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- Dec 5, 2013
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रंजिश जब दिल और दिमाग पैर हावी हो जाती है तो इंसान सही और गलत नहीं देखता देखता है तो सिर्फ बदला फिर चाहे कीमत कुछ भी जिसका जीता जगता सबूत सलीम था जो बदले की आग में सब कुछ तबाह कर ने तक को राजी था दो बार मुँह की खाने के बाद तो वही मस्त मोला युवी राजी की गांड और छूट बजा ने के बाद घर की और जा रहा था की रस्ते पैर चलते हुए उसकी नज़र बाबा पैर पड़ी जो अचानक hi सामने आ गए जिन्हे देखते hi युवी ने गाड़ी साइड में रोकी और तुरंत बाबा की पैरो को छूटे हुए परनाम करके बोलै
युवी - आप यहाँ सुनसान सड़क पैर क्या कर रहे हो बाबा और इतने दिन दिखाई भी नहीं दिए
बाबा- हम वही देखते है युवी बीटा जो हम देख न चाहते है जैसे तुम अपने दिल में आज मुझे याद कर रहे थे मिल ने के लिए और में तुम्हे दिख गया क्यों सही कहा न
युवी - आप की महिमा को में नहीं समझ सकता बाबा पैर हां सच कहु तो दिल में कुछ घबराहट सी हो रही थी
बाबा - ये घबराहट नहीं मेरे बच्चे संकेत है की कुछ अनिष्ट हो ने को है पैर तुम चिंता न करो ऊपर वाला तुम्हारे साथ बस तुम किसी को नज़रअंदाज़ मत करना अपने से कमतर समझ के बाकि सब ठीक होगा
युवी - क्या अनिष्ट हो ने वाला है बाबा प्ल्ज़ मुझे बताइये क्युकी में अब कुछ भी खोना नहीं चाहता
बाबा - फ़िक्र न करो युवी जो तुम्हारा है वो तुम्हारा hi रहेगा बस तुम्हे साबित करना होगा की तुम उसकी सुरक्षा कर सकते हो जो तुम्हारा है बाकि सब उसके भरोशे छोड़ दो वो कभी अपने बन्दों का बुरा नहीं करता इसलिए अब शांत मैं से घर जाओ
युवी - मैं तो अशांत हो चूका है बाबा और आप कह रहे हो शांत मैं से घर जाऊ भला कैसे पता नहीं अब की बार क्या डाव पे लगा है और कब सामना होगा ये डरावने परिवर्तन मेरी hi ज़िन्दगी में क्यों होते है हमेशा
बाबा- ये तुम्हारी ज़िन्दगी की आखिरी परीक्षा है मेरे बच्चे इसलिए घबराना नहीं और सामना जल्द hi निर्धारित है समय के गर्भ में और अब अपने अशांत मैं के साथ घर जाओ जहा तुम्हारे सारे दुखो का निवारण तुम्हारी जीवन संघानी प्रिय मजूद है जिसके स्पर्श से hi तुम्हारा ये अशांत मैं शांति के सरोवर लीं हो जायेगा ॐ शांति
इतना कहते hi बाबा वह से हवा के झोके की तरह न जाने कहा गायब हो गए युवी भी न समझ पाया बस एक तक देखता हुआ गाडी में बैठ कर घर की और चल दिया जहा पहुंच कर उसने दरवाज़ा खटखटाया तो दरवाज़ा खोला उसकी रूह में बसी प्रिय ने जिस से देखते hi युवी भावक हो कर गले जा लगा जिसे तुरंत महसूस करती प्रिय उसका सर सहलाते हुए प्यार से बोली
प्रिय - क्या हुआ जान क्यों बेचैन है आप इतने शांत हो जाइये में हु न आइये अंदर आइये
