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- Dec 5, 2013
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कुछ देर यही दोनों खुद को नार्मल करने लगते है एक दूसरे को देखते हुए
रानी- ओह्ह छोटे बाबू कसम से दिल खुश कर दिया कसम से अब तो आपके लुंड के बिना चैन नहीं मिलता आप ऐसे hi मेरी छूट की कुटाई करते रहा करो बिच बिच में
र- चिंता न कर मेरी जान तेरी खुजली मिटाता रहूँगा जब भी मौका मिलेगा और हां परसो नए घर का गृह प्रवेश है तो तुम सबका भोजन वही है याद से आ जाना
रानी- जी छोटे बाबू ( अपने बाल बांधते हुए बोली)
र- ाचा अब चलता हु में तुम टाइम से घर चली जाना मुझे अभी बहुत काम करने है
रानी- ठीक है छोटे बाबू आप जाइये में भी निकलती हु पानी लेकर जाना है मुझे भी
उसके बाद रूद्र घर को निकल गया और रानी अपनी पानी की मटकी उठा कर घर की तरफ चल दी
रूद्र सीधा घर पंहुचा जहा उसकी माँ सुरभि हॉल में बैठी उसकी राह देख रही थी और उसके आते hi पानी देते हुए कहती है
माँ- आज्ञा ले पानी पि ले और बता बात हो गयी पंडित जी से
र- हां माँ हो गयी परसो का मुहरत निकला है
माँ- अरे इतनी जल्दी सब कैसे होगा सबको नौयता भी देना है खाने पीना का भी देखना है
र- अरे माँ शांत हो जाओ सब हो जायेगा में माहि को बोलता हु वो बुआ के साथ जाकर सबको बोल आएगी आने का और में गाओं में बोल दूंगा और हलवाई से बात भी कर लूंगा
तभी माहि नीचे आती है और रूद्र से बोलती है
माहि- किस से बात करने की बात हो रही है भाई
र- कुछ नहीं गुड़िया वो क्या है न परसो नए घर शिफ्ट होना है तो तैयारी करनी है
माहि- वूव क्या बात नए घर में मजा आ जायेगा फिर तो
माँ- ओह्ह रेलगाड़ी रुक जा पहले बात सुन ले पूरी
माहि- हां तो बोलो न मैंने कब मना किया
र- देख गुड़िया टाइम काम है और काम जयादा इसलिए तू और रम्य बुआ सेहर निकल जाओ रिश्तेदारों को नौयता देने और में यहाँ गाओं का और खान पान का देखता हु
माहि- ठीक है भाई बताओ कब निकलना है
र- अभी निकल जाओ
तभी सुरभि बिच में बोलती है
माँ- अभी निकलेगी तो रात नहीं हो जाएगी फिर रुकेंगी कहा
र- अरे माँ आप भूल रही हो मेघना दीदी को भी तो लाना है रात वही रुक जाएँगी और सुबह वह से आ जाएँगी क्यों
माँ- अरे हां ये ठीक है मेरे तो दिमाग से hi निकल गया था चल फिर बेटी देर मत कर और अपनी बुआ को लेके निकल जाओ रास्ता लम्बा भी है
माहि - जी माँ अभी बुआ को तैयार होने का बोलती हु फिर हम निकलते है
वही रम्य अपने कमरे में अपनी छूट की खुजली से परेशान थी क्युकी रूद्र सुबह उसे कहकर गया था की आ कर उसकी चुदाई करेगा और तभी से वो अपनी छूट को सेहला कर शांत करने की कोशिश में लगी हुई थी
रब- आआआह्ह्ह्ह रुद्रा मेरे आशिक़ कब आएगा देख तेरी बुआ कैसे तड़प रही ऊऊह्ह्ह्हह्ह
अभी कुछ और करती उस पहले hi उसका दरवाज़े पैर नोक हुआ
थक्क थक्क बुआ ो बुआ गेट खोलो
माहि की आवाज़ सुनते hi रम्य बड़बड़ाती हुई कड़ी हुई( चैन से ऊँगली भी नहीं करने देते )
रब- हम्म आ रही हु रुक जा
