अपडेट - 44
और जैसे hi गोलू भाई के लुंड का सूपड़ा अम्मी के होंठो के बीच aaya.....waise hi एक आवाज ने हम तीनो को हिला डाला.....
ये आवाज आई थी गोलू भाई के दरवाजे से......
"" गोलू ji......darwaja खोलिये गोलू ji...golu जी....""
Main(man में)- मर gaye.....ab मेरी अम्मी का क्या होगा.....??????
अब आगे........
[ खलील की जवानी...........]
दरवाजे पर हुई दस्तक से मैं, मेरी अम्मी और गोलू bhai....hum तीनो hi चौंक गए....
और इस वजह से गोलू भाई का तगड़ा लुंड अम्मी के मुँह में जाने से baal-baal बच गया.....
एक तरफ इस दस्तक को सुन कर मैं और मेरी अम्मी घबरा रहे the...to वही गोलू भाई को ये दस्तक गुस्सा दिला रही थी...
गोलू bhai(joor से)- कौन है बे.....
Saleem(baahar से)- मैं हु saab....aapke खेत का chowkidaar....saleem.....
गोलू भाई- साले इस वक़्त क्यों गांड मारा रहा है....
सलीम- साब वो दयाल बाबू आये hai....bola की आपको खबर कर दू....
गोलू भाई- कौन dayaal...wo मंत्री क्या...
सलीम- है saab....wo कल मेले के मुख्या अतिथि है na....to रात को आपके फार्महाउस में रुक gaye....bole की आपको खबर कर du...bas...
गोलू भाई- ohh...theek hai...tu ja...bol देना की मैं सुबह aauga....baki बातें kal...ab जा.....
सलीम- जी साब....
फिर सलीम चला गया और गोलू भाई ने अम्मी के सर पर हाथ fera....jisse अम्मी उनकी आँखों में देखने लगी...
गोलू भाई- तुम क्यों घबरा गई thi...main हु na....tum सुरु करो....
Ammi(lund देख कर)- मैंने कभी किया नहीं न....
गोलू भाई- फिर वही baat....kosis तो कर na....accha ये dekho...main विडिओ चलता hu...tu dekh-dekh कर करती जाना....
फिर गोलू भाई ने मोबाइल में विडिओ चलाया और अम्मी की तरफ कर दिया....
अम्मी 5 मिनट तक विडिओ देखते हुए गोलू भाई का लुंड हिलती रही और फिर विडिओ बंद करने का बोल दिया....
उसके बाद अम्मी ने अपना चेहरा आगे किया और लुंड की चमड़ी को अपने होंठो में दवा कर चूसने लगी....
अम्मी- uuuummmmmhh..uuummmm...uuuummmm..uummmhhh....uuummmm..uummm...
गोलू भाई- aaahh....ab आया maza....dekha....kitna आसान था.....
अम्मी- uuuummmm..uuummmm...uummmm...uuummm...
गोलू भाई- शाबाश मेरी jaan....saabaash....
अम्मी लुंड की चमड़ी को होंठो दे खींच कर आगे तक ले जाती और फिर छोड़ कर दोवारा होंठो में फसा लेती..,..
इससे थोड़ी hi देर में गोलू भाई का लुंड पूरा अकड़ गया और सूपड़ा चमचमाता हुआ चमड़ी के बाहर निकल आया....
फिर अम्मी ने अपनी जवान को सुपडे के निचले हिस्से पर फिरना चालू kiya....jisse गोलू भाई मचल उठे....
और अम्मी की हरकत dekh-dekh कर मैं भी बुरी तरह से मचल उठा....
वह अम्मी बड़े प्यार से अपनी जवान से सुपाड़ी को चाट रही thi...aur गोलू भाई अम्मी का सर सहलाते हुए उन्हें शाबाशी दे रहे थे...
गोलू भाई की शाबाशी का असर प् कर अम्मी को जोश आ गया और उन्होंने थोड़ा आगे आ कर अपनी जवान को सुपाड़ी के चरों तरफ घूमना सुरु कर दिया....
अब तो अम्मी एक माझी हुई रंडी को भी लुंड चाटने में मात देने लगी थी....
अम्मी की जवान का जादू गोलू भाई के चेहरे पर साफ़ झलक रहा था....
गोलू भाई आँखे बंद किये हुए मज़े से अपना सूपड़ा चटवा रहे थे और अम्मी किसी तजुर्बेकार खिड़ाली की तरग अपनी जवान से सुपडे को सराबोर कर रही थी....
