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- Dec 5, 2013
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अपडेट 34
डिस्बेलिएफ एंड इंटरप्रिटेशन
[ Shubham : Woh..Prem…Woh
Prem : Sunayi De Raha Hai…..Behra Nahi Hoon Main !
Shubham : AMAN IS NO MORE !!!!! ]
Ab Aage :
[ *Flashback*
*Around 12 Years Ago *
" Name Kya Hai ?? "
Prem : Prem ! Prem Rajveer Mehra !
Aman : Aadhe Saal Me School Change Kyu Kiya ?
Prem : Kuch Reasons The !
Aman : To Bata ! Bahut Time Hai Apne Pass !
Prem : Wo Pichle School Ke Director Ne Mujhe Thappad Maar Diya Tha !
Aman : Bas Isliye School Change Kar Liya ?
Prem : Nahi ! Ye Baat Mere Papa Ko Pata Chal Gayi Thi ! Unhone Jaakar School Ke Director Ke Haath Hi Tod Diye !
Aman : Bhenchodd !!!
Prem : Dekh…..Mere Saamne Ye Gaali Ka Shabd Mat Bol !
Aman : Konsi Gaali ? Bhai Ye Gaali Nahi Hai….Ye To Ek Emotion Hai ! Din Me 10 Baar Nahi Bolta Hu To Khaana Nahi Pachta Hai Mera !
Prem : But I Don't Like It !
Aman : Abse Tu Mera Benchmate Hai ! Dheere..Dheera Dekhna Tu Khud Bahut Gaaliya Dega !
Prem : No Way !
Aman : Chal Lunch Time Ho Gaya Hai ! Washroom Jaakar aate Hai !
Prem : Hmm !
Prem aur Aman Apni Seat se Khade Ho Jaate Hai . Aman Aage aur Prem Uske Piche Jaa Raha Tha Par Tabhi Tezi Se Daudti Huyi Ek Ladki Ki Bhidant Prem se Hoti Hai aur Dono Halka Sa Takra Jaate Hai . Par Wo Ladki Waha Nahi Rukti Aur Ek Baar Prem Ki Taraf Dekh " Sorry " Bol Waha se Chali Jaati Hai.
Par Prem Wahi Jam Gaya Tha .Uske Dil Ki Dhadkan Apne Aap Tez Ho Chuki Thi aur Uske Kaano Me Apne Aap Usko Swar Sunayi De Rahe The .
" आँखें देखी तो मैं देखता रह गया
जाम दो और दोनों ही दो आतशां
आँखें या मैकदे की ये दो बाब हैं
आँखें इनको कहूँ, या कहूँ ख्वाब हैं "
Prem Wahi Behosh Hokar Niche Gir Jaata Hai .
Aman : AREE…..Isko Kya Hua ?????
***************************************
*6 Years Ago For Now *
Aman : Jee Advanced Ka Result aa Gaya Tera ??
Prem : ( Smiles ) Haan ! IIT Bombay CS Branch To Aaram se Mil Rahi Hai ! AIR 82 !
Aman : Woah ! Congratulations !
Prem : ( Smiles ) Tera Result Kesa Gaya ??
Aman : Nahi Hua ! Fail Ho Gaya !
Prem : Shitt Yaar !
Aman : Koyi Dikkat Nahi Hai ! Jee Mains Me To Mere 99 Percentile Aayi Hai ! IIIT Bangalore Mil Jayega Mujhe , Me To Wahi Jaane Ki Soch Raha Hu !
Prem : Haan To Me Bhi Wahi aa Jata Hu ! Mera Bhi Usme Without a Shadow of Doubt….Ho Jayega !
Aman : Paagal Hai Kya ? IIT Bombay Teri Gaud Me Hai ! Usko Mat Chod !
Prem : ( Smiles ) Laude Bakchodi Mat Kar ! Jaha Bhi Jayege…Saath Me Jayega !
Aman : Paagal Ho Gaya Hai Kya ?? Pichle 2 Saal se Tera Pura Focus I
Aman : ( Smiles ) Chutiya Hai Tu Ek No. Ka !
Prem : ( Smiles ) Aur Tu Mera Lund !
*Flashback Ends* ]
51 Car Baarat Lekar Nikal Rahi Thi Pritampur Jane Ke Liye Parantu Ek Car Pritampur Ki Jagah Jaipur Ke Liye Jaa Rahi Thi Jisme Prem Baitha Hua Tha .
Prem Ke Per Lagataar Halka Halka Hil Rahe The . Uska Apni Beathing Par Control Nahi Tha . Prem Ka Dimaag Ek Dum Sunn Pad Chuka Tha .
Kuch Samay Pehle Usne Jo Suna , Uspar Yakeen Karna Bahut Mushkil Ho Raha Tha Prem Ke Liye .
Car Ki Raftaar Bas Hawa Me Baat Kar Rahi Thi Par Saath Hi Mai Prem Ki Aankho Me Aansu Bhi The .
Prem Car Ko Side Me Rokta Hai .
Prem : ( Disbelief ) AAAHHHHHHHH NAHI…NAHI…NAHI !!!!!!!
प्रेम अंदर से टूट चूका था . आज उसने अपना सबसे ख़ास और ट्रस्टवर्ती आदमी को खो दिया था जो हर वक़्त प्रेम के साथ उसके मुश्किल समय में खड़ा था .
प्रेम अपने आंसू पोछता है और कार वापस स्टार्ट कर जयपुर के लिए निकल जाता है . ,
कुछ घंटे बाद Hi प्रेम जयपुर पहुंच जाता है . प्रेम ने पहले Hi कुछ Hi पल में सरे अर्रंगेमेन्ट्स कर लिए थे मुंबई जाने के .
*3 हॉर्स लेटर *
जहा साहित्य की शादी की बारात पहुंच चुकी थी तो वही प्रेम भी चॉपर से मुंबई पहुंच चूका था . प्रेम ने अपना बैग भी अपने साथ ले लिया था और बिना किसी को बताये मुंबई के लिए रवाना हो गया .
प्रेम मुंबई पहुंचते Hi सीधा सिटी हॉस्पिटल के लिए निकल जाता है . करीब आधे 20 मिनट बाद प्रेम हॉस्पिटल पहुंच जाता है .