युवी को बाहो में लिए प्रिय अंदर आयी और युवी शांत करते हुए बोली
प्रिय - अब बताइये क्या हुआ आप को क्यों परेशान है
युवी - कुछ नहीं बस आज वो बाबा मिले थे
बाबा का जिक्र करते हुए युवी सब कुछ प्रिय को बता देता है जिसे सुन ने के बाद प्रिय युवी के होठो को प्यार से चुम कर उसे शांत करते हुए बोली
प्रिय - कुछ गलत नहीं होगा आप फ़िक्र मत कीजिये और खुद को शांत रखिये क्युकी में आप को जानती हु आप कुछ गलत नहीं हो ने देंगे बस आप को शांत रहने की जरुरत है
युवी - प्रिय में ये कह रहा था क्यों न हम वो ज़मीन उस राजेश को वापस कर दे हमारे पास कमी थोड़ी है क्या पता वो hi घात लगा रहा हो
प्रिय - नहीं बिलकुल नहीं वो मेरी म्हणत की कमाई जिस पैर अब सिर्फ आप का अधिकार है जिसे आप के शिव में किसी को नहीं दूंगी और आप कब से दर ने लगे
युवी - डरता नहीं हु प्रिय ये तुम भी जानती हो बस में अब कुछ भी खोना नहीं चाहता हु फिर चाहे मुझे कुछ भी कीमत देनी पड़े
प्रिय - हम ने कुछ गलत नहीं किया जान तो हम क्यों डरे और क्यों कोई कीमत दे कीमत वो भरेगा जो गलत करेगा न की हम इसलिए आप सब भूल जाओ और खुद को तैयार रखो हर आने वाली परेशानी के लिए जिस में में आप के साथ हु चाहे जो हो
युवी - अगर ऐसा है तो कुछ गलत नहीं होगा बस तुम ऐसे hi मुझे प्यार करती रहो( प्रिय के होठो को चूमते हुए )
प्रिय - जनाब आप कुछ जायदा hi रोमेंटिक हो रहे है याद है न अभी रुकावट है
युवी - कोई रुकावट नहीं है आज मुझे इन्हे मसल न है बहुत दिन हो गए है वैसे भी इन्हे छुए हुए (प्रिय के होठो को लगातार चूमते हुए एक हाथ से उसके मोठे कूल्हे सहलाते हुए बोलै)
प्रिय - आप के hi है जितना मर्ज़ी मसल लेना बस थोड़े दिन रुक जाइये फिर नहीं रोकूंगी में अपनी जान प्रॉमिस और अभी के लिए आप ऊपर रूम में जाइये आप के लिए सरप्राइज है ( प्यार से युवी के होठो से अलग हो कर उसके चेहरे को दोनों हाथो में लेकर बोली)
युवी - हम्म्म जो हुकम रानी साहिबा वैसे सरप्राइज क्या ये तो बता दो
प्रिय - बता दिया तो सरप्राइज कैसा आप खुद जा कर देख लीजिये तब तक में डिनर की तैयारी करती हु अपनी जान के लिए ok माय लव
युवी - ok जी तुम खाना बनाओ में अभी आया अपना सरप्राइज देख के
प्रिय - सरप्राइज देख कर आप जल्दी नहीं आ पाओगे जान इसलिए आप आराम से जाओ और तस्सली से अपना गिफ्ट एन्जॉय करो
( युवी की तरफ आंख मारते हुए बोली)
युवी - तुम और तुम्हारे गिफ्ट देखता हु अभी जा कर की आखिर ऐसा क्या है जिस में टाइम लगेगा
बड़बड़ाता युवी जब अपने रूम में पंहुचा तो सामने कोई नंगी हालत में घोड़ी बने हुए दिखाई दी जिसे गौर से देखते हुए पास चलते हुए आकर युवी बोलै
युवी - ये गोरी गांड तो जानी पहचानी लग रही है पैर इस पैर ये पेंटी का पर्दा क्यों लगाया है मोहतरमा
