Incest मेरी बीवियां, परिवार..…और बहुत लोग… - Page 8 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest मेरी बीवियां, परिवार..…और बहुत लोग…

Friends, apologies for the delay in reply...been quite busy with my work and am not getting much time...but will surely ensure that by this weekend, I will post the next update...

Since there is a gap in updates, इस बार भी लम्बा अपडेट ही देने की कोशिश करूंगा. अपडेट तो जल्दी लिख पाता हूँ लेकिन फोटोज के लिए बहुत समय लगता है. आशा है आप समझ सकते हो. साथ बने रहिये. फिर से धन्यवाद. !!!
 
38th Update (दीपू के मजे…पूरे जोश में) (Mega Update)



कविता कहती है की वो भी उनके साथ जाना चाहती है तो वसु इस बात के लिए भी मान जाती है क्यूंकि वसु को पता था की मीना उसकी बेटी है तो उसके साथ जाना एकदम स्वाभाविक ही है और फिर तीनो मीना के घर की तरफ निकल जाते है….



अब आगे..

अगली सुबह:



अगली सुबह तीनो दीपू मीना और कविता मीना के घर के लिए निकल जाते है दीपू के कार में. २- ३ घंटे के बाद वो तीनो मीना के घर पहुँच जाते है जहाँ मनोज उनका इंतज़ार कर रहा था. मनोज को पता था की मीना वापस आ रही है तो उसने ऑफिस से छुट्टी ले लिया था.



मीना के घर पे:

मनोज सब को देख कर बहुत खुश हो जाता है और फिर तीनो घर में प्रवेश करते है. घर में चाय पानी होने के बाद सब हॉल में बैठे हुए होते है.

मनोज मीना को देख कर: क्या बात है तुम बहुत थकी हुई लग रही हो.

मीना: ऐसी कोई बात नहीं है.

मनोज: लेकिन तुम्हारे चेहरे से पता चल रहा ही की शायद तुमने बहुत काम किया है.

मीना अपने आप को थोड़ा संभालते हुए: वो क्या है ना... बड़ी दीदी अब प्रेग्नेट हो गयी है तो डॉक्टर ने उसे आराम करने को कहा है. (मैं ये बात लिखना भूल गया था की मनोज को भी पता चल गया था की उसकी बेहन वसु फिर से प्रेग्नेंट हो गयी है). तो घर का काम हम ही करते थे... इसीलिए ऐसा लग रहा है की मैं थकी हुई हूँ और ऐसा बोलते हुए मीना एक नज़र दीपू पे डालती है और उसे देख कर चुपके से हस देती है.

ये दृश्य कविता भी देख लेती है लेकिन कुछ नहीं कहती लेकिन मन में सोचती है की दीपू ने उसकी इन पिछले ५ दिनों में बहुत बजायी है..

मनोज: तो भांजे तुम भी अब बाप बनने वाले हो. बधाई हो.

दीपू: धन्यवाद मामा.

मनोज: अब यहाँ २- ३ दिन रह कर जाना. मुझे भी अच्छा लगेगा.

दीपू: आपकी बात तो सही लेकिन लेकिन हम कल ही निकल जाएंगे क्यूंकि घर पे सिर्फ दिव्या और माँ है. अब वसु भी आराम कर रही है तो हमें जाना होगा.

मनोज: ठीक है. अगर तुम लोग रुक जाते तो अच्छा होता.

दीपू: कोई नहीं मामा जब अगली बार आएंगे तो और ज़्यादा दिन रहेंगे. वैसे एक बात पूछूं?

मनोज: हां पूछो क्या बात है?

दीपू: मैं सोच रहा हूँ की अब यहां दादा दादी तो नहीं है. तो आप भी क्यों नहीं आ जाते और हमारे साथ रहते?

मनोज: बात तो तुम्हारी सही है लेकिन मेरी यहां नौकरी है ना.

दीपू: आप मेरे साथ मेरे बिज़नेस में हाथ बटा सकते हो अगर आप वहाँ आ जाओगे तो.

मनोज कुछ सोचता है और कहता है की वो भी इस बारे में सोचेगा और जल्दी ही उसे बताएगा की वो उनके पास आ सकता या नहीं. इस बात पे दीपू भी मान जाता है और फिर ऐसे ही बातें करते हुए उनका दिन निकल जाता है.



रात को:



मनोज और मीना:



रात को खाना खा कर मनोज और मीना अपने कमरे में सोने चले जाते है तो वहीँ दीपू और कविता भी दुसरे कमरे में सोने चले जाते है. मनोज मीना को अपनी बाहों में लेकर ऊपर पंखे की तरफ देख रहा था. मीना मनोज को ऐसे देखते हुए पूछती है: क्या सोच रहे हो?

मनोज: कुछ नहीं यार.... तुम जिस काम के वहां गयी थी वो हो गया क्या?

मीना मनोज के मुँह से ये बात सुनकर एकदम शर्मा जाती है और अपनी आँखें नीचे करती हुई हाँ में उसे जवाब देती है.

मनोज: मैं भी चाहता हूँ की तुम भी जल्दी माँ बन जाओ. तुम्हारी ख़ुशी से ज़्यादा मेरे लिए कुछ नहीं है.

मनोज की ये बात सुनकर मीना एकदम भावुक हो जाती है और उसकी आँखों से आंसूं निकल आते है. वो मनोज के ऊपर आकर उसकी आँखों में देखते हुए कहती है... तुमने जो बात कही है तुम नहीं जानते मुझे कितना सुकून मिला है. अगर हम कभी माँ बाप भी नहीं बन सकते तो भी मुझे शायद कोई गिला शिकवा नहीं होता लेकिन तुम्हारा ये प्यार ही मेरी ज़िन्दगी के लिए काफी है और ऐसा कहते हुए मीना मनोज के होंठों को चूम लेती है बड़े प्यार से.

मनोज भी उसको चूमता है और कहता है... तुम जल्दी से माँ बन जाओगी तो इस घर में बहुत खुशियां होगी. मीना भी उस बात से सहमत होती है और फिर से रोने लगती है. मनोज उसकी आँखें पोछते हुए कहता है... और ज़्यादा इमोशनल मत हो जाओ वरना मुझे भी तकलीफ होगी. मीना इस बात पे हस देती है और फिर अपनी आँखें साफ़ करते हुए फिर से मनोज की बाहों में लुढ़क जाती है और फिर दोनों बड़ी चैन की नींद में चले जाते है.



दीपू और कविता:



वहीँ दुसरे कमरे में कविता भी सोने की तैयारी करती है और बिस्तर पे जाकर लेट जाती है.

45b8ed7f-363a-4573-87cc-7e5270d78349.webp


दीपू भी फिर कमरे में आता है और कविता को बिस्तर पे लेटा देख कर उसका लंड एकदम तन कर खड़ा होजाता है क्यूंकि वो उस पोज़ में बहुत सेक्सी लग रही थी.

IMG-7123.jpg


वो भी थोड़ी थकी हुई थी तो वैसे ही साडी में ही लेट जाती है बिस्तर पे और सोते समय उसकी साडी नाभि ने नीचे सरक जाती है और वो बहुत कामुक लग रही थी.. उसी को देख कर दीपू का यह हाल हुआ था (याने लंड को एकदम तन कर कड़क हो गया था). वो कविता के ऊपर चड कर उसकी चूची को दबाते हुए कहता है... इतनी जल्दी कैसे सो रही हो जान?

कविता: तुम कभी थकते नहीं क्या? पिछले पांच दिनों से तुमने मीना की खूब बजायी है और अभी फिर से मेरे ऊपर चड गए हो. थोड़ा आराम भी कर लिया करो. ये तुम्हारी सेहत के लिए अच्छा होगा.

दीपू: वैसे थक कैसे सकता हूँ जान जब घर में इतनी मस्त बीवियां है और जो रोज़ मेरा इंतज़ार करती है और मैं भी इंतज़ार करता हूँ की कब बिस्तर पे नंगा कर के तुम सब को चोदू. क्यों तुम्हे पसंद नहीं है क्या? और रही बात मीना की तो उसमें तुम्हारा भी फायदा है ना. तुम भी जल्दी नानी बन जाओगी.

दीपू के ऐसा कहने से कविता एकदम शर्मा जाती है और दीपू को प्यार से देख कर हस देती है.

दीपू: देखो तो कैसी मेरी बीवी शर्मा रही है. बोलो क्या कहती हो?

कविता: जानू आज तुम आराम कर लो. वैसे भी पिछले पांच दिनों से अपने लंड को आराम नहीं दिए हो और आज फिर गाडी भी चला कर आये हो. जब कल घर चले जाएंगे तो मैं ही तुम्हारे पास आऊँगी और मुझे भी जम के चोदना. मैं तुम्हे मना नहीं करूंगी. और वैसे भी वसु तो पेट से है. उसे तो आराम की ज़रुरत है तो बाकी दोनों बीवियां ही तुम्हारा ख़याल रखेंगी.

दीपू इस बात पे मान जाता है और कहता है ठीक है लेकिन एक चुम्मी तो बनती है ना.

दीपू के कहने पे कविता खुद अपने होंठ दीपू के होंठों से मिला देती है और दोनों एक गहरे और प्रगढ़ चुम्बन में जुड़ जाते है और दोनों अपनी जीभ एक दुसरे से मिलाते हुए पीते है.

Chapter-1-Navel-World-19.gif


३- ४ Min के गहरे चुम्बन के बाद कविता दीपू को अपने ऊपर से हटा देती है और उसको बगल में सुला कर उसके कंधे पे अपना सर रख कर थोड़ा आराम करती है और देखते ही देखते दोनों गहरी नींद में चले जाते है.



अगली सुबह:



अगली सुबह कविता नाहा धो कर अपने कमरे में तैयार होती रहती है. उस वक़्त वो नहा कर सिर्फ ब्रा और पैंटी में आईने के सामने खड़ी होकर तैयार होती रहती है तो दीपू भी तैयार होने के लिए वहां आता है कविता को ऐसे देख कर उससे रहा नहीं जाता और पीछे से उसे पकड़ कर उसकी चूची को दबाते हुए उसके गले को चूमता है और कहता है...

IMG-0427.jpg


दीपू कविता की चूची दबाते हुए कहता है... जान अब ये थोड़े बड़े हो गए है और हाथ में अच्छे से समां रहे है और दबाने में भी मजा आ रहा है.

कविता: हाँ ये तो बड़े होंगे ही ना जब तुम और मेरी सौतनें इसे दबा दबा कर और चूस चूस कर बड़े जो कर रहे हो.

दीपू : वैसे तुम तो क़यामत लग रही हो जा. मन करता है अभी तुम्हे बिस्तर पे पटक कर तुम्हारी दोनों छेदों को खोल दूँ.

कविता: चुप कर... जब देखो तुम्हे यही सब सूझता है. कभी अपने दिमाग से भी सोचो और सिर्फ अपने लंड से नहीं क्यूंकि कविता को उस ब्रा पैंटी में देख कर उसका लंड खड़ा हो गया था और उसकी गांड को चुभ रहा था. और ऐसा कहते हुए वो हस देती है.

दीपू: अभी हस लो. घर चलने के बाद इस हसी का बदला लूँगा. चलो मैं भी तैयार होता हूँ लेकिन पहले मुझे मुँह मीठा करना है और ऐसा बोल कर वो कविता को अपनी और घुमा कर फिर से उसके लाल होंठ पे टूट पड़ता है. पहले तो कविता थोड़ा चक्र जाती है लेकिन वो भी दीपू का साथ देते हुए वो भी उसके होंठ पे टूट पड़ती है. दीपू उसके होंठ चूसते हुए उसकी चूची को भी ज़ोर से दबा देता है और कविता की सिसकी उसके मुँह में ही डाब जाती है क्यूंकि दीपू उसकी जुबां को भी चूस रहा था.

IMG-7116.jpg


20240430-222613.gif


फिर थोड़ी देर बाद दोनों अलग होते है और दीपू बाथरूम की तरफ जाता है तो कविता उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक लेती है और उसके कान के पास आकर कहती है: मुझे भी तुम्हारे बदले का इंतज़ार रहेगा और उसे आँख मार कर उसे बाथरूम की तरफ धकेल देती है.

फिर वो भी नाहा कर तैयार हो कर आ जाता है और मीना और मनोज से कहता है की वो अपने घर के लिए निकल जाएंगे. इतने में कविता भी तैयार हो कर बाहर आती है तो उसे देख कर दीपू मन में सोचता है ये तो आज मुझे मार ही डालेगी. उसने एक स्लीवलेस ब्लाउज पहना हुआ था जिसमें से उसकी आधी चूचियां जैसे बाहर आने को तड़प रही थी और अपनी साडी में नाभि के नीचे ही बाँधा हुआ था. वो तो एकदम क़यामत लग रही थी.

HAXg-C18ac-AQ-Ya4.jpg


उसे देख कर मीना धीरे से उसके कान में कहती है: माँ तुम तो बहुत सुन्दर दिख रही हो. संभाल लेना अपने पति को और ध्यान से घर जाना. कविता ये बात सुनकर एकदम शर्मा जाती है और प्यार से उसके गाल को खींचती है लेकिन कुछ नहीं कहती.

फिर दोनों उनसे अलविदा लेकर अपने घर के लिए निकल पड़ते है. उस दिन मौसम बड़ा अच्छा था और थोड़े बादल भी छाए हुए थे. जब वो रास्ते में होते है तो बारिश शुरू हो जाती है और सुहाने मौसम में दीपू भी गाडी चलाते हुए दोनों मजे से जा रहे थे.

दीपू: डार्लिंग मस्त बारिश हो रही है और मौसम भी बहुत अच्छा है.

कविता: हाँ तुम सही कह रहे हो. मेरा तो मन कर रहा है की थोड़ा बारिश में भीग जाऊं.

दीपू कविता की बात सुनकर कार को एक जगह रोक देता है और फिर दोनों कार से बाहर आकर वहां थोड़ा टहलते है क्यूंकि वो जगह बहुत अच्छी थी... बारिश की वजह से वो और खूबसूरत लग रहा था. बहुत सारे हरे भरे पेड़ पौधे और शानदार हरियाली छायी हुई थी जब वो थोड़ा घूम लेते है तो भीग जाते है लेकिन उनको उसकी परवाह ना थी... क्यूंकि उन्हें वहां देखने वाला जोई नहीं था और फिर वहां से उन्हें घर ही जाना था.

कविता उन गीले कपड़ों में और भी सेक्सी लग रही थी और दीपू से रहा नहीं जाता तो वो कविता को पकड़ कर अपने होंठ उससे जोड़ लेता है और दोनों एक गहरे चुम्बन में जुड़ जाते है. कविता भी उस मौसम में गरम हो गयी थी और वो भी दीपू का पूरा साथ देती है और दोनों एक दुसरे का रस चूसने में लग जाते है. दीपू उसको चूमते वक़्त उसकी नाभि में ऊँगली कर के उसे और भड़का देता है जिससे उसकी चूत बहने लगती है.

Gemini-Generated-Image-mmxlgjmmxlgjmmxl.png


d49c670c00714e798279a72a35aa616b.gif


c5dd8297c07840d6995cb46ab81c63c1.gif


थोड़ी देर ऐसे ही चूमने के बाद दोनों एक पेड़ के नीचे बैठ जाते है और फिर बातें करते हुए और ठन्डे मौसम का मजा लेते हुए दोनों के होंठ जुड़ जाते है.

2cd73db61c1348c598ec732870a8da41.gif


दोनों खूब ऐसे ही मस्ती करते है और अब बारिश भी बंद हो गयी थी तो वो दोनों वापस कार में आकर अपने घर की और निकल पड़ते है.

थोड़ी दूर ऐसे ही जाने के बाद वो एक चाय की टापरी पे रुक कर चाय पीते है. दीपू जब पैसे दे रहा होता है तो कविता बगल में एक पेड़ के पास उसका इंतज़ार करती है.

c2f08ae555090b54d3549207fa330423.jpg


उसको देख कर दीपू से रहा नहीं जाता क्यूंकि कविता ऐसे खड़ी थी जैसे वो उसे चोदने का निमंत्रण दे रही थी. बारिश में भीगने और चूमने से कविता भी गरम हो गयी थी.

दीपू कविता को देख कर कार में आने का इशारा करता है और कार में आते ही कविता देखती है की दीपू अपना पैंट खोले अपने लंड को बाहर निकाला हुआ है. कविता भी उसको देख कर समझ जाते है और हस्ते हुए कार में बैठ कर सीधा उसके लंड को मुँह में लेकर चूसने लगती है.

20222050.gif


अब दीपू को भी मजा आ रहा था क्यूंकि ये पहली बार था जब वो किसीके साथ कार में मस्ती कर रहा था. दीपू भी अपनी गांड को उठा कर उसके मुँह में अपना लंड पूरी ज़ोर से घुसा रहा था और कविता भी पीछे हटने वाली नहीं थी. ५ Min की लंड चुसाई के बाद दीपू का लंड पूरा कविता की थूक से भीग गया था और अपने पूरे फॉर्म में था.