ग्राउंड फ्लोर पर Hi प्रेम को शुभम मिल जाता है .
प्रेम : अमन ??
शुभम : उसकी बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए लेकर गए है !
प्रेम : ( डिस्बेलिएफ ) ये सब कैसे हुआ ?
शुभम : जिस गाडी से वो और उसके पेरेंट्स कोर्ट जा रहे थे उसका ट्रक से एक्सीडेंट हो गया था ! लउकीली अमन की बेहेन गरिमा बच गयी ! 1 घंटे पहले Hi उसका ऑपरेशन ख़तम हुआ और िक में शिफ्ट किया है ! वो कोमा में चली गयी अब !
प्रेम : थैंक गॉड She's अलाइव ! अमन के पेरेंट्स ???
शुभम : वो भी नहीं रहे अब !
प्रेम : तुझे ये सब के बारे में कैसे पता चला ??
शुभम : प्रतिभा के थ्रू ! कुछ लोगो ने ये एक्सीडेंट देख एम्बुलेंस बुला ली ! और वह से सीधा ये इस हॉस्पिटल में आ गए और लउकीली प्रतिभा की नज़र अमन पर पद गयी थी ! प्रतिभा नीलम को कॉल करके बताती है और नीलम मुझे !
प्रेम : अमन ने तुझे स्पेशलय कॉल करके बताया था की कोर्ट की हियरिंग आज है ? और बाकी सब चीज़ो के बारे में भी ?
शुभम : मेरे चाचा Hi वह केस लड़ रहे थे अमन के परिवार की तरफ से ! सबूत भी इतने स्ट्रांग थे की पहली हियरिंग में Hi उन लोगो को फ़ासी हो जाती है !
प्रेम : Hmm…I कैन सी What's गोइंग ों हेरे !
शुभम : हमे अमन के किसी रिलेटिव्स को कॉल करके बताना चाहिए !
प्रेम : कोई फायदा नहीं !
शुभम : क्यों ?
प्रेम : अमन ने मुझे बताया था की उसके पेरेंट्स ने भागकर Inter-Caste मैरिज की थी जिसकी वजह से सारे फॅमिली एंड रिलेटिव्स ने उनके साथ नाता Hi तोड़ दिया ! अमन का परिवार बस उसकी बेहेन और उसके पेरेंट्स थे , और कोई नहीं !
शुभम : तो फिर गरिमा ?? उस बेचारी पर क्या बीतेगी ? कुछ दिन पहले Hi उसके साथ इतना दर्दभरा हादसा और अब यह ! कुछ Hi दिनों में उसकी तो पूरी ज़िन्दगी Hi बदल गयी !
प्रेम : अभी तो रात का समय हो चूका है ! रात को थोड़ी कभी Post-Martam होता है ?
शुभम : डॉक्टर से बात हुयी थी ! इनके पास एडवांस टेक्नोलॉजी सेटअप है जिसकी वजह से यह रात के समय भी पोस्टमार्टम कर सकते है ! बूत ओनली टिल 9 पं !
प्रेम वही शुभम के साथ खड़ा हुआ था . चेहरे पर बिना किसी भाव के साथ वो शुभम से बात कर रहा था . प्रेम पर क्या बीत कर रही थी वो अभी प्रेम Hi समझ पा रहा था .
शुभम : में देखकर आता हु की तीनो पोस्टमार्टम हुआ की नहीं !
प्रेम : गरिमा अभी कहा है ? पहले उसको एक बार देख आते है !
शुभम : वो तो अभी कोमा में जा चुकी है ! Don't क्नोव कब वो होश में आएगी ?
प्रेम : उसको बाद में एक प्राइवेट रूम में शिफ्ट कर लेते है ! में हॉस्पिटल बिल्स पाय करके आता हु!
शुभम : बिल्स मेने पाय कर लिए है ! अमन मेरा भी दोस्त था !
प्रेम : थैंक्स ? और पुलिस ?
शुभम : हां एक्सीडेंटल केस रजिस्टर्ड किया है !
*कॉल रिंग्स*
प्रेम अपना मोबाइल पर कॉलर नाम देखता है .
प्रेम : में 2 मिनट आया कॉल अटेंड कर ! जस्ट 2 मिनट्स !
प्रेम शुभम से थोड़ा सा दूर जाकर खड़ा हो जाता है और कॉल पिक करता है .
*ों कॉल*
प्रेम : हाँ बोलिये !
वृंदा : कहा हो ? में कबसे तुम्हे धुंध रही हु !
प्रेम : किसीको बताना मत ! अभी मई मुंबई हु !
वृंदा : क्या ??? क्यों ???
प्रेम : अमन का एक्सीडेंट हो गया है !
वृंदा : अमन ! केसा है अब वह ?
प्रेम : ( डिस्बेलिएफ ) हे इस No मोरे !
वृंदा : ओह माय गॉड !! तुम ठीक तो हो न ?
प्रेम : पता नहीं ! आप किसीको बताना मत की में यहाँ आया हु !
वृंदा : पर यहाँ तुम नहीं दिखोगे तो लोग तो पूछेंगे Hi की तुम कहा हो ?
प्रेम : अभी शादी का माहौल है ! कोई नहीं पूछने वाला ! कल सुबह जल्द आप भी निकल जाना वह से , बोल देंगे की हम साथ में Hi निकले थे सुबह साथ में ! और ज़्यादा कोई पंचायत करे तो बोल देना में वाशरूम में हु ! पेट खराब हो गया है मेरा ! OK ?
वृंदा : ठीक है !
*कॉल कट्स*
प्रेम मोबाइल को जेब में रख लेता है और शुभम के पास चला जाता है . वह से वो दोनों Post-Martam वार्ड में चले जाते है .
*30 मिनट्स लेटर*
पोस्टमार्टम पूरा हो चूका था और हॉस्पिटल्स ने तीनो की बॉडीज शुभम और प्रेम को दे दी थी .
शुभम : ी मैं अब कहा जाना है ?
प्रेम : ( मैं में ) मेरे किसी भी घर पर नहीं लेकर जा सकता अभी तोह !
प्रेम : अमन के घर पर Hi ! कल सुबह शमशान लेकर जायेगे !
