जमील ने सोचा अगर मीणा सच में चुदाई से खुश थी तो वो जरूर अपना गुस्सा उतारते hi अपनी ीचा किसी न किसी बहाने जाहिर करेगी और फिलहाल बेहतर यही होगा की वो चुप चाप सही वक़्त का इंतज़ार करे…
आगे
दोपहर तक मीणा का वक़्त सोचने में चला गया tha…aur वो इसी सोच में डूबी अपने लिए दोपहर का खाना बनाकर लंच बी करलिया और वो रोज़ाना की तरह फिर से दोपहर को सो गयी thi..ab बी जमील क साथ बाईट उस्क्स वक़्त उसे अपने दिल पर भोज hi लग रहा tha..aur वो इस भोज को किसी तरह थोड़ा तो हल्का करना चाहती thi..bahut सोचने का बाद उसे लगा मैंने जमील क साथ जो बी किया शायद मेरी जिस्म की प्यास भुजने क लिए kiya..aur इ प्यास को क्यू न मई अपने पति से hi भुजने की कोशिश न karu…maana की अब वो इस मटर में ज्यादा इंटरेस्टेड नह है पर हो सकता है मेरे सजने सवारने से उनमे बी जोश aajaye..aur मुझे संतुष्ट kare..pura तो नह काम से काम थोड़ा तो sahi…nh नह आज मई उन्हें इतना प्यार दूंगी की वो जोश में आके मेरी इस जरुरत को बी पूरी karde..ha यही ाचा रहेगा इससे मेरी गलती बी सुधर सकती है..
मीणा तुरंत उठी और घडी देखि तो दोपहर क 4 बजनेवाले the…ab उसे बहुत कुछ करना था जिससे वो अपने पति को खुश karde…uthate hi वो पहले नज़दीक क चिकन दुकान पे गयी और चिकन लेके घर आकर उसे साफ़ करके मसाला लगाके फ्रिज में रख दी और किचन में रात क खाने की तैयारी करने lagi..aur शाम क 6.30 बजे क पहले hi वो डिनर की साड़ी तैयारी करके नहाने चली gayi..wo आज कुछ ऐसा करना चाहती थी जिसे देख उसका पति अपने आप को रोक न पाए और उसे बहो में भरके खूब प्यार kare…nahakar फ्रेश होकर उसने आज निघ्त्य की जगह एक टाइट लाल रंग की लेग्गिंग्स पहन लिया साथ में उसके ऊपर एक क्रीम कलर का टॉप..
मीणा इस कपडे में सच में क़यामत भ रही thi.is वक़्त कोई उसे देखता तो अपना लुंड मसलने से अपने आप को नह rokata…meena अपने होतो को हलके से लिपस्टिक का टच दिया था इसलिए उसके गुलाबी हॉट और बी रसीले लग रहे थे स्ट्रॉबेरी की tarah…aur कुछ hi देर में मीणा का पति काम से लौटा तो अपनी खूबसूरत बीवी को देख वो बी खुश होता हुआ pucha…is वक़्त कहा जानेवाली हो मैडम ji…meena क पति ने मज़ाकि अंदाज़ में सवाल किया तो मीणा बी हस्ते हुए बोली कही पे नह…
पति- तो फिर इ सजना सवर्ण वो बी इस वक़्त? उसके पति ने सवाल भरे नज़रिये से पूछा और अंदर आके अपना बैग रखा और मीणा की तरफ देखने लगा
मीणा एक मुस्कान देते हुए क्यू? मई अपने पति क ख़ुशी क लिए पहन नह सकती क्या?
पति- अरे मेरी जान मई तो चाहता हु तुम हर दिन ऐसे hi खुश raho…kehte हुए वो वाशरूम चला गया फ्रेश होने तो मीणा अपनी मकसद में कामयाब होती देख कर किचन में चालीगयी कॉफ़ी बनाने क लिए..
कुछ देर बाद मीणा कॉफ़ी लेके बहार आयी और कॉफ़ी पति को देकर उसके बगल में बैठ gayi..bagal में बैठा उसका पति मीणा क जिस्म से आरही परफ्यूम की खुशबु सूंघते हुए bola…lagta है आज बहुत खुश ho…jara हमे बी इस ख़ुशी का वजह बता देते तो हम बी थोड़े खुश हो जाते hehehe..meena क पति ने टोंट मरते हुए कहा…
तो मीणा बी उसी अंदाज़ में boli..ha मई बहुत खुश हु जबसे आपसे शादी हुई hai…aur कभी कभी लगता है अपने प्यारे पति को हमेशा मेरे साथ hi rakhu…kaam पे बी जाने न दू..
पति- ाचा तो घर कैसे चलेगा और बचो की पढ़ाई का खर्चा कौन करेगा हाहाहाहा
मीणा- बस उतना बी सेल्फिश नह हु जो सिर्फ मेरे बारे में sochu..mai जानती हु आप इतनी म्हणत मेरे और बचो क भलाई क लिए तो करते हो ..तो क्यू न मई बी मेरे प्यारे पति को कभी कभी ऐसे खुश करने की कोशिश karu..meena ने बहुत नजूज तरीके से सिचुएशन पर नज़र रखते हुए बोलै
तब तक उसके पति की कॉफ़ी बी ख़तम हो गयी th..aur वो बोलै तुम तो मेरी जान हो और तुमसे मज हमेशा खुश hu..chahe तुम किसी बी तरह रहो…
मीणा उठ क कॉफ़ी क मग को अंदर किचन में रखने गयी और तब तक उसका पति अपने कपडे पहन कर बहार जाने क लिए रेडी हुआ था. मीणा अपने पति को देखते हुए boli..ek बात बोलू बुरा तो नह मानोगे…
पति- भला तुम्हारी बात को मई क्यू बुरा मानु बोलो मीणा क्या बात है..
मीणा- अगर आप ड्रिंक्स करने जा रहे है तो प्लस आज यही पे बैठ क ड्रिंक्स करो na…mai आपके लिए गरमा गरम खबब बांडुंगी..
मीणा का पति कुछ सोचा उसे लगा की मीणा क दिल को दुखाना ठीक नह होगा और वो बी मीणा की बात मानते हुए मज़ाकि अंदाज़ में बोलै सिर्फ खबब hi डौगी या और कुछ बी हेहही
पति की बात सुनकर मीणा बहुत खुश हुई थी उसे लगा वो अपने मकसद में कामयाब हो गयी और उसे पति क मुँह से ऐसी बात सुनकर शर्म बी आयी और वो शरमाते हुए boli..wo तो सिर्फ आपका hi है जब चाहे ले सकते हो…
मीणा की बात सुनकर पति बोलै चलो तो फिर कहते हुए वो अपने कपडे बदलने को खड़ा हुआ तो मीणा को लगा उसका पति अब hi …उसके साथ सेक्स करना छह रहा है और वो शर्माके बोली ab…waqt तो देखो…
मीणा क बात सुन क पति हस्ते हुए बोलै अरे बाबा वो नह मेरा मतलब मई कपडे बदलता हु तब तक तुम मेरे लिए खबब बनावो…..
पति क इस बात से मीणा थोड़ी निराश तो हुई पर उसके लिए ख़ुशी की बात थी की उसका पति उसके कहना मान गया था वो ख़ुशी ख़ुशी किचन आयी और खबब बनाने लगी साथ में डिनर बी बनाने लगी जिसकी तैयारी उसने पहले की कर राखी thi…kuch आधे घंटे में गरमा गरम खबब तैयार होते hi उसने पति को प्लेट में सर्वे करके दी और किचन में आके डिनर रेडी करने lagi…saath hi साथ उनके बीच थोड़ी इधर उधर की बाते बी होने लगी..
उधर जमील का बुरा हाल था ..न तो आज उसे मीणा का कोई मश्ग आया था और नहीं उसके पति ने जमील से आज बात की थी और नहीं उसे आज वो मिला था जिसका इंतज़ार जमील बेसब्री से कर रहा था. वो बी अब सोच में पड़गया था न जाने उसके मैं में बी अजीब ख्याल आने लगे the…kahi मीणा सच में तो मुझसे दूर तो नह Hui…kahi हम दोनों की बात उसके पति को पता चल तो नह gayi..kya वजह हो सकती है कल से दोनों की कोई खबर बी नह muje….meena का पति कल शाम को बी जब बहार गया था तो तब उसे अपना एक पुराण दोस्त मिल गया tha..aur उसके साथ बात करते करते hi वक़्त बीत गया tha…aur वो बिना जमील से मिले या बात किये घर वापिस आया tha…aur इस बात से जमील अनजान tha…isliye उसके मैं में ऐसे ख्याल आने लगे थे..
