कुछ देर बाद दोनों बीएड पे ठीक से लेट गए और एक दूसरे को बड़े प्यार से देखने लगे दोनों की hi सासे बड़े तेज से चलने लगी थी ..दोनों एक दूसरे को देख ते हुए हम्प रहे the…dono क चेहरे पर एक ख़ुशी की लकीर उभर क आयी थी. जो एक दूसरे की ख़ुशी बयां कर रही थी ..
दोनों जोरो से हाफने लगे the…aur एक दूसरे को देख आँखों hi आँखों में hi एक दूसरे को धन्यवाद दे रहे the…meena आज बहुत खुश thi…aaj फिर से वो अपनी चरमसीमा पर पहुंच गयी thi…use जमील से अलग होने का थोड़ा बी मैं नह कर रहा tha…aur वो जमील क बहो में बहे डालके आंखे बंद करके सो गयी..
थोड़ी देर बाद जब मीणा की वासना का नशा कुछ देर क लिए हटा तो वो अपने आप को जमील क बहो में नंगी पा कर sharnagayi..aur जमील से दूर होगयी और पर्श पर पड़े अपने कपडे उठाकर कर बैडरूम की तरफ भाग chali…wo खुद यकीं नह कर पा रही थी की वो इस तरह एक गैर मर्द क होते हुए नंगी चल फिर रही hai….e क्या होगया है मुझे क्यू मुझे जमील जी क साथ वो सुख मिलता है जो मई भूल जाती हु की मई एक शादीशुदा हु….

मीणा बैडरूम में ेने क सामने कड़ी अपने नंगे जिस्म को निहारने lagi..pehli बार उसे अपना जिस्म बहुत ख़ुशी से झूमता नज़र आरहा tha…uske गोरा जिस्म अपना रंग बदल कर लाल होगया tha..use अपने चेहरे पर और छाती पर अभी बी जमील क चाटने क निशाँ दिख रहे the..uska जिस्म का हर हिस्सा चिप छिपाहट महसूस कर रहा tha..meena अपने मम्मो पर हाथ फेरते हुए अपने निप्पल को देखि तो उसे अपने बूब्स पर जमील क दातो क निशान साफ़ दिख रहे the…uska निप्पल बी खड़क लग रहे the…meena ने नज़र निचे झुकाये अपनी छूट को देखि जो इस वक़्त बी उसकी छूट में कामर्स की बुँदे बहार सजी हुई thi…jo तुबेलिघ्त की रोशनी में साफ़ नज़र आ रही thi…aur मीणा फिर अपने आप से शर्मा गयी aur…mann hi मैं बोली सच में कितना मस्त तरीके से जमील जी ने आज मेरी छूट maari…wahhh कितना मजा आया मुझे मेरी जिंदगी की सबसे हसीं चुदाई थी इ shayad…are शायद क्यू मीणा इ तो सच में हसीं और सुख दायक चुदाई थी.. शायद मेरे पति क साथ 14 साल क वैवाहिक जीवन मुझे कभी इतना सुख नह मिला जितना जमील जी ने मुझे एक दो बार छोड़कर diya…pata नह आज और क्या करने वाले hai…ahhhh सोच कर hi कुछ कुछ होरा है. ..मीणा अपने चेहरे पे मुस्कान लाये अपने आप से hi सवाल कर रही थी और खुद hi जवाब दे रही थी ..
कुछ देर अपने नंगे जिस्म को निहारने क बाद मीणा ने अपना ब्रा चड्डी और घागरा पहनन लिया और ऊपर से एक निघ्त्य पहन कर बैडरूम से बहार आयी..
इस बीच मीणा को बैडरूम जाते देख जमील पहले thoda..soch में पड़गया की कही मीणा फिर से भावनाओ में बहक न गयी. ..उसका मैं तो कर रहा था की वो बी मीणा क पीछे बैडरूम जाए और मीणा को बहक ने से फिर से रोक de…aur फिर सोचा नह ..आज मीणा अपने मैं से पुरे होश में सेक्स की hai..lagta नह आज वो फिर से बहक jayegi…agar बहक बी गयी तो मुझे क्या मुझे तो बस उसे रात भर छोड़ना hai…chahe कैसे बी ho…aaj तो मेरे लुंड को मीणा की छूट में hi सोना है तो मीणा क बहार आने का वेट करना hi सही रहेगा और वो दीवाना पे नंगा hi बैठा मीणा का इंतज़ार करने लगा था…
कुछ hi देर में मीणा बैडरूम से ऐसे बहार आयी जैसे कुछ हुआ hi नह …और वो जमील को नंगा देख फिर से शर्मा ते हुए आगे टीपोय से अपना मोबिल उठाते हुए बोली आप फ्रेश हो जावो तब तक मई खाना गरम करती hu…kehte हुए मीणा अपने मोबाइल को निघ्त्य क पॉकेट में रख कर बाथरूम गयी और मुँह हाथ धोकर बहार आके जमील को देखते हुई boli…ab आप फ्रेश हो जावो..
