Incest Modern family - Page 8 - SexBaba
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Incest Modern family

अपडेट 42

सुबह का दिन मित्तल निवास मई काफी अलग tha..ghar का हर एक कमरा चीख चीखकर रात की कहानी बया कर रहा tha..neeche के एक रूम मई जहा सुनील रवि और निधि बिलकुल निढाल होकर नंगे सोये हुए the..wahi दूसरे कमरे मई अंकित और रेनू बिलकुल नंगे the...upar एक रूम मई सोनल और अवि एक दूसरे से नंगे लिपटे हुए सो रहे the..wahi दूसरे रूम मई अभय और शीतल एक दूसरे को लिपटे हुए नंगे पड़े the..is घर मई सिर्फ एक शख्स था जो की अकेला सोया हुआ tha..wo थी Riya..ghar मई मौजूद हर शख्स ने पूरी रात एक दूसरे के शरीर का अनुभव लिया लेकिन रिया जाकर एक रूम मई सो गयी थी...



दिन चढ़ने लगा और सभी अपनी अपनी अवस्था को सही करने lage..yaha सोनल की आँख खुलती है तो वो खुद को अवि की बांहो मई लिपटी हुई पाती hai...wo प्यार से उसे काफी देर तक देखती रहती hai..aur फिर उसके गाल पर किश कर देती है..

सोनल: अवि तू जगा हुआ है na..chhod मुझे उठन्नी दे...

जब दी उठने को हुयी मेने उन्हें मजबूती से जकड liya...tab मेने अपनी आँखे खोली और उन्हें अपने ऊपर ले लिया और उनके होंटो पर अपने होंठ लगा diye..kafi देर तक उनके होंठ चूसने के बाद दी ने मुझे अलग किया...

सोनल: अब तो उठने de..tu रात भर मुझे सोने नहीं देता और फिर दिन मई भी परेशां करता है..

दी ने मेरी आँखों मई देखते हुए कहा...

अवि: रात मई तो म आपकी हेल्प करता हु na..m तो अपनी मर्ज़ी से कुछ भी नहीं कर पाटा?

मेने मुँह सा बनाते हुए कहा..

सोनल: अछ्हा ji..shukr कर की मुझे डैड ने ड्रग्स दी हुयी है वर्ण बीटा म तुझे हाथ भी नहीं लगाने deti..samjha..

दी ने ऐटिटूड दिखते हुए कहा और उठ गयी.. जबकि म बस लेता हुआ उन्हें प्यार से देखता raha..wo सुबह के वक़्त खूबसूरत लगती थी म शब्दों मई बया नहीं कर सकता...

अवि: डीई ठंकु....

मेने दी को कपडे पहनते हुए देख कहा...

सोनल: और वो किसलिए...

दी ने अपने कपडे सही करते हुए पुछा...

अवि: मुझे अपनी लाइफ मई शामिल करने के liye..mujhse खुद से भी ज्यादा प्यार करने के लिए, मुझसे शादी करने के लिए...

मेने उठते हुए उनका हाथ अपने हाथो मई लेकर kaha...dii भी मुझे बहुत प्यार से देख रही थी...

सोनल: तू भी न पूरा पागल hai..chal फ्रेश होजा...

दी ने मुझे प्यार से मारते हुए कहा..

अवि: dddd...mtlb सोना darling....apse बात कहु...

मेने हस्ते हुए कहा...

सोनल: अब तुझे भी मुझसे परमिशन लेने की जरुरत पड़ेगी क्या...

दी ने मुझे घूरते हुए कहा...

अवि: नहीं तो लेकिन बात ऐसी hi है कुछ...

मेने सीरियस होते हुए कहा...

सोनल: बोल न जो कहना है..

डीई ने भी उत्सुकता से पुछा...

अवि: wo..wo आप न kafi..kafiii मोती हो गयी हो..

मेने कहते हुए वाशरूम की और दौड़ लगायी और गेट क्लोज कर लिया...

सोनल: haaa...ruk kutte..tujhe म मोती लगती हु.. दूर ओपन कर...

दी झूठे गुस्स्से से कहती है...

अवि: चलो वर्कआउट के लिए जाना है...

मेने फ्रेश होने के बाद दी से कहा..

सोनल: मुझे नहीं जाना तू hi जा...

अवि: चलो न मोती...

मेने फिर से चिढ़ते हुए कहा...

सोनल: देख अवि तू अब पिटेगा mujhse..m तुझे कहा से मोती लगती हु ीरर्र...

दी थोड़ी खीज कर कहती है...

अवि: यहाँ se..mene दी की गांड पर हाथ फेरते हुए कहा...

सोनल: kamine...tuuu....

अवि: अच्छा अब गुस्सा नहीं चलो...

सोनल: अवि मुझे नहीं jaana..m नहीं चाहती की डैड की गन्दी नजरे मुझे घूरे...

दी ने बीएड पर बैठते हुए कहा...

अवि: मतलब आप एक इंसान की वजह से अपनी लाइफ मई चंगेस कर रही ho..apne इतने सालो मई कभी भी गयम जाना मिस नहीं किया और अब डैड की वजह से न hi यहाँ लंच करती हो न वर्कआउट....

मेने दी के सामने बैठते हुए कहा,,,

अवि: सोना किसी के घूरने से या चाहने से कुछ नहीं hota...aur म हु na..agar इस बार डैड ने कोई गलत हरकत की तो उन्हें इसका बहुत पछतावा hoga...aur वैसे भी घर पर अंकल की फॅमिली आई हुई hai..wo पूछेंगे तो अच्छा नहीं लगेगा की हम उन्हें सच bataye..ab चलो म कह रहा हु न....

मेने उन्हें उठाया और कपडे चेंज करने को कहा. उन्होंने फिर गैंसुईट पहना जो उनकी बॉडी के हर एक हिस्से को उभारकर सामने ला रहा tha...phir हम दोनों वर्कआउट के लिए निकल गए...


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अवि & सोनल: गम माँ...

हमने किचन मई माँ को लगा हुआ देखकर कहा..

माँ: गम bachho...workout के लिए जा रहे हो..

माँ ने स्माइल करते हुए कहा...

सोनल: जी माँ...

दी ने जाते हुए कहा...

अवि: ok माँ बात मई मिलते है...

मेने माँ को हुग करते हुए कहा...

माँ: है भाई अब तो तुझे बीवी मिल गयी hai..ab माँ की तरफ क्यों देखेंगे...

माँ ने शिकायती लहज़े मई कहा...

अवि: माँ आप किसी बात कर रही ho...aap मेरी माँ हो और माँ की जगह कोई और नहीं ले sakta..chalo म बाद मई मिलता हु...

मेने जाते हुए उनके बूब्स मसल दिए...

रेनू: अह्ह्ह कमीने...

सोनल: यहाँ तो कोई भी नहीं है...

दी ने गयम सेक्शन मई किसी को न देख कर कहा...

अवि: है क्योंकि माँ तो पहले hi वर्कआउट कर लेती है.. अंकित भैय्या अब रातो को जागते है तो उन्होंने भी बंद किया हुआ है और डैड तो लगे होंगे अपनी रासलीला मई...

मेने दी को देखते हुए कहा..

सोनल: अच्छा hi है...

दी ने मुझे देखते हुए कहा और हम अपना वर्कआउट करने लगे..

रवि: आ जाओ बच्चो..

हम दोनों को देख अंकल कहते है जबकि उनकी नजर दी को गैंसुईट मई देखकर उनपर hi जाम gayi..saath बैठे हुए डैड की भी...