लेकिन जमील को इस बात से कोई फरक नह पड़ता था की मीणा का पति आज उससे नह मिला उसे बस मीणा क बारे में जानने क लिए उसके पति क साथ आज वक़्त गुजरना tha..jiske लिए वो सुबह से बेक़रार tha…aur उसने सिचुएशन की सचाई जानने क लिए कुछ सोच कर मीणा क पति को कॉल कर hi दिया
इधर मीणा का पति खबब क साथ पेग का मजा ले रहा था वो बी अपनी खूबसूरत बीवी क बगल में बैठ कर तो उसके मोबिल क रिंग ने उसके मजे को थोड़ा भांग कर दिया था और वो मोबाइल स्क्रीन पे देख कर ओह्ह्ह्ह जमील भाई …लगता है आज इनका बी ड्रिंक्स का प्लान था मेरे saath..aur वो फ़ोन रिसीव करके hello बोलै..
पति क मुँह से जमील का नाम सुनते hi मीणा थोड़ी उनकंफर्टबले फील करने लगी और मैं में hi बोली इ कमीना तो मुझे पाने क लिए हमेशा मेरे पति क पीछे hi पड़ा रहता hai…aaj ाचा मौका hai..mai कैसे बी करके पति को समजा दूंगी की जमील जी दूर रहे और वो वही नज़ारे झुकाये बैठी पति क बातो पर hi ध्यान देने लगी thi..kuch देर क बातो से मीणा को अंदाज़ा लगा की अब उसका पति जमील को घर आने की दावत देने वाला है तो मीणा ने उसे न न में इशारा किया जिसे देख उसके पति को लगा की इस वक़्त जमील का आना मीणा को ाचा नह लग रहा है और वो अपनी बात को बदल कर दूसरी बात करने लगा.
दरअसल जमील और मीणा क पति क बीच पिछले दो दिन से न मिलने की वजह से जमील ने मीणा क पति को बार में पार्टी क बहाने बुलाने की कोशिश की thi…aur जब मीणा का पति सच बताके जमील को उसके घर ड्रिंक्स क लिए इन्विते hi करनेवाला tha…meena ने उसे न न में इशारा किया था..
कुछ 5 मीन्स में जमील और मीणा क पति क बीच बात ख़तम होक कॉल कट गया था तो मीणा का पति मीणा को देखते हुए bola..q मन करदिया अगर वो आते तो तुम्हारे हाथ क बने खबब खा कर खुश होते…
मीणा मैं में hi बोली अब आप को कैसे batàvu की आपके दोस्त जमील जी ने मेरा क्या क्या खाया हुआ hai…isiliye तो मई जमील जी को हम दोनों से दूर करना चाहती हु ..और वो अपने मैं में चल रही hi बातो को वही दबाते हुए boli..hum दोनों की बीच आपके जमील भाई को बुलाना मुझे ाचा नह laga…so मन किया…
इ बात मीणा ने तब कही थी जब उसका पति ड्रिंक्स का घुट ले रहा था इसलिए उसके पति सिर्फ आपके जमील भाई क बदले सिर्फ जमील भाई hi सुनाता मीणा क मुँह से और वो सोचने लगा कितनी प्यारी है मेरी मीणा हमेशा हेयर मर्दो को अपना भाई hi मानती hai..aur उसे मीणा पर गर्व महसूस होने लगा था की उसको ऐसी शरीफ संस्कारी बीवी मिली hai..aur वो अब बिना कुछ बोले चुप बाकी बचे अपने ड्रिंक्स को धीरे धीरे लेने लगा था…
पर जब जमील का नाम उसके पति क मुँह से आया तो माहौल में थोड़ा बदलाव आया tha..jiska असर मीणा पे पड़गया tha..aur वो अपने पति से बोली आप ड्रिंक ख़तम करो तब तक मई डिनर लगाती हु कह कर वो किचन में आयी और एक ग़हरी सास लेते हुए अपने आप से hi सवाल जवाब करने lagi…kaise बतावु पति को जमील जी की नियत ठीक nh..wo हाथ धोकर मेरे पीछे पड़े हुए है…
अगर उन्होंने पूछा तो तुम कैसे पता तो क्या जवाब दूंगी mai..kis मुँह से बतावुंगी की मई उनके साथ बिस्टेर बात चुकी hu…kis मुँह लेके कहूँगी की जमील जी मेरे हर एक गुप्त अंग क साथ खेल चुके hai…kaise बतावुंगी की जमील जी क हथियार को खुद मैंने अपनी योनि पर रख क उन्हें आगे बढ़ाने का निहोता खुद मैंने hi दिया tha…aur इ सोचते hi मीणा फिर से थोड़ी उदास होगयी अपने किये को सोच कर और वो कुछ सोचने hi वाली थी तब उसे लगा की उसका पति ड्रिंक्स ख़तम करके अंदर किचन में hi आरहा है डिनर क लिए तो मीणा ने आपने आप को फिर संभाला और मैं hi मैं boli..itne अचे मौके पर जमील जैसे कमीने की याद करके मूड ख़राब करना ठीक नह जो हुआ वो गुजरा हुआ पल hai..isse ाचा यही होगा की आज पति से वो सुख पाने की कोशिश करू जिसकी जरुरत मेरी जिस्म को hai…aur मेरे पति बी आज मूड में hi hai..maja करने इससे ाचा क्या chahiye…aur वो डिनर सर्वे करने लगी प्लेट में दोनों क liye..aur दोनों एक साथ डिनर करने लगते hai..ek दूसरे से हसी मज़ाक करते हुए…
कुछ देर बाद दोनों डिनर फिनिश कर चुके थे अब दोनों को बस इंतज़ार था तो वो बैडरूम जाने का और वो वक़्त बी आगया था मीणा बहुत खुश thi…aur वो अपना काम जल्द से निपट कर अपने पति का साथ देने बैडरूम चालीगयी और वो जैसे hi बैडरूम पहुंची उसके पति ने उसे खिंच क बहो में लिया और रूम का लाइट ऑफ kardiya…meena बी अपने पति क इस हरकत से खुश होगयी थी ..और बिना किसी विरोध क अपने पति क बहो में samagayi..lekin कुछ एक मिनट बी नह हुआ था उसे अपने पति क बहो में समाये उसके पति ने उसे लेग्गिंग्स उतरने को kaha..to मीणा को निराशा हो गयी थी वो चाहती थी की आज उसका पति उसके जिस्म क साथ खूब खेले और उसे इतना गरम करे की वो खुद छोड़ना चाहे.. वो अपनी कामुकता को पति क सामने जाहिर बी नह कर सकती थी इसलिए ावो निराश मैं से अपना लेग्गिंग्स उतरने लगी चड्डी क saath..aur मैं में hi बोली सॉरी मेरे पतिदेव आज मुझे आपसे बहुत प्यार की उम्मीद thi….khair छोड़ो आपके लिए इ बी सही पर आप मुझे आज इतना छोड़ो की मेरा जिस्म कम्प uthe…aur मेरी तड़प हमेशा क लिए मीठ jaaye..meena कुछ सोच hi रही थी की उसे एसएस हुआ की उसका पति उस पर चढ़ चूका है और उसकी छूट क छेद पर अपना हथियार को रख चूका hai..aur देखते hi देखते वो हथियार शांति से उसकी योनि में प्रवेश कर चूका hai…ab मीणा इ बी अपने आप को पोजीशन में लाया हलके धक्के अपनी योनि में महसूस करने लगी न कोई सिसकारी या न कोई आवाज़ क साथ. उसकी साड़ी उम्मीद पर पानी फेर गया tha…wo बस अपने पति क निचे लेती हुई thi..aur पति को खुश कर रही थी ..पहली बार उसे अपने पति क साथ थोड़ा बी मजा नह ारः tha…use ऐसा लग रहा था जितना उसकी योनि में हथियार को समां जाना चाहिए उससे आधा बी समां नह पा रहा है.. वो नाकाम कोशिश बकरते हुए अपनी कमर को उठाने लगी ताकि पति का हथियार पूरा अपनी योनि में समां le…par उसकी इ कोशिश बी नाकामयाब रही और आखिर उसने अपनी उम्मीद खो दी थी…,
कुछ 5-6 मिनट क खेल ख़तम होते hi उसका पति डिस्चार्ज हुआ और मीणा से पूछा खुश??
