Incest कर्ज और फर्ज - एक कश्मकश - SexBaba
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Incest कर्ज और फर्ज - एक कश्मकश

hotaks

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Dec 5, 2013
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सभी लोगों को नमस्कार आज से में एक नया अध्याय लिखने जा रहा हू, ये कहानी मुझे एक यूजर ने ईमेल के जरिये अंग्रेजी में भेजी है और मुझसे निवेदन किया है कि जिस तरह मैने अपनी कहानी प्यार भरा परिवार जितनी सच्चाई से लिखी है। मै इस कहानी को उनकी वास्तिवक पहचान के साथ ही लिखूँ। उनका कहना है कि कहानी में जहाँ चित्रों की जरूरत होगी वो अपने चित्र भी भेजेंगे। फिर शुरुआत करते है एक नये अध्याय की -------

सभी परिवार के अंदर रहकर किशोरावस्था में जवानी आने पर लड़के लड़कियों में एक दूसरे के तरफ कामवासना जागृत होना लाजमी है, ये कामवासना incest सेक्स में कैसे बदल जाती है आप सभी जानते है, लेकिन चालीस की उम्र में पत्नी के होने पर भी incest सेक्स को महसूस करना कोई मजबूरी या जरूरत कैसे बन जाती है ये कहानी इसी पर आधारित है।

कहते है कि बेटा अपने पापा से ज्यादा अपनी मम्मी से प्यार करता है, और बेटी मम्मी सी ज्यादा पापा की लाडली होती है। हर बाप अपनी बेटी को बड़े लाड़ प्यार से परवरिश करता है उसे हर वो चीज देने की कोशिश करता है जिसके लिए उसकी कभी कभी पत्नी भी मना करती है, अपनी बेटी को दुनिया की गंदी नजर से बचाते हुए उसके कोमार्य की सुरक्षित रखने की कोशिश करता है, और एक दिन जब पापा को लगता है कि अब वो अपनी बेटी के कोमार्य की सुरक्षा नही कर सकता तो उसकी शादी करके उसकी विदा कर देता है। आज के समय में परिवार में हर रिश्ता एक दूसरे से किसी ना किसी उम्मीद, आशा, फायदा, या स्वार्थ से बँधा होता है। जैसे पति पत्नी एक दूसरे से मान, सम्मान, पैसा, सेक्स, से बंधे है और बाप अपने बेटे से बड़ा बिजनिस या नौकरी और अपने परिवार के वंश को आगे बढ़ाने के लिए नाती पोतों की उम्मीद से बंधा है। अगर इनमें से कुछ भी कम होता है तो रिश्ते में अनबन शुरु हो जाती है।

लेकिन बेटी को अपनी किसी भी उम्मीद से नही बाँधा है बेटी को अपना फर्ज मानते है। और बेटे को कर्ज ओर वापसी की उम्मीद से रखते है। ये कहानी

पति पत्नी

और

बाप और बेटी के फर्ज और कर्ज के रिश्तों में उलझी हुयी है।

परिचय ---- मेरा नाम अरुण थापा है, मेरी उम्र 40 साल है, मैं पूर्वी भारत के नागालैंड राज्य में एक छोटे से जिले में अपने परिवार के साथ रहता हू। मै सरकारी कॉलेज में हिंदी का प्रोफेसर हू। मेरे परिवार में अभी मेरे साथ मेरी पत्नी कुसुम थापा उम्र 39 साल, बेटी रिंकी थापा उम्र 21 साल, मेरी सास प्रेमा धामी उम्र 59 साल, मेरा साला रिंकू धामी उम्र 24 साल रहते है।

कहते है किस्मत जब खराब हो तो आदमी को राजा से रंक बनने में देर नही लगती, मेरे साथ भी यही हुआ मुझे अपने परिवार को साथ लेकर दिल्ली आना पड़ा। हम सब पूर्वी भारत के रहने वाले है और हमारे चेहरे बहुत बार हमारे दुश्मन बन जाते है।

हमें दिल्ली में आये हुए एक साल हो गया है लेकिन और हम सबकी तरह हिंदी और अंग्रेजी ही बोलते है पर कुछ लोग हमें चीनी, जापानी, नेपाली बोलकर मजाक करते है।

आगे कहानी शुरू करने से पहले मुझे आप लोगों के कॉमेंट, और रेटिंग का इंतजार रहेगा क्योंकि आपके कॉमेंट ही मुझे आगे लिखने के लिए उत्साहित करेंगे।

INDEX ★

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♡ Family Introduction ♡

Update 01Update 02Update 03Update 04Update 05Update 06Update 07Update 08Update 09Update 10Update 11Update 12Update 13Update 14Update 15Update 16Update 17Update 18Update 19Update 20Update 21Update 22Update 23Update 24Update 25Update 26Update 27Update 28Update 29Update 30Update 31Update 32Update 33Update 34Update 35Update 36Update 37Update 38Update 39Update 40Update 41Update 42Update 43Update 44Update 45Update 46Update 47Update 48Update 49Update 50Update 51Update 52Update 53Update 54Update 55Update 56Update 57Update 58Update 59Update 60Update 61Update 62Update 63Update 64Update 65Update 66Update 67Update 68Update 69Update 70Update 71Update 72Update 73Update 74Update 75Update 76Update 77Update 78Update 79Update 80Update 81Update 82Update 83Update 84Update 85Update 86Update 87Update 88Update 89Update 90Update 91Update 92Update 93Update 94Update 95Update 96Update 97Update 98Update 99Update 100update 101update 102update 103update 104update 105update 106update 107update 108update 109update 110update 111update 112update 113update 114update 115update 116update 117update 118update 119update 120update 121update 122update 123update 124update 125update 126update 127update 128update 129update 130update 131update 132update 133update 134update 135Update 136Update 137Update 138Update 139Update 140update 141update 142update 143update 144update 145update 146update 147update 148update 149update 150update 151update 152update 153update 154update 155update 156update 157update 158update 159update 160update 161update 162update 163update 164update 165update 166update 167update 168update 169update 170Update 171update 172update 173update 174update 175update 176update 177update 178update 179update 180update 181update 182update 183update 184update 185update 186update 187update 188update 189update 190update 191update 192update 193update 194update 195update 196update 197update 198update 199update 200
 
अध्याय -----1----- मेरी शादी

मुझे पढाई का शौक शुरु से था, जिससे मुझे एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर की जॉब मिल गयी, मेरे दादाजी अकेले थे, और मेरे पिताजी भी अकेले है, अभी परिवार में मेरे मम्मी पापा और मै ही था। मै दिखने काफी स्मार्ट और हैंडसम हू।

मेरी शुरु से ही लव मैरिज करने की इच्छा थी, एक लड़की पसंद थी पर मै शर्मिला होने के कारण कुछ बोल ही नही पाया। एक दो लड़को के अलावा मेरे कोई खास दोस्त नही है, मेरी उम्र, 32 की हो गयी थी और मेरे दोस्तो की भी शदी हो गयी थी, मेरे रिश्ते तो आते पर कुंडली मिलाने पर बात नही बनती थी। मै मंगली था मतलब कुंडली में दोष था। उम्र बढ़ती जा रही थी मेरे स्टूडेंट की भी शादी हो चुकी थी, मेरे साथ के टीचर मेरा मजाक उड़ाते थे। तभी मेरी एक रिश्तेदार ने एक रिश्ता बताया लड़की वाले गरीब थे पर मम्मी ने हामी भर दी मैने लड़की की बस तस्वीर देखी मुझे पसंद थी। लड़की की उम्र 25 थी मेरी 34 तो मम्मी ने कुंडली नही मिलाई बोल दिया खो गयी है और हमारी शादी आठ में दिन करवा दी। मै बहुत खुश था क्योकि मेरी सुहागरात थी।

आजकल के लड़की लड़को की तो शादी के पहले ही सेक्स हो जाता है इसलिए वो सुहागरात के imprtance को नही समझ सकते। ये वो रात थी जिसका इंतजार मुझे सालों से था मै बहुत ही अंदर से उत्तेजित था बहुत कुछ सोचा था की पत्नी के साथ पहले बातें करूँगा उससे पूछुंगा कि हनीमून पर कहा जाना है, वगैरा वगैरा, फिर सेक्स करूँगा। मै बेडरूम के अंदर गया मेरी पत्नी बेड पर बैठी थी मै गेट बंद करके बेड पर बैठ गया और पत्नी की उँगली को छुआ।

मेरी पत्नी से अपना घूघट हटाते हुए मुझसे रोते हुए बोली अगर आपने मुझे छुआ तो मै जहर खा कर जान दे दूँगी। मैने मन में कहा भोसड़ी का ये क्या फिल्मी ड्रामा है, मैने उसके हाथों की तरफ देखा उसके हाथ में कुछ था। मैने कहा अरे सुनो तो मै कुछ नही करूँगा पर प्रॉब्लम तो बताओ वो बोली मै किसी और की हू और मेरे जिस्म पर उसी का अधिकार है। मैने कहा तो पहले ये बात क्यो नही बताई तो वो बोली मेरे घरवाले ने जबरदस्ती शादी कर दी। मैने कहा अब मै क्या करू वो बोली मुझे उसके पास भेज दो। मैने फिर मन में कहा मादरचोद मेरे इतने पैसें खर्च हो गए शादी पर इसको प्रेमी की पड़ी है।

मैने कहा कौन है तुम्हारा प्रेमी वो बोली मेरे मामा का लड़का है घरवाले बोलते है कि वो मेरा भाई है जबकि मै उसे पति मान चुकी हू। मै सोच में पड़ गया मैने कहा इसको मै घर में नही रख सकता क्योकि ये मुझे सेक्स तो करने नही देगी, और एक दिन ये मेरे पैसें लेकर भागेगी जरूर, और तलाक दिया तो मुझे और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सुबह इसके घरवालो से बात करता हू। पर ये पक्का है कि मेरे पापा के पैसें बर्बाद हो गए। सुबह सब मीटिंग हुई और डिसीजन हुआ कि और हमारा पति पत्नी का रिश्ता खतम हो गया पर हमारे शादी पर जो खर्चा हुआ वो नही मिला। मे और मेरे फैमिली वाले मन मारकर राजी हो गए। इस घटना के बाद मै टूट सा गया और मेरे साथ काम करने वाले और मेरे दोस्त मजाक भी उड़ा दिया करते थे।

मेरी मम्मी मुझ पर दबाब बनाने लगी और परिवार का वंश कैसे चलेगा बोल कर शादी के लिए मुझे फिर से सोचने पर विवश कर दिया करीब दो साल बाद मैने अपनी

जीवनसाथी पर प्रॉफ़िल् बनाकर सर्च किया और मुझे एक विधवा जिसकी उम्र मेरे से दो साल ज्यादा थी, पसंद आई। मैने अपनी मम्मी को बताया थोड़ा ना नुकूर करने के बाद वो मान गयी। मैने तुरंत फोन कर के उनसे बात की फोन किसी लेडी ने उठाया और मै अपनी फैमिली के साथ उनके घर चला गया वो मेरे शहर में ही रहते थे। मै रास्ते भर ये सोचता रहा कि इस बार मै सब सच लड़की से पहले पूछ लूंगा। मै उनके घर पहुँच गया मेरी सास ने दरवाजा खोला और हमें अंदर आने को कहा।

मेरी सास एकदम कसी हुयी गदराये गठीले बदन की है, उनके स्तनों का आकार देखकर मेरी नजर स्तनों से हट नही रही थी, सास के स्तन बड़े कसे हुए और निप्पल बड़े से काले अंगूर के साइज थे जो की उनके ब्लाउज में से नोंकदार चमक रहे थे, सास के स्तन ब्लाउज में समा नही रहे थे, पूरा क्लीवेज साफ दिख रहा था।

तभी मेरी मम्मी बोली अंदर चल बेटा। हम अंदर कुर्सियों पर बैठ गए मै पूरे घर को नजर घुमाकर देख रहा था तभी सामने से मेरे ससुर राजेंद्र धामी और साला रिंकू आकर बैठ गया मेरा साला रिंकू को देखकर मुझे थोड़ा अजीब सा लगा उसकी आँखों में काजल और उसके होठों पर लिपिस्टिक जैसी लालिमा थी, उसका चेहरा लड़की की तरह और बदन चिकना था। वो मुझे बड़ी ही अजीब सी नजर से देख रहा था।

हम लोगों की फैमिली आपस में मिले और राजी थे। पर जिससे मेरी शादी होना थी उससे मेरा मिलना बांकी था। तो मेरी मम्मी बोली प्रेमा जी आप लड़की बुला ले, हालांकि घर छोटा ही था सामने वाले कमरे से दो लड़किया निकली दोनों के चेहरे सुंदर चमक रहे थे।

दो लड़कियों की उम्र बराबर लग रही थी

पर एक छोटी लड़की दरवाजे की पास खड़ी थी।

जिसका चेहरा और शकल बीच वाली से काफी मिल रही थी, मेरी नजर छोटी वाली पर थी, उसका बदन स्लिम और उसके उरोज छोटे टेनिस की बॉल की तरह टाइट थे, उसके नितंब ऊपर नीचे होकर हिल रहे थे। पर मै मन में सोचने लगा काश ये वो होती। तीनों मुझे ही देख रही थी, तभी मेरी सास प्रेमा बोली कुसुम इधर आ कर बैठ जा, ये सुनकर मै समझ गया की ये मेरी होने वाली पत्नी है। कुसुम चेहरे पर ख़ुशी और हंसी थी।

मेरी सास मेरी मम्मी को बताने लगी की कुसुम सब काम कर लेती है बहुत होशियार है वागिरा वगैरा। कुसुम थोड़ी शर्माते हुए मुस्करा रही थी। तभी मेरे ससुर बोले अरुण तुम लोगों को बात करनी हो तो कर लो।मैने तुरंत कहा ये सबसे जरूरी। फिर हम लोग घर के बाहर बरामदे में आ कर बैठ गये। मैने खुद ही शुरुआत कर दी और कुसुम को अपनी कॉलेज की वो लड़की जिससे मै कभी कुछ नही कह पाया से लेकर अपनी पहली शादी की सुहागरात की पूरी कहानी बता दी और आखिर में एक लाइन बोली की मै 38 साल का वर्जिन लड़का हू जिसने आज तक किसी को किस भी नही किया है। ये सुनकर कुसुम जोर से हँस पड़ी। मुझे भी हंसी आ गयी मैने कहा कुसुम अब तुम मुझे कुछ बताना चाहो तो बता सकती हो।

फिर कुसुम ने बोलना शुरू किया ----

जारी है.......

आगे कहानी शुरू करने से पहले मुझे आप लोगों के कॉमेंट, और रेटिंग का इंतजार रहेगा क्योंकि आपके कॉमेंट ही मुझे आगे लिखने के लिए उत्साहित करेंगे।
 
अध्याय --- 2 --- मेरी होने वाली पत्नी कुसुम की पहली शादी से विधवा होने तक की दास्तां

आखिर में एक लाइन बोली की मै 38 साल का वर्जिन लड़का हू जिसने आज तक किसी को किस भी नही किया है। ये सुनकर कुसुम जोर से हँस पड़ी। मुझे भी हंसी आ गयी मैने कहा कुसुम अब तुम मुझे अपनी पहली शादी, विधवा होना और अपनी फैमिली बारे में शुरु से सब कुछ बताना चाहो तो बता सकती हो।

फिर कुसुम ने बोलना शुरू किया ----

मेरे परिवार में मेरे मम्मी, पापा, मेरी तीन बहन, एक भाई और मेरी एक प्यारी बेटी है। मेरे पापा हॉस्पिटल में वार्ड बॉय की पोस्ट पर नौकरी करते है। मेरे पापा ने हम सब को बड़े लाड़ प्यार से पाला है पापा की जो हैसियत थी उससे ज्यादा देने की कोशिश की है और अपना फर्ज निभाया है हम उनका फर्ज का कर्ज कभी नही चुका सकते है।

हमारा घर छोटा सा है जिसमे एक कमरा, किचन और लैट्रिन बाथरूम है। हम लोग का बचपन गरीबी में बीता है मेरी बड़ी दीदी प्रीति जो मुझसे पांच साल बड़ी है मै उनके कपड़े, फिर मुझसे पांच साल छोटी बहन जुली मेरे कपड़े और सबसे छोटा भाई रिंकू जो मुझसे दस साल छोटा है वो जुली के कपड़े पहनकर हम लोग खुश रहते थे।

समय बीतता गया मेरी दीदी प्रीति 23 साल की हो गयी थी और उस ने bsc nursing कर चुकी थी तो पापा ने उसे अपने हॉस्पिटल में नर्स की नौकरी दिलवा दी। मेरी उम्र 18 की होने वाली थी।

एक रात प्रीति दीदी और पापा की रात में ड्यूटी थी और पापा तो वार्ड बॉय थे जो की साफ सफाई करके अपने अन्य वार्ड बॉय के साथ हंसी मजाक करते सो जाते। पर प्रीति दीदी नर्स थी जो की देर रात तक मरीजो की देखभाल करती। रात के चार बजे होंगे और हमारे घर के दरवाजे के खटखटाने की जोर से आवाज आई मेरी छोटी बहन उस समय 🤐साल की और छोटा भाई 🤐 साल का था। हमारे यहा एक ही कमरा था दरवाजे की आवाज सुनकर मै और मम्मी जाग गये और दरवाजे के पास जाकर मम्मी ने आवाज दी कौन है तो पापा बोले मै हू खोलो। मम्मी ने पूछा आप अभी इस समय कैसे आ गए। क्या हुआ प्रीती ठीक है पापा बोले तुम सब सो जाओ सुबह बात करते है, हम सब लेट गए और कमरे की लाइट बंद कर दी पर मम्मी और मुझे नींद नही आ रही थी तो मम्मी ने पापा से धीरे से पूछा क्या हुआ पापा बोले प्रीति की शादी करनी पड़ेगी वो भी जल्दी वो अब जवान हो गयी है इतनी जल्दी मम्मी ने पूछा पहले पूरी बात बताओ पापा फिर बताने लगे। मै मम्मी पापा की सब बाते सुन रही थी।

मै आज हॉस्पिटल की साफ सफाई करने के बाद रात के करीब दो बजे प्रीति बेटी को देखने वार्ड में गया मुझे प्रीति की चिंता थी तो मैने सोचा की बेटी को देख कर आता हू। और मै वार्ड में चला गया पर प्रीति नही मिली। तो मै स्टाफ चैंबर में देखने चले गया। चैंबर में से धीरे धीरे हसने और बातें करने की आवाज आ रही थी तो मैने स्टाफ चैंबर के दरवाजे से हल्के से खोला तो मुझे नंगी टाँगे दिखाई दी टाँगे किसी आदमी की थी तो मेरा माथा ठनका और मैने थोड़ा सा दरवाजा के अंदर सिर डाल कर देखा तो