कुछ देर तक सुपाड़ी को अच्छी तरह चाटने के बाद अम्मी ने अपनी जवान को जल्दी- जल्दी से सुपडे पर टकराना चालु कर दिया...
अम्मी की इस हरकत से गोलू भाई की सिसकी निकल गई और वो फिर से अम्मी का सर सहलाने लगे.....
ये सब dekh-dekh कर मेरे दिमाग में भरा गुस्सा हवस में तब्दील होने लगा और मैं भी अपने लुंड को जोर से मसलने लगा.....
वह अम्मी ने थोड़ी देर तक अपनी जवान का जादू लुंड के सुपडे पर चलाया और फिर अचानक से सुपडे को मुँह में दवा का चूसने लगी....
गोलू भाई- aaahh....rafat....tu to....uuumm...
अम्मी- uuuummmmm...uuuuummmmm...uuuummmmm...uuuummmmm....
गोलू भाई- ohhhh....kitna बढ़िया कर रही hai.....aaah....karti रह मेरी jaan....aise hi....
अम्मी- uuuummmm....uuuummm...uuummmm...uuummmmm....uuummmmm....
अम्मी इतनी जोर से सुपडे को चूसे रही थी की उनकी चुसाई की आवाज़ मैं भी saaf-saaf सुन रहा था.....
मैं तो अम्मी का जोश देख कर हैरान tha....par मैंने सोचा की सायद चमड़ी के अंदर का सूपड़ा पहली बार मुँह में ले कर अम्मी को ज्यादा hi मज़ा आ रहा है...
वह अम्मी ने सुपडे को choos-choos कर अपने ठोक से tar-batar कर दिया tha.....aur गोलू भाई का लुंड अपनी पूरी ायकाट पर आ गया था.....
गोलू भाई- बस मेरी jaan...ab बस kar...thoda मज़ा तू भी ले ले....
ये बोल कर गोलू भाई ने झुक कर अपना हाथ अम्मी की छूट पर रख दिया.....
और छूट पर हाथ आते hi अम्मी फर्श पर पसर कर बैठ गई और सर उठा कर सिसक उठी....
गोलू भाई जानते थे की अम्मी पूरी तरह गरम हो चुकी hai....isliye उन्होंने अम्मी की छूट को मसलना सुरु कर दिया....
वही अम्मी भी मस्ती में गोलू भाई का लुंड हाथ से हिलाते हुए सिसकने लगी...
अम्मी- uuummm....ye क्या कर दिया aapne....main तो ..aahh....main कैसे....
गोलू भाई- यहॉ तो मज़ा है जवानी ka....khul कर मज़ा karo....uumm..teri छूट की प्यास अभी बाकि है....
अम्मी- aaahhh..haa...hai...bahit hai...meri choot...aahh....main...golu ji....ye आपका to...uuummm...
गोलू भाई- क्या मेरी jaan....ye लुंड चाहोये क्या....
अम्मी- nhi....aaahh...haa...par main...ohhh....main...aaahhh...aaaiii.....aaahh....aaahh..
और गोलू भाई ने एक बार फिर से अपने हाथ से रगड़ कर अम्मी की छूट को झाड़ा diya....aur झड़ने के बाद अम्मी बीएड से टिक कर हाफने लगी....
गोलू भाई- आओ rafat....thoda आराम कर lo....chalo बिस्तर पर....
अम्मी- aahh...bas कीजिये गोलू ji...ab मुझे जाने दीजिये....
गोलू भाई- हमारी बात तो 1 घंटे की हुई थी na.....to अब utho....thoda मज़ा और करने दो.....
ये बोल कर गोलू भाई ने अम्मी को बिस्टेर पर लिटा दिया और khade-khade कुछ सोचने लगे....
वह अम्मी मस्ती में अपनी आँखे बंद किये हुए lami-lambi सासे ले रही thi...aur मैं ये जान्ने को बेताब हो रहा था की अब गोलू भाई के शातिर दिमाग में कौन सी शैतानी पैदा हो रही है.....
फॉर मैंने जो देखा उसे देख कर तो गुस्से से मेरी आँखे जल उठी....
मैंने देखा की गोलू भाई बिस्तर पर लेती हुई अम्मी के सर के दोनों तरफ घुटने टिका कर बैठ गए...
जिससे उनका तगड़ा लुंड और गोते अम्मी के चेहरे पर झूलने लगे the...aur ये देख कर अम्मी भी चौंक गई....
अम्मी- गोलू ji...ye kya....hatiye यहाँ से....
गोलू भाई- ssshhh....ye एक घंटा मेरा है rafat.....yaad है न...