कविता: जानू आज ऐसा पहला मौका मिला है जब हम दोनों घर से बाहर है और दूर भी और हमें यहाँ देखने वाला कोई नहीं है. क्यों ना आज मुझे खुले में चोदो.

दीपू: क्या बात है डार्लिंग तुम तो आज बड़ी ठरकी लग रही हो.

कविता: हाँ क्यों नहीं. सुबह से ही तुमने मेरे होंठ चूस चूस कर और चूची दबा दबा कर मुझे बहुत गरम कर दिए हो और बेहका भी दिए हो. पता नहीं मैं घर जाने तक रह पाऊंगी या नहीं. और वैसे भी तुमने भी आज तक कभी ऐसे खुले में किसी को चोदा नहीं है तो तुम्हे भी मजा आएगा.

दीपू: जानू तुम्हारी बात भी सही है और अब मेरा भी मन कर रहा है और ऐसा कहते हुए दीपू एक सुनसान जगह पे अपनी गाडी रोक देता है और फिर कविता को भी बाहर आने को कहता है. जब कविता भी बाहर आती है तो दीपू उसे कार की बोनेट पे रख कर उसके होंठ और गले को चूसने लग जाता है.

depositphotos-51189233-stock-photo-sensual-couple-making-love-on.webp


देखते ही देखते दीपू कविता को नंगा कर देता है और फिर उसको गले से चूमते हुए उसकी चूची को ज़ोर ज़ोर से दबाते रहता है. खुले आसमान के नीचे उन्हें देखने वाला कोई नहीं था तो कविता भी ज़ोर ज़ोर से आँहें भर्ती रहती है और कहती है... ऐसे ही दबाओ जानू... बहुत परेशान करती है.

3365332-0d27aab-320x.jpg


3365329-658310b-320x.jpg


तुमने कहा था ना घर में की अब ये थोड़े बड़े हो गए है तो और दबाओ और बड़े कर दो.

दीपू: ज़रूर मेरी जान और जब इनमें दूध आएगा तो पीने में बड़ा मजा आएगा.

दीपू जब ये बात कहता है तो कविता मुड़कर उसकी तरफ देखती है तो दीपू कहता है: जब माँ पेट से हो गयी है तो तुमने नहीं होना है क्या?

दीपू की ये बात सुनकर कविता एकदम खुश हो जाती है और उसके होंठों को चूम कर कहती है.... सोचा था घर जाकर मैं तुमसे इस बारे में बात करूंगी... लेकिन तुमने तो अभी मेरे मन की बात केह दी है. हाँ मुझे भी जल्दी ही फिर से माँ बनना है. बनाओगे ना मुझे भी?

दीपू: ये भी कोई पूछने वाली बात है क्या और ऐसे कहते हुए दीपू कविता को पेड़ के सहारे करते हुए अपना मोटा और तना हुआ लंड उसकी गीली चूत में डाल देता है और खड़े खड़े ही उसको चोदने लगता है. इस पोजीशन में दोनों को बहुत मजा आ रहा था क्यूंकि दोनों के लिए ये पहली बार था.

637612-b84fff3-320x.jpg


५- १० Min की ऐसी लम्बी चुदाई के बाद दीपू कविता को अपने कार के पास लाकर उसे कार के सहारे करते हुए फिर से उसको चोदने लगता है और इस बार वो कविता की एक टांग उठा कर अपने कंधे पे रखते हुए उसे ठोकने लगता है.

5265066-bc2872e-320x.jpg


दीपू कविता को चोदते हुए: जानू मजा आ रहा है ना?

कविता: पूछो मत. मैंने तो ऐसा मजा आज तक कभी लिया ही नहीं. क्यों तुम्हे मजा नहीं आ रहा है क्या?

दीपू: मुझे भी बहुत मजा आ रहा है. देखो खुले आसमान में हमें यहाँ देखने वाला कोई नहीं है और तुम तो इतनी ज़ोर से चिल्ला रही हो. इतनी ज़ोर से तुम घर में चिल्लाती तो शायद बगल वाले भी अपने घर आकर पूछे की कोई झगड़ा कर रहा है क्या. इस बात पे दोनों है देते है और दीपू कविता को चोदते वक़्त कविता अपने होंठ दीपू से मिला देती है. दीपू अब उसके होंठों का रस पीते हुए उसकी चूचियों को दबाते हुए पेल रहा था. इन तीनो हमलों से कविता झेल नहीं पाती और फिर से अपना पानी छोड़ देती है. अब दोनों थोड़े थके हुए थे लेकिन कोई हार मानने केलिए तैयार नहीं था.

कविता: जानू आज हमने इतने नए तरीके से चुदाई की है तो घर जाने से पहले एक बार कार में भी मुझे चोद दो. मैं ये भी एहसास करना चाहती हूँ.

दीपू: क्या बात है जानू आज तो तुम्हे बड़े अच्छे ideas आ रहे है.

कविता: सब तुम्हारी बदौलत ही है. तुमने ही हम सब को एक एक कर के और एक साथ सब को चोदा है... कभी बिस्तर पे तो कभी बाथरूम में तो कभी किचन में. मैंने सोचा जब तुम इतने नए तरीके और जगह में चोदते हो तो क्यों ना कार में भी हो जाए.

दीपू: नेकी और पूछ पूछ (जो कहावत है).

दीपू फिर कविता को कार में भी नए नए अंदाज़ में चोदता है... पीछे की सीट पे उसकी टांगें अपने कन्धों पे रख कर तो कभी कविता उसकी गोद में बैठ कर तो कभी कविता को घोड़ी बना कर कार में उसे हर पोजीशन में चोदता है.

images-3-4.jpg


images-5.jpg


images-12.jpg


इस चुदाई से दोनों बहुत तृप्त हो जाते है. जहाँ कविता को याद भी नहीं रहता की उसने कितनी बार झडा है उनके चुदाई के दौरान... और आखिर में दीपू भी हार मान जाता है और कहता है की तो भी झड़ने वाला है और ऐसे कहते हुए वो इस बार कविता की चूचियों पे अपना पानी गिरा देता है. और बहुत सारा पानी गिराता है.

BJ-cum-B-W-tumblr-obyuoftycs1rs0mm3o1-500.jpg


इतना गिरा हुआ पानी देख कर कविता कहती है: मैंने आज गलती की है. तुम्हे अपना पानी मेरी चूत में ही डालना था. मैं भी फिर ज़रूर पेट से हो जाती और ऐसा कहते हुए वो हस देती है.

दीपू भी हाँफते हुए सीट पे गिर जाता है और अपनी साँसों को सम्भालता है. कविता भी दीपू के पानी को अपने अंगूठे में लेकर चूसती है और कहती है.... तुम्हारा पानी तो आज बहुत अच्छा लग रहा है और उसे आँख मार देती है

दीपू: चिंता मत करो. तुम चाहो तो अब से हर बार मेरा पानी अपनी चूत में ही लेना. दीपू के ऐसा कहने से कविता एकदम खुश हो जाती है और दीपू को चूम लेती है.

५ Min बाद दोनों फिर कार से उतर कर अपने आप को साफ़ करते है (उन्होंने घर से पानी लाया हुआ था) और फिर अपने घर की और निकल जाते है.

२- ३ घंटे में वो घर पहुँच जाते है. वसु सोयी हुई थी तो दिव्या ही उनका इंतज़ार कर रही थी. जब वो घर आते है तो दिव्या देखती है की दोनों थोड़े थके हुए है और कविता का चेहरा भी थोड़ा बिगड़ा हुआ था और उसके बाल भी भीकरें हुए थे.

दीपू अपने कमरे में चला जाता है तो दिव्या कविता को देख कर कहती है: क्या बात है दीदी तुम्हारा चेहरा और बाल देख कर ऐसा लगता है जैसे कहीं से झगड़ा कर के आ रहे हो.

कविता दिव्या को अपनी बाहों में लेकर उसके होंठ चूमते हुए कान में कहती है: हाँ हम दोनों ने खुले आसमान में “बहुत लड़ाई” की है और उसको देखते हुए आँख मार के हस देती है.

besar-concepci-n.gif


दिव्या कविता की बात सुनकर खुले मुँह से उसको देखती रहती है तो कविता कहती है: जानू बहुत मजा आया. उसने तो मुझे पूरा थका ही दिया है. करीब एक घंटे तक उसने मुझे छोड़ा ही नहीं और मेरी खूब बजायी है और हम दोनों को बहुत मजा आया. मैं तो अब बहुत थक गयी हूँ और सोने जा रही हूँ और ऐसा बोल कर वो भी कमरे में चली जाती है सोने के लिए क्यूंकि उसका बदन भी अब बहुत टूट रहा था.

दिव्या भी अपना हाथ माथे पे रख कर मुस्कुराते हुए वो भी सोने चली जाती है. शाम को फिर सब उठते है और चाय पीने बैठ जाते है. दीपू अब थोड़ा फ्रेश लग रहा था लेकिन कविता के चेहरे पे अभी भी थोड़ी थकान दिख रही थी. उसको देख कर लता पूछती है की इतनी थकी क्यों लग रही है तो कविता कुछ नहीं कहती और दीपू की तरफ देखती है. दीपू हस देता है और लता को कुछ बहाना बता देता है.



रात को:



रात को फिर सब खाना खा कर सोने चले जाते है तो कविता कहती है की वो वसु के साथ सोयेगी तो वसु भी मान जाती है. लता दिव्या और दीपू को देख कर मन में सोचती है की आज दिव्या तो गयी और हस्ते हुए वो भी दुसरे कमरे में सोने चली जाती है.

दिव्या भी फिर कमरे में चली जाती है और फिर दीपू को प्यास लगती है तो वो पानी पीने किचन जाता है.

जब वो पानी पीते रहता है तो वहां दिव्या आती है जो की लगभग नंगी ही थी. वो एक छोटी और पतली पैंटी पहने हुए अपनी गांड मटकाते हुए दीपू के पास आती है तो दीपू बड़ी ललचायी नज़र से उसको देखते रहता है.

GIF-20260220-020857-890.gif


दिव्या: क्यों जानू लगता है तुम तो बड़े मजे कर के आ रहे हो. एक तो दीदी को पेट से कर दिया और पिछले एक हफ्ते से कविता दीदी की ले रहे हो. लगता है अब तुम्हे मुझमे ज़्यादा दिलचस्पी नहीं है. कविता दीदी ने बताया था की आज आते वक़्त तुम दोनों ने क्या किया है.

दीपू: ऐसे कैसे हो सकता है जान की मुझे तुमपे दिलचस्पी नहीं है. क्यों तुम्हे जलन हो रही है क्या?

दिव्या: थोड़ी रूठी आवाज़ में... नहीं तो क्या? ऐसा लगता है तुम मुझे भूल ही गए हो.

दीपू फिर दिव्या को अपनी बाहों में लेकर उसको चूमते हुए... ऐसा कभी हो सकता है क्या? तुम जैसी हो... वैसे ही तुम्हारी दोनों दीदियाँ भी है.

दिव्या: मतलब?

दीपू: मतलब तुम जितनी चिकनी और चुड़क्कड़ हो वैसे ही तुम्हारी दीदियाँ है और उसे आँख मारते हुए फिर से उसकी गांड को दबाते हुए उसको चूमने लगता है.

GIF-20260220-020701-878.gif


दिव्या झूठे गुस्से से: किसीको मनाना है तो कोई तुमसे ही सीखे और फिर वो भी अपनी जुबां दीपू के मुँह में दे देती है और दोनों एक प्रगाढ़ चुम्बन में जुड़ जाते है. थोड़ी देर बाद दीपू: जानू अभी थोड़ा चाय पीने का मन कर रहा है. चाय बनाओगी क्या?

दिव्या: क्यों नहीं और फिर थोड़ी देर बाद वो चाय बना कर अपनी गांड मटकाते हुए दीपू के पास आती है और उसे चाय देती है.

GIF-20260510-203217-833.gif


दिव्या को देख कर दीपू का लंड एकदम तन जाता है क्यूंकि दिव्या की मस्त बड़ी बड़ी चूचियां एकदम कामुक तरह से हिल रही थी जब वो चाय लेकर आती है तो. अब दीपू से भी रहा नहीं जाता है वो चाय को बगल में रख कर दिव्या के होंठों पे टूट पड़ता है और फिर से दोनों एक गहरी चुम्बन में भिड़ जाते है और दीपू भी दिव्या की चूचियों को मसलते रहता है.

GIF-20260510-204845-145.gif


थोड़ी देर बाद दीपू दिव्या को वहां किचन के स्लैब पे रख कर उसके पैरों को अपने कंधे पे रखते हुए उसकी चूत चूसने लग जाता है. दिव्या भी आह आह करते हुए सिसकिया लेती रहती है और अपने हाथ दीपू के सर के ऊपर रख कर उसे अपनी चूत पे दबा देती है.

20230411-110733.jpg


दीपू भी बड़े चाव से दिव्या की चूत और गांड दोनों को चूसते और चूमते रहता है. दिव्या का तो हाल बेहाल हो जाता है और जब दीपू उसकी चूत चूसते हुए अपनी एक ऊँगली उसकी गांड में डालता है तो दिव्या सेहन नहीं पाती और अपनी पानी छोड़ देती है जिसे दीपू पूरा पी जाता है. अब दीपू का भी लंड एकदम खड़ा हो गया था और वो दिव्या को स्लैब से उठा कर नीचे करते हुए उसे बिठा देता है.

जब दीपू के लंड को उसके अंडरवियर से निकलती है तो वो एक स्प्रिंग की तरह एकदम खड़ा हुआ उसके चेहरे के सामने आ जाता है.

39030.gif


दिव्या बड़ी ललचायी नज़र से उसको देखते हुए उसके लंड पे टूट पड़ती है और अब तो उसे आदत भी हो गयी थी और एक ही बार में उसका पूरा खड़ा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने और चाटने लगती है.

दीपू भी अपना हाथ उसे सर के पीछे रखकर अपने लंड को आगे पीछे करता है जैसे वो उसका मुँह चोद रहा है.

4CA314E.gif


tumblr-nqoktl-Yi-Wd1url023o1-500.gif


५ Min की मुँह चुदाई के बाद दीपू कहता है: अगर तुम ऐसे ही चूसते रहोगी तो मैं भी झड़ जाऊँगा तुम्हारे मुँह में.

दिव्या: अपना मुँह उसके लंड से निकालते हुए नहीं मुँह में मत झडो. आज मुझे भी ऐसे ही चोदो जैसे तुमने कविता को चोदा था. बस फरक इतना है की वो खुले आसमान के नीचे था और अब यहाँ किचन में है और मैं भी बहुत गरमा गयी हूँ. आज मेरी पूरी गर्मी निकाल दो.

दीपू: चलो ये भी अच्छा है और ऐसा कहते हुए वो दिव्या के पीछे आकर उसे थोड़ा झुकता है और उसे पता था की दोनों ही अब बहुत उत्तेजित है और दिव्या की चूत भी पूरी भीगी हुई है और अपने लंड को दिव्या की चूत में एक ही बार में पूरा अंदर डाल देता है. दिव्या की तो जैसे जान ही निकल गयी थी की एक बार में ही उसने पूरा घुसा दिया है.

GIF-20260510-205032-343.gif


दीपू अब दनादन उसे पेले जा रहा था जिससे उसकी बड़ी चूचियां भी हिल रही थी और वो दृश्य बड़ा ही उत्तेजनक था. अगर कोई उन दोनों को देख लेते तो सोचते की दोनों तो जन्नत में पहुँच गए है. दीपू उसे ठोकते हुए उसे चूमते रहता है.

फिर दीपू उसकी एक टांग उठाता है जिससे उसकी चूत भी खुल जाती है और वैसे ही टांग उठा कर अपना पूरा लंड उसकी चूत में फिर से दाल देता है और अब खड़े खड़े ही उसको चोदने लग जाता है.

3zpz8-WQe4-SNH8q6-FEif2uzpm-Xj-QNog2n2hu-WTcwn7-Zwvu-L2jn-LQufvy-Gs-Lq-Wi-Wdg-Fi-Yi-P3cxjj-Yqfms-Ag5.gif


थोड़ी देर बाद दिव्या कहती है की उसके पाँव दुःख रहे है तो दीपू उसे फिर से स्लैब में बिठा कर उसके पैरों को अपने कंधे पे रखते हुए वैसे ही झटके मारते रहता है और उसका लंड भी पूरी तरह दिया की चूत के जड़ तक पहुँच जाता है.

RDT-20251123-0706321454884909671413898.jpg


दीपू: जानू मजा आ रहा है ना? अब भी कोई शिकायत है क्या?

दिव्या दीपू को चूमते हुए... नहीं... तुम्हे भी पता है मैं भी ऐसी चुदाई के लिए बहुत दिनों से तड़प रही थी. पिछले हफ्ते तो तुम सिर्फ कविता और मीना पे ही ध्यान दे रहे थे और ऐसा लगा की तू हम दोनों को भूल ही गया है.