स्टाफ चैंबर के अंदर एक आदमी और लड़की पूरे निर्वस्त्र नंगे खड़े होकर हँस रहे थे। लड़की की पीठ मेरी तरफ थी तो मम्मी हँसते हुए बोली इसमें ऐसा क्या हो गया डॉक्टर और नर्स होंगे। आप तो सब जानते है और मुझे कितनी बार बता चुके है और ये सब देखने के बाद घर आकर मुझे जोर जोर से किचन में ले जाकर चोदते है। मैने मम्मी के मुह से चोदने वाला शब्द सुनकर चोंक गयी, मुझे मम्मी की चूड़ियों की आवाज सुनाई दी मैने हल्के से उचक कर देखा मम्मी पापा का चड्ढी के अंदर हाथ डालकर लंड सहला रही थी। आप को और मजा लेना चाहिए था। पापा बोले यही सोचकर मै थोड़ा सा और दरवाजे के अंदर आ गया और उस लड़की के बदन को गौर से देखने लगा। उसके चिकने गोरे गोरे, मोटे मोटे नितंबो के बीच की घाटी देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर वो दोनों थोड़े फुसफुसाए मैने ध्यान से सुना वो आदमी उस लड़की से कह रहा था की मेरा लंड चुसो पर वो मना कर रही थी। लड़की बार बार कह रही थी सर आप दो बार चोद चुके हो अब आपका लंड चूसने से भी खड़ा नही होगा पर वो आदमी जिद कर रहा था। और फिर लड़की उस आदमी के लंड को पकड़ कर सहलाने लगी। वो आदमी फिर बोला करो ना एक बार फिर से। और वो लड़की होंठो को चूमते और वो लड़की होंठो को चूमते हुए पलटी और अपनी सफेद केप्री (नर्स की ड्रेस) उठा कर पहनकर कुर्सी पर बैठ गयी और उस आदमी लंड पकड़कर बड़े प्यार से सहलाते हुए चूसने लगी।

ये देखकर मेरी आँखे फटी रह गयी। क्योकि वो लड़की मेरी सगी 23 साल की बड़ी बेटी प्रीति पूरी नंगी होकर जोर जोर से बड़े ही प्यार से मेरी आँखों के सामने लंड चूस रही थी। ये सुनकर मेरे और मेरी मम्मी दोनों के होश उड़ गए मेरी मम्मी की चूड़ियों की आवाज बंद हो गयी। और पापा की आवाज रुआंशि होकर भारी हो गयी, पापा बोले

मेरी प्यारी बेटी जिसको मै अपने हाथो से कुल्फी खिलाता था और वो बडे प्यार से चाट चाट कर खाती थी वो ही बेटी मेरे सामने लंड चाट रही थी। मेरी प्यारी बेटी जिसके छोटे छोटे उभारो को निकलने पर मैने तुमसे कह था कि अब इसे अच्छी और महंगी वाली ब्रा खरीद कर पहनने को बोलो क्योकि कोई भी मेरी बेटी की निकलते हुए उभारो को ना देखे मेरी उसी प्यारी सी बेटी के बड़े बड़े कसे हुए दूधों को मैने अपनी नंगी आँखों से देखा। मेरी फूल सी बेटी जिसका बदन को ढकने के लिए मैने अपनी पत्नी और अपने तन की परवाह नही की उसके यौवन और जिस्म को सबसे छिपाने की कोशिश की वो ही मेरी प्यारी बेटी मेरे आँखों के सामने पूरी नंगी होकर बैठी थी। और अपने जिस्म के उस हिस्से को (योनी) दिखा रही थी जिसे जवानी में उसका पति को देखने को अधिकार होता है आखिरकार पापा शांत हो गए उनकी आँखों में आँसू थे।

मम्मी ने पापा से कहा प्रीति को आपने उसी समय क्यो नही डाँट लगाई। तो पाप बोल मै नही चाहता था कि वो जिस हालत में नंगी होकर लंड चूस रही थी वो मुझे देखे और शर्म से कहीं कुछ उल्टा सीधा ना कर ली तो बिना कुछ कहे चुपचाप घर आ गया। और तुम भी उससे कुछ मत कहना। मम्मी ने पूछा पर वो आदमी कौन था तो पापा बोले अभी नया डॉक्टर आया है वो थे।

सुबह आठ बजे प्रीति दीदी घर आई वो बहुत खुश थी, कपड़े बदलते हुए मम्मी से बोलि पापा रात को ही घर क्यो आ गए थे क्या हुआ वो अभि कहा है। मम्मी चुप थी फिर प्रीति दीदी ने मुझसे इशारा किया क्या हुआ मैने कहा कुछ नही दीदी आप सो जाए पूरी रात बहुत मेहनत कर के आई है। दीदी हस्ती हुई एक कामुक अंगड़ाई लेते हुए बिस्तर पर लेट गयी।

दो घंटे बाद पापा आ गये प्रीति को बिस्तर पर देखकर मम्मी से बोल मै अपने बुआ की देवर के बेटे से प्रीति की शादी की बात कर के आया हू। अच्छे लोग है पैसा है प्रीति खुश रहेगी और नौकरी भी कर सकती है वो राजी है। आज ही सगाई है और तीन दिन मै शादी। प्रीति दीदी सब सुन रही थी। दोपहर को प्रीति दीदी को देखने लड़के वाले आये उन्होंने पसंद किया और सगाई कर के चले गए। प्रीति दीदी गुस्से में मुह फुलाये बैठी रही पापा शादी की तैयारियों में लग गए।

शादी वाले दिन की एक रात पहले प्रीति दीदी बोली पापा मुझे शादी नही करनी है मै हॉस्पिटल मै जो नये डॉक्टर है उनसे शादी करना है वो भी तैयार है। पापा बोले उनकी उम्र तुमसे ज्यादा है तुम 23 वो 40 और तलाक शुदा है मैने तुम्हारे लिए ठीक

लड़का चुना है। और यही मेरा फ़र्ज़ है। सब शांत थे।

शादी वाले सुबह एक आदमी आया और प्रीति दीदी को आवाज देने लगा पापा ने उसे देखा और कहा सर आप यहाँ तो वो बोले मै आपकी बेटी से शादी करना चाहता हू पापा भड़क गए पर बोले कुछ नही प्रीति भी आ गयी। पापा टेंसन में थे क्योंकि वो बारात आने वाली थी। तभी मेरे पापा ने अपनी बुआ से बात की बुआ ने कोई बात नही प्रीति की जगह कुसुम की शादी कर दो। मम्मी बोली कुसुम तो 18 की है लड़का 32 का तो बुआ बोली कोई परेशानी नही है सब मान गए और मैंने भी पापा की मजबूरी समझकर हा कर दी, एक ही मंडप पर हम दोनों बहनो की शादी हो गयी और मै ससुराल पहुँच गयी।

मै अपने पापा का फ़र्ज़ समझकर उनका कर्ज उतारने की लिए तैयार थी।

मेरी ससुराल में मेरी पति, सास और ससुर बस तीन लोग ही थे। मै ससुराल मै पहुँचने की बाद मेरी पति कही चले गए मै दिन भर अपनी सास और पाप की बुआ साथ बैठ कर बातें करती रही औरतो का आना जाना लगा था। रात की दस बजे मेरी सास ने कहा बेटी जाँ अपने कमरे में तेरा पति आ गया मै अपने बेडरूम में चली गयी तो मैने देखा मेरे पति शराब के नशे में धुत पड़े थे। मैने दरवाजा बंद किया और बेड पर जाकर बैठ गयी मैने पति को हिलाया पर वो नशे में धुत थे। मै सोचने लगी आज मेरी शादी की पहली रात थी और ये आदमी शराब के नशे में धुत्त पड़ा है, मुझे रोना आ गया। और बेड पर साइड से ऐसे ही कपड़े पहने लेट गयी और मन ही मन सोचने लगी कि मेरी प्रीति दीदी की किस्मत कितनी अच्छी है उन्हें शादी से पहले ही सम्भोग सुख मिला और आज रात तो वो खूब मजे ले रही होगी। ये सोचते हुए मै सो गयी।

सुबह उठी मेरे पति अभी भी सो रहे थे मै नहा धोकर कमरे से बाहर आई मेरी सास किचन में थी और ससुर हॉल में अखबार पड़ रहे थे। सास ने मुझसे कहा बेटी तू आराम कर अभी बाद में तुझे ही करना है। मैने शांत थी सास ने पूछा वो उठा मैने कहा नही तो सास मेरे बेडरूम में पति को जगाने के लिये गयी। और बाहर आकर मेरे ससुर से धीरे बात करने लगी मै किचन में से सब देख रही थी। एक घंटे बाद मेरे पति हॉल में आये तो ससुर बोले बेटा अब तेरी शादी हो गयी है पीना बंद कर दे और बहु को कही घुमाने ले जा। पति चुपचाप सुनता रहा और घर से बाहर चला गया। मै दिन भर कमरे में अकेली सोती जागती रही।

रात के दस बजे फिर पति शराब पीकर सीधा कमरे में आया और मुझसे बोला साली छिनार तुझे लंड चाहिए ले मै आज तुझे देता हू और अपनी पैंट उतारकर नंगा हो गया मै डर के मारे काँप रही थी वो मुझे गाली देते हुए जबरदस्ती करने लगा मै समझ गयी रोकने से कोई मतलब नही है क्युकी आखिर वो मेरा पति है मेने अपनी साड़ी नीचे से उठा दी और पैंटी को उतारकर अपनी टाँगे खोलकर लेट गयी। मेरे पति का लंड ठीक से खड़ा भी नही हो पा रहा था और उसने अपने हाथो से अपने ढीले ढाले लंड को मेरी चूत में डाल दिया जो की ढीले होने की वजह से ठीक से अंदर नही जा रहा था मैने भी थोड़ा हाथ लगाकर अंदर करने की कोशिश की तो थोड़ा सा अंदर गया ही था की पति के लंड ने पानी छोड़ दिया। और वो मेरे ऊपर से हटकर अलग लेटकर सो गया।

मै सोचने लगी आखिर ये हुआ क्या क्योकि मेरी सहेली की भाभी से मेरी सेक्सी बाते कभी कभी हुआ करती थी। और भाभी ने बताया था की पहली बार सेक्स के समय लड़की के दर्द होता है और ब्लड भी नही निकलता है। पर लड़की को मजा बहुत आता है। पर मेरे साथ ऐसा कुछ नही हुआ ना ही दर्द हुआ और ना ही ब्लड निकला मजा तो दूर मुझे सजा सी महसूस हो रही थी। और ये सिलसिला हर दूसरे दिन होने लगा मै सेक्स तो रोज करती थी पर वर्जिन ही थी क्योकि मेरी सील अभी भी नही टूटी थी, मेरे पति का लंड कभी मेरी चूत के अंदर तक गया ही नही बस चूत के मुह को खोल के पानी छिड़क के ढीला हो जाता। मुझे अपने पति के ऐसे सेक्स से बहुत गुस्सा आता था और अपने गुस्से को पी कर शांत रहती। क्योंकि मुझे अपने पापा का फर्ज का कर्ज उतारना था।

"कहते है की भूखा प्यासा आदमी गुस्से में किसी भी हद तक जा सकता है चाहे वो भूख रोटी की हो या सेक्स की"

मेरी हालत भी वैसी हो चुकी थी

एक महीने बाद एक रात मेरे पति शराब के नशे में बोला आज में तेरी गांड मारूंगा। मै उस दिन मैं बहुत गुस्से में थी मैने कहा अबे गांडू पहले ठीक से लंड खड़ा करो साला रोज रोज कपड़े खराब कर देता है। ये सुनकर मेरे पति ने मुझे मारना शुरु किया मैने भी गुस्से में एक लात मारी तो वो बेड से नीचे गिर गया झगड़े की आवाज सुनकर मेरे सास ससुर आ गए। और मेरे पति पर चिल्लाने लगे, मेरे पति ने गुस्से में मेरे ससुर के एक थपड मार दिया। मेरे ससुर सास ने मुझसे कहा बेटी चल यहाँ सी और मेरे पति बिस्तर पर गिर पड़े और बड़बड़ाते हुए सो गए। मेरे ससुर ने मेरे मम्मी पापा को फोन करके सुबह बुला लिया। मेरे पापा को सारी बात बताई और मेरे पापा से हाथ जोड़कर बोल भाई साहब मुझे माफ कर दीजिये मेरा बेटा शराब और नशा कर कर के अपनी लाइफ तो बर्बाद कर चुका है बस आपकी बेटी की ना हो इसलिए आप का जो भी खर्चा हुआ है और उससे भी ज्यादा मै देता हू आप इन दोनों का तलाक करवा दीजिये। मेरी सास ने मेरी मम्मी कुछ इशारा किया। मेरी मम्मी और सास एक कमरे में आ गये मेरी सास ने पूछा बेटी तुम्हारे साथ मेरे बेटे ने ठीक से संभोग किया है क्या मैने ये सुनकर दंग रह गयी मैने कहा हा पर आप ऐसे क्यो पूछ रही हो तो सास बोली क्योकि मै एक औरत हू और जानती की एक शादीशुदा लड़की रूखी सूखी रोटी खा कर जीवन निकाल सकती है पर जब तक उसके जीवन में सेक्स की संतुष्टि

ना हो तो जीवन बेकार है और जब मेरा बेटा नशे की हालत में ठीक से खड़ा नही हो सकता तो वो तुम्हे संभोग सुख नही दे सकता और बिना संभोग के हमारा वंश भी नही बढ़ेगा l इसलिए पूछ रही हू मैने सब सच बता दिया तो मेरी सास बोली ठीक है फिर तुम उसको तलाक दे दो। मेरी मम्मी पापा ने भी हामी भर दी और हमारा तलाक केस file हो गया।

मै अपने घर आ गयी तीन महीने को होने आये थे मेरी mc नही आई थी और तबियत भी थोड़ी खराब हो रही थी मै लेडी डॉक्टर के पास गयी तो वो बोली आप पेट से हो। मैने लेडी डॉक्टर को अपनी संभोग की बात बताई तो वो बोली जरूरी नही है की योनि में लिंग पूरा अंदर जाने पर ही बच्चा हो। गर्भ तो थोड़ा सा वीर्य किसी भी तरह योनि के रास्ते अंदर गरभाष्य में जाना चाहिए तो गर्भ ठेहर सकता है। मै खुश भी थी और दुखी भी। मैने अपनी मम्मी को ये बात बताई तो वो बोली तुझे जो करना है करे कुछ दिनों बाद मेरे पति का एक एक्सीडेंट में मौत हो गयी और मै तलाक मिलने से पहले विधवा हो गई।
 
मैने अपनी मम्मी को ये बात बताई तो वो बोली तुझे जो करना है करे कुछ दिनों बाद मेरे पति का बीमारी से मौत हो गयी और मै तलाक मिलने से पहले विधवा हो गई।

छे महीने बाद मैने एक एक प्यारी सी बेटी को जनम दिया समय बीतता गया मेरी बेटी, मेरा छोटा भाई , और मेरी छोटी थी। मेरे पापा मेरी हालत को देखकर अंदर सी बहुत दुखी और टूट गए थे और उनकी तबियत भी खराब होने लगी थी। मेरी बड़ी दीदी प्रीति और जीजाजी का ट्रांसफर हो गया था।

मै आपको बता चुकी हू हमारे यहा एक ही कमरा था जिसमें सब सोते थे, एक रात मेरी मम्मी मेरे पापा से धीरे धीरे बातें कर रही थी। मम्मी की चूड़ियों की आवाज से मैने थोड़ा सा उचक कर देखा मम्मी उनके चड्ढी के अंदर हाथ डालकर पापा का लंड सहला रही थी और उनसे कह रही थी एक साल होने को आई तुम तो मेरी तरफ ध्यान ही नही देते हो बस हमेशा अपनी बेटी के बारे में सोचते रहते हो चलो किचन में अब मुझसे रहा नही जाता है तभी पापा ने मम्मी का हाथ अपने लंड पर से हटाया और बोले तुमे अपने जिस्म की प्यास बुझाना है बस कभी अपनी बेटी के बारे में सोचो कोई भी लड़की जिसके जिस्म को जब तक कोई मर्द एक बार छू लेता है तो उसको बदन में आग लगती होगी तो वो बेचारी क्या करे। ये सुनकर मम्मी गुस्से में बोली तो मै क्या करू मेरी गलती है क्या जब देखो बेटी का जाप करते हो तो तुम ही उसकी आग शांत कर दो। ये सुनकर पापा को भी थोड़ा गुस्सा आ गया और वो बोले जब तक मै अपनी बेटी की फिर से शादी कर के उसको पति का सुख नही मिल जाता तब तक मै अकेला सोऊंगा और उठ कर अपने बिस्तर लेकर किचन में चले गए। ये सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा मै सोचने लगी मेरी वजह से पापा मम्मी संभोग सुख नही ले पा रहे है।

"पापा के इस फ़र्ज़ का कर्ज मै इस जनम में नही उतार सकती"

अगले दिन से मम्मी बस अब मेरी दोबारा शादी के चक्कर में रिश्तेदारों, समाज के लोगो सी बात करना शुरू कर दी, मेरी मम्मी पापा अक्सर आसपास के शहरों में जाते, छोटी बहन स्कूल चली जाती और मै घर में अकेली रह जाती। पर मुझसे शादी के लिए तो राजी हो जाते पर कोई भी मेरी बेटी को साथ रखने को तैयार नही था।

मेरे स्तनों का साइज 36 है, मेरे स्तन बड़े बड़े, दूध से भरे हुए, टाइट कसे हुए, गोलाकार shape में है। मै अपनी बेटी को दूध पिलाने के कारण अभी ब्रा नही पहनती हू बस ढीले कपड़े वाली मैक्सी, और पापा की पुरानी शर्ट पहनकर घर में रहती हू। मेरे निप्पल बड़े मोटे और चोकलेटी रंग के है मै जब पापा की शर्ट पहनती हू तो मेरे स्तन ऊँचे बड़े गुंबद की तरह बाहर की ओर निकले रहते है और गुंबदो की बीच में एक गली जैसी जगह नजर आती है।

मेरा भाई खेल खेल कर बोर हो गया था और मुझे हिलाते हुए जगाने लगा मेरी आँखे खुल नही पा रही थी। थोड़ी देर बाद वो रोने लगा तो मै घबरा कर उठी और सीने से लगाकर बोली क्या हुआ रिंकू वो बोला नींद आ रही है और मैने अपनी बेटी और छोटे भाई को सीने से चिपका कर सो गयी।

"आज मैने अपने भूख से बिलखते हुए छोटे भाई को दूध पिलाकर शायद अपना फर्ज पुरा किया पर ये कर्ज ये कैसे उतरेगा मुझे नही पता था "

ऐसे ही साल निकलती जा रही थी मेरी और मम्मी दोनों की हालत एक जैसी हो गयी थी दिन तो हमारा आराम से निकल जाता पर रातें काटने मै बहुत मुश्किल होती थी। मेरी तो मजबूरी थी पर मेरी मम्मी को शायद मेरी वजह से पापा का प्यार नही मिल पा रहा था। हम दोनों मम्मी बेटी अपनी अपनी काम वासना में जल रहे थे।

और मेरे पापा भी सिर्फ मेरे खातिर अपनी पत्नी से दूर रहकर अपने आप को सजा देकर अपना फर्ज निभा रहे थे।

मै हमेशा सोचती की पापा के इस फर्ज का कर्ज कैसे चुकाउंगी।

मैंने आगनबाडी में नौकरी कर ली और घर पर सिलाई का काम करने लगी थी। मै अपनी छोटी बहन के कपड़े काट पीट कर अपनी बेटी और छोटे भाई के साइज के बनाकर पहना देती और पापा की शर्ट को काट कर अपने लिए ब्लाउस बना लेती। मेरी सारी सजने सवरने की इच्छा खतम हो रही थी जब कही किसी funtion में जाना होता तो मै अपनी बेटी को makeup करके जरूर सवारति। ये देखकर मेरा छोटा भाई भी जिद करता तो मै उसे भी अपनी बेटी रिंकी की तरह makeup करू मै उसको भी लिपिस्टिक लगाकर रिंकी के ड्रेस पहना कर लड़कियों कि तरह अपने साथ ले जाती अक्सर लोग समझते की मेरा छोटा भाई भी लड़की है।