अवि: हम चेंज करके आते है...

रवि: भाई हमारी बेटी तो काफी बड़ी हो गयी hai..iski शादी वादी का सोचो...

हमारे जाने के बाद अंकल डैड से कहते hai..is वक़्त वो दोनों hi वह बैठे the..aunty माँ का हाथ बता रही थी जबकि और लोग अपने कमरों मई hi थे...

डैड: है बहुत बड़ी हो गयी है...

डैड ने अपने लुंड पर पेण्ट के ऊपर से hi हाथ फेरते हुए kaha..uncle ये सब देख रहे थे..

माँ: बच्चो आ जाओ सब ब्रेकफास्ट करलो...

तभी माँ सबको आवाज़ देती hai...ham सभी डाइनिंग टेबल पर बेथ gaye..dii को म बहुत मुस्किलो से कन्विंस करके लाया tha...ham दोनों साथ hi बैठे थे...

रवि: तो सोनल बीटा किसी चल है तेरी एजेंसी...

अंकल ने नास्ता करते हुए दी को देख कर कहा...

सोनल: बहुत अच्छी चल रही है..

दी ने अंकल को देखते हुए कहा...

डैड: वैसे रवि तेरा क्या इरादा है अब बिज़नेस को लेकर...

रवि: कुछ ख़ास नहीं बस अब म अपना बिज़नेस यही पर स्टार्ट karunga...waha पर मुझे काफी लोस्स हुआ है..

अंकल ने मायूसी से कहा...

डैड: ok अगर मेरी हेल्प चाहिए तो बेझिजक कहना...

रवि: है jaroor..mujhe आज कुछ बुसिनेस्स्में से मिलना है शयद कुछ बात बन जाए...

इस तरह से हमारा ब्रेकफास्ट hua..m खुश था की डैड ने कोई गलत हरकत नहीं की...

रिया: दी म अंदर आ सकती हु क्या...

रिया दी के रूम के बहार कड़ी हुई boli...dii ने उसे देखकर नफरत से मुँह फेर liya...m भी दी की और hi देख रहा था.

रिया: दी म जानती hu...aap मुझसे नाराज़ हो और आपका नाराज़ होना जायज़ भी है.. लेकिन म ऐसा बिलकुल नहीं चाहती थी...

रिया दी के पास आती हुई बोली...

सोनल: रिया मुझे तुज्ज़हसे कोई बात नहीं करनी...

दी अपना ऑफिस बेग तैयार करती हुई बोली.

रिया: दी प्ल्ज़ एक बार मेरी बात तो सुनलो..

रिया रुआंसी सी होकर बोली...

सोनल: मेने तुझे बोलै न...

दी ने उसे ऊँगली दिखते हुए बोलै...

अवि: सोना...

सोनल: अवि तू बीच मई मत bolna..isne जो मेरे साथ किया है म वो कभी भी नहीं भूल sakti..koi अपनी बहिन के साथ ऐसे कैसे कर सकता है..

दी मेरी और देख दर्द से कहती है...

अवि: रिलैक्स dear...aap उसकी एक बार बात तो suno...mere liye..plz....

मेने दी को बीएड पर बैठते हुए कहा..

सोनल: ok जो बोलना है जल्दी bolo..mujhe ऑफिस जाना है फिर....

दी ने रिया की और एक नजर देखते हुए कहा...

रिया: ठंकु dii...ye सच है की म आपसे थोड़ा जेलस thi..apse मुझे थोड़ी जलन होती थी... लेकिन आप मेरा यकीन कीजिये की आपको ड्रग्स देने मई मेरा कोई हाथ नहीं है... मुझे तो बाद मई डैड ने बताया और म उनपर बहुत गुस्सा भी हुयी..

रिया ने सोनल दी को देखते हुए कहा जबकि सोनल दी को जैसे उसकी बात का यकीन hi नहीं था...

रिया: मुझे पता है आपको मुझ पर यकीन है लेकिन म सच बोल रही hu..mere अंदर आपको लेकर जहर डैड ने भरा था और मुझे तो पता hi नहीं चला की म कब उस वहसि आदमी के हाथो की कठपुतली बन गयी... वो मुझसे जो भी करने को कहते म करती जाती... लेकिन आपकी इस हालत की जिम्मेदार मई नहीं हु...

रिया की आँखों मई आंसू आ गए थे...

सोनल: तो फिर तू डैड को मेरे रूम मई क्यों लेकर आयी और सबको कॉफ़ी मई तूने hi तो नींद की दवाई दी थी न...

डीई ने रिया को देखते हुए गुस्से से कहा...

रिया: है मेने hi कॉफ़ी मई नींद की दवाई दी thi..ye भी मानती हु की डैड को म आपके रूम मई लायी थी... लेकिन म क्या करू वो इंसान बहुत कमीना hai..use अपने फायदे के सिवा कोई नजर नहीं आता चाहे वो फिर उसकी खुद की औलाद hi क्यों न ho...wo मुझे ब्लैकमेल करके अपना सारा काम करते the...us दिन मेने भगवन से इतनी दुआ की की आप गेट न खोले या कुछ चमत्कार हो jaaye..aur तभी अवि जग gaya...agar उस दिन ऐसा वैसा कुछ हो जाता तो म कभी का शायद मर जाती..

अवि: blackmail...tujhe..kese....

अचानक मेरे कान खड़े hue...Riya कुछ देर शांत रही फिर आँखे झुकाते हुए धीरे से बोली...

रिया: मेने किसी का खून कर दिया था...

अवि & सोनल: क्या?

ये सुनते hi हम दोनों के मुँह खुले के खुले रह गए...



 
अपडेट 43

अवि: क्या तूने खून किया है...



अवि आँखे फाड़े हुए कहता है...

सोनल: क्या????

वो दोनों अपने कानो पर यकीन hi नहीं कर पा रहे थे...

सोनल: क्या बक रही है tu..ab ये क्या नया ड्रामा है...

दी थोड़ा सख्त होते हुए कहती है...

रिया: दी ये hi हक़ीक़त है और इसलिए hi डैड मुझे ब्लैकमेल करते है...

रिया ने दी की और देखते हुए कहा...

अवि: क्या बात है Riya..detail मई बता...

मेने रिया की और देखते हुए कहा...

रिया: बात करीब 2 साल पहले की hai..mera कॉलेज मई एक बर्फ tha..mera उसके साथ सेक्सुअल रिलेशन भी tha...lekin कुछ वक़्त बाद वो सेक्स करते वक़्त मुझे स्लेव की तरह से ट्रीट करता.. मेने उसके साथ ब्रेकअप कर लिया.. लेकिन उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर diya..kyonki उसने हम दोनों का मंस बनाया हुआ था.. फिर वो मुझसे कभी हार्डकोर सेक्स करता तो कभी मुझे बांध kar..wo मेरे शरीर पर अपनी सिगरराते के निशान दागता tha..m सेहती गयी लेकिन एक दिन वो मुझे होटल लेकर gaya..waha उसने मुझे बताया की आज उसके दोस्त आए रहे है और मेरे साथ ग्रुप सेक्स कर्नेगे.. मेने उसे बहुत मन किया लेकिन उसने मुझे मारना शुरू कर diya..tab मुझे गुस्सा आ गया और मेने उसके सर पर फ्लावर पॉट दे मारा.. वो सीधा निचे जमीन पर जा गिरा... म बहुत घबरा गयी थी.. मेने देखा की उसके सर से खून निकल रहा था.. मेने उसकी साँसे को चेकक किया तो वो मर चूका था... म वह से तुरंत भागी और आकर डैड को सब कुछ bataya..dad ने सब कुछ सेटल किया और जो सबूत थे उन्हें पैसे देकर खरीद liya..aur पुलिस ने अपनी फाइल मई लिखा की उसकी मौत पेअर फिसलने से हुयी है.. और उसके बाद डैड ने मेरा फायदा उठाना शुरू कर diya...kuch वक़्त बाद मुझे भी मजा आने लगा.. लेकिन अब समझ आ रहा है की मेने गलत आदमी का साथ दिया.. लेकिन म करू भी kya...dad मुझे ब्लैकमेल करते है की अगर मेने उनके खिलाफ जाने की कोसिस की तो वो सरे सबूत पोलिओस को दे देंगे...

