अपडेट – 155
अघोरी अपनी गुफा के आखरी कोने में बैठा अपनी साधना में लीं था. वो जब से जीन बादशाह से मिल के आया था वापस आ कर अपनी तपस्या में hi लीं हो गया था क्यों की उस के बस में hi नहीं था के वो स्वर्ण मणि के लिए जा सके. वो अपनी शक्तियों को बढ़ाने में hi लगा हुआ था. जिसमे वो काफी हद तक सफल हुआ था. तभी वह अघोरी का गुरु आता है.
गढ़ - अघोरी उठो
अघोरी हाथ जोड़ कर आँखे खोल देता है– कैसे आना हुआ गुरुदेव?
गढ़ – तुम तो यहाँ अपनी साधना में हो बहार पता है क्या हो रहा है या बस यही करते रहने का इरादा है ?
अघोरी – अरे हुआ क्या? क्यों इतना परेशां हो रहे है आप?
गढ़ – वो लोग स्वर्ण मणि लेने के लिए जा चुके है और अब तक तो उनके विफल होने के कोई संकेत नहीं मिले इसका मतलब वो निरंतर आगे बढ़ रहे है और जितना समय उन्हें गए हुए हो गया है उस हिसाब से वो तो काफी आगे बढ़ चुके होंगे.
अघोरी – बस इतनी सी बात ये तो मुझे भी पता है. के रूद्र और नीलम जा चुके है स्वर्ण मणि के लिए और उनके साथ कोई अदृश्य ताक़त भी है जो के मुझे नजर नहीं आ रही है.
गढ़ – मुर्ख वो कोई अदृश्य ताक़त नहीं है जनता है वो कौन है?
अघोरी - अरे होगी कोई ताक़त. मेरी झांट भी नहीं उखड सकती वो.
गढ़ – तुम सच में महा मुर्ख hi हो. अरे झांट क्या उसने तो तेरी गांड मार hi ली थी जब तूने रूद्र पे हमला किया था. भूल गया कैसे तुझे धुल छठा दी थी उसने और रूद्र hi नहीं उस साली नीलम को भी वो ले गया. तुझे जानने का मन नहीं हुआ के ऐसी कौन सी ताक़त है?
अघोरी – वही जानने के लिए मए साधना में बैठा था. क्यों के उसकी गांड तो अब मए मरुँगा hi. वो मुझे नहीं जनता.
गढ़ –वो भी तुझे जनता है और तू भी उसे जनता है. वार्ना वो तुम पर अदृश्य हो कर हमला नहीं करता उस वक़्त.
गढ़ – पर गुरु देव आप इतना बौखला क्यों रहे है रूद्र को स्वर्ण मणि कभी नहीं मिल सकती क्यों की वो तो त्रिकाल की सुरक्षा में है और त्रिकाल ने वह का तिलिस्म देव और पूनम के नाम से बंधा है. वही देव और पूनम जिन्हे मए मर चूका हु. उस तक रूद्र पहुंच भी जाये तो भी स्वर्ण मणि हासिल नहीं कर पायेगा. चाहे उसके साथ कोई भी ताक़त क्यों न हो . देखना वो त्रिकाल के पैर छू कर वापस आ जायेगे अपनी जान की भीख मांग कर. लेकिन उनकी जान फिर भी नहीं बचेगी. क्यों के यहाँ उन्हें मए मर डालूगा.
गढ़ – अघोरी, जिस देव और पूनम की तू बात कर रहा है. वो दोनों मरे hi नहीं थे. बस उनका शरीर नष्ट हुआ था. और उनकी आत्मा को किसी ने अपने पास सुरक्षित कर लिया था और उन्हें बेहद शक्तिशाली बना दिया और अब वो लोग न सिर्फ जनम ले चुके है बल्कि उन्हें सब याद भी आ गया है. वही दोनों है इस वक़्त रूद्र और नीलम के साथ और बेवक़ूफ़ स्वर्ण मणि का तिलिस्म उन्ही के नाम से है तो वो भला क्यों त्रिकाल के पैर पकड़ के वापस आएंगे? मुझे तो लगता है वो स्वर्ण मणि ले कर आएंगे.
अघोरी के माथे पे भी अब पसीना आ गया.
ये आप क्या कह रहे है गुरुदेव? वो…. वो …….. कैसे जिन्दा हो सकते है ? अघोरी बोलै
क्या देव और पूनम सच में वापस आ चुके है ?
