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महक का चेहरा बदल चूका था.. मैंने भी अपना चेहरा बदल लिया था.. एक आरज़ी मास्क मेरे चेहरे पर था. जिसे में जब्ब चेहरे उतर सकता था..
देखने पर किसी को भी नहीं पता चलता था क दोनों hi चेहरे ओरिजिनल नहीं हाँ.
शाम क 5 बजे का टाइम था.. माइए और महक गाडी में बैठी हुए बहार घूम फिर रहे थे.. हमें पैलेस से निकले हुए आधा घंटा होने वाला था.
हम ऐसे hi घूम फिर रहे थे. मक़सद सिर्फ एक दूसरे के साथ कुछ टाइम बिताना था..
एक बार फिरसे मैं उसी तुख पर जा रहा था, जिधर मई पूजा दीदी के साथ बाइक पर निकला था..
महक बहुत hi मस्त माहौल में मुझसे बातें कर रही थी. महक मेरी और माँ की शादी को लेकर के मुझे छेड़ रही थे. महक के हस्सन से गाडी का माहौल खुशगवार होने लगता था, महक के हस्सन से एक गुनगुनाहट से होने लगती थी.
महक के सफ़ेद चमकदार दांत हस्सन हुए बहुत hi ज़यादा अट्रैक्टिव बना देते थे महक को.. महक थी भी बहुत खूबसूरत.. महक के जिस्म की खतरनाक शेप किसी को भी बेचैन कर सकती थी, महक के कड़ब पहाड़ों जैसी उठान लिए हुए बूब्स महक के हस्सन से और बुइ ज़यादा मस्त नज़ारा दिखने लगते थे. महक की शर्ट कुछ नीचे थी तो महक के आधे बूब्स क्लियर दीखते थे.. बूब्स की लकीर अंदर तक्क देख जाती थी.. मैं महक के क्लीवेज को बार बार देखने लगता था.. महक ने भी मुझे खुद की सुन्दस्रता का दीदार करते हुए देख लिया था..
महक:- क्यों रात भर शराब जो पि है तुमने अपनी मा की, उससे दिल नहीं भरा जो अब्ब मेरे भरे हुए मटके देख कर मोहन में पानी आने लगा है..... महक कोई भी बात खुल कर कर जाय करती थी.. वो बेहया नहीं थी, कभी किसी से उसके रिलेशन नहीं थे.. मर्द ज़ात से शारीरिक भवान्यें भी उसके मैं में नहीं थी,. फिर भी वो हर किसम की बातें कर लिया करती थी..
vijay:-(mehak को स्माइल देता हुआ) नहीं भगवन ने जिस किसी को सुंदरता से नवाज़ा है, उसे देखना तो चाहिए hi.. और फिर तुम हो भी तो कई पर भारी.. तुम्हरे बदन के हर एक अंग की बनावट भीत ो पूरी पैमाइश से बनाई गई है.. तुम्हरे बदन पर ये दोनों दिख रहे मटके बनाने के बाद भगवन ने भी इनको बनाने वाला साँचा तोड़ दिया होगा.. तुम्हारे बाद इन जैसे पूरी दुन्या में किसी और के तो होने से रहे..
महक मेरी बार सुनकर मेरी आँखों में देखती हुई खिलखिला कर हस्सन लगी.
महक:- क्यों रात भर अपनी नयी नवेली दुल्हन के मटके दबा दबा कर नहीं देखे क्या, जो अब्ब मेरे मटको के पीछे पद गए हो.. मुझे भी पता है ये बहुत ख़ास हाँ.. मैंने इनपर म्हणत भी बहुत की है.. (महक शरारती मुस्कान से मेरी अकनकहों में देखतने लगी) पारर ये तुम्हारे किसी काम नहीं आने वाले.. इनपर तुम्हरा नाम कही भी नहीं लिखा हुआ. फ्यूचर का कुछ कह नहीं सकते. अभी ये सिर्फ मेरे हाँ समझे, और अब्ब इन्हे ताड़ना बंद करो.... महक हस्ते हुए मेरे कंधे पर एक धप्प्प मर्डर दी और फिरसे खुल क्र हस्सन लगी..
ये भी एक रंग था औरत जाट का.. हर किसम की बात भी कर लेती है, किसी को कुछ करने भी नहीं deti..mann में किसी के साथ सेक्स के विचार भी नहीं हाँ..