शुभम : पर उसके घर पर ताला लगा होगा न ?
प्रेम : मई गेट तोड़ दुगा ! चले अब ! में तीन एम्बुलेंस को साथ में ले लेता हु तीनो को ले जाने के लिए !
शुभम : 3 एम्बुलेंस थोड़ी हॉस्पिटल वाले प्रोवाइड करेंगे ?
प्रेम : भाई मेरा Hi हॉस्पिटल है ! किसीमे दम नहीं मुझे मन करने का !
शुभम : वैसे कल सुबह शमशान नहीं लेकर जा सकते ! उससे पहले फ्यूनरल ऋतुअल्स भी फॉलो करने पड़ते है !
प्रेम : तो जो भी ऋतुअल्स है मुझे घर जाकर बता देना !
शुभम : ठीक है !
*45 मिनट्स लेटर *
प्रेम और शुभम दोनों अमन के घर के अंदर खड़े थे . अमन और उसके पेरेंट्स की बॉडीज को भी वो लेकर आ चुके थे .
प्रेम : लॉक तो टूट चूका है ! मई नया लॉक लेकर आ जाता हु !
शुभम : हाँ ! और सुन ! तू यही है क्या आज ?
प्रेम : हाँ !
शुभम : मेरी बात सुन ! कल फ्यूनरल में भी तो कुछ लोग होने चाहिए !
प्रेम : 6-7 लोगो से ज्यादा नहीं चाहिए ! कुछ कॉलेज फ्रेंड्स थे हमारे वह यही है मुंबई मई ! में उनको बुला लगा ! बाकी तू है , मई हु !
शुभम : हाँ और मेरी वाइफ भी !
प्रेम : हाँ नीलम भी ! 6 लोग तो हो गए !
शुभम : में लॉक लेकर आता हु !
प्रेम : हाँ !
*3 हॉर्स लेटर*
रात का अँधेरा हर तरफ चाय हुआ था . प्रेम भी पुरे घर में अकेला बस घूम रहा था . एक एक कर अपना मैं टहलने के लिए वो सारे रूम्स में घूम रहा था . उसका दिमाग अभी सही जगह नहीं था . हर वक़्त वो बस अपने इमोशंस को कण्ट्रोल में रख रहा था .
प्रेम : ( मैं में ) कुछ तो गलत है ! कोर्ट जाना और तभी एक्सीडेंट हो जाना ! समथिंग इस फिश्य ! इसका पता तो लगाना Hi पड़ेगा !
ऐसे Hi हर जगह घूमते घूमते प्रेम आखिर में गरिमा के रूम में पहुंच जाता है .
ज्यादा बड़ा रूम नहीं था गरिमा का . एक बीएड और एक टेबल चेयर Hi थी उसमे .
प्रेम : ( मैं में ) रूम बहुत ज़्यादा Hi डेकोरेटेड है !
प्रेम रूम के अंदर आ जाता है और उस चेयर पर बेथ जाता है . चेयर के सामने Hi डेस्क था .
प्रेम : ( मैं में ) इस घर में तो मई कई बार आया पर इस रूम में मई कभी नहीं आया !
प्रेम की नज़र डेस्क पर पड़ी एक डेरी पर पड़ती है . प्रेम उसको अपने हाथ में लेता है . उसके कवर पेज पर Hi लिखा था
" DON'T टच थिस विथाउट परमिशन "
प्रेम : इंटरेस्टिंग !
कवर पेज पर ये लिखा देख कर प्रेम का मैं करता है वो डेरी खोल के देखे .
प्रेम डेरी का पहला पेज खोलता है .
" Hi , मेरा नाम गरिमा है ! मई अभी 6तह क्लास में पड़ती हु ! "
प्रेम : ( मैं में ) हम्म फ्रॉम 6तह क्लास !
प्रेम कुछ और पेजेज आगे कर पढ़ने लगता है.
" मुझे डेरी लिखना पसंद है ! क्यों पसंद है वो तो मुझे नहीं पता ! शायद इसलिए क्यूंकि मई ज्यादा लोगो से बात नहीं कर पाती ! अकेलापन ाचा लगता है मुझे ! मुझे नहीं पसंद ज्यादा बाहर रहना या दोस्त बनाना !
प्रेम : ( मैं में ) इंट्रोवर्ट एंड सोशल एंग्जायटी !
" मुझे पुरे दिन इस रूम में रहना ाचा लगता है ! सुबह स्कूल जाओ , वापस स्कूल से आकर मई गेट बांध कर पुरे दिन इस रूम में Hi रहती हु ! मेरे पेरेंट्स ज्यादातर समय हॉस्पिटल में Hi रहते है ! वो दोनों Hi डॉक्टर्स है ! मेरे एक भैया भी है ! उनका नाम अमन है ! पर हमारी ज्यादा बातचीत नहीं होती ! "
" ऐसा नहीं है की हमारे बिच कोई झगड़ा हुआ , परन्तु मुझसे किसीसे भी बातचीत नहीं हो पाती ! लोगो के बिच ाचा नहीं लगता है मुझे ! ऐसा नहीं है की मई किसीसे बात नहीं करती , मेरे 2 फ्रेंड्स भी है ! मिस ब्वॉय जो की मेरी चेयर है और मर पित्त जो की मेरे रूम में रखा हुआ टेबल है ! "
प्रेम : ( मैं में ) ओह ! तो मिस ब्वॉय पर बैठा हुआ हु मई ! डायरी सिम्स लिखे इंटरेस्टिंग !
प्रेम कुछ और पेज स्किप कर आगे पढ़ने लगता है !
" कुछ दिन बाद से मेरे 7तह क्लास के Half-Yearly एग्जाम स्टार्ट होने वाले है ! मेने अपनी साड़ी प्रिपरेशन कर्ली है ! पर दर भी लगता है की अगर मई हर बार की तरह क्लास में फर्स्ट नहीं आयी तो ? ये ख़याल मुझे हर बार आता है जिसकी वजह से मुझे और भी दर लगने लगता है"
प्रेम : ( मैं में ) वर्थिंकिंग !
प्रेम कुछ पेजेज और स्किप करता है .
