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- Dec 5, 2013
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अपडेट – 130
सभी उस ट्रक में बैठ जाती है. तो गुरतुम अपने बैग से हैवी हैंड ग्रेनेड निकल के उस माकन पे फेंकता है 5-6 ग्रेनेड से hi पूरा माकन धू धू कर के जलने लगता है और विल्सन और उसके साथियो का अंतिम संस्कार हो जाता है.
गुरुम – कावेरी मैडम इस ऑपरेशन में डपटत के लिए तो कुछ हाथ नहीं लगा लेकिन देश की बेतिया सब पूरी तरह से सुरक्षित हो गयी.
कावेरी - इससे ज्यादा कीमती और कुछ मिल भी नहीं सकता. और न hi मुझे या डपटत को कुछ चाहिए. बाकि रही रिपोर्ट की बात तो वो मए सर से कह दूगी के यहाँ लड़कियों की स्मगलिंग की जाती थी और साडी लेडीज को सुरक्षित उनके घर पंहुचा दिया गया है. क्यों की तुम लोगो के हाथो में तो ये अपने घर से भी ज्यादा सुरक्षित है hi और इन्हे तुम लोग इनके घर भी पंहुचा hi डोज.
शलाका – सूरे कावेरी जो भी अपने घर जाना चाहेगा उन्हें उनके घर पंहुचा दिया जायेगा सही सलामत. यू don’t वोर्री.
ये चेप्टर निपटने के बाद सभी वह से चल पड़ते है. कावेरी अपने घर चली जाती है. और ये लोग गाँव की तरफ.
ये सब करीब सुबह 4 बजे गाँव पहुंचते है हवेली में. जहा गुरुम माला को कॉल कर के पहले hi जगा चूका था. और वो भी इन सब का hi वेट कर रही थी.
जब ये लोग हवेली पहुंचे. तो माला उन्हें देख कर हैरान रह गयी .
माला – ye....ye सब कौन है गुरुम और तुम लोग इन सब को कहा से लाये हो? क्या लफड़ा है?
गुरुम - माला जी, देवा ने आपको शायद सब नहीं बताया अब तक लेकिन अगर नहीं बताया तो वही बताएगा. बस ये जान लीजिये के ये सब देवा की मेहमान है. और अब से देवा के अगले आदेश तक आपकी मेहमान है.
माला मुस्कराते हुए – अगर देवा की मेहमान है तो फिर तो मए कुछ कह hi नहीं sakti.ladies आप सबका इस हवेली में स्वागत है. इसे आप लोग अपना hi घर समझे बिना किसी झिझक के रहिये आप सब यहाँ पूरी तरह से सुरक्षित है. आप लोगो के कमरे में आप लोगो की इजाजत के बिना मए भी नहीं ाउगि. और आप लोग जब जहा चाहे जा सकती है.
गुरुम – लेडीज सबसे पहले मए परिचय करवा देता हु. मेरा नाम है गुरुम, ये मेरी मंगेतर channo,ye है मेरा दोस्त नागार्जुन, ये इनकी होनेवाली पत्नी शलाका, ये इस गाँव की ठकुराइन माला जी है बाकि जो लेडीज इस घर में है उन सबसे माला जी आपको मिलवा देगी. और है आप सब भी अभी आराम कीजिये मए दिन में आउगा. तब बाकि की बाटे होगी. आप में से जो भी अपने घर वापस जाना चाहे वो बात कर लीजियेगा. और हम उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पंहुचा देंगे. लेकिन अभी तो आप लोगो के घर पे भी सब सो रहे होंगे तो अभी आराम कीजिये आप लोग. दिन निकलने के बाद बात कर लीजियेगा. मए कुछ सेल फ़ोन्स यहाँ छोड़े जा रहा हु. कॉल इन्ही से लगाइएगा. फ़िलहाल मुझे इजाजत दीजिये. Bye. एंड गुड़ नाईट.
इतना बोल कर गुरुम एंड टीम वह से निकल जाते है. और वह कड़ी साडी लेडीज उन्हें भीगी पलकों से देख रही थी क्यों की ये सब उनकी जिंदगी में फ़रिश्ते hi बन की ए थे. और अब नयी जिंदगी भी इन्ही की दें थी.
