Fantasy इच्छाधारी देव - Page 17 - SexBaba
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Fantasy इच्छाधारी देव

भाई बड़ा तो नहीं कह सकते लेकिन फिर भी हमारा अपडेट लगभग 1500 वर्ड्स के आस पास होता hi है और अपडेट जल्दी देने की कोशिश हमारी रहती है बाकि आप सबके रेविएवस के ऊपर है. जितने जल्दी हमें रेविएवस मिलते है उसी स्पीड से स्टोरी भी बढ़ती hi है. आप खुद देख लीजिये हर दो से तीन पेज में हमारा अपडेट आ hi जाता है हम कोई 8-10 पेज का गपे लेकर नहीं चलते सो प्लीज साथ बने रहिये. हर आने वाला अपडेट आपको पहले से ज्यादा पसंद आएगा .

थैंक यू वैरी मच फॉर योर रिव्यु आप लोगो की नाराजगी और तारीफे दोनों का hi स्वागत है. बस साथ बने रहिये भाई
 
अपडेट – 116

दन - ठीक है भाई अगर आप सब यही चाहते है तो मए भी तैयार हु. लेकिन क्या ये अच्छा नहीं होगा के चुनाव hi करवा देते. आखिर हम होते कौन है गाँव वालो के सर पे यु hi बैठने वाले. हो सकता है कोई और काबिल व्यक्ति निकल आये…

बी – काबिल की खूब कही भाई दीनानाथ भला है कोई ऐसा गांव में जो अपनी थाली से किसी को आधी रोटी भी दे सकता हो. ये गन तो तुम में hi है. और गाँव की भलाई भी इसी में है. तो हो गया फैसला तुम hi हमारे सरपंच हो चलो मए ये घोषणा अभी कर देता हु.

फिर वो बुजुर्ग स्टेज पे चढ़ गया और मिछ ले के

बी – गाँव वालो सुनो ध्यान से मेरी बात . गाँव के बुजुर्गो ने मिल कर फैसला किया है. के इस गाँव में नयी पंचायत बनायीं जाये. उसका सारा काम दीनानाथ जी देख लगे. और फिर वही हमारे नए सरपंच होंगे और गाँव के मुखिया भी. इस पंचायत में जो पांच होंगे उस में मुख्या के रूप से दीनानाथ जी, मए और ठकुराइन माला होगी और जो दो दूसरे पांच होंगे उनका निर्णय होते hi आप लोगो को बता दिया जायेगा. इस में किसी को कोई एतराज हो तो वो हाथ उठा सकता है अभी . क्यों की सारा गाँव यही है इस वक़्त. आज के बाद कोई एतराज नहीं सुना जायेगा. कोई है जिसे इस बात से या पांचो से कोई एतराज हो. या कोई और ये पद लेना चाहता हो तो सामने आये अभी.

थोड़ी देर की ख़ामोशी के बाद

बी – तो भाई तय रहा ये पंचायत बनाई जाती है. जिसे पूर्ण रूप दीननाथ जी देंगे.

सारा गाँव तालिया बजने लगता है और दीनानाथ को और माला को बधाई देने लगता है.

देवा एक कोने में माला के साथ बैठा था टेबल कुर्सी लगी हुई थी.

देवा – माला बधाई हो. अब तो तुम भी सरपंच बन गयी.

माला धीरे से – अरे देवा जो मजा तुम्हरी रखैल बनने में है वो भला सरपंच बनने में कहा?

देवा – मेरा खड़ा करने के मूड में हो अभी ?

माला – है खड़ा कर के बैठने के मूड में हु. चले क्या मेरे कमरे में?

देवा – अभी तेरी बेटी का रिसेप्शन चल रहा है और तुम्हे अपनी छूट की पड़ी है?

माला – वो भी तो इसी लुंड के चक्कर में स्टेज पे कड़ी है न तेरे hi लुंड के चक्कर में.

दोनों हसने लगते है. इसी तरह पार्टी ख़तम हो जाती है. और सभी अपने अपने घर जाने लगते है.

माला – देवा कुछ बाटे करनी थी तुमसे तो क्या तुम इन सब को छोड़ के आ जाओगे? रत को यही सो जाना

देवा – है ठीक है आता हु. फिर देवा सब को ले के निकल जाता है गुरुम भी अपनी गाड़ी से सबको ले जाता है जो बच जाते है पैदल hi नकल जाते है क्यों की घर कोई इतना भी दूर नहीं था हवेली से के पैदल न जा सके. और साथ में कई गाँव वाले थे hi तो कोई दिकक्त नहीं थी.

देवा उन्हें छोड़ के वापस हवेली आ जाता है. तो माला उसे अंदर हॉल में बैठने के लिए कहती है. क्यों की सभी मेहमान जा hi रहे थे. थोड़ी hi देर में हवेली के सभी सदस्य आ जाते है. तो

माला अपने नौकरो से – ा सुनो तुम लोग भी जाओ और जा कर आराम करो सुबह से लगे हुए हो न. हॉल में इस वक़्त कामिनी, माला, रति ज्योति विजय और देवा hi बचे थे. सरे नौकर भी हवेली के पीछे बने अपने कमरों में चले गए. कावेरी को भी एक रूम दे दिया गया था. और वो जा चुकी थी रूम में.

माला – है तो देवा अब तो सब हो गया अब बोलो कैसे क्या करना है?

देवा – अरे मुझसे पूछने की क्या जरुरत है. जो हम लोग सब चाहते थे वो हो गया सारा गाँव गवाह बन गया ज्योति की शादी का अब रहो आराम से विजय भी कुछ दिन रह कर चला जायेगा.

माला – वो तो ठीक है पर यहाँ के नौकरो को कैसे संभालेंगे ज्योति और विजय अलग कमरे में कैसे रहेंगे और साथ तो ज्योति रहेगी नहीं.

देवा – एक काम करो ज्योति के बगल वाला कमरा विजय को दे दो. ये दोनों जायेगे तो साथ hi कमरे में लेकिन ज्योति के कमरे के बीच में जो दरवाजा है. वह से विजय अपने कमरे में चला जायेगा और ज्योति अपना कमरा बंद कर लेगी अपनी तरफ से. कोई दिक्कत नहीं.

