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- Dec 5, 2013
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ये स्टोरी मैं शरीफ अपनी ख़ुशी के लिए लिख रहा हु
काफी दिनों पहले एक ऑनलाइन फ्रेंड की रिक्वेस्ट थी की मैं कोई ससुर बहु के प्यार पर स्टोरी लिखू तो आज एक ऐसे ससुर बहु को मार्किट मैं देख जो लवर्स ज्यादा और ससुर बहु काम लग रहे थे
उन्ही को देख के ये स्टोरी दिमाग मैं आई
मैं माया मेरी शादी आज से 3 साल पहले आगरा मैं हुए थी
घर मैं सास ससुर और 2 ननद थी
सौर जी मोहन उम्र 48 साल लम्बे चौड़े
सास रज्जो उम्र 44 साल
देखने मैं ठीक थक
बड़ी ननद मनोरमा उम्र 26 साल मैरिड जयपुर मैं हस्बैंड राज उम्र 30
फिर मेरे पति मोहित उम्र 25 साल जॉब करते है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मैं
फिर छोटी ननद पूर्वी उम्र 22 साल मैरिड आगरा मैं हे हस्बैंड किशोर उम्र 26
फिर मैं माया उम्र 21 साल ग्रेजुएशन पूरी होती हे शादी हो गई मैं खुश थी घर वालो ने मेरी पसंद पूछी और मोहित को पसंद किया मेरी मर्ज़ी से
क्यों की मोहित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मैं जॉब करते थे और उनके परफॉरमेंस से खुश हो क्र उनको ब्रांच मैनेजर बना दिया गया और ट्रांसफर दिल्ली क्र दिया
तो मैं भी मोहित के साथ दिल्ली आ गई
सास ससुर मोहित की प्रमोशन से खुश थे उनको लगा की सुब मेरी बजह से हुआ तो उनका प्यार और इज़्ज़त मेरे लिए भाड़ गई
दिल्ली मैं आये हुए हमें 6 महीने हो चुके थे और जब हमें आगरा जाना होता तो सैटरडे नाईट एंटर सिटी पकड़ ते ुर मंडे मॉर्निंग उसी से रेतुर्न
दिल्ली मैं कंपनी की तरफ से 3 रूम फ्लैट मिला था और एक कार
फ्लैट हाई सोसाइटी मैं था
8 फ्लोर विथ लिफ्ट एंड बालकनी
सुब कुछ अच्छा chal.raha था कोई प्रॉब्लम नहीं
बच्चे भी हम ने प्लान किया था की कुछ साल बाद करेंगे अभी उम्र क्या है
पर ज़िन्दगी ek.si नहीं चलती और इसी का नाम ज़िन्दगी है.
दिल्ली आ के मोहित ने मुझे कुछ भी पहनने की आज़ादी दी तो मैं जीन्स सुइट्स फ्रॉक साड़ी सुब पहन लेती
और बीएड पर भी हमारा टाइम अच्छा स्पेंड होता बहुत डेन्ट थे मोहित लोवबले हस्बैंड है .