रिया ने एक hi सांस मई सब कुछ कह डाला और कहते हुए उसकी आँख से आंसू छलक आये... ये सब सुनकर अवि का चेहरा गुस्से से लाल हो रहा था...

अवि: रिया तू साद मत h..tune बहुत अच्छा kiya..agar उस हरामी को तू नहीं मारती तो आज म जान से मार देता...

मेने गुस्से से रिया को देखकर कहा...

सोनल: लेकिन रिया ये बात तू हमें पहले भी तो बता सकती थी न...

दी भी उसके लिए परेशां हो गयी थी, आखिर थी तो वो हमारी छोटी बहिन hi न..

रिया: दी पहले तो म बहुत दरी हुयी थी.. लेकिन म फिर डैड के बहकावे मई आती चली gayi...i'm सॉरी दी...

रिया ने दी को नाम आँखों से देखते हुए कहा...

सोनल: कोई बात नहीं रिया.. म तुझसे अब नाराज़ नहीं हु.. म समझ सकती हु..

दी ने रिया को गले से लगते हुए कहा...

रिया: लेकिन दी अगर डैड को पता चल गया न की मेने आपका साथ दिया तो वो मुझे जेल मई डलवा देंगे...

रिया ने डरते हुए कहा...

सोनल: तू फ़िक्र मत kar..aesa कुछ नहीं hoga...bas तू अभी डैड को ये रीलीज़ मत होने देना की तू हमारे सारः hai...warna वो बहुत कमीना इंसान है पता नहीं वो सच मई वो सबूत पुलिस को न देदे...

दी ने मेरी और देखते हुए कहा...

अवि: सोना ठीक कह रही है रिया... तब तक म देखता हु की वो सबूत डैड ने कहा छिपकर रखे है...

मेने रिया की और देखते हुए कहा....

रिया: अवि वो सबूत यहाँ नहीं है क्योंकि म डैड के रूम की अच्छे से तलाशी ले चुक्की हु...

रिया ने हमें देखते हुए कहा...

अवि: तू फ़िक्र मत कर हम ये जल्द hi पता लगा लेंगे...

रिया: वैसे ये बता की तू अब दी को नाम से क्यों बुलाता है...

रिया ने तब अपना चेहरा साफ़ करते हुए कहा...

अवि: वो तुझे आने वाले वक़्त मई पता चल जायेगा...

मेने डीई की और देखा और मुस्कुराते हुए कहा..

अवि: एक मं बहार कोण है...

मेने दी की और देखकर कहा और म बहार देखने गया लेकिन वह कोई नहीं था...

सोनल: क्या हुआ...

अवि: कुछ नहीं मुझे लगा की कोई हमारी बाते सुन रहा था खैर ये शयद मेरा भरम था...

मेने दी को देखकर कहा...

सोनल: ok तो म ऑफिस के लिए निकलती हु...

दी ने उठते हुए कहा और अपना बेग उठाने लगी...

अवि: ोये hello.. आपको अपनी हालत पता है न...

मेने दी को देखते हुए उन्हें याद दिलाने के लिए कहा....

सोनल: म अब ठीक hu...wese भी मुझे एक जरुरी काम है...

दी अपनी हील पहनते हुए बोली..

अवि: ok तो म भी चलता हु...

मेने भी अपने कमरे मई जाते हुए कहा....

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निधि: क्या बात है दीदी तुम तो दिन बी दिन और जवान होती जा रही ho..kya बात hai...apna ये राज़ हमें भी तो बताओ..

किचन मई बर्तन साफ़ करते हुए चची स्माइल करते हुए माँ से कहती है....

माँ: कुछ ख़ास नहीं बस म अपना रूटीन रेगुलर फॉलो करती हु...

माँ ने चची को देखकर कहा...

निधि: है पता है मुझे आपका रेगुलर रूटीन... सुबह उठते hi गयम jaana...yoga karna...diet ..... मुझसे तो नहीं होता ये sab....tabhi तो तुम आज भी इतनी हॉट लगती ho...aesa लगता है जैसे तुम ावी और सोनल की माँ नहीं बड़ी बहिन हो....

चची माँ की और देखकर कहती है जबकि माँ कोई जवाब दिए बिना अपने काम मई लगी हुई थी...

निधि: वैसे दीदी कितना मजा आता था न जब हम चारो एक साथ सेक्स करते the...m जेठजी से चुदती थी और तुम रवि से....

चची ने माँ को देखते हुए कहा जबकि माँ ये सुनकर चची की और देखने लगी...

माँ: देख निधि अब से पहले जो हो chuka..ho chuka..ab हमारे बच्चे जवान हो चुके है....

माँ ने चची को कहा और अपना काम करने लगी....

रवि: अरे अंकित तुम सुनाओ क्या हाल है...

अंकल ने अंकित को देखकर kaha...dad तब तक ऑफिस के लिए निकल चुके थे....

अंककित: कुछ ख़ास नहीं अंकल बस अपना वही घर से ऑफिस और ऑफिस से घर...

अंकित अंकल को देखकर कहता है...

रवि: क्या करे भाई काम तो करना hi padega...wese कोई लड़की देखि या नहीं शादी के लिए अब तक या फिर कुंवारे hi रहने का इरादा है...

अंकल ने स्माइल करते हुए कहा...

अंकित: अरे कहा uncle..abhi मुझे शादी नहीं करनी है...

रवि: ओह्ह्ह...

तभी अंकल का मुँह खुला का खुला रह gaya..ankit ने अंकल का पीछा किया तो पाया की डैड सोनल को देख रहे थे.. जोकि ऑफिस के लिए निकल रही थी.. उसने इस वक़्त एक ब्लैक ऑउटफिट पहना हुआ था जिसमे वो बेहद हॉट लग रही thi..ab उन दोनों की नजरे hi सोनल को घूरने लगी थी...

तभी पीछे से अवि भी आता है जिसे देख वो दोनों होश मई आते है...

रवि: कहा जा रहे हो भाई..

तब अंकल ने हम दोनों को आते हुए देखा और दी को देखकर कहा..

अवि: कही नहीं ुणक्ले ऑफिस मई कुछ काम है वही जा रहे है...

मेने अंकल को देखते हुए कहा और हम दोनों निकल गए.

अंकित: साले हमारे घर मई सब hi ठरकी है..

अंकित ने अपने मन मई hi बोलते हुए कहा...

रवि: तुम ऑफिस नहीं जा रहे हो क्या bhai...m सोच रहा था की म भी तुम्हारे साथ hi chalta..tum मुझे ड्राप क्र देते...

अंकल ने अंकित को देखते हुए कहा...

अंकित: है अंकल चलो....