माला – हम्म्म ये सही रहेगा इससे नौकर यही समझेंगे के विजय और ज्योति एक साथ hi सो रहे है.

कामिनी – ठीक है फिर बहोत देर होइ गयी है सोने चला जाये.

माला – एक काम करो कामिनी तुम विजय का कमरा सेट कर डौगी प्लीज.

कामिनी - ok मए कर देती हु. विजय जी आप थोड़ी देर यही बैठिये.

विजय – ok मए यही हु

रति – मए तो चली सोने.

ज्योति - मए भी जा रही हु

माला – है तो देवा, यार ये सरपंच का क्या नाटक शुरू हो गया?

देवा – अरे होने दो न वैसे भी ये सब तो चलता hi रहना चाहिए आपका रुतबा भी इस गाँव में बना रहेगा. और गाँव वालो को याद रहना चाहिए के ठाकुरो का खून अब भी उन पर राज करता है. बस किसी गाँव वाले को तकलीफ नहीं पहुचनी चाहिए. है मदद वो जब मांगे उन्हें तुरंत देना.

माला – ये भी कोई कहने की बात है. अब देखना मए इस गाँव को सुधर के रख दूगी. कोई जुआ सत्ता, शराब नहीं कोई धंधे वाली रंडी नहीं एक डैम साफ़ सुथरा गाँव होगा हमारा. जिसे भी गन्दगी फैलानी है दूसरे गाँव में जाये जहा गन्दगी हो. यहाँ नहीं. यहाँ सबको रोजगार मिलेगा और सब ईमानदारी की जिंदगी जियेंगे.

देवा – अच्छी सोच है माला , अरे है कल तुम्हारे पास कुछ मेहमान आने वाले है.

इतने में कामिनी - विजय जी आपका रूम रेडी है आप आराम कर लीजिये . और है जब तक आपको उठाया न जाये आप बहार मत आना कल. क्यों की कारन तो आप जानते hi है सरे नौकरो के सामने हमें कुछ और दिखाना है.

विजय - या सूरे no प्रॉब्लम. Ok गाइस गुड नाईट

फिर विजय चला गया सोने. और कामिनी भी अपने रूम में चली गयी.

माला - है तो क्या कह रहे थे तुम कैसे मेहमान ?

देवा – वो कल पता चल जायेगा मेहमान कितने दिन को आएंगे मए नहीं कह सकता, कितने आएंगे ये भी नहीं कह सकता. बस मेहमान आएंगे गुरुम लाएगा उन्हें. बाकि कल पता चल hi जायेगा. उन सबका अपने बच्चो की तरह ख्याल रखना और उन पे जितना खर्च होगा वो मए दे दुगा.

माला – तुझे तो गाँव से निकल दूगी रुक जा मुझे सरपंच बन जाने दे बस. तेरा हुक्का पानी न बंद करवा दिया न इस गाँव में तो माला नाम नहीं मेरा.

देवा हंस कर - क्यों जी मैने क्या किया?

माला – अरे मेरी जान तुझे मैने अपना सब कुछ दे दिया तुझे hi अपना पति मान लिया अपना बीटा मन लिया अपना दामाद भी बना लिया तेरा बच्चा मेरी कोख में पल रहा है. फिर भी तू हर बात में पैसा बीच में क्यों लता है. लेन दो गुरुम को मेहमान ये हवेली बहोत बड़ी है और उससे भी बड़ा है मेरा दिल

देवा ने इधर उधर देखा कोई नहीं था तो उसने हाथ बड़ा के माला की चूचिया दबा दी

देवा – है तुम्हारा दिल तो आजकल कुछ ज्यादा hi बड़ा हो गया है मेरे हाथो में hi नहीं आ रहा.

नेक्स्ट अपडेट - 117
 
भाई आपके इतने डिटेल में रिव्यु से ये पता चलता है के आप स्टोरी को कितनी गहराई और गंभीरता से पढ़ते है इससे हम पर प्रेशर और बढ़ जाता है के हर पॉइंट को बहोत ध्यान से लिखना है कही कुछ अपोजिट न चला जाये. इसीलिए हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. आपके विचार जानकर ख़ुशी हुई . और हम आपकी इस बात से भी सहमत है के साफ़ सुथरा वातावरण जैसा के माला ने बोलै के वो बनाएगी गाँव को. वो सिर्फ सोच hi बन कर रह गया है हक़ीक़त में ऐसा नहीं हो पता. आप बिलकुल सही है. लेकिन मेरे भाई उस बिगड़ी व्यवस्था का कारन भी तो हम लोग खुद hi है. सफाई सबको पसंद है लेकिन सफाई कोई खुद नहीं रखना चाहता. शायद ये हालत कभी नहीं सुधर सकते पर स्टोरी में तो सुधर सकते है न. तो चलो यही सही कही तो सफाई की शुरुआत हो. आप यु hi साथ बने रहिये और अपने विचार देते रहिये. धन्यवाद
 
भाई आपके ये विचार आगे जाकर अपने आप ख्यातम हो जायेगे क्यों की अभी आप 50 अपडेट पढ़ चुके है जो रीडर्स हमारे साथ साथ चल रहे है वो भी ये बात जानते है के हमारी कहानी में सेक्स है लेकिन ये कोई अडल्ट्री स्टोरी नहीं है जिसमे सिर्फ छूट और लुंड की hi भाषा का उपयोग हो आप आगे बढिये इस थ्रेड में आपको सेक्स ससाने के आलावा बहोत कुछ मिलेगा बीच बीच में तो वो कंडीशन भी आएगी के खुद सेक्स ससाने की डिमांड करना चाहोगे क्यों की काफी अपडेट मैं स्टोरी के hi चलेंगे जिसमे सेक्स का स भी नहीं मिलेगा. रही बात के देवा ने सबको थोक दिया है तो ऐसा नहीं कई ऐसी भी है जिन्हे वो हवस नहीं इज्जत की नजर से देखता है आप जान जायेगे आगे तो पढ़ लीजिये साहब.
 