हालांकि महक को सेक्स ड्रग्स भी दिए गए थे.. फिर भी महक ऐसे रेस्ट आकृति थी, जैसे उसे इस सबब में कोई इंटरेस्ट नहीं है.... महक को देख कर हैरत होती थी क महक एंटी स्ट्रांग कैसे है अंदर से...
बहरहाल महक एक ज़िंदा दिल लड़की थी, महक के साथ लाइफ जीने में मज़ा आने वाला था.. माइए भी महक के बदन के लिए बेचैन नहीं था..
हम जल्द hi उसी पार्क के पास जा पोहंचे...
मैसे गाडी को साइड में करके रोक दिया, यहाँ पार्किंग वाला कोई चक्कर नहीं था, तो पार्क की साइड में hi गाडी लगा दी.. महक फ़ौरन hi गाडी से उतर गई..
महक ने टाइट जीन्ज़ शर्ट पहनी हुई थी. उसके सख्त बूब्स कुछ और भी कैसे हुए दिखने लगे थे.. आधे तो पहले से hi दिख रहे थे..
मैंने भी जीन्ज़ और टीशर्ट पहनी हुई थी.. हाफ बाज़ो टीशर्ट में मेरे मसल्स दूर से hi दिख रहे थे..
काफी लोग थे पार्क में.. कपल्स भी बौह्त थे.. अक्सर एक दूसरे के हाथो को थामे हुए अंदर जा रहे थे..
महक ने भी मेरा हाथ थाम लिया और लोगों को जलने क लिए खुल कर हस्ती हुई मुझसे बातें करती हुई अंदर जाने लगी..
महक की आवाज़ से सबब hi हमें देखने लगे.. और अहम दोनों सभी को नज़र अंदाज़ करते हुए आगे बाहड़ने लगे.. कुछ कपल्स तो रुक कर हमें देखने अलगे..
वो सभी मैं hi मैं में सोच रहे होंगे क वाह्ह क्या जोड़ी है...
उनको कौन बताये क हमारे एक होने का चांस दूर दूर रक् नहीं है.. मेरे साथ में मौजूद मस्त फिगर वाली लड़की है ज़रूर.. उसके अंदर सेक्स न नशा भी बहुत है..
पारर उसके अंदर लड़कियों वाली कोई बात hi नहीं है, महक तो आधी मर्द थी... मैं दिल hi दिल में मुस्कराता हुआ महक का हाथ थामे आगे बढ़ रहा था..
विजय:- महक सबब हमें hi देख रहे हाँ, सबब hi हमें देख कर जलन का शिकार हो रहे होंगे.. पारर उन्हें क्या पता क
महक:- उन्हें क्या पता क मुझसे लड़कियों वाली बातें कम् हाँ.. महक इतना बोल कर हस्सन लगी.. महक की हंसी भी 100 लड़कियों पर भारी थी.. कुछ फिरसे महक को रुक कर देखने लगी..
एक लड़की से नहीं रहा गया तो वो हमारी तरफ आने अगली..
महक:- विजय आज से मैं कभी किसी मर्द के साथ यौन किसी पब्लिक प्लेस पर नहीं आई.. पारर आज मुझे बहुत मज़ा आ रहा है.. वो देखो वो लड़की ज़रूर कुछ अच्छे कमैंट्स hi करेगी हमारे बारे में, कुछ मैट बोलना अभी मुझे मज़ा लेने देना समझे..
लड़की पास आई..
लड़की:- hi, क्या मैं कुछ देर आपसे बात कर सकती हों.?
महक:- हाँ, ज़रूर चलो चलते हुए बातें करते हाँ.. महक ने उसका हाथ थाम लिया.... वो लड़की अपनी फॅमिली के साथ थी..
लड़की:- सॉरी पर मेरी फॅमिली सामने hi कड़ी है.. वही चल कर कुछ बातें न कर लें, आपको देख कर मुझे बहुत अच्छा लगा तो मैं खुद को आपके पास आने से रोक नहीं पाई..
लड़की के इशारे पर मैंने जरूर महक दे देखा.. वहां लड़की की फॅमिली कड़ी थी, और लड़की की फॅमिली में एक छोटा लड़का एक 32 आगे का आदमी, एक 30 के कर्रेब औरत जिसने एक क्यूट से बेबी को ुटिह्या हुआ था, एक बोधि औरत खड़े थे.. सभी के चेहरों को देख कर अंदाज़ा हुआ क पूरी फॅमिली hi दिल से कदर करने वळून की है.. हमारे पास जो लड़की आई थी, वो 20 के करीब थी..