लेडी- ये पर्दा आप के हाथो hi हटेगा जीजा जी और ये वही गांड जिसका कई बार बांड बजाय है आप ने जो आज फिर आप के हाथो मसलना चाहती है
युवी - हम्म तो आरती डार्लिंग आयी है आज अपने जीजा की प्यास बुझाने तो फिर देर किस बात लो में hi हटा देता हु इस परदे को जिसके पीछे तुम्हारी जहरीली गांड छुपी हुई है ( आरती की पेंटी में साइड से ऊँगली फसा कर उसे खेचते हुए बोलै )
आरती - ओह्ह्ह जीजू में तो खुद प्यासी हु में क्या आपकी प्यास बुझाऊँगी में तो खुद को आप के पास अपनी खुजली मिटवाने आयी हु आअह्ह्ह ऐसे hi मसलो जीजू ऊऊफफफफफ कितना सकूं मिल रहा है ूउम्मंहहहहह
युवी- पहले से गदरा गयी हो सालहाज़ साहिबा और नमकीन भी ( आरती की छूट पैर अपनी जीभ फिरते हुए)
आरती- उउउउउम्मम्माह्ह्ह्ह स्स्स्सह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह यही तो मिस कर रही थी में इतने दिन सीए ऊऊफफफफफफ आआअह्ह्ह खहा जावू ना इसी जीजू बहुत परेशान करती है एई अअअअअअअ mmmmaaaaaaaaaaa मेरिइइइइइ चुउत्त्तत ऊऊफफफफफ आएससीई होई चाटो हआ एआईएससीईए बहुत मजा आआ रहा हैईईई उउउउम्मम्मह्हह्ह्ह्ह ससागहहहहहह oooohhhhhhhhhh बहुत सकूँन मिल रहा है आआआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह जजीजूउउउ मूउझह्गीीी कुछः हो रहा हैआईईई aaaaaahhhhhhhhhhh aaaaiiissseeeeeeeeeee ठीइइइइइइइइ mmmmaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh मईंननणणन गायययययीईइईओ उउउउइइइइउउउइइइइइइउउइउउउउइउउंजूऊऊह्ह्हह्ह
युवी की जीब की रगड़ अपनी झड़ती छूट पैर मेहसुस करती आरती का जिस्म अकड़ने लगा जैसे जिस्म से जान निकल ने लगी हो
युवी- तुम बड़ी जल्दी साथ छोड़ ने लगी आरती डार्लिंग अभी तो शुरू hi किया था
आरती- आपकी शुरुवात hi ऐसी थी की में खुद शम्भल hi नहीं पायी ( अपनी साँसों की गति को सँभालते हुए बोली)
युवी- तो फिर अब मेरा क्या होगा तुम तो फारिग हो गयी
आरती - फारिग तो आप के मुसल को अपनी छूट में लेकर hi होउंगी पैर पहले इसका सुवाद तो चख लू जिसे चखे कितने दिन हो गए गलप्प ुउउम्म( युवी के लुंड पे जीब घूमते हुए बोली)
युवी- ऊऊह्ह्ह्ह आरती ऐसे होई जोर जोर से चुसो ऊऊफफफफफ हा आईसीए आआह्ह्ह्हह ममममममहहहहहहह
आरती- ोुह्ह्ह्ह जीजू ये तो पहले से भी जायदा मोटा लग रहा है और टेस्टी भी ( युवी के लुंड पैर निचे से ऊपर को जीभ फिरते हुए बोली)
युवी- ूउम्मम्म स्स्स्सस्छ्हःहः ऊऊफफफफफ आआह्ह्ह्ह जोररर सीए आरटीई आईसीए हठीीी oooohhhhhhhhhhh
आरती- ोुह्ह्ह्ह जीजू बस अब ये बिलकुल तैयार हैई और मुझे ये अपने अंदर चाहिए जल्दी से बहुत खुजली हो रही ही आअह्ह्ह देखो कैसी अकड़ दिखा रहा हैई उउउउम्मम्म ( युवी के लुंड पैर तेज़ी से हाथ चलते हुए बोली )