भाई आपके रेविएवस अच्छे है इसलिए आपको सभी राइटर भी सपोर्ट करते है. राइटर कोई भी हो यहाँ सभी रीडर्स के रिव्यु और सपोर्ट के लिए hi तो लिखते है. आपने जिनके नाम लिए है वो सब सच में बहोत ाचा लिखते है. हमने भी पढ़ा है उनको. ऐसे में आपका प्रोत्साहन यदि उन्हें मिलेगा तो सरे राइटर भी आपको सपोर्ट करेंगे hi. It's वैरी नीस भाई
 
अपडेट - 117

माला – ुउउइइइइइइइइइम्म्म्मम्म्म्माआआ छोड़ मेरे चुके. अब इन्हे और कितना बड़ा करेगा. जा और जाकर ज्योति के बड़े कर वो तेरा hi इंतजार कर रही है.

देवा – ज्योति मेरा इंतजार वो तो सो गयी न?

माला – माँ हु मए उसकी. क्या अपनी बेटी की शादी वाले दिन उसकी सुहागरात का इंतजाम नहीं करुँगी? वो भी तब जब उसके पेट में पल रहे बच्चे का बाप भी यही मौजूद है. जा और जाकर मेरी बेटी को खुश कर. आज उसकी सुहागरात है उसे असली सुहागरात का और असली बीवी होने का रास चखा दे. उसे भी तो पता चले की पति कैसे छोड़ता है. अब तक तो वो तुझे एक लवर की तरह चूड़ी थी आज बीवी बन के छुड़ेगी. भले hi सुकि मांग में सिन्दूर किसी और ने भरा लेकिन उसकी कोख तो तूने hi भरी है न. जा उसे ज्यादा मत तड़पा इंतजार में. फिर देवा उठकर ज्योति के कमरे में चला जाता है. जहा ज्योति आज एक डैम दुल्हन बानी बैठी थी. उसका पलंग इस समाया फूलो से सजा हुआ था. टेबल पे मोमबत्तिया जल रही थी. पास hi तेल और क्रीम राखी थी. पूरा कमरा महक रहा था. और ज्योति बीएड पे घूँघट निकले अपने घुटने सीने से लगाए बैठी थी.

देवा उसे देखता है तो उसे भी लगता है के जैसे आज उसी की सुहागरात हो. वो धीरे धीरे ज्योति के पास जा कर बैठ जाता है पूरे बीएड पे गुलाब के फूलो की पंखुडिया फैली हुई थी. देवा ज्योति का घूँघट उठा ता है. ज्योति शर्मा के अपनी नजरे नीचे झुका देती है

देवा – जानेमन ये कौन है ? मेरी वो ज्योति कहा है जो पहली बार में भी मुझसे नहीं शरमाई थी और अपने सरे कपडे उतर के फेंक दिए थे.

ज्योति कोई जवाब नहीं देती बस शर्मा के मुस्करा देती है.

देवा उसकी ठुड्डी के नीचे अपनी एक ऊँगली रख कर उसका चेहरा उठता है और उसके लाल होठो को चुम लेता है.

ज्योति भी पूरा साथ देते हुए देवा के होठो को अपने होठो में ले कर चूसने लगती है. देवा कला हाथ अब उसी रिसेप्शन गाउन के ऊपर से ज्योति की बड़ी बड़ी चूचिया दबाने लगता है. ज्योति और वाइल्ड हो जाती है और देवा के गले में अपने बहे दाल के उसके होठो को चबाने लगती है.

ज्योति – ऊऊऊऊह्ह्हह्ह देवा आज मुझे जी भर के प[yar karo aaj to mera palang meri chudai ke lye meri maa ne hi sajaya hae aaj uski bhi ichha ha eke tum mujhe jam ke chodo

Deva jyoti se alag hote hue – aaj teri suahgrat hae to teri aaj seal tutegi sambhal logi na?

Jyoti – par meri seal to tum tod hi chuke ho na

Deva – ha meri jaan par suhagrat bina seal tode kaese manayege. Isiliye aaj tumahri gand ki sel tutegi.

Jyoti hans kar - mujhe manjur hae mere raja jo chaho karo aaj ki rat hamari suhagrat hae.

Deva hath peeche kar ke gown ki chain khol deta hae aur jyoti ko palang pe lita deta hae

Ua rus ke pairo ke pas aa kar uska gown nikal deta hae jyoti abhi red transparent bra penty me thi bra me kaid uske chuche bahot teji se upar neeche ho rahe the saath hi penty me uski fuli hui bur bhi penty ko geela kiye de rahi thi deva jyoti kop aero se chuman shuru karta hae aur dheere dheere uski jangho ko sahlate hue upar aata hae aur ek bhar poor chumban uski penty me kaed bur pe karta hae to jyoti sisak uthti hae.

Fir deav jyoti ki nabhi me apni jaban dal keg humane lagta hae to jyoti uske balo me ungliya chalati hui apni kamar uchkane lagti hae use aaj bahot ankokhi anubhuti ho rahi thi. deva ab jyoti ke boobs bhi dabane laga tha aur jyoti ke pet ko chumte hue wo upar aa jata hae aur boobs ko dono hatho me le kar daba deta hae

Thodi hi der me jyoti ki bra penty nikal ke deva khud bi poora nanga ho jata hae. aur jyoti ko ishara karta hae.

Jyoti deva ke lund ko pakad ke chum leti hae aur supada mooh me bhar k eek bar poora chusti hae aur fir lund se mooh hata ke deva ki taraf dekhti hae to deva use pyar se dekh raha tha. Deva ne use flying kiss diya aur chusne ka ishara kiya

Aur jyoti ne fir se lund muh me bhar liya aur choosne lagi.....

Deva -aaahhhh….ye hui na baat….aaahhh...

Jyoti- srruuuppp…uuuummm….sssrruuuppp…aaaaahhh...

Deva - kya jaadu hai teri jawan me …maza aa gya....jyoti.

Jyoti bina kuch bole puri siddat se lund choos rahi thi ...aur deva mast ho raha tha....

Fir usne lund ko muh se nikala aur balls chooste huye lund ko hilane lagi....

Thodi der baad Jyoti ne fir se lund ko 1 hi jhatke me pura ka pura apne muh me bhar liya or jordaar chussai karne lagi.....

Jyoti- ooooooommmmm…oooommmm…ggghhhooo….ggghhhoo

Jyoti ke muh se bas aisi hi aawaze aa rahi thi....