दीपू: उसको ठोकते हुए... माँ ने ही कहा था की मीना अपने घर जाने वाली है तो उसी के साथ थोड़ा वक़्त गुज़ार. समझ गयी?

दिव्या: अब ज़्यादा बकवास नहीं और मुझे ऐसे ही चोदते रहो. बहुत मजा आ रहा है.

थोड़ी देर ऐसे ही पेलने के बाद दीपू कहता है: अब तुम्हे असली जन्नत दिखाता हूँ.

दिव्या: मतलब?

दीपू दिव्या को स्लैब से उठा कर उसे फिर से झुकाता है और इस बार बिना कुछ बताये अपने लंड पे थूक लगा कर भले ही वो दिव्या की चूत के पानी से भीगा हुआ था... दिव्या की कमर को पकड़ कर उसकी उठी हुई गांड पे अपना लंड रखता है. दिव्या को जब ये एहसास होता है तो वो पलट कर दीपू को देखती है लेकिन तब तक बहुत देर हो गयी थी क्यूंकि दीपू अपने पूरे दम से शॉट मारता है और उसका पूरा लंड दिव्या की गांड पे पूरा घुस जाता है.

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-vvfwdk-IOq-Abjsa-J-9526762b.gif


29572439.gif


दिव्या की तो जैसे सांसें ही बंद हो गयी थी इस दमदार ठुकाई से... उसने सोचा नहीं था की दीपू एक बार में ही पूरा लंड उसकी गांड में डाल देगा... लेकिन दीपू रुकता नहीं और उसको चूमते हुए क्यूंकि उसे पता था की दिव्या को बहुत दर्द होगा... तुम्हे भी ऐसी ही चुदाई चाहिए थी ना... दिव्या अपने आंसूं पोछते हुए... तुम तो बड़े जालिम निकले... पहले मुझे बता तो देते... मैं तुम्हे गांड मारने से मन तो नहीं करती...

दीपू: जानू कभी कभी ऐसे surprises भी मजेदार होते है और दीपू दिव्या की गांड मारते रहता है. कुछ मिनट बाद दीपू से भी रहा नहीं जाता और वो अपना लंड उसकी गांड से निकाल कर अपना पूरा माल उसकी गांड के ऊपर ही निकाल देता है.

big-ass-001-31.gif


अब दोनों थक गए थे और थोड़ा आराम करते है जहाँ दिव्या अपनी साँसों को संभालती रहती है. इन सब के दौरान उन्हें पता नहीं चलता की लता को भी थोड़ी प्यास लगी हुई थी और वो पानी पीने किचन की तरफ जाती है और बाहर से ही दोनों की चुदाई देख कर वो भी एकदम गरमा जाती है और अपनी चूत मसलते हुए सोचती है की दीपू का लंड तो एकदम सही है.

1235-ezgif-com-crop.gif


एकदम दुमदार और बड़ा और और कितना पानी गिराता है...अगर इतना पानी वो दिव्या और कविता की चूत में डालेगा तो घर में बच्चों की लाइन लग जायेगी... इसी वजह से वो तीनो को एकदम खुश रक्त है. मुझे वसु से बात करनी पड़ेगी या फिर कुछ जुगाड़ करना पड़ेगा वरना मैं रह नहीं पाऊँगी. लता चुपचाप वहां से अपने कमरे में चली जाती है और फिर दोनों दिव्या और दीपू भी अपने आप को साफ़ कर के एक दुसरे को चूमते हुए अपने कमरे में चले जाते है. जाते वक़्त वो वसु के कमरे में देखते है तो दोनों वसु और कविता मस्त नींद में थे. दीपू मन में सोचता है की शादी के बाद आज उसका एकदम सुनहरा दिन था और ऐसी दिन उसने बहुत काम ही महसूस किया था....



Note: मुझे ये अपडेट लिखने के लिए बहुत मेहनत, समय और सोच भी लगा. ख़ास कर के फोटोज ढूंढने में. आशा की आप सब भी इस अपडेट को उतना ही प्यार देंगे जितना अब तक आपने दिया है. धन्यवाद.!!
 
Friends, I had planned to update and post my next post today but due to some office work i had to travel. Currently I am out of my house. Will post the update once I am back and the work pressure reduces a little bit..should not take more than 2-3 days. I hope you all understand. Much Thanks for your patience and support.
 
39th Update (ठरकी वसु और ऋतू/ निशा की प्यास) (Mega Update)



दीपू मन में सोचता है की शादी के बाद आज उसका एकदम सुनहरा दिन था और ऐसी दिन उसने बहुत काम ही महसूस किया था....….

अब आगे..



अगली सुबह:



अगली सुबह दीपू जब नींद से उठता है तो देखता है की दिव्या और कविता दोनों उसके कन्धों पे अपना सर रखे हुए नंगी सो रहे है. उन दोनों को देख कर दीपू के चेहरे पे हसी आ जाती है. वसु वहाँ बिस्तर पे नहीं थी तो दीपू को लगता है की वो उठ गयी है. दीपू फिर दिव्या को उठाता है तो दिव्या थोड़ी अंगड़ाई लेते हुए कहती है: सोने दो ना. रात को तो तुमने मेरी गांड मारके मुझे इतना थका दिया है की अभी तो उठने का मन नहीं कर रहा है.

दीपू को पिछले दिन की चुदाई याद आती है और सोचता है की ऐसे दिन उसे बहुत ही काम देखने को मिले. फिर वो दोनों को ठीक से सुला कर खुद उठ जाता है और बाथरूम की तरफ निकल जाता है. वो तैयार हो कर किचन में जाता है तो वहाँ वसु चाय बना रही होती है.

दीपू पीछे से वसु को अपनी बाहों में लेकर उसके गले को चूमते हुए कहता है: क्या बात है? आज जल्दी उठ गयी हो?

वसु: जल्दी कहाँ? रोज़ तो इसी समय उठती हूँ. आज भी वैसे ही उठ गयी हूँ. इसमें नया क्या है? वैसे कल कविता कह रही थी की तुम दोनों ने खुले आसमान के नीचे बहुत मजे किये है और जिस तरह से दिव्या घोड़े बेच कर सो रही है लगता है उसका भी वैसे ही हाल है.

वो पीछे मुड़ कर दीपू को देखते हुए कहती है... लगता है तू तो मुझे भूल ही गया है. तेरी बाकी दोनों बीवियों का अच्छे से ख्याल रख रहा है लेकिन तू तो मुझ पे ध्यान ही नहीं देता.

दीपू: उसकी आँखों में देखते हुए अपने होंठ उसके होंठों से मिला देता है जिसमें वसु भी पूरा उसका साथ देती है और उसकी गांड को दबाते हुए कहता है...

c03ec83a334c368005812bbfaac8c357.jpg


9vn-Va1-2.gif


ऐसा कभी हो सकता है क्या की मैं आप को भूल जाऊं? आप तो मेरी जान हो और फिर उसकी जीभ को वसु के मुँह में डालता है तो वसु भी उसका स्वागत करती है और दोनों एक गहरे चुम्बन में जुड़ जाते है.

4ac23cea9e2146fb86e579ba6a65908c.gif


थोड़ी देर बाद... वसु: उन दोनों को देख कर मुझे थोड़ी जलन हो रही है.

दीपू: क्यों?

वसु: तू तो उन दोनों के साथ पूरा मजे कर रहा है और ऐसा कहते हुए वसु रुक जाती है… जैसे केह रही हो की वो अब वसु को भूल गया है

दीपू उसकी चूची को दबाते हुए कहता है....

main-qimg-c52e13706ef140726d6ad9738c8362a9.gif


डॉक्टर ने तुम्हे थोड़ा आराम करने को कहा है...इसीलिए तुम थोड़ा आराम कर लो. दीपू उसे चूमते हुए उसकी चूची को दबाते हुए कहता है... इसमें दूध कब आएगा? मुझे भी दूध पीना है.

IMG-7116.jpg


वसु: चुप कर बेशरम... दूध तो हमारे होने वाले बच्चे के लिए है और आएगा.. तुम्हे क्यों पिलाऊंगी?

दीपू: मैं भी तो तुम्हारा बच्चा हूँ ना... मुझे नहीं पिलाओगी क्या?

वसु: उसको देखते हुए... बच्चा जो मुझे चोद के फिर से गाभिन कर दिया और कहता है बच्चा हूँ.... हस्ते हुए... बेशरम कहीं के...

दीपू: हस्ते हुए मैं कितना बेशरम हूँ बताओं क्या? चलो कमरे में या फिर यहीं पे तुम्हे बताता हूँ.

वसु: चुप कर... बाकी लोग भी आ जाएंगे.

दीपू: तो आने दो ना.... वो भी तो तुम्हारी सौतन ही है ना.. हमारी बेशर्मी देख कर वो भी अपने कपडे निकाल कर हमारे साथ जुड़ जाएंगे.

वसु: उसके होंठों को चूमते हुए... चुप कर और बाहर निकल जा. मैं चाय बना कर लाती हूँ और वो दीपू को धक्का देकर किचन से उसे बाहर भेज देती है.

फिर सब उठ जाते है और अपना काम करते है दीपू भी तैयार हो कर अपने काम के लिए निकल जाता है और घर की औरतें अपने काम में व्यस्त हो जाती है. वसु देखती है की दिव्या लंगड़ा कर चल रही है. उसे सोचने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगा की पिछली रात उसकी मस्त ठुकाई हुई है. जब वो लंगड़ाते हुए चल रही थी तो लता वसु के पास आकर उसके कान में धीरे से कहती है...

लता: वसु देख रही हो दिव्या की क्या हालत हुई है?

वसु: हाँ मैं समझ सकती हूँ.

लता: तू तो सिर्फ समझ सकती है लेकिन मेरी तो बहुत बुरी हालत है.

वसु: क्यों?

लता: इसीलिए की कल रात को मैं पानी पिने किचन की तरफ आ रही थी लेकिन वहां दोनों प्यार के शहज़ादे थे और दीपू क्या चुदाई कर रहा था... दिव्या की... उनको देख कर तो मेरी चूत भी पूरी गीली हो गयी थी और फिर रात को ठीक से नींद भी नहीं आयी.

वसु: लता की तरफ देख कर: तो महारानी लगता है आप भी अभी पूरी उत्तेजित हो.

लता: हाँ रे... अब तो मुझसे भी रहा नहीं जा रहा है. दीपू का बड़ा और तगड़ा लंड कल पहली बार देखी थी तो लगा की वो तुम तीनो को कैसे संभालता है और प्यार से वसु के पेट पे हाथ रख कर... नतीजा तो मैं देख ही रही हूँ और लगता है इस घर में और खुशियां भी जल्दी ही आने वाली है और ऐसा कहते हुए वो प्यार से वसु के होंठ चूम लेती है. वसु भी शर्मा जाती है लेकिन कुछ नहीं कहती.

लता: मेरी हालत का कुछ सुधार बता ना... लगता है आज मैं पैंटी नहीं पेहन पाऊँगी. मेरी चूत से तो पानी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है.

वसु: मैं समझ सकती हूँ.

लता: मेरा भी कुछ जुगाड़ करना. लता की ये बात सुनकर वसु उसकी तरफ देखती है तो पाती है की लता की आँखों में चाहत और तड़प दोनों दिख रही थी और बड़ी चाहत से उसे देख रही थी.

वसु: मुझे पता है तू भी दीपू के नीचे आने के लिए तड़प रही है लेकिन मैं क्या करू? तू ही बता.( वसु को पता था की लता बड़ी उत्तेजित और कामुक औरत है जिसकी वजह से उसका तलाक हुआ था क्यूंकि उसका पहले वाला पति उसे पूरी तरह से बिस्तर पे खुश नहीं कर पाया था.)

लता: बड़े प्यार से और उसे मनाते हुए... शायद मेरा कहना गलत होगा... आखिर में तुम उसकी बीवी हो... लेकिन एक बार दीपू से बात करो ना.

वसु थोड़ा नाटक करते हुए (लेकिन मन में सोचती है की दीपू के लिए एक और चूत जल्दी ही मिलने वाला है) मैं कैसे कह सकती हूँ की वो (दीपू) अपनी बुआ से हमबिस्तर हो जाए.

लता: तू सही कह रही है. मैं बाहर अपना और तुम सब का मुँह काला नहीं करना चाहती हूँ किसी और से मिलकर क्यूंकि पता नहीं वो आदमी कैसा होगा. और मुझे दीपू में वो सब दीखता है जो एक अच्छे पति और आदमी में हो. मैं ये नहीं कह रही की मैं भी दीपू से शादी कर लून (और मन में सोचती है की अगर सच में दीपू उससे शादी करने के लिए मान जाता है तो वो बहुत खुश नसीब समझेगी अपने आप को) लेकिन अगर एक बार वो भी मुझसे मिल जाएगा और मुझे भी वो ख़ुशी देगा जो तुम सब को मिलता है तो मैं तुम्हारी ज़िन्दगी भर आभारी रहूंगी और दुखी मन से अपना चेहरा नीचे झुका लेती है.

वसु को लता पे दया आती है और उसका सर उठा कर उसकी आँखों में देखते हुए कहती है की वो दीपू से इस बारे में बात करेगी. वो मानेगा या नहीं वो उसपर निर्भर करता है.

लता: हाँ तेरी बात भी सही है. उसका भी मंजूर होना ज़रूरी है.

वसु: तू चिंता मत कर और अपना ये मुरझाया हुआ चेहरे पे हसी ला. ठीक है?

लता: ठीक है.

और फिर दोनों अपने काम में लग जाते है.

लता की बात सुनकर वसु भी काफी उत्तेजित हो जाती है और बहक जाती है. वो चुपके से अपने कमरे में जाती है और साडी निकल कर पैंटी के ऊपर से ही अपनी चूत मसलते हुए दीपू को याद करती है और साथ में लता की बातें भी की कैसे उसने पिछली रात दिव्या की बजायी थी.

converted.gif


वहीँ लता भी नहाने चली जाती है और नहाते वक़्त अपनी चूत को मसलते हुए पिछली रात के मंज़र को याद करते हुए अपनी चूत मसलते रहती है और जब उससे रहा नहीं जाता तो अपनी चूत में २ ऊँगली डाल कर मसलते हुए दीपू को याद करते हुए आखिर में वो झड़ जाती है.

104058-fingering-in-the-bathroom.gif




फ़ोन पे बातचीत:



वहीँ दूसरी तरफ वसु अपनी चूत को मसलते हुए दीपू को फ़ोन करती है.

वसु: क्या कर रहे हो बेटा?

दीपू: मैं अपने काम में बिजी हूँ. बोलो आज अचानक कैसे कॉल किया और क्या कर रही हो?

वसु अपनी चूत को मसलते हुए अपनी सिसकारियां रोक नहीं पाती और फ़ोन पे ही बात करते हुए सिसकती है जो दीपू सुन लेता है.

दीपू: वो आवाज़ सुन कर... मुझे तो ये आवाज़ सुनी सुनी हुई लग रही है. क्या कर रही हो?

वसु: तुम क्या जानो मैं क्या कर रही हूँ... आज और अभी मैं इतना बेहक गयी हूँ और तुम्हे याद करते हुए नंगी हो कर अपनी चूत को मसल रही हूँ. तुम तो आजकल इस्पे ध्यान नहीं देते. ये सब तुम्हारा ही नतीजा है की मैं अपने आप को शांत कर रही हूँ.

दीपू जब वसु की ये बात फ़ोन पे सुनता है तो वो भी बेहक जाता है और उसका लण्ड भी खड़ा हो जाता है.

Bulge-C1hyehl-WIAAOk7-R.jpg


दीपू: आप कहो तो मैं अभी घर आ जाता हूँ... आपकी सारी गर्मी निकाल दूंगा ये मेरा वादा है.

वसु: नहीं तुम अभी अपना काम करना और जो ये वादा तुम कर रहे हो ना... वो आज रात को पूरा करना. आज मैं तुम्हे छोड़ने वाली नहीं हूँ.

दीपू: चिंता मत करो... मैं भी तुम्हे छोडूंगा नहीं और फिर दोनों उत्तेजित ही हो कर थोड़ी बहुत बातें करते है और अब दीपू से भी रहा नहीं जाता तो वो अपना लण्ड निकाल कर वसु को याद करते हुए मुठियाते रहता है क्यूंकि उसके ऑफिस में उसे एक अलग कमरा/ केबिन था जिसमें बहुत ही काम लोग आते थे.