युवी भी बहुत बेचैन हो गया था लुंड आरती के मुँह से निकलते hi इसलिए वो भी तुरंत पोजीशन में आज्ञा पैर शायद आरती कुछ जायदा hi उतावली थी जो अपनी छूट पैर लुंड महसूस करते hi खुद hi पीछे को धकेल कर लुंड को अपनी छूट में छुपा कर आगे पीछे होने लगी जोर से सिसकते हुए
आरती- आअह्ह्ह्हह पूरा घुसा दो ना जीजू क्यों तड़पा रहे हो अपनी सलहज को आआह्ह्ह जोर से छोड़ो बिलकुल जानवर की तरह
आरती बात सुनते hi युवी ने उसे गर्दन से पकड़ के निचे की तरफ झुकाया और तेज़्ज़ तेज़्ज़ धक्के लगा ने लगा जिस से आरती की चीखे पुरे कमरे में गूंज ने लगी
आर्ट- आआआहहहहहहह माआआआआ मर गायियीईइ ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ जीजू आआआह्ह्ह्हह्ह मारर्र जाऊणगगीयी एआईईसीईए टूओ aaaaaahhhhhhhhhhhhhh अआप ताऊ बिलकुल जानवर होई बाण ग्येईई आआआअह्हह्ह्ह्हह sssshhhhhhhhhhh डीईडीईई बचाऊओऊ ूउम्म्माःह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह
युवी के तेज़्ज़ धक्को को अपनी छूट में झेलती आरती की हालत ख़राब थी जो युवी के निचे दबी बुसस घूऊ घूऊ की आवाज़ निकालती उसके गहरे झटके झेल रही थी
युवी- ऊऊह्ह्ह्ह आरती डार्लिंग तुम्हे भी तो ऐसी hi चुदाई चाहिए थी ना तो फिर अब ये चिल्लम चिल्ली क्यों मजा लूओ ना चुदाई का
आरती- आआअह्हह्ह्ह्हह जीजू पसंद है पैर इतनी भयानक भी नहीं की जान hi आआह्ह्ह्हह निकलल जेआईई ऊऊह्ह्ह्ह म्मम्माआआआआ मेरी छुट्ट्ट्ट गायियीईई ssssshhhhhhhhhhh आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ममममममआ थोड़ा तो धीरे कर लो ूउम्मम्म आआअह्ह्ह्ह
आरती की छूट से बेहटा रास बिस्तर पैर गिर कर बहने लगा था जिसे नज़रअंदाज़ करता युवी डबल जाती से ताबड़ तोड़ धक्के लगाए जा रहा था
जहा आरती की छूट की धुनाई पुरे शबाब पैर थी तो वही युवी अपनी मंज़िल के करीब था जिसका असर ये था की आरती की चीखे निकल रही थी
आरती - ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह मममममअअअअ जीजू बुस्स्सस्स भ्हीई करूऊ आआह्ह्ह्हह मेऐईंण मर जौंगीयी uuuuummmmaaaahhhhhhhhhhhhhhh
युवी - बस्स्स मेरी डार्लिंग मेऐईंण्णन ाआययययआआ उउउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ ससससससहहहह आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम्मईईईन्न्नन्नं aaaaayaaaaaaaaaaa aaaahhhhhhhhhhhhh अअअअअरररतत्तत्तीइइइइइइइ मीयेंन आआआआआआ ( आरती की छूट में अपने लुंड की गर्मी उड़ेलते हुए बोलै)
आरती को अपनी छूट में युवी के गरम प्रेम रास को महसूस करके एक अलग hi रहत महसूस हो रही जिस महसूस करती वो लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी तो युवी ने लुंड को उसकी छूट से बहार खींच लिया और बचा कुछ प्रेमरस हाथो से लुंड को आगे पीछे करते हुए उसकी नंगी गांड पैर गिराने लगा