अब मीणा क्या जवाब देती और वो पति क मैं रखने क लिए boli…ha bahut..aur वो अपने चेहरे पे उदासी बनके मुँह मोड़ ली जो जीरो बल्ब की रोशनी क वजह से उसके पति को पता बी नहीं चला और वो मीणा से अलग होकर सोते हुए बोलै चल मीणा अब सो जाते hai..aur वो अपने कपडे ठीक करके सो गया तो यहाँ मीणा ने बी अपना लेग्गिंग्स और चड्डी को पाँव से ऊपर करके पहन लिया और निराश हो कर दूसरी तरफ मुँह करके सोने लगी…
लेकिन आज उसे नींद आने वाली hi नह थी. …आज उसके पुरे किये पे पानी फेर गया tha…uski उम्मीद कुचल चुकी थी. जो सुख वो अपने पति से लेकर अपनी वफादारी को कायम रखना च रही thi…aaj उस सुख का नामो निशान बी उसे नसीब नह हुआ tha…wo मैं hi मैं टूट चुकी thi….use पहली बार कामक्रीड़ा क बाद अपने पति पे गुस्सा आया था ..पहली बार उसे ऐसा लग रहा था की उसकी जिस्म की प्यास पति से बहुजन नामुमकिन hai…aur वो एक पार पति सोते हुए पति को देख कर मैं hi मैं बोली सॉरी मेरे पतिदेव आप मुझे खुश नह कर सकते, आपके हथियार से ाचा तो जमील जी क ऊँगली ने मेरी योनि में कमल दिखाया tha..ab मीणा सामने न चाहते हुए बी जमील क साथ खेले काम क्रीड़ा की एक एक हसीं पल याद आने लगे थे ..कैसे जमील क साथ उसने 2 से बी ज्यादा घंटे जिस्म क जिस्म क मधुर टकराहट करते bitaye…na चाहते हुए उसके सामने उसदिन का हर एक लम्हा घूमने लगा और वो फ्लैशबैक में चालीगयी
कैसे उस दिन जमील थोड़ा लेट hi आया था और मीणा एक सेक्सी टाइट निघ्त्य में उसका इंतज़ार कर रही thi…aur जमील क आने क बाद दोनों में कैसे प्यार का अंकुर खिल gaya…wo मीठी baate…kaise जमील ब्रेकफास्ट करते वक़्त उसके पाँव से खिलवाड़ करते उसके नंगे जांघो तक पहुंच gaya….fir उसके बाद पहली बार उनके होतो का प्यार भरा Milan….fir बीएड पे दोनों कैसे मांगे हुए और उसके बाद जो कमल जमील ने मीणा को dikhaya…e सब सोच कर hi मीणा गरम होने लगी सच में जमील जी पास वो कला है वो अछि तरह जानते है औरत को गरम कैसे किया जाता है. मई बी कितनी गरम होगयी थी उस दिन अगर आज वो मेरे साथ इस वक़्त होते तो शायद अब बी उनका जाथियार मेरे योनि में होता.. अह्ह्ह्हह्हह ..सोच कर hi जिस्म खिल उठ रहा है. जिसे एक माणूस घडी समाज कर मीणा भूलना छह रही थी आज वही घडी उसे अपने लाइफ की अविस्मरणीय घटना लग रही थी और न चाहते हुए उसके जिस्म में गर्मी का एसएस होने लगा, योनि क पाकलोबक बीच खुजली सी होने लगी और उस खुजली को ेनाने क लिए उसे अपने ऊँगली का सहारा लेना पड़ा tha.…lekin उसका संस्कार ने उसे फिर जवाब diya…e क्या मीणा जिस आदमी को तुम भूलना छह रही थी उसीको याद करने की गलती कर रही हो..
अब मीणा का मैं खुद सवाल जवाब करने लगा tha…q न याद Karu..jab मेरे पति मेरे उम्मीद को कुचल कर मुझे प्यासी छोड़कर मेरी बिना कोई परवा किये सो गए hai…kya उनका कर्त्तव्य नह अपनी बीवी की तमन्ना को पूरी karde…kya सिर्फ धन दौलत hi इंसान की खुशियोका सहारा hai…nh nh…dhan दौलत से बढ़कर और बी बहुत कुछ है और वो है मैं की ख़ुशी. मन की मैंने जमील जी क साथ सम्भोग करके सबसे बड़ी गलती की hai..par आज पति की उनका हक़ लौटकर उस गलती को सुधर ने कोशिश बी तो की थी आज. पर मेरे पति ने क्या किया वो उस हक़ को अपना ने क बदले उसे अधूरा hi छोड़ diya..jab मेरे पति मुझे वो सुख नह दे पा रहे है तो मई क्यू न याद करू जमील जी क साथ बाईट उस हसीं पल की..
नह मीणा इ सब गलत है किसी गैर मर्द क साथ जिस्मानी रिश्ते रखना तो दूर उसके बारे में सोचना बी पाप होता hai…samaj इसे एक नाज़ायज़ रिश्ता तेहरा था है…
क्या गलत और क्या sahi..agar इ गलत कहला था है तो आज जो मेरे उम्मीद पर पानी फेर गया वो सही hai…kya गलत किया था maine..pati क लिए अचे कपडे pehni…acha खाना बनाया उन्हें खूब प्यार देने का सोची लेकिन मुझे मिला kya..wahi tadap…kya एक प्यासी औरत को तड़पना समाज क नज़रिये सा गलत नह…
फिर बी मीणा जमील जी एक गैर मर्द है.. उनके साथ दोस्ती कुछ हद तक ठीक हो सकती है पर उनके साथ दोस्ती का हद पार करना ठीक नह hai…jamil तुम्हारा गलत इस्तेमाल कर रहा hai…soch लो..
क्या गलत कर रहे है जमील ji…kuch बी तो नह किया उन्होंने तो. मुझे वो सुख देने की कोशिश की है जिस सुख से मई हमेशा वंचित rahi..kya एक औरत को उसका हक़ देना गलत hai…waise उस दिन जो कुछ बी हुआ उसका बराबर की साथीदार मई बी थी.. उन्होंने कोई जोर जबरदस्ती मेरे साथ तो नह किया tha…muje निर्वस्त्र करने से पहले बी उन्होंने मुझसे hi पूछा tha…aur उन्होंने मेरे कहने क बाद hi तो अपना हथियार मेरे छूट में समां दिया tha…to वो अकेले कैसे गलत हो सकते है..
मई hi पागल थी सुख का सागर मेरे पास होते हुए बी उसका एक बून्द पानी पीकर भावनाओ में बहक गयी और नजाने उन्हें क्या क्या बोल बैठी और वो मुझे बिना कुछ बोले चले गए इसलिए की वो मुझसे प्यार करते hai..aur प्यार में गलती हो hi जाती hai…aur वही गलती हम दोनों क बीच उस दिन हो gayi…lekin इसे गलत तो नह ठहराया jaata..lekin मई hi पागल thi…jamil को अपनी बात रखने की मौका बी नह diya….kitna बुरा लगा होगा उन्हें उस दिन..
मीणा को अब जमील से माफ़ी मांगने का मैं कर रहा tha..aur उसका हाथ अपनी मोबाइल की तरफ बढ़ाने laga…aur मोबाइल हाथ में लेके उसने एक बार फिर से मुद क अपने पति को देखा जो इस वक़्त बिना इस खबर क गहरी नींद सो रहा था मीणा एक पल उसे देखते रही और फिर अपना मोबाइल में सॉरी टाइप करके जमील को सेंड की और मोबाइल रख कर अपने आंखे बंद किये सोने की कोशिश कर्म lagi..apni अधूरी प्यास पर काबू पाने की कोशिश करते हुए..