985786c4-07b6-48aa-a4c3-103fb71f755e.gif


फिर फ़ोन कट कर देते है. जब दीपू फ़ोन बंद कर के थोड़ी गहरी सांसें लेने लगता है (क्यूंकि वो भी वसु की बातें और उसको याद कर के वो भी ठरकी हो गया था) और अपने खड़े लण्ड को पैंट में एडजस्ट करने लगता है तो ठीक उसी वक़्त ऋतू उसके पास आती है कुछ काम के लिए. ऋतू को पता नहीं था तो वो दरवाज़ा खोल कर अंदर आ जाती है बिना खटखटाये. ऋतू दीपू का चेहरा देख कर थोड़ी चिंता करती है की उसे कुछ हो तो नहीं गया (दीपू आँखें बंद किये हुए अपने पैंट को ठीक करते रहता है) और वो अपनी नज़रें नीचे करते हुए उसके पैंट में बने खड़े लण्ड को देखती है तो उसका भी बुरा हाल हो जाता है और फिर दीपू का ध्यान हटाने के लिए थोड़ा खास्ती है तो दीपू ऋतू को देख कर चक्र जाता है क्यूंकि उसने सोचा नहीं था की ऋतू उसके पास आएगी.

दीपू: आंटी आप? कुछ काम था क्या? अब ऋतू का चेहरा भी एकदम लाल हो गया था जो की उसके चेहरे पे दिख रहा था. उसको भी लगता है की उसे वहां से चला जाना चाहिए तो वो कुछ बोल कर वहां से निकल जाती है और फिर ऑफिस में अपने केबिन में जाकर गहरी सांसें लेते हुए सोचती है की दीपू किसको याद कर के इतना बेहक गया है वो भी अपनी चूत को मसलने से नहीं रोक पाती.

1235-ezgif-com-crop.gif


दीपू भी सोच में पड़ जाता है की ऋतू ने उसे किस हालत में देखा है और वो क्या सोचती होगी उसके बारे में.

ये पहली बार था जब ऋतू ने दीपू का खड़ा और लम्बा लण्ड देखा था और वो तो उसके चेहरे से जा ही नहीं रहा था.

और जब से ऋतू ने दीपू के खड़े लण्ड को देखा था तब से उसका मन काम में नहीं लग रहा था. वो किसी तरह उस दिन गुज़ारती है और शाम को अपने घर चले जाती है.

वहीँ दूसरी तरफ जब वसु दीपू से बात करते हुए अपनी चूत मसल रही थी उसी वक़्त कमरे में दिव्या और कविता भी आ जाते है और वसु को ऐसी हालत में देख कर हस देते है और उन्हें लगता है की वो दीपू से ही बात कर रही है.

दिव्या भी अपनी गांड मटकाते हुए और लंगड़ाते हुए वसु के पास आती है और कहती है... मैं कुछ मदत करू या फिर अपनी उँगलियों से ही काम चलाओगी?

कविता भी वसु से ऐसे ही पूछती है और उसे आँख मार देती है.

वसु: चुप कर... कुछ भी बक्ति रहती है.

दीपू: किस्से बात कर रही हो?

वसु: तुम्हारी बाकी दोनों बीवियां भी आ गयी है. बात करोगे क्या? जब वसु ये बात दीपू से कहती है तो उसी वक़्त ऋतू दीपू के पास आती है.

दीपू: मैं अभी थोड़ा अपने काम से बिजी हूँ. घर आकर बात करता हूँ और ऐसे कहते हुए वो फ़ोन कट कर देता है और ऋतू की तरफ थोड़े आश्चर्य से देखता है.



यहाँ वसु के कमरे में...



वसु दिव्या को देख कर: क्यों रे बहुत लंगड़ाते हुए चल रही हो?

दिव्या: क्या कहूँ दीदी... कल रात दीपू ने बिना बताये ही अपना पूरा लण्ड एक बार में ही मेरी गांड में डाल दिया. मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी थी. काफी देर तक मेरी गांड मारी और नतीजा देख ही रही हो. मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही हूँ लेकिन फिर भी बहुत मजा आया कर रात को.

उस कमीने ने जितना दर्द दिया उतना ही मजा भी दिया और वो बिस्तर पे आकर झुक कर वसु का हाथ हटा कर उसकी चूत चूसने लगती है.

वसु भी दीपू से बात कर के बहुत बहक गयी थी और अपना हाथ दिव्या के सर पे रख कर उसे अपनी चूत पे दबा देती है. कविता ये सब देख कर वो भी अपने कपडे निकल कर नंगी हो कर वसु के पास आती है और जहाँ दिव्या वसु की चूत चूस रही थी वहीँ कविता और वसु के होंठ मिल जाते है और दोनों अपनी जुबां को एक दुसरे के मुँह में डाल कर रास आदान प्रदान कर रहे थे.

t5BOpn.gif


तीनो काफी देर तक एक दुसरे को चूस और चाट कर शांत करते है और फिर थोड़ी देर बाद आंहें भरते हुए हफ्ते रहते है.

वसु: आज रात दीपू मेरे साथ ही सोयेगा.

दिव्या और कविता एक साथ: हाँ आज वो तुम्हारे साथ ही सोयेगा. आज तो हम उसे झेल नहीं पाएंगे. तुम ही झेल लो उसे. फिर ऐसे ही बात करते हुए तीनो सो जाते है.

शाम को दीपू घर आकर हाथ मुँह धो कर किचन में पानी पीने जाता है तो वहां वसु उसका इंतज़ार कर रही थी...

वसु अपना काम कर रही थी जिसकी वजह से उसके कपडे थोड़े भीग गए थे और उन भीगे कपड़ों में वो तो केहर ढ़ा रही थी और इंतज़ार ऐसे कर रही थी जैसे उसके चेहरे पे लिखा था की अभी मुझे कमरे में लेकर जम की चुदाई कर. क्यूंकि उसके कपड़ों में उसकी चूचियां जैसे बाहर आने के लिए तड़प रही हो. अपनी साडी भी नाभि के बहुत नीचे बाँधी थी और वो एकदम कामुक लग रही थी.

8801c67a059300fa39f6cd1957f68e1c.jpg


IMG-8987.jpg


दीपू उसको देख कर उसे दोपहर की बात याद आती है जब वो दोनों फ़ोन पे कामुक बातें की थी. दीपू उसको देख कर उसके पास आता है और अपनी बाहों में लेकर कहता है... अभी मैं थोड़ा थका हुआ हूँ वरना अभी तुमको कमरे में लेकर चलता.

वसु: धीरे से उसके कान में कहती है: मैं भी तो उसकी का इंतज़ार कर रही हूँ की कब तुम मुझे बिस्तर पे चढ़ा कर मुझे भी जम के चोदोगे जैसे तुमने कल कविता और दिव्या की चुदाई की थी और उसकी तरफ देख कर उसे आँख मार देती है.

दीपू गहरी सांस लेते हुए: हाय..इसी अदा पे तो मैं तुम पे मरता हूँ... और रही चुदाई की बात... तो आज रात को तैयार रेहना...और हाँ... ज़रुरत पड़े तो तुम्हारे पीछे वाले छेद में तेल लगा लेना... नहीं तो बिना तेल की ही आज वहां पर जंग होगा और हस देता है.

वसु भी दीपू के कान में कहती है... आज मुझे सिर्फ पीछे वाले छेद में जंग चाहिए. और प्यार से उसके होंठ चूम लेती है. दीपू भी उसको चूमते हुए कहता है... आज रात को तो फिर बहुत मजा आएगा.

9b862b0741f84b23aa59452c2ba29d25-1.gif


इतने में वहां दिव्या भी लंगड़ाते हुए आ जाती है तो दीपू उसे देख कर कहता है: लँगड़ाके क्यों चल रही हो? अब तक ठीक नहीं हुई क्या?

दिव्या: इतनी जल्दी कैसे ठीक होगी? कल रात को तो तुमने मुझे बताये बिना ही एक बार में ही अपना लम्बा डंडा मेरी गांड में दाल दिया था.. दर्द तो होगा ही ना.. इतनी जल्दी कैसे ठीक होगा?

दीपू भी दिव्या को अपनी बाहों में लेकर कहता है..आज भी आ जाओ कमरे में... फिर से एक और राउंड हो जाए.

दिव्या: ना बाबा... आज तो मेरी हिम्मत नहीं है. आज दीदी ही तुम्हारे साथ सोयेगी. क्यों दीदी... सो रही हो ना दीपू के साथ?

वसु हाँ में सर हिला देती है तो दिव्या उसको बाहों में लेकर कहती है.. आज बच के रेहना... कहीं मेरी तरह ही तुम्हारी हालत ना कर दे...

वसु दिव्या की आँखों में देख कर कहती है... तू यहाँ आने से पहले मैं दीपू से कह रही थी की मेरी भी तुम्हारी जैसे ही हालत कर दे आज रात को... और प्यार से दिव्या के होंठ चूम लेती है.

8a13acf9ebbb00e43f5dfa7ad8671849-high.webp


दिव्या दीपू की तरह देख कर: आज तो तेरे मजे है... और इस बात पे सब हस देते है.

और फिर शाम को सब बैठ कर बातें करते है और फिर रात को खाना खाने के बाद दिव्या और कविता वसु को उसके कमरे में छोड़ कर दोनों दुसरे कमरे में सोने चले जाते है. उन दोनों को दुसरे कमरे में जाता देख कर लता को भी लगता है की आज वसु का नंबर है और मन में हस्ती है और सोचती है की उसका नंबर कब आएगा? क्या कभी दीपू उसकी तरफ आकर्षित होगा? क्या वो उसे अपनी ओर आकर्षित कर पाएगी? यही सब सोचते हुए वो भी सोने चली जाती है.



वसु के कमरे में:



दीपू अपने कमरे में जाने से पहले बाथरूम जाता है और फिर थोड़ा फ्रेश होकर कमरे में आता है. कमरे में आते ही जब वसु दीपू को देखती है तो देखते ही रह जाती है क्यूंकि दीपू जब बाथरूम से बाहर आया था तो वो पूरा लगभग नंगा ही था. वो सिर्फ एक अंडरवियर पहने हुए था जिसमें से उसका पूरा लण्ड तना हुआ दिख रहा था

वैसे वसु भी काम नहीं थी. वो बिस्तर पे ऐसे लेटी हुई थी जिससे उसकी गांड पूरी उभर कर दिख रही थी और उसका ब्लाउज भी पूरा बैकलेस था और उसकी चिकनी पीठ दिख रही थी जिसमें वो बहुत कामुक लग रही थी..

689274595-17961358134110251-2804608450227896928-n.webp


कमरे में दीपू के आने की आहट होती है तो वसु उसकी और मुड कर देखती है तो दीपू उसे देखता ही रह जाता है क्यूंकि वो तो बहुत कातिल लग रही थी.

IMG-8331.jpg


दीपू फिर बिस्तर पे आकर वसु के बगल में बैठ जाता है तो वसु से भी रह नहीं जाता और उसको पकड़ते हुए अपनी जुबां उसके मुँह में दाल देती है और दीपू भी उसकी जुबां को चूसते रह जाता है और दोनों एक लम्बी और गहरी चुम्बन में जुड़ जाते है. दीपू भी वसु के पेट और चूची को दबाने लग जाता है.

042f5d46b2704603b5a0ddb5e5487cf5.gif


5 Min बाद जब दोनों थोड़ा अलग होते है तो दोनों को अपनी साँसों में काबू करने में मुश्किल होती है क्यूंकि वो दोनों का चुम्बन उतना गहरा और प्रगढ़ था.

दीपू: क्या बात है... आज तो तुम एकदम भूके शेरनी की तरह मुझ पे टूट पड़ी हो.. वैसे तुम्हे चूमने में बड़ा मजा आया.

वसु: हाँ कुछ ऐसे ही समझो... बहुत दिनों बाद तुम जो मेरे पास आये हो और जब से मैंने कविता और दिव्या से सुना है की कैसे तुमने उनकी ठुकाई की है मैं भी चाहती हूँ की तुम भी मुझे वैसे ही चोदो.

दीपू वसु की बात सुनकर हस देता है और इस बार प्यार से अपने होंठ उसके होंठों से जोड़ कर इस बार दोनों बड़े प्यार से एक दुसरे को चूमते है.

IMG-7022.jpg


Gb-WKk2-Ya-EAAsr-E9.jpg


एक दुसरे के बिना जाने ही दोनों के कपडे उनके बदन से अलग हो जाते है और अब दोनों नंगे हो कर एक दुसरे पे अपना प्यार जुटाते रहते है. दीपू फिर वसु के चूची को अपने हाथ में लेकर दबाता रहता है तो दूसरी चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लग जाता है.

boob-sucking-gifs-1.webp


वसु भी अब अपने रंग में आने लगती है और एकदम गरम और ठरकी हो जाती है और दीपू का सर पकड़ कर अपनी चूची पे दबा देती है और कहती है... हाँ ऐसे ही चूसो और दबाओ... बहुत दिनों से ये बहुत परेशान कर रहे है. सुबह तुमने कहा था की तुम भी दूध पीना चाहते हो तो जल्दी ही तुम्हे वो मौका दूँगी. वसु ऐसे ही मस्ती में बडबाडे रहती है और शायद उसे पता भी नहीं चलता की वो क्या बक रही है क्यूंकि वो इतनी उत्तेजित हो गयी थी.

दीपू फिर वसु को बिस्तर पे सुलाकर फिर से उसकी चूची पे टूट पड़ता है और फिर से एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लग जाता है. वसु फिर से अपना हाथ उसके सर के ऊपर रख कर उसे अपने सीने पे दबा देती है.

shakthi-shakeela-devika-shekar4evr-15.gif


थोड़ी देर बाद वसु दीपू की और देखती है और कहती है. वसु: एक बात कहूँ? आज मेरी एक बात मानोगे?

दीपू: मैंने तुम्हारी बात कभी टाली है क्या? बोलो क्या बोलना है?

वसु: मेरी चूत आज बहुत बह रही है और में चाहती हूँ की मेरी चूत को अच्छे से आज चूस लो लेकिन आज मेरी सिर्फ गांड ही मारना. डॉक्टर ने कहा था की मुझे थोड़ा आराम की ज़रुरत है लेकिन इतने दिन तक तुम्हारा लण्ड नहीं ली है तो मुझसे रहा नहीं गया.

मुझे भी पता है... बहुत दिनों बाद तुम मेरे पास आ रहे हो और मेरी चूत चोदोगे तो मुझे थोड़ा दर्द होगा... इसीलिए मैं चाहती हूँ की सिर्फ मेरी गांड ही मारो आज. क्या कहते हो?

दीपू: तुम्हारी बात भी सही है. तुम्हारे पेट में हमारा बच्चा पल रहा है तो हमें भी थोड़ा सावधान रहना पड़ेगा. चिंता मत करो. जैसे तुम कहोगी वैसे ही करेंगे और फिर दीपू वसु को चूमते हुए नीचे की तरफ जाता है और जब उसका रस से बहती चूत को देखता है जो पूरा गीला था और एकदम फूला हुआ था जैसे उसे आमंत्रण कर रहा था.

IMG-4032.jpg


19322672-113-9409.jpg




चुसाई और चटाई :



उस अद्भुत नज़ारे को देख कर दीपू से भी रहा नहीं जाता और वो बिना देरी किया वसु की चूत को चूसने और चाटने लग जाता है. वसु भी अपना हाथ दीपू के सर के ऊपर रख कर उसे अपनी चूत पे दबा देती है.

Pussy-licking-CU-tumblr-nndkm84-XZP1ut80j1o1-400.gif


वसु को भी इसमें बहुत मजा आ रहा था. वो भी अब आंहें भर्ती रहती है और साथ में सिसकियाँ भी लेती रहती है.

थोड़ी देर बाद दीपू बिस्तर के किनारे पे सर रख कर वसु को इशारा करता है तो वसु समझ जाती है और फिर अपने पैर फैलाते हुए वो दीपू के मुँह पे बैठ जाती है और दीपू बड़े मजे से उसकी चूत को चूसने लग जाता है.





images-2023-11-15-T223835-117.jpg






५- १० Min तक अच्छे से चूसने और चाटने के बाद अब दीपू से भी रहा नहीं जाता तो वो भी बिस्तर से उठ जाता है और वसु को अपने सामने बुलाता है. वसु जब घुटनों पे बैठ के उसके सामने आती है तो दीपू का लण्ड पूरा तना हुआ था और एक तरह से जैसे वो वसु को सलाम कर रहा था.

IMG-6514.jpg


वसु भी उस अद्भुत लण्ड को देख कर उसके मुँह में भी पानी आ जाता है और वो भी बड़ी शिद्दत से उसके लण्ड पे टूट पड़ती है. दीपू भी अपना हाथ उसे सर पे रख कर अपने लण्ड पे दबा देता है और वसु भी बड़े चाव से उसका लण्ड चूसने में लग जाती है. वसु को पता भी नहीं चलता कब दीपू का ८. ५ इन लण्ड पूरे उसके मुँह में चला गया है और एक तरह से वो उसके गले के जड़ तक पहुँच गया था.