कुछ देर ऐसे hi खुद की सांसें संभल ने के बाद युवी फ्रेश हो कर निचे चला गया जिस के बाद आरती भी फ्रेश होने बाथरूम में घुस गयी
रंजिश जब दिल और दिमाग पैर हावी हो जाती है तो इंसान सही और गलत नहीं देखता देखता है तो सिर्फ बदला फिर चाहे कीमत कुछ भी जिसका जीता जगता सबूत सलीम था जो बदले की आग में सब कुछ तबाह कर ने तक को राजी था दो बार मुँह की खाने के बाद तो वही मस्त मोला युवी राजी की गांड और छूट बजा ने के बाद घर की और जा रहा था की रस्ते पैर चलते हुए उसकी नज़र बाबा पैर पड़ी जो अचानक hi सामने आ गए जिन्हे देखते hi युवी ने गाड़ी साइड में रोकी और तुरंत बाबा की पैरो को छूटे हुए परनाम करके बोलै
युवी - आप यहाँ सुनसान सड़क पैर क्या कर रहे हो बाबा और इतने दिन दिखाई भी नहीं दिए
बाबा- हम वही देखते है युवी बीटा जो हम देख न चाहते है जैसे तुम अपने दिल में आज मुझे याद कर रहे थे मिल ने के लिए और में तुम्हे दिख गया क्यों सही कहा न
युवी - आप की महिमा को में नहीं समझ सकता बाबा पैर हां सच कहु तो दिल में कुछ घबराहट सी हो रही थी
बाबा - ये घबराहट नहीं मेरे बच्चे संकेत है की कुछ अनिष्ट हो ने को है पैर तुम चिंता न करो ऊपर वाला तुम्हारे साथ बस तुम किसी को नज़रअंदाज़ मत करना अपने से कमतर समझ के बाकि सब ठीक होगा
युवी - क्या अनिष्ट हो ने वाला है बाबा प्ल्ज़ मुझे बताइये क्युकी में अब कुछ भी खोना नहीं चाहता
बाबा - फ़िक्र न करो युवी जो तुम्हारा है वो तुम्हारा hi रहेगा बस तुम्हे साबित करना होगा की तुम उसकी सुरक्षा कर सकते हो जो तुम्हारा है बाकि सब उसके भरोशे छोड़ दो वो कभी अपने बन्दों का बुरा नहीं करता इसलिए अब शांत मैं से घर जाओ
युवी - मैं तो अशांत हो चूका है बाबा और आप कह रहे हो शांत मैं से घर जाऊ भला कैसे पता नहीं अब की बार क्या डाव पे लगा है और कब सामना होगा ये डरावने परिवर्तन मेरी hi ज़िन्दगी में क्यों होते है हमेशा
बाबा- ये तुम्हारी ज़िन्दगी की आखिरी परीक्षा है मेरे बच्चे इसलिए घबराना नहीं और सामना जल्द hi निर्धारित है समय के गर्भ में और अब अपने अशांत मैं के साथ घर जाओ जहा तुम्हारे सारे दुखो का निवारण तुम्हारी जीवन संघानी प्रिय मजूद है जिसके स्पर्श से hi तुम्हारा ये अशांत मैं शांति के सरोवर लीं हो जायेगा ॐ शांति
इतना कहते hi बाबा वह से हवा के झोके की तरह न जाने कहा गायब हो गए युवी भी न समझ पाया बस एक तक देखता हुआ गाडी में बैठ कर घर की और चल दिया जहा पहुंच कर उसने दरवाज़ा खटखटाया तो दरवाज़ा खोला उसकी रूह में बसी प्रिय ने जिस से देखते hi युवी भावक हो कर गले जा लगा जिसे तुरंत महसूस करती प्रिय उसका सर सहलाते हुए प्यार से बोली
प्रिय - क्या हुआ जान क्यों बेचैन है आप इतने शांत हो जाइये में हु न आइये अंदर आइये
