Doctor Sahab Desi Hindi Sex Kahani - Page 3 - SexBaba
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Doctor Sahab Desi Hindi Sex Kahani

Episode 16

मई फिर घर आया थोड़ा आराम किया दोपहर का खाना खाया. मुझे याद आया 3 बजे आरती के पास जाना है. मई घर से निकला और घूमते फिरते आरती के घर पहुंच गया.

जब मई आरती के घर गया तो आरती और उसकी सास दोनों hi मेरा इंतजार कर रहे थे.

मुझे देखते hi मालती आयी और मेरे पेअर छू कर boli-aap वही है न जिन्हे बाबा जी ने भेजा है.

मई समझ गया हाकिम बाबा की दासी यहाँ आयी होगी.

मई bola-ji.

मल्टी boli-baithiye मई आपके लिए चाय लाती हूँ.

मई bola-nahi नहीं उसकी जरुरत नहीं है.

मुझे आपसे अकेले में कुछ बात करना है.

मल्टी boli-jaisi आपकी मर्जी बाबा जी.

मई bola-mujhe बाबा जी मत बोलिये मुझे आप डॉक्टर सर या सिर्फ डॉक्टर बोल सकते है.

मल्टी boli-arey ये तो आपका बड़प्पन है. आप बाबाजी के शिष्य है. आप को सिर्फ डाक्टर कैसे बोल सकते है डाक्टर साहब बोलेंगे.

मई bola-thik है

फिर मई मालती को यानि आरती की सास को लेकर उनके कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया.

मई मालती को bola-dekhiye बाबा जी ने बताया है की आपके घर पे कला साया है इसलिए आपकी बहु को बच्चा नहीं हो रहा है. किसी ने आप के ऊपर बुरी नजर डाली है इसलिए आप के घर में खुशहाली नहीं आ रही है.

फिर मई मल्टी का हाथ पकड़ा और मल्टी के आँखों में आंख डालकर bola-malti मुझे अपनी शक्तियों से पता चल रहा है की तुम्हारे पति इस दुनिया में नहीं है.

मल्टी हाँ में सर हिलायी.

मई फिर bola-mujhe अपनी शक्तियों से पता चल रहा है की तुम रात दिन अपने पति के वियोग में तप रही हो. तुम्हे प्यार की जरुरत है.

मेरी बात सुनते hi मालती शर्मा गयी साथ hi उसे मुझसे बहुत ज्यादा इम्प्रेस भी हो गयी.

मई फिर bola-mujhe ये भी पता चल रहा है की तुमपे काली शक्तियां भरी पद रही है. मुझे इन शक्तियों का उपाय करना पड़ेगा और उसमे तुम्हे मेरा साथ देना पड़ेगा.

मल्टी boli-ji डाक साहब.

मई bola-malti ये शक्तियां मई जब तुम्हारे सरीर से निकलूंगा तो वो तुम्हारे कपडे में चुप जाएँगी इसलिए तुम्हे सबसे पहले अपने सरीर से सरे कपडे उतरना पड़ेगा.

मल्टी boli-ji डाक्टर साहब

उसके बाद मई झूठ मूठ का अपनी मुठी बंधा और मल्टी को bola-mai अब ध्यान से तुम्हे देखूंगा और जैसे जैसे मई बोलता जाऊंगा तुम्हे एक एक करके सारे कपडे उतरने होंगे. क्या तुम्हे ये मंजूर है.

मल्टी थोड़ा घबरा जरूर रही थी लेकिन उसका बाबा पे बहुत विश्वास था इसलिए वो boli-ji डाक्टर साहब...

मई bola-thik है.

मई मल्टी को बोलै तुम मेरे सामने आ जाओ.

मल्टी अब बिलकुल मेरे सामने कड़ी हो गयी.

मई मल्टी को bola-sabse पहले अपनी ये साड़ी उतरो.

मल्टी मेरे सामने hi अपनी साड़ी का पल्लू हटाई. साड़ी का पल्लू हटते hi उसके बड़े बड़े दूध के बिच का घाटी मुझे दिखने लगा.

मई मल्टी की तरफ देखते हुए bola-malti अब अपना ये ब्लाउज और साया भी खोल दो.

मल्टी मेरे सामने पहले अपना पेटीकोट खोली जिस से उसका बड़ा बड़ा गांड और पेट मुझे दिखने लगा.

मल्टी फिर अपना ब्लाउज भी खोल दी.

अब मल्टी मेरे सामने सिर्फ पंतय में थी और शर्मा भी रही थी.

मई bola-malti मेरे आँखों में देखो तब जाकर मल्टी मेरी तरफ देखि.





मई फिर bola-malti अब तुम घूम जाओ.

मल्टी घूम गयी.

मई bola-malti मुझे पता है तुम अपने पति के जाने के बाद बहुत तदपि हो और तुम्हे काली शक्तियों ने घेर लिया है लेकिन चिंता न करो. मई हूँ न मई सब ठीक कर दूंगा.

फिर मई बड़े प्यार से एक हाथ से मल्टी का गाला पकड़ा और दूसरे हाथ से मल्टी का दूध को मसलने लगा.

जैसे जैसे मई मल्टी के दूध को मसल रहा था मल्टी के अंदर जोश बढ़ रहा था.

मल्टी मजे में ahhhhhhhhhhhh डाक sahabbbbbbbbbb अह्ह्ह्हह्हह डाक साहबबबबबबबबब बोलने लगी.





मई अपना हाथ उसके दूध से हटके के पंतय में घुसा दिया और मल्टी के मोठे मोठे बुर को मसलने लगा.

मल्टी जोर जोर से ुंहःहः ुम्हह करने लगी.

मई मल्टी के कान में bola-malti चिंता न करो मई तुम्हारे अंदर की साडी काली शकतोयों से तुम्हे मुक्त कर दूंगा.

ये बोलकर मई मल्टी के बुर में दो उंगली अंदर बहार करने लगा.

मल्टी पागल की तरह ahhhhhhhhhhhhhhhh डाक साहबबबबबबबब अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह maaaaaaaaaaaa ahhhhhhhhhhhhhhh चिल्लाने लगी.





मल्टी के बुर से तप तप करके पानी बहना सुरु हो गया.

मई चाहता तो मल्टी को अभी छोड़ सकता था लेकिन मेरे पास एक प्लान था.

मल्टी अभी झड़ी नहीं थी. बस झड़ने के कगार पे थी और मई रुक गया.

मल्टी के चेरे पे गुस्सा दुःख उदासी सब एक साथ नजर आ रहा था.

मल्टी को समझ भी नहीं आ रहा था की ये क्या हो रहा है उसके साथ क्यूंकि गांव में औरतों को अपने सरीर के बारे में कहाँ ज्यादा पता होता है. उन्हें तो बस इतना पता होता है की बुर में जब लुंड जाता है तो अच्छा लगता है और उसी से बच्चा भी होता है. या फिर तंत्र मंत्र से बच्चा होता है.

मई bola-malti मुझे पता है तुम्हे बहुत बुरा लग रहा है गुस्सा भी आ रहा है. निचे तुम्हारे पेशाब वाले जगह पे अजीब की खुजली सा हो रहा है.

मल्टी मेरी बात सुन रही थी.

मई bola-tumhe पता है इसका मतलब क्या है.

मल्टी boli-nahi.

मई bola-iska मतलब है तुम्हे प्यार चाहिए. पति पत्नी वाला प्यार. य काली शक्तियां तब hi तुम्हारे सरीर से निकलेंगी जब तुम किसी को अपने दिल से पति मानोगी. मुझे पता है तुम एक विधवा हो और ये गांव के नियम के खिलाफ है. इसलिए इसका मेरे पास एक उपाय है.

मल्टी puchi-kya उपाय है डाक्टर साहब.

मई bola-aaj रात तुम्हे बिलकुल दुल्हन की तरह सज कर अपने कमरे में मेरा इंतजार करना होगा. दुनिया और गांव वालों की नजर में तुम विधवा hi रहोगी लेकिन तुम्हारे अंतर्मन में मई तुम्हारा पति बनूँगा और फिर मई तुम्हे प्यार करके तुम्हारी देह की कामवासना को भी ठंडा करूँगा और तुम्हे इन काली शक्तियों से मुकि भी दिलाऊंगा.

मई फिर bola-mujhe पता है तुम मुझपे यकीं नहीं कर रही हो तो देखो मई तुम्हे एक जादू दिखता हूँ.

तुम अभी बस दो पल के लिए मुझे अपना पति मनो और ऑंखें बंद करो.

मल्टी मेरे बोलने पे वैसा hi की.

मई उसे बिस्तर पे लाया और मल्टी के होठों को गले चूमने लगा साथ hi अपने हाथ से मल्टी के बुर को सहलाने लगा.

मल्टी फिर से पागल की तरह ahhhhhhhhhhhhhhhh maaaaaaaaaaaaaa aahhhhhhhhhhhhh डाककककक sabbbbbbbbbbbbbbbbb ahhhhhhhhhhhh चीखने लगी.





मल्टी कुछ hi सेकंड में जोर जोर से झटका खा खा कर झड़ने लगी और जोर जोर से हाफने लगी.





मई मुस्कुरा रहा था.

हमको मुस्कुराता देख मल्टी बहुत शर्मा गयी.

मई bola-dekh लिया न मल्टी. मुझे पता है तुम्हे बहुत अच्छा लग रहा होगा लेकिन याद रखना ये तो बस शुरुआत है. तुम अगर मेरा कहना मानोगी तो तुम्हे पूरी तरह से कामवासना से और सरीरर के दर्द से मुक्ति मिल जायेगा. काली शक्तियों से मुक्ति मिल जायेगा.

मल्टी मेरी बात सुनकर हफ्ते हुए में hi boli-dak साहब मुझे माफ़ कर दीजिये मैंने आप पर शक किया. मई तैयार हूँ. आप रात को ाइयेगा मई आपको दुल्हन की तरह सजी हुई मिलूंगी.

मई bola-thik है फिर मई मल्टी को bola-apne कपडे पहन लो.

मल्टी अपने सारे कपडे पहन ली फिर मल्टी मेरा पेअर छू कर मुझे परनाम की और मई उसके घर से अपने घर आ गया.
 
Episode 17

मई मल्टी से मिलने के बाद आरती को बोल दिया की चिंता मत करो बस एक दो दिन के अंदर तुम्हारी सास मान जाएगी.

फिर मई घर आ गया.

घर जब आया तो देखा माँ का कॉल आ रहा है.

मई फ़ोन उठाया तो उधर से माँ boli-kaisa है मेरा बीटा.

मई bola-thik हूँ. तुम कैसी हो. घर में सब ठीक है???

माँ boli-haan बीटा यहाँ भी सब ठीक है.

माँ फिर puchi-teri मौसी कैसी है. कुछ सुधर हुआ.

मई bola-haa माँ मौसी भी अब ठीक हो रही है.

मौसी का बात आते hi मुझे याद आया मुझे माँ से बहुत कुछ पूछना है.

मई bola-maa आज तो तुम फ्री हो अब बताओ बचपन से आज तक मौसी के बारे में क्यों नहीं बताई.

माँ boli-suno बीटा तुमको आज मई सब कुछ बताती हूँ.

माँ फिर boli-humara फॅमिली एक जॉइंट फॅमिली है.

हमारे फॅमिली में तुम्हारे नाना और नानी के साथ छोटे नाना और छोटी नानी भी रहती है.

हम लोग 5 भाई बहन है. जिसमे 3 बहने है और दो भाई है. छोटे नाना के भी एक बीटा और दो बेटी है.

पता नहीं छोटे नाना ने तुम्हारे नाना को क्या पढ़ा सीखा दिया था तुम्हारे नाना पहले दीदी की शादी छोटे नाना के बेटे के साथ करना चाहते थे. जब दीदी घर से भाग गयी तो जब मेरी शादी की उम्र हुई तो फिर से छोटे नाना के बेटे के साथ मेरी शादी करने की कोसिस की गयी. मई तुम्हारे पापा से प्यार करती थी इसलिए मई भी घर छोड़ के भाग गयी. छोटी के साथ भी सायद यही हुआ होगा इसलिए तो उसकी शादी भी कही और हुई. छोटे नाना का बीटा एक नंबर का शैतान है. वो अक्सर हमे ढूंढने की कोसिस करता रहता है बदला लेने के लिए इसलिए हम तीनो बहने घर से दूर रहे और एक दूसरे से भी नहीं मिले इस दर से कही गलती से भी छोटे नाना का लड़का हम तक न पहुंच जाये.

मई pucha-kya अभी भी वो आपको धुंध रहे है.

माँ boli-pata नहीं लेकिन हम उस घर की तरफ देखना भी नहीं चाहते. जिस घर में माँ बाप hi अपनी बेटी को ख़ुशी और इज्जत से न रख पाए वैसे घर से रिस्ता नाते जोड़ कर क्या फायदा. यहाँ तक की हमारा अपना भाई भी हमारे बदले उसी का साथ देता था.

माँ फिर boli-tum hi बताओ बीटा ये सब मई तुम्हे बता कर क्या करती. मई तो चाहती थी ये सब बाते तुम तक पहुंचे hi नहीं क्यूंकि कही तुम गुस्सा हो गए तो फिर तुम उस से बदला लेने निकल पड़ोगे. फिर से लड़ाई झगड़ा ये सब मई नहीं चाहती.

माँ फिर boli-bolo बीटा मैंने सही किया न.

मई bola-bilkul माँ आपने बिलकुल सही किया.

माँ boli-dekh तू जो पूछा मई बताई अब तू मुझसे वडा कर तू अपने नाना नानी को नहीं ढूंढेगा और कोई लड़ाई झगड़ा नहीं करेगा.

मई bola-maa मई वडा करता हूँ मई लड़ाई सुरु नहीं करूँगा.

माँ बोली- ये सब बात छोड़ और मौसी का ख्याल रख.

मई bola-haan माँ और तुम्हे भी कोई जरुरत हो तो बताना.

माँ boli-thik है बीटा. फ़ोन रखती हूँ ब्यययय अपना ख्याल रखना.

फिर फ़ोन कट गया.
 
Episode 18

मई माँ से बात करने के बाद मौसी के तरफ देखा.

उनको देख कर मेरे आंख में आंशूं आ गया. मई ये सोच के hi सहम जा रहा था की नीलम मौसी कैसे उस घर में रही होगी जहा हर एक दिन उनके लिए एक दर्द भरे दिन से काम नहीं गुजरता होगा. हर दिन मौसी को उनको चचेरा बड़ा भाई बुरी नजर से देखते होगा. हर दिन दोनों बहनो के भाग जाने के तने मार पिटाई और गालियां मौसी को hi सुन न पड़ता होगा. बेचारी हर रात अपने कमरे में रोटी होगी. ये सब सोचते सोचते मई भावुक हो गया और मौसी के गले जा लगा.