तभी माँ किचन से निकली और मेने उन्हें देखते हुए कहा जबकि अंकल मुझे hi देख रहे थे...

रवि: ठीक है तो भाई तू dekh..m अपने रूम से आता हु...

अंकित: क्या...

तभी अंकित अंकल की बात सुनकर होश मई आता है...

रिया: मेरा मतलब है म अभी आता हु वेट करो....

रवि: अब म कुछ कुछ इस घर के लोगो के बारे मई समझ रहा हु...

अंकल अपने रूम मई जाते हुए बडबडते है...

यहाँ एक कमरे मई खुसर फुसर हो रही थी...



आदमी: क्या इसका मतलब रिया ने खून किया hai..ab म सब समझा समझा...
 
अपडेट 44

सोनल: क्या हुआ मेरी jaan...aese क्यों बैठा hai...bore हो रहा है क्या...

म दी के ऑफिस मई अकेला बैठा हुआ tha,jabki दी मीटिंग के लिए गयी हुयी thi..tab मीटिंग से आकर वो मुझे बोलती है...

अवि: और बोर नहीं होऊंगा क्या yr..itni लम्बी भी मीटिंग कोई करता है क्या भला.. म घंटे से अकेला बैठा हुआ हु...

मेने झूटी नाराज़गी से दी को कहा...

सोनल: ओह्ह मेरा हुब्बी गुस्सा hai..m अभी ठीक कर देती हु...

दी मेरी और बढ़ती है और मेरी लैप पर बेथ जाती hai...mene भी अपना एक हाथ दी की कमर पर लपेट liya...ab दी अपने गुलाबी होंठ मेरे होंठो की और बढ़ने लगी... मुझे बेसब्री से दी का किश करने का इंतज़ार हो रहा tha..hamare होंठ एक दूसरे के होंठो के बिलकुल करीब आ gaye..ham दोनों एक दूसरे की साँसे साफ़ महसूस कर रहे the..ham दोनों की आँखे बंद होने लगी थी....

पेओन: मम म अंदर आ सकता हु...

तभी पेओन के दूर नॉक करने से हमारी झट से आँखे khuli..dii झटके से मेरी जांघ से उठी और अपनी चेयर पर जाकर बेथ गयी...

सोनल: आ jao...Neetu...

डीई ने अपने आपको सही करते हुए kaha...peon अंदर आया और कॉफ़ी रखकर चला गया...

अवि: क्या यार सारा मूड ऑफ कर दिया....

मेने सदा सा मुँह बनाते हुए कहा....

सोनल: चल दुखी मत ho...ye ले कॉफ़ी पीले..

दी ने मेरा मजाक बनाते मेरी और कॉफ़ी का कप बढ़ाया...

अवि: अच्छा एक बात बताओ आपको सेक्स करने की इच्छा नहीं हो रही है kya..ab तो काफी टाइम हो गया है...

मेने दी की और देखते हुए कहा...

सोनल: नहीं to..m अब काफी बेटर फील कर रही hu...shyd अब्ब उस ड्रग का असर खत्म होने लगा है..

दी ने स्माइल करते हुए मुझसे कहा और एक सिप ली...

अवि: चलो अच्छा hai..wese आपको भूख नहीं लगी है kya..kyonki मुझे तो बहुत जोरो की लगी hai..chalo कही अच्छी सी जगह लंच करते है..

मेने दी की और देखते हुए कहा...

सोनल: मेरा तो काम खत्म हो चूका hai..ab तू मुझे जहा लेकर जाना chahe..m चलने को तैयार हु..

दी ने खड़े होते हुए मेरे गले मई हाथ डालते हुए कहा...

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यहाँ अवि के रूम मई शीतल घोड़ी बानी हुयी थी जबकि अभय पीछे से उसकी गांड मई अपना लुंड दाल कर छोड़ रहा था....

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अभय: अह्ह्ह मेरी शीतल raand....teri गांड कितना कासी हुयी है अह्ह्ह....

अभय अपना 7 इंच लुंड दनादन शीतल की गांड मई चलते हुए बोलै...

शीतल: हां मेरे बहनचोद bhai...aur जोर से छोड़ अपनी रंडी बहिन को...

शीतल भी अपनी गांड उसके लुंड पर मारते हुए बोली...

अभय: आह्हः म झड़ने वाला हु अह्ह्ह.....

और वो शीतल की गांड मई झड़ने लगता hai...aur फिर दोनों लेटकर अपनी सांसे सँभालने लगते है...

अभय: अह्ह्ह शीतल आज तो तेरी गांड मारने मई मजा आ गया...

अभय पास मई hi लेती शीतल के बूब्स को पकड़कर कहता है...

शीतल: हआ तुम मर्दो को तो बस गांड मारने को चाहिए...

शीतल ने अभय को देखते हुए कहा...

अभय: क्यों और कितने मर्दो से गांड मरवाई है तूने...

अभय उसके बूब्स मरोड़ते हुए बोलै...

शीतल: मेरे बस भाई मेने सिर्फ बात कही है...

अभय: वैसे यार हमारे परिवार की लड़कियों की गांड hi ऐसी है की बस गांड hi मारने को मन करता है...

अभय किन्ही सोचो मई गम कहता है....

शीतल: क्यों तुझे किसकी गांड पसनद आ गयी है..

शीतल ने आँख मारते हुए कहा...

अभय: तूने देखा नहीं सोनल दी और रिया की गांड कितनी बड़ी हो रही hai..aur सोनल दी को तो पता नहीं भगवन ने केसा बनाया है की उनके तो हर एक एक अंग तारीफ के काबिल है...

अभय सोनल को सोचते हुए बोलै....

शीतल: हरामजादे मुझसे hi काम चला le...uske बारे मई सोचिये भी मत वर्ण अवि तुझे जिन्दा नहीं छोड़ेगा समझा...

शीतल उसके लुंड को मरोड़ते हुए कहती है...

अभय: आह्हः sheetal...yr म बस तुझे बता रहा hu..aur तूने बड़ी मम्मी को नहीं देखा वो कितना हॉट है...

अभय अब रेनू को याद करने लगा था...

शीतल: साले कितना कमीना है tu...ha आखिर है तो डैड की hi औलाद...

शीतल ने उसे मारते हुए कहा...

अभय: डैड की औलाद मतलब...

अभय उसकी बात समझने का प्रयास करने लगा...

शीतल: मतलब की मेने डैड के बारे मई सुना है की वो कंपनी मई बहुत सी लड़कियों के साथ सेक्स करते थे.. मेने उस तरह से kaha..ab बात बंद कर और मेरी छूट की प्यास बुझा...

शीतल अभय के ऊपर चढ़कर उसका लुंड अपनी छूट पर लगते हुए बोली...

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अंकित: साला मेरा छोटा भाई माँ के भी मजे ले रहा है और सोनल और रिया के bhi..jabki म सिर्फ माँ के पीछे hi पागल हुआ फिर रहा हु... रिया को भी बस एक बार hi छोड़ पाया हु.. और जो हमारे घर की सबसे हॉट आइटम है उसपर अवि कब्ज़ा करके बैठा है...

अपने ऑफिस मई बैठा हुआ अंकित सोच मई डूबा हुआ था...

अंकित: साला आखिर म भी तो उनका भाई hu..jitna हक़ अवि का है उतना hi हक़ मेरा भी है unpar...saala बहुत होशियार है.. मुझे माँ के पीछे लगा कर खुद सबके साथ मजे कर रहा hai...aur सोनल को तो वो एक पल के लिए भी अकेला नहीं chhodta..jesi की वो उसकी बीवी हो...