युवी को बाहो में लिए प्रिय अंदर आयी और युवी शांत करते हुए बोली
प्रिय - अब बताइये क्या हुआ आप को क्यों परेशान है
युवी - कुछ नहीं बस आज वो बाबा मिले थे
बाबा का जिक्र करते हुए युवी सब कुछ प्रिय को बता देता है जिसे सुन ने के बाद प्रिय युवी के होठो को प्यार से चुम कर उसे शांत करते हुए बोली
प्रिय - कुछ गलत नहीं होगा आप फ़िक्र मत कीजिये और खुद को शांत रखिये क्युकी में आप को जानती हु आप कुछ गलत नहीं हो ने देंगे बस आप को शांत रहने की जरुरत है
युवी - प्रिय में ये कह रहा था क्यों न हम वो ज़मीन उस राजेश को वापस कर दे हमारे पास कमी थोड़ी है क्या पता वो hi घात लगा रहा हो
प्रिय - नहीं बिलकुल नहीं वो मेरी म्हणत की कमाई जिस पैर अब सिर्फ आप का अधिकार है जिसे आप के शिव में किसी को नहीं दूंगी और आप कब से दर ने लगे
युवी - डरता नहीं हु प्रिय ये तुम भी जानती हो बस में अब कुछ भी खोना नहीं चाहता हु फिर चाहे मुझे कुछ भी कीमत देनी पड़े
प्रिय - हम ने कुछ गलत नहीं किया जान तो हम क्यों डरे और क्यों कोई कीमत दे कीमत वो भरेगा जो गलत करेगा न की हम इसलिए आप सब भूल जाओ और खुद को तैयार रखो हर आने वाली परेशानी के लिए जिस में में आप के साथ हु चाहे जो हो
युवी - अगर ऐसा है तो कुछ गलत नहीं होगा बस तुम ऐसे hi मुझे प्यार करती रहो( प्रिय के होठो को चूमते हुए )
प्रिय - जनाब आप कुछ जायदा hi रोमेंटिक हो रहे है याद है न अभी रुकावट है
युवी - कोई रुकावट नहीं है आज मुझे इन्हे मसल न है बहुत दिन हो गए है वैसे भी इन्हे छुए हुए (प्रिय के होठो को लगातार चूमते हुए एक हाथ से उसके मोठे कूल्हे सहलाते हुए बोलै)
प्रिय - आप के hi है जितना मर्ज़ी मसल लेना बस थोड़े दिन रुक जाइये फिर नहीं रोकूंगी में अपनी जान प्रॉमिस और अभी के लिए आप ऊपर रूम में जाइये आप के लिए सरप्राइज है ( प्यार से युवी के होठो से अलग हो कर उसके चेहरे को दोनों हाथो में लेकर बोली)
युवी - हम्म्म जो हुकम रानी साहिबा वैसे सरप्राइज क्या ये तो बता दो
प्रिय - बता दिया तो सरप्राइज कैसा आप खुद जा कर देख लीजिये तब तक में डिनर की तैयारी करती हु अपनी जान के लिए ok माय लव
युवी - ok जी तुम खाना बनाओ में अभी आया अपना सरप्राइज देख के
प्रिय - सरप्राइज देख कर आप जल्दी नहीं आ पाओगे जान इसलिए आप आराम से जाओ और तस्सली से अपना गिफ्ट एन्जॉय करो
युवी - तुम और तुम्हारे गिफ्ट देखता हु अभी जा कर की आखिर ऐसा क्या है जिस में टाइम लगेगा
बड़बड़ाता युवी जब अपने रूम में पंहुचा तो सामने कोई नंगी हालत में घोड़ी बने हुए दिखाई दी जिसे गौर से देखते हुए पास चलते हुए आकर युवी बोलै
युवी - ये गोरी गांड तो जानी पहचानी लग रही है पैर इस पैर ये पेंटी का पर्दा क्यों लगाया है मोहतरमा