हम चलते हुए उनके पास जा पोहंचे, महक ने मेरे हाथ को दबा दिया था, जिसका मतलब था क मैं कुछ भी बोलो, वो सोच समझ कर बोलों.. महक इस सबब को एन्जॉय करना छह रही थी..
उनके पास पोहंचे तो हेल्लो हाय hui..maine और महक ने बूढी औरत के पैरों को छुआ, बूढी औरत ने हमें आशीर्वाद दिया.. हमारी जोड़ी को किसी की नज़र न लगे ऐसी दुआएं दीं.. मैं और महक मैं hi मैं में मुस्कुरा रहे थे...
महक पूरा पूरा मज़ा ले रही थी, महक ने अपने एक्सप्रेशन भी चेंज कर लिए थे.....
लड़की:- भाभी देखो मैं इन्हे ले आई हों..
भाभी:- बहुत प्यार जोड़ी, भगवन किसी की नज़र न लगाए, (मुझसे) भाई आप दोनों बहुत जांच रहे हाँ, इस पुरे पार्क में आप दोनों के जैसा कोई भी नहीं होगा..
लड़कीअ का bhai:-(mehka के सर्र पर हाथ गिरते हुए) सदा सुहागन रहो, और सदा खुश रहो.. तुम दोनों को देख कर दिली ख़ुशी हुई है.. तुम दोनों हस्ते हुए बहुत भले दीखते हो, इसलिए मैंने radha(ladki) से कहा क इनसे मिलना चाहिए, तो फ़ौरन तुम दोनों की तरफ बेहद गई.. भगवन तुम्हे इन दुन्या की साड़ी खुशियां दे.. कहाँ से हो भाई...
विजय:- भाई हम दिल्ली से हाँ, आज इस तरफ आये तो फिर पार्क में भी आ गए..
लड़की:-( अपनी ख़ुशी को दबा न पाई) मुझे आप दोनों के साथ एक पिछ लेनी है मैना अपनी फ्रेंड्स को दिखाओगी.. मई उन्हें बताऊँगी क देहको इस कपल से बेस्ट कपल पहले कभी देखा है... लड़की का दिल तो हम नहीं दुख सकते थे.. फिर मैंने और महक ने लड़की के साथ कुछ पिछ बनवाई.. बाकियों का भी मान होने लगा तो हमने उनके साथ भी कुछ पिक्स बनवाई..
कुछ देर हम उनके साथ बातें करते रहे फिर हम उनसे अलग हो गए.. महक ऐसे मिली जाइए सच में hi वो मेरी लवर हो.. महक जब्ब उनसे मिलके कुछ फासले पर पोहंची टी पेट पकड़ पकड़ कर हस्सन लगी..
महक:- विजय सच में hi आज मज़ा आ गया.. ऐसा मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ, मुझे तुम्हारी होने वाली बीवी समझ रहे थे.. और पार्क में मौजूद सब hi मुझे तुमसे रिलेटेड समझ रहे हाँ..
vijay:-(maza लेते हुए) तो हर्ज hi क्या है, बन्न जाओ मेरी गफ मेरे बाद तुमहेब भी तो कोई और नहीं मिलेगा..
महक मेरी बार पर हस्सन lagi,mere हाथ पर अपने दबाओ को बढ़ाना शरू कर dia..kuch देर पहले महक का हाथ मेर हाथ में बहुत hi नरम और गरम था, अचानक से महक के हाथ की सख्ती बढ़ने अलगी, मुझपर तो कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ने अल्वा था, पारर महक के हहत की सख्ती अचे अच्छों की चीखें निकलवा सकती थी..
महक:- देख रहे मेरे हाथ की सख्ती, हर कोई इसकी सख्ती नहीं झेल सकती, तुम हो तो बहुत hi ख़ास, पारर मेरे बॉयफ्रैंड्स बनने के सपने छोड़ दो.. कही मई तुम्हरा लुंड भी दूसरे मर्दो की तरह से ना चीयर दो.. मेरी नज़र में अभी तक तो लुंड के दो hi काम हाँ, या तो मूट लिया जाए या फिर मेरे हाथों में आने के बाद छिरर्र जाई.. महक मेरी आँखों में देखते हुए मुस्कुराती हुए बोली, महक की मुस्कान बहुत hi पुरे थी, महक के साथ टाइम स्पेंड करने में बहुत मज़ा आ रहा था.. महक जैसी बातें भी किसी से नहीं हो सकती थी...
