- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 31,768
अपडेट 139
दिलीप- मैं शांति की चूत में नॉर्मल धक्के मारने लगा
साथ ही शांति की गान्ड पे तेल मलके शांति की गान्ड चिकनी करने लगा
शांति अब सिसकिया ले रही थी
मैं तेल शांति की गान्ड के छेद पे डालने लगा
उसके बाद मैं गान्ड के छेद को चारो तरफ से कुरेदने लगा
ऐसे में शांति की गान्ड का छेद खुलके बंद होने लगा
इधर मैं अपना लंड पूरी स्पीड के साथ शांति की चूत में पेल रहा था
अब सही मौका था
मैं अपना पूरा लंड शांति की चूत से बाहर निकाला और एक ही बार में पूरा डाल दिया
साथ में अपनी 1 उंगली भी शांति की गान्ड में डाल दिया
शांति को समझ ही नही आया कि वो कोन्से दर्द पे रोए
अब एक उंगली तो अंदर जा चुकी थी
मैं अपनी उंगली शांति गान्ड में रहने दिया और शांति की चूत में ताबड तोड़ धक्के लगाने लगा
शांति अब अया ऊवू कर रही थी
शांति की गान्ड बहुत टाइट थी
मेरी उंगली को फँसाए हुई थी
ऐसी चुदाई से शांति मस्त होने लगी
मैं धीरे धीरे अपनी उंगली शांति के गान्ड में आगे पीछे करने लगा
बड़ी मुश्किल से मेरी उंगली शांति की गान्ड में अंदर बाहर हो रही थी
अब वक़्त था दो उंगली डालने का
मैं अपनी उंगली शांति की गान्ड से निकाल लिया
गान्ड का छेद थोड़ा खुल गया था
मैं गान्ड के छेद में तेल डालने लगा
तब तक डालता रहा जब तक तेल छेद से बाहर तक नही गिरा
मैं अपनी दो उंगली तेल में डूबाया
और अपना पूरा लंड निकालके अपनी दोनो उंगली गान्ड के छेद पे लगाया
अपना पूरा लंड और अपनी दोनो उंगली एक ही बार में शांति की चूत और गान्ड में डाल दिए
इस बार की चीख पिछली से ज़्यादा बड़ी थी
बिम्ला खाट पे बैठके देख रही थी सिर्फ़ देख रही थी
मैं पूरी स्पीड से शांति को चोदने लगा
साथ ही अपनी दोनो उंगली धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा
थोड़ी देर बाद शांति का बदन अकड़ने लगा
मैं अपनी गति को तेज कर दिया
कमरे में फॅक फॅक की आवाज़ गूँज रही थी
एक लंबी आआह के साथ शांति की चूत पानी छोड़ दी
मैने शांति के पास से तकिया हटाया
तकिया पूरा आँसुओ से भीग चुका था
मैं दूसरा तकिया शांति को दिया
शांति अपना मुँह फिर से तकिये में दबा ली
मैने अपना लंड शांति की चूत से बाहर निकाल लिया
मेरी दोनो उंगली अभी भी शांति की गान्ड में थी
मैं शांति की गान्ड में अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा
शांति को दर्द हो रहा था
लेकिन शांति को दर्द तब होगा जब मेरा लंड शांति की गान्ड में जाएगा
अभी तो शांति दर्द सहेन कर रही थी
मैं शांति के बूब्स दबाते हुए शांति की गान्ड में अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा
शांति की गान्ड में दो उंगली अब आराम से अंदर बाहर होरही थी
मैने अपनी उंगली को शांति की गान्ड से बाहर निकाल लिया
शांति की गान्ड अब मैं फाड़ने वाला था
मैं थोड़ा सा तेल शांति की गान्ड में डाल दिया
शांति काफ़ी टाइम से घोड़ी बनी हुई थी
मैने शांति को पलट दिया
और अपना लंड शांति के मुँह में डाल दिया
शांति मेरा लंड चूसने लगी
सिर्फ़ सुपाडे को चूस रही थी
मैने शांति के दोनो हाथ को पकड़ लिया और शांति के मुँह को चोदने लगा
मैने शांति के मुँह से अपना लंड निकाल लिया
और शांति के बूब्स पे थप्पड़ मारने लगा
मैने एक कपड़ा शांति को दिया
शांति वो कपड़ा अपने मुँह में ठूंस ली
और घोड़ी बन गई
मैने ढेर सारा तेल अपने लंड पे लगाया
और बाकी तेल शांति की गान्ड के छेद पे डाल दिया...
