Update..No..64*
MeGa..UpDaTe
Abb..Takk...
आदिगुरु के सब कुछ समझा देने के बाद,
मास्क मन जाकर हायं का हाथ पकड़ के बाएं तरफ लेट गया....!!
आदिगुरु महाराज ने मन्त्रों का उच्चारण करना शुरू कर दिया....
फिर दोनों के पास जाकर दाहिना हाथ हयान के माथे ओर...
तो बयां हाथ मास्क मन के माथे के ऊपर रख दिया....
आदिगुरु के ऐसा करते hi...
एक साथ दो घटनाएं घाटी......??
Abb..Aage...
हुआ ये की आदिगुरु ने मैट्रन के जरिये हयान के शरीर और मास्क मन की आत्मा को,
एक दूसरे में समाहित करने की क्रिया प्रारम्भ की..
आदिगुरु के ऐसा करते hi हयान का तो कुछ न हाउ किन्तु....
मास्क मन की आत्मा दर्द से तिलमिला उठी...
मास्क मन दर्द से Chhat-Patane लगा...
धीरे - धीरे उसकी आत्मा हयान के शरीर में सामने लगी....
और अंत में मास्क मन की आत्मा का अस्तित्व ख़त्म हो गया......
(Note-Mask मन एक आत्मा थी, जिसका अस्तित्व हयान के जन्म के समय हुआ...
किन्तु आदिगुरु इसे राज़ बनाकर रखा....
जैम के समय क्यों नहीं डिटेल्स दिया...??
ऐसा क्यों किया इसका राज़ आगे खुलेगा डिटेल्स में...!!)
दोनों का एक दूसरे में समां जाने के बाद आसमान से एक ब्लैक & विगत एनर्जी रे आकर हयान के शरीर में प्रवेश कर गयी....
और इसी के साथ समय चक्र पुनः शुरू हो गया....
समय चक्र शुरू होते hi हयान को होश आ गया और उठ कर बैठ गया.....
अपने सामने चेयरमैन2 और उसके साथियों को देख कर उसकी आँखें गुस्से से एक डैम लाल हो गयी....
जोरर से दहाड़ते हुए....
हयान - जिस जिस को भी अपनी जान प्यारी है,
यहाँ से चला जाये वर्ण सिर्फ उसकी लाश hi बचेगी...??
(पागल तो नहीं हो गया तू..
यह क्या बोल रहा है...??)
हँसते हुए....
चेयरमैन2 - अब तुझे क्या हुआ ??
वो बचा किधर गया...??
कहाँ छुपा दिया उस बचे को....??
हयान - शायद तुमने मेरी चेतावनी को सही ढंग से नहीं लिया...
इसीलिए हंस रहे हो..
अभी भी वक़्त है चले जाओ सब यहाँ से....
नहीं तो वो आ जायेगा...??
(मैं रेडी हु शिकार के लिए)
हँसते हुए.
चेयरमैन2 - कौन आ जायेगा...??
वो बचा.... नन्हा सा.. प्यारा प्यारा...
चेयरमैन2 की बातें सुन कर उसके सभी साथी जोरर जोरर से हसने लगते है....
हयान - बास बहुत हुआ आ जाओ सभी एक साथ..
शायद इन सब को तुम्हारा hi इंतज़ार है....??
(अब कही तुमने मेरे दिल की बात)
हयान की बातें सुनकर, चेयरमैन2 इधर उधर देखने लगता है...
पर उसे कोई नहीं दिखाई देता है....
"यहाँ हो क्या रहा है..
कही ये नकाब पॉश पागल तो नहीं गया....??
न जाने किस्से बातें कर रहा है...??""
हयान कुछ बोलता उससे पहले hi...
चेयरमैन2 का मोबाइल बजने लगता है....
चेयरमैन2 - है बॉस कहिये...
सब ठीक तो है न...??
दूसरी तरफ से............
दूसरी तरफ की बातें सुन कर चेयरमैन2 गुस्से से तिलमिला उठता है....
मोबाइल को जोरर से जमीन में पटक देता है...
मुस्कुराते हुए....
हयान - क्या हुआ बहरूपिये...??
बॉस की बंद बज गयी क्या...??
चेयरमैन2 - अपनी करनी पर बहुत घमंड है न....
ऐसी मार मरूंगा की तुझे तेरी नानी याद आ जाएगी....!!
गुस्से से चिल्लाते हुए....
हयान - बहुत बड़ी भूल कर दी तूने मेरी नानी की याद दिला कर...
आ जाओ सब के सब एक साथ.....
चिल्लाते हुए....
चेयरमैन2 - भूंज दो इसे गोलियों से....
धयान रहे इसका चेहरा न ख़राब हो...??