समय कितनी तेजी से निकलता है पता ही नही चलता है, मेरी बेटी भी जवान हो गयी उसका योंवन उसके बदन पर दिखने लगा उसके छातियो पर उभार आ गए और वो मुझसे सवाल करने लगी जिसका मेरा पास जबाब कम होता। मैने अपनी बेटी को हमेशा अपने पापा की खुशी देने की बाते सिखायी।

कुछ दिन बाद मेरे जीजा और प्रीति दीदी आई जीजा बोले मेरे पापा से मेरी छोटी बहन जुली की शादी के लिए एक रिश्ता है। पापा ने पूरी बात सुने बिना ही कहा अगर मेरी कुसुम के लिए कोई रिश्ता हो तो बताओ तो जीजा बोले ठीक है फिर मै कुसुम की online शादी वाली वेबसाइट पर प्रॉफ़िल् बना देता हू। पर कुसुम से पूछ लो वो राजी है कि नही तो पापा बिना मुझसे बोले वो राजी है। मेरी उम्र 36 की हो गयी थी मेरा मन तो नही था पर मैने पापा का फर्ज का कर्ज उतारने के लिए हामी भर दी। और आपका फोन मेरी दीदी के पास आया आप यहा आये मै आज आपके सामने बैठी हू।

इतना सब बोलने के बाद कुसुम ने एक लंबी सांस ली और चुप हो गई। तभी अंदर से मेरी मम्मी और कुसुम की मम्मी आई और मुझसे कहा बेटा सब कुछ पूछ लिया हो तो अंदर चले। मैने कहा बस एक मिनिट और मैने कुसुम से कहा कुछ और भी हो जो शायद तुम्हे याद ना हो बता दो वो बोली नही सब बता दिया। मैने कहा एक आखिरी बात क्या मै तुम्हे पसंद हू मुझसे शादी अपनी मर्जी और दिल से कर रही हो या पापा की मर्जी से तो वो बोली आप से बातें कर के मै समझ गयी हू कि आप ही वो जिसे मेरी बेटी पापा कहेगी। और आप पापा के साथ साथ मुझे भी दिल से पसंद हो। फिर हम लोग अंदर कमरे में आ गये।

अंदर मै अपनी मम्मी पापा के पास बैठ गया और कुसुम अपनी मम्मी के पास, मेरी मम्मी कुसुम से घर गृहस्थी की बातें करने लगी। मेरे पापा पुराने ख्यालों के है वो कुसुम के पापा से बात करते हुए थोड़ी देर बाद कुसुम के पापा बोले से बोले भाई साहब एक बात पूछना थी की शादी के बाद कुसुम की बेटी की जिम्मेदारी कौन लगा क्योकि वो भी सयानी हो गयी है उसकी शादी वगेरा। कुसुम के परिवार वाले एक दूसरे की शक्ल देखने लगे।

मैने कुसुम की बेटी रिंकी की तरफ देखा वो मेरी तरफ ही बड़े मासूम भरी नजरों से देख रही थी। उसकी आँखों में आँसू से गीली थी उसकी नजर उत्सुक होकर मेरे कुछ कहने का इंतजार कर रही थी। उसके चेहरे पर उदासी और डर दिख रहा था। मुझसे ये सब देखा नही गया और मै अपने पापा को बोला रिंकी मेरे साथ रहेगी अपने मम्मी पापा के घर में और उसकी पूरी जिम्मेदारी मै लेता हू। मै उसको अपनी सगी बेटी की तरह प्यार दूंगा और उसकी आँखों में कभी कोई आँसू नही आने दूंगा उसकी हर खवाइश पूरी करूँगा ये मेरा वादा है। ये सुनकर रिंकी के चेहरे पर ख़ुशी देखकर मै अपने आप लोगो को अपनी हालत बयां नही कर सकता। कुसुम के पापा मेरे आँगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए उनकी आँखों में भी खुशी के आँसू थे, मैने उन्हें बैठने को कहा। सब फिक्स होने वाला ही था तो मेरे मुह से कुंडली मिलाने की बात निकल पड़ी क्योकि मै पिछली बार की तरह कोई रिस्क नही लेना चाहता था। कुसुम की मम्मी ने कुसुम की कुंडली मेरी मम्मी को दे दी और थोड़ी देर बाद हम अपने घर के लिए चल दिये जाते जाते मैने और मेरे मम्मी पापा बोले हमारी तरफ से रिश्ता पक्का है बस कुंडली की फॉर्मलिटी पूरी कर के शादी की तारीख आप को बता देगे। मै, कुसुम, और हमारे परिवार के लोग सभी खुश थे।
 
अध्याय --- 3 --- जनम कुंडली (मेरी जिंदगी की पहली incest feelings) ------

घर में हम सबसे ज्यादा करीब अपनी मम्मी के होते है क्योकि मम्मी ही हमारी हर गलती को नजर अंदाज कर देती है।

इस अध्याय में आप लोगो को मै अपनी जिंदगी की पहली incest feelings बताना चाहता हू कैसे मै एक 35 साल का mature आदर्श वादी, समझदार लड़का जिसकी उसकी पसंद की लड़की से शादी होने वाली है फिर भी मेरे दिल में incest feelings आ रही है।

"क्या ये मेरा फर्ज है या कर्ज"

मेरे मम्मी पापा बोले हमारी तरफ से रिश्ता पक्का है बस कुंडली की फॉर्मलिटी पूरी कर के शादी की तारीख आप को बता देगे। मै, कुसुम, और हमारे परिवार के लोग सभी खुश थे।

मै मम्मी और पापा घर आ गए, रात के आठ बज गए थे, मेरे पापा मुझसे बोले बेटा एक बार फिर सोच लो कुसुम अच्छी लड़की है पर उसकी सयानी बेटी को घर में साथ में रखने में हमे कोई परेशानी नही है पर जब तुम्हारे बच्चे होंगे तो तुम उस फूल सी बच्ची को उतना प्यार दे पाओगे। इतने में मेरी मम्मी बीच में बोल पड़ी आप टेंसन मत लो आराम करो सो जाओ। सुबह गुरु माता के पास कुंडली लेकर चलना है। पापा बोले तुम दोनो जाना क्योकि मै दो तीन दिन के लिए बाहर जा रहा हू। मम्मी फिर बोली आप को कौन जबरदस्ती ले जा रहा है आप को जहाँ जाना है जाओ। मम्मी के डाइलोग सुनकर पापा चुप हो गए और हॉल में बेड पर जाकर लेट गए और tv देखने लगे। मम्मी मुझसे बोली बेटा तुम भी टेंसन मत लो तुम्हारे पापा तो बुढ़े हो गए है उनसे कुछ होता तो है नहीं बस अपनी सलाह देते रहते है। मैने मम्मी से कहा ठीक है गुड नाइट।

मै अपने रूम में आकर लेट गया, मै अपनी मम्मी पापा के बारे में सोचने लगा क्योकि मै जब 18 साल का था तब से मम्मी पापा को प्यार से बातें करते हुए नही देखा है हमेशा मेरी मम्मी पापा से चिडी सी रहती है। पापा मम्मी की खिट खिट से बचने के लिए 10 सालों से हॉल में अकेले सोने लगे है।

मैने एक बार पापा से पूछा था क्योकि मम्मी से पूछने की मेरी हिम्मत नही थी। तो पापा बोले बेटा जब मेरी शादी हुई थी तब मेरी उम्र 33 थी और तेरी मम्मी की 18 और हमारी उम्र में दोगुने का अंतर है। हम दोनों की उम्र का ये अंतर ही हमारे बीच अनबन की वजह है आज तेरी मम्मी 48 मै 68 का हू और वो मुझे बुढा बोलती है जो की मै हू। तो मुझे बुरा नही लगता है।इसलिए हमेशा शादी में लड़के लड़की उम्र में ज्यादा अंतर नही होना चाइये। बांकी जब तेरी शादी हो जायेगी और तू बुढा हो जायेगा तेरी भी यही हालत होगी। तब समझ जायेगा। मै मम्मी पापा के बारे में सोचता हुआ सो गया।

सुबह 8 बजे के करीब मै और मम्मी तैयार होकर निकलने वाले थे। हमारे यहा ज्यादातर मेरी मम्मी की उम्र की औरते हाफ शर्ट और मेडी (long स्कर्ट) जो की पेटीकोट की तरह होता है और एक शाल जो की रुमाल के साइज से थोड़ी बड़ी होती है, पहनती है। मेरी मम्मी भी सफेद हाफ शर्ट और मेडी और ऊपर से एक छोटी सी शाल लेकर चलने के लिए तैयार थी मेरी मम्मी ने अपने बदन को maintain करके रखा था और थोड़ी फैशन भी करती थी जिससे जब भी मै और मम्मी कही बाहर जाते तो लोग मेरी मम्मी को मैरी बड़ी बहन मुझे छोटा भाई समझते थे। तभी मेरे पापा बेचारे बोल पड़े बेटा गाड़ी धीरे चलाना ये सुनकर मम्मी फिर बोल पड़ी नही रॉकेट की तरह चलायेगा आप तो बूढ़े हो गए है आपका तो मुह चलता है बस शरीर का जरूरी अंग तो हिलता भी नही।

मै बोला अब आप लोगो को शांत करने के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा। पापा हँसे और मुझे जाने का इशारा कर के घर के अंदर चले गए।

मै और मम्मी अपनी discover bike पर बैठकर गुरु माता के घर की ओर चल दिये। मैने रास्ते में मम्मी से पूछा आप पापा पर इतना गुस्सा क्यो हो। तो मम्मी बोली जब तेरी शादी कुसुम हो जायेगी और वो दो महीने अपने मायके में रहेगी और तुझे गरम गरम खाना नही मिलेगा तब तुझे पता चलेगा। मुझे हंसी आ गयी थोड़ी देर बाद हम गुरु माता के घर पहुँच गए। गुरु माता 60 साल की एक महिला है जो की बहुत ही ज्ञानी ज्योतिष है, हम बाहर बैठे रहे थोड़ी देर बाद गुरु माता के कमरे में बैठ गये। हमने दीदी को प्रणाम किया उन्हे सब दीदी बोलते है। फिर मम्मी ने दीदी को मेरी और कुसुम की कुंडली दिखाई, दीदी ने पहले कुसुम की कुंडली देखी। कुछ देर देखने के बाद दीदी ने बोलना शुरू किया।

दीदी बोली कुसुम बहुत ही भाग्यशाली लड़की है, इसको घर और ससुराल में सभी प्यार करते है। इसका बचपन जरूर गरीबी में बीता पर इसकी ससुराल पैसे वाली होगी। मै और मम्मी दोनों बहुत खुश होने लगे। इसके बच्चे बड़े संस्कारी और मम्मी पापा को हमेशा ख़ुशी देंगे। कुसुम कभी भी किसी को दुखी नही देख सकती है। फिर दीदी ने कुसुम कि कुंडली के ग्रहों को देखना शुरु किया और बताने लगी इसकी दो शादी के योग है ये सुनकर मै बोला हा दीदी ये सच है अभी इसकी दूसरी शादी मेरे साथ होने वाली है। दीदी ने मेरी तरफ देखा और कहा क्या ये लड़की तुम्हे पसंद है, तुम्हारे बीच संबंध कैसे है। मैने पूछा मतलब तो दीदी बोली इसकी कुंडली में शुक्र ग्रह बहुत हल्का है और उस पर शनि का साया है। मुझे कुछ समझ नही आ रहा था। मैने कहा दीदी में समझा नही। दीदी बोली एक अच्छे ज्योतिष भी एक अच्छे डॉक्टर की तरह कभी भी कोई बात छिपाता नही है।

दीदी बोली शुक्र ग्रह काम वासना का प्रतीक है मतलब इस लड़की की कुंडली में पति का सुख और प्यार नही है मै सोच में पड़ गया। तो मेरी मम्मी बोली दीदी कोई तरीका तो होगा इस दोष को खतम करने का दीदी बोली हाँ ये लड़की रोज पति व्रत पूजा करे तो इसका शुक्र भारी हो सकता है और शनि की छाया हट सकती है और इसे पति के साथ सहवास के दोरान संभोग सुख की प्राप्ति होने लगी। पर ये पूजा नियमित जीवन भर करनी पड़ेगी। और अगर इसने पूजा को शुरू करने के दिन से एक भी दिन छोड़ना नही है चाहे कितनी तबियत खराब हो, घर के बाहर हो या कोई भी समस्या हो पूजा करनी ही पड़ेगी। पूजा से पति का प्यार बढ़ता ही जायेगा और वैसे भी ये पूजा करने में ज्यादा समय नही लगता है।

फिर मेरी मम्मी ने मेरी कुंडली दे दी। दीदी मेरी कुंडली को बहुत ध्यान से देखने के बाद दीदी बोली इसमें ग्रहों की स्थिति बहुत ही खराब है। ज्यादातर ग्रह एक दूसरे के घर में एक साथ बैठे है और एक दूसरे को कष्ट दे रहे है। मम्मी बोली दीदी आप ठीक से बताइये। तो दीदी ने कहा इसका मंगल और शनि एक साथ सातवे घर में है जिससे ये मंगली है और इसकी शादी का योग नही है अगर होगी भी तो बहुत उम्र में और उस पर भी संकट है। ये सुनकर मेरी मम्मी मेरी तरफ देखने लगी उनकी आँखों में आँसू आ गए और वो उठकर कमरे से बाहर चली गयी। मम्मी को मैने रोकने की कोशिश की तो दीदी ने मुझे टोक दिया और बोली अभी जाने दो मै तुम्हे जो बताने वाली हू वो शायद उनके सामने बोलना ठीक नही रहेगा। मैने कहा आप बताइये दीदी।

दीदी बोली तुम्हारा शुक्र और बुध ग्रह एक साथ बैठा है जिससे तुम्हारी सेक्स लाइफ को effect हो रही है। मैने कहा मतलब। दीदी बोली तुम एक से ज्यादा महिला और लड़कियों के साथ संभोग करोगे और एक दिन ऐसा भी होगा की तुम्हारा पुरुष और किन्नर या हिजडा के साथ भी संभोग होगा। जिससे तुम्हारी कुंडली में तुम्हे गुप्त रोग भी होने की स्थिति दिख रही है।

एक कहावत है पाँव के नीचे से जमीन खिसखना पर मेरी तो गांड के नीचे से जमीन खिसक गयी थी।

ये सुनकर

मै टेंसन में आ गया मैने कहा दीदी मेरी उम्र 35 की हो गयी अभि तक मैने किसी लड़की को ठीक से kiss तो छोड़ो छुआ तक नही है और आप एक से ज्यादा लड़कियों की बोल रही हो मुझे अभी तक एक भी नही मिली। ऊपर से पुरुष के साथ संभोग बता रही है। आप से कोई भूल हो रही है। दीदी बोली बेटा मै अपने मन से कुछ नही बता रही हू ये तुम्हारी कुंडली के ग्रह की स्थिति बता रही है। इसमें मै साफ साफ परस्त्री गमन और समान लिंग आकर्षण दिख रहा है।

दीदी ने दोबारा मुझसे मेरी जनम तारीख और समय पूछकर मुझे कंप्यूटर में मेरी कुंडली दिखाते हुए बोली ध्यान से देखो तुम्हारी कुंडली की 6 घर में बुध, शुक्र, राहु एक साथ है।बुध ग्रह बुद्धि, शुक्र ग्रह शक्ति, को दर्शाता है लेकिन राहु इन दोनों के साथ है जो की क्रिया के समय तुम्हारी बुद्धि खराब कर देगा और कामोत्तेजना के समय तुम्हारी बुद्धि काम नही करेगी और किसी के साथ संभोग करने के लिए आतुर हो जाओगे चाहे वो पुरुष ही क्यो ना हो। मै तुम्हारे मम्मी पापा को बहुत सालों से जानती हू वो आकर advise लेते रहे है और मेरी बात अगर झूठी निकली तो मै ये ज्योतिष का काम बंद कर दूँगी। तुम्हारी मर्जी मानो या ना मानो।

तभी मेरी मम्मी वापस आ गयी और दीदी के सामने हाथ जोड़कर बैठ गयी और बोली दीदी आप कोई उपाय बताये मेरे एक ही बेटा है इसकी शादी नही हुयी तो हमारा वंश कैसे चलेगा। दीदी बोली तो आप इसकी कोर्ट मैरिज कर दीजिये क्योकि कोर्ट मैरिज शास्तरो के हिसाब से मान्य नही है पर कानून के हिसाब से ठीक है। शादी की रसम् एक पूजा की तरह होती है तो वो कुंडली के हिसाब से होना मुश्किल है कुछ भी अनहोनी हो सकती है। मेरी मम्मी बोली नही दीदी हम रीति रिवाज से शादी करना चाहते है।

दीदी कुछ देर सोचने की बाद बोली मै आपको एक पूजा करने को बताऊंगी जिसे आप और आपको बेटे को एक साथ करना पड़ेगा और उस पूजा को पूरे विश्वास और लगन के साथ बिना किसी विघ्न के संपन करना है। जिससे इसका मंगल दोष तो मिट जायेगा और शादी में कोई संकट नही होगा।

मैने कहा कैसी पूजा दीदी, तो वो बोली नाड़ी पूजा बच्चे का जब जनम होता है तो अपनी मम्मी के पेट की नाड़ी से उसकी नाड़ी जुड़ी होती है जब डॉक्टर मम्मी और बच्चे की नाड़ी काटते है और बच्चे को मम्मी की नाड़ी सी अलग कर देते है नाड़ी कटने के समय ही सौरमंडल में घूम रहे ग्रहों की स्थिति पर बच्चे की कुंडली में ग्रहों की स्थिति बन जाती है। और नाड़ी कटने का समय ही हकीकत में जनम का समय माना जाता है। मै इस पूजा से आपके बेटे की कुंडली में स्थित शनि और मंगल ग्रह को अलग कर दूँगी जिससे दोनों का असर ठीक हो जाएगा और इसकी शादी में होने वाली रुकावट खतम हो जायेगी। मेरी मम्मी बोली बिना मुझसे पूछे बोली हम तैयार है।

दीदी बोली ठीक है फ़िर मै आपको पूजा का सामान लिखा देती हू और आप चतुर्दशी को अपने घर में सुबह दस बजे मेरा इंतजार करे। अभी आप जाए। मैने कहा दीदी आपकी फीस तो मम्मी मुझ पर चिलायी बेटे दीदी किसी से कोई पैसा नही लेती।

और हम अपने घर की ओर चल दिये, मै और मम्मी दोनों ही शांत थे। मेरे दिमाग में बस गुरु माता की पुरुष के साथ संभोग भी वाली बात सोचकर टेंसन की कारण सिर दर्द होने लगा था। मैने मम्मी को गुरु माता के घर के बाहर थोड़ा रुकने को बोला और मै अकेला वापस गुरु माता के पास आ गया।

मैने दीदी से धीरे से कहा इस पूजा के बाद मेरी राहु, बुध और शुक्र ग्रहों की स्थिति भी ठीक हो जायेगी जो आप मेरी संभोग के बारे में बता रही थी। तो दीदी बोली नही बेटा ये पूजा सिर्फ मंगल और शनि की शांति के लिए है जिससे तुम्हारे विवाह में कोई संकट ना हो। मैने कहा तो आप उसकी भी पूजा करवा दीजिये तो वो बोली सब कुछ इंसान के हाथ में नही होता है जो नियति और किस्मत में है वो होकर ही रहेगा।

हम हमेशा अपने भविष्य और आगे जिंदगी में क्या होने वाला है ये जानने के लिए हमेशा किसी ना किसी ज्योतिष और ज्ञानी के पास जाते है। पर ये नही सोचते है कि भविष्य जानने के बाद उसके बारे में सोचकर अपना present या वर्तमान भी खराब करलेते है l और वो ही सब सोचने लगते है जो हमे उस ज्योतिष और ज्ञानी ने बताया था। हमारा दिल, दिमाग, मन, में वो ही सब चलता रहता है।

