Erotica Ek se jee nh bhara to aur b sahi - Page 3 - SexBaba
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Erotica Ek se jee nh bhara to aur b sahi

कीप वोटिंग फॉर ु र फवौरीते चार्ज :फायरिंग:
 
सच बात तो इ थी की मीणा बी नह चाहती थी की जमील चला जाए पर इसवक्त उसे जमील पे नह अपने आप पर गुस्सा आ रहा tha..wo सोचने पर मजबूर थी की क्यू वो इतनी कमज़ोर पड़गयी की उसे एक गैर मर्द से अपनी जिस्म की प्यास भुजने की जरुरत padi…aur वो सोचते सोचते hi बहार आकर जमील को देखने की कोशिश करने लगी पर जब तक वो बहार आती जमील उसके आँखों से दूर हो चूका था..,

मीणा अंदर आके सोफे पे बैठ गयी और अपने आँखे बंद किये सोचने lagi.jab मई पति क खिलाफ एक बुरा शब्द बी नह सुन सकती तो मई कैसे एक गैर मर्द क साथ वो सब कैसे कर सकती hu…jamil जी ने तो डायरेक्ट नामर्द जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया पर मई एक गैर मर्द क साथ हम बिस्टेर होकर मेरे पति को नामर्द साबित hi कर रही hu..pati क आचायी क बदले मई उन्हें क्या दे रही हु bewafai..par क्यू? क्यू मेरा आज कल मन भटकने लगता hai…jamil जी एक गैर मर्द है जानते हुए बी मई क्यू उनकी तरफ आकर्षित हो गयी hu..agar जमील जी गांधी शब्दों से मेरे पति को सम्भोदित नह करते तो इसवक्त मई उनके साथ बीएड पे लेती उनका हथियार का मजा ले रही hoti…par मुझे क्यू चाहिए ऐसा maja…meena एक एक बात को बड़ी माज़ुकी से जोड़ते हुए सच को खोजने की कोशिश कर रही thi..aur अपने आप से सवाल करते हुए जवाब ढूंढने की कोशिश कर रही थी..

क्यू मीणा क्यू चाहिए तुजे ऐसा मजा क्या तुम जिस्म की ख़ुशी देने क लिए तुम्हारा पति काफी नह ..क्या जमील क आने से पहले तुम अपने पति से खुश नह थी…

है खुश तो thi…par मुझे वो सुख कभी नह मिला जो मेरा पहले से सपना था…

एक संस्कारी औरत क लिए पति से मिलने वाला hi सुख hi सबसे अनमोल होता hai…aur तुम अपनी संस्कार भूल gayi…janti हो आज तुम्हारे वजह से hi तुम्हारे पति क खिलाफ ऐसे गांधी शब्द निकले hai…agar इ बात तुम्हारे पति को पता चले तो जानती हो उसपे क्या बीतेगी…

है जानती hu..mai खुद इसकेलिए जिम्मेदार हु पर पति कल रात को मेरी उम्मीद को खयाम रखते तो आज ऐसा मौका नह banta…ho न हो इसकेलिए मेरे पति बी कही न कही जिम्मेदार hai..aurat क लिए धन दौलत से ज्यादा कुछ है तो वो है जिस्मानी sukh…sex की जरुरत सिर्फ बचे पैदा करने क लिए hi होती तो nhi..chalo ठीक है कुछ देर क लिए इ मान बी लू तो बचे पैदा होने से पहले कहा मेरे पति मेरे जिस्म से रोज़ khelte…is मटर में बी मैंने अपने संकस्कार क वजह से अपने आप से कोम्प्रोमाईज़ कर liya…apne मैं को कही भटकने नह diya..mere एक इशारे पे मुझे खुश करने कितने लोग खड़े नह थे..

और कितना करू मई कष्मीसे मेरी बी तो ीचा है, मेरी बी तो उम्मीद है, मेरी बी कुछ जरूरते hai…kwahish hai..aur जब इतने सालो से मौका देने पर बी मेरे पति मेरी जरुरत को पूरी नह कर सके क्या इ गलत nh…meri उम्मीद मेरी जरूरतों को पूरी करने, जमील जी ने मेरे तरफ प्यार का हाथ बढ़ाया तो इसमें गलत क्या है….

प्यार इस उम्र में इ मत भूलो मीणा तुम 35 साल की हो वो बी शादीशुदा दो बचो की maa..ise प्यार नह वासना कहते है, तुम और जमील बस अपनी वासना को मिठाना चाहते हो.

किस मर्द और औरत में वासना नह होती किसी में काम तो किसी ने jyaada..aur मेरी तो शादी से पहले hi इ ीचा थी की मेरा पति मुझे खूब प्यार करे मेरे जिस्म को नोच कर khaaye…par कभी ऐसा नह hua…par जमील जी ने मुझे वो सुख दिया पहले सम्भोग में hi..fir से मीणा की सोच में वही रास्ता पकड़ लिया जिस रस्ते पे चलने से उसका संकस्कार उसे हमेशा रोकते आया tha…par इस बार मीणा उस रस्ते पे चलते इतना दूर निकल चुकी थी की उसका पीछे हटाना मुश्किल hi नह नामुमकिन tha..aur वो अब मान बी गयी थी उसकी दबी हुई वासना जाग चुकी hai…aur इस वासना को जमील जैसा कोई मर्द hi शांत कर सकता है..

वही जमील बी आज अपने आप पर खुद नाराज़ tha..aaj एक बार और उसके साथ कलपद हुआ tha..aur वो जनता था की उसका जिम्मेदार बी वो खुद hi hai..par उसके लिए ख़ुशी क बात इ थी की आज मीणा ने गुस्से से नह बल्कि विनती करते हुए उसे दूर जाने को कहा था.. शायद वो मीणा क पति की बुराई नह करता तो मीणा उसे दूर न करती और इस वक़्त उसके लुंड को मजे से छूट में ले रही hoti..par जमील एक बात से हैरान था की वो कैसे मीणा की हर बात को मान रहा है…. इसतरह क सिचुएशन तो उसके लाइफ में पहले बी आये हुए the…jab वो किसी को मजबूर या जबरदस्ती करता tha…par उस वक़्त वो कभी पीछे नह हटा tha…par आज मीणा खुद अपनी निघ्त्य उठके हवस मीठा लेने कह रही थी, पर जमील बिना कुछ किये hi वह से लौट आया tha..wo मैं hi मैं अपने किये पे मुस्कुरा बी रहा tha…par उसे यकीं था की मीणा अब पूरी तरह से उसके प्यार में पागल hai..aur मीणा का वही पागलपन जमील क लिए अगला मौका बना dega…aur वो अपने खड़े लुंड को मसलते हुए शांत करने की कोशिश करने लगा क्यू की वो जनता था आज उसके लुंड को कोई काम नह मिलनेवाला है..

दूसरी तरफ मीणा ग़हरी सोच में डूबी hi थी की उसके मोबाइल की घंटी ने उसको कुछ देर क अपनी सोच को रोकने क लिए मजबूर किया हुआ tha..aur वो अपने मोबाइल स्क्रीन पे एक अननोन नंबर देख कर अब और किसका फ़ोन है e..kahi जमील जी ने किसी दूसरे नंबर से तो किया नह इ सोच कर की मई उनका नंबर देख रिसीव नह karungi..aur वो कुछ सोच कर फ़ोन uthayi…aur hello बोली..

तो उधर से आवाज़ आयी hello बीटा मई बोल रही हु..

आवाज़ सुनते hi मीणा को पहचान ने में देर नह लगी इ उसकी सास की आवाज़ hai…aur वो बात को आगे बढ़ाये हुए बोली माजी aap..aur इ नंबर किसका है..

सास- वो सब मई आकर बताती hu..mai इ बताने क लिए फ़ोन की थी मई बस 30 मीन्स में पहुंच रही हु..

सास की बात सुनकर मीणा थोड़ी आश्चर्य हुई और सोचने लगी सास इतनी जल्दी कैसे aagayi..aur वो बी मुझे फ़ोन करके क्यू बता रही है आधे घंटे में पहुंच रही hu…kya बात hogi…chalo सास आते hi पूछ लुंगी और वो सास को ठीक है माजी कहते हुए फ़ोन काट di..aur घडी की और देखते हुए मैं hi बोली सास तो 11.30 या 12 बजेतक आने वाली थी पर इ अचानक 10 -10.30 क करीब kaise…agar इस वक़्त जमील और मेरे बीच दुरी न बनती तो शायद आज मई अपने सास क हाथो रेंज हाथ पकड़ी jaati…e सोच कर hi उसका पसीना निकलने लगा और वो अपनी किस्मत पर खुश होने लगी थी की वो आज रेंज हाथ पकड़ने से बच gayi..aur मैं hi मैं जमील को धन्यवाद कहते हुए boli…thank यू जमील ji….aaj आप वो गांधी शब्द इस्तेमाल नह करते तो शायब मई आज मई सास और समाज क सामने मुँह दिखने लायक नह रहती पूरी गाँधी हो जाती. आपके जाने अनजाने में की गयी गलती ने बी मुझे बहुत बड़े खतरे से बचा liya…aur वह अपने चेहरे पे मुस्कान लाते हुए बोली इसका इनाम तो आपको मई जरूर dungi..bas सास जाने तक आप वेट करो उसके बाद आप कुछ बी करो या कुछ बी गलत बोलो बिना रोके पूरा साथ दूंगी आपका और खुश करदूंगी' aapko….aur वो उठ क टीपोय क ऊपर से जमील को दिए ब्रेकफास्ट क प्लेट को उठके किचन की तरफ निकल पड़ी…

कुछ देर पहले की उसकी ग़हरी सोच और अब घाटी घटना से वो भूल गयी थी की जमील ने उसके पति को नामर्द कहा tha..fir से जमील क लिए प्यार का अंकुर उसके दिल में जग चूका tha..use अब पति क लिए नह जमील को फिर से भूका भेजने पर बुरा लग रहा tha…aur मैं hi मैं बोली बस एक और मुलाकात जमील जी उसके बाद देखना मई क्या करती हु आपके liye..aur वो मुस्कुराते हुए सास क लिए गरमा गरम चाय और स्नैक्स बनाने लगी ..तो कुछ hi देर में उसे अपने घर क सामने किसी गाडी की रुकने की आवाज़ आयी तो मीणा समाज गयी उसकी सास आगयी और और वो अपने कदम को आगे बड़के मैं दरवाजे क पास जाके दरवाजा खोली तो उसका अंदाज़ा सही था उसकी सास hi thi..meena ख़ुशी ख़ुशी अपने सास को अंदर बुलाने लगी तो उसकी सास बोली आयी बीटा.. वो जमींदार जी बी आये है उन्हें बी अंदर आने दो कहते हुए पीछे मुड़कर बोली आवो बीटा चाय पाइक तो जावो…

तब मीणा ने देखा की एक शख्स कार से उतारकर अंदर आ रहा hai…aur कुछ hi देर में सास और वो शख्स अंदर आकर सोफे पर बैठ गए तो सास boli..meena इ जानिंदर जी है हमारे गांव क तुमने इन्हे पहले देखा नह होगा न..

मीणा उस शख्स को देख कर नमस्ते कहते हुए हां माजी मैंने पहले इनको कभी नह देखा..

सास- देखोगी कैसे तुम थोड़ी ज्यादा गांव आती हो आयी तो बी सुबह आकर शाम को चले जाती हो अपने पति क साथ..

मीणा- नह माजी ऐसा नह hai…wo..inko ज्यादा छुट्टी नह मिलती na..bas isliye…aap लोग बैठो मई चाय बनती हु कहते हुए मीणा अंदर किचन में आयी और चाय क साथ बिस्किट्स और स्वीट लेके बहार आकर ट्रे को टीपोय पे रख di..aur सास क साथ बैठो में लग gayi..aur कुछ hi देर में दोनों की चाय ख़तम होते hi वो शख्स खड़ा हुआ और मीणा क सास की तरफ देख कर बोलै ाचा माजी मुझे अब इजाजत dijiye..bahut काम पड़े है मुझे..

तो मीणा की सास बोली ठीक है beta…ab मेरे बेटे का घर देख लिया तो कभी इस शहर आये तो अपना घर समाज कर आजाना..

Shaks-thik है माजी jarur..aur मीणा की तरफ देख कर बोलै थैंक यू मैडम चाय क लिए और है कभी मौका मिले तो आजाना गांव माजी को बी ाचा lagega..aur वो वह से चला गया..

मीणा जमील क लिए समर्पित तो थी पर अब बी उसका संस्कार खयाम था इसलिए वो जमील क अलावा किसी पर पुरुष क लिए उसकी सोच पहले जैसी संस्कारी hi thi…isliye मीणा ने उस शख्स पर ध्यान नह दिया था पर वो नह जानती थी उन दो आँखों में उसकी खूबसूरत सेक्सी बदन कैद हो चूका है इस बात से अनजान वो अपनी सास क साथ कुशलोपचार क बातो में लग gayi…ab मीणा को सास की जल्द आने पहुंचने की वजह बी पता चल चूका tha..aur वो सास से बिना कोई सवाल किये बातो में लग गयी. फिर बी वो अपनी तसल्ली क लिए सास से पूछी माजी आप तो हमेशा बस पे hi आते थे na..par आज और वो फ़ोन किसका था??

सास बोली है बीटा वो दरअसल अब जो आता था वो जैकिण्डर जी का बड़ा बीटा hai…janti हो हमारे घर क बगल में इन्होने अपना पुराण घर तोड़ क एक नाता बंगलो टाइप का घर बनाया hai…aur कभी कभी वो आके एक दो दिन क लिए वही रुक जाता hai..kal जब वो घर आये थे तो मैंने उन्हें बताया की मई अपने बेटे क पास जा रही hu..Unko बी यहाँ काम था, और इसी बहाने मुझे बी ड्राप diye..bahut ाचा इंसान है…

मीणा की सास क जल्द आने का तो कारण पता चल गया था पर उसे इ समाज ने नह आया था की सास फ़ोन करके क्यू बोली की आधे घंटे में आ रही है और वो अपने मैं की बात सास से पूछ hi baithi..wo तो ठीक है maaji..par आपको फ़ोन करके बताने की क्या जरुरत thi…aapka hi तो घर hai..meena जानती थी की उसकी सास ने फ़ोन करके कौनसी मुसीबत को अनजाने में ताल दी hai…par उसे ऐसे सिचुएशन की मानसिकता जानती थी ताकि दुबारा वो रिस्क लेने से पहले सोउ बार सोचे..

तब सास बोली वो बीटा क्या हुआ की जब हम आ रहे थे थे तो वही रस्ते पर hi वो दुकान था जिसमे से जमींदार जी को कुछ खरीदना tha..aur उन्हें आर्डर डेन्स में वक़्त हो रहा था तो मैंने सोचा तुम फ़ोन करके batadu..mera मोबाइल स्विच ऑफ था तो मैंने जमींदार बेटे क फ़ोन से तुम कॉल किया…

अब पूरा वाकिया मीणा क सामने खुल गया था और वो मैं hi मैं सास को थैंक्स boli.Saas और मीणा का रिश्ता सास बहु से ज्यादा माँ बेटी का tha..is वजह से दोनों क बीच बातो की कमी नह थी …इसी क चलते मीणा क मैं में जमील क लिए बी कोई सोच नह aayi..bas वो सास क आने क ख़ुशी में घुल मिल गयी..

कैसे दोपहर हुई और कैसे शाम हुई दोनों को पता hi नह चला tha..aur जब शाम को मीणा का पति आया तो वो बी बहुत खुश था अपनी माँ को देख कर.. और जब वो फ्रेश हो कर गरमा गरम कॉफ़ी पिने लगा तो मीणा क सास क इस तरह अचानक आने का मुद्दा खुल गया था..

दरअसल बात इ थी की मीणा की सास जहा रहती थी वो एक छोटा सा गांव tha..aur उनकी करीब 5-6 एकर की जमीन थी जिसका अकेला वारिसदार मीणा का पति hi tha..aur उस जमीन की सब गतिवुधिया मीणा क पति hi देख बाल करता tha..aur उसकी माँ यानी मीणा की सास को बी इस जमीन से बहुत लगाव था क्यू की वो उसके पति की जिंदगी भर की कमाई थी इसलिए वो मीणा और उसके पति क लाख कहने पर बी उस छोटे से गांव को छोड़कर अपने बेटे क साथ शहर आके रुकने राजी नह thi..aur पिछले 10-12 साल से मीणा की सास उस जमीन पर म्हणत करके फसल बी उगवा रही thi..ab सिचुएशन इ था की फसल बी अछि होने लगी थी साथ hi साथ ामदंनी बी पर कुछ जंगली जानवरो क वजह से फसल ख़राब हो रही थी इसलिए उन्होंने ने बाउंड्री क कुछ हिस्से में कंपाउंड कंस्ट्रक्शन काम को जारी रखा था जिसका काम पूरा हो चूका था और जिसका ज्यादातर खर्चा मीणा क सास ने निभाया था फसल से आये ामदंनी से ….और बाकी बचे पैसे को उसका बीटा यानी मीणा क पति ने देने का पहले से hi ठहराया था. …और इसी क चलते उसने सेविंग्स बी करि थी और इस बात मीणा बी वाकिफ thi..aur अब जब काम पूरा होने को आया तो कांट्रेक्टर बाकी बचे पैसो क बारे में पूछने लगा तो मीणा की सास को उस पैसो क बारे में अपने बेटे से बात करने क लिए आना पड़ा था. लगबघ 3 लाख का पेमेंट अभी बी कांट्रेक्टर को देना बाकी था और मीणा क पति ने करीब 2.5 लाख जमालिये थे तो अभी बी 50 हज़ार की भरपाई करना जरुरी tha..meena क पति ने तो सोचा था की काम पूरा होने में अभी वक़्त लगेगा और इस दरमियान वो बाकि पैसे बी एडजस्ट करलेगा.

50 हज़ार कोई मामूली रकम नह थी जो मांगने पर कोई बी आंखे बंद करके दे de…to मीणा का पति कुछ सोच में पड़गया, और इस सोच की वजह मीणा बी जंगायी थी और वो पति से बोली क्यू न आप एक बार उस कांट्रेक्टर से बात करलेते हो सकता hai..wo कुछ मोहलत दे दे और तब तक 50 हज़ार रुपये की बंदोबस्त हो जाए और मीणा की इस बात को उसकी सास ने बी साथ दिया तो मीणा क पति ने उसी वक़्त उस कांट्रेक्टर को फ़ोन लगाया पर कोई फयदा नह hua…contractor ने साफ़ साफ़ इ कहते हुए मन किया की उसे बी पैसो की सख्त जरुरत है और चाहे 15 दिन क बाद वो खुद उन्हें पैसे दे देगा..

कांट्रेक्टर क साथ उनकी पुराणी पहचान thi…aur मीणा क पति ीो यकीं था की कांट्रेक्टर झूट नह बॉलर और कुछ सोच कर अपने माँ से बोलै कोई बात नह माजी हमारे पास 3 दिन का वक़्त है न मई कही से बी एडजस्ट करलूँगा और सास बहु को अकेले छोड़कर अपना मैं बहलाने क लिए बहार चला gaya…par मीणा का पति जनता था की 50 हज़ार की रकम इतने काम समय में एडजस्ट करना उसके लिए बहुत मुश्किल है पर वो इस बात की सचाई को अपनी माँ और बीवी की सामने बताना नह चाहता tha..q की इ सुनकर उनकी ख़ुशी यो में कमी न aajaye..aur वो अपनी सोच को दिमाग में भरे बहार चला गया इस उम्मीद से की कही कोई रास्ता उसे miljaaye..aur जाते जाते उसने अपने दो तीन दोस्तों को बी फ़ोन किया और उनसे पैसो क बारे में पूछा लेकिन उनके पास बी इतने पैसे नह थे किसी ने 10000 देने का वडा किया तो किसी ने 5000. पर इतने पैसे उसके लिए काफी नह the..aur वो टेंशन दूर करने क लिए एक पेग चढ़ाने बार क पास पहुंचने hi वाला था तो उसके मोबिल में जमील का फ़ोन आया क्यू की जमील बी आज सुबह से बेक़रार था मीणा क पति से मिलने. जमील जब सुबह मीणा क घर से अपनी गलती को कोसते हुए निकला था तब hi उसने सोच रखता की शाम क वक़्त मीणा क पति को ड्रिंक्स क बहाने मिलकर मीणा क मूड क बारे में जान लेगा और अपना अगला कदम उठाएगा..

जैसे hi जमील का कॉल आया तो मीणा क पति फ़ोन रिसीव करके hello बोलै

तो जमील ने जवाब देते हुए कहा हो भाई सुबह हमे ब्रेकफास्ट खिलाके तो गए उसके बाद आपका पता बी nh..phone बी नह

मीणा का पति- वो बस मेरी माँ आयी हुई hai..aur उनके साथ बात कर रहा था…

जमील- ाचा तो आज लगता है आपका कोई प्लान नह…

मीणा का पति- अरे नह भाई मई तो बस एक पेग मरने का hi सोच रहा था आपका फ़ोन आया..

जमील- अरे भाई अकेले अकेले हमे बी बुलाते तो हम बी आपके साथ एक दो पेग चढ़ा लेते हेहही जमील ने मज़ाकि अंदाज़ में कहा

मीणा का पति- क्यू नह भाई आजवो

जमील- ठीक है सिर्फ 5 मीन्स में हाज़िर hi संजो और दोनों ने फ़ोन काट दिया और मीणा का पति बार की तरफ चलने लगा..

पर जमील यहाँ कुछ और hi सोचने लगा मीणा क पति क बातो में उसे आज कुछ अलग hi टोन नज़र आया था ..वो सोचने लगा कही मीणा ने उसके पति को कुछ बता तो नह दिया. ..नह नह मीणा अपने पैरो पे कुरड़ी खुद क्यू marlegi….par कुछ तो बात है और इस बात की सचाई जानने क लिए वो कुछ hi देर में मीणा क पति क पास पहुंच गया और दोनों ने व्हिस्की आर्डर किया स्नैक्स क साथ..

थोड़े hi देर में उनके सामने व्हिस्की और स्नैक्स आगये थे और दोनों धीरे धीरे व्हिस्की की चुस्की लेने लगे थे इधर उधर की बातो क saath..is बीच जमील ने सुबह क ब्रेकफास्ट की बी तारीफ़ की थी .जिसे सुनकर मीणा का पति बी खुश होगया था पर मीणा क पति क चेहरे पर कही न कही एक चिंता का भाव था जिसे पहचान जमील ने मीणा क पति से पूछ hi लिया…..

क्या बात है भाईजान …हमेशा हस्ते खेलते मज़ाक करने वाले आज कुछ चिंतित लग रहे हो..

मीणा क पति ने पहले तो कुछ नह कहकर बात को टालने की कोशिश की पर जमील क जोर देने पर उसके मुँह से सच निकल चूका था और उसने परेशानी को जमील क सामने बयां कर दिया था…

मीणा क पति की बात सुनकर जमील मैं hi मैं खुश हुआ था उसे लगा इ तो उसके लिए सुनेहरा मौका hai…ek hi तीर से दो पंछी यो को मरने का और वो हस्ते हुए बोलै बस इतनी सी बात सोच लो आपकी परेशानी ख़तम हो गयी…

जमील क बात सुनकर मीणा का पति चकित होते हुए पूछा कैसे???...

जमील- अरे भाई मई हु न आपका दोस्त मई देदूंगा paise…akhir मेरी दोस्ती कब काम आएगी आपके लिए…

जमील की बात मीणा क पति क लिए मानना मुश्किल हो गया tha..use यकीं नह हो रहा था इतने काम समय की दोस्ती में कोई कैसे इतने बड़े रकम देने क रिस्क ले सकता hai…aur अपने मैं की शंका दूर करने की कोशिश करते हुए जमील से पूछी hi बैठा भाई aap..par आप से तो मेरी कुछ hi दिन पुराणी दोस्ती hai…kahi आप मजाक तो नह कर्रे

जमील हस्ते हुए अरे नह भाई मई सच बोल रहा हु कल शाम तक आपको 50000/- मिल jayenge..ab आप बेफिक्र होकर ड्रिंक्स का मजा lo…aur जरुरी नह किसी क मदत करने क लिए दोस्ती गहरी ho…waise बी आप इसे लौटने hi वाले हो na..to मेरी तरफ से बस एक छोटी सी कोशिश संजो आपके मुसीबत में साथ देने ki..jamil ने एक फिलोसोफर की तरह कहा और मीणा क पति बी उसके बातो से खुश हुआ और सोचने लगा क्या ऐसे बी लोग है इस दुनिया me……par वो इस बात क असलियत से बिलकुल अनजान था की जमील उसकी क्यू मदत कर रहा hai…aur ड्रिंक्स ख़तम होते hi दोनों अपने अपने घर क लिए निकल पड़े…

जमील आज बहुत खुश tha..use जो मीणा क दिल में हमेशा एक जगह बनाने क लिए मौका चाहिए था वो उसे मिल गया था उसके लिए पैसो की कोई मायने नह था लाखो से पैसे उसके खाते में पड़े हुए the...meena को पाने क लिए वो कितने बी पैसे लुटाने तैयार tha..use बस मीणा क खूबसूरत जिस्म क एक एक अंग चईये थे अपनी हवस मिठाने क liye..use बस मीणा की वो चिकनी छूट चईये थी जिसे वो छोड़ छोड़ कर अपनी वासना को मिठाना चाहता tha…aur वो नह चाहता था की मीणा क दिल में अपने पति क लिए कोई फीलिंग्स बची रहे और उसे अपनी वासना मिठाने में दीवार की तरह कड़ी rahe…jo पिछले दो बार उसके साथ हो चूका hai..aur उस दीवार को अपने और मीणा क बीच में दूर रखने क लिए इससे ाचा मौका उसके पास खुद चलके आया तो वो कैसे जाने deta…use यकीं था की आज वो मीणा क पति क दिल में एक ऊँची दर्जा पाने में कामयाब हुआ hai..wo बस मैं hi मैं मुस्कुराते हुए आगे की प्लानिंग करने लगा था…

दूसरी तरफ मीणा का पति को अब बी यकीं नह हो रहा था की जमील उसे इतनी बड़ी रकम dedega…par उसे जमील क बातो से कही न कही ऐसा लग रहा था की जमील सच कह रहा hai..par पैसे अपने हाथ में आये बिना वो यकीं नह कर सकता tha..isliye उसने इ बात मीणा या अपनी माँ को बताना जरुरी नह सामजी..

उस रात जब मीणा अपने पति क साथ सोने गयी तब उसने अपने पति से पैसो क मटर क बारे में पूछा तो उसके पति ने कहा कल तक होजायेगा शायद और वो sogaya…idhar मीणा ने पहले hi सोच रखा था की अगर पैसो की बंदोबस्त नह होगी तो वो अपने कुछ गहने गुर्वी रख कर पैसे अपने पति को दे degi..isliye उसने इस बात को ज्यादा सीरियसली नह लिया था …पर आज नींद उसकी आँखों से कुछ दूर hi thi…q की सास आने क ख़ुशी उसे कैसे आज का दिन का वक़्त निकल गया पता hi नह चला पर उसे रात कटनी बहुत मुश्किल लगाने लगी thi…ek तो कल रात से hi वो सेक्स क लिए तड़प रही थी और आज सुबह जमील क साथ सेक्स होते होते hi रुक गयी थी वो बस करवट ले रही थी .उसे इस वक़्त कुछ कमी सी लग रही thi..aur वो जानती थी उस कमी को सिर्फ और सिर्फ जमील hi पूरा कर सकता hai…fir बी वो प्यास भरे नज़रो से अपने पति को बार बार देखने लगी इस उम्मीद से की पति का मूड बन जाए और वो मीणा को छोड़ क काम से काम थोड़ी तो उसके जिस्म को गर्मी pahuchaye…par वो इस बात से अछि तरह वाकिफ थी की एक बार उसके पति का लुंड मीणा की छूट की सैर कर चूका तो अगले 4-5 दिन तक वो फिर हरकत में नह aayega..kaash मेरे पति बी जमील जी जैसे स्ट्रांग और रोमांटिक होते तो कितनी खुश रहती mai..fir वो अपने आप से boli..areee मीणा जो नह है उसके बारे में सोचने क बदले जो है उसके बारे में सोच और ऐश kar..jamil तुमसे बहुत प्यार करता है ..तुम उसकी बीवी बन क तो हर दिन उसके साथ बिस्टेर बात नह सकती तो उसकी माशूका बन क मौके का फयदा utha..aur पूरी कर ले अपने जिस्म की chahat…dono को मजा aayega…aur वो मैं hi मैं बोली सॉरी जमील जी आज बी मैंने आपको निराश किया पर अगली बार चाहे कुछ बी हो मई आपको निराश नह karungi..apni पूरी ताकत लगाउंगी आपको खुश करने क liye..bas सास को एक बार चले जाने दो उसके बाद मई और आप और इ bedroom…..aur मीणा की आँखों में फिर से एक चमक आगयी उसके चेहरे पे एक muskan…aur इसी मुस्कान क साथ वो बी नींद में चालीगयी..

अगले दिन सुबह से लेकर शाम तक कुछ खास नह hua…saas बहु की जोड़ी ने फिर से दिन क वक़्त को ख़ुशी ख़ुशी बातो में बिताया था.. ऑफिस जाके उसका पति बी लौट आया tha..aur जब उसका पति फ्रेश होने बाथरूम गया तब उसके पति का मोबाइल रिंग करने लगा तो मीणा ने पति क मोबाइल क स्क्रीन पे देखा तो वो जमील का फ़ोन tha..meena को लगा की फ़ोन रिसीव करने क बहाने जमील से बात karlu…par उसे लगा सास और पति क मौजूदगी में जमील से किसी बहाने बात करना ठीक नह होगा और वो फ़ोन वही रख क अंदर आयी कॉफ़ी बनाने क liye..aur जब पति बाथरूम से बहार आया तो मीणा ने अपने पति से कहा की जमील भाई का फ़ोन आया था…

मीणा की बात सुनते hi मीणा का पति तुरंत अपना मोबाइल उठाया और जमील को कॉल किया और दोनों क बीच कुछ देर बात हुई. ..और जब तब तक मीणा बी कॉफ़ी लेके बहार आती दोनों का कॉल काट हो चूका था …जमील और अपने पति क बीच क्या बात हुई थी इ तो मीणा को पता नह चला था पर वो अपने पति क चेहरे पर ख़ुशी की मुस्कान देख चुकी थी और पति से पूछी क्या बात hai..aaj फिर जमील भाई ने पार्टी करने बुलाया क्या? देखो इ डेली डेली ड्रिंक्स करना ठीक नह है माजी क्या sochegi…meena ने धीरे से अपने पति से कहा ताकि बहार वरांडा पे बैठे अपनी सास सुन न ले…

तब मीणा का पति बोलै अरे नह मीणा वो दरअसल जमील भाई ने पैसो की बंदोबस्त करदी है और वो इधर hi आरहे है पैसे लेकर….

पति क बात सुनकर मीणा अपने कानो पर विश्वास कर नह पा रही थी.. और उसके मुँह से बस इतना निकल पड़ा कैसे??????

तब मीणा क पति ने मीणा को जमील क सात हुई कल की साड़ी बात batadi..to मीणा को थोड़ा बहुत समाज आया और वो पति से कुछ बोलना hi छह रही थी …तब पति बीच ने hi बोलै वो मई 15-20 दिन में उन्हें लौटा दूंगा और जमील भाई को बी इससे कोई आपत्ति नह ..

पति की बात मीणा क दिमाग में तो घुस रही थी पर उसका दिमाग उसे कुछ और सोचने पर जोर देने लगा tha…par पति क सामने होते हुए वो कुछ सोच बी नह पा रही thi…aise hi कुछ 5-10 मीन्स hi हुए थे जमील ने अपनी एंट्री मर दी thi…aur जैसे hi जमील आया मीणा किचन में चालीगयी अपने शराफत को अपने पति क सामने खयाम रखने की कोशिश करते हुए…

और किचन में खड़े जमील को देख मुस्कुराते हुए जमील को इ बताने की कोशिश की वो उस पर गुस्सा नह hai…aur मीणा की इस मुस्कान ने जमील को सब कुछ एक hi झटके में समजा दिया था की कल उसके और मीणा क बीच जो कुछ बी हुआ वो बस एक छोटी सी मतभेद थी पर इसका कोई असर उसपर नह पड़ा hai…par इस वक़्त जमील का ध्यान मीणा क पति पर था और उसने अपने जेब से 50000 निकल कर देते हुए कहा इ लो bhai…ab आपको परेशां होने की कोई जरुरत नह..

