उठ रहे थे.
अनीता-- गुड तो सी यू दीपिका.
दीपिका-- पर मुझे आपको देख कर ख़ुशी नहीं हुई.
अनीता परेशान हो गई. उसके दिल में दर्द होने लगा-- क्यों तुम्हे, मुझसे अच्छा नहीं लगा क्या. अनीता की आवाज़ बेथ गई थी. राज की दीदी को वह पसंद नहीं आई थी. उसके दिल को धचका लग गया था.
जिस दूर से दीपिका अंदर आई थी. उसी दूर से भावना, आरती और अंजलि आती दिखाई दी. वह सब भी ब्रा और पंतय में थी. पीछे नंदनी चची और आराधना भी आ रही थी. वह भी ब्रा और पंतय में थी. नंदनी पेट से थी तोह उसे अनीता घोर से देखने लगी.
दीपिका कमरे की दीवार के साथ बच पर रखे सोफे पर बैठी थी. उसके राइट साइड वाली दिवार के साथ आराधना, चची और नंदाई कड़ी हो गई. दूसरी साइड में बह्व्ना, आरती और अंजलि कड़ी हो गई थी.
अनीता और भी हैरान हो गयी सबको यौन खड़े देख कर. उसे कुछ भी समझ नहीं आ रही थी.
दीपिका के बिलकुल सामने कड़ी थी अनीता.
दीपिका ने आरती को देखा-- आरती बोलो क्या कहना चाहती हो तुम.
दीपिका किसी जज के जैसे बोली.
आरती अनीता के साथ जा कड़ी हुई. अनीता पागलों के जैसे मोह फाड़े अनीता को आरती को सबको देखने लगी थी. उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था. ये सब क्या हो रहा था. क्यों हो रहा था, उसे कुछ भी अंदाज़ा नहीं हो रहा था.
आरती-- जज साहिबा, सबसे पहले मैं मिस अनीता जी को सभी का परिचत करवा देना चाहती हों. कहीं अनजाने में hi कोई अपराध न हो जाये. इनका दिल न टूट जाए.
दीपिका हाथ उठा के-- अनुमति है.
आरती अनीता को देखते हुए, जिस का मोह अभी भी खुला हुआ था-- मिस अनीता जी, मैं हों राज की दीदी आरती और उसके होने वाले बच्चू की माँ, वह है भावना राज की दीदी और राज के होने वाले बच्चू की माँ, वह है राज की सबसे बड़ी दीदी अंजलि और राज के होने वाले बच्चू की माँ.
इस साइड जो सबसे पहले कड़ी हाँ, जो बहुत ज़यादा शर्मा रही हाँ वह हाँ राज की माँ आराधना, लवर एंड होने वाली पत्नी. आज hi राज आराधना की मांग भर कर उसे अपनी पत्नी बनाने जा रहा है. इस उम्र में आराधना बच्चे पैदा करने की हिम्मत और ताक़त रखती हाँ तोह राज के बच्चो की माँ भी बन सकती हाँ.
आराधना के साथ कड़ी हाँ मेरी चची रत्न, राज से अभी अभी चूड़ी है. ये बच्चे पैदा करने की स्टेज से गुज़र चुकी हाँ. अब शायद ये राज के बच्चू को जनम न दे सकें. चची के साथ कड़ी हाँ नंदनी दीदी, ये चची की बेटी हाँ. ये मैरिड हाँ पर इनके पेट में जो बच्चा है, वह राज का है.
अनीता जो पहले सबको देख कर हैरान हुई थी. सबका गेटउप देख कर जहाँ उसे शर्म भी आ रही थी. वहीँ ये जान कर उसे ख़ुशी भी हुई थी. यहाँ राज का पूरा परिवार मौजूद है. अब वहीँ ये जान कर उसे झटके लग रहे थे. राज का अपने hi परिवार की महिलाओं के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी था. राज आज की डेट में अपनी माँ से शादी कर रहा था. उसकी माँ उसके बच्चे की माँ बनने जा रही थी. राज की बहने भी राज के बच्चू को जनम देने की छह रखे हुए थी.