" आज का मेरा दिन बहुत अजीब था ! आज जब मई अपने रूम से बाहर निकली तो मेरी टक्कर एक लड़के से हुयी ! वो इतना मजबूत था की उससे टकराने के बाद में गिरने Hi वाली थी पर उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे गिरने से बचा लिया था ! में पहली बार किसी लड़के के इतना करीब कभी आयी ! मेरी नज़र उसकी आँखों से नहीं हट रही थी ! कोई इतना हसीं कैसे हो सकता है ? वो सिर्फ हैंडसम Hi नहीं , हसीं था ! इतना की अगर हम दोनों को गुंडे उठा ले तो गुंडे पहले उसको छेड़ेगे ! उसकी वौइस् भी बहुत स्वीट थी ! पता नहीं क्यों पर अभी भी लिखते वक़्त मई ब्लश Hi कर रही हु ! "
प्रेम : ( मैं में ) पहली नज़र का पहला प्यार ! जैसे मुझे प्रतिभा से हुआ !
" पर उसकी हाइट बहुत ज़्यादा थी मुझसे ! वो मेरे भैया का बेस्टफ्रेंड था ! मेने बड़ी हिम्मत करके अपने भैया से उस लड़के का नाम पूछा ! उसका नाम सच मई काफी ाचा था ! मेने फ्लेम्स पर हम दोनों का नाम से हमारा फ्यूचर भी देखा जिसमे गफ आता है ! उसका नाम प्रेम था ! "
इतना पढ़ते Hi प्रेम रुक जाता है और डायरी बांध कर लेता है .
प्रेम : अमन का बेस्टफ्रेंड प्रेम ! हम्म ! इससे आगे न Hi पढ़ा जाए तो बेहतर रहेगा !
प्रेम उस डेरी को वही डेस्क पर रख देता है और रूम से बाहर निकल जाता है .
प्रेम : अभी सिद्धार्थ को कॉल कर देता हु ! वो सुबह अपनी जॉब पर चला जाएगा तो दिक्कत हो जायेगी !
प्रेम सिद्धार्थ को कॉल करता है .
प्रेम : Hello !
साक्षी : Hi प्रेम ! क्या कर रहे हो ?
प्रेम : सीड का मोबाइल अपने पास क्यों रखा है जनाब आपने ?
साक्षी : हुज़ूर हमने फ़ोन नहीं रखा है ! उनका मोबाइल यही घर पर Hi पड़ा था !
प्रेम : सीड कहा गया ?
साक्षी : वो दोनों लेट नाईट कैंडल डेट पर गए है !
प्रेम : मुझे एक जरुरी बात करनी है !
साक्षी : कहो न !
साक्षी : ( मैं में ) में तो कबसे वेट कर रही हु तुम्हारे कहना का !
प्रेम : साक्षी ! अमन का एक्सीडेंट हो गया !
साक्षी : ओह शीट ! केसा है वह अभी ? में अभी आती हु !
प्रेम : हे इस No मोरे !
*साइलेंस*
साक्षी : A..A…Aman ???
प्रेम साक्षी को एक मश्ग सेंड करता है
प्रेम : मेने एक मश्ग सेंड किया है तुम्हारे मोबाइल पर ! देख लेने ! उसमे एड्रेस है ! कल 9 बजे इस एड्रेस पर आ जाना !
साक्षी : तुम कहा हो अभी ?
प्रेम : मई अमन के Hi घर पर , जो लोकेशन तुम्हे सेंड की ! जिस व्हीकल में अमन जा रहा था उसमे अकेला बस वही नहीं था , उसमे उसके पेरेंट्स भी थे और उसकी सिस्टर भी ! अब उसकी सिर्फ सिस्टर Hi अलाइव है जो की अभी हॉस्पिटल में है ! She's इन कोमा !
साक्षी : ओह माय गॉड !
*कॉल कट्स*
प्रेम : ( मैं में ) कॉल क्यों काट दिया इसने ??
प्रेम निचे हॉल में खड़ा था . उसकी नज़र कफ़न में लिपटे अमन पर पड़ती है .
प्रेम धीरे धीरे उसके पास जाता है और उसके पास ज़मीन पर बैठ जाता है .
प्रेम : ( धीरे आवाज़ में ) तू क्यों चला गया रे मुझे छोड़कर ! अब क्या करुगा मई तेरे बिना ! तू मेरे साथ हर वक़्त खड़ा था जब भी मुझे जरुरत थी पर मई कभी तेरे काम आ Hi नहीं पाया !
अमन को देखते देखते प्रेम की आँखे नाम होती जा रही थी . प्रेम अपने इमोशंस को कण्ट्रोल कर रहा था .
शायद वो रोना चाहता था पर वो नहीं रो रहा था . अपने आप को कण्ट्रोल कर रहा था .
प्रेम : ( धीरे आवाज़ में ) तू भी छोड़ के चला गया मुझे ! तूने जितना मेरे लिए किया , काश मई भी तेरे लिए उतना कर पाटा !
प्रेम वह से खड़ा हो जाता है और हॉल में बैठ जाता है . वो अपने आप को बस रोने नहीं देना चाहता था .
प्रेम बस चुपचाप काउच पर बैठे अमन की डेड बॉडी को घूरे जा रहा था .
प्रेम : अगर ये एक्सीडेंट की जगह मर्डर हुआ , तो मई भी नहीं जानता में उस इंसान का क्या हश्र करुगा ! ी होप थिस वास् नॉट ा मर्डर !
प्रेम को न भूख लग रही थी और न Hi नींद आ रही थी . बेचैन हो रहा था वह , पता नहीं किस बात की बेचैनी थी .
*20 मिनट्स लेटर*
प्रेम काउच पर Hi बैठा हुआ था . अपने खयालो में खोया हुआ था . तभी दुर्बल बजती है .
प्रेम : ( मैं में ) इस वक़्त कोण आया होगा ??
प्रेम मैं दूर के पास जाता है और गेट खोलता है .
प्रेम : साक्षी ????????
♡
♡
♡
आज के लिए इतना Hi मित्रो और मित्राणियो ! लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना ! अगर कुछ पूछना हो तो भी बिंदास पूछ लो ! मिलते है अगले हफ्ते तब तक के लिए , चियर्स
डिस्बेलिएफ एंड इंटरप्रिटेशन
[ Shubham : Woh..Prem…Woh
Prem : Sunayi De Raha Hai…..Behra Nahi Hoon Main !