Thodi der ki lund chusaai se hi deva puri tarah mood me aa chuka tha...ab deva ka lund bas chodne ko machal raha tha ...

deva ne Jyoti ke sir ko dono hatho se pakad ke apne lund par dawa diya or lund ko teji se Jyoti ke muh me pelne laga....

Jyoti-ggghhhhooo.......ouuuummmmm....gggoooooogg ghhhoooo. .....ooo ooommmmmmmm....

Deva -aaaaaahhhhh.....ayyyyyyeeesss.....oooooohhhhhhhhoooo....a aaah h h....yeesss....

2-3 minute me hi deva ka lund puri aukaat me aa kar jyoti ke gale ko thokar maarne laga...to deva ne jyoti ko chhod diya.....

deva ke chhodte hi wo khaste huy kho-kho karne lagi......aur jab nomal hui to boli....

Jyoti- maaar hi…kho-kho …dala...

deva -abhi kaha meri jaan …abhi to marna baki hai...teri chut bhi aur gaand bhi

Jyoti- to roka kisne hai….maaro...na.

Itna sunte hi deva ne jyoti ko pakad kar khada kar diya ....

Deva - ab teri choot aur gaand ki khair nhi ...dono chedo ke parkhacche udane hai..........

Jyoti- faad dalo......bilkul jaese suhagrat me fadate hae ....(hasne lagi)

Deva -to dekh aaj tujhe kaise dulhan ki tarah....maza deta hu.... kal bed se bhi nahi uth paygi.....

Jyoti -bilkul aise hi maza chahiye mujhe aaj ki rat ....mera har chhed faad dalo aaj ki rat deva....

deva ne Jyoti ke ek boobs ko hath se pakda aur dusre ko muh me bhar liya aur apna dusra hath piche le jakar uski gand ko dabocha ….to Jyoti ki cheekh nikal gai....

deva Jyoti ki gaand joro se dawa raha tha aur hath se 1 boob ko masal raha tha….tabhi jyoti ki cheekh nikal gai …pahle se jordarr cheekh thi...

Jyoti- aaaaaahhhhhhhh….mmmaaarrr ggggaaaiii ….kaato mat na....

Deva - saali dulhan ki tarah fadna hai…to dulhe ki tarah hi khana hoga tere boobs ko…aur deva fir se boobs choosne laga…

Idher Jyoti barabar deva ke lund ko hath se hila rahi thi aur sisak rahi thi...

Jyoti- aaahhhh….aaaahhhh….aaaauuuuuccchhh….kkkkaaaatttt tooo….mm maaattt

Ab deva ka lund betaab ho gaya to deva ne jyoti ki jhuka jar kutiya banaya aur ek jhatke me aadhe se jyada lund uski choot me pel diya.....

Jyoti(joor se)- aaaaaaiiiiiiii.....mmmaarrr,.gggaaaiiiii....

Deva - aise hi dulhan ki tarah aai-aai karti rah ...ye le..... aur le tera bulha bhi bagal wale kamre me mutth mar raha hoga ke shadi uski hui hae suhagrat tu kisi aur ke saath mana rahi hae.

Jyoti – kaun dulha? Mera dulha to mere saath hae, mujhe chod raha hae, meri faad raha hae. wo kaun hae mae nahi janti . na hi janna chahti hu.

Aur idhar deva ne dusra dhakka bhi joor se maara aur lund ko choot me pura pel diya....

Jyoti- aaaaiiiiii......mmmmmaaaa.....mmaaarr ....diiyyaaa......

deva (has kar)- dulhan ki tarah chudna hai na...le chud ab.....poore maje aur poore dard ke saath

Jyoti(dard se bilakhte huye)- aaahhh.....aaahhh .. .maar dala...ooohhh mmmaaa .....

Deva - ab chillane ki baari hai....chilla meri rani ....joor se chilla ... .

Aur fir deva ne jyoti ki taabadtod chudaai suru kar di....

deva ke har dhakke par jyoti chilla rahi thi par ab uski aawaz me dard nhi balki maza hi maza tha.....

Jyoti- aahh...aahhh...aaahhh...aaahhh....maar diya re....aaah hhhhh.....,.

Deva - saabaash meri rani...ab to gaand uchal kar maza le rahi hai...le maza....aur le gahrai tak mera loda.

Jyoti- aaahh...hhaa......gaand bhi marne ko...aaahhhhh....uchal......a aahhh.. ...rahi... hae……aaaahhhh.....

Deva - bahut acche...maregi ....wo bhi maregi...abhi choot me le...ye le...yeeeee....yyyeeesssss.....

Jyoti- aaahhh......mmmaaa...aaaiiiii....uuuhhh....aaaaaiiiii....hhhhh. .....

Thodi der isi tarah mast chudaai karne ke baad deva ne jyoti ko palta kar uske pair ghutno se mod kar uske kandho par dawa diye....

Jisse uski khubsurat lekin lal ho chuki chut khul kar saamne aa gaya....

Deva - are jyoti....teri bur dekhte hi muh me pani aa gaya....chusaai to banti hai.....

Jyoti- roka kisne hai....ye pura jishm aapka hai....jaise man kare chooso....

Aur fir deva ne apne muh se jyoti ki choot dawa li aur masti me chusaai karne laga.......

Jyoti- aaaahhhhh....bahut accha hai...aahhh...aise hi. ...ooohhhh....

Jyoti- aaahhhh....kya choos...aaaahhhhh…..hae...maar diya....aaaahh hhh....itna maza....bahut jyad amaja aaya ...sach me....aap to muh se hi aurat ko santust kar do.....

Deva - hmm...par mera lund to chudai karke hi manta hai....

Jyoti(gaand uchka kar)- to daal do moosal aur chod dalo na chut bhi hajir hae aur gaand bhi dalo.....

Aur fir deva ne jhuk kar ek hi sath pura lund jyoti ki choot me utaar diya ...jisse jyoti fir se cheekh uthi....

Jyoti- aaaaiiiii.....kya louda hai....aahhh ...faad do....aaahhh ...

Deva - ....ye le....meri jaan…….. poora le………. aur le………..

Aur fir se jyoti ki damdaar chudaai suru ho gai....

Jyoti- aaahhh....aaahhhh..aaahhhh....aaahhhh.....aaaahhhhh.....

Deva - yess....ye le....yeee...yeessss.....

Ab room me sirf jyoti ki cheekhe aur chudaai ki thaapon ki aawaz hi goonj rahi thi.....