आरती ने एक एक करके सबका परिचत कर दिए. सब अनीता को देख रहे थे. जो इतने झटके सहन नहीं कर प् रही थी. सब सुन और जान कर उसके चेहरे का रंग पीला पड़ने लगा था. उसकी आँखों से आंसू बहने लगे थे.
आरती-- जज साहिबा, मेरा सबसे पहला सवाल ये है, राज ने मिस अनीता को चूसे कर के सही नहीं किया है. देखें कैसे मिस अनीता सच जान कर आंसू बहाने लगी हाँ. इतने कमज़ोर दिल वाली महिला मेरे भाई राज की पत्नी नहीं बन सकती. राज जितना बड़ा हरामी है. उस हिसाब से उसकी लाइफ में आने वाली कोई भी नारी कमज़ोर नहीं हो सकती. मिस अनीता ने अभी एक साइड का सच सुना है, और सब जाने बिना hi आंसू बहाने लगी है. मैं ये कहना चाहुगी, मिस अनीता राज से शादी के लिए परफेक्ट नहीं है.
अनीता आंसू बहाना भूल गई. फिरसे बदली सिचुएशन पर उसका मोह खुला का खुला रह गया.
सब उसे hi देख रहे थे.
दीपिका अनीता से-- मिस अनीता, आरती ने जो आरोप आप पर पर लगाया है, उस पर आप
कोई चर्चा करना चाहेंगी.
अनीता को समझ नहीं आ रही थी वो क्या बोले. ये कैसे खेल उसके साथ खेला जा रहा था. अब दीपिका की बात पर वह कैसे अपने विचार पेश करे.
दीपिका-- अगर आप कुछ नहीं कहेंगी तोह आपको राज की लाइफ में एंटर नहीं होने दिए जायेगा.
अनीता-- mm..main क्या कहूं मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा ha.yy.. ये सब क्या है, और क्यों कर रही हाँ आप मेरे साथ.
दीपिका-- वह सब सामने आ जायेगा. आप अपने आरती की बात के बदले अपने विचार पेश करें. क्यों आप को लगता है, आप का राज की लाइफ में एंटर होना बनता है.
अनीता-- mm..main
दीपिका ने हाथ उठा दिए अनीता खामोश हो गई-- अनीता जी आप को कंफ्यूज होने की ज़रूरत नहीं है. आप खुल कर नहीं बोलेंगी तोह अपनी लाइफ के सबसे बड़े लोस्स से सामना करना पद सकता है आपको.
अनीता दर गयी.. nn..nahi मैं सब कहूँगी. राज जो देखा तोह मुझे लगा, राज hi वह लड़का है, जिसके इंतज़ार में मैं थी. पर इसकी आगे को देख कर मैं कन्फ्यूज्ड हो गई. फिर राज ने मुझे एक बड़ी टेंशन से मुक्त किया. मेरे बेहेन की बेटी सोनिआ को अपना प्यार देकर अपने साथ मिलाया तोह राज मेरे दिल में उतरने लगा. राज ने फिर अपने बारे में सब बताया मुझे और मुझसे शादी की बात कर दी. मैं भी राज जैसे hi एक हमसफ़र के लिए बरसों से तड़प रही थी. मैं राज को खुद के लिए फेरफेक्ट समझती हों. राज इस ा ओनली मेल फॉर में इन थिस वर्ल्ड. राज नहीं तोह कोई और भी नहीं.
अनीता खुल कर तेज़ तेज़ बोली तोह सब सुनकर ज़ोर से क्लैपिंग करने लगे.
दीपिका-- order..order..keep साइलेंस.. सब खामोश हो गई. अनीता को भी लग गया था ये सब क्या हो रहा है. अब उसे कुछ हौसला मिल रहा था. हिम्मत की तोह कमी नहीं थी उसमे.
दीपिका ने आरती को देखा तोह वो बोली-- जज साहिबा, मिस अनीता ये बात भी सहन नहीं कर पायी है, राज अपने hi परिवार की महिलाओं के साथ शारीरिक सम्बन्ध रखे हुआ है. इस बात के चलते भी मिस अनीता राज के लिए परफेसी नहीं हाँ.
दीपिका-- जी मिस अनीता, आप मिस आरती की और से लगाए गए इस आरोप कर क्या कहने चाहेंगी.