दिलीप- मैं शांति की चूत में नॉर्मल धक्के मारने लगा
साथ ही शांति की गान्ड पे तेल मलके शांति की गान्ड चिकनी करने लगा
शांति अब सिसकिया ले रही थी
मैं तेल शांति की गान्ड के छेद पे डालने लगा
उसके बाद मैं गान्ड के छेद को चारो तरफ से कुरेदने लगा
ऐसे में शांति की गान्ड का छेद खुलके बंद होने लगा
इधर मैं अपना लंड पूरी स्पीड के साथ शांति की चूत में पेल रहा था
अब सही मौका था
मैं अपना पूरा लंड शांति की चूत से बाहर निकाला और एक ही बार में पूरा डाल दिया
साथ में अपनी 1 उंगली भी शांति की गान्ड में डाल दिया
शांति को समझ ही नही आया कि वो कोन्से दर्द पे रोए
अब एक उंगली तो अंदर जा चुकी थी
मैं अपनी उंगली शांति गान्ड में रहने दिया और शांति की चूत में ताबड तोड़ धक्के लगाने लगा
शांति अब अया ऊवू कर रही थी
शांति की गान्ड बहुत टाइट थी
मेरी उंगली को फँसाए हुई थी
ऐसी चुदाई से शांति मस्त होने लगी
मैं धीरे धीरे अपनी उंगली शांति के गान्ड में आगे पीछे करने लगा
बड़ी मुश्किल से मेरी उंगली शांति की गान्ड में अंदर बाहर हो रही थी
अब वक़्त था दो उंगली डालने का
मैं अपनी उंगली शांति की गान्ड से निकाल लिया
गान्ड का छेद थोड़ा खुल गया था
मैं गान्ड के छेद में तेल डालने लगा
तब तक डालता रहा जब तक तेल छेद से बाहर तक नही गिरा
मैं अपनी दो उंगली तेल में डूबाया
और अपना पूरा लंड निकालके अपनी दोनो उंगली गान्ड के छेद पे लगाया
अपना पूरा लंड और अपनी दोनो उंगली एक ही बार में शांति की चूत और गान्ड में डाल दिए
इस बार की चीख पिछली से ज़्यादा बड़ी थी
बिम्ला खाट पे बैठके देख रही थी सिर्फ़ देख रही थी
मैं पूरी स्पीड से शांति को चोदने लगा
साथ ही अपनी दोनो उंगली धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा
थोड़ी देर बाद शांति का बदन अकड़ने लगा
मैं अपनी गति को तेज कर दिया
कमरे में फॅक फॅक की आवाज़ गूँज रही थी
एक लंबी आआह के साथ शांति की चूत पानी छोड़ दी
मैने शांति के पास से तकिया हटाया
तकिया पूरा आँसुओ से भीग चुका था
मैं दूसरा तकिया शांति को दिया
शांति अपना मुँह फिर से तकिये में दबा ली
मैने अपना लंड शांति की चूत से बाहर निकाल लिया
मेरी दोनो उंगली अभी भी शांति की गान्ड में थी
मैं शांति की गान्ड में अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा
शांति को दर्द हो रहा था
लेकिन शांति को दर्द तब होगा जब मेरा लंड शांति की गान्ड में जाएगा
अभी तो शांति दर्द सहेन कर रही थी
मैं शांति के बूब्स दबाते हुए शांति की गान्ड में अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा
शांति की गान्ड में दो उंगली अब आराम से अंदर बाहर होरही थी
मैने अपनी उंगली को शांति की गान्ड से बाहर निकाल लिया
शांति की गान्ड अब मैं फाड़ने वाला था
मैं थोड़ा सा तेल शांति की गान्ड में डाल दिया
शांति काफ़ी टाइम से घोड़ी बनी हुई थी
मैने शांति को पलट दिया
और अपना लंड शांति के मुँह में डाल दिया
शांति मेरा लंड चूसने लगी
सिर्फ़ सुपाडे को चूस रही थी
मैने शांति के दोनो हाथ को पकड़ लिया और शांति के मुँह को चोदने लगा
मैने शांति के मुँह से अपना लंड निकाल लिया
और शांति के बूब्स पे थप्पड़ मारने लगा
मैने एक कपड़ा शांति को दिया
शांति वो कपड़ा अपने मुँह में ठूंस ली
और घोड़ी बन गई
मैने ढेर सारा तेल अपने लंड पे लगाया
और बाकी तेल शांति की गान्ड के छेद पे डाल दिया...