जमील बहुत बारीकी से मीणा की हर बात हर हरकत को ऑब्सेर्वे कर रहा tha…aur उसकी हर बात जमील को यही इशारा कर रही थी .ki…meena अब वो नह रह जो भावना में बहक कर उसका मजा ख़राब kare..e सोच कर जमील खुश tha..aur अब उसके दिमाग में बी एक आईडिया आया जो इस बात को साबित कर सकता hai..wo तुरंत बाथरूम में गया और फ्रेश होकर फिर हॉल में आके अपने कपडे पहन लिया जैसे जाने क लिए तैयार हो..
इस बीच मीणा किचन में दोनों क लिए डिनर को गर्नम करने लगी thi..par अब बी उसके दिमाग में जमील क साथ हुई चुदाई की hi सोच thi..uske आँखों क सामने अब बी वही नज़ारा आरहा tha…ki कैसे उसे जमील धनदान धक्के मरते हुए उसकी जिस्म की प्यास भुजने लगा tha…uski आंखे शर्म से लाल हो चुकी thi..wo चुदाई क वक़्त का एक एक पल को याद करके अपना मजा दुगना कर रही थी ….पर कुछ देर बाद उसे लगा जमील जी क साथ तो मैंने बहुत मजा लिया बहुत सुख मिला muje…par कुछ तो कमी थी शायद वर्ण मजा और बी aata..par क्या कमी thi..jamil जी ने मुझे करीब 30 मं छोड़ा जितना मेरे पति ने कभी नह छोड़ा tha…unhone तो मेरे जिस्म क एक एक अंग को chuva…masala हलाकि मेरी गांड को बी नह छोड़ा.. इतना सुख देने पर बी हमारे बीच क्या कमी रेहगाई ….???? क्यू मुझे ऐसा लग रहा है की हम और बी मजे से चुदाई कर सकते the…kya बात hogi…fir से मीणा का दिमाग सोच में डूबगया था उसे किसी न किसी तरह इस बात का सलूशन ढूंढना hi tha..use अब जमील क साथ चुदाई में कोई कमी नह चाहिए थी .इसलिए वो अपने दिमाग में जोर देने लगी थी .. तब जमील बी तैयार होकर अंदर किचन में आया और मीणा से bola..dinner तैयार है क्या??
जमील को कपडे पहने हुए देख मीणा थोड़ी चौक gayi..par उसे लगा ऐसे hi होगा और वो जमील से boli…ha बस थोड़ा सा गरम और होने do…fir परोस दूंगी…
Jamil-ok ठीक hai…par थोड़ा जल्दी karo..muje डिनर करते hi निकलना होगा .
मीणा को जमील से इस बात की उम्मीद नह थी उसने तो सोचा था आज पूरी रात जमील उसके साथ रुकनेवाला hai…par अचानक जमील से जाने की बात सुन क मीणा थोड़ी चौक गयी थी और वो जमील से कुछ पूछना hi छह रही thi..jamil बीच में hi bola..tumari भलाई क लिए मुझे जाना hi होगा na..jamil क बातो का मतलब मीणा क समाज में नह आया था वो फिर से चूकते हुए जमील से पूछी मेरी भलाई कैसे???
जमील हस्ते हुए ha…ab हमारे बीच जो बी होना था वो तो हो gaya…aur इससे पहले की तुम फिर से भावनाओ में बहक क मुझे भला बुरा कहकर जाने को कहे बेहतर है मई hi चला जावु..
जमील की बात सुनकर मीणा क चेहरे पे उदासी च गयी thi..wo तो जमील क साथ रात कटाने की प्लान में thi..use जो चुदाई क बाद कुछ कमी लगी थी वो रात को सोने से पहले पूरी करना छह रही thi…par जमील क जाने की बात सुनकर उसे अपने प्लान में पूरा पानी फेरते हुए नज़र आया tha…wo जमील से थोड़ी नाराज़ तो हुई पर वो अपने आप को बी कोसने लगी थी ….क्यू तो मैंने जमील एक को दो बार भला बुरा कहकर जाने को कहा tha…usi का नतीजा है की आज जमील जी मुझसे दूर होना छह रहे है..
वो मैं चाहे तो जमील को रुकने को बी बोल सकती थी ..पर मीणा का संस्कार अभी बी कुछ हद तक खयाम tha…aur दूसरी बात इ बी थी की मीणा अब बी जमील से पूरी तरह खुली नह थी जो जमील को खुल क अपनी बढ़ती सेक्स की ीचा बतादे… वो फिर से एक असमजस स्थिति में अपने को पा रही थी .पर उसका मैं बिलकुल बी नह छह रहा था की इस वक़्त जमील उसे छोड़ क चले जाए पर उसे जमील को रोकने क लिए कोई बहाना बी नह सूज रहा था…
वही मीणा की मनोस्थिति देख जमील मैं hi मैं मुस्कुरा रहा tha..wo बस मीणा को छेड़ने क लिए इ सब नाटक कर रहा tha..wo और मीणा को छेड़ते हुए bola..khana गरम होने में और बी देर है तो मई चला जाता हु और एक पेग मार्के बहार hi खाना खा lunga…waise बी आज इतना थक गया हु की एक पेग तो बनता hi है..