उधर अनजान जगह पे देव और उसके साथी आगे बड़े चले जा रहे थे. सूरज भी सर पे आ चूका था जिस वजह से वो थोड़ा गर्मी से परेशां भी थे. और प्यास भी लग रही थी. पानी था उनके पास लेकिन गरम हो रहा था. तो उसमे भी मजा नहीं आ रहा था. फ़िलहाल इस वक़्त वो किसी भी बात को समझने की स्थिति में नहीं थे. सब कुछ उनकी समझ से परे था. नयी जगह वो भी एकदम सुनसान, एक लक्ष्य लेकिन वो भी छुपा हुआ. रस्ते में कदम कदम पे मौत के साये, और अनजान खतरों का दर, कब किस वक़्त क्या होना है किसी को नहीं पता. कोई तयारी hi नहीं बस जो आएगा उससे निपटने का एक हौसला और कुछ नहीं. यहाँ तो दुश्मन कौन है ये भी नहीं पता. तभी रूद्र को कोई नजर आता है. जो उसकी लेफ्ट साइड से एक ुण्ठ पे बैठ कर चला आ रहा था. कपडे उसके ठीक थक थे. जैसे की रेगिस्तान में सफर करते समय पहने जाते है. बाकि आप लोग लगा लो. वो शख्स उन तक करीब 10 मिनट में पहुँचता है.
अरे आप लोग कौन है राहगीर ने पुछा. …..
हम लोग मुसाफिर है. घूमने निकले थे लेकिन रास्ता भटक गए है रूद्र ने राहगीर से कहा. तुम कौन हो?
मेरा नाम यु तो अफ़ज़ल है लेकिन जिसे जो पसंद आता है सफर के अंत में मुझे नाम दे देते है. राहगीर बोलै
सफर के अंत में मतलब रूद्र ने पुछा
मतलब ये के मए ये रेगिस्तान लोगो को पार भी करवाता हु. और इस रेगिस्तान में भी कई खूबसूरत जगहे है जो मए उन्हें दिखता हु. और जब आखरी में मए उनसे विदा लेता हु तो हर कोई अपने मन के मुताबिक मुझे नाम देता है. अफ़ज़ल ने डिटेल में बताया.
भला इस रेगिस्तान में भी कोई खूबसूरत और देखने योग्य जगह हो सकती है क्या? मुझे तो दूर दूर तक बस मिटटी hi नजर आ रही है. और तो कुछ है नहीं इस बार देवा बोलै.
देखने की नजर भी तब मिलती है जब दिखने वाला साथ हो जो की मए हु. बाकि मिटटी तो तुम भी हो और मए bhi.farak इतना है के हम मिटटी के होकर भी खड़े है. और ये मिटटी फैली पड़ी है. अफजल बोलै.
देखो भाई हमें इस वक़्त कुछ नहीं देखना क्यों की हम थके हुए है. और प्यासे भी रूद्र ने कहा
यही तो फायदा है मेरे होने का क्यों की जो आपको नजर नहीं आता वो मए दिखा सकता हु. जैसे की आप लोग प्यास से हलकान है लेकिन पानी तो आप के पास भी है. अफजल बोलै
रूद्र – अरे यार हमें बह पता है के पानी हमारे पास है लेकिन ये तो गरम हो गया है न.
हाहाहाहाहा…….. मए आपके पास वाले पानी की बात नहीं कर रहा मित्र … अफजल हंस कर बोलै
तो फिर दूसरा पानी कहा है इस बार देवा ने कहा जिसकी आंखे सिकुड़ गयी थी.
वो जो बड़ा सा टीला नजर आ रहा है न अफजल ने एक तरफ ऊँगली उठाई तो सभी ने वह देखा, उस के पीछे मीठे पानी का तालाब है. देखो अगर मए तुम लोगो से न मिला होता तो तुम इसे पर कर के आगे निकल जाते वो बह प्यासे.
रूद्र – तुम लोग रुको मए देख कर बताता हु के ये कितना सच कह रहा है. और रूद्र ने उस तरफ दौड़ लगा दी.
देवा कभी अफजल को देखता तो कभी जाते हुए रूद्र को अभी रूद्र थोड़ा आगे hi गया था के तभी.
ठहरो रूद्र देवा ने चिल्ला के रूद्र को रोका रूद्र जहा का तहा रुक गया. और पलटकर देवा को देखने लगा
क्या हुआ यार अब तुझे. रूद्र ने झल्ला के पुछा
देव ने अफजल की आँखों में देखते हुए कहा- हम सब साथ चलते है. तुम अकेले मत जाओ. फिर देव ने पूनम और नीलम को साथ चलने का इशारा कर दिया. और ये तीनो भी रूद्र के पीछे चल दिए.
इधर अफजल के चेहरे पे सिर्फ एक मुस्कान थी.
फ्रेंड्स कौन है ये अफजल इन सब का दोस्त या दुश्मन या कोई साजिश का हिस्सा. क्या देव का उस पर शक करना सही है या ये भी देव की टीम का hi हिस्सा बन जायेगा और इनका साथ देगा. इस रेगिस्तान के एन्ड तक. ये सब आगे पता चल जायेगा. टिल थें गुड़ bye.......