"ठीक वैही ही जैसे ये हम जानते है की हम सब को एक ना एक दिन मरना है, लेकिन अगर कोई कह दे कि तीन महीने बाद मरना है तो उस दिन से तीन महीने तक हम रोज हर दिन घुट घुट कर मरते है"

ठीक ऐसी ही हालत मेरी होना शुरू हो गयी थी। मुझे रास्ते में हर आने जाने वाले स्त्री और पुरुष को देखकर वासना भरे विचार आने लगे थे। तभी रास्ते में मुझे एक लगभग बीस साल का लड़का पेशाब करते हुए दिखा ना जाने क्यो मेरे अंदर से उसको देखने की ललक होने लगी मेरी मोटरसाइकल जैसे जैसे उसके करीब पहुँच रही थी मेरी उत्तेजना बढ़ रही थी। मै उससे आगे निकल गया और साइड ग्लास में उसको देखता रहा वो लड़का पेशाब करने के बाद अपना लंड हिलाता हुआ अपनी पेंट में अंदर कर रहा था। मेरा लंड खड़ा होने लगा था। मै आगे निकल गया और आधे घँटे बाद अपने घर पहुँच गए।
 
मै अपने रूम में चला गया और मम्मी हाथ धोकर किचन में खाना बनाने लगी। वो भी टेंशन में थी। मै आँख बंद करके अपने भविष्य के बारे में सोचने लगा आखिर क्या होने वाला है मेरी जिंदगी मेरी। तभी मुझे मम्मी की चीख सुनाई दी मै भाग कर किचन में गया तो देखा कुकर की सीटी निकल गयी थी और पूरे किचन में कुकर में से दाल का गर्म पानी का फ़वारा चल रहा था मेरी मम्मी की छतियो के ऊपर और जांघो के कपड़े पर दाल का गर्म पानी था। मै जल्दी से मम्मी को खींचा और कुकर की सीटी के ऊपर ग्लास उल्टा रखने की कोशिश करने लगा जिससे मेरे हाथ के पंजो और कपड़े भी गर्म दाल के पानी से भीग गये आखिरकार मैने फौरन गैस बंद करके मम्मी को हॉल में लेकर आया। और मै अपने कपड़े उतारते हुए उनसे जोर से बोला मम्मी जल्दी से कपड़े उतारो मुझे और मम्मी दोनों को जलन हो रही थी।

उन्होंने फौरन अपनी शर्ट और मेडी लोंगस्कर्ट उतार दी वो मेरे सामने एक ब्रा लपेटे हुई थी और नीचे टाँगो में पैंटी के अलावा कुछ नही। मैने अपनी मम्मी को इस तरह आज अपनी 35 साल की जिंदगी में पहली बार देखा था। मेरी मम्मी शर्माते हुए धीरेधीरे अपने हाथो से ब्रा को नीचे खिसका रही थी। मम्मी मुझसे नजरे नही मिला रही थी वो नीचे देखते हुए मेरे पास आकर खड़ी हो गयी। मै अपनी मम्मी के चेहरें से नीचे देखना शुरु किया, मेरी मम्मी के ब्रा के बीच में से उनके स्तनों के बीच की खाली जगह दिखाई दे रही थी। मेरी मम्मी के स्तन बड़े बड़े, गोलाकार बड़े आम की तरह लटक रहे थे शायद 36D साइज के होंगे मम्मी के दूधों को बिना ब्रा के मैने आज पहली बार देखा था उनके चोकलेटी निप्पल नोकदार उनके बदन में चमक रहे थे बदन गीला होने की वजह से उनके बदन से दाल की महक आ रहा था। मम्मी के पेट में ऑपरेशन के निशान सीधे उनके पेट के नीचे उनकी योनी की तरफ जाते हुए दिख रहे थे। पैंटी छोटा होने की वजह से बीच से खुल रहा था जिससे मम्मी की चूत काले बालों से छिपी हुई दिख रही थी। मम्मी की मोटी मांसल जांघे काँप रही थी। उन्होंने एक हाथ से अपनी चूत को छिपाने की कोशिश कर रही थी। और दूसरा हाथ मोड़कर अपने स्तनों पर रखे हुए थी। मम्मी को इस रूप में देखकर आखिरकार मेरे जिस्म में आग सी लगने लगी मेरी मम्मी मुझे एक खूबसूरत औरत नजर आ रही थी मै भूलने लगा था की मेरे सामने जो शरम से अपने मादक बदन को छिपाने की कोशीश करने वाली मेरी मम्मी है। मेरे भी गीली चड्ढी में ढके हुए मेरे लंड ने इतराना शुरू कर दिया था मेरा लंड मेरे हाथ में समा नही रहा था वो कपड़े को फाड़कर मेरी मम्मी के जिस्म को छूने के लिए बेचैन हो रहा था।

मै और मम्मी एक दूसरे को देखने लगे और मेरी मम्मी बोली बेटा तेरे कपड़े भी दाल के गर्म पानी से गीले हो गए है तेरे को भी जलन हो रही होगी तू भी अपने बदन पर से कपड़े को उतार दे। अब मै और मम्मी एक दूसरे के सामने निर्वस्त्र थे। हमारे जिस्म एक दूसरे से चिपके हुए थे हमारी मुह और नाक से निकलने वाली हवा एक दूसरे के चेहरे पर महसूस हो रही थी। हमारे होंठ आपस में छुअन महसूस कर रहे थे मम्मी की आँखे बंद हो रही थी। मेरा लंड सीधा खड़ा होकर मम्मी के पैंटी में चमक रही चूत के काले बालों के गुच्छे में रास्ता ढूढ़ रहा था। मम्मी बार बार अपनी टाँगे पीछे कर के मुझसे दूरी बनाना चाह रही थी।

तभी मम्मी बोली बेटा जरा किचन में से घी का डिब्बा उठा ला घी लगाने से जलन नही होगी। मै घी का डिब्बा ले आया हमने घी एक दूसरे के बदन पर लगाना शुरु कर दिया। मैने मम्मी के गर्दन से धीरे धीरे अपने हाथ मम्मी के स्तनों पर रखे तो मम्मी ने एक सिसकी लेकर कहा बेटा आह आह। मम्मी की सिसकी सुनकर मेरा लंड जोर जोर से उफान मारने लगा। मैने मम्मी के दूधों पर घी लगाना शुरू किया और उनके निप्पल को अपने अंगूठे से दबाने लगा। मम्मी की सिसकियों की आवाज तेज होने लगी उनका हाथ मेरे बदन पर घी में डूबे हुए चल रहे थे मम्मी ने मेरी छतियो पर घी लगाते हुए मसलना शुरू कर दिया। दस मिनट तक मै मम्मी के दूधों को दबाते हुए सहलाता रहा। फ़िर मै मम्मी के जांघों पर बैठकर घी लगाने लगा मम्मी की चूत घने काले बालों से छिपी हुई थी। मैने जांघो से ऊपर मम्मी की नितंबो पर घी लगाना शुरू किया मम्मी की नितंब बड़े बड़े बाहर की ओर निकले हुए तरबूज की तरह थे। घी से मेरे पूरे चिकने हो गए थे। जिससे फिसल फिसल कर नितंबो की दरारों में घुस रहे थे। मम्मी की चूत पूरी गीली हो चुकी थी और उसमे से रस रिसने लगा था मैने मम्मी के चूत को हल्के से खोला उसमें से पानी की बूंदे मेरे हाथ पर आ गयी। मम्मी धीरे से बोली नही बेटा और मेरे हाथ पकड़ लिए। मै खड़ा हो गया और मम्मी बैठ गयी वो मेरी जांघो से हाथ फेरते हुए मेरे लंड पर आ गयी मेरा लंड मम्मी के सामने सलामी लगा रहा था। मम्मी अपना मुह मेरी लंड के पास ले जाने का मन कर रही थी पर वो अभी भी शायद संकोच कर रही थी। मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया और बड़े प्यार से देखते हुए उस पर घी मलने लगी। मेरी आँखे बंद होने लगी मम्मी की हाथ की स्पीड बढ़ती जा रही थी करीब पंद्रह मिनट तक मम्मी मेरे लंड, मेरे टट्टो को घी लगाकर मसलते हुए सहलाती रही मुझे ऐसा महसूस होने की वो मेरे लंड को पकड़कर मेरा हस्थमैथुन कर रही हो। मेरे नितंबो में सिकुड़न होने लगी और मेरा लंड का पूरा पानी मम्मी के मुह पर निकल गया। मैने दो मिनट बाद अपनी आँखे खोली मम्मी के चेहरे पर एक ख़ुशी थी और उन्होंने अपने चेहरे पर घी और मेरे वीर्य का लेप लगा लिया था।

तभी दरवाजे की घंटी बजी मेरा मम्मी के मादक जिस्म से ध्यान टूटा और मम्मी ने कहा बाई होगी तुम अपने कमरे में जाओ। बेटा जा नहा लो मै ये सब साफ करती हू।

मैने कहा हाँ। मै अपने कमरे का गेट बंद करने से पहले पीछे देखा मेरी मम्मी नंगी मेरे सामने दरवाजे खोलने जा रही थी। मुझे अंदर से बहुत ही अलग सी खुशी थी। मम्मी ने दरवाजा खोला बाई आ गयी और मम्मी से बोली भाभी क्या हो गया तो मम्मी बोली किचन में दाल निकल गयी कुकर से कपड़े खराब हो गए। बाई ने अपनी झाड़ू उठाई और सफाई करने लगी मम्मी भी नंगी ही बाई के साथ साफ सफाई करने लगी। ये

मेरी जिंदगी की पहली incest सेक्स फीलिंग्स थी।
 
अगले दिन चतुरदशि को सुबह दस बजे दीदी आ गयी हमने उनका हाथ जोड़कर स्वागत किया और हॉल में सोफे पर बैठा दिया दीदी बोली वो पूजा का सामान ले आओ मेरी मम्मी पूरी थाली में पूजा का सामान ले आई।

दीदी ने थाली में से दो सूती पतले कपड़े के अलग अलग टुकड़े जो की एक एक मीटर के थे एक मुझे और एक मेरी मम्मी को देते हुए बोली तुम दोनों नहा कर इन्हे गीले करके अपने बदन पर लपेट कर आ जाओ। मैने कहा दीदी ये कपड़े के टुकड़े बहुत छोटे है तो वो बोली ये सिर्फ बदन पर लपेटने के लिये है और तुम ज्यादा सवाल मत पूछो बेटा समय निकलने में देर नही लगती सभी ग्रहों की स्थिति अभी सीधी है। मैने कहा sorry।

मै और मम्मी अपने रूम में चले गए। मै नहा कर वापस दीदी के पास हॉल में आ गया।

दीदी ने तब तक हॉल के फर्श पर पूजा का सारा सामान रखकर पूरी तैयारी कर ली थी। और कुछ लाल रंग के धागे पकड़कर आँख बंद कर के मंत्र पढ़ रही थी। दीदी ने मुझे देखा और मुझे लकड़ी के पाटा पर खड़ा होने को कहा।

तभी दीदी बोली अब तुम दोनों मम्मी और बेटे मेरी बात ध्यान से सुनकर एक बार फिर से सोच समझकर अपनी हामी देना। पूजा शुरू होने के बाद बीच में छोड़ना गलत होगा। मम्मी बोली जी आप बताये। दीदी बोली एक औरत पूरी जब होती है तब वो माँ बनती है, और औरत का जिस्म शादी के बाद उसका पति और बच्चे के जनम के बाद उसका बच्चा औरत मर्जी से छुता है। और जब औरत के स्तनों को उसका पति स्पर्श करता है तो वो कमातेजित होती और वो ही स्तनों को जब उसका बच्चा छूता है तो उसमे काम भावना नही होती है। स्तनों की छुअन एक जैसी होती है पर भावना अलग। और बच्चे का जनम होता है तो उस समय माँ और बच्चा दोनो ही निर्वस्त्र होता है।

इसलिए तुम दोनों दीदी ने लाल रंग का धागा देकर हमसे बोली इसे एक दूसरे की पेट की बीच में नाभि से बांध कर एक गाँठ लगा दो। मैने धागा लिया और मम्मी के जिस्म पर हाथ लगाया मेरे हाथ काँप रहे थे मै मम्मी के एकदम करीब चिपक गया। मेरी उंगली मम्मी की पेट के बीच नाभि पर टिक गयी। मै मम्मी की नाभि में उंगली फेरने लगा मम्मी की साँसे बहुत तेज चलने लगी मम्मी भी मेरी नाभि में धागे की गाँठ बाँधने की कोशिश कर रही थी।

मैने दीदी की तरफ देखा वो आँख बंद करके कुछ जाप कर रही थी।

तभी दीदी बोली अब समय आ गया है नाड़ी दोष खतम करने का और उन्होंने कुछ जाप किया और हमारी नाभी से बंधे धागे को काट दिया। और हमसे कहा पूजा संपन हुई शादी में कोई परेशानी नही होगी। और अपना बैग उठाकर जाने लगी मै दीदी के पीछे गया दीदी मुड़ी और मम्मी से बोली बेटा हुआ है उसे आज दूध याद से पिला देना।

मै दीदी के पीछे गया दीदी मुड़ी और मम्मी से बोली बेटा हुआ है उसे आज दूध याद से पिला देना। मै दीदी की ये बात सुनकर मुस्करा दिया, मैंने दरवाजा बंद किया और वापस मम्मी के पास आकर बैठ गया। मम्मी और मै एक दूसरे को देख रहे थे हम दोनों सोच में थे दीदी ने बेटे को दूध पिलाने की बात मजाक में बोली थी या ये पूजा की ही कोई आखिरी विधि थी।

"एक कहावत है अक्सर लोग बोलते है कि जब तक बच्चा रोता नही माँ दूध नही पिलाती"

मै इस उम्र में रो तो सकता नही था, मेरी मम्मी को ही अपने आप मेरे मन की बात जानना थी। मम्मी भी शायद ईसी उलझन भरी सोच में थी उनके हाथ उनके वक्ष स्थल पर तो थे पर मन में कुछ संकोच था।

मम्मी का संकोच का कारण क्या हो सकता है मै इसी उलझन को समझने की कोशिश कर रहा था मेरी मम्मी की लिए तो मै आज भी उनका बेटा हू। जिसे उन्होंने अपने स्तनों से चार साल तक दूध पिलाया है। मेरी उम्र तीन साल की हो या पैंतीस की उम्र कम ज्यादा होने से क्या मेरा और मम्मी का रिश्ता बदल गया है। आज अगर मै मम्मी के स्तनों को अपने होंठो से स्पर्श करूँगा तो उनके स्तनों में से फिर दूध की बारिश होगी या कामोतेजांना होगी। मुझे कुछ समझ नही आ रहा था।

मम्मी मुझसे प्यार से बोली बेटा ऐसे क्या देख रहा मै तेरी मम्मी हू जो भी तेरे मन में है मै सब समझ रही हु जो भी तेरे मन में है उसे अपनी जबान पर ला और तू क्या चाहता है मुझे बता दे। मैंने मम्मी से झिझकते हुए कहा दीदी ने बेटे को दूध पिलाने की बात मजाक में बोली थी या ये पूजा की ही कोई आखिरी विधि थी। ये सुनकर मम्मी थोड़ी हंसी और बोली दीदी ने ये मजाक में बोला या पूजा की विधि है इन सब बातों को मत सोचो तुम क्या चाहते हो। मै मम्मी से शर्माते हुए बोला बेटे को दूध पिलाना तो हर मम्मी का फर्ज होता है।

मम्मी हस्ती हुई ओह अब मेरा बेटा मुझे मम्मी का फर्ज बताएगा। मैंने कहा नही मेरा वो मतलब नही था। तो मम्मी बोली बेटा तुम अपने कॉलेज में stdudent को पढ़ाते हो पर में आज तुम्हे में पढ़ाती हू।

ये सच है दुनिया की हर मम्मी का फर्ज अपने बेटे को दूध पिलाना है। तूने कभी सोचा है की माँ अपने बच्चे को ज्यादातर चार साल तक ही दूध क्यो पिलाती है। क्या माँ के स्तनों में चार साल तक ही दूध आता है। मुझे मम्मी की बातों को सुनकर बड़ा मजा आ रहा था मैंने कहा आप ही बताओ। जब तेरी शादी के बाद बच्चा होगा और जब तेरी पत्नी बच्चे को दूध पिलाये तो ध्यान से देखना बच्चा दो साल तक अपनी मम्मी के स्तनों से मुह लगाता है उसकी आँख बंद हो जाती है। मतलब ज्यादातर बच्चे दूध पीते हुए सो जाते है। लेकिन बच्चा तीन से ज्यादा का होता है तब वो दूध पीते हुए स्तनों को अपनी आँख से देखना शुरू कर देता है और वो चार साल का होने पर मम्मी स्तनों से दूध पीना बहुत कम कर देता है बच्चों को स्तनों को सिर्फ देखने, खेलने, बल्कि स्तनों को दबाना, मस्कना, निप्पल को काटना, ज्यादा अच्छा लगता है। और माँ को बच्चे के हाथों से ऐसा करने पर फीलिंग्स बदलने लगती है। और माँ समझ जाती है कि बच्चा बड़ा हो रहा है और स्तनों से दूध पिलाना बंद कर देती है।

अगर तू अभी छोटे बच्चे की तरह अपनी मम्मी के स्तनों से दूध पीना चाहता है तो तुझे में रोकूगी नहीं। क्योकि इस उम्र में मेरे स्तनों में दूध तो आता नही है, फिर चाहे दीदी ने बेटे को दूध पिलाने की बात मजाक में बोली हो या ये पूजा की ही कोई आखिरी विधि हो।

मैंने कहा नही मम्मी ऐसी बात नही है वो दीदी ने बेटे को दूध पिलाने की बात मजाक में बोली होगी। मम्मी बोली ठीक है बेटा पर एक बात मै तुमसे और बोलना चाहती हू। कल जो किचिन में कुकर की सीटी निकल जाने के कारण जो हुआ उसे हम दोनों को भूल जाना चाहिए क्योकि हमारी जैसी मिडिल क्लास फैमिली की औरत जिसका पति जीवित हो, स्वस्थ हो, वो अपने पति के अलावा किसी और के सामने निर्वस्त्र नही होगी चाहे उसका सगा जवान बेटा ही क्यो ना हो। मेरा सबसे बड़ा फर्ज अपने पति के विश्वास को बनाये रखना है। कल हम दोनों की मजबूरी थी। और हम दोनों का निर्वस्त्र होना जरूरी भी था। मैंने कहा मम्मी आप से अच्छी मम्मी इस दुनिया में किसी की नही होगी और मम्मी को गले लगाकर बोला मै अब कॉलेज जा रहा हू । बच्चे इंतजार कर होंगे।

तभी मम्मी मुझसे बोली अपना फोन देना मुझे कुसुम के घरवालो को शादी की तारीख बतानी है। ये सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्की आ गयी। मम्मी ने कुसुम की मम्मी पापा को शाम को हमारे घर बुला लिया और आठ दिन बाद हमारी शादी फिक्स हो गयी। मेरी कुसुम की दिन में फोन पर बात होने लगी थी मेरा मन तो रात को करने होता पर कुसुम बोलती एक ही कमरा है घर में तो रात को बात करने में सबको डिस्ट्रब होगा।