दीपू तो जैसे जन्नत पे पहुँच गया था... उसे इतना मजा आ रहा था. इतना अच्छा लण्ड चुसाई तो शायद कविता और दिव्या ने भी शायद नहीं किया था जितना वसु कर रही थी. (ऐसा दीपू मन में सोचता है).

lana-rhoades-flesh-hunter-14-002-1.webp


1-01.gif


ऐसे ही १० Min तक वसु दीपू को मजे देती है और कहती है की वो भी उसके लण्ड को अंदर लेने के लिए तरस रही है.

वसु: मैं पहले चाहती हूँ की तुम मेरी अच्छे से गांड चाट लो और फिर अपना ये मूसल मेरी गांड में डालना. कल जैसे दिव्या के साथ किया था मेरे साथ वैसा नहीं करना. अब तक मेरी गांड को तुम्हारे लण्ड की पूरी आदत नहीं हुई है. इस बात पे दीपू हस है और कहता है... जैसे तुम्हारा हुकुम मेरी जान.



वहीँ ऋतू के घर में:



ऋतू के घर में दोनों ऋतू और निशा खाना का लेते है और फिर निशा बर्तन को रखने किचन में जाती है तो ऋतू अपने कमरे में चली जाती है. निशा किचन में पूरा काम कर के सफाई करने में लग जाती है तो वहीँ ऋतू कमरे में जाकर अपने कपडे निकल कर सिर्फ एक छोटी ब्रा और पैंटी पहने हुए निशा का इंतज़ार करती रहती है

IMG-6912.jpg


जब काफी देर तक निशा नहीं आती तो ऋतू से रहा नहीं जाता ओर वो अपनी चूत मसलते रहती है ओर उसकी पैंटी भी पूरी गीली हो गयी थी ओर जब निशा कमरे में आती है तो वो नज़ारा देख कर हस्ते हुए वो भी बिस्तर की ओर बढ़ती है.

gif-rubbing-her-pussy-under-her-panties-5f507c579505c.gif


wet-panties-72139.webp


निशा: क्या बात है माँ... आज मेरे आने से पहले ही आप शुरू हो गयी? लगता है आज आपकी प्यास बहुत बढ़ गयी है.

ऋतू: क्या बताओं बेटा आज ये मुझे बहुत परेशान कर रही है और उसे देखते हुए फिर से अपनी चूत मसलते रहती है. देखना कितनी गीली हो गयी है आज ये.

निशा: वो तो मुझे भी दिख रहा है लेकिन बात क्या है की आज आप इतनी बेहक गयी हो?

ऋतू: पता नहीं क्यों (वो निशा को अभी बताना नहीं चाहती थी की उसने ऑफिस में दीपू का खड़ा लण्ड उसके पैंट में देखा था).

निशा: मैं हूँ ना.. फिलहाल आपकी इस गर्मी को मैं ठंडा कर देती हूँ और ऐसा कहते हुए वो वो भी बिस्तर पे ऋतू के पैरोँ के बीच में आकर उसकी पैंटी को अलग करते हुए उसकी चूत चूसने लग जाती है.

26650.gif


ऋतू भी बहुत गरमा गयी थी तो वो भी अपनी उत्तेजना में निशा का सर अपनी चूत पे दबा देती है और वो भी अपनी गांड उछालते हुए अपनी चूत को उसके मुँह में देने की कोशिश करती है. निशा भी मस्त होकर ऋतू की बहुत गरम और भीगी हुई चूत को चूमती और चूसती है.

lp.gif


14yeihu6ko951.gif


ऋतू: हाँ बेटा ऐसे ही चूस मेरी चूत को.... आज कुछ ज़्यादा ही परेशान कर रही है मुझे.... और ऋतू भी आहहह ओहहह आहहह करते हुए मजे में चिल्लाती है. क्यूंकि उस घर में वो दोनों ही थे तो उसकी आवाज़ सुनने वाला और कोई नहीं था. और कुछ देर बाद जब निशा उसके भगनशे को चूमती है तो ऋतू से रहा नहीं जाता और ज़ोर ज़ोर से आँहें भरते हुए और सिसकारी लेते हुए वो झड़ जाती है और अपना पानी फेंकती है जिसे निशा पूरा पी जाती है.

निशा: माँ आज तो आपने बहुत ज़्यादा पानी छोड़ा है... इतना तो पहले कभी नहीं छोड़ा था... लेकिन आपके पानी का स्वाद बड़ा अच्छा था.

ऋतू: पता नहीं क्यों लेकिन आज मुझे इसकी बहुत ज़रुरत थी बेटा.

फिर निशा ऋतू को चूमते हुए ऊपर आती है. पहले उसके गहरे नाभि को चूमती है जिससे ऋतू की सोई हुई आग फिर से उठने लगती है. उसकी नाभि को चूमने के बाद निशा और ऊपर आती है और उसकी दोनों ठोस चूचियों पे अपनी जुबां की कलाकारी दिखाती है.

अब ऋतू भी धीरे धीरे फिर से अपने रंग में आने लगती है. ऋतू निशा का सर पकड़ कर अपनी एक चूची पे दबाती है तो निशा भी उसके खड़े हुए निप्पल को अपने मुँह में लेती है. इस पल को दोनों एन्जॉय करते है जब निशा ऋतू के निप्पल को चूसते हुए ऋतू को देखती है और ऋतू भी जैसे निशा को उकसा रही थी की उसकी चूची को और ज़ोर से चूसे.

delicious-scaled.webp


थोड़ी देर बाद जब निशा और ऊपर आने लगती है तो ऋतू के दोनों चूची एकदम लाल हो गए थे. निशा ऊपर आकर ऋतू से पूछती है... मजा आया क्या माँ?

ऋतू कुछ जवाब नहीं देती बल्कि उसके होंठों को अपने होंठों से मिला देती है और दोनों बहुत ही गीले और गहरे चुम्बन में जुड़ जाते है और एक दुसरे की जीभ को चूसने लगते है. एक तरह से ये ऋतू की तरफ से निशा के लिए जवाब था की उसे कितना मजा आया है.

porn-gif-magazine-teensex201439.gif


unnamed-3.jpg




कुछ समय बाद...



निशा: माँ मेरा भी बहुत बुरा हाल है... मेरी चूत भी एकदम भीगी हुई है और पूरी गीली हो गयी है.

ऋतू: मैं जानती हूँ बेटा की तेरा भी ऐसे ही हाल होगा. चल अब मैं तेरी सेवा करती हूँ और ऐसा बोलते हुए ऋतू निशा को सुला देती है और बिना देरी किये हुए सीधा उसकी चूत ही चूसने लगती है. उसे पता था की निशा भी बहुत गरमा गयी है और उसे यही चाहिए.

ऋतू भी अपनी २ उंगलियां निशा की चूत में डाल कर उसे दोहरा मजा देती है... अपनी जुबां से और अपनी उँगलियों से भी.

adult-gif-from-sweetperfectionissexy.gif


fingering-and-licking-sweet-teen-pussy-3952-lesbian.webp


ऋतू के ऐसा करने से पता नहीं निशा कितनी बार झड़ जाती है. आखिर में वो भी थोड़ी थक जाती है और ज़ोर ज़ोर के सांसें लेते हुए ऋतू को अपने ऊपर लेकर अपनी चूत का स्वाद उसकी जुबां से लेती है क्यूंकि निशा ने ऋतू के होंठों पे कब्ज़ा कर लिया था.

ऋतू: क्यों बेटा अभी तुझे थोड़ी राहत मिली है क्या?

निशा: हाँ और ना.

ऋतू: मतलब?

निशा: राहत तो मिली है लेकिन आपके चेहरा देख कर लगता है नहीं. इस बात पे दोनों हस देते है और दोनों एक दुसरे को देखते है और फिर अगले ही क्षण दोनों ६९ पोजीशन में आकर एक दुसरे की चूत को फिर से खाने लग जाते है जैसे की उनकी ज़िन्दगी का आखरी खाना हो.

porno-gif-69-20.webp


जब दोनों एक दुसरे को संतुष्ट कर लेते है तो निशा ऋतू की बाहों में अपना सर रख कर कहती है: आज क्या हुआ है आपको जो आज आप इतनी गरमा गई हो? आज से पहले तो आपके अंदर इतनी गर्मी नहीं देखि.

ऋतू फिर निशा की तरफ देखती है और उसे झूट बोलती है की आज कुछ ज़्यादा ही गरमा गयी है. बात ये थी की दोपहर से जब से उसने दीपू को देखा था... तब से वो गरमा गयी थी लेकिन ये बात वो निशा से कहना नहीं चाहती थी.



वापस वसु के कमरे में…. उसकी कुटाई :



दीपू: चलो आप घोड़ी बन जाओ. मैं आपकी गांड अच्छे से चाटता हूँ ताकि वो गीला भी हो जाए और फिर आपको ज़्यादा तकलीफ भी नहीं होगी. वसु फिर दीपू के सामने घोड़ी बन जाती है और दीपू उसकी गांड को चाटते हुए अच्छे से गीला कर देता है.

Ass-Licking-gif-44.gif


उसे भी बहुत मजा आ रहा था और दीपू भी वसु की चूत से लेकर गांड को चाटने में लग जाता है. ये दोहरे हमले को वसु झेल नहीं पाती और दीपू के चाटने से ही वो फिर से झड़ जाती है. उसे पता था की उस रात वो कई बार झाड़ेगी जिसकी कोई गिनती नहीं होगी.

23484423.webp


जब दीपू को लगता है की वसु की गांड चिकनी हो गयी है तो वो उसे पीठ के बल सुला देता है और अपने लुंड पे थूक लगा के उसे भी गीला कर देता है. वसु: थोड़ा आराम से डालना दीपू. मेरी गांड अभी भी पूरी खुली नहीं है.

दीपू: चिंता मत करो.... आराम से ही डालूंगा और ऐसा कहते हुए वो वसु के ऊपर झुक कर उसको चूमते हुए अपने लुंड को उसकी गांड के छेड़ पे रख कर अंदर घेसेडने की कोशिश करता है तो पहली बार जाता नहीं है. फिर से दुबारा दीपू अपने उँगलियों से उसकी गांड में दाल कर अंदर बाहर करता है जिससे उसकी गांड थोड़ी खुल जाती है. फिर वो वसु को देखते हुए अपने लण्ड को उसकी गांड पे रखते हुए धक्का देता है तो फक की हलकी आवाज़ से उसका लण्ड उसकी गांड मं घुस जाता है.

38592.gif


वसु को बहुत दर्द होता है और उसकी आँखों से आंसू आने लगते है. दीपू झुक कर उसकी आंसू को पी जाता है और कहता है: हो ग आया जानू. एक बार अंदर चला गया तो जो दर्द होना तो वो हो गया. अब और ज़्यादा नहीं होगा और ऐसा कहते हुए दीपू फिर से धक्का देता है और इस बार उसका आधा लण्ड वसु की गांड में घुस जाता है. दीपू इस बार अपने होंठ वसु के होंटो से मिला देता है जिससे वसु की आवाज़ दीपू के मुँह में ही दब जाती है. दीपू थोड़ी देर ऐसे ही रहता है और जब वसु को थोड़ी राहत मिलती है तो दीपू को लगता है की अब वसु थोड़ी ठीक है तो फिर से दीपू अपने होंठ वसु के होंठों से जोड़ते हुए एक और ज़बरदस्त झटका मारता है जिससे उसका पूरा लण्ड वसु की गांड की जड़ तक चला जाता है और वहां समा जाता है. वसु की तो जैसे जान ही निकल गयी थी. दीपू वसु का ध्यान हटाने के लिए उसकी चूमते हुए उसकी चूचियों को दबाने लगता है और दुसरे हाथ को उसकी चूत में दाल कर अंदर बाहर करने लगता है. वसु का ध्यान उसकी गांड की दर्द से भटक जाता है क्यूंकि उसपर ऊपर और नीचे भी हमले हो रहे थे. थोड़ी देर बाद वसु भी इन हमलों में मजा ले रही थी और अब उसे भी मजा आने लगता है. दीपू भी समझ जाता है की वसु का दर्द भी काम हो गया है तो वो भी अपने लण्ड को अंदर बाहर करते हुए उसकी गांड मारने लगता है.

वसु भी अब उसके लण्ड को अपनी गांड में लेकर अपनी गांड उछाल कर और अंदर तक लेने की कोशिश करती है. दीपू ये देख कर हस देता है तो वसु थोड़ा शर्मा जाती है.

दीपू: इसमें शर्माने की क्या बात है?

वसु: थोड़ा नकली गुस्सा दिखाते हुए... तूने तो कहा था की आराम से करेगा... और अब जब मुझे अच्छा लग रहा है तो ऐसे ही मेरी गांड मार.. और फिर दीपू भी दनादन वसु की गांड मारने लग जाता है. थोड़ी देर बाद दीपू कहता है: जानू अब घोड़ी बन जाओ... पीछे से तुम्हारी गांड मारना चाहता हूँ.

वसु की दीपू की बात मान कर घोड़ी बन जाती है और इस बार दीपू बिना डरे हुए उसकी गांड में अपना लम्बा मूसल एक ही बार में उसकी जड़ तक घुसा देता है.

deep-anal-stroke-001.gif


अब दीपू का लण्ड वसु की गांड में आराम से और बड़े मजे से पूरा अंदर तक जा रहा था जिसमें वसु को भी मजा आने लगता है. ऐसे ही १०- १५ Min तक दीपू पोज़ बदल बदल कर वसु की गांड की कुटाई करता है और इन सब में पता नहीं वसु कितनी बार अपना पानी छोड़ देती है.

आखिर में दीपू से भी रहा नहीं जाता और वो भी कहता है की उसका पानी भी निकलने वाला है तो वसु कहती है की वो उसका पानी पीना चाहती है. दीपू फिर ऐसे ही ३- ४ झटके और मारता है और अपना लण्ड उसकी गांड से निकाल लेता है. वसु झट से उसके लण्ड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगती है और अब दीपू से भी रहा नहीं जाता है और वो भी ज़ोर ज़ोर से आँहें भरते हुए अपना पानी निकाल देता है जिसे वसु पुअर शिद्दत से पी जाती है.

BJ-cum-lick-B-W-images-2023-12-26-T014041-349.jpg


images-38.jpg


अब दीपू भी थक जाता है और वो बिस्तर पे लुढ़क कर अपनी साँसों को संभालते हुए वसु को अपनी बाहो में ले लेता है.

दीपू: अब तो तुम्हे कोई शिकायत नहीं है ना की मैं तुम्हारे पास नहीं आ रहा हूँ.

वसु: मैं तो जानती हूँ बेटा. मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी. मुझे पता है तू हम तीनो से बहुत प्यार करता है.

दीपू: हाँ तुम सही केह रही हो माँ. वैसे कविता भी केह रही थी उसको भी फिर से माँ बनना है.

वसु: फिर से का क्या मतलब है तुम्हारा? वो तो अब तुम्हारी बीवी है और सुहागन भी है. अगर वो ऐसा केह रही है तो एकदम सही केह रही है.

वो भी लगभग मेरी उम्र की ही है. अगर वो भी माँ बनना चाहती है तो मैं तो कहती हूँ की अपना पानी उसके अंदर ही डालना. वैसे भी तुम्हारा वीर्य बहुत गाढ़ा होता है. मुझे पता है की अगर तुम हर बार उसके अंदर ही डालोगे तो वो भी तुम्हे और हम सब को हल्दी ही खुश खबर देगी.

दीपू: अच्छा सुझाव दिया है. अब मैं वैसे ही करूंगा जैसा तुमने कहा है. अगर कविता माँ बन जायेगी तो तुम भी दादी बन जाओगी... ऐसा कहते हुए वो वसु की तरफ देख कर हस देता है और वसु भी उसको देख कर प्यार से उसके होंठ चूम लेती है.

वसु: वैसे एक बात बताओं?

दीपू: क्या?

वसु: तेरी बुआ भी तुझ पे मरती है. कल रात उसने तुझे और दिव्या को किचन में तुम्हारा खेल.... या फिर कहूँ तो चुदाई देख लिया था... वो तो तुम्हारा लण्ड देख कर पागल हो गयी है.

दीपू: तुम्हे कैसे पता?

वसु: आज सुबह वो मुझ से कह रही थी जब उसने देखा की दिव्या आज लंगड़ा के चल रही थी और मुझे बताया. बेचारी की तुमने कल खूब गांड कुटाई किये हो.

दीपू: तो मैं क्या करूँ?



वसु: करना क्या है? जैसे तेरा मन करे वो कर...तू जो भी निर्णय लेगा उसमें मेरी सहमती होगी. तू उसकी चिंता मत कर.

Note: Apologies for the delay...was quite busy and hence could not find time earlier...

As usual, ये अपडेट लिखने में भी बहुत मेहनत और परिश्रम लगा. आशा है ये अपडेट भी आपको पसंद आएगा. Looking forward to your likes, comments and reviews. Thanks.
 
Friends, I had thought of providing the next update by tomorrow. (Started writing as well...once I got time)...but since today morning, I am down with high fever and bed ridden.