जमील क इ बात सुनकर मीणा अब पूरी तरह से टूट चुकी थी ..वो जमील को सिर्फ इतना जवाब दे पायी की बस होगया…
और गैस बंद करके गरमा गरम खाना प्लेट में परोसने लगी ..और दोनों प्लेट को डाइनिंग टेबल पे रख दी और जमील से बोली खाना खालो…
जमील बिना कोई हरकत किये चुप डाइनिंग चेयर पे बैठ क खाना खाने लगा और मीणा उसके सामने बैठी खाना खाने lagi..dono क बीच अब कोई बात नह हो रही थी दोनों चुप चाप खाना खा रहे थे पर मीणा अब बी जमील से उम्मीद लगाए बैठी थी की जमील का मैं बदल जाए और वो अपनी हरकत पर आये ..पर जमील जानबूजकर कोई हरकत नह कर रहा था ..उसे मीणा प छायी उदासी को देख कर मजा आरहा tha…aur ख़ुशी बी. उसे लगा रहा था की देर से hi सही मीणा पूरी तरह से उसकी होते जा रही है और अब मीणा अपने मैं से उसके साथ सेक्स करवाने क लिए बेताब हो रही है ..इ जमील क लिए उसकी जिंदगी का सबसे कामयाब पल था .
कुछ hi देर में दोनों ने खाना फिनिश करदिया तो मीणा बिना कुछ बोले hi दोनों प्लेट उठाकर बेसिन में रख कर उसे साफ़ करने लगी और जमील बी अपना हाथ धोके कुर्सी पे बैठ गया और मीणा को hi देखने लगा जो इस वक़्त उसके सामने बेसिन क पास प्लेट साफ़ कर रही थी. इस वक़्त मीणा की मटकती हुई गांड की उभर और बी आकर्षित लग रही थी कुछ देर पहले हुई चुदाई से मीणा का बदन मस्ती से खिलने क वजह से गांड क कुल्ले ऊपर निचे होते इ कामुक दृश्य को दर्शा रहे थे जिसे देख जमील का लुंड फिर से तन कर खड़ा होने लगा था…
वही मीणा बर्तन साफ़ करते हुए अपने आप को कोसने क साथ जमील को बी मैं hi मैं कोस रही थी ..क्या होता आज रुक jaate…har दिन थोड़ी मिलता है ऐसा mouka..subh क वक़्त कोई न कोई आने का डर होता hai…..par रात क वक़्त न किसी का डर न किसी की परवा …जो मैं चाहे कर सकते hai…e बात जमील जी क्यू नह सोच रहे …..एक बार जमील जी को बोलके तो देखु…. नह मीणा कभी नह ऐसी गलती मत करना क्या सोचेंगे जमील जी तुम्हारे बारे में ..की तुम बी अब उनके साथ सेक्स करना मजा आता hai..tum अब पतिव्रता तो नह रही पर पतिव्रता होने का थोड़ा मर्यादा का तो पालन karo…kya एक गैर मर्द को तुम्हारे साथ रात बिताने क लिए खुल्ला दावत देना तुम शोभा देता hai..meena सोच में hi डूबी थी की उसे अपने पीछे जमील क रुकने की एसएस हुआ तो वो पीछे मुद क देखि तो वो सही थी जमील उसके पीछे hi खड़ा था और मीणा को ऊपर से निचे तक हवस भरी नज़रो से देख रहा tha…wo कुछ बोल hi पाती जमील ने उसे अपने बहो में भर लिया और पूछा क्या बात है मीणा क्या सोच रही हो..
मीणा को जमील का इ आलिंगन ाचा तो लगा था पर वो नह चाहती की जमील उसके प्यास को भड़काके बीच में hi चले जाए इसलिए वो जमील से अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए boli…kya कर रहे हो chodo..muje ऐसे जाए क वक़्त इ सब नह…
जमील मीणा पे अपनी पकड़ मजबूत करते हुए बोलै क्यू नह? क्या मई मेरे डार्लिंग क साथ इ सब नह कर सकता??
मीणा क पास इस सवाल का जवाब नह था इसलिए वो बिना कुछ बोले चुप होगयी तो जमील फिर से उसे छेड़ते हुए बोलै बोलो नह कर सकता ..?