शादी वाला दिन आ गया हमारे यहाँ एक रिवाज है जब घर से बारात निकलती है तो दुल्हा अपनी मम्मी के स्तनों से दूध पीकर निकलता है ये आशीर्वाद माना जाता है। मै भी दूल्हे की ड्रेस बैठा था। औरतो ने मेरी मम्मी से कहा बेटे को दूध पिलाकर बहू लाने का आशीर्वाद दो। मुझे और मम्मी दोनों को शर्म आ रही थी, क्योकि पिछले कुछ दिनों में मेरे और मम्मी के बीच जो हुआ था उससे एक नया रिश्ता बन गया था। तभी एक औरत मेरी मम्मी से बोली अरे कितना देर लगाओगी अब खोल भी दो ब्लाउस तेरा बेटा है जो इतना शर्मा रही हो। मै मम्मी की शर्म से झुकी आँखों में और उनके चेहरे को देख रहा था।

मम्मी के उभार ब्लाउस में कुछ ज्यादा ही बड़े, कसे, हुए नजर आ रहे थे उनका clevage, ब्लाउस में चमक रहा था।

मम्मी ने अपने ब्लाउस के हुक धीरे धीरे खोल दिये, उनके उरोज हल्की नीली ब्रा में समा नही रहे थे। मेरे तन बदन में आग लगने लगी थी। तभी एक औरत मुझसे बोली तू क्या बैठे बैठे देख रहा है मम्मी के दूधो से मुह लगा कर आशीर्वाद ले। मैंने अपना मुह मम्मी के दुधो के ऊपर लगाने से पहले मेरे हाथ अपने आप मम्मी के ब्रा में कैद स्तनों पर चले गए। और मै मम्मी के दुधो को दबाने लगा। अचानक से एक बूढ़ी औरत ने मेरे सर पर एक चांटा मारा और बोली ये क्या कर रहा है। मेरे मुह से निकल गया मै मम्मी के ब्रा हटाकर स्तनों को बाहर निकालकर ही तो दूध पियूँगा। वो बुढी काकी बोली बेटा ब्रा हटाकर अपनी बीबी का दूध पीना। अभी तो सिर्फ मम्मी के ब्रा के ऊपर से स्तनों में मुह लगाकर आशीर्वाद ले ले।ये सुनकर सभी लेडी हँसने लगी।

बारात नाचती गाती हुई कुसुम के घर पहुँच गयी। मै जाकर स्टेज पर बैठ गया थोड़ी देर बाद दुल्हन के रूप में सजी कुसुम चली आ रही थी उसके साथ साथ मेरी साली और बेटी रिंकी भी थी मेरी नजर रिंकी पर थी जो कुसुम की हुबहु कॉपी थी मेरा मन में ना जाने रिंकी के लिए कुछ अलग सी फीलिंग्स हो रही थी। देखते देखते कुसुम आ गयी। हमने एक दूसरे को माला पहनाई और कुर्सियों पर बैठ गए हालांकि ये सब मेरे और कुसुम दोनों के लिए नया नही था। क्योकि हम दोनों ही पहले भी इसी तरह किसी और के लिए दूल्हा और दुल्हन बन चुके थे। शायद इसलिए हमारे फैमिली के रिश्तेदार भी नही आये थे।

आर्केष्ट्रा का कार्यक्रम शुरू हो गया था। गाने हमारी लोकल भाषा में गाए जा रहे थे। थोड़ी देर बाद मेरी साली और होने वाली बेटी रिंकी ने हिंदी गाना "जब मेहंदी लग लग जावे" पर डांस करने लगी। कुसुम बार बार मुझे डांस करने के लिए इशारा कर रही थी। थोड़ी देर बाद मेरा साला रिंकू और उसका दोस्त "सारे लड़को की कर दो शादी बस एक को कुँवारा रखना" डांस करने लगे। मै अपने साले रिंकू का डांस लड़कियों की तरह देखकर मै कुसुम से बोला ये मेरा साला तो बिल्कुल लड़की जैसा नाच रहा है। तो कुसुम बोली मै आपको बताई थी ना हमारी फैमिली में सब लड़कियों के बीच ये छोटा भाई था तो ज्यादतर ऐसे ही लड़कियों के गाने पर डांस सीख गया।

शादी के फेरे का वक़्त आ गया पंडितजी सात वचन दिलवाये। विदा का समय आ गया। तभी अचानक से कुछ किन्नर हिजडा आ गए। और शगुन के पांच हजार रुपए मांगने लगे मेरे पापा ने उन्हें पैसे दिये उनमे से एक हिजडा जो देखने में किसी सेक्सी लड़की जैसा लग रहा था उसके कुर्ते में से उसके बड़े बडे चुचे बाहर निकल रहे थे। उसके चूचे पर टैटू बना हुआ था। उसके चूतड़ छोटे मगर बाहर की ओर निकले हुए थे जिसमें उसकी सलवार गांड में घुसी हुयी थी। वो मेरे और कुसुम को आशीर्वाद देने लगा मुझे तो उसके जिस्म की खुशबू बेचैन कर रही थी। मेरी नजर उसके जिस्म से हट नही रही थी।

कुसुम ने मेरी तरफ देखा और मुझे नोचते हुए बोली बस करो। मुझे हंसी आ गयी मैंने कहा कुसुम ये तो पूरी सेक्सी लड़की की तरह है। इसके आगे तो हेरोइन फ़ैल है। कुसुम चिढ़ते हुए बोली एक काम करिये आप उसको अपने साथ घर ले जाए। मै बाद में आ जाऊंगी। मै हसने लगा। विदा होने लगी रोना धोना शुरू हो गया।

मै और कुसुम गाड़ी में बैठ कर चल दिये मैंने कुसुम से कहा इतना रोने की जरूरत नही थी। वो बोली मुझे बस पापा का चेहरा नही देखा जा रहा था। मैंने कुसुम का हाथ अपने हाथ में लेकर उसको बोला मै आज से तुम्हारे फैमिली में किसी की आँखों में दुख के आँसू नही आने दूंगा। मै उनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करूँगा। मै अपना दामाद का फर्ज निभाऊँगा।
 
अध्याय --- 4 --- हमारा हनीमून ------

मै उनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी करूँगा। मै अपना दामाद का फर्ज निभाऊँगा। कुसुम ने मेरे कंधे पर सर रख लिया। मैंने कुसुम से धीरे से पूछा रिंकी बेटी अभी हमारे साथ क्यो नही आई। कुसुम हस्ते हुए बोली आप पूरे बुधु हो आज हमारी शादी की first nighit है और रिंकी आज की रात हमारे बीच में कबाब की हड्डी नही बनना चाहती थी। मैंने कहा ऐसा रिंकी ने तुमसे बोला। कुसुम बोली हा। मैंने कहा आज कल के बच्चे इतनी छोटी उम्र में बड़े ही समझदार हो जाते है। ऐसे ही बातें करते हुए हम घर पहुँच गए।

मम्मी ने हम दोनों को घर के दरवाजे पर आरती उतारकर अंदर ले आई। मम्मी ने कुसुम को पति व्रत पूजा की किताब देते हुए कहा बेटी इसकी रोज पूजा करना जिससे तुम दोनों पति पत्नी का रिश्ता मजबूत और प्यार से भरा रहेगा। पापा ने कुसुम को आशीर्वाद देते हुए कहा जल्दी से इस घर को बच्चो की किलकारियों से रोशन करो। मै और कुसुम एक दूसरे को देखकर मुस्करा रहे थे। फिर मै नहा धोकर खा पीकर हॉल में सो गया। दोपहर के चार बजे मम्मी ने उठाया और मुझसे बोलि बेटा जा अब थोड़ा बाहर घूम आओ औरते आने वाली है बहू की मुह दिखाई होनी है।

मै अपने दोस्तो को फोन किया और उनके पास चला गया। मेरे दो ही दोस्त है, हम लोग चाय की दुकान पर बैठ कर बातें करने लगे। मेरा एक दोस्त बोला अरुण रात की तैयारी हो गयी मैंने कहा इस बार कोई तैयारी नही सीधा फाइनल होगा। सब हसने लगे। तो दूसरा बोला हनीमून के लिए कहा जा रहे हो। मैंने कहा यार मै मिडिल क्लास फैमिली वाला हू। वैसे भी शादी में बहुत पैसें खर्चा हो गए। इसलिए जो होगा घर में ही होगा। थोड़ी देर बाद मेरा एक दोस्त बोला एक आईडिया है तुम्हारे हनीमून की जुगाड़ हो सकती है। मैंने पूछा क्या। वो बोला तुमे स्टेज पर जो रुपयो के लिफ़ाफ़े मिले थे वो काम आ सकते है और भाभी को अभी मुह दिखाई में रुपए के लिफ़ाफ़े मिलेंगे उन सबको मिलाकर गोवा में दो तीन दिन का हनीमून पैकेज की जुगाड़ आराम से हो जायेगी। मुझे उसका आईडिया ठीक लगा। और एक घंटे गप्पे लगाने के बाद सात बजे घर आ गया।

आप लोगों को याद दिला दू ये मेरी और मेरी पत्नी कुसुम दोनो की ही दूसरी शादी थी और शादी भी सादा सिंपल तरह से हुयी थी और किसी को बुलाया भी नही था क्योकि आप तो जानते ही है रिश्तेदार ताना देते विधवा लड़की और एक बेटी की माँ से शादी कर ली। और हमारे खास रिश्तेदार भी नही आये थे और मैंने बेड रूम को सुहागरात की सेज का तामझाम भी नही किया था। सब औरते जा चुकी थी, मम्मी पापा और कुसुम हॉल में थे।

मै भी हॉल में बैठ गया मम्मी से कहा मुझे स्टेज पर जो लिफ़ाफ़े मिले थे वो कहा है मम्मी बोली क्यो क्या करेगा मैंने कहा उन पैसों से घूमने जाने की सोच रहा हू। तो पापा बोल पड़े बीच में अरुण बेटा तुम्हे जहा जाना हो जाओ पैसे मुझसे ले लो। और वो पैसे से अपनी बहू के लिए मै और तेरी मम्मी कान के लिये सोने की टोक्स बनवाने की सोच रहे है। मै खुश हो गया और पापा से बोला ok sir. फिर हम सब खाना खा पीकर अपने कमरे में चले गए।

मै बेड पर कुसुम का इंतजार कर रहा था, वो मम्मी के कमरे में थी। थोड़ी देर बाद वो आ गयी। कुसुम को देखकर मै मेरी आँखे खुली रह गयी।

कुसुम के आँखों में काजल, होंठो पर डार्क लिपिस्टिक, चेहरे की चमक देखकर कोई ये नही कह सकता की वो एक 18 साल की लड़की की माँ है।

कुसुम को मेरी मम्मी ने एक दुल्हन की तरह सजा दिया था। मै फुर्ती में उठा और कुसुम को पकड़कर बेड पर बिठा दिया और कमरे के बाहर झाँका पापा हॉल में सो रहे थे और मम्मी अपने कमरे शायद सो रही थी। मैंने अपने रूम के दरवाजे बंद किये। और बेड पर कुसुम के पास बैठ गया। और उसका हाथ अपने हाथ में लेकर बोला थैंक्स। मुझे आज अपने आप पर घमंड हो रहा था मैं सोच रहा था मैंने सपने में भी नही सोचा था कि मुझे इतनी खूबसूरत बीवी मिलेगी।

कुसुम बोली क्या हुआ ऐसे क्या सोच रहे हो मुझे चिढ़ाते हुए बोली अगर आपका मन नही हो तो मै सासु मम्मी के साथ सो जाती हू। मैंने कहा अरे मेरी मा ये सासु मम्मी के साथ सोने की रात नही है। और कुसुम को पकड़कर बिस्तर पर लिटा लिया और उसके गालो पर kiss करता हुआ बोला "कल तक जिसके सपने देखें आज वो मेरे साथ है आज मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत रात है।" कुसुम बोली वाह शायरी भी कर लेते है जनाब। मैंने कहा अब आप इजाजत दे तो और बहुत कुछ कर के दिखाऊ। कुसुम बोली मैं तो आपकी हू और अपने आप से क्या इजाजत लेना। मै कुसुम का इशारा समझ गया।

और अपने होंठों को कुसुम के होंठो पर रख दिया। हम एक दूसरे के होंठो को चूमने, चूसने, हल्के से काटने लगे। पांच मिनिट बाद मैंने अपने हाथ कुसुम के उरोजो पर रखकर दबाना शुरू कर दिया कुसुम सिसकिया ले रही थी।

मैंने कुसुम से पूछा तुम खुश हो, वो आँखों की पलके झपकाते हुए बोली हा और कुसुम मेरे सीने से चिपक गयी। मैंने कहा कुसुम एक बात पूछूँ वो एक मादक कामुक अंगड़ाई लेते हुए बोली नही आज आप सौ बात पूछो मैंने कहा तुम अभी भी वर्जिन हो और बेटी की मां भी हो ये बात समझ नही आई तो कुसुम बोली आप को मै सब बता चुकी हू फिर याद दिलाती हू मेरी बेटी की डिलिवरी ऑपरेशन से हुई थी ये देखो मेरे पेट पर निशान है। और वो मेरे गर्भ में मेरे पहले पति के साथ संभोग से नही आई वो उसकी वीर्य मेरी योनि के अंदर शायद चली गयी थी क्योकि हमारे बीच कभी भी संभोग ठीक से हुआ ही नही था। मुझे उसकी बातें आधी समझ आ रही थी आधी नही। हम दोनों एक दूसरे से चिपकर नंगे ही सो गए।

सुबह नौ बजे करीब मेरी आँख खुली कुसुम कमरे में नही थी। मेरे तकिया के नीचे मेरी चड्डी रखी थी, मैंने अपनी चड्डी उठाकर पहन ली। मेरे पूरे शरीर में आलस भरा हुआ था उठने का मन नही कर रहा था। मैंने फिर से आँख बंद कर ली और चादर से मुह ढक कर करवट बदलकर लेटा रहा। तभी कुसुम किसी से फोन पर बात करते हुए रूम में आ गयी। मैंने सोचा चुपचाप मै इसकी बात सुनता हू, सुबह सुबह ना जाने किस से हँसकर बात कर रही है। कुसुम फोन पर अपनी आगणबाड़ी वाली सहेली से कह रही थी कि मेरी छुट्टी दस दिनों की और बढ़ा देना मै और मेरे पति घूमने जा रहे है। मै ये सुनकर टेंशन फ्री हो गया की मेरी पत्नी अपने नौकरी की भी फिक्र करती है। कुसुम की फोन का वोल्यूम ज्यादा खुला हुआ था जिससे मुझे उसकी सहेली की आवाज भी सुनाई दे रही थी। और कोई ज्यादा उम्र वाली औरत की आवाज लग रही थी। कुसुम ने उससे कहा आगणबाड़ी केंद्र कब जाओगी तो उसकी सहेली बोली रास्ते में हू इसलिए तुझे फोन किया।

कुसुम की सहेली ने पूछा पतिदेव कहा है तो कुसुम बोली वो सो रहे है। तो सहेली ने कहा रात भर जागे जो होंगे। तो कुसुम बोली नही यार वो बारह बजे ही सो गए थे। सहेली ने अचंभित होकर पूछा अरे। तुमने उनको सोने क्यो दिया। कुसुम बोली मै क्या कर सकती थी। सहेली बोली कितने राउंड लगाए तुम दोनों ने। कुसुम बोली मतलब। तो सहेली बोली अरे पागल कितनी बार सेक्स किया। कुसुम बोली बस एक बार। सहेली की हसी की आवाज आ रही थी।

कुसुम बोली इसमें हसने की क्या बात है। तो सहेली बोली मै हस नही रही हू। मुझे पूरी रात की कहानी बताओ। कुसुम ने कहा तुझे बड़ा मजा आ रहा है मेरी रात कहानी जानने में। तो सहेली बोली क्यो अभी शादी से कुछ दिन पहले तो बड़ी उतावली होकर मुझसे मेरी शादी की फर्स्ट नाइट का experience पूछ रही थी अब अपनी बारी पर शर्म आ रही है। कुसुम ये सुनकर सहेली को रात की कहानी बताने लगी। उसकी सहेली हस हस कर सुन रही थी और मुझे भी मन ही मन हसी आ रही थी।

तभी कुसुम अपनी सहेली से बोली मैंने जब अपने husband का लंड हाथ में पकड़ा तो ज्यादा मोटा नही था और लंड की स्किन भी ज्यादा पीछे नही जा रही थी जिससे उनके लंड का सुपाडा पूरा नही खुल पा रहा था। और उनके टट्टे बड़े बड़े थे।

ये सुनकर सहेली जोर जोर से हसने लगी और बोली अरे मेरी भोली कुसुम देवी तुम एक जवान लड़की की अम्मा बन गयी और अभी तक मोटे पतले लंड और टट्टो बट्टो के पीछे पड़ी हो। तेरे husband कौनसे पहलवान है उनके शरीर के हिसाब से ही तो उनका लंड होगा। वो दुबले पतले शरीर के है। जिससे उनके अंग और लंड सभी पतले है। अब तुम अपने थनों से लगाकर उन्हे दूध पिलाना फिर वो भी मोटे हो जायेंगे और उनका सामान भी मोटा हो जायेगा। ये सुनकर मेरी तो चादर के अंदर ही हसी के कारण पेट में दर्द होने लगा।

कुसुम देवी तुम बड़ी किस्मत वाली हो जो तुम्हे पैंतीस साल का कुँवारा वर्जिन लड़के से शादी हुई है क्योकि तेरे हसबैंड के लंड का सुपाडा भी अभि ठीक से नही खुला है वरना आजकल के लड़के जिनकी मुच्छे तक नही आई वो अपना लंड हाथ से हिला हिला कर लंड का सुपाडा तो खोल लेते है पर उनका लंड आगे से सुपाडे के खुल जाने से मोटा दिखता है जबकि पीछे से या जड़ से पतला हो जाता है। तेरे हसबैंड का लंड उनके शरीर के हिसाब से ठीक है और लंड का सुपाडा जैसे जैसे सेक्स करेंगे तो अपने आप खुल जायेगा। पर अपने पति के साथ सेक्स करते समय उनके लंड पर ज्यादा सा तेल जरूर लगाया करो।

कुसुम ने ये सुनकर मेरे सोते हुए चेहरे पर एक kiss कर दी। फोन में से उसकी सहेली की आवाज आ रही थी हैलो कुसुम क्या हुआ। कुसुम बोली अरे मै यही हू बस तेरी बात सुनकर पति को चूमने का मन किया था। तो उसकी सहेली बोली रात को चूम चूम कर मन नही भरा क्या।

तो कुसुम बोली मन तो मेरा बहुत था कि उनको चूम कर दोबारा तैयार करू पर वो खारंटे लेने लगे थे। कुसुम की सहेली ने पूछा कितनी मिनिट तक सेक्स किया था। तो कुसुम बोली मिनिट का मत पूछो यार पति महाराज ने जोर जोर से 25-30 धक्के लगाए और जैसे ही मैंने अपनी कमर हिलानी शुरु की वो शांत हो गए। ये शब्द सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा, मैंने अपने मन में कहा कि मैंने इससे रात में पूछा था ये खुश है तो इसने झूठ बोला था।

कुसुम की सहेली बोली ये कोई बडी प्रॉब्लम नही है, ऐसा ज्यादा उत्तेजना की वजह से सभी लड़को में होता है, और तुम्हारे पति ने आज तक अपना लंड भी ठीक से नहीं हिलाया। उनके साथ तो ये होना ही था।over exitement की वजह से पहली बार सेक्स करने में ये हो जाता है। उनका वीर्य यां पानी कितना निकला कुसुम बोली बहुत सारा गाड़ा सा मेरे तो चूतर में भी भर गया था।