Shubham : AMAN IS NO MORE !!!!! ]
Ab Aage :
[ *Flashback*
*Around 12 Years Ago *
" Name Kya Hai ?? "
Prem : Prem ! Prem Rajveer Mehra !
Aman : Aadhe Saal Me School Change Kyu Kiya ?
Prem : Kuch Reasons The !
Aman : To Bata ! Bahut Time Hai Apne Pass !
Prem : Wo Pichle School Ke Director Ne Mujhe Thappad Maar Diya Tha !
Aman : Bas Isliye School Change Kar Liya ?
Prem : Nahi ! Ye Baat Mere Papa Ko Pata Chal Gayi Thi ! Unhone Jaakar School Ke Director Ke Haath Hi Tod Diye !
Aman : Bhenchodd !!!
Prem : Dekh…..Mere Saamne Ye Gaali Ka Shabd Mat Bol !
Aman : Konsi Gaali ? Bhai Ye Gaali Nahi Hai….Ye To Ek Emotion Hai ! Din Me 10 Baar Nahi Bolta Hu To Khaana Nahi Pachta Hai Mera !
Prem : But I Don't Like It !
Aman : Abse Tu Mera Benchmate Hai ! Dheere..Dheera Dekhna Tu Khud Bahut Gaaliya Dega !
Prem : No Way !
Aman : Chal Lunch Time Ho Gaya Hai ! Washroom Jaakar aate Hai !
Prem : Hmm !
Prem aur Aman Apni Seat se Khade Ho Jaate Hai . Aman Aage aur Prem Uske Piche Jaa Raha Tha Par Tabhi Tezi Se Daudti Huyi Ek Ladki Ki Bhidant Prem se Hoti Hai aur Dono Halka Sa Takra Jaate Hai . Par Wo Ladki Waha Nahi Rukti Aur Ek Baar Prem Ki Taraf Dekh " Sorry " Bol Waha se Chali Jaati Hai.
Par Prem Wahi Jam Gaya Tha .Uske Dil Ki Dhadkan Apne Aap Tez Ho Chuki Thi aur Uske Kaano Me Apne Aap Usko Swar Sunayi De Rahe The .
" आँखें देखी तो मैं देखता रह गया
जाम दो और दोनों ही दो आतशां
आँखें या मैकदे की ये दो बाब हैं
आँखें इनको कहूँ, या कहूँ ख्वाब हैं "
Prem Wahi Behosh Hokar Niche Gir Jaata Hai .
Aman : AREE…..Isko Kya Hua ?????
***************************************
*6 Years Ago For Now *
Aman : Jee Advanced Ka Result aa Gaya Tera ??
Prem : ( Smiles ) Haan ! IIT Bombay CS Branch To Aaram se Mil Rahi Hai ! AIR 82 !
Aman : Woah ! Congratulations !
Prem : ( Smiles ) Tera Result Kesa Gaya ??
Aman : Nahi Hua ! Fail Ho Gaya !
Prem : Shitt Yaar !
Aman : Koyi Dikkat Nahi Hai ! Jee Mains Me To Mere 99 Percentile Aayi Hai ! IIIT Bangalore Mil Jayega Mujhe , Me To Wahi Jaane Ki Soch Raha Hu !
Prem : Haan To Me Bhi Wahi aa Jata Hu ! Mera Bhi Usme Without a Shadow of Doubt….Ho Jayega !
Aman : Paagal Hai Kya ? IIT Bombay Teri Gaud Me Hai ! Usko Mat Chod !
Prem : ( Smiles ) Laude Bakchodi Mat Kar ! Jaha Bhi Jayege…Saath Me Jayega !
Aman : Paagal Ho Gaya Hai Kya ?? Pichle 2 Saal se Tera Pura Focus I
Aman : ( Smiles ) Chutiya Hai Tu Ek No. Ka !
Prem : ( Smiles ) Aur Tu Mera Lund !
*Flashback Ends* ]
51 Car Baarat Lekar Nikal Rahi Thi Pritampur Jane Ke Liye Parantu Ek Car Pritampur Ki Jagah Jaipur Ke Liye Jaa Rahi Thi Jisme Prem Baitha Hua Tha .
Prem Ke Per Lagataar Halka Halka Hil Rahe The . Uska Apni Beathing Par Control Nahi Tha . Prem Ka Dimaag Ek Dum Sunn Pad Chuka Tha .
Kuch Samay Pehle Usne Jo Suna , Uspar Yakeen Karna Bahut Mushkil Ho Raha Tha Prem Ke Liye .
Car Ki Raftaar Bas Hawa Me Baat Kar Rahi Thi Par Saath Hi Mai Prem Ki Aankho Me Aansu Bhi The .
Prem Car Ko Side Me Rokta Hai .
Prem : ( Disbelief ) AAAHHHHHHHH NAHI…NAHI…NAHI !!!!!!!
प्रेम अंदर से टूट चूका था . आज उसने अपना सबसे ख़ास और ट्रस्टवर्ती आदमी को खो दिया था जो हर वक़्त प्रेम के साथ उसके मुश्किल समय में खड़ा था .
प्रेम अपने आंसू पोछता है और कार वापस स्टार्ट कर जयपुर के लिए निकल जाता है . ,
कुछ घंटे बाद Hi प्रेम जयपुर पहुंच जाता है . प्रेम ने पहले Hi कुछ Hi पल में सरे अर्रंगेमेन्ट्स कर लिए थे मुंबई जाने के .
*3 हॉर्स लेटर *
जहा साहित्य की शादी की बारात पहुंच चुकी थी तो वही प्रेम भी चॉपर से मुंबई पहुंच चूका था . प्रेम ने अपना बैग भी अपने साथ ले लिया था और बिना किसी को बताये मुंबई के लिए रवाना हो गया .
प्रेम मुंबई पहुंचते Hi सीधा सिटी हॉस्पिटल के लिए निकल जाता है . करीब आधे 20 मिनट बाद प्रेम हॉस्पिटल पहुंच जाता है .