अपने हाथो में पैसे पाते hi मीणा का पति खुश होकर जमील को धन्यवाद कहते हुए कहा मई इ पैसे आपको 15-20 दिन में लौटा दूंगा

तब जमील बोलै अरे bhai…koi बात नह मुझे कोई ुर्गेनस्य नह आप को जब लगे तब लौटा देना …कोई बात नह..

किचन में कड़ी मीणा इ सब देखते हुए जमील क लिए कॉफ़ी बनाने में लगी थी उसका मैं अब बी यकीं करने तैयार नह था की जमील उसके लिए इतना सब कर सकता hai…jamil क इस ऐडा से वो और बी ज्यादा उसकी तरफ आकर्षित हो गयी और मैं hi मैं सोचने lagi…kitna प्यार करते है जमील जी मुझे …और मई उन्हें बार बार जलील करके घर से बहार निकलती hu…sorry जमील जी अगली बार ऐसा न हो मई इसका ख्याल जरूर rakhungi…aapke ैसासन का तो क़र्ज़ चुकाना hi पड़ेगा न मुझे hehehe….bas इंतज़ार Karo…aur वो मैं hi मैं मुस्कुराते हुए जमील क लिए कॉफ़ी लेकर बहार gayi…is बीच मीणा क पति ने अपनी माँ को अंदर बुला लिया या था और जमील क बारे में बताकर उससे इंटेरडुके बी किया था..

कॉफ़ी क कप टीपोय पे रख कर इस बार मीणा अंदर जाने क बदले अपनी सास क बगल में बैठगयी थी अपनी नज़ारे zukaye..aur वो अपने पति सास और जमील क बीच हो रही बातो को सुनने lagi..kuch देर इधर उधर की बातो क बाद मुद्दे की बात फिर छेद गयी thi..aur उसका पति bola…sach कहता हु जमील भाई, अगर पुरे पैसो की बंदोबस्त नह होती na…to मेरा गांव जाने क मूड hi नह tha…aapko किस मुँह से शुक्रिया ऐडा करू पता hi नह चलता

जमील- मैं में hi अबे निकम्मे मुझे तेरी शुक्रिया की कोई जरुरत NH..muje जो चाहिए वो तेरी बीवी से lelunga…wo बी बड़े प्यार से देख कैसे शर्मा कर नज़ारे झुकाये मेरे लुंड लेने तड़प रही hai..aur मीणा क पति से बोलै अरे भाई इसमें शुक्रिया किस बात की अब होगया न आराम से जाके अपना काम निपट क आवो…

मीणा पति- है भाई अब कोई टेंशन nh…hum परसो दोपहर को hi को hi निकल रहे hai..agar आपके पास वक़्त हो तो आप बी aajavo….isi बहाने आप हमारा गांव बी देख लेंगे…

पर जमील क मैं में कुछ और hi सोच थी, वो बोलै नह भाई किसी दिन और जरूर avunga..filhal सैटरडे मुझे बहुत इम्पोर्टेन्ट मीटिंग है किसी क साथ कहते हुए उसने तिरछी नज़र से मीणा को देखा तो मीणा बी उससे एक पल नज़र मिलके फिर अपनी नज़र zukali…aur मैं hi मैं बोली अगर जमील जी आप बी आ जाते तो मुझे बहुत ाचा लगता…

तब अपने बेटे का साथ देते हुए मीणा की सास बी जमील से बोली मेरा बीटा सही कह रहा है जमील beta..waise तुम आजाते तो मीणा और मेरे बेटे क साथ मुझे बी ख़ुशी होती…

इ बात सुनते hi जमील थोड़ा सोच में पड़गया tha..use लगा था की मीणा का पति और सास hi जानेवाले hai…par जब उसे पता चला की मीणा बी जा रही है तो अपने आप से hi नाराज़ हुआ की क्यू उसने इम्पोर्टेन्ट मीटिंग की बात ki..par अब वो अपनी बात से पीछे बी हैट नह सकता tha..agar पीछे हैट जाता तो शायद मीणा क पति को शक हो जाता वो थोड़ा नितेश हुआ और मीणा की सास से बोलै नह माजी अब मीटिंग कैंसिल बी नह कर सकता अगली बार जरूर ावुंगा…

लेकिन जमील की इ निराशा को मीणा अछि तरह समाज गयी और वह से उठ कर कॉफ़ी का कप किचन में रखने क बहाने किचन में आयी और अपना मोबाइल निकल कर जमील को मश्ग टाइप की "आप बी आवोना" मुझे ाचा लगेगा..

जमील ने मीणा क मश्ग को देखा और तुरंत रिप्लाई किया 'हो सके तो कल सुबह फ़ोन करलेना' और अपने मोबाइल को अपने जेब में रख लिया.. जमील नह चाहता था की उसके और मीणा क बीच इस वक़्त मश्ग का सिलसिला जारी rahe..q की मीणा क पति और सास दोनों सामने hi थे. उन्दोनो को शक हो सकता है…

और मीणा बी जमील क मश्ग देख कर समाज गयी की जमील उसके पति क सामने कोई गलत हरकत करके उसे शक क दायरे में नह लाना चाहता hai…aur वो किचन में डिनर की तैयारी में लग गयी और कुछ देर क बातो क बाद जमील बी वह से चला गया…

जब रात को मीणा सो रही थी तो उसके मैं में एक hi बात खायी जा रही thi..jamil जी ने उनके साथ आने से क्यू मन kardiya…itna ाचा मौका जो था उनके पास मेरे साथ वक़्त बिताने क liye…kya वजह hogi..manati हु पति और सास क होते हुए हमारा मिलना मुश्किल hai…par इधर अकेले पड़े रहने से तो ाचा था की हमारे साथ आके वक़्त gujarte..muje बी ाचा लगता tha….kahi उन्हें बुरा तो नह लगा की मैंने उन्हें हमारे साथ चलने को इन्विते नह किया.. …अगर ऐसा है तो मई कल hi उन्हें फ़ोन करके माफ़ी मांग लुंगी और उन्हें कहदूंगी की वो बी हमारे साथ chale…muje यकीं है वो मेरी बात नह talenge…..aur वो मैं hi मैं boli…jamil जी मुझे पता है आपको जिस चीज़ की जरुरत hai…wo तो मई आपको गांव में दे नह सकती पर गांव से लौट आते hi आपकी वो मनोकामना बी पूरी kardungi…aur वो अपने चेहरे में मुस्कान क साथ नींद क अघोष में चालीगयी…

अगले दिन सुबह सब रूटीन की तरह काम चलता raha..par मीणा बस एक मौका ढूंढ रही थी जमील से बात करने की. वो नह चाहती थी उसके और जमील क बीच हो रही बात उसकी सास को पता चले और जब उसकी सास नहाने चालीगयी तो मीणा को यही मौका सही लगा और वो अपने बैडरूम जाके जमील को कॉल लगा दी..

उधर मीणा क कॉल का hi इंतज़ार कर रहा जमील ख़ुशी से कॉल रिसीव करते हुए bola..hello मेरी डार्लिंग कैसी हो…

मीणा- मई तो ठीक hu..par मई आपसे नाराज़ हु..

मरना की बात सुन क जमील को लगा मीणा अपने पति क खिलाफ इस्तेमाल किये गए नामर्द जैसे शब्दों क वजह से उसपर नाराज़गी जाता रही है और वो फिर से मीणा को मानाने की कोशिश करते हुए bola..are मेरी जान बोलै न वो शब्द गलती से निकल गए थे मेरे मुँह से…

मीणा उसे बीच रोकते hue..are नह ji..wo बात तो मई कब का भूल चुकी हु..

जमील- (आश्चर्य से) तो फिर किश बात की नाराज़गी और ??

मीणा- वो आप हमारे साथ चलने से मन किया na…muje ाचा नह लगा..

मीणा की बात सुनकर जमील बहुत hi खुश होगया था जिस औरत क पीछे वो हाथ धोके पड़ा tha..aaj वही औरत अपने सफर में उसे हमसफ़र बनाना चाहती hai…aur वो मीणा को छेड़ते हुए bola..acha मई चलने तैयार hu…par वह क्या तुम मुझे छोड़ने डौगी..,? जमील जानबूजकर ऐसे शब्द प्रयोग कर रहा tha..ab उसे मीणा से किसी बात का डर नह tha…wo अछि तरह जंगया था की अब मीणा सिर्फ उसकी hai…wo ऐसे सेक्सी शब्दों को इस्तेमाल करके मीणा खुलके सडके करना छह रहा था ताकि मीणा सोचने पर मजबूर हो जाए और जमील अपने प्लान में कामयाब हो जाए..

इधर जमील क मुँह से ऐसे शब्द सुन कर मीणा ने एक पल क लिए अपने आंखे बंद karliye…pehli बार कोई मर्द उससे सीधे चुदाई की बात कर रहा था. मीणा क लिए इ गंधा सा शब्द बी जमील क मुँह से ाचा लगाने लगा था पर वो जमील क साथ इतनी खुली नह थी की वो बी इसी भाषा में उसका जवाब दे और वो शरमाते हुए बड़े बदमाश ho…kaise कैसे गांधी भाषा इस्तेमाल करते हो वो बी औरत क सामने..

जमील हस्ते हुए भाषा गाँधी hi सही पर मतलब तो एक hi na..bolo करने dogi..jamil में फिर से चुदाई पर जोर देते हुए बोलै…

मीणा फिर से शरमाई हुए बोली वह कैसे होगा सास और पति क होते हुए….

तब जमील बोलै जब वह कुछ नह होगा तो मेरे वह आने का मतलब hi नह निकलता na…jamil ने अपने डेसिओं को सही साबित करते हुए कहा…

जमील की इ बात मीणा को थोड़ी बुरी बी लगी क्यू की उसे लगा जमील को सिर्फ उसके जिस्म से लगाव है और वो उदास मैं से बोली इसका मतलब आपको मई सिर्फ वो करने क लिए hi chahiye..bas और कुछ नह..??

मीणा की उदास भरे बातो से जमील समाज गया की मीणा क्या सोच रही hai…aur वो तुरंत बोलै अरे मेरी जान किसने कहा और कुछ nh..mai तुम दिल से चाहता hu……..p..r…jamil आगे कुछ बोलने hi वाला था मीणा उसकी बात को काटते हुए बोली झूट बोल रहे हो आप, आपको सिर्फ मेरे जिस्म से प्यार hai…aur चुप rahi…jo वास्तव में सच hi tha..par जमील इस सच को मीणा क सामने कैसे काबुल करता…

जमील कुछ देर चुप रहा और फिर अपनी ख़ामोशी को तोड़ते हुए बोलै तुम बी न मीणा बात को कहा से कहा ले जाते ho..agar ऐसा hi होता तो मई तुम्हारी बात मानकर उस दिन चुप चाप चला नह aata…fir बी तुम ऐसा hi लगता है तो बस इतना batado..kya तुम मेरे साथ …वो सब करने ाचा नह lagta…agar नह है तो चलो मई तुम आज क बाद कभी हाथ लगाने की बी कोशिश नह करूँगा और तुम्हारे साथ गांव बी chalunga..jawab दे सकती ho….jamil ने अपने रिस्क लेते हुए इ बात कही thi..agar मीणा इस वक़्त न कहती तो शायद उसे फिर से शुरुवात करनी बी पड़ती hai…aur एक नया प्लान बी बनाना पड़ेगा..

पर मीणा इस सच को ठुकरा नह सकती thi..use बी जमील क साथ सेक्स करने में एक अलग hi मजा मिलता था वो bas….hmmmm करते हुए चुप होगयी.. मीणा की हम्म्म की जवाब ने जमील समाज गया की उसकी चल फिर से चल गयी और bola…mai समजा नह मीणा तुम क्या कहना छाती ho…khul क बोलो…

मीणा को अब क्या जवाब देना नह सूज रहा tha..wo इस सच से अच्छीतरह वाकिफ थी उसका और जमील क जिस्म ज्यादा देर तक दूर नह रह सकते और गांव में पति और सास क होते हुए जिस्म का मिलना मुश्किल hi नह नामुमकिन बी hai…aur वो जमील से boli…par जमील जी इ सब गांव में कैसे हो सकता है!!!! वो बी पति और सास क मौजूदगी में..??

तब जमील बोलै अरे यही तो मई कहना छह रहा हु जो तुम्हारी सास और पति क मौजूदगी में नह हो सकता hai…wo उनके गैर हज़ारी में हो सकता है..

पर जमील की बात मीणा क दिमाग में उतर नह पायी और वो बोली पर कैसे मई तो उनके साथ गांव जा रही हु और आपको बी किसी मीटिंग में जाना है…

जमील हस्ते हुए बोलै मुझे कहा का meeting…hahaha

अब बात मीणा क दिमाग में थोड़ी बहुत उतर गयी थी और वो बोली मतलब मई bhi?.....par कैसे…??? अब मीणा बी सोच में पढ़ाई थी …और वो कुछ बोल hi पाती तब जमील बोलै कैसे इ तुम पे देपेंद hai…par इतना जरूर बताना चाहता hu..humare बीच जो बी होगा वो बहुत मजेदार hoga..na कोई हमे रोकने वाला होगा या कोई हमे देखने wala..bas मई और तुम और हमारी मीठी बाते.. और हमारे पास पर्याप्त समय बी होगा एक दूसरे को अछि तरह जानने क लिए एक दूसरे में समाकर एक होने me…soch lo…mai कोई फाॅर्स नह करना चाहता ताकि तुम बुरा न Lage…Jamil ने इतनी सफाई से इ बात कही थी की मीणा सोचने पर मजबूर होजाये और वो मौके का पूरा फयदा उथले…

मीणा कुछ बोलना hi छह रही थी तभी उसे उसकी सास की आवाज़ आयी अरे मीणा बीटा कहा हो तुम किसके साथ इतनी देर से फ़ोन पे लगी ho….saas नहाकर बहार आकर मीणा को फ़ोन पर बिजी देखते हुए हॉल से आवाज दिया तो मीणा जमील को bye कहते हुए फ़ोन काट दी और सास क पास जाकर बोली अरे माजी वो मेरी सहेली का फ़ोन tha…ek बार शुरू हो गयी तो रूकती hi nh…meena ने सिचुएशन को सँभालते हुए kaha…aur अपने काम में लग गयी…

कुछ देर में आलम इ था की मीणा की सास बहार हॉल में बैठे टीवी देख रही थी तो मीणा अंदर किचन में रसोई बना रही thi…par मीणा क दिमाग किसी और hi सोच में लगा हुआ tha..wo सोच रही थी कैसे मई इतने अचे मौके से अनजान rahi…agar पहले hi सोच लेती तो मन कर देती पति को किसी न किसी बहाने. पर अब तो मई बोल hi चुकी हु की मई गांव आने तैयार हु तो कैसे रुक सकती hu….agar किसी बहाने रुक बी गयी तो क्या पता पति को शक बी ho…jamil जी बी नह ारे और मैंने बी अब आने से मन kardiya..nh नह मेरे पति मुझपर शक नह कर sakte…par क्या karu…kaise ruku..koi बहाना बी तो नह सूज raha..waise जमील की बात बी तो सच hi hai…mai और जमील जी अकेले में, न किसी का डर न किसी की परवा ओह्ह्ह्हह ऐसे माहौल में जमील जी क मोठे हथियार को लेने में जो मजा aayega…ahhhhhh सच में जन्नत की सैर hogi….uhhh

और ऐसे ख्याल आते hi मीणा अपनी दिमाग पर जोर डालने लगी की किस तरह गांव जाने से अपने आप को रोक lu..par जल्दबाज़ी में उसके दिमाग में कोई बी ऐसा ठोस बहाना नह आरहा था जिससे उसका पति या सास मान sake..aur इसी सोच में उसने दोपहर का लंच बी बना लिया tha…aur करीब 2 बजे वो अपने सास क साथ लंच क लिए बी बैठ gayi..aur सास बहु में फिर से बातो का सिलसिला शुरू होगया tha…meena अपनी सास से तो बात कर रही थी पर उसका दिमाग कुछ और hi सोच में खोया हुआ tha..wo ठीक से अपनी सास की बात बी नह सुन रही थी बस 'है' या 'न' या 'हम्म' में जवाब दे रही thi..wo मैं hi मैं अपने मैं में चल रही दुविधा की कोई सलूशन ढूंढ रही थी…

कुछ देर में सास बहु का लंच बी ख़तम हो गया था और कुछ देर बैठने क बाद सास सोने चालीगयी और मीणा बी साफ़ सफाई क बाद दोपहर की हलकी झप्पी लेने chaligayi…par उसे दोपहर क नींद से ज्यादा कोई ऐसे ठोस बहाना की जरुरत थी जिससे वो अपने आप को पति और सास क साथ गांव जाने से रोक पाए....

अब आगे क्या हुआ क्या मीणा को कोई ऐसा बहाना milgaya...kya जमील और मीणा का मिलान hogaya.......agar होगया तो कैसे और कितनी बार.....

और बी बहुत कुछ होनेवाला है मई की जिंदगी में अब बी बहुत सारे नए चेहरे आने वाले है ...कब और कैसे इ जानने क लिए मेरा साथ बने रहिये अंत तक...

आपका प्यार भरा रिस्पांस और सुग्गेस्ट मुझे इस कहानी को पूरी करने में इंस्पिरेशन होगी... धन्यवाद्...
 
कुछ देर में सास बहु का लंच बी ख़तम हो गया था और कुछ देर बैठने क बाद सास सोने चालीगयी और मीणा बी साफ़ सफाई क बाद दोपहर की हलकी झप्पी लेने chaligayi…par उसे दोपहर क नींद से ज्यादा कोई ऐसे ठोस बहाना की जरुरत थी जिससे उसका पति और सास उसे गांव आने पे फाॅर्स न करे…

मीणा बिस्टेर पे लेती करवट ले रही thi…nind उससे कोसो दूर निकल चुकी थी.. इतना ाचा मौका कैसे जाने du…pata नह फिर कब अकेले रहना का मौका नसीब aaye…mai hi पागल थी अगर यही बात पहले hi सोच लेती तो आज बहाना ढूंढने की नौबत hi नह aati..kya karu…..karu…meena ग़हरी सोच में डूबी hi हुई thi..ki उसे बहार गेट खोलने की आवाज़ आयी तो मीणा ने खिड़की से देखा तो उसकी पडोसी thi…meena मैं hi मैं बोली अब इ इस वक़्त क्यू आयी मेरा दिमाग khane..aur वो कुछ सोच hi पाती उसे दूर बेल्ल की आवाज़ आयी और मीणा उसे कोसते हुए जाके दूर ओपन करके फॉर्मलिटीज दिखते हुए भाभी आप इस वक़्त…?

पडोसी मीणा को दो हज़ार का नोट दिखते हुए बोली मीणा वो मुझे 2000 क छुट्टे चाहिए थे किसी को पेमेंट करना hai…socha तुम्हारे पास मिल जायेंगे…

मीणा जल्द से जल्द पडोसी को सल्तना चाहती थी इसलिए वो पडोसी से बोली एक मिनट भाभी मई देखती हु कहकर अंदर आयी और सुब्बार्ड से अपना पार्स निकल कर उसमे से 500 क 4 नोट निकल कर बहार जाकर पडोसी से बोली भाभी मेरे पास 500 क hi है चलेगा na…to पडोसी ठीक है कहते हुए मीणा को अपना 2000 का नोट देकर छुट्टे लेकर चली गयी…

मीणा उस 2000 क नोट को अपने पर्स में रख कर वापिस कब्बोअर्द में रखने hi जा रही thi..use एक ऐसी चीज़ दिख गयी और वो ख़ुशी क मरे ज़ूम uthi…aur मैं hi मैं बोली इतना ाचा बहाना मेरे सामने होते हुए मई बेकार में इधर उधर का बहाना ढूंढ रही thi..chalo ाचा hi hua..padosi भाभी क आने से मुझे बहाना तो milgaya..ab देखती हु मुझे कौन रोकता है hehehe…jamil जी आप मीटिंग की पूरी तैयारी karlo..ab मई बी रेडी hu…bas थोड़ा और intezar……meena क चेहरे पे अब ख़ुशी और मुस्कान दोनों thi…uska जिस्म फिर से एक गैर क लिए समर्पित होने तैयार खड़ा हुआ tha…Meena अब और कोई सोच को अपने दिमाग न लाते हुए आराम से सगाई ..

जब वो उठी तो शाम क 5 बज रहे the..meena पहले फ्रेश हुई और फिर अपने सास क लिए कॉफ़ी banayi…aur हॉल में बैठे सास को कॉफ़ी देकर सास क साथ बातो में लग gayi..baate करते वक़्त मीणा जानबूजकर थोड़ी उनकंफर्टबले जैसे एक्ट करने लगी ताकि सास उसे देख कर पूछ ले ली क्या बात है…

और जैसे मीणा ने सोचा था ठीक वैसे hi हुआ tha..meena को उनकंफर्टबले फील करते देख सास ने मीणा से पूछ hi लिया क्या बात है बीटा तुम्हारी तबियत तो ठीक है न…

मीणा- है माजी थोड़ा पेट में दर्द जैसा हो रहा है…

सास- अरे बीटा गैस्टिक क वजह से hoga…thoda अजवायन खा लेना ठीक हो जायेगा…

मीणा अपने चेहरे पे दर्द का एसएस करते हुए नह माजी मुझे बी ऐसा hi लगा पर अब लग रहा है बात कुछ और है…

सास- मतलब beta…tumara….

मीणा- है माजी मुझे बी ऐसा hi लग रहा hai..pata नह क्यू इस बार एक दो दिन पहले hi ……

सास- है होता है बीटा ….उसमे कोई परेशानी नह…

मीणा- है माजी पर परेशानी इस बात की है अगर मेरा डेट पड़गया तो मई गांव आ नह pavungi…pata है न आपको दर्द क मरे सफर में कितना तकलीफ होता hai…aur पता नह इ मानेंगे बी नह….

सास- है सही है beta….koi बात नह तुम अगली बार आजाना.. मई तेरे पति से बात कर लुंगी…

मीणा- नह माजी मई उनसे बात करलूँगी अगर नह माने तो आप थोड़ा उनको समजा dena…waise उन्हें बी पता hai…jab मई डेट पे होती हु तो कितनी तकलीफ होती है मुझे…

सास - ठीक है beta…jaisi तुम्हारी मर्ज़ी…

दरअसल जब मीणा ने पडोसी से छुट्टे क बदले लिए 2000 क नोट को अपने पर्स में डालकर सुब्बार्ड में रख रही थी तब उसे एक कोने में उसके व्हिस्पर क पद दिख गया था जिसे देखते hi उसका दिमाग तुरंत चल gaya..aur उसने डेट होने का बहाना सोच लिया tha…jiski कामयाबी क लिए मीणा ने अपनी सास क सामने पेट दर्द क नाटक क साथ शुरू kiya..aur वो अपने मकसद में कामयाब बी rahi…ab उसे बस उसके भोले पति क सामने इस नाटक को जारी रखना था और उसे यकीं दिलाना था की सचमुच में मीणा का डेट पड़गया hai…aur शाम को जब पति आया तो मीणा ने उसे रोज़ाना की तरह कॉफ़ी बना दिया.. और सास बहु और बेटे क बीच इधर उधर की बाते होने लगी और बातो बातो में मीणा को पता चला गया की उसके पति को किसी वजह से कल छुट्टी नह मिली और वो परसो यानी संडे को जानेवाले है…

इ बात पति क मुँह से सुनते hi उसे थोड़ी निराशा हुई पर जब पति ने कहा छुट्टी मंडे को मिली है और वो संडे दोपहर निकल क मंडे शाम को रेतुर्न आएंगे तो मीणा वापिस अपनी रयथेम में आगयी thi…aur अपने दिमाग में hi प्लान तैयार कर रही thi…lekin उसने अभीतक अपने पति को नह बताया था की वो नह आनेवाली hai…Kuch देर क बातचीत क साथ उसका पति बहार चलागया और उसके बाद रात को सोने तक कुछ ख़ास नह hua..ghar में सास बहु की बातचीत तो बहार जमील और मीणा क पति क बीच थोड़ी बहुत बात पर खुश खास nh…par इस बीच मीणा ने अपने सास क सामने पेट दर्द का बहाना जरूर बर्खरार रखा हुआ था..

रात को जब डिनर फिनिश करके उसका पति सोने चलागया तो मीणा बी सब काम फिनिश करके बैडरूम में आयी और सुब्बार्ड को इतना जोर से खोली की अगर उसका पति सोया होता तो बी सुब्बार्ड खोलने की आवाज़ सुन क नींद से जाग jaaye…aur हुआ बी ऐसा hi सुब्बार्ड खोलने की आवाज़ से उसके पति क आंखे खुल गयी और सुब्बार्ड क सामने कड़ी मीणा को कुछ ढूंढते हुए देख कर पूछा क्या बात है मीणा इस वक़्त क्या ढूंढ रही हो..

मीणा पति को देख थोड़ी शर्म से मुस्कुराते हुई वोओओओओओ meraa…ha मिल गया कहते हुए व्हिस्पर का पद उठके पति को दिखते हुए मई अब hi आती हु कहकर बाथरूम में चालीगयी..

मीणा का पति बी समाज गया की मीणा की डेट हो चुकी hai..par उसे बिलकुल बी अंदाज़ा नह था की उसकी प्यारी बीवी का इ नाटक hai..jo वो जमील क साथ अपना वक़्त गुजरने क लिए कर रही है…

इधर बाथरूम जाके मीणा ने पद पहनलिया और वापिस आके अपने पति क बगल में लेट गयी और पति से बोली suno..mai क्या कह रही हु ki..mera गांव आना जरुरी है क्या..

पति- क्यू क्या हुआ…? तुम्हारा मैं नह क्या आने का..

मीणा- अपने नाटक को अंजाम देने की कोशिश करते हुए …ऐसा नह मुझे भी बहुत मैं था पर वो आज hi मेरी डेट पड़गयी न …तो आते जाते ट्रेवलिंग से थोड़ी परेशानी होगी …और डेट पे होते वक़्त ट्रैवेलिंग करना ….आपको पता hi है न औरत क लिए कितना मुश्किल है .. मीणा अपने चेहरे पे थोड़ी उदासी और दर्द दिखते हुए boli…taaki उसका पति समजे की मीणा को बी इस बात से बुरा लगा है…

पर मीणा का इ खेल उसका पति समाज नह पाया और bola..ha मीणा पर माजी क्या सोचेगी…

मीणा- वो मैंने माजी को बी बताया hai..aur वो बी मान गए है…

पति- कब?

मीणा- वो जब शाम को मुझे थोड़ा पेट दर्द सा हो रहा था na…tab मैंने माजी से बी बात की और वो बी मान गए..

Pati-pati ठीक है तो fir…ab क्या कर सकते है aur?!!!!!!…meena क पति ने थोड़ा उदास मुँह बनके बोलै..

मीणा अपने पति क उदास चेहरे को पहचान गयी thi…par उसे इस बात से कोई फरक नह पड़ा था वो जानती थी अगर जमील क साथ अकेले में वक़्त बिताना है तो उसके पति की उदासी को बी झेलनी hi पड़ेगी और वो अपने पति को मानाने का नाटक करते हुए boli…lagta है आपको बुरा laga…par मुझे बी क्या पता था मेरे डेट क वक़्त hi माजी आएगी और हमारा गांव का प्लान banega..meena इस बार थोड़ी भावुक होते हुए boli…to उसका पति bola…are नह मीणा सोचा था तुम बी घर में बोर हो जाती हो इसी बहाने तुम्हारा बी मैं बहाल जायेगा..

मीणा मैं hi मैं मुस्कुराते हुए बोली अब आपको कैसे बतावु की मई इ सब उसी क लिए hi कर रही हु …और वो पति से boli…koi बात नह मुझे कोई प्रॉब्लम nh..agli बार हम दोनों साथ में जायेंगे और वह एक दो दिन रुकेंगे…

पति- ठीक है जैसे तुम ठीक samjo…chalo अब सोते है. .कल बहुत काम पड़ा है muje..kehte हुए वो दूसरी तरफ मुँह करके sogaya..is बात से अनजान की उसकी प्यारी संस्कारी पतिव्रता बीवी की पेअर फिसल चुके है..

इधर मीणा अपने पति को देख मैं hi मैं मुस्कुराते हुए सॉरी मेरे पतिदेव मई जानती हु मैंने आपसे झूट बोलै है .पर जमील क साथ मुझे जो मजा अत है वो मजा वो ख़ुशी आपसे नह मिलती hai…aur उसी ख़ुशी को पाने क लिए मुझे आपसे झूट बोलना hi pada…sorry…aur वो बी दूसरी तरफ मुँह करके सो gayi…lekin उसका और बी एक काम अधूरा था जिसे किये बगैर उसे नींद नह आनेवाली thi…isliye वो बस करवट बदलते hi रही और कुछ 15-20 मीन्स क बाद जब उसे कन्फर्म हुआ की उसका पति सो चूका hai…to मीणा ने अपना मोबाइल उठाया और एक मश्ग टाइप Kiya…meeting confirmed…par थोड़ा चंगेस hai..mai कल आपको बतावुंगी . ..bye. और जमील को सेंड की…

उधर जमील बी कुछ देर बाद मीणा का मश्ग पढ़कर अपनी ख़ुशी समेत नह पाया tha…wo अपने अंडरवियर पे हाथ फेरते अपने लुंड को मसलते हुए bola….ab तेरी बुलबुल बी रेडी hai…bas इंतज़ार कर तुजे जन्नत की सैर करा dunga…meena डार्लिंग अब आएगा असली maja…iske बाद तू अपने पति का नह सिर्फ मेरा hi लुंड लेने तडपेगी ..hehehe…aur वो अपनी जीत की ख़ुशी क साथ सोगया…

अगले दिन रूटीन की तरह मीणा क दिन की सुबह क साथ शुरुवात हुई thi..wo अपने काम क साथ अभी बी हल्का सा पेट दर्द क बहाने को खयाम राखी हुई thi..wo जानती थी अगर जमील क साथ उसका मिलान होना है तो उसे तब तक इ बहाना जारी रखना न जब तक उसका पति और सास गांव क लिए चले नह jaate..aur बी बहुत कुछ मीणा क मैं में चल रहा tha..,,use बहुत कुछ जमील को बताना tha…lekin आज वो फिर से जमील को कॉल करके कोई बी रिस्क लेना नह चाहती thi..taaki उसकी सास को शक न हो की उसके नहाने जाते hi उसकी बहु किसी से बात करने लगती hai…wo बहुत देर तक सोची और आखिर कर उसने एक लम्बा सा मश्ग टाइप किया और जमील को सेंड किया..

दूसरी तरफ जमील बी आज खुश tha..usne बी आज पूरी तैयारी कर ली thi..use बी बस आज मीणा का फ़ोन या मश्ग का इंतज़ार hi था, और वो अपने मोबाइल पे मीणा का मश्ग देख कर खुश हुआ और बोलै चल जमील आगया तेरी डार्लिंग का मश्ग.. आज कोई कसार मत chodna..apni मर्दानगी दिखने me..aur वो मश्ग को ओपन करके देखा तो थोड़ा निराश हुआ और जब पूरा मश्ग पड़लिया तो socha…itna दिन तो इंतज़ार कर चूका hu…ek दिन और सही वैसे मीणा क बात बी तो सही hai..aur बोलै चल मेरी डार्लिंग मीणा तुम्हारे लिए और एक दिन बी sahi…lekin कल मुझे मत rokna…aur वो अपने होतो पे एक कातिल मुस्कान लाते हुए कुछ सोच लिया और तुरंत अपने दोनों फालतू दोस्तों को कॉल kiya..kuch आधे घंटे में hi वो दोनों जमील क बताये हुए तहिखने पे आगये तो जमील बी उनके साथ कही निकल पड़ा….

इधर मीणा बी अपने रूटीन काम में बिजी होगयी thi…kal क दिन क लिए जो उसे जो सावधानी बरसनी थी वो सब वो जमील को बता चुकी थी इसलिए वो अब निश्चिंत थी की उसके प्लान क कामयाबी se…aur जब उसका पति शाम को रूटीन की तरह कॉफ़ी पे कर बहार निकल गया तो उसे बी कही जमील दिखाई नह दिया tha..is बीच मीणा ने अपने पति की और सास क जाने की पूरी तैयारी कर राखी हुई thi..aur जब उसका पति आया तो तीनो ने मिलके डिनर बी फिनिश किया और जब सोने गए तो मीणा ने फिर से व्हिस्पर पहन ने का बहाना बहुत ाचीही तरह से निभाकर उसके पति को यकीं दिलाया की वो सच में डेट पे hai…aur उसका पति आज फिर से एक उल्लू की तरह अपनी प्यारी बीवी क खेल को नह समाज paaya…aur जब दोनों बिस्टेर पर लेते तो उसका पति bola..lagta है मीणा आज जमील भाई नह hai…apne मीटिंग क सिलसिले में कही बहार गए होंगे..