इससे पहल जिससे भी मैंने ऐसी बाटे की थीं उन सभी से मरे सेक्स रिलेशन्स थे या बनने वाले थे, पारर महक के साथ ऐसा कुछ भी नहीं था..
हम दोनों hi सेक्स फीलिंग्स से दूर रहते हुए हर तरह की बातें कर रहे थे, हम रोमांटिक बातें तो कर नहीं सकते थे.. हम दोनों कपल थोड़ी न थे, बस ऐसे hi बातों में हम पार्क घुमते रहे.. आज की शाम भी महक के नाम होकर बहुत खूबसूरत हो गई थी.. महक भी खिली खिली मेरा पूरा साथ दे रही थी..
पार्क में जहाँ कोई नहीं दिखा वहां मैंने महक को अपनी बहन में भर लिया.. महक के बूब्स मेरे चौड़े सीने में डब्ब गए, इतने सख्त थे क वो पचके नहीं मुझे hi सेने में चुभने लगे.. महक के शरीर की हीट hi शुष्मा दीदी जितनी hi थी, पारर महक में विल पावर की इन्तहा थी, जहाँ दीदी टूट गई थी वही महक और भी ज़यादा स्ट्रांग बन्न जाती थी..
मई महक की आँखों में देखने लगा, और महक मेरी आँखों में देखने अलगी.. हमारी आँखों का फैसला 3" hi था, उतना hi फैसला हमारे होंटो का भी था... महक के होंटो की तपिश मेरे होंठ बहुत अच्छे से महसूस कर पा रहे थे..
मेरे दिल की धड़कन बिलकुल भी नहीं बढ़ी, ये महक की रेस्पेक्ट थी, मेरे अंदर कोई भी दूसरी फीलिंग्स नहीं थी..,
हम दोनों hi एक दूसरे की आँखों की गहराई को नापने लगे.. मेरी hi तरह से महक की भी आँखों में बहुत गहराई थी, महक की आँखों में मुझे पूरी दुन्या hi दिख रही थी, महक की आंखों की कशिश मुझे अपनी और खेच रही थी... पर मेरा खुद पर पूरा पूरा कण्ट्रोल था.. महक मेरी आँखों में देखती रही..
mehak:-(dheeme से) विजय खुद को टेस्ट कर रहे हो क्या.. वैसे तुम्हारी आँखों में देख कर मुझे बोहत अछ्हा लगा, जैसे मैंने तुम्हरे बारे में सोचा था, तुम बिलकुल भी वैसे hi हो.. इतने करीब पा कर भी तुममे मुझे कोई बदलाव नहीं दिख रहा.. मेरी hi तारा तुम भी अंदर से बाउट मज़बूत हो..
जोड़ी तो अस्त है हमारी.
क्या हुआ अगर हमारी जोड़ी में GF,BF वाला सिस्टम नहीं है, कपल्स वाली चक्कर को छोड़ कर अहम सच में hi इस पूरी दुन्या में लाजवाब जोड़ी हाँ.. आज मुझे तुम और भी पसंद आ रहे हो.. वर्ण मुझे देख करते लोग डोर से hi अपना लुंड हिलने लगते हाँ, पारर तुम तो मेरे अंदर की आग से भी नहीं जल रहे... ऐसा hi इंसान मुझे अपनी लाइफ में चाहिए था... थैंक्स फॉर किंग तो माय लाइफ...
अब लाइफ कुछ अच्छी गुज़रेगी... पारर तुम मुझसे एक वडा भी करो विजयो..
मैंने महक के होंटो पर एक फूंक मार दी.. महक की आँखों में चमक सी आ गई.. नीचे से लेकर ऊपर तक hi हम दोनों एक दूसरे में समाये हुए थे.. मेरा लुंड भी महक की छूट पर टिका हुआ था..
ऑंखें भी पास थी और होंठ भी एक दूसरे के बिलकुल पास पास.. फिर भी सबब कण्ट्रोल में था..
विजय:- यही ना क जैसे तुम्हे सेक्स ड्रग्स की लत्त लगाई गई है, जब्ब तुम पर सेक्स का नशा हावी होने लगे तो तुम्हे टूटने से भी बचाओ, और अगर तुम मेरे लिए मचलने लगो तो मैं ऐसा कुछ भी न करों, जिससे तुम्हारे ईगो को ठेस पोहंचे.