खुद को सही करने बाद रम्य ने दरवाज़ा खोला और बोली
रब- क्या हुआ जो इतनी जल्दी में लग रही है
फिर माहि उसे साड़ी बात बताती जिसे सुनकर रम्य का चेहरा उदास हो क्युकी वो तो सोच रही थी की आज रूद्र से अचे से छुड़ेगी पैर अब कुछ हो नहीं सकता इसलिए बुझे दिल से बोली
रब- ठीक है बस 5 मं दे में तैयार हो कर आती हु फिर चलते है
माहि- ठीक है बुआ जल्दी रेडी हो कर निचे आ जाओ
निचे रूद्र अपनी माँ को गाओं के लोगो को बोलने का बता कर गाओं की तरफ निकल जाता है और जल्द hi सबको बता कर ठाकुर की हवेली पहुँचता है जहा गेट पैर खड़ा चौकीदार उसे रोकता है
कद- किस से मिलना है आपको
र- कोई भी हो उसे बुला दो में नौयता देने आया हु
कद- ठीक है आप रुको वैसे नाम क्या है आपका
रूद्र
आज हवेली में सिर्फ मालिनी थी ठाकुर और विक्रम सेहर गए थे और श्री अपनी बुआ के ज़िद करने पे मूवी देखने गयी थी
चौकीदार अंदर जा कर जैसे hi मालिनी को बताता है मालिनी रूद्र का नाम सुनते hi झूम उठती है और बोलती है
म- जल्दी से अंदर भेजो उन्हें और कोई और आये तो बोल देना घर में कोई नहीं है अब जाओ मेरा मुँह क्या देख रहे हो
मालिनी का हुकम सुनते hi बेचारा जल्दी से बहार जाता है और रूद्र को अंदर भेजता है
जहा मालिनी उसका इंतज़ार कर रही थी सेक्सी ड्रेस पहन कर जो उसने अभी पहनी थी रूद्र को रिझाने के लिए और रूद्र का इंतज़ार करने लगी बेसब्री से
रूद्र जैसे hi अंदर का नज़ारा देखा तो एक तक मालिनी को देखने लगा
खुद को यु घर कर देखते हुए मालिनी रूद्र से बोली
म- अब क्या बहार से hi घूरते रहोगे अंदर आओ न
र- अब ऐसे बिजली गिराओगी तो ऐसा hi होगा न वैसे इरादे तो ठीक है न
म- इरादे तो ठीक है बस तबियत ख़राब है
र- ऐसा क्या हो गया आपको देखने में तो ठीक लग रही हो ( अंदर आते हुए)
म- सच में ठीक लग रही हु मेरी तड़प नहीं दिख रही तुम्हे कितनी जुल्मी हो
र- अब इस में में कैसे जुल्मी हो गया हां और आप ऐसे कपड़ो में घर घूम रही हो किसी ने देख लिया तो क्या सोचेगा
म- तुम क्या जानो कितनी तड़प रही हु इसलिए भगवान् को तरस आ गया और तुम्हे भेज दिया वैसे घर में कोई नहीं है
र- अरे तो कोई दवा ले लेती आराम मिल जाता( मजे लेते हुए)
म- मेरी दवा तुम हो जब से तुमने मुझे प्यार किया है मेरा मैं करता है बस तुम मुझे प्यार करते रहो
र- मैंने प्यार नहीं चुदाई की थी तुम्हारी और इतनी hi बेचैन थी तो आयी क्यों नहीं
म- आयी थी तुम मिले नहीं और जायदा देर वह रुक नहीं सकती थी इसलिए वापस आ गयी अब बस और मत तड़पाओ रूद्र तुम्हे सामने देख कर तो और भी बेचैनी हो रही है प्ल्ज़ मेरे अंदर समै जाओ
र- शर्त याद है न तुम अपनी बेटी की भी दिलवाओगी
म- शर्त तो तुम ने खुद hi पूरी कर्ली उसकी दोनों तरफ से बजा कर
र- ाचा बड़ी चालाक हो सब पता है पैर तुम्हारी गांड तो बाकी है न उसका क्या
म- तुम्हे जो करना है करो गांड फाड़ो या छूट पैर बस अब देर मत करो घुसा दो जहा भी मैं करे में तुम्हे नहीं रोकूंगी बस ये मुसल मेरे अंदर घुसा दो