So, pls expect some delay in the update. तबियत ठीक होते ही मैं अपडेट पोस्ट करने की कोशिश करूंगा. Hope you all can understand.

Much Thanks for your support and patience. 🙏🙏
 
40th Update (लता की कामुकता)

दीपू: तो मैं क्या करूँ?

वसु: करना क्या है? जैसे तेरा मन करे वो कर... तू जो भी निर्णय लेगा उसमें मेरी सहमती होगी. तू उसकी चिंता मत कर.


अब आगे..

दिन ऐसे ही गुज़रते रहते है जहां ऑफिस में दीपू अपने काम से busy था तो वहीँ घर में भी अपनी २ बीवियां की खूब बजाता था. वसु का पेट अब थोड़ा फूलने लगा था और उसे आराम ही करने दिया करते थे. दिव्या और कविता ही दीपू का ख्याल रखती थी जैसे एक दिन रात को दीपू किचन में पानी पीने जाता है तो वहां दिव्या अपनी गांड मटकाते हुए दीपू के पास आती है. वो एकदम नंगी ही थी बस एक छोटी पैंटी पहने हुई थी.

GIF-20260220-020857-890.gif


दीपू उसको देख कर कहता है: क्यों जानू कमरे में मेरा इंतज़ार करती. मैं वहीँ आ रहा था.

दिव्या: रह नहीं गया जानू इसीलिए यहाँ आ गयी और ऐसा कहते हुए वो दीपू को चूम लेती है जिसमें दीपू भी उसका पूरा साथ देता है. दोनों एक गहरी चुम्बन में जुड़ जाते है.

GIF-20260220-020701-878.gif


थोड़ी देर बाद दीपू कहता है...जानू चलो कमरे में. अब तो मुझसे भी रहा नहीं जा रहा है और फिर उसे कमरे में ले जाता है जहाँ पर उसकी खूब बजाता है और दिव्या को पूरा थका देता है.

बात एक और थी की घर में सब को एक तरह से पता चल ही गया था की लता की हालत भी बुरी है और वो भी चुदाई के लिए बहुत तरस रही है क्यूंकि हर रात वो उनकी सिसकारियां सुनकर अपनी चूत ही मसलते रहती थी. उसकी हालत को देख कर वसु को भी थोड़ा दया आती थी क्यूंकि उसे भी पता था की औरत जब तन की आग में झूल रही है तो कैसा महसूस होता है.

एक दिन वसु दीपू से इस बारे में बात करती है तो दीपू कहता है की वो अपने तरफ से कोई कोशिश नहीं करेगा. अगर बुआ खुद उसके पास आये तो वो भी उसका साथ देगा. तभी जाकर बात कुछ आगे बढ़ सकती है.


ऋतू के घर में:

वहीँ दूसरी ओर ऋतू के घर में भी हालत कुछ ऐसे ही थे. जब से ऋतू ने दीपू का खड़ा लण्ड देखा था तब से वो एक तरह से बेचैन भी हो गयी थी. वो काफी बार सोचती है की निशा को बता दे लेकिन वो बात बताने से घबरा रही थी की आखिर निशा क्या सोचेगी उसके बारे में.

एक दिन रात को जब दोनों अपने आप को शांत कर के एक दुसरे की बाहों में सोये हुए थे तो निशा कहती है: क्या बात है माँ.... कुछ दिनों से देख रही हूँ की आपकी आग तो बहुत भड़क रही है. पहले तो ऐसा नहीं था. मैं कितना भी चूस लो आपको.... फिर भी आप काफी गीली रहती हो. क्या बात है? किसीको देख लिया है क्या? और ऐसा कहते हुए वो ऋतू की तरफ देख कर हस देती है.

ऋतू को अब लगता है की उसे निशा को बता देना चाहिए और क्या पता वो ही कुछ समाधान निकाल दे उसकी उत्तेजना के बारे में...

ऋतू कुछ सोचते हुए कहती है: क्या बताओं बेटी...पता नहीं तू मेरे बारे में क्या सोचेगी....

निशा ऋतू की तरफ आश्चर्य से देखते हुए कहती है... क्या बात है और मैं क्या सोचूंगी...

ऋतू: बात ये है बेटी की कुछ दिन पहले ऑफिस में कुछ काम के लिए मैं दीपू के कमरे में गयी थी तो वो फ़ोन पे बात कर रहा था शायद तुम्हारी माँ से.

निशा: तो इसमें बात क्या है?

ऋतू: बात ये ही बेटी की जब मैं उसके कमरे में गयी तो दीपू बहुत उत्तेजित और उत्साह लग रहा था और जब मेरी नज़र थोड़ी नीचे गयी तो देखा की उसका लण्ड उसके पैंट में पूरा तना हुआ है. इतना बड़ा लण्ड मैंने आज तक नहीं देखा और वो तो एक हथोड़े के माफ़िक़ लम्बा भी नज़र आ रहा था. जब से मैंने वो नज़ारा देखा है तब से मुझे भी चैन नहीं मिल रहा है.

निशा जब ये बात सुनती है तो तो आश्चर्य से अपना मुँह खोले हुए ऋतू को देखती रहती है और ऋतू भी शर्म से अपना सर घुमा लेती है.

निशा ऋतू के चेहरे को अपनी तरफ कर के: अब मुझे समझ में आया की आप इतनी उत्तेजित क्यों रह रही हो और आप हमेशा आपकी चूत से पानी क्यों निकल रहा है.

ऋतू इस बात पे कुछ नहीं कहती तो निशा कहती है... इसमें मेरा सोचना क्या है? बस यही की हम दोनों एक ही नाव पे सवार है... जितनी आग में मैं जल रही हूँ उतनी ही आग में आप भी जल रहे हो. फरक इतना है की आप काफी सालों से ऐसे हो और मुझे जब लगा की घर में खुशियां आएगी तो मेरा भी आप जैसे ही हाल हो गया है और उसकी आँखों से आंसू आ जाते है.

ऋतू निशा को देख कर वो भी रो देती है और कहती है.... कुछ नहीं बेटा..क्या पता ऊपर वाले ने हमारे लिए कुछ अच्छा सोच रखा होगा और ऐसा कहते हुए वो निशा को चूम लेती है तो निशा भी उसका पूरा साथ देते हुए दोनों एक दुसरे का रस चूस लेते है. अब ऋतू का मन हल्का हो गया था.

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-6f-I9ay-MRTif-K99v9-7376741b.gif


निशा: एक बात कहूँ अगर आप बुरा ना माने तो.

ऋतू: अब बुरा क्या मानना है जब इतना कुछ हो गया है तो.

निशा: अगर आपको दीपू पसंद है तो...और इतना बोलते हुए निशा रुक जाती है जिसका मतलब दोनों समझ जाते है.

ऋतू निशा की ओर सवालिया नज़र से देखती है तो निशा हाँ में सर हिलाती है और कहती है: हम दोनों की हालत एक जैसी ही है. जितनी आग आप ने अपने अंदर छुपा राखी है शायद उतनी ही आग मेरे अंदर भी जल रही है. और जैसे में पिछले कुछ दिनों से देख रही हूँ की आप अपनी ये आग ज़बरदस्ती अपने अंदर रखे हुए है... अगर वो नहीं निकला तो आप ऐसे ही तड़पते रहोगे और ऐसा कहते हुए निशा ऋतू को अपने गले लगा लेती है.

ऋतू: तेरी बात तो सही है लेकिन पता नहीं दीपू या तुम्हारी मम्मी क्या सोचेगी और फिर दुनिया वाले क्या कहेंगे? और वैसे भी मेरी उम्र भी तुम्हारी माँ के उम्र के बराबर है.

निशा: दुनिया वालो की तो आप बात ही मत करो. रही बात आपकी उम्र की तो आपको तो पता ही है की अब दीपू ने आपकी उम्र के बराबर माँ से शादी भी कर लिया है और अब वो प्रेग्नेंट भी है. तो आप उम्र की बात ही ना करो. मैं भी एक बार माँ से बात करती हूँ. देखते है माँ क्या बोलती है. इस बात पे ऋतू कुछ नहीं कहती और फिर दोनों एक दुसरे की बाहों में सो जाते है.


दीपू के घर:

२ दिन बाद दीपू के घर में रात को सब खाना खा रहे होते है तो दीपू कविता को इशारा करता की वो उसके साथ सोने वाला है. कविता भी इशारे में हाँ कर देती है जो की दिव्या दोनों को देख लेती है और मन में सोचती है की आज कविता के बदन की टूटने की बारी है. खाना खा कर सब सोने की तैयारी करते है तो दीपू दिव्या से कहता है की वो वसु के साथ सोये. अगर उसे रात को कुछ ज़रुरत पड़ेगी तो वो उसकी मदत कर सकती है. दिव्या कुछ नहीं कहती और वो वसु को लेकर कमरे में सोने चली जाती है. वो वसु को कमरे में सुलाकर कहती है की वो २ Min में आएगी और दिव्या बाहर आकर दीपू को एक कोने में ले जाकर कहती है...

दिव्या: मैंने देखा है की तुम कविता को इशारा कर रहे थे. आज उसका पूरा बदन तोड़ देना और कल वो चलने के लायक नहीं रहे और ऐसा कहते हुए वो दीपू को आँख मार देती है.

दीपू: तुम तो मेरी एकदम समझदार बीवी निकली हो जा और वो दिव्या को चूम लेता है.

8w15e1ikctm61.gif


दिव्या: अब और ज़्यादा नहीं और ऐसा कहते हुए वो दीपू को धक्का देकर अलग करती है और वसु के कमरे में गांड मटकाते हुए चली जाती है.

दीपू उसकी मटकती गांड को देख कर मन में सोचता है... क्या जानलेवा गांड है इसकी....

दीपू भी फिर कविता को लेकर दुसरे कमरे में चला जाता है और शायद दरवाज़ा बंद करना भूल जाता है. कमरे में जाते ही दोनों शुरू हो जाते है और दीपू कविता को लण्ड चूसने को कहता है तो कविता भी जैसे उसी का इंतज़ार कर रही थी और वो अपने घुटनों पे आकर दीपू का लण्ड बड़े जोश से चूसती रहती है.

1-01.gif


penis-62.webp


ठीक उसी वक़्त लता भी किचन में पानी पीने आती है और पानी पीकर जब वो अपने कमरे में जा रही थी तो वो दीपू और कविता को देख लेती है जहां कविता दीपू को खुश करने में लगी हुई थी. दीपू का बड़ा लण्ड देख कर लता की आँखें बड़ी हो जाती है और वो सोचती है की कितना बड़ा लण्ड है उसका और उसको याद करते हुए अपनी चूत मसलते रहती है.

1235-ezgif-com-crop.gif


अंदर की वो दृश्य को देख कर उसकी उत्तेजना और भी बढ़ती जा रही थी. लता को तो एक बार लगा था की वो भी कमरे के अंदर चली जाए लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी कमरे के अंदर जाने की और बाहर ही खड़े होकर अपनी चूत मसलते रहती है.

तभी लता को अपनी कमर पर हाथ का स्पर्श महसूस हुआ लता ने तुरंत चौंक कर देखा तो दिव्या थी जो उसे देखते हुए मुस्कुरा रही थी. हुआ यूं था की भले ही दिव्या वसु के साथ थी लेकिन उसे नींद नहीं आ रही थी (वसु गेहरी नींद में चली गयी थी)और सोची थी की एक बार वो भी दीपू के पास जा कर थोड़ा मजे ले ले.

लता तो दिव्या को देख कर उसके होश उड़ गए थे. उसे क्या कहना है समझ में नहीं आ रहा था क्यूंकि उसने सोचा नहीं था की दिव्या उसे रंगे हाथ इस हालत में उसे पकड़ लेगी. वो कुछ कहने वाली थी कि दिव्या ने उसे मुंह पर उंगली रख चुप रहने का इशारा किया.

दिव्या ने लता को थोड़ा एक तरफ किया और खुद कमरे के अंदर का नज़ारा देखा तो उसको हसी आ गयी, लेकिन उसकी चूत में भी नमी आने लगी। दिव्या ने कुछ पल देखा और फिर उसके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान आ गई, उसने तुरंत चेहरा हटाया और लता को देखा. लता उसे ही देख रही थी, दोनों के बीच जैसे आँखो में ही सब बातें हो गईं और इस बार दिव्या ने पहल करते हुए आक्रामकता दिखाते हुए लता को दीवार की ओर ढकेल दिया और उसके होंठों पर टूट पड़ी।

GIF-20260622-163400-339.gif


लता को तो कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या हो रहा है. लता जब अपने होंठ बंद ही रखी थी तो दिव्या अलग हो कर कहती है... मुझे पता है बुआ की आप भी बहुत प्यासी हो और हम सब को देख कर आप भी अपनी आग में जल रही हो. हम सब को इस बारे में पता है. लता ये बात सुनकर थोड़ा शर्मा जाती है तो दिव्या कहती है: इसमें शर्माने की क्या बात है? हमें तो अब भी आश्चर्य है की आप अब तक अपने आप को संभाल कर राखी हो. और वैसे भी एक बात बताऊँ?

लता: क्या?

दिव्या: यही की दीपू को भी ये बात पता है की आप बहुत प्यासी हो लेकिन हमारा पति थोड़ा संस्कारी है. वो आपके पास नहीं आएगा. आपको ही उसके पास जाना है और लता की साडी के अंदर हाथ दाल कर उसकी चूत को सहलाते हुए कहती है...आप ना भी बोलो तो आपकी चूत बता रही है की आप भी अंदर जाना चाहती हो और फिर ऐसा कहते हुए दिव्या फिर से लता के होंठों पे टूट पड़ती है.

लता भी तुरंत इस बार उसका साथ देने लगी, दोनों पागलों की तरह एक दूसरे के होंठों को चूस रही थीं और अंदर दीपू और कविता अपने उत्तेजना में लगे थे.

लता और दिव्या बाहर एक दूसरे को चूसते हुए अपनी उत्तेजना को संभालने की कोशिश कर रहीं थी और तब तक चूसती रहीं जब तक दोनों के लिए सांस लेना तक मुश्किल नहीं हो गया.. फिर जाकर दोनों के होंठ अलग हुए.

अंदर अब दीपू कविता को बिस्तर पे सुला कर उसकी चूत पे टूट पड़ता है और अपनी जुबां से उसकी चूत को चूसते हुए अपना एक ऊँगली उसकी गांड में भी दाल देता है. कविता भी उत्तेजना में आकर दीपू का सर अपनी चूत पे दबा देती है और वो ज़ोर ज़ोर से आंहें भर्ती रहती है...

Pussy-licking-CU-tumblr-nndkm84-XZP1ut80j1o1-400.gif


कविता: तुम जितनी बार भी मेरी चूत चूसते हो तो ऐसा लगता है की पहली बार तुम मेरी चूत चूस रहे हो. तुम तो मेरी चूत चूस कर ही मुझे झडा देते हो और इस बार भी कोई अलग नहीं है और ऐसा लगता है जैसे तुम्हारी जुबां और मेरी चूत के बीच एक चुम्बक और लोहे का रिश्ता है. मेरी चूत देखते ही तुम्हारा मुँह उस पर लगा देते हो... लेकिन एक बात कहूँ तो मुझे भी बहुत अच्छा लगता है और ऐसे ही मेरी चूत चूसते रहो और ऐसा कहते हुए कविता फिर से झड़ जाती है और उसका पानी दीपू बड़े चाव से पी जाता है.

दीपू: जानू मेरा भी कुछ ऐसे ही हाल है... जितनी बार भी तुम मुझे अपनी चूत का पानी पिलाती हो उतना ही मुझे पीने का मन करता है.

अंदर की तरह कमरे के बाहर भी उत्तेजना अभी भी चरम पर थी दिव्या ने लता के पल्लू को नीचे सरका दिया था. लता का नंगा पेट और ब्लाउज़ में बंद उसकी मोटी मोटी चूचियां उसके सामने थीं. दिव्या लता के आगे बैठी थी और उसके मांसल कामुक पेट को चाट और चूम रही थी, लता भी दिव्या के चूमने चाटने से मचल रही थी आहें भर रही थी

GIF-20260622-183308-814.gif


लता की साँसें भारी हो चुकी थीं। दिव्या उसके पेट को चूमते-चाटते हुए नीचे झुकी हुई थी और लता की आँखें आधी बंद हो गई थीं। उसकी मोटी चूचियाँ ब्लाउज़ में तनी हुई थीं और पेट पर दिव्या की गर्म साँसें पड़ रही थीं।

“ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह सीईईईईई... दिव्या...” लता की आवाज़ काँप रही थी और धीरे धीरे सिसकारियां ले रही थी “अह्ह्ह्ह बहुत अच्छा कर रही है तू अह्ह्ह्ह... थोड़ी नीचे जा और चाट जा मेरी चूत को ..