तुम्हारा लाइफ में अभी सेक्स के लिए भी कोई जगा नहीं है, तुम्हे उस स्टेज पर कमज़ोर पड़ते देख कर, तुम्हेर बिगड़ती हालत को देख कर भी मई उस टाइम तुम्हारी कोई मदद न करों, यही कहना चाहती हो न तुम...
महक ने मेरी आँखों में देखते हुए hi मेरे माथे से अपने माथे को जोड़ दिया..
महक:- थैंक्स मुझे इतना समझने क लिए, तुम सच में hi बहुत अच्छे हो.. तुम्हारे साथ रह के जीने का मज़े आएगा.. विजय मैं भी एक लड़की hi हो, और इस सबब से नहीं बास चक्ति, फितरत से बग़ावत मुमकिन नहीं रहती.. पारर अभी मेरे अंदर ऐसा कुछ भी नहीं है, हमेशा से hi मई इस सबब से नफरत करती ा रही हों, मेरे मैं में सेक्स रिलेशन्स के लिए अभी कोई जगा नहीं है.. पारर मैं हंसः hi ऐसी तो नहीं रह सकती कभी भी कुछ भी हो सकता है..
तुम आये हो मेरी लाइफ में तो कुछ अलग सा लगने लगा है, पहले तो इतना सबब भी नहीं था मेरी लाइफ में, इतना सबब चेंज हो रहा है, तो आगे भी बहुत कुछ चेंज हो सकता है, पारर कुछ भी मेरी मज़बूरी में नहीं होना चाहिए.. मुझे तुमसे बेहतर खुद के लिए मिल भी नहीं सकता.. अगर कभी मेरी फीलिंग्स तुम्हारे लिए जागने लगीं, तो मैं वो सबब तुम्हारे साथ दिल से करुँगी, पारर सेक्स ड्रग्स के नशे में नहीं.. वो तो सिर्फ वक़्ती तौर पर जाएगी हुई हवस होगी..
और ऐसे लम्हे में कुछ भी अगर मई कर बैठी तो मुझे ऐसा लगेगा क मैंने खुद पार्स कण्ट्रोल खोते हुए सबब कर लिए है... तुम समझ रहे हो ना मेरी बात..
विजय:- हाँ सबब समझ रहा हों, महक ये तुमने सही किया क अपने अंदर के सच को मेरे सामने रख दिया.. सच सामने रखना भी बहुत बड़ी बात है.. तुम्हारा मेरे पास होना मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा है, अब्ब मेरी बहन में हों, तो मुझे ये दुन्या बहुत खूबसरूआत दिखने लगी.. पर मेरे अंदर भी अभी वो फीलिंग्स नहीं जाएगी हाँ, जो लवर्स में होती हाँ, मैं तो ऐसे hi तुम्हे छेड़ने क लिए तुम्हे अपनी बहन में भर लिया था.. पारर फिर बात hi बहुत आगे निकल गई.. तुम भी और मैं भी एक दूसरे के और भी करी आ गए, और हम अब्ब अपने बारे में सबब hi बाते खुल कर कर रहे है...
सबब कुछ hi तो है मेरे पास एक तुम भी मुझे मिल गई तो लाइफ और भी अब्ब मुझे अच्छी और पायरी लगने लगी है.. मैं कुछ भी ऐसा नहीं करूँगा जिससे तुम्हे कभी गिल्ट लगे, या तुम्हे मुझे लेके कभी कोई परेशानी हो.. तुम मेरे पास हर दम्म रहो यही मेरे अंदर से आवाज़ आ रही है, अब्ब तुम मेरे पास किस सूरत में रहती हो ये तो वक़्त hi बताएगा.. अगर कभी हमारी फीलिंग्स जाएगी तो यकीनन वो लम्हा बहुत hi रोमांचिक होगा..
महक:- हाँ वो लम्हा बहुत hi मस्त होगा. जब्ब हम एक दूसरे के लिए कुछ हट के सोचेंगे.. तो अभी हमारी फीलिंग्स नहीं जाएगी हाँ तो मुझे छोड़ दो अब्ब, या अभी से hi उन्ही फीलिंग्स को जगा देना चाहते हो...
विजय:- है है है वैसा आईडिया बुरा भी नहीं है.. कहु तो तरय करो, वैसे भी जितना फासला घाट चूका है, अब्ब रह भी क्या गया है. इसे भी ख़तम कर देते हाँ..