ग्राउंड फ्लोर पर Hi प्रेम को शुभम मिल जाता है .
प्रेम : अमन ??
शुभम : उसकी बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए लेकर गए है !
प्रेम : ( डिस्बेलिएफ ) ये सब कैसे हुआ ?
शुभम : जिस गाडी से वो और उसके पेरेंट्स कोर्ट जा रहे थे उसका ट्रक से एक्सीडेंट हो गया था ! लउकीली अमन की बेहेन गरिमा बच गयी ! 1 घंटे पहले Hi उसका ऑपरेशन ख़तम हुआ और िक में शिफ्ट किया है ! वो कोमा में चली गयी अब !
प्रेम : थैंक गॉड She's अलाइव ! अमन के पेरेंट्स ???
शुभम : वो भी नहीं रहे अब !
प्रेम : तुझे ये सब के बारे में कैसे पता चला ??
शुभम : प्रतिभा के थ्रू ! कुछ लोगो ने ये एक्सीडेंट देख एम्बुलेंस बुला ली ! और वह से सीधा ये इस हॉस्पिटल में आ गए और लउकीली प्रतिभा की नज़र अमन पर पद गयी थी ! प्रतिभा नीलम को कॉल करके बताती है और नीलम मुझे !
प्रेम : अमन ने तुझे स्पेशलय कॉल करके बताया था की कोर्ट की हियरिंग आज है ? और बाकी सब चीज़ो के बारे में भी ?
शुभम : मेरे चाचा Hi वह केस लड़ रहे थे अमन के परिवार की तरफ से ! सबूत भी इतने स्ट्रांग थे की पहली हियरिंग में Hi उन लोगो को फ़ासी हो जाती है !
प्रेम : Hmm…I कैन सी What's गोइंग ों हेरे !
शुभम : हमे अमन के किसी रिलेटिव्स को कॉल करके बताना चाहिए !
प्रेम : कोई फायदा नहीं !
शुभम : क्यों ?
प्रेम : अमन ने मुझे बताया था की उसके पेरेंट्स ने भागकर Inter-Caste मैरिज की थी जिसकी वजह से सारे फॅमिली एंड रिलेटिव्स ने उनके साथ नाता Hi तोड़ दिया ! अमन का परिवार बस उसकी बेहेन और उसके पेरेंट्स थे , और कोई नहीं !
शुभम : तो फिर गरिमा ?? उस बेचारी पर क्या बीतेगी ? कुछ दिन पहले Hi उसके साथ इतना दर्दभरा हादसा और अब यह ! कुछ Hi दिनों में उसकी तो पूरी ज़िन्दगी Hi बदल गयी !
प्रेम : अभी तो रात का समय हो चूका है ! रात को थोड़ी कभी Post-Martam होता है ?
शुभम : डॉक्टर से बात हुयी थी ! इनके पास एडवांस टेक्नोलॉजी सेटअप है जिसकी वजह से यह रात के समय भी पोस्टमार्टम कर सकते है ! बूत ओनली टिल 9 पं !
प्रेम वही शुभम के साथ खड़ा हुआ था . चेहरे पर बिना किसी भाव के साथ वो शुभम से बात कर रहा था . प्रेम पर क्या बीत कर रही थी वो अभी प्रेम Hi समझ पा रहा था .
शुभम : में देखकर आता हु की तीनो पोस्टमार्टम हुआ की नहीं !
प्रेम : गरिमा अभी कहा है ? पहले उसको एक बार देख आते है !
शुभम : वो तो अभी कोमा में जा चुकी है ! Don't क्नोव कब वो होश में आएगी ?
प्रेम : उसको बाद में एक प्राइवेट रूम में शिफ्ट कर लेते है ! में हॉस्पिटल बिल्स पाय करके आता हु!
शुभम : बिल्स मेने पाय कर लिए है ! अमन मेरा भी दोस्त था !
प्रेम : थैंक्स ? और पुलिस ?
शुभम : हां एक्सीडेंटल केस रजिस्टर्ड किया है !
*कॉल रिंग्स*
प्रेम अपना मोबाइल पर कॉलर नाम देखता है .
प्रेम : में 2 मिनट आया कॉल अटेंड कर ! जस्ट 2 मिनट्स !
प्रेम शुभम से थोड़ा सा दूर जाकर खड़ा हो जाता है और कॉल पिक करता है .
*ों कॉल*
प्रेम : हाँ बोलिये !
वृंदा : कहा हो ? में कबसे तुम्हे धुंध रही हु !
प्रेम : किसीको बताना मत ! अभी मई मुंबई हु !
वृंदा : क्या ??? क्यों ???
प्रेम : अमन का एक्सीडेंट हो गया है !
वृंदा : अमन ! केसा है अब वह ?
प्रेम : ( डिस्बेलिएफ ) हे इस No मोरे !
वृंदा : ओह माय गॉड !! तुम ठीक तो हो न ?
प्रेम : पता नहीं ! आप किसीको बताना मत की में यहाँ आया हु !
वृंदा : पर यहाँ तुम नहीं दिखोगे तो लोग तो पूछेंगे Hi की तुम कहा हो ?
प्रेम : अभी शादी का माहौल है ! कोई नहीं पूछने वाला ! कल सुबह जल्द आप भी निकल जाना वह से , बोल देंगे की हम साथ में Hi निकले थे सुबह साथ में ! और ज़्यादा कोई पंचायत करे तो बोल देना में वाशरूम में हु ! पेट खराब हो गया है मेरा ! OK ?
वृंदा : ठीक है !
*कॉल कट्स*
प्रेम मोबाइल को जेब में रख लेता है और शुभम के पास चला जाता है . वह से वो दोनों Post-Martam वार्ड में चले जाते है .
*30 मिनट्स लेटर*
पोस्टमार्टम पूरा हो चूका था और हॉस्पिटल्स ने तीनो की बॉडीज शुभम और प्रेम को दे दी थी .
शुभम : ी मैं अब कहा जाना है ?
प्रेम : ( मैं में ) मेरे किसी भी घर पर नहीं लेकर जा सकता अभी तोह !
प्रेम : अमन के घर पर Hi ! कल सुबह शमशान लेकर जायेगे !