मौसी बस अजीब सी कड़ी रही लेकिन मुझे गले लगायी रही. मुझे खुद से अलग भी न किया.

मई मौसी को bola-bas कुछ दिन की बात है मौसी मई आपसे वडा करता हूँ उस हाकिम से बदला भी लूंगा और आपको अपने पलकों पे बिठा कर रखूँगा अब और कोई दुःख नहीं आएगा.

मेरी बात सुन मौसी भी सायद भावुक हो गयी और बड़े जोर से मुझे पकड़ ली. हम दोनों बिलकुल जोर से एक दूसरे को गले लगाए कुछ देर खड़े रहे. मेरे दिल को एक अजीब सा सुकून मिला और मुझे उम्मीद थी ऐसा hi मौसी के साथ भी हुआ होगा.

रात में मई और मौसी साथ में खाना कहए फिर मौसी को सुला कर पहले मई चला शमीमा के घर. जब मई शमीमा के घर पंहुचा तो देखा गेट पर hi रहीम बैठा हुआ था. आज वो पुरे नशे में धुत था.

मुझे देखते hi रहीम bola-arey साहब आइये आइये. मेरी बेगम का इलाज कीजिये......

रहीम नशे में बड़बड़ाने लगा- आधी जमीं ठाकुर ले गयाआ. आधी जमीं हाकिम ले गयाए. हाथ में क्या बचा ठेंगहा.... आप भी आइये बाकि जमीं ले जाइये.... काम से काम शमीमा को बच्चा दे जाइये.....

रहीम फिर से badbadaya-na बच्चा आया घर में.... न जमीं hi बचा..... साला हम hi खोते मेरी बेगम भी खोटी.... जिंदगी छोटी वो भी खोटी........

मई शमीमा को लेकर अंदर गया और शमीमा को बैठाया और pucha-ye रहीम क्या बोल रहा था.

शमीमा boli-kuch नहीं वो क्या है न हमने कुछ पैसे एक बार ठाकुर से उधर लिए थे बदले में उसने हमारी आधी जमीं रख ली. फिर हम हाकिम बाबा के पास भी इलाज के लिए गए थे वहां भी बाबा ने हमसे कुछ जमीं ले लिया उपचार के लिए... उपचार का फायदा भी नहीं हुआ और जमीं भी चली gayi....ab बस कुछ hi जमीं बचा है जिस से किसी तरह घर चल जाता है. मेरे सोहर कभी कभी बहुत दुखी हो जाते है तो पि लेते है और अपना पुराण जमीं देख देख के रट है...

मई bola-shamima आज तुम्हे इलाज की जरुरत नहीं है. इलजा कल करेंगे आज तुम्हे रहीम का देखभाल करना चाहिए..

मेरी बात पे शमीमा मुझे देखती रह गयी.

शमीमा फिर थोड़ा दर के boli-kahi काली शक्तियां मुझपे भरी तो नहीं पद जाएगी न डाक sahab.mujhe हर हाल में बचा चाहिए. ये जो कुछ भी हम कर रहे है बच्चे के लिए hi तो कर रहे है...

मई bola-nahi नहीं ऐसा नहीं होगा. मई हूँ न.... मुझपे भरोसा rakho...tumhe बच्चा जरूर होगा... मई कल सब ठीक कर दूंगा.

मई नहीं चाहता था की बहार रहीम पि कर पड़ा रहे और अंदर मई उसकी बेगम की चुदाई करता रहूँ.

फिर मई शमीमा के सर पे हाथ फेर कर वहां से निकला और अब मुझे मल्टी के पास जाना था. मई शमीमा के पास से निकला और चल दिया मल्टी के पास.

मल्टी के घर घुसते hi आरती boli-aaiye आइये बैठिये डाक साहब.

माजी आपका hi इंतजार कर रही है. आप कुछ खाएंगे पिएंगे क्या.

मई bola-nahi नहीं. मई ठीक हूँ.

आरती boli-maji उस कमरे में है.

मई कमरे में घुसा तो देखा मालती घूँघट में कमरे में बिस्तर पे बैठी हुई थी.

मई बड़े प्यार से मालती के पास गया और मल्टी का घूँघट उठाया.

मालती शर्मा रही थी.

मई बड़े प्यार से मल्टी के ब्लाउज के ऊपर से hi मल्टी के दूध पे हाथ रखा और हल्का हल्का दबाने लगा.

मल्टी मजे में अह्हह्ह्ह्ह डाक साहबबबबबबबब ुंहःहःहः डाक saaabbbbbbbbbb बोल बोल कर सिसकने लगी.





मई मल्टी के दूध को दबाते दबाते धीरे धीरे मल्टी का ब्लाउज भी खोल दिया. मल्टी के दूध अब मेरे सामने आ गया था.

मई मल्टी के दूध को पकड़ा और अपने मुँह में भरकर चूसने लग गया. मल्टी तड़पने लग गयी. मेरा भी लुंड धीरे धीरे पूरा अकड़ गया था.





मल्टी तो बस मजे में umhhhhhhhhhhhhhh डाक sabbbbbbbbbbb ahhhhhhhhhh डाक saaabbbbbbbbbbbb बहुत तदपि हूँ डाक साहब ... अब बस मेरा तड़प मिटा दो डाक sabbbbbbbbbbbb ये सब बोलने लगी.

मई फिर मल्टी से अलग हुआ और अपना पेंट ुअटारा फिर अंडरवियर उतरा. अंडरवियर उतारते hi मेरा लुंड एक दम मल्टी की खड़ा हो गया. मल्टी ऑंखें फाड़ फाड़ के मेरा लुंड ऐसे देख रही थी जैसे कभी कोई लुंड नहीं देखा हो.

मई बड़े प्यार से मल्टी का चेहरा पकड़ा और अपना लुंड मल्टी के होठों पे रगड़ने लगा. मेरे लुंड का खुसबू से मल्टी और ज्यादा मदहोश होने लगी.





अब बारी था मल्टी को अच्छे से अपना गुलाम बनाने का.

मई मल्टी को बोलै मल्टी मेरे सामने बैठ जाओ.

मल्टी वैसा hi की. मई मल्टी का हाथ पकड़ा और मल्टी के मुँह में अपना लुंड ठूस दिया. और फिर धीरे धीरे मल्टी के मुँह को छोड़ने लगा.





मई 2-3 मिनट तक मल्टी के मुँह को बड़े मजे से छोड़ता रहा. जैसे जैसे मल्टी के जीभ पे मेरा लुंड रगड़ा रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था. धीरे धीरे मेरा लुंड मल्टी के मुँह के लार से पूरा भर गया.

मल्टी भी मजे से ahnnnnnnnnnn ahnnnnnnnnnnnnn करके मेरा लुंड चूसे जा रही थी.





अब मई समझ गया था मल्टी चुदाई के लिए तैयार है. इसे ज्यादा इंतजार नहीं करवाना चाहिए.

मई अपना मोटा लुंड पकड़ा और सीधा मल्टी के बुर पे लगा कर जोर का धक्का मारा.

मेरा मोटा लुंड मल्टी के बुर को फैलता हुआ आधा घुस गया.

मल्टी जोर से चिक्की ahhhhhhhhhhhh डाक sabbbbbbbbbbbbbbbbbbb रुक जाइये............

मई फिर भी मल्टी का बात नहीं सुना और अपना लुंड दोबारा बहार खींच कर एक दम से और जोर से धक्का मारा और इस बार गुपपपपपप से सर सरता हुआ मेरा पूरा लुंड मल्टी के बुर में घुस गया. मई इतने पे भी नहीं रुका और जोर जोर से मल्टी के बुर में लुंड अंदर बहार करने लगा.

मल्टी बहुत दिनों से किसी से चूड़ी नहीं थी . उसका बुर एक तो टाइट हो गया था लेकिन गीला भी बहुत था. जितना गीला था उतना गर्म भी. पहले कुछ देर तो मल्टी दर्द में तदपि लेकिन फिर धीरे धीरे मल्टी को मजा आने लगा.





मल्टी तो मदहोशी में ahhhhhhhhhh डाक sabbbbbbbbbbb अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह डाक सबबबबबबबबब बोले जा रही थी.

बिच बिच में वो जोश में bolti-aur कीजिये डाक साहबबबबबबब और कीजिये डाक साहब.......

मल्टी को छोड़ने में मुझे बहुत मजा आ रहा था. मेरे अंदर ढेर सारा जोश भरा हुआ था. मेरा लुंड पूरा अकड़ने लगा. मुझे लगा अब मेरा लुंड फैट जायेगा और फिर मेरे लुंड से ढेर सारा गरम गरम माल निकलने लगा जो मल्टी के बुर में भरने लगा. मई अभी भी मल्टी को छोड़ना बंद नहीं किया था मई बस मल्टी को चोदे जा रहा था. मल्टी भी मेरे झड़ते hi वो भी झड़ने लगी. उसके बुर से पानी बहने लगा.

मई मल्टी के ऊपर से हैट गया. मल्टी जोर जोर से सासे ले रही थी.

मई मल्टी को pucha-kaisa लगा मल्टी...

मल्टी हफ्ते हुए boli-bahut अच्छा लगा डाक साहब... ऐसा लग रहा है जैसे पूरा सरीर हल्का हो गया.

मई bola-chinta न करो मल्टी दो चार दिन में और ज्यादा हल्का हो जायेगा.....

एक काम करो मेरा लुंड गिला हो गया है इसको चाट के साफ़ कर दो.

मल्टी हफ्ते हुए आयी और फिर से मेरा लुंड चाटने लगी.

मुझे फिर से लगने लगा की मेरा लुंड माल छोड़ने वाला है तो मई इस बार मल्टी के मुँह पे hi झाड़ गया.





मई छठा तो मल्टी को और रगड़ के छोड़ सकता था लेकिन मुझे पता था इतने में hi मल्टी अब दो दिन ठीक से चल नहीं पायेगी इसलिए मल्टी पे थोड़ा रहम किया. वैसे भी हमारी चुदाई की आवाजें बहार बैठी आरती अच्छे से सुन पा रही थी और उसे अंदाजा भी हो गया था की अंदर क्या हो रहा है. आरती तो ये सोच सोच के सहमी हुई थी की जो लुंड उसके सास की ऐसी हालत कर रहा है वो उसकी क्या हालत करेगा.

मई जब कमरे से निकला तो आरती मुझे शर्मा के देख रही थी जैसे जान रही हो की अगला नंबर उसी का है.

आरती ये सोच सोच के भी खुश हो रही थी की चलो इस बार तो बच्चा हो hi जायेगा. जब डाक साहब ने मजी के अंदर की साडी काली शक्तियां निकल दी है तो मेरा भी निकल hi डनंगे. वैसे गांव की औरतों ने सिर्फ एक दूसरे के मुँह से hi सुना था की जब औरत संतुस्ट होती है तब उसकी ऐसी आवाजें आती है आज आरती खुद से वो सुन पायी और मल्टी तो महसूस कर पायी. उस चीज को जान पायी.
 
Episode 19

मई मल्टी की चुदाई के बाद घर आया और सो गया. आज मेरे अंदर एक अजीब सा शक्ति सा महसूस हो रहा था. ज्यादातर समय में चुदाई के बाद लोगों को ख़ुशी और आराम तो मिलता है लेकिन साथ में थकन भी हो जाता है. लेकिन मेरे साथ उलट हो रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरे अंदर एनर्जी पहले से ज्यादा बढ़ गया है और मुझे भी अच्छा बहुत लग रहा था. वैसे मल्टी है भी चुदाई लायक एकदम गदरायी हुई. मई आराम से सोया तो नींद सुबह hi खुला.

मौसी के जो भी चोट थे वो अब धीरे धीरे ठीक हो रहे थे और मैंने नोटिस किया की मौसी आज अपना घाव का ड्रेसिंग खुद से कर ली है. ये एक तरह से अच्छा भी था और बुरा भी. अच्छा इसलिए था क्यूंकि मौसी अपना ख्याल अच्छे से रख रही थी और बुरा इसलिए था की मौसी के इलाज के बहाने मई उनके और करीब जा सकता था वो ऑप्शन अभी मेरे लिए बंद हो रहा था.

मई और मौसी दोनों साथ में खाना खाये. मुझे बहुत मन करता था की मौसी से पुछु उनके घर के बारे में अपने नाना और मां के बारे में और फिर बदला लेकर औ उन सबसे लेकिन माँ ने कसम दे दिया था और मौसी को मई फिर से वो सब दुःख भरे दिन याद नहीं दिलाना चाहता था.

मई सोचा क्यों न एक बार बाबा हाकिम के दरबार का चक्कर लगा औ. वैसे भी मुझे हाकिम सरीफ को ठिकाने लगाने में उनकी देश का मदद तो लगेगा hi इसलिए पहले उनको अपने जाल में फ़साना पड़ेगा. मई घर से 10 बजे निकला पहले तो गांव में जो 3-4 लोग मिले उनसे बात चित किया थोड़ा बहुत जो भी हाकिम के बारे में पता चलता गया उसे मई समझता गया और मुझे ये पता चल गया की हाकिम सरीफ की दो दासी है जो उसके सबसे करीब है. मुझे ये भी पता था की हाकिम की जो दो दासी है उन्हें भी सच्चाई पता नहीं है क्यूंकि अगर सच्चाई पता होता तो मई मुझे थोड़ा तो अंदाजा लग hi जाता. मई रम्य से मिल चूका हूँ और जिस तरह से वो हाकिम को मानती है ऐसे तो नहीं hi मानती अगर उसे हाकिम की सच्चाई पता होता.

मुझे ये भी पता चला की हाकिम की एक और दासी है जिसका नाम है नगमा. लोग बोलते है बाबा की सबसे पुराणी दासी नगमा hi है.

मई सोचा अगर नगमा सबसे पुराणी दासी है तो नगमा से तो एक बार मिलना पड़ेगा.

मई घूमते फिरते पहुंच गया हाकिम बाबा के पास. आज हाकिम बाबा के दरबार में गांव के बहित से लोग आये थे. मुझे देखते hi रम्य मेरे पास आयी और एक बगल के रस्ते से सीधा अंदर ले गयी वही बहार हाकिम बाबा एक स्टेज पे बैठा हुआ था और एक - एक करके लोगों का इलाज कर रहा था या ये कहे इलाज करने का नाटक कर रहा था.

मुझे तो रम्य सीधा एक कमरे में ले जाकर बैठा दी और boli-hakim बाबा आज थोड़ा बिजी है तो आधा घंटा बाद आएंगे.