कुसुम मै तुम्हें समझाती हू लड़को और लड़की कि उत्तेजना में बहुत अंतर होता है। लड़की को उत्तेजना देर से होती है और लड़को की देखना तो दूर सोचने से ही शुरू हो जाती है जो जल्दी आती वो जल्दी खतम भी हो जाती है। उनका कंट्रोल करने की आदत धीरे धीरे आती है। जबकि लड़की को अपनी उत्तेजना दबानी भी आती है जैसी तुमने 18-19 साल से अपनी सेक्स इच्छा दबा के रखी थी।

कुसुम तुमे मैंने बताया था कि मेरे पति का तो कंडोम लंड पर चढ़ाते हुए ही पानी निकल गया था। तेरे पति ने 25-30 धक्के तो लगा दिये। कुसुम देवी मेरा मानना है कि सेक्स बिल्कुल गाड़ी चलाने की तरह किया जाता है इसमें भी कब ब्रेक लगाने है, कब स्पीड बढ़ानी है, कब हॉर्न दबाना है सब का ध्यान रखना पड़ता है। अपने पति को हनीमून में सब सिखा देना। मै तो अब आगणबाड़ी केंद्र पहुँच गयी हू बाद में बात करती हू। Best of luck. Bye

कुसुम ने एक बार फिर से मेरे माथे पर kiss किया तभी मेरी मम्मी पापा की आवाज आई। मेरे मम्मी पापा मंदिर से वापस आये थे। कुसुम उनकी आवाज सुनकर बेडरूम से बाहर निकल गयी।
 
मैं बेड से उठा और अपने कपड़े पहनकर हॉल में आ गया। मेरी मम्मी कुसुम से बोली बेटी पति व्रत पूजा का पाठ कर लिया तो कुसुम बोली sorry मम्मीजी भूल गयी थी। तो मम्मी उससे बोली बेटी ये पूजा ही तेरी जिंदगी में पति का प्यार बढायेगी।

मै भी जाकर हॉल में सोफे पर बैठ गया और कुसुम से बोला एक ग्लास पानी देना जरा। ये सुनकर पापा गुस्से में बोले अभी दस बजे उठने की क्या जरूरत थी और दो बजे तक सो लेते। रात भर जागकर तो बड़ी मेहनत की होगी। इतने में कुसुम बीच में हस्ती हुई बोल पड़ी पापा रात भर नही ये तो गयारह बजे ही सो गए थे। ये सुनकर मुझे थोड़ा बुरा लगा मैंने कुसुम से कहा तुम्हारे पेट में कोई बात पचती नही है,। (ये बात मैंने कुसुम और उसकी सहेली की सुबह फोन पर जो बातें हुई थी उसकी ओर इशारा करते हुए कही थी)तभी मम्मी बोली अब सब चुप हो जाओ। कुसुम बेटी इसे पानी दे दो। और वो पति व्रत की पूजा कर लो।

अरुण बेटा तू नहा धोकर कुसुम के घर जा और रिंकी बेटी को यहाँ अपने दादा दादी के घर लेकर आओ। आज हमको अपनी पूरी फैमिली के साथ कुल देवता की पूजा करने भी जाना है, और रिंकी अब तुम्हारी बेटी है और हमारे फैमिली की मेंबर है। मैंने कहा कुसुम को भी साथ ले जाता हू। तो मम्मी बोली बेटा घर में पूजा का अभी बहुत काम है कुसुम यहा मेरे साथ मदद करेगी, तुम अकेले ही चले जाओ बीस मिनिट का तो रास्ता है।

पापा ने कुसुम के पापा को फोन लगाते हुए

कुसुम से कहा बेटी तेरे पापा अभी घर भी होंगे तो मै उन्हें फोन कर के बोल देता हू कि रिंकी कि तैयारी कर दे उसकी भी विदा करनी है ये सुनकर हम सब हसने लगे।

मै बारह बजे करीब अपनी ससुराल पहुँच गया, मै आपको बता चुका हू मेरी ससुराल lower मिडिल क्लास फैमिली की है। मैंने मिठाई का डिब्बा और कुछ सामान अपनी सास को देते हुए उनके पैर छुये तो मेरी सास ने मुझे अपने सीने से लगा लिया। मेरी सास भी मेरी मम्मी की तरह भरे हुए बदन की है, मेरी सास ने एक बिना बाजू वाली ढीली मैक्सी पहनी हुई थी। जिससे उनके बगलो के बाल साफ दिख रहे थे। उनके सीने से लगकर मुझे ऐसा अहसास हुआ उनके छातिया अभी भी कसी हुई थी। शायद सास के दूधो को काफी सालों से मेरे ससुर ने मसला नही था। मै सास के सीने से चिपका हुआ था मेरे लंड ने इठलाना शुरू कर दिया था। मेरा लंड का उभार मेरी सास ने जांघों पर महसूस किया तो हल्के से पीछे हो गयी। और मै भी मुस्कुराता हुआ सास से अलग हो गया। सास मेरे पास कुर्सी पर बैठ गयी।और साली को आवाज दी। मेरी साली किचिन से लोंग स्कर्ट और शर्ट पहनकर अपने माथे का पसीना पोछते हुए निकलकर मेरे सामने खड़ी हो गयी। पसीने के कारण उसकी शर्ट भी उसके जिस्म से चिपक गयी थी जिससे उसके डार्क चोकलेटी रंग के निप्पल की चूची नजर आ रही थी। मुझे ये देखकर थोड़ा uncomfortable लगा। क्योकि में पहली बार अकेला ससुराल गया था। मेरी सास और साला भी मेरे बगल में बैठे थे। सास ने साली से कहा पानी ला और साली के साथ सास भी चली गयी।

मैंने अपने साले रिंकू से बातें करने लगा। मेरा साला इक्कीस साल का जरूर हो गया है पर अभी तक उसकी मूछें तक नही आई है, पूरा चिकना है। बदन से भी स्लिम है उसके नितंब जरूर बड़े और भरे हुए है। मैंने साले से कहा रिंकू तुम बहुत अच्छा डांस कर लेते हो। रिंकू ये सुनकर लड़कियों की तरह शर्मा गया, वो मुझसे बोला जीजाजी बस थोड़ा बहुत कमर हिला लेता हू। तो मैंने कहा रिंकू तुमने शादी में लड़कियों को फैल कर दिया बिल्कुल नोरा की की तरह कमर हिला हिला कर डांस किया। रिंकू ये सुनकर खुश होकर मुझे अपना फोन में शॉर्ट टिक टॉक वाले वीडियो दिखाने लगा।

"आजकल के जमाने में कोई कितना भी गरीब हो चाहे घर में आटा हो या ना हो पर हाथ में स्मार्ट फोन और फोन में डाटा जरूर होगा"

रिंकू के एक से एक लड़कियों के सेक्सी डांस वाले वीडियो मै लड़कियों की तरह डांस कर रहा था। कुछ में तो उसने मेरी साली की ड्रेस पहनी हुई थी, उसकी कमर देखकर बहुत से लड़के उसे लड़की समझकर अश्लील कॉमेंट कर रहे थे। मैंने रिंकू का फोन अपनी जांघ पर रखा हुआ था। रिंकू मुझे अपने वीडियो दिखाते हुए फोन की स्क्रीन पर उंगली फेर रहा था। वो मुझसे इस तरह से चिपक गया था की उसके गाल मेरे गालो से छू रहे थे। मुझे अंदर से अटपटा लगने लगा मेरे कामुक अंग मतलब लंड में तनाव आने लगा और लंड का उभार पैंट में दिखने लगा। मैंने रिंकू से अपने लंड के उभार को छिपाने के लिए उसके चेहरे की तरफ देखा तो मुझे ऐसा लगा की उसकी नजरे मेरे लंड के उभार पर टिकी थी और वो बस वीडियो खतम होते ही बिना फोन देखे उंगली फेर रहा था। मैंने ये देखकर तुरंत फोन को अपने हाथो में ले लिया और फोन वीडियो पर मै अपनी उंगली फेर कर ऊपर करने लगा। रिंकू ने अपना हाथ मेरे कंधे पर और एक जांघ पर रख लिया।

थोड़ी देर बाद मुझे महसूस हुआ की रिंकू की उंगली मेरे पैंट में लंड के उभार पर छूने लगी। मेरी रिंकू को रोकने की उसे टोकने का मन नही कर रहा था। ना जान मुझे बड़ा मजा आने लगा था। मेरे पैंट में लंड फूलकर तम्बू बन गया था । वो मेरे और नजदीक आ गया था। उसने अपनी टांगे मोड ली थी शायद उसका लंड भी खड़ा हो गया होगा। उसने मेरी पैंट की ज़िप को खोलने के लिए उंगली फसाई की सामने से मेरी सास प्लेट में मिठाई और पानी लेकर आई ।

हम दोनों चौन्क गये हमारे माथे पर पसीना बह रह था। मेरी सास रिंकू से बोली जीजा को अपने वीडियो दिखा रहा था। मैंने मन में कहा वीडियो दिखा नही रहा था बना रहा था।

रिंकू बोला हा। सास ने रिंकू से कहा पापा को फोन लगाओ और पूछो घर कितनी देर से आयेंगे। मेरी सास ने प्लेट मुझे देते हुए बोली लो बेटा मैंने देखा ये तो वो ही मिठाई थी जिसका डिब्बा मैंने अभी सास को दिया था। पीछे से साली प्लेट में नमकीन और चाय लेकर आ गयी। मैंने साली से कहा बैठो तुम लोग भी प्लेट में से लो। साली अपनी स्कर्ट उचकाते हुए टांगे ऊपर कर के जमीन पर बैठ गयी। मुझे मेरी साली की मासंल पिंडलिया दिख रही थी। और उसने भी एक मिठाई का टुकडा ले लिया। हस्ती हुयी बोली जीजाजी इंतने प्यार से दे रहे तो मना नही करूँगी। मेरी साली की शर्ट का एक बीच वाला बटन उसके हाथ उठाने से खुल गया जिससे मुझे उसकी उरोजो के बीच की गली दिखने लगी। मै बड़ी असमंजस में था उसे बटन लगाने को बोलू या उसके स्तनों की गली को देखता रहू।

साली मुझसे बोली क्या सोच रहे है जीजाजी खाइये ना। मैंने कहा वो रिंकी नही दिख रही तो साली बोली पापा के साथ बाजार गयी है। आने वाली होगी।

साली बोली कुसुम दीदी और आप कहा घूमने जा रहे है। मैंने कहा अभी dicide नही किया। तो साली बोली आप लोग गोवा जाओ अच्छी जगह है, मुझे गोवा बहुत पसंद है। मैंने मजाक में कहा तो तुम भी चलो। साली हस्ते हुए बोली पहले दीदी से तो आप पूछ लो। मैंने कहा वो कुछ नही बोलेगी तो साली बोली सच्ची। मैंने कहा हा। मेरी साली ने अपने पैर सीधे कर लिए और पीछे की तरफ तन कर बैठ गयी जिससे उसके दूधो का कुछ हिस्सा शर्ट के बटन में से निकलने लगा। मुझे फिर से अंदर से कामवासना जागृत होने लगी। मेरी सास ने मेरी नजरो को भांप लिया और वो साली से बोली जा चाय बना दे। तो साली हसी और बोली जीजाजी आप तो दूध पीते होंगे तभी तो इंतने गोरे है। मैंने भी मजाक में कहा दूध या चाय जो भी मिल जाए बस पी लेता हू। साली उठने लगी तो उसकी शर्ट के खुले बटन में से उसका एक बूब्स आधा बाहर आ गया। मेरा ये दृश्य देखकर हल्की सी खाँसी आ गयी। सास समझ गयी और मुझे बोली बेटा कुसुम तुम्हे खुश तो रखती है। मैंने कहा हा मै खुश हू।

तभी मेरे ससुर और रिंकी आ गए। ससुर ने मुझे देखा और हाथ जोड़कर मेरा स्वागत किया। मैंने ससुर के पैर छूने लगा उन्होंने मुझे रोकते हुए बैठने को बोला हम साथ बैठकर बात करने लगे। मेरी नजर रिंकी पर थी। रिंकी ने जीन्स और सूती कपड़े की tshirt पहना हुआ था, पसीने से उसकी tshirt जिस्म से चिपकी हुई थी और उसके उभार साफ दिखाई दे रहे थे। मुझे रिंकी में बेटी की जगह एक खुबसूरत लड़की दिख रही थी। वो मेरी सास के पास जाकर बैठ गयी और सामान दिखाने लगी। मेरी साली चाय लेकर आ गयी, मेरे ससुर ने मुझसे कहा बेटा खाना बन गया है खाकर ही जाना। मैंने मना किया लेट हो गया हू और पूजा का समय हो गया खाना अगली बार खाऊंगा। मैंने कहा रिंकी चलो। रिंकी ने अपना बैग उठाया और हम घर के बाहर आ गए। रिंकी रोने लगी तो मेरी साली बोली रिंकी तुम तो ऐसे रो रही हो जैसे तुम्हारी विदा हो रही हो और तुम ससुराल जा रही हो। ये सुनकर सब हसने लगे। मेरे सास ससुर ने मुझे सौ सौ रुपए और मिठाई का डिब्बा दिया। मैंने bike स्टार्ट की और रिंकी को बैठने के लिए इशारा किया। रिंकी ने बैग मेरी पीठ के पीछे रखकर बैठ गयी और हम अपने घर की ओर चल दिये।

मै अपने ससुर से बातें करने के बाद

मै रास्ते में सोचने लगा कि आज मुझसे बहुत बड़ी गलतिया हो गयी है, मुझे अपनी सास, साली, के बारे कामुक ख्याल नही लाना थे। और तो और मै अपने साले जो की लड़का है उसकी हरकत पर टोकने की वजह उत्तेजित हो रहा था। शायद गुरु माता ने मेरी कुंडली में, 6 घर में शुक्र, बुध, राहु देखकर जो कहा था वो सच था। पर मुझे अपनी कुंडली और किस्मत का लिखा बदलना होगा। मुझे बहुत guilty feel हो रही थी।

पूरे रास्ते मैंने और रिंकी ने भी कोई बात नही की।

मै अपने घर पहुँच गया मेरी मम्मी ने मेरी और रिंकी की आरती उतारी तब अंदर आने को कहा। ये देखकर मेरे पापा हस्ते हुए मेरी मम्मी से बोले तुम्हारा बेटा नई बहू लेकर आया है जो आरती उतार रही हो। तो मम्मी ने कहा आप चुप होकर अपना काम करो।

थोड़ी देर बाद हम सब तैयार होकर पूजा करने चले गए।

थोड़ी देर बाद हम सब तैयार होकर पूजा करने चले दिये मैंने एक स्कोर्पियो गाड़ी किराये पर मंगा ली। आगे की सीट पर मै और बीच में पापा मम्मी, और पीछे कुसुम रिंकी बैठ गए। कुसुम और रिंकी ने सफेद चूड़ीदार पजामी और कुर्ता पहना हुआ था। मैंने अपनी शादी वाली शेजवानी और मम्मी पापा ने भी साड़ी और कुर्ता पजामा पहना हुआ था। कुसुम और रिंकी माँ बेटी कम बहने लग रही थी। दोनों के जिस्म सफेद ड्रेस में मादक और कामुक दिख रहे थे। कुसुम के दूधो का साइज रिंकी के दूधो से बड़ा था। दोनों ने अपने उरोजो को दुपट्टा से ढँक रखा था। सड़क पर गड्ढे ज्यादा होने की वजह से गाड़ी ज्यादा हिल रही थी। मैंने साइड ग्लास में कुसुम और रिंकी को देखा तो ऐसा लग रहा था दोनों ने अपने आँचल में सफेद कबूतर छिपा रखे है जो बाहर निकलने के लिए फड़फड़ा रहे है।

आधे घंटे बाद हम कुल देवता के मंदिर पहुँच गये।मंदिर पर और भी नये शादी शुदा जोड़े अपनी फैमिली के साथ पूजा करने आये थे।पूजा गुरु माता के द्वारा कराई जा रही थी। बीस मिनट बाद हमारा नंबर आ गया और मै अपनी फैमिली के साथ बैठ गया। गुरु माता ने पूजा शुरू कर दी। दस मिनट बाद गुरु माता ने मुझे रिंकी को गोदी में बैठाने को बोला। मैंने कहा माता ये तो बड़ी है मेरी गोदी में कैसे बैठेगी। तो गुरु माता हस्ते हुए बोली बेटा तुम अपने कॉलेज के प्रोफेसर की तरह मुझसे सवाल मत किया करो। और ख़ुद ही तुम पूजा के लिए बड़ी बेटी लाये हो, मै उसे जादू से छोटी तो कर नही सकती। गुरु माता की बात सुनकर हम सब हसने लगे।

गुरु माता बोली बेटा ये पूजा बच्चे को गोद में लेकर ही सम्पन होती है। और बच्चे कितने बड़े हो जाये बच्चे माँ बाप के लिए बच्चे ही रहते है। मैंने रिंकी की तरफ देखा तो वो हँस रही थी। कुसुम बोली रिंकी बेटी अब हँसना बंद करो और पापा की गोद में बैठ जाओ।

रिंकी मेरी गोदी में बैठ गयी, मुझे उसके बदन की महक आने लगी। उसके बाल मेरे चेहरे पर छू रहे थे। मेरी जांघे उसकी जांघो की छुअन से गर्म होने लगी। रिंकी की पतली सूती कपड़े की बनी कुर्ते में मुझे उसकी पीठ पर सफेद ब्रा की पट्टी दिख रही थी। मुझे अपने लंड में हलचल होने लगी मेरे लंड ने इठलाना शुरु कर दिया। मेरा लंड मेरे काबू से बाहर जाने लगा। मेरे लंड में मेरे सारे जिस्म का खून भरने लगा। मेरा लंड मेरी सुहागरात के समय कुसुम के साथ सेक्स करते वक्त भी इतना नही फूला था। जो अभी फूलने लगा था। मेरा लंड मेरी सेजवानी की पजामी फाड़कर बाहर निकलना चाह रहा था।

तभी गुरु माता की आवाज आई तुम दोनों इस हवन कुंड में मेरे साथ घी चमच से डालो। रिंकी ने चमच उठाने के लिए हल्के से अपनी कमर उठाई तो मेरा लंड एकदम सीधा किसी टॉवर की तरह मेरी पजामी में खड़ा हो गया। रिंकी ने चमच हाथ में ले ली और वापिस जैसे ही मेरी गोदी में बैठी तो मेरा लंड उसके मुलायम नितंबो का स्पर्श पाकर झनना गया। रिंकी चौकते हुए मेरी गोद में से उचक गयी। और कुसुम की तरफ देखने लगी। कुसुम ने इशारा करके उससे पूछा क्या हुआ, तो रिंकी ने कुछ नही कहा और वापस थोड़ा नीचे सरक कर मेरी जांघो पर बैठ गयी। मै रिंकी के हाथ में हाथ लगाकर घी डालने की क्रिया करने लगा।

मेरा लंड रिंकी की कमर के पीछे टेक लगाए चिपका हुआ खड़ा था। रिंकी और मै बार घी डालने के लिए हिल रहे थे जिससे मेरा लंड उसकी पीठ पर बार बार ऊपर नीचे हो रहा था। जिससे मेरे अंदर हवस भड़कने लगी।

"इंसान के अंदर जब हवस की ज्वाला जलने लगती है तो वो अच्छा बुरा, जगह, रिश्ता, सब भूल जाता है"

मेरी हालत भी ऐसी हो रही थी। जैसे ही रिंकी घी डालने के लिए उचकि तो मैंने उसके कुर्ते को भी थोड़ा ऊँचा कर दिया जिससे मेरा सीधा खड़ा लंड अब उसकी नंगी पीठ पर टिक गया। और रिंकी का कुर्ता से मेरा लंड ढक गया।