अंकित खुद से बड़बड़ाता हुआ बोलै..

अंकित: लगता है मुझे इस बारे मई अब अवि से बात hi करनी पड़ेगी...

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रेनू: अरे आज इतनी जल्दी आ गए तुम दोनों...

म और दी लंच करने के कुछ देर बाद घर आ गए थे.. हमें देख माँ हमारे पास आकर कहती है...

सोनल: है mom..mera काम जल्दी खत्म हो गया..

रेनू: बता इतना काम भी मत किया करो की अपनी hi माँ को भूल जाओ..

माँ ने दी से शिकायत करते हुए kaha...is वक़्त हॉल मई कोई नहीं था. अभय और शीतल अपने रूम मई लगे हुए the..jabki निधि अपने रूम मई आराम कर रही thi..ham भी हॉल मई hi बेथ जाते है...

रेनू: या फिर तुम मुझसे भी गुस्सा हो...

सोनल: माँ आप भी na..aesi बाते मत किया करो आप.. भला म आपसे क्यों गुस्सा houngi..bas जब घर पर डैड होते है मुझे यहाँ घुटन सी होती है इसलिए शयद पिछले कुछ वक़्त से म आपको भी टाइम नहीं दे paayi..iska मतलब ये नहीं है की म आपसे गुस्सा हु.. आप तो हमारी प्यारी माँ हो...

दी माँ को हुग करके कहती है...

रेनू: है मुझे गुस्सा दिखाना भी मत वर्ण फिर म अपना सास वाला रूप दिखा दूंगी...

अब माँ ने दी को लपेटे मई लेते हुए kaha..mom की बात का मतलब समझकर दी शर्मा जाती ही...

रेनू: अवि ीक बात तो है की तू मुझे सोनल से अच्छी बहु तो लेकर दे hi नहीं सकता था..

माँ दी की और देखकर कहती hai..jabki दी के गाल शर्म से लाल हो जाते है...

सोनल: मॉम प्ल्ज़....

रेनू: ठीक है लेकिन उस से पहले मुझे एक बात बताओ...

माँ ने सीरियस होते हुए हम दोनों की और देखकर कहा..

सोनल: क्या?

अवि: क्या माँ?

ररनु: यही की तुम दोनों मुझे पोता कब दे रहे हो...

माँ ने स्माइल करते हुए दी को देखकर कहा..

सोनल: माँ म अपने रूम मई जा रही हु...

और दी शर्माकर ऊपर चली जाती है...

रेनू: ये तो शर्मा gayi...chal ये न सही तू hi बता दे..

माँ ने दी को जाते देख मुझसे कहा..

अवि: जब भी सोनल चाहेगी.. लेकिन अगर आपको बच्चा चाहिए तो म देने को तैयार हु..

मेने माँ की और सरककर कहा...

रेनू: मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है अपने बेटे के बच्चे की माँ बनने मई.. लेकिन एक बार अपनी बीवी से जरूर पूछ लेना...

माँ ने मेरे लुंड पर हाथ फेरते हुए कहा.. अब मेरा लुंड तो आज सुबह से hi प्यासा tha..wo तुरंत hi खड़ा हो गया.. मेने माँ को पकड़ा और उनके रूम मई चला gaya..mene झट से उनके कपडे उतारने शुरू कर दिए और हम दोनों अपनी रासलीला मई खू गए...

निधि: ओह्ह तो ये बात hai...didi की जवानी का राज़ ये 9 इंच लम्बा डंडा hai...hamarendan मई ये परंपरा है शयद की छूट पसंद आणि चाहिए फिर चाहे वो किसी की भी हो... लेकिन एक माँ होकर ये अपने बेटे से कैसे छुड़वा सकती है.. यहाँ कुछ भी हो सकता है.. लेकिन इतना लम्बा लुंड मई कितना मजा आता होगा और वो भी जवान lund...tab hi तो म कहु की रेनू अब हमारे काबू से बहार कैसे हो गयी...



अधखुले दूर से झांकती निधि खुद बी खुद hi बड़बड़ये जा रही thi..uska एक हाथ अपणी सर्जरी के अंदर था...
 
अपडेट 45

सोनल: nahi..Avi...chhod मुझे..



शाम हो चुकी thi..m और दी रूम मई बैठे हुए थे.. दी बहुत देर से अपने लैपटॉप पर काम मई लगी हुयी थी.. म सोच रहा था की कब दी का काम खत्म ho..wese भी बहुत दिनों बाद आज मेने दी के साथ जरा भी रोमांस या सेक्स नहीं किया tha..to मेने hi दी के हाथ से लैपटॉप चीन और दी को बीएड पर गिरा दिया.. और म खुद दी के ऊपर छड़ गया..

अवि: क्यों chhodu...m कबसे आपका काम खत्म होने का वेट कर रहा हु और आप हो की लगी हुयी हो...

मेने उनके हाथो को पकड़ते हुए बोलै और उनके होंठो के ऊपर झुकने लगा....

सोनल: avi..nahi कोई आ जयीय....

और तब तक मेरे होंठ दी के होंठो से मिल gaye...dii भी थोड़ा न नुकुर के बाद मेरा साथ देने लगी.. दी के हाथ मेरे बालो मई घूमने लगे the..ham दोनों की जीभ एक दूसरे के मुँह मई घूम रही thi...kabhi म दी के मुँह मई अपनी जीभ घुमाता तो कभी वो मेरे होंठ चुस्ती...

शीतल: हेय bhagwann...in दोनों को तो जरा भी शर्म नहीं है..

उनके रूम मई आने के बाद जैसे hi शीतल की नजर उनपर पड़ती है वो अपने माथे को पकड़कर कहती hai...uski आवाज़ सुनकर म झट से दी के ऊपर से उतर जाता हु...

अवि: क्या यर शीतल dii..aapne तो डरा hi दिया था...

मेने सामने शीतल दी को खड़े देख कहा...

शीतल: तो डरने वाले काम करते क्यों ho...ye काम दूर बंद करके होते है यु खुले मई नहीं... वैसे भी ये अब कही भागी थोड़ा hi जारी है अब तो पूरी लाइफ तुझे इसके साथ hi गुज़ारनी है... तो फिर इतना बेसब्र क्यों हो रहा है तू..

शीतल दी बीएड पर दी के पास बैठते हुए बोली..

सोनल: गलती तेरी hai..tujhe एक कपल के रूम मई इस तरह से नहीं आना चाहिए..

दी शीतल दी को देखते हुए कहती है...

शीतल: है bhai..ab तो तू इसका साथ लेगी hi..

सोनल: और वो क्यों न लू m..wo मेरा हस्बैंड है...

दी ने जैसे सीरियस होते हुए शीतल दी की और देखा और फिर दोनों साथ hi हसने lagi...m उन दोनों को एक दूसरे से उलझते देख रहा था....

शीतल: oye..ja जाकर अपना मुँह ढोले ..वर्ण किसी ने देख लिया तो सोचेंगे की तूने मेरे साथ मुँह लाल किया है... क्योंकि सोनल तो तेरी सगी बहिन hai..ye तो कोई सोचेगा नहीं की तू इसके ऊपर झुका हुआ था....

शीतल दी मुझे देखते हुए खेती है और सोनल दी मेरी और मुस्कुराने लगती है.. म ये सुनकर दी के मिरर के सामने जाकर खुद को देखता हु मेरे होंठो के आस पास दी की लाल लिपिस्टिक के निशान लगे हुए थे.. म फिर वाशरूम मई चला जाता हु...