अम्मी- है याद hai....par इसका मतलब ये तो नहीं की आप मेरे मुँह पर बैठे....
गोलू भाई- अरे नहीं मेरी jaan....main तेरे मुँह पर क्यों बैठने लगा...
असल me....main तो तेरे ये दोनों दूधो को देख कर पागल हो गया hu....bas इनका थोड़ा सा मज़ा अपने लुंड को देना चाहता हु....
अम्मी- पर kyo...aur ऐसे- कैसे.....
गोलू भाई- तुम बस देखती jao...isme बहुत मज़ा आने वाला hai....aur तुम्हे तो ज्यादा hi aayga....dekhna....
और ये बोल कर गोलू भाई आगे हुए और एक हाथ से अम्मी की छूट सहलाने lage....jisse गोलू भाई की गांड बिलकुल अम्मी के होंठो पर आ चुकी थी...
अम्मी- aahh..golu ji....thoda ऊपर उठो na...mera मुँह नीचे फास गया....
गोलू भाई- अरे फसा नहीं hai...tumhare मुँह को भी चखने के लिए कुछ मिल गया hai...tum भी चखो...
Ammi(gusse से)- ये क्या बोल रहे hai....main क्या ise(gaand) chakhu.....chhee...aap सोच भी कैसे सकते है...
गोलू है- अरे मेरी jaan...ye मैं hi नहीं sochta...balki हर मर्द सोचता hai.....sabhi मर्द चाहते है की अविरत अपनी जवान से उनके जिश्म को chaate...tujhe यकीन नहीं तो ये dekh.....fir बोलना...
ये बोल कर गोलू भाई थोड़ा पीछे हुए और फिर से मोबाइल में एक विडिओ चला कर अम्मी को दिखने लगे....
Ammi(vedio देख कर)- है al**h....aisi भी एयरटेन होती hai....puri रंडी है ये तो...
गोलू bhai(muskura कर)- सही kaha....par सच ये है की हर मर्द बिस्तर पर ायरत को रंडी की तरह देखना hi पसंद करता hai.....isme मर्द और ायरत दोनों को मज़ा आता है....
अम्मी- accha...par इसमें क्या maza.....ye तो गंधा है....
गोलू भाई- रफत begum.....sex में कुछ भी गंधा नहीं होता hai.....yakeen न हो तो तुम कर के देखो....
अम्मी- nhi...main nhi...main कैसे....
गोलू भाई- are...accha तुम कर के dekho...pasand न आये तो मन कर dena.....theek....par बिना किये तो गलत मत bolo...hmm...chalo कर के देखो....
और इससे पहले अम्मी कोई जवाब दे pati....golu भाई ने बापिस अपनी गांड अम्मी के होंठो पर खोल दी और आगे झुक कर अम्मी की छूट सहलाने लगे...
Main(man में)- ये kya....ammi ये भी मान gai......kya हो गया अम्मी ko...inhe अब अच्छे और बुरे का भी ख्याल नहीं raha....chheee....gaand chategi...nhi ammi..aisa मत करो....
पर मेरी सोच अम्मी तक कहा से jati....aur फिर गोलू भाई ने अम्मी की छूट masal-masal कर उन्हें फिर से गरम कर दिया था....
तो अम्मी भी गरम हो कर हलके से अपने होठो को गोलू भाई की गांड पर लगाने लगी....
गोलू bhai(muskura कर)- रफत begum..thoda जवान को कास्ट do...nikaalo उसे और chaato....fir मज़ा आएगा....
अम्मी- क्या maza...badbu सी आ रही....
गोलू है- बदबू तो छूट से भी आती और लुंड से bhi...par उसे तो सब मिह में bhar-bhar कर चूसते hai.....hai की नहीं.....
अम्मी- है par....ye अजीब है....
गोलू भाई- जब मर्द ायरत की गांड चाट सकता है तो ायरत मर्द की क्यों nhi...maze पर तो दोनों का हक़ है न....
ये बोलते हुए गोलू भाई ने अपने घुटनो को साइड में failaya..jisse उनकी गांड के फाके फ़ैल गए और उसका छेद अम्मॉ के होठो पर आ गया.....
वह गोलू भाई ने आगे झुक कर अम्मी की छूट का दाना पकड़ा और halke-halke मसलने lage.....jisse अम्मी और ज्यादा मचल उठी...
अम्मी- aaahhhh....golu जी...
गोलू भाई- अब तुम किस इंतज़ार में ho....maza लो और मज़ा do....chalo जल्दी karo....waqt काम है हमारे पास....