वही दूसरी तरफ जमील आज अपनी मैं की बात न होने पर थोड़ा बेचैन सा होगया tha…use जो आज मीणा की खबर लेनी थी वो बी नसीब हो नहीं पायी thi..aur अपनी मैं में चल रही बेचैनी को दूर करने क आज उसने एक दो पेग ज्यादा hi लगा दिए थे और जब तक वो रात डिनर करके रूम में आता तो रात क 10.45 बज चुके the..aur उसे कपडे बदल क फ्रेश हो क सोने तक 11 बज गए the..wo वही बिस्टेर पे पड़ा मीणा क बारे में hi सोच रहा tha…kaise मीणा को फिर से manavu…aur तभी उसके मोबिल में मीणा का मश्ग देख कर वो खुश हो गया था.. मीणा क सॉरी ने उसके लिए रास्ता खुद बी खुद खोल दिया tha..uske दिमाग क तरंग फिर से बजने लगे जो कुछ देर से बेचैन the…usne तुरंत मश्ग का रिप्लाई देना socha…par उसे लगा nh…ab मेरी बुलबुल फिर से उड़ने तैयार hi है तो इस वक़्त जल्दबाज़ी करने ठीक NH…aur वो बिना कोई मश्ग किये सुकून की नींद सोगया था..
इधर मीणा बी जमील क कोई रिप्लाई न देख कर सामजी लगता है नाराज़ है mujse..aur मुझे अछि तरह पता है उनकी नाराज़गी को कैसे दूर किया जा सकता है और वो बी अपनी चेहरे पे एक हलकी मुस्कान लाते हुए सो गयी…
लेकिन अगले क दिन उसकी जिंदगी में क्या रंग लाएगा शायद इ बात मीणा, जमील या बगल में सोया मीणा का पति बी नह जनता tha.par सचाई यही थी की आज मीणा फिर से जमील क प्रति आकर्षित हो गयी थी और इसका जिम्मेदार कही न कही मीणा का पति बी था.. काश वो आज मीणा क मैं की ीचा को अछि तरह पढ़कर थोड़ा और प्रयास करता तो शायद मीणा अपने कदम फिर से फिसलने से रोक paati..khair जो होना था वो हो चूका था अब बस देखना है आगे क्या होगा..
दूसरे दिन सुबह सुबह मीणा क नींद खुली और मीणा आज पुरे जोश में thi…use जल्द से जल्द जल्द से जल्द अपना काम निपट कर जमील से माफ़ी मांगनी थी जिसकी तैयारी वो मैं में hi कर रही thi…usne बहुत कुछ सोचा हुआ था जो आज वो जमील को बताना छह रही thi…wo फ्रेश होकर पति क टिफ़िन और ब्रेकफास्ट की तैयारी कर hi रही थी की उसका मोबिल रिंग होने laga….pehle तो उसे लगा की जमील का hi कॉल होगा जो इसका सॉरी का मश्ग पढ़कर किया होगा, और फिर उसने सोचा नह नह जमील जी इतने सुबह पति क होते हुए फ़ोन नह कर सकते और उसने अपना मोबिल को देखा तो उसकी सास का फ़ोन tha..meena सोच में पड़गयी इतनी सुबह सुबह सास का फ़ोन सब कुछ ठीक तो है न और वो बिना वक़्त गवाए फ़ोन रिसीव करके hello बोली..
उधर से सास का जवाब आया hello मीणा बीटा कैसी ho…subh सुबह तो मैंने नह जगाया तुम
मीणा- मई ठीक हु माजी आप सुबह सुबह कैसे सब कुछ ठीक तो है न..
सास- है ठीक है beta..chinta की कोई बात nh..darasal मैंने फ़ोन इसलिए किया था की आज मई वह आ रही हु वो खेत क सिलसिले में कुछ बात करनी है तेरे पति se…Tera पति तो है न?
सास आने की बात से मीणा एक तरफ खुश बी हुई थी और दूसरी तरफ उसको थोड़ा बुरा बी लगा tha..q की उसको आज जमील से बी बात करनी थी जो सास क रहने से नह हो सकती thi…wo सास को मन बी नह कर सकती thi..aur बोली है है न माजी
सास- ठीक है बीटा तो मई कुछ hi देर में निकलती हु और शाम को तेरे पति से बात बी कर लेती हु ..
मीणा- ठीक है माजी मई उन्हें बताती हो उनको..
और दोनों क बीच फ़ोन काट gaya…aur अब मीणा ग़हरी सोच में पड़गयी thi..lekin उसे याद आया की माजी अब निकलेगी तो बी उसे बस पकड़ कर आने तक दोपहर क 11.30 से 12 तब पहुंच जाएगी मतलब मेरे पास पर्याप्त समय hai..pati क जाते hi जमील जी से बात करने और वो आ भी गए तो उन्हें सास आने से पहले वापिस भेज सकती हु…
कुछ hi देर में सब कुछ मीणा क हिसाब से hi हो रहा था और उनसे पति को सास क आने की खबर बी दे दी thi…bas उसे अब पति का ऑफिस जाने का इंतज़ार था और वो वक़्त बी आगया था जो मीणा छह रही थी और उसका पति ब्रेकफास्ट करने क बाद और टिफ़िन और बैग लेके ऑफिस जाने क लिए घर से बहार निकल पड़ा और वो जब अपनी बाइक लेकर कंपाउंड से बहार आया तो न जाने कहा से जमील की आवाज़ सुनाई दी तो मीणा àुर उसके पति ने एक साथ आवाज़ की तरफ ध्यान दिया तो मीणा की आंखे चमक उठी thi…jise वो फ़ोन करके माफ़ी मांग कर बुलाना छह रही थी .वो खुद अब उसके सामने उसके पति क साथ खड़े हो कर बात कर रहा tha…aur मीणा उसे पलके चुराए देख रही thi..jamil को देख कर hi उसके जिस्म में सनसनी मच गयी थी उसके रोम रोम खड़े हो गए थे उसका मैं उल्लसित हो रहा tha..wo मैं में hi बोलने लगी इ वही मर्द है जिसने दो दिन पहले उसे बहो में लेके जिंदगी का वो सुख दिया था जिससे वो वंचित thi..uska जिस्म गर्म होने लगा tha..uske आंखे को क सामने नशा सा चने लगा…
वही सामने खड़ा जमील तिरछी नज़र से मीणा को देख रहा था और मीणा क चेहरे पर कोई गुस्सा या नाराज़गी का भावना न देख कर उसे लगा उसका प्लान कामयाब हो गया hai…lekin इस वक़्त वो मीणा क पति क सामने कोई गलत हरकत नह करना चाहता था और उसके पति से बात करने लगा…
मीणा का पति - अरे जमील bhai…aap सुबह सुबह यहाँ क्या बात है..
जमील- वो बस ऐसे hi थोड़ा वजन काम करने की कोशिश करने क लिए सुबह सुबह वाकिंग कर रहा था उतने में आप दिखे सोचा बात karlu…lagta है मैंने आपको जाते वक़्त डिस्टर्ब किया जमील एक वफादार दोस्त की तरह मीणा क पति से बोलै..
मीणा का पति- अरे नह भाई जान वैसे 5 मं देर होने से कोई पहाड़ तो गिर नह jayega..muje बी ाचा लगा आपसे मिलके वो बी सुबह सुबह..
लेकिन मीणा का पति नह जनता था की पहाड़ तो गिर चूका है उसके पीछे गेट क पास रुकी उसकी बीवी िस्वाहाः से और उसकी बीवी की सास फूल रही hai…us पहाड़ को खेलने की ख़ुशी से…
फिर उसका पति बोलै जमील भाई अब ाही गए तो चलो ब्रेकफास्ट बी यही करलो कहते हुए वो अपने बाइक से उतरने लगा तो जमील उसे रोकते हुए अरे नह भाई बेकार में भाभी को तकलीफ क्यू? अपना तो उसूल है होटल में खाना लॉज में सोना हहै hehe…kehte हुए वो मीणा को देखने लगा तो मीणा मैं में hi उसे देखते हुए बोली ऐसे बोल रहे है ki..maine कभी इन्हे ब्रेकफास्ट दिया hi nhi..sach में कमीने नह बदमाश है जमील ji…lekin इस बार मीणा ने गुस्से से नह बड़े प्यार से इ शब्द जमील क लिए अपने मैं में hi इस्तेमाल किया the..par जमील वह कुछ और सोच कर hi मीणा क पति को मन करतेबहुए हुए कह रहा था की नह भाई आप को ऑफिस जाने देर हो जाएगी.