हमें वापस जाना है तुरंत.....
चेयरमैन2 का आदेश मिलते hi...
सभी गुंडे एक साथ हयान पर गोलियां दागना शुरू कर डेट है...
चरों तरफ से ताबड़ तोड़ फायरिंग शुरू हो जाती है....
जिस जगह पर हयान खड़ा था धुआं छ जाता है....
धीरे धीरे धुआं छटने लगता है....
पर ये क्या हयान वह पर नहीं था....
चेयरमैन2 - कहा गया वो...
देखो यही कहीं होगा भागने न पाए...
मुझे उसका सर लेकर दो....
बॉस को गिफ्ट में देना है....
""इधर क्या देखते हो..
मैं तो तुम्हारे पीछे खड़ा हु..""
हयान की आवाज़ सुनकर चेयरमैन2 पीछे मुद कर देखने को होता है की तभी....
एक जोरर दर पंच उसके जबड़े में पड़ता है....
काट काट की आवाज़ होती है..
और चेयरमैन2 वहीँ जमीन पर औंधे मुँह गिर्र पड़ता है....
मुँह से खून का फ़व्वार फुट वादा...
दांत टूटकर वहीँ बिखर गए..
चेयरमैन2 की यह हालत देख कर सभी गुंडे हयान की तरफ भागते है...
लेटस स्टार्ट फाइट....
अब कहानी हयान की जुबानी....
10 गुंडे स्पीड से भागते हुए मेरी तरफ आये और जैसे hi मुझे मरने को हुए....
मैंने तेज़्ज़ी से सबको एक एक किक जड़ दी...
जितनी स्पीड से मेरी तरफ आये उससे दुगना तेजी के साथ पीछे अपने साथियों के ऊपर जा गिरे.....
सभी दर्द से कराहने लगे.....
मैंने भी देर न करते हुए उनके ऊपर टूट पड़ा और लात घूंसो की बौछार कर दी....
काट... काट... कड़क... धम्म्म्म...
बस ऐसे hi आवाज़ आती रहीं....
सैलून का मर मर के कचूमर निकलने लगा...
सब की हड्डी पसली तोड़ दी...
अभी मई उनको पीट hi रहा था की तभी मुझ पर किसी में पीछे से वार किया...
मैं उड़ता हुआ दूर जा गिरा.....
चेयरमैन2 - बास बहुत हुआ... चूहा बिल्ली की लड़ाई...
अब तुझे दिखता हु मैं क्या कर सकता हु...
मैं अपनी जगह से खड़ा होते हुए...
तू बोलता ज्यादा है...
करता काम है...
अरे आए न....
चेयरमैन2 मेरी तरफ तेज़ी से भागता हुआ आता है...
और अचानक hi उसका हाथ एक तलवार में बदल जाता है....
मेरे कंधे में कट मरता हुआ आगे निकल जाता है..
फिर अचानक पलट कर मेरे पेअर पर भी कट मार देता है....
मेरे कंधे और जांघ से खून रिसने लगने लगता है...
( दर्द होता है बे..
बच्चों की तरह मार खा रहा है....
अभी तुझे बहुत कुछ सीखना पड़ेगा...)
मैं भी तुरंत पलट कर उसका हाथ पकड़ लेता हु....
जिससे चेयरमैन2 जमीन पर गिर्र पड़ता गई....
मैं उसके दाहिने हाथ को दोनों हाथ से मजबूती से पकड़ लेता हु और अपने पेअर को उसके छाती में रख कर....
तेज़ी से उसके हाथ को मरोड़ देता हु..
चेयरमैन2 की चीख निकल जाती है....
मैं यहाँ नहीं रुकता...
फिर जोरर से झींकते हुए हाथ को धड़ से अलग कर देता हु....
(अब सही hai...Dusra भी उखाड़ बे...)
मैं दूसरा हाथ भी उखाड़ने वाला था की तभी पीछे से फिरर किसी ने मुझ पर वॉर किया....
मैं पीछे मुदा और सबको उठा उठा कर पटकने लगा...
(चुटिया है क्या..??
यह तेरे दुश्मन है, तेरी नानी माँ के क़ातिल... क्या तू इन्हे ऐसे hi छोड़ देगा...??)
मैं - तू चुप रह..
मैंने तुझे पहले hi कहा है,
मैं अहिंसावादी हु..
मैं किसी की जान नहीं ले सकता..
बस उनकी करनी का दंड दे रहा हु....
( हेठे ही ठीक है, तुझे जो भी करना है कर,
अब अगर एक और भी वॉर मुझपर हुआ,
तो मैं अपने आप से बहार हो जाऊंगा....