शुभम : पर उसके घर पर ताला लगा होगा न ?
प्रेम : मई गेट तोड़ दुगा ! चले अब ! में तीन एम्बुलेंस को साथ में ले लेता हु तीनो को ले जाने के लिए !
शुभम : 3 एम्बुलेंस थोड़ी हॉस्पिटल वाले प्रोवाइड करेंगे ?
प्रेम : भाई मेरा Hi हॉस्पिटल है ! किसीमे दम नहीं मुझे मन करने का !
शुभम : वैसे कल सुबह शमशान नहीं लेकर जा सकते ! उससे पहले फ्यूनरल ऋतुअल्स भी फॉलो करने पड़ते है !
प्रेम : तो जो भी ऋतुअल्स है मुझे घर जाकर बता देना !
शुभम : ठीक है !
*45 मिनट्स लेटर *
प्रेम और शुभम दोनों अमन के घर के अंदर खड़े थे . अमन और उसके पेरेंट्स की बॉडीज को भी वो लेकर आ चुके थे .
प्रेम : लॉक तो टूट चूका है ! मई नया लॉक लेकर आ जाता हु !
शुभम : हाँ ! और सुन ! तू यही है क्या आज ?
प्रेम : हाँ !
शुभम : मेरी बात सुन ! कल फ्यूनरल में भी तो कुछ लोग होने चाहिए !
प्रेम : 6-7 लोगो से ज्यादा नहीं चाहिए ! कुछ कॉलेज फ्रेंड्स थे हमारे वह यही है मुंबई मई ! में उनको बुला लगा ! बाकी तू है , मई हु !
शुभम : हाँ और मेरी वाइफ भी !
प्रेम : हाँ नीलम भी ! 6 लोग तो हो गए !
शुभम : में लॉक लेकर आता हु !
प्रेम : हाँ !
*3 हॉर्स लेटर*
रात का अँधेरा हर तरफ चाय हुआ था . प्रेम भी पुरे घर में अकेला बस घूम रहा था . एक एक कर अपना मैं टहलने के लिए वो सारे रूम्स में घूम रहा था . उसका दिमाग अभी सही जगह नहीं था . हर वक़्त वो बस अपने इमोशंस को कण्ट्रोल में रख रहा था .
प्रेम : ( मैं में ) कुछ तो गलत है ! कोर्ट जाना और तभी एक्सीडेंट हो जाना ! समथिंग इस फिश्य ! इसका पता तो लगाना Hi पड़ेगा !
ऐसे Hi हर जगह घूमते घूमते प्रेम आखिर में गरिमा के रूम में पहुंच जाता है .
ज्यादा बड़ा रूम नहीं था गरिमा का . एक बीएड और एक टेबल चेयर Hi थी उसमे .
प्रेम : ( मैं में ) रूम बहुत ज़्यादा Hi डेकोरेटेड है !
प्रेम रूम के अंदर आ जाता है और उस चेयर पर बेथ जाता है . चेयर के सामने Hi डेस्क था .
प्रेम : ( मैं में ) इस घर में तो मई कई बार आया पर इस रूम में मई कभी नहीं आया !
प्रेम की नज़र डेस्क पर पड़ी एक डेरी पर पड़ती है . प्रेम उसको अपने हाथ में लेता है . उसके कवर पेज पर Hi लिखा था
" DON'T टच थिस विथाउट परमिशन "
प्रेम : इंटरेस्टिंग !
कवर पेज पर ये लिखा देख कर प्रेम का मैं करता है वो डेरी खोल के देखे .
प्रेम डेरी का पहला पेज खोलता है .
" Hi , मेरा नाम गरिमा है ! मई अभी 6तह क्लास में पड़ती हु ! "
प्रेम : ( मैं में ) हम्म फ्रॉम 6तह क्लास !
प्रेम कुछ और पेजेज आगे कर पढ़ने लगता है.
" मुझे डेरी लिखना पसंद है ! क्यों पसंद है वो तो मुझे नहीं पता ! शायद इसलिए क्यूंकि मई ज्यादा लोगो से बात नहीं कर पाती ! अकेलापन ाचा लगता है मुझे ! मुझे नहीं पसंद ज्यादा बाहर रहना या दोस्त बनाना !
प्रेम : ( मैं में ) इंट्रोवर्ट एंड सोशल एंग्जायटी !
" मुझे पुरे दिन इस रूम में रहना ाचा लगता है ! सुबह स्कूल जाओ , वापस स्कूल से आकर मई गेट बांध कर पुरे दिन इस रूम में Hi रहती हु ! मेरे पेरेंट्स ज्यादातर समय हॉस्पिटल में Hi रहते है ! वो दोनों Hi डॉक्टर्स है ! मेरे एक भैया भी है ! उनका नाम अमन है ! पर हमारी ज्यादा बातचीत नहीं होती ! "
" ऐसा नहीं है की हमारे बिच कोई झगड़ा हुआ , परन्तु मुझसे किसीसे भी बातचीत नहीं हो पाती ! लोगो के बिच ाचा नहीं लगता है मुझे ! ऐसा नहीं है की मई किसीसे बात नहीं करती , मेरे 2 फ्रेंड्स भी है ! मिस ब्वॉय जो की मेरी चेयर है और मर पित्त जो की मेरे रूम में रखा हुआ टेबल है ! "
प्रेम : ( मैं में ) ओह ! तो मिस ब्वॉय पर बैठा हुआ हु मई ! डायरी सिम्स लिखे इंटरेस्टिंग !
प्रेम कुछ और पेज स्किप कर आगे पढ़ने लगता है !
" कुछ दिन बाद से मेरे 7तह क्लास के Half-Yearly एग्जाम स्टार्ट होने वाले है ! मेने अपनी साड़ी प्रिपरेशन कर्ली है ! पर दर भी लगता है की अगर मई हर बार की तरह क्लास में फर्स्ट नहीं आयी तो ? ये ख़याल मुझे हर बार आता है जिसकी वजह से मुझे और भी दर लगने लगता है"
प्रेम : ( मैं में ) वर्थिंकिंग !
प्रेम कुछ पेजेज और स्किप करता है .