गोलू भाई ने अपनी बात पूरी की और हलके से अपनी गांड दवा कर अम्मी के मुँह पर चिपका दी....
अब अम्मी का मुँह गोलू भाई की गांड के नीचे दवा था और गांड का छेद उनके होंठो के करीब....
गोलू भाई - रफत begum......ab शर्माओ mat.....karo to....tumje पसंद आएगा....
गोलू भाई की बात के जवाब में अम्मी ने अपने होंठ खोले और जवान को गांड के चीड़ पर फिर दिया.....
जिससे गोलू भाई मचल उठे और तब मुझे समझ आया की अम्मी ने गांड चाटना भी सुरु कर दिया....
Main(man में)- ये अम्मी को हो क्या गया hai...ye तो गोलू भाई की हर बात मान रही hai....chee ammi.....kitni गाँधी हो तुम.....
पर अम्मी को मेरी सोच से क्या फर्क पड़ने वाला tha...wo तो मस्ती में आ कर अपनी जवान से गोलू भाई की गाड़ चाटने में लग गई.....
और यहाँ गोलू भाई मुस्कुराते हुए अम्मी की छूट के मज़े लेने लगे....
थोड़ी देर बाद hi अम्मी का जिश्म फिर से अकड़ने लगा और देखते hi देखते वो पास्ट पद गई....
मैं समझ गया की अम्मी एक बार फिर से झाड़ गई thi....par अभी भी गोलू भाई उनके ऊपर hi थे....
फिर गोलू भाई ने वो किया जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी...
गोलू भाई उठ कर अम्मी के मुँह पर hi बैठ गए और गांड को अप्पनइ के मुँह में घुसा दिया...
और अम्मी के दूध दावते हुए उनसे गांड चटवाने जारी रखा....
अम्मी को इससे तकलीफ तो hui...par जल्द hi वो गोलू भाई की बात मान गई और गांड को हाथो से सहलाते हुए अपनी जवान गांड के छेद पर फिरने लगी....
थोड़ी देर तक गोलू भाई ने अम्मी के दूधो को मसला और फिर आगे झुक कर अपनी एक ऊँगली को अम्मी की छूट में घुसा diya...jisse अम्मी मचल उठी....
अम्मी- aaahhhh..golu ji...mat करिये न...
गोलू भाई- अरे yaar....ugli hi तो dali...lund nhi.....tu मजा कर....
फिर गोलू भाई ने बड़े प्यार से अम्मी की छूट को ऊँगली से छोड़ना सुरु कर दिया और अम्मी भी मस्ती में आ कर अपने हाथो से गोलू भाई को सहलाते हुए उनकी जाँघे और गांड चाटने लगी....
अम्मी- uuummmm...aahh..golu ji....thoda dheere....aah...uuummm...
गोलू भाई- रफत begum...dheere में क्या maza...jo जोर से करने में है....
अम्मी- uuummhh....haa....fir bhi...aahhh...aaraam से.....
थोड़ी देर तक गोलू भाई ने अम्मी की छूट में ऊँगली ki...aur फिर एक ऊँगली अम्मी की गांड में दाल di....jisse अम्मी जोर से सिसक उठी....
अम्मी- aaaaahhhhhhh....nhi....waha nhi....aahh..waha नहीं....
गोलू भाई- अरे करने दो मेरी jaan....bahut मज़ा aayga....dekho तुम...
और गोलू भाई ने अम्मी के दोनों छेड़ो में उँगलियाँ andar-bahar करना सुरु कर diya.....aur अम्मी मस्ती में सिसकने लगी....
अम्मी- aaahhh...golu ji...aapne to...uuummm....kyo....aaahh...
गोलू भाई- क्योकि मुझे तुम्हारे जिश्म की फ़िक्र hai....main इसे पूरा मज़ा देना चाहता हु....
अम्मी- uuummm...to दो na..par वह kyo...wo गंधा है....
गोलू भाई- कुछ गंधा nhi....wo तो सबसे ज्यादा मज़ा देता hai..ekdam कैसा हुआ ched.....lund भी खुस हो जाता है...
अम्मी- aahhhh....nhi...wo kaise....ungli में hi दर्द होता hai....nhi-nhi...
गोलू भाई- छूट भी लुंड खाने के पहले ऊँगली में तड़पती hai...par फिर तो लुंड भी छोटा लगता hai.....wahi इसका भी hai....ek बार लुंड खाने तो दो.....
अम्मी- nhi...kabhi nhi...uuummm...khaleel के अब्बू कभी नहीं करेंगे....