फिर तू मुझे नहीं रोक पायेगा....??)
मैं भी अब एक डैम होशियारी से खुद को बचते हुए...
सब का काम तमाम करने लगा......
1,2,3,4,5,6,.........एक एक करके सभी मर खा खा कर इधर उधर गिरने लगे....
जितने भी गुंडे थे सभी इस वक़्त जमीन पर लेते दर्द से कराह रहे थे.....
तभी चेयरमैन2 जोरर से चिल्लाया....
बस बहुत जी लिया तू,
अब तुझे मरने से कोई नहीं बचा सकता.....
मैं भी उसकी तरफ देख कर मुस्कुराने लगा....
साला म्युटेंट की औलाद फिर से ठीक हो गया....
इस बार लगता है इसकी गर्दन hi तोड़नी पड़ेगी.....??
इतना बोलने के बाद चेयरमैन2 ने अपनी आखें बंद कर ली...
और अपने दोनों हाथों को आसमान की तरफ उठा दिए....
ऐसा करते hi अचानक वह पर खड़े बिजली के खम्बों से करंट का प्रवाह चेयरमैन2 के शरीर की तरफ होने लगा.....
धीरे धीरे उसके शरीर पूरी तरह से एक प्रकार इलेक्ट्रिक सोर्स बना गया...
फिर अचानक hi उसका शरीर दो भागों में बाँट गया...
मैं तो एकदम शॉक हो गया...
उसकी क़ाबलियत और एनर्जी को देख कर....
तभी मुझ पर दोनों तरफ से आग और इलेक्ट्रिक रेज़ से हमला होने लगे...
मैं भी रेडी था
मैं खुद को उसके हमले से बचने लगा....
पर ज्यादा देर तक खुद को उसके खतरनाक वार से नहीं बचा पाया....
इलेक्ट्रिक रेज़ ने मुझे अपने चपेट में ले लिया.....
मुझे अपने सिकंजे में कस्ती चली गयीं
इस हमले से मेरी बॉडी में आग लग गयी....
मेरे सारे कपडे जलने लगे....
मैं ज्यादा देर तक खुद को रोक नहीं पाया....
मेरा काबू खुद पर छूटने लगा....
और एक तेज़्ज़ धमक हुआ....
और मैं उड़ता हुआ दूर जाकर गिर्र पड़ा....
मेरी ऐसी हालत देख कर चेयरमैन2 और उसके बचे हुए साथी अपनी जीत का जश्न मानाने लगे....
""इतना आसान नहीं है अपनी मौत को हरा देना....""
सब मेरी तरफ अचम्भे से देखने लगे...
मुझे और मेरे रूप को देख कर सब थर्र थर्र कम्पनी लगे...
उनके चेहरे से तो ऐसा लग रहा था की जैसे कोई भूत देख लिया हो...
डर के मरे सबकी पंत गीली हो गयी....
इस वक़्त मैं अपने डेविल रूप में आ गया था...
मेरे बॉडी से आग की लपटे निकल रही थी....
मैं अपनी जगह से गायब होकर सीधा चेयरमैन2 के पास पहुँच गया और उसकी गर्दन को अपने हाथों में जकड लिया....
मैं - मेरे मन करने के बाद भी भी तूने अपनी सीमाओं को को लाँघ दिया....
देख तूने मुझे शैतान बनने पर मज़बूर कर दिया....
""देख मेरी आँखों में तुझे क्या दीखता है....??""
चेयरमैन2 को जबरदस्ती अपनी आँखों पर देखने केलिए मज़बूर करने लगा...
वह दर्द से छटपटाने लगा....
उसकी आँखें मेरी गर्मी को बर्दाश्त न कर सकीय और बाह कर जमीन पर गिर्र पड़ी...
साडी अक्कड़ निक्कल गयी...
आ गया घुटनो पर....
बहुत बोलता था न....
सेल की देखने के मात्रा से hi गोटियां निकल कर बहार आ गयी.
मुझसे रहम की भीख मांगने लगा....
तभी किसी ने फिर पीछे से वार किया...
मैंने पलट कर उसकी तरफ गुस्से से देखा....
वो डर के मरे पीछे जा गिरा....
सभी मेरा रूप देख कर डर के मरे इधर उधर भागने लगे...
चेयरमैन2 को उठाकर जोरर से पटक दिया..
"वो मर्डर जायेगा उसे छोड़ दो...."
"मैं एहि तो चाहता हु.. सबकी मौत ""
"मैं तुम्हें ऐसा नहीं करने दूंगा..""
""तुम मुझे नहीं रोक सकते...""
चेयरमैन2 को दोनों पेअर को पकड़ते हुए दूर कड़ी गाड़ी के बोनट पर फेंक दिया....