Aur udhar……….

नेक्स्ट अपडेट - 118
 
अपडेट - 118

अब रूम में सिर्फ ज्योति की चीखे और चुदाई की थापों की आवाज़ hi गूँज रही थी.....

और उधर……….

देवा के घर में उसके माँ और बाबू जी के कमरे में भी आलम कुछ सुहागरात का hi था. और उनकी चुदाई भी शुरू हो चुकी थी सावित्री देवी की लाल saree,blouse और उससे मैचिंग बाकि लाल कपडे फर्श पे बिखरे हुए पड़े थे साथ hi दन के भी कपडे वही पड़े थे दोनों hi बिस्तर पे किसी नए जवान जोड़े की तरह पूरे नंगे एक दूसरे में समां जाने जितनी म्हणत कर रहे थे सावित्री की हालत इस समय किसी नयी दुल्हन से काम नहीं थी उसके नंगे गोर बदन पे इस समय सिर्फ गहने थे. दन ने उसे एक भी गहना उतरने नहीं दिया था और कपडे का एक रेशा भी छोड़ा नहीं था.

दोनों hi एक बार चुदाई कर के झाड़ चुके थे और अभी दन ने सावित्री को घोड़ी बनाया हुआ था और उस पर पूरा चढ़ के उसे छोड़ रहा था. उसके चुके दबाते हुए

savitriaaaaahhhh..........ooohhhhhooo...aaaahhh....yyyyyeeee....ttthhaappp....ttthhpppp.....aaaa...tthhppp....thhhaaapppp....

सवितीरी – बस करो जी मेरी तो आज कमर hi टूट गयी है ऐसा लग रहा है उउउउउउफफ्फफ्फ्फ़ आआह्ह्ह्हह्ह मेरी छूट जल रही है छोड़िये naaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ऊऊओह्ह्ह्हह्ह इस उम्र में भी कितना चिडिगे. मए कोई आज शादी कर के आयी हुई जवान लड़की नहीं हु.

दन – बस मेरी जान मेरा भी होने hi वाला हैआह्ह्ह्ह क्या मस्त छूट है तेरी जो इस उम्र में भी मेरे लौड़े को चैन नहीं लेने दे रही है कितनी गरम है तू मेरी सावित्री तू आज भी किसी जवान लड़की से काम नहीं है आआह्ह्ह्हह ले मेरा लुंड अपनी गरम बुर में आआह्ह्ह्ह एलीई ………आआअह्ह्ह्ह…….. ओह्ह

दन सावित्री की झूलती हुई बड़ी बड़ी चूचियों को दबोचे हुए उसकी निप्पल खींच खींच के किसी सैंड की तरह उसे छोड़ रहा था सावित्री की हालत इस दूसरी चुदाई में बहोत ख़राब हो चुकी थी लेकिन मजा उसे भी बहोत ज्यादा आ रहा था और दिल से वो भी यही छह रही थी के दन उसे और रगड़ के चोदे. लेकिन अब शरीर साथ नहीं दे रहा था. इसीलिए वो परेशां हो रही थी.

दन भी पूरे पसीने में भीग चूका था एक ों होने के बावजूद.

सावित्री अपने होठो को दांतो में दबाये दन के मोठे लुंड का मजा लिए जा रही थी – आअह्ह्ह्ह……….. सुनो जी यह यह यह …ाअब छोड़ दो न प्लीज आज हमारी नहीं ज्योति ki….ki सुहागरात है.

दन - तो वो भी तो चुद रही होगी न आआआह अपने पति के लुंड से. तू भी यही समझ के हमारी भी सुहागरात है क्या लग रही थी पार्टी में बिलकुल दुल्हन की तरह इसीलिए तो देख मैने तेरे गहने भी नहीं उतरे और दुल्हन बना के hi छोड़ रहा हु तुझे मेरी जान aaaaaaaahhhhhhhhhh oooooooooohhhhhhhhsavitri मजा आ गया आज तेरी बुर छोड़ के आज to….aaaaaahuuuuuufffff

थोड़ी देर और इसी तरह की दमदार चुदाई के बाद दन अपने पानी की मोती धार सावित्री की बुर में अंदर तक छोड़ता है जिसकी गर्मी अपनी बच्चेदानी पे महसूस कर के सावित्री भी भलभला के अपना पानी छोड़ देती है.

इधर सावित्री झड़ी उधर ज्योति भी दूसरी बार झाड़ गई और इसी के साथ देवा भी झड़ने लगा....

ज्योति- aaahhhh....aaahhhh....mmmaaiiinnn....aaahhh....gggaaaaiiiiii.......

मैं- एस. ...मैं भी ....कहा dalu....bhar du....teri बुर

ज्योति- haaa.....bhar....aaaaaiiiiii.....bhar doooo.....waese भी अंदर तुम्हारा hi बच्चा है मेरे devaaaaaaaaaahhhhhh उउउउउइइइइइइ माआ

देवा- ये lo....yess ..yeess....yeesss.....

और देवा ज्योति की छूट को अपने लुंड रास से भरने लगा......

देवा ज्योति की छूट में झाड़ कर उसी के ऊपर लेट गया और दोनों अपनी साँसों को सँभालते हुए लेते रहे....

उधर अघोरी की गुफा में - क्या खबर लाये हो अघोरी ने अपने सामने झूलती एक परछाई से पुछा जो अघोरी की hi एक गुप्तचर शक्ति थी.

गुप्तचर - महँ अघोरी आज गाँव में बहोत बड़ा जश्न हुआ है. इस गाँव के ठाकुर की बैठी की शादी थी आज इसीलिए सब लोग इकठे हुए थे.

अघोरी - सेल निकम्मे और ये तू मुझे अब बता रहा है जब सब कुछ निपट गया अब तक तो ठाकुर की बेटी भी चुद गयी होगी अपनी सुहागरात में हरामखोर पहले आकर क्यों नहीं बताया लौड़े? तू क्या उस ठाकुर की बेटी की बुर चुड़ते हुए देखने के लिए रुक गया था मादरचोद? रुक मए अभी तुझे जला के भस्म करता हु तू किसी काम का नहीं है सेल.