मई bola-thik है.

मई मस्त कमरे में बैठा फिर सोचा थोड़ा अंदर जाकर देखे कोई है या नहीं और मई चुपके चुपके एक कमरे से दूसरा कमरा गया जिसपे एक बड़ा सा बिस्तर लगा हुआ था. ये देख के मई समझ गया की ये हाकिम का कमरा होगा फिर मई अगले कमरे में गया तो वहां भी बड़ा बिस्तर था. मुझे लगा ये हाकिम का कमरा होगा. लेकिन ऐसा hi मुझे तीन कमरा दिखा और सबसे लास्ट वाला सचमे काफी सजा हुआ और बड़ा था. उसके बाद के कमरे में मई झाका तो मुझे दो लोग सोये हुए दिखाई दिए. वो इस तरह से सोये थे की मुझे चेहरा तो नहीं दिखा लेकिन अंदाजा लग गया की ये दोनों लड़किया या फिर औरत hi है. कोई मर्द नहीं है. मई फिर चुप चाप चुप के उस कमरे में आ गया जहाँ मुझे रम्य छोड़ कर गयी थी.

कुछ समय बिता तो बहार से हाकिम बाबा कमरे में आया और bola-aao आओ डॉक्टर कैसे हो.

मई bola-achha हूँ आपकी कृपा से.

बाबा bola-mai रम्य को भेज दिया था उस मोती के घर तब चुदाई किये या दर गए.

मई bola-haa हां किया चुदाई. अब इसे मई डिटेल में थोड़े बताता की तू तो बेहोश करके छोड़ता है धोखे से. मन की धोखा मई भी देता हूँ लेकिन होश में छोड़ता हूँ भरोसे में लेकर न की ठग कर.

बाबा bola-aaj यहाँ.

मई bola-maine सुना है आपके पास भी रसदार दासियाँ है तो सोचा किसी का रास मई भी पि लून.

बाबा bola-bolo किसका रास पीना है. रम्य है, रेनू है या फिर गांव की कुछ आयी है इलाज के लिए उनमे से किसी का रास पीना है.

मई bola-baba आपको तो पता है मुझे कच्ची कलियों का सौका नहीं है मुझे तो गदरायी जवानी चाहिए. अगर आपकी परमिशन हो तो नगमा मुझे मिल सकती है.

मेरी बात सुनते hi बाबा हसने लगा और bola-ek बात बोलूं डॉक्टर बुरा मत मन न लेकिन तुम्हारा लड़कीओ में टेस्ट बहुत ख़राब है. खैर नगमा चाहिए तो नगमा hi सही.

मई चलता हूँ डॉक्टर आज थोड़ा बिजी हूँ किसी दिन समय निकल के तुम्हारे साथ बात करेंगे.

और फिर वो हाकिम वहां से चला गया उसके बाद कमरे में फिर रम्य आयी और मुझे बगल वाले दूसरे कमरे में ले जाकर बैठा दी.

कुछ देर में वहां एक औरत आयी चेहरे पे उदासी. उम्र भी 40 के लगभग.

वो आयी और कमरे का दरवाजा बंद कर दी और एक एक करके मुझे बिना कुछ बोले अपना कपडा उतारत्ने लगी. वो अभी अपना कुरता उतरी hi थी की मई उसे रोक दिया.

मई bola-arey तुम ये क्या कर रही हो.

वो boli-mera नाम hi नगमा है. बाबा ने बताया की आप मेरे साथ हमबिस्तर होना चाहते है इसलिए मई आ गयी.

मई bola-dekho मई वैसा नहीं हूँ.

नगमा boli-sahab आपने नगमा नाम सोचकर कोई 18 साल की जवान लड़की के बारे में सोच लिया तो वो आपकी गलती है लेकिन नगमा मई hi हूँ. अगर आपको हमबिस्तर होना है तो बताइये नहीं तो मई चली जाउंगी. कोई दिक्कत की बात नहीं है.

मई bola-dekho नगमा तुम्हे लग रहा होगा की मई भी बाबा की तरह ठरकी और शैतान हूँ लेकिन मई वैसा नहीं हूँ.

मेरी बात सुनते hi नगमा तंज वाले स्टाइल में हसी हहहहह और बोली- सब लोग ऐसे hi बोलते है की वो बहुत सरीफ है लेकिन अंदर से सब एक जैसे hi होते है.

मई bola-mai वैसा नहीं हूँ.

नगमा बोली- अगर आप वैसे नहीं हो तो क्यों गांव की मासूम औरतों को अपना हवस का सीकर बना रहे है. वो सब बात हटाइये ये बताइये यहाँ क्या बाबा से इलाज करवाने आये है आप तो खुद डॉक्टर है.

मई नगमा का कुर्ती जो वो उतर चुकी थी उसे देते हुए bola-jab तुम इतनी समझदार हो तो इस बाबा के चक्कर में कैसे फांसी.

नगमा boli-mai फांसी नहीं हूँ मेरी किस्मत hi यही है.

मई जब 19 की हुई तभी मेरा निकाह हो गया. निकाह के 3 साल बाद भी जब मुझे बच्चा नहीं हुआ तो मेरे सोहर ने मुझे तलाक दे दिया. ऐसा नहीं है मेरे सोहर ने कोसिस नहीं किया या हमने डॉक्टर से चेक नहीं करवाया लेकिन कुछ भी फायदा नहीं हुआ.

मई bola-kya पता तुम्हारे सोहर में hi कोई कमी हो.

नगमा boli-pahle पूरी बात तो सुन लीजिये डॉक्टर साहब.

एक साल बाद फिर से मेरा निकाह हुआ दूसरे इंसान से उसके साथ भी मई 3 साल रही वहां भी मुझे बच्चा न हुआ तो उसने भी मुझे तलाक दे दिया. मेरे घर वाले मुझे अपनाने से मन कर दिए. मई सड़क पे आ गयी थी तब मुझे बाबा ने जगह दिया और मेरा इलाज भी किया. दो साल पहले तो बाबा की कृपा से मेरे पेट में बच्चा आया भी था लेकिन किसी कारन एक प्रॉब्लम आ गया. बाबा hi मेरा उपचार कर पाएंगे. कोई डॉक्टर वॉटर नहीं.

नगमा फिर boli-mere दोनों पुराने सोहर को अब बच्चे है अपनी नयी बेगम से. मेरे दोनों पुराने सोहर ने मुझे इतने गंदे गंदे बात बोले है जो आप सुन भी नहीं पाओगे. एक औरत का बाँझ होना उसकी जिंदगी नर्क बना देता है. बाबा की मेरे ऊपर कृपा है इसलिए बाबा के सरे कामों में मई मदद करती हूँ वो काम सही या गलत.

मई ये सुन का चुप रह गया.

मई बोलै- तुम ये कपडे पहन लो और रम्य को बुला दो.

नगमा वैसा hi की अपने कपडे पहनी और गेट खोल कर रम्य को बुला दी.

मई रम्य के कान में bola-baba जी से पूछो क्या मई ek-do दिन के लिए नगमा को अपने साथ ले जाऊ.

मेरी बात सुनते hi रम्य कमरे से निकली और चली गयी.

मई और नगमा कमरे में चुप चाप बैठे रहे.

15 मिनट बाद रम्य तो नहीं आयी लेकिन बाबा का फ़ोन आया.

बाबा हाकिम bola-kya बात है नगमा इतनी पसंद आ गयी की घर लेजाकर चुदाई करोगे. ले जाओ ले जाओ लेकिन याद रहे दो दिन में लौटा जरूर देना छोटे बच्चों की तरह जिद्द न करने लग्न ये बोलकर हाकिम हसने लगा.

मई bola-ji बिलकुल लौटा दूंगा.

ये बोलकर मई नगमा को bola-maine बाबा जी से परमिशन ले लिया है अब तुम दो दिन मेरे साथ रहोगी. अपने कपडे ठीक कर लो हमे बहार चलना है.

नगमा कुछ नहीं बोली और कमरे से बहार गयी फिर 15 मिनट बाद बुर्के में आयी.

मई नगमा को लेकर हाकिम के दरबार से निकल गए.

नगमा न कुछ पूछ रही थी और न कुछ बोल रही थी.

मई नगमा को लेकर सीधा गांव से पास के सहर गया. वहां के मेडिकल अफसर से बात करके जल्दी जल्दी नगमा का कुछ check-up करवाया.

जब मई नगमा के साथ सहर से लौट रहा था तब नगमा boli-tum अपने आप को बहुत बड़ा डॉक्टर समझते हो न लेकिन मेरी बात याद रखना तुम हाकिम बाबा के पेअर के धुल के बराबर भी नहीं हो. मई भी अपने निकाह के बाद 2-3 अच्छे डॉक्टर को दिखा चुकी हूँ. कोई कुछ नहीं कर पाया. मुझे जो उम्मीद है बाबा जी से hi है.

मई मुस्कुराया लेकिन कुछ बोलै नहीं. जब हम गांव आ गए तब मई नगमा को लेकर मेडिकल ऑफिस में आया. वहां मेरा अंदर 5-6 कमरे थे जो खली पड़े थे.

उनमे से एक कमरे में मई नगमा को ले गया और अपने सामने बैठा दिया.

मई bola-kya बोल रही थी तुम की मई बाबा जी के धुल के बराबर भी नहीं हूँ. तुझे पता है मुझमे तेरे बाबा जी से 10 गुना ज्यादा तंत्र मंत्र की शक्तियां है उसके अलावा मई एक डॉक्टर भी हूँ. अगर मई चाहूँ तो तुमको 10 दिन के अंदर गर्भवती कर सकता हूँ.

नगमा boli-ye सब चीजे किसी और को बताना डॉक्टर साहब.

मई bola-chalo मई तुम्हे कुछ दिखता हूँ. अपना हाथ दो.

नगमा अपना हाथ मुझे दी.

मई उसका हाथ पकड़ा और आंख बंद करके कुछ सोचने का नाटक करके bola-tumhara जब निकाह हुआ था तब एक बार तुम गिर गयी थी और तुम्हारे पेट में चोट लग गया था.

ये सुनते hi नगमा मेरे तरफ देखि और उसका चेहरा देखते hi मई bola-tumhare सोहर ने कुछ किया था.

नगमा boli-usne गलती से मुझे धक्का दे दिया था.

मई फिर bola-tumhare दूसरे सोहर ने भी एक बार तुम्हारे पेट पे मारा था. है न.

ये सुनते hi नगमा का आंख बड़ा बड़ा हो गया और आंख में ाशूँ आ गया.

मई स्टाइल से bola-nagma दुनिया में बहुत से तांत्रिक होंगे लेकिन मुझसे बड़ा तांत्रिक न कभी पैदा हुआ है न होगा. बाबा हाकिम मुझसे बड़े है उनके पास भी तंत्र विद्या है इसलिए मई उनकी इज्जत करता हूँ बस इतना hi.

मई फिर bola-ab बोलो क्या तुम्हे बच्चा चाहिए.

नगमा रट हुए हाँ में सर हिलायी.

मई bola-tumhe एक hi शर्त पे बच्चा मिल पायेगा जब तुम मुझे अपने तन मन धन से सोहर मानोगी.

सोहर मन ने का मतलब होता है तुम्हारे लिए सबकुछ मई hi हूँ. तुम्हारे लिए बाबा से भी बढ़कर मई हूँ. अगर तुम ये बात मान पाओगी तो मेरी शक्तियां बहुत जल्दी काम करेंगी और तुम 10 दिन से 30 दिन के अंदर जरूर गर्भवती बन जाओगी.

नगमा रट हुए boli-mujhe मंजूर है.

मई bola-aise नहीं नगमा तुम आराम से आज का सर दिन और रात समय लो फिर कल आ कर बताना. अभी के लिए तुम यही रह जाओ. कल सुबह मुझे जवाब दे कर जाना और हाँ खाने पिने की चिंता न करना वो सब तुम्हे यहाँ मिल जायेगा.

ये बोलकर मई उसे एक कमरे में बैठा कर चला आया. मई चाहता था नगमा एक रात अकेले रहे और सिर्फ मेरे बारे में सोचे क्यूंकि वो जितना ज्यादा मेरे बारे में और अपने बच्चे के बारे में सोचेगी उतना ज्यादा उसका भरोसा बाबा से हटकर मेरे ऊपर आएगा और यही तो मेरा प्लान था. बाकि चोट की कहानी तो उसके पेट पे निशान और मेडिकल रिपोर्ट से मुझे पता चला. वैसे अब वो चोट ठीक हो चूका है तो कुछ दवा से नगमा बड़े आराम से माँ बन सकती है इसलिए तो मैंने ये रिस्क लिया.
 
Episode 20

मई नगमा को छोड़ कर अपने घर आया. घर में हमेशा की तरह मौसी बैठी हुई थी. मई मौसी के साथ थोड़ा बात चित किया फिर खाना खाया और चल दिया. आज रात मुझे शमीमा के पास जाना था लेकिन शमीमा के पास जाने से पहले मई सोचा क्यों न मल्टी से भी मिल लिया जाये और आरती के अरमान को भी थोड़ा और भड़का लिया जाये.

मई घर से निकला और घूमते फिरते पहुंच गया मल्टी के घर. मई देखा मल्टी एक बिस्तर पे बैठी हुई थी. मुझे देखते hi मल्टी का चेहरा खिल गया. वो अपने बिस्तर से उठी और जैसे hi उठी उसके चेहरे पे थोड़ा दर्द का भाव आ गया. मई समझ गया कल की चुदाई का ये असर है.

मल्टी मेरे पास आयी और मेरा पेअर चुने के लिए झुक hi रही थी की मई उसे रोक दिया.

मई मल्टी को सहारा दिया और उसे उसके कमरे में ले गया.

मल्टी boli-aap बैठिये मई अभी आपके लिए चाय पानी लाती हूँ.

मई प्यार से मल्टी का हाथ पकड़ा और bola-malti मई यहाँ खाने पिने नहीं आया हूँ. मई तो खाना खा कर hi आया हूँ.

मल्टी boli-dactor बाबू ये ठीक नहीं है. हमारे रहते आप होटल से खाना क्यों कहते है. कल से हम आपके लिए खाना भेजवा देंगे.

मई bola-nahi नहीं उसकी जरुरत नहीं है.

मल्टी थोड़ा उदास होकर boli-aap हमे अपना नहीं समझते क्या.

मई bola-aisi बात नहीं है मल्टी तुमको अपना नहीं समझता तो क्यों आता तुम्हारे पास.

मई देख रहा था मल्टी आज पूरी तरह से बदल चुकी थी. वो मेरे साथ ऐसे पेश आ रही थी जैसे मई hi उसका अब सबकुछ हूँ.