अनीता-- ये सब गलत है जज साहिबा.. एक मर्द कैसे अपने hi परिवार के साथ शारीरिक सम्बन्ध रख सकता है. ये पाप है, गुनाह है. समाज में इसकी कोई गुंजाइश नहीं है.
दीपिका ने आरती को देखा
आरती-- जज साहिबा-- मिस अनीता यहाँ भी गलत हाँ. क्या राज ने इन्हे ये नहीं बताया था, राज पहले से शादीशुदा है. सिमरन नाम की एक लड़की राज की पत्नी है. राज ने मिस अनीता को ये भी नहीं बता दिए है, राज के कई और लड़कियों से भी सम्बन्ध रह चुके हाँ.
दीपिका ने अनीता को देखा
अनीता-- ऐसा सब तोह चलता hi रहता है. हर दूसरा मर्द अनेक शादियां करता है, कई कई गिर्ल्फ्रेंड्स के साथ उसके अफेयर्स बन जाया करते हाँ. पर इन्सेस्ट के लिए समाज में कोई भी ऑप्शन नहीं है जज साहिबा.
नंदनी आगे बढ़ी तोह बोलने की परमिशन मांगी.. दीपिका ने सर हिला कर उसे बोलने की आज्ञा दी.
नंदनी-- जज साहिबा! मैं मिस अनीता से कहना चाहूंगी, इतने बरसों के इंतज़ार के बाद राज hi उन्हें पसंद क्यों आया. वह कोई ऐसा मर्द भी ढूंढ सकती थी. जो सिर्फ अनीता जी से hi सम्बन्ध रखे. अनीता जी के शिव किसी और की तरफ नज़र उठा कर भी न देखे.
अनीता-- ऐसा आज के ज़माने में मुमकिन नहीं है. बहुत काम ऐसा मर्द देखने सुनने को मिलता है. जो केवल अपनी पत्नी का hi होकर रह सके. मैं भी इसी बात के चलते बरसों बिता चुकी हों. राज hi वह इकलौता मर्द मेरी लाइफ में है. जिसे मेरे शरीर से ज़यादा, मेरी दौलत से ज़यादा मेरे दिल से प्यार है. इसलिए मेरी तलाश राज पर ख़तम हो गई. राज नहीं तोह फिर कोई और भी नहीं.
अनीता भी रंग में आने लगी थी. एक बेस्ट स्पीकर थी वह भी. अपना बिज़नेस चला रही थी वह. कैयो के साथ उसे बात करनी पड़ती थी हर प्रोब का सलूशन उसके पास हुआ करता था. फ़िलहाल वह राज के इन्सेस्ट रिलेशन वाली बात पर दुःख में होने की बजाये अपने लिए डिफेन्स फाइट कर रही थी.
दीपिका के साथ साथ सबकी आँखों में चमक आ गई. अनीता की ये बात खुद अनीता के बहुत से उत्तरो का जवाब था.
अंजलि ने बोलने की अनुमति चाही तोह पेर्मिशन मिलने पर वह बोली-- जुड़गा साहिबा मैं मिस अनीता जी से कहना चाहूंगी. जब बात प्रेम की आ जाती है तोह शरीर की अहमियत रह hi नहीं जाती. अनीता जी ने खुद से कहा है. वह राज के सरे काले करम जानते हुए भी राज की आँखों में हवस नहीं ढूंढ पायी. राज की आँखों में उन्हों ने अपने लिए प्यार और सम्मान hi दिखा था मिस अनीता को.
दीपिका- क्यों मिस अनीता जी.. मिस अंजलि सही कह रही हाँ
अनीता-- जी जज साहिबा.. मिस अंजलि एकदुम्म सही बोल रही हाँ
अंजलि-- तोह मिस अनीता जी, जहाँ शरीर प्रेम न हो, वहां आत्मा प्रेम हो तोह इन्सेस्ट की वलए वहां पर ख़तम हो जाती है. क्या मैंने सही कहा
अंजलि की बात पर अनीता लाजवाब हो गयी. अंजलि की बात का मतलब वह समझ गई थी. घर की सभी महिलाएं एक साथ राज के लिए बोल रही थी. इसका मतलब था, सब मैं से राज के साथ जुडी हुई थी. जहाँ दिल मिले हों, वहां वासना का काम hi कहाँ होता है. वासना तोह आत्मा मिलान के सामने आ hi sakti.raj का अपने परिवार से शारीरिक सम्बन्ध जो वह जान कर सन्नाटे में आ गई थी. दुःख में आ गई थी. अब वह दुःख जाता रहा था.