मीणा - वो कही जाए या रहे उससे मुझे क्या लेना dena…aapka दोस्त है आप hi jaano…meena ने ऐसे कहा की उससे जमील से कोई लेना देना नह….

पति- अरे कैसी बात कर रही ho…bhul गयी.. उन्होंने hi तो मुझे पैसे दिए है वो बी 50 हज़ार…

मीणा- जानती hu…lekin आप उन्हें वापिस बी तो देने वाले ho..manati हु उन्होंने आपकी सहायता की पर ऐसे सोने क वक़्त बी उन्हें याद karna….aap समजे न मई क्या कहना चाहती …मीणा ने सिचुएशन क हिसाब से अपने चेहरे पे थोड़ा रुदिनेस्स दिखते हुए kaha…taaki उसके पति को ऐसा लगे की वो अब बी गैर मर्द से उतना hi दूर रहती है जितना पहले रहती थी, चाहे वो उसका पति क दोस्त बी क्यू न हो ..

मीणा की इ ऐडा बी उसका पति समाज नह पाया पर वो थोड़ा अपने आप पर गर्व महसूस करने लगा की उसकी बीवी कितनी संस्कारी hai…aur वो बोलै ok बाबा सॉरी मुझे इ कहना था की जब उनसे मदत ले चूका हु तो मेरा बी फ़र्ज़ बनता था न की गांव जाने से पहले उन्हें एक थैंक्स बोल क जावु…

पति क बात सुन मीणा मैं hi मैं boli…don't वोर्री मेरे पतिदेव आपकी इ ीचा बी पूरी होगी.. हहै और वो पति से बोली ठीक hai..aaj नह मिले तो क्या हुआ कभी तो मिलेंगे hi तब उन्हें थैंक्स बोल dena…ab मुझे नींद आ रही है मई सो रही हु ..

मीणा क पति ने सोचा अब इसे कैसे समजवू की 50000 जैसे बड़ी रकम देने से पहले अपने बी 100 बार सोचते है वैसे में जमील भाई ने मुझे बिना मांगे hi दे दिया है इ किसी उपकार से काम नह… पर मीणा को तो गैर मर्द से दूर hi रहना है ..वैसे मेरी मीणा बी किसी आदर्श नारी से काम nh…aur वो दूसरी तरफ मुँह करके सो gaya…lekin उसे क्या पता था जिसे वो आदर्श नारी का दर्जा दे रहा है वही उस नारी क बचलन बनाने का पहला लक्षण hai…jise वो अपनी प्यारी संस्कारी पतिव्रता बीवी समझता है वही इसी बिस्टेर में कल रात पूरी नंगी होकर एक गैर मर्द क निचे लेती अपने जिस्म को ख़ुशी से लुटाने वाली hai..bechara pati..aisi कल्पना बी नह करते हुए सो Gaya…aur वही मीणा अपने पति क सोते hi..apna फ़ोन उठायी और मश्ग टाइप की "कल क्या करना है पता है na…agar आपने वो बी किया तो सोच लो किसी को कोई शक की गुंजाइश बी नह hogi….aur हमारा काम आसान हो जायेगा" मीणा तुरंत इस मश्ग को जमील को सेंड किया और रिप्लाई का इंतज़ार करने लगी…

कुछ hi देर में जमील का बी रिप्लाई आगया tha…ha जान अछि तरह पता है…

मीणा- ठीक है तो फिर कल मिलते है पति और सास क जाने क बाद गुड नाईट..

जमील- ok गुड नाईट

मीणा ने तुरंत सारे ंसग्स डिलीट किये और वो अपने सोते हुए पति को एक बार देख कर मैं hi मैं बोली सॉरी मेरे पतिदेव मई आपके पीठ पीछे क्या कर रही हु आपको नह बता sakti…par क्या करू ..अब मई अपने कदम आगे बड़ा hi चुकी हु तो पीछे हैट बी नह सकती पर आपको यकीं दिलाती hu…e मई सिर्फ जमील जी क साथ hi karungi…aur कोई मर्द हमारे बीच नह ayega…aur वो बी कुछ देर क बाद एक ग़हरी नींद में सगाई..

इधर जमील खुश बी था और थोड़ा हैरान बी tha…usne कभी नह सोचा था की मीणा जैसी भोली भली औरत क दिमाग में ऐसे शातिर प्लान बी आ सकते hai…use अब मीणा पर थोड़ा शक बी होने लगा कही मीणा का पहले से hi किसी क साथ अफेयर तो nh…kahi वो पहले बी किसी मर्द को इसतरह अकेले होने पर बुलाके मजे तो नह ली… नह नह ऐसा नह हो सकता अगर होता तो मीणा आज तक मुझसे कितनो बार चढ़ चुकी hoti…agar वो पहले बी किसी और से चढ़ चुकी होती तो उसकी छूट इतनी टाइट नह hoti..wahhhh क्या टाइट छूट है uski…aur बूब्स बी कितने कैसे हुए है कल तो मजा आएगा मीणा क जिस्म से khelne….aur वो बी कल क बारे में इमेजिन करते हुए सो गया…

अगला दिन Sunday…par मीणा रूटीन की तरह उठ गयी और अपने काम पे लग gayi…kuch देर बाद उसकी सास और पति बी जग गए और तीनो ने मिलके सुबह का ब्रेकफास्ट बी फिनिश Kiya..aaj उसके पति और सास को दोपहर लंच करके निकलना था तो मीणा जल्द जल्द में रसोई बनाने में बिजी hogayi..kareeb सुबह 9 बजे मीणा क घर क सामने एक कार आके रुक गयी तो मीणा तो समाज गयी थी इ कार किसकी hai…par उसके पति को पता नह था सो वो उठ क बहार गया तो सामने जमील को खड़ा देख कर मीणा का पति थोड़ी हैरानी और थोड़ी ख़ुशी जताते हुए बोलै अरे जमील भाई आप सुबह subh…aavo अंदर आवो..

जमील है भाई वो कल किसी काम से बहार गया tha…aur आज बी बहार जा रहा hu..ek दो दिन क लिए तो सोचा जाने से पहले माजी से एक बार मिल लू..

मीणा का पति- है क्यू नह ाचा किया आपने…

और दोनों अंदर आके बैठ गए और तब मीणा क पति ने अपनी माँ को बी बहार बुला लिया इ कहते हुए की माजी जमील भाई आये है आपसे मिलने…

और जब अपने बेटे की आवाज़ सुन क मीणा की सास बहार आयी to..jamil ने उसे नमस्ते kaha..aur अपने साथ लाये हुए दो स्वीट बॉक्स को मीणा की सास को देते हुए कहा माजी इ आपके लिए …

मीणा की सास स्वीट्स बॉक्स को लेते हुए अरे इ क्यू beta…tumne तकलीफ क्यू ली…

जमील- अरे माजी तकलीफ कहा ki…e तो मेरी ख़ुशी hai…kam से काम आप गांव जाने से पहले आपसे मिलने का एक मौका तो मिला..

सास- खुश रहो बीटा और है कभी वक़्त मिले तो मेरे बेटे क साथ गांव जरूर आना..

जमील- ठीक है माँ जी ..जरूर .अब मई निकलता हु . ..मुझे दूसरे शहर बी जाना है ..और वो जाने को खड़ा हुआ तो मीणा का पति उसे रोकते hue..are जमील भाई इतनी बी क्या जल्दी hai..kuch नाश्ता पानी तो लेके जावो….

जमील- अरे नह मुझे देर हो रही hai….bas मुझे माजी से मिलना था इसलिए aaya..par एक बात पता नह चला वैसे आप कल जाने वाले थे na….jamil ने जानबूजकर इ बात की थी ताकि मीणा का पति और उसकी सास जमील क जाते hi इस बात पर चर्चा न करे..

मीणा का pati…ha पर वो मुझे छुट्टी नह मिली सो आज जाके कल वापिस लौटने वाला हु ..पर आपको कैसे पता चला की हम नह गए मीणा क पति ने अपने मैं में उभरे प्रश्न को जमील से पूछ लिया

जमील- अरे भाई वो सुबह मई वाकिंग क लिए सामने गली वाले रस्ते से गुजर hi रहा था तो भाभी जी को देख लिया tha..to मुझे यकीं हुआ की आप लोग नह गए..

जमील क इस बात ने मीणा क पति क प्रश्न का जवाब दे दिया tha..aur वो बोलै ओह्ह इ बात hai…par जमील भाई अपने मेरा इतना बड़ा हेल्प किया है और मई आपको बिना मेहमान नवाज़ी किये भेजू मुझे ाचा नह lagta..thoda ठंडा तो लेलो…

जमील- अरे नह भाई आलरेडी मई लेट हो रहा hu…kisi और दिन jarur…chalo चलता हु..

मीणा का पति- वैसे जमील भाई आपको कैसे शुक्रिया ऐडा करू समाज में नहीं आगरा थैंक यू वैरी मच…

जमील- अरे भाई इसमें शुक्रिया की क्या बात है इ तो मेरे लिए ख़ुशी की बात है…. एक्चुअली शुक्रिया तो मुझे कहना चाहिए आपने मेरे लिए ऐसा खास मौका बना दिया …और वो मैं में hi हस्ते हुए वह से निकल gaya..aur मीणा का पति उसे जाते हुए देखता hi रहा पर उसे थोड़ा बी अंदाज़ा नह tha…jaate वक़्त जमील ने उसे कौनसा मौका बनाने क लिए शुक्रिया ऐडा किया है…

अंदर किचन में कड़ी मीणा, जमील पति और सास क बीच चली सब बाते सुन चुकी थी लेकिन ऐसा एक्ट कर रही thi…ki उसे कुछ पता बी nh..aur मैं hi मैं खुश हुई थी की जितना उसने कल सुबह जमील को मश्ग करके बताया था जमील ने वो सब करने में कोई कसार नह छोड़ी थी…

दरअसल मीणा ने hi उसे इ सब करने क लिए मश्ग करके कल सुबह hi बताया tha..aur कल जमील कही बहार जाना और उसके पति से न मिलना वो बी मीणा का hi प्लान का हिस्सा tha…aur अब प्लान की हिसाब से जमील को नज़दीक क किसी दूसरे शहर में जाना था ताकि जब तक उसकी सास और पति गांव क लिए नह निकलते जमील को आते जाते दोनों में से कोई देख न le...meena मैं hi मैं खुश हो रही थी और अपनी ख़ुशी को अपने दिल में hi छुपा रही थी और मैं hi मैं बोली थैंक यू जमील जी आपने मेरी सेफ्टी रखने क लिए मेरा हर एक कहा माना तो मई बी आपको आज निराश नह करुँगी ..समाज लो आज मीणा पूरी तरह aapki….jo चाहे karlo…mast मजे से साथ दूंगी आपका …आप सोच न नह सकते…. hehehe..par वो अपनी इस ख़ुशी को किसी बी तरह पति या सास क सामने जाहिर न होने di..aur काम पे लगी rahi..jaise की जमील आके जाने से उसका कोई मतलब hi nh…aur बेचारा पति और उसकी सास बी मीणा क इस चल को समाज नह paaye..aur दोपहर का लंच फिनिश करके गांव क लिए निकल पड़े..

पति और सास क जाते hi मीणा दरवाजा बंद करके अंदर आयी और सोफे पे बैठ क एक ग़हरी सास ली और बोली …अब रास्ता क्लियर hai…chalo जमील जी को इ खुश खबरि देती hu..aur उसने अपना मोबिल उठाया और जमील को कॉल किया..

वह मीणा क hi कॉल का इंतज़ार कर रहे जमील ने तुरंत कॉल रिसीव किया और bola…kya बात है jaaneman..dono निकल गए क्या…

मीणा- है वो अब थोड़ी देर पहले hi निकल गए…

जमील- तो फिर मई बी निकलता हु यहाँ से…

मीणा- ठीक है पर ध्यान se…kahi रस्ते पे गुजरते वो लोग आपको देख न ले..

जमील- अरे मेरी जान इतना सब कर चूका hu..tum टेंशन मत लो..

मीणा- ठीक है तो फिर niklo….par है कब तक आवोगे घर..

जमील- बस एक दो घंटे में हाज़िर हो javunga..tumari सेवा me…hehehe

मीणा समाज गयी थी जमील किश सेवा की बात कर रहा hai…aur वो शरमाते हुए boli…aap बी na…kuch बी बोलते हो…

जमील- अरे मेरी जान तुम्हारी हर बात मान चूका हु तो मेरा बी इनाम बनता है न…

जमील की डबल मीनिंग क बातो से मीणा पूरी तरह शर्मा रही hi…aur इस शर्माहट क वजह से उसके आवाज़ निकल नह रही thi…wo बस हम्म्म करते हुए जमील को जवाब दी तो जमील मीणा को और छेड़ते हुए बोलो न मीणा इनाम मिलेगा या पिछली बार की तरह आज बी खली पेट जाना पड़ेगा..

मीणा समाज गयी जमील क मैं में अब वो बात चल रही है और वो इस बार थोड़ी शरमाते हुए धीरे से boli…aaj ऐसा नह hoga..aapko आपका इनाम मिलेगा…..

वैसे जमील को बी थोड़ा बहुत अंदाज़ा था की आज मीणा उसे नह रोकेगी और मीणा की इस बात ने उसके अंदाज़े को पुष्टि दे दी थी और बोलै ठीक है मेरी जान अब मई निकलता हु…,4 या 4.30 क बीच तुम्हारे घर पहुंच जावूंगा…

मीणा एक पल घडी देखि और कुछ सोच कर बोली नह जमील ji..us वक़्त आपका आना ठीक नह rahega…mai क्या कह रही hu…aap शाम को थोड़ा अँधेरा होते hi aavo…kisi को कुछ पता नह चलेगा…

लेकिन जमील क लिए अब थोड़ा सा बी वक़्त भरी पड़ने लगा tha…wo जल्द से जल्द आके मीणा को नंगी करके अपनी हवस मिठाने की शुरुवात करना चाहता था और नकारते हुए बोलै नह मेरी जान अब और कण्ट्रोल नह होगा mujse…plz समजा करो न…

पर मीणा क लिए उसकी सेफ्टी बहुत इम्पोर्टेन्ट थी तो वो जमील को मानते हुए boli…itni देर तो रुक चुके ho…thoda देर और sahi…uske बाद मई आपको रोकूंगी नह प्ल्ज़ समजा करो न जमील ji….meena ने विनती भरे अंदाज़ में कहा तो जमील फिर से मीणा क सामने हार गया था ..और दोनों ने सहमति क साथ फ़ोन काट दिया…

फ़ोन काट ते hi मीणा फिर से सोचने लगी इ मई क्या कर रही hu…mere पति है दो प्यारे बचे hai…aur मई एक पराये मर्द क साथ बिस्टेर बताने जा रही hu….kuch देर वो आंखे बंद किये सोचती रही और फिर अपने आप से boli..maine कभी पति या बचो क लिए प्यार में कोई कमी नह की. मई अब बी मेरे पति और बचो से उतना hi प्यार करती hu.iska मतलब इ नह की मई अपनी ख्वाहिशो को कुचल कर सिर्फ उनके hi बारे में सोचती rahu…meri बी कुछ जरूरते hai..aur सेक्स करना तो मुझे पहले से पसंद है और जब मेरे पति मेरी सेक्स की जरुरत पूरी नह कर सकते तो जमील जी क साथ मई अपनी जरुरत पूरी करलु तो इसमें गलत क्या.. वैसे जमील क साथ तो सेक्स करने में जो सुख मिलता hai…wo मेरे पति से कभी नह मिला और मई थोड़ी अकेली औरत हु जो ऐसे कर रही हु.. इस दुनिया में ऐसे कही औरते होंगी जो अपने मर्द से सुख न मिलने पर गैर मर्दो से अपनी जरुरत पूरी कर लेती ho……aur अब मई जमील जी को आने से मन बी नह कर सकती hu..agar ऐसा करदु तो वो मुझसे गुस्सा हो जायेंगे और कुछ गलत बी कर सकते hai..nh नह मई ऐसा होने नह dungi…ab जब मई जमी जी क लिए hi पति और सास से झूट बोलके अपने आप को गांव जाने से रोक चुकी hu…to जमील जी को रोक बी नह sakti…aur जमील जी जब आएंगे तो वो बिना सेक्स किये थोड़ी मानेंगे …. इ पहली बार तो nh…waise बी मई उनके साथ एक बार सेक्स कर चुकी हु तो एक बार और sahi…aur जब जमील जी क साथ सेक्स करना hi है तो क्यू न उस मौके का पूरा मजा lu…jamil जी बी खुश और मई बी khush..ha यही सही rahega…ab सही क्या है और गलत क्या है सोचने क बदले जमील जी क साथ मजे करने क लिए मुझे तैयारी करनी hogi..aur वो इस बारे में सोचने लगी…

आज मीणा वो करने जा रही thi..jise वो सपने में बी नह सोची thi…wo जानती थी एक गैर मर्द को रात क अँधेरे में घर बुलाना वो बी अकेले होने पर इसका अंजाम क्या होने वाला hai…aur वो कितना रिस्की बी hai…par आज मीणा क लिए वो अंजाम बी सुखदायक लग रहा tha..iske लिए वो जमील को रात क वक़्त घर में लेने की रिस्क बी उठा चुकी thi…meena चाहे तो आज बी उसके पास वक़्त था अपनी पिछली गलती सुधारकर अपने संस्कार खयाम रखने क लिए पर अब मीणा को उसके संस्कार से ज्यादा जमील से मिलने वाला जिस्मानी सुख की जरुरत ज्यादा महसूस होने लगी thi..e उसकी वासना थी जो उसे बार बार जमील से मिलने की चाहत बड़ा रही thi….shayad मीणा को अंदाज़ा नह था उसकी इ वासना उसके जिंदगी की और क्या क्या रंग लाएगी..

मीणा सोफे पर से उठी और एक नार्मल सी चूड़ीदार पहन क रेडी हुई और अपने घर को लॉक करके मार्किट क तरफ निकल पड़ी और वो कुछ देर तक अपनी जरुरी चीज़े खरीद ली और उधर से सीधा अपने पहचान क एक ब्यूटी पार्लर में gayi..aur वह उसने फेस मस्सगे क साथ अपना ह्यब्रो बी बना लिया और आखिर में मीणा आर्मपिट और छूट क बाल को साफ़ करवाने लगी .. तो इस बार पार्लर की मालकिन बी मुस्कुराते हुए सोच में पड़गयी और वो मीणा से पूछी क्या बात है भाभी आज कुछ स्पेशल डे है क्या??

उसकी बात सुनकर मीणा थोड़ी चौक गयी और उसे एक जुट देखते हुए पूछी मतलब?...

पार्लर लेडी - भाभी जी जैसे वेडिंग एनिवर्सरी, बर्थडे या और kuch……..waise मैंने तो आपको कभी गुप्तांग क बाल साफ़ करते हुए नह देखा ..

मीणा- थोड़ी सोचते हुए boli..are nh…wo bas…aise hi…wo मेरा रेसर ख़तम हो गया hai…socha कैसे बी पार्लर आयी hu…..to बाल बी साफ़ करलु..

पार्लर लेडी- वो इ बात hai..thik है पर मई तो कुछ और hi सोची थी ….

मीणा बिना कुछ बोले hi मुस्कुराते हुए चुप हो गयी क्यू की इ बात सिर्फ मीणा hi जानती थी पार्लर लेडी की कही हुई बात सच hi thi..par वो इस सच को काबुल नह कर सकती थी…

और कुछ hi देर में मीणा क छूट की पूरी शेविंग हो चुकी thi..to मीणा अपने नरम छूट पर हाथ फेरते हुए मैं में hi बोली जमील जी आज आप मेरा इ रूप देख कर तो पागल हो जाओगे पता नहीं आज आपके जुबान से कैसे कैसे शब्द निकलने वाले hai..pata नह मेरी इस योनि को देख कर आपका हथियार पर क्या बीतेगी मेरी तरफ से तो आस्क आपके हथियार को पूरी छूट hai……….meena अब जमील क ऊपर बिजली गिराने क लिए तैयार थी..

और वो पार्लर से सीधे घर आयी और अपने कपडे बदल कर रात क लिए डिनर बनाने lagi..wo जानती थी शाम क 7- 7.30 बीच उसे डिनर रेडी करना था अपने लिए और जमील क liye…q की जब अँधेरा होते hi जमील आएगा तो उसे डिनर बनाने क लिए वक़्त नह dega..aur उसे नहाना कर फ्रेश बी होना था और जमील क लिए रेडी बी होना tha..isliye वो बिना वक़्त गवाए डिनर प्रिपरेशन में लग gayi..aur 6.30 क करीब डिनर रेडी होने क बाद उसने जमील को कॉल किया और बताया की वो अब आधे एक घंटे में आ सकता hai..aur जमील को सबकुछ ठीक तरह से समजने क बाद वो कॉल काट क सीधे बाथरूम में चालीगयी और अपने सारे कपडे उतारकर शावर लेने lagi..jaise जैसे शावर क बुँदे मीणा क नंगे जिस्म को चुकार उतरने लगे वैसे वैसे मीणा की ख़ुशी बी बढ़ती जा रही thi…aur इसी ख़ुशी क मरे वो गुनगुना ने लगी thi…wo जानती थी अब से कुछ hi देर में उसका इ मुलायम जिस्म जमील क बहो में कुचल रहा hoga…e सोच कर hi उसका जिस्म गरम होने लगा था और वो इस बढ़ती गर्मी को महसूस करते हुए boli…jamil जी आपने ऐसा कौनसा जादू किया मुझपर जो आपके सोच से hi मई गरम हो रही हु.. अह्ह्ह्हह सच में कमल हो आप …

थोड़ी देर में मीणा का नाहा धोकर ख़तम होने क बाद वो एक टॉवल को अपने छाती से होते हुए निचे जांघो तक लपेट कर बैडरूम आयी और आयने क सामने रुक कर अपने आधे नंगे जिस्म को निहारने lagi…pehli बार मीणा ऐसे आधी नंगी hi बाथरूम से बहार आके आयने क सामने कड़ी थी और इ पल उसे और बी रोमांचित कर रहा tha..aayne में आज अपने आप को देख कर पहली बार मीणा को अपनी सुंदरता पर गर्व हो रहा tha..aur वो मैं hi मैं boli..sach hi तो कहते है जमील ji…mera इ सेक्सी बदन किसी को बी पागल बना सकता है और जमील जी तो एक हट्टे काटते मर्द hai..wo कैसे मेरे इस बदन को छुए बिना चुप rahenge…par पता नह मेरे पति को मेरी इ बदन से उतना लगाव क्यू nh…aur एक पल उसके चेहरे पे फिर उदासी छायी तो मीणा ने तुरंत अपने आप को संभाला और बोली पति की नह है तो क्या हुआ जमील जी को तो है आज तो मुझे मजा करना है जमील जी क सात, अब ऐसे मौके पर पति को याद करके अपना मूड ख़राब करने से ाचा hai…mai जल्द से जल्द तैयार हो जावु जमील जी आते hi होंगे.. और कब्बोअर्द से वो सारे कपडे निकल कर पहने लगी जो उसने पहले hi सोच रखा था…

कुछ hi देर में मीणा एक अप्सरा की तरह तैयार हो कर सोफे पे बैठ कर जमील का इंतज़ार करने लगी..
 
नोट- आज तक मैंने इस कहानी में एक पतिव्रता संस्कारी औरत वासना क आग में अंधी होने से पहले की हर एक सावधानी और पहलू को बताने की कोशिश की hai…ab आगे..

मीणा सोफे पे बैठी बहुत खुश तो लग रही थी पर उसका संस्कार अब बी उसे चिर चिर कर कह रहा tha…soch लो मीणा अब बी तुम्हारे पास वक़्त hai…par मीणा इस वक़्त अपने संस्कार क हाथो मजबूर नह होना चाहती थी उसके आँखों क सामने ऐसा सुख का नज़ारा दिखने लगा tha..jiska उसने कभी कल्पना बी नह की thi..isliye उसे अब जिस्म क सुख क सामने उसका संस्कार बी भीगा लग रहा था…

जैसे जैसे बहार अँधेरा चने लगा था वैसे वैसे मीणा की सासे तेज़ होने लगी thi..uske जिस्म उल्लसित होने लगा tha…wo जानती थी किसी बी वक़्त जमील आ सकता है और उसे ऐसे सजे हुए देख कर उसपर टूट पड़ने वाला hai…e बात सोच कर hi मीणा शर्म से लाल होने लगी thi…e बात नह थी की वो जमील क साथ पहली बार सेक्स करने जा रही thi..isse पहले बी जमील उसके जिस्म से खेल चूका tha..uski छूट जमील क लुंड क स्वाद बी चक चुकी thi..par वो सिचुएशन hi कुछ अलग tha..par आज मीणा जानती thi..jamil क साथ वो सेक्स करने वाली है वो बी पुरे होश में न कोई जबरदस्ती से या न कोई मज़बूरी se…wo इ बी जानती थी आज उसे किसी का डर बी nh…wo सोच hi रही थी की उसके मोबाइल बजाना शुरू होगया और मीणा में स्क्रीन पे देखा तो जमील का कॉल था.

मीणा ने कॉल रिसीव किया और बोली hello निकले क्या,?

जमील- अरे मई तो कब का आके कॉलोनी क पास रुका हु बस तुम्हारे सिग्नल का hi वेट कर रहा हु..

मीणा तुरंत उठी और बहार जाके गेट क पास रुक क आस पास नज़र दौड़ाई तो उसे अपने कॉलोनी क कुछ बचे एक दो घर दूर सामने रस्ते पे स्ट्रीट लाइट की रोशनी में खेलते हुए पायी और साथ hi उनके पेरेंट्स को वही कड़ी पाकर वो जमील से boli..wo पडोसी और उनके बचे बहार खड़े है..

लेकिन जमील अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल tha..use थोड़ा सा बी वक़्त गुजरना मुश्किल लग रहा tha..aur वो थोड़ा नाराज़गी दिखते हुए bola..maine पहले hi बोलै था आ जाता हु तुम hi अँधेरे होने की पड़ी thi…ab पता नह वो लोग कब अंदर जायेंगे….

जमील की नाराज़गी मीणा को जाइज़ लगी थी और वो बी अपने आप को कोसते हुए boli..in बचो को बी घर में खेलने क्या होता hai…ek बार जमील जी को आने देते उसके बाद चाहे पूरी रात बी खेलते तो मुझे कोई ऐतराज़ नह tha…ab मीणा बी वक़्त बर्बाद करना नह चाहती थी उसे कुछ न कुछ तो करना hi था वो फिर से एक नज़र दूसरी तरफ दौड़ाई तो वह अँधेरा चाय हुआ tha…meena को लगा अगर इस वक़्त मई बहार वरांडे का लाइट ऑफ करदु तो गेट तक पूरा अँधेरा hi चाय rahega…aur वो तुरंत जमील से बोली आप एक काम करो उस कॉलोनी से दूसरे रस्ते से मेरे घर क बगल वाले रस्ते पे आजवो और जैसे hi मई कुछ देर क लिए लाइट ऑफ करदु आप गेट से अंदर aajana…kisi को पता नह चलेगा..

मीणा की इ बात से जमील की नाराज़गी दूर होगयी और वो सिर्फ 5 hi मिनट में मीणा क कहे अनुसार दूसरे रस्ते से आके मीणा क गेट क बगल में रुक गया तो मीणा जल्द से अंदर गयी और वरांडा का लाइट ऑफ kardi..aur जब उसे गेट खुलने की आवाज़ आयी तो उसने हॉल का बी लाइट ऑफ करदिया ताकि जमील को दरवाजे से अंदर आते वक़्त बहार से कोई देख न ले.. जमील घर क अंदर दाखिल होते hi उसके चारो तरफ अँधेरा तो था पर एक मादक खुस्भु उसके नाक से होते हुए उसके नस नस में चने लगी तो जमील को समझने में देर नह लगी की इ मीणा की परफ्यूम की खुशबु है जो उसके जिस्म क खुशबु से मिलकर एक मादक एसएस दिला रहा है

जैसे hi जमील अंदर आया तो मीणा ने पहले दरवाजा अदा किया और दोनों लाइट्स को फिर से ों करके मुड़ी तो सामने खड़े जमील को उसे घूरते हुए पाया. जमील क आँखों में उसे हवस साफ़ दिखाई दे रही thi..uske चेहरे पे छायी ख़ुशी की मुस्कान मीणा को लज़्ज़ा से भरने लगी तो वो एक पल शर्मा क अपनी नज़ारे zukali…aur जमील से पूछी ऐसे क्या देख रहे हो पहले कभी नह देखा क्या??

मीणा एक लाइट ब्लू कलर की सदी पहनी हुई thi..saath में उसी रंग का मैचिंग ब्लाउज, गले में नेकलेस, कानो में लम्बी baliya…haatho में अपने ड्रेस को मैच करती हुई चुडिया, होतो पे गुलाबी रंग की लिपस्टिक जो उसके होतो को और बी रसीले बना रहे थे, माथे पे बिंदिया और मांग में सिंधुर जो उसका पतिव्रता होने का निशाना अब बी बर्खरार दिख रहा tha…kul मिलकर कहे तो मीणा आज किसी पारी से काम नह लग रही थी..

जमील मीणा को पहली बार ऐसे सजी हुई देख रहा था आज मीणा की सुंदरता उसके सामने खुलके आयी thi…apne सामने कड़ी मीणा उसे सेक्स की मूरत लग रही thi…wo मीणा को देख अपना थूक निगलता hi raha..uska लुंड पंत में हरकत करने से नह रोक paaya…jamil का लुंड पंत में hi खड़ा तम्बू बना चूका tha…aur मीणा की ज़ुकी नज़र इस दृश्य को देख अपने होतो को खुलने से रोक नह पायी…

पर जमील मीणा की बात का कोई जवाब न देते हुए मीणा की सुंदरता को ऊपर से निचे तक हवस भरी नज़रो से देखता रहा वो अपनी किस्मत पर यकीं नह कर पा रहा tha..use यकीं नह हो पा रहा था इ हकीकत है या sapna..ek तो मीणा की जानलेवा सुंदरता ऊपर से मीणा की जिस्म से आ रही खुस्भु से जमील माधोसी क ऊंचाई पार कर चूका tha..wo बिना पलके झुकाये मीणा की सेक्सी बदन को अपने आँखों में कैद करने लगा था..

जमील से कोई जवाब न आता देख मीणा फिर से boli..kaha खो गए पहले कभी मुझे नह देखा क्या??

मीणा की इस बात ने जमील को होश में लाया और वो इस बार मीणा क कमर में हाथ डालकर मीणा को आगे खिंच था हुआ बोलै देखा तो बहुत है मेरी जान लेकिन आज क जितना सूंदर और सेक्सी पहले कभी नह dekha…wahhhh क्या मस्त लग रही हो tum…jee कर रहा है तुम्हारे इस बदन क एक एक अंग को चुम lu…kehte हुए जमील ने मीणा को अपने बदन से चिपका लिया और मीणा की जिस्म पर हाथ फेरने लगा..

जो कुछ भी हो रहा था वो ठीक मैं दरवाजे का पास हो रहा था और दरवाज़ा अभी बी आधा खुला हुआ tha..so मीणा को थोड़ा डर बी लगा और वो जमील से दूर होते हुए boli..itni बी क्या जल्दी है जमील ji..thoda सबर करो na..aur देखो दरवाजा बी खुला है कोई देख लेगा तो….

जमील तुरंत दरवाजे को लात मार्के पूरा बंद करते हुए मीणा को फिर से अपने बहो में लेते हुए लो अब दरवाजा बी बंद ..अब रोको मत मेरी जान …कहते हुए वो मीणा क चेहरे पे अपने होतो को टिकना laga…lekin मीणा अब बी तैयार नह थी क्यू की उसे अब बी अपनी सेफ्टी का ख्याल था वो नह चाहती थी इ सब इतनी जल्द शुरुवात ho..wo बी दरवाजे क पास और वो फिर से जमील को रोकते हुए boli..kya कर रहे हो छोड़ो na..e सब अभी नह प्ल्ज़….

मीणा की इ बात सुनकर जमील एक पल क सोच में पड़गया, इ क्या मई तो इसे जल्द से जल्द छोड़ना चाहता हु और मीणा तो मुझसे दूर जाने की कोशिश कर रही hai…kahi इसका मैं में कोई और बात तो nh…aur वो अपनी मैं की शंका दूर करते हुए बोलै क्या हुआ मेरी jaan..q रोक रही हो मुझे..