" आज का मेरा दिन बहुत अजीब था ! आज जब मई अपने रूम से बाहर निकली तो मेरी टक्कर एक लड़के से हुयी ! वो इतना मजबूत था की उससे टकराने के बाद में गिरने Hi वाली थी पर उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे गिरने से बचा लिया था ! में पहली बार किसी लड़के के इतना करीब कभी आयी ! मेरी नज़र उसकी आँखों से नहीं हट रही थी ! कोई इतना हसीं कैसे हो सकता है ? वो सिर्फ हैंडसम Hi नहीं , हसीं था ! इतना की अगर हम दोनों को गुंडे उठा ले तो गुंडे पहले उसको छेड़ेगे ! उसकी वौइस् भी बहुत स्वीट थी ! पता नहीं क्यों पर अभी भी लिखते वक़्त मई ब्लश Hi कर रही हु ! "
प्रेम : ( मैं में ) पहली नज़र का पहला प्यार ! जैसे मुझे प्रतिभा से हुआ !
" पर उसकी हाइट बहुत ज़्यादा थी मुझसे ! वो मेरे भैया का बेस्टफ्रेंड था ! मेने बड़ी हिम्मत करके अपने भैया से उस लड़के का नाम पूछा ! उसका नाम सच मई काफी ाचा था ! मेने फ्लेम्स पर हम दोनों का नाम से हमारा फ्यूचर भी देखा जिसमे गफ आता है ! उसका नाम प्रेम था ! "
इतना पढ़ते Hi प्रेम रुक जाता है और डायरी बांध कर लेता है .
प्रेम : अमन का बेस्टफ्रेंड प्रेम ! हम्म ! इससे आगे न Hi पढ़ा जाए तो बेहतर रहेगा !
प्रेम उस डेरी को वही डेस्क पर रख देता है और रूम से बाहर निकल जाता है .
प्रेम : अभी सिद्धार्थ को कॉल कर देता हु ! वो सुबह अपनी जॉब पर चला जाएगा तो दिक्कत हो जायेगी !
प्रेम सिद्धार्थ को कॉल करता है .
प्रेम : Hello !
साक्षी : Hi प्रेम ! क्या कर रहे हो ?
प्रेम : सीड का मोबाइल अपने पास क्यों रखा है जनाब आपने ?
साक्षी : हुज़ूर हमने फ़ोन नहीं रखा है ! उनका मोबाइल यही घर पर Hi पड़ा था !
प्रेम : सीड कहा गया ?
साक्षी : वो दोनों लेट नाईट कैंडल डेट पर गए है !
प्रेम : मुझे एक जरुरी बात करनी है !
साक्षी : कहो न !
साक्षी : ( मैं में ) में तो कबसे वेट कर रही हु तुम्हारे कहना का !
प्रेम : साक्षी ! अमन का एक्सीडेंट हो गया !
साक्षी : ओह शीट ! केसा है वह अभी ? में अभी आती हु !
प्रेम : हे इस No मोरे !
*साइलेंस*
साक्षी : A..A…Aman ???
प्रेम साक्षी को एक मश्ग सेंड करता है
प्रेम : मेने एक मश्ग सेंड किया है तुम्हारे मोबाइल पर ! देख लेने ! उसमे एड्रेस है ! कल 9 बजे इस एड्रेस पर आ जाना !
साक्षी : तुम कहा हो अभी ?
प्रेम : मई अमन के Hi घर पर , जो लोकेशन तुम्हे सेंड की ! जिस व्हीकल में अमन जा रहा था उसमे अकेला बस वही नहीं था , उसमे उसके पेरेंट्स भी थे और उसकी सिस्टर भी ! अब उसकी सिर्फ सिस्टर Hi अलाइव है जो की अभी हॉस्पिटल में है ! She's इन कोमा !
साक्षी : ओह माय गॉड !
*कॉल कट्स*
प्रेम : ( मैं में ) कॉल क्यों काट दिया इसने ??
प्रेम निचे हॉल में खड़ा था . उसकी नज़र कफ़न में लिपटे अमन पर पड़ती है .
प्रेम धीरे धीरे उसके पास जाता है और उसके पास ज़मीन पर बैठ जाता है .
प्रेम : ( धीरे आवाज़ में ) तू क्यों चला गया रे मुझे छोड़कर ! अब क्या करुगा मई तेरे बिना ! तू मेरे साथ हर वक़्त खड़ा था जब भी मुझे जरुरत थी पर मई कभी तेरे काम आ Hi नहीं पाया !
अमन को देखते देखते प्रेम की आँखे नाम होती जा रही थी . प्रेम अपने इमोशंस को कण्ट्रोल कर रहा था .
शायद वो रोना चाहता था पर वो नहीं रो रहा था . अपने आप को कण्ट्रोल कर रहा था .
प्रेम : ( धीरे आवाज़ में ) तू भी छोड़ के चला गया मुझे ! तूने जितना मेरे लिए किया , काश मई भी तेरे लिए उतना कर पाटा !
प्रेम वह से खड़ा हो जाता है और हॉल में बैठ जाता है . वो अपने आप को बस रोने नहीं देना चाहता था .
प्रेम बस चुपचाप काउच पर बैठे अमन की डेड बॉडी को घूरे जा रहा था .
प्रेम : अगर ये एक्सीडेंट की जगह मर्डर हुआ , तो मई भी नहीं जानता में उस इंसान का क्या हश्र करुगा ! ी होप थिस वास् नॉट ा मर्डर !
प्रेम को न भूख लग रही थी और न Hi नींद आ रही थी . बेचैन हो रहा था वह , पता नहीं किस बात की बेचैनी थी .
*20 मिनट्स लेटर*
प्रेम काउच पर Hi बैठा हुआ था . अपने खयालो में खोया हुआ था . तभी दुर्बल बजती है .
प्रेम : ( मैं में ) इस वक़्त कोण आया होगा ??
प्रेम मैं दूर के पास जाता है और गेट खोलता है .
प्रेम : साक्षी ????????
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आज के लिए इतना Hi मित्रो और मित्राणियो ! लिखे करना और अपना रिव्यु देना मत भूलना ! अगर कुछ पूछना हो तो भी बिंदास पूछ लो ! मिलते है अगले हफ्ते तब तक के लिए , चियर्स