गोलू भाई- जनता hu.....wo नहीं karega....par ये hoga...bas मज़े करो....
और गोलू भाई ने joor-joor से ऊँगली करना सुरु कर diya...jisse अम्मी फिर से गरम हो गई.....
और अम्मी ने मस्ती में गोलू भाई का लुंड गुप्प से मुँह में भर liya.....aur लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.....
अम्मी- uuuummmmm...uuummm..uuummm..uuummm..uuummm...
गोलू भाई- aah...wah रफत begum....kya मज़ा दे रही ho....uuummm..chooso मेरी jaan....acche से चूसो....
अम्मी की हवस देख कर मैं दांग tha...kyoki मुझे नहीं लगता था की अम्मी ने कभी लुंड भी चूसा होगा....
पर यहाँ तो गोलू भाई का लुंड वो ऐसे चूस रही thi...jaise की बरसो का तजुर्बा हो....
यहाँ अम्मी लुंड चूसने में लगी थी और वह गोलू भाई अम्मी के दोनों छेड़ो में ऊँगली करते हुए झुक कर छूट का दाना चाटने लगे.....
थोड़ी देर तह छूट का दाना चाटने के बाद गोलू भाई ने जैसे hi दाना मुँह में दवा कर चूड़ा तो अम्मी का पूरा जिश्म थरथराने laga....aur कुछ देर बाद hi अम्मी एक बार फिर से अकड़ने लगी....
अम्मी के मुँह से लुंड निकल गया और वो जोर से सिसकते हुए झटपटाने लगी.....
अम्मी- aahhhhhh....golu jiii....aaaaahhhhh.......aah...aahh...
और कुछ hi लम्हो में अम्मी एक बार फिर से झाड़ कर पास्ट पद gai....par गोलू भाई का अभी बाकि था...
तो गोलू भाई अम्मी से अलग हुए और फिर अम्मी के सीने पर आ कर अपना लुंड अम्मी के दूधो के बीच फसा लिया और छूट की तरह छोड़ने लगे.....
ये देख कर अम्मी के चेहरे पर भी मुस्कान खिल गई और वो भी मुँह खोल कर aate-jaate लुंड के सुपडे को चूमने लगी.....
फिर गोलू भाई में 5-6 मिनट तक अम्मी के दूधों को छोड़ा और एक जोरदार पिचकारी मार कर पूरा लुन्द्रास अम्मी के मुँह पर दाल दिया....
अम्मी- uuumm...ye क्या kiya.....muh पर क्यों....
गोलू भाई- ये तो ायरत के लिए खास दवा hai...ise पिने से ायरत की जवानी बाद जाती hai...tum भी पि जाओ...
अम्मी- chhee.....main नहीं पिने वाली....
गु भाई- कोई बात nhi...main फिर नहीं boluga....tum बाथरूम में जा कर अपने जिश्म को साफ़ कर lo...hmm..
फिर अम्मी उठ कर बाथरूम गई और सफाई कर के आ गई....
अम्मी- अब मैं जा सकती हु न...
गोलू भाई- hmm..aaj के लिए इतना hi..,.kapde पहन लो....
Main(man में)- ये kya....ammi तो ऐसे इज़ाज़त मांग रही है जैसे की गोलूभाई की रंडी hu....haat....ye अम्मी तो सच में बर्बाद हो गई....
वह अम्मी ने अपने कपडे पहने और बहार जाने लगी....
गोलू भाई- rafat...thoda रुको....
अम्मी- जी...
गोलू bhai(paas जा कर)- तुम सुक्रिया बोलने आई थी न...
Ammi(najren झुका कर)- जी है....
इतना सुन कर गोलू भाई ने अम्मी का चेहरा उठाया और उनके होंठ चूमने lage....aur अम्मी भी बिना देरी किये उनका साथ देने लगे....
गोलू bhai(kiss कर के)- कबूल है.....
Ammi(muskura कर)- अब मैं चालू....
गोलू भाई- hmm..par एक बात सुनो...
अम्मी- जी कहिये...
फिर गोलू भाई ने अम्मी के कान में कुछ कहा जिससे अम्मी बुरी तरह चौंक gai....par मैं वो बात नहीं सुन पाया....
अम्मी- आप भी na....ye नहीं हो सकता...
गोलू भाई- हो सके तो कोसिस karna...ab jao...kal का नास्ता साथ karege....tumhare घर me..hmm...
Ammi(sharma कर)- ji....chalti हु...