है………
लेकिन कब?
जब तू यहाँ नीलम को पकड़ने के लिए जल बिछा रहा था तेरे दुश्मन तैयार हो रहे थे. और ठीक उस वक़्त वो तैयार हो चुके थे जब रूद्र को यहाँ आना था. उन्ही की सहायता से रूद्र और नीलम बच गए थे. वो अदृश्य ताक़त कोई और नहीं देव और पूनम hi थे.
अघोरी के सरे रोम छिद्र खुल गए और वो पसीने से भीग गया.
इसका मतलब अब रूद्र और नीलम इच्छाधारी और मणिधारी बन चुके है. साथ hi वो महा नाग, इच्छाधारी देव और तिलिस्म की रानी पूनम भी उनके साथ है. अघोरी ने घबरा के बोलै
गढ़ – क्यों अब गांड किस की फैट रही है?
अघोरी - गुरुदेव अगर ये बात तुम्हारी जगह किसी और ने कही होती तो मए अभी उसकी गांड में हाथ दाल के मुँह से निकल देता. मए यहाँ व्यस्त था. लेकिन तुम तो नहीं . तुमने उन्हें रोका क्यों नहीं . तुम भी तो नहीं जान पाए के देव और पूनम वापस आ गए है. तुमने hi क्या उखड लिया? अघोरी की आंखे क्रोध से जलने लगी.
गढ़ – मए मंटा हु के मए उन्हें वक़्त रहते नहीं पहचान पाया लेकिन मैने ये उखाड़ा के वक़्त से पहले पता लगा लिया के कोई ताक़त है जो हम लोगो के खिलाफ सर उठाने वाली है. इसीलिए तुझे तैयार कर दिया. होशियार कर दिया. और आज तू उस समय से कही ज्यादा ताक़तवर बन चूका है. अगर आज देव पूनम, रूद्र, नीलम पहले से ज्यादा ताक़तवर बन कर तेरे सामने आने को तैयार हो चुके है तो टब hi उन्हें बराबर की टक्कर देने लायक हो चुक्का है मेरी वजह se.Varna तू कर क्या रहा था इस कनिका और मनिका की बुर में hi घुसा हुआ था न? जब देखो इन्हे hi पेलता रहता था. रोज इन्हे पेलता रत भर और सुबह तक इन्हे कुंवारा कर देता और काम hi क्या कर रहा तहत ु. तू तो उन लोगो के मरने की ख़ुशी hi मन रहा थान ा केस लो तक. कोई काम कोई साधना कर रहा था क्या उस वक़्त? नहीं न. ये मेरी कोशिशों का hi फल है के तू आज इतना सक्षम हो गया है. के जीन बादशाह ने तेरी मदद करने को है बोलै है. वार्ना कोई गली का कुत्ता भी तुहे नहीं पूछता आज. समझा, इसीलिए बाप को मत सीखा.
अघोरी – देखो गुरुदेव इस तरह एक दूजे को कोसने से हमें कुछ नहीं मिलेगा. मए बस उस नीलम को छोड़ना चाहता हु और उसकी छूट से निकलने वाले पहले कुंवारे लहू से अमरता की सिद्धि प्राप्त करना चाहता हु. उसके लिए क्या करे अब ये बताओ.
गढ़ – इतनी बुरी खबरों के बाद अब भी मेरे पास तेरे लिए दो खबरे है एक अच्छी एक बुरी बोल क्या सुन्ना है पहले?
अघोरी – पहले बुरी hi सुनाओ क्यों मूड की माँ बहन तो हुई पड़ी है थोड़ी और सही. उसके बाद अच्छी सुना देना.