सभी उस ट्रक में बैठ जाती है. तो गुरतुम अपने बैग से हैवी हैंड ग्रेनेड निकल के उस माकन पे फेंकता है 5-6 ग्रेनेड से hi पूरा माकन धू धू कर के जलने लगता है और विल्सन और उसके साथियो का अंतिम संस्कार हो जाता है.
गुरुम – कावेरी मैडम इस ऑपरेशन में डपटत के लिए तो कुछ हाथ नहीं लगा लेकिन देश की बेतिया सब पूरी तरह से सुरक्षित हो गयी.
कावेरी - इससे ज्यादा कीमती और कुछ मिल भी नहीं सकता. और न hi मुझे या डपटत को कुछ चाहिए. बाकि रही रिपोर्ट की बात तो वो मए सर से कह दूगी के यहाँ लड़कियों की स्मगलिंग की जाती थी और साडी लेडीज को सुरक्षित उनके घर पंहुचा दिया गया है. क्यों की तुम लोगो के हाथो में तो ये अपने घर से भी ज्यादा सुरक्षित है hi और इन्हे तुम लोग इनके घर भी पंहुचा hi डोज.
शलाका – सूरे कावेरी जो भी अपने घर जाना चाहेगा उन्हें उनके घर पंहुचा दिया जायेगा सही सलामत. यू don’t वोर्री.
ये चेप्टर निपटने के बाद सभी वह से चल पड़ते है. कावेरी अपने घर चली जाती है. और ये लोग गाँव की तरफ.
ये सब करीब सुबह 4 बजे गाँव पहुंचते है हवेली में. जहा गुरुम माला को कॉल कर के पहले hi जगा चूका था. और वो भी इन सब का hi वेट कर रही थी.
जब ये लोग हवेली पहुंचे. तो माला उन्हें देख कर हैरान रह गयी .
माला – ye....ye सब कौन है गुरुम और तुम लोग इन सब को कहा से लाये हो? क्या लफड़ा है?
गुरुम - माला जी, देवा ने आपको शायद सब नहीं बताया अब तक लेकिन अगर नहीं बताया तो वही बताएगा. बस ये जान लीजिये के ये सब देवा की मेहमान है. और अब से देवा के अगले आदेश तक आपकी मेहमान है.
माला मुस्कराते हुए – अगर देवा की मेहमान है तो फिर तो मए कुछ कह hi नहीं sakti.ladies आप सबका इस हवेली में स्वागत है. इसे आप लोग अपना hi घर समझे बिना किसी झिझक के रहिये आप सब यहाँ पूरी तरह से सुरक्षित है. आप लोगो के कमरे में आप लोगो की इजाजत के बिना मए भी नहीं ाउगि. और आप लोग जब जहा चाहे जा सकती है.
गुरुम – लेडीज सबसे पहले मए परिचय करवा देता हु. मेरा नाम है गुरुम, ये मेरी मंगेतर channo,ye है मेरा दोस्त नागार्जुन, ये इनकी होनेवाली पत्नी शलाका, ये इस गाँव की ठकुराइन माला जी है बाकि जो लेडीज इस घर में है उन सबसे माला जी आपको मिलवा देगी. और है आप सब भी अभी आराम कीजिये मए दिन में आउगा. तब बाकि की बाटे होगी. आप में से जो भी अपने घर वापस जाना चाहे वो बात कर लीजियेगा. और हम उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पंहुचा देंगे. लेकिन अभी तो आप लोगो के घर पे भी सब सो रहे होंगे तो अभी आराम कीजिये आप लोग. दिन निकलने के बाद बात कर लीजियेगा. मए कुछ सेल फ़ोन्स यहाँ छोड़े जा रहा हु. कॉल इन्ही से लगाइएगा. फ़िलहाल मुझे इजाजत दीजिये. Bye. एंड गुड़ नाईट.
इतना बोल कर गुरुम एंड टीम वह से निकल जाते है. और वह कड़ी साडी लेडीज उन्हें भीगी पलकों से देख रही थी क्यों की ये सब उनकी जिंदगी में फ़रिश्ते hi बन की ए थे. और अब नयी जिंदगी भी इन्ही की दें थी.