मई bola-malti तुम आराम से लेट जाओ.

मल्टी बिस्तर पे लेट गयी.

पहले मई गया बहार का दरवाजा बंद किया फिर आकर बड़े प्यार से मल्टी का साड़ी निचे से उठाया और कमर तक कर दिया. मल्टी शर्म के मारे आंख बंद कर ली. मल्टी जोर जोर से सास ले रही थी जिसके चलते उसका दूध ब्लाउज के अंदर ऊपर निचे हो रहा था.

मई समझ गया था मल्टी धीरे धीरे गर्म हो रही है.





मई देखा कल की चुदाई के बाद मल्टी का बुर भी थोड़ा खुल गया था.

मई एक बार अच्छे से देख लिया कही मल्टी के बुर में कोई सूजन चोट या इन्फेक्शन तो नहीं हुआ है. जब मई सूरे हो गया की सब ठीक है बस हल्का दर्द और सूजन है तब मई मल्टी को उठा कर बैठा दिया. मई देखा मल्टी का सास अभी भी ऊपर निचे हो रहा था.

मई बड़े प्यार से मल्टी का चेहरा पकड़ा और अपने करीब लेकर उसके होठ चूसने लगा. मल्टी का तो हालत ख़राब हो गया.

मल्टी का बुर इतने में hi पनिया गया और वो झड़ने लग गयी.





मुझे भी उम्मीद नहीं था मल्टी इतनी जल्दी झाड़ जाएगी. मल्टी अब हाफ भी रही थी सर झुका के शर्मा भी रही थी.

मई मल्टी से अलग हुआ और bola-malti अपने कपडे ठीक कर लो. मई कल आऊंगा तब तुमसे प्यार करूँगा.

मल्टी के चेहरे पे थोड़ा उदासी था तो मई उसे समझाया की उसे आराम की जरुरत है. मैंने उसपे तंत्र मंत्र मार दिया है काली शक्तियां धीरे धीरे उसके सरीर से निकल जाएगी तब वो मानी.

मई उसको फिर bola-malti तुम्हारी बहु पे भी काली शक्तियां है इसलिए उसको बच्चा नहीं हो रहा है.

मल्टी boli-dak साहब आप उसका भी इलाज कर दो न.

मई कुछ सोचा और bola-malti अपने बेटे को बोलना आने वाले 30 दिन अपनी बीवी से दूर रहे नहीं तो काली शक्तियां तुम्हारी बहु से बेटे में जा सकती है क्यूंकि तुम्हारे सरीर से शक्तियां निकली है वो सब तो मर गयी है और बाकी को भी मई मार दूंगा लेकिन तुम्हारी बहु का इलाज करना पड़ेगा और हाँ बहु के साथ अच्छे से पेश आना. तुम जितना बहु पे गुस्सा करोगी अत्याचार करोगी उतना वो काली शक्तियां उसके अंदर बढ़ेंगी और बहुत ज्यादा बढ़ जाएँगी तो फिर से तुम में आ सकती है.

मल्टी boli-ji जी डाक साहब कल से मई बहु को कुछ नहीं बोलूंगी और बेटे को भी बोल दूंगी एक महीना उस से अलग सोने के लिए.

मई bola-achha मल्टी मई चलता हूँ.

फिर मई मल्टी के घर से निकला और आरती को बोल दिया आज तो इलाज नहीं करूँगा कल करूँगा.

आरती boli-ji ठीक है.

मई फिर bola-tum चिंता न करो अब तुम्हारी सास तुम्हे परेशां नहीं करेंगी लेकिन तुम भी उन्हें परेशां नहीं करना.

वो boli-ji.

फिर मई मल्टी के घर से निकला. मल्टी की हालत से तो मेरा लुंड भी खड़ा हो गया था. मन तो कर रहा था मल्टी को पटक के छोड़ू लेल्किन उसकी हालत ठीक नहीं थी.

मई घूमता हुआ रात के 9 बजे पंहुचा शमीमा के पास.
 
Episode 21

मई मल्टी के घर से जब शमीमा के घर पंहुचा तो शमीमा घर के बहार बैठी मेरा hi इंतजार कर रही थी. उसका सोहर घर के बहार hi खटिया पर सो चूका था.

मई जैसे hi शमीमा के पास गया वो ख़ुशी से कड़ी हो गयी.

मई शमीमा को pucha-ab कैसा है रहीम.

शमीमा boli-aaj ठीक है. कल ज्यादा पि लिए थे तो आज सुबह से hi थकन था इसलिए जल्दी सो गए.

शमीमा फिर puchi-dak साब आज तो इलाज करेंगे न मेरा.

मई bola-haan

ये सुनकर शमीमा के चेहरे पे ख़ुशी आ गया.

मई bola-shamima अंदर चलें...

शमीमा boli-ji डाक साबबब आइये ..

शमीमा आगे आगे चलने लगी. मई उसकी मटकता गांड को देखता हुआ घर में अंदर कमरे में आ गया.

एक तो मल्टी की hi ऐडा से लुंड खड़ा हो गया था और शमीमा की गांड देखकर लुंड एकदम तीग़ हो गया.

शमीमा boli-aaj क्या करना है डाक सबबबब.

मकई सोचा मई तो मूड में हूँ hi थोड़ा शमीमा को भी मूड में ले आता हूँ.

और मई शमीमा को bola-shamima बिस्तर पे लेट जाओ.

शमीमा वैसा hi की.

मई फिर धीरे से हाथ शमीमा के समीज के अंदर ले गया और शमीमा की सलवार का नाडा खोल दिया.

मई देखा शमीमा का धड़कन तेज हो रहा है.

मई फिर शमीमा का सलवार उतर दिया. शमीमा पंतय आज नहीं पहनी थी मतलब वो भी पहले से hi तैयार थी. ये तो मेरे लिए अच्छा बात था.

मई धीरे धीरे शमीमा के बुर के पास झुका अपना मुँह शमीमा के बुर पे टिका दिया. जैसे hi मई शमीमा के बुर पे अपना होठ लगाया शमीमा जोर से सिसकी और उसके मुँह से निकल ahhhhhhhhhh ammmiiiiiiiiiiiiii....

मुझे अपने होठ पे शमीमा के बुर का गर्मी महसूस हो रहा था मुझे अच्छा लगा. मई आराम से आपने जइब निकल और शमीमा के बुर पे टूट पड़ा. उसको जोर जोर से चूसना सुरु कर दिया साथ hi अपना एक हाथ से शमीमा का शमिज भी उठा दिया और ऊपर भी अंदर वो ब्रा नहीं पहनी थी. उसका दूध एकदम टाइट हो गया था. एक हाथ शमीमा का दूध मसलने लगा वही निचे शमीमा का बुर चाटने लगा. शमीमा तो पागल हो गयी वो बस जोर जोर से ुम्मःहहहहह ahhhhhhhhhhhhhhh ammiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii अह्ह्ह ammmiiiiiiiiiiiiiiiii चिल्ला चिल्ला कर बुर चुसवाने लगी.





कुछ hi समय में शमीमा का बुर पूरा गिला हो गया. उसके बुर से नमकीन पानी चुने लगा.

मेरा लुंड भी अब थोड़ा थोड़ा दर्द करने लगा तो मई पहले अपना पेंट खोला. जैसे hi मेरा पेंट खुला फिर चड्डी उतरा मेरा लुंड खड़ा हो गया. मई शमीमा को इशारे से अपने पास बुलाया और अपना लुंड शमीमा के होठों पे रख दिया. शमीमा समझदार थी वो तुरंत hi मेरा लुंड अपने मुँह में भर ली और चूसना सुरु कर दी.

मई भी मजे से शमीमा के मुँह में अपना लुंड पेलने लगा. बहुत मजा आ रहा था.





धीरे धीरे मेरा लुंड भी पूरा गिला हो गया. अब मेरे लुंड को चाहिए था बुर चुदाई के लिए. इधर शमीमा का भी बुर चुदाई के लिए तैयार था.

मई शमीमा के मुँह से लुंड निकला और शमीमा को bola-shamima क्या तुम बच्चे की अम्मी बन ने के लिए तैयार हो.

शमीमा ख़ुशी से हाँ में सर हिलायी.

मई bola-shamima मई तुम्हे अपनी शक्तियों से बच्चा दे रहा हूँ तो तुम्हे भी मेरे प्रति वफादार रहना होगा.

शमीमा इस बात पे भी हाँ में सर हिलायी.

मई शमीमा की बुर देख चूका था और मुझे पता था जब मेरा लुंड जायेगा तब इसे दर्द तो होगा.

मई शमीमा को bola-shamima थोड़ा हिम्मत रखना ये बोलकर अपना लुंड शमीमा के बुर पे लगाया और जोर का धक्का मारा.

शमीमा का बुर गिला था और चिकना भी मेरे एक hi धक्के में मेरा पूरा मोटा लुंड शमीमा के बुर में पूरा घुसता चला गया.

शमीमा जोर से छलई haiiiiiiiiiiiiiiiii ammmiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii..................

अह्ह्ह्ह dakkkkkkkkkkkk sabbbbbbbbbbbbb nikaloooooooooooooooo aahhhhhhhhhh nikaloooooooooooooooo

ये बोल बोल कर शमीमा खुद hi पीछे होने की कोसिस करने लगी लेकिन बेचारी पीछे हैट भी नहीं पा रही थी.





मई समझ गया की अगर मई अभी रुक गया तो शमीमा को मजा नहीं आएगा और उसे चुदाई से दर लगने लग जायेगा. इस लिए मई तुरंत एक झटके में शमीमा के बुर से लुंड खींचा और पुककककककककक की आवाज के साथ मेरा लुंड शमीमा के बुर से निकल गया.

शमीमा जोर जोर से हाफने लगी.

मई तुरंत शमीमा को घुमाया और फिर से अपना लुंड शमीमा के बुर में पीछे से घुसा दिया.

शमीमा फिर से चिल्लाई अह्ह्ह्हह्हह डाक sabbbbbbbbbbbbbb लेकिन इस बार मई नहीं रुका और मई शमीमा के बुर में लुंड पेलने लगा.

हार्ड धक्के के साथ शमीमा का बुर खुलता जा रहा था और शमीमा का दर्द भी काम होता जा रहा था.

20-25 धक्क्के के बाद तो शमीमा का दर्द बहुत काम हो गया और उसको मजा आने लग गया.





अब मई अच्छे से शमीमा को पकड़ के पीछे से छोड़ना सुरु कर दिया. शमीमा भी अब मजे में ahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhh umhhhhhhhhhhhhhhh अह्ह्ह डाककक sabbbbbbbbbbbbbb umhhhhhhhhhhh डाककक sabbbbbbbbbbbbbb बोल बोल कर मजे से चूड़े जा रही थी.





मई शमीमा को छोड़ते छोड़ते hi उसे अपने ऊपर ले आया और अब हालत ये था की मई निचे था और शमीमा ऊपर. मेरे अंदर जोश बढ़ता जा रहा था इसलिए मई शमीमा को और जोश में छोड़ने लगा. शमीमा का चेहरा अब ऊपर था और वो जोर जोर से ahnnnnnnnnnnnnnn ahnnnnnnnnnnnn चिल्लाने लगा जिसके चलते अब पूरा कमरे में अच्छे से शमीमा का आवाज गूंजने लगा.





मेरा लुंड झटके के साथ शमीमा के बुर के अंदर सीधा बच्चेदानी में अपना माल भरने लगा. जैसे जैसे मेरा माल शमीमा के बुर में भर रहा था शमीमा अजीब तरीके से मदहोश होते जा रही थी. उसका पूरा बदन पसीने से भीग गया था. इतना hi नहीं अब उसका सरीर अकड़ने लगा. मई बस एक बार जैसे hi अपने हाथ का उंगली शमीमा के बुर पे लगाया शमीमा अपना कमर जोर से उचकाई और झड़ना सुरु कर दी.





शमीमा मेरे ऊपर hi do-teen मिनट कमाते हुए झड़ते रही फिर हफ्ते हुए मेरे ऊपर hi गिर गयी. शमीमा का तो हो गया था लेकिन मेरा लुंड अभी भी झड़ने के बाद भी पूरा खड़ा था. मई शमीमा को अपने ऊपर से हटाया तो देखा वो हाफ रही है और जब वो जोर जोर से सास ले रही है तो उसके दूध ऊपर निचे हो रहे है. मुझे उसका दूध अच्छा लगा. मई तुरंत अपना लुंड शमीमा के दोनों दूध के बिच फसा दिया और शमीमा के साइन पे लुंड रगड़ने लगा और फिर मेरा लुंड भी माल झड़ना सुरु कर दिया जो कुछ शमीमा के दूध पे गिरा और ढेर सारा माल सीधा शमीमा के चेहरे पे गया.





शमीमा का चेहरा पूरा मेरे वीर से भर गया था. वो बस मदहोशी में हाफ रही थी.

मई भी कुछ देर शमीमा के पास लेता रहा. जब शमीमा नार्मल हुई तब मई शमीमा के बगल से उठा और कमरे से निकल गया.

मई जब शमीमा के घर से निकल रहा था तो देखा शमीमा के दरवाजा के पास का जमीं पूरा गिला हुआ पड़ा था. जमीं मिटटी का जरूर था लेकिन उसपे गीलापन पानी का नहीं था. अजीब सा चिपचिपा सा कुछ गिरा था. मई उसे इग्नोर किया और अपने घर आकर सो गया. शमीमा के घर में बोलै हुआ था की रात में उसके कमरे में कोई नहीं जायेगा तो ये बात फिक्स था की कोई उसे रात में डिस्टर्ब नहीं करेगा.
 
Episode 22

मई आराम से रात में सोया सुबह उठा तो मेरे अंदर आज कल से भी ज्यादा ताकत महसूस हो रहा था. मई बहुत फ्रेश फ्रेश फील कर रहा था.

मई आराम से नहाया फ्रेश हुआ फिर मौसी के साथ बैठ कर खाना खाया.

जब मई खाना खा कर उठने वाला था तब अचानक से मौसी boli-ansh मुझे तुमसे कुछ बात करना है.

मई bola-boliye मौसी क्या बात है.

मौसी boli-yahan नहीं कमरे में बैठ कर बात करते है.

मई bola-thik है

फिर हम दोनों मौसी के कमरे में आ गए.

मौसी boli-dekho अंश मई भी चाहती हूँ मई जिंदगी में खुश रहूँ लेकिन मुझे दर है कही मेरा बाद लक तुमपे ना आ जाये. मई जिसके साथ भी रही हूँ उसका कभी भला नहीं हुआ है.