और फिर अम्मी गेट खोल कर निकल गई और गोलू भाई गेट बंद कर के बाथरूम में घुस गए....
और इससे पहले की अम्मी घर में aati....main भी अपने कमरे में चला gaya...aur गेट से छिप कर अम्मी को देखने लगा...
फिर अम्मी धीरे से घर में दाखिल हुई और दरवाजा लगा कर अपने कमरे में चली gai....aur मैं अपने बिस्टेर पर पसर गया.....
Main(man में)- मेरी अम्मी तो कुछ hi दिन में बहुत आगे निकल gai....wonkaam तक करने lagi...jo मैं सपने में भी नहीं सोचता था....
अब मैं क्या karu...kya अब्बू को bolu...nhi-nhi...abbu तो अम्मी की जिंदगी जहन्नुम बना dege...unhe तलाक hi दे देंगे.....
तो क्या अम्मी से बात karu.....are nhi...meri अम्मी को अगर ये पता चला की मैं उनके बारे में जनता hu....tab तो वो खुदखुशी hi जार legi....nhi-nhi....main अम्मी से नहीं बी सकता.....
अरे haa...main अप्पी से बात करता hu...wo अम्मी को समझा सकती hai....par उनको आने में तो वक़्त hai....tab तक kya....kya ये सब ऐसे hi चलने दू....
वैसे अम्मी की मस्ती देख कर मुझे मज़ा तो बहुत आता hai....aur अभी तक अम्मी ने लुंड तो लिया भी नहीं....
तो अप्पी के आने तक देखते hai....thoda मज़ा hi ले le....fir अप्पी उन्हें समझा legi...hmm..yahi ठीक है...
पर एक बात समझ नहीं aai...golu भाई ने अम्मी के कान में ऐसा क्या बोलै की वो चौंक gai..aur फिर शर्मा कर मुस्कुरा भी रही थी....
Hmm..kuch तो ऐसा है जो गोलू भाई अम्मी से करना चाहते hai.....aur सायद उस बारे में अम्मी ने आज तक सोचा भी नहीं...
पर उनकी मुस्कान देख कर लग रहा था की उन्हें वो सुन कर अच्छा laga....matlab वो करना चाहती hai...aur सायद कल नास्ते पर करेगी...
Hmm..dekhte है कल नास्ते पर अम्मी क्या धमाका करती है......
और यही सब sochte-doche मैं कब सो gaya....iska पता भी नहीं चला.......
सुबह मेरी नीड कुछ देर से khuli...aur आँख खोलते hi मुझे अम्मी का चेहरा दिखाई diya....jo मुझे जगाने आई थी....
इस वक़्त अम्मी का चेहरा इतना मासूम दिख रहा tha...jaise की वो दुनिया की सबसे सरीफ ायरत हो...
पर उनकी मासूमियत के भीतर छिपी रंडी को मैं अच्छे से देख चूका tha....aur इस वक़्त भी अम्मी को देख कर मैं रात की वारदात को याद करने लगा था....
Ammi(sir सहला कर)- उठ जा beta....kitna soyga...chal जल्दी से फ्रेश हो ja....golu जी आये hai...wo तेरा नास्ते के लिए इंतज़ार कर रहे hai...jaldi आ ja...hmm..
मैं- अब्बू नहीं है क्या....
अम्मी- नहीं beta...wo कुछ देर पहले hi निकल gaye....kuch काम आ गया tha....isliye तो बोल रही hu...golu जी अकेले नास्ता करेंगे kya....tu जल्दी तैयार हो जार आ जा....
मैं- जी ammi....aata hu...aap तब तक गोलू भाई का ख्याल रखे....
Ammi(muskura कर)- hmm...main देखती hu....tu आ जा....
ये बोल कर अम्मी लिवास में कासी अपनी गांड मटकते हुए बाहर चली गई...
Main(man में)- आज अम्मी की गांड कुछ अलग लग रही hai.....kya ये कल रात की वजह से hai....hmm..ho सकता hai.....khair...ab फ्रेश हो जाता hu....fir देखते है की आज गोलू भाई अम्मी के साथ क्या करने वाले है.....
खैर मैं फ्रेश हो कर बाथरूम से निकला hi था की मुझे हॉल से अम्मी की तेज आवाज aai....aisa लगा की जैसे वो दर्द से कराह उठी हो....
मैंने तुरंत दरवाजे के पीछे छिप कर देखा तो सामने का नजारा देखते hi मुझे गुस्सा आने लगा....