मीणा कुछ देर चुप रही और बाद में boli….kar सकते ho…par आप तो करके चले जावोगे …फिर मेरा क्या hoga..mai नह झेल पावुंगी अपनी प्यास ko….meena ने जल्दनजी में hi सही पर पहली बार अपनी जिस्म की बढ़ती प्यास को बयां किया था वो बी एक गैर मर्द क samne…wo खुद नह जानती थी की इ बात उसके जुबान से कैसे nikali..par इस बात में हक़ीक़त बी उतना hi थी जितना मीणा बोल चुकी की थी…
जमील बी अब पुरे तैयारी में hi tha…use अब पूरा यकीं होगया था की मीणा अब सेक्स क इरादे से पीछे हटाने वाली नह hai…aur वो मीणा क गालो को चूमते हुए bola..agar प्यास बहुजन hi है तो मुझे रोकती क्यू नह हो…
जमील क बात सुनते hi मीणा को लगा की जमील का जाने का अब मैं नह है और वो मौके का फयदा उठाने की कोशिश करते हुए तुरंत मुद क जमील क होतो पे एक चुम्मी देते हुए boli…Maine कब कहा है आपको जाने ko..kehte हुए मीणा ने बी जमील को कास क पकड़ क जमील क सीने पे अपना माथा तक di..jaise एक प्रेमिका अपने प्रेमी क सीने पे अपना सर रख क अपनी मैं की बात बताने की कोशिश करती ho…kuch देर दोनों फिर से एक दूसरे पर अपना हाथ फेरते हुए जिस्म की गर्मी बढ़ाने लगे ..फिर जमील bola..par तुमने रोका बी नह न . ..
मीणा इस बार जमील क देखते हुए boli….to फिर आपके इ सब कपडे पहन कर जाने की एक्टिंग करने का मतलब क्या था…
जमील मीणा की सर पे हाथ फेरते हुए बोलै वो तो मई मज़ाक कर रहा tha…itni हॉट और सेक्सी डार्लिंग को छोड़ क कोई जाता है kya..raat तो अब शुरू हुई hai…ab तो खेल की शुरुआत हो चुकी hai..aaj तो पूरी रात इ खेल चलेगा बस .देख रहा था मेरी जान मेरे लिए कितनी बेबस होती है…
जमील की बात सुनते hi मीणा क चेहरे पे फिर से रौनक च गयी थी वो ख़ुशी क मरे जमील क छाती पर मुक्का मरते हुए boli..bade बदमाश हो आप…
जमील तुरंत मीणा की होतो को एक प्यार भरे किश से सजाते हुए बोलै सच कहो तुम बी नह चाहती थी न मई जावु….
मीणा शरमाते हुए जमील को देखते हुए हम्म्म्म में जवाब दी तो जमील बोलै बोल सकती हो क्यू?.
मीणा क्या जवाब देती उसे तो जमील क जिस्म से अपना जिस्म टकराते हुए पूरी रात बितानी thi…jamil क मोठे लुंड से अपनी छूट में धमाल मचानी thi..aaj वो अपने पुरे बदन को जमील क हवाले करना चाहती thi…par इ सब बात वो खुल क जमील को बताने में अब बी उसकी मर्यादा उसे इजाजत नह दे रही thi..aur वो मैं की बात को दबाते हुए जमील से boli..bas ऐसे hi आपका साथ ाचा लगाने लगा था इसलिए…..
पर जमील अछि तरह जान गया था की मीणा अपनी मैं की बात को अपने जुबान पे लाने से शर्मा रही hai…wo बी पीछे हटाने वाला नह tha..wo मीणा क निघ्त्य को ऊपर करते हुए मीणा क एक हाथ को अपने लुंड पे सवारते हुए bola..sach बोलो तुम और चाहिए न….?
मीणा का जिस्म अब फिर से गर्माहट की ऊंचाई को चूमना छह रहा tha..wo अब अछि तरह समाज गयी थी जमील क मोठे लुंड से छुड़वाना उसकी मज़बूरी नह बल्कि उसकी जरुरत hai…uska शौक hai..ab वो अपनी ख़ामोशी तोड़ते हुए जमील क लुंड को पंत क ऊपर से hi मुट्ठी में भींच ने की कोशिश करते हुए कम्पटी आवाज़ में बोली हां है जामिलल जीई मुझे ाआउउउउरररर chhhahhhiiiyyyee..muje ाआपपक्के साट्ठह रात बिताने में बड़ी ख़ुशी hogi.,....meena ने तो हवस क नशे में तो जमील क सामने अपनी ख्वाहिशो को जताया tha…par वो भूल गयी thi…ek गैर मर्द को अपने hi घर में रात में उसके साथ सोने की दावत देना उसके जैसे शादीशुदा औरत की लिए कितना बड़ा पाप होता hai..wo सब कुछ भूल गयी थी और जमील क लुंड को मुठी में भरे हिलने की कोशिश कर रही thi..jo पंत में खड़ा होने क कारन मीणा की छोटी मुट्ठी में समां नह पा रहा था..
जमील बी अब गरम हो गया था वो जल्द से जल्द दूसरी राउंड की चुदाई की शुरुवात करना छह रहा tha..usne तुरंत अपना पंत उतरा और अपनी अंडरवियर बी उतर कर फेक दिया और मीणा को बी नंगा करने लगा तो मीणा उससे देखते हुए boli..aap बैडरूम चलो मई आती hu..meena ने इस बात को इतने नज़ाकत से कहा था की वो किसी गैर मर्द को नह बल्कि अपनी पति को केहरहि है..