दिव्या लता की बात का इंकार करते हुए उसकी जीभ को लता की गहरी नाभि के चारों ओर घूम रही थी — धीरे-धीरे, स्वाद लेते हुए। उसने नाभि में जीभ घुसा दी, फिर बाहर निकाली और पेट की नरम मांसलता को चूमने लगी। लता की उत्तेजना अब चरम पर थी।

थोड़ी देर बाद लता की बात मानते हुए उसके पेट को चूमते हुए थोड़ा नीचे जाती है तो देखती है की उसकी चूत की जगह उसकी साडी थोड़ी भीगी हुई है जो बता रहा था की लता की चूत अपना रस छोड़ रही है.

दिव्या: क्या बात है बुआ... आपकी चूत तो बहुत पानी छोड़ रही है.

लता: हाँ क्यों नहीं... अंदर का दृश्य ही ऐसा है... ऐसे दृश्य तो मैं रोज़ देखती हूँ तुम सब की... तो मेरी चूत तो गीली होगी ही ना. इस बात पे दिव्या हस देती है और फिर बड़े प्यार से लता की चूत को साडी के ऊपर से ही चूसने लग जाती है.

लता: ऐसे ही चाट मेरी चूत को... बहुत दिनों से परेशान कर रखी है इसने. आह्ह...

अंदर कविता भी ऐसे ही सिसकियाँ ले रही थी जहाँ दीपू उसकी चूत और गांड को चाट रहा था. अब दोनों जगह माहौल बहुत गरम हो चूका था... जहाँ दीपू अपनी बीवी को खुश कर रहा था तो वहीँ दिव्या भी अपनी बुआ को खुश कर रही थी.

कविता: हाँ जानू ऐसे ही... तुम जितनी भी मेरी चूत और गांड चाटते हो मेरा मन नहीं भरता है... अह्ह्ह.. आह्ह्ह.. ओहहह ओहहह.”

e323ac12c85954df3d0ac94cfa970029.gif


1067-Fh1-USCc-juicy.gif


दिव्या फिर साडी को ऊपर कर के अपनी जीभ को लता की चूत में डालते हुए कहती है… सोचा नहीं था की आपका पानी इतना मीठा और थोड़ा खट्टा भी रहेगा. दीपू को पीने में मजा आएगा. दिव्या जब ये बात कहती है तो लता एकदम आश्चर्य से दिव्या की तरफ देखती है जैसे पूछना छा रही हो की क्या बात कर रही हो..

लता: क्या बोल रही है तू?

दिव्या: देखते जाओ आगे क्या होता है और फिर से दिव्या लता की चूत को चाटने लगती है और इस बार अपनी २ उंगलियां उसकी रस से बहती चूत में दाल देती है जो की बड़ी मुश्किल से अपनी उंगलियां अंदर दाल पाती है. लता की तो जैसे सांस ही रुक गयी थी. बहुत दिनों बात किसीने उसकी चूत से खेला और खोला था... उसकी चूत तो जैसे एकदम बंद ही हो गयी थी.

दिव्या: क्या बात है बुआ आपकी चूत तो बहुत टाइट है... मेरी उंगलियां को बड़ी मुश्किल से अंदर दाल पायी.

लता: जब इतने दिनों से ये चूत से बंद थी और सिर्फ अपनी उँगलियों से काम चला रही थी तो टाइट तो होगी ही ना... लता भी अब आहें भरने लगती है… अह्ह्ह्ह... आह्ह...

लता की आँखें और भी ज्यादा मुंद गईं। उसके चेहरे पर एक अजीब-सी सुकून दिख रहा था — शर्म, उत्तेजना और एक अंधेरी इच्छा का मिश्रण।

“अह्ह्ह्ह... कितना मजा आ रहा है दिव्या... मैं भी इसी ख़ुशी के लिए तरस रही थी.

दिव्या: ये ख़ुशी तो कुछ नहीं है बुआ... अलसी ख़ुशी तो अंदर कविता ले रही है... देखो.. और फिर दोनों अंदर देखते है जहाँ अब दीपू कविता की टांगों को अपने कन्धों पर रख कर ज़ोरदार कविता की चुदाई कर रहा था. कविता तो जैसे आसमान में पहुँच गयी थी.

दिव्या: अंदर जो देख रही हो बुआ... उसे असली ख़ुशी कहते है. आपको भी लेना है ऐसी ख़ुशी? लता इस बात पे कुछ नहीं कहती. दिव्या फिर लता का सर पकड़ कर उसके होंठ पे टूट पड़ती है और दोनों में एक ज़ोरदार और गहरा चुम्बन होता है.

GIF-20260622-235726-431.gif


दिव्या भी अब अंदर का नज़ारा देख कर बहुत बेहक गयी थी और वो भी अब रुकने वाली नहीं थी।

उसने लता की मोटी-मोटी चूचियों को जोर से मसलना शुरू कर दिया — ब्लाउज़ के ऊपर से ही। चूचियाँ बहुत टाइट थी । वो उन्हें दबाती, मसलती, और फिर अंगूठे से निप्पलों को दबाती। लता के मुँह से आहें निकल रही थीं।

“आह्ह्ह... दिव्या... आह्ह्ह...”

दिव्या के हाथ अब लता के ब्लाउज़ के बटनों पर आ गए और एक-एक करके बटन खोलने लगी।

और देखते ही देखते उसने लता का पूरा ब्लाउज खोल दिया और ऊपर से उसे नंगा कर दिया.

लता ने खुद ही ब्लाउज़ को अपनी बाजुओं से निकाल कर नीचे गिरा दिया।

लता की मोटी-मोटी चूचियाँ — भारी, गोल, निप्पल खड़े हो चुके — दिव्या के सामने थे। पेट नंगा, नाभि गहरी, और नीचे साड़ी अभी भी कमर पर बँधी हुई।

दिव्या ने लता को देखा — पूरी तरह नंगी ऊपर से — और फिर से उसके होंठों पर टूट पड़ी।

इस बार चुम्बन और भी आक्रामक था।

GIF-20260622-185732-293.gif


दोनों के होंठों की कुश्ती कुछ देर चली। दिव्या और लता एक-दूसरे के होंठों को चूस रही थीं, जीभें आपस में लिपट रही थीं, साँसें एक-दूसरे के मुँह में घुल रही थीं। चुम्बन गहरा और गीला था — होंठों से निकलती चूसने की आवाज़ें अब धीरे धीरे वहां भी हलकी गूँज रही थी । दिव्या के हाथ लता की नंगी कमर को कसकर पकड़े हुए थे और लता के हाथ दिव्या की पीठ पर घूम रहे थे। दोनों के बदन गर्म हो चुके थे.

कुछ देर बाद अब बारी थोड़ी पलट गयी थी. लता ने दिव्या की मोटी मोटी चूचियों पर हमला बोला.

उसने दिव्या की एक भारी चूची को दोनों हाथों से पकड़ लिया — उसकी चूची मोटी तो थी (और ये सब दीपू के कारनामे का नतीजा था) लेकिन एकदम ठोस और तनी हुई थी और उसमें कोई ढीलापन नहीं था. वो उसे जोर-जोर से मसलने लगी, उंगलियाँ उसकी नरम मांसलता में धँसती जा रही थीं। निप्पल खड़ा हो चुका था और लता ने उसे अंगूठे और तर्जनी के बीच दबाकर घुमाना शुरू कर दिया। दिव्या के मुँह से एक गहरी आह निकली।

लता ने दिव्या की दूसरी चूची को भी हाथ में लिया और एक-एक करके मसलते हुए दोनों को बारी-बारी से चूसना शुरू कर दिया। पहले बाईं चूची को मुँह में भर लिया जो एकदम गर्म और नरम थे. वो जोर से चूस रही थी, जीभ से निप्पल को घुमाती हुई, कभी हल्के से दाँतों से दबाती हुई। फिर दूसरी चूची पर चली गई। एक को मसलती, दूसरी को चूसती, और फिर बदल कर दूसरी को मसलने लगती।

दिव्या का बदन काँप रहा था। उसके मुँह से लगातार आहें निकल रही थीं।

“अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह बुआ जी... अह्ह्ह्ह ऐसे ही चूस ले मेरा सारा दूध अह्ह्ह्ह... कुतिया... काट मत...” दिव्या की आवाज़ काँप रही थी.. लेकिन उसमें एक गहरी इच्छा थी। (लता और दिव्या इतनी जोश और गरम हो चुकी थी की उसे इस बात का एहसास भी नहीं हुआ की उत्तेजना में उसने कुतिया कहा था.)

लता ने दिव्या की बातें सुनकर और भी जोश में आ गई। अब दोनों की चूत में गर्मी और बढ़ गई। दिव्या की “कुतिया” वाली बात ने उसे और उत्तेजित कर दिया। वो बिना रुके दिव्या की चूचियों को मसल रही थी — जोर-जोर से दबाती, मसलती, और फिर मुँह से चूसती। एक चूची को पूरी तरह मुँह में लेकर चूसती, जीभ से निप्पल को चाटती, और दूसरी को हाथों से मसलती। फिर बदल कर दूसरी चूची पर हमला बोल देती। दिव्या की चूचियाँ अब लाल हो चुकी थीं, निप्पल चूसने से और भी खड़े और नुकीले हो गए थे ।

ऐसा ही कुछ दृश्य अंदर कमरे में भी था. अब कविता दीपू के लण्ड पे सवारी कर रही थी. दीपू बिस्तर पे लेता हुआ था और कविता उसके लण्ड पे बैठ कर उछल उछल कर चुद रही थी.

WOT-pi-17663944.jpg


बाहर लता ने भी दिव्या का ब्लाउज़ उतार दिया था। अब दोनों ही ऊपर से बिल्कुल नंगी थीं। दिव्या की मस्त चूचियाँ हवा में झूल रही थीं और लता के हाथ उन पर घूम रहे थे। लेकिन दोनों के होंठ फिर से एक-दूसरे में समाए हुए थे — और भी गहरा, और भी गीला चुम्बन चला दोनों का । दोनों अपने हाथ को एक दुसरे की चूचियों और गांड पे घुमा रहे थे।

दोनों की जीभ एक दुसरे के साथ गुथम घुता हो रहे थे... मतलब दोनों एक दुसरे का रस चूस और चाट रहे थे. दोनों की साँसें भारी थीं और चुम्बन की गीली आवाज़ें अब और भी तेज़ हो चुकी थीं।

GIF-20260622-235726-431.gif


दोनों एक-दूसरे को ऐसे चूम रही थीं जैसे बरसों पुरानी प्रेमिकाएँ हों — गहरा, धीमा और भूखा चुम्बन। उनके होंठ आपस में दब रहे थे, जीभें धीरे-धीरे लिपट रही थीं और चूसने की गीली आवाज़ें कमरे के बाहर हल्की-हल्की गूँज रही थीं। साँसें एक-दूसरे के मुँह में घुल रही थीं और दोनों के बदन गर्मी से चिपक चुके थे।

लता भी खुलकर आनंद ले रही थी क्यूंकि बहुत दिनों के बाद उसे ये एहसास और ख़ुशी मिल रही थी. दिव्या ने लता के होंठों को छोड़ा। दोनों की साँसें भारी थीं। दिव्या ने लता को धीरे से पलटा दिया — अब लता की पीठ उसकी ओर थी।

दिव्या ने उसके बदन को साड़ी के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया। उसके हाथ लता की पीठ से शुरू होकर कमर तक फिसलते गए. फिर ऊपर आकर कंधों को दबाने लगे। लता आहें भरने लगी — हल्की, काँपती हुई आहें।

“आह्ह्ह... दिव्या …आआआआ”

दिव्या ने लता का सर अपनी ओर घुमा दिया और फिर उसकी चूची को मसलते हुए फिर से उसके होंठों पे टूट पड़ी. अब लता पे दोहरा हमला हो रहा था... होंठों पे और चूचियों पे. लता ये दोहरा हमला झेल नहीं पायी और दिव्या के इस हरकत से ही उसका पानी निकल गया जो की जांघ से बेह रहा था.

दिव्या फिर भी लगी रही और लता की मोटी मोटी चूचियों पे हमला बोल दिया और जोर-जोर से दबाती, मसलती, और उँगलियों से निप्पलों को महसूस करती.

GIF-20260623-000614-182.gif


लता दिव्या की बाहों में पूरी तरह पिघल रही थी। उसका बदन ढीला पड़ चुका था, सिर थोड़ा पीछे झुका हुआ, और आँखें आधी बंद। हर मसलने पर उसके मुँह से हल्की-हल्की आहें निकल रही थीं।

“आह तेरी ये चूचियां अह्ह्ह्ह बुआ जी...” “जी करता है इन्हें पूरा निचोड़ लूं...”

लता अब गहरी सांसें लेते हुए और उत्तेजित होते हुए:“आह्ह्ह्ह... ओह्ह्ह... निचोड़ लो न आह्ह... किसने रोका है...”

दिव्या ने और जोर से मसलना शुरू कर दिया। उसके हाथ अब और आक्रामक हो चुके थे।

“आह निचोडूंगी... पूरा निचोड़ लूंगी... आज आपकी पूरी कसर और आग पूरी तरह से मैं अपनी ओर से निकाल दूँगी..”. और बाकी का काम दीपू करेगा और ऐसा कहते हुए दिव्या उसके चूचियों को और ज़ोर से दबाती और मसलती रहती है”

लता का बदन और भी ज्यादा काँप उठा। उसकी चूत में गर्मी और बढ़ गई।

“अह्ह्ह्ह हां सीईईई दिव्या... मेरे बदन से खेलो... मसलो मुझे...”

अब लता अपने आप को दिव्या को समर्पण कर चुकी थी क्यूंकि उसकी आग इतनी भड़क चुकी थी.

अंदर का हाल भी कुछ ऐसा ही था. दीपू अब कविता को घोड़ी बना कर उसके बाल पकड़ कर पीछे से उसे चोद रहा था और कविता पूरी ज़ोर से सिसकारियां लेते हुए मजे ले रही थी.

SDV.gif


दीपू भी काफी देर से कविता को चोद रहा था और अब उससे भी रहा नहीं जाता और फिर ज़ोर से घुर्राते हुए वो दिव्या की चूत में ही अपना पूरा पानी गिरा देता है.

क्यूंकि दीपू के घुर्राने से लता और दिव्या अपना काम रोक कर कमरे में देखते है और वो दोनों दीपू का झड़ना देख लेते है . उसको देख कर दिव्या लता के कान में कहती है: देख रही हो बुआ... दीपू का माल... कितना गाढा है और कितना पानी छोड़ रहा है. बोलो अपनी उसका पानी लेना चाहोगी?

लता तो अब और भी उत्तेजित हो गयी थी.

“अह्ह्ह दिव्या... ओह्ह्ह... इतना पानी निकाला है उसने... मैंने कभी सोचा नहीं था... अब मुझे भी पता चल की वसु इतनी जल्दी पेट से कैसे हो गयी. उसका गाढा पानी जिस किसीकी चूत में जाएगा वो तो गाभिन हो ही जायेगी..”

लता ने दिव्या की बाहों में मचलते हुए कहा।

अब लता ने भी दिव्या को पूरा नंगा कर दिया और उसकी चूचियों को मसल और काट खा रही थी.

लता : तूने भी तो दीपू का रस चखा है ना.. तूने भी तो उसका पानी अपनी चूत में लिया है ना... तू अब तक गाभिन क्यों नहीं हुई? लता की बात सुनकर अब दिव्या भी काफी उत्तेजित हो गयी थी.

दिव्या: चिंता मत करो बुआ जी... वो दिन भी ज़्यादा दूर नहीं जब मेरे पेट में भी हम दोनों का बच्चा पलेगा और ऐसा कहते हुए लता को अपने सीने से लगा कर एक चूची उसके मुँह में ठूस देती है.

लता ने दिव्या के नंगे बदन को और भी जोर से मसलना शुरू कर दिया। उसके हाथ दिव्या की कमर से नीचे फिसलते हुए मोटे चूतड़ों तक पहुँच चुके थे। वो उन्हें दबाती, मसलती, और उँगलियों से गोलाई को महसूस करती हुई पूछी : तूने कभी गांड मरवाई है दीपू से?

लता की ये बात सुनकर ही दिव्या अपनी परम सुख में पहुँच गयी और वो भी अपना पानी छोड़ दिया. दिव्या लता की तरफ देख कर उसका हाथ ले जाकर अपनी चूत पे रख दिया. दिव्या का गीला और पानी छोड़ता हुआ चूत को महसूस कर के ही लता को पता चल गया था की दीपू ने दिव्या की गांड भी मारी है.

दिव्या: लगता है आपकी गांड को भी दीपू के लण्ड की ज़रुरत है. दिव्या की ये बात सुनते ही लता के बदन में एक ज़लज़ला पैदा हो गया और उसकी आँखों में एक तरफ से चमक आ गयी..

दिव्या: मेरी चूत तो एकदम गीली हो रही है यही सोचके की दीपू का लण्ड जब आपकी की गांड की सैर करेगा तो आपकी क्या हालत होगी? जब उसने पहली बार मेरी गांड मारी थी... उसने तो मेरे होश ही उदा दिए थे. तब से हर रोज़ जब भी दीपू मुझे चोदता है तो मेरी गांड ज़रूर मारता है.