क्योकि सामने गोलू भाई कुर्सी पर अम्मी को अपनी गॉड में बइठले हुए the....aur दोनों हाथो से अम्मी के bade-bade दूध मसल रहे थे....
अम्मी- aaahh..chhodiye na....aap तो सुबह से hi...uuumm....khaleel जाग चूका है...
गोलू भाई- तो किसने कहा था उसे jagane....tumhi ाआधे में उसे जगाने चली गई थी....
अम्मी- तो क्या karti...mujhe दर था की कही वो जाग न गया ho....aahhh...aur आप भी न....15 मिनट से बस मसले जा रहे hai....uumm..rahne दो न....
गोलू भाई- क्या करू rafat....aaj तू बहुत मस्त लग रही hai....dil कर रहा है की बस तेरे जिश्म को मसलता राहु....
अम्मी- इसीलिए मैं मन कर रही thi....aahhh...mujhe पता tha....sirf लिवास पहनुंगी तो मेरे जिश्म का हर हिंसा बड़ा hi dikhega...par aap...uumm..pura नंगा करवा diya....aahhh..mujhe कुछ चुभ रहा है...
गोलू भाई- ये तो तेरे जिश्म की गर्मी से मेरा लुंड जाग रहा है मेरी जान.....
अम्मी- तो मैं क्या karu..aapki galti....kyo मुझे कपडे निकलने को bola...sirf लिवास में raho..huh...mere सौहार को पता चला की मैं भीतर से पूरी नंगी हु तो...
गोलू भाई- अरे उस बेवक़ूफ़ को क्या पता chalega....kabhi तुम्हे ठीक से देखता होता तो तुरंत पता लग jata....par वो तो नास्ता कर के निकल gaya....ab बस हम hai...jo सब जानते है और परवाह भी करते है...
अम्मी- uummm....bas karo..khaleel आ जायगा....
गोलू भाई- अभी नहीं आने wala.....tum यहाँ आओ.....
और गोलू भाई ने अम्मी को दवा कर फराह पर बैठा दिया....
अम्मी- nhi....aap पागल हो गए hai....khaleel आने वाला hai....main तो जीते जी मर जोगी...
गोलू भाई- अरे कुछ नहीं hoga...dekho तो कैसे तड़प रहा है...
ये बोल कर गोलू भाई ने पेण्ट से अपना लुंड निकाल diya...aur उसे देखते hi अम्मी की आँखे बड़ी होने लगी....
Main(man में)- क्या अम्मी अभी लुंड choosegi..ye जानते हुए की उनका बीटा आने hi वाला है...
गोलू भाई- अब जल्दी से चूस लो न...
अम्मी- nhi....abhi nhi....khaleel को नास्ता करने do...fir उसे बहार भेज doogi..tab...
गोलू भाई- तब तक मैं इंतज़ार नहीं कर sakta...aur न hi ye....dekho to...kaisa बेताब हो रहा है तुम्हारे होंठो के liye....kuch तरस खाओ इस पर....
गोलू भाई की बात पर अम्मी हलके से मुस्कुरा di...aur फिर मेरे कमरे की तरफ देखने लगी...
अम्मी- पर खलील....
गोलू भाई- तुम उसकी फ़िक्र मत karo....use मैं संभल लूँगा.....
अम्मी- पर उसे पता....
गोलू bhai(beech में)- नहीं chalega...bas मेरी बात मानो....
फिर मुझे अम्मी की कोई आवाज नहीं aai....to मैं कुछ देर रुका raha....aur फिर भी कुछ नहीं सुनाई दिया तो मैं हाल में आ गया......
जहा गोलू भाई खाने की टेबल पर मज़े से बैठे हुए चाय की चुस्किया मार रहे the....to मैं भी जा कर उनके सामने बैठ गया.....
मैं- कैसे है आप...
गोलू भाई- uummhh...mast....chalo नास्ता कर लो....
मैं- ji....wo अम्मी कहा hai...ammi....
गोलू भाई- अरे वो घर में नहीं hai....bahar गई है....
मैं- bahar....kyo...
मैं- पता nhi.....kuch काम hoga...bol कर गई की तुम नास्ता कर lena....wo सायद लेट हो जाए...
मैं- ठीक hai.....(man में)- अब ये अम्मी कहा gai.....abhi-abhi तो यही thi....saayad गोलू भाई से बचने के लिए निकल गई होगी...
पर मुझे क्या पता था की मेरी अम्मी इस वक़्त टेबल के नीचे बैठी हुई गोलू भाई के लुंड को अपने होंठो की गर्मी दे रही थी...
मैं- uumm...ye पोहा तो बहुत मज़ेदार बना hai...aapne चखा...