र- कुछ जायदा hi आग लगी हुई है चलो फिर पहले तुम्हे शांत करते है आओ थोड़ा प्यार करो इसे ( लुंड की तरफ इशारा करते हुए)
रूद्र का इशारा समझते हुए मालिनी तुर्रंत उस मुसल को मुँह में भर कर चुप्पे लगाने लगी
र- वाह्ह्ह मेरी रांड बहुत अचे से चूस रही है ऐसे hi चूस आआह्ह्ह्हह्ह और जोर सीए ह्ह्ह्हहम्म्मम्म्म्म
थोड़ी देर यही लुंड चूस ने के बाद मालिनी कड़ी हो कर बोलती है
म- रूद्र मुँह का मजा फिर कभी अचे से दे दूंगी अभी तुम इसे मेरे अंदर घुसा दो प्ल्ज़ कोई आ गया तो ऐसे hi जलती रह जाउंगी
र- ठीक मेरी रांड तो चल कुटिया बन जा मेरी पहले तेरी गांड का ठक्कन खोलता हु
म- रूद्र पहले छूट में दाल कर मुझे शांत कर दो फिर जो मर्ज़ी कर लेना
र- नहीं पहले गांड वर्ण कुछ भी नहीं जल्दी बोल मुझे और भी काम है
मरती क्या न करती बेचारी चुप चाप कुटिया बन्न गयी तो रूद्र ने भी थूक लगा कर लुंड को मालिनी की कोरी गांड में घुसा दिया
लुंड का टोपा जाते hi मालिनी का फेस दर्द से लाल हो उठा एक जोरदार चीख के साथ
म- आआह्ह्ह्हह्ह मायआ रूद्र बहार निकालो ऊऊफफफफफफ बहुत दर्द हो रहा है आआआयीयईईईईमएआआ
र- चुप कर साली इतनी मोती गांड लेकर घूम टी है और लुंड लेने से डर्टी है पता है तेरी बेटी पूरा ले गयी थी एक बार में hi
कहते हुए पूरा लुंड मालिनी की गांड में अंदर बहार करने लगा
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म- आआह्ह्ह मा तो मेरे अंदर कोनसा आधा डाला है तूने उउउउउइइइइइइम्म्माआआअह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है सच में कुछ तो रेहम कर आअह्हह्ह्ह्हह mmmmaaaaaaaaaa
र- तुझ जैसी गदरायी घोड़ी रेहम के लिए नहीं बानी मेरी जान तुझे तो ऐसी hi धांसू चुदाई चाहिए तभी तेरी खुजली मिटेगी
म- आआह्ह्ह ररुद्द्रा खुजली आगे हो रही पीछे तो तूने आग लगा दी है ऐसा लग रहा है जैसे मेरी गांड में गरम सरिया दाल दिया किसी ने आआह्ह्ह्ह कामिनी आराम सी आआह्ह्ह्हह मम्माआठ गला छोड़ कमीने आआह्ह्ह्ह माखू
[IMG]https://freepornxxxhd.net/wp-content/themes/v1/load-img.php?sex=
आअह्ह्ह्ह ाब्ब आगे भी दाल दे कुत्ते गांड तो फ़ायड दी तूने मेरी आअह्हह्ह्ह्ह बाछहूऊऊ कोई मुझे इस जानवर से
र- साली रांड अभी तो बड़ी उतावली हो रही थी बोल रही हर छेद में दाल दू अब क्यों चिल्ला रही है
म- ऊऊओह्ह्ह्हह्ह मुझे थोड़ी पता था तू इतनी बेरहमी से करेगा आयआयययययीईई मम्माआआआ आए रूद्रररा प्ल्ज़ छूट में दाल ले ना कुछ आराम तो मिले ( रूद्र के तेज़ धक्को को झेलते हुए)
[IMG]https://freepornxxxhd.net/wp-content/themes/v1/load-img.php?sex=
र- वैसे मैं तो नहीं कर रहा तेरी टाइट गांड से लुंड निकाल ने पैर आज मेरे पास भी टाइम काम है इस लिए चल ले तेरी छूट की खुजली भी शांत कर hi देता हु
म- बहुत शुक्रिया तेरा कमीने जो रेहम कर रहा है अब ऐसे hi कर थोड़ी तेज़ तेज़्ज़ ऊऊह्ह्ह्हम्म्म्म आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हम्ममूउऊउउउउउउठहहहहाआआह्ह्ह्हह्हह्ह्हआआआअह्ह्ह्हह्हह
ऊऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्हह्ह आएससीईए हीईई ममममायआ कितना ाचा लग रहा है अब्ब्ब्ब ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ( पीछे की तरफ रूद्र को देखते हुए बोली)
[IMG]https://78.media.tumblr.com/43fc5d300e27c77413e6cb7ac715a308/tumblr_mlxh0hf97K1rzyqs3o1_500.gif
उउउउउइइइइमममममायआह्ह्हह्ह्ह्ह ररूददृरा कसम से छूट में लेते hi कितना सकूं मिल रहा है ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ आआह्ह्ह्ह छोड़ मुझे ऐसे hi आआअह्ह्ह्ह
ऊऊओह्ह्ह्हहह्ज म्मम्माआआआआ
र- अब बड़े मजे ले रही है अभी तो चीखे मार रही थी साली सच बहुत बड़ी वाली रंडी है तू पैर कुछ भी कहो माल मस्त है तू कसम ऊऊफफफ देख कितनी लचक है तेरी गांड मई आआह्ह्हह्ह्ह्ह
म- आअह्ह्ह सब तेरा hi लूट डाब के और कास कास के छोड़ मुझे ताकि इसकी साडी खुजली मिट जाए आआह्ह्ह्हीीिययियीईइ बहुत तंग किया है इस ने uuuuuffffffffffffffff mmmaaaaaaaaaaaaaaaa थोड़ा धीरे कर न
र- धीरे धीरे मजा नहीं आएगा अब और इतनी hi छुडास थी तो अपनी नन्द रंडी वाणी से चटवा लेती
म- उउउउउम्म्मममहहहहहहहह aaaaaaaaahhhhhhhhhhh अब जो बात तेरे लुंड में है वो उसकी जीभ में कहा अब उस की जीब से कुछ नहीं होता
ाचा जी
आवाज़ सुनते hi दोनों ने सामने की तरफ देखा हड़बड़ाते हुए
दोस्तों अपडेट दे दिया है और अब शायद जल्दी 2 अपडेट मिलेंगे
बहुत दुःख हुआ देख कर की एनिग्मा भाई ने 2no स्टोरी क्लोज कर दी अब सच पूछो तो कुछ बचा नहीं साइट पैर इसलिए में भी जल्दी से समाप्त करना चाहता हु अब स्टोरी को



कुछ देर यही दोनों खुद को नार्मल करने लगते है एक दूसरे को देखते हुए
रानी- ओह्ह छोटे बाबू कसम से दिल खुश कर दिया कसम से अब तो आपके लुंड के बिना चैन नहीं मिलता आप ऐसे hi मेरी छूट की कुटाई करते रहा करो बिच बिच में
र- चिंता न कर मेरी जान तेरी खुजली मिटाता रहूँगा जब भी मौका मिलेगा और हां परसो नए घर का गृह प्रवेश है तो तुम सबका भोजन वही है याद से आ जाना
रानी- जी छोटे बाबू ( अपने बाल बांधते हुए बोली)
र- ाचा अब चलता हु में तुम टाइम से घर चली जाना मुझे अभी बहुत काम करने है
रानी- ठीक है छोटे बाबू आप जाइये में भी निकलती हु पानी लेकर जाना है मुझे भी
उसके बाद रूद्र घर को निकल गया और रानी अपनी पानी की मटकी उठा कर घर की तरफ चल दी
रूद्र सीधा घर पंहुचा जहा उसकी माँ सुरभि हॉल में बैठी उसकी राह देख रही थी और उसके आते hi पानी देते हुए कहती है
माँ- आज्ञा ले पानी पि ले और बता बात हो गयी पंडित जी से
र- हां माँ हो गयी परसो का मुहरत निकला है
माँ- अरे इतनी जल्दी सब कैसे होगा सबको नौयता भी देना है खाने पीना का भी देखना है
र- अरे माँ शांत हो जाओ सब हो जायेगा में माहि को बोलता हु वो बुआ के साथ जाकर सबको बोल आएगी आने का और में गाओं में बोल दूंगा और हलवाई से बात भी कर लूंगा
तभी माहि नीचे आती है और रूद्र से बोलती है