दिव्या की ये बात सुनते ही लता की आँखों के सामने तुरंत वो दृश्य घूम गया जो अभी कुछ देर पहले दिव्या ने बताया था... की दीपू का लण्ड लता की गांड में गया तो वो क्या करने वाली है.

लता दीपू के लण्ड को याद करते हुए गहरी आह भर रही थी। आँखों में उत्तेजना और इच्छा साफ़ नज़र आ रही थी.

अब दोनों इतनी कामुक बातें और अंदर का नज़ारा देख कर इतने बेहक गए थे की उन्हें पता भी नहीं चला जब वो दोनों नंगी हो गयी और एक दुसरे की बदन को सेहला रहे थे उत्तेजित हुए..

GIF-20260623-234326-287.gif


दिव्या जब अपना हाथ लता की चूत पे रखती है तो वो पाती है की लता की चूत भी उसकी चूत की तरह एकदम बेह रही है और एकदम गीली हो गयी है.

दिव्या: बुआ जी, आपकी चूत तो सच में सुलग रही है...

लता ने दिव्या की बाहों में और भी ज्यादा पिघलते हुए जवाब दिया: हां दिव्या मेरी चूत प्यासी है अहहुह्ह.. जब से तूने बताया है और मैंने भी दीपू का लण्ड देखा है मुझे नहीं लगता की मैं अब रह पाऊँगी.

लता: दिव्या जो आग इतने दिनों तक मेरे अंदर मैंने छुपा रखी थी लगता नहीं अब मैं और छुपा पाऊँगी. अगर दीपू का लण्ड नहीं लिया तो.... लता इतना ही बोलती है की दिव्या उसका मुँह बंद कर देती है और कहती है.... चिंता मत करो... जल्दी ही वो काम भी पूरा हो जाएगा.

लता की इतना ही कहना था की दिव्या झटके से कमरे के अंदर आ जाती है और वो भी पूरी नंगी. लता को कुछ समझ नहीं आता की दिव्या क्या कर रही है. दिव्या को ऐसा नंगा देख कर दोनों दीपू और कविता भी दांग रेह जाते है और उन्हें भी कुछ समझ नहीं आता की क्या हो रहा है और दिव्या ऐसे नंगी अंदर क्यों आयी है.

दिव्या: क्यों पति जी कविता को ठोक कर आराम कर रहे हो और जैसे लगता है की तुम मुझे भूल ही गए हो.

दीपू: अरे तुम्हे आज माँ के पास सोने को कहा था ना... सोचा आज अपनी इस बीवी को प्यार करूंगा और कल तुम्हे. तुम्हे तो पता है की अब माँ के साथ कोई होना चाहिए ना.

दिव्या: तुम्हारी बात भी सही है पति जी.... लेकिन लगता है आज तुम्हारी किस्मत बड़ी अच्छी है. आज तो आपको एक बम्पर ऑफर है.

दीपू को कुछ समझ नहीं आता तो वो और कविता दोनों एक दुसरे को देखते है और सवालिया नज़र से दिव्या को देखते है.

तब तक दिव्या कमरे से बाहर जाती है और और एक Min बाद लता जैसे कमरे में गिर जाती है. दिव्या कमरे से बाहर जाकर लता को अंदर जाने को केहती है तो लता मना कर देती है.

दिव्या हस देती है और केहती है... लगता है आप ऐसे नहीं मानोगे और वो लता को कमरे के अंदर धक्का दे देती है. लता अपने आप को संभालते हुए जब वो खड़ी हो जाती है तो तब तक देर हो गयी थी. वो दीपू के कमरे के अंदर आ गयी थी और वो भी दिव्या की तरह एकदम नंगी ही थी दोनों दीपू और कविता के सामने.

लता को ऐसे उनके सामने देख कर दोनों दीपू और कविता की आँखें फटी की फटी रह गईं।

उन्हें समझ नहीं आ रहा था की क्या हो रहा है.

दिव्या फिर पीछे से आती है और केहती है: मैंने कहा था ना पति जी... आज यह है तुम्हारा बम्पर ऑफर. तुम्हे तो पता है इस घर में तीन नहीं बल्कि चार औरतें है. तुम तो तीनो को बहुत खुश रखते हो और कविता की तरफ देख कर... जैसे कुछ देर पहले तुमने मेरी सौतन को खुश किया था.

लेकिन शायद चौथी के बारे में भूल ही गए.

दीपू: क्या कह रही हो तुम? ठीक तो हो ना?

दिव्या: मुझे पता है दीपू... तुम्हारी गलती नहीं है... इसीलिए तो हम सब तुमसे इतना प्यार करते है. तुम्हे भी पता है की लता भी तुम्हारे प्यार के लिए तड़प रही है लेकिन कभी भी तुमने उनकी ओर गलत नज़र से नहीं देखा.

दिव्या कविता की तरफ देख कर: क्या केहती हो कविता?

कविता: सब को देख कर... प्यार से दीपू को चूमते हुए... दिव्या तू सही कह रही हो. हम सब को इस बात का पता है. लता ये सब सुनकर सब को देख रही थी लेकिन कुछ नहीं कहती.

दिव्या: तो आज रात आप खूब मस्ती करो. मैं चलती हूँ. अगर वसु उठ गयी और मुझे वहां नहीं पाया तो घबरा जायेगी.

हाँ एक और बात.... तुम्हे शायद पता ना हो.... लेकिन बुआ जी की चूत एकदम गीली और रस छोड़ रही है. तुम्हारा डंडा इसके बिल में आसानी से चला जाएगा. ऐसा बोल कर उसे आँख मार देती है और दिव्या कमरे से चली जाती है लेकिन जाने से पहले कमरे का दरवाज़ा बंद कर देती है. अब कमरे में सिर्फ तीनो ही रह गए थे. भले ही तीनो नंगे थे... दीपू और कविता ने अपने आपको चादर से ढका हुआ था तो वहीँ लता उन दोनों के सामने एकदम नंगी खड़ी थी.

दीपू फिर खड़ा हो कर लता की तरफ आता है और उसकी आँखों में देखते हुए पूछता है... दिव्या जो केह रही थी... क्या वो सच है? लता थोड़ा शर्माते हुए हाँ में सर हिला देती है तो दीपू उसके चेहरे को पकड़ कर अपने होंठ उसके होंठों से मिला देता है. लता को तो जैसे इसका ही इंतज़ार था. काफी देर से वो भी उत्तेजित थी जो कमरे के बाहर उसके और दिव्या के बीच जो कुछ हुआ था. लता भी दीपू के होंठों को चूसने लगती है और दोनों एक प्रगढ़ और गहरी चुम्बन में जुड़ जाते है जो काफी देर तक चलता रहा.

GIF-20260625-230046-958.gif


उन दोनों को देख कर कविता भी गरमा जाती है और वो भी उठकर उन दोनों के पास आती है. अब लता भी कविता को देख कर अपनी शर्म दूर कर देती है और वो भी थोड़ा खुल जाती है. जब कविता उसके पास आती है तो वो दीपू को छोड़ कर वो कविता के होंठों को अपने होंठों से जोड़ देती है और दोनों फिर से एक गहरे चुम्बन में जुड़ जाते है और उसे चूमते हुए उसके हाथ को कविता की कमर पे घुमाते रहती है.

lez-kiss-IMG-4083.jpg


Lez-frnds-tumblr-cbdae39980f680531515afbfee883bef-53f61629-500.webp


उन दोनों को देख कर दीपू बिस्तर पे बैठ कर अपने लण्ड को हिलाते रहता है और देखते ही देखते उसका लण्ड भी अपनी पूरी औकात में आ जाता है. उन दोनों को चूमते चाटते देख कर दीपू कहता है: इस कमरे में मैं भी हूँ. कविता उसको झूटी गुस्से से देख कर केहती है... कुछ देर पहले तो तुमने मेरी जम के मारी है. फिर से तैयार हो गए? पहले मुझे बुआ जी के साथ प्यार करने दो.

दीपू: यहां आकर मेरे लण्ड से भी प्यार कर सकते हो ना.

दोनों फिर एक दुसरे को देखते है और हस्ते हुए दीपू के पास आते है. कविता ने पहले ही दीपू का लण्ड चूसा था तो वो लता को इशारा करता है तो लता भी समझ जाती है और घुटनों पे बैठ के दीपू के लण्ड को देखती है जो की पूरा खड़ा था और वो जैसे लता को सलामी दे रहा था.

1615994041-2821-hidefporn-ws.jpg


दीपू के खड़े लण्ड को देख कर लता से भी रहा नहीं जाता और उसके लण्ड को पकड़ कर पूरे चाव से चूसने लगती है.

lana-rhoades-flesh-hunter-14-002-1.webp


लता काफी देर तक दीपू का लण्ड चूसती है और थोड़ी देर बाद केहती है की उसके घुटने दुःख रहे है तो दीपू को दया आती है और दोनों को बिस्तर पे ले जाता है और इस बार दोनों दीपू के लण्ड को बारी बारी से चूमते चूसते और चाटते है.

5e76d2152e8d710bd77168ba75ed5d33.gif


जहाँ कविता दीपू का लण्ड चूसती है तो लता भी दीपू की गोटियों को चूसते रहती है. दीपू के तो मजे ही मजे थे. वो तो जैसे जन्नत पे पहुँच गया था.

काफी देर तक जब दोनों दीपू के लण्ड को चूसते रहते है तो दीपू को लगता है की अगर वो उन्हें नहीं रोका तो वो झड़ जाएगा. और उसे पता था की इस बार वो झड़ गया तो फिर उसे भी थोड़ी मुश्किल होगी उसके लण्ड को फिर से खड़े करने में भले ही २ कामुक महिलाएं उसके साथ है.

थोड़ी देर बाद दीपू कहता है: तुम दोनों ने मुझे जन्नत की सैर कराई है. अब मेरी बारी है की तुम दोनों को भी ऐसा मजा दूँ. ऐसा कहते हुए दीपू लता को सुला देता है और उसकी चूत को चूसने लग जाता है. काफी सालों बाद किसी पुरुष ने लता की चूत को चूसा था और वो कोई नहीं वो उसका भांजा ही था जो उसे चूस कर मजा दे रहा था. कविता भी दीपू के सर को पकड़ कर उसकी चूत पे ठूस रही थी. अब कमरे में ज़ोर ज़ोर से सिसकियों की आवाज़ गूँज रही थी. आह... अह्ह्ह... अहह... दीपू... ऐसे ही चूस... बहुत अच्छा लग रहा है.

carter-cruise-riley-reid-obsession-chapter-4-001.gif


दीपू लता की चूत को चूस रहा था तो वहीँ कविता भी फिर से गरम हो जाती है और इस बार वो झुक कर लता को चूमती है. लता के तो जैसे मजे ही मजे थे.

mff3.jpg


दीपू के चूसने से ही लता झड़ जाती है और ज़ोर ज़ोर से सांसें लेने लगती है. वो अपने आप को दुरुस्त कर के कविता को चूमने लगती है. थोड़ी देर बाद...

लता: दीपू अब मुझे और मत तड़पा.... मैं इस पल के लिए बहुत दिनों से तरस रही थी... अब और रहा नहीं जाता. अपने लण्ड से अब मुझे भी आबाद कर के.

लता के मुँह से ये बात सुनकर दीपू को हसी आ जाती है और फिर अपने लण्ड में थोड़ा थूक लगा कर लता की चूत पे रगड़ता है. लता इस रगड़ से सेहर जाती है और केहती है.... थोड़ा धीरे से डालना दीपू. बहुत दिनों बाद चुद रही हूँ.

दीपू: चिंता मत करो बुआ. मैं आराम से ही करूंगा और वो कविता को इशारा करता है तो कविता दीपू का इशारा समझ कर लता के चेहरे पे बैठ जाती है और अपनी रस से बहती चूत को लता के मुँह पे रख देती है.

mff.gif


लता को इस बात का पता नहीं था अब उसपे केहर धा ने वाला है क्यूंकि जब लता कविता की चूत चूस रही थी तो दीपू अपने लण्ड को लता की चूत पे रख कर एक ज़ोरदार धक्का मारता है. धक्का इतना ज़बरदस्त था की पहली बार में ही उसका पूरा लण्ड लता की चूत की जड़ तक पहुँच जाता है. लता की तो जैसे आँखें बाहर आ जाती है. कविता उसके मुँह पे बैठी थी इसीलिए उसकी चीक कविता की चूत पे ही दब जाती है वरना शायद वो इतना ज़ोर से चिल्लाती की वो आवाज़ बगल वाले घर में भी सुनाई देता.

mff-1.gif


दीपू को भी लगता है की शायद उसने बाहर ज़ोर से उसे ठोका है. वो झुक कर लता की चूचियों को चूसते है और वहीँ कविता भी उसके सर पे हाथ रख कर उसे थोड़ा सहारा देती है. दीपू भी थोड़ी देर ऐसे ही अपने लण्ड को उसकी चूत पे रख कर थोड़ा वक़्त गुज़ारता है और कुछ नहीं करता. जब लता को थोड़ी राहत मिलती है तो फिर से वो कविता की चूत को चूसने लगती है. ये एक तरफ से उसका इशारा था की वो अब थोड़ी ठीक है. दीपू भी समझ जाता है और अपने लण्ड को बाहर निकल कर अब धीरे धीरे उसे पेलने लगता है.

अब लता को भी मजा आने लगता है. अब कविता भी उसके ऊपर से उठ जाती है और लता के ऊपर सो जाती है. अब लता और कविता दोनों ६९ पोजीशन में थे और दोनों एक दुसरे की चूत को चाट रहे थे और दीपू लता को पेले जा रहा था.

carter-cruise-riley-reid-obsession-chapter-4-blacked-010.gif


लता भी बेहकते हुई चिल्लाते रहती है अब... “अह्ह्ह्हः अह्ह्ह्ह सीईईईईई ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह लल्ला अह्ह ओह्ह्ह मार डाला अह्ह्ह्ह आराम से ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह मैं आने वाली हूं अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह!”

काफी देर तक लता को पेलने के बाद लता केहती है... मुझे ही पलोगे क्या? कविता तू क्यों नहीं चुदती?

कविता: नहीं बुआ जी.... आज रात आपकी बारी है.. आप ही मजे करो. आपके आने से पहले तो मेरा नंबर लग ही गया था और शायद ये बात आपको भी पता है.

फिर दीपू बिस्तर पे सो जाता है और लता उसके खड़े लण्ड को पकड़ कर अपनी चूत पे घुसा देती है और एक तरह से उसपे बैठ जाती है.

GIF-20240312-183817-221.gif


दीपू भी उसकी कमर को पकड़ कर अपने लण्ड को उसकी चूत में घुसाते हुए उसकी चुदाई करते रहता है और लता भी उसके लण्ड पे झूलते रहती है. अब कमरे में माहौल बहुत गरम हो गया था. जब दीपू लता को चोद रहा था तो वहीँ कविता बगल में बैठ कर अपनी चूत को मसलते रहती है. थोड़ी देर बाद अब दीपू से भी रहा नहीं जाता तो वो भी कहता है की उसका भी होने वाला है.

लता: २ Min रुको मेरा भी होने वाला है... लेकिन एक Min के अंदर ही लता भी अपना पानी छोड़ देती है. आखिर में दीपू से भी रहा नहीं जाता और वो भी झड़ने के करीब आ जाता है. जब वो बोलता है तो लता भी उसके लण्ड से उठ जाती है और दोनों कविता और लता उसके लण्ड को चूसती है. दीपू भी गुर्राते हुए अपना पानी दोनों के ऊपर गिरा देता है तो दोनों भी उसका पूरा पानी पी जाते है.

Bibi-Noel-and-Aletta-Ocean-suck-ebony-monster-cock.gif


दीपू भी अब बहुत थक गया था और वो भी हफ्ते हुए बिस्तर पे गिर जाता है और दोनों लता और कविता दोनों उसके बगल में अपना सर रख कर सो जाते है. लता दोनों की तरफ देख कर ख़ुशी से केहती है.... अब मुझे समझ में आया तुम सब इतने खुश कैसे रहते हो. वो दीपू की तरफ देख कर केहती है... जब इतना समझदार पति और इतनी प्यारी पत्नियां हो तो घर में खुशियां ही रहेगी... दीपू ये बार सुनकर हस देता है और मन में सोचता है की वो सच में बहुत किस्मतवाला है.... और फिर तीनो थोड़ी देर बाद सो जाते है...


Note: अपडेट की देरी के लिए माफ़ी. लेकिन वक़्त की कमी, काम और स्वास्थय के कारण उपदटेस में देरी हो जाती है. इसीलिए हर अपडेट मैं लम्बा ही लिखने की कोशिश करता हूँ जो की एक तरह से देरी के लिए भरपाई हो
 
Back
Top