गुप्तचर - क्षमा अघोरी मेरी इतनी मजाल नहीं के मए ऐसी खबर तुम तक न पहुचौ और वह के रंगीन माहौल में खो जाऊ मए तो तुम्हे बताने आ hi रहा था लेकिन मुझे रास्ता hi नहीं मिल रहा था वह से निकलने के लिए.

अघोरी - क्या मतलब रास्ता नहीं मिल रहा था?

अघोरी दिन में hi वह की हलचल देख कर मए वह एक पेड़ पे छुप कर बैठ गया था. जब शाम तक मुझे ये बात पूरी समझ में आयी और सब पता चला तो मए तुम्हारे पास आने के लिए उस पेड़ से उठा और जैसे hi आगे बढ़ने लगा तो मेरे सामने एक अदृश्य दीवार कड़ी थी शायद वह पे किसी ने कोई अदृश्य शक्ति लगा दी थी जो मए देख hi नहीं पाया की कब लगी. और वो अभी थोड़ी देर पहले hi हटी है तो मए भगा हुआ तुम्हारे पास आया बताने

अघोरी - ओह्ह्ह्ह इसका मतलब उस सेल सपोले और उसके साथियो ने ये किया है वो जानते थे के मए ऐसे मौके पे उन्हें चोट दे सकता हु. क्यों की पहले भी ऐसे hi अवसर का लाभ उठा के मैने उन सबकी गांड मरी थी. इसीलिए अभी वो लोग होशियारी से काम ले रहे है. चलो ठीक है अब तुम आ hi गए हो तो अब तो कोई फायदा नहीं है. जाकर अपनी कबर में छुप जा वार्ना यही गांड मर लगा तेरी

वो गुप्तचर तुरंत वह से अपनी गांड बचा के भाग खड़ा हुआ. और अघोरी वह जलती आग में घर के देखने लगा उसकी आंखे लाल हो चुकी थी.

अघोरी - रूद्र सेल सपोले तू नहीं जनता अब तेरी ये होशियारी किसी काम की नहीं है क्यों के तुम यहाँ लोगो को लुगाई दिलाने में व्यस्त हो, अछि बात है रहो इसी में व्यस्त लोगो को छूट दिलवाओ वो छूट मरे और तुम सेल, तुम लोगो की गांड तो मए मरने वाला हु क्यों की तुम इस बात से अनजान हो के मेरा स्वर्ण मणि का सफर शुरू होने hi वाला है बस मुझे इंतजार है उस घडी का जिसमे मए उस सफर पे निकल सकू मेरी तयारी तो हो चुकी है तुम लोग यहाँ छूट का खेल खेलते रहो मए स्वर्ण मणि लेके आ जाउगा फिर तुम लोगो को मुझ से कोई शक्ति नहीं बचा पायेगी. मए तुम लोगो की सबकी गांड मर के नाग लोक और तिलिस्म लोक का राजा बनुगा और तुम सबको गन्दी नाली में रेंगने पे मजबूर कर दुगा.

हवेली में करीब 10 मिनट बाद देवा उठ कर बाथरूम चला gaya....aur देवा के वापिस आते hi ज्योति भी बाथरूम में घुस गई…...

और वापस आकर नंगी hi देवा के ऊपर लेट गयी देवा भी उसकी चूचिया चूसते हुए उसकी गांड सहलाने लगा और ज्योति अपनी कमर हिला हिला के देवा का बड़ा लुंड अपनी बुर से रगड़ने लगी.

नेक्स्ट अपडेट - 119
 
भाई लोग अपडेट कोई भी हो म्हणत हर अपडेट को लिखने में लगती है और समय भी. लेकिन जैसा मैने कहा है ये रत निकल जाने के बाद ये सब ख़तम हो जायेगा सो गिव योर रिव्यु एंड गेट नई अपडेट. नाउ टाइम तो योर रिव्यु और साथ hi आने वाले उपदटेस में देव का एक अलग रूप देखने को मिलेगा आप सब को जो अब तक की स्टोरी में नहीं दिखा. हे इस कंफ्यूज. क्यों ? ये आने वाले अपडेट में पता चलेगा. क्यों वो कंफ्यूज हो रहा है सफर पे निकलने से पहले? परेशानी क्या है? ऐसा क्यों है के वो फ़कीर बाबा से hi उस बात पे बहस कर गया? सफर पे सब निकलेंगे लेकिन स्वर्ण मणि के लिए जायेगे 4 लोग बाकि बंद बजायेगे विलियम का कैसे बजेगा विलियम का बंद? वह पे क्या क्या होगा? वह से गुरुम किसे लाएगा? क्या उसमे भी कोई नया करैक्टर मिलेगा? सवाल बहोत से है देर आप लोग कर रहे है. सो गिव योर रिव्यु फ़ास्ट. ों गिवेन अपडेट.

मिलते है जल्द hi bye गाइस
 
((फ्रेंड्स प्लीज इस अपडेट को एन्जॉय कीजिये क्यों की ये ज्योति की भले hi फर्स्ट नाईट है लेकिन देवा की लास्ट नाईट है इसके बाद आगे सिर्फ खतरे और रोमांच hi है और अब स्टोरी में सेक्स गायब हो जायेगा. लम्बे समय के लिए इसीलिए इस अपडेट को मेगा अपडेट के रूप में दे रहे है. इसमें ओनली फन hi मिलेगा जो अब दूर तक आगे है नहीं. सो एन्जॉय ))
 
अपडेट - 119

ज्योति भी बाथरूम में घुस गई…...

और वापस आकर नंगी hi देवा के ऊपर लेट गयी देवा भी उसकी चूचिया चूसते हुए उसकी गांड सहलाने लगा और ज्योति अपनी कमर हिला हिला के देवा का बड़ा लुंड अपनी बुर से रगड़ने लगी.

ज्योति की बुर फिर से गीली होने लगी थी.

थोड़ी देर बाद देवा ने ज्योति को कुटिया के पोज़ में आने को कहा....

देवा के कहते hi ज्योति कुटिया बन गई और उसकी फ्रेश गांड देवा के सामने आ गई...

देवा ने जल्दी से ज्योति की गांड के छेद पर जीभ फिर दी...

देवा - अब तेरी गांड मरुँगा डार्लिंग ...

ज्योति - hmm...par दर्द होगा न...