लेडी- ये पर्दा आप के हाथो hi हटेगा जीजा जी और ये वही गांड जिसका कई बार बांड बजाय है आप ने जो आज फिर आप के हाथो मसलना चाहती है
युवी - हम्म तो आरती डार्लिंग आयी है आज अपने जीजा की प्यास बुझाने तो फिर देर किस बात लो में hi हटा देता हु इस परदे को जिसके पीछे तुम्हारी जहरीली गांड छुपी हुई है ( आरती की पेंटी में साइड से ऊँगली फसा कर उसे खेचते हुए बोलै )
आरती - ओह्ह्ह जीजू में तो खुद प्यासी हु में क्या आपकी प्यास बुझाऊँगी में तो खुद को आप के पास अपनी खुजली मिटवाने आयी हु आअह्ह्ह ऐसे hi मसलो जीजू ऊऊफफफफफ कितना सकूं मिल रहा है ूउम्मंहहहहह
युवी- पहले से गदरा गयी हो सालहाज़ साहिबा और नमकीन भी ( आरती की छूट पैर अपनी जीभ फिरते हुए)
आरती- उउउउउम्मम्माह्ह्ह्ह स्स्स्सह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह यही तो मिस कर रही थी में इतने दिन सीए ऊऊफफफफफफ आआअह्ह्ह खहा जावू ना इसी जीजू बहुत परेशान करती है एई अअअअअअअ mmmmaaaaaaaaaaa मेरिइइइइइ चुउत्त्तत ऊऊफफफफफ आएससीई होई चाटो हआ एआईएससीईए बहुत मजा आआ रहा हैईईई उउउउम्मम्मह्हह्ह्ह्ह ससागहहहहहह oooohhhhhhhhhh बहुत सकूँन मिल रहा है आआआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह जजीजूउउउ मूउझह्गीीी कुछः हो रहा हैआईईई aaaaaahhhhhhhhhhh aaaaiiissseeeeeeeeeee ठीइइइइइइइइ mmmmaaaaaaaaaaahhhhhhhhhh मईंननणणन गायययययीईइईओ उउउउइइइइउउउइइइइइइउउइउउउउइउउंजूऊऊह्ह्हह्ह
युवी की जीब की रगड़ अपनी झड़ती छूट पैर मेहसुस करती आरती का जिस्म अकड़ने लगा जैसे जिस्म से जान निकल ने लगी हो
युवी- तुम बड़ी जल्दी साथ छोड़ ने लगी आरती डार्लिंग अभी तो शुरू hi किया था
आरती- आपकी शुरुवात hi ऐसी थी की में खुद शम्भल hi नहीं पायी ( अपनी साँसों की गति को सँभालते हुए बोली)
युवी- तो फिर अब मेरा क्या होगा तुम तो फारिग हो गयी
आरती - फारिग तो आप के मुसल को अपनी छूट में लेकर hi होउंगी पैर पहले इसका सुवाद तो चख लू जिसे चखे कितने दिन हो गए गलप्प ुउउम्म( युवी के लुंड पे जीब घूमते हुए बोली)
युवी- ऊऊह्ह्ह्ह आरती ऐसे होई जोर जोर से चुसो ऊऊफफफफफ हा आईसीए आआह्ह्ह्हह ममममममहहहहहहह
आरती- ोुह्ह्ह्ह जीजू ये तो पहले से भी जायदा मोटा लग रहा है और टेस्टी भी ( युवी के लुंड पैर निचे से ऊपर को जीभ फिरते हुए बोली)
युवी- ूउम्मम्म स्स्स्सस्छ्हःहः ऊऊफफफफफ आआह्ह्ह्ह जोररर सीए आरटीई आईसीए हठीीी oooohhhhhhhhhhh
आरती- ोुह्ह्ह्ह जीजू बस अब ये बिलकुल तैयार हैई और मुझे ये अपने अंदर चाहिए जल्दी से बहुत खुजली हो रही ही आअह्ह्ह देखो कैसी अकड़ दिखा रहा हैई उउउउम्मम्म ( युवी के लुंड पैर तेज़ी से हाथ चलते हुए बोली )