माहि- किस से बात करने की बात हो रही है भाई
र- कुछ नहीं गुड़िया वो क्या है न परसो नए घर शिफ्ट होना है तो तैयारी करनी है
माहि- वूव क्या बात नए घर में मजा आ जायेगा फिर तो
माँ- ओह्ह रेलगाड़ी रुक जा पहले बात सुन ले पूरी
माहि- हां तो बोलो न मैंने कब मना किया
र- देख गुड़िया टाइम काम है और काम जयादा इसलिए तू और रम्य बुआ सेहर निकल जाओ रिश्तेदारों को नौयता देने और में यहाँ गाओं का और खान पान का देखता हु
माहि- ठीक है भाई बताओ कब निकलना है
र- अभी निकल जाओ
तभी सुरभि बिच में बोलती है
माँ- अभी निकलेगी तो रात नहीं हो जाएगी फिर रुकेंगी कहा
र- अरे माँ आप भूल रही हो मेघना दीदी को भी तो लाना है रात वही रुक जाएँगी और सुबह वह से आ जाएँगी क्यों
माँ- अरे हां ये ठीक है मेरे तो दिमाग से hi निकल गया था चल फिर बेटी देर मत कर और अपनी बुआ को लेके निकल जाओ रास्ता लम्बा भी है
माहि - जी माँ अभी बुआ को तैयार होने का बोलती हु फिर हम निकलते है
वही रम्य अपने कमरे में अपनी छूट की खुजली से परेशान थी क्युकी रूद्र सुबह उसे कहकर गया था की आ कर उसकी चुदाई करेगा और तभी से वो अपनी छूट को सेहला कर शांत करने की कोशिश में लगी हुई थी
रब- आआआह्ह्ह्ह रुद्रा मेरे आशिक़ कब आएगा देख तेरी बुआ कैसे तड़प रही ऊऊह्ह्ह्हह्ह
अभी कुछ और करती उस पहले hi उसका दरवाज़े पैर नोक हुआ
थक्क थक्क बुआ ो बुआ गेट खोलो
माहि की आवाज़ सुनते hi रम्य बड़बड़ाती हुई कड़ी हुई( चैन से ऊँगली भी नहीं करने देते )
रब- हम्म आ रही हु रुक जा
खुद को सही करने बाद रम्य ने दरवाज़ा खोला और बोली
रब- क्या हुआ जो इतनी जल्दी में लग रही है
फिर माहि उसे साड़ी बात बताती जिसे सुनकर रम्य का चेहरा उदास हो क्युकी वो तो सोच रही थी की आज रूद्र से अचे से छुड़ेगी पैर अब कुछ हो नहीं सकता इसलिए बुझे दिल से बोली
रब- ठीक है बस 5 मं दे में तैयार हो कर आती हु फिर चलते है
माहि- ठीक है बुआ जल्दी रेडी हो कर निचे आ जाओ
निचे रूद्र अपनी माँ को गाओं के लोगो को बोलने का बता कर गाओं की तरफ निकल जाता है और जल्द hi सबको बता कर ठाकुर की हवेली पहुँचता है जहा गेट पैर खड़ा चौकीदार उसे रोकता है
कद- किस से मिलना है आपको
र- कोई भी हो उसे बुला दो में नौयता देने आया हु
कद- ठीक है आप रुको वैसे नाम क्या है आपका
रूद्र
आज हवेली में सिर्फ मालिनी थी ठाकुर और विक्रम सेहर गए थे और श्री अपनी बुआ के ज़िद करने पे मूवी देखने गयी थी
चौकीदार अंदर जा कर जैसे hi मालिनी को बताता है मालिनी रूद्र का नाम सुनते hi झूम उठती है और बोलती है
म- जल्दी से अंदर भेजो उन्हें और कोई और आये तो बोल देना घर में कोई नहीं है अब जाओ मेरा मुँह क्या देख रहे हो
मालिनी का हुकम सुनते hi बेचारा जल्दी से बहार जाता है और रूद्र को अंदर भेजता है
जहा मालिनी उसका इंतज़ार कर रही थी सेक्सी ड्रेस पहन कर जो उसने अभी पहनी थी रूद्र को रिझाने के लिए और रूद्र का इंतज़ार करने लगी बेसब्री से
रूद्र जैसे hi अंदर का नज़ारा देखा तो एक तक मालिनी को देखने लगा