मीणा जमील क गलो को हलके से मरते हुए बोली मई कहा रोक रही हु आपको दरवाजे का पास कोई ऐसा करता है kya…aur इ सब अभी नह i…haa…

मीणा की बात सुनकर जमील मीणा क कान को हलके से काटते हुए धीरे से कान में बोलै तो कब मेरी जान..

मरना जमील क गले में अपने दोनों हाथो को ढकते हुए boli…raat में सोने क waqt…kehte हुए मीणा ने जमील क गालो को चूमि दी और boli..ab तो छोड़ो…

लेकिन जमील क लिए रुकना मुश्किल था वो मीणा को फिर से अपनी और खींचते हुए नह मेरी जान रात तक इंतज़ार नह कर sakta….kehte हुए इस बार उसने सीधे मीणा क होतो को चूसना चाहा तो मीणा जमील क होतो पर अपनी एक ऊँगली रख कर जमील को दूर करते हुए boli…baad में दूंगी na….ahhh अभी तो मुझे बहुत काम hai…apni सेफ्टी बी देखनी है कहते हुए जमील से दूर हुई और जमील को बैठने बोलकर मैं दरवाजा फिर से ओपन की तो जमील इस बार कोई हरकत किये जाके सोफे पे baithgaya…par वो मीणा की इस हरकत से थोड़ा न खुश था और उसकी झलक जमील क चेहरे पर साफ़ दिखाई दे रहा था..

मीणा बी इस बात को अछि तरह समाज गयी थी और वो जमील को देख मुस्कुराते हुए boli..aap बी ना जमील जी छोटी सी बात को बी नह samajte..aaj हमारे पास बहुत वक़्त hai…pehle मुझे बहार का गेट लॉक करके हमारी सेफ्टी का बी ख्याल रखना है और उसके बाद बैठ क दोनों आराम से बाते करेंगे फिर डिनर करके रात को आपके साथ hi सोने वाली hu..uske बाद मई थोड़ी रोकूंगी आपको कहते हुए उसने जमील क नाराज़गी को दूर करने की कोशिश की e.meena की तरफ से ग्रीन सिग्नल बी था जमील क liye…aur वो गेट लॉक करने बहार chaligayi..…meena ने तो अपना प्लान जमील को बता दिया पर मीणा की बात सुनकर जमील मैं hi मैं बोलै रात को तो तुजे छोडूंगा hi मेरी जान पर अब बी नह बख्शुंगा tuje…aaj तेरी छूट को एक पल बी नह छोड़ने वाला mai…bas तू एक बार तेरी सेफ्टी को तैय करके अंदर तो आजा तुजे दुखता हु.. हेहेहे..

उधर मीणा गेट को लॉक करके एक बार चारो तरफ नज़र दौड़ते हुए देखने लगी की कही किसी ने जमील को आते वक़्त देख तो नह लिया ho….lekin चारो तरफ उसे ऐसी कोई निशान नह दिख रहे थे जो जमील को एते वक़्त देख paaye..meena ने अपना ध्यान थोड़ा उस तरफ दौड़ाया जहा बचे खेल रहे थे और उनके पेरेंट्स उनका साथ खड़े the…par वह बी मीणा को कोई ऐसी निशानी तक नह दिखी जो उसपर शक कर sake…aur जब उसे कन्फर्म हुआ तो वो मुड़कर वापिस घर क अंदर जाने लगी तो मीणा क संस्कार ने फिर से मीणा को जवाब दे दिया था शायद इ आखरी बार था जो उसका उसे गलती करने से रोक ने की कोशिश कर रहा था.. …क्या कर रही हो मीणा जानती हो इ गेट बंद करना इ इधर उधर देख कर तसल्ली करना वो बी एक गैर मर्द क घर में होते हुए इसका मतलब जानती हो क्या ..…और है कुछ देर पहले जमील जी से क्या boli…raat को उनके सात hi सोनेवाली ho…janti हो तुम क्या करने जा रही हो.

एक गैर मर्द क साथ रात में सोने मतलब जानती ho….kuch पल जिस्म का सुख पाने क लिए तुम अपने पति को सिर्फ धोका hi नह दे रही हो बल्कि उनके यकीं उनके प्यार को बी मज़ाक बनाने जा रही ho…kya इ तुम जैसे संस्कारी औरत को शोभा देता hai..agar इ बात गलती से बी तुम्हारे पति को पता चल गया की उसकी भोली भली खूबसूरत बीवी उसकी गैर हज़ारी में गैर मर्द क साथ पूरी रात बिस्टेर बात चुकी है तो जानती हो उसपर क्या बीतेगी सोच लो क्या तुम उसे मुँह दिखने लायक rahogi..soch lo…ab बी वक़्त है…

घर क अंदर जा रहे मीणा क कदम एक पल क लिए रुक गए the…ek तरफ उसका संस्कार और दूसरी तरफ उसके जिस्म को जमील से मिलने वाली अनगिनत khushi..jindagi में पहली बार मीणा ऐसे कश्मकश में कड़ी thi..agar जमील को ठुकरावु तो जिस्म क प्यास नह भुझेगी और हो सकता है जमील कोई गलत कदम बी उठाये और जमील को अपना लू तो पति क साथ bewafai…..use कुछ बी सोच hi नह रहा tha…aur वो इस वक़्त जमील को वापिस भेजने का रिस्क बी नह ले सकती thi…agar इस वक़्त जमील को निराश जाना पड़ा तो वो मुझपे जरूर चिल्लायेगा और हो सकता है इ बात आस पड़ोस वालो को बी पता चल jaaye...nh नह ऐसा तो मई नह होने dungi..par मई अंदर जावु तो जमील जी आज बिना सेक्स किये नह manenge…kya karu…e मई कहा फास gayi…kuch बी तो समाज में नह aara…aur कुछ देर सोचने का बाद उसने डेसिओं लिया की वो जमील से विनती करेगी इ सब ठीक नह hai…aur वो डिनर करके चले jaaye..lekin मीणा अब बी इसी असमजस में थी की जमील उसकी बात मानेगा या nh…aur वो अपने कदम धीरे बढ़ाते हुए अंदर गयी और पता नह क्यू उसे लगा की दरवाजा बंद करके hi जमील से बात किया जाय और वो एक बार जमील को देख ढीली मुस्कान देते हुए दरवाजा बंद की और वही दीवार को पीठ टीकाकार रुक गयी..

मीणा की ढीली हुई मुस्कान देख कर hi जमील पहचान गया था की मीणा फिर से भावनाओ में बहक रही है इ उसके लिए अछि निशानी नह thi…..wo मैं में hi बोलै लगता है साली फिर से भावनाओ में बहक गयी है कोई बात नह पहले उसे प्यार से समजने की कोशिश करता हु मान गयी तो ठीक है वर्ण जबरदस्ती hi सही आज मीणा की छूट फाड़े बिना नह javunga…aur वो अपने चेहरे पे एक मुस्कान लाते हुए मीणा से बोलै क्या बात है मेरी जान आवो न यहाँ…

मीणा बिना कुछ बोले अपने धड़कते दिल क साथ आगे बड़ी और जमील से कुछ दूर बैठ गयी…

मीणा को अपने से दूर बैठे देख जमील मीणा क हाथ को पकड़के उसे करीब आने का इशारा करते हुए क्या हुआ मेरी जान …क्यू उदास सी लग रही हो…

मीणा- अपने हाथो को जमील क हाथो को रोकते हुए कंपते आवाज़ में बोली….. वो जमील जीईई इ सब करना जरुरी hai….kya हम सिर्फ अचे दोस्त बनकर नह रह सकते…

जमील मैं hi मैं में मामला तो बिगड़ते नज़र आरहा hai…par एक बार कोशिश तो karlu…aur वो मीणा को अपने करीब बैठकर मीणा क सर से लेके निचे हाथ फेरते हुए bola..kya हम दोनों अचे दोस्त नह hai?….kehte जमील ने मीणा क माथे को चुम लिया तो मीणा एक ग़हरी सास लेते हुए बोली है वो तो है पर जमील ji…..wo…humare bich….seeeexxxxx होना जरुरी है क्या….?? मीणा ने सवाल भरे नज़रो से जमील को देखते हुए अपनी कम्पटी आवाज़ में bola…aur वो खुद चकित थी की उसने सेक्स जैसे शब्द को एक गैर मर्द क सामने अपने जुबान पे कैसे लायी…

खैर उधर जमील बी मीणा की बात को सुनकर मीणा क जांघो पे अपना हाथ फेरते हुए bola….woohhhh तो इ बात hai…chalo ठीक है कुछ देर क लिए मान लेते है हमारे बीच सेक्स की जरुरत नह पर एक बात batavo..kya तुम बिना सेक्स किये पूरी जिंदगी गुजर सकती हो….

मीणा जमील को और देखते हुए क्या बात कर रहे ho…shayad आप भूल गए की मई शादीशुदा हु और शादीशुदा औरत क लिए उसका पति hi सेक्स का सुख देता है…

जमील hahahaha…acha तो फिर तुम उस दिन तो कह रही थी की तुम्हारे पति तुम खुश नह कर सकते…

मीणा क पास इस बात का कोई जवाब नह था वो खुद जमील को बता चुकी थी उसका पति उसे वो सुख नह दे पा रहा जो वो चाहती hai..aur वो निरुत्तर होक अपना सर झुकाये चुप रही ..तो जमील आगे बढ़ते हुए बोलै क्या हुआ मेरी जान कोई जवाब NH….soch लो अगर उस दिन मई तेरे पति को नामर्द नह कहता तो शायद उसी दिन तुम मेरे साथ दूसरी बार चढ़ चुकी hoti…sach है न…

मीणा अब बी चुप thi..aur जमील बोले जा रहा tha…meena जानती थी जो कुछ बी जमील बोल रहा है वो सच hi तो hai…agar उस दिन जमील अगर उसके पति को नामर्द नह कहता तो मीणा बी पूरी मूड में hi थी छुड़वाने क लिए खैर वो बात और थी की बीच में उनकी चुदाई रुक जाती क्यू की सास जो बीच में आके मजा करब करदेती… और वो बी सोचने lagi..jamil जी बी तो सही कह रहे hai..us दिन मई जमील जी क साथ अपनी मर्जी से वो सब करने जा रही thi..to आज क्यू इतना सोच रही hu…aaj मई जो कुछ बी जमील क साथ करुँगी वो तो किसी को बी पता नह चलनेवाला hai..meena का संस्कार फिर से कमज़ोर पड़ने लगा और उसका जिस्म फिर से गर्मी महसूस करने लगा tha…uski आँखे फिर से नशीली होने लगी thi…aur जमील बी इ देख कर अपने मैं hi मैं खुश नज़र आने लगा की उसे जबरदस्ती करने की जरुरत नह padegi…aur वो मीणा को अपने बहो में लेते हुए उसके झुके हुए चेहरे को उठाते हुए bola..dekho मीणा तुम लाख छुपाने की कोशिश karo…lekin तुम्हारा इ प्यासा जिस्म साफ़ बयां करता है की तुम एक तगड़े मर्द की जरुरत hai…aaj तुम मुझे ठुकरा बी सकती ho…par कितने दिनों तक अपनी इस प्यास को ऐसे मैं में hi दबाके rakhogi….ek न एक दिन तो पति क अलावा किसी गैर मर्द की जरुरत महसूस होगी hi तुम …..सोच लो…

मीणा जमील क बातो से अपने आप पे काबू पा नह पा रही thi…aur उसे इ बात 100% सही लगी की उसे एक न एक दिन गैर मर्द की जरुरत महसूस होगी hi..q की एक बार तो वो जमील से चढ़ चुकी थी और उसी वक़्त उसे यकीं बी हो गया था की जमील जैसा मर्द जो उसे सुख दे सकता है वैसा सुख उसका पति कभी नह दे सकता और इस प्यास को भुजने कंलिये किसी न किसी दिन उसका जिस्म कोई हरकत कर hi बैठेगा …और आज जब मेरे पास इतना ाचा मौका है की अपनी प्यास को भुजा क जिंदगी असली सुख पावउ तो मई क्यू जमील जी को रोक रही hu..meena का जिस्म फिर से एक बार अपनी मनमानी पे उतर आया था, उसे अब जमील क साथ मिलने वाला जिस्मानी सुख क आगे सब एक मोह सा लगने लगा और वो जमील की तरफ देखने लगी मानो की ऐसा कह रही हो अब बस करो जमील ji..baato में hi रात काटोगे क्या…

जमील बी अब अछि तरह समाज गया की उसकी बुलबुल फिर से उड़ने तैयार hai..aur वो बात को आगे बड़ा hi रहा था मीणा उसके बाहोंमे में लिपट गयी और boli….bas करो जमील जी आप सही ho…muje मेरी जवानी को बर्बाद नह करना hai….aahhh आजवो जमील जी आपकी मीणा अब कुछ और नह सुन्ना चाहती बस प्यार करो मुझे ..,..अह्ह्ह्ह जमील ji…kehte हुए मीणा जमील क चेहरे पे चुम्बन की बरसात करने लगी….

जमील को बी इसी मौके का इंतज़ार tha…use जबरदस्ती करने से पहले hi उसकी स्वप्न सुंदरी दूसरी बार उससे छोड़ने क लिए बेताब दिख कर वो बी मीणा क चुम्बन को अपने चुम्बन से जवाब देते हुए मीणा की जिस्म पर हाथ फेरने लगा. दोनों हवस क पुजारी फिर से अपनी काम क्रीड़ा की पूर्व तैयारी में लग गए the..aur देखते hi देखते दोनों क होठ एक होगये और दोनों बारी बारी में अपने होतो को प्यास को से एक दूसरे को देखते हुए गिला करने लगे ….एक तरफ मीणा की होतो की चुसाई हो रही थी तो दूसरी तरफ जमील क हाथ मीणा की जिस्म को प्यार से सवारने लगे थे तो मीणा क हाथ जमील को अपनी और कस क खिंच लेते हुए जमील क पीठ को सवारने लगे the..ab हॉल में बिना किसी डर क मीणा पूरी तरह से अपने आप को जमील को समर्पित कर चुकी thi…meena की चूडियो की खंखार और होतो की चुसाई की chip…chip…srrrrup सरररपपप की आवाज़ दोनों की रासलीला क लिए झंकार की तरह बज रही thi…dono कुछ देर ऐसे hi चुम्बन का मजा लेने क बाद बिछड़ गए और एक दूसरे को प्यासी नज़र से देखने लगे तो मीणा ने अपने साडी का पल्लू निचे गिराया और जमील को आगे बढ़ने का इशारा किया..

मीणा क पल्लू छाती से हटते hi मीणा क ब्लाउज और ब्रा में कैद मोठे तने हुए बूब्स का दर्शन जमील क लिए खुल गया तो वो एक पल अपने पलके झपकते हुए मीणा क बूब्स को देखने लगा और अपने होतो को मीणा की क्लीवेज पर टिका कर अपने जीब से नंगे क्लीवेज को चाटने लगा तो मीणा की अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह जमील जीईईई उय्य्य्यय्यीइ की सिसकारी निकल पड़ी और वो जमील क सर को जोरो से अपनी छाती पर दबाने lagi..ahhh उम्म्म्म ससष्ठ जमील जीईई अह्ह्ह्हह ममममनाआझ आआअह्ह्ह ुह्ह्ह्हह्ह चुसो मुझे…. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

एक तरफ जमील मीणा की क्लीवेज और नंगी छाती को चुम रहा था चाट रहा ता और दूसरी तरफ मीणा की नंगे पेट को अपने हाथो से मसल रहा tha…meena क जिस्म क लिए गरम होने क लिए इतना hi काफी tha..wo एक बार फिर वासना क नशे में सब कुछ भूल कर नशीली सुंस्कारिया लेते हुए जमील का साथ देने लगी thi…kuch hi देर में मीणा की नंगी छाती जमील क थूक से भर गयी थी और जमील क तेज सासे मीणा की छाती को ठंडक देते हुए अलग hi मजे में मीणा अपने आप को पा रही thi….meena को मजे लेते हुए देख जमील का बी जोश बढ़गया और वो मीणा क मम्मो को ब्लाउज क ऊपर से hi चूसने laga..to मीणा की फिर से अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह की सिसकारी निकलने लगी लेकिन इस बार मीणा की आवाज़ में कोई धीमी नह thi..wo जानती थी उसकी नशीली सिसकारी जमील क अलावा कोई नह सुन sakta…isliye वो बेझिझक होकर अपनी हवस का मजा ले रही thi…uska पूरा जिस्म थरथराने लगा था वो माधोसी की ऊंचाई को पार करते हुए एक अलग hi दुनिया में खोते हुए वही सोफे पर hi लेट गयी तो जमील क लिए अब मीणा का पूरा जिस्म खुल चूका tha..aur वो निचे जमीं पर बैठ कर मीणा क नंगे नाभि में अपना जुबान फेरते हुए मीणा की साडी को ऊपर करने laga..to मीणा जमील क सर में अपना हाथ फेरते उसे सहलाने लगी थी…

जैसे जैसे मीणा की साडी पैरो से ऊपर होते हुए घुटनो तक आयी तो मीणा शर्माहट क मरे अपनी साड़ी निचे करने लगी thi…meena क पति ने बी आज तक उसे पूरा नंगा नह किया था, पर एक गैर मर्द उसे इसवक्त नंगा करने जा रहा था वो बी दूसरी बार तो शर्म का आना सहज hi था और वो इसी शर्माहट क मरे अपनी साडी को निचे सरकते हुए नंगी होने से बचने का नाटक कर रही thi…lekin मीणा की यही शर्माहट जमील को और बी ज्यादा उत्तेजित कर रही thi..jamil जनता था मीणा कोई चालू औरत नह जो मर्द क हाथ लगते hi अपने कपडे उतर क नंगी हो jaaye..isliye वो मीणा को नाभि को चूसना छोड़ क मीणा क पैरो क पास जाके बैठ गया और एक बार मीणा को देखते मुस्कुराते हुए मीणा क पैरो को चूमते हुए ऊपर जाने लगा तो मीणा बी जमील क इस हरकत से अपने आप को रोक नह पायी और जमील क साथ देते हुए शर्माहट क मरे जमील से आंखे churali..jaise इ कह रही हो ki..jald से जल्द उसकी साड़ी उतरदो…

दोनों क बीच कोई बात तो नह हो रही थी पर आँखों hi आँखों में दोनों अपनी बात को एक दूसरे क सामने रख रहे the..aur जमील बी समाज गया की मीणा ने अपने कपडे उतरने क लिए ग्रीन सिग्नल दे दी है तो वो फिर से अपने काम में लग गया लेकिन इस बार वो मीणा क पैरो को चूमते हुए अपने दोनों हाथो को मीणा क साडी क अंदर झाघो तक घुसा दिया तो एक बार फिर से मीणा क मोठे मुलायम जंघे जमील क हाथो में फसाने लगे the..aur मीणा इस अद्भुत सुख को अपने जहाँ में उतारते हुए haaaahhh…jamil जीई….. ममममाजजजजा ..आगरा ुह्ह्हह्ह उययययययय maa….kyaaa मास्स्टट्ट्ट ककररेतटई होओओओओ आपपपप…

अब मीणा बी अपने आप को कपड़ो क बंधन से आजाद हो न छह रही thi..pehli बार उसे अपने खुद क पहने हुए कपडे जिस्म पर भोज लग रहे the…aur उसने जमील क एक हाथ को अपने झांघो से हटाकर अपने साडी की गांठ पे रख कर उसे ऊपर निचे घिसने लगी तो जमील मीणा की झाघो को चूमना छोड़ मीणा को देखा तो उसे मीणा क आँखों की मदहोशी देख कर hi समाज आया मीणा क्या छह रही है और वो थोड़ा ऊपर आया और मीणा की साडी की गांठ को खोल दिया और साडी को घागरे से बहार निकलने लगा जो मीणा क कमर और घागरे क बीच फांसी हुई thi…aur मीणा ने बी अपनी कमर उठाकर साडी को पूरी तरह से अपने से अलग पर्श पर गिराने क लिए जमील की सहायता ki..ab मीणा की मोती मोती जांघो की उभर मीणा क नील रंग क घागरे में से साफ़ जमील क आँखों क सामने थे और जमील घागरे क ऊपर से मीणा क एक झंघ को सवारने लगा मसलने लगा और दूसरी जांघ पर अपना सर रख क चूमने लगा..

मरना अपनी 14 साल क वैवाहिक जीवन में अपने पति से अनगिनत बार सेक्स कर चुकी थी पर आज तक उसका पति उसके नाज़ुक अंग क साथ इतना नह खेलता था जितना जमील चुदाई से पहले खेलता hai…meena मैं hi मैं सोच रही thi…chudayi क पहले बी इस तरह जिस्म से जिस्म का टकराना एक दूसरे से घर्षण करने में कितना मजा आता hai…jamil जी की इ कला मेरे पति में क्यू nh….ab kya…soch रही है मीणा उतर दे अपने पुरे कपडे और जमील जी क हट्टे काटते जिस्म से मसल दाल तेरे नाज़ुक अंग ko…ahhhhh मजा आएगा और b…aur वो बिना वक़्त गवाए जमील क बालो को भींच लेके अपने ऊपर खिंच ली और उसके होतो को चूसने lagi..fir से एक दूसरे क हॉट एक होगये the…aur दोनों मस्त मजे में एक दूसरे क हॉट और बारी बारी में जीव को चूसने लगे थे…

इस वक़्त जमील पूरी तरह से मीणा पर लेता हुआ tha…meena एक पेअर सोफे पे और दूसरा पेअर जमीं पर टीकाकार अपने लिए सहारा बना चुकी tha…jamil क शरीर क पूरा भार मीणा क ऊपर tha..fir बी मीणा को जमील क भार से कुछ बी फरक नह पद रहा था बल्कि उसे और बी मजा आरहा tha..use जमील क भरी भरकम जिस्म क निचे अपना नाज़ुक मुलायम जिस्म कुसल्वा लेने में नया मज़ा मिल रहा tha..ek नया आनंद एक नया सुख …जो उसे जमील से मिलने क पहले कभी नसीब नह हुआ tha…wo अब पूरी तरह से गरम हो गयी thi…uske तेज़ सासे उसकी छाती की उभर को और बढ़ाकर उसके मम्मो को और बी आकर्षित बना रहा tha…uski छूट में गर्माहट की बुँदे ज़माने लगी thi..uski छूट क दाने खुलने की आभास हो रही thi..uski छूट में खुजली सी होने लगी थी जो उसे मिठास की अनुभव दे रही thi…meena जानती थी कुछ hi देर में जमील का मुसल लुंड उसके छूट को चिर कर उसकी खुजली मिठाने वाली hai…e सोच कर उसके चेहरे पे ख़ुशी की मुस्कान चा गयी thi…aur वो इस काम की शुरुआत जल्द से करवाना चाहती thi…isliye वो बिना किश तोड़े hi जमील क खन्धो का सहारा लेते हुए बैठ गयी और अपने ब्लाउज का एक हुक खोलकर जमील क एक हाथ को अपने बूब्स पे रख ली.. मीणा क इशारे जो जमील अछि तरह समाज गया और मीणा क ब्लाउज क हुक्स को एक एक करके खोलने लगा तो इस बार मीणा बी पीछे नह हटी और उसने बी जमील क शर्ट क बटन्स खोल दिए और अपने ब्रा क हुक्स पुरे खुलने क बाद अपना ब्लाउज को अपने से अलग करके उसे बी पर्श पर फेक diya…aur तुरंत जमील क शर्ट को उसके खंधे से अलग करने lagi…meena खुद इस बात से हैरान थी की वो एक गैर मर्द की शर्ट उतर रही hai…aaj तक उसने अपने पति क शर्ट की एक बटन बी नह खोली थी सेक्स क वक़्त पर आज वो सब हद पार कर रही thi…iske चलते मीणा और बी उत्तेजित होने लगी थी और अपनी बढ़ती उत्तेजना को जमील से छुपाने क लिए जमील क होतो को फिर से चूस ने लगी..

वही जमील बी बहुत खुश नज़र आरहा tha…usne कभी नह सोचा था की मीणा इतनी जल्द उससे इस तरह घुल मिल जाएगी, उसे समझने में देर नह लगी थी की मीणा की दबी हुई वासना आज उससे इ सब करवा रही है …मीणा क सेक्स क प्रति रूचि बढ़ने से जमील का लुंड पुरे मक़ाम तक पहुंच गया था और वो पंत से बहार निकलने क लिए तरस रहा tha…wahi मीणा किश करते करते उसके जमील क पीठ पे को तो कभी छाती को सवारते हुए अपने हाथो को जमील क पंत की तरफ बड़ाई.

जब जमील क खड़ा लुंड मीणा क हाथो से टकराया तो मीणा क हाथ एक पल क लिए वही रुक गए और मीणा ने अपनी उंगलियों को हलके से खोल क लुंड क अपनी मुठी में कैद कर लिया…

जमील का पंत में खड़ा लुंड क स्पर्श से मीणा क नस नस में अपना असर छोड़ दिया tha…aur वो लुंड को पंत क ऊपर से hi मुट्ठी में भरे हिलने लगी तो इस बार जमील की बारी थी सिसकारी लेने की ..जमील एक बार अह्ह्ह्हह्हह meena…aisa hi करते rahooooo…ahh बहुत मजा दे रही हो तुम…..

जमील क बातो से मीणा शर्मा तो गयी थी पर उसे बी अब बहुत मजा आने लगा था सो वो कुछ देर क लिए शर्म हाय भूल कर एक गैर मर्द क लुंड को अपने मुट्ठी में भरे उसे हिलने लगी थी ..और उसी वक़्त जमील ने अपने पंत का बेल्ट निकलने की कोशिश की तो मीणा उसे रोकते हुए खुद उसके बेल्ट को खोलने लगी साथ hi साथ जमील क होतो को चूसना छोड़ कर जमील क नंगे छाती को चूमने lagi..dono एक दूसरे क चूमने सवार रहे थे इस बीच मीणा ने जमील क पंत का चैन निचे किया और जमील क पंत क बटन्स बी खोल दिए और सीधे जमील क अंडरवियर क ऊपर से लुंड को अपनी मुट्ठी में भरे हिलने लगी. और मैं में hi बोलने लगी कितना ताकतवर है जमील जी का हथियार जितना हिला रही हु उतना कड़क हो रहा hai…agar मेरे पति का ऐसे हिलती तो सिर्फ do-teen मीन्स में hi झाड़ चुके होते…

वही जमील बी अपनी ख़ुशी को समेत नह पा रहा tha…usne जितना सोचा था आज उससे बी दुगना मजा मीणा उसे दे रही thi..aur वो वक़्त न जाया करते हुए उसने बी मीणा का घागरे क नदी को खोल diya…aur खुद खड़ा होक अपना पंत उतरने लगा और मीणा बैठ कर उसे पंत उतरने में मदत करने क साथ जमील क झंगो को पकड़ क उसके पेट को चूमने लगी thi..kuch 5 मं ऐसा hi चला तो जमील ने मीणा को खड़ा होने का इशारा किया तो मीणा बिना किसी विरोध किये जमील क सामने जैसे hi कड़ी हुई मीणा का घागरा कमर से उतारकर पर्श को छू चूका था इस वजह से मीणा अब सिर्फ 2 पीेछे पर कड़ी थी…

मीणा ने एक ब्लू कलर का डॉट डॉट वाली चड्डी पहनी हुई थी और ऊपर उसी रंग की ब्रा …मीणा ने आज पूरा का पूरा मैचिंग कपडे पहने हुए थे खास कर के जमील क liye…jise देख जमील बी अपना होश खो बैठा tha…meena का गोरा बदन तुबेलिघ्त की रोशनी में चमक रहा tha..jise देख जमील का लुंड और बी खड़क होने लगा था और उसकी अंडरवियर में सीधे खड़े होकर तम्बू बना चूका था और इस नज़ारे को देख मीणा अपनी थूक को निगलने लगी थी ..उसका मुँह सुख ने लगा था…

वही जमील का बी वही हाल tha…aur उससे अब रुका नह जा रहा tha…aur वो बिना कुछ बोले hi मीणा क मम्मो को अपने हाथ में लिए अपनी पूरी ताकत लगाके मसल दिया to…meena की अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह की आवाज़ निकली और और जमील को दूर करके अपने मम्मो को सहलाने लगी…

जमील ने इतनी ताकत लगायी थी की दर्द क मरे मीणा क ासु निकल आये the..wo एक पल जमील को गुस्से से देखते हुए बोली. ..ऐसे बी कोई दबाता है क्या…

जमील मीणा को देख हस्ते हुए क्या करू मेरी जान तुम्हारे मोममे बी तो इतने कैसे हुए है की जोर लगाना hi पड़ता hai…waise बी जोर लगाके तेरे मम्मो को मसलने में जो मजा आतला है वो बयां बी नह कर sakta….aisa लगता है तेरे पति ने इसे अभीतक चुवा बी nh…aur इ बात कहते हुए वो मैं में hi बोलै इ क्या बोल बैठा mai..kahi पति की बात आते hi मीणा फिर से न बहक बैठे..

लेकिन इस बार मीणा को जमील की बात बुरी नह लगी थी बल्कि सच hi लगी thi…use जमील क मुँह से निकलता हुआ एक एक शब्द में अपने बदन की तारीफ़ लग रही thi…aur वो बी जमील क सीने पे अपना सर रख ते हुए boli…pati नह दबाते इसलिए तो आपसे करवा रही हु …पर प्ल्ज़ थोड़ा धीरे से …अह्ह्ह्ह पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़

मीणा क इस बात ने जमील क डर को दूर किया और वो हलके से मीणा क बूब्स को मसलते हुए बोलै ok मेरी jaan..agar तुम चाहती हो तो धीरे से hi सही कहते हुए उसने अपने अंडरवियर में मीणा का एक हाथ घुसेड़ लिया और bola..par तुम इसे अपनी पूरी ताकत लगाके मसलदेना मजा आता है..

जमील क खड़े लुंड का एसएस अपने हाथो पे होते hi मीणा क शरीर में 440 वोल्टस की बिजली दौड़ गयी thi…isse पहले बी मीणा जमील क लुंड को हाथ लगा चुकी थी उसे मुट्ठी में कैद बी कर चुकी thi…par आज जमील का लुंड उसे कुछ ज्यादा hi तना हुआ और बड़ा लग रहा था और वो जमील क लुंड की चड्डी क अंदर hi आगे पीछे करने से अपने आप को रोक नहीं पायी और जमील को देख कर शरमाते हुए boli…aap का तो बहुत कड़क हो गया है…

जमील- है मेरी जान आज तुम्हारी अडवाने इसे खड़क और बी खड़क बना दिया hai..aise hi हिलाते रहो मेरी jaan…ahhh उम्म्म्म ससष्ठ मजा आता hai…n

मीणा जमील क बातो से शरमाते हुए boli…..to डडडडआललल्लूओ ना इससे मेइरर्रे ाआंद्द्दीररर हा जमील jiiiiiiii…aaavoooo अह्ह्ह्हह उम्म्म्म .मुझे बी इसका मजा लेना hai..mkehte हुए मीणा ने जमील की चड्डी को पूरा निचे सरका दिया tha…to जमील अब पूरा नंगा मीणा क सामने खड़ा था और वो मीणा क बूब्स को मसलते हुए बोलै डालूंगा मेरी जान पर उससे पहले और बी मजा लेना है मुझे और tume…bhiiii…..kehte हुए जमील ने मीणा क पीछे हाथ डालकर ब्रा क हुक खोल दिया तो मीणा क मोठे कैसे हुए दूध से गोर मोममे जमील क सामने नंगे खड़े हो गए थे और जमील ने देर न करते हुए मीणा क मम्मो को बारी बारी मुँह में लेके चूसने laga…wo कभी मीणा क निप्पल काटता तो कभी पूरा मां अपने मुँह में भर लेने की कोशिश karta…par मीणा क मोममे इतने बड़े थे की जमील उसका आधा बी अपने मुँह में नह ले पा रहा tha…par मजा बहुत ले रहा था और मीणा कड़ी कड़ी अपनी कमर हिलाते हुए अपने दूध चुसवाने लगी thi..ek तरफ जमील उसके मम्मो को मजा दे रहा था तो दूसरी तरफ जमील क लुंड मीणा क मुठी में अपना कमल दिखा रहा tha..aur इस दुगने मजे में मीणा की छूट से कामर्स क बुँदे टपक ने लगी thi…aur क्यू की आज मीणा ने अपनी छूट की शेविंग की thi..kamras की बुँदे मीणा क चड्डी में चारो तरफ फ़ैल कर चड्डी गीली होने लगी थी …मीणा की छूट अब लुंड मांगने लगी thi….aur वो जमील क लुंड को अपने चड्डी पे घिसते हुए अपनी उत्सुकता को जमील क सामने झहीर करने लगी..