शीतल: अच्छा यर एक बात बता.. म कुछ सोच रही थी..

शीतल ने सीरियस होते हुए दी की और देखा...

सोनल: क्या??

शीतल: यही की जब तुम दोनों की प्यार की निशानी यानि बेबी hoga..to वो मुझे मौसी कहेगा या बुआ...

शीतल ने जैसे बहुत सीरियस सवाल पुछा हो ऐसे मुँह बनाते हुए kaha...ye सुनकर शीतल के गालो पर लाली आ जाती है...

सोनल: जो तुझे अच्छा लगे वो कहलवा लेना...

शीतल: ठीक है म तो मौसी kehalwaugi...mujhe तो अवि की साली बनना है...

शीतल सोनल की और आँख मारकर मुस्कुराते हुए बोली...

सोनल: ठीक है बाबा जो बनना है बन जाना....

शीतल: वैसे सोनल तुम दोनों ने ये सोचा है की कैसे तुम दोनों इस समाज मई हस्बैंड वाइफ बनकर रहोगे...

अचानक शीतल दी सोनल दी पर वो सवाल दाग देती है जिसे वो दोनों भूले बैठे थे.. ये सुनकर सोनल दी लाजवाब हो जाती है.. वो समझ नहीं पा रही थी की शीतल को क्या जवाब दे...

अवि: जैसे और हस्बैंड वाइफ रहते है वैसे hi हम भी rahenge...aap इन्हे क्यों टेंशन दे रही हो...

मेने दी के उदास चेहरे की और देख कहा..

शीतल: म टेंशन नहीं दे रही हु Avi...bas तुम्हारे आने वाले कल को लेकर म थोड़ा परेशां hu..m सोनल को परेशां नहीं देख सकती...

शीतल दी ने सोनल दी का हाथ थामते हुए कहा...

अवि: हमारा आने वाला कल भी बहुत अच्छा hi होगा.. और आप ऐसे सदा सा चेहरा मत बनाओ... हमें इस समाज से कोई लेना देना नहीं है.. और कोई न कोई रास्ता जरूर निकल aayega..bas आप परेशां मत ho..aap ये सब मुझ पर छोड़ दो...

मेने दी के चेहरे को सहलाते हुए कहा....

सोनल: म परेशां नहीं हु Avi...bas सोचने लगी थी...

अवि: तू आप इस से रिलेटेड सोचना भी मत.. और वैसे भी आपने hi कहा था की आप किसी से नहीं डर्टी.. न घरवालों से, न रिस्तेदारो से और न hi इस समाज से..

मेने स्माइल करते हुए कहा...

सोनल: हां तो म अब भ्ही नहीं डर्टी.. अगर डर्टी तो तुझसे शादी नहीं करती..

दी अब ऐटिटूड से कहती है..

अवि: ये हुयी न baat..aap ऐसे टफ hi अच्छी लगती हो.. ऐसे hi रहा करो...

मेने दी के गाल पर किश करते हुए कहा...

शीतल: हाई कितना प्यार है तुम दोनों मई....

शीतल दी हमें देख कहती है...

अवि: सोना आप न कला टिका लगा कर रखा karo...bahut से बुरे लोगो की नजरे है हमपर...

मेने शीतल डीई की और देखते हुए कहा...

शीतल: अच्छा कमीने तो मेरी बुरी नजर है.. रुक तुझे अभी बताती हु...

और दी मेरे पीछे भागने लगी....

-----

शाम को सब डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए डिनर कर रहे थे...

डैड: तो रवि कुछ काम बना...

डैड ने अंकल की और द्केहते हुए कहा...

रवि: है मेने आज कुछ साइट देखि hai..mujhe उनमे से एक पसंद आ गयी hai...m सोच रहा हु की वही पर अपना मॉल खड़ा करू...

अंकल ने डैड को देखते हुए कहा...

डैड: चलो अच्छा है...

रवि: है और कल तुम एक बार वो साइट देख lena...agar अच्छी लगे तो म जल्द hi काम शुरू करा दूंगा...

रवि ने डैड को देखते हुए कहा...

डैड: भाई इस बारे मई तो मुझे कुछ ख़ास पता नहीं.. ये काम तो सोनल करती है.. इसे hi इनसब चीज़ो की जानकारी है...

डैड ने दी की और देखते हुए कहा...

रवि: तो ठीक है फिर सोनल देख legi..kyu सोनल...

अंकल ने दी की और देखते हुए कहा...

सोनल: ठीक है.. म देख लुंगी...

सोनल ने कुछ सोचते हुए अंकल से कहा...

अंकल: ठीक है तो तुम कल मेरे साथ चलना और देख लेना...

अंकल ने दी को देखते हुए कहा...

सोनल: नहीं मुझे कंपनी मई कुछ काम है.. आप मुझे एड्रेस बता djiyega..m देख आउंगी...

रवि: ठीक है...

फिर शान्ति से सब डिनर करने लगते hai..dinner के बाद सब हॉल मई बैठकर बाते करने लगे थे लेकिन सोनल अपने रूम मई आ जाती है. यहाँ अंकित बैठे हुए सोच रहा था की कैसे वो मुझसे बात kare..sabhi बुज़ुर्ग लोग यानी हमारे पेरेंट्स पुराणी यादे ताजा कर रहे थे.. हम तो बोर होने लगे थे इसलिए रिया भी उठकर चली gayi..aur उसके पीछे शीतल और अभय भी.. अब म भी वह से जाने लगा..

अंकित: अवि एक min..mujhe तुझसे बात करनी है...

म सीढ़ियों पर चढ़ने hi वाला था की मुझे भैय्या की आवाज़ सुनाई देती है..

अवि: है भाई...

मेने उन्हें देखते हुए कहा...

अंकित: यहाँ नहीं रूम मई चलते hi...

अंकित ये कहकर रूम की और बढ़ गया.. म भी उनके पीछे hi जाने लगा..

अवि: है भाई बोलिये क्या बात करनी थी आपको...

मेने रूम मई जाते हुए कहा...

अंकित: कुछ ख़ास नहीं बस मेने सोचा की हमें बात करनी चाहिए काफी दिन हो गए है हम दोनों को अकेले बेथ कर गपशप किये hue...hai न...

अंकित ने एक वाइन निकलते हुए कहा और गिलास मई डालने लगा...

अवि: है भाई ये तो सच hai..kafi दिन हो गए है.. और इसका एक रीज़न माँ भी तो है...

मेने अंकित की और एक आँख मारते हुए कहा...

अंकित: है ये भी सच है...

अंकित ने गिलास मेरी और बढ़ाते हुए कहा....

अंकित: वैसे इसके लिए मुझे तुम्हे थैंक्यू बोलना चाहिए...

अंकित ने मुस्कुराते हुए कहा...

अवि: अरे कोई बात नहीं bhai...wo आपकी भी तो माँ है...

अंकित: अवि मुझे तुझसे एक बात केहनी thi....dekh हम दोनों ने मिलकर माँ को भी छोड़ा है और रिया को भी...

अंकित इतना बोलकर चुप हो gaya..jabki म उसकी और देखने लगा था...

अंकित: देख मुझे पता है की तू soo..sonal के साथ भी सेक्स कर चूका hai..to क्या म भी सोनल के सात......

अवि: भाई शट ुप्प्प...

मेने उसकी बात बीच मई काटते हुए ग्लॉस जोर से टेबल पर पटका...