खुद को यु घर कर देखते हुए मालिनी रूद्र से बोली
म- अब क्या बहार से hi घूरते रहोगे अंदर आओ न
र- अब ऐसे बिजली गिराओगी तो ऐसा hi होगा न वैसे इरादे तो ठीक है न
म- इरादे तो ठीक है बस तबियत ख़राब है
र- ऐसा क्या हो गया आपको देखने में तो ठीक लग रही हो ( अंदर आते हुए)
म- सच में ठीक लग रही हु मेरी तड़प नहीं दिख रही तुम्हे कितनी जुल्मी हो
र- अब इस में में कैसे जुल्मी हो गया हां और आप ऐसे कपड़ो में घर घूम रही हो किसी ने देख लिया तो क्या सोचेगा
म- तुम क्या जानो कितनी तड़प रही हु इसलिए भगवान् को तरस आ गया और तुम्हे भेज दिया वैसे घर में कोई नहीं है
र- अरे तो कोई दवा ले लेती आराम मिल जाता( मजे लेते हुए)
म- मेरी दवा तुम हो जब से तुमने मुझे प्यार किया है मेरा मैं करता है बस तुम मुझे प्यार करते रहो
र- मैंने प्यार नहीं चुदाई की थी तुम्हारी और इतनी hi बेचैन थी तो आयी क्यों नहीं
म- आयी थी तुम मिले नहीं और जायदा देर वह रुक नहीं सकती थी इसलिए वापस आ गयी अब बस और मत तड़पाओ रूद्र तुम्हे सामने देख कर तो और भी बेचैनी हो रही है प्ल्ज़ मेरे अंदर समै जाओ
र- शर्त याद है न तुम अपनी बेटी की भी दिलवाओगी
म- शर्त तो तुम ने खुद hi पूरी कर्ली उसकी दोनों तरफ से बजा कर
र- ाचा बड़ी चालाक हो सब पता है पैर तुम्हारी गांड तो बाकी है न उसका क्या
म- तुम्हे जो करना है करो गांड फाड़ो या छूट पैर बस अब देर मत करो घुसा दो जहा भी मैं करे में तुम्हे नहीं रोकूंगी बस ये मुसल मेरे अंदर घुसा दो
र- कुछ जायदा hi आग लगी हुई है चलो फिर पहले तुम्हे शांत करते है आओ थोड़ा प्यार करो इसे ( लुंड की तरफ इशारा करते हुए)
रूद्र का इशारा समझते हुए मालिनी तुर्रंत उस मुसल को मुँह में भर कर चुप्पे लगाने लगी
र- वाह्ह्ह मेरी रांड बहुत अचे से चूस रही है ऐसे hi चूस आआह्ह्ह्हह्ह और जोर सीए ह्ह्ह्हहम्म्मम्म्म्म
थोड़ी देर यही लुंड चूस ने के बाद मालिनी कड़ी हो कर बोलती है
म- रूद्र मुँह का मजा फिर कभी अचे से दे दूंगी अभी तुम इसे मेरे अंदर घुसा दो प्ल्ज़ कोई आ गया तो ऐसे hi जलती रह जाउंगी
र- ठीक मेरी रांड तो चल कुटिया बन जा मेरी पहले तेरी गांड का ठक्कन खोलता हु
म- रूद्र पहले छूट में दाल कर मुझे शांत कर दो फिर जो मर्ज़ी कर लेना
र- नहीं पहले गांड वर्ण कुछ भी नहीं जल्दी बोल मुझे और भी काम है
मरती क्या न करती बेचारी चुप चाप कुटिया बन्न गयी तो रूद्र ने भी थूक लगा कर लुंड को मालिनी की कोरी गांड में घुसा दिया
लुंड का टोपा जाते hi मालिनी का फेस दर्द से लाल हो उठा एक जोरदार चीख के साथ
म- आआह्ह्ह्हह्ह मायआ रूद्र बहार निकालो ऊऊफफफफफफ बहुत दर्द हो रहा है आआआयीयईईईईमएआआ
र- चुप कर साली इतनी मोती गांड लेकर घूम टी है और लुंड लेने से डर्टी है पता है तेरी बेटी पूरा ले गयी थी एक बार में hi
कहते हुए पूरा लुंड मालिनी की गांड में अंदर बहार करने लगा