मीणा का जिस्म तड़प क मरे इतना कांप रहा था की उसे ठीक से रुकने बी नह हो रहा tha..uske पाँव थरथराने लगे the..aur जमील सिचुएशन को भली भाटी समाज क वो सोफे पे बैठ गया और मीणा को वही उसके सामने घुटनो क बल बैठ दिया और एक जुट होकर कभी मीणा को तो कभी अपने लुंड को देखने लगा जो अब बी मीणा क मुट्ठी में tha…meena पहली बार एक मर्द क सामने इस तरह नंगी बैठी हुई thi…aur जमील को देख कर hi वो समाज गयी thi…jamil उससे क्या करवाना चाहता hai….aur वो शर्माहट क मरे अपने चेहरे को दूसरी तरफ कर्ली तो जमील ने बड़े प्यार से मीणा क चेहरे को अपने तरफ करते हुए बोलै क्यू शरण रही हो मेरी जान प्यार करो न इसे..

मीणा फिर से अपना चेहरा दूसरी तरफ करते हुए बोली चीई इ सब मई नह करौंगी….

जमील मीणा क मम्मो को धीरे से मसलता हुआ बोलै क्यू मेरी जान….?

अब मीणा फिर से जमील को देकते हुए boli..mai इ सब नह करती, मैंने पहले कभी नह किया ..और नहीं मुझे ऐसा करने आता है….

लेकिन मीणा का मैं तो कर रहा था की एक बार तो जमील क मुसल लुंड को चुम लू… और वो जमील को hi देखने लगी इस आशा से की जमील उसे लुंड चूसने पर जोर डेल.. शायद मीणा की मैं की बात जमील जान गया था तो वो बोलै ठीक है अगर तुम्हारा मैं नह है तो ठीक है पर एक किश तो दे सकती ho…dekho कैसे तड़प रहा है तुम्हारे होतो क स्पर्श को पाने क लिए कहते हुए जमील ने अपने लुंड से मीणा क चेहरे पे दस्तक diya..to मीणा शह्ह्ह्ह इ क्या कर रहे ho….kehte हुए फिर से जमील क लुंड को मुठी में ली और boli…sirf एक बार chumlumgi….kehte हुए अपने चेहरे को लुंड की तरफ बड़ाई तो मीणा क नाक में एक अजीब सी सुगंध महसूस की और उसे समझने में देर नह लगी इ जमील क तने हुए लुंड की सुगंध hai..meena क लिए इ सुगंध नयी thi…pehle कभी उसने लुंड को अपने होतो क करीब महसूस नह किया tha..wo बड़े गौर से जमील क खड़े हथियार को देखने लगी thi…jamil क लुंड की नस पूरी तरह खुल चुके the..is वजह से लुंड और बी ज्यादा आकर्षित लग रहा tha..aur मीणा सोच कर hi पागल हो रही थी कितना मस्त हथियार है जमील जी ka..sach में मेरी छूट बहुत किस्मत वाली hai…der से hi सही वक़्त पर एक तगड़ा लुंड से छुड़वाने का मौका मिल रहा है muje…ahhhhh मई तो पागल हो javungi..jab जमील जी अपना इ मोटा हथियार से मेरे छूट को ……. इहह्हह्ह्ह्ह शह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्हह्ह

लेकिन जमील वह आवर ऑफ़ कण्ट्रोल हो रहा और वो अपने लुंड को एकजुट होक देख रहे मीणा से बोलै क्या देख रही हो मेरी जान जल्द से चूमो न ise..kehte हुए मीणा क सर पर जोर डाला तो मीणा क हॉट जमील क लुंड से तकरागाये तो मीणा ने तुरंत अपना चेहरा घुमालिया पर जमील ने फिर से अपने लुंड को मीणा क गालो पे सवारते हुए फिर उसके होतो क करीब laaya..lund मीणा क चेहरे पे खेलते hi मीणा की मस्ती बढ़ाने लगी thi…jindagi पहली बार वो किसी लुंड को अपने होतो पे चेहरे पे महसूस कर रही thi…aaj तक उसके पति क लुंड को तक वो ठीक से देख नह पायी thi…q की उसका पति हमेशा लाइट ऑफ करके hi सेक्स करना पसंद करता था पर आज एक गैर मर्द वो बी पूरा नंगा उसके सामने बैठा अपने हथियार से मीणा क चेहरे क साथ खिलवाड़ कर रहा tha…is वजह से मीणा काफी एक्सीटेंड हो रही thi..aur वो अपने आखे बंद किये जमील क लुंड को मुठी में भर क अपने होतो क करीब लाके एक बार हलके से चुम ली..

पहली बार मीणा ने किसी पुरुष क गुप्तांग पर अपने होतो को मोहर लगायी thi…use ऐसे करते वक़्त शर्म तो आयी पर उसे जो सुख मिल रहा tha..wo बयां नह कर सकती thi…wahi मीणा क कोमल होतो क स्पर्श अपने लुंड पे पेस्ट hi जमील अपने आप को धन्य मानाने laga…aur उसने फिर से मीणा पे जोर दिया तो मीणा इस बार बिना कोई विरोध किये फिर से एक बार जमील क लुंड को चुम li..par इस बार जमील क लुंड से निकला हुआ प्रेकम मीणा क होतो से चिपक गया tha…pehle तो मीणा को कुछ अजीब सा लगा और उसने अपनी जीब बहार निकल क अपने होतो पे फेरते उस प्रेकम को होतो से निकलना चाहा पर जमील का प्रेकम का स्वाद मीणा क जीव ले चूका tha…aur मीणा को इ स्वाद अजीब hi सही पर ाचा बी लगा और वो बार बार अपनी जुबान को अपने होतो पे फेरते हुए उस स्वाद का आनंद लेने लगी

जमील मीणा की इ हरकत बड़े गौर से देख रहा tha…aur उसे समाज ने में देर नह लगी की मीणा उसी रस्ते पे चल रही जिस रस्ते वो चलना चष रहा hai…aur वो मीणा क मम्मो को और जोर से मसलते हुए बोलै क्या हुआ मेरी ाचा लगा…

मीणा क्या जवाब देती उसे बी हद से ज्यादा इस खेल में मजा आरा है tha..upar से पहली बार उसने किसी लुंड से निकल रहे प्रेकम का स्वाद लिया tha…wo जमील को देख शरमाते हुए है.. में इशारा की तो जमील बोलै तो रुक क्यू गयी मेरी जान, चुसो इसे प्यार करो तुम और बी मजा aayega....kehte हुए जमील ने फिर से अपने लुंड को मीणा क होतो क करीब लाया तो इस बार मीणा शर्म हाय भूल क अपना मुँह खोल दी और जमील क सुपडे को मुँह में भरे चूसने lagi…to जमील की अह्ह्ह की सुक्ष्कारी निकल पड़ी उसे ऐसा लग रहा था की कोई वैक्यूम क्लीनर उसके लुंड पे लगाके उसकी पूरी हवा बहार निकल रहा ho.aur वो जोर जोर से सोसकरी लेने लगा अह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्ह करते हुए..

जमील क ऐसे मर्दानी सिसकारी सुन क मीणा और बी जोश में आगयी और वो पुरे सुपडे को मुँह में भरे चूसने लगी और सुपडे क गोल गोल अपनी जुबान फेरने lagi…meena पहली बार किसी लुंड को इस तरह अपने मुँह में लिए मजे कर रही thi…use लुंड चूसने में बहुत मजा आने लगा tha..aur देखते hi देखते मीणा जमील क आधे लुंड को पूरी तरह से निगल चुकी thi…wo हटाने का नाम hi नह ले रही thi…kareeb 10 मीन्स वो बिना रुके जमील क लुंड को चूस चुकी thi..ab मीणा की होतो से लार भरी हुई निकल रही thi..aur जमील क लुंड पूरा गिला होक तुबेलिघ्त की रोशनी में चमक उठा था…

अब जमील बी कण्ट्रोल नह कर पा रहा था उसे लगा अगर मीणा फिर से लुंड को मुँह में लेगी तो वो मुँह में hi झाड़ jayega…aur वो अपने लुंड को मीणा क मुठी से अलग करके अपने गीले लुंड से मीणा क चेहरे क चारो तरफ सवार और मीणा को खड़ा करके वही बगल क दीवाना छोत पे लिटा दिया तो मीणा अब बहुत खुश thi..use जिस घडी का इंतज़ार था वो घडी उसके सामने नज़र आ रही thi…wo दीवाना पे लेती और अपने टंगे खोल di..to जमील ठीक उसके सामने खड़ा अपने लुंड को आगे पीछे करते हुए थोड़ा झुक गया और मीणा की चड्डी उतरने लगा, जैसे hi मीणा की चड्डी कमर से उतर कर जांघो तक पहुंची तो जमील अपने आँखों पे यकीं नह कर पा रहा tha..jamil क सामने मीणा की चिकनी बिना वाली गोरी छूट thi…wo अपनी आँखों पे यकीं नह कर पा रहा था और बिना पलके झुकाये hi मीणा की छूट का सूंदर और सेक्सी नज़ारा देख ने लगा tha..uske मुँह से पानी निकलने लगा था..

अपनी नाज़ुक गुप्त अंग इस तरह घूरते देख मीणा शर्मा गयी और अपने दोनों हाथो को आगे बड़के क अपनी छूट को ढकने की कोशिश की तो जमील ने मीणा क हाथ को हलके से सरका दिया और bola…jab मेरे लिए hi तुमने अपने छूट क बाल निकले है तो छुपा क्यू रही हो..

मीणा शरमाते हुए नह जायंम्मीिलल जीई प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़ ऐसे ममममात्तत दिखहु मुझे शहःआरंम आए रराही haaaiiii…aur फिर से अपनी छूट को ढकने की कोशिश की लेकिन जमील ने फिर से मीणा क हाथ हटाया और वो वो घुटनो क बल मीणा क सामने बैठगया और अपने होतो को मीणा की छूट पे टिका दिया तो मीणा अह्ह्ह्हह्हह जासंम्मीिलललल जीई ह्ह्हह्ह्ह्ह पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ अह्हह्ह्ह्ह ummmmn…nhhhhhh बास्स्स्स …हूउउउउउ पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ हटऊऊऊ

लेकिन जमील का रुकने का कोई मैं नह tha..wo मीणा की छूट को चाटने लगा चूसने लगा और अपनी जुबान को मीणा क छेद में घुसाने laga…isse मीणा और बी गरम होने लगी thi…use सबर का बांड टूटने का एसएस हो रहा tha…par वो इतना जल्द झड़ना नह छह रही thi…wo अपनी पूरी ताकत लगाकर कर अपने आप को जड़ने से रोक रही thi…wahi जमील पूरी सिद्दत से मीणा की छूट चूसने में लगा हुआ tha…aur एक ऊँगली को छूट में डेल उसे अंदर बहार करने लगा tha…meena क लिए इ बहुत hi लज्जतदार और सुखद एसएस tha…wo…ahhhhh जमीीिलललल जीई ुह्ह्ह्हह्ह मस्त्त्त मास्स्टट्ट्ट्ट अह्ह्ह्ह चूहूसस्ससूओ ुह्ह्हह्ह म्मम्माररर गएआईई जैसे मस्त नशीली सिसकारी क साथ जमील को और बी उत्तेजित कर रही थी और अपने बूब्स को खुद मसल रही thi..uske पेअर छटपटाने लगे थे कभी ऊपर तो कभी निचे…

मीणा की इ तड़प जमील की जीत की निशानी थी और वो मीणा क तड़प काम करने की कोशिश करते हुए एक हाथ को मीणा क बूब्स पे लगाया तो मीणा जमील क हाथ को अपने मम्मो पे रख क जोर जोर से मसलवा ने lagi…idhar जमील बी मीणा का छूट से निकल रही काम रास क बूंदो को किसी जाम की तरह पीने लगा था ..करीब 10 मीन्स ऐसे hi चला तो मीणा हद से ज्यादा गरम हो चुकी थी ..उसे अब किसी बी हालत में जमील क लुंड चाहिए tha…wo जमील क बालो को जोरो से भींच कर उसे अपने छूट से अलग करके अपने ऊपर खिंच ली और उसके होतो को चूसने lagi..aur एक दो मं हॉट चुसाई क बाद मीणा ने किश तोडा और जमील से बोली…. बस जमील जीई अब्ब्ब्ब और नननननाहीई hogaas….daal दो …plzzzz…..muje करना hai….mmmmm

जमील बी अब आउट ऑफ़ कण्ट्रोल tha…aur वो बी जल्द से जल्द अपने लुंड को मीणा की छूट में दाखिल करना छह रहा था तो वो मीणा को एक किश देते हुए बोलै ok मेरी jaan..ab मेरे लुंड का कमल dekho…kehte हुए वो खड़ा हुआ और मीणा क टैंगो क खोल दिया तो मीणा की चिकनी टाइट छूट जमील क लिए एक छोटा सा रास्ता दिखा चुकी thi…jise देख जमील मैं hi मैं बोलै वह क्या छूट है साली ki…ched तो इतना छोटा है की अभी तक ठीक से खुला hi nh…maja आएगा आज पूरी रात इसे पेलने me…kehte हुए वो अपने लुंड को मीणा क छूट पे रखा to…meena उसे रोकते हुए ह्ह्हह्ह जास्मीिलललल जीई इ क्या कर रहे हो…. condom….daaalooo Naa….plzzz..

सच बात तो इ थी की आज जमील मीणा क जिस्म क मजा लुटाते हुए कंडोम क बारे में भूल hi गया था और जैसे hi उसे मीणा ने कंडोम का याद दिलाया तो वो मीणा से दूर हुआ और निचे पड़े पंत से कंडोम निकला और उसमे से एक पैक से एक कंडोम निकल क अपने लुंड को पहनाया और फिर मीणा क आगे रुक क मीणा क टैंगो को ऊपर उठाया और अपने ताज लुंड को मीणा की छूट क छेद पर रख क एक हल्का सा धक्का मारा तो मीणा की चिक निकल padi…uhhhhhhh जामीलललल जीई dhhhhhiireeee….reeeee…ahhhh…

जमील मैं hi मैं साली अब बी इतनी टाइट छूट की मालकिन है.. कोई बात नह मेरी जान आज रात भर तुजे छोडूंगा और तेरी इस चिकनी छूट का भोसड़ा बांडुंगा और वो मीणा क ऊपर सीधे लेट गया तो मीणा ने अपनी टंगे हवा में फैला दिए और जमील धीरे से अपना धक्के को रफ़्तार देने लगा .कुछ 4-5 धक्के क बाद मीणा की छूट ने लुंड को पूरी तरह निगल लिया tha….meena को अपनी छूट में किसी लोहे का गरम रोड जैसे जमील का लुंड महसूस हो रहा था और दर्द क मरे उसकी जोरो को सिसकारी निकल रही थी उसके सासे तेज चल रही थी ..पर मीणा जानती thi…uska इ दर्द कुछ hi देर में उसे अनगिनत ख़ुशी का एसएस करने वाला hai…aur वो अपने टैंगो को और फैलते हुए लुंड को अछि तरह अपनी छूट में सेट करने lagi…wahi जमील मीणा क छूट में लुंड पेलते hi कुछ देर खामोश रहा और जब उसे लगा मीणा पूरी तरह से सेट है तो वो धीरे धीरे अपनी कमर को हिलने लगा और कुछ धक्के बाद मीणा बी अपनी कमर को ऊपर करते हुए लुंड को पूरी तरह से अंदर लेने की कोशिश करने लगी …अब दोनों बिना बात किये एक दूसरे क प्यास मिठाने में लगे हुए the..meena ने जमील को बाहोंमे जकड़ा हुआ था और वो जमील क पीठ को अपने नाखुनो से नोच रही थी तो कभी उसे धीरे से सवार रही thi..wahi जमील कभी मीणा क होतो को किश करता तो कभी उसके गालो को दोनों एक दूसरे में पूरी तरह समां चुके the..aur चुदाई की लुफ्त उठा रहे the…aur कुछ 5 -6 मिनट की चुदाई क बाद मीणा का सबर का बंद टूट चूका था और उसकी सासे तेज होने लगी और उसने अपना शतैरया खो दिया और वो झड़ने लगी अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह उम्म्म्म बहुत सुख देते हो जाएमीिलल जीई ाअप्प्प मई रोक ह्ह्हह्ह पाए राहहहहयई

मीणा की झाड़ता देख जमील ने धक्के रोक दी और वो मीणा क बूब्स को बारी बारी चूसते हुए निप्पल कटाने laga..meena क छूट से बाह रहा गरम काम रास जमील क लुंड को और बी गर्मी प्रधान कर रही thi…is वजह से उसका लुंड और बी सख्त होने लगा tha…aur वो अपनी खुजली मिठाने की कोशिश करते हुए फिर से धक्के मरने लगा..

वही झड़ने क बाद मीणा फिर से शर्मा गयी थी और इस शर्म क मरे उसने अपने आंखे बंद करलिए the…par वो आंखे बंद किये हुए बी जमील क लुंड क धक्के को अपनी छूट क पूरी गहरायी ने महसूस करके आनंद ले रही थी ..उसके चेहरे पे ख़ुशी की मुस्कान च गयी thi…aur जब उसने आंखे खोली तो जमील को उसे देखते हुए पायी .जो उसे धक्के डेरे हुए उसके चेहरे का एक्सप्रेशन देख रहा tha…meena फिर से शर्मा गयी और जमील क होतो क चूसते हुए बोली ऐसे क्या देख रहे हो पहली बार थोड़ी कर रहे हो …

जमील उसे देख मुस्कुराते हुए bola..kya करू मेरी जान छोड़ते वक़्त तुम्हारे चेहरे क एक्सप्रेशन देखने लायक होता hai..kitne मजे और ख़ुशी से लुंड को लेती हो tum…e तुम्हारा चेहरा देख कर hi पता चलता hai…….pata है meena..tumari छूट छोड़ने में एक अलग hi मजा आता hai…jee करता है की हमेशा तुमसे हुई लिपट कर छोड़ता hi राहु…

मीणा क कानो में फिर से छूट चुदाई जैसे शब्द गूंजने ने लगे थे वो बी उसी क गुप्त अंग क तारीफ़ में इससे मीणा ज्यादा एक्सीटेंड होगयी और शर्म क मरे अपना चेहरा छुपाते हुए जमील से boli…plz…aise गाँधी बाते मत karona…muje शर्म आती है plzzz…lekin जमील को बहुत मज़ा आरहा था एक तरफ मीणा की गरम छूट उसके लुंड को पूरा अपने में समां ले रही तो दूसरी तरफ मीणा क साथ उसकी सेक्सी बाते चल रही thi…wo आगे बढ़ाते हुए बोलै अब मुझसे क्या शर्माना मेरी जान मई hi वो मर्द हु जो इस वक़्त तुम्हारी छूट छोड़ रहा hu….mai hi वो मर्द हु जिसके निचे तुम पूरी नंगी लेती ho….mai तो कहता हु तुम बी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करो चुदाई क वक़्त फिर देखो तुम्हारा बी मजा दूंगा हो जायेगा..

सच बात तो इ थी की अब मीणा को बी छूट चुदाई लुंड जैसे शब्द उसके कानो को ठंडक देने लगी thi…uske जिस्म की गर्मी बढ़ाने में मदत कर रही the…wo बी जमील से खुल क बात करना छह रही thi..apni मैं की ीचा अनुसार अपनी छूट छुड़वाना छह रही thi…par मीणा ने न कभी पहले ऐसे शब्द अपने जुबान पे लाया था और नहीं कभी किसी और क सामने ऐसे शब्दों को उपयोग करने क बारे सोचा tha…par वो जानती थी जमील उसे पूरा बेशरम बनाना छह रहा hai…taaki जिस्म क इस खेल का मजा badjaaye…wo अपनी पूरी कोशिश करते हुए जमील को देख उसके गलो को हलके से मरते हुए चल hato…badmash कही के मुझे नह आते ऐसी बाते..

जमील तुरंत बोलै तो मई क्यू हु मेरी जान जैसे तुम सिद्दत से छुड़वाने सिखाया है ..वैसे तुम गाँधी भाषा बी sikhadunga….kehte हुए जमील ने एक्सिटमेंट में एक जोर का झटका मारा…

ुह्ह्हह्ह्ह्ह जामीलललल ji….nh .thodda…dhiiiireee ायबबब बी नाईईई hu….iss खील Mee..uuuuuyyyyyy

जमील अपनी रफ़्तार को काम करते हुए हां मेरी जान जनता hu….jab पहली बार तुम छोड़ा था तब hi पता चल गया tha…aur आज बी तुजे छोड़ने में ऐसा लग रहा है जैसे नयी नवेली दुल्हन को छोड़ रहा hu…sach में बहुत सेक्सी हो तुमममम…

सेक्सी वर्ड अपने लिए सुन ते hi मीणा दिल hi दिल में खुश होगयी थी उसे लगा की जमील ने उसे सही पहचाना hai…aur वो बी बड़ी उत्सुकता दिखाते हुए अपनी कमर को और ऊपर ज्यादा हिलाते हुए जमील से boli…ha तो इस दुल्हन की प्यास को आज पूरी तरह से भुजदो na….haaa….jamil ji….bahut ाचा लगता है muje…aapse छुड़वाने me…bahut सुख मिलता hai…muje आपके बड़े लुंड से….

इ बात कहते हुए मीणा सोचने लगी इ कैसे हो होगया मई बी जमील जी क जैसे गांधी शब्दों ko…..par मीणा भूल गयी थी की उसने बढ़ती उत्तेजना में अपनी सेक्स की भूक को जमील क सामने जाहिर किया hai…par मीणा की बात सुन क जमील खुश tha..aur वो मैं hi मैं बोलै बस डार्लिंग बस मुझे तुमसे ऐसी hi बात की उम्मीद thi…ab देखना मई तुम चुदाई की किस मुकाम तक पहुँचता hu..jaha से तुम छह कर बी अपने आप को रोक नह pavogi…aur उसने बी एक्सिटमेंट में धक्को की रफ़्तार बड़ा दी ..पर मीणा एक बार फिर अपने आप को रोक नह paayi…aur हम्पटी हुए अपनी कामर्स को छोड़ने lagi..jiska एसएस जमील अपने लुंड पे करते हुए आगे की चुदाई क लिए प्लान बनाने laga…aur जैसे hi मीणा पूरी तरह से झड़ी तो जमील ने उठा खड़ा हुआ तो जमील क लुंड puchhhhhh…ki आवाज़ करते हुए मीणा क छूट से बहार निकला..

जमील दीवाना क बगल में खड़ा था तो मीणा उसे हम्पटी हुए देख रही thi…par मीणा की प्यास अब बी नह मीठी थी उसे और बी लुंड की जरुरत thi..aur इसी जरुरत को पूरी करने क लिए वो जमील को प्यास भरे नज़रो से देखने lagi..meena की टंगे खुले होने क वजह से मीणा की छूट ठीक जमील क नज़रो क सामने thi…meena की छूट से अब बी कामर्स क बुँदे टपक रही थी .उसकी छूट और जांघो क कुछ हिस्सा पूरी तरह गिला और चिपचिपा सा लग रहा था…

मीणा अपनी शर्म हाय भूल कर एक बेशरम की तरह जमील क सामने टंगे फैलाये जमील को अपनी छूट की दर्शन करवा रही थी ..तभी जमील ने अपना अगला कदम उठाया और मीणा को पलट क सुलाया तो मीणा की बड़ी मोती मुलायम गांड अब जमील क सामने thi…jamil ने इतनी आकर्षक और बड़ी गांड कभी नह देखि thi…wo मीणा क गांड को हलके से चूमने लगा और और एक हाथ से मसलने बी laga…aur मीणा क नंगी पीठ से होते हुए गांड तक अपनी जुबान फेरने लगा तो मीणा की गर्मी और बी बढ़ाने लगी thi…wo मैं में hi सोच रही थी सच में जमील जी क साथ सेक्स करने में कितना मजा आता hai…khud बी थकते नह और मुझे बी थाखावट महसूस होने नह dete…sach में बहुत कमल क मर्द है जमील जी ..मुझे तो आज मौके का पूरा फयदा उठाना चाहिए …पता नह और ऐसा मौका कब मिलेगा रात में जमील क साथ मजे udane…aur वो बी बिना किसी विरोध किये जमील क साथ देने लगी thi…kuch देर क चुम्मा छाती और गांड मसलने क बाद जमील ने मीणा की कमर को ऊपर किया और उसे घोड़ी बनाया…

इ मीणा क लिए एक नया आसान tha…usne इस आसान क बारे में अपने सहेलियों से सुनाता par…aaj वो खुद उस आसान को प्रक्टिकली अनुभव करने जा रही थी इसलिए वो कैसे जमील छह रहा था वैसे अपने टांगो को फैलाके अपने हाथो को दीवाना छोत पे टिकके घोड़ी बन गयी..

जैसे hi मीणा घोड़ी बन गयी तो उसकी गांड क खुले दोनों तरह खुल गए थे इस वजह से नज़ारा और बी कामुक और मनमोहक बनगया था जिसे देख जमील अपना लुंड को मसलने से अपने आप को रोक नह paaya…jamil फिर से मीणा क गांड को चूमने लगा और गांड क कुलो को बीच से अलग करते हुए छेद को देखने laga…aur जब मीणा क छेद उसके सामने आया तो वो अपने आप को रोक नह पाया और अपनी मुँह में जमी थूक को हलके से छेद पर छोड़ दिया और गांड की छेद को अपनी ऊँगली से घिसने laga..aur तुरंत बैठ कर पीछे से मीणा की छूट को चाटने laga…pehli बार मीणा की छूट की चुसाई पीछे से बी हो रही thi…meena काफी एक्सीटेंड महसूस कर रही thi….use फिर से लुंड की जरुरत महसूस होने लगी तो वो जमील से बोली अब बस बी करो न जमील से जल्दी से डालो na..plz…muje कुछ हो रहा है…

जमील- डालता हु मेरी जान पर तुम्हारे इस खूबसूरत मोती गांड क दीदार तो करलु थोड़ा कहते हुए जमील मीणा क गांड क छेद की तरफ बड़ा और छेद पे अपनी जुबान फेरने लगा तो ..मीणा अपनी कमर हिलाते हुए उसे न न जमील ji…e नह ..wo…gandha…wo गलत जगह hai..waha ह्ह्ह्हह्ह plzzzzzzz…no न्यूऊओ…

लेकिन जमील कहा रुकने वाला था उसके हाथ आज ऐसी मलाई लगी thi..jise वो सपने में बी नह सोचा tha…wo पूरी मस्ती में मीणा क गांड की चुसाई करने लगा tha…meena को बी अब थोड़ा मजा आने लगा tha..use अपनी गांड में गुदगुदी होने लगी thi…aur मस्त मजे में गुदगुदी मिठाने क लिए अपनी गांड को मटकने lagi…ab नज़ारा और बी कामुक लग रहा tha…wahi जमील मीणा की गांड को चाटते हुए सोच रहा था साली की गांड बी इतनी टाइट है की इसे एक hi झटके में खोलना मुश्किल hai…aur अगर आज तरय करदु तो शायद मीणा दर्द क मरे चिल्ला उठेगी और हो सकता है मुझसे नाराज़ बी हो jaaye…nh नह आज nh..kisi दिन पुरसत में मीणा को फुसलाके क hi गांड मरना पड़ेगा और वो गांड को चूसना छोड़ अपने लुंड को मीणा की छूट पे सेट किया और उसकी कमर को कास क पकड़ क एक जोर दार झटका मारा तो पूरा का पूरा लुंड एक hi झटके में मीणा की गीली छूट में समां चूका था…

जमील क इस तगड़े प्रहार से मीणा को दर्द तो हुआ par..uski छूट अब तक की चुदाई से गीली और खुली होने क कारन उसे लुंड लेने में ज्यादा तकलीफ नह हुई थी ..

जमील अब धीरे धीरे अपनी रफ़्तार बढ़ाते हुए मीणा को छोड़ने में लगा tha…aur उसकी जांघ मीणा की कमर से टकराने क वजह से थप थप की आवाज़ हर धक्के क साथ गूंजने लगी thi…wahi मीणा बी जमील क हर धक्के क साथ आगे पीछे हो रही थी इस वजह से हवा में झूल रहे उसके मॉटे मोममे किसी पेड़ पे लटके आम की तरह आगे पीछे हो रहे थे साथ hi साथ हर धक्के पर वो मीणा क बीएड पे ठीके हाथो से टकराते हुए तप तप की आवाज़ कर रहे the…aur वही मीणा की कासी हुई गीली छूट से लुंड अंदर बहार होते वक़्त चिप चिप की आवाज़ निकल कर माहौल को और बी सेक्सी बना रहे the…..e सब आवाज़े मीणा क लिए चुदाई क वक़्त बिलकुल नयी थी ..और उसके कानो में एक नए धुन की तरह बजाते हुए उसके जिस्म को और बी गर्मी प्रधान कर रही thi…aur वो मस्त मजे में इस नए पोजीशन में छुड़ाते हुए अह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह वहा उउउउउउ की सिसकारी लेते हुए उस धुन से अपनी ताल मिलाने लगी थी . इस वक़्त उसका पति या कोई बी उसके सामने आके खड़ा बी होता तो शायद मीणा अपनी छूट को छुड़वाने से नह रोकती …उसे अब न hi अपनी पति की सोच थी नहीं hi उसके बचे और परिवार की इस वक़्त उसके सामने एक hi लक्ष्य था और वो था जमील क लुंड से अपनी छूट को हद से ज्यादा छुड़वाने की अपने मैं की ीचा पूरी करने की, अपनी दबी हुई वासना को शांत करने ki…meena सब कुछ भूल कर जन्नत की सैर कर रही thi..jamil क लुंड क एक एक धक्के उसे जीबड़ेगी का असली सुख दे रहे the…wo बिना कुछ सोचे अपनी कमर को आगे पीछे करते हुए लुंड को पूरी तरह से अपनी छूट में समां ले रही थी और चुदाई का लुफ्त बड़े मजे से ले रही थी…

पर वही किसी और को मीणा का ख्याल tha…aur वो था उसका pati…jisne गांव पहुंचने क बाद अब तक उसे कॉल नह किया tha..use थोड़ा डर बी था की उसकी प्यारी बीवी डेट क वजह से पेट दर्द से तड़प रही hai..aur वो अपनी बीवी क हलचल पूछने क लिए मीणा को कॉल लगा hi बैठा….

पर यहाँ मीणा और जमील अलग hi दुनिया में खोये हुए the…tabhi मीणा क मोबाइल की घंटी ने दोनों को कुछ पल का ब्रेक लेने पे मजबूर किया tha…jaise hi मीणा की मोबाइल की घंटी बजी मीणा तो समाज गयी थी इ उसका पति का hi कॉल hoga…par मीणा बिलकुल नह चाहती थी की इस वक़्त वो कॉल रेसवे करके अपनी और जमील क मजा ख़राब करदे ..पर जमील इस बात से अनजान था और अपने धक्के को कुछ देर रोकते हुए पीछे मुद क टीपोय पे बज रहे मीणा क मोबाइल को उठके मीणा को देते हुए बोलै तुम्हारा पति का फ़ोन है..

पर मीणा अपने मोबाइल को लेने से इंकार करते हुए boli…nh जमील ji…ab नह बाद में बात करलूँगी बजने दो उसे कहते हुए मीणा ने मोबिल को जमील से हाथो से लेते हुए उसे आगे रख दी और जमील से boli..aap रुक क्यू gaye…chodo न मुझे…

मीणा की इस हरकत से जमील बी खुश था पर वो मीणा का दिल रखने क लिए बोलै पर तुम्हारा पति ….

जमील अपनी बात को आगे hi बड़ा रहा था… मीणा उसे बिच में रोकते हुए बोली.. मुझे इस वक़्त किसी का कॉल लेके मजा ख़राब नह करना जमील ji…aap plz…chodho..mujse और बर्दाश्त नह hota….ahhh पलज़्ज़ज़ फ़क मई….