गोलू भाई- haa....bahut स्वादिस्ट hai...maine थोड़ा चखा tha...wo क्या है की आज ज्यादा खाने का मन नहीं हुआ...
मैं- hmm...waise गोलू bhai....mela कैसा लगता hai...aapne तो देखा होगा न...
गोलू भाई- ha....bahut saandaar....ab देर मत karo.....andar लो...
Main(chounk कर)- क्या...
गोलू भाई- अरे तुम पोहा ले रहे थे na....to पूरा ले lo....aur नास्ता करने में देर नहीं करनी चाहिए...
मैं गोलू भाई की बात पर मुस्कुरा रहा tha....par असल में उन्होंने वो आदेश अम्मी को दिया tha...jise सुन कर अम्मी ने अपना मुँह खोला और लुंड को मुँह में भर कर चूसने लगी....
तभी मुझे बीच में chaap-chhap की आवाज aai...to मैं रुक gaya...par तभी गोलू भाई ने चाय मुँह में भर कर ाःह करके आवाज निकली और मेरा ध्यान भटका दिया....
मैं- आप इ कुछ suna...kuch chaap-chhap सा....
गोलू भाई- haa...wo तुम पोहा खा रहे हो na...to वही आवाज आई hogi....koi nhi....sabki आती hai...tum जल्दी khao...thanda न हो जाए...
फिर मैं जल्दी से पोहा खाने लगा और वह अम्मी मज़े से लुंड चीसने लगी...
थोड़ी देर बाद मैंने पोहा ख़त्म किया और बाथरूम में हाथ धोने निकल gaya....aur जब बापिस आया तो मैंने अम्मी को हॉल में खड़ा पाया....
मैं- ammi....aap कहा गई थी...
अम्मी- wo...wo रुबीना चची के ghar....thoda काम था...
मैं- ohh..are ammi...ye आपके लिवास पर क्या hai....ye सफ़ेद - safed....malaai जैसा....
Ammi(ghabra कर)- kaha......ye...ohh...ye to...ye मलाई hi है बीटा....
मैं- ohh....to आप मलाई खा कर आई hai...aur कपड़ों को भी खिला di...haha...
Ammi(golu भाई को घूर कर)- क्या करू beta....kuch लोग जबरन खिला देते hai....to फिर यही होता है...
मैं- hmm..agli बार से ख्याल कीजियेगा ...
अम्मी- जरूर बीटा....
हम बातें hi कर रहे थे की तभी अब्बू घर आ gaye...wo थोड़ा परेशान से थे....
अम्मी- अरे आप आ gaye....par...aap परेशान से क्यों है...
अम्मी- क्या बताऊ begum....mujhe अभी के अभी सहर जाना hoga....waha मदरसे के काम में कुछ परेशानी आई hai....agar उसे दूर नहीं किया तो पैसे नहीं मिलेंगे....
अम्मी- आज hi जाना है...
अब्बू- है begum....aur सायद कल भी वही निकल jaaye...kuch कह नहीं सकते....
मैं- तो फिर हमारा mela....hum कैसे जायगे अब्बू ...
अब्बू- अरे उसकी फ़िक्र मत karo...maine इंतज़ाम कर लिया hai...tum दोनों जरूर जाओगे....
अम्मी- पर आपके बिना kaise...akele तो...
Abbu(beech में)- अरे अकेले kaha...tum दोनों गोलू भाई के साथ जा रहे ho....aur ये तो घर के hi hai...inke साथ क्या paresaani...haa...
अम्मी- paresaani....aapko तो नहीं होगी कोई परेशानी...
अब्बू- अरे बिलकुल nhi...golu भाई साथ है तो क्या paresaani...tum दोनों तयारी karo...maze karna....main सहर निकलता hu...waise गोलू ji...sukriya.....aap इनके साथ रहेंगे तो मैं भी बेफिक्र rahuga...aur ये दोनों मज़े भी कर lege.....accha begum....mera बेग लगा दो...2 दिन रुकना पड़े sayad....aata हु गोलू जी...
Main(man में)- abbu....ye क्या किया aapne.....aapki परेशानी दूर नहीं hui...balki आपकी परेशानी सायद बढ़ने वाली है......
पता नहीं मेले में मेरी अम्मी का क्या hoga.....dekhte hai...golu भाई हमे कैसा मेला घूमते hai...khas कर मेरी अम्मी ko......pata नहीं वह क्या होगा....????
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी....
थैंक्स फ्रेंड्स....
कीप रीडिंग.......