अवि: सॉरी इस तरह से बोलने के लिए.. लेकिन एक बात म आपको बता देना चाहता हु की म और सोनल एक दूसरे से बहू प्यार करते है इसलिए आप सोनल के बारे मई ऐसा सोचना भी मत...

मेने अपने आपको शांत करते हुए kaha.....aur उठकर वह से चला gaya..mujhe काफी गुस्सा आ रहा था लेकिन मेने सोनल के रूम मई जाने से पहले अपने आपको ठीक kiya..taki सोनल को कुछ पता न चले.. मेने देखा की रूम मई अभय और शीतल भी मौजूद थे...

शीतल: तू अब तक उन ोलडीएस की बाते सुन रहा था...

शीतल ने मुझे देखते हुए कहा..

अवि: ha..m सोच रहा था की जब म रूम मई आऊंगा तो यहाँ तुम नहीं होगी...

मेने मुँह सा बनाते हुए कहा..

शीतल: अच्छा bachu..to तुझे अब प्राइवेसी chahiye..hai न.. ठीक है तो आज तो म यही पर सोऊंगी..

शीतल बीएड पर पसरते हुए बोली...

शीतल: ऐसे मत dekh..m मजाक कर रही हु...



शीतल मुझे अपनी और देखते पाकर कहती hai...phir कुछ देरर तक हम बाते करते है और फिर शीतल और अभय दूसरे रूम मई चले जाते hai...unke जाते hi मेने दी को दबोच लिया... और पूरा दिन जो मेरे साथ कलपद हुआ.. मेने उसका बदला दी को अच्छे से छोड़कर लिया....
 
अपडेट 46

रवि: क्या हुआ रात आग नहीं बुझी क्या जो मुझे रूम मई लेकर आयी हो....



रवि ने शरारत से निधि को देखते हुए bola...subah के वक़्त सबके जाने के बाद निधि रवि को रूम मई लेकर आयी थी.

निधि: तुम्हे तो हर वक़्त बस ठरकीपना hi सूझता है क्या....

निधि ने जैसे उसे आँखे दिखते हुए कहा....

रवि: अच्छा तो और कोई बात है...

रवि ने उसकी और देखते हुए कहा...

निधि: तुम्हे इस घर का माहौल कुछ अजीब सा नहीं लग रहा है....

निधि ने धीरे से कहते हुए मेरी और देखा....

रवि: मतलब....

निधि: तुम्हे पता है रेनू अब ग्रुप सेक्स करने मई हमारा साथ क्यों नहीं देती...

मिधि ने रवि की और देखते हुए कहा...

रवि: क्यों...

रवि ने एक सवालिया निगाह निधि पर डाली...

निधि: क्योंकि वो अवि से चुदवाती है...

निधि ने जैसे रवि के सर पर बम फोड़ा...

रवि: क्या बात कर रही हो तुम...

रवि को जैसे यकीन hi नहीं आ रहिए था...

निधि: वही जो मेने अपनी आँखों से dekha..kal इसी रूम मई अवि रेनू को बहुत दमदार तरीके से छोड़ रहा था...

निधि का हाथ साड़ी के ऊपर से hi अपनी छूट पर पहुँच चूका था...

रवि; साला मुझे कुछ तो गड़बड़ लग रहा था लेकिन ये नहीं पता था की वो अपने hi बेटे से अपनी प्यास बुझाएगी...

रवि सोचते हुए बोलै...

निधि: तुम्हे पता है अवि का लुंड 9 इंच लम्बा hai...isliye hi तो रेनू को अब किसी और की जरुरत नहीं पड़ती...

रवि: साली तेरी छूट ने तो उसका लुंड देख कर पानी छोड़ दिया होगा...

रवि ने निधि को अपनी छूट रगड़ते हुए देख कर कहा...

निधि: सच कहु तो haa..wese भी इतना लम्बा लुंड तो मेने सिर्फ पोर्न मूवीज मई hi देखा था...

रवि: साली chhinal..bs लुंड देखा नहीं की छूट पानी छोड़ने लगती है...

निधि: ये तो chhodo..mujhe लगता है वैसे भी इस घर मई कुछ अजीब hai..tumne नोटिस किया सोनल और सुनील एक दूसरे से बात नहीं करते hai...kuch तो गड़बड़ है...

निधि जैसे जासूस बनते हुए बोली...

रवि: कुछ नहीं बहुत गड़बड़ hai...tumne बिलकुल सही कहा सोनल और सुनील के बीच कुछ ठीक नहीं लग रहा... मेने कितनी hi बार नोटिस किया है की सुनील सोनल को बहुत hi गंदे तरीके से घूरता रहता hai..aur अब मुझे लगता है की अवि hi नहीं अंकित भी रेनू को छोड़ता होगा...

रवि ने कुछ सोचते हुए कहा...

निधि: तुम्हे ऐसा क्यों लगता है...

रवि: क्योंकि मेने अंकित को रेनू को बड़ी hi अजीब नजरो से कितनी hi बार घूरते देखा है और रेनू ये देख कर भी अनदेखा कर देती thi...ab समझ आ रहा है क्यों...

रवि ने सोचते हुए कहा...

रवि: चलो अब मई निकलता हु वैसे भी सोनल आज साइट पर आने वाली है..

रवि ने वैसे भी जाते हुए कहा...

रवि: हेल्लो...

बहार आकर रवि ने किसी को मिलकर कहा....

रवि: अवि और रेनू के बारे मई निधि भी जान गयी है...

पफीर दूसरी और से कुछ आवाज़ आती है...

रवि: अरे नहीं मेने ऐसे नाटक किया जैसे की मुझे अभी पता चला ho..pata तो मुझे काफी पहले से hi hai...phir मेने उसे अंकित के बारे मई बता दिया...

रवि: नहीं बस उसे म टाइम आने पर बताना चाहता था लेकिन अच्छा hi hua...chalo अब तुम अपना प्लान तैयार karo...by...

ये कहकर रवि ने कॉल रख दिया और और कार लेकर निकल गया..

------

यहाँ सोनल दी अपने काम मई लगी हुई थी की जब उनका फ़ोन बजता hai..number देख उनके चेहरे पर स्माइल आ जाती है..

सोनल: hello मेरी jaann....kesa है...

सोनल दी ने कॉल पिक करते हुए कहा...

अवि: कहे की jaan...khud से अपनी जान को अलग कर रखा है और पूछती हो की केसा है...

अवि उदासी से कहता है...

सोनल: अच्छा तो तू चाहता है की हम हर वक़्त साथ रहे.. ताकि तू मुझे कोई काम करने hi न de..chupchap कॉलेज मई ध्यान laga..samjha....

सोनल दी ने जैसे डांटते हुए कहा...

अवि: है समझ gaya...apko तो अपने पति की पड़ी hi नहीं है...

मेने अपनी आवाज़ मई उदासी लाते हुए कहा...

सोनल: ोये hello ज्यादा इमोशनल ड्रामा करने की जरुरत नहीं है..,,

अवि: है आपको तो मेरा प्यार ड्रामा hi लगता है..

सोनल: अहह मेरा बेचारा पति..

सोनल दी मुझे छेड़ रही है...

अवि: ok म कॉल रख रहा हु बी..

मेने नाटक करते हुए कहा...

सोनल: ोये इतना क्यों सेंटी हो रहा hai..chal लंच पर मिलते है.. तुझे एक अच्छी सी ट्रीट देती हु...

सोनल दी मुस्कुराते हुए कहती है...