जमील का इ रवैया देख मीणा समाज गयी थी की जमील क्या चाहता है और वो जमील को देख कर अपने सर को अंदर की तरफ घूमते हुए अंदर आने का इशारा किया तो जमील क चेहरे पर चमक आगयी और वो मीणा क पति से बोलै आप बी न बेकार में तकलीफ ले रहे ho…kehte हुए मीणा क पति क साथ घर में आने laga…aur मीणा इन दोनों से पहले hi घर में आगयी थी…
मीणा क कहने पर अब जमील तो आगया था पर मीणा क लिए समस्या इ थी की जमील क साथ उसका पति बी है ..और पति क होते वो जमील से ज्यादा बात नह कर सकती अपनी मैं की बात बी बता नह सकती जो उसने जमील क लिए सोच रखा hai…tab उसके दिमाग में एक आईडिया आया और वो अंदर किचन में जमील क लिए फ्रेश नाश्ता बनाने क लिए तैयारी करने lagi..tab मीणा का पति अंदर आया और मीणा से बोलै मीणा जमील भाई क लिए नाश्ता तैयार है न…
मीणा अपने पति को करीब बुलाकर boli..aap बी न बिना मुझसे पूछे जमील भाई को ब्रेकफास्ट क लिए बुला लिया एक बार मुझे पूछ लिया होता!!
मीणा का पति समाज गया की मीणा ने सिर्फ उन्दोनो क लिए hi ब्रेकफास्ट बनाया था और वो मीणा से बोलै अरे मई इ तो भूल hi गया tha….par अब बुला hi लिया है तो कुछ तो banavo…par थोड़ा जल्दी मुझे ऑफिस क लिए देर हो रही है
मीणा- आप टेंशन क्यू लेते हो मई बस 15-20 मीन्स में उनके लिए ब्रेकफास्ट फ़ास्ट तैयार करती हु तब तक आप उनसे बाते करो …
जब मीणा का पति बहार गया तो मीणा मैं hi मैं मुस्कुराने lagi…sach बात तो इ थी की मीणा हमेशा ज्यादा hi ब्रेकफास्ट बनती thi..aur आज बी उसने ज्यादा hi बनाया tha…aur मीणा ने जानबूजकर ब्रेकफास्ट को ख़तम होने का बहाना बनाया था ताकि उसके पति को ऑफिस जाने क लिए देर होजाये और वो जमील और मीणा को अकेला छोड़कर ऑफिस क लिए निकल जाए…
दूसरी तरफ जमील बी आज जानबूजकर मीणा क पति क होते hi मीणा क घर क तरफ आया था क्यू की आज वो मीणा की दिल से उसके पति का डर निकलना चाहता tha…aur कुछ हद तक वो कामयाब बी हुआ tha…q की जब रात को मीणा का मश्ग आया था तब hi वो अंदाज़ा लगा चूका था की मीणा ने बहुत सोच समाज कर hi उससे सॉरी बोलै हुआ hai…isliye जमील मीणा को पहले बेफिक्र बना न छह रहा था..
उधर हॉल में बैठे जमील और मीणा क पति क बीच इधर उधर की बाते तो हो रही थी पर मीणा क पति का ध्यान सिर्फ घडी पर थी आलरेडी 15 मीन्स हो चुके the..aur उसे अपने ऑफिस क लिए देरी हो रही thi…aur वो उठ क फिर किचन में जाके मीणा से पूछा रेडी हुआ की नह…
मीणा बोली बस और थोड़ी देर आलू पाक रहे hai…bas 15 मीन्स aur..meena जानबूजकर अपने काम को बड़े सावधानी से कर रही thi…aur उसका पति ऑफिस की निकलने क लिए बेसबर हो रहा tha…aur आखिर वही हुआ जो मीणा ने चाहा tha..meena क पति लेट होता देख वो बोलै तुम एक काम करो.. ब्रेकफास्ट रेडी होने क बाद जमील भाई को दे देना मुझे बहुत देर हो रहा है मुझे अब निकलना hi होगा…
मीणा मैं hi मैं खुश थी फिर बी वो शराफत का नाटक करते हुए boli..par मई आप जाते hi……..unhe कैसे…..
मीणा कहने में हड़बड़ा hi रही थी तो जमील मीणा की बात समाज कर bola…are वो अनजान थोड़ी hai…bahut अचे है wo…tum बेफिक्र रहो…
मीणा कुछ नह बोली बस हम्म्म में सर हिलायी..
मीणा का पति बहार आया और जमील से बोलै… जमील भाई मुझे ऑफिस क लिए थोड़ी देर हो रही hai…aap ब्रेकफास्ट करलो मई निकलता हु….
लेकिन जमील ने बी मीणा की तरह झूट मूत की आपत्ति जताई तो मीणा क पति ने बी जमील को samjaya…aur वो ऑफिस लिए निकल पड़ा…
पति क जाते hi दोनों प्रेमी आज़ाद होगये the…ab उन्हें कुछ देर क लिए रोकनेवाला या टोकने वाले कोई नह the…bas अब उनका hi राज्य tha…sirf राजा और रानी न कोई सैफई न कोई पहरेदार ….जमील बहार hi बैठा मीणा का इंतज़ार कर रहा था तो मीणा अंदर किचन में जमील क लिए अब जल्दबाज़ी में ब्रेकफास्ट करने लगी thi…us दिन दोनों क बीच हुए थोड़े बहुत मतभेद से दोनों चुप चाप अपनी जगह पर the…lekin आखिरकार किसी को तो शुरुवात करनी hi थी…
कुछ 5 मीन्स में hi मीणा गरमा गरम नाश्ता प्लेट में परोसकर बहार आयी और जमील क सामने टीपोय प रख di…aaj मीणा ने जमील को अंदर बुलाके डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट देने की हिम्मत नह की थी क्यू की उसे लगा था की अगर बिचाने किसी बहाने से उसका पति वापस आया तो ..वो गलत न सोच बैठे…
नाश्ता अपने सामने आते hi जमील मीणा को देख कर पूछा कैसे हो…
मीणा उसे कुछ दूर दीवार क सहारे कड़ी कड़ी boli…thik हु आप कैसे हो..
जमील- बस हुई संजो की आज कुछ ठीक हुए मैडम जी…
जमील क मुँह से मैडम शब्द सुनते hi मीणा को थोड़ा अजीब सा लगा पर उसे लगा की शायद गलती से निकल गया hoga…tab उसने नोटिस किया की जमील ने अभीतक ब्रेकफास्ट का एक निवाला बी नह खाया है तो वो जमील से boli…aap खा क्यू नह रहे हो…
जमील बोलै बस ऐसे hi, हुई संजो मैडम की अकेले ब्रेकफास्ट करने की आदत नह संजो…
फिर से जमील क मुँह से मैडम शब्द सुनते hi मीणा जांगयि thi…jamil उसी को टोंट मार रहा है… और उससे अब बी नाराज़ है. वो जमील की नाराज़गी को दूर करने की कोशिश करते हुए boli..ab इ क्या मैडम लगा रखे ho….plz ऐसे मत बोलो न ाचा नह lagta..,meena विनती भरे नज़र से जमील को देखते हुए बोली..
जमील बी जंगया था की मीणा को अपने गलती का एसएस हुआ hai…ab वो मीणा को और बी छेड़ने की नज़र से bola…kya करू मैडम हम कमीने जो ठहरे ..किसी को अचे नह lagte….aur आप ने hi तो कहा था आपका नाम हमारी गंध जुबान पे न लू..
जमील की इ बात सुनकर मीणा खुद अपने आप से शर्मिंदा हो गयी की उसने उस आदमी का दिल दुखाया जो उसके साथ हमेशा प्यार से पेश आया और वो थोड़ा उदास चेहरा बना कर बोली अब माफ़ बी कार्डो na…kal रात से आपकी माफ़ी का इंतज़ार कर रही हु..
मीणा क चेहरे पर छायी उदासी को देख कर जमील को लगा अब इस नाराज़गी क नाटक को अंजाम देना hi ठीक रहेगा और और वो जोरो से हसने लगा हाहाहा ः हाहाहाहा
जमील को इस तरह हस्ते देख मीणा को आश्चर्य हुआ और वो जमील से puchi..ab इसमें हॅसनेवाली क्या बात है…
जमील फिर से हस्ते हुए बोलै अरे मेरी डार्लिंग तुमने कैसे सोच लिया की मई तुमसे नाराज़ hu…mai तो मजाक कर रहा था हाहाहाहाहा..
मीणा आंखे बंद किये एक ग़हरी सास ली और जमील को देख मुँह मोड़ते हुए बोली चल हटो बदमाश कही के मुझे नह करनी आपसे बात…
तब जमील बोलै अब होगया न चलो आजवो और मुझे अपने हाथो से ब्रेकफास्ट karavo…kal बी नह खिलाया तुमने…
मीणा फिर मुँह मोड़ते हुए बोली नह आना मुझे आपके पास और नह खिलाना आपको…
जमील समाज गया अब मीणा नाटक कर रही है और वो बोलै अब आ बी जावो मेरी जान कब से तरस रहे है तुम्हारे हाथो का स्वाद छकाने….