मई bola-mousi आप पुराणी बातों को दिल से निकल दो. मुझे पता है आपने अपनी जिंदगी में सिर्फ दुःख दर्द hi देखा है इसलिए आप अपने आप को बाद लक मानती हो लेकिन यकीं करो आप बाद लक नहीं गुड लक हो. देखो न जब से आप मिले हो मेरी जिंदगी में सबकुछ अच्छा hi तो हो रहा है.

मौसी boli-ansh बुरा मत मन न लेकिन मुझे थोड़ा समय और चाहिए.

मई bola-mousi इसमें बुरा मन ने की कोई बात hi नहीं है. आपकी लाइफ है तो फैसला भी आपका hi होगा.

अच्छा मई चलता हूँ और हाँ आप टेंशन बिलकुल न लेना.

फिर मई अपने घर से निकल hi रहा था की मेरे घर के खिड़की के पास रंजू दिखाई दी जो कभी खिड़की से अंदर झक्ति तो कभी खिड़की पे कान लगाकर सुनती.

रंजू को ऐसा करते देख गुस्सा तो मुझे बहुत आया लेकिन मई अभी रंजू से झगड़ा करने के मूड में नहीं था.

रंजू जैसे hi मुझे देखि तुरंत सीधी कड़ी हो गयी फिर कामिनी मुस्कान के साथ boli-achha तो तूने उस पागल डॉक्टर को अपने पास रखा है. गांव वाले समझते है वो पागल भाग गयी.

रंजू की बात सुनते hi मेरा कान खड़ा हो गया.

रंजू boli-doctor अगर ये बात तुम चाहते हो की गांव में किसी को पता न चले तो मुझे अभी के अभी 10 हज़ार दो.

रंजू की बात सुनते hi मेरे मन से nikla-ye रंडी एक दिन मेरे लुंड से बहुत मार खयेगी.

मई अपने पर्स से 5 हज़ार निकला और उसे देते हुए bola-ye रखना है रख नहीं तो जा गांव में हल्ला कर.

मुझे पता रंजू एक नंबर की कामिनी है वो चुप चाप 5 हज़ार पकड़ ली. अभी भी मई ये 5 हज़ार छपने हाथ में पकडे hi था और दूसरे साइड से ये पैसा रंजू पकड़ राखी थी.

मई bola-pahle ये बता तुझे पता कैसे चला.

रंजू boli-tere खिड़की थोड़ा सा खुला है उधर से दीखता है.

मई रंजू को पैसा दिया फिर घर के अंदर जाकर खिड़की देखा तो सचमे बहार से कोई ध्यान से झाके तो अंदर दिखेगा. मई फिर उस जगह को अचे से कपडे से पैक कर दिया और ऑफिस में आ गया. ऑफिस में hi नगमा मुझे मिल गयी.

नगमा रात भर से मेरे hi बारे में सोच रही थी.

पूरी रात वो कश्मकश में रही. एक तरफ उसका मन बोल रहा था की मई उसके हाकिम बाबा से भी ज्यादा तंत्र मंत्र जनता हूँ तभी तो उसका पास्ट बता दिया जो कभी उसका हाकिम बाबा भी नहीं बता पाया. लेकिन फिर कभी कभी सोचती दुनिया में इतने सरे ठग लोग है क्या पता ये भी एक ठग hi हो.

सुबह जब मई नगमा से मिला तब boli-mai तैयार हूँ लेकिन मेरी एक शर्ट है

मई पूछा कैसी शर्ट.

नगमा boli-mujhe देखना है तुम सचमे डॉक्टर हो या बाबा हो या सिर्फ एक फर्जी इंसान हो.

ये बोलते समय नगमा थोड़ी घबरा भी रही थी. वो सोच रही थी कही मई उस से गुस्सा न हो जाऊ और उसे माँ बनाने से मन कर दूँ एयर वो एक सुनहरा मौका न खो दे.

जैसे hi मई नगमा के मुँह से ये बात सुना मेरे चेहरे पे मुस्कराहट आ गया. मुझे नगमा ने मौका दे दिया अच्छे से नगमा को फ़साने का और बाबा हाकिम से एक कदम आगे बढ़ने का. अब बारी था मेरा सुसरा पैसा फेकने का.

मई bola-mere पास शक्तियां है लेकिन उसका मई फ्री में फालतू में उसे नहीं करता. अगर मई तुम्हारे कोख में बच्चा दे दूंगा तो लोगों का भरोसा हाकिम बाबा पे और बढ़ जायेगा लेकिन मई ऐसा नहीं चाहता.

नगमा boli-tum क्या चाहते हो.

मई bola-dekho नगमा मुझे पता है अभी भी अच्छे तरीके से तुमको मुझपे भरोसा नहीं है लेकिन बिना भरोसे के मई कोई काम नहीं करता.

नगमा boli-tum क्या चाहते हो.

मई bola-dekho नगमा गांव में ऐसे बहुत से गरीब है जो अपने बचूं को ले कर बाबा के पास जाते है. हाकिम बाबा बहुत से बच्चों को देख भी नहीं पाते भीड़ के कारन.

मई चाहता हूँ तुम उन बच्चों को मेरे पास भेजो ताकि मई उन्हें ठीक कर सकूँ. क्या तुम ये कर पाओगी.

नगमा boli-haan कर पाऊँगी.

मई bola-thik है तुम अगर ये कर पाओगी तो 7 दिन ये करो फिर मई खुद तुम्हारे पास आऊंगा.

नगमा boli-thik है.

इस चीज से तीन चीजे होंगी. पहला तो मेरा भरोसा नगमा पे बढ़ेगा अगर वो मेरा काम करेगी. दूसरा नगमा का भरोसा भी मुझपे बढ़ेगा जब वो सुनेगी या देखेगी की मई बहुत से बच्चों को ठीक कर रहा हूँ. तीसरा गांव में भी धीरे धीरे मेरा नाम बढ़ेगा. मुझे पता है ये काम थोड़ा ज्यादा रिस्की है लेकिन आज नहीं तो कल मुझे ये सब काम धीरे धीरे सुरु करना hi पड़ेगा.

नगमा फिर दरबार चली गयी. आज तो मुझे कुछ काम नहीं था तो दिन भर मई आराम किया.
 
Episode 23

दिन भर मुझे कुछ काम था नहीं तो आराम किया. शाम को सोचा क्यों न एक बार गांव में चक्कर लगा लिया जाये. थोड़ा और पता कर लिया जाये कुछ गांव के बारे में कुछ गांव के लोगों के बारे में. यही सोचकर मई गांव में घूम रहा था की मुझे चौपाल पे कुछ लोग दिख गए. मई उनमे से किसी को नहीं जनता था सिवाय रहीम के. चौपाल के चबूतरे पे लोग बैठ कर गुप्षुप कर रहे थे.

मुझे रहीम देखते hi bola-arey डॉक्टर साहब आइये आइये बैठिये... कहाँ घूम रहे है...

मई भी रहीम के बात पे चौपाल में शामिल हो गया और गुप्षुप करने लगा. गांव के लोगों से बात करते करते मुझे do-teen चीजों का फिर से अहसास हो गया. पहला तो ये की गांव के लोग वीरेन से डरते काफी है. और बाबा पे अँधा भरोसा है. और ज्यादातर लोग गांव के अनपढ़ है.

मई चौपाल पे यु hi लोगों से बात कर रहा था. बात करते करते मुझे पता चला राम बाबू नाम के एक आदमी है जिनके बेटे की तबियत बहुत ख़राब है. बातों बातों में ये भी पता चला की राम बाबू वीरेन का चचेरा भाई है. एक ज़माने में राम बाबू और वीरेन दोनों के पास लगभग बराबर जमीं था. समय के साथ राम बाबू का जमीं काम होता गया क्यूंकि अक्सर कभी उसके बेटे की तबियत ख़राब रहती या फिर उसी बीवी की. इधर वीरेन का जमीं बढ़ता गया. राम बाबू से उसके इलाज के नाम पे बहुत सी जमीं बाबा ने ठग लिया कुछ जमीं बिक गए.

मई यु hi वहां बैठे एक आदमी से pucha-ye राम बाबू का घर किधर है.

वो आदमी bola-babu ये जो कच्ची सड़क गयी है न जहाँ से मुद जाये वही कोने पे बाये में राम बाबू का घर है.

मई bola-rahim भाई तुम मेरे साथ चलो.

मई रहीम को अपने साथ ले लिया और चल दिया राम बाबू के घर.

हम दोनों सड़क से चलते गए तो थोड़ा आगे सड़क मुद गया वही कोने पे एक बड़ा सा घर था लेकिन थोड़ा पुराण ज़माने का लग रहा था. हम दोनों उस घर में घुसे.

अंदर आंगन में देखे एक चारपाई पे एक युवक लेता हुआ है. देखने में 28-30 का लग रहा होगा. उसके पास hi कुर्सी पे एक आदमी बैठा हुआ था.

रहीम भाई bola-ye hi राम बाबू है.

राम बाबू रहीम को देखते हु bola-arey रहीम आज इधर का रास्ता देख लिए कोई काम था क्या.

रहीम bola-nahi पांच साहब कोई काम नहीं था. हमको तो ये डाक साब लेकर आये है.

मुझे देखते hi राम बाबू bola-lagta है इस गांव में नए आये हो. पहले कभी नहीं देखा.

रहीम इस बात पे तुरंत bola-arey पांच साहब ये बिलकुल नए नए गांव में आये है. मुश्किल से 7 दिन भी नहीं हुआ है.

राम बाबू bole-kya नाम है तुम्हारा.

मई bola-ji मेरा नाम अंश है. मई बहुत ज़माने से बाबा हाकिम बाबा सरीफ का शिष्य रहा हूँ. आपके बेटे को देखने आया हूँ.

राम बाबू bole-jab तुम्हारे बाबा जी इसे ठीक नहीं कर पाए तो तुम क्या करोगे.

राम बाबू के इस बात पे रहीम टपक से bola-panch साहब इसको कोई मामूली इंसान न समझिये. तंत्र मंत्र के मामले में बाबा से दो कदम आगे hi होंगे.

रहीम भावनाओ में बहकर और कुछ बोलने वाला था की मई इशारे से उसे चुप रहने को बोलै तो वो चुप हो गया.

मई bola-dekhiye पांच साहब मई आपके बेटे का इलाज करूँगा बदले में न मुझे जमीं चाहिए न पैसा नहीं कुछ और. मई सिर्फ इलाज करूँगा. अगर उपरवाले की कृपा से आपका बीटा ठीक हो जाये तो अच्छी बात है. हम तो बस कोसिस hi कर सकते है इसमें आपका नुक्सान कुछ नहीं है.

राम बाबू कुछ सोचे फिर bole-thik है. वैसे आपने नाम क्या बताया अपना.

मई bola-mera नाम तो अंश है लेकिन आप मुझे डॉक्टर भी बोल सकते है.

राम बाबू bole-thik है डाक्टर.

फिर मई बिस्तर पे लेते राम बाबू के बेटे के पास गया.

मई bola-kya नाम है इनका.

राम बाबू बोले- सोनू नाम है इसका.

मई bola-kab से इसका ये हालत है.

राम बाबू bole-saal भर ठीक रहता है. हर साल गर्मी का मौसम सुरु होते hi तबियत बिगड़ जाता है. जितना सरीर साल भर में लगता है गर्मी में सब ख़राब हो जाता है. पता नहीं कौन भूत लग गया है इसके सरीर में.

मई bola-agar आप बुरा न मने तो मई इसको थोड़ा देखूं.

राम बाबू bole-dekh लो.

मई फिर सोनू को अच्छे से चेक करने लगा. हार्ट बीट, फिर आंख फिर जीभ चेक किया. सोनू को बुखार भी था और जीभ में थोड़ा चला.

सोनू को देखते hi मुझे समझ आ गया की उसे वायरल फेवर है. बहुत से लोग होते है जो बचपन में सरे ठीके नहीं लगवाते. उनमे से एक वायरल फेवर का भी होता है. किसी को गर्मी में ये होता है तो किसी को बारिश के समय.

इसमें अगर टाइम से दवा न दिया जाये तो 4-6 दिन तक बुखार रहता है और सरीर बहुत कमजोर हो जाता है.

मई राम बाबू से pucha-iska सरीर कब से गर्म है.

राम बाबू bola-kal रात से हुआ है डाक्टर.

मई फिर मेडिकल ऑफिस गया और वायरल फेवर का दवा ले आया. राम बाबू को दे दिया और bola-isko तीनो टाइम ये खिलाइये खाना खाने के बाद. इसके सरीर में पानी का भी कमी हो सकती है तो दिन में तीन बार इसको नमक और चीनी मिलकर पानी पिलाइये. फिर मई ऐसे तंत्र मंत्र पढ़ने का नाटक करके सोनू के सर पे हाथ रखा और 5 बार फूक दिया.

मई bola-dekhiye कैसे दो दिन में आपका बच्चा ठीक हो जायेगा.

मई फिर bola-haan अगर आपका बच्चा ठीक हो गया तो आप गांव में किसी को नहीं बताएँगे की आपका बच्चा कैसे ठीक हुआ क्यूंकि अगर फिर से इसे नजर लग गया तो दूसरा भूत पिसाच इस से चिपक जायेगा.

राम बाबू bola-thik है डाक्टर.

राम बाबू ये बोल तो दिया लेकिन उसे मुझपे उतना भरोसा नहीं था.

मई वहां से आ गया और रहीम अपने घर चला गया. मई रहीम को भी बोल दिया ये सब बाते वो किसी से ना करे.

जब रात हुआ तो मुझे आज रात मल्टी आरती और शमीमा तीनो से मिलना था.

सबसे पहले मई शमीमा के घर गया.

जब शमीमा के घर गया तो देखा वो बिस्तर पे पड़ी है. मुझे देखते hi वो उठने की कोसिस कर रही थी तो मई bola-lete रही शमीमा. फिर मई शमीमा का सर छू कर देखा तो उसे बुखार था.

मई शमीम को एक बुखार की दवा दिया.

फिर मई पहले शमीमा के कमरे का दरवाजा बंद किया फिर मई बड़े आराम से शमीमा का शमिज उतरा देखा शमीमा का बुर में सूजन आ गया था. मई शमीमा को चादर से धक् दिया और बहार जाकर मई रहीम से बोलकर एक कटोरी में हल्का गर्म तेल मगवाया.

मई फिर से शमीमा के पास आया और कमरे का दरवाजा बंद करके शमीमा के ऊपर से चादर हटा दिया.

शमीमा शर्मा रही थी.

मई फिर बड़े आराम से शमीमा के बुर पे गर्म तेल लगाकर शमीमा के बुर की मालिश सुरु कर दिया.