जमील को क्या चाहिए था ….वो बी इसी मौके का इंतज़ार में tha…use अब पूरा यकीं हो गया था की मीणा की हवस पूरी जाग चुकी hai…aur वो मौके फयदा उठाते हुए धना धन छोड़ने लगा तो वही मीणा फिर से ुह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह जामिलल जीज ैइसएइ हीईई karoooo…..ajjj मारर gaaaayiii…uhhhhhhhmmnnnn शःह्म्म्मम्म की सिसकारी लेते हुए अपनी छूट मरवाने लगी thi…kuch 10 मीन्स तक उनकी लगातार चुदाई क खेल चलता raha..aur अब दोनों अपनी चरम सीमा पर पहुंचने की कगार पर थे दोनों को सासे तेज होने लगी thi…dono पसीने से दुबे हुए थे ..और खड़े खड़े छोड़ने से मीणा क पेअर बी दर्द कर रहे the…dono जोर जोर से अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह उम्म्म की सिसकारी छोड़ने लगे the….to जमील ने वापिस मीणा को बीएड पे लिटाया और उसके बगल में लेट क उसके एक टांग को ऊपर उठाया और अपने लुंड को मीणा की छूट में दाखिल करते हुए फिर से धनदान धक्के मरने लगा..

मीणा अब खुद हैरान थी उसने कभी नह सोचा था की वो ऐसे अलग अलग पोजीशन में अपनी छूट मरवायेगी वो बी एक गैर मर्द se…aur इसी बढ़ती एक्सिटमेंट और ख़ुशी से उसका लावा फिर से अपना सीमा पार करने क लिए तैयार था ..और वही जमील बी काम से काम पिछले 35-40 मीन्स से मीणा की छूट मरने को ख़ुशी में अपनी आखरी मुकाम तक पहुंच चूका tha..aur दोनों और एक दो मिनट की चुदाई की बाद हम्पटी हुए अपने काम रास को छोड़ने lage…bas फर्क इतना था की जमील क कामर्स कंडोम में कैद हो रहा था तो मीणा बिना किसी डर मर्यादा शर्म से अपना रास उगलने लगी…

चढ़ाई का पहला दौर का अंत होते hi कुछ देर दोनों ऐसे hi एक दूसरे क बहो में लेते रहे और मीणा ने इस बार जमील को एक द्गिरह चुम्बन देते हुए अपनज ख़ुशी जाहिर kardi…aur जमील ने बी उसका साथ दिया …कुछ देर बाद दोनों बीएड पे ठीक से लेट गए और एक दूसरे को बड़े प्यार से देखने लगे दोनों की hi सासे बड़े तेज से चलने लगी थी ..दोनों एक दूसरे को देख ते हुए हम्प रहे the…dono क चेहरे पर एक ख़ुशी की लकीर उभर क आयी थी. जो एक दूसरे की ख़ुशी बयां कर रही थी ..
 
देय तो सम पर्सनल प्रॉब्लम एंड बिजी सचेडूले नॉट पॉसिबल तो पोस्ट अपडेट टुनाइट. ....बट सूरे विल बी कवर्ड विथ ा मेगा update..,sorry फ्रेंड आपकी मिठाई बेकार नह जाएगी
 
कुछ देर बाद दोनों बीएड पे ठीक से लेट गए और एक दूसरे को बड़े प्यार से देखने लगे दोनों की hi सासे बड़े तेज से चलने लगी थी ..दोनों एक दूसरे को देख ते हुए हम्प रहे the…dono क चेहरे पर एक ख़ुशी की लकीर उभर क आयी थी. जो एक दूसरे की ख़ुशी बयां कर रही थी ..

दोनों जोरो से हाफने लगे the…aur एक दूसरे को देख आँखों hi आँखों में hi एक दूसरे को धन्यवाद दे रहे the…meena आज बहुत खुश thi…aaj फिर से वो अपनी चरमसीमा पर पहुंच गयी thi…use जमील से अलग होने का थोड़ा बी मैं नह कर रहा tha…aur वो जमील क बहो में बहे डालके आंखे बंद करके सो गयी..

थोड़ी देर बाद जब मीणा की वासना का नशा कुछ देर क लिए हटा तो वो अपने आप को जमील क बहो में नंगी पा कर sharnagayi..aur जमील से दूर होगयी और पर्श पर पड़े अपने कपडे उठाकर कर बैडरूम की तरफ भाग chali…wo खुद यकीं नह कर पा रही थी की वो इस तरह एक गैर मर्द क होते हुए नंगी चल फिर रही hai….e क्या होगया है मुझे क्यू मुझे जमील जी क साथ वो सुख मिलता है जो मई भूल जाती हु की मई एक शादीशुदा हु….





मीणा बैडरूम में ेने क सामने कड़ी अपने नंगे जिस्म को निहारने lagi..pehli बार उसे अपना जिस्म बहुत ख़ुशी से झूमता नज़र आरहा tha…uske गोरा जिस्म अपना रंग बदल कर लाल होगया tha..use अपने चेहरे पर और छाती पर अभी बी जमील क चाटने क निशाँ दिख रहे the..uska जिस्म का हर हिस्सा चिप छिपाहट महसूस कर रहा tha..meena अपने मम्मो पर हाथ फेरते हुए अपने निप्पल को देखि तो उसे अपने बूब्स पर जमील क दातो क निशान साफ़ दिख रहे the…uska निप्पल बी खड़क लग रहे the…meena ने नज़र निचे झुकाये अपनी छूट को देखि जो इस वक़्त बी उसकी छूट में कामर्स की बुँदे बहार सजी हुई thi…jo तुबेलिघ्त की रोशनी में साफ़ नज़र आ रही thi…aur मीणा फिर अपने आप से शर्मा गयी aur…mann hi मैं बोली सच में कितना मस्त तरीके से जमील जी ने आज मेरी छूट maari…wahhh कितना मजा आया मुझे मेरी जिंदगी की सबसे हसीं चुदाई थी इ shayad…are शायद क्यू मीणा इ तो सच में हसीं और सुख दायक चुदाई थी.. शायद मेरे पति क साथ 14 साल क वैवाहिक जीवन मुझे कभी इतना सुख नह मिला जितना जमील जी ने मुझे एक दो बार छोड़कर diya…pata नह आज और क्या करने वाले hai…ahhhh सोच कर hi कुछ कुछ होरा है. ..मीणा अपने चेहरे पे मुस्कान लाये अपने आप से hi सवाल कर रही थी और खुद hi जवाब दे रही थी ..

कुछ देर अपने नंगे जिस्म को निहारने क बाद मीणा ने अपना ब्रा चड्डी और घागरा पहनन लिया और ऊपर से एक निघ्त्य पहन कर बैडरूम से बहार आयी..

इस बीच मीणा को बैडरूम जाते देख जमील पहले thoda..soch में पड़गया की कही मीणा फिर से भावनाओ में बहक न गयी. ..उसका मैं तो कर रहा था की वो बी मीणा क पीछे बैडरूम जाए और मीणा को बहक ने से फिर से रोक de…aur फिर सोचा नह ..आज मीणा अपने मैं से पुरे होश में सेक्स की hai..lagta नह आज वो फिर से बहक jayegi…agar बहक बी गयी तो मुझे क्या मुझे तो बस उसे रात भर छोड़ना hai…chahe कैसे बी ho…aaj तो मेरे लुंड को मीणा की छूट में hi सोना है तो मीणा क बहार आने का वेट करना hi सही रहेगा और वो दीवाना पे नंगा hi बैठा मीणा का इंतज़ार करने लगा था…

कुछ hi देर में मीणा बैडरूम से ऐसे बहार आयी जैसे कुछ हुआ hi नह …और वो जमील को नंगा देख फिर से शर्मा ते हुए आगे टीपोय से अपना मोबिल उठाते हुए बोली आप फ्रेश हो जावो तब तक मई खाना गरम करती hu…kehte हुए मीणा अपने मोबाइल को निघ्त्य क पॉकेट में रख कर बाथरूम गयी और मुँह हाथ धोकर बहार आके जमील को देखते हुई boli…ab आप फ्रेश हो जावो..

जमील बहुत बारीकी से मीणा की हर बात हर हरकत को ऑब्सेर्वे कर रहा tha…aur उसकी हर बात जमील को यही इशारा कर रही थी .ki…meena अब वो नह रह जो भावना में बहक कर उसका मजा ख़राब kare..e सोच कर जमील खुश tha..aur अब उसके दिमाग में बी एक आईडिया आया जो इस बात को साबित कर सकता hai..wo तुरंत बाथरूम में गया और फ्रेश होकर फिर हॉल में आके अपने कपडे पहन लिया जैसे जाने क लिए तैयार हो..

इस बीच मीणा किचन में दोनों क लिए डिनर को गर्नम करने लगी thi..par अब बी उसके दिमाग में जमील क साथ हुई चुदाई की hi सोच thi..uske आँखों क सामने अब बी वही नज़ारा आरहा tha…ki कैसे उसे जमील धनदान धक्के मरते हुए उसकी जिस्म की प्यास भुजने लगा tha…uski आंखे शर्म से लाल हो चुकी thi..wo चुदाई क वक़्त का एक एक पल को याद करके अपना मजा दुगना कर रही थी ….पर कुछ देर बाद उसे लगा जमील जी क साथ तो मैंने बहुत मजा लिया बहुत सुख मिला muje…par कुछ तो कमी थी शायद वर्ण मजा और बी aata..par क्या कमी thi..jamil जी ने मुझे करीब 30 मं छोड़ा जितना मेरे पति ने कभी नह छोड़ा tha…unhone तो मेरे जिस्म क एक एक अंग को chuva…masala हलाकि मेरी गांड को बी नह छोड़ा.. इतना सुख देने पर बी हमारे बीच क्या कमी रेहगाई ….???? क्यू मुझे ऐसा लग रहा है की हम और बी मजे से चुदाई कर सकते the…kya बात hogi…fir से मीणा का दिमाग सोच में डूबगया था उसे किसी न किसी तरह इस बात का सलूशन ढूंढना hi tha..use अब जमील क साथ चुदाई में कोई कमी नह चाहिए थी .इसलिए वो अपने दिमाग में जोर देने लगी थी .. तब जमील बी तैयार होकर अंदर किचन में आया और मीणा से bola..dinner तैयार है क्या??

जमील को कपडे पहने हुए देख मीणा थोड़ी चौक gayi..par उसे लगा ऐसे hi होगा और वो जमील से boli…ha बस थोड़ा सा गरम और होने do…fir परोस दूंगी…

Jamil-ok ठीक hai…par थोड़ा जल्दी karo..muje डिनर करते hi निकलना होगा .

मीणा को जमील से इस बात की उम्मीद नह थी उसने तो सोचा था आज पूरी रात जमील उसके साथ रुकनेवाला hai…par अचानक जमील से जाने की बात सुन क मीणा थोड़ी चौक गयी थी और वो जमील से कुछ पूछना hi छह रही thi..jamil बीच में hi bola..tumari भलाई क लिए मुझे जाना hi होगा na..jamil क बातो का मतलब मीणा क समाज में नह आया था वो फिर से चूकते हुए जमील से पूछी मेरी भलाई कैसे???

जमील हस्ते हुए ha…ab हमारे बीच जो बी होना था वो तो हो gaya…aur इससे पहले की तुम फिर से भावनाओ में बहक क मुझे भला बुरा कहकर जाने को कहे बेहतर है मई hi चला जावु..

जमील की बात सुनकर मीणा क चेहरे पे उदासी च गयी thi..wo तो जमील क साथ रात कटाने की प्लान में thi..use जो चुदाई क बाद कुछ कमी लगी थी वो रात को सोने से पहले पूरी करना छह रही thi…par जमील क जाने की बात सुनकर उसे अपने प्लान में पूरा पानी फेरते हुए नज़र आया tha…wo जमील से थोड़ी नाराज़ तो हुई पर वो अपने आप को बी कोसने लगी थी ….क्यू तो मैंने जमील एक को दो बार भला बुरा कहकर जाने को कहा tha…usi का नतीजा है की आज जमील जी मुझसे दूर होना छह रहे है..

वो मैं चाहे तो जमील को रुकने को बी बोल सकती थी ..पर मीणा का संस्कार अभी बी कुछ हद तक खयाम tha…aur दूसरी बात इ बी थी की मीणा अब बी जमील से पूरी तरह खुली नह थी जो जमील को खुल क अपनी बढ़ती सेक्स की ीचा बतादे… वो फिर से एक असमजस स्थिति में अपने को पा रही थी .पर उसका मैं बिलकुल बी नह छह रहा था की इस वक़्त जमील उसे छोड़ क चले जाए पर उसे जमील को रोकने क लिए कोई बहाना बी नह सूज रहा था…

वही मीणा की मनोस्थिति देख जमील मैं hi मैं मुस्कुरा रहा tha..wo बस मीणा को छेड़ने क लिए इ सब नाटक कर रहा tha..wo और मीणा को छेड़ते हुए bola..khana गरम होने में और बी देर है तो मई चला जाता हु और एक पेग मार्के बहार hi खाना खा lunga…waise बी आज इतना थक गया हु की एक पेग तो बनता hi है..

जमील क इ बात सुनकर मीणा अब पूरी तरह से टूट चुकी थी ..वो जमील को सिर्फ इतना जवाब दे पायी की बस होगया…

और गैस बंद करके गरमा गरम खाना प्लेट में परोसने लगी ..और दोनों प्लेट को डाइनिंग टेबल पे रख दी और जमील से बोली खाना खालो…

जमील बिना कोई हरकत किये चुप डाइनिंग चेयर पे बैठ क खाना खाने लगा और मीणा उसके सामने बैठी खाना खाने lagi..dono क बीच अब कोई बात नह हो रही थी दोनों चुप चाप खाना खा रहे थे पर मीणा अब बी जमील से उम्मीद लगाए बैठी थी की जमील का मैं बदल जाए और वो अपनी हरकत पर आये ..पर जमील जानबूजकर कोई हरकत नह कर रहा था ..उसे मीणा प छायी उदासी को देख कर मजा आरहा tha…aur ख़ुशी बी. उसे लगा रहा था की देर से hi सही मीणा पूरी तरह से उसकी होते जा रही है और अब मीणा अपने मैं से उसके साथ सेक्स करवाने क लिए बेताब हो रही है ..इ जमील क लिए उसकी जिंदगी का सबसे कामयाब पल था .

कुछ hi देर में दोनों ने खाना फिनिश करदिया तो मीणा बिना कुछ बोले hi दोनों प्लेट उठाकर बेसिन में रख कर उसे साफ़ करने लगी और जमील बी अपना हाथ धोके कुर्सी पे बैठ गया और मीणा को hi देखने लगा जो इस वक़्त उसके सामने बेसिन क पास प्लेट साफ़ कर रही थी. इस वक़्त मीणा की मटकती हुई गांड की उभर और बी आकर्षित लग रही थी कुछ देर पहले हुई चुदाई से मीणा का बदन मस्ती से खिलने क वजह से गांड क कुल्ले ऊपर निचे होते इ कामुक दृश्य को दर्शा रहे थे जिसे देख जमील का लुंड फिर से तन कर खड़ा होने लगा था…

वही मीणा बर्तन साफ़ करते हुए अपने आप को कोसने क साथ जमील को बी मैं hi मैं कोस रही थी ..क्या होता आज रुक jaate…har दिन थोड़ी मिलता है ऐसा mouka..subh क वक़्त कोई न कोई आने का डर होता hai…..par रात क वक़्त न किसी का डर न किसी की परवा …जो मैं चाहे कर सकते hai…e बात जमील जी क्यू नह सोच रहे …..एक बार जमील जी को बोलके तो देखु…. नह मीणा कभी नह ऐसी गलती मत करना क्या सोचेंगे जमील जी तुम्हारे बारे में ..की तुम बी अब उनके साथ सेक्स करना मजा आता hai..tum अब पतिव्रता तो नह रही पर पतिव्रता होने का थोड़ा मर्यादा का तो पालन karo…kya एक गैर मर्द को तुम्हारे साथ रात बिताने क लिए खुल्ला दावत देना तुम शोभा देता hai..meena सोच में hi डूबी थी की उसे अपने पीछे जमील क रुकने की एसएस हुआ तो वो पीछे मुद क देखि तो वो सही थी जमील उसके पीछे hi खड़ा था और मीणा को ऊपर से निचे तक हवस भरी नज़रो से देख रहा tha…wo कुछ बोल hi पाती जमील ने उसे अपने बहो में भर लिया और पूछा क्या बात है मीणा क्या सोच रही हो..

मीणा को जमील का इ आलिंगन ाचा तो लगा था पर वो नह चाहती की जमील उसके प्यास को भड़काके बीच में hi चले जाए इसलिए वो जमील से अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए boli…kya कर रहे हो chodo..muje ऐसे जाए क वक़्त इ सब नह…

जमील मीणा पे अपनी पकड़ मजबूत करते हुए बोलै क्यू नह? क्या मई मेरे डार्लिंग क साथ इ सब नह कर सकता??

मीणा क पास इस सवाल का जवाब नह था इसलिए वो बिना कुछ बोले चुप होगयी तो जमील फिर से उसे छेड़ते हुए बोलै बोलो नह कर सकता ..?

मीणा कुछ देर चुप रही और बाद में boli….kar सकते ho…par आप तो करके चले जावोगे …फिर मेरा क्या hoga..mai नह झेल पावुंगी अपनी प्यास ko….meena ने जल्दनजी में hi सही पर पहली बार अपनी जिस्म की बढ़ती प्यास को बयां किया था वो बी एक गैर मर्द क samne…wo खुद नह जानती थी की इ बात उसके जुबान से कैसे nikali..par इस बात में हक़ीक़त बी उतना hi थी जितना मीणा बोल चुकी की थी…

जमील बी अब पुरे तैयारी में hi tha…use अब पूरा यकीं होगया था की मीणा अब सेक्स क इरादे से पीछे हटाने वाली नह hai…aur वो मीणा क गालो को चूमते हुए bola..agar प्यास बहुजन hi है तो मुझे रोकती क्यू नह हो…

जमील क बात सुनते hi मीणा को लगा की जमील का जाने का अब मैं नह है और वो मौके का फयदा उठाने की कोशिश करते हुए तुरंत मुद क जमील क होतो पे एक चुम्मी देते हुए boli…Maine कब कहा है आपको जाने ko..kehte हुए मीणा ने बी जमील को कास क पकड़ क जमील क सीने पे अपना माथा तक di..jaise एक प्रेमिका अपने प्रेमी क सीने पे अपना सर रख क अपनी मैं की बात बताने की कोशिश करती ho…kuch देर दोनों फिर से एक दूसरे पर अपना हाथ फेरते हुए जिस्म की गर्मी बढ़ाने लगे ..फिर जमील bola..par तुमने रोका बी नह न . ..

मीणा इस बार जमील क देखते हुए boli….to फिर आपके इ सब कपडे पहन कर जाने की एक्टिंग करने का मतलब क्या था…

जमील मीणा की सर पे हाथ फेरते हुए बोलै वो तो मई मज़ाक कर रहा tha…itni हॉट और सेक्सी डार्लिंग को छोड़ क कोई जाता है kya..raat तो अब शुरू हुई hai…ab तो खेल की शुरुआत हो चुकी hai..aaj तो पूरी रात इ खेल चलेगा बस .देख रहा था मेरी जान मेरे लिए कितनी बेबस होती है…

जमील की बात सुनते hi मीणा क चेहरे पे फिर से रौनक च गयी थी वो ख़ुशी क मरे जमील क छाती पर मुक्का मरते हुए boli..bade बदमाश हो आप…

जमील तुरंत मीणा की होतो को एक प्यार भरे किश से सजाते हुए बोलै सच कहो तुम बी नह चाहती थी न मई जावु….

मीणा शरमाते हुए जमील को देखते हुए हम्म्म्म में जवाब दी तो जमील बोलै बोल सकती हो क्यू?.

मीणा क्या जवाब देती उसे तो जमील क जिस्म से अपना जिस्म टकराते हुए पूरी रात बितानी thi…jamil क मोठे लुंड से अपनी छूट में धमाल मचानी thi..aaj वो अपने पुरे बदन को जमील क हवाले करना चाहती thi…par इ सब बात वो खुल क जमील को बताने में अब बी उसकी मर्यादा उसे इजाजत नह दे रही thi..aur वो मैं की बात को दबाते हुए जमील से boli..bas ऐसे hi आपका साथ ाचा लगाने लगा था इसलिए…..

पर जमील अछि तरह जान गया था की मीणा अपनी मैं की बात को अपने जुबान पे लाने से शर्मा रही hai…wo बी पीछे हटाने वाला नह tha..wo मीणा क निघ्त्य को ऊपर करते हुए मीणा क एक हाथ को अपने लुंड पे सवारते हुए bola..sach बोलो तुम और चाहिए न….?

मीणा का जिस्म अब फिर से गर्माहट की ऊंचाई को चूमना छह रहा tha..wo अब अछि तरह समाज गयी थी जमील क मोठे लुंड से छुड़वाना उसकी मज़बूरी नह बल्कि उसकी जरुरत hai…uska शौक hai..ab वो अपनी ख़ामोशी तोड़ते हुए जमील क लुंड को पंत क ऊपर से hi मुट्ठी में भींच ने की कोशिश करते हुए कम्पटी आवाज़ में बोली हां है जामिलल जीई मुझे ाआउउउउरररर chhhahhhiiiyyyee..muje ाआपपक्के साट्ठह रात बिताने में बड़ी ख़ुशी hogi.,....meena ने तो हवस क नशे में तो जमील क सामने अपनी ख्वाहिशो को जताया tha…par वो भूल गयी thi…ek गैर मर्द को अपने hi घर में रात में उसके साथ सोने की दावत देना उसके जैसे शादीशुदा औरत की लिए कितना बड़ा पाप होता hai..wo सब कुछ भूल गयी थी और जमील क लुंड को मुठी में भरे हिलने की कोशिश कर रही thi..jo पंत में खड़ा होने क कारन मीणा की छोटी मुट्ठी में समां नह पा रहा था..

जमील बी अब गरम हो गया था वो जल्द से जल्द दूसरी राउंड की चुदाई की शुरुवात करना छह रहा tha..usne तुरंत अपना पंत उतरा और अपनी अंडरवियर बी उतर कर फेक दिया और मीणा को बी नंगा करने लगा तो मीणा उससे देखते हुए boli..aap बैडरूम चलो मई आती hu..meena ने इस बात को इतने नज़ाकत से कहा था की वो किसी गैर मर्द को नह बल्कि अपनी पति को केहरहि है..

पर जमील का मूड कुछ और hi था वो बिना कुछ बोले hi मीणा क निघ्त्य को पूरा ऊपर किया और मीणा की चड्डी बी उतरने laga..to मीणा समाज गयी की जमील उसे इसी वक़्त किचन में hi चुदाई की शुरुवात करना छह रहा hai…pehle तो उसे कुछ ऑक्वर्ड सा लगा फिर उसने सोचा इ पहली बार थोड़ी hi hai…pehle बी मई जमील क सामने किचन में hi आधी नंगी हो चुकी हु तो आज पूरी नंगी hi सही और उसने बिना किसी विरोध क अपने चड्डी को पर्श तक पहुंचने में जमील का साथ diya…aur जमील को hi देखते हुए बोली लगता है आज आप मुझे किचन में बी नह छोड़ोगे.. हेहेहे

जमील- है मीणा आज मई तुम तुम्हारे घर क हर कोने में छोड़ कर आज की रात को यादगार बनाना चाहता हु…

जमील की मंशा तो मीणा को पता चल गयी थी और वो खुश बी हुई thi..par उसे थोड़ा डर बी लगा क्यू की उसे जमीं पे लेते छुड़ाने की आदत नह thi…use लगा की अगर वो जमील क भरी भरकम जिस्म को जमीं पे लेते झेलना उसके लिए थोड़ा दर्दनाक होगा और वो जमील से बोली वो तो ठीक है पर यहाँ पर्श पर लेते …..मुझे दर्द hoga…aap समजे न मई क्या कहना चाहती हु…

जमील कुछ नह बोलै और मीणा को एक शरारत भरी मुस्कान क साथ देखते हुए मीणा को पलट क खड़ा किया और खुद उसके पीछे रुक का अपने मोठे लुंड को मीणा की गांड से होते हुए छूट तक सवारने लगा तो मीणा को पहले तो कुछ समझ में नहीं आया पर जैसे hi जमील का लुंड उसकी गांड से होते हुए उसकी छूट पर अपना कमल दिखने लगा तो एक्सिटमेंट क मरे मीणा की सिसकारी निकालनी शुरू होगयी thi..uski धड़कने तेज़ होने लगी thi..wo अब एक गैर मर्द क सामने अपनी मोती मुलायम गांड को खुले आम दर्शा रही thi..meena को शर्म तो बहुत आ रही थी पर वो जानती thi..agar आज वो शर्माहट क मरे अपने नंगे बदन को देख ने की कोशिश करेगी तो वो उस सुख से वंचित हो जाएगी जो सुख पाना उसका पहले से hi सपना था..

उधर जमील क आंखे अपने आप पर यकीं नह कर रही the..jamil क आँखों क सामने मीणा की मोठे कुल्लू का नंगा नज़ारा था जो आज वो दूसरी बार अपनी आँखों से लुफ्त उतारते हुए मजे करनेवाला tha..jamil मीणा की बड़े बड़े कुल्लू को प्यार से सवार रहा था





मीणा की कुल्ले इतने बड़े और तंदुरुस्त थे की जमील क एक एक हाथ में कवर नह हो पा रहे the…pehli बार उसने इतनी मोती मुलायम और दूध सी गोरी गांड को पाया हुआ tha..e कामुक नज़ारा देख उसका लुंड अब चाट की तरफ देख सलामी देने लगा था उसके हॉट मीणा क गांड क स्वाद लेने क लिए लार को टपकने लगी और जमील थोड़ा ख़म गया और मीणा क गांड पर अपनी गरम खुरदरी जुबान को फेरने लगा और मस्त मजे से पुरे गांड को चूसने लगा चूमने लगा..

जमील क ऐसे करने से मीणा बी जोश में आगयी thi..wo बी मस्त होकर अपनी गांड को धीरे से हिलाते हुए जमील क लिए समर्पित करने लगी thi…uske लिए इ नया आसान काफी रोमांचित था.. जमील की जुबान बारी बारी में उसके गांड और छूट क दोनों छेड़ो को चूसकर एक अलग hi मजा दे रहा tha..jo उसके जिस्म को ाप्रचंड आनंद की अनुभूति दे रहा tha..wo अब कमर क निचे पूरी नंगी थी और उसने अपने निघ्त्य को पेट तक उठके अपने एक हाथ में पकडे हुए उसके आधे नंगे शरीर को ढकने से रोका हुआ tha..isliye जमील मीणा क छूट और गांड क साथ मोठे मसल जांघो का बी पुरे मजे ले रहा tha…kuch देर ऐसा hi चला और जमील को अब रोकना मुश्किल हो गया तो वो खड़ा होगया और मीणा क आगे हाथ डाले मीणा क दोनों मम्मो को अपने हाथ में लिए जोर जोर से मसलने लगा..

जमील इतने जोरो से मीणा क मम्मो को मसल रहा था की मीणा को अपने मम्मो पे जलन क साथ दर्द बी होने लगा tha…par इस दर्द में बी मीणा को एक अलग hi मजा ारः tha…ek अलग मिठास का एसएस हो रहा था.. इसलिए वो बिना रोके मस्त मजे में अपने दूध को जमील क हाथो मसलवा रही thi…saath hi साथ नशीली सुंस्कारिया ले रही thi…mahhhhh जामीइलललल jiiiii…aur…jooor seee…uhhhh uhhhhhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह ैइसएइ hiiii…baahuut माज्ज्झा डडडडीररररी होओओओओ आआह्ह्हह्हुउउउउउ एआईईएससीई हीईई उफ्फ्फफ्फ्फ़…

यहाँ मीणा अपनी hi धुन में खोते जा रही थी तो वही जमील मीणा की गांड क बीच छोटे सा छेद देख कर मैं hi मैं कह रहा tha…kya मस्त गांड hai…ched तो इतना कैसा हुआ है ki..ab तक खुला hi nh…bahut मजा आएगा जिस दिन बी इसकी गांड marunga..Is बीच जमील ने अपने पंत से कंडोम निकला और उसे पहन कर …वो फिर से अपने लुंड को मीणा की गांड पर रगड़ा और लुंड को मीणा क छूट पे सेट करके पीछे से धक्का मारा तो एक दो धक्को में hi पूरा लुंड मीणा की छूट में समां गया tha..is बार लुंड अपने छूट में लेने में मीणा को ज्यादा कठिनाई नह हुई थी क्यू की, आधे एक घंटे क पहले वो जमील से अपनी छूट मरवा चुकी थी जिसका पानी अभी बी छूट में होने से वो अंदर तक गीली thi..lund असनानी से अंदर समां जाने क बाद मीणा ने एक हाथ से दीवार का सहारा लिया और दूसरे हाथ से अपनी निघ्त्य को कमर क ऊपर तक पकड़ क रखा ताकि लुंड और छूट क मिलान में निघ्त्य का पर्दा पद क कोई बढ़ा न आये..

वही जमील लुंड को पूरी तरह समां जाने क बाद अपने धक्को की रफ़्तार देने लगा लो मीणा अपनी गांड को पीछे करते हुए पुरे लुंड को जड़ तक लेने लगी thi…dono फिर से एक दूसरे क चुदाई में मग्न hogaye…jamil पीछे से धना धन धक्के मर रहा तो मीणा नशीली सुंस्कारिया लेते हुए जमील क जोश को और बढ़ावा दे रही थी..

मीणा मस्त मजे में तो चढ़ रही थी पर अब बी उसे कुछ कमी का एसएस होने लगा tha…par बढ़ते चुदाई क जोश में उसे सोचने का मौका नह मिल रहा tha..jamil का हर धक्का मीणा क बच्चेदानी तक वॉर कर रहा था साथ hi साथ मीणा को और आगे पुश कर रहा था जिससे मीणा क जंघे किचन प्लेटफार्म को टकराकर मीणा को जांघो पर दर्द का असर छोड़ने लगा. इस दर्द क बीच बी मीणा ने जमील क साथ देने में कोई कसार नह छोड़ी…

पर जैसे जैसे जमील क धक्के तेज़ तेज़ होने लगे तो मीणा अब दर्द को सहन नह कर पायी उसे लगा अगर जमील जी ऐसे hi ठोकते रहेंगे तो किचन प्लेटफार्म से टकराते हुए झंघे टकराते हुए जांघो को छिलका निकल सकता hai…apne जिस्म में एक छोटी सी बी खरोच मीणा को पसंद नह थी सो वो जमील को रुकने का इशारा करते हुए boli…plz जमील ji..ab यहाँ nh…hoga..plz रुक जावो..

पर जमील रुकने का नाम hi नह ले रहा था उसे तो मस्त मजा आ रहा tha..par इस बार मीणा ने थोड़ा ज्यादा जोर देते हुए जमील को अपने हाथो से दूर करते हुए रुकने की कोशिश की तो जमील रुक गया और पूछा क्या हुआ मीणा मजा नह आरा क्या…

जैसे hi जमील ने अपने लुंड को मीणा की छूट से निकला तो मीणा ने अपने दोनों हाथो को आज़ाद करदिया था इस वजह से मीणा की निघ्त्य बी मीणा क हाथो क बंधन से आज़ाद होकर मीणा क जिस्म को पूरी तरह कवर कर लिया tha..lekin अब बी उसकी सासे तेज़ चल रही thi..aur वो हम्पटी हुए जमील से बोली वो किचन क प्लेटफार्म मेरे जांघो से टकराकर दर्द हो रहा है..

जमील तुरंत मीणा की झांघो को देखने क लिए मीणा की निघ्त्य उठाने लगा तो मीणा उसे रोकते hue..ayyyy ह्ह्हह्ह अंदर बैडरूम में चलो दिखती हु कहकर जमील क हाथो को रोकने लगी लेकिन उसी वक़्त उसकी नज़र जमील क खड़े लुंड पे पड़ी जमील का खड़ा लुंड जो इस वक़्त कंडोम में छुपा हुआ था जिसे देख मीणा की मस्ती और बधाई और उसे कुछ सज़ा और वो तुरंत जमील क लुंड को अपने मुठी में कैद करते हुए प्यार से boli..aaj इसे मुझे बहुत प्यार से लेना hai…aap बैडरूम चलो मई दो मिंट में hi आयी कहकर जमील को बैडरूम की जाने क लिए धकेलने लगी तो जमील बी एक मुस्कान देते हुए बैडरूम में चला गया..