उधर अनजान जगह पे देव और उसके साथी आगे बड़े चले जा रहे थे. सूरज भी सर पे आ चूका था जिस वजह से वो थोड़ा गर्मी से परेशां भी थे. और प्यास भी लग रही थी. पानी था उनके पास लेकिन गरम हो रहा था. तो उसमे भी मजा नहीं आ रहा था. फ़िलहाल इस वक़्त वो किसी भी बात को समझने की स्थिति में नहीं थे. सब कुछ उनकी समझ से परे था. नयी जगह वो भी एकदम सुनसान, एक लक्ष्य लेकिन वो भी छुपा हुआ. रस्ते में कदम कदम पे मौत के साये, और अनजान खतरों का दर, कब किस वक़्त क्या होना है किसी को नहीं पता. कोई तयारी hi नहीं बस जो आएगा उससे निपटने का एक हौसला और कुछ नहीं. यहाँ तो दुश्मन कौन है ये भी नहीं पता. तभी रूद्र को कोई नजर आता है. जो उसकी लेफ्ट साइड से एक ुण्ठ पे बैठ कर चला आ रहा था. कपडे उसके ठीक थक थे. जैसे की रेगिस्तान में सफर करते समय पहने जाते है. बाकि आप लोग लगा लो. वो शख्स उन तक करीब 10 मिनट में पहुँचता है.
अरे आप लोग कौन है राहगीर ने पुछा. …..
हम लोग मुसाफिर है. घूमने निकले थे लेकिन रास्ता भटक गए है रूद्र ने राहगीर से कहा. तुम कौन हो?
मेरा नाम यु तो अफ़ज़ल है लेकिन जिसे जो पसंद आता है सफर के अंत में मुझे नाम दे देते है. राहगीर बोलै
सफर के अंत में मतलब रूद्र ने पुछा
मतलब ये के मए ये रेगिस्तान लोगो को पार भी करवाता हु. और इस रेगिस्तान में भी कई खूबसूरत जगहे है जो मए उन्हें दिखता हु. और जब आखरी में मए उनसे विदा लेता हु तो हर कोई अपने मन के मुताबिक मुझे नाम देता है. अफ़ज़ल ने डिटेल में बताया.
भला इस रेगिस्तान में भी कोई खूबसूरत और देखने योग्य जगह हो सकती है क्या? मुझे तो दूर दूर तक बस मिटटी hi नजर आ रही है. और तो कुछ है नहीं इस बार देवा बोलै.
देखने की नजर भी तब मिलती है जब दिखने वाला साथ हो जो की मए हु. बाकि मिटटी तो तुम भी हो और मए bhi.farak इतना है के हम मिटटी के होकर भी खड़े है. और ये मिटटी फैली पड़ी है. अफजल बोलै.
देखो भाई हमें इस वक़्त कुछ नहीं देखना क्यों की हम थके हुए है. और प्यासे भी रूद्र ने कहा
यही तो फायदा है मेरे होने का क्यों की जो आपको नजर नहीं आता वो मए दिखा सकता हु. जैसे की आप लोग प्यास से हलकान है लेकिन पानी तो आप के पास भी है. अफजल बोलै
रूद्र – अरे यार हमें बह पता है के पानी हमारे पास है लेकिन ये तो गरम हो गया है न.
हाहाहाहाहा…….. मए आपके पास वाले पानी की बात नहीं कर रहा मित्र … अफजल हंस कर बोलै
तो फिर दूसरा पानी कहा है इस बार देवा ने कहा जिसकी आंखे सिकुड़ गयी थी.
वो जो बड़ा सा टीला नजर आ रहा है न अफजल ने एक तरफ ऊँगली उठाई तो सभी ने वह देखा, उस के पीछे मीठे पानी का तालाब है. देखो अगर मए तुम लोगो से न मिला होता तो तुम इसे पर कर के आगे निकल जाते वो बह प्यासे.
रूद्र – तुम लोग रुको मए देख कर बताता हु के ये कितना सच कह रहा है. और रूद्र ने उस तरफ दौड़ लगा दी.
देवा कभी अफजल को देखता तो कभी जाते हुए रूद्र को अभी रूद्र थोड़ा आगे hi गया था के तभी.
ठहरो रूद्र देवा ने चिल्ला के रूद्र को रोका रूद्र जहा का तहा रुक गया. और पलटकर देवा को देखने लगा
क्या हुआ यार अब तुझे. रूद्र ने झल्ला के पुछा
देव ने अफजल की आँखों में देखते हुए कहा- हम सब साथ चलते है. तुम अकेले मत जाओ. फिर देव ने पूनम और नीलम को साथ चलने का इशारा कर दिया. और ये तीनो भी रूद्र के पीछे चल दिए.
इधर अफजल के चेहरे पे सिर्फ एक मुस्कान थी.
फ्रेंड्स कौन है ये अफजल इन सब का दोस्त या दुश्मन या कोई साजिश का हिस्सा. क्या देव का उस पर शक करना सही है या ये भी देव की टीम का hi हिस्सा बन जायेगा और इनका साथ देगा. इस रेगिस्तान के एन्ड तक. ये सब आगे पता चल जायेगा. टिल थें गुड़ bye.......