शमीमा को एक अजीब सा मजा आने लगा. शमीमा धीरे धीरे सिसकने लगी. हल्का गर्म तेल धीरे धीरे शमीमा के बुर के अंदर भी जाने लगे. ऐसे मस्सगे से शमीमा को आराम भी मिल रहा था और अच्छा भी लग रहा था.





शमीमा मस्ती में धीरे धीरे खोटी जा रही थी लेकिन शमीमा को ऐसे गर्म होता देख मेरा लुंड भी पागल होता जा रहा था. मेरा मन करने लगा अब शमीमा को छोड़ने का. मेरा लुंड भी पूरा तन के खड़ा हो गया था. मई देखा शमीमा के बुर में जो सूजन था वो भी मस्सगे से काम हो गया था.

मई जोश में तुरंत अपना लुंड निकला और गुप्प्प से एक झटके में hi शमीमा के बुर में पेल दिया. शमीमा का बुर तो पूरा चिकना था hi. एक उसके बुर में तेल लगा हुआ था और उसके बुर से पानी भी बाह रहा था. मई शमीमा को पकड़ा और गुपपपपपपपप गुपपपपपप गुपपपप गुपपपपपपप करके छोड़ना सुरु कर दिया. शमीमा को दर्द भी हो रहा था लेकिन मजा भी आ रहा था.

शमीमा मजे में अह्हह्ह्ह्ह अम्मीईईईई ahhhnnnnnnnnnnn डाक sabbbbbbbbbbbbbbbb ahhhhhhhhhhh मर gayiiiiiiiiiiiiiiiiiii चिल्लाने लगी. शमीमा का टाइट बुर छोड़ने में एक अलग hi मजा था.





मई अब पुरे जोश में तेज तेज शमीमा को छोड़ने लगा. शमीमा के बुर में तो जैसे पानी का बढ़ आ गया. शमीमा के बुर से गर्म गर्म पानी चुने लगा जो बिस्तर पे गिर रहा था. शमीमा के बुर का पानी मेरे लुंड को और ज्यादा गर्म कर रहा था. मई और जोश में शमीमा का चुदाई करने लगा.





मुझसे भी शमीमा की गर्मी बर्दास्त नहीं हो रहा था. मेरा लुंड बस अब फटने को तैयार hi था. मई दो चार जोर जोर का झटका मारा और पूरा लुंड शमीमा के बच्चेदानी तक पंहुचा दिया और मेरे लुंड से पूरा माल प्रेशर के साथ शमीमा के बच्चेदानी में भरना सुरु हो गया. जैसे hi मेरा गर्म गर्म माल शमीमा के बच्चेदानी में गिरने लगा. शमीमा मस्ती में पागल हो गयी. वो पुरे ताकत के साथ मुझे अपने बाँहों में कास ली और बोलने लगी अह्ह्ह्हह्ह्हह्हं डक्क sabbbbbbbbbbbbbbb मुझे अम्मी बना दो डाककककककककक sabbbbbbbbbbbb . बन जाओ मेरे सोहर डाक sabbbbbbbbbbbb बन जाओ मेरे बच्चे के अब्ब्बूउऊउउउउउ डाककक sabbbbbbbbbbbbbbb.





ये सब बाते शमीमा के दिल से निकल रहा था. मई जब पूरा झाड़ गया तब मई अपना लुंड शमीमा के बुर से निकला और शमीमा के गाल को चूमते हुए कान में धीरे से bola-jamane के लिए तुम्हारा सोहर भले रहीम है शमीमा लेकिन तेरे लिए तो तेरा सोहर मई hi हूँ. मई तुम्हे बच्चा जरूर दूंगा. अब नहीं सुन ने पड़ेंगे तुम्हे गांव वालों के तने. तुम्हे भी अम्मी जान बन ने की ख़ुशी मिलेगी. ये बोलकर मई एक बार धीरे से शमीमा के होठों को चूमा फिर शमीमा के शमिज से hi अपना लुंड पोछे कपडे पहना और शमीमा पे भी एक चादर दाल दिया. शमीमा को एक पैन किलर का गोली भी दे दिया और फिर शमीमा के घर से निकल गया. शमीमा बस मुस्कुराते हुए मुझे जाते हुए देखती रही.

वैसे मई शमीमा को छोड़ने के मनसूबे से उसके पास आया नहीं था लेकिन क्या करें माहौल hi ऐसा बन गया. मई शमीमा के घर से निकला तो पंहुचा मल्टी के पास.

आज मल्टी कल के मुकाबले काफी ठीक दिख रही थी.

मुझे देखते hi मल्टी भाग के मेरे पास आयी और मुझे ले जाकर एक कुर्सी पे बिठाई. पहले पानी पिलाई फिर खाना भी खिलाई.

मई उसे बोल रहा था की घर से खा कर आया हूँ लेकिन वो जिद्द करने लगी तो थोड़ा सा खाना वहां भी खा लिया. जब मई खा रहा था पुरे टाइम मल्टी मुझे प्यार से देखती रही और बिच में पूछती रही और कुछ चाहिए क्या.

मई आरती को भी 2-3 दिनों से ताल रहा था आज बारी थी आरती की. आरती बिलकुल जवान कमसिन काली थी. मुझे पता था आरती को थोड़ा ट्रैन करना पड़ेगा नहीं तो अगर मई सीधा आरती पे चढ़ गया तो उसकी चीख पुरे गांव में गूंज जाएगी.

पहले तो मुझे चेक करना पड़ेगा आरती का बुर खुला कितना है या फिर कही पैक hi तो नहीं है.

मई मल्टी को bola-malti आज मई तुम्हारी बहु का इलाज करूँगा. तुम्हे अपने घर के लिए वरिष्ठ चाहिए न.

मल्टी ख़ुशी से boli-ji डाक्टर सबबबब.

मई bola-thik है तो पहले मई तुम्हारी बहु का इलाज करता हूँ फिर तुम्हारे पास आऊंगा.

मल्टी ख़ुशी से boli-ji बिलकुल डाक्टर साबबबब. बस आप किसी तरह करके मेरे बहु को बच्चा दे दीजिये और मेरे वंश को ख़त्म होने से बचा लीजिये.

मई bola-bilkul मल्टी.

फिर मई आरती को लेकर एक कमरे में आ गया.

आरती थोड़ा घबरा रही थी.
 
Episode 24

मई आरती को लेकर कमरे में आ गया.

मई एक कुर्सी पे बैठ गया और आरती मेरे सामने कड़ी हो गयी.

मई आरती को bola-dekho आरती मुझे तुम्हारा इलाज करना है उसके लिए मई जो बोलूंगा तुम्हे करना होगा. क्या तुम तैयार हो.

आरती घबराते हुए boli-kk क्या करना होगा...

मई देखा आरती बहुत घबरा रही थी तो उसके हिम्मत बढ़ने के लिए मई बोलै- देखो तुम डरो नहीं मुझपे यकीं रखो. देखो मैंने बोलै था न तुम्हारी सासु माँ मान जाएगी देखो मान गयी.

मेरी बात पे आरती खुश होकर boli-haan अब माजी मुझपे पहले की तरह चिल्लाती भी नहीं है उल्टा कभी कभी काम में मदद भी कर देती है. ये सब आपके कारन hi हो पाया है.

मई bola-tum बिलकुल भी चिंता न करो सब ठीक हो जायेगा.

मई थोड़ा सोचा और फिर सोचा क्यों न जो आईडिया मल्टी पे उसे किया वही इस्पे भी उसे किया जाये.

मई bola-aarti देखो मई तुम्हारे सरीर से धीरे धीरे बुरी शक्ति को निकलूंगा लेकिन इसमें क्या है की बुरी शक्ति तुम्हारे सरीर से निकलकर कपड़ो में चुप सकती है इसलिए पहले तुम्हे अपने कपडे एक एक करके उतरने पड़ेंगे. मई उसको मंत्र से ठीक करूँगा फिर तुम्हारे सरीर को ठीक करूँगा.

आरती शर्मा के boli-aa आपके सामने.

मई प्यार से bola-haan आरती मेरे सामने hi करना पड़ेगा. बुरी शक्तियों को तुम नहीं देख पाओगी. मई भी अपनी ऑंखें बंद कर लूंगा तो तुम्हारा इलाज कैसे होगा.

आरती मेरी बात पे सहमत होते हुए सर झुका कर boli-ji आप ठीक कह रहे है.

मई bola-thik है घबराओ नहीं है न. अब सबसे पहले अपनी साड़ी उतरो.

आरती धीरे धीरे मेरे सामने साड़ी उतरने लगी. जैसे जैसे आरती साड़ी खोल रही थी वैसे वैसे उसका यौवन और उभर दोनों मेरे आँखों के सामने आ रहा था.





आरती जैसे hi अपना साड़ी उतरी उसका कैसा हुआ बदन मेरे सामने आ गया. मेरा तो लुंड अकड़ना सुरु हो गया. मई आरती को bola-aarti तुम अब बिस्तर पे लेट जाओ.

आरती वैसा hi की.

मई बड़े प्यार से आरती के कैसे हुए चुकी को पकड़ा और मसलने लगा.

आरती तो घबरा भी रही थी लेकिन उसे मजा भी आ रहा था जो उसके चेहरे से पता चल रहा था.





आरती के चुकी बिलकुल कड़क था. ऐसा लग रहा था जैसे उसे आजतक किसी ने छुआ hi नहीं है. ये सोचते hi मेरे दिमाग में आया कही आरती वर्जिन तो नहीं.

और मई बड़े प्यार से आरती का पेटीकोट उठाया और कमर तक कर दिया. आरती पंतय पहनी हुई थी. मई धीरे से आरती का पंतय एक साइड हटाया और जैसे hi आरती के बुर पे मेरा हाथ गया वो अचानक से चहक पड़ी. मई आरती के बुर के फाक को फैलाया तो मेरा हाथ पेअर में रोंगटे खड़े हो गए एक झणझणी सा आ गया क्यूंकि आरती का बुर बिलकुल सील था मतलब आरती सचमे कच्ची काली थी.





मेरा लुंड ये देख कर hi पूरा खड़ा हो गया. मेरे अंडरवियर में लुंड अब जकड़ा हुआ दर्द कर रहा था.

मई आरती को bola-aarti मुझे भी अपना कपडा उतरना पड़ेगा नहीं तो ये बुरी शक्ति मेरे अंदर आ जाएगी.

ये बोलकर मई अपना कपडा उतरने लगा तो आरती boli-dakter जी यही शक्ति तो मजी के अंदर भी गयी है न. कही ये बुरी शक्ति यहाँ से मजी के अंदर चली गयी तो आपको दोबारा म्हणत करना पड़ेगा.

ये सुनते hi मेरे दिमाग में एक मस्त आईडिया आया और मेरा लुंड जोर से ठुमका.

मई bola-tum सही बोल रही हो आरती. मई एक काम करता हूँ दोनों का इलाज एक साथ करता हूँ. ऐसा करने से तुम में और तुम्हारी सासु माँ में जो बुरी शक्ति है सबको मई एक साथ मार दूंगा.

मई तुरंत अपना शर्ट का बुट्टोम खोल रहा था बिच में hi रुक गया और मई फटाफट अपना शर्ट ठीक किया,..... एक चादर आरती पे डाला और दरवाजा खोला.

दरवाजा खोल कर मई आवाज दिया मल्टीईई

तो इतना सुनते hi मल्टी बगल वाले कमरे से भाग के मेरे पास आ गयी और boli-kya हुआ डाक्टर सब..

मई bola-mai महसूस कर पा रहा था आरती के सरीर से बुरी शक्तियां निकल कर तुम्हारे तरफ जा रही थी.

मल्टी तुरंत boli-sachme डाक्टर सब... मुझे भी थोड़ा अजीब तो लग रहा था.

ये सुनकर मई खुश हो गया और bola-malti तुम अंदर आ जाओ.

मल्टी अंदर आ गयी.

मई मालती को bola-mujhe लगता है जब मई आरती का इलाज करूँगा तो मई बहुत साडी बुरी ताकत को तो ख़त्म कर दूंगा लेकिन कुछ बुरी ताकत इस कमरे से भाग कर तुम में चिप जाएगी इसलिए मई सोच रहा था क्यों न तुम दोनों का इलाज एक साथ करून. इस से तुम दोनों भी जल्दी ठीक हो जाओगी. मुझे भी दो बार म्हणत नहीं करना पड़ेगा और तुम्हारा इलाज मई एक बार कर चूका हूँ तो तुम मेरी मदद भी कर पाओगी.

मल्टी थोड़ा सोची और boli-dakter सब ये सही रहेगा मेरी बहु के सामने...

मई bola-isme बुरा कुछ नहीं है मल्टी. जरा सोचो अगर कही ऐसा हो की मई आरती का इलाज करू तो बुरी शक्तियां तुम में चुप जाये और जब तुम्हारा इलाज करू तो बुरी शक्तियां आरती में चुप जाये ऐसे तो बहुत मुश्किल होगा. और शर्माने की क्या बात है मई तुम दोनों का इलाज hi तो कर रहा हूँ.

मई फिर थोड़ा सा प्यार से बोलै मई तुम दोनों के लिए इतना कुछ कर रहा हूँ क्या तुम मेरे लिए इतना भी नहीं करोगी.

मल्टी तुरंत बोल पड़ी- जरूर करेंगे डाक्टर सब...

आप मुझे ख़ुशी दे रहे है मेरे घर को वरिष्ठ दे रहे है मई जरूर करुँगी....
 
Episode 25

आज बरी थी मल्टी और आरती दोनों की. जिसे मई मल्टी से सुरु करने वाला था. मल्टी और आरती दोनों मान चुकी थी.

मई मल्टी की तरफ देख कर bola-Dekho मल्टी, मैंने पहले hi कहा था की ये बुरी शक्तियां बहुत चालक है और बुरी हैं. अगर आज हमने इनका एक साथ खत्म नहीं किया, तोह ये तुम दोनों के बीच खेलते रहेंगी. तुम चाहती हो न की तुम्हारा वंश आगे बड़े? तोह जैसा मैं कहता हूँ, बिलकुल वैसा करो.

मेरा बात सुनते hi मल्टी तुरंत बोली- जी डाक्टर साब, आप जो कहेंगे वही होगा. आप हमारे घर के लिए इतना कुछ कर रहे है तो हम नहीं करेंगे. अगर मेरे घर का चिराग जलने के लिए ये ज़रूरी है, तोह मैं पीछे नहीं हटूंगी. वैसे भी आपने मुझे बहुत कुछ दिया है.

मल्टी फिर घर की बड़ी होने के नाते आरती को भी दिलासा देते हुए बोली- बहु दर मत, तुम्हे लग सकता है की डाक्टर साब कुछ गलत कर रहे है लेकिन डाक्टर साब पे भरोसा रखना. ये hi हमारी आखिरी उम्मीद है. डाक्टर साब हमारा भला चाहते हैं.