यहाँ मीणा एक पल अपने आँखे बंद किये हुए कुछ सोचने lagi..aur इस सोच ने उसके दिल को और धड़कने में मजबूर किया tha…q की अब वो ऐसा कुछ करने का फैसला कर चुकी thi..jo एक पतिव्रता औरत कभी सोच बी नह सकती.. मीणा का मैं कह रहा था की वो हद से पार हो रही hai….par मीणा अपने मैं पर काबू पाते हुए इ सोच रही thi..jo कुछ बी वो करना छह रही है उससे चुदाई परिपूर्ण हो जाएगी और वो बाथरूम जाके सुसु करके अपनी छूट को अचे से धोकर फिर किचन में आयी और वह पर्श पर पड़े जमील क पंत और अंडरवियर क साथ अपनी बी चड्डी उठाकर सीधे बैडरूम गयी और बैडरूम का दरवाजा बंद करके सीधे जमील क बगल में लेट गयी जो इस वक़्त अपने खड़े लुंड को हाथ में hi पकड़े मीणा की राह में बीएड पे लेता हुआ था..

बीएड पे लेट ते hi मीणा जमील क शर्ट को उतरने lagi…aur कुछ hi देर में मीणा ने बड़े सेक्सी अंदाज़ में जमील क शर्ट को उतर कर वही फेका जहा उसने बैडरूम में आते hi किचन में से जमील क पंत को लाके पर्श पर फेका tha..jaise hi जमील पूरा नंगा हुआ तो मीणा उसके छाती पे सोकर अपने होतो की मोहर लगाने लगी तो जमील थोड़ा आश्चर्य से hi मीणा को देखने लगा क्यू की आज तक तो वो दो बार मीणा को छोड़ चूका था और इस वक़्त तीसरी चुदाई जो उसने किचन में आधी अधूरी छोड़ी थी उसे अंजाम hi देने वाला tha..par मीणा ने कभी उसके छाती पे सोकर प्यार से चुम्बन नह किया था…

उसके लिए मीणा का समर्पण देख कर वो अपनी किस्मत पर बड़ा खुश होगया और मीणा क माथे पर अपना हाथ प्यार से सवारते हुए मीणा की हाथो को चुम्मी देने लगा..

अब मीणा बी मस्त मजे से एक गैर मर्द क जिस्म को चूमे जा रही थी और वो चूमते चूमते जमील क कमर तक आयी और लुंड को अपनी मुठी में पकड़ कर हिलने लगी to..ab जमील क बारी थी सिसकिया लेने ki…jaise जैसे मीणा लुंड को हिलने लगी थी वैसे वैसे जमील बी अह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह शभशहहह मीणा आज तो तुमने खुश kardiya…ahhhh कहते हुए मीणा क जोश को बढ़ाने laga…aur बढ़ते जोश क नशे में मीणा ने जमील क लुंड को कंडोम से अलग करदिया और एक नज़र जमील को देख मुस्कुराते हुए पुरे लुंड को अपनी नाज़ुक मुँह में भर क बड़े प्यार से चूसने लगी..

मीणा पूरी सिद्दत से लुंड चूसने में बिजी थी तो जमील बी पुरे जोश में अपनी कमर उठाये मीणा को मुँह चढ़ने में लगा हुआ tha…aur देखते hi देखते मीणा ने अपनी निघ्त्य बी उतर दी और घरे का नाडा बी खोल दिया तो जमील ने मीणा क घागरे को मीणा से अलग kardiya…ab दोनों हवस क पुजारी नंगे हो कर पुरे बीएड पे च गए थे दोनों बड़े मस्ती में एक दूसरे क जिस्म को सलाह सवार कर मजे ले रहे the…is बीच जमील क लुंड पूरा खड़ा होकर उसके नस नस फूलने लगे और वो किसी बी वक़्त झड़ने क लिए तैयार खड़ा हो गया था. जमील ने मीणा को लुंड चूसने से रोका और मीणा को सीधे सुलाके उसके दोनों पैरो को ऊपर करके अपने लुंड को मीणा की छूट पे सेट करके धक्का मारा तो इस बार मीणा को फिर से दर्द का एसएस hua…par उसे समझने में देर नह लगी की अब फिर से क्यू उसे दर्द हो रहा hai..wo जानती थी पहले जब जमील उसे छोड़ रहा था तो उसने कंडोम पहना हुआ tha…aur इसी वजह से कंडोम की फ़िसलाहट से लुंड को छूट में सामने क लिए जो आसानी होती थी वो अब नह है और उसने टाँगे और खोले और जमील से बोली थोड़ा धीरे डालो..





एक तो जमील पहले hi खुश था आज उसे बिना कंडोम क मीणा की छूट मरने का मौका मिला hai…aur दूसरी बात इ थी की जमील अछि तरह जनता था औरत की छूट कंडोम और कंडोम क बिना लेने में क्या फर्क होता है इसलिए वो धीरे धीरे लुंड को पुश करने laga.meena को ऐसा लग रहा था की उसकी छूट में कोई गरम कोयले को किसी रोड क सहारे अंदर घुसाने की कोशिश कर रहा है वही जमील को लग रहा था की वो अपने लुंड को किसी गरम तंदूर क भट्टी में घुसाने की कोशिश कर रहा hai.is गर्माहट क मरे दोनों का जिस्म पसीने से भरा हुआ tha..fir बी दोनों एक दूसरे क पसीना को पूछते हुए अपनी पूरी कोशिश लगा रहे थे लुंड और छूट क मिलान क liye....meena बी अपनी दर्द को झेलते हुए अपनी टंगे पूरी खोलकर जमील क लिए रास्ता बनाने लगी और कुछ hi देर में लुंड मीणा की छूट को चीरते हुए अपनी मंज़िल को पार कर चूका tha…aur धक्को की रफ़्तार फिर से बडगई और एक धना धन चुदाई की शुरुआत हो गयी…





अब लुंड मीणा क छूट क अंदर बहार होते वक़्त चिपक चिपक की आवाज़ पुरे रूम में गूंजने लगी थी जिसे सुनकर मीणा और बी ज्यादा कामुक होते हुए उसके चेहरे क एक्सप्रेशन बी कुछ ऐसा hi कामुक नज़ारे से भर गया tha..meena अब नशीली सुंस्कारिया लेते हुए जन्नत की सैर कर रही thi..bina कंडोम क छुड़ाने में उसे एक अलग hi मजा आरहा tha..pehli बार वो इतना सुख का अनुभव करने लगी thi..uski खुशियों की कोई सीमा नह thi..bas थप थप आवाज़ करता हुआ लुंड उसकी छूट क घेहरायी को छू रहा tha…pehli बार वो लुंड को इतनी गहरायी तक महसूस करके जिंदगी असली सुख उठाने लगी thi..ahhhh छोड़धह्ह्होऊ जमील जीईईई अह्ह्ह्ह आइससआ सुउउक्खहह का ाअणुऊभाहाववव kyaa…majaaaa हैई aaappke…chudayi मई ओह्ह्ह्ह मैई तूई पागलल होऊ राहिणी हूउउ….. mastttt.ahhhh…meena की नशीली मादक भरी बातो से जमील पुरे जोश में मीणा की चुत की चुदाई कर रहा था मीणा की मम्मो को चूस चूस कर काट रहा tha…dono बेफिक्र होक एक दूसरे में दिल से समां गए the…kareeb 15 मीन्स जमील ने एक hi पोजीशन में लगातार मीणा की चुत की चुदाई क बाद उसने मीणा क टैंगो को छोड़ दिया और सीधे मीणा पर लेट क चुत मरने लगा और इसके बाद जमील ने फिर उसे 10 मीन्स तक छोड़ा और मीणा की ीचा क अनुसार अपने प्रेमरस को मीणा क छूट को भर diya.is बीच मीणा दो बार झाड़ चुकी tgi...aur जैसे hi जमील का लुंड …मीणा की छूट में गरमा गरम पिचकारी मरने लगा तो मीणा अपनी आंखे बंद किये इस अद्भुत आनंद को अपने नस नस में उतारते हुए मदहोशी में खो गयी..

उस रात जमील और मीणा ने रात क 3 बजे तक और दो बार चुदाई की फिर दोनों थख कर एक साथ बहो में बहे डेल नंगे hi सो गए. मीणा आज की चुदाई से इतनी संतुष्ट थी की उसे याद बी नह था की उसके पति ने उसे फ़ोन किया हुआ था और उसने फ़ोन तक रिसीव करना जरुरी नह समजा tha…wo भूल गयी थी की… जिस बीएड पे उसके साथ सोने का हक़ सिर्फ उसका पति hi रखता है आज उसी बीएड पे वो एक गैर मर्द क बहो में बहे डेल नंगी सोई हुई hai…aaj जितना उसे सेक्स में मजा मिला था शायद उतना मजा उसे कभी नह आया tha…pehli बार उसका मैं कामतृप्ति में संतुष्ट नज़र आरहा था..

अगले दिन जब तक मीणा का पति लौट ता तब तक दोनों ने फिर से दो तगड़े शॉट लगा दिए थे और उसके बाद जमील चला gaya..aur मीणा सब ठीक थक करके दोपहर को अपनी थाखाम दूर क लिए sogayi…kuch देर क liye…kareeb 4 बजे जब उसका पति आया तो मीणा ने उसके लिए कोल्ड शरबत बनके diya..aur गांव क बारेमे बात करने लगी नार्मल होकर…

अब आगे क्या होगा इ कल पोस्ट होगा

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अगले दिन जब तक मीणा का पति लौट ता तब तक दोनों ने फिर से दो तगड़े शॉट लगा दिए थे और उसके बाद जमील चला gaya..aur मीणा सब ठीक थक करके दोपहर को अपनी थाखाम दूर क लिए sogayi…kuch देर क liye…kareeb 4 बजे जब उसका पति आया तो मीणा ने उसके लिए कोल्ड शरबत बनके diya..aur गांव क बारेमे बात करने लगी नार्मल होकर…

आगे,------

कपडे बदल कर शरबत पिटे पिटे मीणा क पति ने नोट किया था की उसकी प्यारी बीवी यानी मीणा की चल में आज कुछ अलग hai..use शक तो नह हुआ पर लगा की मीणा का पेट दर्द अभी बी काम नह हुआ है और इसी दर्द क मरे उसके चल में बदलाव है और उसने मीणा से पूछ लिया

पति- मीणा लगता है तुम्हारा पेट दर्द अभी काम नह हुआ…

मीणा पति को देख हलकी से मुस्कुराते हुए बोली नह तो अब तो मई बिलकुल ठीक हु..

मीणा की इस जवाब से उसका पति संतुष्ट नह था वो बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै मुझे तो ऐसा नह लगता, आज तुम्हारी चल से hi पता चलता है की तुम दर्द को छुपाने की कोशिश कर रही हो…

पति की इ बात सुनते hi मीणा थोड़ी चौक गयी thi..wo खुद बी जानती थी कल रात से सुबह तक जमील क मोठे लुंड से उसकी चुत छिलने क वजह से उसे चलते वक़्त जलन होने क वजह से उसके चलने की चल में थोड़ी बदलाव तो आया होगा पर उसने कदापि नह चाचा था की उसका पति इ सब ऑब्सेर्वे karega…meena को थोड़ा डर बी लगा कही पति और कुछ न पूछ ले जिससे उसकी चोरी पकड़ी जाए इसलिए वो मानसिक टूर पर अपने आप को तैयार करके रिलैक्स होकर boli..are नह तो ऐसा कुछ बी nh…wo..date होने क वजह से आपको ऐसा लग रहा होगा…

मीणा क पति क मैं में शक की कोई गुंजाइश नह थी इसलिए वो मीणा क बातो पर यकीं कर बैठा और प्यार से मीणा को hi देखने laga..aur उसे लगा की शायद मीणा उसे बुरा न लगे इसलिए अपना दर्द छुपाने की कोशिश कर रही है और वो गौर से मीणा को देखा to..meena क चेहरे पर रोज़ाना की तरह मुस्कान तो थी पर आज वो उतना फ्रेश नह लग रही थी जितना वो डेली लगती thi..aur उसने फिर से मीणा से पूछा लगता है मीणा तुम्हारी रात की नींद बी ठीक से नह hui…Dekho तुम्हारे इ आंखे काले पड़े हुए hai…thik से नींद न होने क वजह से….

मीणा मैं hi मैं बोली अब आपको क्या batavu…aur वो पति को जवाब देते हुए boli..ha इ बात मानती हु कल पूरी रात मुझे ठीक से नींद नह आयी सुबह सुबह आंख लग gayi…meena ने इस बार थोड़ा बहुत सच को बी पति क सामने बयां किया..

पर उसका पति समजा मीणा अकेली रहने से नींद नह आयी पर इस सच बात से वो अनजान था की कल पूरी रात उसकी प्यारी बीवी मीणा एक गैर मर्द क साथ अपने जिस्म की मरम्मत करने में लगी थी…

और उसने मीणा से पूछा है एक बात पूछना भूल गया की कल तुमने मेरे फ़ोन बी रिसीव नह किया q?…pata hai..mai और माजी कितना परेशां हो गए थे .

पति की बात सुनते hi मीणा को अपनी गलती का एसएस हुआ था उसे याद आया की जिस वक़्त उसका पति का फ़ोन आया था उस वक़्त वो घोड़ी बन कर बगल में स्तिथ दीवाना छोत पे जमील से अपनी छूट मरवाने में व्यस्त थी. …वो मैं hi मैं बोली उस वक़्त मई कैसे आपका फ़ोन रिसीव करती थी उस वक़्त तो मई …जमील जी क साथ एक नया आसान पहली बार तरय कर रही thi…uske बाद मई इतनी मग्न हो गयी थी की मुझे कुछ बी याद नह रहा हेहेहे और वो अपने चेहरे पे मुस्कराहट लाते हुए पति से boli…wo मैई उस वक़्त …मेरी थोड़ी आँख लग गयी थी. ….

मीणा पति और कुछ बोलने hi वाला था मीणा उसे रोकते हुए बोली आप ट्रेवलिंग करके थक गए honge..kuch देर रेस्ट लो कहते हुए मीणा शरबत का गिलास उठाकर किचन में चली गयी.…

कुछ देर बैठने क बाद मीणा का पति बैडरूम चला गया और बीएड पर लेट गया, जिस बीएड पे उसकी प्यारी पत्नी कल शाम से 6 बार एक गैर मर्द क साथ मस्ती में चुद चुकी hai…jiski गर्माहट अब बी वो बीएड झेल रहा hai…is बात से अनजान वो अपनी तखन दूर करने क लिए सोगया..

इधर किचन में कड़ी मीणा यही देख रही थी कब उसका पति अंदर बैडरूम में सोने जाए और वो कब आके बहार दीवाना पे लेट जाए अपनी मस्ती भरे तखन को दूर करे. ..जब उसने देखा की उसका पति बैडरूम जा चूका है वो हलके पाँव बहार आयी और दीवाना पे लेट क मैं hi मैं boli..ab क्या क्या बतावु मेरे पतिदेव आपको कल रात को मैंने क्या क्या किया …कैसे जमील जी ने मेरे एक एक अंग को मसाला कैसे जमील जी क मोठे लुंड ने मेरी प्यास bhujayi..kaise बतावु आपको की जमील जी क मोठे लुंड से पूरी रात अपनी छूट की खुजली मिठाते rahi…soch कर hi जिस्म कांप रहा hai…jee कर रहा hi की अब बी जमील जी क पास चली जावु और नंगी होकर उनसे लिपट कर सोजावू …. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सच में बहुत कमल क मर्द है जमील ji..itna मजा देते है की रुकने का नाम लेना बी पसंद NH..apne आँखों क सामने जमील का चेहरा याद करते hi वो बी सो गयी…

उस दिन रात तक कुछ खास नह हुआ मीणा और उसके पति डिनर करके सोने चले gaye..par मीणा को थोड़ा डर बी tha..agar उसका पति उसके साथ सेक्स करना चाहे तो वो क्या karegi…use इस बात का डर था की कही उसकी फटी हुई छूट को देख कर पति को शक न ho..aur वो इसी डर क मरे अपने आप को तसल्ली देते हुए पति क बगल में लेट gayi..bagal में सोये पति को बी आज सेक्स करने का मूड था क्यू की पिछले 4-5 दिन से उसने मीणा क साथ सेक्स नह किया tha..par जब उसे ख्याल आया की उसकी बीवी की डेट होने से पैर दर्द है तो उसने अपने मैं को इस बात से डाइवर्ट किया और सो गया…

पर बगल में सोई मीणा की नींद आज उससे रूत चुकी thi..par वो इस बात से खुश थी की उसका पति का मूड नह बना और वो फिर से जमील क साथ गुजरे एक एक पल को याद करने lagi..meena क आँखों क सामने अब वही नज़ारा था जो वो कल रात इसी वक़्त जमील क साथ कर रही thi..meena एक बार सोते हुए अपने पति को देखि और फिर दूसरी तरफ मुद क सोते हुए सोचने lagi…kaash आज बी पति नह आते तो शायद इस वक़्त बी मई जमील जी क साथ नंगी सोई होती और जमील जी का मोटा लुंड मेरी छूट की खबर ले रहा hota…ahhhhh कितना मजा आता है जमील जी क लुंड से छुड़वाने में …ऐसा सुख जिसे आज तक मैंने कभी नह पाया …कैसे उन्होंने मुझे देर रात तक 4 बार thoka…wo बी मस्ती me..mere पारी एक बार करते है तो 4-5 दिन तक फिर मुँह मोड़ क नह dekhte…aise में जमील जी ने सिर्फ एक hi रात में 4 बार, सच में बहुत ताकतवर है जमील ji….jamil जी का छोड़ो मुझे इ यकीं नह हो रहा है की मई कैसे एक hi रात में 4 बार चढ़ gayi…shayad मेरी दबी हुई वास्सना क वजह से? ya…shayad मेरी पति से न बहुजनेवाली मेरी प्यास se?….jo मुझे बी जमील क साथ देने से रोक नह paayi..jamil जी ठीक hi कहते hai..shayad मेरा इ जिस्म बहुत सेक्सी hai…aur इसको सेक्स की बहुत जरुरत hai…isliye तो कल रात से आज दोपहर तक जमील जी से 6 बार चुदाई करने क बाद बी मेरी प्यास नह भुजी hai..aur अब मई फिर सेक्स क लिए तैयार hu..kitna अनमोल पल था वो जब मैंने पहली बार जमील जी का वीर्य को अपनी छूट में महसूस किया tha…waaaahhhhh उम्म्म्म कितना गरम और डेढ़ सारा virya..aaj तक मैंने अपनी योनि में कभी नह पाया tha..meri योनि तो जमील की वीर्य से भर hi गयी thi..mai बयां बी नह कर sakti…ek hi रात में जमील जी ने वो सब मुझे सिखाया जो मेरे पति 14 साल से नह सीखा paaye..sach में जमील जी आप बहुत अचे हो मई hi पागल थी जो पहले आपके प्यार को ठुकरा रही thi…par अब नह जमील जी अब मई बी आपको बहुत प्यार dungi…aap सही हो जमील जी दो जिस्म में मिलान का जो मजा है सुख hai..wo किसी और चीज़ में नह… ..इ सब सोचते सोचते मीणा फिर से पूरी तरह गरम होगयी thi…par वो इस वक़्त अपनी बढ़ती गर्मी को और बढ़ावा देना नह चाहती थी उसे अछि तरह पता था की बगल में सोया हुआ उसका पति उसकी गर्मी को शांत नह कर सकता और वो अपने ख़यालात को दूर करते हुए धीरे धीरे नींद की अघोष में चालीगयी.

अगले दिन जब उसकी नींद टूटी तो सुबह क 6 बज गए the…uska पति बगल में सोया हुआ tha…jise देख मीणा फिर से फ्लैशबैक में चालीगयी

फ्लैशबैक

(जब वो जमील क साथ रात को 3 बजे तक छुड़वाकर सगाई थी)

सुबह 8 बजे क करीब मीणा की नींद खुली और उसने देखा की वो पूरी नंगी hi hai..aur जमील उसपे एक हाथ डेल हुए नींद क अघोष में है, मीणा कल रात की जमील क साथ बाईट हसीं पल को याद कर्ली, कल रात वो जमील क साथ पूरी नंगी hi सोई thi…e बात याद आते hi उसका चेहरा शर्म से लाल होगया tha…wo सोचने lagi…shaadi क बाद से से लेकर कल तक मई कभी अपने पति क साथ बी इस तरह नंगी नह सोई पर पता नह जमील में ऐसा क्या है की मुझे उनके साथ नंगी होकर सोने में थोड़ी बी शर्म नह aayi..…aur उसने शर्म क मरे अपने हाथो क सहारे अपने आंखे बंद किये और इस पल का आनंद दिल hi दिल में उठाने lagi…use आज की सुबह बहुत अछि और सबसे अलग एक नयी सुबह लग रही thi…use ऐसा लग रहा था की एक नयी दुल्हन सुहाग रात करके सुबह नंगी hi उठी hai…aur वो धीरे से आंखे खोलते हुए जमील क हट्टे काटते शरीर पर नज़र दौड़ने lagi…aur जमील क हट्टे काटते काले बदन को देख कर मैं hi मैं बोली कितना तगड़े मर्द है जमील ji…kaash मेरे पति बी ऐसे तगड़े होते तो कितना मजा aata…meena कुछ सोच hi रही थी.. मीणा की नज़र जमील क लुंड पे padi…jo अभी मुरझा हुआ tha..par मुरझा होने पर बी जमील क लुंड 5-6" क करीब tha..meena जमील क लुंड को एक जुट हो कर hi देखते रही और मैं hi मैं सोचने लगी क्या इ वही हथियार है जिसने कल पूरी रात मेरी योनि को बेदर्दी से बजाय. क्या इ वही हथियार hai..jise मैंने मुँह में लेके लॉलीपॉप की तरह चूसा tha…ahhhhhhh क्या मस्त सन था वो अब बी मैं कर रहा है मुँह में भर क चूस लू क्या स्वाद था बहुत मजा आया मुझे चूसने me…pehli बार hi सही मई कितनी सिद्दत से चूस रही थी उनका hathiyar....wahh कितना मोटा और तगड़ा हथियार है मेरे पति का खड़ा हथियार बी जमील क मुर्ज़े हुए हतियार का कपरिसों नह कर सकता…

लुंड देखते hi देखते मीणा क रोंगटे खड़े होने लगे थे उसका मुँह खुल ने लगा tha…wo अपनी जुबान को अपने होतो पे फेरने lagi..uske नस नस में खून का संचार तेज़ी से होने लगा tha…use अपनी छूट में ज्वालामुखी ुभलते हुए एसएस hua..aur वो अपने आप पर काबू प् न सकीय और जमील को फिर से लपेट कर सगाई और जमील क लुंड को मुठी में लेके हिलने लगी….

मीणा क इस हरकत से जमील की बी नींद टूट गयी थी और उसने अपने आँखों क सामने मीणा का चेहरा देखा जो इस वक़्त सेक्स लिए तड़प रहा tha..jamil क लिए ा इ मौका खास नज़र आया था इसलिए उसने बिना देर किये hi मीणा की होतो को अपने होतो क बंधन में गिरफ्त किया…

मीणा तेज़ी से जमील क लुंड को आगे पीछे करते हुए होतो को चूस रही थी वही जमील मीणा क होतो को चूसते हुए अपने छाती से दबे मीणा क बूब्स को बेरहमी से मसलने लगा tha..meena अब पूरी मस्ती में लुंड को मुठियाते हुए अपने होतो को चुसवाते हुए दर्द और नशा मिश्रित सिसकारी लेने लगी thi…jiski आवाज किश क वजह अंदर hi अंदर डाब रही thi…dono फिर से एक दूसरे क बदन को प्यार से सवारते हुए अपनी सुबह सुबह की चुदाई की शुरुआत करने क लिए गरम हो hi रहे थे मीणा की फ़ोन की घंटी ने दोनों को एक पल रुकने क लिए मजबूर किया था…

मीणा जमील से अलग होकर अपनी मोबाइल पर नज़र डाली तो उसका पति का फ़ोन tha..ek पल क मीणा पति का नाम स्क्रीन पर देख क डर गयी कही पति वापिस तो नह आये और उसने अपने शक दूर करने क लिए जमील को बैडरूम की खिड़की से झांक कर बहार देखने को कहा तो जमील बी बिना देर किये खिड़की से बहार देख कर मीणा को इशारा किया की कोई नह hai…waise मीणा इ बात पहले hi जानती थी की उसका पति दोपहर क बाद hi लौटने वाला hai…fir बी उसने अपने मैं में कोई शंका न हो इसलिए जमील को खिड़की से देखने को कहा था ..और जब उसे यकीं हुआ की पति नह आया है तो उसने फ़ोन उठाया और hello कहा…

पति- अरे कहा थी tum..phone उठाने में इतनी देर क्यू लगायी… तुम ठीक तो होना पति मीणा का ख्याल जताते हुए पूछा..

सच बात तो इ थी की इस वक़्त मीणा अपने पति से बात करने की मूड में नह thi..use इस वक़्त किसी और चीज़ की hi जरुरत thi..aur उसे पाने क लिए hi तो वो सुबह सुबह hi जमील क साथ लग गयी thi..par वो पति से बात किये बिना बी नह रह सकती thi…usne कुछ सोचा और boli..ha वो मई नहाने क लिए बाथरूम गयी थी…

पति- ok तुम्हारा नाश्ता हुआ क्या

मीणा- नह अब करना है…

मीणा पति से तो बात कर रही थी पैर उसका एक हाथ अब बी जमील क लुंड को धीरे से मुठियाने बी बिजी tha..par वो ाचा तरह जानती थी इस तरह पति क साथ बात करते हुए वो जमील क लुंड को खड़ा नह कर सकती उसने कुछ सोचा और पति से boli..mai बाथरूम से आधे कपडे में hi आयी hu…pehle जरा मई नाहा लू प्ल्ज़..

मीणा का पति को बी लगा इ ऐसे आधे नंगे उसकी बीवी क साथ फ़ोन पर बात करना ठीक नह है और वो बोलै ठीक है बाद में फ़ोन करना

मीणा- ok पर आप कब तक आ रहे हो…

पति- दोपहर तक आजावूंगा

मीणा- ठीक है तो फिर रखती hu…bye…

फ़ोन काट ते hi मीणा फिर से जमील क तरफ प्यार से देखि और उसके लुंड को मुठियाना छोड़ क अपने मुँह में भरके बड़े प्यार सुर सिद्दत से चूसने lagi…meena क लिए इ उसकी जिंदगी का पहला ऐसा मौका था जो वो सुबह सुबह लुंड चीसाई क साथ अपनी छूट मरवाने जा रही thi…isse मीणा काफी एक्सीटेंड बी thi…aur इसी एक्सिटमेंट क मरे वो जमील क लुंड को चूस चूस कर खड़ा करने में कोई कसार नह छोड़ रही thi…jab जमील क लुंड चुदाई क लिए काबिल बन गया तो मीणा बगल में लेटकर अपनी टंगे खोल क जमील को चुदाई क लिए दावत di…jise बखूबी से जमील ने स्वीकार कर कुछ देर मीणा की छूट की चुसाई की फिर एक दूसरे में समां कर लुंड और छूट की खुजली को मिठाने लगा…

मीणा फ्लैशबैक से हक़ीक़त में आगयी thi..aur वो अपने सोते हुए पति को देख कर मैं hi मैं boli..ek आप ho..jo हफ्ते में एक बार बी करते हो वो बी 5-6 मीन्स क लिए और एक वो है जमील ji…jinhone सुबह उठने क बाद बी मुझे नह जाने दिया बिना चिदायी k…kaise उन्होंने सुबह सुबह आधे घंटे से ज्यादा मेरी छूट maari…wah कितना मजा आरा था मुझे सुबह सुबह छुड़वाने में …..कुत्ते की तरह छोड़ा उन्होंने muje…aur मई कितनी मजे से उनसे छुड़वा रही thi…subh सुबह चुदाई की थप थप आवाज़ कानो को कितना मीठा लगता hai….kaash जमील जी आप मेरे पति होते तो मई हर दिन आपसे सुबह छुड़वाकर hi दिन की रोशनी को dekhti..meena ने हवस क नशे में चूर होक तो इ बात सोच ली थी पर वो नह जानती थी की अब उसके पति क लिए उसके दिल में जगह काम होती जा रही है और वो पर पुरुष से आकर्षित होते जा रही है… तभी उसे याद आया की मई क्यू अपना वक़्त बर्बाद कर रही hu…jald से पति क लिए टिफ़िन और ब्रेकफास्ट की तैयारी करके पति को काम पे भेज देती hu..unke जाते hi जमील जी आएंगे hi na…aaj मस्त मजा karlungi…fir से…

और वो बीएड से उठाकर नहाधोकर फ्रेश हुई और पति क लिए टिफ़िन और ब्रेकफास्ट क तैयारी करने lagi..aur जब उसका पति उठ क फ्रेश होने बाथरूम चला गया मीणा ने तुरंत अपना मोबिल उठके जमील को मश्ग सेंड किया…

कुछ hi देर में उसका पति फ्रेश होकर ब्रेकफास्ट करके ऑफिस क लिए निकल गया तो जमील ने अपनी एंट्री दे दी thi…aur उस दिन दोपहर तक जमील और मीणा ने खूभ मजे लेते हुए 3 तगड़े शॉट से अपने कामवासना को संतुष्ट करने की कोशिश ki…jamil दोपहर का लंच मीणा क साथ hi करके चला gaya…dono ज्यादा रिस्क लेना नह चाहते थे इसलिए दोनों ने अपनी काम क्रीड़ा को दोपहर तक hi सिमित रखा था..

इसके बाद इ सिलसिला हर दिन चलता रहा इसी क चलते मीणा बहुत बारीकी से अपने पति की चलवलन पर अपनी निगाह राखी हुई थी साथ hi साथ वो अपने आस पडोसी पर बी नज़रे रखती thi..is वजह से जमील क साथ मिलके उसे जिस्म का खेल खेलने में ज्यादा कठिनाई नह होती thi..is बीच जमील ने अपनी सचाई बी मीणा क सामने बयां किया हुआ था, पर हवस क नशे में चूर मीणा की इस बात का बुरा बी नह लगा tha..use जमील से जो जिस्मानी सुख मिल रहा था उससे वो एक खतरनाक क्रिमिनल को बी अपना यार मान बैठी thi..use ख़ुशी थी की जमील ने उससे सच नह chupaya.,aur वो जमील क प्रति और बी ज्यादा आकर्षित हो गयी थी..

उनका हर मिलान प्लांड होता tha..isliye मीणा का पति या आस पडोसी में से कोई बी मीणा और जमील क रिश्ते पर शक नह कर पाए थे …पर शायद मीणा भूल गयी thi..billi को दूध पीते कोई न कोई किसी न किसी दिन पकड़ hi lega….is बात से अनजान वो अपनी जिस्म की मरम्मत करने में व्यस्त थी…

इधर मीणा और जमील की रासलीला बिना कोई रूकावट क हर दिन चल रही thi..dono एक दूसरे क में पूरी तरह समां गए the…dono क बीच अब लाज शर्म कोई बी मायने नह रखता था खास करके मीणा क लिए. अब मीणा नंगी होने से बिलकुल बी शर्माती नह thi..wo जमील क सामने हमेशा नग्न रूप में hi प्रस्तुत हो जाती थी…

पर पता नह इनदोनो की रासलीला पर किसकी नज़र लग गयी thi..udhar जमील क गांव में जमील पर जो दूसरा केस चल रहा था वो विटनेस की कमी क वजह से वीक होते जा रहा tha..isi क chalte..judge सब किसी बी वक़्त जमील क खिलाफ अरेस्ट वारंट इशू कर सकते थे और जमील को दो- तीन साल क जेल शिक्षा बी होसकती thi..fir बी जमील क वकील ने बहुत बारीकी से इस केस को हैंडल किया हुआ था और उसे जमील को निर्दोषी साबित करने क लिए झूटी गावै की सृष्टि करने में कुछ मोहलत की जरुरत थी..