जमील की इस बात से मीणा अपने आप को रोक नह पायी और अपने चेहरे पे मुस्कान लाते हुए जमील क सामने बैठ कर अपने हाथो से निवाला बनाकर जमील क मुँह में Dali…to वही हुआ जो मीणा ने सोचा tha..jamil ब्रेकफास्ट क साथ साथ ब्रेकफास्ट खिला रहे मीणा क हाथ का ऊँगली बी छकाने लगा और मीणा बिना कोई विरोध किये उसे बस मुस्कुराते देखने lagi..kuch देर दोनों एक दूसरे को बस ऐसे hi देखते रहे तब जमील ने ब्रेकफास्ट करना छोड़ दिया और मीणा क दोनों कलाई को अपने दोनों हाथो में थमा लिया और उसे अपने करीब करने लगा तो मीणा उसे रोकते हुए बोली नह जमील जी वो अबतक ऑफिस नह पहुंचे होंगे वापिस बी आसक्ति है कहते हुए मीणा ने अपने डर को जमील को बताने की कोशिश की थी…
पर जमील अब वक़्त को जाय नह करना चाहता था वो जल्द से जल्द मीणा को गरम करके उसके छूट में अपना लुंड पेल कर अपनी हवस की मीथेन छह रहा tha..wo बिना मीणा क हाथ चोदे bola..nh आएंगे मेरी जान अगर उन्हें आना hi होता तो वो हम दोनों को अकेला छोड़ क नह jaata..tumare पति को हम दोनों पर यकीं hai…tum बेफिक्र होकर प्यार से मेरा साथ दो..
जमील की बात मीणा को बी सही लगी थी और वो अपनी कुर्सी से उठकर जमील क बगल में बैठ गयी तो जमील तुरंत उसे अपने अपने बहो में लेके चूमने laga..aur मीणा बिना किसी विरोध क उसके आलिंगन में अपना साथ देकर जमील क पीठ पर अपना हाथ फेरते हुए जमील क चुम्बन का मजा लेने लगी thi..kuch hi देर मीणा का चेहरा जमील क थूक से भर गया tha..jamil उसे चूमते चूमते अपनी जीव से मीणा की हसीं चेहरे को अपने हाथ में भरे बड़े प्यार से चाट बी रहा tha…aur मीणा क वासना को भड़का रहा था…
मीणा फिर से गरम होने lagi…kal रात पति से न बहुजनेवाली प्यास को वो अब जमील से भुजवाने जा रही thi…jo प्यार वो अपने पति को देना छह रही थी वही प्यार आज वो जमील को देना छह रही थी और इस सोच से उसके हॉट खुलने लगे थे और वो प्यासी नज़र से जमील को देखते हुए जमील क चेहरे को अपने हाथो में समाकर उसके होतो से अपने हॉट मिला baithi,.jis हॉट पर उसने कल लिपस्टिक लगा कर अपने पति को समर्पित करने का सोचा tha…dono एक दूसरे क होतो क प्यास भुजने में लग गए the…dono एक दूसरे क चेहरे को हाथ में थमाए आंखे बंद किये फ्रेंच किश का मजे लूटने लगे the…dono कुछ देर लिए भूल गए थे की दरवाजा खुला है और उसके बगल क सोफे पर बैठ कर hi एक दूसरे में सामगाये hai…dono में से कोई बी रोकना ñह चाहता tha…dono अपने जिस्म को उस हद तक गरम करना छह रहे the..jis हद से वो बिना शर्माए एक दूसरे क कपडे उतर कर नंगे हो jaaye…kuch 10 मं तक ऐसा hi चला रहा था की मीणा क मोबिल में बज रही रिंगटोन ने दोनों को अलग होने पर मजबूर किया tha…dono क आँखों में संतुष्टि की भावना नजर आ रही thi..meena जमील से दूर होकर अपना मोबाइल पे स्क्रीन पे देखि तो उसका पति का फ़ोन था जिसे वो जमील को दिखाते हुए रिसीव करते हुए hello बोली..
उधर से पति की आवाज़ आयी hello मीणा जमील जी को ब्रेकफास्ट दी क्या??
मीणा- मैं hi मैं मुस्कुराते हुए बोली है वही तो कर रहे है वो…
पति- ठीक hai…actually जमील भाई को मेरी तरफ से सॉरी कहना मई उन्हें बुलाकर बीच में hi आया और तुम बी तकलीफ हुई होगी न…
Meena-nh ऐसी कोई बात nh..waise आप ऑफिस पहुंच गए…
पति- नह बस 5 मीन्स की दुरी पर hu…socha ऑफिस पहुंचने से पहले एक बार पूछ lu..thik है तो फिर रखता हु जमील भाई से कहना शाम को मिलते है…
मीणा- ठीक है बोलूंगी कहते हुए मीणा ने फ़ोन काट दिया और जमील क सामने ऐसे कड़ी रही मानो की इ कह रही हो अब उसे किसी बात का डर नह जो चाहे कर सकते हो..
और जमील बी इ बात जानकर अपने जगह से खड़ा हुआ और ठीक मीणा क सामने आकर खड़ा हुआ और मीणा क निघ्त्य क बटन्स को खोलने लगा तो मीणा उसे रोकते हुए boli….ek बात बोलू जमील जी…
कुछ देर क अपने हाथ पर काबू रखते हुए जमील बोलै है बोलो न..
मीणा- जमील से थोड़ी दूर होकर फिर से सोफे पे बैठ कर जमील को अपने बगल में बैठने का इशारा करते हुए बोली… जमील जी इ जो हम कर रहे न इ बिलकुल गलत है धोका hai..par आप मुझे बहुत अचे लगते ho..pata नह क्यू लाख कोशिश क करने क बावजूद बी मई आपको भूल नह पा रही hu…isliye सब कुछ गलत होते हुए बी मई अपने आप को आपको समर्पित करने से अपने आप को रोक नह पाती….
मीणा आगे बोलने hi वाली थी जमील मीणा क जांघो पर हाथ फेरते हुए बोलै इसका मतलब तुम ऐसा तो नह लग रहा की मई तुमसे जबरदस्ती कर रहा हु..
नह जमील जी मुझे कभी ऐसा नह लगा बल्कि मुझे बी बहुत ाचा लगता है जब आप मेरे जिस्म से खेलते ho…bahut सुख मिलता है मुझे मीणा अपने झांघो पे चल रहे जमील क हाथो को अपने हाथो का सहारा देते हुए बोली..
जमील कुछ समाज नह पा रहा था और वो बात की सचाई जानने की कोशिश करते हुए मीणा से पूछा तो फिर प्रॉब्लम क्या है…?
मीणा एक ग़हरी सास लेते हुए बोली मुझे बस दर लगता है की हम दोनों का इ रिश्ता किसी को पता न chale….aur मुझे डर है आपको डेली आते वक़्त कोई देख न le..aur मई आपसे मिलने की जिस्मानी सुख से वंचित न हो jaavu….isliye मई चाहती हु अगर हम दोनों महीने या 15 दिन को एक बार मिले तो शायद हमे इस बात का ज्यादा डर नह rahega…aap समजे न मई क्या कहना छह रही हु..
मीणा की बात में सचाई तो थी पर जमील क लिए इ बहुत मुश्किल था..15 दिन तक वो अपने आप को मीणा क जिस्म से अलग नह रुक सकता tha…fir बी उसे लगा इस वक़्त मीणा की बात को मानाने में hi होशियारी hai…aur वो मीणा को बहो में लेते हुए bola….ok मेरी जान तुम्हारे लिए इ बी सही पर उस वक़्त मुझे नह रोकेगी na…jamil छेड़छाड़ भरे अंदाज़ में मीणा से बोलै तो मीणा बी उसके बहो को अपने बहो का सहारा देते हुए जमील क गालो को चूमते हुए boli..aap की यही बात तो मुझे अछि लगाती hai..aap बहुत अचे ho..aur जमील को प्यार भरी निगाहो से देखने लगी.