आरती जो बिस्तर पे चादर लपेटे हुए बैठी हुई थी दबी आवाज़ में boli-Ji माजी... अगर आप कह रही हैं तोह ठीक है.

मई मल्टी से बोलै- मल्टी, पहले मई तुम्हारे शरीर से वो काली शक्ति निकलूंगा, क्यूंकि तुम घर की बड़ी हो. जब तक तुम्हारा ये बदन काली शक्ति से आज़ाद नहीं होगा, आरती के अंदर नया वंश नहीं टिक पायेगा.

मई फिर आरती को bola-aarti, तुम यहीं बैठो और देखो, ताकि तुम्हारा डर, तुम्हारे सवाल सब ख़त्म हो जाये.

मल्टी तो जानती थी आगे क्या होने वाला है और आज जो होने वाला था वो अकेले में नहीं उसके बहु के सामने होने वाला था इसलिए मल्टी थोड़ा शर्मा रही थी थोड़ा घबरा भी रही थी.

मई मालती को पूछा- मल्टी तुम तैयार हो.

मल्टी थोड़ा शरमाते हुए थोड़ा घबराते हुए boli-jj जज जी दद डाक्टर सबब्ब... मम्मेन टट्टियार हूँ.

आरती भी बिस्तर के कोने में बैठी, थोड़ा घबराई हुई पर उत्सुकता से देख रही थी.

अब मई मल्टी का इलाज सुरु करने वाला था. इलाज का सोच के hi मेरा लुंड झटके खाने लगा. आज तो सास बहु दोनों की बारी है मेरे लुंड पे कूदने का.

मई मल्टी को बोलै - मल्टी अपना साड़ी उतर दो उसमे काली शक्तियां चुप सकती है.

मल्टी धीरे धीरे शरमाते हुए अपना साड़ी खोल दी.

मई bola-malti ब्लाउज भी उतर दो.

मल्टी शरमाते हुए ब्लाउज भी उतर दी. आज मल्टी अंदर ब्रा पहनी थी.

मालती का ये रूप देखकर मेरा लुंड ठुमक पड़ा.





मई बड़े प्यार से अपना हाथ मल्टी के दूध पे रखा और उसे मसल दिया.

मल्टी धीरे से सिसकती हुई बोली- अह्ह्ह... डाक्टर साब... ये कैसा एहसास है? मेरे शरीर में तोह जैसे बिजली दौड़ रहा है.

मई बोलै- ये वही बुरी शक्ति है मल्टी जो मेरे दर से तुम्हारे शरीर से बहार निकलने के लिए तड़प रही है. लेकिन आज मई इसे इतनी आसानी से नहीं जाने दूंगा इसे आज तड़पा तड़पा कर ख़त्म करूँगा.

फिर मई मालती को बोलै मल्टी इधर मेरे पास आ जाओ.

मल्टी मेरे पास आ गयी.

मई मल्टी को घुटने के बल अपने सामने बैठा दिया अब मेरा लुंड बिलकुल मल्टी के मुँह के पास था लेकिन पेंट में कैद.

मई बड़े प्यार से अपना पेंट उतरा. मेरा पेंट उतारते hi मेरा खड़ा लुंड मल्टी को दिखने लगा.

मेरा लुंड मल्टी को दीखते hi उसकी आँखों में एक अजीब सा चमक आ गया, जैसे कोई प्यासा पानी देख ले. मल्टी बिना देरी किये अपना चेहरा बड़े अदब से मेरे लुंड से लगा देती है और अपने दोनों हाथों से मेरे लुंड को थम लेती है.

मल्टी के अंदर का घबराहट और शर्म दोनों धीरे धीरे ख़त्म हो रहा था. मेरा लुंड जब से वो देखि वो भूलने लगी की सामने उसकी बहु भी है.

मल्टी बोलती है- ओह्ह डाक्टर साब... ये तोह पहले से भी ज़्यादा गर्म और सख्त लग रहा है. आपकी ये शक्ति मेरे अंदर समाने के लिए कितनी बेचैन है.. फिर मल्टी धीरे से अपना होठ मेरे खड़े लुंड के सुपाड़ी पे टिका देती है और एक गहरी सांस लेती है जैसे मेरे लुंड के सेंट को सूंघ कर मदहोश हो रही हो.

ये सब देख कर आरती के होठ खुले के खुले रह जाता है. उसका चेहरा बिलकुल टमाटर की तरह लाल हो गया. वो एक बार अपनी प्यासी सास को देखती है और फिर मेरे खड़े लुंड को. उसके शरीर में एक अजीब सी थरथराहट शुरू हो गया था. इधर मल्टी धीरे से मेरे लुंड का टोपा अपने मुँह में भर ली और धीरे धीरे मेरा लुंड चूसने लगी.





आरती आंख फाड़ फाड़ के ये सब देख रही थी. आरती अपना साड़ी का पल्लू अपने मुंह में दबा ली लेकिन उसकी नज़र मेरा लुंड से हैट नहीं रहा था.

मल्टी एक बार आरती की तरफ देखती है. मल्टी थोड़ा शर्माती है और मुस्कुराती है.

मल्टी से अब रहा यही जा रहा था मेरा लुंड का खुसबू से वो मदहोश होती जा रही थी और धीरे धीरे अब मेरा लुंड को पूरा अपने मुंह में लेने की कोशिश शुरू कर देती है और वो beech-beech में मेरी तरफ देख कर आँखों से hi इशारा कर रही है की वो पूरी तरह तैयार है.

जब मल्टी hi इतनी बेचैन थी तो मई कैसे रुकता. मई बड़े प्यार से मल्टी के होठों पर ऊँगली फेरा तो वो अपनी आँखें मूँद ली और एक गहरी सिषकी भरी. जब मई अपना लुंड उसके मुंह के अंदर धकेला तोह उसका सास थोड़ा सा अटका. उसका गाला थोड़ा रुका, पर वो रुकी नहीं. वो मेरे लुंड को पूरा अंदर लेने की कोशिश करने लगी, उसके हाथों की पकड़ मेरा जांघ पर मज़बूत हो गया.

मल्टी के मुंह से बस mmm-mmm का दबा दबा आवाज़ निकलने लगा जो बता रहा था की उसे ये इलाज कितना पसंद आ रहा था.

आरती ये नज़ारा देख कर बिलकुल सुन्न हो गयी. उसका हाथ जो अब तक साड़ी पकडे हुए था, अब dheere-dheere ढीला पड़ने लगा. वो पहली बार किसी मर्द का लुंड इतने करीब से देख रही थी वो भी किसी के मुँह में आते जाते हुए. सबसे बड़ा बात तो ये था की लुंड मेरा था और मुँह उसकी सास का.

आरती का डर अब dheere-dheere एक अजीब सी उत्सुकता में बदल रहा था. वो अपना दोनों टांग आपस में कास ली और उसका सांस फूलने लगा.

मल्टी भी मुंह में लुंड लिए तिरछी नज़रों से आरती को देख रही थी, उसका दिल भी जोरो से धड़क रहा था फिर भी वो आरती को घर की सबसे बड़ी होने के नाते दिखा रही हो की डाक्टर साब की सेवा कैसे की जाती है. कैसे काली शक्तियों का इलाज होता है.

मुझसे अब बर्दास्त नहीं हो रहा था मई मल्टी का सर को पकड़ा और पूरा लुंड मालती के गले तक उतर दिया और उसका मुँह छोड़ना सुरु कर दिया.

मल्टी का आंख बड़ा बड़ा हो गया और उसका हाथ मेरे जांघ को कास के पकड़ लिया.

मल्टी के गले से ा ुकक्क... ुकक्क... उमठ का गहरा आवाज़ आ रहा था. उसका पूरा बदन झटका खा रहा था पर वो पीछे नहीं हैट रही थी, बल्कि मेरी हर रफ़्तार को झेलने की कोशिश कर रही थी. मल्टी के मुँह से अब बस ुम्हह ुम्हह ुकककककककक ukkkkkkkkkkk आवाज आ रहा था.





उसका चेहरा लाल हो गया और उसकी नाक से तेज सांस निकल रहा था जैसे वो इस शक्ति को पूरी तरह अपने अंदर उतार रही हो. उसे मजा भी आ रहा था. उसके बुर में प्यास भी धीरे धीरे बढ़ रहा था. मल्टी का बुर में अब जोर जोर से खुजली होने लगा था. वो बस अब छोड़ने के लिए तड़पने लगी.

उधर बिस्तर पे बैठी आरती का बुरा हाल था. वो अपना पेटीकोट अपने हाथों से मसल रही थी. जब वो मेरे लुंड को मल्टी के मुंह के andar-bahar होते देख रही थी, तोह उसके शरीर में एक झणझणी सी दौड़ जाती है. उसका मुंह थोड़ा सा खुलता है और वो इतनी गर्म हो चुकी थी की उसके बुर से हल्का पानी निकलने लगा था,

गीले बुर के कारन आरती का साया उसके बुर से चिपकने लगा. वो थोड़ा थोड़ा डर भी रही थी ये सोच सोच कर की उसके साथ भी मई ऐसे hi करूँगा लेकिन ये बात सोच सोच के उसका तप भी रहा था. आरती का नज़र मेरे मोठे लुंड और मल्टी के चेहरे के बीच घूम रहा था. आरती कभी हमको देखती है तो कभी अपने सास को जो मेरा पूरा लुंड अपने मुँह में लिए मुँह छुड़वा रही थी.

जैसे hi मई पूरा ज़ोर लगाकर लोड का टोपा मल्टी के गले के आखरी चोर तक उतरा, मल्टी का आँख पलटने लगा. मल्टी को एक अजीब सा मजा आने लगा उसका हाथ मेरे कमर को इतने ज़ोर से जकड़ा की उसका नाख़ून आपकी खाल में गाड़ने लगे.

मल्टी गुकक्क... गुकक्क... mmm-phh आवाज निकल कर मेरा लुंड बड़े चाव से चूस रही थी उसका बदन एक बार पूरा अकड़ गया और फिर ढीला पड़ने लगा.

मुझसे भी अब बर्दास्त नहीं हुआ और मई अपना लुंड मालती के मुँह में पूरा ठूस कर झड़ने लगा.





मल्टी भी मेरे लुंड को ज़ोर से जकड कर हर एक बूँद पीने की कोशिश करने लगी. जब मई अपना लुंड बहार खिंचा, तोह वो हम्पते हुए पीछे गिरी. उसके होठों से लार और मेरा सफ़ेद माल टपक रहा था, मेरे लुंड में अभी भी थोड़ा सा ाल बचा था जो झटका खा कर पुछठ पुछठ करके मल्टी के चेहरे पे झाड़ दिया.

मल्टी किसी नशीली औरत की तरह मुस्कुरा रही थी, जैसे उसे जन्नत मिल गयी हो.

मल्टी हफ्ते हुए बोली- अह्ह्ह... डाक्टर साब... कितना गर्म... कितना सारा... मैंने पूरा पी liya...aur फिर वो अपने चेहरे पे गिरे माल को ऊँगली से साफ़ करके चाटने लगी.

आरती ये देख कर बिस्तर पे घुटनो के बल कड़ी हो गयी. उसका सांस इतना तेज चल रहा है की उसकी चूचियां उसके ब्लाउज के अंदर zor-zor से upar-neeche हो रही हैं. जब वो देखि की मेरा पूरा लुंड मल्टी के गले में समां गया है, तो वो अपने दोनों हाथ अपने मुंह पे रख ली.

उसके मुह्ह से अचानक निकला - ोी मा... इतना बड़ा... माजी का तोह डैम घुट जायेगा पर डर के बावजूद उसका नज़र मेरे लुंड और मल्टी के गले के बीच होने वाला हलचल पे टिका हुआ था. उसका डर अब पूरी तरह उत्तेजना में बदल गया था, उसकी जाँघों के बीच अब इतनी गीलापन आ गया की उसे खुद अजीब लगने लगा.

मई मुस्कुराकर आरती को bola-ye तो इलाज का शुरुआत है आरती आगे आगे देखते जाओ.

मई चाहता था आज मल्टी का खड़े खड़े चुदाई करू वो भी आरती के सामने इसलिए मई मल्टी के चुचों को मसला, और ऐसा करते hi उसके मुंह से एक लम्बी सिषकी nikli—Ahhh... डाक्टर साब....

मल्टी बिलकुल किसी माँ की तरह मेरे हाथों में पिघल रही थी. जब मई उसका हाथ पकड़ कर उसे जमीं से उठाया, तोह उसकी टांगें थोड़ी लड़खड़ा रही थी, मल्टी एक बार झाड़ चुकी थी मेरा लुंड चूसते चिस्ती hi इसकी गवाही जमीं का वो फर्श दे रहा था जो मल्टी के बुर के रास से पूरा भिज चूका था.

मल्टी एक बार झाड़ तो चुकी थी लेकिन उसकी आँखों में वही पुराणी भूक थी. अभी भी उसका बुर कुलबुला रहा था.

मई मल्टी को आरती के सामने खड़ा कर दिया.

मल्टी मेरे दिल की बात समझते hi चौक कर बोली- डाक्टर saabbb....Khade खड़े...

मई बस मुस्कुराया और हाँ में सर हिला दिया.

मल्टी शर्मा कर boli-jaisa आप चाहें डाक्टर साब...

मल्टी फिर मेरे सामने दीवार का सहारा लेकर थोड़ा झुकने की कोशिश करती है जिस से उसका भरा पूरा गांड मेरे तरफ निकल कर दिख रहा था. मई अपना पेंट तो कब का उतर चूका था अब बाकी कपडे भी उतर दिया और मल्टी के बिलकुल पीछे खड़ा हो गया.

आरती थोड़ा और करीब खिसकती है, उसकी नज़र अब मेरे लुंड के उस हिस्से पे हैं जो मल्टी की गीली छूट से बस टकराने hi वाला है. उसका चेहरा बिलकुल गरम हो चूका था और उसका शरीर से एक अजीब सी महक निकल रहा था.

मई बड़े प्यार से मल्टी की नंगी कमर को पकड़ा और चटक से एक थप्पड़ मल्टी की नंगी गोल गांड पे मारा और जैसे hi मेरा भरी हाथ उसकी नंगी गांड पे चटक से पड़ा, मल्टी के मुंह से एक दर्द और मज़े भरी चीख निकल gayi—Ahhhnnn! डाक्टर साबबब!

उसका पूरा बदन झटका खाया और उसकी गोल गांड पे मेरे हाथों की उँगलियों का हल्का निशान उभर आये. वो दर्द से थोड़ा सिकुड़ी पर अगले hi पल अपनी गांड और पीछे की तरफ निकाल दी.