गढ़ – तो बुरी खबर ये है के देव ने यहाँ अपने जैसे hi चार शक्तिशाली योद्धा और तैयार किये है जिनमे एक है उसकी होने वाली साली shalaka,halaki वो पहले से hi कई साडी खतरनाक शक्तियों की मालकिन है. और देव के साथ भी पहले से hi थी लेकिन इस जनम में भी वो देव के साथ मिल कर चल रही है, दूसरा उसका नागलोक का मित्र नागार्जुन उसका भी कुछ ऐसा hi है, तीसरा गुरुम जो मुंबई नमक शहर का एक मामूली गुंडा था लेकिन अब वो खुद भी मायावी बन चूका है. और बेहद खतरनाक भी देव की दी हुई शक्तियों के आधार पर. और चौथी चन्नो नाम की एक गांव की लड़की जो यु तो ठाकुर की रखैल थी लेकिन ठाकुर तो ठहरा नामर्द. उससे कुछ हुआ नहीं उल्टा उस छन्नो को वक़्त के चलता साथ मिल गया देव का और अब वो उस गुरुम की होने वाली धर्म पत्नी है. और एक मायावी भी बन चुकी है. ये दोनों साधारण इंसान थे लेकिन इन्हे देव ने असाधारण शक्तिया दे कर इस काबिल बना दिया है के ये तुझे मात भले hi न दे सके लेकिन तुझे और तेरी सेना को रोकने का भरपूर डैम रखते है.
अघोरी - ये तो बहोत बुरी खबर है . देव और पूनम के लौट आने से भी बुरी . और कुछ ?
गढ़ – नहीं अब कोई बुरी खबर नहीं अब अच्छी खबर है .
अघोरी - और वो क्या है?
गढ़ - देव, पूनम, रूद्र, और नीलम यहाँ नहीं है और देव का धरती लोक का परिवार यहाँ अकेला है तू उन्हें अपने कब्जे में कर सकता है उन्हें मार सकता है जिससे देव और उसके साथी बौखला जायेगे उनकी बौखलाहट का फायदा उठा कर देव को उलझाया जा सकता है. ये दिमाग का खेल होगा. और इसी चक्रव्यूह में फंसा कर देव को मारा जा सकता है, न भी मार पाए तो इस बार उसकी आत्मा को hi कैद कर के रखा जा सकता है जिससे की सेकड़ो सालो का सुनहरा वक़्त तुझे मिल जायेगा. तू अपनी मनमानी कर के भगवन भी बन सकता है.
अघोरी – बात तो आपकी सही है लेकिन अब क्या मए ऐसे टुच्चे काम करू एक अघोरी हो कर मामूली इंसानो को अगवा करने और उनका खून करने जैसे मामूली काम करू?
गढ़ – अरे तू मत कर लेकिन कोई है जो ये काम करेगा उसे अपनी शक्ति का कुछ अंश दे दे.
अघोरी - और वो कौन है?
गढ़ – वो बीमार जो तेरी इस गुफा में है. वो hi है यहाँ का ठाकुर दुर्जन सिंह. जिसे देव ने hi इस अवस्था में पहुंचाया है. उसे बर्बाद किया है. उसके घर की हर औरत को पेट से किया है. उसके एक बेटे को अपाहिज किया है और एक को जेल भिजवाया है. हलाकि अब वो भी बहार है.
तू देवा के परिवार पे हमला कर. और वो भी दोहरा. एक तरफ से ठाकुर को उनकी मौत बना के भेज दूसरी तरफ ठाकुर के छोटे बेटे को यहाँ बुला और उसके द्वारा हमले करवा दे. देवा के यहाँ के साथी संभल नहीं पाएंगे. और अगर वो इन सब पे भरी पड़ने लगे तो देवा के साथियो पे अपनी पिशाची सेना से हमला करवा देना. वो उसे सँभालने में लग जायेगे और तेरा ये काम हो जायेगा जब तक रूद्र और देव लौटेंगे तिलिस्म से तब तक उनका संसार उजाड़ चूका होगा.
अघोरी - मुझे एक बात यद् आयी
गढ़ – बोल
अघोरी - देव का परिवार है तो पूनम आसमान से तो टपकी नहीं होगी उसे पैदा करने वाली बुर कहा है यानि उसका परिवार?
गढ़ – अब तू समझदारी से बात कर रहा है. तो सुन पूनम का यहाँ का बाप मर चूका है. उसकी माँ भाई और भाभी है. वो भी देव के घर के पास hi रहते है.
अघोरी - तो इस बार देव और पूनम नहीं उनके परिवार हमारे निशाने पे है जो हमारे सामने तिनको के सामान है और उन्हें मए उखड दुगा उनके गम में जब देव डूबा होगा तो देव का सर धड़ से अलग कर के उसकी आत्मा को कैद करुगा रूद्र भी मरेगा और उनके मरने के बाद नीलम और पूनम बनेगी मेरी रंडी. हहहहहहहहहहहह.