मीणा की दिल में तो जमील क लिए जगह बन गयी थी पर आज जमील भूका नह रह सकता tha..uska लुंड पंत में hi तन चूका tha…aur वो बी मीणा क आँखों में आंखे डालते हुए bola..aaj बड़ी उम्मीद लेके आया हु, क्या मेरी उम्मीद को प्यार का सहारा मिलेगा या मुझे 15 दिन और इंतज़ार करना padega…hehehe
मीणा ने तो पहले hi तैय किया हुआ था की आज वो जमील को समजायेगी और उसके बाद वो बी अपनी कल रात की अधूरी प्यास को जमील से भुजा लेगी और वो जमील क गालो पर हलके से मरते हुए शर्मा कर boli..agar मई न कहु तो बी आप बिना करे जावोगे kya….aur अपनी शर्म छुपाने की कोशिश करते हुए जमील से दूर होकर दरवाजे क पास कड़ी होकर बोली बस 5 मीन्स आयी और घर क बहार गेट तक चली gayi…jamil अपनी किस्मत पर फिर से खुश होते हुए मीणा क नखरे देख कर खुश होगया…
कुछ दो तीन मीन्स में मीन्स वापिस अंदर आयी और दरवाजा बंद करके जमील को देखे हुए टीपोय से अपना मोबिल उठके अपने पति को कॉल ki..pati क कॉल रिसीव करते hi मीणा hello बोलने hi वाली थी उधर से उसका पति बोल पड़ा जमील भाई ब्रेकफास्ट करके चले गए क्या…
मीणा जमील को देखते हुए है वो चलेगये यही बताने आपको कॉल किया..
पति- ाचा हुआ तुमने मेरी बात रख li..waise उन्हें बी तुम्हारे हाथ का खाना ाचा hi लगा hoga…sham को मुझे बताएँगे जरूर देख लेना..
अब मीणा क्या जवाब deti..ki जमील जी को वो कौनसा ब्रेकफास्ट खिलाना चाहती hai..wo बस अपने चेहरे पर एक मुस्कराहट लेट हुए फिर से जमील को देखते हुए पति से boli..ok तो फिर मई रखती hu..bahut काम पड़ा है muje..aur है शाम को थोड़ा जल्द hi आना माजी आ रही है याद है न.
पति- है बाबा याद hai..par तुम बी थोड़ा काम काम hi किया करो वर्ण परसो क जैसे फिर सर दर्द न करे..
मीणा मैं hi मैं बोली सर दर्द की दवा तो मेरे सामने hi hai…aur आज वो दवा लेते hi सर दर्द हमेशा क लिए गायब hoga…hahah और पति को bye कहते हुए फ़ोन काट दी और जमील को देखने लगी जो उसे इस वक़्त सवाल भरे नज़रो से देख रहा था और मीणा को समझने में देर नह लगी की जमील क्या पूछना छह रहा है और वो जमील क बहो में जाते हुए boli..jamil जी वो दरअसल मेरी सास आ रही है aaj….kehte हुए अब मीणा जमील को कास क पकड़ते हुए अपनी बढ़ती उत्सुकता को जाहिर करने की कोशिश की…
जमील को तो बिन पूछे उसके सवाल का जवाब मिल गया था पर उसके दिमाग में इस बात से फिर से कही सारे सवाल खड़े हो गए थे और वो अपने बहो में समायी मीणा क चेहरे को ऊपर लेते हुए पूछा कब आ रही है और कितने दिन रुकने वाली hai..par मीणा को इस वक़्त किसी सवाल जवाब में कोई रूचि नह thi..use बस अपनी अधूरी प्यास को भुजनि थी वो बी सास आने क पहले और वो जमील से boli…sab कुछ अब hi पूछ क टाइम वास्ते मत करो ….बस इतना सोच लो की सास क आने से पहले हमे सब खेल ख़तम करना है और वो जमील क होतो से अपने हॉट मिलके चूसने लगी तो जमील बी देर न करते हुए मीणा क होतो को चूसने laga…dono एक बार फिर अपनी अलग दुनिया में प्रवेश कर चुके थे और कुछ hi देर में जमील ने मीणा की निघ्त्य को उठाने की कोशिश करते हुए उठाया तो मीणा उसे रोकते हुए अह्ह्ह्ह जमील जी क्या कर रहे ho…yaha नह बीएड रूम में चलो na…aur वो जमील से दूर होकर बैडरूम में चालीगयी तो जमील बी उसके पीछे बैडरूम आया तो मीणा ने दरवाजा बंद करके कोंडी लगायी और जमील क हाथ को अपने जगहों पर रखते हुए जमील को प्यासी नज़र से देखने लगी जैसे कह रही हो अब आप मेरे कपडे उतर दो मुझे कोई ऐतराज़ nh…aur जमील बी बात को अछि तरह समाज कर मीणा की निघ्त्य को घागरे क साथ ऊपर करके उसे बीएड पे लिटाया. मीणा अब बीएड पे आधी नंगी लेती हुई thi..aur जमील उसके मोठे मुलायम जांघो को सवारते हुए प्यार से चुम रहा था साथ hi साथ निघ्त्य को पूरा ऊपर करने की कोशिश कर रहा tha..aur देखते hi देखते मीणा की निघ्त्य कमर को पार करके उसके पेट को नंगा कर चुकी thi..aur जमील उसके नंगे पेट को एक हल्का सा चूमा देते हुए निघ्त्य को और ऊपर करके मीणा क उभरे ढूढ तक लाके ठीक मीणा क बगल में सो कर निघ्त्य को मीणा से अलग करने की कोशिश करने लगा और मीणा उसका साथ देते हुए अपनी छाती को उठायी तो जमील मीणा क उभरे हुए स्तन को देख कर पागल हो गया और वो निघ्त्य को छोड़ मीणा क स्तन को hi आंखे फाड़े देखने लगा वो मैं hi मैं खुश हुआ जिसे देख मीणा बी शर्मा गयी और जमील से puchi…aiiiseee क्या देखह राही होऊ..
जमील मीणा क ब्रा क ऊपर से hi एक बूब्स को चूमा देते हुए बोलै क्या चीज़ हो तुम मीणा कितने फुर्सत से तुम बनाया hoga…wahhh दरअसल आज मई तुम्हारे पति को शुक्रिया कहना चाहता hu…wahhhh क्या चीज़ देखने का मौका दिया usne…lajawaab…kehte हुए जमील एक स्तन को धीरे से सवारने लगा तो दूसरे को ब्रा क ऊपर से चूमने laga..meena क लिए अनुभव बहुत मीठा था पर मीणा को इससे बी ज्यादा की जरुरत थी वो जमील क हाथ और होतो को àपने नंगे स्तन पर जल्द से जल्द लेना चाहती थी …सो वो जमील को डेक शर्मा कर नशीली आवाज़ में बोली …आह्ह्ह्हह जमील जीई ह्ह्ह्ह एस्ससे मात्तत्त न्यूऊओ नननांगा प्यार करूओ अह्ह्ह्ह plz…kallll राआत सीई ताडडडडआप राहहीइ huuu…kehte हुए मीणा ने अपने आप को जल्द से जल्द माँगा करने को जमील को समजने की कोशिश की साथ hi साथ अपने पति से न भुजने वाली प्यास को बी झहीर की..
मीणा ने वासना क नशे में तो अपनी अधूरी प्यास को जमील क सामने जाहिर करके जमील क प्रति अपना प्यार को दर्शाया था पर इस बात का अंदाज़ा जमील ने रात को hi लगाया हुआ था…
जब रात उसे मीणा का सॉरी मश्ग आया tha..tab hi उसे लगा था की हो न हो मीणा की प्यास भुजी nh…agar भुजती तो इस वक़्त रात को सॉरी कहने की जरुरत नह samajti…aur मीणा को सॉरी कहना hi था तो वो आज सुबह भी कह सकती थी …पर उसकी प्यास आज न भुजने से उसे निराशा हुई है और मेरी याद आकर उसने सॉरी बोलै है. इ उसने कल रात को hi अंदाज़ा लगा या tha..aur आज जब मीणा ने उसे 15 या महीने में एक बार मिलने की बात कही थी तो उसे उसका अंदाज़ा सही साबित होते हुए नज़र आया tha…is बात को मीणा से पूछने क लिए बेकरार था और अब मीणा खुल क बोल hi चुकी है की वो रात से प्यासी है तो जमील अपने आप को रोक नह पाया और मीणा से bola..ek बात पुछु मीणा..