देवा - है होगा वो तो सुहागरात में होता hi है पर मज़ा बहुत aayga...bolo मर लू...???

ज्योति - है मेरे राजा ...मार lo....mae आपको सुहागरात मानाने से क्यों रोकूंगी मए तो इसी रत के लिए तरस रही थी………

देवा ने फिर ज्योति की गांड को चाट कर गीला किया और फिर टेबल से क्रीम की डिब्बी ले आया...

देवा ने क्रीम को उँगलियों से ज्योति की गांड के अंदर भर दिया और ऊँगली से गांड मरने लगा...

ज्योति - ohhh..aaaaaaaaahhhhhhhh...aaaram se...aaahh....

थोड़ी देर बाद देवा ने उंगली निकली और गांड के छेद पर लुंड सेट कर दिया....

लुंड सेट करते hi बिना ज्योति के कुछ समझे एक धक्का mara….par लुंड फिसल गया…..

देवा ने फिर हाथ से लुंड पकड़ कर धक्का मारा और इस बार आधा सूपड़ा ज्योति की गांड में घुस gaya…..or वो तड़प गई…

ज्योति -aaahhh…aaahh..nahhii….mummmyyyy aaaaiiiiiiiiiiiii

देवा ने थोड़ा सा धक्का और मारा और पूरा सूपड़ा गांड में घुस gaya….jyoti की गांड खुल गई और खून निकलने लगा और ज्योति तड़प कर चीखने लगी…

Jyotimmuuummmyyyyyyy……huhhuhuhu…..maarr..gaaiii….. नीयकककालूओ ..aahhhhhh..mmmuuummmyyy फैट गयी meriiiiiiiiiiiiii गाआआअआननननन्द

देवा ने हाथ आगे करके ज्योति के बूब्स को सहलाना चालू किया और झुक कर उसकी पीठ पर किश करने लगा और तुरंत hi एक धक्का मारा जिससे थोड़ा लुंड और अंदर चला गया…

ज्योति - uumm..uumm..uuummmaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhuuuuu

uuuuuuuiiiiiiisssssssssseeeeeeeeeeaaaaaaaaaahhhh

देवा ज्योति को किश कर रहा था पर वो तड़प hi रही थी गांड बिकुल कोरी थी अब तक उसमे ऊँगली भी नहीं डाली थी ज्योति ने कभी

देवा थोड़ी देर रुका और उसके बूब्स को दबाते हुए उसे किश करता raha…to ज्योति नार्मल हुई थोड़ा…

ज्योति के नार्मल होते hi देवा ने सोचा की अब वक़्त आ गया है गांड की धज्जियाँ उड़ने ka...aur यही सोच कर देवा ने जोर से धक्का मारा और आधा लुंड गांड में चला गया….

ज्योति -naahhii….mmmuummmmyy…niiikkaallooo…aahhh….aahhhhhh

देवा - बस मेरी जान …हो gaya…ab दर्द नहीं hoga..or देवा ने बूब्स दवना और किश का काम जारी रखा…. अब एक हाथ से वो ज्योति की बुर को भी मसलने लगा जिससे उसका दर्द जल्दी काम हो जाये

थोड़ी देर बाद देवा ने आधे लुंड को hi dheere-dheere आगे पीछे करना सुरु किया और ज्योति दर्द से सिसकने लगी..

ज्योति - aaaaaahhh…aahh..dard हो rahaa…aahhh....mat करो न प्लीज थोड़ा रुक जाओ…………..

uuuuuuuuuuiiiiiiiimmmmaaaaaaaaa इस चुदाई में मजा काम दर्द ज्यादा है देवाआआआ रुको नाआआआआ

देवा- bas..thoda ruko..sab ठीक hoga…abhi …………..

देवा अपना काम करता रहा और 5 मिनट के बाद ज्योति नार्मल हो gai…uski आँखे आशुओ से भर गई thi…chehra पसीने से भरा हुआ था बाल बिखर चुके थे हलाकि कमरे में फुल एक चालू था लेकिन ज्योति का बप हाई

देवा ने फिर धक्का मारा और पूरा लुंड अंदर दाल दिया….

ज्योति -huhuhu..mmuuummyyyy….mmaarr..aahhhh..ggaaiiii ….ममउम्मियय

देवा ने ज्योति के बूब्स छोड़ कर एक हाथ उसकी गांड पर रखा और दूसरा छूट par....Deva ने एक हाथ से उसकी गांड की सहलाते हुए दूसरे हाथ से उसकी छूट के दाने को मसलने लगा और

धीरे –धीरे लुंड को हिलने लगा….

करीब 10 मिनट की म्हणत के बाद ज्योति नार्मल हुई और बोली..

ज्योति –है मेरे दूल्हे राजा तोड़ hi दी मेरी सील …अब karo…dard काम है…

देवा - ठीक है रानी ..मैं आराम से करता हु…

ज्योति -हम्म्म

देवा ने प्यार से ज्योति की गांड मरना सुरु किया और थोड़ी देर के बाद स्पीड badai…ab ज्योति भी दर्द के साथ मस्ती में सिसक रही थी…

देवा -..अब ठीक है न …

ज्योति - aahh..haa.. …maro…aahhhh मेरी गांड अब ठीक है…….

देवा - ये lo…..pyaar se…yeehhh

ज्योति - हां.. …daalo….aahhhh और अंदर डालो छोड़ो मुझे मेरी जान आअह्ह्हूँउउम्मम्मम्म मजा आ रहा है छोड़ो मुझे देवा छोड़ो कास के

देवा ने अपनी स्पीड थोड़ी और बड़ा दी…

देवा - ये लो डिअर …अब मज़ा करो..

ज्योति -आह्हः.. …daalo…joor se…aahhhh… जोर से… जोर se…aaaaahhhhhhhhh

देवा - मज़ा आ रहा है…

ज्योति - hhaa….meri jaan…bahut..aahhh…daalooo...

देवा थोड़ी देर बाद फुल स्पीड में ज्योति की गांड मरने लगा और ज्योति ने भी अपनी गांड को पीछे कर के लुंड का स्वागत करना सुरु किया….

देवा - ये ले मेरी जान ..अपने दूल्हे का ले.. अब तक मए तेरा लवर hi था अब पति भी बन गया तेरे बच्चे को नाम भी दिलवा दिया

ज्योति -haa...ji...faad do....ab...joor see...aahhh..aahhh

देवा - ये le......yeeehhhh..