पर जमील का मूड कुछ और hi था वो बिना कुछ बोले hi मीणा क निघ्त्य को पूरा ऊपर किया और मीणा की चड्डी बी उतरने laga..to मीणा समाज गयी की जमील उसे इसी वक़्त किचन में hi चुदाई की शुरुवात करना छह रहा hai…pehle तो उसे कुछ ऑक्वर्ड सा लगा फिर उसने सोचा इ पहली बार थोड़ी hi hai…pehle बी मई जमील क सामने किचन में hi आधी नंगी हो चुकी हु तो आज पूरी नंगी hi सही और उसने बिना किसी विरोध क अपने चड्डी को पर्श तक पहुंचने में जमील का साथ diya…aur जमील को hi देखते हुए बोली लगता है आज आप मुझे किचन में बी नह छोड़ोगे.. हेहेहे
जमील- है मीणा आज मई तुम तुम्हारे घर क हर कोने में छोड़ कर आज की रात को यादगार बनाना चाहता हु…
जमील की मंशा तो मीणा को पता चल गयी थी और वो खुश बी हुई thi..par उसे थोड़ा डर बी लगा क्यू की उसे जमीं पे लेते छुड़ाने की आदत नह thi…use लगा की अगर वो जमील क भरी भरकम जिस्म को जमीं पे लेते झेलना उसके लिए थोड़ा दर्दनाक होगा और वो जमील से बोली वो तो ठीक है पर यहाँ पर्श पर लेते …..मुझे दर्द hoga…aap समजे न मई क्या कहना चाहती हु…
जमील कुछ नह बोलै और मीणा को एक शरारत भरी मुस्कान क साथ देखते हुए मीणा को पलट क खड़ा किया और खुद उसके पीछे रुक का अपने मोठे लुंड को मीणा की गांड से होते हुए छूट तक सवारने लगा तो मीणा को पहले तो कुछ समझ में नहीं आया पर जैसे hi जमील का लुंड उसकी गांड से होते हुए उसकी छूट पर अपना कमल दिखने लगा तो एक्सिटमेंट क मरे मीणा की सिसकारी निकालनी शुरू होगयी thi..uski धड़कने तेज़ होने लगी thi..wo अब एक गैर मर्द क सामने अपनी मोती मुलायम गांड को खुले आम दर्शा रही thi..meena को शर्म तो बहुत आ रही थी पर वो जानती thi..agar आज वो शर्माहट क मरे अपने नंगे बदन को देख ने की कोशिश करेगी तो वो उस सुख से वंचित हो जाएगी जो सुख पाना उसका पहले से hi सपना था..
उधर जमील क आंखे अपने आप पर यकीं नह कर रही the..jamil क आँखों क सामने मीणा की मोठे कुल्लू का नंगा नज़ारा था जो आज वो दूसरी बार अपनी आँखों से लुफ्त उतारते हुए मजे करनेवाला tha..jamil मीणा की बड़े बड़े कुल्लू को प्यार से सवार रहा था

मीणा की कुल्ले इतने बड़े और तंदुरुस्त थे की जमील क एक एक हाथ में कवर नह हो पा रहे the…pehli बार उसने इतनी मोती मुलायम और दूध सी गोरी गांड को पाया हुआ tha..e कामुक नज़ारा देख उसका लुंड अब चाट की तरफ देख सलामी देने लगा था उसके हॉट मीणा क गांड क स्वाद लेने क लिए लार को टपकने लगी और जमील थोड़ा ख़म गया और मीणा क गांड पर अपनी गरम खुरदरी जुबान को फेरने लगा और मस्त मजे से पुरे गांड को चूसने लगा चूमने लगा..
जमील क ऐसे करने से मीणा बी जोश में आगयी thi..wo बी मस्त होकर अपनी गांड को धीरे से हिलाते हुए जमील क लिए समर्पित करने लगी thi…uske लिए इ नया आसान काफी रोमांचित था.. जमील की जुबान बारी बारी में उसके गांड और छूट क दोनों छेड़ो को चूसकर एक अलग hi मजा दे रहा tha..jo उसके जिस्म को ाप्रचंड आनंद की अनुभूति दे रहा tha..wo अब कमर क निचे पूरी नंगी थी और उसने अपने निघ्त्य को पेट तक उठके अपने एक हाथ में पकडे हुए उसके आधे नंगे शरीर को ढकने से रोका हुआ tha..isliye जमील मीणा क छूट और गांड क साथ मोठे मसल जांघो का बी पुरे मजे ले रहा tha…kuch देर ऐसा hi चला और जमील को अब रोकना मुश्किल हो गया तो वो खड़ा होगया और मीणा क आगे हाथ डाले मीणा क दोनों मम्मो को अपने हाथ में लिए जोर जोर से मसलने लगा..