और 1 सेक् में hi उसके पास फिर पहुँच गया......
""मैं तुम्हें किसी की जान लेने नहीं दूंगा....
मैं कोई क़ातिल नहीं...""
""पर मुझे मजा तो जाने लेने में Hi आती है...""
चेयरमैन2 अपने जख्मों को भूलकर हैरान और परेशां हो गया...
तुम कौन हो..
एक तरफ तो मरते हो..
फिर दूसरी तरफ बचने की बात करते हो.....??
मैं - मैं सिर्फ तुम्हारे किये की सजा देना चाहता हु...
""और मैं तुम्हारी जान लेना चाहता हु...??""
एक बार फिर उसे उठाकर गाड़ी के गिलास पर पटक दिया....
मैं - थोड़ा रेस्ट तो लो..
उसे सँभालने का मौका तो दो.....
""एक चांस तो दिया यह भागने का....""
एक बार फिर पटक दिया....
""मत मारो उसे.....""
चेयरमैन2 - झल्लाते हुए...
मैं पागल हो जाऊंगा.....
ये दूजा होने की एक्टिंग क्यों कर रहे हो...??
यहाँ ककी फुस्रा नहीं तुम hi अकेले सब कर रहे हो...??
मेरे साथ ये दो तरफ़ा खेल मत खेलो..
खुद hi मरते हो...
खुद hi रहनुमा बनते हो.....??
मैं - ये मैं नहीं कर रहा....
""यह सब तुम्हारी समझ से परे है...
अब तू सस्पेंस में hi मरेगा.....!!
वैसे ये सही कह रहा है...
ये मेरा काम है,
बहुत चाहत थी न तुम्हें मुझसे मिलने की...
लेकिन अफ़सोस मुझे दलहन के लिए अब तेरी आँखें न बची""
चेयरमैन2 - मुझे मौत चाहिए....
मुझे मार डालो...
लेकिन ऐसे मत तड़पाओ.....
मैं - तुम भाग जाओ...
मैं इसे रोकने की कोशिश करता हु...
""जिसमे हो दम मुझे रोक के बताये....""
तभी मैं अपने आप उड़ता हुआ दूर जा गिरा...
फिर एक पल में hi वापस उसके पास पहुँच गया...
और एक जोररदर पंच चेयरमैन2 के फेस पे जड़ दिया....
दुबारा पंच मरने वाला था की मेरा हाथ रुक गया....
फिर एक थप्पड़ जड़ दिया....
चेयरमैन2 मुझसे दूर भागने लगा.....
भागते हुए...
गाड़ियां निकालो..
यह पागल हो गया है...
किसी को नहीं छोड़ेगा....
बचे कूचे गुंडे गाड़ियों की तरफ भागने लगे....
मैं - जाने दो उन्हें,
मैं इन सब को पुलिस के हवाले करूँगा....
"" मौत से भी कोई भाग पाया है आज तक....??
मैं एक एक को पकड़ के उनको मौत के घात उतरने लगा....
चेयरमैन2 को पकड़ के गाडी से बांध दिया....
और सभी घायल गुंडों को उठा कर गाडी में दाल दिया....,,,
मैं - कोई आखिरी िक्षा हो तो कह दो....
क्यूंकि अब चिटा को अग्नि देने वक़्त हो गया है....??
""प्ल्ज़ हमें जलाकर मत मारो..
चाहे तो गोली मर दो...
लेकिन इस तरह तड़पने के लिए मत छोडो....
मैं - ठीक है तुम सब की आखिरी विनती मंजूर की जाती है....
मैंने पास में पड़ी बन्दूक लो उठा लिया....
और सब के पैरों को निशाना बनाकर गोलियां दागने लगा....
गीली मर मर के सभी के पैरों को छलनी कर दिया....
सभी दर्द से चिल्लाते हुए रहम की भीख मांगने लगे....
लेकिन इनकी सुनता भी कौन..??
एक हयान था जो की रहम दिली दिखाकर जेल ले जाने की बात कर रहा था...
लेकिन सभी ने गुस्सा दिला कर उसे hi सगंत करवा दिया...
और उसके रौद्र रूप को जगा दिया....!!
लास्ट में गाड़ी से पेट्रोल निकल कर सब पर छिड़क दिया...
और एक और फायर किया...
गाडी समेत सभी आग की चपेट में आ गए....
और दर्द से तड़प तड़प कर मौत के मिह ओर बढ़ने लगे.....
पूरे वातावरण में चीखें गूंजती रहीं....
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आज के लिए बस इतना hi....
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लाइक्स, कमैंट्स, वोट्स और रिव्यु का रखना ध्यान..... आपका दोस्त हयान..!!