रिंकी मेरी गोद में अब थोड़ी आराम से पीछे खिसक कर बैठ गयी। और वो अपने आप ही खुद घी हवन में डालने के लिए झुकने लगी जिससे उसकी पैंटी की इलास्टिक उसके नितंबो से नीचे सरकने लगी और उसके कोमल, मुलायम नितंबो की बीच की गली या गेप में मेरे पजामे में कैद लंड को छूने लगी।

रिंकी ने मेरी तरफ देखा मै हवन की तरफ देखने लगा। मुझे नही पता रिंकी को कैसा लग रहा था पर मै वासना से भरा हुआ था। दो मिनिट बाद रिंकी गुरु माता से बोली कितनी देर और लगेगी तो गुरु माता बोली बेटी कुछ काम है तुम्हे, कही जाना है। रिंकी चुप हो गयी।

मुझे रिंकी के ये शब्द सुनकर बड़ी ही आत्म ग्लानि लगने लगी। मै समझ गया की अपनी कामुक वासना और अंधी हवस के कारण मै बहुत गलत कर रहा हू। और मैंने अपने लंड को कुर्ते में हाथ डालकर नीचे दबाने की कोशिश करने लगा पर खड़ा हुआ लंड इतनी आसानी से नही बैठता है। मै अपना ध्यान रिंकी के जिस्म से हटाने लगा। और कुसुम की तरफ देखने लगा।

कुसुम ने मुझसे इशारे से पूछा क्या हुआ मैंने उसे अपनी गोद की तरफ इशारा कर दिया। वो हस्ती हुई इशारे में बोली बस दो मिनिट। मुझे नही पता कुसुम ने मेरी गोद में पजामे में मेरे खड़े लंड को देखा या नही।

तभी गुरु माता की आवाज आई पूजा संपन हुई।

पूजा के बाद हम सभी लोगो ने गुरु माता का आशीर्वाद लिया। गुरु माता ने मेरी मम्मी से कहा नाड़ी दोष पूजा के बाद शादी में कोई संकट तो नही आया, सब अच्छे से हो गया। मेरी मम्मी ने कहा हाँ माताजी।

गुरु माता ने कुसुम से पूछा बेटी वो पति व्रत पूजा रोज कर रही हो। कुसुम बोलने में हिचकिचाई तो गुरु माता ने कहा मै समझ गयी बेटी। गुरु माता ने रिंकी के सर पर हाथ फेरते हुए कहा बेटी तुम्हें अपनी मम्मी और पापा दोनो की खुशियों की जिम्मेदारी का फर्ज निभाना है।

हमने गुरु माता को फिर प्रणाम किया और घर की ओर चल दिये। मैंने पापा से कहा आप लोग गाड़ी में बैठो मै गुरु माता को एक बार और प्रणाम करके आता हू।

मै गुरु माता के पास हाथ जोड़कर बैठ गया वो अकेली थी। मैंने कहा माताजी आपने मेरी कुंडली के 6 घर में शुक्र, बुध, राहु के बारे जो बताया था वो सच हो रहा है। मुझे कुछ ऐसा उपाय बता दो जिससे मैं परस्त्री गमन और पुरुष, किन्नर के साथ शरीरिक संबध् बनाने से खुद को बचा सकूँ।

माताजी बोली मैंने तुम्हे बताया था की शुक्र सेक्स, बुद्ध बुद्धि, और राहु नीच ग्रह है जो तुम्हारे अंदर कभी भी किसी के साथ भी वासना जागृत कर देता है और राहु की वजह से तुम रिश्तों, और औरत यहा तक कि पुरुष की मर्यादाओं को भी भूल जाते हो। तुम्हारी बुद्धि तो काम करती है पर तब तक देर हो चुकी होती है। वासना के समय बुद्धि पर राहु अपना असर डाल देता है और तुम्हारी डिसीजन लेने की स्थिति नही रहती है। और तुम हर किसी को वासना भरी नजर से देखने लगते हो। चाहे वो मर्द, किन्नर ही क्यो ना हो।

माताजी बोली किस्मत का लेखा कोई नही बदल सकता है पर संकट को कम किया जा सकता है। जिसमे तुम्हारी पत्नी ही मदद करेगी। अभी तुम्हारे साथ क्या हुआ मुझे नही पता पर इतना जरूर बता सकती हू की तुम्हारी पत्नी को जो पति व्रत पूजा रोज करने को मैंने कहा था वो नही कर रही है। जिससे तुम दोनों के बीच की प्यार की डोरी कमजोर हो रही है और तुम दोनों को ही इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

तुम तो बस अपनी कामवासना पर कंट्रोल करो और रिश्तों को समझो। तुम खुशनसीब हो जो तुम्हे इतनी प्यारी बेटी मिली है। मैंने तुम्हारी बेटी की माथे की लकीरे आज देखी वो तुम्हे कभी दुःख नही देगी और तुम्हे वो हर खुशी देगी जिसकी तुम्हे जरूरत होगी। तुम्हारी बेटी अपना पूरा फर्ज निभायेगी।

अब तुम जाओ और पत्नी के साथ अपना ख़ुशी से दाम्पत्य जीवन शुरु करो। बिना कोई टेंशन के। अपना एक अच्छे पति होने का फर्ज निभाओ।

मै माताजी की बात समझ गया और गाड़ी में बैठकर रास्ते भर अपनी अभी तक की गयी कामुक गलतियों को भूल कर अपनी पत्नी के साथ हनीमून ट्रिप टूर मोबाइल में खोजने लगा और मैंने दर्जिलिंग का एक सस्ता और अच्छा पांच दिन का पैकेज बुक कर दिया।

मै और मेरी पत्नी कुसुम ने आज रात को ही दार्जीलिंग की वादियों में जाने का निश्चय किया. अब हम nagaland से सिलीगुड़ी की ट्रेन में चढ़ चुके थे. हमें साइड वाली बर्थ मिली थी. कुसुम ने गहरे हरे रंग का सूट पहना था और सफ़ेद चुन्नी थी, मैंने नीली कमीज और जीन्स पहनी थी.

हम काफी खुश थे जैसे सारा जहाँ ही पा लिया हो और ट्रेन में बैठे बाकी मुसाफिर भी हमारी खुशियों का अंदाजा लगा रहे थे.

हम सवेरे सवेरे सिलीगुड़ी स्टेशन पहुंच गए, वहां से फिर एक कार में दार्जिलिंग की वादियों में जाने लगे, ठण्ड भी काफी हो रही थी, तभी पीछे की सीट पे मुझे मस्ती सी सूझी, मैंने कुसुम का सर अपने कंधे पे रख लिया उसने मुझे कुछ नहीं कहा और एक कातिल सी मुस्कान दी.

अब मेरा मन बेकाबू सा होने लगा, मेरा लिंग इन हिमालय की पहाड़ियों की तरह खड़ा और मदहोश होने लगा मैने अपने लिंग को मन ही मन खूब समझाया ‘बेटा, मान जा! अभी से मौका-मौका मत कर, तुझे तो पूरे पांच दिन इस पिच पर टिकना है और खूब धुआँधार और चोदम चुदाई वाली लम्बी पारी खेलनी हैं.’

क़रीब ढाई घंटे के सफर के बाद हम दार्जीलिंग में अपने पहले से बुक किये हुए रूम में प्रवेश कर चुके थे.

जाते ही बाथरूम में घुसे, शावर से गरमा गर्म पानी आ रहा था. हम दोनों एक साथ आलिंगन में नहाने लगे.

मुझे कुसुम का वो कोमल और मखमली जिस्म का अहसास मेरे रोम रोम को रोमांचित कर रहा था. मैंने उसके जिस्म के हर अंग को चूमना शुरू कर दिया, वो सिसकारी भरने लगी और कहने लगी ‘अभी नहीं! बाद में… पहले थोड़ा घूम फिर के आते हैं ना’

मैंने कहा- मुझसे काबू नहीं हो रहा, क्या करूँ… अच्छा! तुम मेरे लण्ड को हल्का सा चूस दो ना!

कुसुम धीरे से नीचे फर्श पे बैठ गई और मेरे लिंग को मुँह में लेकर चूसने लगी वो मुखमैथुन क्रिया में इतनी माहिर खिलाड़ी है कि क्या बताऊँ… उसके मुलायम रसीले होंठ मेरे लिंग पर ही नहीं मेरी अंतरात्मा तक को कामरस का सेवन कराते हैं.

5-7 मिनट चूसने के बाद हम दोनों तैयार होकर थोड़ा घूमने निकले, हमने हिमालयन ज़ू, दार्जीलिंग का चौरास्ता, रिंक मॉल, मॉल रोड घूम लिया था और दिन का लंच भी एक आलीशान रेस्तराँ में कर लिया था, शाम होने को आई तो हम अपने होटल पहुंच गए.

तभी मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों ना आज शानदार मस्ती की जाये, आखिर कुसुम को भी हक़ है ज़िंदगी की वो सारी मस्तियां मारने का।.

मैंने कुसुम को रूम में इस बहाने से छोड़ा कि मोबाइल में रिचार्ज करवाना है और सीधा नीचे एक वाइन शॉप पे गया. मैंने एक महंगी सी रम की बोतल खरीदी, कुछ कोल्ड ड्रिंक भी ली.

पाठकों से निवदेन है कि मद्यपान करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है.

फिर हमने डिनर भी आर्डर कर लिया. टीवी ऑन करके एक रोमांटिक हॉलीवुड मूवी भी देखने लगे.

मैंने कुसुम को रम का एक पेग कोल्ड ड्रिंक मिला कर हाथ में दिया और कहा- इसको पीकर देखो, मज़ा आएगा, बहुत अच्छा ड्रिंक है.

कुसुम ने तिरछी नज़र से मुझे देखा- अच्छा जैसे मुझे पता नहीं क्या पिलाया जा रहा है!

और वो धीरे धीरे पीने लगी.

मैं भी पी रहा था.

वो खामोशी और सुरूर… दो जवान दिल आज एक जिस्म हो चाहते थे. हमने फिर खाना खाया और कुछ देर बाद हमबिस्तर हो गए.

मुझे लगा कि आग तो सिर्फ मुझे लगी है पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं था. कुसुम ने पहल की, उसने मेरे लोवर में हाथ डाला और एक निपुण महारथी की तरह मेरा लिंग पकड़ लिया. वो मेरे लिंग को हल्के हल्के सहलाने लगी, मैं भी कम नहीं हूँ, मैंने उसके स्तन दबाने शुरू कर कर दिए. अचानक से मैं उठा और फिर उसकी नीली नाइटी में अपना सर घुसा दिया. मैंने अपनी मोबाइल की टॉर्च ऑन की और अन्दर देखा तो कुसुम ने पेंटी पहनी ही नहीं थी, वो चुदवाने की पूरी तैयारी में थी.

मैं उसकी चूत को चूसने लगा और वो जोर जोर से सीत्कार भरने लगी- आई लव यू सो मच … खा जाओ मेरी जान… इस जिस्म और चुत पे लिखा है एक ही नाम !

काफी देर चूसने के बाद, हम दोनों सम्पूर्ण नंगे हो गए. अब मैंने कुसुम को इशारा किया, वो तुरंत मेरे ऊपर आ गई और लण्ड को अपनी चुत पर सेट करते हुए बैठ गई, मेरा लिंग उसकी चुत में पूरा घुस चुका था वो वो जोर जोर से मेरे लण्ड पर कूदने लगी. करीब 20 मिनट मेरे लण्ड पर सवारी करने के बाद वो उतरी और मैंने उसे प्रेम से नीचे लिटाया और फिर उसकी टांगों को फैला कर अपना लण्ड उसकी चुत में घुसा दिया, फिर जोर जोर से धक्के देने लगा.

वो जोर जोर से चिल्लाने लगी-

मेरा मन प्रफुलित हो रहा था कि मेरी बीवी तो बहुत ही मस्त और कामुक है, मेरी ज़िंदगी तो अब राजा महाराजा की तरह होने वाली है.

मेरे धक्कों की गति बहुत तेज़ और होने लगी थी, मैं पूरा लिंग बाहर निकलता और चुत में पूरा अंदर तक डालता.

हम दोनों इतनी ठण्ड में भी पसीने से तरबतर हो रहे थे और मेरे धक्के बढ़ते ही जा रहे थे, आज मैं रुकने वाला नहीं था.

फिर अचानक से मैंने एक जोरदार सा झटका मारा और लण्ड बच्चेदानी पे जा टकराया और मेरा वीर्य छूट गया. मेरी बीवी की पूरी चुत वीर्य से भर गई… मैं कुसुम के ऊपर गिर गया और फिर हम दोनों ने एक हल्का सा चुम्बन किया और सो गए.

अब अगले 4 दिनों तक मैंने कुसुम को पीछे से घोड़ी बना कर, नीचे से ऊपर से, साइड से शायद कामसूत्र में मौजूद काफी मुद्राओं में चोदा और उसे पूरे 4 दिन के हनीमून में उसे पेंटी तक पहने नहीं दी.

हम लोग खूब घूमे फिरे और इन यादगार पलों की स्मृति लिए नागालैंड रवाना हो गए.
 
अध्याय --- 5 --- गलती किसकी ------

अब अगले 4 दिनों तक मैंने कुसुम को पीछे से घोड़ी बना कर, नीचे से ऊपर से, साइड से शायद कामसूत्र में मौजूद काफी मुद्राओं में चोदा और उसे पूरे 4 दिन के हनीमून में उसे पेंटी तक पहने नहीं दी.

हम लोग खूब घूमे फिरे और इन यादगार पलों की स्मृति लिए नागालैंड रवाना हो गए.

देर रात को हम अपने घर पहुँचे मम्मी को मैंने अपने आने की जानकारी पहले ही दे दी थी। इसलिए वो जाग रही थी और दरवाजे खोलकर हमारा इंतजार कर रही थी। मै और कुसुम दोनों थक गए थे सीधे अपने बेडरूम में जाकर कपड़े पहने ही सो गए।

सुबह नौ बजे मेरी आँख खुली कुसुम बेड पर नही थी। मै रूम से निकलकर हॉल में बैठ गया। कुसुम किचिन में काम कर रही थी मेरी आहट सुनकर वो हस्ती हुई पानी का ग्लास लेकर मेरे पास आई। और बोली मम्मी पापा मंदिर गए है। रिंकी स्कूल गयी है बस अभी हम दोनों ही घर में अकेले है।

मैंने कुसुम को आँख मारते हुए कहा मैडम आप मुझे ये बता रही हो या इशारा कर रही हो और कुसुम की बाह पकड़कर अपनी गोद में बिठा लिया। और उसके दूधो को मस्कने लगा, वो मेरे लंड पर अपने चूतरो का दबाते हुए बोली। ये होटल का रूम नही है, घर है। और हनीमून खतम हो गया है। पूरे पांच दिन हनीमून पर मुझे पैंटी तक नही पहनने दी। सुबह से ही मेरी ढोलक बजाना शुरु कर देते थे।

मुझे ढोलक शब्द सुनकर बड़ी जोर से हसी आई। मैंने कहा ढोलक मतलब क्या। कुसुम अपने नितंबो को हाथ से दबाते हुए बोली ढोलक ये है। हम दोनों जोर जोर से हसने लगे। हाहाहा.......

"शादी के बाद जिंदगी में इन्ही हस्ते हुए पलों को ही रोमांस कहते है जो जबरदस्त सेक्स के बाद ही शुरू होता है और सेक्स के समय पति पत्नी संतुष्ट नही हुए तो रोमांस नही हो सकता है। पर ये सच है सेक्स से भी ज्यादा रोमांस आनंद देता है, मुझे आज ये समझ आया था।"

तभी पापा की स्कूटी की आवाज आई तो कुसुम मेरी गोदी में से उठकर किचिन में चली गयी। और मै पानी पीकर टॉयलेट चला गया। मम्मी पापा हॉल में बैठ गए कुसुम ने मम्मी से पूछा नास्ता लगा दू। हा

कुसुम ने नाश्ता लगाकर वापस किचिन में जाने लगी तो मम्मी ने उसको टोक दिया और बोली यहा बैठो बेटी मै तुमसे कुछ पुछू सच बताना। कुसुम बोली जी मम्मी।

मम्मी वो बोली बेटी तुम्हे पति व्रत पूजा करने में कोई परेशानी है, एक हफ्ता हो गया तुम्हारी शादी को तुमने अभी तक एक बार ही पूजा की है। ऐसा नही चलेगा बेटी बड़ी मुश्किल से खुशिया आई है क्यो अपने पति के प्यार को खोना चाहती हो। कल को अगर कुछ गलत हो गया तो फिर

"गलती किसकी" होगी।

मै सोचने लगा

जब नयी शादी होती है तो लड़को का भी घर में रहने का तरीका बदल जाता है। पहले में अपने रूम में कभी भी आ जा सकता था। और कभी भी दरवाजे बंद नही किये पर अब मुझे अपने रूम में ही मुझे डोर knok करके जाना पड़ेगा। शायद इसकी सबसे बड़ी वजह मुझे पत्नी के साथ गिफ्ट मिली प्यारी, खूबसूरत, जवान बेटी है। जिससे अभी तक मेरा ठीक से पापा वाला रिश्ता नही बन पाया है।

थोड़ी देर बाद कुसुम तैयार होकर आ गयी मुझसे बोली कुछ चाहिए आपको मैंने उसे देखा तो उसे देखता रहता गया। चॉकलेट कलर वाले बाल, हलका आंखों में काजल माथे पर सफेद चमक मारती बिंदी, हल्की लिपस्टिक, गले में हार, फिर जब नजर थोड़ी नीची गई तो ब्रा स्टाइल वाला ब्लाउज जिसमे ब्रा पहनने की जरूरत नहीं। कुसुम के दूध बड़े होने के कारण ब्रा वाले ब्लाउज में समा नहीं रहे थे। ब्लाउज में उसके सिर्फ निपल्स ही ढके थे पूरे स्तन और पीठ नंगी, केवल दो रंग की डोरी से पूरा ब्लाउज बंधा हुआ था। पारदर्शी सफेद क्रीम रंग वाली साड़ी, उस पर डिजाइन गजब की थी नीचॆ सफेद पेटीकोट, सफेद चमक मारती हुई चप्पल। मेरी नजर उस पर से हट ही नहीं रही थी। ब्यूटीफुल सेक्सी लेडी ओह माय गॉड मेरे मन में आवाज आ रही थी। इतने में रिंकी ने हस्ते हुए जोर से बोला ये आपका ही माल है। अब बस करो घुरना। हम सब बड़ी जोर से हसने लगे। रिंकी जीन्स और शर्ट पहने हुई थी। फिर मैंने कहा मुझे कुछ नही चाहिए। चलो अब देर हो गई। कहा चलना है। मेरी नजर बार बार कुसुम के ब्लाउज पर जा रही थी। जिसमे से उसके दूध ऊंचक ऊंचक कर निकल ने को बेताब थे। बलाउज और साड़ी में काफी गेफ था उसका पेट की नाभि अलग ही चमक रही थी। उसे कांख के बाल क्लीन शेव थे उसमे से परफयूम की खुशबू आ रही थी। गजब का परफ्यूम लगा था। अच्युली वो साक्षात सेक्स की देवी लग रही थी।

मैंने अपनी मोटर साइकिल पीलेटिनां निकाली और तीनो लोग बैठकर चल दिये रिंकी मेरे पीछे दोनों पैर डालकर और कुसुम उसके बाद बैठी थी। रिंकी के शर्ट में से निकल रहे उरोज मेरी पीठ पर ऐसे चिपके हुए थे जैसे धसनें की कोशिश कर रहे हो। रिंकी के स्तनों का साइज ज्यादा बड़ा नही था लेकिन हाथो में लेकर होठो से लगाकर चूसने लायक था। रिंकी के दूधों के स्पर्श से मुझे ये तो अहसास हो गया था कि अभि तक उसके दूधों का भोग नही लगा है क्योकि उसके दूध टाइट कसे हुए थे।