जमील इतने जोरो से मीणा क मम्मो को मसल रहा था की मीणा को अपने मम्मो पे जलन क साथ दर्द बी होने लगा tha…par इस दर्द में बी मीणा को एक अलग hi मजा ारः tha…ek अलग मिठास का एसएस हो रहा था.. इसलिए वो बिना रोके मस्त मजे में अपने दूध को जमील क हाथो मसलवा रही thi…saath hi साथ नशीली सुंस्कारिया ले रही thi…mahhhhh जामीइलललल jiiiii…aur…jooor seee…uhhhh uhhhhhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह ैइसएइ hiiii…baahuut माज्ज्झा डडडडीररररी होओओओओ आआह्ह्हह्हुउउउउउ एआईईएससीई हीईई उफ्फ्फफ्फ्फ़…
यहाँ मीणा अपनी hi धुन में खोते जा रही थी तो वही जमील मीणा की गांड क बीच छोटे सा छेद देख कर मैं hi मैं कह रहा tha…kya मस्त गांड hai…ched तो इतना कैसा हुआ है ki..ab तक खुला hi nh…bahut मजा आएगा जिस दिन बी इसकी गांड marunga..Is बीच जमील ने अपने पंत से कंडोम निकला और उसे पहन कर …वो फिर से अपने लुंड को मीणा की गांड पर रगड़ा और लुंड को मीणा क छूट पे सेट करके पीछे से धक्का मारा तो एक दो धक्को में hi पूरा लुंड मीणा की छूट में समां गया tha..is बार लुंड अपने छूट में लेने में मीणा को ज्यादा कठिनाई नह हुई थी क्यू की, आधे एक घंटे क पहले वो जमील से अपनी छूट मरवा चुकी थी जिसका पानी अभी बी छूट में होने से वो अंदर तक गीली thi..lund असनानी से अंदर समां जाने क बाद मीणा ने एक हाथ से दीवार का सहारा लिया और दूसरे हाथ से अपनी निघ्त्य को कमर क ऊपर तक पकड़ क रखा ताकि लुंड और छूट क मिलान में निघ्त्य का पर्दा पद क कोई बढ़ा न आये..
वही जमील लुंड को पूरी तरह समां जाने क बाद अपने धक्को की रफ़्तार देने लगा लो मीणा अपनी गांड को पीछे करते हुए पुरे लुंड को जड़ तक लेने लगी thi…dono फिर से एक दूसरे क चुदाई में मग्न hogaye…jamil पीछे से धना धन धक्के मर रहा तो मीणा नशीली सुंस्कारिया लेते हुए जमील क जोश को और बढ़ावा दे रही थी..
मीणा मस्त मजे में तो चढ़ रही थी पर अब बी उसे कुछ कमी का एसएस होने लगा tha…par बढ़ते चुदाई क जोश में उसे सोचने का मौका नह मिल रहा tha..jamil का हर धक्का मीणा क बच्चेदानी तक वॉर कर रहा था साथ hi साथ मीणा को और आगे पुश कर रहा था जिससे मीणा क जंघे किचन प्लेटफार्म को टकराकर मीणा को जांघो पर दर्द का असर छोड़ने लगा. इस दर्द क बीच बी मीणा ने जमील क साथ देने में कोई कसार नह छोड़ी…
पर जैसे जैसे जमील क धक्के तेज़ तेज़ होने लगे तो मीणा अब दर्द को सहन नह कर पायी उसे लगा अगर जमील जी ऐसे hi ठोकते रहेंगे तो किचन प्लेटफार्म से टकराते हुए झंघे टकराते हुए जांघो को छिलका निकल सकता hai…apne जिस्म में एक छोटी सी बी खरोच मीणा को पसंद नह थी सो वो जमील को रुकने का इशारा करते हुए boli…plz जमील ji..ab यहाँ nh…hoga..plz रुक जावो..
पर जमील रुकने का नाम hi नह ले रहा था उसे तो मस्त मजा आ रहा tha..par इस बार मीणा ने थोड़ा ज्यादा जोर देते हुए जमील को अपने हाथो से दूर करते हुए रुकने की कोशिश की तो जमील रुक गया और पूछा क्या हुआ मीणा मजा नह आरा क्या…
जैसे hi जमील ने अपने लुंड को मीणा की छूट से निकला तो मीणा ने अपने दोनों हाथो को आज़ाद करदिया था इस वजह से मीणा की निघ्त्य बी मीणा क हाथो क बंधन से आज़ाद होकर मीणा क जिस्म को पूरी तरह कवर कर लिया tha..lekin अब बी उसकी सासे तेज़ चल रही thi..aur वो हम्पटी हुए जमील से बोली वो किचन क प्लेटफार्म मेरे जांघो से टकराकर दर्द हो रहा है..
जमील तुरंत मीणा की झांघो को देखने क लिए मीणा की निघ्त्य उठाने लगा तो मीणा उसे रोकते hue..ayyyy ह्ह्हह्ह अंदर बैडरूम में चलो दिखती हु कहकर जमील क हाथो को रोकने लगी लेकिन उसी वक़्त उसकी नज़र जमील क खड़े लुंड पे पड़ी जमील का खड़ा लुंड जो इस वक़्त कंडोम में छुपा हुआ था जिसे देख मीणा की मस्ती और बधाई और उसे कुछ सज़ा और वो तुरंत जमील क लुंड को अपने मुठी में कैद करते हुए प्यार से boli..aaj इसे मुझे बहुत प्यार से लेना hai…aap बैडरूम चलो मई दो मिंट में hi आयी कहकर जमील को बैडरूम की जाने क लिए धकेलने लगी तो जमील बी एक मुस्कान देते हुए बैडरूम में चला गया..