युवी भी बहुत बेचैन हो गया था लुंड आरती के मुँह से निकलते hi इसलिए वो भी तुरंत पोजीशन में आज्ञा पैर शायद आरती कुछ जायदा hi उतावली थी जो अपनी छूट पैर लुंड महसूस करते hi खुद hi पीछे को धकेल कर लुंड को अपनी छूट में छुपा कर आगे पीछे होने लगी जोर से सिसकते हुए
आरती- आअह्ह्ह्हह पूरा घुसा दो ना जीजू क्यों तड़पा रहे हो अपनी सलहज को आआह्ह्ह जोर से छोड़ो बिलकुल जानवर की तरह
आरती बात सुनते hi युवी ने उसे गर्दन से पकड़ के निचे की तरफ झुकाया और तेज़्ज़ तेज़्ज़ धक्के लगा ने लगा जिस से आरती की चीखे पुरे कमरे में गूंज ने लगी
आर्ट- आआआहहहहहहह माआआआआ मर गायियीईइ ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ जीजू आआआह्ह्ह्हह्ह मारर्र जाऊणगगीयी एआईईसीईए टूओ aaaaaahhhhhhhhhhhhhh अआप ताऊ बिलकुल जानवर होई बाण ग्येईई आआआअह्हह्ह्ह्हह sssshhhhhhhhhhh डीईडीईई बचाऊओऊ ूउम्म्माःह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह
युवी के तेज़्ज़ धक्को को अपनी छूट में झेलती आरती की हालत ख़राब थी जो युवी के निचे दबी बुसस घूऊ घूऊ की आवाज़ निकालती उसके गहरे झटके झेल रही थी
युवी- ऊऊह्ह्ह्ह आरती डार्लिंग तुम्हे भी तो ऐसी hi चुदाई चाहिए थी ना तो फिर अब ये चिल्लम चिल्ली क्यों मजा लूओ ना चुदाई का
आरती- आआअह्हह्ह्ह्हह जीजू पसंद है पैर इतनी भयानक भी नहीं की जान hi आआह्ह्ह्हह निकलल जेआईई ऊऊह्ह्ह्ह म्मम्माआआआआ मेरी छुट्ट्ट्ट गायियीईई ssssshhhhhhhhhhh आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ममममममआ थोड़ा तो धीरे कर लो ूउम्मम्म आआअह्ह्ह्ह
आरती की छूट से बेहटा रास बिस्तर पैर गिर कर बहने लगा था जिसे नज़रअंदाज़ करता युवी डबल जाती से ताबड़ तोड़ धक्के लगाए जा रहा था
जहा आरती की छूट की धुनाई पुरे शबाब पैर थी तो वही युवी अपनी मंज़िल के करीब था जिसका असर ये था की आरती की चीखे निकल रही थी
आरती - ऊऊह्ह्हह्ह्ह्ह मममममअअअअ जीजू बुस्स्सस्स भ्हीई करूऊ आआह्ह्ह्हह मेऐईंण मर जौंगीयी uuuuummmmaaaahhhhhhhhhhhhhhh
युवी - बस्स्स मेरी डार्लिंग मेऐईंण्णन ाआययययआआ उउउउउउफफ्फ्फफ्फ्फ़ ससससससहहहह आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मम्मईईईन्न्नन्नं aaaaayaaaaaaaaaaa aaaahhhhhhhhhhhhh अअअअअरररतत्तत्तीइइइइइइइ मीयेंन आआआआआआ ( आरती की छूट में अपने लुंड की गर्मी उड़ेलते हुए बोलै)
आरती को अपनी छूट में युवी के गरम प्रेम रास को महसूस करके एक अलग hi रहत महसूस हो रही जिस महसूस करती वो लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी तो युवी ने लुंड को उसकी छूट से बहार खींच लिया और बचा कुछ प्रेमरस हाथो से लुंड को आगे पीछे करते हुए उसकी नंगी गांड पैर गिराने लगा
कुछ देर ऐसे hi खुद की सांसें संभल ने के बाद युवी फ्रेश हो कर निचे चला गया जिस के बाद आरती भी फ्रेश होने बाथरूम में घुस गयी