ज्योति –आह्हः बहोत ज्यादा …जोर seee..orr..teejejj

देवा तेजी से ज्योति की गांड मर रहा था और साथ में हाथ से उसकी छूट मसल रहा था जिससे ज्योति झड़ने लगी..….

ज्योति -januuuuu…aahhh..mainnn…aaaiii….aaahhhh....

देवा- yess…...come on….ye ले….

जैसे hi ज्योति झाड़ गई तो थक कर आगे झुक गई देवा ने लुंड को गांड से बहार निकाल लिया तो देखा की गांड खून से लाल हो गई थी और पूरी खुल चुकी थी…

ज्योति थक कर डाली हुई thi...to देवा ने उसे उठाया और अपनी गॉड में आने को kaha...jaise hi वो गॉड में आई तो देवा ने उसके पेअर फैला कर गांड में लुंड सेट किया और अंदर दाल दिया..

देवा - अब लुंड की सवारी कर मेरी जान

ज्योति -aahh..haa..…karao…aahhhh

दो धक्को में पूरा लुंड ज्योति की गांड में tha...fir देवा ने उसको जांघो से पकड़ा और उछाल- उछाल कर उसकी गांड मरने लगा....

ज्योति - ohh..maaa...aahhh...kya लुंड है मजा आ गया गांड में लेकर देवा छोड़ो मुझे जी भर के आज की रात ीीीेस्सस्स्स्स ीीीेस्सस्सस फ़क में हार्ड देवाआआआआ

देवा ने अपनी स्पीड से ज्योति की गांड मरना सुरु कर दिया…

देवा - ये लो मेरी जान …अब मज़ा करो..

ज्योति -aahhh..uuuuuuuhhhhhhhhh…daalo…joor se…aahhhh…

देवा- मज़ा आ रहा है…

ज्योति - हहा…. …bahut..aahhh…daalooo...meri गांण्ड्ढ....

देवा ने थोड़ी देर बाद फुल स्पीड में ज्योति को उछलते हुए उसकी गांड फाड़ने लगा..... ज्योति ने भी अपनी गांड को उछाल कर लुंड पर पटकना सुरु कर दिया….

देवा का लुंड अब ज्योति की गांड की गहराई में जाने laga...aur ज्योति मस्त होकर एंजोयी करने लगी...

देवा - ये le..apne देवा का लुंड गांड में le..poora

ज्योति -haa...Deva ...फाड़ do....gand...joor see...aahhh..aahhh

देवा - ये le......maza आया...

ज्योति -आह्हः.. …जोर seee..orr..teejejj...yes...yes...

थोड़ी देर तक देवा ज्योति को uchal-uchal के उसकी गांड मरता raha...lekin इस पोजीशन में ज्योति को दर्द ज्यादा हो रहा tha...to देवा ने उसे फिर से कुटिया बना diya..aur एक झटके में लुंड उसकी गांड में दाल दिया...

ज्योति - uuuiiii..maaa...

देवा - माँ को मत bula...uski भी मार duga...hahaha...

ज्योति - aahhhh...maar लेना उनकी भी गांड छूट तो मरवाती hi है तुमसे गांड भी मारो उनकी उन्हें भी मजा आएगा पर ...अभी मेरी maaro....aaahhh

आज मेरी आआआअह्ह्ह्ह सुहाग ऊऊऊह्ह्ह्हह्ह सुहागरात है naaaaaaaaaaaa

देवा ने ज्योति की कमर को पकड़ा और तेजी से उसकी गांड मरना चालू kiya....jyoti ने भी अपने हाथ से अपनी गर्म छूट को मसलना चालू कर दिया.....

ज्योति -आह्हः.. …जोर से ..एस..…

मैं- yeehhh....ye le...yehhh...

और देवा स्पीड से ज्योति को डोगग्य स्टाइल में छोड़ने लगा…

देवा - ये ले मेरी रानी….

ज्योति -aaahh.....mast hai....joor se....daalooo

देवा- haa..ye ले...

ज्योति -aahh..ahhh.....faad dooo....mazaaa...aahh....aa...gayaaa...

देवा- yess..…yes…

ज्योति -Devaaaaaaa.aaaa…..aahhhhh..aahhhh…aahhhh….

देवा की जाँघे ज्योति की गांड पर थप दे रही थी और ज्योति अपने हाथ से अपनी छूट से रास निकलने का तरय कर रही thi...aur देवा का लुंड ज्योति की गांड को फाड़ रहा tha..jisse पुरे रूम में अब आवाज़े गूजने लगी.......

.ttthhppp…ththhpp..aahhh…uuumm..hhhmmm.. ……aahah….aahhhhh..uufff …oohhh…oohh…. ….tthhpp…tthhhppp..aahahhh..ahhahhhh…y ess..yess…… आह्ह्ह्हह…

uuummm…uummm..yeeehhhh….baby..…ye le…ye..…or जोर se…le.. aahahhhh...thhhaaappp…aahhhhh….uummmmhh…aahhh..aahh…

और इसी मस्ती में ज्योति फिर से झड़ने लगी....

ज्योति - aaahh...deva ....main....gaaaiiii....

ज्योति के झड़ने के बाद भी देवा उसकी गांड मरता रहा और कुछ देर में hi झड़ने लगा. ..

देवा- yess...main aaya...yess...aaahhh..aahhh

ज्योति - डाल दो अंदर hi....aaahhh...andar.....oohh....

देवा ने अपना लुंड रास ज्योति की गांड में दाल दिया और जैसे hi लुंड बहार निकला तो ज्योति की गांड से लुंड रास बहने लगा....

दोनों थोड़ी देर ऐसे hi पड़े रहे फिर देवा बाथरूम जा कर फ्रेश हो aaya...jyoti भी बाथरूम जाने लगी ..बूत वो चल नहीं प् रही थी...

देवा ने ज्योति को बाथरूम तक छोड़ा और जब वो फ्रेश हो आई तो उसे गॉड में उठाकर बीएड पर लिटा दिया...

फिर देवा ने उसे पैन किलर टेबलेट खिलाई और उसके साथ hi लेट गया.

नेक्स्ट अपडेट - 120
 
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