यहाँ मीणा एक पल अपने आँखे बंद किये हुए कुछ सोचने lagi..aur इस सोच ने उसके दिल को और धड़कने में मजबूर किया tha…q की अब वो ऐसा कुछ करने का फैसला कर चुकी thi..jo एक पतिव्रता औरत कभी सोच बी नह सकती.. मीणा का मैं कह रहा था की वो हद से पार हो रही hai….par मीणा अपने मैं पर काबू पाते हुए इ सोच रही thi..jo कुछ बी वो करना छह रही है उससे चुदाई परिपूर्ण हो जाएगी और वो बाथरूम जाके सुसु करके अपनी छूट को अचे से धोकर फिर किचन में आयी और वह पर्श पर पड़े जमील क पंत और अंडरवियर क साथ अपनी बी चड्डी उठाकर सीधे बैडरूम गयी और बैडरूम का दरवाजा बंद करके सीधे जमील क बगल में लेट गयी जो इस वक़्त अपने खड़े लुंड को हाथ में hi पकड़े मीणा की राह में बीएड पे लेता हुआ था..
बीएड पे लेट ते hi मीणा जमील क शर्ट को उतरने lagi…aur कुछ hi देर में मीणा ने बड़े सेक्सी अंदाज़ में जमील क शर्ट को उतर कर वही फेका जहा उसने बैडरूम में आते hi किचन में से जमील क पंत को लाके पर्श पर फेका tha..jaise hi जमील पूरा नंगा हुआ तो मीणा उसके छाती पे सोकर अपने होतो की मोहर लगाने लगी तो जमील थोड़ा आश्चर्य से hi मीणा को देखने लगा क्यू की आज तक तो वो दो बार मीणा को छोड़ चूका था और इस वक़्त तीसरी चुदाई जो उसने किचन में आधी अधूरी छोड़ी थी उसे अंजाम hi देने वाला tha..par मीणा ने कभी उसके छाती पे सोकर प्यार से चुम्बन नह किया था…
उसके लिए मीणा का समर्पण देख कर वो अपनी किस्मत पर बड़ा खुश होगया और मीणा क माथे पर अपना हाथ प्यार से सवारते हुए मीणा की हाथो को चुम्मी देने लगा..
अब मीणा बी मस्त मजे से एक गैर मर्द क जिस्म को चूमे जा रही थी और वो चूमते चूमते जमील क कमर तक आयी और लुंड को अपनी मुठी में पकड़ कर हिलने लगी to..ab जमील क बारी थी सिसकिया लेने ki…jaise जैसे मीणा लुंड को हिलने लगी थी वैसे वैसे जमील बी अह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह शभशहहह मीणा आज तो तुमने खुश kardiya…ahhhh कहते हुए मीणा क जोश को बढ़ाने laga…aur बढ़ते जोश क नशे में मीणा ने जमील क लुंड को कंडोम से अलग करदिया और एक नज़र जमील को देख मुस्कुराते हुए पुरे लुंड को अपनी नाज़ुक मुँह में भर क बड़े प्यार से चूसने लगी..
मीणा पूरी सिद्दत से लुंड चूसने में बिजी थी तो जमील बी पुरे जोश में अपनी कमर उठाये मीणा को मुँह चढ़ने में लगा हुआ tha…aur देखते hi देखते मीणा ने अपनी निघ्त्य बी उतर दी और घरे का नाडा बी खोल दिया तो जमील ने मीणा क घागरे को मीणा से अलग kardiya…ab दोनों हवस क पुजारी नंगे हो कर पुरे बीएड पे च गए थे दोनों बड़े मस्ती में एक दूसरे क जिस्म को सलाह सवार कर मजे ले रहे the…is बीच जमील क लुंड पूरा खड़ा होकर उसके नस नस फूलने लगे और वो किसी बी वक़्त झड़ने क लिए तैयार खड़ा हो गया था. जमील ने मीणा को लुंड चूसने से रोका और मीणा को सीधे सुलाके उसके दोनों पैरो को ऊपर करके अपने लुंड को मीणा की छूट पे सेट करके धक्का मारा तो इस बार मीणा को फिर से दर्द का एसएस hua…par उसे समझने में देर नह लगी की अब फिर से क्यू उसे दर्द हो रहा hai..wo जानती थी पहले जब जमील उसे छोड़ रहा था तो उसने कंडोम पहना हुआ tha…aur इसी वजह से कंडोम की फ़िसलाहट से लुंड को छूट में सामने क लिए जो आसानी होती थी वो अब नह है और उसने टाँगे और खोले और जमील से बोली थोड़ा धीरे डालो..