रिंकी के बदन में से भी कुसुम वाली खुशबू आ रही थी। रिंकी ने अपने मोबाइल से इंस्टा के लिए शॉर्ट वीडियो बनाने लगी। मुझे बड़ा ही अजीब लग रहा था। क्योकि आज तक मेरी बाइक पर मेरी मम्मी को छोड़कर कभी भी कभी लड़कीया नही बैठी थी। और वो भी इतनी खूबसूरत। हर कोई आने जाने वाला बस हमें ही देख रहा था।

हम एक मॉल में पहुँच गए, मॉल में बहुत भीड़ थी कोई डिस्काउंट औफर चालू था। ज्यादातर हॉट बोल्ड लेडी, लड़किया और भाभिया थी, पर मेरी कुसुम और रिंकी भी सब पर भारी थी। क्योकि सब बार बार उन दोनों देख रहे थे। कुसुम और रिंकी ने सामान वगेरा खरीदा और थैली मुझे पकड़ा दी। वो दोनों आगे चल रही थी। मॉल के अंदर बहुत से लोग इंस्टा वीडियो बना रहे थे। बस रिंकी भी मोबाइल निकालकर शुरु हो गयी। पहले तो वो अकेले के बनाती रही।

फिर उसने कुसुम को इशारा किया और कुसुम तो उससे भी एक कदम आंगे निकली वो उसकी मम्मी कम उसकी दीदी लग रही थी। कुसुम मेरे नजदीक आकर बोली ये बैग साइड में रखो और हमारे साथ वीडियो बनाते हुए एंजॉय करो। मैंने हस्ते हुए कहा मुझ गरीब आदमी को माफ करो। और कुसुम के हाथ जोड़ने लगा, पर मुझे नही मालूम था की रिंकी मेरे और कुसुम के बीच इस reaction का वीडियो बना रही थी।

फिर वो हस्ती हुई हमे वीडियो दिखाने लगी मै वीडियो देखकर बहुत खुश अपने आप को हीरो समझने लगा। और उन दोनों के साथ वीडियो बनाने लगा।

रिंकी ने मेरे और कुसुम के

एक से बढ़कर एक डांस वीडियो जिसमें कुसुम मेरे को पकड़कर डांस करती नजर आ रही थी।

"मार गयी मुझे तेरी जुदाई डस गयी ये तन्हाई, तेरी याद आई रातों में नींद नही आई"

फिर रिंकी ने कुसुम को मोबाइल दे दिया और रिंकी मेरे साथ डांस वीडियो बनाने लगी।

"आओ आकर चूम लो, हम जो रूठ जायेंगे तो हाथ मलोगे, तुम तो धोकेबाज हो'"

रिंकी कभी मुझे सीने से लगाती तो उसकी चूची मेरे सीने में चिपक जाती जिससे मेरा रोम रोम सिहर जाता। एक वीडियो में तो उसने मेरे साथ डांस करते हुए मुझे होंठों पर चूम लिया और मेरे हाथ पकड़कर अपने नितंबो पर रखकर ऐसे अपने कूलहे हिलाने लगी। जिससे मेरा लंड भी डांस करने के लिए मचलने लगा। मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा था और मैंने अपनी कमर हिलाना शुरु कर दी। ये देखकर पीछे कुछ लड़के लड़की हसने लगे।

मैंने जब रिकॉर्ड वीडियो देखा तो मै चुदाई करने वाली style में कमर हिला रहा था। मुझे बड़ी शर्म लगी। पर रिंकी ने कुछ मुझसे नही कहा वो बोली once more.

थोड़ी देर बाद हम खाने पीने कैफे में गए और खा पीकर बाहर आये तो एक लड़का कुसुम को बहुत देर से घूर रहा था। मैंने कुसुम की तरफ देखा तो समझ गया वो घूरने वाली चीज ही है क्योकि उसके कपड़े में उसके मादक और कामुक अंग अलग ही चमक रहे थे। मै कैफे का बिल देने लगा कुसुम और रिंकी आगे निकल गयी। मैंने देखा वो लड़का कुसुम के पास जाकर उससे बातें करने लगा और कुसुम भी उससे खिलखिलाती हुई बात कर रही थी। मै तुरंत भागता हुआ उनके पास आ गया।

मुझे देखकर कुसुम उस लड़के से बोली ये है मेरे दूसरे पति उस लड़के ने मुझसे हैलो बोला और कुसुम से बोला तुमने शादी कब की कुसुम बोली आठ दिन पहले तो वो लड़का बोला मै आठ दिन लेट हो गया। कुसुम बोली क्यो मेरी शादी में आने के लिए वो बोला नही शादी करने के लिए। कुसुम उसको हस्ती हुई बोली तुझे पजामे का नाडा बाँधना मैंने सिखाया है और अब इतने बड़े हो गए हो तेरे लिए कोई और ढूढ़ देती हू।

मै और रिंकी शांत खड़े होकर उन दोनों की बातें सुन रहे थे। मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था। और मन ही मन उन दोनों को गालिया बक रहा था। मुझसे रहा नही गया मैंने कुसुम से बोला चलो चलते है। वो लड़का भी कुसुम के साथ चलने लगा। मै और रिंकी पीछे और कुसुम और वो आगे उन दोनों की हसी ठिठोली कि आवाज मॉल में जोर जोर से सुनाई दे रही थी हर कोई उनकी तरफ देखता हुआ जा रहा था।

मेरा खून खोलने लगा था। मैंने रिंकी से पूछा तुम इस लड़के को जानती हो वो बोली इसे मैंने अपनी नानी के घर पर देखा था जब मै बहुत छोटी थी मुझे ठीक से पता नही है।

हम मॉल के बाहर आ गए मै फुर्ती में बाइक लेकर आया और थोड़ा गुस्से में बोला चलो बैठो। और तेज स्पीड में सीधा घर। रास्ते में रिंकी के बदन का स्पर्श भी मुझे अच्छा नही लग रहा था।

मै सोच रहा था मैंने गलती कर दी बिना जांच पड़ताल किये एक रांड से शादी कर ली। मै कुसुम को मन मै हजारो गालिया दे रहा था। कोई जवान और हसीन लड़की जो कम उम्र में विधवा हो जाये वो 18 साल तक बिना लंड के कैसे रह सकती है।

पर दूसरी तरफ ये सोच रहा था जब मैंने शादी की पहली रात को इसे चोदा था तो इसकी चूत में से बहुत खून तो निकला था।

मुझे कुछ समझ नही आ रहा था मै ऐसा क्यो सोच रहा हू।

आखिर गलती किसकी है।

मै एक कहावत गुनगुनाने लगा-

" रांड, सांड और दासी, एक जगह के नही निवासी "

शाम के आठ बजने वाले थे, हम घर पहुँच गए बाइक खड़ी करके मै अंदर जाने ही वाला था की कुसुम बोली क्यो क्या हुआ मुह क्यो फूला है, कुसुम को तो पता ही नही था मै गुस्सा क्यो हू। वो मजाक में हसी और बोली ज्यादा खर्चा नही किया है मैंने।

और मुझे उसकी हसी अब छीनारो वाली हसी लग रही थी मुझसे उसके कपड़ो में अब नंगापन बदन देखा नही जा रहा था। मैंने उसको बोला जाओ अपना काम करो।

और बाइक उठाकर फिर निकल गया और नौ बजे के करीब वापस ये सोचकर आया की आज मै अपनी पत्नी कुसुम की गांड मारूंगा।

मै बेमन से खाना खाकर और मम्मी पापा रिंकी के सामने कुसुम पर खाने में नमक kam और मिर्च ज्यादा का बहाना बनाकर उस पर चिल्लाकर अपने बेडरूम में चला गया दस बजे करीब कुसुम आई दरवाजे बंद करके आँख बंद करके लेट गयी। मै समझ गया था कुसुम गुस्से में है।

मै उसके बगल में बैठ गया। और उसके गले में हाथ डाल कर उसके दूध को दबा दिया। वो गुस्से में बोली ये क्या है दूर से बात करो ना।

मैंने उसके करीब चिपकते हुए उसके दूध को दबाते हुए बोला आज तो गजब लग रही थी और उसे किस करने लगा। वो बहुत ज्यादा में गुस्से में आ गई और धोखे से एक थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया।

उसकी आंखों में आंसु थे वो रो रही थी।

"लड़की आँसू और हंसी लड़के से कुछ भी करवा सकते है"

मै कुसुम की आँखों में आँसू देखकर अपना सारा गुस्सा भूल गया। और उसको प्यार से बात करते हुए शांत करने लगा।

5 मिनट बाद वो बोली मेरी बात ध्यान से सुनो मेरा एमसी टाइम चल रहे हैं। अगर हमारे बीच सेक्स हुआ तो शायद मैं प्रेग्नेंट हो सकती हूं। और मै अभी प्रेग्नेट नही होना चाहती मै आपका प्यार अभी किसी से नही बाँटना चाहती। मैंने कहा हम सेक्स नहीं करेंगे सिर्फ ऊपर से।

उसने अपने होंठ मेरे होठ पर रख दिए। और मेरी जीभ को अपनी जीभ से लगाकर छूने लगी। मुझे मजा आने लगा में भी उसके दूध ब्लाउज के ऊपर से दबा रहा था। 2 मिनट किस के बाद में उसके ब्लाउज के बटन खोलने की कोसिस करने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया या बोली नहीं ये मत करो। बस ऊपर से मैंने कहा ऊपर से मजा नहीं आ रहा है। बस थोड़ी देर उसने कहा ब्लाउज साड़ी पहनने में समय बहुत लग जाता है। मैंने कहा मै पहना दूंगा तो वो हसने लगी। में उसके ब्लाउज खोलने लगा तो उसे मुझे कहा रुको और वो खुद अपना ब्लाउज खोलने लगी। उसने अपना ब्लाउज अलग कर दिया वो ब्लैक कलर की ब्रा पहने थी। ब्रा में उसके दूध समा नहीं रहे थे।

फिर मैंने उसे ब्रा नीचे से ऊंचा कर उसके दूध बहार निकल लिए। उसने अपने हाथ से ब्रा के हुक खोल कर ब्रा भी निकल दी उसके मस्त दूध मेरे हाथ में थे। में उसके दूध चूस रहा था। वो सिस्किया ले रही थी।

उसके निप्पल में से दूध निकलने लगा में पूछा ये दूध निकलने लगा वो बोली पी लो वो गरम हो चुकी थी। मेरा लंड भी खड़ा हो गया था। मैंने अब उसकी साडी नीचे से ऊपर करने के लिए उठाई तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। वो बोली नहीं मेंने कहा बस दिखा दो उसे कहा nono

मैंने फिर दूध की चुसई शुर कर दी और उसके ऊपर चढ़ गया मेरा लंड उसके पेट को touch कर रहा था। लेकिन इस बार उसने मेरे लिंग को टच नहीं किया वो किस कर रही थी। तो फिर मेने ही उससे कहा मेरा लिंग पर भी किस करो ना। वो बोली चुप। वो हस रही थी। मेरे दिमाग में आईडिया आया क्यों न इसे लिंग दिखा कर चुसवाया जाए शायद तब कुछ करने दे। तो मैंने अपना पेंट उतरकर चड्डी के छेद में से लिंग निकाल लिया और उसे बोला ये भी किस मांग रहा है। वो मेरा लिंग पकडकर सहलाने लगी। स्किन ऊपर नीचे करने लगी। मैंने उसे टोका आराम से ऊपर नीचे मत करो फिर उसे मेरा लिंग अपनी नाक के पास ले जाकर सूघने लगी और धीरे से जीभ निकल कर चाटने लगी। मुझे बड़ा मजा रहा था।

तबी मेरे मुह से निकल पड़ा की वो लडका कौन था जिससे तुम मॉल में हसकर बात कर रही थी। वो बोली मेरी बहन प्रीति का देवर था। वो बहुत मजाकिया है प्रीती दीदी को जीजाजी कभी कभी उसे लाने के लिए भेज देते थे। वो अपनी शादी का कार्ड देने मम्मी के घर आया था। और मॉल में अपनी होने वाली पत्नी के लिए कुछ शॉपिंग कर रहा था।

मैंने कहा रिंकी से मैंने पूछा तो उसने कहा वो नही जानती।

कुसुम बोली क्योकि वो बहुत छोटी थी जब वो लड़का आखिरी बार हमारे घर आया था।

कुसुम बोली तुम ऐसे क्यों पूछ रहे हो मैंने कहा ऐसे ही। तो वो बोली ओहो जलन फील हो रही थी। मेने भी बोल दिया तुम हो ही इतनी प्यारी, मासूम, भोली तुम्हें तो हर लड़का पसंद करेगा। वो हस्ती हुई बोली मुझे सब पता है मेरा मज़ाक मत उड़ाओ।

मैंने कहा नहीं कसम से तुम बहुत प्यारी हो। वो बोली मेरे लिए दुनिया में आप से अच्छा कोई नहीं है मेरे शरीर और मेरे दिल पर ओनली आपका अधिकार है। कृपया मेरा साथ कभी मत छोडना। मुझे कभी धोखा मत देना। और उसकी आंखों में आंसू आ गए। और मेरे लिंग को छोड कर मुझे होंठों पर किस करने लगी। में भी उसे किस करने लगा।

2 मिनट किस करने के बाद वो बोली चलो अब सोते है। मैंने कहा मुझे बस एक बार वो दिखाओ ना। मेरा इशारा उसकी योनि पर था वो नहीं। pls समझो आज नहीं मेंने कहा सिर्फ देखना है बस वो बोली ठीक है सिर्फ देखना समजे और वो खड़ी हुई और उस ने अपनी साड़ी जो की खुल चुकी थी पूरी निकल दी उसकी सफेद रंग की पैंटी उसकी योनि को ढके हुए थी ।

उसने अपनी पैंटी थोड़ी नीची खिस्का दी मेने देखा उसे योनि पूरी गिली थी उसमे मैने अपनी उगली लगायी तो उसमे से लार सी निकल रही थी। मेने उससे पूछा तुम तो कह रही थी की एमसी से हो। वो बोली एमसी से नहीं हु दिन पूरे हैं।

अभी सेक्स करना सुरक्षित नहीं होगा। मेने कहा मतलब प्रेग्नेंट हो जाऐगी। वो बोली हा। मैंने कहा में पापा बनना चाहता हूं। तो वो आंख घूरते हुए बोली पहले अपने पापा से पूछ लो। मुजे हसी आ गई। हम हसने लगे फिर मेने अपनी जीभ उसकी योनि पर लगा दी। तो उसे मेरा मुह पकड लिया बोली नहीं करो pls। मैंने कहा थोडा सा और जीभ लगाकर उसकी योनि चाटने लगा। अजीब सी गंध थी में बता नहीं सकता पर अच्छा लग रहा था। मेरा पुरा मुह उसकी योनि से बह रहे लार से भर गया उसकी आंख बंद थी। मेरा लिंग एक दम ऊपर की ओर हो रहा था। फिर मेने लिंग को चड्डी के छेद में से निकाला और देखा वो इस बार कुछ ज्यादा ही फूल गया है। मैंने सोचा अब ठीक समय है इसे योनि में डालने के लिए पास में वैसलीन की शीशी रखी थी मैंने उसे उठाकर अपने लिंग पर लगाया। ये देख कर बोली नहीं मत करो में मर जाऊंगी। मैंने कहा कुछ नहीं होगा। उसे अपनी टांग मोड ली और पलट गई। मैंने उसे सीधा करने की कोशिश की लेकिन नहीं कर पाया वो मुझसे ज्यादा ताकतवर थी में सोचने लगा लड़की का अगर मन नहीं हो तो कोई भी माई का लाल उसे चोद नहीं सकता।

वो बोली pls मत करो उसे शायद अब बुरा लगने लगा था। मैंने उसे सीधा करने की फिर कोसिस की लेकिन इस बार में उसके एक थप्पड़ मार दिया था धोखे से।

पर मै मानने वाला नहीं था। मैंने उस से कहा कुसुम थोड़ा सा करने दो ना pls।

कुसुम की अलग सी आवाजे निकल रही थी ओह्ह्ह्ह, उउह्ह्ह बस करो उसे कुछ दर्द ज्यादा हो रहा था। तो में रुक गया मैंने पूछा क्या हुआ वो बोली बहार निकाल लो बहुत दर्द हो रहा है। मैंने कहा पिछली बार और हनीमून पर जब हमने किया था तब दर्द हुआ था पर तुमने एडजस्ट किया था। अब भी थोड़ा करो ना वो बोली अभि मेरा मूड नहीं pls बहार निकालो। तुम बस adjust करो वो चुप हो गई और मैने अपना लिंग को अंदर बहार करना शुरू कर दिया। और अपने हाथो से उसके दूध भी दबा रहा था। वो शांत होकर बस ओह्ह्ह्ह, उह्ह्ह, बस की आवाज निकल रही थी।

मेने एक चिज़ नोटिस की जब मैंने हनीमून में उसके साथ सेक्स किया था तो वो भी अपनी कमर हिला रही थी लेकिन इस बार वो लेटी हुई थी।

नो एक्सप्रेशन मुझे लगता है कि वो सेक्स करना नहीं चाहती थी। लेकिन मुझे क्या में लगा रहा 20 मिनट तक उसके ऊपर एक ही स्थिति में ढकके लगाते हुए मुझे महसूस हुआ कि अब मेरी घुटनो में दर्द होने लगा तो उसे बोला थोड़ा उठो ना। लेकिन उसने नहीं सुना। तो मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी वो थोड़ी जोर से ओह्ह्ह pls बस करते हुए सिस्किया भर रही थी।

मेंने अपने लिंग को उसकी योनि में से निकालने ही वाला था की उसे अपनी टांगो की कैची बना ली या मुझे जकड़ लिया। मेरा

मेरा लिंग उसकी योनि के अंदर तक चला गया। मुझे लिंग में बहुत गीला से महसूस हो रहा था। जैसे मलाई चिपक गई हो.

मे समझ गया उसका डिस्चार्ज हो गया है। तभी मेरे चुतर में एक अजीब सा महसूस हुआ मेरा बस निकलने वाला ही था तो मैने उसकी योनी में से लिंग निकालकर उसके पेट पर अपना पुरा पानी निकाल दिया। वो निढाल होकर लेटी रही। फ़िर जब उसने आँखे खोली तो उसे आँखों में आंसु थे।

वो बोली अब हटो, वो धीरे से उठी और अपनी ब्रा पैंटी उठाई वॉश रूम में चली गई। मैंने भी अपनी चड्डी उठाई और ऐसे ही पहनने लगा। वो वॉश रूम से आई या शीशे के सामने खड़ी होकर अपना मुह पोचने लगी मैंने बोला क्यो क्या हुआ कुछ बोलो ना वो बोली आज आपने जो किया है वो गलत है। एक पति का फर्ज पत्नी की खुशी में होता है और आपने अपनी जिस्म की भूख शांत करने के लिये एक ना सुनी।

मैने कहा क्यो मजा नही आया क्या। वो बोली छोड़ो आप सो जाए सच आपसे सुना नही जायेगा। मैने कहा बोलो

वो बोली मजा तो दूर मुझे ऐसा लग रहा था की आप मॉल में प्रीति दीदी के देवर से जो मैने हँसकर बात करने की गुस्सा मुझ पर निकाल रहे हो। और मेरा रेप कर रहे हो।

आप मुझे बस ये बताए आज जो हुआ उसमे गलती किसकी है।
 
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