अवि: ok मिलते hai..yar सोनल मुझे नहीं पढ़ना है अब आगे.. मुझे आपके साह hi रहना hai...mera आपके बिना एक पल भी रहना मुश्किल हो जाता है...

सोनल: अच्छा ji...jyada रोमांटिक होने की जरुरत नहीं hai...milkar इस बारे मई बात करते hai....mujhe साइट देखने भी जाना है...

अवि: है म तो भूल hi गया था की आपको साइट पर भी जाना है... फिर तो मुझे अभी आयना padega...aap अकेला मत jana...m आता हु...

सोनल: ोये म कोई छोटी बच्ची नहीं हु... तू अपना स्टडी पर ध्यान लगा.. म चली jaungi..tujhse पहले भी म खुद hi जाती thi...chal अब म रखती hu..by स ु...

और सोनल दी ने कॉल कट करदी...

अवि: यर ये दी भी न जरा भी रोमांटिक नहीं hai...har वक़्त मुझ्रे हुक्म देती रहती hai..sochta था शादी के बाद वो मुझ पर नहीं म उन पर हुक्म चलाऊंगा.. लेकिन वो तो ऐसे ट्रीट करती है जैसे म उनका पति नहीं म उनकी बीवी हु...

अवि मुस्कुराता हुआ खुद से कहता रहता है...

----------

यहाँ सुनील अपने ऑफिस मई बैठा हुआ tha...tabhi वो कॉल करता है...

सुनील: है मेरी jaan...kaha है तू...

रिया: डैड म कॉलेज म hu..koi काम था क्या...

रिया कॉल रकव करके कहती है..

सुनील: क्यों जब काम होगा म तब hi तुझे कॉल कर सकता हु क्या..

रिया: नहीं डैड मेने ऐसे hi बोलै था...

सुनील: मुझे तुझसे कुछ बात करनी hai..farmhouse पर मिलते है और वैसे भी तुझे चोदे हुए बहुत दिन हो गए है...

रिया: डैड मुझे आज कॉलेज मई काफी टाइम लग सकता hai...to कल मिलते hai...pakka...

रिया बहाना बनाते हुए बोली..

सुनील: ok..chal कोई बात नहीं...

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सोनल: बता क्या खायेगा....

रेस्टारेंट मई आकर सोनल दी मुझसे पूछती है...

अवि: जो आपको अच्छा लगे...

मेने झूटी नाराज़गी से कहा...

सोनल: अब इस तरह से मुँह क्यों फुला रखा है जैसे म नहीं तू मेरी बीवी हो...

सोनल दी मसूकूरते हुए मुझे देखती हुई बोली...

अवि: है आपको लगता है शयद ऐसा hi की आप नहीं म आपकी बीवी हु...

मेने सपाट चहरे से कहा...

सोनल: क्या हुआ मेरी jaan..kyu इतना सीरियस चेहरा बना रखा है...

सोनल दी टेबल के ऊपर से मेरा हाथ अपने हाथ म लेती हुई बोली...

अवि: बस मेने बता दिया म अब कॉलेज नहीं जाऊंगा.. म आपके साथ ऑफिस जाया करूँगा...

म दी की और देखता हुआ बोलै...

सोनल: अच्छा जी तो अब जनाब को काम करना hai...pehle तो ऑफिस जाने का नाम सुनकर तू बहाना बनाते फिरता था...

दी ने मेरी फिरकी लेते हुए कहा...

अवि: म आपसे पूछ नहीं रहा हु बता रहा हु की म ऑफिस ज्वाइन कर रहा हु...

मेने दी को सीरियस होते हुए कहा...

सोनल: ठीक hai..jesi तेरी मर्ज़ी.. तो डैड की कोनसी कंपनी ज्वाइन करेगा तू...

सोनल दी अपनी हसी दबाकर मुझसे कहती hai..mujhe पता था की वो मुझे तापा रही है...

अवि: म डैड की कंपनी क्यों ज्वाइन करूँगा.. म आपकी एजेंसी ज्वाइन करूँगा...

मेने झल्लाते हुए कहा...

सोनल: लेकिन मेरी एजेंसी मई तो तेरे कोई शेयर्स नहीं hai..uski ओनर तो म अकेली हु...

दी मुझे देखते हुए खाना स्टार्ट कर चुकी थी...

अवि: अहह कितनी चालक हो आप...

मेने हेरात से दी को देखते हुए कहा...

सोनल: thankx...khaana शुरू कर ठंडा हो रहा है...

सोनल दी मुझे देख कहती hai..wo अंदर hi अंदर मुझे देख है रही थी... फिर मेने सादे से चेहरे के साथ खाना khaaya..khaana खाकर हम बहार आ गए...

सोनल: अवि प्ल्ज़ अब अपना मूड ठीक कर न यर ...ठीक है bhai..teri जैसी मर्ज़ी है तू वैसा कर.. म तो सिर्फ तेरे मजे ले रही thi...lekin मेरा मान न है की तुझे अभी ऑफिस ज्वाइन करने की कोई जरुरत नहीं hai..tu अभी एन्जॉय कर....

दी मेरा हाथ पकड़कर कहती है...

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शाम हो चुकी थी अवि और सोनल अपने रूम मई aaye...anadar आते hi मेने दी को अपने से सत्ता लिया और उन्हें चूमने लगा....

कनककककक कनककक

अवि: शीतल दी hi होगी...

मेने झल्लाते हुए दी से अलग होते हुए कहा जबकि दी मुझे देख मुस्कुरा रही थी..

अवि: आपको तो बड़ा मजा आता है न मेरा ऐसे कलपद करके...

मेने दी को मुस्कुराते देख कहा और दूर ओपन कर दिया..

शीतल: यर थोड़ा तो सब्र किया karo..aate hi शुरू हो जाते हो...

शीतल हम दोनों की और देखकर कहती है...

अवि: आप शुरू होने कहा देती ho...hamesha बीच मई टपक पड़ती हो...

शीतल: ोये तू ऐसा चेहरा मत bana...puri रात तेरे पास hi रहती है ye...chalo बड़ी मम्मी ने डिनर के लिए बुलाया है...

उसके बाद हम सब डिनर करने लगते hai...phir ऐसे hi रात होने लगी..

अंकित: साला ये निधि आंटी भी काफी हॉट है....

अंकित अकेला हॉल मई बैठा हुआ था जब वो निधि को बर्तन उठाते हुए देख खुद से कहता है...

अंकित: और शीतल भी काफी सेक्सी हो रही hai...sala जिसके घर मई इतने हॉट आइटम हो उसे बहार मुँह मारने की क्या जरुरत hai...ye क्या ये डैड को क्या इशारे कर रही है...

तभी अंकित को अपने डैड और निधि के बीच इशारे होते देख कुछ अजीब लगता है...

अंकित: जो म सोच रहा हु वो हो भी सकता है जब डैड अपनी hi बेटी को छोड़ सकते है तो भाई की बीवी को क्यों नहीं...

अंकित अपना लुंड मसलते हुए कहता है...

अंकित: सोनल पर तो अवि कब्ज़ा करके बैठा hai..kehta है की वो उस से प्यार करता है.. मुझे भी उसकी आँखों मई ऐसा hi लगा की वो सच बोल रहा hai...chal कोई नहीं सोनल न sahi..lekin उसके बदले मई अवि को मुझे निधि और शीतल को छुड़वाना पड़ेगा...

अंकित सोचो मई गम था...



अंकित: लगता है आज रात मुझे जासूसी करनी hi पड़ेगी....
 
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