मीणा उसे प्यासी नज़र से देखते हुए boli..ab पूछना जरुरी है kya…baad में नह पूछ sakte..meena अपनी बढ़ती वासना को विराम न देने की कोशिश करते हुए जवाब दिया…
मीणा क इस जवाब से जमील समाज गया था की मीणा को अब चुदाई से ज्यादा किसी चीज़ में इंटरेस्ट नह फिर बी वो एक कोशिश करते हुए bola…bas एक आखरी बात उसके बाद सिर्फ pyaar…kehte हुए उसने मीणा क बूब्स को जोरो से दबाया तो मीणा की अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह की चिक निकल पड़ी और अपनी तेज़ सासो पे काबू रखते हुए boli….dddhhhhiiuree क्काररूआ naaa…maaiii थूवोड्दिईए भहागीय जा राहहीइ हुऊ..
जमील फिर से एक बार मीणा को देकते हुए बोलै बस इतना बतादो मेरी जान की कल रात से तुम प्यासी क्यू हो…
जमील की बात सुनकर मीणा एक पल चौक गयी उसे समाज में नह आरहा था क्या जवाब दे और वो अपनी सचाई छुपाने की कोशिश करते हुए इ क्या जमील ji…plz किसी और दिन बतावुंगी na…plzzzzz अब ककककाआरेंगीए न मीणा चुदाई क लिए अपनी उत्सुकता दिखते हुए बिली
जमील मीणा की आँखों में सेक्स क लिए बढ़ती नशा का रूप देख कर पागल हो गया tha…use अपने आप पर गर्व होने लगा tha…wo और बी उत्तेजित होते हुए बोलै बोलो न मेरी जान हो सकता है तुम्हारी प्यास की वजह जान कर तुम्हारी वो प्यास को हमेशा भुजने ने कामयाब हो jaavu…bolo न मेरी जान..
मीणा बी जंगायी थी की जमील सच जानते हुए बी उसके मुँह से सुन्ना छह रहा है. एक तो वो कल रत से hi सेक्स की भुकी थी और उस प्यास को सिर्फ जमील hi भुजा सकता इस बात से अच्छीतरह वाकिफ thi..upar से उसकी सास आनेवाली thi..isliye वो बिना वक़्त बर्बाद किये जल्द से जल्द अपनी जिस्म की गर्मी को शांत करना छह रही थी.. इसलिए वो जमील को सच बताने से अपने आप को रोक नह पायी और कल रात उसके पति क साथ सेक्स की घटना को बारे में बोल baithi..kaise पति ने उसे प्यासी hi छोड़ दिया और फिर जमील की याद aayi…meena ने बहुत शार्ट में इ सब सिर्फ एक दो मिनट में hi जमील को बताया और शर्म क मरे अपना चेहरा दूसरी तरफ कर्ली..
शार्ट में hi सही पर जमील मीणा की बातो से पूरी घेहरायी जान चुकता. जमील अपनी ख़ुशी को समां नह पाया अब उसे अपनी किस्मत पे hi यकीन नहीं हो रहा था की एक पतिव्रता संस्कारी औरत अपने पति क चुदाई से न खुश होकर उससे अपनी प्यास बहुजन चाहती hai…isse ज्यादा गर्व की बात उसके लिए क्या hoti…aur वो अपने जोश को न सँभालते हुए मीणा क होतो पे एक प्यार भरा चुम्बन देते हुए bola…koi बात नह मेरी जान इसके बाद तुम फ़िक्र करने की कोई बात nh…mai तुम कभी प्यासी नह रहने दूंगा …मीणा इ बात सुनकर खुश हो hi रही थी तो जमील बोलै हिज़ड़ा है तुम्हारा pati…apni खूबसूरत बीवी की जरुरत बी नह समझता निकम्मा, न मर्द कही का..
जैसे जमील क मुँह से अपने पति क लिए गांधी गालिया निकलने लगी वैसे वैसे मीणा की वासना उतरती हुई आंखे नम्म होने लगी और वो जमील को दूर करते हुए फुट फुट कर रोने लगी …
अचानक माहौल में हसी, खिलखिलाने क आवाज़ क बदले रोने की आवाज़ सुनने लगी thi…jamil को पहले तो कुछ समाज में नह आया पर दिमाग पर जोर देने से उसे पता चल गया था क्या बात hai…aur वो मीणा को फिर से बाहोंमे में लेने की कोशिश करते हुए बोलै सॉरी मीणा मेरा वो मतलब नह था…
पर मीणा उसकी बात सुनने की मूड में नह थी.. वो अपने आप को कुसूरवार समाज कर अपने अन्नको से ासु बहते hi rahi..aur जमील उसे मीणा मीणा कह कर संभल ने की कोशिश कर रहा था…
पहली बार मीणा ने किसी क मुँह से अपने पति क लिए ऐसे घिलौने शब्द सुने the..jis आदमी क नाम बी लोग ीझत से लेते थे आज उसी आदमी को किसी ने ऐसे गांधी शब्द से सम्भोदित किया हुआ tha…aur मीणा को लगा रहा था उसी क वजह से आज उसके पति को नामर्द कहा gaya..use आपने आप पर ग्रीन होने लगी thi..aur वो अपने कपडे ठीक करते हुए जमील से बोली आप प्ल्ज़ जावो यहाँ से मुझे कुछ नह करना आपके saath..lekin जमील अब बी मूड में hi था वो फिर से मीणा को मानाने की कोशिश करते हुए बोलै सॉरी मीणा मेरा इ मतलब नह था तुम समजा करो न plz…lekin मीणा का मूड अब पूरा ख़राब हो गया था अब वो इस अवस्था में नह थी की जमील को काम क्रीड़ा में साथ de..aur वो बोली प्ल्ज़ जमील जी मेरा अब मूड नह है किसी चीज़ में बेहतर है आप चले jaavo..aur हो सके तो मुझे भूलने की कोशिश karo…mai नह चाहती की जो शख्स मेरे पति को ऐसे गांधी शब्द से सम्भोदित करता है उसके साथ कोई सम्बन्ध raje…aap प्ल्ज़ चले जावो..
लेकिन जमील अपने हरकत से बाज़ नह आ रहा था और वो मीणा को मानाने की कोशिश करते हुए उसे फिर से बीएड पे लेटने लगा तो इस बार मीणा जमील की तरफ गुस्सा होते हुए boli…aap ऐसे नह मानोगे न …आपको बस मेरे जिस्म से मतलब है न तो चलो चङो मेरे ऊपर और करलो अपनी manmaani..kehte हुए बेडपे लेट गयी और अपनी निघ्त्य ऊपर उठाते हुए boli….jo चाहे करलो पर एक बात याद रख लो की अब मई आपके साथ नह हु ..चलो आवो करो muje…aur अपनी हवस को भुजा लो..
जमील का मैं तो कर रहा था की वो मीणा पे चढ़ क अपने लुंड को मीणा की छूट में पेल दे पर उसे लगा उसने जो शब्द मीणा क पति क लिए इस्तेमाल किये है शायद एक चालू औरत बी अपने पति खिलाफ ौसे शब्द लसहँ नह कर sakti,aise में मीणा जैसी पतिव्रता औरत कैसे सहन कर सकती है और वो मीणा की निघ्त्य को निचे करते हुए बोलै सॉरी मीणा मैंने अनजाने अपना होश खो कर ऐसा कहा हो सके तो मुझे माफ़ कार्डो और वो कुछ बोले बिना hi बैडरूम का कुण्डी खोल कर बहार आया और मैं दरवाजा खोल क अपने आप को कोसते हुए चला gaya..meena बीएड पे पड़ी पड़ी hi अपने ासु गिरते हुए अपने किये पे पछताने लगी…
सच बात तो इ थी की मीणा बी नह चाहती थी की जमील चला जाए पर इसवक्त उसे जमील पे नह अपने आप पर गुस्सा आ रहा tha..wo सोचने पर मजबूर थी की क्यू वो इतनी कमज़ोर पड़गयी की उसे एक गैर मर्द से अपनी जिस्म की प्यास भुजने की जरुरत padi…aur वो सोचते सोचते hi बहार आकर जमील को देखने की कोशिश करने लगी पर जब तक वो बहार आती जमील उसके आँखों से दूर हो चूका था..,
आगे बहुत कुछ होनेवाला है बहुत कुछ बदलाव बी आनेवाला है और नए चेहरे बी आनेवाले hai...bas वेट एंड watch...and रिप्लाई विथ योर लोवबले कमैंट्स व्हिच विल इन्स्पीरेस में तो व्रिठे मोरे एंड मोरे थैंक यू