और एक दिन जमील को सुबह सुबह उसका वकील का कॉल आया और वकील ने जमील को सब कुछ बता दिया. पहले तो जमील वकील पर बहुत छिड़गया और उसे अपनी भाषा में गालिया बी sunadi…par पूरी बात समझने क बाद उसे बी लगा की इसमें वकील की कोई गलती nh..jamil बी जनता था उसका वकील उसका वफादार है इसलिए उसे वकील क बात सुनने क आवला कोई और रास्ता बी नज़र नह आया और वो वकील से pucha..chalo ठीक है अब आगे क्या करना है मुझे बोलो…

वकील- भाई अब केस इस हद तक पहुंच गया hai..ki इ जानते हुए बी आप तड़ीपार ho…aapke खिलाफ नॉन बैलब्ले वारंट इशू हो सकता hai…aur इसी क चलते आपका मोबाइल और कार का नंबर ट्रेस करके आपका प्रेजेंट लोकेशन बी ट्रेस किया jayega..isliye बेहतर यही है की अब आप जहा बी हो तुरंत आज hi उस जगह को छोड़ दो …और किसी ऐसे जगह पे अपना सिम निकल क फेक दो जहा आप पहले कभी गए बी नह हो…

जमील वकील की बात को सुनकर बोलै वो तो ठीक है पर कार का क्या करू उसे कैसे ….उसे तो तोड़ क फेक नह सकता

वकील जमील की बात सुनकर कर बोलै उसकी चिंता आप मत karo..mai एक जगह बरता हु वह पे आप कार रख लो इधर से मई कुछ आदमियों को भेजकर किसी न किसी तरह कार को शहर में लेक खड़ा kardunga…isse पुलिस लोग बी गुमराह हो जायेंगे…

जमील जनता था इ सब काम तो वकील करलेगा पर उसके लिए मुश्किल था की वो फिर से वकील या किसी और से कैसे कांटेक्ट rakhega…aur उसने इ बात बी वकील को पूछ hi लिया to..vakeel ने उसे कहा की जब आप कार छोड़ने आवोगे तो वही आपको दूसरा सिम और मोबिल milega…par है प्ल्ज़ aap..us मोबाइल से ज्यादा किसी से बात मत करो.. पुलिस को थोड़ी सी बी खबर मिल गयी to..saara खेल बिगड़ jayega…samje न आप..

वकील की बात क पीछे सचाई को जमील अछि तरह से तो समाज गया tha…par उसे मीणा से दूर रहना बहुत मुश्किल tha..aur उसने अपनी मुश्किल को दूर करने को कोशिश करते हुए वकील से पूछा क्या इ सब मई इसी शहर में रुक नह कर sakta…jamil ने बड़ी आशा रखते हुए वकील से पूछा था…

पर वकील ने मन करते हुए कहा अरे नह भाई अगर ऐसा होता तो मई इ सब नह kehta..aapka उस शहर को छोड़ना उठा hi जरुरी है जितना आपको जेल जाने से बचने में मुझे जरुरत है…

जमील छोटा मुँह करते हुए bola..par वकील कोई तो रास्ता होगा…

जमील की बातो से वकील को बी थोड़ा बहुत समाज आया था की जमील को उस शहर में कोई तो ऐसा मिला hai..jise जमील छोड़ना नह चाहता और वो मज़ाकि अंदाज़ में बोलै क्या bhai…waha कोई ऐसा मिल गया क्या जिसे आप छोड़ना नह चाहते ho…jarur कोई नयी मुर्गी hogi…hahaha

जमील है वकील एक ऐसी मुर्गी हाथ लगी hai…jo सोने का अंडा देती है

..जितना बी खावु और खाने का मैं करता है….

वकील- भाई पैसे साटेंगे तो और बी मुर्गी मिलजाएगी…

जमील- अरे नह वकील इ ऐसी मुर्गी नह जो पैसो क डैम पर खरीद sake…lakho खर्चा करने पर बी ऐसी मुर्गी नह मिल sakti…tum नह संजोगे छोड़ो…

वकील- अगर आप कह रहे है तो मुर्गी ख़ास hi hogi…par भाई उस मुर्गी को बाद में बी खा सकते na..agar पुलिसवालो ने आपको ट्रेस करलिया तो जेल में मुर्गी तो क्या घर क दाल बी नसीब नह hogi…soch लो भाई…

जमील कुछ सोचकर है वकील तुम सही कह रहे ho…waise कब तक निकलना है मुझे…

वकील- मई तो कहता हु आज hi निकलो, बल्कि आज hi नह अब hi niklo..aur मेरे कॉल कट होते hi अपना मोबिल बी स्विच ऑफ karlo…baaki का मई संभल lunga…aur फिर दोनों क बीच पूरी बात होने क बाद कॉल कट गया और जमील ने तुरंत अपना मोबिल स्विच ऑफ करदिया.

जमील ने अपनी घडी देखि तो सुबह क 9 बज रहे the..wo मैं hi मैं सोचने लगा इस वक़्त तो मीणा मेरा इंतज़ार कर रही होगी, क्या करू मीणा क पास जावु या nh…nh नह ऐसे बिना बताये जावूंगा तो मीणा अगली बार मुझे हाथ तक लगाने नह degi…waise मीणा से क्या छुपाना, उसे तो मेरे बारे में सब कुछ पता hai…waise बी एक दो महीने की बात hai..tab तक तो केस रफा दफा होजायेगा और उसके बाद मीणा क साथ फिर से मजे udavunga….jamil अपने आप को तसल्ली तो दे रहा था पर उसका मैं में उदासी बी छायी हुई thi…Wo जल्द से जल्द तैयार हुआ और मीणा क घर क लिए निकल पड़ा.

वही मीणा बी रोज़ाना की तरह जमील का hi इंतज़ार कर रही thi..ab मीणा को बी कोई डर नह था की जमील कब आये और कब बी चला jaaye..in 15 दिन में जमील का मीणा क परिवार क साथ इतनी नज़दीकिया बाद गयी thi..meena क पति को बी पता था क जमील उसके गैर हज़ारी में उसके घर आता है और उसकी प्यारी बीवी क हाथो बनाये ब्रेकफास्ट करता है कभी दोपहर लंच क लिए बी आता hai…par उसे इस बात से कोई फरक नह पड़ता tha..q की इस बात को खुद जमील या मीणा hi उसे बता दिया करते the..taaki उसको शक न ho..meena और जमील ने उसके पति क सामने ऐसा नाटक रचा हुआ था की उन दोनों क भाभी और देवर का पवित्र रिश्ते कण आम देने में कामयाब हो गए थे.. इसलिए मीणा क पति ने कभी उनपर शक नह किया tha..par देवर और भाभी क पवित्र रिश्ते क नाम पर दोनों उसके पीठ पीछे जिस्मानी सुख का नाज़ायज़ रिश्ता को निभा रहे है इसका थोड़ा सा बी अंदाजा मीणा क पति को नह tha..…aur मीणा क पति क मैं में शक की कोई गुंजाइश नह थी क्यू की वो अपनी प्यारी बीवी पर हद से ज्यादा यकीं करता tha..aur जमील ने 50000 हज़ार जैसे बड़ी रकम बिना मांगे hi देकर मीणा क पति का विश्वास hi जीत लिया था…

उस दिन जमील 9.30 क करीब आया तो मीणा ने उसे पूछा क्या हुआ आज लेट क्यू होगये..

जमील- सच बात को छुपाते हुए बस ऐसे hi थोड़ा लेट उठा….

मीणा- शायद आज आप भूल गए की किसी को सुबह सुबह आपके साथ ब्रेकफास्ट बी करना होता hai…aur उसके baad….kehte हुए मीणा जमील को देख कर हस्ते हुए किचन में चली गयी…

दरअसल पिछले 10-15 दिन से मीणा और जमील क ा इ रोज़ाना था की जैसे hi मीणा का पति ऑफिस जाता था तो 8.30 से 8.45 क बीच जमील आजाता और उसके बाद दोनों किचन में बैठ क ब्रेकफास्ट करते और उसके बाद मीणा बहार जाके दरवाजा बंद करलेती और उसके बाद दोनों बैडरूम में नंगे होकर दोनों मस्त मजे में अपनी जिस्म की प्यास भुजने में कोई कसार न chodte..aur एक राउंड की चुदाई क बाद मीणा किचन जाके बर्तन साफ़ करलेती और फिर आके जमील से क साथ बिस्टेर बात leti…aur इ चुदाई का खेल तब तक चलता जब तक दोपहर लंच का टाइम न ho..is बीच मीणा ने अपना रूटीन में बी चंगेस किया हुआ tha..wo सुबह जल्द उठकर hi ब्रेकफास्ट और पति क टिफ़िन क साथ दोपहर का लंच बी बना लेती इसलिए उसे दोपहर तक जमील क साथ सोने से कोई फर्क नह पड़ता था और ज्यादा वक़्त बी मिलता था प्रेम सलप क liye…dopahar तक की चुदाई क बाद जमील कभी कभी चला जाता था पर कभी शाम तक रुक मीणा की चुदाई करता tha..e सब सिचुएशन क अनुसार दोनों तैय करते the…agar मीणा को लगता था की आज उहने कोई डिस्टर्ब कर सकता है तो जमील दोपहर को hi चला जाता tha..aur कोई डिस्टर्बेंस का चांस नह तो लंच क बाद बी शाम तक दोनों एक दूसरे क बहो में नंगे चिपक कर अपने कामक्रीड़ा का मजा लेते…

इ सब तो कल तक की बात thi…par आज बी मीणा इसी उम्मीद से किचन में जाके ब्रेकफास्ट गरम करने लगी थी और जमील उसके पीछे किचन में आकर चेयर पे बैठ गया tha..aaj बी उसके सामने वही मटकती हुई मीणा की गांड thi...jise वो पिछले कई दिनों से मसल मसल कर उसका रंग बदल चूका hai…use इ सोच कर बुरा लग रहा था की मीणा की इ मटकती गांड का नज़ारा कल से एक दो महीने क लिए उसके आँखों क सामने से गायब हो jayega…wo अपनी hi सोच में खोया हुआ था..

पर मीणा इस बात से अनजान थी इसलिए वो पुरे मूड में thi..wo पिछले 15-16 दिनों से जमील का लुंड काम से काम 30-40 बार खा चुकी थी पर फिर बी उसे हर दिन सुबह उठाते hi जमील क मोठे लुंड की जरुरत महसूस होती thi…din में 3-4 बार जमील का लुंड अपने छूट में लिए बगैर उसे चैन नह आता tha..aur वो आज बी उसी मूड में thi..is बीच ब्रेकफास्ट गरम होते hi मीणा ने दो प्लेट में परोसा और टेबल पे रख कर जमील क साथ ब्रेकफास्ट की शुरुआत ki..aur दोनों ब्रेकफास्ट करने lage..par कुछ hi देर में मीणा ने नोटिस किया की जमील कुछ कुछ उदास सा hai…pehle उसे थोड़ा डर बी लगा की कही जमील और उसकी बात किसी को पता तो नह चली इस वजह से जमील उदास तो nh…par उसे लगा ऐसा नह क्यू की ऐसा होता तो जमील जी आज नह आते और इ बात मुझे फ़ोन पर hi batate…fir बी वो अपनी मैं की शंका दूर करने क लिए जमील से puchi..kya हुआ आज आप कुछ उदास लग रहे हो..

जमील साड़ी बात को ब्रेकफास्ट क बाद मीणा को बताना चाहता था उसे पता था अगर मीणा को इ बात पहले hi पता चली तो उसका दिल टूट जायेगा और मीणा बिना ब्रेकफास्ट किये hi उठ jayegi..isliye वो मीणा को मन करते हुए अपने चेहरे पे एक बनावटी मुस्कान लाते हुए बोलै अरे कुछ नह बस ऐसे hi थोड़ा लेट उठा हु na…shayad इसलिए तुम ऐसा लग रहा है…

पर जमील क बनावटी मुस्कान को मीणा अछि तरह पहचान गयी thi..aur वो कुछ देर चुप रही और जमील क चेहरे को तिरछी नज़र से देखने लगी जब उसे लगा की जरूर कुछ बात है तो जमील से बोली देखो आप को मई जितना जानती हु उतना शायद आपकी पत्नी बी नह जानती hogi..isliye इ झूट बोलना छोड़कर मुझे सच batado..is बार बी जमील ने कुछ नह कहते हुए बात टालने की कोशिश की पर मीणा ने उसपे उतना जोर डाला की न चाहते हुए बी जमील को सच बताना hi पड़ा और उसने अपने और वकील क बीच हुई सब बाते बतादि…

जैसे जैसे जमील सचाई को बयां कर रहा था वैसे वैसे मीणा की आंखे नम्म होने लगी thi…uske आँखों में असू टपकने लगे the…uss अब चारो तरफ अँधेरा सा लगाने लगा और वो अपनी असू को रोक नह पायी और दौड़ते हुए बैडरूम में जाके पेट क पल सोकर फुट फुट क रोने लगी.. मीणा को बहुत बुरा लग रहा tha…use फिर से अपनी जिंदगी सुनी सुनी सी लग रही थी जैसे पहले thi…jamil ने उसे जिस्मानी सुख क साथ उसके जिंदगी में खुशिया बी भर दी थी उसने बहुत सारे सपने देखे हुए थे जमील क साथ अब बी उसकी बहुत साड़ी क्वाशिशे थी जो वो जमील क साथ पूरा करना छह रही thi..…par आज वो ख़ुशी उससे दूर होते नज़र आने लगी thi..uske अस्सू रुकने का नाम hi नह ले रहे थे…

कुछ hi देर में उसे जमील का हाथ उसके पीठ और माथे पे सवारते हुए एसएस हुआ तो उसे थोड़ा ाचा laga…q की वो जानती थी इसमें जमील की कोई गलती नह बस वो हालात क हाथो मजबूर hai…isliye उसे जमील पे गुस्सा बी नह आया था…

जमील मीणा को प्यार से सवारते हुए bola..ek दो महीने की तो बात है मेरी जान उसके बाद हम फिर से मजे करेंगे…

मीणा अपनी असू पोछकर जमील को अपने बगल में लेटते हुए boli…ha पता hai…par इ एक दो महीना मेरा कैसे बीतेगा आपके bina…aapse तो सचाई छुपी नह आप जानते हो na..muje अब पति से ज्यादा आपकी जरुरत hai…din में एक बार आप क साथ समां न जावु मेरा दिन हराम हो जाता है..

अब दोनों एक दूसरे क आमने सामने चेहरा करके सोये हुए the..jamil प्यार से मीणा को देखते हुए उसके असू पॉच रहा था और मीणा अपने एक हाथ को जमील क चेहरे पे रख कर उसे बड़े प्यार से ऐसे सवार रही थी जमील कोई गैर मर्द नह बल्कि उसका पति hai..tab जमील मीणा की बात को जवाब देते हुए bola..are मेरी जान कुछ hi महीने की तो बात hai…uske बाद जब लौट ावुंगा na..tab दो महीने की कसरत एक hi दिन में पूरा karungaa…tab तुम मुझे मत rokna…e कहकर की इ सब गलत है…. hahaha..kehte हुए जमील ने मीणा को उसकी पिछली बात बताने की कोशिश ki…jise अछि तरह समाज मीणा जमील क गालो को हलके से चूमते hue..wo सब पुराणी बाते …उस वक़्त मुझे पता नह था की असली सुख क्या होता hai…par अब तो मुझे आपकी आदत सी होगयी hai…bahut मिस करुँगी aapko…jamil जी बहुत….

मीणा की असू अब रुक गए the…ab वो थोड़ी नार्मल फील कर रही thi..jise देख जमील बी थोड़ा खुश hua..aur वो मीणा से बोलै जानती हो मीणा मई तुम इ बात पहले बताना नह चाहता था, मुझे तो पहले लगा की तुम या तुम्हारे पति को बिना बोले hi चला jaavu…aur अगर ऐसा करता तो शायद तुम मुझे दुबारा कभी नह अपना thi..isliye जाने से पहले तुम बताना जरुरी समजा ताकि तुम बी नह लगे की मैंने तुम्हारे जिस्म से खेलने क लिए तुमसे नज़दीकिया बड़ाई..

मीणा- है अगर ऐसा करते तो मुझे बहुत बुरा लगता और मई इ सोच सोच कर hi पागल हो जाती की आखिर आप बिना बोले कहा चले गए…

बात करते करते दोनों एक दूसरे को चिपक गए थे दोनों क पेअर एक दूसरे से टकराते हुए गर्मी को बढ़ावा देने लगे the..dono की सासे फिर से रफ़्तार पकड़ने लगे the….dono फिर से अपनी हवस को एक दूसरे क साथ मिठाने क लिए तैयार होने लगे थे…

मीणा की आंखे फिर से नशीली होने लगे the…aur वो अपने धड़कते दिल से boli…muje तो सब कुछ पता hai….par पति को मई क्या बतावुंगी अगर वो पूछेंगे की जमील जी का कोई अत पता नह….

जमील- मीणा को कस क बहो में लेते हुए bola…us माजशय को बिना बताये कैसे जा सकता hu…usi क वजह से तो आज तुम मेरे साथ बिस्टेर पे हो.. हाहाहाहा दोनों एक दूसरे को देखते हुए एक साथ है पड़े तो जमील बात को आगे बढ़ाते हुए bola…par उसके पहले तुम बताना जरुरी samja…ab जाते वक़्त उसे मिलकर कुछ बहाना बनाकर बतावुंगा और वही से चला जावूंगा…

मीणा छूओकाते हुए पूछी मतलब आप आज hi जा रहे हो…

जमील है यार मेरे वकील ने तो मुझे सुबह hi निकलने को कहा tha…wo तो मई तुम्हारे वजह से देर कर दी ..

मीणा जमील को हवस भरी नज़रो से देखते हुए बोली मतलब मुझे कल से nh..aaj से hi भूका रहना padega?….e बात केकर मीणा ने अपनी वास्सना की जमील क सामने जाहिर की थी..

जमील बी यही चाहता था की जाने से पहले एक बार मीणा की चुदाई करलु पर वो इ सोच कर चुप था की कही मीणा इ समाज न बैठे की जमील को सिर्फ उसके जिस्म से मतलब hai..uske फीलिंग्स से नह इसलिए वो अपनी वासना को कण्ट्रोल किया हुआ था और सच बात इ बी थी की जमील बी अब मीणा से पूरा मोहित होगया tha…jise वो सिर्फ एक चुदाई की मशीन की तरह इस्तेमाल करना चाहता था पर आज वो उसी मशीन से अपना दिल बी लगाए बैठा था, क्यू की जितना उसे मीणा ने प्यार से अपनाया था जिस्मानी जरुरत को पूरा किया था उतना आज तक किसी औरत ने नह किया था शायद उसकी बीवी ने बी नह …और वो मीणा की बात को जवाब देते हुए बोलै मेरा बी बहुत मैं है मीणा जाने से पहले एक बार तुम जी भर क प्यार karu…par डर लग रहा था कही तुम गलत न सोचले..

मीणा अपनी नाक को जमील क नाक से रगड़ते हुए boli..to चुप क्यू ho….karte क्यू nh….aaj मुझे इतना छोड़ो की मुझे अगले दो महीने तक लुंड की कमी महसूस न ho…ahhhh ाएझावूओ कहते हुए मीणा में जमील क होतो से अपने हॉट मिलाड़िये और एक हाथ को जमील क पंत क ऊपर से hi लुंड को सवारने लगी…

जमील क लिए बी यही चाहिए tha…wo बी तुरंत मीणा क होतो का रसपान करने laga..aur मीणा को कस क बहो में लेकर पीछे हाथ डालकर मीणा की मोती गांड को मसलने laga…ab दोनों अपनी आंखे बंद किये मदहोशी में एक दूसरे को गरम करने में लगे हुए the…tabhi मीणा को याद आया की उसने दरवाज़ा बंद किया नह hai…aur वो झट से किश तोड़ते हुए जमील को boli..bahar का दरवाज़ा खुला hai…band करलो न..

जमील जैसे hi बहार का दरवाज़ा बंद करके बैडरूम आया तो दोनों फिर से एक दूसरे क बहो में समां गए और कुछ hi देर में दोनों एक दूसरे क कपडे उतर कर पुरे नंगे होगये the…ab आलम इ था की जमील बीएड पे लेता हुआ था और मीणा जमील क जांघो क बीच घुटनो क बल बैठी जमील का लुंड पूरी सिद्दत से चूस रही thi…aur मैं hi मैं सोच रही थी पता नह अब कब मिलेगा इ लुंड चूसने क लिए..

मीणा क मुँह से निकल रही लार जमील क लुंड को और बी भिगो रहा था और उसका लुंड चमकने लगा tha…e नज़ारा जमील बी अपनी आँखों में कैद करते हुए यही सोच रहा था कितना मजा देती है meena…ab पता नह एक दो महीने तक कैसे इस सुख से वंचित रहूँगा….

और कुछ 5-10 मीन्स की लुंड चुसाई क बाद दोनों ने अपनी पोजीशन सेट कर ली और दोनों लुंड और छूट क खेल में लग gaye..jamil अपनी पूरी ताकत लगाकर धना धन धक्के मर रहा था और मीणा अपनी टंगे ऊपर कर पूरी खोली हुई लुंड को आसानी से छूट में ले रही thi…saath hi साथ नशीली सुंस्कारिया लेते हुए छोड़ो जमील ji…aur tej….haaaaa हूउउउउ daaalllooooo…..uhhhh मज्जा ायता और tej…..haaa aiiusseeee….huuuuu कहते हुए जमील क होश को बढ़ावा दे रही thi…dono बिना कुछ सोचे बिना किसी डर क अपने छूट और लुंड की खुजली मिठाने लगे the…kareeb आधे घंटे तक दोनों ने अलग अलग फोसे में चुदाई का मजा लिया तो दोनों एक साथ हम्पाने लगे और देखते hi देखते जमील का गाड़ा वीर्य मीणा की छूट में पिचकारी की तरह बरसने lagi..aur इस पल का आनंद दोनों एक दूसरे क आँखों में देखते हुए एक मुस्कान क साथ लेने लगे the…dono क जिस्म अब पूरा पसीने से भीगा हुआ tha…kuch hi देर में दोनों अलग होक एक दूसरे को देख अपनी संतुष्टि को जताने लगे ..तभी मीणा ने जमील को एक टॉवल दिया और खुद अपनी निघ्त्य को उठके उससे अपने जिस्म पे पसरे पसीने को पॉच ली और अपनी चड्डी पहन कर जमील से boli…aur एक बार करेंगे na…ya कपडे पहन लू..

मीणा की बात सुनकर जमील मैं hi मैं सोचने लगा कितनी चुड़क्कड़ बन गयी है meena..agar मेरा इ केस का सिलसिला नह होता तो इसकी छूट को छोड़ छोड़ क भोसड़ा बना deta..aur वो मीणा क चेहरे पे प्यार से हाथ फेरते हुए bola…ha करेंगे न jaan…bas थोड़ा देर….

मीणा- ठीक hai…tab तक मई किचन में साफ़ करके आती hu…aur ha…jald से लुंड को फिर खड़ा करके rakhna…mai अब hi आयी कहकर मीणा सिर्फ चड्डी पर hi किचन में चालीगयी..

अब मीणा को जमील क सामने नंगे रहना में थोड़ी बी शर्म नह आती thi…aaj तो उसने चड्डी पहनी हुई thi…par वो कई बार बिना चड्डी क hi पूरी नंगी hi घर में जमील क साथ रहती thi..aur तब तक नंगी रहती जब तक जमील न जाए और उसके बाद hi वो नाहा धोकर फ्रेश होक दूसरे कपडे पहन कर फिर से पतिव्रता का नकाब पहन लेती थी…

और आज बी वो वैसे hi जमील क साथ देना चाहती thi…par वही बिस्टेर पे लेता जमील का दिमाग कुछ और hi सोचने लगा tha…wo सोच रहा tha…ab मीणा को तो मैंने चुड़क्कड़ बना दिया अब वो बिना सेक्स क तो रह नह सकती …पर उसे इस तरह छोड़ क जाने का मतलब किसी आदमखोर शेरनी को इंसानो क बीच छोड़के जाने का बराबर hai..ho सकता hai..meena की प्यास अपने पति से न भुजने पर वो किसी और क साथ सेटिंग कर बी सकती hai…agar ऐसा हुआ तो जब मई वापिस ावुंगा तो मुझे मीणा का वो सेक्सी जिस्म नह milega…Aur मीणा की चुदाई करने में वो मजा नह आएगा जो अब आता hai..aur मैंने मीणा को ठीक से छोड़ा hi कहा hai…meena तो वो सेक्स बम jai..jise लगातार 5-6 महीने बी छोड़ लू तो बी उसमे सेक्स की कमी नह hogi…aur अभी तो मैंने मीणा की गांड बी नह मारी hai…agar मेरी गैर मौजूदगी में मेरे जैसा कोई और मीणा को मिल गया तो वो मीणा की गांड मारे बिना नह chodega…nh नह मीणा की गांड की सील तो मई hi तोडूंगा.. पर उसके लिए मुझे और बी इंतज़ार करना padega..par इस बीच कुछ होगया to…kya मीणा मेरे गैर मौजूदगी में किसी से सेटिंग कर सकती hai…nh नह मीणा ऐसी औरत nh…meena एक पतिव्रता औरत hai….par तुरंत उसके दिमाग में आया कहा की पतिव्रता, अब तो वो पतिव्रता बी नह hai…uski पतिव्रता को मैंने hi तो भांग किया हुआ है…

जमील सोच hi रहा था की मीणा बैडरूम में आयी और आते hi अपनी चड्डी उतर कर जमील क बगल में लेट गयी और जमील क लुंड को मुठी में भरे हिलने lagi…jise देख कर जमील फिर सोचने laga..e साली को तो अब नंगी होने में थोड़ी बी शर्म नह aati..jo औरत अपने पति क पीठ पीछे मुझे बुलाकर पिछले 10-15 दिन से अपनी छूट लगातार मरवा रही hai..wo औरत मेरे जाते hi चुप कैसे rahegi…jarur इ किसी से अपना सेटिंग करवा hi लेगी या कोई इसे सेट करेगा hi…muje hi ऐसा कुछ करना पड़ेगा जिससे मीणा किसी और क चांगल में फ़साने क पहले 100 बार सोच ले…

जमील ने कुछ सोचा और वो मीणा क ऊपर चढ़ क मीणा क छूट में अपना लुंड सेट करके फिर से धनधन छोड़ने laga…aur मीणा बी उसका साथ देते हुए बड़ी सिद्दत से छूट मरवाने लगी thi…dono बिना रुके एक hi पोजीशन में 15 मीन्स तक चुदाई क तो जमील ने अपने धक्को की रफ़्तार को थोड़ा धीरे किये और मीणा पे पूरी तरह लेट कर मीणा क होतो को किश करते हुए bola…bahut प्यार करता हु मेरी जान tumse…bahut मिस करूँगा tume..par जैसे hi वक़्त बिता जा रहा है अब तुमसे दूर होने का डर बी लग रहा है …पता नहीं कुछ बुरे ख्याल बी आ रहे है…

जमील की रफ़्तार धीरे होते देख मीणा जमील क कमर पर अपने हाथो से जोर देते हुए बोली मई बी बहुत मिस करुँगी aapko…pata नहीं आपके बिना मेरा क्या हाल होगा कल से ..

जमील तुरंत बोलै यही तो डर hai..yahi तो बुरा ख्याल आरा hai..mere दिमाग में…

मीणा जमील क बातो मतलब समाज नह पायी और जमील से पूछी मई सामजी नह…..

जमील धीरे से धक्का मरते हुए bola…bas मीणा डर है की मेरी गैर मौजूदगी में तुम किसी और से न प्यार हो जाए….

जमील की बात सुनकर मीणा को थोड़ा गुस्सा आया और वो जमील को गुस्से से देखने लगी तो जमील ने तुरंत सॉरी कहते हुए कहा बुरा मत मानो मीणा मई तुम किसी बी हाल में खोना नह chahta…jamil ने इतने नज़ाकत से इ बात कही की मीणा का गुस्सा उतर गया tha…aur जमील की इ ऐडा देख मीणा बी सोचने lagi..aaj मई जो बी हु जमील जी क वजह से तो hu..Jamil जी ने hi तो मुझे जिंदगी का असली सुख दिया hai…to उनका हक़ बी बनता है इ सब सोचने का और वो जमील क होतो को प्यार से चूमते हुए boli…nh जमील जी मई वडा करती hu…mere लाइफ में मेरे पति और आपके शिव कोई तीसरा मर्द नह aayega…aap ने मुझे वो सुख दिया है जो मेरे पति कभी नह दे paaye..so मई आपके साथ धोका करने की बात कभी नह सोच sakti…aur वैसे बी आप मुझे जानते hi हो na…mere पीछे कितने मर्द लगे होने क बाद बी मई सिर्फ आप को hi पैट गयी…

अब जमील थोड़ा खुश हुआ और मीणा क होतो को हलके से चूमते हुए बोलै बस मीणा मुझे तुमसे यही उम्मीद थी…

तब मीणा जमील क बहो को कस क पकड़ते हुए boli…to अब क्यू धीरे धीरे कर रहे ho..muje तेज़ छोड़कर मेरी छूट में बाद रही गर्मी को मिठाडो na…kehte हुए मीणा अपनी कमर को उठाते हुए लुंड को पूरा अंदर लेने की कोशिश करने लगी

मीणा की इ बात सुनते hi जमील क धक्को की रफ़्तार फिर तेज़ होगयी thi…aur दोनों फिर से एक दूसरे में समां गए और इ खेल अगले 20 मीन्स तक चला…

और कुछ hi देर में दोनों अलग हुए और अपने कपडे पहन लिए तो जमील बाथरूम जाके फ्रेश हुआ और उसके बाद मीणा की बनायीं कॉफ़ी को पीकर मीणा से विदा लेकर चला गया तो फिर से मीणा की आंखे नम्म हो गए the…par इस बार उतना नह जितना सुबह हुए the…q की इस बार उसके जिस्म की गर्मी को शांत करके जमील निकल चूका tha…aur वो फिर से सोफे पे आके बैठ गयी…

उधर जमील सीधे मीणा क पति क ऑफिस गया और मीणा क पति से मिलकर कहा की उसे एक नया प्रोजेक्ट मिल गया hai…aur उसी क प्रोजेक्ट क चलते वो एक दो महीने क लिए उस शहर में रुकने वाला है…

मीणा क पति को बी इ बात सुन क थोड़ा बुरा लगा tha..aur उसे इस बात का बहुत दुःख हो रहा था की वो जमील क पैसे इसवक्त उसे वापिस नह दे सकता है और उसे लगा की जमील अब उससे पैसे मांगने क लिए hi आया है और वो जमील को रिक्वेस्ट करते हुए बोलै …भाई वो आपके पैसे मई इस वक़्त दे नह सकता आप मुझे एक 4-5 दिन का मोहलत दे दो मई आपके पैसे चुकता करूँगा..

तो जमील मैं hi मैं हस्ते हुए बोलै अबे chutiyee..in पैसो क बदले मुझे जो चाहिए था वो मई तेरी बीवी से ले चूका hu…chahe तो मई तुम और पैसा दूंगा क्या तुम अपनी बीवी को मेरे साथ दो महीने क लिए भेज सकते हो hehehe..aur वो अपने चेहरे पे मुस्कान लेट हुए बोलै अरे भाई आपको जब लगे तब दे Dena…mai तो बस आपसे विदा लेने आया था…

जमील की बात सुनकर मीणा का पति खुश hua..aur वो थैंक यू जमील bhai….par इ सब अचानक कैसे हुआ…

फिर जमील और मीणा क पति क बीच कुछ देर बात चित हुई और जमील ने एक कहानी बनाकर मीणा क पति को samjaya..to मीणा का पति बी जमील से बोलै ठीक है bhai…ab दो महीने क बाद मिलते hai…par भाई आपकी भाभी को इ बात पता चलेगी तो वो बहुत बुरा manegi..jamil बोलै है भाई इसलिए तो मई सीधे आपके पास आया और आप भाभी को बी बता देना और वो मीणा क पति से विदा लेकर चला गया…

मीणा का pati..jamil को जाते हुए देख कर मैं hi मैं बोलै कितना नेक इंसान hai…itni बड़ी रकम देकर बी वापिस मांगने की कोई ज़िद nh….sach में मीणा को बी जमील का इस तरह जाने का बुरा lagega…par मीणा क पति को बिलकुल बी अंदाज़ा नह tha..jise वो भुला इंसान समाज रहा है वो अब तक उसकी प्यारी संस्कारी पतिव्रता बीवी की छूट में काम से काम 30-40 बार लुंड पेल चूका hai..aur आज बी सुबह दो बार पूरी मस्ती से उसकी बीवी को छोड़कर hi उसके सामने आया hai..aur अब बी उसके लुंड पे उसकी बीवी क छूट से निकले कॉमर्स की निशानी hai..ab बी जमील क जिस्म पर उसकी प्यारी बीवी क चूमने चाटने की निशानी hai..aur इस वक़्त उसकी वही संस्कारी बीवी जमील से अपना छूट छुड़वाकर अपने hi मजे में बीएड पे लेट कर चुदाई को याद कर रही hai..aur पता नह इसी क चलते उसकी संस्कारी बीवी आगे क्या क्या रंग दिखने वाली hai…..is सब बातो से अनजान वो फिर से अपने काम में लग गया…

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