महक एक झटके में मुझसे अलग हो गई, मेरे पैरों को उलझा के मुझे नीचे गिरा दिया, मैं गिरता तो नहीं पारर मैंने महक के गिराने से गिर गया.. महक उछाल कर मेरे ऊपर आ गिरी.. पता नै आस पास कोई आया या नहीं, हमने धयान नहीं दिया..
महक मेरे ऊपर आई और मेरी आँखों में मुस्कुराती हुई देख के बोली..
महक:- तेरे लुंड का तो पता नहीं, पर तेरे अंडे मई ज़रूर फोड़ डोंगी.. ज़यादा शायना बनने की कोशिश भी मैट करना..... (फिरसे हस्ते हुए) वैसे इस सबब में भी एक अलग hi मज़ा है.. ये सबब भी बुरा नहीं है.. पारर मुझे ज़यादा तंग करके मेरे अंदर के ड्रग्स को एक्टिव न कर देना, वर्ण बहुत गड़बड़ हो जायेगी.
महक इतना बोल कर मेरे ऊपर से उठ गई.. मई भी उठ गया.. महक ने हाथ दे आकर मुझे उठने में मदद दी.. महक मेरे साथ बहुत अच्छा टाइम स्पेंड कर रही थी..
कुछ दूर कड़ी हुई गर्ल्स हमें देख रही थी.. उन्हों ने हमें इशारा कर दिए..
थम्ब्स उप का इशारा करते हुए "लगे raho'lage रहो" मस्त लग रहे हो.. कुछ ऐसे hi इशारे थे.. वो हस्ती हुई आगे बढ़ गई थी.
हम दोनों भी हस्ते हुए फिरसे एक दूसरे के हाथ को थामे हुए पार्क से बहार की और चल पड़े..
ये सबब बहुत hi अजीब था.. ऐसा किसी भी फ्रेंडशिप में नहीं देखने को मिलता..
ऐसा सबब हो, GF,BF जैसा भी कुछ न हो, लवर कपल वाला सन भी न हो...
ऐसा सबब ओनली फ्रेंड्स में भी देखने को नहीं मिलता..
मेरी लाइफ से जुड़े हुए सभी कही न कही से अजीब hi थे.. ऐसे hi खुश खुश टाइम बिताते हुए हंसी मज़ाक में हम पार्क से बहार निकल पड़े..
शाम होने वाली थी.. हम गाडी में बैठे दिल्ली के लिए निकल गए... कुछ आगे बढ़ो तो एक औरत सड़क के किनारे एक बच्चे को गॉड में लिए दूसरे हाथ में एक फोटो हाथ में लिए लोगों को रोक रोक कर कुछ पूछ रही थी..
आईडिया hi था क उसके हाथ में फोटो होगी, दूर से सही नज़र तो नहीं आया पारर लोग उस फोटो को देख कर ना में सर्र हिलाते हुए मुझे दिखे थे.
महक:- विजय उस औरत के पास गाड़ी रोकना... मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है..
मई भी समझ गया क औरत बहुत दुखी है, कोई तो प्रॉब्लम होगी उसे.. मैंने गाडी उसके पास ले जा कर रोक दी..
महक गाडी से उत्तरी मैं भी उतर गया..
महक:- दीदी क्या हुआ आप ऐसे क्यों परेशां दिख रही हाँ, और लोगों से क्या पूछ रही हाँ..
औरत ने मुद कर देखा तो उसे देख के मेरा दिल खून के आंसू रोने लगा.. वो कोई औरत नहीं थी, 18 बरस की एक लड़की थी, उसकी हालत देख के लगता था जैसे क वो 35 य्र्र की हो, उसकी गॉड में एक छोटी सी बच्ची थी.. उसका चेहरा न जाने कितने दिनों से नहीं धुला था.. उनकी ऑंखें रो रो कर सूजी हुई थी. जिस बच्ची को उसने गॉड में थामा हुआ था, वो भी ऐसे दिख रही थी जैसे क कई दिनों की भुकी हो..
गाडी में बैठे हुए थे, तो सही से न तो उसकी सूरत दिखी और न hi उसकी आवाज़ सुन्न पाए थे.. अब्ब करीब से उसकी सूरत देखि, फिर जब्ब वो बोली तो उसकी आवाज़ सुन कर मेरे और महक के रोंगटे hi खड़े हो गए.. मेरा दिल किया क कही टक्कर मार कर अपना सर्र hi फोड़ डॉन..
मेरे इलावा भी लोग दर्द की इंतेहा तक्क पोहंच कर जी रहे हाँ..
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