आरती अब बिलकुल सम्मोहित हो चुकी थी. वो बिस्तर के बिलकुल किनारे पे आ गयी ताकि वो अच्छे से देख सके की मेरा लुंड कैसे मल्टी की उस लाल होती हुई गांड के निचे वाली प्यारी बुर में समता है.

मई मालती का कमर को अपने दोनों हाथों से मज़बूती के साथ पकड़ में लिया, मल्टी एक गहरा सांस भरी और दीवार पे अपनी पकड़ और सख्त कर ली. मल्टी को अपने गर्दन पे मेरा गर्म गर्म सास का अहसास हो रहा था. उसका बदन का एक एक रोम खड़ा हो गया था. ऐसा उसे पहले भी फील हो चूका था लेकिन ये फीलिंग कभी भी इतना तेज नहीं था जितना आज था. जब मेरा लुंड का वो गर्म और गुदाज़ टोपा उसकी गीली बुर के नरम होठों से टकराया, तोह उसके पूरे बदन में एक बिजली दौड़ गयी.

मल्टी का बदन थोड़ा सा ऊपर की तरफ उछला और उसके मुंह से एक मादक नशीली सिषकी nikli—Ahhhhhhhh... डाक्टर साब... कितना गर्म है...

मेरा भी मोटा लुंड का nas-nas उभरा हुआ दिख रहा था. जो मल्टी के बुर के बिलकुल मुंह पे टिका था. मल्टी की बुर से निकलने वाला चिकना पानी मेरे लुंड के सुपाड़ी को पूरी तरह भिगो चूका था. वो khade-khade अपनी गांड को halka-halka पीछे की तरफ धकेल रही थी, जैसे वो मेरे उस मोठे लुंड को अपने अंदर समाने के लिए तरस रही हो.

आरती बिस्तर पे थोड़ा और आगे झुकी ताकि वो उस जगह को देख सके जहाँ मेरा लुंड मल्टी की बुर के छेड़ को मसल रहा था. उसने देखा की कैसे मल्टी की बुर के होठ मेरे मोठे लुंड के दबाव से थोड़े फैल रहे है. आरती का अपना हाथ अब अनजाने में hi उसके अपने पेटीकोट के ऊपर अपनी जाँघों के बीच पहुँच गया था. वो अपनी उँगलियों से अपनी hi बुर को मसलने लगी, उसकी आँखें अब नशें में थी.

मल्टी अपना कमर को थोड़ा और निचे लचकाया और अपनी गांड पूरी तरह आपके लुंड पे टिका दी. वो बस एक इशारे का इंतज़ार कर रही थी की कब मई उसकी गहराईयों को नापना शुरू करे.

मई बड़े सकूं से मल्टी की नंगी कमर पर अपनी पकड़ मज़बूत की और अपने मोठे लुंड के टोपा को उसकी गीली और गर्म बुर के डुबाने लगे. Jaise-jaise मई inch-dar-inch अपना लुंड अंदर धकेला, मल्टी के पुरे बदन में एक थरथराहट दौड़ गया, जैसे किसी ने उसके rom-rom में बिजली छोड़ दी हो.

मल्टी की आँखें ऊपर की तरफ चढ़ गयीं और उसने अपने होठों को अपने hi डेंटन टेल ज़ोर से दबा लिया ताकि वो चीख न पड़े. उसका चेहरा दर्द और मज़े के एक अजीब से कसाव से खिंच गया था. उसके गोर बदन पर पसीने की नन्ही बूँदें चमकने लगीं. Jaise-jaise मेरा मोटा लुंड उसकी बुर की दीवारों को चीरता हुआ अंदर जा रहा था, उसकी चूचियां बिलकुल पत्थर की तरह सख्त होकर तन गयीं, उसका निप्पल्स दीवार से रगड़ खाने लगे.

मल्टी मजे में सिसकै और बोली- अह्ह्ह्हह्हह... डाक्टर... साहाब्ब्ब्ब... ोीी माआ... कितना... कितना भरा हुआ महसूस हो रहा है... अह्ह्ह...

मल्टी की बुर की गर्मी मेरे लुंड की नसों को महसूस हो रहा था. वो रास्ता इतना तंग और गर्म था की हमको हर एक मिलीमीटर अंदर जाने में एक अलग hi लुत्फ़ आ रहा था. मल्टी का बदन हर एक इंच के साथ कभी अकड़ जाता तोह कभी ढीला पद जाता, उसकी सांसें इतनी गरम थी की दीवार पर धुंध बन रही थी. उसके होठों में एक अजीब सी तड़प थी, वो baar-baar हवा में कुछ पकड़ने की कोशिश कर रही थी.





आरती तोह जैसे सांस लेना hi भूल गयी थी. वो बिलकुल करीब से देख रही थी की कैसे मेरा मोटा लुंड मल्टी की गुलाबी बुर के होठों को फाड़ते हुए dheere-dheere गायब हो रहा था. मल्टी की बुर के होठ मेरे लुंड के saath-saath थोड़े अंदर की तरफ मुद रहे थे. आरती ने देखा की कैसे मल्टी की जांघें thar-thar काँप रही हैं. वो इतनी गर्म हो चुकी थी की उसने अनजाने में अपने पेटीकोट को कमर तक उठा लिया था और उसकी अपनी नंगी जांघें आपस में रगड़ खा रही थी.

मल्टी ने अपनी गांड को थोड़ा और पीछे धकेला ताकि मेरा बचा हुआ लुंड भी उसकी बुर की गहराईयों में समां जाये. उसका चेहरा अब पूरी तरह वासना के रंग में डूबा हुआ था, और उसकी आँखों से मज़े के मारे दो बूँद आंसू निकल कर उसके गालों पर बहने लगा.





मई मल्टी की नंगी कमर में हाथ डाला और उसे एक झटके में ज़मीन से ऊपर उठाया, मल्टी के मुंह से एक लम्बी और गर्म चीख निकल गया. मल्टी का पेअर हवा में लहरा गया. अब वो पूरी तरह मेरी गॉड में थी, और मेरा मोटा लुंड उसकी बुर की गहराईयों में पूरा धसा हुआ था. मई आरती के सामने ऐसे hi मल्टी को गॉड में उठाये हवा में छोड़ना सुरु कर दिया. हर एक धक्के के साथ मल्टी का पूरा बदन मेरे जोश से टकराता और एक ज़ोरदार thap-thap की आवाज़ पूरे कमरे में गूंजने लगा.

मल्टी जोश में पागल होकर अपना सर पीछे की तरफ झटक दी. उसके बिखरे हुए बाल हवा में लहरा रहे थे और उसकी आँखें बंद थी. वो हर धक्के पे zor-zor से चीखने लगी -अह्ह्ह्हहननन! डाक्टर साबबब! हाँ... वही... वही मारिए! ओह्ह्ह माआ... मर गयीईइ! कितना गहरा जा रहा है... अह्ह्ह! और तेज... और तेज डाक्टर साब... मुझे पूरा पहाड़ दीजिये डाक्टर सबब्ब....

मल्टी की चूचियां हवा में zor-zor से उछाल रही थी और उसके बदन का पसीना मेरे बदन से रगड़ खा रहा था. हर धक्के के साथ मेरा मोटा लुंड मल्टी के बूर से निकलता फिर उसके बुर में गायब हो जाता.





आरती का हाल अब बुरा हो चूका था. वो बिस्तर पे घुटनो के बल बैठी ये सब देख रही थी. आरती के आँखों के सामने मेरा पूरा लुंड मल्टी के बुर में अंदर बहार हो रहा था. आरती जब मल्टी को हवा में uchhal-uchhal कर चुड़ते देखि, तोह उसके बदन में अजीब सी तड़प उठी. उसका सास इतना तेज हो गया था की उसका ब्लाउज उसके जोश को रोक नहीं प् रहा था. वो देखि कैसे मेरा हर झटका मल्टी की बुर को पूरा फैलाये हुए था. आरती अब हिम्मत करके अपने ब्लाउज का हुक खोल दी और अपने कपडे निकालने लगी.

आरती भी अहह डाक्टर साब... अह्ह्ह... मुझसे अब और नहीं रुका जा रहा... माजी की चीखें... ये आवाज़ें... मेरा शरीर जल रहा है ये सब बड़बड़ाने लगी.

मई मल्टी को लगातार चोदे जा रहा था गॉड में उठाये. मल्टी का बदन अकड़ने लगा लेकिन मई उसपे कोई रहम नहीं किया. मल्टी झड़ने लगी लेकिन मई उसे बस छोड़ता hi रहा.





मई आरती को थोड़ा और तड़पना चाहता था इसलिए मई मल्टी को उठाया और बिस्तर पे ले आ करा घोड़ी बना दिया.

मल्टी अभी पहली बार झड़ने की वजह से हम्प रही थी, उसकी आँखें नशे में आधी खुली थी. जैसे hi मैंने उसे बिस्तर पे उतरा और घोड़ी बनने का इशारा किया, उसने बिना सवाल किये अपने हाथ बिस्तर पे टिका दिए और अपनी भरी गांड को पूरा ऊपर उठा दिया. वो किसी पालतू जानवर की तरह मेरे हर इशारे पे नाच रही थी. "अह्ह्ह... डाक्टर साब... अभी और...? आपका ये लुंड तोह थकता hi नहीं... हाँ... पीछे से मारिये... मेरे गांड को पूरा लाल कर दीजिये... अह्ह्ह!

आरती जो अब पूरी तरह नंगी हो चुकी थी, बिस्तर के एक कोने में बैठी थी. जब उसने देखा की इतनी भयंकर चुदाई के बाद भी मेरा लुंड वैसे hi फानन उठाये खड़ा है, तोह उसकी रूह तक काँप गयी पर साथ hi साथ उसकी बुर में एक अजीब सी खुजली तेज़ हो गयी. वो दबे पैरों से थोड़ा और करीब आयी ताकि वो उस जगह को देख सके जहाँ से मल्टी की बुर का पानी अभी भी रिस रहा था.

आरती अपने दोनों हाथों से अपनी नंगी चूचियों को मसलना शुरू कर दी, उसके निप्पल्स बिलकुल कच्चे अंगूर की तरह तन गए थे.

मई घोड़ी बानी मल्टी की नंगी और भरी हुई गांड को अपने दोनों हाथों की गिरफ्त में लिया और उसे इतने ज़ोर से मसला की उसके नरम मांस पर उँगलियों के नीले निशान उभर आये. मल्टी के मुंह से एक डब्बी हुई सिषकी निकली, पर मैंने रुका नहीं और उसकी गांड के दोनों पल्लो को पूरी ताक़त से बहार की तरफ खिंचा, जिससे उसकी गीली और गरम बुर का छेड़ पूरी तरह मेरे मोठे लुंड के सामने आ गया. बिना किसी चेतावनी के, मैंने अपनी कमर को एक ज़ोरदार झटका दिया और अपना लोहे जैसा सख्त लुंड एक hi बार में मल्टी की बुर की गहराईयों तक उतार दिया.

मल्टी जोर से चीखी- AHHHHHHHHHHHH! डाक्टर साबबबबब

मल्टी का पूरा बदन एक बार हवा में उछला और फिर बिस्तर पे धस गया. उसका मुंह पूरा खुल गया और उसकी आँखें मज़े और दर्द के मरे घूम गयी. उसे ऐसा लगा जैसे उसके शरीर के दो हिस्से हो गए हों. मेरा मोटा लुंड उसकी बच्चेदानी से जा टकराया था, जिससे उसके पूरे शरीर में एक झणझणी दौड़ गयी. वो बिस्तर की चादर को अपने नाखूनों से खुरचने लगी और उसके गले से ghuti-ghuti चीखें निकलने लगी— ोी माआ... मर गयी... इतना गहरा... अह्ह्ह... ahhhhhhhhhhhhhh...........

मई मल्टी की कमर को पकड़ कर वही अब तेज़ रफ़्तार से धक्के मारना शुरू कर दिए, हर धक्के के साथ मल्टी का बदन aage-piche हो रहा था और "thap-thap" की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रहा थी.





मेरी रफ़्तार अब बिजली की तरह तेज़ हो चुकी थी. हर झटके के साथ मल्टी का बदन बिस्तर पे आगे की तरफ सरक जाता और वो हर बार घुटनो के बल पीछे खिसकती ताकि मेरा पूरा लुंड अपने अंदर ले सके. "Thap-thap-thap-thap" की आवाज़ पूरे कमरे में किसी तबला की तरह गूँज रही थी. मल्टी अब पूरी तरह होश खो चुकी थी, उसका सर बिस्तर पे पटक रहा था और उसके मुंह से सिर्फ "अह्ह्ह... डाक्टर साब... अह्ह्ह... मेरी जान निकल दो... ahhh...ka आवाज आ रहा था. मई देखा मालती का पाँव भी काँप रहा था.

मई तुरंत मल्टी को पलटा और फिर से लुंड उसके गीले गर्म बुर में ठूस दिया और गुप्प्प गुप्प्प चुदाई करना सुरु कर दिया.





मेरे teen-chaar ज़ोरदार और दुमदार धक्के मल्टी के लिए किसी बिजली के झटके जैसा था. हर धक्के के साथ मेरा मोटा लुंड उसकी बच्चेदानी की दीवारों को मसल रहा था. मल्टी अपना सर पीछे झटकी, उसका आँख पूरा नशे में लाल हो गया और उसने ज़ोरार चीख maari—"AHHHHHHHHHNNNNNN! डाक्टर साबबबब! निकल गयाआ!"

मल्टी का पूरा बदन एक बार अकड़ा और फिर thar-thar कांपते हुए ढीला पद गया. उसकी बुर की दीवारों ने मेरे लुंड को इतनी ज़ोर से भींचा की जैसे hi मैंने झटके से अपना लुंड बहार खिंचा, एक ज़ोरदार "तप्प्प" की आवाज़ हुई. मल्टी की बुर से गर्म पानी का एक फवारा निकल कर बिस्तर पे गिर गया और वो निढाल होकर बिस्तर पे लेट गयी, उसकी सांसें किसी पुराणी रेल गाडी की तरह चल रहा था.

जैसे hi लुंड बहार निकला, आरती की नज़र मेरे लुंड पर जैम गया. मेरा लुंड अभी भी लोहे की तरह सख्त, nas-nas उभरा हुआ और मल्टी के गर्म रास से लथपथ था. आरती देखि की कैसे लुंड निकलते hi मल्टी की बुर का छेड़ अभी भी हल्का सा खुला हुआ है और उससे बुलबुले के साथ मल्टी का रास बाह रहा है. आरती का कलेजा dhak-dhak करने लगा.
 
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