अनीता-- सही कहा आपने अंजलि जी. मैंने इस एंगल से नहीं सोचा था. शरीर की भी भूक हुआ करती है. पर जहाँ प्रेम हो, सच्चा प्रेम हो. जहाँ हवस न हो. वहां कोई भी कैसे भी रिलेशन क्यों न हो. उस रिलेशन को पाप नहीं बोल सकते. मैं शमा चाहती हों अपने पहले वाले विचारों पर.
अनीता अब पुरे मैं से सब के साथ हो गई थी.
दीपिका-- तोह आप अब राज के अपने hi परिवार के साथ शारीरिक सम्बन्ध पर कोई प्रश्न नहीं उठाना चाहती
अनीता-- जी नहीं जज साहिबा. सबको देख कर, जान कर मुझे बहुत खुली मिली. मुझे अपने चरों और सबकी नज़रों में राज के लिए प्रेम hi प्रेम दिख रहा है.
दीपिका-- एक केस ख़तम हुआ अब आगे की कार्रवाई शुरू की जाए.
अंजलि-- जुड़े साहिबा, हमारे भाई राज ने बिना हमारी प्रेमिशन के मिस अनीता को चूसे किया है. हमें खुद से, अपने हिसाब से मिस अनीता को परखना है. हम देखना है, मिस अनीता हमारे बीच रहने लायक हाँ या नहीं
अनीता अब पुरे पुरे मज़े ले रही थी. सब महिलाएं थी. सब राज से जुडी हुई थी. एक महिला दूसरी महिला के सामने जल्द खुल जाया करती है. अनीता भी खुलने लगी थी. एक बात, उसे इस सरे खेल में बहुत मज़ा आने लगा था. वह जान गई थी, ये सब क्यों हो रहा था. अंदर hi अंदर वह और भी खिलती जा रही थी. बहुत खुसी मिल रही थी उसे राज के परिवार से मिल कर. सब के मस्त लाइफ जेते देख कर.
दीपिका-- तोह मिस अंजलि जी, आप कैसे जांचना चाहेंगी मिस अनीता को.
अंजलि-- मिस अनीता को भी हमारे जैसे गेटउप में आना पड़ेगा. अब हम सब एक हाँ तोह हमारा या मिस अनीता का कुछ भी हमसे छुपा हुआ नहीं चाहिए. मिस अनीता को भी ब्रा पंतय में आना होगा.
अंजलि की बात सुनकर अनीता के चेहरे का रंग उड़ गया. वह अपनी जान से प्यारी बेहेन से शिव कभी किसी और सामने बर पंतय में नहीं आई थी. अनीता नर्वस होने लगी. उसे नहीं लगा था, उसे भी ब्रा पंतय में आना पड़ेगा.
अंजलि की बात पर सब कहने लगी. हाँ हाँ मिस अनीता को भी ब्रा पंतय में आना होगा.
आराधना चची के साथ कड़ी हुई अपनी लाइफ के मस्त मज़े ले रही थी.
चची ने उसे देखा तोह बोली-- आराधना हमने पहले ऐसे मज़े क्यों नहीं लिए. कितना सब अच्छा लग रहा है.
आराधना जो कुछ देर के लिए अपनी शर्म भूल गई थी--- क्या बताओं दीदी, मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा है. अनीता कितनी पायरी है. मेरी बच्चियां सब मिलकर कैसा मनोरंजन कर रही हाँ. सब बहुत अच्छा लग रहा है.
चची ने आराधना की चुकी पकड़ कर दबा दी-- कुछ देर में तेरे भी मज़े लेने वाली हाँ ते बच्चियां.
दीपिका-- तोह अनीता जी, आप कपडे उतर कर ब्रा पंतय में हो जाएँ.