फिजिकली सटिस्फैक्शन देते है मतलब कोई कमी नहीं
एव्री थिंग सुपर्ब
और थिंग्स चेंज हुए मोबाइल से जो आज कल का पोस्टमैन है
मैं जब भी मौका मिलता सासु माँ को कॉल करके हाल चल पूछ लेती कभी उनका फ़ोन आ जाता
कभी ससुर जी को मैं पापा जी कहूँगी
उनकी भी कॉल आ जाती
दोनों घर पर अकेले थे पर हमारी ख़ुशी के लिए hum.dono को खास क्र मुझे मोहित के साथ भेज दिया
फिर सुरु हुआ what's अप्प का ज़माना तो कॉल काम चैटिंग ज्यादा होने लगी
पापा जी का अलग फ़ोन था माँ जी का अलग और दोनों के what's अप्प अकाउंट
to.jab भी मौका मिलता मश्ग ड्राप करो रिप्लाई बाद मैं भी आ जाता था
िस्सू तरह सुब मस्त Chal.raha था पर
काफी दिनों पहले एक ऑनलाइन फ्रेंड की रिक्वेस्ट थी की मैं कोई ससुर बहु के प्यार पर स्टोरी लिखू तो आज एक ऐसे ससुर बहु को मार्किट मैं देख जो लवर्स ज्यादा और ससुर बहु काम लग रहे थे
उन्ही को देख के ये स्टोरी दिमाग मैं आई
मैं माया मेरी शादी आज से 3 साल पहले आगरा मैं हुए थी
घर मैं सास ससुर और 2 ननद थी
सौर जी मोहन उम्र 48 साल लम्बे चौड़े
सास रज्जो उम्र 44 साल
देखने मैं ठीक थक
बड़ी ननद मनोरमा उम्र 26 साल मैरिड जयपुर मैं हस्बैंड राज उम्र 30
फिर मेरे पति मोहित उम्र 25 साल जॉब करते है प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मैं
फिर छोटी ननद पूर्वी उम्र 22 साल मैरिड आगरा मैं हे हस्बैंड किशोर उम्र 26
फिर मैं माया उम्र 21 साल ग्रेजुएशन पूरी होती हे शादी हो गई मैं खुश थी घर वालो ने मेरी पसंद पूछी और मोहित को पसंद किया मेरी मर्ज़ी से
क्यों की मोहित प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मैं जॉब करते थे और उनके परफॉरमेंस से खुश हो क्र उनको ब्रांच मैनेजर बना दिया गया और ट्रांसफर दिल्ली क्र दिया
तो मैं भी मोहित के साथ दिल्ली आ गई
सास ससुर मोहित की प्रमोशन से खुश थे उनको लगा की सुब मेरी बजह से हुआ तो उनका प्यार और इज़्ज़त मेरे लिए भाड़ गई
दिल्ली मैं आये हुए हमें 6 महीने हो चुके थे और जब हमें आगरा जाना होता तो सैटरडे नाईट एंटर सिटी पकड़ ते ुर मंडे मॉर्निंग उसी से रेतुर्न
दिल्ली मैं कंपनी की तरफ से 3 रूम फ्लैट मिला था और एक कार
फ्लैट हाई सोसाइटी मैं था
8 फ्लोर विथ लिफ्ट एंड बालकनी
सुब कुछ अच्छा chal.raha था कोई प्रॉब्लम नहीं
बच्चे भी हम ने प्लान किया था की कुछ साल बाद करेंगे अभी उम्र क्या है
पर ज़िन्दगी ek.si नहीं चलती और इसी का नाम ज़िन्दगी है.
दिल्ली आ के मोहित ने मुझे कुछ भी पहनने की आज़ादी दी तो मैं जीन्स सुइट्स फ्रॉक साड़ी सुब पहन लेती
और बीएड पर भी हमारा टाइम अच्छा स्पेंड होता बहुत डेन्ट थे मोहित लोवबले हस्बैंड है .
फिजिकली सटिस्फैक्शन देते है मतलब कोई कमी नहीं
एव्री थिंग सुपर्ब
और थिंग्स चेंज हुए मोबाइल से जो आज कल का पोस्टमैन है
मैं जब भी मौका मिलता सासु माँ को कॉल करके हाल चल पूछ लेती कभी उनका फ़ोन आ जाता
कभी ससुर जी को मैं पापा जी कहूँगी
उनकी भी कॉल आ जाती
दोनों घर पर अकेले थे पर हमारी ख़ुशी के लिए hum.dono को खास क्र मुझे मोहित के साथ भेज दिया
फिर सुरु हुआ what's अप्प का ज़माना तो कॉल काम चैटिंग ज्यादा होने लगी
पापा जी का अलग फ़ोन था माँ जी का अलग और दोनों के what's अप्प अकाउंट
to.jab भी मौका मिलता मश्ग ड्राप करो रिप्लाई बाद मैं भी आ जाता था
िस्सू तरह सुब मस्त Chal.raha था पर