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म- आआह्ह्ह मा तो मेरे अंदर कोनसा आधा डाला है तूने उउउउउइइइइइइम्म्माआआअह्ह्ह बहुत दर्द हो रहा है सच में कुछ तो रेहम कर आअह्हह्ह्ह्हह mmmmaaaaaaaaaa
र- तुझ जैसी गदरायी घोड़ी रेहम के लिए नहीं बानी मेरी जान तुझे तो ऐसी hi धांसू चुदाई चाहिए तभी तेरी खुजली मिटेगी
म- आआह्ह्ह ररुद्द्रा खुजली आगे हो रही पीछे तो तूने आग लगा दी है ऐसा लग रहा है जैसे मेरी गांड में गरम सरिया दाल दिया किसी ने आआह्ह्ह्ह कामिनी आराम सी आआह्ह्ह्हह मम्माआठ गला छोड़ कमीने आआह्ह्ह्ह माखू
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आअह्ह्ह्ह ाब्ब आगे भी दाल दे कुत्ते गांड तो फ़ायड दी तूने मेरी आअह्हह्ह्ह्ह बाछहूऊऊ कोई मुझे इस जानवर से
र- साली रांड अभी तो बड़ी उतावली हो रही थी बोल रही हर छेद में दाल दू अब क्यों चिल्ला रही है
म- ऊऊओह्ह्ह्हह्ह मुझे थोड़ी पता था तू इतनी बेरहमी से करेगा आयआयययययीईई मम्माआआआ आए रूद्रररा प्ल्ज़ छूट में दाल ले ना कुछ आराम तो मिले ( रूद्र के तेज़ धक्को को झेलते हुए)
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र- वैसे मैं तो नहीं कर रहा तेरी टाइट गांड से लुंड निकाल ने पैर आज मेरे पास भी टाइम काम है इस लिए चल ले तेरी छूट की खुजली भी शांत कर hi देता हु
म- बहुत शुक्रिया तेरा कमीने जो रेहम कर रहा है अब ऐसे hi कर थोड़ी तेज़ तेज़्ज़ ऊऊह्ह्ह्हम्म्म्म आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हम्ममूउऊउउउउउउठहहहहाआआह्ह्ह्हह्हह्ह्हआआआअह्ह्ह्हह्हह
ऊऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्हह्ह आएससीईए हीईई ममममायआ कितना ाचा लग रहा है अब्ब्ब्ब ोुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ( पीछे की तरफ रूद्र को देखते हुए बोली)
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उउउउउइइइइमममममायआह्ह्हह्ह्ह्ह ररूददृरा कसम से छूट में लेते hi कितना सकूं मिल रहा है ऊऊफफफफ्फ्फ्फ़ आआह्ह्ह्ह छोड़ मुझे ऐसे hi आआअह्ह्ह्ह
ऊऊओह्ह्ह्हहह्ज म्मम्माआआआआ
र- अब बड़े मजे ले रही है अभी तो चीखे मार रही थी साली सच बहुत बड़ी वाली रंडी है तू पैर कुछ भी कहो माल मस्त है तू कसम ऊऊफफफ देख कितनी लचक है तेरी गांड मई आआह्ह्हह्ह्ह्ह
म- आअह्ह्ह सब तेरा hi लूट डाब के और कास कास के छोड़ मुझे ताकि इसकी साडी खुजली मिट जाए आआह्ह्ह्हीीिययियीईइ बहुत तंग किया है इस ने uuuuuffffffffffffffff mmmaaaaaaaaaaaaaaaa थोड़ा धीरे कर न
र- धीरे धीरे मजा नहीं आएगा अब और इतनी hi छुडास थी तो अपनी नन्द रंडी वाणी से चटवा लेती
म- उउउउउम्म्मममहहहहहहहह aaaaaaaaahhhhhhhhhhh अब जो बात तेरे लुंड में है वो उसकी जीभ में कहा अब उस की जीब से कुछ नहीं होता
ाचा जी
आवाज़ सुनते hi दोनों ने सामने की तरफ देखा हड़बड़ाते हुए
दोस्तों अपडेट दे दिया है और अब शायद जल्दी 2 अपडेट मिलेंगे
बहुत दुःख हुआ देख कर की एनिग्मा भाई ने 2no स्टोरी क्लोज कर दी अब सच पूछो तो कुछ बचा नहीं साइट पैर इसलिए में भी जल्दी से समाप्त करना चाहता हु अब स्टोरी को