एक तो जमील पहले hi खुश था आज उसे बिना कंडोम क मीणा की छूट मरने का मौका मिला hai…aur दूसरी बात इ थी की जमील अछि तरह जनता था औरत की छूट कंडोम और कंडोम क बिना लेने में क्या फर्क होता है इसलिए वो धीरे धीरे लुंड को पुश करने laga.meena को ऐसा लग रहा था की उसकी छूट में कोई गरम कोयले को किसी रोड क सहारे अंदर घुसाने की कोशिश कर रहा है वही जमील को लग रहा था की वो अपने लुंड को किसी गरम तंदूर क भट्टी में घुसाने की कोशिश कर रहा hai.is गर्माहट क मरे दोनों का जिस्म पसीने से भरा हुआ tha..fir बी दोनों एक दूसरे क पसीना को पूछते हुए अपनी पूरी कोशिश लगा रहे थे लुंड और छूट क मिलान क liye....meena बी अपनी दर्द को झेलते हुए अपनी टंगे पूरी खोलकर जमील क लिए रास्ता बनाने लगी और कुछ hi देर में लुंड मीणा की छूट को चीरते हुए अपनी मंज़िल को पार कर चूका tha…aur धक्को की रफ़्तार फिर से बडगई और एक धना धन चुदाई की शुरुआत हो गयी…

अब लुंड मीणा क छूट क अंदर बहार होते वक़्त चिपक चिपक की आवाज़ पुरे रूम में गूंजने लगी थी जिसे सुनकर मीणा और बी ज्यादा कामुक होते हुए उसके चेहरे क एक्सप्रेशन बी कुछ ऐसा hi कामुक नज़ारे से भर गया tha..meena अब नशीली सुंस्कारिया लेते हुए जन्नत की सैर कर रही thi..bina कंडोम क छुड़ाने में उसे एक अलग hi मजा आरहा tha..pehli बार वो इतना सुख का अनुभव करने लगी thi..uski खुशियों की कोई सीमा नह thi..bas थप थप आवाज़ करता हुआ लुंड उसकी छूट क घेहरायी को छू रहा tha…pehli बार वो लुंड को इतनी गहरायी तक महसूस करके जिंदगी असली सुख उठाने लगी thi..ahhhh छोड़धह्ह्होऊ जमील जीईईई अह्ह्ह्ह आइससआ सुउउक्खहह का ाअणुऊभाहाववव kyaa…majaaaa हैई aaappke…chudayi मई ओह्ह्ह्ह मैई तूई पागलल होऊ राहिणी हूउउ….. mastttt.ahhhh…meena की नशीली मादक भरी बातो से जमील पुरे जोश में मीणा की चुत की चुदाई कर रहा था मीणा की मम्मो को चूस चूस कर काट रहा tha…dono बेफिक्र होक एक दूसरे में दिल से समां गए the…kareeb 15 मीन्स जमील ने एक hi पोजीशन में लगातार मीणा की चुत की चुदाई क बाद उसने मीणा क टैंगो को छोड़ दिया और सीधे मीणा पर लेट क चुत मरने लगा और इसके बाद जमील ने फिर उसे 10 मीन्स तक छोड़ा और मीणा की ीचा क अनुसार अपने प्रेमरस को मीणा क छूट को भर diya.is बीच मीणा दो बार झाड़ चुकी tgi...aur जैसे hi जमील का लुंड …मीणा की छूट में गरमा गरम पिचकारी मरने लगा तो मीणा अपनी आंखे बंद किये इस अद्भुत आनंद को अपने नस नस में उतारते हुए मदहोशी में खो गयी..
उस रात जमील और मीणा ने रात क 3 बजे तक और दो बार चुदाई की फिर दोनों थख कर एक साथ बहो में बहे डेल नंगे hi सो गए. मीणा आज की चुदाई से इतनी संतुष्ट थी की उसे याद बी नह था की उसके पति ने उसे फ़ोन किया हुआ था और उसने फ़ोन तक रिसीव करना जरुरी नह समजा tha…wo भूल गयी थी की… जिस बीएड पे उसके साथ सोने का हक़ सिर्फ उसका पति hi रखता है आज उसी बीएड पे वो एक गैर मर्द क बहो में बहे डेल नंगी सोई हुई hai…aaj जितना उसे सेक्स में मजा मिला था शायद उतना मजा उसे कभी नह आया tha…pehli बार उसका मैं कामतृप्ति में संतुष्ट नज़र आरहा था..
अगले दिन जब तक मीणा का पति लौट ता तब तक दोनों ने फिर से दो तगड़े शॉट लगा दिए थे और उसके बाद जमील चला gaya..aur मीणा सब ठीक थक करके दोपहर को अपनी थाखाम दूर क लिए sogayi…kuch देर क liye…kareeb 4 बजे जब उसका पति आया तो मीणा ने उसके लिए कोल्ड शरबत बनके diya..aur गांव क बारेमे बात करने लगी नार्मल होकर…
अब आगे क्या होगा इ कल पोस्ट होगा
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